ई-मेल संपर्क / E-Mail Contact

इन संदेशों को ई-मेल से प्राप्त करने के लिए अपना ई-मेल पता इस ई-मेल पर भेजें : rozkiroti@gmail.com / To Receive these messages by e-mail, please send your e-mail id to: rozkiroti@gmail.com

रविवार, 27 दिसंबर 2020

स्थान

 

          मेरे पति ने अपने एक मित्र को चर्च सभा में आमंत्रित किया। सभा के समाप्त होने के बाद उनके मित्र ने कहा, “मुझे वहाँ के गीत और वातावरण अच्छा लगा, परन्तु मुझे यह समझ नहीं आया कि आप लोग यीशु को इतना आदर, इतना उच्च स्थान क्यों देते हैं?” फिर मेरे पति ने उन्हें समझाया कि मसीही विश्वास प्रभु यीशु मसीह के साथ, उनसे मिली पापों की क्षमा के द्वारा, एक घनिष्ठ व्यक्तिगत संबंध में होना है। प्रभु के बिना मसीहियत निरर्थक है। प्रभु यीशु ने जो हमारे लिए किया है, उसके कारण ही हम  एकत्रित होते हैं और उसकी आराधना और स्तुति करते हैं।

          प्रभु यीशु कौन है और उसने क्या किया है? प्रेरित पौलुस ने इस प्रश्न का उत्तर परमेश्वर के वचन बाइबल में कुलुस्सियों को लिखी अपनी पत्री में दिया है। कुलुस्सियों के 1 अध्याय में पौलुस लिखता है कि किसी ने परमेश्वर को नहीं देखा है, परन्तु प्रभु यीशु ने आकर उसे प्रकट किया और प्रतिबिंबित किया है (पद 15)। प्रभु यीशु, परमेश्वर के पुत्र होने के नाते, हमारे पापों के लिए बलिदान होने और हमें पापों से मुक्त कराने के लिए आए थे। पाप के कारण हम पवित्र परमेश्वर से अलग हो गए थे; इसीलिए परमेश्वर के साथ हमारा मेल-मिलाप उस पवित्र धार्मिकता के बहाल होने के द्वारा ही हो सकता था। वह सिद्ध पवित्रता हमें प्रभु यीशु मसीह से, जो स्वयं सिद्ध और पवित्र है, मिलती है (पद 14, 20)। दूसरे शब्दों में, प्रभु यीशु मसीह ने हमें वह प्रदान किया है जो कोई और कभी नहीं दे सकता था – सिद्ध पवित्रता, और परमेश्वर तथा अनन्त जीवन तक पहुँच (यूहन्ना 17:3)।

          वह इतने उच्च आदर के स्थान के योग्य क्यों है? क्योंकि उसने हमारे लिए मृत्यु पर विजय प्राप्त की है; और हमारे लिए दिए गए अपने बलिदान के द्वारा हमारे हृदयों को जीत लिया है। वह हमें प्रतिदिन नई सामर्थ्य प्रदान करता है। हमारे लिए वही सब कुछ है।

          हम उसे इसलिए महिमा देते हैं क्योंकि वह उस महिमा का हकदार है। हम उसे उच्च स्थान देते हैं क्योंकि वही उसका सही स्थान है। हम उसे अपने हृदयों में सदा ही सर्वोच्च स्थान दें। - कीला ओकोआ

 

प्रभु यीशु ही हमारी आराधना का केंद्र बिंदु है।


यह सुन थोमा ने उत्तर दिया, हे मेरे प्रभु, हे मेरे परमेश्वर! यीशु ने उस से कहा, तू ने तो मुझे देखकर विश्वास किया है, धन्य वे हैं जिन्होंने बिना देखे विश्वास किया। - यूहन्ना 20:28-29

बाइबल पाठ: कुलुस्सियों 1:15-23

कुलुस्सियों 1:15 वह तो अदृश्य परमेश्वर का प्रतिरूप और सारी सृष्टि में पहलौठा है।

कुलुस्सियों 1:16 क्योंकि उसी में सारी वस्तुओं की सृष्टि हुई, स्वर्ग की हो अथवा पृथ्वी की, देखी या अनदेखी, क्या सिंहासन, क्या प्रभुताएँ, क्या प्रधानताएं, क्या अधिकार, सारी वस्तुएं उसी के द्वारा और उसी के लिये सृजी गई हैं।

कुलुस्सियों 1:17 और वही सब वस्तुओं में प्रथम है, और सब वस्तुएं उसी में स्थिर रहती हैं।

कुलुस्सियों 1:18 और वही देह, अर्थात कलीसिया का सिर है; वही आदि है और मरे हुओं में से जी उठने वालों में पहलौठा कि सब बातों में वही प्रधान ठहरे।

कुलुस्सियों 1:19 क्योंकि पिता की प्रसन्नता इसी में है कि उस में सारी परिपूर्णता वास करे।

कुलुस्सियों 1:20 और उसके क्रूस पर बहे हुए लहू के द्वारा मेल मिलाप कर के, सब वस्तुओं का उसी के द्वारा से अपने साथ मेल कर ले चाहे वे पृथ्वी पर की हों, चाहे स्वर्ग में की।

कुलुस्सियों 1:21 और उसने अब उसकी शारीरिक देह में मृत्यु के द्वारा तुम्हारा भी मेल कर लिया जो पहिले निकाले हुए थे और बुरे कामों के कारण मन से बैरी थे।

कुलुस्सियों 1:22 ताकि तुम्हें अपने सम्मुख पवित्र और निष्कलंक, और निर्दोष बनाकर उपस्थित करे।

कुलुस्सियों 1:23 यदि तुम विश्वास की नेव पर दृढ़ बने रहो, और उस सुसमाचार की आशा को जिसे तुम ने सुना है न छोड़ो, जिस का प्रचार आकाश के नीचे की सारी सृष्टि में किया गया; और जिस का मैं पौलुस सेवक बना।

 

एक साल में बाइबल: 

  • ज़कर्याह 1-4
  • प्रकाशितवाक्य 18

शनिवार, 26 दिसंबर 2020

दिन

 

          विलियम डीन हौवेल्स की कहानी Christmas Every Day में एक छोटी लड़की की इच्छा पूरी हो जाती है और पूरे एक वर्ष के प्रत्येक दिन के लिए क्रिसमस मनाया जाना स्वीकार कर लिया जाता है। तीसरे ही दिन तक उस त्यौहार का उल्लास फीका पड़ने लगता है। कुछ ही समय के बाद लोग मिठाइयों से परेशान हो जाते हैं। पारंपरिक रीति से क्रिसमस पर पकाया और खाया जाने वाला टर्की पक्षी की उपलब्धता समाप्त होने लगती है, उसका मिलना दुर्लभ हो जाता है, और जो थोड़े से बचे हैं वे बहुत महंगे दामों पर बिकने लगते हैं। एक-दूसरे को दिए जाने वाले उपहार सहर्ष स्वीकार नहीं किए जाते हैं क्योंकि वे यहाँ-वहाँ, सभी स्थानों पर एकत्रित होते चले जा रहे हैं। लोग अब खिसियाने लगे हैं, और एक-दूसरे के साथ चिड़चिड़ाहट के साथ व्यवहार करने लगते हैं।

          शुक्र है कि हौवेल्स की कहानी केवल एक व्यंग्यात्मक कथा है। लेकिन यह कितनी अद्भुत आशीष है कि क्रिसमस मनाए जाने का कारण, प्रभु यीशु मसीह, परमेश्वर के वचन बाइबल में सभी स्थानों पर होने के बाद भी हमें कभी भी उबाता नहीं है।

          प्रभु यीशु के स्वर्गारोहण के पश्चात, प्रेरित पतरस ने येरुशलम के मंदिर में एकत्रित लोगों की भीड़ से कहा कि प्रभु यीशु ही वह भविष्यद्वक्ता हैं जिसके बारे में मूसा ने कहा था “प्रभु परमेश्वर तुम्हारे भाइयों में से तुम्हारे लिये मुझ सा एक भविष्यद्वक्ता उठाएगा” (प्रेरितों 3:22; व्यवस्थाविवरण 18:18)। परमेश्वर द्वारा अब्राहम से की गई प्रतिज्ञा,तेरे वंश के द्वारा पृथ्वी के सारे घराने आशीष पाएंगे” प्रभु यीशु मसीह ही के लिए थी (प्रेरितों 3:25; उत्पत्ति 22:18)। पतरस ने उन से कहा कि मसीहा के आगमन के विषय “शमूएल से ले कर उसके बाद वालों तक जितने भविष्यद्वक्ताओं ने बातें की हैं उन सब ने इन दिनों का सन्देश दिया है” (प्रेरितों 3:24)।

          क्रिसमस के त्यौहार के उत्सव और उल्लास के बाद भी हम प्रभु यीशु मसीह के इस संसार में आने के कारण – संसार के सभी लोगों को सेंत-मेंत में पापों की क्षमा और उद्धार देने की खुशी को जीवित बनाए रख सकते हैं। बाइबल के हर स्थान में प्रभु यीशु मसीह को देखने के द्वारा हम इस बात की सराहना कर सकते हैं कि क्रिसमस, अर्थात प्रभु यीशु का जगत के उद्धार के लिए संसार में आने का उत्सव केवल एक दिन का ही आनन्द और उत्सव नहीं है। - टिम गुस्ताफसन

 

इस वर्ष क्रिसमस की सजावट को हटाने के बाद भी, उसके आनन्द को सदा बनाए रखें।


 तब उस [यीशु] ने मूसा से और सब भविष्यद्वक्ताओं से आरम्भ कर के सारे पवित्र शास्त्रों में से, अपने विषय में की बातों का अर्थ, उन्हें समझा दिया। - लूका 24:27

बाइबल पाठ: प्रेरितों 3:17-26

प्रेरितों के काम 3:17 और अब हे भाइयों, मैं जानता हूं कि यह काम तुम ने अज्ञानता से किया, और वैसा ही तुम्हारे सरदारों ने भी किया।

प्रेरितों के काम 3:18 परन्तु जिन बातों को परमेश्वर ने सब भविष्यद्वक्ताओं के मुख से पहिले ही बताया था, कि उसका मसीह दु:ख उठाएगा; उन्हें उसने इस रीति से पूरी किया।

प्रेरितों के काम 3:19 इसलिये, मन फिराओ और लौट आओ कि तुम्हारे पाप मिटाए जाएं, जिस से प्रभु के सम्मुख से विश्रान्ति के दिन आएं।

प्रेरितों के काम 3:20 और वह उस मसीह यीशु को भेजे जो तुम्हारे लिये पहिले ही से ठहराया गया है।

प्रेरितों के काम 3:21 अवश्य है कि वह स्वर्ग में उस समय तक रहे जब तक कि वह सब बातों का सुधार न कर ले जिस की चर्चा परमेश्वर ने अपने पवित्र भविष्यद्वक्ताओं के मुख से की है, जो जगत की उत्पत्ति से होते आए हैं।

प्रेरितों के काम 3:22 जैसा कि मूसा ने कहा, प्रभु परमेश्वर तुम्हारे भाइयों में से तुम्हारे लिये मुझ सा एक भविष्यद्वक्ता उठाएगा, जो कुछ वह तुम से कहे, उस की सुनना।

प्रेरितों के काम 3:23 परन्तु प्रत्येक मनुष्य जो उस भविष्यद्वक्ता की न सुने, लोगों में से नाश किया जाएगा।

प्रेरितों के काम 3:24 और शमूएल से ले कर उसके बाद वालों तक जितने भविष्यद्वक्ताओं ने बातें की हैं उन सब ने इन दिनों का सन्देश दिया है।

प्रेरितों के काम 3:25 तुम भविष्यद्वक्ताओं की सन्तान और उस वाचा के भागी हो, जो परमेश्वर ने तुम्हारे बाप दादों से बान्‍धी, जब उसने इब्राहीम से कहा, कि तेरे वंश के द्वारा पृथ्वी के सारे घराने आशीष पाएंगे।

प्रेरितों के काम 3:26 परमेश्वर ने अपने सेवक को उठा कर पहिले तुम्हारे पास भेजा, कि तुम में से हर एक को उस की बुराइयों से फेरकर आशीष दे।

 

एक साल में बाइबल: 

  • हाग्गै 1-2
  • प्रकाशितवाक्य 17

शुक्रवार, 25 दिसंबर 2020

शान्ति

 

          सर्दियों में मैं अकसर जब सुबह उठती हूँ तो मेरे आस-पास का संसार, रात में पड़ी हुई बर्फ से ढका हुआ, शांत और शान्ति के साथ होता है। वह बर्फ बहुत शान्ति से रात में किसी समय गिर चुकी होती है; जबकि बसंत की आँधियाँ शोर और गर्जन के साथ पानी बरसाती हैं।

          ऑड्रे अस्सद ने “Winter Snow Song” में गाया कि प्रभु यीशु पृथ्वी पर बवंडर के समान सामर्थ्य प्रदर्शित करते हुए भी आ सकते थे, परन्तु उन्होंने शान्ति के साथ, मेरी खिड़की के बाहर की उस बर्फ के समान आना चुना।

          प्रभु यीशु के आगमन से बहुत से लोग आश्चर्यचकित तथा शांत रह गए। किसी राजमहल में जन्म लेने की बजाए, वे एक बहुत ही अनपेक्षित स्थान, बैतलहम के बाहर एक विनीत स्थान में पैदा हुए। और वे उस एकमात्र उपलब्ध बिस्तर, चरनी में सोए (लूका 2:7)। उनके स्वागत, सेवा और देखभाल के लिए राजसी लोग या उच्च अधिकारी उपस्थित नहीं थे, प्रभु यीशु का स्वागत तो साधारण चरवाहों ने किया (पद 15-16)। उनके पास धन-संपत्ति नहीं थी; जब व्यवस्था के अनुसार मंदिर में बलिदान चढ़ाने का समय आया तब उनके माता-पिता केवल दो पक्षियों के सस्ते बलिदान को ही चढ़ा सके (पद 24)।

          प्रभु यीशु के संसार में इस विनम्र प्रवेश के बारे में यशायाह भविष्यद्वक्ता पहले ही लिख चुका था। यशायाह ने भविष्यवाणी की थी कि आने वाला उद्धारकर्ता चिल्लाएगा नहीं (यशायाह 42:2), और न ही वह सामर्थ्य के प्रदर्शन के साथ आएगा जिससे कोई कुचला हुआ सरकंडा टूट जाए या टिमटिमाती बत्ती बुझ जाए (पद 3)। वरन वह शान्ति के साथ आया कि हमें परमेश्वर के साथ शान्ति में ले आने के प्रस्ताव के साथ अपनी ओर आकर्षित करे।

          उसका यह शान्ति का प्रस्ताव सारे संसार के सभी लोगों को आज भी उपलब्ध है; उस प्रत्येक व्यक्ति के लिए है जो चरनी में जन्मे जगत के उद्धारकर्ता पर विश्वास लाता है और उससे अपने पापों की क्षमा मांगकर उसे अपना व्यक्तिगत उद्धारकर्ता स्वीकार कर लेता है, उसकी शान्ति को ग्रहण कर लेता है। - लीसा सामरा

 

यह अद्भुत उपहार कितनी शान्ति से संसार को दिया गया।


वह कुचले हुए सरकण्डे को न तोड़ेगा; और धुआं देती हुई बत्ती को न बुझाएगा, जब तक न्याय को प्रबल न कराए। - मत्ती 12:20

बाइबल पाठ: यशायाह 42:1-4

यशायाह 42:1 मेरे दास को देखो जिसे मैं संभाले हूं, मेरे चुने हुए को, जिस से मेरा जी प्रसन्न है; मैं ने उस पर अपना आत्मा रखा है, वह अन्यजातियों के लिये न्याय प्रगट करेगा।

यशायाह 42:2 न वह चिल्लाएगा और न ऊंचे शब्द से बोलेगा, न सड़क में अपनी वाणी सुनायेगा।

यशायाह 42:3 कुचले हुए नरकट को वह न तोड़ेगा और न टिमटिमाती बत्ती को बुझाएगा; वह सच्चाई से न्याय चुकाएगा।

यशायाह 42:4 वह न थकेगा और न हियाव छोड़ेगा जब तक वह न्याय को पृथ्वी पर स्थिर न करे; और द्वीपों के लोग उसकी व्यवस्था की बाट जोहेंगे।

 

एक साल में बाइबल: 

  • सपन्याह 1-3
  • प्रकाशितवाक्य 16

गुरुवार, 24 दिसंबर 2020

विचार

 

          सुप्रसिद्ध बाइबल शिक्षक तथा प्रचारक ऑस्वाल्ड चैम्बर्स के लंडन में बाइबल कॉलेज में कार्य (1911-15) के दिनों में वे अपने सिखाने के दौरान कही गई बातों से विद्यार्थियों को चौंका देते थे। एक युवती ने बताया कि क्योंकि चर्चा के लिए अगली बार भोजन के लिए एकत्रित होने का समय निर्धारित होता था, इसलिए चैम्बर्स को अकसर ही प्रश्नों की बौछार का सामना करना पड़ता था। ऐसे में कई बार चैम्बर्स बस केवल मुस्कुरा कर इतना ही कहते थे, “बस इसे अभी छोड़ दो; यह तुम्हें बाद में समझ में आ जाएगा।” चैम्बर्स विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करते थे कि वे बात पर विचार करते रहें और परमेश्वर अपने समय और विधि के अनुसार अपने सत्यों को उन पर प्रकट कर देगा।

          किसी बात पर विचार करने का अर्थ है कि उस पर बहुत ध्यान लगाकर गहराई से चिंतन-मनन करना। प्रभु यीशु मसीह के बैतलहम में जन्म होने तक होने वाली घटनाओं और उनके उपरान्त स्‍वर्गदूतों का प्रकट होना,चरवाहों का मसीहा को देखने आना, परमेश्वर के वचन बाइबल में लिखा है कि “मरियम ये सब बातें अपने मन में रखकर सोचती रही” (लूका 2:19)। बाइबल के नए नियम खण्ड के विद्वान डब्ल्यू. ई. वाइन का कहना है कि ‘विचार करना का अर्थ है “... बातों को एक साथ लाना, बातचीत करना, एक से दूसरी बात को सन्दर्भ के अनुसार मिलाकर देखना” (Expository Dictionary of the New Testament Terms)।

          जब हम हमारे जीवनों में होने वाली बातों के अर्थ को समझने के लिए संघर्ष करते हैं, तो मरियम का सुन्दर उदाहरण हमारा मार्गदर्शन करता है कि परमेश्वर तथा उसकी बुद्धि के खोजी होने का क्या अर्थ होता है।

          जब हम हमारे जीवनों में जो हो रहा है, मरियम के समान उसके लिए परमेश्वर की अगुवाई को स्वीकार करते हैं, तो हमारे जीवनों में भी उसके सप्रेम मार्गदर्शन से संबंधित अनेकों नई बातें विचार करते रहने के लिए एकत्रित हो जाती हैं। - डेविड सी. मेक्कैस्लएंड

 

व्यस्त जीवन में अपने आप को कुछ शांत समय की अनुमति दीजिए, 

यह सुनने के लिए परमेश्वर आप से क्या कह रहा है।


मैं ने तेरे वचन को अपने हृदय में रख छोड़ा है, कि तेरे विरुद्ध पाप न करूं। - भजन संहिता 119:11

बाइबल पाठ: लूका 2:8-20

लूका 2:8 और उस देश में कितने गड़ेरिये थे, जो रात को मैदान में रहकर अपने झुण्ड का पहरा देते थे।

लूका 2:9 और प्रभु का एक दूत उन के पास आ खड़ा हुआ; और प्रभु का तेज उन के चारों ओर चमका, और वे बहुत डर गए।

लूका 2:10 तब स्वर्गदूत ने उन से कहा, मत डरो; क्योंकि देखो मैं तुम्हें बड़े आनन्द का सुसमाचार सुनाता हूं जो सब लोगों के लिये होगा।

लूका 2:11 कि आज दाऊद के नगर में तुम्हारे लिये एक उद्धारकर्ता जन्मा है, और यही मसीह प्रभु है।

लूका 2:12 और इस का तुम्हारे लिये यह पता है, कि तुम एक बालक को कपड़े में लिपटा हुआ और चरनी में पड़ा पाओगे।

लूका 2:13 तब एकाएक उस स्वर्गदूत के साथ स्‍वर्गदूतों का दल परमेश्वर की स्तुति करते हुए और यह कहते दिखाई दिया।

लूका 2:14 कि आकाश में परमेश्वर की महिमा और पृथ्वी पर उन मनुष्यों में जिनसे वह प्रसन्न है शान्ति हो।

लूका 2:15 जब स्वर्गदूत उन के पास से स्वर्ग को चले गए, तो गड़ेरियों ने आपस में कहा, आओ, हम बैतलहम जा कर यह बात जो हुई है, और जिसे प्रभु ने हमें बताया है, देखें।

लूका 2:16 और उन्होंने तुरन्त जा कर मरियम और यूसुफ को और चरनी में उस बालक को पड़ा देखा।

लूका 2:17 इन्हें देखकर उन्होंने वह बात जो इस बालक के विषय में उन से कही गई थी, प्रगट की।

लूका 2:18 और सब सुनने वालों ने उन बातों से जो गड़िरयों ने उन से कहीं आश्चर्य किया।

लूका 2:19 परन्तु मरियम ये सब बातें अपने मन में रखकर सोचती रही।

लूका 2:20 और गड़ेरिये जैसा उन से कहा गया था, वैसा ही सब सुनकर और देखकर परमेश्वर की महिमा और स्तुति करते हुए लौट गए।

 

एक साल में बाइबल: 

  • हबक्कूक 1-3
  • प्रकाशितवाक्य 15

बुधवार, 23 दिसंबर 2020

धन्यवादी

 

          एैन वोक्स्कैम्प की पुस्तक, One Thousand Gifts (एक हज़ार उपहार) पाठकों को प्रोत्साहित करती है कि वे अपन जीवनों में प्रतिदिन खोजें कि उस दिन में प्रभु ने उनके लिए क्या कुछ किया है। उस में वह प्रति दिन परमेश्वर की उसके प्रति उदारता को छोटे और बड़े उपहारों में देखती है, जो साधारण से साबुन के बुलबुलों में चमकती हुई सुन्दरता से लेकर उसके तथा हमारे जैसे पापियों के अद्भुत उद्धार में दिखाई देती है। एैन का कहना है कि कृतज्ञ होना ही जीवन के सबसे परेशान करने वाले पलों में भी परमेश्वर की उपस्थिति को देख पाने की कुंजी है।

          परमेश्वर के वचन बाइबल का एक चरित्र, अय्यूब, उसके जीवन के दुःख से भरे होने के लिए विख्यात है। उसे जो हानि उठानी और सहनी पड़ी, वह गिनती और दुःख की गहराई, दोनों में ही बहुत अधिक थी। उसे ज्ञात हुआ कि अचानक ही उसके सारे पशु लूट लिए गए, पशुओं की देखभाल करने वाले उसके सेवक भी मार डाले गए हैं, और इसके तुरंत ही बाद उसे यह भी पता चला कि उसके दसों बच्चे भी मर गए हैं। अय्यूब का घोर दुःख उसके प्रत्युत्तर से पता चलता है; उसने अपना बागा फाड़ा और सिर मुंडवाया (1:20)। उस अत्यधिक दुःख की घड़ी में अय्यूब जो शब्द प्रयोग करता है वे दिखाते हैं कि वह परमेश्वर के प्रति कृतज्ञ रहने का अभ्यस्त था, क्योंकि वह तब भी यही अंगीकार करता है कि उसके पास जो भी था, वह सब परमेश्वर ही के द्वारा दिया हुआ था, उसका अपना नहीं था। इतने अभिभूत कर देने वाले दुःख के समय में भी वह और कैसे आराधना करने पाता, यदि वह परमेश्वर के प्रति कृतज्ञ रहना नहीं जानता होता?

          हमारे दुःख और हानि के समयों में हमारे प्रतिदिन परमेश्वर के प्रति धन्यवादी और कृतज्ञ होने के अभ्यास के द्वारा हमारी पीड़ा मिट तो नहीं जाती है। जैसा कि शेष पुस्तक में लिखा है, अय्यूब अपनी इस पीड़ा और हानि के साथ जूझता रहता है। परन्तु हमारे प्रति परमेश्वर की भलाइयों को, छोटे से छोटे रूप में भी, पहचानने और स्मरण करते रहने के द्वारा हम हमारे सर्वसामर्थी परमेश्वर के सामने झुक कर अपने जीवन के सबसे अंधियारे समयों में भी उसकी आराधना करने के लिए तैयार किए जा सकते हैं, यदि हम उसके धन्यवादी बने रहने के अभ्यस्त रहते हैं तो। - कर्स्टन होल्मबर्ग

 

जीवन में परमेश्वर के प्रति धन्यवादी होने के विषयों की सूची बनाना आरंभ कीजिए; 

और देखिए कि इससे जीवन कैसे परिवर्तित होता है।

किसी भी बात की चिन्ता मत करो: परन्तु हर एक बात में तुम्हारे निवेदन, प्रार्थना और बिनती के द्वारा धन्यवाद के साथ परमेश्वर के सम्मुख उपस्थित किए जाएं। - फिलिप्पियों 4:6

बाइबल पाठ अय्यूब 1:13-22

अय्यूब 1:13 एक दिन अय्यूब के बेटे-बेटियां बड़े भाई के घर में खाते और दाखमधु पी रहे थे;

अय्यूब 1:14 तब एक दूत अय्यूब के पास आकर कहने लगा, हम तो बैलों से हल जोत रहे थे, और गदहियां उनके पास चर रही थी,

अय्यूब 1:15 कि शबा के लोग धावा कर के उन को ले गए, और तलवार से तेरे सेवकों को मार डाला; और मैं ही अकेला बचकर तुझे समाचार देने को आया हूँ।

अय्यूब 1:16 वह अभी यह कह ही रहा था कि दूसरा भी आकर कहने लगा, कि परमेश्वर की आग आकाश से गिरी और उस से भेड़-बकरियां और सेवक जलकर भस्म हो गए; और मैं ही अकेला बचकर तुझे समाचार देने को आया हूँ।

अय्यूब 1:17 वह अभी यह कह ही रहा था, कि एक और भी आकर कहने लगा, कि कसदी लोग तीन गोल बान्ध कर ऊंटों पर धावा कर के उन्हें ले गए, और तलवार से तेरे सेवकों को मार डाला; और मैं ही अकेला बचकर तुझे समाचार देने को आया हूँ।

अय्यूब 1:18 वह अभी यह कह ही रहा था, कि एक और भी आकर कहने लगा, तेरे बेटे-बेटियां बड़े भाई के घर में खाते और दाखमधु पीते थे,

अय्यूब 1:19 कि जंगल की ओर से बड़ी प्रचण्ड वायु चली, और घर के चारों कोनों को ऐसा झोंका मारा, कि वह जवानों पर गिर पड़ा और वे मर गए; और मैं ही अकेला बचकर तुझे समाचार देने को आया हूँ।

अय्यूब 1:20 तब अय्यूब उठा, और बागा फाड़, सिर मुंड़ाकर भूमि पर गिरा और दण्डवत कर के कहा,

अय्यूब 1:21 मैं अपनी मां के पेट से नंगा निकला और वहीं नंगा लौट जाऊंगा; यहोवा ने दिया और यहोवा ही ने लिया; यहोवा का नाम धन्य है।

अय्यूब 1:22 इन सब बातों में भी अय्यूब ने न तो पाप किया, और न परमेश्वर पर मूर्खता से दोष लगाया।

 

एक साल में बाइबल: 

  • नहूम 1-3
  • प्रकाशितवाक्य 14

मंगलवार, 22 दिसंबर 2020

रणनीति

 

          मैं जब यह लिखने बैठा हूँ, उस समय तक मेरी पसंद की फुटबॉल टीम एक के बाद एक आठ खेल हार चुकी है, और हर हार के बाद उनके लिए इस वर्ष की खेल श्रृंखला में कोई स्थान प्राप्त कर पाना असंभव सा होता जा रहा है। उनके प्रशिक्षक ने हर सप्ताह परिवर्तन किए हैं, परन्तु उनसे जीत नहीं मिलाने पाई है। अपने साथ के सहकर्मियों के साथ बात करते हुए मैंने मज़ाक में कहा है, केवल एक भिन्न परिणाम की आशा रखना ही उसे पा लेने की कोई गारंटी नहीं है; केवल आशा रखना ही कोई रणनीति नहीं है।

          मेरी कही यह बात फुटबॉल के लिए तो सत्य है, परन्तु हमारे आत्मिक जीवनों में, इसका बिलकुल विपरीत ही सत्य है। न केवल परमेश्वर में आशा बनाए रखना एक उत्तम रणनीति है, वरन, भरोसे के साथ उससे लिपटे रहने और उस पर विश्वास बनाए रखना ही सफलता की एकमात्र रणनीति होती है। यह संसार हमें अकसर निराश करता है, परन्तु आशा हमें परमेश्वर के सत्य और सामर्थ्य में दृढ़ करती है और कठिन समयों को पार करने में सहायक होती है।

          मीका नबी ने इस वास्तविकता को समझा था। इस्राएल के लोगों के, परमेश्वर से विमुख हो जाने से वह बहुत दुखी था; उसने कहा, हाय मुझ पर! ... भक्त लोग पृथ्वी पर से नाश हो गए हैं, और मनुष्यों में एक भी सीधा नहीं जन नहीं रहा” (मीका 7:1-2)। लेकिन फिर उसने अपने ध्यान को फिर से अपनी उस सच्ची आशा पर केन्द्रित किया: “परन्तु मैं यहोवा की ओर ताकता रहूंगा, मैं अपने उद्धारकर्ता परमेश्वर की बाट जोहता रहूंगा; मेरा परमेश्वर मेरी सुनेगा” (पद 7)।

          कठिन समयों में आशा को बनाए रखने के लिए क्या चाहिए होता है? मीका हमें दिखाता है: बाट जोहना; प्रतीक्षा करना; प्रार्थना करना; स्मरण करते रहना। चाहे हमारी परिस्थितियाँ अभिभूत करने वाली भी हों, परमेश्वर फिर भी हमारी प्रार्थनाओं को सुनता है। ऐसे समयों में, आशा को थामे रहना और परमेश्वर पर भरोसा बनाए रखना, उससे लिपटे रहना ही हमारे रणनीति होनी चाहिए – एकमात्र रणनीति जो हमें जीवन की आँधियों से पार लगाएगी। - एडम होल्ज़

 

जीवन के कठिन समयों में परमेश्वर के संबंध में सर्वोत्तम उपाय 

बाट जोहना; प्रतीक्षा करना; प्रार्थना करना; स्मरण करते रहना ही है।

परन्तु जो यहोवा की बाट जोहते हैं, वे नया बल प्राप्त करते जाएंगे, वे उकाबों के समान उड़ेंगे, वे दौड़ेंगे और श्रमित न होंगे, चलेंगे और थकित न होंगे। - यशायाह 40:31

बाइबल पाठ: मीका 7:1-7

मीका 7:1 हाय मुझ पर! क्योंकि मैं उस जन के समान हो गया हूं जो धूपकाल के फल तोड़ने पर, या रही हुई दाख बीनने के समय के अन्त में आ जाए, मुझे तो पक्की अंजीरों की लालसा थी, परन्तु खाने के लिये कोई गुच्छा नहीं रहा।

मीका 7:2 भक्त लोग पृथ्वी पर से नाश हो गए हैं, और मनुष्यों में एक भी सीधा नहीं जन नहीं रहा; वे सब के सब हत्या के लिये घात लगाते, और जाल लगा कर अपने अपने भाई का अहेर करते हैं।

मीका 7:3 वे अपने दोनों हाथों से मन लगा कर बुराई करते हैं; हाकिम घूस मांगता, और न्यायी घूस लेने को तैयार रहता है, और रईस अपने मन की दुष्टता वर्णन करता है; इसी प्रकार से वे सब मिल कर जालसाजी करते हैं।

मीका 7:4 उन में से जो सब से उत्तम है, जो सब से सीधा है, वह कांटे वाले बाड़े से भी बुरा है। तेरे पहरुओं का कहा हुआ दिन, अर्थात तेरे दण्ड का दिन आ गया है। अब वे शीघ्र चौंधिया जाएंगे।

मीका 7:5 मित्र पर विश्वास मत करो, परम-मित्र पर भी भरोसा मत रखो; वरन अपनी अर्द्धांगिनी से भी संभल कर बोलना।

मीका 7:6 क्योंकि पुत्र पिता का अपमान करता, और बेटी माता के, और पतोहू सास के विरुद्ध उठती है; मनुष्य के शत्रु उसके घर ही के लोग होते हैं।

मीका 7:7 परन्तु मैं यहोवा की ओर ताकता रहूंगा, मैं अपने उद्धारकर्ता परमेश्वर की बाट जोहता रहूंगा; मेरा परमेश्वर मेरी सुनेगा।

 

एक साल में बाइबल: 

  • मीका 6-7
  • प्रकाशितवाक्य 13

सोमवार, 21 दिसंबर 2020

डर

 

          परमेश्वर के वचन बाइबल में जब भी कहीं कोई स्वर्गदूत प्रगट होता है, लगभग हर बार जो पहला वाक्य वह कहता है, होता है “डरो मत!” और इसमें कोई अचरज की बात नहीं है। जब भी कुछ अलौकिक पृथ्वी के लोगों के साथ संपर्क में आता है, पृथ्वी के लोग डर में मारे औंधे मुँह गिर पड़ते हैं। परन्तु लूका परमेश्वर के एक ऐसे स्वरूप में प्रगट होने के बारे में बताता है जिससे डर नहीं लगता है। प्रभु यीशु को जन्म के बाद चरनी में लेटाया गया, और इसमें डरने की क्या बात हो सकती है? एक नवजात शिशु से कोई क्यों डरेगा?

          पृथ्वी पर यीशु परमेश्वर और मनुष्य दोनों ही हैं। परमेश्वर होने के नाते वे आश्चर्यकर्म कर सकते हैं, पापों को क्षमा कर सकते हैं, मृत्यु पर जय पा सकते हैं, और भविष्य बता सकते हैं। परन्तु यहूदियों के लिए जिनके मन में परमेश्वर एक चमकीले बादल या आग के खम्भे के समान था, यीशु बहुत असमंजस का कारण हैं। उनके विचारों के सन्दर्भ में, बैतलहम का एक शिशु, एक बढ़ई का पुत्र, नासरत का एक व्यक्ति, कैसे परमेश्वर का उद्धारकर्ता मसीहा हो सकता था?

          परमेश्वर ने मनुष्य का स्वरूप क्यों लिया? बारह वर्षीय प्रभु यीशु के मंदिर में रब्बियों के साथ चर्चा करने का दृश्य हमने एक संकेत देता है। लूका बताता है, और जितने उस की सुन रहे थे, वे सब उस की समझ और उसके उत्तरों से चकित थे” (लूका 2:47)। यह पहली बार था कि सामान्य लोग, सीधे से परमेश्वर के प्रत्यक्ष स्वरूप के साथ बात तथा संपर्क कर सकते थे।

          प्रभु यीशु आज भी हम सभी से बात करता है, उसे कभी भी “डरो मत!” कहने की आवश्यकता नहीं होती है। जितने उसके पास नम्रता में विश्वास तथा समर्पण के साथ आते हैं, वह उन सभी से बात करता है। जब हम सच्चे और खरे मन से उसके पास आते हैं, तो हमें उससे बात करने से डरने की आवश्यकता नहीं है। - फिलिप यैन्सी

 

यीशु एक ही व्यक्तित्व में परमेश्वर और मनुष्य दोनों थे, 

जिससे परमेश्वर और मनुष्य दोनों फिर से 

एक साथ आनन्दित रह सकें। - जॉर्ज वाइटफील्ड


जो कुछ पिता मुझे देता है वह सब मेरे पास आएगा, उसे मैं कभी न निकालूंगा। - यूहन्ना 6:37

बाइबल पाठ: लूका 2:42-52

लूका 2:42 जब वह बारह वर्ष का हुआ, तो वे पर्व की रीति के अनुसार यरूशलेम को गए।

लूका 2:43 और जब वे उन दिनों को पूरा कर के लौटने लगे, तो वह लड़का यीशु यरूशलेम में रह गया; और यह उसके माता-पिता नहीं जानते थे।

लूका 2:44 वे यह समझकर, कि वह और यात्रियों के साथ होगा, एक दिन का पड़ाव निकल गए: और उसे अपने कुटुम्बियों और जान-पहचानों में ढूंढ़ने लगे।

लूका 2:45 पर जब नहीं मिला, तो ढूंढ़ते-ढूंढ़ते यरूशलेम को फिर लौट गए।

लूका 2:46 और तीन दिन के बाद उन्होंने उसे मन्दिर में उपदेशकों के बीच में बैठे, उन की सुनते और उन से प्रश्न करते हुए पाया।

लूका 2:47 और जितने उस की सुन रहे थे, वे सब उस की समझ और उसके उत्तरों से चकित थे।

लूका 2:48 तब वे उसे देखकर चकित हुए और उस की माता ने उस से कहा; हे पुत्र, तू ने हम से क्यों ऐसा व्यवहार किया? देख, तेरा पिता और मैं कुढ़ते हुए तुझे ढूंढ़ते थे।

लूका 2:49 उसने उन से कहा; तुम मुझे क्यों ढूंढ़ते थे? क्या नहीं जानते थे, कि मुझे अपने पिता के भवन में होना अवश्य है?

लूका 2:50 परन्तु जो बात उसने उन से कही, उन्होंने उसे नहीं समझा।

लूका 2:51 तब वह उन के साथ गया, और नासरत में आया, और उन के वश में रहा; और उस की माता ने ये सब बातें अपने मन में रखीं।

लूका 2:52 और यीशु बुद्धि और डील-डौल में और परमेश्वर और मनुष्यों के अनुग्रह में बढ़ता गया।

 

एक साल में बाइबल: मीका 4-5; प्रकाशितवाक्य 12