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मंगलवार, 21 फ़रवरी 2012

सही दिशा

   मेरे पास्टर होने के जीवन के सबसे कठिन अनुभवों में से एक था अपने चर्च की एक सदस्या को बताना कि उसके पति, पुत्र और ससुर सब की मृत्यु एक नौका दुर्घटना में डूबने से हो गई है। मैं जानता था कि यह समाचार उसके जीवन को बिखरा के रख देगा।

   इस दुखद घटना के बाद के दिनों में, मुझे उसके तथा उसके परिवार के अन्य सदस्यों के अप्रत्याशित विश्वास को देखकर बहुत अचरज हुआ। अवश्य ही उनके जीवन टूट गए थे, उनके मनों में असमंजस और व्याकुलता थी, यद्यपि उनके लिए अन्य हर बात अर्थहीन थी, फिर भी वे प्रभु यीशु के पास थे। समझ से बाहर कठिनाई के अपने उस समय में वे उसे तजने की बजाए, उसी में शरण लेकर उससे अपनी उम्मीद और साहस प्राप्त करते रहे थे। इस भयानक त्रासदी में उनके लिए आशा का एकमात्र स्त्रोत प्रभु यीशु ही था।

   इससे मुझे प्रभु यीशु के चेलों की प्रतिक्रिया स्मरण हो आई, जब उन चेलों में से कुछ ने प्रभु यीशु को छोड़ कर वापस जाने का निर्णय लिया क्योंकि वे प्रभु की बातें समझ नहीं पा रहे थे (यूहन्ना ६:६६)। तब प्रभु यीशु ने अपने अन्य चेलों से मुड़कर पूछा, "क्या तुम भी चले जाना चाहते हो?" (यूहन्ना ६:६७); तब पतरस का उत्तर था, "हे प्रभु हम किस के पास जाएं? अनन्‍त जीवन की बातें तो तेरे ही पास हैं" (यूहन्ना ६:६८)।

   आज आप जिस भी परिस्थिति का सामना कर रहे हों, पतरस के उत्तर और उस साहसिक परिवार के उदाहरण से, जिसने अप्रत्याशित कठिन परिस्थितियों में भी अपने विश्वास को कायम रखा, प्रोत्साहन लें। जब तक अपने साहस तथा सामर्थ के लिए आप यीशु के साथ बढ़ रहे हैं आप सही दिशा में बढ़ रहे हैं। हर परिस्थिति का सामना करने का साहस और उस पर जयवंत होने की सामर्थ आपको वहीं मिलेगी, क्योंकि उसका वायदा है कि वह ना कभी छोड़ेगा और ना कभी त्यागेगा (इब्रानियों १३:५)। - जो स्टोवेल


जब सब छूट जाए तब स्मरण रखें कि यीशु कभी नहीं छोड़ता; उसी की शरण में ही सच्ची शांति है।

शमौन पतरस ने उस को उत्तर दिया, कि "हे प्रभु हम किस के पास जाएं? अनन्‍त जीवन की बातें तो तेरे ही पास हैं"। - यूहन्ना ६:६८

बाइबल पाठ: यूहन्ना ६:५३-६९
Joh 6:53  यीशु ने उन से कहा; मैं तुम से सच सच कहता हूं जब तक मनुष्य के पुत्र का मांस न खाओ, और उसका लोहू न पीओ, तुम में जीवन नहीं।
Joh 6:54 जो मेरा मांस खाता, और मेरा लोहू पीता हे, अनन्‍त जीवन उसी का है, और मैं अंतिम दिन फिर उसे जिला उठाऊंगा।
Joh 6:55 क्‍योंकि मेरा मांस वास्‍तव में खाने की वस्‍तु है और मेरा लोहू वास्‍तव में पीन की वस्‍तु है।
Joh 6:56  जो मेरा मांस खाता और मेरा लोहू पीता है, वह मुझ में स्थिर बना रहता है, और मैं उस में।
Joh 6:57  जैसा जीवते पिता ने मुझे भेजा और मैं पिता के कारण जीवित हूं वैसा ही वह भी जो मुझे खाएगा मेरे कारण जीवित रहेगा।
Joh 6:58 जो रोटी स्‍वर्ग से उतरी यही है, बापदादों के समान नहीं कि खाया, और मर गए: जो कोई यह रोटी खाएगा, वह सर्वदा जीवित रहेगा।
Joh 6:59  ये बातें उस ने कफरनहूम के एक आराधनालय में उपदेश देते समय कहीं।
Joh 6:60  इसलिये उसके चेलों में से बहुतों ने यह सुनकर कहा, कि यह बात नागवार है; इसे कौन सुन सकता है?
Joh 6:61 यीशु ने अपने मन में यह जान कर कि मेरे चेले आपस में इस बात पर कुड़कुड़ाते हैं, उन से पूछा, क्‍या इस बात से तुम्हें ठोकर लगती है?
Joh 6:62 और यदि तुम मनुष्य के पुत्र को जहां वह पहिले था, वहां ऊपर जाते देखोगे, तो क्‍या होगा?
Joh 6:63  आत्मा तो जीवनदायक है, शरीर से कुछ लाभ नहीं: जो बातें मैं ने तुम से कहीं हैं वे आत्मा है, और जीवन भी हैं।
Joh 6:64 परन्‍तु तुम में से कितने ऐसे हैं जो विश्वास नहीं करते: क्‍योंकि यीशु तो पहिले ही से जानता था कि जो विश्वास नहीं करते, वे कौन हैं और कौन मुझे पकड़वाएगा।
Joh 6:65  और उस ने कहा, इसी लिये मैं ने तुम से कहा था कि जब तक किसी को पिता की ओर यह वरदान न दिया जाए तक तक वह मेरे पास नहीं आ सकता।
Joh 6:66  इस पर उसके चेलों में से बहुतेरे उल्टे फिर गए और उसके बाद उसके साथ न चले।
Joh 6:67 तब यीशु ने उन बारहों से कहा, क्‍या तुम भी चले जाना चाहते हो?
Joh 6:68 शमौन पतरस ने उस को उत्तर दिया, कि "हे प्रभु हम किस के पास जाएं? अनन्‍त जीवन की बातें तो तेरे ही पास हैं"।
Joh 6:69  और हम ने विश्वास किया, और जान गए हैं, कि परमेश्वर का पवित्र जन तू ही है।


एक साल में बाइबल: 

  • गिनती १-३ 
  • मरकुस ३

सोमवार, 20 फ़रवरी 2012

निष्क्रीय?

   अपनी कार को बाज़ार में, सड़क के किनारे या कार खड़ी करने के स्थानों पर ठीक से खड़ी करना मेरे लिए समस्या रही है। मुझे कार चलाना सिखाने वाले शिक्षक के लिए कार खड़ी करना सिखाना कोई महत्वपुर्ण बात नहीं थी, इसलिए किसी तंग स्थान पर गाड़ी लगाना मैं कई साल तक नहीं सीख पाई; अभी भी जब तक दो या तीन गाड़ियों के लायक स्थान ना हो मैं अपनी गाड़ी नहीं खड़ी कर सकती। गाड़ी ठीक से खड़ी करने के लिए धैर्य रखना मुझे बहुत विचलित करता है।

   एक और बात है जिसे समझना मेरे लिए कठिन रहा और जिसने मुझे विचलित किया है; इसे मैंने तब सुना था जब मैं मसीही विश्वास में नई ही थी। किसी ने कहा था: "परमेश्वर एक स्थिर खड़ी गाड़ी को दिशा देकर आगे नहीं बढ़ा सकता।" कहने वाले का तात्पर्य था कि जब तक हम सचल या सक्रीय नहीं होंगे परमेश्वर भी हमें सही दिशा में ले जाने नहीं पाएगा। मैंने इसे अपने जीवन के लिए चुनौती के रूप में लिया, और निर्णय लिया कि मैं कार्यशील रहूंगी और मेरे सचल या सक्रीय होने से ही परमेश्वर मुझे आगे बढ़ने की सही दिशा देगा। अब, मसीही विश्वास में कुछ परिपक्व हो जाने के बाद मैं जानती हूँ कि यह एक रोचक विचार तो हो सकता है, किंतु परमेश्वर हमेशा इसी के अनुसार कार्य नहीं करता। कभी कभी हमारे जीवनों में परमेश्वर हमें कुछ समय तक एक स्थान पर स्थिर खड़े रहने देना चाहता है।

   जब मूसा इस्त्राएलियों को मिस्त्र से लेकर कनान देश की ओर जा रहा था तो कई बार परमेश्वर ने इस्त्राएलियों को एक ही स्थान पर पड़ाव डालकर रखा। परमेश्वर आग और बादल के खंबे में उनके आगे आगे रहता था और उन्हें मार्ग तथा दिशा दिखाता था। जब जब वह बादल उठता और खंबा आगे की ओर बढ़ता तो इस्त्राएली भी पड़ाव उठाकर उसके पीछे चलते थे; जब वह स्थिर रहता था तो इस्त्राएली भी पड़ाव डाले रहते थे (गिनती ९:१५-२३)। प्रतीक्षा करना आसान नहीं होता, किंतु कई बार परमेश्वर चाहता है कि जिस जगह उसने हमें रखा है हम वहीं बने रहें। भजनकार ने लिखा: "यहोवा की बाट जोहता रह; हियाव बान्ध और तेरा हृदय दृढ़ रहे; हां, यहोवा ही की बाट जोहता रह!" (भजन २७:१४)।

   हो सकता है कि आप को लगे कि आप कहीं पर व्यर्थ ही निष्क्रीय पड़े हैं और अपना समय और सामर्थ बेकार कर रहे हैं। धैर्य का पाठ महत्वपूर्ण है, उसे धैर्य ही से सीखा जाता है और परमेश्वर अपने लोगों को यह पाठ भी सिखाना चाहता है जिससे वे धैर्य की परिस्थितियों में विचलित ना हों वरन उनका लाभ उठा सकें। अपने हृदय को परमेश्वर की अगुवाई के लिए खुला और तैयार रखिए। सही समय पर वह आप को आगे बढ़ने को कहेगा और तब आप सही दिशा में सही कार्य के लिए आगे बढ़ सकेंगे, परमेश्वर के लिए सही रीति से उपयोगी हो सकेंगे और जीवन में सच्ची आशीष पा सकेंगे। - सिंडी हैस कैस्पर


परमेश्वर हमारा ठहरना और चलना दोनो ही निर्धारित करता है।

मैं धीरज से यहोवा की बाट जोहता रहा; और उस ने मेरी ओर झुककर मेरी दोहाई सुनी। - भजन ४०:१

बाइबल पाठ: गिनती ९:१५-२३
Num 9:15  जिस दिन निवास जो साक्षी का तम्बू भी कहलाता है खड़ा किया गया, उस दिन बादल उस पर छा गया; और सन्ध्या को वह निवास पर आग सा दिखाई दिया और भोर तक दिखाई देता रहा। 
Num 9:16  और नित्य ऐसा ही हुआ करता था; अर्थात दिन को बादल छाया रहता, और रात को आग दिखाई देती थी। 
Num 9:17  और जब जब वह बादल तम्बू पर से उठ जाता तब इस्त्राएली प्रस्थान करते थे; और जिस स्थान पर बादल ठहर जाता वहीं इस्त्राएली अपने डेरे खड़े करते थे। 
Num 9:18  यहोवा की आज्ञा से इस्त्राएली कूच करते थे, और यहोवा ही की आज्ञा से वे डेरे खड़े भी करते थे; और जितने दिन तक वह बादल निवास पर ठहरा रहता उतने दिन तक वे डेरे डाले पड़े रहते थे। 
Num 9:19  और जब जब बादल बहुत दिन निवास पर छाया रहता तब इस्त्राएली यहोवा की आज्ञा मानते, और प्रस्थान नहीं करते थे। 
Num 9:20  और कभी कभी वह बादल थोड़े ही दिन तक निवास पर रहता, और तब भी वे यहोवा की आज्ञा से डेरे डाले पड़े रहते थे और फिर यहोवा की आज्ञा ही से प्रस्थान करते थे। 
Num 9:21  और कभी कभी बादल केवल सन्ध्या से भोर तक रहता; और जब वह भोर को उठ जाता था तब वे प्रस्थान करते थे, और यदि वह रात दिन बराबर रहता तो जब बादल उठ जाता तब ही वे प्रस्थान करते थे। 
Num 9:22  वह बादल चाहे दो दिन, चाहे एक महीना, चाहे वर्ष भर, जब तक निवास पर ठहरा रहता तब तक इस्त्राएली अपने डेरों में रहते और प्रस्थान नहीं करते थे; परन्तु जब वह उठ जाता तब वे प्रस्थान करते थे। 
Num 9:23  यहोवा की आज्ञा से वे अपने डेरे खड़े करते, और यहोवा ही की आज्ञा से वे प्रस्थान करते थे; जो आज्ञा यहोवा मूसा के द्वारा देता था उसको वे माना करते थे।

एक साल में बाइबल: 

  • लैव्यवस्था २६-२७
  • मरकुस २

रविवार, 19 फ़रवरी 2012

जीवन के पाठ

   दूसरे विश्वयुद्ध के समय कैनडा के लोगों को युरोप में युद्ध के कारण हो रही त्रासदी से अवगत कराने तथा उसके निवारण के लिए उनके और अधिक सहयोग देने की ओर ध्यान खींचने के लिए फरवरी १९, १९४२ को कैनडा में एक विश्ष दिवस आयोजित किया गया - "अगर दिवस"। उस दिन कैनडा के मैनिटोबा प्रांत के विनिपेग शहर पर नाट्ज़ी सेनाओं के हमले और उनके द्वारा शहर को हथिया कर वहां पर उन सेनाओं द्वारा हो सकने वाले अत्याचारों का एक दिखावटी प्रदर्शन किया गया जिसके द्वारा लोगों ने जाना कि अगर नाट्ज़ी कब्ज़ा कैनडा पर होगा तो उनका क्या हाल होगा।

   जैसा एक व्यक्ति ने इसके बारे में वर्णन दिया, " इस ’अगर दिवस’ ने हमारे समक्ष नाट्ज़ी सेनाओं द्वारा कब्ज़े की वास्तविकता तो सजीव रूप में रखा। इस शहर के लोगों को नाट्ज़ी अत्याचार के हर पहलू को देखने का अनुभव मिला।" यहां मुख्य बात थी ’देखना’। यद्यपि ’अगर दिवस’ लोगों को संसार में घट रही त्रासदी से अवगत कराने का एक साहसी प्रयास था, किंतु वह उस त्रासदी का वास्तविक अनुभव उन लोगों को नहीं करवा सकता था, वह अनुभव जिस में से होकर युरोप के लोग गुज़र रहे थे।

   जीवन के पाठ ’अगर’ या संभावनाओं से नहीं, अनुभव से सीखे जाते हैं। जीवन में आने वाली परीक्षाएं "अगर" नहीं होतीं, वे वास्तविक होती हैं। जीवन के सबसे गंभीर और गहरे पाठ केवल ’देखने’ से नहीं सीखे जाते, उन्हें सीखने के लिए परिस्थितियों में से होकर गुज़रना पड़ता है, अनुभव करना पड़ता है। जब हम वास्तव में दुखः, क्लेष, कमी-घटी आदि में से होकर निकलते हैं, तब ही हम अपने जीवन, विश्वास और परमेश्वर की आवश्यक्ता के बारे में वास्तविक रुप से सीख सकते हैं। इसीलिए परमेश्वर के वचन बाइबल में याकूब ने अपनी पत्री में लिखा: "हे मेरे भाइयों, जब तुम नाना प्रकार की परीक्षाओं में पड़ो, तो इसे पूरे आनन्‍द की बात समझो, यह जानकर, कि तुम्हारे विश्वास के परखे जाने से धीरज उत्‍पन्न होता है" (याकूब १:२, ३)। क्योंकि हम एक पाप से ग्रसित और टूटे संसार में रहते हैं, इसलिए नाना प्रकार की विष्म परिस्थितियों और परीक्षाओं का आना अवश्यंभावी है; उनसे बच सकना हमारे तो हाथ में नहीं है, किंतु उनसे सार्थक पाठ सीखना और उन्हें अपनी कामयाबी की सीढ़ी बनाना अवश्य ही हमारे हाथ में है।

   हमारे उद्धारकर्ता प्रभु यीशु भी संसार की हर परीक्षा में से होकर निकला, और निष्पाप निकला, इसी कारण वह हमारा उद्धारकर्ता और उद्धार के मार्ग पर हमारा अगुवा है और हमें सुरक्षित परमेश्वर के पास ला सकता है। क्योंकि जीवन के पाठ उसने अपने व्यक्तिगत अनुभव से सीखे हैं इसलिए हमारे व्यक्तिगत अनुभवों में वह हमारे प्रति संवेदनशील और हमारा सहायक रहता है। साधारण विश्वास से उस के पास आइए और उद्धार पाइए। - बिल क्राउडर


कठिन परिस्थितियां हमें परमेश्वर पर विश्वास करना सिखा सकती हैं।

हे मेरे भाइयों, जब तुम नाना प्रकार की परीक्षाओं में पड़ो, तो इसे पूरे आनन्‍द की बात समझो, यह जानकर, कि तुम्हारे विश्वास के परखे जाने से धीरज उत्‍पन्न होता है। - याकूब १:२, ३


बाइबल पाठ: इब्रानियों ४:१४-१६; ५:७-९
Heb 4:14 सो जब हमारा ऐसा बड़ा महायजक है, जो स्‍वर्गों से होकर गया है, अर्थात परमेश्वर का पुत्र यीशु, तो आओ, हम अपने अंगीकार को दृढ़ता से थामें रहें।
Heb 4:15 क्‍योंकि हमारा ऐसा महायाजक नहीं, जो हमारी निर्बलताओं में हमारे साथ दुखी न हो सके; वरन वह सब बातों में हमारी नाई परखा तो गया, तौभी निष्‍पाप निकला।
Heb 4:16 इसलिये आओ, हम अनुग्रह के सिंहासन के निकट हियाव बान्‍धकर चलें, कि हम पर दया हो, और वह अनुग्रह पाएं, जो आवश्यकता के समय हमारी सहायता करे।
Heb 5:7 उस ने अपनी देह में रहने के दिनों में ऊंचे शब्‍द से पुकार पुकारकर, और आंसू बहा बहाकर उस से जो उस को मृत्यु से बचा सकता था, प्रार्थनाएं और बिनती की और भक्ति के कारण उस की सुनी गई।
Heb 5:8  और पुत्र होने पर भी, उस ने दुख उठा उठाकर आज्ञा माननी सीखी।
Heb 5:9  और सिद्ध बनकर, अपने सब आज्ञा मानने वालों के लिये सदा काल के उद्धार का कारण हो गया।


एक साल में बाइबल: 

  • लैव्यवस्था २५ 
  • मरकुस १:२३-४५

शनिवार, 18 फ़रवरी 2012

सब कह दें

   एक छोटा इलैक्ट्रौनिक रिकॉरडर खरीदने में मेरी सहायता करने वाले दुकान के कर्मचारी ने मुझे अपना अनुभव बताया। उस ने कहा कि उसने भी वैसा ही एक यंत्र अपनी कार में रखा हुआ है और दिन के अन्त में जब वह घर जा रहा होता है तो कार चलाते समय मार्ग में अपने दिन भर के प्रत्येक अनुभव, अच्छे या बुरे, और हर एक बात को वह उस रिकॉरडर में बोल देता है। फिर वह मुस्कुराते हुए बोला कि वह घर पहुंच कर रि्कॉरडर से उन्हें मिटा देता है। अपने दिल से सभी बातों के बोझ को इस प्रकार हलका कर लेने के बाद उसे फिर यह सब अपने परिवार या पत्नि के सामने कहने की आवश्यक्ता नहीं रहती, उसका मन हलका रहता है और तनाव दूर हो जाता है।

   उस कर्मचारी के इस अनुभव ने मुझे स्मरण दिलाया कि कैसे मैं व्यर्थ ही अपनी परेशानियां और निराशाएं लोगों के सामने कहता रहता हूँ, जबकि मुझे उन्हें परमेश्वर को बता देना चाहिए। भजनकार ने लिखा: "हे लोगो, हर समय उस पर भरोसा रखो; उस से अपने अपने मन की बातें खोल कर कहो; परमेश्वर हमारा शरणस्थान है" (भजन ६२:८); दो बार उस ने परमेश्वर को हमारी चट्टान, उद्धार और दृढ़ गढ़ कह कर संबोधित किया (भजन ६२:२, ६) और शान्त हो कर उसके लिए प्रतीक्षा करने का आवाहन किया।

   यद्यपि किसी घनिष्ठ मित्र के साथ मन की बात बांटने में अवश्य ही शांति मिलती है, किंतु यदि हम उन्हीं बातों को अपने मुक्तिदाता प्रभु परमेश्वर के साथ नहीं बांटते तो प्रभु से मिलने वाली एक बड़ी सहायता से हम अपने आप को वंचित रखते हैं।

जोसफ स्क्रिविन ने, प्रभु यीशु की स्तुति के अपने गीत में लिखा:
यीशु कैसा दोस्त है प्यारा,
दुख और बोझ उठाने को;
क्या ही उमदा वक्त हमारा,
बाप के पास अब जाने को;
आह! हम हम राहत अक्सर खोते,
नाहक ग़म उठाते हैं;
यह ही बाइस है यकीनन,
कि बाप के पास ना जाते हैं।

   प्रभु यीशु ने कहा, "हे सब परिश्रम करने वालों और बोझ से दबे लोगों, मेरे पास आओ; मैं तुम्हें विश्राम दूंगा" (मत्ती ११:२८)। जब सृष्टि का कर्ता और हर बात को नियंत्रण में रखने वाला प्रभु हमें यह आदर दे रहा है कि उसके पास आकर अपने बोझ हलके कर लें, तो और कहीं क्यों जाएं? प्रति दिन उसके पास आएं और उससे सब कह दें। - डेविड मैककैसलैंड

हम चाहें कहीं और कैसे भी हों, प्रभु यीशु से केवल एक प्रार्थना की दूरी पर ही हैं।

हे लोगो, हर समय उस पर भरोसा रखो; उस से अपने अपने मन की बातें खोलकर कहो; परमेश्वर हमारा शरणस्थान है। - भजन ६२:८
 
बाइबल पाठ: भजन ६२
Psa 62:1  सचमुच मैं चुपचाप होकर परमेरश्वर की ओर मन लगाए हूं, मेरा उद्धार उसी से होता है।
Psa 62:2  सचमुच वही, मेरी चट्टान और मेरा उद्धार है, वह मेरा गढ़ है; मैं बहुत न डिगूंगा।
Psa 62:3  तुम कब तक एक पुरूष पर धावा करते रहोगे, कि सब मिल कर उसका घात करो; वह तो झुकी हुई भीत वा गिरते हुए बाड़े के समान है।
Psa 62:4  सचमुच वे उसको, उसके ऊंचे पद से गिराने की सम्मति करते हैं; वे झूठ से प्रसन्न रहते हैं। मुंह से तो वे आशीर्वाद देते पर मन में कोसते हैं।
Psa 62:5  हे मेरे मन, परमेश्वर के साम्हने चुपचाप रह, क्योंकि मेरी आशा उसी से है।
Psa 62:6  सचमुच वही मेरी चट्टान, और मेरा उद्धार है, वह मेरा गढ़ है; इसलिये मैं न डिगूंगा।
Psa 62:7  मेरा उद्धार और मेरी महिमा का आधार परमेश्वर है; मेरी दृढ़ चट्टान, और मेरा शरणस्थान परमेश्वर है।
Psa 62:8  हे लोगो, हर समय उस पर भरोसा रखो; उस से अपने अपने मन की बातें खोलकर कहो; परमेश्वर हमारा शरणस्थान है।
Psa 62:9  सचमुच नीच लोग तो अस्थाई, और बड़े लोग मिथ्या ही हैं; तौल में वे हलके निकलते हैं; वे सब के सब सांस से भी हलके हैं।
Psa 62:10  अन्धेर करने पर भरोसा मत रखो, और लूट पाट करने पर मत फूलो; चाहे धन सम्पति बढ़े, तौभी उस पर मन न लगाना।
Psa 62:11  परमेश्वर ने एक बार कहा है, और दो बार मैं ने यह सुना है: कि सामर्थ्य परमेश्वर का है।
Psa 62:12  और हे प्रभु, करूणा भी तेरी है। क्योंकि तू एक एक जन को उसके काम के अनुसार फल देता है।
 
एक साल में बाइबल: 
  • लैव्यवस्था २३-२४ 
  • मरकुस १:१-२२

शुक्रवार, 17 फ़रवरी 2012

स्वचलित धुलाई

   अपनी कार की स्वचलित मशीन द्वारा धुलाई के अपने प्रथम अनुभव को मैं कभी भुला नहीं सकती। बड़ी घबराहट के साथ, जैसे किसी दांतों के डॉक्टर के पास जा रही हूँ, मैं मशीन के पास पहुंची, धुलाई के लिए आवश्यक पैसे उसमें डाले, अपनी कार की खिड़कियों को बार-बार जांच कर देखा कि वे ठीक से बन्द हैं और कतार में अपनी कार लगाकर प्रतीक्षा करने लगी। मेरे नियंत्रण से बाहर शक्तियां मेरी कार को आगे बढ़ाने लगीं, मानो मैं किसी स्वचलित पट्टी (कॉनवेयर बेल्ट) पर हूँ। मैं अपनी कार में चारों ओर से बन्द बैठी था कि अचानक बड़ी आवाज़ के साथ चारों ओर से पानी और साबुन की तेज़ बौछार मेरी कार पर पड़ने लगी, और बड़े बड़े ब्रुश मेरी कार पर काम करने लगे। मैं अन्दर बैठी घबरा रहा थी और सोच रहा थी कि यदि मैं यहां फंसी ही रह गई या पानी कार के अन्दर भरने लगा तो मेरा क्या होगा? मेरे यह विचार मेरी घबराहट के कारण मेरी मूढ़ता के विचार थे। जिस तरह अचानक पानी की बौछार आरंभ हुई थी, वैसे ही बन्द भी हो गई, फिर तेज़ गरम हवा के प्रवाह द्वारा कार को सुखाया गया, और मुझे तथा मेरी कार को बाहर की दुनिया में ला कर खड़ा कर दिया गया - कार एकदम साफ हो कर चमचमा रही थी और मैं बिलकुल सुरक्षित थी।

   इस घटना ने मुझे सिखाया कि जब परिस्थितियां मेरी समझ से बाहर हों और मेरा जीवन मेरे नियंत्रण से बाहर होकर आगे बढ़ रहा हो और चारों ओर से घबरा देने वाली बातों के थपेड़े मेरी ओर आ रहे हों, तब भी कोई है जो मुझे अपने अन्दर छुपाए हुए और सुरक्षित रखे हुए है - वह जिस पर मैंने विश्वास किया और अपना जीवन जिस के हाथों में सौंपा है। यह सब मेरे लिए एक ’स्वचलित धुलाई’ वाले अनुभव के समान है। जैसे सदा ऐसी परिस्थितियों में होता आया है, जब मैं इनके दूसरे छोर पर पहुंच कर देखती हूँ तो मैं अपने आप को ना केवल पूर्णतः सुरक्षित परन्तु और बेहतर पाती हूँ, और आनन्द तथा विश्वास के साथ अपने प्रभु के लिए कह पाती हूँ, "वह मेरा सर्वदा विश्वासयोग्य परमेश्वर है"।

   क्या आप भी किसी ’स्वचलित धुलाई’ अनुभव से होकर निकल रहे हैं? जिसे आपने अपना उद्धारकर्ता मान कर अपना जीवन सौंपा है, उस प्रभु यीशु पर विश्वास बनाए रखें। अपने प्रत्येक विश्वासी से उसका वायदा है कि वह उन्हें कभी नहीं छोड़ेगा, कभी नहीं त्यागेगा; हर परिस्थिति में उनके साथ बना रहेगा। जब आप इस अनुभव के दूसरे छोर पर पहुंचेंगे तो पाएंगे कि आप ना केवल सुरक्षित रहे हैं, वरन पहले से बेहतर होकर अपने प्रभु के लिए एक चमकदार गवाह भी हैं। - जोनी योडर


परीक्षाओं की सुरंग से होकर निकलना एक चमकदार गवाही उत्पन्न करता है।

जब तू जल में होकर जाए, मैं तेरे संग संग रहूंगा और जब तू नदियों में होकर चले, तब वे तुझे न डुबा सकेंगी; जब तू आग में चले तब तुझे आंच न लगेगी, और उसकी लौ तुझे न जला सकेगी। - यशायाह ४३:२
बाइबल पाठ: - यशायाह ४३:१-१३
Isa 43:1  हे इस्राएल तेरा रचने वाला और हे याकूब तेरा सृजनहार यहोवा अब यों कहता है, मत डर, क्योंकि मैं ने तुझे छुड़ा लिया है; मैं ने तुझे नाम लेकर बुलाया है, तू मेरा ही है।
Isa 43:2  जब तू जल में होकर जाए, मैं तेरे संग संग रहूंगा और जब तू नदियों में होकर चले, तब वे तुझे न डुबा सकेंगी; जब तू आग में चले तब तुझे आंच न लगेगी, और उसकी लौ तुझे न जला सकेगी।
Isa 43:3  क्योंकि मैं यहोवा तेरा परमेश्वर हूं, इस्राएल का पवित्र मैं तेरा उद्धारकर्ता हूं। तेरी छुड़ौती में मैं मिस्र को और तेरी सन्ती कूश और सबा को देता हूं।
Isa 43:4  मेरी दृष्टि में तू अनमोल और प्रतिष्ठित ठहरा है और मैं तुझ से प्रेम रखता हूं, इस कारण मैं तेरी सन्ती मनुष्यों को और तेरे प्राण के बदले में राज्य राज्य के लोगों को दे दूंगा।
Isa 43:5  मत डर, क्योंकि मैं तेरे साथ हूं; मैं तेरे वंश को पूर्व से ले आऊंगा, और पच्छिम से भी इकट्ठा करूंगा।
Isa 43:6  मैं उत्तर से कहूंगा, दे दे, और दक्खिन से कि रोक मत रख; मेरे पुत्रों को दूर से और मेरी पुत्रियों को पृथ्वी की छोर से ले आओ;
Isa 43:7  हर एक को जो मेरा कहलाता है, जिसको मैं ने अपनी महिमा के लिये सृजा, जिसको मैं ने रचा और बनाया है।
Isa 43:8  आंख रहते हुए अन्धों को और कान रहते हुए बहिरों को निकाल ले आओ!
Isa 43:9  जाति जाति के लोग इकट्ठे किए जाएं और राज्य राज्य के लोग एकत्रित हों। उन में से कौन यह बात बता सकता वा बीती हुई बातें हमें सुना सकता है? वे अपने साक्षी ले आएं जिस से वे सच्चे ठहरें, वे सुन लें और कहें, यह सत्य है।
Isa 43:10  यहोवा की वाणी है कि तुम मेरे साक्षी हो और मेरे दास हो, जिन्हें मैं ने इसलिये चुना है कि समझ कर मेरी प्रतीति करो और यह जान लो कि मैं वही हूं। मुझ से पहिले कोई ईश्वर न हुआ और न मेरे बाद कोई होगा।
Isa 43:11  मैं ही यहोवा हूं और मुझे छोड़ कोई उद्धारकर्ता नहीं।
Isa 43:12  मैं ही ने समाचार दिया और उद्धार किया और वर्णन भी किया, जब तुम्हारे बीच में कोई पराया देवता न था; इसलिये तुम ही मेरे साक्षी हो, यहोवा की यह वाणी है।
Isa 43:13  मैं ही ईश्वर हूं और भविष्य में भी मैं ही हूं, मेरे हाथ से कोई छुड़ा न सकेगा; जब मैं काम करना चाहूं तब कौन मुझे रोक सकेगा।
एक साल में बाइबल: 
  • लैव्यवस्था २१-२२ 
  • मत्ती २८

गुरुवार, 16 फ़रवरी 2012

संवेदनशील

   अमेरिका के सैन फ्रैंसिस्को और न्यूयॉर्क शहरों में, शहर में जल आपूर्ति की शुद्धता की जाँच के लिए, एक विशेष प्रकार की मछली, ’ब्लूगिल’ का प्रयोग किया जा रहा है। ब्लूगिल मछली की विशेषता है कि पानी में अगर ज़रा सी मात्रा में भी विषाक्त पदार्थ होंगे तो वह प्रतिक्रीया करेगी। इसलिए शहर में भेजे जाने वाले जल का एक भाग पहले ब्लूगिल मछलीयों वाली टंकी में भेजा जाता है, और शुद्धता प्रमाणित होने पर ही उसे शहर में जल आपूर्ति के लिए प्रवाहित किया जाता है। आतंकवादियों द्वारा जल में मिला कर शहर के लोगों को किसी विषाक्त वस्तु द्वारा नुकसान पहुंचाए जाने से बचने का यह एक महत्वपूर्ण तरीका है।

   इन ब्लूगिल मछलियों के विषाक्त वस्तुओं की ज़रा सी मात्रा के प्रति संवेदनशील होने के समान ही परमेश्वर चाहता है कि उसके विश्वासी भी प्रत्येक गलत शिक्षा और अनुचित धार्मिक धारणा के प्रति संवेदनशील बनें और उनके नुकसान से बचने के लिए प्रतिक्रिया करें। प्रेरित पौलुस ने गलतिया के विश्वासियों को लिखी अपनी पत्री में समझाया कि वे सुसमाचार में करी जा रही प्रत्येक मिलावट और अशुद्धता को पहचानें और उससे बच कर रहें। प्रत्येक ऐसी शिक्षा जो सिखाती है कि परमेश्वर लोगों को उनके ’धर्म के कार्यो’ और उनकी ’धर्म के नियमों की आज्ञाकारिता’ के कारण ग्रहण करता है, ना कि उनके द्वारा प्रभु यीशु में लाए गए विश्वास और पश्चाताप से मिलने वाली पापों की क्षमा के कारण, वह सुसमाचार में घातक विषाक्त वस्तु की मिलावट है और गलतिया के उन विश्वासियों को इसके प्रति संवेदनशील होना है और इसे सुधारने तथा इसके दुषप्रभावों से बचने के लिए प्रतिक्रीया करनी है। पौलुस ने ऐसी शिक्षाएं फैलाने वालों के लिए कहा, "परन्‍तु वह दूसरा सुसमाचार है ही नहीं: पर बात यह है, कि कितने ऐसे हैं, जो तुम्हें घबरा देते, और मसीह के सुसमाचार को बिगाड़ना चाहते हैं। परन्‍तु यदि हम या स्‍वर्ग से कोई दूत भी उस सुसमाचार को छोड़ जो हम ने तुम को सुनाया है, कोई और सुसमाचार तुम्हें सुनाए, तो श्रापित हो। जैसा हम पहिले कह चुके हैं, वैसा ही मैं अब फिर कहता हूं, कि उस सुसमाचार को छोड़ जिसे तुम ने ग्रहण किया है, यदि कोई और सुसमाचार सुनाता है, तो श्रापित हो..." (गलतियों १:७-९)।

   सुसमाचार और परमेश्वर के वचन में मिलावट के प्रयास नए नहीं हैं। इसलिए प्रत्येक मसीही विश्वासी को इसके प्रति संवेदनशील होना है, सचेत और सजग रहना है, कहीं किसी गलत शिक्षा द्वार हम बहकाए ना जाएं और नुकसान उठाएं। इसका एक ही रास्ता है - परमेश्वर के साथ बैठकर परमेश्वर के वचन बाइबल का नित अध्ययन करना, और उसकी शिक्षाओं को अपने जीवनों में लागू करना। तब ही हम गलत शिक्षा की विषाक्त मिलावट के प्रति संवेदनशील होकर उसे पहचान सकेंगे और उद्धार के अद्भुत सुसमाचार का सही प्रचार और प्रसार कर सकेंगे। - मार्विन विलियम्स


यदि आप सत्य को जानते हैं तब ही असत्य को पहचान सकते हैं।

परन्‍तु वह दूसरा सुसमाचार है ही नहीं: पर बात यह है, कि कितने ऐसे हैं, जो तुम्हें घबरा देते, और मसीह के सुसमाचार को बिगाड़ना चाहते हैं। - गलतियों १:७
बाइबल पाठ: गलतियों १:३-१२
Gal 1:3  परमेश्वर पिता, और हमारे प्रभु यीशु मसीह की ओर से तुम्हें अनु्ग्रह और शान्‍ति मिलती रहे।
Gal 1:4  उसी ने अपने आप को हमारे पापों के लिये दे दिया, ताकि हमारे परमेश्वर और पिता की इच्‍छा के अनुसार हमें इस वर्तमान बुरे संसार से छुड़ाए।
Gal 1:5  उस की स्‍तुति और बड़ाई। युगानुयुग होती रहे। आमीन।
Gal 1:6  मुझे आश्‍चर्य होता है, कि जिस ने तुम्हें मसीह के अनुग्रह से बुलाया उस से तुम इतनी जल्दी फिर कर और ही प्रकार के सुसमाचार की ओर झुकने लगे।
Gal 1:7  परन्‍तु वह दूसरा सुसमाचार है ही नहीं: पर बात यह है, कि कितने ऐसे हैं, जो तुम्हें घबरा देते, और मसीह के सुसमाचार को बिगाड़ना चाहते हैं।
Gal 1:8  परन्‍तु यदि हम या स्‍वर्ग से कोई दूत भी उस सुसमाचार को छोड़ जो हम ने तुम को सुनाया है, कोई और सुसमाचार तुम्हें सुनाए, तो श्रापित हो।
Gal 1:9  जैसा हम पहिले कह चुके हैं, वैसा ही मैं अब फिर कहता हूं, कि उस सुसमाचार को छोड़ जिसे तुम ने ग्रहण किया है, यदि कोई और सुसमाचार सुनाता है, तो श्रापित हो। अब मैं क्‍या मनुष्यों को मानता हूं या परमेश्वर को? क्‍या मैं मनुष्यों को प्रसन्न करना चाहता हूं?
Gal 1:10  यदि मैं अब तक मनुष्यों को प्रसन्न करता रहता, तो मसीह का दास न होता।
Gal 1:11  हे भाइयो, मैं तुम्हें जताए देता हूं, कि जो सुसमाचार मैं ने सुनाया है, वह मनुष्य का सा नहीं।
Gal 1:12  क्‍योंकि वह मुझे मनुष्य की ओर से नहीं पहुंचा, और न मुझे सिखाया गया, पर यीशु मसीह के प्रकाश से मिला।
एक साल में बाइबल: 
  • लैव्यवस्था १९-२० 
  • मत्ती २७:५१-६६

बुधवार, 15 फ़रवरी 2012

असफल?

   अमेरिका में १९३० के आस-पास बड़ी आर्थिक मंदी आई थी और देश की अर्थ व्यवस्था और देश का बुरा हाल हो गया था। बहुत से लोगों को अपने घरों से बेघर होकर प्लाइवुड, तिरपाल, कंबल आदि से बनीं जीर्ण हाल झुग्गियों में रहना पड़ा था। देश की उस स्थिति के लिए तत्कालीन राष्ट्रपति हर्बट हूवर की नीतियों को उत्तरदायी माना गया था, इसलिए उन जीर्ण झुग्गियों को लोग उस समय ’हूवरविल्स’ कहते थे।

   किंतु विचित्र बात है कि यही हूवर जिन्हें अब इतना अयोग्य माना जा रहा था, उन्हें ही पहले अपनी योग्यता और कुशलता के लिए जाना जाता था। उनके भूवैज्ञानिक इंजिनियरिंग के कौशल के कारण औस्ट्रेलिया और चीन में बड़ी सफल खनन परियोजनाएं आरंभ करी जा सकीं। उन्होंने कई मानवोत्थान के कार्यों के लिए कुशल नेत्रत्व प्रदान किया था। किंतु जब १९२९ में स्टॉक मार्किट गिरा और अर्थ व्यवस्था संकट में आई तो परिस्थितियां हूवर के नियंत्रण के बाहर थीं; फिर भी वे इतिहास में सदा के लिए १९३० की आर्थिक मंदी और इस के कारण हुई देश की बदहाली के साथ जोड़ दिए गए।

   जीवन में घटने वाली किसी एक बड़ी असफलता का अर्थ यह नहीं होता कि उस व्यक्ति का सारा जीवन ही असफल है। यदि ऐसा होता तो हम परमेश्वर के वचन बाइबल के कई पात्रों को असफल व्यक्ति मानते ना कि परमेश्वर के लोगों के रूप में और प्रेर्णादायक जीवन चरित्र वाले। उदाहरण के लिए, क्या हम अब्राहम को झूठा और स्वार्थी (उत्पत्ति १२:१०-२०), मूसा को परमेश्वर का अनाज्ञाकारी (निर्गमन २०:१-३) या दाउद को व्यभिचारी और हत्यारा (२ शमूएल ११) कह कर स्मरण करते हैं, यद्यपि उनके जीवनों में ऐसी कमज़ोरियां घटीं थीं?

   उनके पापों के बावजूद ये सभी मनुष्य अपने स्थिर विश्वास और परमेश्वर के लिए कार्य करने वाले महान जन माने जाते हैं और उनके नाम आदर से लिए जाते हैं। ये, और इनके जैसे कई अन्य लोग वे हैं जो "...विश्वास ही के द्वारा...निर्बलता में बलवन्‍त हुए..." (इब्रानियों ११:३३-३४)।

   यह परमेश्वर की महानता और सामर्थ है कि जो उस पर विश्वास लाते हैं, वह उन निर्बल और अयोग्य पात्रों को भी अपनी महीमा के पात्र बना लेता है और मनुष्यों में भी उन्हें आदर दिलवाता है। यदि हमने अपने पापों से पश्चाताप करके अपना जीवन प्रभु यीशु को समर्पित किया है तो हमारा बीता जीवन चाहे जैसा भी रहा है, हम असफल नहीं रहेंगे। परमेश्वर हमें अभी भी उपयोगी बना सकता है, बड़े सामर्थी रूप से उपयोग कर सकता है; आवश्यक्ता है तो बस उसके प्रति हमारे विश्वास और आज्ञाकरिता की। - डेनिस फिशर


अकसर असफलता की राख से ही सफलता निकलती है।

...विश्वास ही के द्वारा...निर्बलता में बलवन्‍त हुए... - इब्रानियों ११:३३-३४
 
बाइबल पाठ: इब्रानियों ११:२४-३४
Heb 11:24 विश्वास ही से मूसा ने सयाना होकर फिरौन की बेटी का पुत्र कहलाने से इन्‍कार किया।
Heb 11:25  इसलिये कि उसे पाप में थोड़े दिन के सुख भोगने से परमेश्वर के लोगों के साथ दुख भोगना और उत्तम लगा।
Heb 11:26 और मसीह के कारण निन्‍दित होने को मिसर के भण्‍डार से बड़ा धन समझा: क्‍योंकि उस की आंखे फल पाने की ओर लगी थीं।
Heb 11:27 विश्वास ही से राजा के क्रोध से न डरकर उस ने मिसर को छोड़ दिया, क्‍योंकि वह अनदेखे को मानों देखता हुआ दृढ़ रहा।
Heb 11:28 विश्वास ही से उस ने फसह और लोहू छिड़कने की विधि मानी, कि पहिलौठों का नाश करने वाला इस्‍त्राएलियों पर हाथ न डाले।
Heb 11:29  विश्वास ही से वे लाल समुद्र के पार ऐसे उतर गए, जैसे सूखी भूमि पर से; और जब मिस्रियों ने वैसा ही करना चाहा, तो सब डूब मरे।
Heb 11:30  विश्वास ही से यरीहो की शहरपनाह, जब सात दिन तक उसका चक्कर लगा चुके तो वह गिर पड़ी।
Heb 11:31  विश्वास ही से राहाब वेश्या आज्ञा ना मानने वालों के साथ नाश नहीं हुई; इसलिथे कि उस ने भेदियों को कुशल से रखा था।
Heb 11:32 अब और क्‍या कहूँ क्‍योंकि समय नहीं रहा, कि गिदोन का, और बाराक और समसून का, और यिफतह का, और दाऊद का और शामुएल का, और भविष्यद्वक्ताओं का वर्णन करूं।
Heb 11:33 इन्‍होंने विश्वास ही के द्वारा राज्य जीते, धर्म के काम किए, प्रतिज्ञा की हुई वस्‍तुएं प्राप्‍त कीं, सिंहों के मुंह बन्‍द किए।
Heb 11:34 आग ही ज्‍वाला को ठंडा किया, तलवार की धार से बच निकले, निर्बलता में बलवन्‍त हुए, लड़ाई में वीर निकले, विदेशियों की फौजों को मार भगाया।
 
एक साल में बाइबल: 
  • लैव्यवस्था १७-१८ 
  • मत्ती २७:२७-५०