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गुरुवार, 27 मई 2021

स्मृति

 

          मेरी परवरिश एक ऐसे चर्च में हुई थी जिसमें बहुत सी प्रथाएँ मनाई जाती थीं। उनमें से एक प्रथा थी किसी प्रिय परिवार सदस्य या मित्र के देहांत के बाद उसे आदर देने की विधि की। आदर देने के लिए या तो चर्च के अन्दर बैठने की किसी बेंचों के कतार के सिरे पर, या फिर दीवार पर किसी चित्र को लगाकर उस पर एक पीतल की चमकती हुई पट्टिका लगा दी जाती थी जिस पर लिखा होता था “... की स्मृति में।” दिवंगत व्यक्ति का नाम वहाँ चमकता हुआ लिखा रहता था। मैंने सदा ही इन स्मारकों की सराहना की है, और अब भी करता हूँ। लेकिन फिर भी उन्हें देखकर कुछ निश्चल सा लगता है, क्योंकि वे स्थिर, निष्क्रिय वस्तुएँ हैं, जो “जीवित” नहीं हैं। और मैं सोचता हूँ क्या कोई तरीका है कि इसके साथ कुछ गतिमान या सक्रिय स्मृति को भी जोड़ा जा सके?

          परमेश्वर के वचन बाइबल में, उसके प्रिय मित्र योनातान के देहांत के बाद, दाऊद ने उससे किए गए अपने वायदे के निर्वाह (1 शमूएल 20:12-17), तथा उसकी स्मृति में कुछ करना चाहा। लेकिन यूँ ही किसी निष्क्रिय वस्तु को खोजने के स्थान पर, दाऊद ने खोज करवाई और एक जीवित को खोज निकाला – योनातान के पुत्र को (2 शमूएल 9:3)। यहाँ पर दाऊद का निर्णय नाटकीय है। उसने मपीबोशेत पर कृपा दिखानी चाही (पद 1, 6-7)। दाऊद ने उसकी जायदाद उसे फेर कर दे दी (“तेरे दादा की सारी भूमि”), और उसे अपने साथ हमेशा के लिए भोजन करते रहने (“तू मेरे साथ नित्य भोजन किया करेगा”) का अधिकार प्रदान किया।

          जब हम अपने दिवंगत प्रियजनों को स्मरण करते हैं, उनकी स्मृति में पट्टिकाएं और चित्र लगाते हैं, तो हम दाऊद के उदाहरण को भी ध्यान रखें और उनके प्रति भी कृपा दिखाएं जो अभी जीवित हैं। - जॉन ब्लेस

 

जिन्होंने हमारे प्रति कृपा की है, उनकी स्मृति में हम भी औरों पर कृपालु बने रहें।


निदान, सब के सब एक मन और कृपामय और भाईचारे की प्रीति रखने वाले, और करुणामय, और नम्र बनो। - 1 पतरस 3:8

बाइबल पाठ: 2 शमूएल 9:1-7

2 शमूएल 9:1 दाऊद ने पूछा, क्या शाऊल के घराने में से कोई अब तक बचा है, जिस को मैं योनातान के कारण प्रीति दिखाऊं?

2 शमूएल 9:2 शाऊल के घराने का सीबा नाम एक कर्मचारी था, वह दाऊद के पास बुलाया गया; और जब राजा ने उस से पूछा, क्या तू सीबा है? तब उसने कहा, हां, तेरा दास वही है।

2 शमूएल 9:3 राजा ने पूछा, क्या शाऊल के घराने में से कोई अब तक बचा है, जिस को मैं परमेश्वर की सी प्रीति दिखाऊं? सीबा ने राजा से कहा, हां, योनातान का एक बेटा तो है, जो लंगड़ा है।

2 शमूएल 9:4 राजा ने उस से पूछा, वह कहां है? सीबा ने राजा से कहा, वह तो लोदबार नगर में, अम्मीएल के पुत्र माकीर के घर में रहता है।

2 शमूएल 9:5 तब राजा दाऊद ने दूत भेज कर उसको लोदबार से, अम्मीएल के पुत्र माकीर के घर से बुलवा लिया।

2 शमूएल 9:6 जब मपीबोशेत, जो योनातान का पुत्र और शाऊल का पोता था, दाऊद के पास आया, तब मुँह के बल गिर के दण्डवत किया। दाऊद ने कहा, हे मपीबोशेत! उसने कहा, तेरे दास को क्या आज्ञा?

2 शमूएल 9:7 दाऊद ने उस से कहा, मत डर; तेरे पिता योनातान के कारण मैं निश्चय तुझ को प्रीति दिखाऊंगा, और तेरे दादा शाऊल की सारी भूमि तुझे फेर दूंगा; और तू मेरी मेज पर नित्य भोजन किया कर।

 

एक साल में बाइबल: 

  • इतिहास 1-3
  • यूहन्ना 10:1-23

बुधवार, 26 मई 2021

हिम्मत

 

            लंडन के पार्लियामेंट स्क्वायर में लगी महान पुरुषों (नेल्सन मेंडेला, विंस्टन चर्चिल, महात्मा गांधी, और अन्य) की प्रतिमाओं के मध्य में केवल एक महिला की प्रतिमा भी है। यह एकमात्र महिला है मिलीसेंट फॉसेट, जिन्होंने महिलाओं को वोट देने का अधिकार दिए जाने के लिए संघर्ष किया। काँसे में बनी उनकी प्रतिमा में उन्हें अमर किया गया है, और उन्हें हाथ में एक बैनर थामे हुए दिखाया गया है, जिसमें उनके द्वारा अपने साथी संघर्ष करने वालों के लिए उनके शब्द “साहस हर स्थान पर औरों में साहस का आह्वान करता है” लिखे गए हैं। फॉसेट ने इस बात पर जोर दिया कि एक व्यक्ति का साहस औरों में भी साहस उत्पन्न करता है, और डरपोक आत्माओं को सक्रिय होने के लिए जागृत करता है।

            परमेश्वर के वचन बाइबल में जब दाऊद अपनी राजगद्दी अपने पुत्र सुलैमान को सौंप रहा था, तो उसने उसे उन भारी दायित्वों के बारे में भी समझाया जो शीघ्र ही उसके कन्धों पर आ पड़ेंगे। बहुत संभव है कि सुलैमान उन दायित्वों  – इस्राएल का नेतृत्व करना कि सभी लोग परमेश्वर के निर्देशों के अनुसार चलें, जो भूमि परमेश्वर ने उन्हें प्रदान की थी उसकी ठीक से रक्षा करे, और मंदिर को बनवाने के महान कार्य को करवाए (1 इतिहास 28:8-10) के भार का अंदाजा लगाकर काँप उठा।

            सुलैमान के कंपकंपाते हृदय को भांपते हुए, दाऊद ने अपने पुत्र को सामर्थी शब्द भी कहे: “फिर दाऊद ने अपने पुत्र सुलैमान से कहा, हियाव बान्ध और दृढ़ हो कर इस काम में लग जा। मत डर, और तेरा मन कच्चा न हो, क्योंकि यहोवा परमेश्वर जो मेरा परमेश्वर है, वह तेरे संग है; और जब तक यहोवा के भवन में जितना काम करना हो वह न हो चुके, तब तक वह न तो तुझे धोखा देगा और न तुझे त्यागेगा” (पद 20)। सच्ची हिम्मत कभी भी सुलैमान की अपनी योग्यता अथवा स्वावलंबी होने से नहीं आती, वरन परमेश्वर पर निर्भर करने और उसकी उपस्थिति तथा सामर्थ्य का सहारा लेने से उसे प्रदान की जानी थी; और परमेश्वर ने सुलैमान को उसके दायित्वों के निर्वाह के लिए आवश्यक हिम्मत प्रदान भी की।

            जब हमें कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है, तो अकसर हम अपने आप को बहादुरी दिखाने के लिए उकसाते हैं या अपने कौशल का ढोल पीटने लगते हैं। किन्तु हमारे विश्वास को नूतन और कारगर करने वाला परमेश्वर है। वह हमारे साथ बना रहेगा, और हमारे साथ उसकी उपस्थिति हमें हिम्मत देती रहेगी। - विन्न कोलियर

 

प्रभु मेरी हर परिस्थिति में मुझे अपनी उपस्थिति का एहसास करवाएँ।


जब तू जल में हो कर जाए, मैं तेरे संग संग रहूंगा और जब तू नदियों में हो कर चले, तब वे तुझे न डुबा सकेंगी; जब तू आग में चले तब तुझे आंच न लगेगी, और उसकी लौ तुझे न जला सकेगी। - यशायाह 43:2

बाइबल पाठ: 1 इतिहास 28:8-10, 19-21

1 इतिहास 28:8 इसलिये अब इस्राएल के देखते अर्थात यहोवा की मण्डली के देखते, और अपने परमेश्वर के सामने, अपने परमेश्वर यहोवा की सब आज्ञाओं को मानो और उन पर ध्यान करते रहो; ताकि तुम इस अच्छे देश के अधिकारी बने रहो, और इसे अपने बाद अपने वंश का सदा का भाग होने के लिये छोड़ जाओ।

1 इतिहास 28:9 और हे मेरे पुत्र सुलैमान! तू अपने पिता के परमेश्वर का ज्ञान रख, और खरे मन और प्रसन्न जीव से उसकी सेवा करता रह; क्योंकि यहोवा मन को जांचता और विचार में जो कुछ उत्पन्न होता है उसे समझता है। यदि तू उसकी खोज में रहे, तो वह तुझ को मिलेगा; परन्तु यदि तू उसको त्याग दे तो वह सदा के लिये तुझ को छोड़ देगा।

1 इतिहास 28:10 अब चौकस रह, यहोवा ने तुझे एक ऐसा भवन बनाने को चुन लिया है, जो पवित्रस्थान ठहरेगा, हियाव बान्धकर इस काम में लग जा।

1 इतिहास 28:19 मैं ने यहोवा की शक्ति से जो मुझ को मिली, यह सब कुछ बूझ कर लिख दिया है।

1 इतिहास 28:20 फिर दाऊद ने अपने पुत्र सुलैमान से कहा, हियाव बान्ध और दृढ़ हो कर इस काम में लग जा। मत डर, और तेरा मन कच्चा न हो, क्योंकि यहोवा परमेश्वर जो मेरा परमेश्वर है, वह तेरे संग है; और जब तक यहोवा के भवन में जितना काम करना हो वह न हो चुके, तब तक वह न तो तुझे धोखा देगा और न तुझे त्यागेगा।

1 इतिहास 28:21 और देख परमेश्वर के भवन के सब काम के लिये याजकों और लेवियों के दल ठहराए गए हैं, और सब प्रकार की सेवा के लिये सब प्रकार के काम प्रसन्नता से करने वाले बुद्धिमान पुरुष भी तेरा साथ देंगे; और हाकिम और सारी प्रजा के लोग भी जो कुछ तू कहेगा वही करेंगे।

 

एक साल में बाइबल: 

  • इतिहास 28-29
  • यूहन्ना 9:24-41

मंगलवार, 25 मई 2021

साहस

 

          1963 की गर्मियों की बात है, सारी रात की बस यात्रा के बाद नागरिक अधिकारों के लिए सक्रिय कार्यकर्ता, फैनी लू हैमर और छः अन्य यात्री भोजन के लिए एक भोजनालय पर रुके। कुछ न्यायिक अधिकारियों द्वारा उन्हें वहाँ से जबरन निकल जाने के लिए बाध्य करने के पश्चात, उन्हें पकड़ कर जेल में डाल दिया गया। किन्तु उनका अपमानित किए जाना इस गैर-कानूनी गिरफ्तारी के साथ ही समाप्त नहीं हुआ। उन सभी को बुरी तरह से पीटा भी गया; किन्तु फैनी को सबसे बुरी मार पड़ी। एक क्रूर आक्रमण के बाद, जिससे वह मृत्यु के निकट आ गई थी, फैनी ने स्तुति का भजन गाना आरंभ कर दिया; गाने वाली वह अकेली ही नहीं थी; अन्य बंदी भी उसके साथ गाने लगे, “पौलुस और सिलास को बांधकर जेल में डाला गया; मेरे लोगों को जा लेने दो!” वे सभी कैदी शरीर से बंधे हुए थे, किन्तु आत्मा से नहीं।

          परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रेरितों 16 अध्याय में हम देखते हैं कि पौलुस और सिलास एक बहुत कठिन परिस्थिति में पड़े हुए थे, क्योंकि औरों को प्रभु यीशु के बारे में बताने के कारण उन्हें बाँध कर जेल में डाल दिया गया था। लेकिन उनके क्लेशों ने उन्हें निरुत्साहित नहीं किया;आधी रात के लगभग पौलुस और सीलास प्रार्थना करते हुए परमेश्वर के भजन गा रहे थे, और बन्‍धुए उन की सुन रहे थे” (प्रेरितों 16:25)। उनके इस साहसी स्तुतिगान और आराधना ने उनके लिए अवसर तैयार किया कि वे प्रभु यीशु के बारे में और भी बताते रहें। वे वहाँ के जेलर को भी उद्धार का सुसमाचार सुना सके, और उसने विश्वास किया तथा उद्धार भी पाया (पद 32)।

          हम में से अधिकांश को उन कठोर परिस्थितियों का सामना नहीं करना पड़ेगा, जिनका पौलुस, सिलास और फैनी ने किया; किन्तु हम में से प्रत्येक मसीही विश्वासी को किसी-न-किसी अप्रिय स्थिति का सामना अवश्य करना होगा। जब हमारे साथ ऐसा होगा, तब उस परिस्थिति के लिए हमारी सामर्थ्य हमें हमारे विश्वासयोग्य परमेश्वर से मिलेगी। उन विकट परिस्थितियों में हमारे भी मनों में कोई स्तुति और आराधना का भजन हो, और उन कठिनाइयों में भी हम प्रभु यीशु मसीह के बारे में बोलने का साहस दिखा सकें। - आर्थर जैक्सन

 

कठिन समयों में उसकी स्तुति और आराधना करें, जो हर बात को नियंत्रित करता है।


जब वे तुम्हें पकड़वाएंगे तो यह चिन्ता न करना, कि हम किस रीति से; या क्या कहेंगे: क्योंकि जो कुछ तुम को कहना होगा, वह उसी घड़ी तुम्हें बता दिया जाएगा। - मत्ती 10:19

बाइबल पाठ: प्रेरितों 16:25-34

प्रेरितों के काम 16:25 आधी रात के लगभग पौलुस और सीलास प्रार्थना करते हुए परमेश्वर के भजन गा रहे थे, और बन्‍धुए उन की सुन रहे थे।

प्रेरितों 16:26 कि इतने में एकाएक बड़ा भुई-डोल हुआ, यहां तक कि बन्‍दीगृह की नेव हिल गईं, और तुरन्त सब द्वार खुल गए; और सब के बन्धन खुल पड़े।

प्रेरितों 16:27 और दारोगा जाग उठा, और बन्‍दीगृह के द्वार खुले देखकर समझा कि बन्‍धुए भाग गए, सो उसने तलवार खींचकर अपने आप को मार डालना चाहा।

प्रेरितों 16:28 परन्तु पौलुस ने ऊंचे शब्द से पुकारकर कहा; अपने आप को कुछ हानि न पहुंचा, क्योंकि हम सब यहां हैं।

प्रेरितों 16:29 तब वह दीया मंगवाकर भीतर लपक गया, और कांपता हुआ पौलुस और सीलास के आगे गिरा।

प्रेरितों 16:30 और उन्हें बाहर लाकर कहा, हे साहबों, उद्धार पाने के लिये मैं क्या करूं?

प्रेरितों 16:31 उन्होंने कहा, प्रभु यीशु मसीह पर विश्वास कर, तो तू और तेरा घराना उद्धार पाएगा।

प्रेरितों 16:32 और उन्होंने उसको, और उसके सारे घर के लोगों को प्रभु का वचन सुनाया।

प्रेरितों 16:33 और रात को उसी घड़ी उसने उन्हें ले जा कर उन के घाव धोए, और उसने अपने सब लोगों समेत तुरन्त बपतिस्मा लिया।

प्रेरितों 16:34 और उसने उन्हें अपने घर में ले जा कर, उन के आगे भोजन रखा और सारे घराने समेत परमेश्वर पर विश्वास कर के आनन्द किया।

 

एक साल में बाइबल: 

  • इतिहास 25-27 
  • यूहन्ना 9:1-30

सोमवार, 24 मई 2021

सत्य

 

          एरन जब 15 वर्ष का था, तब उसने शैतान से प्रार्थना करना आरंभ कर दिया। उसने बताया, “मुझे लगता था मानो मेरे और शैतान के मध्य एक साझेदारी है।” एरन ने झूठ बोलना, चोरी करना, अपने परिवार और मित्र जनों को हेरा-फेरी कर के अपनी सुविधा के लिए प्रयोग करना आरंभ कर दिया। फिर उसने बुरे सपने भी देखना आरंभ कर दिया। एक प्रातः, “जब मैं उठा तो शैतान मेरे पलंग की दूसरे छोर पर खड़ा हुआ था, और उसने मुझ से कहा, कि मैं अपनी परीक्षा पास कर लूँगा, और फिर मेरी मृत्यु हो जाएगी।” लेकिन परीक्षाएँ हो जाएँ के बाद भी एरन जीवित रहा। एरन ने इस बात पर मनन किया और उसका निष्कर्ष था, “मुझे यह स्पष्ट हो गया कि वह झूठा है।”

          एक बार एरन एक मसीही उत्सव में गया, उसका उद्देश्य था वहाँ पर लड़कियों से मिलना। उस उत्सव में आए एक आदमी ने उसके लिए प्रार्थना करने का प्रस्ताव किया, “जब वह मेरे लिए प्रार्थना कर रहा था, तो मुझे अपने ऊपर शान्ति प्रवाहित होने का अनुभव हुआ, जो मेरे सारे शरीर में भर गई।” एरन ने एक अन्य ही शक्ति को कार्य करते हुए अनुभव किया जो उस शक्ति से कहीं अधिक प्रबल और कहीं अधिक स्वतंत्र करने वाली थी, जो वह शैतान से प्रार्थना करते समय अनुभव किया करता था। जिस आदमी ने एरन के साथ प्रार्थना की उसने एरन को यह भी बताया कि एरन के जीवन के लिए परमेश्वर की एक भली योजना है, तथा यह भी कि शैतान झूठा है। उस आदमी ने एरन को वही बताया था जो परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रभु यीशु ने शैतान के बारे में उन लोगों से कहा था जो प्रभु का विरोध कर रहे थे: “...  वह झूठा है, वरन झूठ का पिता है” (यूहन्ना 8:44)।

          एरन शैतान की पीछे चलने को छोड़कर प्रभु यीशु के पीछे चलने लग गया, और परमेश्वर के साथ संबंध में आ गया (पद 47)। आज वह एक शहरी समुदाय में प्रभु परमेश्वर यीशु की सेवा करता है, और लोगों को बताता है कि प्रभु यीशु के पीछे हो लेने से जीवन में  कितना बड़ा परिवर्तन और आशीष आ जाती है। वह परमेश्वर के स्वतंत्र कर देने वाले सत्य का जीवित प्रमाण और गवाह है; और बड़ी हिम्मत तथा लगन से लोगों को बताता है कि प्रभु यीशु ने ही उसका जीवन बचाया है।

          प्रत्येक भली, पवित्र, और सत्य बात प्रभु परमेश्वर ही से है; वही उसका स्त्रोत है। जब हम उसकी ओर मुड़ते हैं, उसे अपनाते हैं, हम सत्य की ओर मुड़ते हैं और सत्य को अपनाते हैं। - एमी बाउचर पाई

 

परमेश्वर ही सत्य है।


यीशु ने उस से कहा, मार्ग और सच्चाई और जीवन मैं ही हूं; बिना मेरे द्वारा कोई पिता के पास नहीं पहुंच सकता। - यूहन्ना 14:6

बाइबल पाठ: यूहन्ना 8:42-47

यूहन्ना 8:42 यीशु ने उन से कहा; यदि परमेश्वर तुम्हारा पिता होता, तो तुम मुझ से प्रेम रखते; क्योंकि मैं परमेश्वर में से निकल कर आया हूं; मैं आप से नहीं आया, परन्तु उसी ने मुझे भेजा।

यूहन्ना 8:43 तुम मेरी बात क्यों नहीं समझते? इसलिये कि मेरा वचन सुन नहीं सकते।

यूहन्ना 8:44 तुम अपने पिता शैतान से हो, और अपने पिता की लालसाओं को पूरा करना चाहते हो। वह तो आरम्भ से हत्यारा है, और सत्य पर स्थिर न रहा, क्योंकि सत्य उस में है ही नहीं: जब वह झूठ बोलता, तो अपने स्वभाव ही से बोलता है; क्योंकि वह झूठा है, वरन झूठ का पिता है।

यूहन्ना 8:45 परन्तु मैं जो सच बोलता हूं, इसीलिये तुम मेरी प्रतीति नहीं करते।

यूहन्ना 8:46 तुम में से कौन मुझे पापी ठहराता है? और यदि मैं सच बोलता हूं, तो तुम मेरी प्रतीति क्यों नहीं करते?

यूहन्ना 8:47 जो परमेश्वर से होता है, वह परमेश्वर की बातें सुनता है; और तुम इसलिये नहीं सुनते कि परमेश्वर की ओर से नहीं हो।

 

एक साल में बाइबल: 

  • इतिहास 22-24
  • यूहन्ना 8:28-59    


रविवार, 23 मई 2021

अनुग्रह

 

            लीसा उनके प्रति कोई सहानुभूति नहीं रखती थी, जो अपने वैवाहिक जीवन में, अपने जीवन-साथी के साथ धोखा करते थे। लेकिन उसके जीवन में समय आया कि वह अपने वैवाहिक जीवन से बहुत असंतुष्ट थी, और किसी दूसरे की ओर अपने आप को बहुत आकर्षित होता हुआ अनुभव कर रही थी। उसके इस दुखद अनुभव ने उसे औरों के प्रति एक नई करुणा का आभास दिया, और परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रभु यीशु मसीह के शब्दों ... तुम में जो निष्पाप हो, वही पहिले उसको पत्थर मारे” (यूहन्ना 8:7) का एक नया अर्थ प्रदान किया।

            जब प्रभु यीशु ने ये शब्द कहे थे, उस समय वे मंदिर के आँगन में लोगों को सिखा रहे थे। व्यवस्था के शिक्षकों और फरीसियों का एक समूह व्यभिचार में पकड़ी गई एक स्त्री को प्रभु के पास लेकर आया, और उसकी परीक्षा करते हुए, उससे पूछा,व्यवस्था में मूसा ने हमें आज्ञा दी है कि ऐसी स्त्रियों को पत्थरवाह करें: सो तू इस स्त्री के विषय में क्या कहता है?” (पद 5)। क्योंकि वे लोग प्रभु यीशु को अपने लिए एक खतरा समझते थे, इसलिए उनका यह प्रश्न,उन्होंने उसको परखने के लिये यह बात कही ताकि उस पर दोष लगाने के लिये कोई बात पाएं” (पद 6) – क्योंकि वो उससे पीछा छुड़ाना चाहते थे।

किन्तु जब प्रभु यीशु ने उन्हें उत्तर दिया, “... तुम में जो निष्पाप हो, वही पहिले उसको पत्थर मारे” (पद 7), तो उस स्त्री पर दोष लगाने वालों में से एक भी व्यक्ति उसे मारने के एक भी पत्थर नहीं उठा सका। वे सभी, एक-एक करके वहाँ से चले गए।

इससे पहले कि हम किसी और के व्यवहार या जीवन को आलोचनात्मक और अपने स्वयं के पापों को हलके या नजरंदाज करने वाले दृष्टिकोण से  देखें, हम यह ध्यान रखें कि “सब ने पाप किया है और परमेश्वर की महिमा से रहित हैं” (रोमियों 3:23 )। हमारे उद्धारकर्ता, प्रभु परमेश्वर ने उस स्त्री के प्रति दोषी ठहराने की नहीं, वरन आशा, दिलासा, और अनुग्रह प्रदान करने की प्रवृत्ति दिखाई (यूहन्ना 3:6; 8:10-11)।हम मसीही विश्वासी भी औरों के प्रति अपने प्रभु के समान ही आशा, दिलासा, और अनुग्रह की प्रवृत्ति रखें। - एलिसन कीड़ा

 

प्रभु, जैसा प्रेम और अनुग्रह आपने हमारे प्रति रखा, हम भी औरों के प्रति वैसा ही रखें।


दोष मत लगाओ, कि तुम पर भी दोष न लगाया जाए। क्योंकि जिस प्रकार तुम दोष लगाते हो, उसी प्रकार तुम पर भी दोष लगाया जाएगा; और जिस नाप से तुम नापते हो, उसी से तुम्हारे लिये भी नापा जाएगा। - मत्ती 7:1-2

बाइबल पाठ: यूहन्ना 8:1-11

यूहन्ना 8:1 परन्तु यीशु जैतून के पहाड़ पर गया।

यूहन्ना 8:2 और भोर को फिर मन्दिर में आया, और सब लोग उसके पास आए; और वह बैठकर उन्हें उपदेश देने लगा।

यूहन्ना 8:3 तब शास्त्री और फरीसी एक स्त्री को लाए, जो व्यभिचार में पकड़ी गई थी, और उसको बीच में खड़ी कर के यीशु से कहा।

यूहन्ना 8:4 हे गुरु, यह स्त्री व्यभिचार करते ही पकड़ी गई है।

यूहन्ना 8:5 व्यवस्था में मूसा ने हमें आज्ञा दी है कि ऐसी स्त्रियों को पत्थरवाह करें: सो तू इस स्त्री के विषय में क्या कहता है?

यूहन्ना 8:6 उन्होंने उसको परखने के लिये यह बात कही ताकि उस पर दोष लगाने के लिये कोई बात पाएं, परन्तु यीशु झुककर उंगली से भूमि पर लिखने लगा।

यूहन्ना 8:7 जब वे उस से पूछते रहे, तो उसने सीधे हो कर उन से कहा, कि तुम में जो निष्पाप हो, वही पहिले उसको पत्थर मारे।

यूहन्ना 8:8 और फिर झुककर भूमि पर उंगली से लिखने लगा।

यूहन्ना 8:9 परन्तु वे यह सुनकर बड़ों से ले कर छोटों तक एक एक कर के निकल गए, और यीशु अकेला रह गया, और स्त्री वहीं बीच में खड़ी रह गई।

यूहन्ना 8:10 यीशु ने सीधे हो कर उस से कहा, हे नारी, वे कहां गए? क्या किसी ने तुझ पर दंड की आज्ञा न दी।

यूहन्ना 8:11 उसने कहा, हे प्रभु, किसी ने नहीं: यीशु ने कहा, मैं भी तुझ पर दंड की आज्ञा नहीं देता; जा, और फिर पाप न करना।

 

एक साल में बाइबल: 

  • इतिहास 19-21
  • यूहन्ना 8:1-27