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शनिवार, 27 अक्टूबर 2018

विचार



      परमेश्वर के वचन बाइबल में गिनती 33 एक ऐसा अध्याय है जिस पर हम बिना मनन किए आगे बढ़ जाते होंगे। यह अध्याय इस्राएल के मिस्र से निकलकर मोआब के मैदान तक आने की यात्रा के पड़ावों की लंबी सूची है। परन्तु अवश्य ही यह महतवपूर्ण होगा, क्योंकि गिनती की पुस्तक का यही एकमात्र खण्ड है जिसके पहले यह लिखा हुआ आया है कि “जब से इस्त्राएली मूसा और हारून की अगुवाई से दल बान्धकर मिस्र देश से निकले, तब से उनके ये पड़ाव हुए। मूसा ने यहोवा से आज्ञा पाकर उनके कूच उनके पड़ावों के अनुसार लिख दिए; और वे ये हैं” (गिनती 33: 1-2)।

      इस प्रकार यात्रा के पड़ावों का लेखा रखने का क्या महत्व हो सकता है? क्या यह संभव है कि यह सूची इस्राएलियों को एक ऐसा ख़ाका प्रदान करती, जिसके सहारे वे अपनी चालीस वर्ष की यात्रा के अनुभवों की स्मृतियों को ताज़ा कर सकते थे, उन्हें अपनी संतानों के समक्ष दोहरा सकते थे।

      मैं कल्पना कर सकता हूँ कि इस्राएल के किसी परिवार का कोई वृद्ध अपने परिवार के साथ अलाव के चारों ओर बैठा हुआ है, और बच्चों को उस चालीस वर्ष की यात्रा के अनुभवों के संसमरणों को बता रहा है; वह कह रहा होगा, “मैं रपीदीम को कभी नहीं भूल सकता हूँ! हम प्यास से बेहाल थे, चारों ओर सैकड़ों मीलों तक केवल रेत और सूखी झाड़ियों के अतिरिक्त और कुछ नहीं था। फिर परमेश्वर ने मूसा को निर्देश दिया कि वह अपनी लाठी ले और वहाँ की एक चट्टान पर, जो कठोर पत्थर के अतिरिक्त और कुछ नहीं थी, मारे! हम सोचने लगे, यह कितना व्यर्थ कार्य है; उस चट्टान को मारने से भला क्या होगा? परन्तु हम सब आश्चर्यचकित रह गए जब मूसा के चट्टान पर मारते ही उसमें से पानी की नदी फूट निकली जो हम लाखों इस्राएलियों की प्यास बुझाने और अन्य आवश्यकताओं के लिए पर्याप्त थी। मैं उस दिन को कभी नहीं भूलूंगा।” (देखिए भजन 114:8; निर्गमन 17:1-7; गिनती 20:1-13)।

      क्यों न हम अपने जीवनों के साथ भी ऐसा ही करके देखें? अपने जीवनों को उनके विभिन्न पड़ावों, परिस्थितियों और आयु के अनुसार स्मरण कर के देखें, और विचार करें कि परमेश्वर हमें कैसे लिए चलता आया है, हमारे प्रति विश्वासयोग्य रहा है, हमारी आवश्यकताओं को पूरा करता है, अपने प्रेम में हमें सँभाले रहा है। - डेविड रोपर


परमेश्वर की विश्वासयोग्यता प्रति पीढ़ी बनी रहती है।

और उन्हें अपने पवित्र विश्राम दिन का ज्ञान दिया, और अपने दास मूसा के द्वारा आज्ञाएं और विधियां और व्यवस्था दीं। और उनकी भूख मिटाने को आकाश से उन्हें भोजन दिया और उनकी प्यास बुझाने को चट्टान में से उनके लिये पानी निकाला, और उन्हें आज्ञा दी कि जिस देश को तुम्हें देने की मैं ने शपथ खाई है उसके अधिकारी होने को तुम उस में जाओ। - नहेम्याह 9:14-15

बाइबल पाठ: निर्गमन 17:1-7
Exodus 17:1 फिर इस्राएलियों की सारी मण्डली सीन नाम जंगल से निकल चली, और यहोवा के आज्ञानुसार कूच कर के रपीदीम में अपने डेरे खड़े किए; और वहां उन लोगों को पीने का पानी न मिला।
Exodus 17:2 इसलिये वे मूसा से वादविवाद कर के कहने लगे, कि हमें पीने का पानी दे। मूसा ने उन से कहा, तुम मुझ से क्यों वादविवाद करते हो? और यहोवा की परीक्षा क्यों करते हो?
Exodus 17:3 फिर वहां लोगों को पानी की प्यास लगी तब वे यह कहकर मूसा पर बुड़बुड़ाने लगे, कि तू हमें लड़के बालों और पशुओं समेत प्यासों मार डालने के लिये मिस्र से क्यों ले आया है?
Exodus 17:4 तब मूसा ने यहोवा की दोहाई दी, और कहा, इन लोगों से मैं क्या करूं? ये सब मुझे पत्थरवाह करने को तैयार हैं।
Exodus 17:5 यहोवा ने मूसा से कहा, इस्राएल के वृद्ध लोगों में से कुछ को अपने साथ ले ले; और जिस लाठी से तू ने नील नदी पर मारा था, उसे अपने हाथ में ले कर लोगों के आगे बढ़ चल।
Exodus 17:6 देख मैं तेरे आगे चलकर होरेब पहाड़ की एक चट्टान पर खड़ा रहूंगा; और तू उस चट्टान पर मारना, तब उस में से पानी निकलेगा जिससे ये लोग पीएं। तब मूसा ने इस्राएल के वृद्ध लोगों के देखते वैसा ही किया।
Exodus 17:7 और मूसा ने उस स्थान का नाम मस्सा और मरीबा रखा, क्योंकि इस्राएलियों ने वहां वादविवाद किया था, और यहोवा की परीक्षा यह कहकर की, कि क्या यहोवा हमारे बीच है वा नहीं?


एक साल में बाइबल: 
  • यिर्मयाह 12-14
  • 2 तिमुथियुस 1



शुक्रवार, 26 अक्टूबर 2018

सेवकाई



      कुछ समय पहले मैं एक महिला दर्जी की दुकान में कुछ कपड़ों की मरम्मत करवाने गया। उसकी दुकान में प्रवेश करने के बाद दीवारों पर जो कुछ मैंने देखा उससे मैं बहुत प्रोत्साहित हुआ। एक स्थान पर दीवार पर एक चित्र टंगा था जिसमें मरियम मगदलीनी दुखी होकर रो रही थी और प्रभु यीशु उसपर अपने आप को प्रगट करने ही वाला था; उस चित्र के पास ही में लिखा हुआ था, “हम आपके कपड़ों की मरम्मत कर सकते हैं, परन्तु आपके ह्रदयों की मरम्मत तो केवल प्रभु परमेश्वर ही कर सकता है।” एक अन्य स्थान पर लिखा हुआ था, “क्या आपको प्रार्थनाओं की आवश्यकता है? हम आपके साथ प्रार्थनाएं करेंगे।”

      उस दरजिन ने मुझे बताया कि वह इस छोटे से व्यवसाय को पिछले पन्द्रह वर्षों से चला रही है, और परमेश्वर ने जिस प्रकार से उन लिखे गए संदेशों के द्वारा लोगों के जीवनों में कार्य किया है वह चकित कर देने वाला है। उसने यह भी बताया कि कुछ समय पहले एक व्यक्ति ने वहीं, उस दुकान में ही प्रभु यीशु को अपना उद्धारकर्ता स्वीकार किया था। परमेश्वर के कार्यों को देख और जान पाने का अनुभव अद्भुत होता है। मैंने उससे कहा कि मैं भी एक मसीही विश्वासी हूँ, और अपने कार्यस्थल से प्रभु यीशु की इस सेवकाई के लिए उसकी प्रशंसा की, उसे प्रोत्साहित किया।

      हम सभी अपने कार्यस्थलों में इतने साहसिक नहीं होने पाते हैं, परन्तु हम जहाँ भी हों, वहीं पर लोगों के प्रति प्रेम, धैर्य, और कृपालु होने के अनेकों अवसर तथा रचनात्मक एवँ व्यावहारिक तरीके ढूँढ़ सकते हैं। उस दुकान से निकलने के बाद से ही मैं यह सोच रहा हूँ कि अपने कार्यस्थल पर रहते हुए भी प्रभु की सेवकाई करने के कितने अनगिनित तरीके हो सकते हैं। - डेनिस फिशर


परमेश्वर हमारे हृदयों में अपने प्रेम को इसलिए प्रवाहित करता है, 
जिससे वह प्रेम औरों के जीवनों में भी प्रवाहित हो सके।

क्योंकि तुम तो पहले अन्धकार थे परन्तु अब प्रभु में ज्योति हो, सो ज्योति की सन्तान के समान चलो। - इफिसियों 5:8

बाइबल पाठ: मत्ती 5:1-16
Matthew 5:1 वह इस भीड़ को देखकर, पहाड़ पर चढ़ गया; और जब बैठ गया तो उसके चेले उसके पास आए।
Matthew 5:2 और वह अपना मुंह खोल कर उन्हें यह उपदेश देने लगा,
Matthew 5:3 धन्य हैं वे, जो मन के दीन हैं, क्योंकि स्वर्ग का राज्य उन्‍हीं का है।
Matthew 5:4 धन्य हैं वे, जो शोक करते हैं, क्योंकि वे शांति पाएंगे।
Matthew 5:5 धन्य हैं वे, जो नम्र हैं, क्योंकि वे पृथ्वी के अधिकारी होंगे।
Matthew 5:6 धन्य हैं वे जो धर्म के भूखे और प्यासे हैं, क्योंकि वे तृप्त किये जाएंगे।
Matthew 5:7 धन्य हैं वे, जो दयावन्‍त हैं, क्योंकि उन पर दया की जाएगी।
Matthew 5:8 धन्य हैं वे, जिन के मन शुद्ध हैं, क्योंकि वे परमेश्वर को देखेंगे।
Matthew 5:9 धन्य हैं वे, जो मेल करवाने वाले हैं, क्योंकि वे परमेश्वर के पुत्र कहलाएंगे।
Matthew 5:10 धन्य हैं वे, जो धर्म के कारण सताए जाते हैं, क्योंकि स्वर्ग का राज्य उन्‍हीं का है।
Matthew 5:11 धन्य हो तुम, जब मनुष्य मेरे कारण तुम्हारी निन्दा करें, और सताएं और झूठ बोल बोलकर तुम्हरो विरोध में सब प्रकार की बुरी बात कहें।
Matthew 5:12 आनन्‍दित और मगन होना क्योंकि तुम्हारे लिये स्वर्ग में बड़ा फल है इसलिये कि उन्होंने उन भविष्यद्वक्ताओं को जो तुम से पहिले थे इसी रीति से सताया था।
Matthew 5:13 तुम पृथ्वी के नमक हो; परन्तु यदि नमक का स्‍वाद बिगड़ जाए, तो वह फिर किस वस्तु से नमकीन किया जाएगा? फिर वह किसी काम का नहीं, केवल इस के कि बाहर फेंका जाए और मनुष्यों के पैरों तले रौंदा जाए।
Matthew 5:14 तुम जगत की ज्योति हो; जो नगर पहाड़ पर बसा हुआ है वह छिप नहीं सकता।
Matthew 5:15 और लोग दिया जलाकर पैमाने के नीचे नहीं परन्तु दीवट पर रखते हैं, तब उस से घर के सब लोगों को प्रकाश पहुंचता है।
Matthew 5:16 उसी प्रकार तुम्हारा उजियाला मनुष्यों के साम्हने चमके कि वे तुम्हारे भले कामों को देखकर तुम्हारे पिता की, जो स्वर्ग में हैं, बड़ाई करें।


एक साल में बाइबल: 
  • यिर्मयाह 9-11
  • 1 तिमुथियुस 6



गुरुवार, 25 अक्टूबर 2018

प्रावधान



      बहुत वर्ष पहले मैंने छड़ियों, लाठियों और चलने में सहायक डंडियों के अपने संग्रह पर एक लेख लिखा था, जिसमें यह विचार भी व्यक्त किया था के एक दिन मैं वॉकर के साथ चलने वाला हो जाऊँगा। लीजिए, अब वह दिन आ गया है! मेरी कमर की कुछ तकलीफों और तंत्रिकाओं के ठीक कार्य न कर पाने के कारण अब मुझे एक तीन पहिए वाले वॉकर की सहायता से चलना पड़ता है। अब मैं पहाड़ों पर चढ़ने जाने में असमर्थ हूँ; मैं मछली मारने नहीं जा सकता हूँ, और ऐसे अनेकों कार्य नहीं कर सकता हूँ जिन्हें करना मुझे अच्छा लगता है।

      परन्तु मैं यह सीखने का प्रयास कर रहा हूँ कि मेरी अब जो भी सीमाएं हैं, वे सब परमेश्वर के प्रावधान हैं, और मुझे उसकी सेवकाई इन्हीं प्रावधानों के साथ करनी है, किसी अन्य के साथ नहीं। यह हम सब के लिए सत्य है; हमारी सीमाएं चाहे शारीरिक हों, अथवा मानसिक, या फिर बौद्धिक। पौलुस इस विषय में इतना दृढ़ था कि उसने कहा कि वह अपनी कमज़ोरियों पर घमण्ड करता है क्योंकि उसकी कमज़ोरी में ही परमेश्वर की सामर्थ्य प्रकट होती है (2 कुरिन्थियों 12:9)।

      इस दृष्टिकोण से अपनी सीमाओं को देखने के द्वारा हम अपने कार्यों को दृढता और साहस के साथ कर सकते हैं। बजाए इसके कि हम शिकायत करें, कुड़कुड़ाऐं, अपने लिए दुखी हों, या कार्य को छोड़ दें, यह दृष्टिकोण हमें परमेश्वर द्वारा अपेक्षित उद्देश्यों को पूरा करने के लिए उपलब्ध करवाता है।

      मैं नहीं जानता हूँ कि मेरे और आपके लिए परमेश्वर की क्या योजनाएं हैं, परन्तु हमें उनके विषय चिन्तित होने की कोई आवश्यकता नहीं है। आज के लिए हमारा कार्य यह है कि हम अपनी परिस्थितियों और सीमाओं को जैसी वे हैं वैसा ही ग्रहण करें, उनमें संतुष्ट रहें, यह विश्वास रखते हुए कि अपने प्रेम और बुद्धिमता में परमेश्वर ने हमारे लिए जो प्रावधान किए हैं, वह इस समय के, तथा हमारे भविष्य के लिए सर्वोत्तम हैं। - डेविड रोपर


संतुष्टि आपको वहीं पनपने में सहायक होती है, जहाँ परमेश्वर ने आपको रोपा है।

और हम जानते हैं, कि जो लोग परमेश्वर से प्रेम रखते हैं, उन के लिये सब बातें मिलकर भलाई ही को उत्पन्न करती है; अर्थात उन्हीं के लिये जो उस की इच्छा के अनुसार बुलाए हुए हैं। - रोमियों 8:28

बाइबल पाठ: 2 कुरिन्थियों 12: 5-10
2 Corinthians 12:5 ऐसे मनुष्य पर तो मैं घमण्‍ड करूंगा, परन्तु अपने पर अपनी निर्बलताओं को छोड़, अपने विषय में घमण्‍ड न करूंगा।
2 Corinthians 12:6 क्योंकि यदि मैं घमण्‍ड करना चाहूं भी तो मूर्ख न हूंगा, क्योंकि सच बोलूंगा; तोभी रुक जाता हूं, ऐसा न हो, कि जैसा कोई मुझे देखता है, या मुझ से सुनता है, मुझे उस से बढ़कर समझे।
2 Corinthians 12:7 और इसलिये कि मैं प्रकाशों की बहुतायत से फूल न जाऊं, मेरे शरीर में एक कांटा चुभाया गया अर्थात शैतान का एक दूत कि मुझे घूँसे मारे ताकि मैं फूल न जाऊं।
2 Corinthians 12:8 इस के विषय में मैं ने प्रभु से तीन बार बिनती की, कि मुझ से यह दूर हो जाए।
2 Corinthians 12:9 और उसने मुझ से कहा, मेरा अनुग्रह तेरे लिये बहुत है; क्योंकि मेरी सामर्थ निर्बलता में सिद्ध होती है; इसलिये मैं बड़े आनन्द से अपनी निर्बलताओं पर घमण्‍ड करूंगा, कि मसीह की सामर्थ मुझ पर छाया करती रहे।
2 Corinthians 12:10 इस कारण मैं मसीह के लिये निर्बलताओं, और निन्‍दाओं में, और दरिद्रता में, और उपद्रवों में, और संकटों में, प्रसन्न हूं; क्योंकि जब मैं निर्बल होता हूं, तभी बलवन्‍त होता हूं।


एक साल में बाइबल: 
  • यिर्मयाह 6-8
  • 1 तिमुथियुस 5



बुधवार, 24 अक्टूबर 2018

परिवर्तन



      मेरे पुत्र को जब एक रोबोट प्राप्त हुआ, तो उसे उस रोबोट को विभिन्न सरल कार्य करने के लिए प्रोग्राम करने में बड़ा मज़ा आता था। वह उस रोबोट को आगे बढ़ने, रुकने, फिर पीछे लौटने, उसमें रिकॉर्ड की गई आवाजें सुनाने, आदि कार्य करवा सकता था। जैसा मेरा पुत्र उससे करवाता था, रोबोट वैसा ही करता था; उस रोबोट के पास कोई विकल्प नहीं था। वह रोबोट अपने आप न कभी हंस सकता था, न किसी अन्य दिशा में जा सकता था, न कुछ अनियोजित कर सकता था; उसके पास चुनाव करने की कोई क्षमता नहीं थी।

      जब परमेश्वर ने हम मनुष्यों को बनाया, तो हमें रोबोट के समान नहीं बनाया। परमेश्वर का वचन बाइबल हमें बताती है कि परमेश्वर ने मनुष्य को अपने स्वरूप में बनाया; अर्थात हम सोच सकते हैं, विचार-विमर्श करके निर्णय ले सकते हैं, हम सही और गलत का चुनाव कर सकते हैं। चाहे हमने परमेश्वर के अनाज्ञाकारी होने को अपनी आदत बना लिया हो, हम वापस परमेश्वर के पास लौट आने का निर्णय ले सकते हैं।

      जब प्राचीन इस्राएलियों ने अपने आप को परमेश्वर के साथ परेशानियों में पाया, तो परमेश्वर ने उनसे अपने भविष्यद्वक्ता यहेजकेल के द्वारा बातें कीं। यहेजकेल ने उनसे परमेश्वर की ओर से कहा, “प्रभु यहोवा की यह वाणी है, हे इस्राएल के घराने, मैं तुम में से हर एक मनुष्य का न्याय उसकी चालचलन के अनुसार ही करूंगा। पश्चात्ताप करो और अपने सब अपराधों को छोड़ो, तभी तुम्हारा अधर्म तुम्हारे ठोकर खाने का कारण न होगा। अपने सब अपराधों को जो तुम ने किए हैं, दूर करो; अपना मन और अपनी आत्मा बदल डालो! हे इस्राएल के घराने, तुम क्यों मरो?” (यहेजकेल 18:30-31)।

      ऐसा परिवर्तन, पवित्र-आत्मा की सहायता से लिए गए केवल एक दृढ़ निर्णय के साथ आरंभ हो सकता है (रोमियों 8:13)। इस निर्णय का अर्थ हो सकता है किसी महत्वपूर्ण अवसर पर “नहीं” कहना, कोई बकवाद न करना, किसी लालच में नहीं पड़ना, किसी के प्रति द्वेष या जलन नहीं रखना, इत्यादि। ऐसे निर्णयों में आप अपना भी कोई निर्णय जोड़ सकते हैं।

      यदि आप प्रभु यीशु मसीह के विश्वासी हैं, तो आप पाप के दास बनकर नहीं रह सकते हैं। आप अपने लिए परिवर्तन का निर्णय ले सकते हैं, और परमेश्वर की सहायता से इस परिवर्तन का आरंभ अभी से हो सकता है। - जेनिफर बेन्सन शुल्ट


नए आरंभ के लिए परमेश्वर से नया हृदय माँगें।

मैं तुम को नया मन दूंगा, और तुम्हारे भीतर नई आत्मा उत्पन्न करूंगा; और तुम्हारी देह में से पत्थर का हृदय निकाल कर तुम को मांस का हृदय दूंगा। - यहेजकेल 36:26

बाइबल पाठ: यहेजकेल 18:25-32
Ezekiel 18:25 तौभी तुम लोग कहते हो, कि प्रभु की गति एकसी नहीं। हे इस्राएल के घराने, देख, क्या मेरी गति एकसी नहीं? क्या तुम्हारी ही गति अनुचित नहीं है?
Ezekiel 18:26 जब धर्मी अपने धर्म से फिर कर, टेढ़े काम करने लगे, तो वह उनके कारण मरेगा, अर्थात वह अपने टेढ़े काम ही के कारण मर जाएगा।
Ezekiel 18:27 फिर जब दुष्ट अपने दुष्ट कामों से फिर कर, न्याय और धर्म के काम करने लगे, तो वह अपना प्राण बचाएगा।
Ezekiel 18:28 वह जो सोच विचार कर अपने सब अपराधों से फिरा, इस कारण न मरेगा, जीवित ही रहेगा।
Ezekiel 18:29 तौभी इस्राएल का घराना कहता है कि प्रभु की गति एकसी नहीं। हे इस्राएल के घराने, क्या मेरी गति एकसी नहीं? क्या तुम्हारी ही गति अनुचित नहीं?
Ezekiel 18:30 प्रभु यहोवा की यह वाणी है, हे इस्राएल के घराने, मैं तुम में से हर एक मनुष्य का न्याय उसकी चालचलन के अनुसार ही करूंगा। पश्चात्ताप करो और अपने सब अपराधों को छोड़ो, तभी तुम्हारा अधर्म तुम्हारे ठोकर खाने का कारण न होगा।
Ezekiel 18:31 अपने सब अपराधों को जो तुम ने किए हैं, दूर करो; अपना मन और अपनी आत्मा बदल डालो! हे इस्राएल के घराने, तुम क्यों मरो?
Ezekiel 18:32 क्योंकि, प्रभु यहोवा की यह वाणी है, जो मरे, उसके मरने से मैं प्रसन्न नहीं होता, इसलिये पश्चात्ताप करो, तभी तुम जीवित रहोगे।


एक साल में बाइबल: 
  • यिर्मयाह 3-5
  • 1 तिमुथियुस 4



मंगलवार, 23 अक्टूबर 2018

संघर्ष



      मैं जब एक मसीही पत्रिका में प्रशिक्षार्थी होकर कार्य कर रहा था, तब मैंने एक ऐसे व्यक्ति के बारे में लिखा जिसने मसीही विश्वास को ग्रहण किया था। इसके बाद उसके जीवन में नाटकीय परिवर्तन आया, और उसने अपनी पुरानी जीवन शैली को त्याग कर अपने नए स्वामी, प्रभु यीशु मसीह का पूर्णतः अनुसरण करना आरंभ कर दिया। पत्रिका के उस अंक के छपकर वितरण में आने के कुछ दिन के पश्चात, एक अज्ञात व्यक्ति ने गुमनाम फोन करके मुझे धमकाया और कहा, “दरमानी सावधान रहना। हम तुम पर दृष्टि रखे हुए हैं! यदि तुम ऐसी कहानियाँ लिखते रहोगे तो इस देश में तुम्हारा जीवन खतरे में है।”

      अपने मसीही विश्वास और लोगों को मसीह यीशु की ओर आकर्षित करने में केवल यही अवसर नहीं था, जब मुझे धमकाया गया हो। एक बार एक व्यक्ति ने, जिसे मैं प्रभु यीशु मसीह के बारे में एक पर्चा देने का प्रयास कर रहा था, मुझसे कहा कि मैं उस पर्चे के साथ वहाँ से चला जाऊँ, नहीं तो...। दोनों ही बार मैं भयभीत हुआ था। परन्तु ये तो केवल मौखिक धमकियां थीं। अनेकों मसीही विश्वासियों के विरुद्ध तो धमकियों को कार्यान्वित भी किया गया है। कुछ स्थानों पर तो मात्र भक्ति का जीवन बिताने भर के कारण मसीही विश्वासियों को लोगों से दुर्व्यवहार का सामना करना पड़ता है।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में हम पाते हैं कि परमेश्वर ने यिर्मयाह भविष्यद्वक्ता से कहा, “...जिस किसी के पास मैं तुझे भेजूं वहां तू जाएगा, और जो कुछ मैं तुझे आजा दूं वही तू कहेगा” (यिर्मयाह 1:7)। प्रभु यीशु ने भी अपने शिष्यों से कहा था, “देखो, मैं तुम्हें भेड़ों के समान भेडिय़ों के बीच में भेजता हूं...” (मत्ती 10:16)। निश्चय ही मसीही सेवकाई में हमें धमकियों, कठिनाइयों, और पीड़ा का अनुभव करना पड़ सकता है, परन्तु परमेश्वर का आश्वासन है कि वह हमारे साथ रहेगा। परमेश्वर ने यिर्मयाह से कहा, “तू उनके मुख को देखकर मत डर, क्योंकि तुझे छुड़ाने के लिये मैं तेरे साथ हूँ, यहोवा की यही वाणी है”(यिर्मयाह 1:8), और प्रभु यीशु ने अपने शिष्यों से कहा, “...देखो, मैं जगत के अन्‍त तक सदैव तुम्हारे संग हूं” (मत्ती 28:20)।

      प्रभु यीशु मसीह के लिए जीवन व्यतीत करने में हमें चाहे जैसे भी संघर्ष का सामना करना पड़े, हमारा प्रभु परमेश्वर सदा हमारे साथ बना रहता है।


धन्य हैं वे, जो धर्म के कारण सताए जाते हैं, क्योंकि स्वर्ग का राज्य उन्‍हीं का है। - मत्ती 5:10

बाइबल पाठ: यिर्मयाह 1:1-10
Jeremiah 1:1 हिल्किय्याह का पुत्र यिर्मयाह जो बिन्यामीन देश के अनातोत में रहने वाले याजकों में से था, उसी के ये वचन हैं।
Jeremiah 1:2 यहोवा का वचन उसके पास आमोन के पुत्र यहूदा के राजा योशिय्याह के दिनों में उसके राज्य के तेरहवें वर्ष में पहुंचा।
Jeremiah 1:3 इसके बाद योशिय्याह के पुत्र यहूदा के राजा यहोयाकीम के दिनों में, और योशिय्याह के पुत्र यहूदा के राजा सिदकिय्याह के राज्य के ग्यारहवें वर्ष के अन्त तक भी प्रगट होता रहा जब तक उसी वर्ष के पांचवें महीने में यरूशलेम के निवासी बंधुआई में न चले गए।
Jeremiah 1:4 तब यहोवा का यह वचन मेरे पास पहुंचा,
Jeremiah 1:5 गर्भ में रचने से पहिले ही मैं ने तुझ पर चित्त लगाया, और उत्पन्न होने से पहिले ही मैं ने तुझे अभिषेक किया; मैं ने तुझे जातियों का भविष्यद्वक्ता ठहराया।
Jeremiah 1:6 तब मैं ने कहा, हाय, प्रभु यहोवा! देख, मैं तो बोलना ही नहीं जानता, क्योंकि मैं लड़का ही हूँ।
Jeremiah 1:7 परन्तु यहोवा ने मुझ से कहा, मत कह कि मैं लड़का हूँ; क्योंकि जिस किसी के पास मैं तुझे भेजूं वहां तू जाएगा, और जो कुछ मैं तुझे आजा दूं वही तू कहेगा।
Jeremiah 1:8 तू उनके मुख को देखकर मत डर, क्योंकि तुझे छुड़ाने के लिये मैं तेरे साथ हूँ, यहोवा की यही वाणी है।
Jeremiah 1:9 तब यहोवा ने हाथ बढ़ाकर मेरे मुंह को छुआ; और यहोवा ने मुझ से कहा, देख, मैं ने अपने वचन तेरे मुंह में डाल दिये हैं।
Jeremiah 1:10 सुन, मैं ने आज के दिन तुझे जातियों और राज्यों पर अधिकारी ठहराया है; उन्हें गिराने और ढा देने के लिये, नाश करने और काट डालने के लिये, या उन्हें बनाने और रोपने के लिये।


एक साल में बाइबल: 
  • यिर्मयाह 1-2
  • 1 तिमुथियुस 3



सोमवार, 22 अक्टूबर 2018

संसाधन



      कई वर्ष पहले जब दक्षिणी कैलिफोर्निया की आर्थिक स्थिति में गिरावट आई, तो पास्टर बॉब जॉन्सन को इसमें न केवल कठिनाइयाँ दिखाई दीं, वरन अवसर भी दिखाई दिए। इसलिए उन्होंने अपने शहर के महापौर के साथ मिलने का समय लिया और उनके पास जाकर पूछा, “हमारा चर्च आपकी क्या सहायता कर सकता है?” महापौर चकित रह गए। सामान्यतः लोग उनके पास सहायता लेने के लिए आते थे; परन्तु यहाँ एक पादरी था जो अपने सारे चर्च के साथ उसे सहायता देने की पेशकश कर रहा था!

      उस महापौर और पादरी ने मिलकर अनेकों आवश्यक समस्याओं के समाधान की योजनाएँ बनाईं। केवल उन के ही इलाके में पिछले वर्ष में 20,000 से अधिक वृद्ध लोगों के पास कोई मिलने और उनका हाल-चाल पूछने नहीं गया था। सैकंडों आश्रित बच्चों को पालन-पोषण में सहायता देने के लिए परिवारों के निर्णयों की आवश्यकता थी; और अनेकों बच्चों को उनके स्कूलों के कार्यों में सहायता देने वालों की आवश्यकता थी। इनमें से कुछ आवश्यकताएँ तो ऐसी थीं जिनका समाधान बिना कुछ विशेष धन खर्च किए किया जा सकता था। परन्तु सभी समस्याओं के लिए समय और इच्छा होना आवश्यक था। और उस चर्च ने अपने इन्हीं संसाधनों को लोगों को प्रदान किया।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में हम देखते हैं कि प्रभु यीशु ने अपने शिष्यों से कहा था कि भविष्य में एक ऐसा भी दिन आएगा जब वह अपने विश्वासी अनुयायियों से कहेंगे, “हे मेरे पिता के धन्य लोगों, आओ, उस राज्य के अधिकारी हो जाओ, जो जगत के आदि से तुम्हारे लिये तैयार किया हुआ है” (मत्ती 25:34)। प्रभु ने यह भी कहा कि वे अनुयायी अपने पुरुस्कारों को देखकर चकित होंगे, और तब प्रभु उन्हें कहेगा, “तुम ने जो मेरे इन छोटे से छोटे भाइयों में से किसी एक के साथ किया, वह मेरे ही साथ किया” (पद 40)।

      जब हम परमेश्वर द्वारा हमें उपलब्ध करवाए गए समय, प्रेम, और भौतिक संसाधानों को परमेश्वर के राज्य के कार्यों में उदारता से लगाते हैं, तो उसके राज्य की बढ़ोतरी होती है। - टिम गुस्ताफ्सन


दान देना केवल धनी लोगों के लिए ही नहीं है; हम सभी के लिए है।

दिया करो, तो तुम्हें भी दिया जाएगा: लोग पूरा नाप दबा दबाकर और हिला हिलाकर और उभरता हुआ तुम्हारी गोद में डालेंगे, क्योंकि जिस नाप से तुम नापते हो, उसी से तुम्हारे लिये भी नापा जाएगा। - लूका 6:38

बाइबल पाठ: मत्ती 25:31-40
Matthew 25:31 जब मनुष्य का पुत्र अपनी महिमा में आएगा, और सब स्वर्ग दूत उसके साथ आएंगे तो वह अपनी महिमा के सिहांसन पर विराजमान होगा।
Matthew 25:32 और सब जातियां उसके साम्हने इकट्ठी की जाएंगी; और जैसा चरवाहा भेड़ों को बकिरयों से अलग कर देता है, वैसा ही वह उन्हें एक दूसरे से अलग करेगा।
Matthew 25:33 और वह भेड़ों को अपनी दाहिनी ओर और बकिरयों को बाई और खड़ी करेगा।
Matthew 25:34 तब राजा अपनी दाहिनी ओर वालों से कहेगा, हे मेरे पिता के धन्य लोगों, आओ, उस राज्य के अधिकारी हो जाओ, जो जगत के आदि से तुम्हारे लिये तैयार किया हुआ है।
Matthew 25:35 क्योंकि मैं भूखा था, और तुम ने मुझे खाने को दिया; मैं प्यासा था, और तुम ने मुझे पानी पिलाया, मैं परदेशी था, तुम ने मुझे अपने घर में ठहराया।
Matthew 25:36 मैं नंगा था, तुम ने मुझे कपड़े पहिनाए; मैं बीमार था, तुम ने मेरी सुधि ली, मैं बन्‍दीगृह में था, तुम मुझ से मिलने आए।
Matthew 25:37 तब धर्मी उसको उत्तर देंगे कि हे प्रभु, हम ने कब तुझे भूखा देखा और खिलाया? या प्यासा देखा, और पिलाया?
Matthew 25:38 हम ने कब तुझे परदेशी देखा और अपने घर में ठहराया या नंगा देखा, और कपड़े पहिनाए?
Matthew 25:39 हम ने कब तुझे बीमार या बन्‍दीगृह में देखा और तुझ से मिलने आए?
Matthew 25:40 तब राजा उन्हें उत्तर देगा; मैं तुम से सच कहता हूं, कि तुम ने जो मेरे इन छोटे से छोटे भाइयों में से किसी एक के साथ किया, वह मेरे ही साथ किया।


एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 65-66
  • 1 तिमुथियुस 2



रविवार, 21 अक्टूबर 2018

करुणा



      हाल ही की मेरी एक यात्रा में वायुयान के उतरने के समय कुछ कठिनाई हुई जिसके कारण वायुयान में बैठे लोगों को कई झटके लगे। इसके कारण कई यात्री प्रकट रीति से विचलित थे, परन्तु यान के अन्दर का सारा तनाव दूर हो गया जब दो छोटी लड़कियों ने प्रसन्न होकर ऊँची आवाज़ में कहा, “वाह! मज़ा आ गया! एक बार फिर हो जाए!”

      बच्चे नए रोमाँच और जीवन को खुले मन से एक अचरज के साथ देखने के लिए तैयार रहते हैं। संभवतः प्रभु यीशु के मन में यही बात थी जब उन्होंने कहा कि हमें “मैं तुम से सच कहता हूं, कि जो कोई परमेश्वर के राज्य को बालक के समान ग्रहण न करे, वह उस में कभी प्रवेश करने न पाएगा” (मरकुस 10:15)।

      जीवन की अपनी चुनौतियां और दुःख होते हैं। परमेश्वर के वचन बाइबल में यिर्मयाह नबी से बेहतर कौन यह बात जानता होगा; इसीलिए यिर्मयाह को “विलाप करने वाला नबी” भी कहा गया है। लेकिन यिर्मयाह की समस्याओं के मध्य में परमेश्वर ने उसे एक अद्भुत सत्य के द्वारा प्रोत्साहित किया: “हम मिट नहीं गए; यह यहोवा की महाकरुणा का फल है, क्योंकि उसकी दया अमर है। प्रति भोर वह नई होती रहती है; तेरी सच्चाई महान है” (विलापगीत 3:22-23)।

      परमेश्वर की नवीन करुणा कभी भी हमारे जीवनों में प्रवेश कर सकती है। उसकी करुणा के कार्य सदा हमारे साथ रहते हैं, और हम उन्हें देख सकेंगे यदि हम बच्चों के समान उनकी अपेक्षा रखकर अपने जीवनों में वह सब के होने की प्रतीक्षा करते हैं जो केवल परमेश्वर ही हमारे लिए कर सकता है। यिर्मयाह जानता था कि परमेश्वर की भलाई केवल हमारी वर्तमान परिस्थितियों के द्वारा ही परिभाषित नहीं होती है, और हमारे प्रति उसकी करुणा जीवन की कठिन परिस्थितियों से कही बढ़कर है।

      आज अपने जीवनों में परमेश्वर की करुणा के नए अनुभवों के खोजी हों। - जेम्स बैंक्स


परमेश्वर की करुणा और सामर्थ्य हमारी हर परिस्थिति से कहीं अधिक बढ़कर है।

क्योंकि तेरी करूणा जीवन से भी उत्तम है मैं तेरी प्रशंसा करूंगा। - भजन 63:3

बाइबल पाठ: विलापगीत 3:21-26
Lamentations 3:21 परन्तु मैं यह स्मरण करता हूँ, इसीलिये मुझे आाशा है:
Lamentations 3:22 हम मिट नहीं गए; यह यहोवा की महाकरुणा का फल है, क्योंकि उसकी दया अमर है।
Lamentations 3:23 प्रति भोर वह नई होती रहती है; तेरी सच्चाई महान है।
Lamentations 3:24 मेरे मन ने कहा, यहोवा मेरा भाग है, इस कारण मैं उस में आशा रखूंगा।
Lamentations 3:25 जो यहोवा की बाट जोहते और उसके पास जाते हैं, उनके लिये यहोवा भला है।
Lamentations 3:26 यहोवा से उद्धार पाने की आशा रख कर चुपचाप रहना भला है।


एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 62-64
  • 1 तिमुथियुस 1