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गुरुवार, 4 जनवरी 2018

कार्य


   एक महिला ने, जो प्रभु यीशु के साथ अपने चलने को एक अच्छे मसीही विश्वासी के समान सुदृढ़ बनाए रखना चाहती थी, और साथ ही पति के पियक्कड़ होने की समस्याओं को भी झेल रही थी, कहा – “कभी कभी लगता है कि परमेश्वर मेरी सुन ही नहीं रहा है।” वह महिला अनेकों वर्षों से प्रार्थना कर रही थी कि उसका पति सुधार जाए परन्तु ऐसा हो नहीं रहा था। उस महिला के समान अनेकों अन्य मसीही विश्वासियों ने भी इस परिस्थिति का सामना किया है, और कर भी रहे हैं।

   जब हम परमेश्वर से बारंबार कुछ भली वस्तु या भलाई की बात माँगें, कुछ ऐसा जिससे सरलता से उसकी महिमा हो सकती है, परन्तु हमारी प्रार्थना फिर भी अनसुनी रहे, तो हम क्या सोचें? क्या वह हमारी प्रार्थना सुन रहा है कि नहीं?

   हम अपने तथा समस्त जगत के उद्धारकर्ता प्रभु यीशु के जीवन से देखें। परमेश्वर के वचन बाइबल में लिखा है, क्रूस पर चढाए जाने के लिए पकड़वाए जाने से ठीक पहले, प्रभु ने परमेश्वर पिता के साथ प्रार्थना में लंबा समय बिताया। वह व्याकुल था, प्रार्थना में जूझ रहा था, परमेश्वर पिता के सामने अपना हृदय उंडेल रहा था, परमेश्वर से विनती कर रहा था, “यह प्याला मुझ से दूर हो जाए” (मत्ती 26:39)। परन्तु पिता परमेश्वर का स्पष्ट उत्तर था, “नहीं”; हमारे उद्धार के लिए परमेश्वर को अपने पुत्र को क्रूस पर बलिदान होने की यातना उठाने के लिए भेजना ही था। चाहे प्रभु यीशु को लगा कि पिता परमेश्वर ने उसे छोड़ दिया है (मत्ती 27:45-46), फिर भी उसने बलपूर्वक और सच्चे मन परमेश्वर से प्रार्थना की, क्योंकि प्रभु को पूरा विश्वास था कि परमेश्वर उसकी सुन रहा है।

   जब हम प्रार्थना करें, तो चाहे हम समझ सकें या नहीं समझ सकें कि वह उसका उत्तर कैसे देगा, कब देगा, और क्या देगा; या कैसे उस परिस्थिति में से भी हमारे लिए कुछ भलाई निकालेगा, फिर भी विश्वास बनाए रखें कि परमेश्वर हमारी सुन रहा है, अपने समय और इच्छा के अनुसार उत्तर देगा, और उसका जो भी उत्तर होगा, वह सर्वोत्तम होगा, हमारी भलाई के लिए ही होगा। हमें अपने सभी अधिकार त्याग के, भरोसे के साथ प्रार्थना में रहने का यह कार्य करते रहना है।

   हमें सर्वज्ञानी, सर्वसामर्थी परमेश्वर के हाथों में सब कुछ छोड़ देना चाहिए; वह हमारी सुनता है, हमारे लिए मार्ग निकालता है, हमारी भलाई के लिए ही कार्य करता है। - डेव ब्रेनन


जब हम प्रार्थना के लिए घुटने झुकाते हैं, परमेश्वर सुनने के लिए कान झुकाता है।

दोपहर से ले कर तीसरे पहर तक उस सारे देश में अन्‍धेरा छाया रहा। तीसरे पहर के निकट यीशु ने बड़े शब्द से पुकारकर कहा, एली, एली, लमा शबक्तनी अर्थात हे मेरे परमेश्वर, हे मेरे परमेश्वर, तू ने मुझे क्यों छोड़ दिया? – मत्ती  27:45-46

बाइबल पाठ: मत्ती 26:36-46
Matthew 26:36 तब यीशु अपने चेलों के साथ गतसमनी नाम एक स्थान में आया और अपने चेलों से कहने लगा कि यहीं बैठे रहना, जब तक कि मैं वहां जा कर प्रार्थना करूं।
Matthew 26:37 और वह पतरस और जब्‍दी के दोनों पुत्रों को साथ ले गया, और उदास और व्याकुल होने लगा।
Matthew 26:38 तब उसने उन से कहा; मेरा जी बहुत उदास है, यहां तक कि मेरे प्राण निकला चाहते: तुम यहीं ठहरो, और मेरे साथ जागते रहो।
Matthew 26:39 फिर वह थोड़ा और आगे बढ़कर मुंह के बल गिरा, और यह प्रार्थना करने लगा, कि हे मेरे पिता, यदि हो सके, तो यह कटोरा मुझ से टल जाए; तौभी जैसा मैं चाहता हूं वैसा नहीं, परन्तु जैसा तू चाहता है वैसा ही हो।
Matthew 26:40 फिर चेलों के पास आकर उन्हें सोते पाया, और पतरस से कहा; क्या तुम मेरे साथ एक घड़ी भी न जाग सके?
Matthew 26:41 जागते रहो, और प्रार्थना करते रहो, कि तुम परीक्षा में न पड़ो: आत्मा तो तैयार है, परन्तु शरीर दुर्बल है।
Matthew 26:42 फिर उसने दूसरी बार जा कर यह प्रार्थना की; कि हे मेरे पिता, यदि यह मेरे पीए बिना नहीं हट सकता तो तेरी इच्छा पूरी हो।
Matthew 26:43 तब उसने आकर उन्हें फिर सोते पाया, क्योंकि उन की आंखें नींद से भरी थीं।
Matthew 26:44 और उन्हें छोड़कर फिर चला गया, और वही बात फिर कहकर, तीसरी बार प्रार्थना की।
Matthew 26:45 तब उसने चेलों के पास आकर उन से कहा; अब सोते रहो, और विश्राम करो: देखो, घड़ी आ पहुंची है, और मनुष्य का पुत्र पापियों के हाथ पकड़वाया जाता है।
Matthew 26:46 उठो, चलें; देखो, मेरा पकड़वाने वाला निकट आ पहुंचा है।

एक साल में बाइबल: 
  • उत्पत्ति 10-12
  • मत्ती 4

बुधवार, 3 जनवरी 2018

उपकार


   हमारी जीवन-यात्रा में बारंबार आने वाली एक कठिनाई है कि हम उस पल जो हमें चाहिए होता है उस पर इतने केन्द्रित हो जाते हैं कि जो हमारे पास है हम उसे भूल जाते हैं। मुझे इस बात का एहसास तब हुआ जब हमारे चर्च की गीत मण्डली ने भजन 103 पर आधारित एक स्तुति-गान, “हे मेरे मन, यहोवा को धन्य कह, और उसके किसी उपकार को न भूलना” (पद 2) प्रस्तुत किया। हमारा प्रभु परमेश्वर हमें क्षमा करने वाला, चँगा करने वाला, छुड़ाने वाला, प्रावधान करने वाला, संतुष्टि देने वाला, और बहाल करने वाला है (पद 4-5)। हम यह सब कैसे भूल सकते हैं। लेकिन फिर भी हम बहुधा यह सब भूल जाते हैं, जब जीवन की बातें और घटनाएँ, प्रबल हो रही आवश्यकताएं, बारंबार मिलाने वाली असफलताएं, और परिस्थितियाँ हमारा ध्यान खींचती हैं और हमें लगता ही कि सब कुछ अनियंत्रित और अव्यवस्थित हो गया है।

   परमेश्वर के वचन बाइबल के इस भजन में भजनकार हम से निवेदन करता है कि हम  स्मरण रखें कि “यहोवा दयालु और अनुग्रहकरी, विलम्ब से कोप करने वाला और अति करूणामय है। उसने हमारे पापों के अनुसार हम से व्यवहार नहीं किया, और न हमारे अधर्म के कामों के अनुसार हम को बदला दिया है। जैसे आकाश पृथ्वी के ऊपर ऊंचा है, वैसे ही उसकी करूणा उसके डरवैयों के ऊपर प्रबल है” (पद 8, 10-11)।

   हम मसीही विश्वास के मार्ग पर, प्रभु यीशु मसीह के पास अपने सर्वथा अयोग्य होने के एहसास के साथ आते हैं। उसके किसी भी अनुग्रह, किसी भी कृपा के हम कदापि योग्य नहीं हैं; हम उस पर और उसके अनुग्रह तथा कृपा पर कोई दावा नहीं कर सकते हैं। परन्तु फिर भी हमारे प्रति उसका अद्भुत प्रेम और असीम उदारता, हमारे प्रति उसके उपकार हमें अभिभूत कर देते हैं।

हे मेरे मन, यहोवा को धन्य कह; और जो कुछ मुझ में है, वह उसके पवित्र नाम को धन्य कहे!” (पद 1)। - डेविड मैक्कैसलैंड


परमेश्वर का हमारे उद्धार के लिए मनुष्य बनकर आ जाना उसके प्रेम का प्रगटीकरण है।

परमेश्वर का भजन गाओ, भजन गाओ! हमारे महाराजा का भजन गाओ, भजन गाओ! क्योंकि परमेश्वर सारी पृथ्वी का महाराजा है; समझ बूझकर बुद्धि से भजन गाओ; परमेश्वर जाति जाति पर राज्य करता है; परमेश्वर अपने पवित्र सिंहासन पर विराजमान है। - भजन 47:6-8

बाइबल पाठ: भजन  103
Psalms 103:1 हे मेरे मन, यहोवा को धन्य कह; और जो कुछ मुझ में है, वह उसके पवित्र नाम को धन्य कहे!
Psalms 103:2 हे मेरे मन, यहोवा को धन्य कह, और उसके किसी उपकार को न भूलना।
Psalms 103:3 वही तो तेरे सब अधर्म को क्षमा करता, और तेरे सब रोगों को चंगा करता है,
Psalms 103:4 वही तो तेरे प्राण को नाश होने से बचा लेता है, और तेरे सिर पर करूणा और दया का मुकुट बान्धता है,
Psalms 103:5 वही तो तेरी लालसा को उत्तम पदार्थों से तृप्त करता है, जिस से तेरी जवानी उकाब की नाईं नई हो जाती है।
Psalms 103:6 यहोवा सब पिसे हुओं के लिये धर्म और न्याय के काम करता है।
Psalms 103:7 उसने मूसा को अपनी गति, और इस्राएलियों पर अपने काम प्रगट किए।
Psalms 103:8 यहोवा दयालु और अनुग्रहकरी, विलम्ब से कोप करने वाला और अति करूणामय है।
Psalms 103:9 वह सर्वदा वादविवाद करता न रहेगा, न उसका क्रोध सदा के लिये भड़का रहेगा।
Psalms 103:10 उसने हमारे पापों के अनुसार हम से व्यवहार नहीं किया, और न हमारे अधर्म के कामों के अनुसार हम को बदला दिया है।
Psalms 103:11 जैसे आकाश पृथ्वी के ऊपर ऊंचा है, वैसे ही उसकी करूणा उसके डरवैयों के ऊपर प्रबल है।
Psalms 103:12 उदयाचल अस्ताचल से जितनी दूर है, उसने हमारे अपराधों को हम से उतनी ही दूर कर दिया है।
Psalms 103:13 जैसे पिता अपने बालकों पर दया करता है, वैसे ही यहोवा अपने डरवैयों पर दया करता है।
Psalms 103:14 क्योंकि वह हमारी सृष्टि जानता है; और उसको स्मरण रहता है कि मनुष्य मिट्टी ही है।
Psalms 103:15 मनुष्य की आयु घास के समान होती है, वह मैदान के फूल के समान फूलता है,
Psalms 103:16 जो पवन लगते ही ठहर नहीं सकता, और न वह अपने स्थान में फिर मिलता है।
Psalms 103:17 परन्तु यहोवा की करूणा उसके डरवैयों पर युग युग, और उसका धर्म उनके नाती-पोतों पर भी प्रगट होता रहता है,
Psalms 103:18 अर्थात उन पर जो उसकी वाचा का पालन करते और उसके उपदेशों को स्मरण कर के उन पर चलते हैं।
Psalms 103:19 यहोवा ने तो अपना सिंहासन स्वर्ग में स्थिर किया है, और उसका राज्य पूरी सृष्टि पर है।
Psalms 103:20 हे यहोवा के दूतों, तुम जो बड़े वीर हो, और उसके वचन के मानने से उसको पूरा करते हो उसको धन्य कहो!
Psalms 103:21 हे यहोवा की सारी सेनाओं, हे उसके टहलुओं, तुम जो उसकी इच्छा पूरी करते हो, उसको धन्य कहो!
Psalms 103:22 हे यहोवा की सारी सृष्टि, उसके राज्य के सब स्थानों में उसको धन्य कहो। हे मेरे मन, तू यहोवा को धन्य कह!

एक साल में बाइबल: 
  • उत्पत्ति 7-9
  • मत्ती 3



मंगलवार, 2 जनवरी 2018

उत्तर


कोरिया की एक प्रसिद्ध और मेरी पसंदीदा सिनेमा स्टार के ट्विट्टर पृष्ठ को देख कर मैं बड़ी उत्साहित हुई, और मैंने उसे नोट लिखने का निर्णय लिया। मुझसे जितना अच्छा बन सकता था मैंने उतना अच्छा सन्देश लिख कर उसे भेजा और उसके उत्तर की प्रतीक्षा करने लगी। मैं जानती थी कि उससे उत्तर आने की संभावना बहुत ही कम है। उसकी जैसी सुप्रसिद्ध हस्ती के पास प्रतिदिन बहुत से प्रशंसकों के सन्देश आते रहते होंगे। फिर भी मन में इच्छा थी कि वह उत्तर दे; परन्तु ऐसा नहीं हुआ और मुझे निराशा हुई।

परन्तु हम मसीही विश्वासी धन्यवादी रह सकते हैं कि हमारा परमेश्वर पिता हमें उत्तर देता है। वह “परमप्रधान” और “सर्वशक्तिमान” है (भजन 91:1)। उसकी हस्ती सबसे महान है और उसकी सामर्थ्य की कोई सीमा नहीं है, परन्तु फिर भी वह सदा सबके लिए उपलब्ध रहता है। उसने खुला निमंत्रण दिया है, “मुझे पुकारो, मैं तुम्हारी सुनुँगा” (पद 15)।

एक पुरानी कहानी है कि एक राजा ने बुनकरों को अपने लिए सजावट के कपड़े और पहनने के वस्त्र बनाने के लिए कार्य पर लिया। राजा ने उन्हें रेशम के धागे और नमूने दिए जिनके अनुसार वह अपने लिए वस्त्र तथा कपड़े चाहता था; साथ ही उन्हें सख्त निर्देष भी दिए कि कोई भी कठिनाई होने पर तुरंत उससे संपर्क करें, क्योंकि सारा कार्य उसके कहे के अनुसार ही होना था। वे लोग काम करने लगे, और कुछ दिनों में एक युवा बुनकर बहुत प्रसन और सफल दिखाई देने लगा जबकि शेष किसी न किसी परेशानी में पड़ते रहते थे। जब उस युवा बुनकर से उसकी प्रसन्नता और सफलता का रहस्य पूछा गया, तो उसने उत्तर दिया, “क्या आप लोगों ने ध्यान नहीं दिया कि मैं राजा के पास अनेकों बार जाता रहता हूँ।” अन्य बुनकर बोले, “हाँ, परन्तु वह तो इतना व्यस्त रहता है, हमें लगा कि बार बार उसे परेशान करना ठीक नहीं होगा।” तो उस युवक ने कहा, “मैंने तो उसके कहे के अनुसार ही किया, और वह मेरी सहायता कर के सदा प्रसन्न ही हुआ है।”

हमारा प्रभु परमेश्वर उस राजा के समान ही है – परन्तु उससे कहीं अधिक महान। लेकिन फिर भी वह कृपालु और प्रेम करने वाला है; उसे हमारी छोटी से छोटी बात की चिन्ता रहती है, वह हमारी धीमी सी फुसफुसाहट भी सुनता है, और सब बातों को उत्तर देता है। - पोह फैंग चिया


परमेश्वर का ध्यान हम पर सदा लगा रहता है।

इसलिये परमेश्वर के बलवन्‍त हाथ के नीचे दीनता से रहो, जिस से वह तुम्हें उचित समय पर बढ़ाए। और अपनी सारी चिन्‍ता उसी पर डाल दो, क्योंकि उसको तुम्हारा ध्यान है। - 1 पतरस 5:6-7

बाइबल पाठ: भजन 91
Psalms 91:1 जो परमप्रधान के छाए हुए स्थान में बैठा रहे, वह सर्वशक्तिमान की छाया में ठिकाना पाएगा।
Psalms 91:2 मैं यहोवा के विषय कहूंगा, कि वह मेरा शरणस्थान और गढ़ है; वह मेरा परमेश्वर है, मैं उस पर भरोसा रखूंगा।
Psalms 91:3 वह तो तुझे बहेलिये के जाल से, और महामारी से बचाएगा;
Psalms 91:4 वह तुझे अपने पंखों की आड़ में ले लेगा, और तू उसके पैरों के नीचे शरण पाएगा; उसकी सच्चाई तेरे लिये ढाल और झिलम ठहरेगी।
Psalms 91:5 तू न रात के भय से डरेगा, और न उस तीर से जो दिन को उड़ता है,
Psalms 91:6 न उस मरी से जो अन्धेरे में फैलती है, और न उस महारोग से जो दिन दुपहरी में उजाड़ता है।
Psalms 91:7 तेरे निकट हजार, और तेरी दाहिनी ओर दस हजार गिरेंगे; परन्तु वह तेरे पास न आएगा।
Psalms 91:8 परन्तु तू अपनी आंखों की दृष्टि करेगा और दुष्टों के अन्त को देखेगा।
Psalms 91:9 हे यहोवा, तू मेरा शरण स्थान ठहरा है। तू ने जो परमप्रधान को अपना धाम मान लिया है,
Psalms 91:10 इसलिये कोई विपत्ति तुझ पर न पड़ेगी, न कोई दु:ख तेरे डेरे के निकट आएगा।
Psalms 91:11 क्योंकि वह अपने दूतों को तेरे निमित्त आज्ञा देगा, कि जहां कहीं तू जाए वे तेरी रक्षा करें।
Psalms 91:12 वे तुझ को हाथों हाथ उठा लेंगे, ऐसा न हो कि तेरे पांवों में पत्थर से ठेस लगे।
Psalms 91:13 तू सिंह और नाग को कुचलेगा, तू जवान सिंह और अजगर को लताड़ेगा।
Psalms 91:14 उसने जो मुझ से स्नेह किया है, इसलिये मैं उसको छुड़ाऊंगा; मैं उसको ऊंचे स्थान पर रखूंगा, क्योंकि उसने मेरे नाम को जान लिया है।
Psalms 91:15 जब वह मुझ को पुकारे, तब मैं उसकी सुनूंगा; संकट में मैं उसके संग रहूंगा, मैं उसको बचा कर उसकी महिमा बढ़ाऊंगा।
Psalms 91:16 मैं उसको दीर्घायु से तृप्त करूंगा, और अपने किए हुए उद्धार का दर्शन दिखाऊंगा।


एक साल में बाइबल: 
  • उत्पत्ति 4-6
  • मत्ती 2


सोमवार, 1 जनवरी 2018

इस वर्ष


सभी पाठकों को नव-वर्ष की शुभकामनाएँ

मेरे पिताजी पास्टर थे, और प्रत्येक नए वर्षा के प्रथम इतवार को वे प्रभु यीशु मसीह के पुनःआगमन पर संदेश देते थे, जिसका आधार बहुधा वे परमेश्वर के वचन बाइबल के 1 थिस्सलुनीकियों 4 अध्याय को बनाते थे। उनके उस सन्देश का सदैव एक ही बिंदु होता था – “हो सकता है कि प्रभु यीशु मसीह का आगमन इस वर्ष हो। क्या आप उससे मिलने, उसे हिसाब देने के लिए तैयार हैं?” छः वर्ष की आयु में सुना गया यह सन्देश मुझे कभी नहीं भूलेगा, क्योंकि उस सन्देश को सुनकर मेरे अन्दर विचार उठा, “यदि यह सही है, तो मुझे नहीं लगता की प्रभु मुझे ले जाने के लिए आएगा, या मैं प्रभु यीशु के साथ जाने पाऊँगा।”

मुझे यह निश्चित था की मेरे माता-पिता प्रभु यीशु के साथ स्वर्ग जाएँगे, और मैं भी उनके साथ जाना चाहता था। इसलिए उस शाम जब पिताजी घर आए, तो मैं ने उन से पूछा की मैं कैसे सुनिश्चित कर सकता हूँ की मैं भी उनके साथ स्वर्ग जाऊँगा। उन्होंने अपनी बाइबल खोली, उसमें से कुछ पद मुझे पढकर सुनाए, और मेरे लिए आवश्यक उस उद्धारकर्ता प्रभु यीशु मसीह के बारे में मुझ से बातें कीं। मुझे मेरे पापों के प्रति कायल करने के लिए उन्हें कुछ विशेष प्रयास नहीं करना पड़ा। उस दिन मेरे पिताजी ने मुझे प्रभु यीशु मसीह से मिलवाया। परमेश्वर के इन सत्यों को मेरे हृदय में रोपने के लिए मैं सदैव उनका कृतज्ञ रहूँगा।

पाप और गड़बड़ी से भरे इस संसार में, जहाँ दुराचार बढ़ता ही जा रहा है, यह कितना आशाजनक विचार है की संभवतः इस वर्ष प्रभु यीशु का पुनःआगमन हो जाए। उससे भी अधिक शांतिदायक यह सत्य है कि जितनों ने प्रभु यीशु पर अपने पापों की क्षमा और उद्धार के लिए विश्वास किया है, उसे अपना जीवन समर्पित किया है, वे उसके साथ एकत्रित किए जाएँगे, और इस सँसार की पीड़ा, दुःख, पाप, और भय से सदा के लिए मुक्त हो जाएँगे। और सर्वोत्तम सत्य यह है कि फिर हम सभी मसीही विश्वासी प्रभु यीशु के साथ स्वर्गीय स्थानों में सदा काल के लिए निवास करेंगे। -  जो स्टोवैल


प्रभु यीशु का पुनः आगमन शायद आज ही हो! – डा० एम. आर. डी हौंन

फिर मैं ने सिंहासन में से किसी को ऊंचे शब्द से यह कहते सुना, कि देख, परमेश्वर का डेरा मनुष्यों के बीच में है; वह उन के साथ डेरा करेगा, और वे उसके लोग होंगे, और परमेश्वर आप उन के साथ रहेगा; और उन का परमेश्वर होगा। और वह उन की आंखों से सब आंसू पोंछ डालेगा; और इस के बाद मृत्यु न रहेगी, और न शोक, न विलाप, न पीड़ा रहेगी; पहिली बातें जाती रहीं। और जो सिंहासन पर बैठा था, उसने कहा, कि देख, मैं सब कुछ नया कर देता हूं: फिर उसने कहा, कि लिख ले, क्योंकि ये वचन विश्वास के योग्य और सत्य हैं। - प्रकाशितवाक्य 21:3-5

बाइबल पाठ: 1 थिस्सलुनीकियों 4:13-18
1 Thessalonians 4:13 हे भाइयों, हम नहीं चाहते, कि तुम उनके विषय में जो सोते हैं, अज्ञान रहो; ऐसा न हो, कि तुम औरों के समान शोक करो जिन्हें आशा नहीं।
1 Thessalonians 4:14 क्योंकि यदि हम प्रतीति करते हैं, कि यीशु मरा, और जी भी उठा, तो वैसे ही परमेश्वर उन्हें भी जो यीशु में सो गए हैं, उसी के साथ ले आएगा।
1 Thessalonians 4:15 क्योंकि हम प्रभु के वचन के अनुसार तुम से यह कहते हैं, कि हम जो जीवित हैं, और प्रभु के आने तक बचे रहेंगे तो सोए हुओं से कभी आगे न बढ़ेंगे।
1 Thessalonians 4:16 क्योंकि प्रभु आप ही स्वर्ग से उतरेगा; उस समय ललकार, और प्रधान दूत का शब्द सुनाई देगा, और परमेश्वर की तुरही फूंकी जाएगी, और जो मसीह में मरे हैं, वे पहिले जी उठेंगे।
1 Thessalonians 4:17 तब हम जो जीवित और बचे रहेंगे, उन के साथ बादलों पर उठा लिये जाएंगे, कि हवा में प्रभु से मिलें, और इस रीति से हम सदा प्रभु के साथ रहेंगे।
1 Thessalonians 4: 18 सो इन बातों से एक दूसरे को शान्‍ति दिया करो।


एक साल में बाइबल: 
  • उत्पत्ति 1-3
  • मत्ती 1



रविवार, 31 दिसंबर 2017

नज़र


   अपनी पुस्तक On The Wing में ऐलेन टेनेंट ने बाज़ पक्षी के प्रवसन पर नज़र रखने के अपने प्रयासों का ब्यौरा दिया है। ये पक्षी अपनी सुन्दरता, तीव्रता और बल के लिए जाने जाते हैं तथा शिकार के लिए राजाओं और नवाबों के साथ रखे जाते रहे हैं। परन्तु 1950 के दशक में डी.डी.टी. नामक कीटनाशक के प्रभाव के कारण, इन पक्षियों के प्रजनन में बाधा आई और इनकी संख्या इतनी अधिक घट गई, कि इन्हें विलुप्तप्रायः जीवों की सूचि में रखा गया। इन पक्षियों के पुनः संख्या वृद्धि में रुचि रखने वाले टेनेंट ने कुछ बाज़ पक्षियों पर रेडियो ट्रांसमिटर लगा कर उनके प्रवसन मार्गों और नमूनों की जानकारी जमा करनी चाही। परन्तु जब वह और उसका साथी वायुयान चालक रेडियो ट्रांसमिटर लगे पक्षियों के पीछे अपने सेसना विमान से उड़ने लगे तो उन्होंने पाया कि बारंबार उन्हें रेडियो सिगनल मिलने बन्द हो जाते थे। उन्नत टेक्नौलोजी के प्रयोग के बावजूद, जिन पक्षियों की वे सहायता करना चाहते थे, उन पर पूरी तरह से नज़र नहीं रख पा रहे थे।

   हम मसीही विश्वासियों के लिए यह निश्चिन्त और आश्वस्त रहने की बात है कि जिस प्रभु परमेश्वर पर हम विश्वास करते हैं, जिसके हाथों में हमने अपना जीवन समर्पित किया है, हम कभी उसकी नज़रों से ओझल नहीं होते हैं; वह सदा हमारी चिंता और देखभाल करता है, हम पर अपनी नज़र बनाए रखता है। परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रभु यीशु मसीह ने कहा: "क्या पैसे मे दो गौरैये नहीं बिकतीं? तौभी तुम्हारे पिता की इच्छा के बिना उन में से एक भी भूमि पर नहीं गिर सकती। तुम्हारे सिर के बाल भी सब गिने हुए हैं। इसलिये, डरो नहीं; तुम बहुत गौरैयों से बढ़कर हो" (मत्ती 10:29-31)।

   जब भी हम कठिनाईयों में पड़ें, भय और आशंका द्वारा शैतान हमारे मनों में डालना चाहे कि परमेश्वर हमारी परिस्थिति से अवगत नहीं है, या हमारी चिंता नहीं करता है, तो प्रभु यीशु की शिक्षाएं हमें आश्वस्त करती हैं कि परमेश्वर हम से बहुत प्रगाढ़ प्रेम करता है, और सभी बातें, सभी परिस्थितियाँ, हर समय उसके नियंत्रण में रहती हैं। वह हमारी हर बात, हर कठिनाई, हर परिस्थिति से सदैव अवगत रहता है, उसकी नज़र हम पर सदा बनी रहती है। - डैनिस फिशर


यदि परमेश्वर पक्षियों की चिंता करता है, 
तो क्या अपनी सन्तान की चिंता नहीं करेगा?

तुम किसी ऐसी परीक्षा में नहीं पड़े, जो मनुष्य के सहने से बाहर है: और परमेश्वर सच्चा है: वह तुम्हें सामर्थ्य से बाहर परीक्षा में न पड़ने देगा, वरन परीक्षा के साथ निकास भी करेगा; कि तुम सह सको। - 1 कुरिन्थियों 10:13

बाइबल पाठ: मत्ती 10:26-31
Matthew 10:26 सो उन से मत डरना, क्योंकि कुछ ढपा नहीं, जो खोला न जाएगा; और न कुछ छिपा है, जो जाना न जाएगा। 
Matthew 10:27 जो मैं तुम से अन्धियारे में कहता हूं, उसे उजियाले में कहो; और जो कानों कान सुनते हो, उसे कोठों पर से प्रचार करो। 
Matthew 10:28 जो शरीर को घात करते हैं, पर आत्मा को घात नहीं कर सकते, उन से मत डरना; पर उसी से डरो, जो आत्मा और शरीर दोनों को नरक में नाश कर सकता है। 
Matthew 10:29 क्या पैसे मे दो गौरैये नहीं बिकतीं? तौभी तुम्हारे पिता की इच्छा के बिना उन में से एक भी भूमि पर नहीं गिर सकती। 
Matthew 10:30 तुम्हारे सिर के बाल भी सब गिने हुए हैं। 
Matthew 10:31 इसलिये, डरो नहीं; तुम बहुत गौरैयों से बढ़कर हो। 

एक साल में बाइबल: 
  • मलाकी 1-4
  • प्रकाशितवाक्य 22


शनिवार, 30 दिसंबर 2017

विश्राम


   मैं अपने एक मित्र के साथ एक अस्पताल के एमरजेंसी वार्ड में बैठा हुआ था, और आस-पास के अन्य मरीज़ों की पीड़ा से कराहने के आवाज़ों से विचलित हो रहा था। मैंने अपने मित्र और अन्य मरीज़ों के लिए प्रार्थना करते हुए एक बार फिर एहसास किया कि इस पृथ्वी पर हमारा जीवन कितना क्षणिक और भंगुर है। मुझे जिम रीव्ज़ द्वारा गाया हुआ एक गीत स्मरण हो आया, जिसमें वह कह रहा है कि यह संसार हमारा घर नहीं है, हम बस इसमें से हो कर गुज़र रहे हैं। हमारे इस संसार में थकान, दुःख, भूख, ऋण, ग़रीबी, बीमारी और मृत्यु भरे हुए हैं। परन्तु फिर भी हमें इस संसार और उसकी परिस्थितियों में से होकर निकलना ही है। इस लिए प्रभु यीशु द्वारा संसार के सभी लोगों को विश्राम पाने का निमंत्रण सामयिक और सुखद है: "हे सब परिश्रम करने वालों और बोझ से दबे लोगों, मेरे पास आओ; मैं तुम्हें विश्राम दूंगा" (मत्ती 11:28)।

   शायद ही ऐसा कोई अंतिम संस्कार हुआ होगा जिसमें परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रभु यीशु के शिष्य, प्रेरित यूहन्ना द्वारा युगान्त और नए युग के आरंभ से संबंधित भविष्यवाणी की "नए आकाश और नई पृथ्वी" की बात दोहराई न जाती हो (प्रकाशितवाक्य 21:1-5)। बाइबल का यह खण्ड निश्चय ही अंतिम संसकारों के समय के लिए महत्व का है; परन्तु यह खण्ड मृतकों से अधिक जीवतों के लिए महत्व का है।

   प्रभु यीशु के निमंत्रण को स्वीकार कर के उसमें विश्राम प्राप्त करने का अवसर और समय पृथ्वी पर हमारे जीवन के दौरान ही है, उसके पश्चात नहीं। इस जीवन के दौरान प्रभु में विश्राम को स्वीकार कर लेने पर ही हम युगान्त पर मिलने वाली, बाइबल के प्रकाशित्वाक्य में उल्लेखित, आशीषों को प्राप्त करने पाएंगे। उन आशीषों में ऐसी अद्भुत आशीषें भी सम्मिलित हैं, जो और कहीं नहीं मिलती हैं - परमेश्वर हमारे संग निवास करेगा (पद 3)। वह हमारे सभी आँसू पोंछ डालेगा, और फिर हमें कभी किसी भी प्रकार की पीड़ा, शोक या विलाप का सामना नहीं करना पड़ेगा (पद 4)।

   प्रभु यीशु के निमंत्रण और विश्राम को स्वीकार करके अपना अनन्त भविष्य सुदृढ़ कर लीजिए। - लॉरेंस दरमानी


जब जीवन के संघर्षों से व्यथित हों, प्रभु यीशु में अपना विश्राम प्राप्त कर लें।

मनुष्य जो धरती पर मन लगा लगाकर परिश्रम करता है उस से उसको क्या लाभ होता है? उसके सब दिन तो दु:खों से भरे रहते हैं, और उसका काम खेद के साथ होता है; रात को भी उसका मन चैन नहीं पाता। यह भी व्यर्थ ही है। - सभोपदेशक 2:22-23

बाइबल पाठ: प्रकाशितवाक्य 21:1-5
Revelation 21:1 फिर मैं ने नए आकाश और नयी पृथ्वी को देखा, क्योंकि पहिला आकाश और पहिली पृथ्वी जाती रही थी, और समुद्र भी न रहा। 
Revelation 21:2 फिर मैं ने पवित्र नगर नए यरूशलेम को स्वर्ग पर से परमेश्वर के पास से उतरते देखा, और वह उस दुल्हिन के समान थी, जो अपने पति के लिये सिंगार किए हो। 
Revelation 21:3 फिर मैं ने सिंहासन में से किसी को ऊंचे शब्द से यह कहते सुना, कि देख, परमेश्वर का डेरा मनुष्यों के बीच में है; वह उन के साथ डेरा करेगा, और वे उसके लोग होंगे, और परमेश्वर आप उन के साथ रहेगा; और उन का परमेश्वर होगा। 
Revelation 21:4 और वह उन की आंखों से सब आंसू पोंछ डालेगा; और इस के बाद मृत्यु न रहेगी, और न शोक, न विलाप, न पीड़ा रहेगी; पहिली बातें जाती रहीं। 
Revelation 21:5 और जो सिंहासन पर बैठा था, उसने कहा, कि देख, मैं सब कुछ नया कर देता हूं: फिर उसने कहा, कि लिख ले, क्योंकि ये वचन विश्वास के योग्य और सत्य हैं। 

एक साल में बाइबल: 
  • ज़कर्याह 13-14
  • प्रकाशितवाक्य 21


शुक्रवार, 29 दिसंबर 2017

सहायक


   कुछ महिलाओं ने मिलकर धन-संग्रह करने के लिए एक कार्यक्रम आयोजित किया था, और वे उस कार्यक्रम की तैयारियों को अन्तिम रूप दे रही थीं। वे भारत से थीं, परन्तु अब अमेरिका में आकर रहने लगी थीं। परन्तु अपने मूल देश के प्रति उनका लगाव और चिंता बनी हुई थी। जब उन्होंने भारत में मसीहियों द्वारा "औटिस्टिक" बच्चों के लिए चलाए जा रहे एक स्कूल की कठिन आर्थिक परिस्थितियों के बारे में सुना, तो उन्होंने सहायाता करने के लिए कुछ करना ठान लिया, और यह कार्यक्रम आयोजित किया।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में हम नहेम्याह के बारे में पढ़ते हैं। वह इस्त्राएल से बन्धुआ बना कर ले जाए लोगों में से एक था, परन्तु अब राजा का पिलानेहारा था और उस समय और स्थान के सबसे ताकतवर व्यक्ति, राजा, का विश्वासपात्र था। नहेम्याह ने अपनी आरामदायक परिस्थिति को अपने देश-वासियों के प्रति चिंता के आड़े नहीं आने दिया। उसने जब यरुशलेम से लौट कर आए लोगों से वहाँ की दुर्दशा के बारे में सुना (नहेम्याह 1:2), तो उसे मालुम पड़ा कि, "...जो बचे हुए लोग बन्धुआई से छूटकर उस प्रान्त में रहते हैं, वे बड़ी दुर्दशा में पड़े हैं, और उनकी निन्दा होती है; क्योंकि यरूशलेम की शहरपनाह टूटी हुई, और उसके फाटक जले हुए हैं" (पद 3)।

   यह सुनकर नहेम्याह का हृदय टूट गया; और उसने विलाप, उपवास और प्रार्थना की, और परमेश्वर आग्रह किया कि वहाँ की उस दुर्दशा के लिए कोई समाधान दे (पद 4)। उसकी प्रार्थना के उत्तर में परमेश्वर ने नहेम्याह को इस योग्य किया कि वह यरुशलेम को लौट सके और उसके पुनःनिर्माण के कार्यों का नेतृत्व करे (नहेम्याह 2:1-8)। नहेम्याह अपने लोगों के लिए महान कार्य कर सका, क्योंकि उसने परमेश्वर से महान बातें माँगीं, और परमेश्वर पर उन बातों को करने के लिए भरोसा भी किया।

   प्रार्थना करें कि परमेश्वर आपकी आँखें भी आप के आस-पास के लोगों की आवश्यकताओं के लिए खोले और आपको ऐसा हृदय दे जिससे आप परमेश्वर के सामर्थ्य और सहायता से एक उत्साही तथा रचनात्मक समस्या-निवारक बन सकें, जो दूसरों के लिए आशीष का कारण हो। - पोह फैंग चिया


जो परमेश्वर के साथ चलते हैं वे औरों की आवश्यकताओं से भागेंगे नहीं।

तब राजा उन्हें उत्तर देगा; मैं तुम से सच कहता हूं, कि तुम ने जो मेरे इन छोटे से छोटे भाइयों में से किसी एक के साथ किया, वह मेरे ही साथ किया। - मत्ती 25:40

बाइबल पाठ: नहेम्याह 1:1-11
Nehemiah 1:1 हकल्याह के पुत्र नहेमायाह के वचन। बीसवें वर्ष के किसलवे नाम महीने में, जब मैं शूशन नाम राजगढ़ में रहता था, 
Nehemiah 1:2 तब हनानी नाम मेरा एक भाई और यहूदा से आए हुए कई एक पुरुष आए; तब मैं ने उन से उन बचे हुए यहूदियों के विषय जो बन्धुआई से छूट गए थे, और यरूशलेम के विष्य में पूछा। 
Nehemiah 1:3 उन्होंने मुझ से कहा, जो बचे हुए लोग बन्धुआई से छूटकर उस प्रान्त में रहते हैं, वे बड़ी दुर्दशा में पड़े हैं, और उनकी निन्दा होती है; क्योंकि यरूशलेम की शहरपनाह टूटी हुई, और उसके फाटक जले हुए हैं। 
Nehemiah 1:4 ये बातें सुनते ही मैं बैठकर रोने लगा और कितने दिन तक विलाप करता; और स्वर्ग के परमेश्वर के सम्मुख उपवास करता और यह कह कर प्रार्थना करता रहा। 
Nehemiah 1:5 हे स्वर्ग के परमेश्वर यहोवा, हे महान और भययोग्य ईश्वर! तू जो अपने प्रेम रखने वाले और आज्ञा मानने वाले के विष्य अपनी वाचा पालता और उन पर करुणा करता है; 
Nehemiah 1:6 तू कान लगाए और आंखें खोले रह, कि जो प्रार्थना मैं तेरा दास इस समय तेरे दास इस्राएलियों के लिये दिन रात करता रहता हूँ, उसे तू सुन ले। मैं इस्राएलियों के पापों को जो हम लोगों ने तेरे विरुद्ध किए हैं, मान लेता हूँ। मैं और मेरे पिता के घराने दोनों ने पाप किया है। 
Nehemiah 1:7 हम ने तेरे साम्हने बहुत बुराई की है, और जो आज्ञाएं, विधियां और नियम तू ने अपने दास मूसा को दिए थे, उन को हम ने नहीं माना। 
Nehemiah 1:8 उस वचन की सुधि ले, जो तू ने अपने दास मूसा से कहा था, कि यदि तुम लोग विश्वासघात करो, तो मैं तुम को देश देश के लोगों में तितर बितर करूंगा। 
Nehemiah 1:9 परन्तु यदि तुम मेरी ओर फिरो, और मेरी आज्ञाएं मानो, और उन पर चलो, तो चाहे तुम में से निकाले हुए लोग आकाश की छोर में भी हों, तौभी मैं उन को वहां से इकट्ठा कर के उस स्थान में पहुंचाऊंगा, जिसे मैं ने अपने नाम के निवास के लिये चुन लिया है। 
Nehemiah 1:10 अब वे तेरे दास और तेरी प्रजा के लोग हैं जिन को तू ने अपनी बड़ी सामर्थ और बलवन्त हाथ के द्वारा छुड़ा लिया है। 
Nehemiah 1:11 हे प्रभु बिनती यह है, कि तू अपने दास की प्रार्थना पर, और अपने उन दासों की प्रार्थना पर, जो तेरे नाम का भय मानना चाहते हैं, कान लगा, और आज अपने दास का काम सफल कर, और उस पुरुष को उस पर दयालु कर। (मैं तो राजा का पियाऊ था।) 

एक साल में बाइबल: 
  • ज़कर्याह 9-12
  • प्रकाशितवाक्य 20