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मंगलवार, 13 अगस्त 2019

विश्वास



      डॉक्टर के शब्द उसके हृदय पर हथोडे के समान पड़े – उसे कैंसर हो गया था। अपने बच्चों और पति के बारे में सोचने पर मानों उसका सँसार ठहर गया। उन्होंने बहुत ज़ोर लगा कर प्रार्थनाएं की थीं कि परिणाम कुछ और हो। लेकिन अब वे क्या करें? बहते हुए आँसुओं से भीगे चहरे को हाथों में छुपाते हुए उसने धीमी आवाज़ में प्रार्थना की, “परमेश्वर, यह हमारे नियंत्रण से बाहर है। कृपया हमारी सामर्थ्य बनें।”

       ऐसे में हम क्या करें जब परिणाम विनाशक हों; जब परिस्थितियाँ हमारे नियंत्रण से बाहर हों? जब संभावनाएं आशाविहीन हों, तब हम किस की ओर मुड़ें?

      परमेश्वर के वचन बाइबल में हबक्कूक नबी की परिस्थिति भी उसके नियंत्रण से बाहर थी और भय ने उसे दबोच रखा था। आने वाला न्याय विनाशकारी होने वाला था (हबक्कूक 3:16-17)। लेकिन फिर भी उस अवश्यंभावी नाश में, हबक्कूक ने चुनाव किया कि वह अपने विश्वास के सहारे जीएगा (2:4) और परमेश्वर में आनन्दित होगा (3:18)। उसने अपना भरोसा और विश्वास अपनी परिस्थितियों, अपनी योग्यताओं, या अपने संसाधनों पर नहीं रखा, वरन परमेश्वर की भलाई और महानता पर रखा। परमेश्वर पर उसके विश्वास ने उसे कहने के लिए बाध्य किया कि “यहोवा परमेश्वर मेरा बलमूल है, वह मेरे पांव हरिणों के समान बना देता है, वह मुझ को मेरे ऊंचे स्थानों पर चलाता है” (पद 19)।

      हम जब कठिन परिस्तिथियों का सामना करें – कोई बीमारी, पारिवारिक संकट, आर्थिक परेशानी, इत्यादि – हमें भी अपना विश्वास परमेश्वर में बनाए रखते हुए उसपर भरोसा बनाए रखना है। वह हमारी प्रत्येक परिस्थिति में हमारे सदैव साथ है। - कैरेन वुल्फ


जब कठिन परिस्थितियों का सामना करना हो 
तो हम परमेश्वर पर हमारा बल होने के लिए भरोसा रख सकते हैं।

परन्तु मैं यहोवा की ओर ताकता रहूंगा, मैं अपने उद्धारकर्ता परमेश्वर की बाट जोहता रहूंगा; मेरा परमेश्वर मेरी सुनेगा। - मीका  7:7

बाइबल पाठ: हबक्कूक 3:16-19
Habakkuk 3:16 यह सब सुनते ही मेरा कलेजा कांप उठा, मेरे ओंठ थरथराने लगे; मेरी हड्डियां सड़ने लगीं, और मैं खड़े खड़े कांपने लगा। मैं शान्ति से उस दिन की बाट जोहता रहूंगा जब दल बांध कर प्रजा चढ़ाई करे।।
Habakkuk 3:17 क्योंकि चाहे अंजीर के वृक्षों में फूल न लगें, और न दाखलताओं में फल लगें, जलपाई  के वृक्ष से केवल धोखा पाया जाए और खेतों में अन्न न उपजे, भेड़शालाओं में भेड़-बकरियां न रहें, और न थानों में गाय बैल हों,
Habakkuk 3:18 तौभी मैं यहोवा के कारण आनन्दित और मगन रहूंगा, और अपने उद्धारकर्त्ता परमेश्वर के द्वारा अति प्रसन्न रहूंगा।।
Habakkuk 3:19 यहोवा परमेश्वर मेरा बलमूल है, वह मेरे पांव हरिणों के समान बना देता है, वह मुझ को मेरे ऊंचे स्थानों पर चलाता है।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 87-88
  • रोमियों 13



सोमवार, 12 अगस्त 2019

धन्यवादी



      ऑस्ट्रेलिया में एक शहर से दूसरे तक गाड़ी चलाकर जाने में घंटों लग सकते हैं, जिससे होने वाली थकान के कारण दुर्घटनाएं हो सकती हैं। इसलिए छुट्टियों के व्यस्त समयों में मुख्य राजमार्गों पर विश्राम के स्थान बनाए जाते हैं जहाँ स्वयंसेवी लोगों मुफ्त कॉफी भी देते हैं। वहाँ पर हमारी लंबी यात्राओं में हम इन विश्राम-स्थलों पर रुक कर उनका आनन्द लिया करता थे।

      ऐसी ही एक यात्रा में हम एक विश्राम स्थान पर रुके और अन्दर जाकर अपने लिए कॉफी की माँग की। एक स्वयंसेवक ने हमें दो कप कॉफी पकड़ाई, और मुझसे दो डॉलर देने के लिए कहा। मैंने उससे पूछा कि ऐसा क्यों? तो उसने वहाँ लगे सूचना-पट पर छोटे अक्षरों में लिखी सूचना की ओर संकेत किया, जहाँ लिखा हुआ था कि कॉफी गाड़ी चलाने वाले के लिए तो मुफ्त है, परन्तु अन्य सभी यात्रियों को कॉफी के लिए पैसे देने होंगे। मैं इससे नाराज़ हुआ और उससे कहा कि यह गलत है, उसे दो डॉलर दिए और बाहर अपनी कार को चला गया। कार में मेरी पत्नि ने मुझे मेरी गलती का ध्यान दिलाया – मैंने एक उपहार को अपना व्यक्तिगत अधिकार समझ लिया था, और जो मुझे दिया जा रहा था उसके लिए धन्यवादी होने की बजाए नाराज़ हो रहा था। मेरी पत्नि का कहना सही था।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में लिखा है कि जब इस्राएली वाचा किए हुए देश में प्रवेश करने पर थे, तो मूसा ने उनसे आग्रह किया कि वे परमेश्वर के प्रति धन्यवादी रहने वाले लोग बनें (व्यवस्थाविवरण 8:10)। परमेश्वर की आशीष के कारण उस देश में बहुतायत थी, परन्तु वे लोग इस संपन्नता को सरलता से अपना अधिकार समझने की गलती कर सकते थे (पद 17-18)। मूसा द्वारा कही गई इस बात से इस्राएलियों ने प्रत्येक भोजन के समय परमेश्वर को उसके लिए धन्यवाद कहना आरंभ किया, चाहे भोजन कितना भी थोड़ा क्यों न हो। उनके लिए वह परमेश्वर से मिला उपहार ही था।

      मैं वापस अन्दर उस विश्राम-स्थान में गया और अपने व्यवहार के लिए क्षमा माँगी। कॉफी का वह मुफ्त कप एक उपहार था, मेरा अधिकार नहीं – और मैंने उसके लिए अपना धन्यवाद व्यक्त किया। - शेरिडन वौएसे


हर छोटी से छोटी बात के लिए भी परमेश्वर के धन्यवादी रहो।

किसी भी बात की चिन्‍ता मत करो: परन्तु हर एक बात में तुम्हारे निवेदन, प्रार्थना और बिनती के द्वारा धन्यवाद के साथ परमेश्वर के सम्मुख अपस्थित किए जाएं। - फिलिप्पियों 4:6

बाइबल पाठ:  व्यवस्थाविवरण 8:6-18
Deuteronomy 8:6 इसलिये अपने परमेश्वर यहोवा की आज्ञाओं का पालन करते हुए उसके मार्गों पर चलना, और उसका भय मानते रहना।
Deuteronomy 8:7 क्योंकि तेरा परमेश्वर यहोवा तुझे एक उत्तम देश में लिये जा रहा है, जो जल की नदियों का, और तराइयों और पहाड़ों से निकले हुए गहिरे गहिरे सोतों का देश है।
Deuteronomy 8:8 फिर वह गेहूं, जौ, दाखलताओं, अंजीरों, और अनारों का देश है; और तेलवाली जलपाई और मधु का भी देश है।
Deuteronomy 8:9 उस देश में अन्न की महंगी न होगी, और न उस में तुझे किसी पदार्थ की घटी होगी; वहां के पत्थर लोहे के हैं, और वहां के पहाड़ों में से तू तांबा खोदकर निकाल सकेगा।
Deuteronomy 8:10 और तू पेट भर खाएगा, और उस उत्तम देश के कारण जो तेरा परमेश्वर यहोवा तुझे देगा उसका धन्य मानेगा।
Deuteronomy 8:11 इसलिये सावधान रहना, कहीं ऐसा न हो कि अपने परमेश्वर यहोवा को भूलकर उसकी जो जो आज्ञा, नियम, और विधि, मैं आज तुझे सुनाता हूं उनका मानना छोड़ दे;
Deuteronomy 8:12 ऐसा न हो कि जब तू खाकर तृप्त हो, और अच्छे अच्छे घर बनाकर उन में रहने लगे,
Deuteronomy 8:13 और तेरी गाय-बैलों और भेड़-बकरियों की बढ़ती हो, और तेरा सोना, चांदी, और तेरा सब प्रकार का धन बढ़ जाए,
Deuteronomy 8:14 तब तेरे मन में अहंकार समा जाए, और तू अपने परमेश्वर यहोवा को भूल जाए, जो तुझ को दासत्व के घर अर्थात मिस्र देश से निकाल लाया है,
Deuteronomy 8:15 और उस बड़े और भयानक जंगल में से ले आया है, जहां तेज विष वाले सर्प और बिच्छू हैं, और जलरहित सूखे देश में उसने तेरे लिये चकमक की चट्ठान से जल निकाला,
Deuteronomy 8:16 और तुझे जंगल में मन्ना खिलाया, जिसे तुम्हारे पुरखा जानते भी न थे, इसलिये कि वह तुझे नम्र बनाए, और तेरी परीक्षा कर के अन्त में तेरा भला ही करे।
Deuteronomy 8:17 और कहीं ऐसा न हो कि तू सोचने लगे, कि यह सम्पत्ति मेरे ही सामर्थ्य और मेरे ही भुजबल से मुझे प्राप्त हुई।
Deuteronomy 8:18 परन्तु तू अपने परमेश्वर यहोवा को स्मरण रखना, क्योंकि वही है जो तुझे सम्पति प्राप्त करने का सामर्थ्य इसलिये देता है, कि जो वाचा उसने तेरे पूर्वजों से शपथ खाकर बान्धी थी उसको पूरा करे, जैसा आज प्रगट है।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 84-86
  • रोमियों 12



रविवार, 11 अगस्त 2019

काश...



      हम कार-पार्किंग के स्थान से निकल रहे थे और मेरे पति ने साइकिल चला कर आ रही एक युवती को पहले निकलने देने के लिए कार को धीमा किया, और उसे संकेत किया कि वह पहले निकल जाए। उस युवती ने मुस्कुरा कर अभिनंदन में हमारी ओर हाथ हिलाया और आगे निकल गई; किन्तु अगले ही पल एक अन्य कार के चालाक ने बिना ध्यान किए अपनी कार का दरवाज़ा खोला और वह युवती उससे टकरा कर गिर गई। उसकी साइकिल टेढ़ी हो गई, उसकी टांगों से खून बहने लगा और वह रोती हुई अपनी तथा अपनी साइकिल की दशा को देखने लगी।

      बाद में हम उस दुर्घटना पर विचार कर रहे थे – ‘काश हमनें उसे पहले निकलने न दिया होता...’; ‘काश उस दूसरी गाड़ी के चालाक ने सावधानी बर्ती होती और देखने के बाद ही दरवाज़ा खोला होता...’। कठिनाइयों के समय में हम बातों और कार्यों के अनुमान लगाने के चक्कर में पड़ जाते हैं – ‘काश मैंने पहले ध्यान किया होता कि मेरा बच्चा ऐसे बच्चों की संगति में है जो नशा करते है...;काश हमें पहले पता चल जाता कि कैंसर है...’।

      जब अप्रत्याशित परेशानियां आती हैं, तो कभी-कभी हम परमेश्वर और उसकी भलाई पर भी प्रश्न-चिन्ह लगाने लगते हैं। हम भी उसी निराशा का अनुभव करते हैं जो परमेश्वर के वचन बाइबल में मरियम और मार्था ने अपने भाई लाज़रस की मृत्यु पर अनुभव की थी; ‘काश कि प्रभु यीशु पहले आ जाते, जैसे ही उन्हें पता चला कि लाज़रस बीमार है (यूहन्ना 11:21, 32)।

      मरियम और मार्था के समान हम भी सदा ही यह नहीं समझने पाते हैं कि हमारे साथ ही कठिनियाँ क्यों हो रही हैं। परन्तु हम इस बात में भरोसा रख सकते और आश्वस्त रह सकते हैं कि उन सब बातों में होकर परमेश्वर अपने उद्देश्यों की पूर्ति कर रहा है, हमारे लिए भलाई कर रहा है। हर परिस्थिति और परेशानी में हम अपने विश्वासयोग्य और प्रेमी पिता परमेश्वर की बुद्धिमत्ता पर भरोसा रख सकते हैं, और ‘काश...’ की प्रवृत्ति से बच कर संतुष्ट रह सकते हैं। - सिंडी हैस कैस्पर


रौशनी के समय में परमेश्वर पर विश्वास करना छोटी बात है;
 अन्धकार में उस पर अपने विश्वास को बनाए रखना ही सच्चा विश्वास है – स्पर्जन

और हम जानते हैं, कि जो लोग परमेश्वर से प्रेम रखते हैं, उन के लिये सब बातें मिलकर भलाई ही को उत्पन्न करती है; अर्थात उन्हीं के लिये जो उस की इच्छा के अनुसार बुलाए हुए हैं। - रोमियों 8:28

बाइबल पाठ: यूहन्ना 11:21-35
John 11:21 मारथा ने यीशु से कहा, हे प्रभु, यदि तू यहां होता, तो मेरा भाई कदापि न मरता।
John 11:22 और अब भी मैं जानती हूं, कि जो कुछ तू परमेश्वर से मांगेगा, परमेश्वर तुझे देगा।
John 11:23 यीशु ने उस से कहा, तेरा भाई जी उठेगा।
John 11:24 मारथा ने उस से कहा, मैं जानती हूं, कि अन्‍तिम दिन में पुनरुत्थान के समय वह जी उठेगा।
John 11:25 यीशु ने उस से कहा, पुनरुत्थान और जीवन मैं ही हूं, जो कोई मुझ पर विश्वास करता है वह यदि मर भी जाए, तौभी जीएगा।
John 11:26 और जो कोई जीवता है, और मुझ पर विश्वास करता है, वह अनन्तकाल तक न मरेगा, क्या तू इस बात पर विश्वास करती है?
John 11:27 उसने उस से कहा, हां हे प्रभु, मैं विश्वास कर चुकी हूं, कि परमेश्वर का पुत्र मसीह जो जगत में आनेवाला था, वह तू ही है।
John 11:28 यह कहकर वह चली गई, और अपनी बहिन मरियम को चुपके से बुलाकर कहा, गुरू यहीं है, और तुझे बुलाता है।
John 11:29 वह सुनते ही तुरन्त उठ कर उसके पास आई।
John 11:30 (यीशु अभी गांव में नहीं पहुंचा था, परन्तु उसी स्थान में था जहां मारथा ने उस से भेंट की थी।)
John 11:31 तब जो यहूदी उसके साथ घर में थे, और उसे शान्‍ति दे रहे थे, यह देखकर कि मरियम तुरन्त उठके बाहर गई है और यह समझकर कि वह कब्र पर रोने को जाती है, उसके पीछे हो लिये।
John 11:32 जब मरियम वहां पहुंची जहां यीशु था, तो उसे देखते ही उसके पांवों पर गिर के कहा, हे प्रभु, यदि तू यहां होता तो मेरा भाई न मरता।
John 11:33 जब यीशु न उसको और उन यहूदियों को जो उसके साथ आए थे रोते हुए देखा, तो आत्मा में बहुत ही उदास हुआ, और घबरा कर कहा, तुम ने उसे कहां रखा है?
John 11:34 उन्होंने उस से कहा, हे प्रभु, चलकर देख ले।
John 11:35 यीशु के आंसू बहने लगे।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 81-83
  • रोमियों 11:19-36



शनिवार, 10 अगस्त 2019

चेहरा



      मुझे अपने पिता का चेहरा याद है। वे दयालु थे, किन्तु शान्त और संयमी भी। बचपन में मैं अकसर उनके चेहरे पर कोई भाव ढूँढता था, कहीं कोई मुस्कान या स्नेह का कोई प्रगटीकरण। चेहरे के भाव हमारे अन्तःदशा को दिखाते हैं; चढी हुई भौंहें, चेहरे पर रूखापन अथवा मुस्कराहट, आँखों का सिकुड़ना आदि प्रगट करते हैं कि हम क्या भावनाएँ रखते हैं। हमारे चेहरे, हमारी पहचान हैं।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में भजन 80 का लेखक आसाप, परेशान था और प्रभु का चहरा देखना चाहता था। उसने यरूशलेम में रहते हुए उत्तर दिशा की ओर देखा कि यहूदा का सह-राज्य, इस्राएल, अश्शूरी साम्राज्य के द्वारा पराजित होकर दबाया जा चुका था। अब यहूदा सभी ओर से आक्रमण के लिए खुला था – उत्तर से अश्शूर, दक्षिण से मिस्त्र, और पूर्व से अन्य अरब राष्ट्र। इन लोगों की संख्या और सेना के सामने यहूदा कुछ भी नहीं था।

      आसाप ने अपने भय को प्रार्थना में व्यक्त किया और उस प्रार्थना में तीन बार दोहराया, “अपने मुख का प्रकाश चमका, तब हमारा उद्धार हो जाएगा!” (80:3, 7, 19); दूसरे शब्दों में आसाप परमेश्वर से प्रार्थना कर रहा था कि मुझे अपना मुस्कुराता हुआ चेहरा दिखा जिससे मैं आश्वस्त हो जाऊँ।

      यह अच्छा होता है जब हम अपने भय से दृष्टि हटाकर अपने स्वर्गीय परमेश्वर पिता के चेहरे की ओर ताकते हैं। परमेश्वर पिता के चेहरे को निहारने का सबसे उत्तम स्थान है प्रभु यीशु मसीह का क्रूस; जो हमारे प्रति परमेश्वर के प्रेम का सबसे प्रबल और सार्थक प्रगटीकरण है (यूहन्ना 3:16)।

      इसलिए हम मसीही विश्वासी यह जान रखें और आश्वस्त रहें कि हमारा परमेश्वर पिता हमसे बहुत प्रेम करता है, हमारे लिए उसके चेहरे पर एक बड़ी मुस्कान रहती है; हम सुरक्षित हैं! – डेविड रोपर


क्रूस पर प्रभु यीशु की खुली बाहों के समान हमारे प्रति परमेश्वर का प्रेम भी असीम है।

तुम्हारा स्‍वभाव लोभरिहत हो, और जो तुम्हारे पास है, उसी पर संतोष किया करो; क्योंकि उसने आप ही कहा है, कि मैं तुझे कभी न छोडूंगा, और न कभी तुझे त्यागूंगा। इसलिये हम बेधड़क हो कर कहते हैं, कि प्रभु, मेरा सहायक है; मैं न डरूंगा; मनुष्य मेरा क्या कर सकता है। - इब्रानियों 13:5-6

बाइबल पाठ: भजन 80
Psalms 80:1 हे इस्त्राएल के चरवाहे, तू जो यूसुफ की अगुवाई भेड़ों की सी करता है, कान लगा! तू जो करूबों पर विराजमान है, अपना तेज दिखा!
Psalms 80:2 एप्रैम, बिन्यामीन, और मनश्शे के साम्हने अपना पराक्रम दिखा कर, हमारा उद्धार करने को आ!
Psalms 80:3 हे परमेश्वर, हम को ज्यों का त्यों कर दे; और अपने मुख का प्रकाश चमका, तब हमारा उद्धार हो जाएगा!
Psalms 80:4 हे सेनाओं के परमेश्वर यहोवा, तू कब तक अपनी प्रजा की प्रार्थना पर क्रोधित रहेगा?
Psalms 80:5 तू ने आंसुओं को उनका आहार कर दिया, और मटके भर भर के उन्हें आंसु पिलाए हैं।
Psalms 80:6 तू हमें हमारे पड़ोसियों के झगड़ने का कारण कर देता है; और हमारे शत्रु मनमाने ठट्ठा करते हैं।।
Psalms 80:7 हे सेनाओं के परमेश्वर, हम को ज्यों का त्यों कर दे; और अपने मुख का प्रकाश हम पर चमका, तब हमारा उद्धार हो जाएगा।।
Psalms 80:8 तू मिस्त्र से एक दाखलता ले आया; और अन्यजातियों को निकाल कर उसे लगा दिया।
Psalms 80:9 तू ने उसके लिये स्थान तैयार किया है; और उसने जड़ पकड़ी और फैल कर देश को भर दिया।
Psalms 80:10 उसकी छाया पहाड़ों पर फैल गई, और उसकी डालियां ईश्वर के देवदारों के समान हुईं;
Psalms 80:11 उसकी शाखाएं समुद्र तक बढ़ गई, और उसके अंकुर महानद तक फैल गए।
Psalms 80:12 फिर तू ने उसके बाड़ों को क्यों गिरा दिया, कि सब बटोही उसके फलों को तोड़ते हैं?
Psalms 80:13 जंगली सूअर उसको नाश किए डालता है, और मैदान के सब पशु उसे चर जाते हैं।
Psalms 80:14 हे सेनाओं के परमेश्वर, फिर आ! स्वर्ग से ध्यान देकर देख, और इस दाखलता की सुधि ले,
Psalms 80:15 ये पौधा तू ने अपने दाहिने हाथ से लगाया, और जो लता की शाखा तू ने अपने लिये दृढ़ की है।
Psalms 80:16 वह जल गई, वह कट गई है; तेरी घुड़की से वे नाश होते हैं।
Psalms 80:17 तेरे दाहिने हाथ के सम्भाले हुए पुरूष पर तेरा हाथ रखा रहे, उस आदमी पर, जिसे तू ने अपने लिये दृढ़ किया है।
Psalms 80:18 तब हम लोग तुझ से न मुड़ेंगे: तू हम को जिला, और हम तुझ से प्रार्थना कर सकेंगे।
Psalms 80:19 हे सेनाओं के परमेश्वर यहोवा, हम को ज्यों का त्यों कर दे! और अपने मुख का प्रकाश हम पर चमका, तब हमारा उद्धार हो जाएगा!

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 79-80
  • रोमियों 11:1-18



शुक्रवार, 9 अगस्त 2019

प्रेम और बलिदान



      ऑस्ट्रेलिया के एक पत्रकार ने 400 दिन जेल में बिताने के बाद छोड़े जाने पर मिलीजुली भावनाएं व्यक्त कीं। उसने रिहा होने पर अपनी प्रसन्नता व्यक्त करते हुए, जेल में ही पीछे छूट गए अपने मित्रों के लिए भी चिन्ता व्यक्त की। उसने कहा कि उसके लिए अपने संगी पत्रकारों से, जो उसके साथ ही बन्दी बनाए गए थे, विदा लेना बहुत कठिन था क्योंकि यह ज्ञात नहीं था कि उन्हें और कितना समय जेल में रहना पड़ेगा।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में मूसा ने भी अपने मित्रों और साथियों को छोड़ देने को लेकर बहुत चिन्ता व्यक्त की। परमेश्वर के वचन बाइबल में हम देखते हैं कि मूसा जब सीनै पर्वत पर परमेश्वर के साथ था, तो नीचे उसके भाई, बहन और उसके साथी इस्रालियों ने एक सोने का बछड़ा बना कर उसकी उपासना करनी आरंभ कर दी (निर्गमन 32:11-14)। उनकी इस मूर्तिपूजा से क्रोधित होकर परमेश्वर ने इस्राएलियों का नाश करके मूसा से एक नई जाति बनाने के लिए कहा। परन्तु मूसा ने इसके लिए मना किया और इस्राएलियों के लिए परमेश्वर से विनती की। यह दिखाते हुए कि मूसा अपने लोगों की कितनी अधिक चिंता करता था, उसने परमेश्वर से कहा, “तौभी अब तू उनका पाप क्षमा कर नहीं तो अपनी लिखी हुई पुस्तक में से मेरे नाम को काट दे” (पद 32)।

      प्रेरित पौलुस ने भी अपने परिवार, मित्रों और संगी इस्राएलियों के लिए ऐसी ही चिंता व्यक्त की। प्रभु यीशु मसीह में उनके अविश्वास से दुखी होकर, पौलुस ने कहा कि यदि उसके प्रभु यीशु मसीह के साथ संबंध विच्छेद करने से वह अपने लोगों को बचा पाए, तो वह यह भी करने को तैयार है (रोमियों 9:3)।

      दोनों, मूसा और पौलुस ने वैसे ही प्रेम को व्यक्त किया जैसा प्रभु यीशु मसीह ने हमसे किया है। परन्तु जिस प्रेम और बलिदान को वे दोनों कह कर व्यक्त कर रहे थे, उसे प्रभु यीशु ने हमारे लिए कर के दिखाया। प्रभु का यह प्रेम और बलिदान ही उन्हें हमारा और जगत का उद्धारकर्ता बनाता है। - मार्ट डीहौन


हमारे द्वारा औरों की देखभाल और चिंता करना, 
हमारे प्रति प्रभु यीशु के प्रेम को प्रतिबिंबित करता है।

हे भाइयों, यदि कोई मनुष्य किसी अपराध में पकड़ा भी जाए, तो तुम जो आत्मिक हो, नम्रता के साथ ऐसे को संभालो, और अपनी भी चौकसी रखो, कि तुम भी परीक्षा में न पड़ो। तुम एक दूसरे के भार उठाओ, और इस प्रकार मसीह की व्यवस्था को पूरी करो। - गलातियों 6:1-2

बाइबल पाठ: निर्गमन 32:21-32
Exodus 32:21 तब मूसा हारून से कहने लगा, उन लोगों ने तुझ से क्या किया कि तू ने उन को इतने बड़े पाप में फंसाया?
Exodus 32:22 हारून ने उत्तर दिया, मेरे प्रभु का कोप न भड़के; तू तो उन लोगों को जानता ही है कि वे बुराई में मन लगाए रहते हैं।
Exodus 32:23 और उन्होंने मुझ से कहा, कि हमारे लिये देवता बनवा जो हमारे आगे आगे चले; क्योंकि उस पुरूष मूसा को, जो हमें मिस्र देश से छुड़ा लाया है, हम नहीं जानते कि उसे क्या हुआ?
Exodus 32:24 तब मैं ने उन से कहा, जिस जिसके पास सोने के गहनें हों, वे उन को तोड़कर उतार लाएं; और जब उन्होंने मुझ को दिया, मैं ने उन्हें आग में डाल दिया, तब यह बछड़ा निकल पड़ा
Exodus 32:25 हारून ने उन लोगों को ऐसा निरंकुश कर दिया था कि वे अपने विरोधियों के बीच उपहास के योग्य हुए,
Exodus 32:26 उन को निरंकुश देखकर मूसा ने छावनी के निकास पर खड़े हो कर कहा, जो कोई यहोवा की ओर का हो वह मेरे पास आए; तब सारे लेवीय उस के पास इकट्ठे हुए।
Exodus 32:27 उसने उन से कहा, इस्त्राएल का परमेश्वर यहोवा यों कहता है, कि अपनी अपनी जांघ पर तलवार लटका कर छावनी से एक निकास से दूसरे निकास तक घूम घूमकर अपने अपने भाइयों, संगियों, और पड़ोसियों घात करो।
Exodus 32:28 मूसा के इस वचन के अनुसार लेवियों ने किया और उस दिन तीन हजार के अटकल लोग मारे गए।
Exodus 32:29 फिर मूसा ने कहा, आज के दिन यहोवा के लिये अपना याजकपद का संस्कार करो, वरन अपने अपने बेटों और भाइयों के भी विरुद्ध हो कर ऐसा करो जिस से वह आज तुम को आशीष दे।
Exodus 32:30 दूसरे दिन मूसा ने लोगों से कहा, तुम ने बड़ा ही पाप किया है। अब मैं यहोवा के पास चढ़ जाऊंगा; सम्भव है कि मैं तुम्हारे पाप का प्रायश्चित्त कर सकूं।
Exodus 32:31 तब मूसा यहोवा के पास जा कर कहने लगा, कि हाय, हाय, उन लोगों ने सोने का देवता बनवाकर बड़ा ही पाप किया है।
Exodus 32:32 तौभी अब तू उनका पाप क्षमा कर नहीं तो अपनी लिखी हुई पुस्तक में से मेरे नाम को काट दे।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 77-78
  • रोमियों 10



गुरुवार, 8 अगस्त 2019

उपलब्ध



      ख्याति-प्राप्त लोगों के प्रति अत्याधिक रुचि रखने वाले आज के समाज में कोई अचरज की बात नहीं है कि कुछ लोगों ने उन ख्याति-प्राप्त लोगों को उत्पाद के समान प्रयोग करना आरंभ कर दिया है और उनके व्यक्तिगत समय और संगति को बेचने लगे हैं। अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर से संबंधित एक पत्रिका में छ्पे एक लेख में बताया गया कि 15,000 डॉलर में आपकी गायिका शकीरा के साथ व्यक्तिगत मुलाक़ात हो सकती है; 12,000 डॉलर में आप अपने ग्यारह अन्य अतिथियों के साथ प्रसिद्ध शेफ माइकल शियारेलो के बंगले में उसके साथ भोजन कर सकते हैं।

      प्रभु यीशु मसीह का भी बहुत से लोगों ने एक ख्याति-प्राप्त व्यक्तित्व के समान ही उपयोग किया – वे एक से दूसरे स्थान पर उनके पीछे-पीछे जाते थे, उनकी शिक्षाओं को सुनते थे, उनके आश्चर्यकर्मों को देखते थे, और उनके छुए जाने के द्वारा चंगाई प्राप्त करने की लालसा रखते थे। परन्तु प्रभु यीशु कभी भी न तो अभिमानी हुए और न ही आम लोगों से अलग रहे, वे सदैव सब के लिए उपलब्ध रहते थे। जब उनके शिष्य, याकूब और यूहन्ना ने उनके आने वाले स्वर्गीय राज्य में उनसे उत्तम स्थान प्राप्त करना निश्चित करने का प्रयास किया, तो प्रभु यीशु ने उन्हें स्मरण दिलाया कि “जो कोई तुम में बड़ा होना चाहे वह तुम्हारा सेवक बने। और जो कोई तुम में प्रधान होना चाहे, वह सब का दास बने” (मरकुस 10:43-44)।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में लिखा है कि प्रभु द्वारा यह कहे जाने के तुरंत बाद ही प्रभु ने उनके पीछे चली आ रही भीड़ को रोक कर एक अंधे भिखारी से पूछा, “तू क्या चाहता है कि मैं तेरे लिये करूं?” और जब उसने उत्तर दिया कि “हे रब्बी, यह कि मैं देखने लगूं” (पद 51); तो प्रभु ने तुरंत ही उसे चंगाई दी और वह प्रभु के पीछे हो लिया (पद 52)।

      प्रभु यीशु ने अपनी सेवकाई के विषय स्वयँ कहा, “क्योंकि मनुष्य का पुत्र इसलिये नहीं आया, कि उस की सेवा टहल की जाए, पर इसलिये आया, कि आप सेवा टहल करे, और बहुतों की छुड़ौती के लिये अपना प्राण दे” (पद 45)। हम मसीही विश्वासी भी अपने प्रभु के समान करुणा रखने वाले तथा सबकी सहायता के लिए उपलब्ध रहने वाले बनें। - डेविड मैक्कैस्लैंड


प्रभु यीशु का अनुसरण करे; औरों की सहायता के लिए हाथ बढ़ाएँ।

और जैसा तुम चाहते हो कि लोग तुम्हारे साथ करें, तुम भी उन के साथ वैसा ही करो। - लूका 6:31

बाइबल पाठ: मरकुस 10:42-52
Mark 10:42 और यीशु ने उन को पास बुला कर उन से कहा, तुम जानते हो, कि जो अन्यजातियों के हाकिम समझे जाते हैं, वे उन पर प्रभुता करते हैं; और उन में जो बड़ें हैं, उन पर अधिकार जताते हैं।
Mark 10:43 पर तुम में ऐसा नहीं है, वरन जो कोई तुम में बड़ा होना चाहे वह तुम्हारा सेवक बने।
Mark 10:44 और जो कोई तुम में प्रधान होना चाहे, वह सब का दास बने।
Mark 10:45 क्योंकि मनुष्य का पुत्र इसलिये नहीं आया, कि उस की सेवा टहल की जाए, पर इसलिये आया, कि आप सेवा टहल करे, और बहुतों की छुड़ौती के लिये अपना प्राण दे।
Mark 10:46 और वे यरीहो में आए, और जब वह और उसके चेले, और एक बड़ी भीड़ यरीहो से निकलती थी, तो तिमाई का पुत्र बरतिमाई एक अन्‍धा भिखारी सड़क के किनारे बैठा था।
Mark 10:47 वह यह सुनकर कि यीशु नासरी है, पुकार पुकार कर कहने लगा; कि हे दाऊद की सन्तान, यीशु मुझ पर दया कर।
Mark 10:48 बहुतों ने उसे डांटा कि चुप रहे, पर वह और भी पुकारने लगा, कि हे दाऊद की सन्तान, मुझ पर दया कर।
Mark 10:49 तब यीशु ने ठहरकर कहा, उसे बुलाओ; और लोगों ने उस अन्धे को बुलाकर उस से कहा, ढाढ़स बान्‍ध, उठ, वह तुझे बुलाता है।
Mark 10:50 वह अपना कपड़ा फेंककर शीघ्र उठा, और यीशु के पास आया।
Mark 10:51 इस पर यीशु ने उस से कहा; तू क्या चाहता है कि मैं तेरे लिये करूं? अन्धे ने उस से कहा, हे रब्बी, यह कि मैं देखने लगूं।
Mark 10:52 यीशु ने उस से कहा; चला जा, तेरे विश्वास ने तुझे चंगा कर दिया है: और वह तुरन्त देखने लगा, और मार्ग में उसके पीछे हो लिया।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 74-76
  • रोमियों 9:16-33



बुधवार, 7 अगस्त 2019

सेवा



      मैं अपनी बहन के यहाँ उन लोगों से मिलने गई थी; वहाँ मेरे भानजों ने मुझे अपना नया “कार्य-आँकलन” करने का इलेक्ट्रौनिक यंत्र – ‘कोरोपोली’ बोर्ड्स (तख्तियाँ) दिखाया। वे रंगीन बोर्ड्स थे जिनकी सहायता से उनके दवा किए गए कार्यों का हिसाब रखा जाता था। यदि कोई कार्य समय से या भली-भांति कर दिया जाता तो वे बच्चे हरे बटन को दबा कर अपने “जेब-खर्च” में अंक जोड़ सकते थे। किन्तु यदि कोई गलती करते, जैसे कि घर के पीछे का दरवाज़ा खुला छोड़ देना, तो उनके “जेब-खर्च” में से कुछ अंक कम हो जाते थे। जितने अधिक अंक एकत्रित होते थे, उतना ही अच्छा प्रतिफल, जैसे कि कंप्यूटर पर समय बिताना, उनको मिलता था। इससे अब मेरे वे भांजे अपने कार्यों को भली-भांति करने तथा दरवाज़े को बन्द रखने के लिए बहुत प्रेरित रहते हैं।

      उनकी इस प्रणाली को देखकर मैंने मजाक में कहा कि काश मेरे पास भी ऐसा उत्साहित करने वाली कोई प्रणाली होती। परन्तु परमेश्वर ने हमें उत्साहित और प्रेरित करने के लिए कुछ दिया है। हमें बस आज्ञाकारिता का जीवन जीने का आदेश मात्र देने के स्थान पर प्रभु यीशु ने हमें प्रतिज्ञा दी है कि उसका अनुसरण करने वालों को बहुतायत का जीवन मिलेगा (यूहन्ना 10:10), चाहे उसका अनुसरण करना लगन और सच्चा समर्पण माँगता है। उसके राज्य में जीवन जीने का प्रतिफल कीमत से “सौ गुना” प्राप्त करना है (मरकुस 10:29-30)।

      हम आनन्दित हो सकते हैं कि हमारा परमेश्वर एक उदार परमेश्वर पिता है, जो हमें वह प्रतिफल नहीं देता जिसके हम योग्य हैं। वह हमारे सबसे दुर्बल प्रयासों को भी स्वीकार करता है, अपने राज्य में देर से आने वालों का भी वैसी ही स्वागत करता है जैसे के उसने पहले आने वालों का किया था (मत्ती 20:1-16)। यह हमें आनन्द के साथ उसकी सेवा करने के लिए प्रेरित करता है। - मोनिका ब्रैंड्स


प्रभु यीशु का अनुसरण करना समृद्ध एवं संतोषजनक जीवन का मार्ग है।

यहोवा सभों के लिये भला है, और उसकी दया उसकी सारी सृष्टि पर है। भजन 145:9

बाइबल पाठ: मरकुस 10:28-31; यूहन्ना 10:9-10
Mark 10:28 पतरस उस से कहने लगा, कि देख, हम तो सब कुछ छोड़कर तेरे पीछे हो लिये हैं।
Mark 10:29 यीशु ने कहा, मैं तुम से सच कहता हूं, कि ऐसा कोई नहीं, जिसने मेरे और सुसमाचार के लिये घर या भाइयों या बहिनों या माता या पिता या लड़के-बालों या खेतों को छोड़ दिया हो।
Mark 10:30 और अब इस समय सौ गुणा न पाए, घरों और भाइयों और बहिनों और माताओं और लड़के-बालों और खेतों को पर उपद्रव के साथ और परलोक में अनन्त जीवन।
Mark 10:31 पर बहुतेरे जो पहिले हैं, पिछले होंगे; और जो पिछले हैं, वे पहिले होंगे।
John 10:9 द्वार मैं हूं: यदि कोई मेरे द्वारा भीतर प्रवेश करे तो उद्धार पाएगा और भीतर बाहर आया जाया करेगा और चारा पाएगा।
John 10:10 चोर किसी और काम के लिये नहीं परन्तु केवल चोरी करने और घात करने और नष्‍ट करने को आता है। मैं इसलिये आया कि वे जीवन पाएं, और बहुतायत से पाएं।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 72-73
  • रोमियों 9:1-15