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रविवार, 3 मई 2015

नियम


   मेरी मुलाकात एक बड़ी खुशमिज़ाज़ स्त्री से हुई जो "मॉम्मा चार्ली" के नाम से जानी जाती थीं और जिसने एक दर्जन दत्तक बच्चों का पालन-पोषण किया है। उसे यह बच्चे न्यायालयों द्वारा देख-रेख के लिए दिए जाते थे, और वह महिला उन बच्चों को रहने और बढ़ने के लिए प्रेम और मार्गदर्शन देने वाला एक स्थिर घर उपलब्ध करवाती थी। उसने मुझे बताया कि जब भी कोई नया बच्चा उसके घर में आता तो पहला कार्य होता था उसे "मॉम्मा के नियम" बताना और समझाना। ये नियम परस्पर व्यवहार, एक दूसरे के प्रति जवाबदेही और एक दूसरे की सहायता करने तथा घर के कार्यों में हाथ बंटाने से संबंधित होते थे जिससे घर को सुचारू रूप से चलाया और संचालित किया जा सके क्योंकि वे बच्चे इन बातों को पहले से भली-भांति नहीं जानते थे।

   कुछ बच्चे "मॉम्मा के नियम" सुनकर घबरा जाते थे क्योंकि उन्हें लगता था कि इन नियमों के कारण उनके आनन्द और स्वतंत्रता में बाधा आएगी। लेकिन यह सत्य नहीं था; सत्य तो यह था कि इन नियमों के पालन द्वारा ही वह घर सुचारू रूप से चल सकता था जिससे वे सभी बच्चे और मॉम्मा शान्तिपूर्ण और आनन्दायक जीवन व्यतीत कर सकते थे।

   इसी प्रकार कुछ लोग परमेश्वर के वचन बाइबल में दिए परमेश्वर के नियमों एवं परस्पर व्यवहार के मानकों को जीवन का मज़ा लेने में बाधक के रूप में देखते हैं। लेकिन सच्चाई इसके विपरीत है; जो सीमाएं परमेश्वर ने हमारे चारों ओर निर्धारित करी हैं वे हमें हमारी बुरी प्रवृत्तियों और उनके दुषप्रभावों से बचाने और हमारे जीवनों में उसके तथा अन्य लोगों के प्रति अच्छे व्यवहार तथा प्रतिक्रीयाओं को उत्पन्न करने के लिए हैं।

   उदाहरणस्वरूप इफिसीयों के 4 अध्याय में प्रेरित पौलुस हमें जीवन व्यतीत करने के कुछ मार्गदर्शन देता है। जब हम परमेश्वर के इन मार्गदर्शनों के अनुसार जीवन जीना आरंभ करते हैं तो हमें उसकी सुरक्षा तथा सच्चे आनन्द को पाने के अवसर भी मिलते हैं। - बिल क्राउडर


परमेश्वर का वचन वह कुतुबनुमा है जिसकी आज्ञाकारिता हमें सही मार्ग पर बनाए रखती है।

पर अब तुम भी इन सब को अर्थात क्रोध, रोष, बैरभाव, निन्‍दा, और मुंह से गालियां बकना ये सब बातें छोड़ दो। एक दूसरे से झूठ मत बोलो क्योंकि तुम ने पुराने मनुष्यत्‍व को उसके कामों समेत उतार डाला है। - कुलुस्सियों 3:8-9

बाइबल पाठ: इफिसियों 4:17-32
Ephesians 4:17 इसलिये मैं यह कहता हूं, और प्रभु में जताए देता हूं कि जैसे अन्यजातीय लोग अपने मन की अनर्थ की रीति पर चलते हैं, तुम अब से फिर ऐसे न चलो। 
Ephesians 4:18 क्योंकि उनकी बुद्धि अन्‍धेरी हो गई है और उस अज्ञानता के कारण जो उन में है और उनके मन की कठोरता के कारण वे परमेश्वर के जीवन से अलग किए हुए हैं। 
Ephesians 4:19 और वे सुन्न हो कर, लुचपन में लग गए हैं, कि सब प्रकार के गन्‍दे काम लालसा से किया करें। 
Ephesians 4:20 पर तुम ने मसीह की ऐसी शिक्षा नहीं पाई। 
Ephesians 4:21 वरन तुम ने सचमुच उसी की सुनी, और जैसा यीशु में सत्य है, उसी में सिखाए भी गए। 
Ephesians 4:22 कि तुम अगले चालचलन के पुराने मनुष्यत्‍व को जो भरमाने वाली अभिलाषाओं के अनुसार भ्रष्‍ट होता जाता है, उतार डालो। 
Ephesians 4:23 और अपने मन के आत्मिक स्‍वभाव में नये बनते जाओ। 
Ephesians 4:24 और नये मनुष्यत्‍व को पहिन लो, जो परमेश्वर के अनुसार सत्य की धामिर्कता, और पवित्रता में सृजा गया है।
Ephesians 4:25 इस कारण झूठ बोलना छोड़कर हर एक अपने पड़ोसी से सच बोले, क्योंकि हम आपस में एक दूसरे के अंग हैं। 
Ephesians 4:26 क्रोध तो करो, पर पाप मत करो: सूर्य अस्‍त होने तक तुम्हारा क्रोध न रहे। 
Ephesians 4:27 और न शैतान को अवसर दो। 
Ephesians 4:28 चोरी करनेवाला फिर चोरी न करे; वरन भले काम करने में अपने हाथों से परिश्रम करे; इसलिये कि जिसे प्रयोजन हो, उसे देने को उसके पास कुछ हो। 
Ephesians 4:29 कोई गन्‍दी बात तुम्हारे मुंह से न निकले, पर आवश्यकता के अनुसार वही जो उन्नति के लिये उत्तम हो, ताकि उस से सुनने वालों पर अनुग्रह हो। 
Ephesians 4:30 और परमेश्वर के पवित्र आत्मा को शोकित मत करो, जिस से तुम पर छुटकारे के दिन के लिये छाप दी गई है। 
Ephesians 4:31 सब प्रकार की कड़वाहट और प्रकोप और क्रोध, और कलह, और निन्‍दा सब बैरभाव समेत तुम से दूर की जाए। 
Ephesians 4:32 और एक दूसरे पर कृपाल, और करूणामय हो, और जैसे परमेश्वर ने मसीह में तुम्हारे अपराध क्षमा किए, वैसे ही तुम भी एक दूसरे के अपराध क्षमा करो।

एक साल में बाइबल: 
  • 1 राजा 14-15
  • लूका 22:21-46



शनिवार, 2 मई 2015

प्रार्थना निवेदन


   हाल ही में हमारे परमेश्वर के वचन बाइबल के अध्ययन में, मसीही सेवकाई में लगी एक मिशनरी महिला आईं। वहाँ उन्होंने बाताया कि जहाँ वह सेवकाई कर रही हैं, वहाँ जाने के लिए उन्हें कैसे अपने घर-बार का  सारा सामान बाँध कर, संबंधियों एवं मित्रों से विदा लेकर, दूर स्थित एक नए और अनजान देश में जाना पड़ा। जब वे और उनका परिवार वहाँ पहुँचे तो उन्हें खतरनाक मार्गों एवं फलते-फूलते नशीले पदार्थों के व्यापार का सामना करना पड़ा। भाषा की दिक्कत के कारण उन्हें एकाकीपन के समय भी बिताने पड़े। स्वास्थ्य समस्याओं ने भी उन्हें दबाया - उन्हें पेट और अंतड़ियों के चार अलग अलग तरह के संक्रमण हुए; उनकी सबसे बड़ी बेटी सीढ़ी के किनारे लगे असुरक्षित जंगले के कारण गिरकर मरने से बाल-बाल बची। उन्हें अपनी सेवकाई के लिए प्रार्थना की बहुत आवश्यकता थी।

   प्रेरित पौलुस ने भी अपनी मिशनरी सेवकाई में बहुत सी कठिनाईयों और खतरों का सामना किया। उसे बन्दी-गृह में डाला गया, मारा-पीटा गया और समुद्र में जहाज़ के टूट जाने से जान के खतरों का सामना भी करना पड़ा। इसलिए यह कोई विस्मयकारी बात नहीं है कि उसने अपनी पत्रियों में पाठकों से उसके लिए प्रार्थना करने के निवेदन भी लिखे। पौलुस ने थिस्सुलुनीके के मसीही विश्वासियों से चाहा कि वे उसके लिए प्रार्थना करें जिससे कि उसके द्वारा सुसमाचार प्रचार सफलता से हो सके और "...प्रभु का वचन ऐसा शीघ्र फैले, और महिमा पाए...", और यह भी कि परमेश्वर उसे "...टेढ़े और दुष्‍ट मनुष्यों से..." बचाए (2 थिस्सुलुनीकियों 3:1-2)। पौलुस जानता था कि उसे सुसमाचार प्रचार के लिए प्रबल वचन की आवश्यकता होगी जिसे वह साहस के साथ उस सुसमाचार का भेद समझाने के लिए प्रयोग कर सके (इफिसीयों 6:19) इसीलिए प्रार्थना के लिए उसका यह भी एक निवेदन था।

   क्या आप ऐसे लोगों को जानते हैं जिन्हें सुसमाचार प्रचार के लिए अलौकिक सामर्थ की आवश्यकता है? पौलुस के निवेदन को स्मरण रखें: "...हे भाइयो, हमारे लिये प्रार्थना किया करो..." (2 थिस्सुलुनीकियों 3:1) और उन लोगों के लिए हमारे सामर्थी परमेश्वर पिता के सम्मुख प्रार्थना मे आएं। - जेनिफर बेन्सन शुल्ट


दूसरों के लिए प्रार्थना में परमेश्वर के सिंहासन के निकट आएं, उसके द्वार सदा खुले हैं।

और हर समय और हर प्रकार से आत्मा में प्रार्थना, और बिनती करते रहो, और इसी लिये जागते रहो, कि सब पवित्र लोगों के लिये लगातार बिनती किया करो। और मेरे लिये भी, कि मुझे बोलने के समय ऐसा प्रबल वचन दिया जाए, कि मैं हियाव से सुसमाचार का भेद बता सकूं जिस के लिये मैं जंजीर से जकड़ा हुआ राजदूत हूं। - इफिसीयों 6:18-19

बाइबल पाठ: 2 थिस्सुलुनीकियों 3:1-5
2 Thessalonians 3:1 निदान, हे भाइयो, हमारे लिये प्रार्थना किया करो, कि प्रभु का वचन ऐसा शीघ्र फैले, और महिमा पाए, जैसा तुम में हुआ। 
2 Thessalonians 3:2 और हम टेढ़े और दुष्‍ट मनुष्यों से बचे रहें क्योंकि हर एक में विश्वास नहीं।
2 Thessalonians 3:3 परन्तु प्रभु सच्चा है; वह तुम्हें दृढ़ता से स्थिर करेगा: और उस दुष्‍ट से सुरक्षित रखेगा। 
2 Thessalonians 3:4 और हमें प्रभु में तुम्हारे ऊपर भरोसा है, कि जो जो आज्ञा हम तुम्हें देते हैं, उन्हें तुम मानते हो, और मानते भी रहोगे। 
2 Thessalonians 3:5 परमेश्वर के प्रेम और मसीह के धीरज की ओर प्रभु तुम्हारे मन की अगुवाई करे।

एक साल में बाइबल: 
  • 1 राजा 12-13
  • लूका 22:1-20



शुक्रवार, 1 मई 2015

बहुमूल्य


   अपने जीवन भर मैं बहुत सी चीज़ें एकत्रित करता रहा हूँ। मेरे घर पर कई डिब्बे एकत्रित करी गई ऐसी वस्तुओं से भरे पड़े हैं जो कभी मेरे लिए बहुमूल्य हुआ करती थीं, लेकिन समय के साथ वे अपना महत्व और रोमांच खो चुकी हैं। नई नई चीज़ों को एकत्रित करने की लालसा में लम्बा समय व्यतीत करने के बाद मैं आज यह समझता हूँ कि इस तरह संग्रहित करने का आनन्द केवल नई चीज़ को ढूँढ़ने और प्राप्त कर लेने तक ही सीमित है। एक बार वह मिल जाए तो ध्यान फिर उससे हट कर किसी दूसरी चीज़ की खोज और उसे प्राप्त करने पर लग जाता है।

   हम अपने जीवनों में बहुत सी ऐसी वस्तुओं को एकत्रित कर लेते हैं जो उस समय हमें बहुत आवश्यक लगती हैं, लेकिन उन में से बहुत कम ही होती हैं जो वास्तव में बहुमूल्य होती हैं। यथार्त में, मैंने यह जाना है कि जीवन की सबसे बहुमूल्य वस्तुएं भौतिक नहीं होती; वरन वे लोग होते हैं जिन्होंने मुझ से प्रेम किया, मेरा जीवन को संवारने-बनाने के लिए अपने आप को और अपने संसाधनों को मेरे लिए खर्च किया है। जब भी किसी के विषय मेरे मन में भावना उठती है कि "अगर यह ना होता तो ना जाने मेरा क्या होता" तो मैं जान जाता हूँ कि वह व्यक्ति मेरे लिए बहुमूल्य है।

   इस लिए जब प्रेरित पतरस प्रभु यीशु को "...कोने के सिरे का चुना हुआ और बहुमूल्य पत्थर..." (1 पतरस 2:6) कहता है तो यह बात हमारे हृदयों में गूँजती रहनी चाहिए कि वह वास्तव में बहुमूल्य है, हमारे लिए हर एक व्यक्ति और वस्तु से बढ़कर कीमती है। यदि प्रभु यीशु का अनुग्रह, उसकी हमारे साथ लगातार बनी रहने वाली विश्वासयोग्य उपस्थिति, उसका बुद्धिमतापूर्ण तथा सिद्ध मार्गदर्शन, दयापूर्ण धैर्य, सांत्वना और परिवर्तित कर देने वाली डाँट यदि हमारे साथ ना होती तो हम कहाँ और किस हाल में होते? हम उसके बिना कुछ कर पाते? उसके बिना अपने जीवन की मैं कल्पना भी नहीं कर सकता हूँ; वह मेरे लिए बहुमूल्य है, अति बहुमूल्य। - जो स्टोवैल


जो कुछ भी बहुमूल्य हो सकता है, प्रभु यीशु उस सूची में सर्वप्रथम है।

इसलिये प्रभु यहोवा यों कहता है, देखो, मैं ने सिय्योन में नेव का पत्थर रखा है, एक परखा हुआ पत्थर, कोने का अनमोल और अति दृढ़ नेव के योग्य पत्थर: और जो कोई विश्वास रखे वह उतावली न करेगा। - यशायाह 28:16

बाइबल पाठ: 1 पतरस 2:1-10
1 Peter 2:1 इसलिये सब प्रकार का बैर भाव और छल और कपट और डाह और बदनामी को दूर करके। 
1 Peter 2:2 नये जन्मे हुए बच्‍चों की नाईं निर्मल आत्मिक दूध की लालसा करो, ताकि उसके द्वारा उद्धार पाने के लिये बढ़ते जाओ। 
1 Peter 2:3 यदि तुम ने प्रभु की कृपा का स्‍वाद चख लिया है। 
1 Peter 2:4 उसके पास आकर, जिसे मनुष्यों ने तो निकम्मा ठहराया, परन्तु परमेश्वर के निकट चुना हुआ, और बहुमूल्य जीवता पत्थर है। 
1 Peter 2:5 तुम भी आप जीवते पत्थरों की नाईं आत्मिक घर बनते जाते हो, जिस से याजकों का पवित्र समाज बन कर, ऐसे आत्मिक बलिदान चढ़ाओ, जो यीशु मसीह के द्वारा परमेश्वर को ग्राह्य हों। 
1 Peter 2:6 इस कारण पवित्र शास्त्र में भी आया है, कि देखो, मैं सिय्योन में कोने के सिरे का चुना हुआ और बहुमूल्य पत्थर धरता हूं: और जो कोई उस पर विश्वास करेगा, वह किसी रीति से लज्ज़ित नहीं होगा। 
1 Peter 2:7 सो तुम्हारे लिये जो विश्वास करते हो, वह तो बहुमूल्य है, पर जो विश्वास नहीं करते उन के लिये जिस पत्थर को राजमिस्त्रीयों ने निकम्मा ठहराया था, वही कोने का सिरा हो गया। 
1 Peter 2:8 और ठेस लगने का पत्थर और ठोकर खाने की चट्टान हो गया है: क्योंकि वे तो वचन को न मान कर ठोकर खाते हैं और इसी के लिये वे ठहराए भी गए थे। 
1 Peter 2:9 पर तुम एक चुना हुआ वंश, और राज-पदधारी याजकों का समाज, और पवित्र लोग, और (परमेश्वर की) निज प्रजा हो, इसलिये कि जिसने तुम्हें अन्धकार में से अपनी अद्भुत ज्योति में बुलाया है, उसके गुण प्रगट करो। 
1 Peter 2:10 तुम पहिले तो कुछ भी नहीं थे, पर अब परमेश्वर ही प्रजा हो: तुम पर दया नहीं हुई थी पर अब तुम पर दया हुई है।

एक साल में बाइबल: 
  • 1 राजा 10-11
  • लूका 21:20-38



गुरुवार, 30 अप्रैल 2015

अद्भुत प्रस्ताव


   प्रतिदिन ई-मेल द्वारा मुझे धन देने के लिए मिलने वाले अविश्वसनीय प्रस्तावों से मैं चकित हूँ। हाल ही में मैंने एक सप्ताह में मुफ्त मिलने वाले धन के इन प्रस्तावों का योग किया तो पाया कि वह 260 लाख अमरीकी डॉलर की राशि बनती है। लेकिन इन में से प्रत्येक प्रस्ताव, चाहे वह मेरे द्वारा 10 लाख डॉलर का ईनाम जीते जाने का प्रस्ताव हो या 70 लाख डॉलर प्राप्त कर पाने की प्रस्तावना हो, सब झूठे और बेईमान लोगों द्वारा मेरी कमाई को ठगने और मुझे नुकसान पहुँचाने के लिए थे; कोई भी वास्तविक और मेरे लाभ के लिए नहीं था। हम सब, जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में ऐसे ही अद्भुत प्रस्तावों द्वारा अलग अलग तरह से ठगे जाने का सामना करते हैं। हमें झूठी आशा और काल्पनिक कथाओं के द्वारा एसी बातों पर विश्वास करने के लिए उकसाया जाता है जिनका कोई यथार्त नहीं है और जिनका अन्त केवल टूटे सपने और दुख ही होता है।

   लेकिन एक प्रस्ताव है जो अद्भुत और अविश्वसनीय होने के बावजूद खरा और बिलकुल सच्चा है - परमेश्वर का, प्रभु यीशु मसीह के कलवरी के क्रूस पर किए गए कार्य द्वारा मिलने वाली पापों की क्षमा, उद्धार और अनन्त जीवन का प्रस्ताव: "उन्होंने कहा, प्रभु यीशु मसीह पर विश्वास कर, तो तू और तेरा घराना उद्धार पाएगा" (प्रेरितों 16:31)। यह ऐसा प्रस्ताव है, जो आज मेरे और आपके लिए तो मुफ्त उपलब्ध है, किंतु इसे मेरे और आपके लिए कार्यकारी बनाने के लिए प्रभु यीशु को एक बहुत बड़ी कीमत चुकानी पड़ी थी; अर्थात किसी दूसरे द्वारा चुकाई गई कीमत का लाभ आज संसार के प्रत्येक जन के लिए उपलब्ध किया गया है। परमेश्वर के वचन बाइबल में रोम के मसीही विश्वासियों के नाम लिखी अपनी पत्री में प्रेरित पौलुस प्रभु यीशु के विषय में कहता है, "वह हमारे अपराधों के लिये पकड़वाया गया, और हमारे धर्मी ठहरने के लिये जिलाया भी गया" (रोमियों 4:25)।

   परमेश्वर के इस प्रस्ताव को स्वीकृति देने और अपनाने से हमें केवल उद्धार ही नहीं वरन उसके साथ आशा (तीतुस 1:2), शान्ति (रोमियों 5:1), क्षमा (इफिसियों 1:7), असीम अलौकिक धन (इफिसियों 2:7) और संसार की बातों से छुटकारा (इफिसियों 4:30) भी मिलता है। यही वास्तविक और खरा सौदा है; प्रभु यीशु की मृत्यु और पुनरुत्थान इसकी पुष्टि करते हैं, इसे प्रमाणित करते हैं। संसार की मन-गढ़न्त बातों और धोखों पर नहीं वरन परमेश्वर के अद्भुत प्रस्ताव पर विश्वास कीजिए, उसे परख कर देखिए और तब ही अपनाइए, और उस से अपने जीवन को सार्थक बनाईए। - डेव ब्रैनन


हमारा उद्धार परमेश्वर के लिए बहुत महंगा था, परन्तु उसने उसे हमारे लिए मुफ्त दे दिया है।

क्योंकि पाप की मजदूरी तो मृत्यु है, परन्तु परमेश्वर का वरदान हमारे प्रभु मसीह यीशु में अनन्त जीवन है। - रोमियों 6:23

बाइबल पाठ: 1 पतरस 1:3-9
1 Peter 1:3 हमारे प्रभु यीशु मसीह के परमेश्वर और पिता का धन्यवाद दो, जिसने यीशु मसीह के मरे हुओं में से जी उठने के द्वारा, अपनी बड़ी दया से हमें जीवित आशा के लिये नया जन्म दिया। 
1 Peter 1:4 अर्थात एक अविनाशी और निर्मल, और अजर मीरास के लिये। 
1 Peter 1:5 जो तुम्हारे लिये स्वर्ग में रखी है, जिन की रक्षा परमेश्वर की सामर्थ से, विश्वास के द्वारा उस उद्धार के लिये, जो आने वाले समय में प्रगट होने वाली है, की जाती है। 
1 Peter 1:6 और इस कारण तुम मगन होते हो, यद्यपि अवश्य है कि अब कुछ दिन तक नाना प्रकार की परीक्षाओं के कारण उदास हो। 
1 Peter 1:7 और यह इसलिये है कि तुम्हारा परखा हुआ विश्वास, जो आग से ताए हुए नाशमान सोने से भी कहीं, अधिक बहुमूल्य है, यीशु मसीह के प्रगट होने पर प्रशंसा, और महिमा, और आदर का कारण ठहरे। 
1 Peter 1:8 उस से तुम बिन देखे प्रेम रखते हो, और अब तो उस पर बिन देखे भी विश्वास कर के ऐसे आनन्‍दित और मगन होते हो, जो वर्णन से बाहर और महिमा से भरा हुआ है। 
1 Peter 1:9 और अपने विश्वास का प्रतिफल अर्थात आत्माओं का उद्धार प्राप्त करते हो।

एक साल में बाइबल: 
  • 1 राजा 8-9
  • लूका 21:1-19



बुधवार, 29 अप्रैल 2015

देखभाल


   परमेश्वर के वचन बाइबल में दाऊद द्वारा लिखे एक भजन में उठाया गया एक प्रश्न, "...कौन हम को कुछ भलाई दिखाएगा?..." (भजन 4:6) आज के समय में भी उतना ही सार्थक है जितना दाऊद के लिए तब था। दाऊद द्वारा तब कही गई यह बात आज के संसार में व्याप्त निराशावादी परिस्थितियाँ तथा दृष्टिकोण का चित्रण भी है। अखबारों के प्रथम पृष्ठ पर दी गई खबरें और इंटरनैट तथा टेलिविज़न आदि पर दिए जाने वाले समाचार अधिकांशतः अपराधों, दुर्घटनाओं, राजनीति और उसकी बुराईयों, अर्थव्यवस्था और उस को लेकर हमारे सामने मंडरा रहे खतरों और समाज के प्रमुख लोगों के बुरे आचरण इत्यादि बातों पर ही केंद्रित होते हैं। जीवन के किसी भी क्षेत्र में देख लें, आज के समय में भलाई की बहुत कम और बुराई की चर्चा एवं उदाहरण बहुत अधिक पाए जाते हैं; इसलिए, दाऊद द्वारा उठाया गया यह प्रश्न, "...कौन हम को कुछ भलाई दिखाएगा?..." हमारे लिए भी समकालिक हो जाता है।

   इसी भजन में दाऊद हमें इस प्रश्न का उत्तर भी देता है। अपने इन कठिन समयों में दाऊद परमेश्वर की ओर मुड़ा और परमेश्वर ने उसके संकट को दूर किया (पद 1), उसकी प्रार्थना को सुना (पद 3)। परिस्थितियों के परिवर्तन से मिलने वाली अस्थायी भलाईयों की आशा करने की बजाए दाऊद ने परमेश्वर से स्थायी प्रोत्साहन प्राप्त किया जिसका प्रतिफल मन का ऐसा आनन्द था जो संसार से मिलने वाली किसी भी संपन्नता या सफलता से कहीं अधिक बढ़कर था (पद 6-7)।

   दाऊद के संपूर्ण जीवन भर, उसके इस्त्राएल का राजा बनने से पहले तथा बाद में भी, उसे सदा ही विरोधियों का सामना करते रहना पड़ा, लेकिन फिर भी वह कह सका, "मैं शान्ति से लेट जाऊंगा और सो जाऊंगा; क्योंकि, हे यहोवा, केवल तू ही मुझ को एकान्त में निश्चिन्त रहने देता है" (पद8)।

   परमेश्वर के वचन में दिए इस भजन पर मनन कीजिए, उसके सत्यों को अपनाईए और उनके साथ अपने दिन का आरंभ कीजिए; ये आपको आपके लिए परमेश्वर की देखभाल के विषय में आश्वस्त रखेंगे। - डेविड मैक्कैसलैण्ड


जीवन के तूफानों में परमेश्वर ही सुरक्षित शरणस्थल है।

हे मेरे प्राण, तू क्यों गिरा जाता है? और तू अन्दर ही अन्दर क्यों व्याकुल है? परमेश्वर पर आशा लगाए रह; क्योंकि मैं उसके दर्शन से उद्धार पाकर फिर उसका धन्यवाद करूंगा। - भजन 42:5

बाइबल पाठ: भजन 4:1-8
Psalms 4:1 हे मेरे धर्ममय परमेश्वर, जब मैं पुकारूं तब तू मुझे उत्तर दे; जब मैं सकेती में पड़ा तब तू ने मुझे विस्तार दिया। मुझ पर अनुग्रह कर और मेरी प्रार्थना सुन ले।
Psalms 4:2 हे मनुष्यों के पुत्रों, कब तक मेरी महिमा के बदले अनादर होता रहेगा? तुम कब तक व्यर्थ बातों से प्रीति रखोगे और झूठी युक्ति की खोज में रहोगे? 
Psalms 4:3 यह जान रखो कि यहोवा ने भक्त को अपने लिये अलग कर रखा है; जब मैं यहोवा को पुकारूंगा तब वह सुन लेगा। 
Psalms 4:4 कांपते रहो और पाप मत करो; अपने अपने बिछौने पर मन ही मन सोचो और चुपचाप रहो। 
Psalms 4:5 धर्म के बलिदान चढ़ाओ, और यहोवा पर भरोसा रखो। 
Psalms 4:6 बहुत से हैं जो कहते हैं, कि कौन हम को कुछ भलाई दिखाएगा? हे यहोवा तू अपने मुख का प्रकाश हम पर चमका! 
Psalms 4:7 तू ने मेरे मन में उस से कहीं अधिक आनन्द भर दिया है, जो उन को अन्न और दाखमधु की बढ़ती से होता था। 
Psalms 4:8 मैं शान्ति से लेट जाऊंगा और सो जाऊंगा; क्योंकि, हे यहोवा, केवल तू ही मुझ को एकान्त में निश्चिन्त रहने देता है।

एक साल में बाइबल: 
  • 1 राजा 6-7
  • लूका 20:27-47


मंगलवार, 28 अप्रैल 2015

भय और शान्ति


   मेरे पहले बच्चे के जन्म के समय मेरी पत्नि मार्लीन 30 घंटे तक प्रसव पीड़ा में रही, जो उसके तथा बच्चे दोनों के लिए बहुत तनावपूर्ण और कठिन हो गया। जो चिकित्सक मेरी पत्नि के प्रसव के लिए आई थी वह उसकी नियमित चिकित्सक से भिन्न थी, मार्लीन और होने वाले बच्चे के बारे में अधिक नहीं जानती थी इसलिए उसके द्वारा मार्लीन का ऑपरेशन करके बच्चे को बाहर निकालने का निर्णय लेने में विलंब हुआ। इस विलंब के कारण जनम के समय बच्चे के प्राणों को खतरा हुआ और उसे जन्म के तुरंत बाद ही नवजात शिशुओं के सघन-चिकित्सा-इकाई में इलाज के लिए रखना पड़ा। वहाँ उस इकाई में उसे पालने में असहाय सा पड़ा देखना मेरे लिए बहुत भयानक और दुखःदायी था, मुझे नहीं याद कि मैं उस से बढ़कर भयानक या भयभीत कर देने वाली किसी अन्य स्थिति से कभी निकला हूँ। परमेश्वर के अनुग्रह से मेरा बेटा मैट, उस परिस्थिति से बिना किसी नुकसान के सुरक्षित निकल आया; लेकिन मैं यह भी जानता हूँ कि उस समय मैं ने प्रभु यीशु की अपने निकट बनी उपस्थिति को अनुभव किया, उससे प्रार्थना में बातें करीं, कठिन और दुख:दायी परिस्थितियों में भी उपलब्ध उसकी शान्ति को जाना।

   ना केवल जीवन के आतंकित कर देने वाले समयों में, वरन जीवन के प्रत्येक समय में दुखी मन को परमेश्वर की उपस्थिति और देखभाल के एहसास के समान शान्ति देने वाला अन्य कुछ नहीं है। दाऊद ने अपने एक भजन में लिखा, "चाहे मैं घोर अन्धकार से भरी हुई तराई में हो कर चलूं, तौभी हानि से न डरूंगा, क्योंकि तू मेरे साथ रहता है; तेरे सोंटे और तेरी लाठी से मुझे शान्ति मिलती है" (भजन 23:4)।

   जब कोई भय आतंकित कर रहा हो तो स्मरण रखिए कि परमेश्वर आपके साथ है; उसकी शान्तिदायक उपस्थिति आपको प्रत्येक संघर्ष से सुरक्षित निकल लेगी और आशीषित करेगी। - बिल क्राउडर


शान्ति परमेश्वर की उपस्थिति से होती है।

यहोवा परमेश्वर मेरी ज्योति और मेरा उद्धार है; मैं किस से डरूं? यहोवा मेरे जीवन का दृढ़ गढ़ ठहरा है, मैं किस का भय खाऊं? - भजन 27:1

बाइबल पाठ: भजन 23:1-6
Psalms 23:1 यहोवा मेरा चरवाहा है, मुझे कुछ घटी न होगी। 
Psalms 23:2 वह मुझे हरी हरी चराइयों में बैठाता है; वह मुझे सुखदाई जल के झरने के पास ले चलता है; 
Psalms 23:3 वह मेरे जी में जी ले आता है। धर्म के मार्गो में वह अपने नाम के निमित्त मेरी अगुवाई करता है। 
Psalms 23:4 चाहे मैं घोर अन्धकार से भरी हुई तराई में हो कर चलूं, तौभी हानि से न डरूंगा, क्योंकि तू मेरे साथ रहता है; तेरे सोंटे और तेरी लाठी से मुझे शान्ति मिलती है।
Psalms 23:5 तू मेरे सताने वालों के साम्हने मेरे लिये मेज बिछाता है; तू ने मेरे सिर पर तेल मला है, मेरा कटोरा उमण्ड रहा है। 
Psalms 23:6 निश्चय भलाई और करूणा जीवन भर मेरे साथ साथ बनी रहेंगी; और मैं यहोवा के धाम में सर्वदा वास करूंगा।

एक साल में बाइबल: 
  • 1 राजा 3-5
  • लूका 20:1-26



सोमवार, 27 अप्रैल 2015

बुलाहट


   मैं अपने सहकर्मियों के साथ हवाई अड्डे की सुरक्षा जाँच से निकल कर वायुयान में जाने की ओर बढ़ रही थी कि मुझे मेरा नाम दो बार पुकारे जाते हुए सुनाई दिया। क्योंकि मेरा नाम आम नामों से थोड़ा भिन्न है इसलिए मैं निश्चित थी कि यह पुकार मेरे लिए ही होगी। मुझे लगा कि शायद मैं अपनी कोई चीज़ वहाँ सुरक्षा जाँच के समय भूल आई हूँ जिसके लिए मुझे बुलाया जा रहा है। इसलिए मैंने पुकार लगाने वाले डेस्क पर फोन करके अपना नाम पुकारे जाने का कारण जानना चाहा तो मुझे उत्तर मिला कि उन्होंने तो मेरा नाम पुकारा ही नहीं। जब मैंने कहा कि मुझे दो बार अपना नाम सुनाई दिया है तौभी उनका दृढ़ उत्तर था कि उन्होंने मेरा नाम नहीं पुकारा। मुझे कभी यह पता नहीं चलने पाया कि मेरा नाम उस दिन क्यों पुकारा गया!

   परमेश्वर के वचन बाइबल में एक बालक, शमूएल ने भी अपने नाम को पुकारे जाते सुना (1 शमूएल 3:4)। परमेश्वर का वचन बाइबल हमें बताती है कि, "उस समय तक तो शमूएल यहोवा को नहीं पहचानता था, और न तो यहोवा का वचन ही उस पर प्रगट हुआ था" (1 शमूएल 3:7)। इसलिए शमूएल को अपना नाम सुनकर लगा कि मन्दिर के प्रधान पुरोहित, एली उसे बुला रहा है और वह उठकर उसके पास गया; एली ने बात को समझकर शमूएल का मार्गदर्शन किया और तब फिर शमूएल परमेश्वर से अपने लिए परमेश्वर की योजना को जानने पाया। आगे चलकर शमूएल बाइबल के प्रमुख नायकों में से एक बना।

   प्रभु यीशु संसार के सभी लोगों को उन्हें उनकी समस्याओं से शान्ति एवं विश्राम देने के लिए बुलाता है: "हे सब परिश्रम करने वालों और बोझ से दबे लोगों, मेरे पास आओ; मैं तुम्हें विश्राम दूंगा" (मत्ती 11:28); यह संसार के लिए उसकी बुलाहट है - आओ और सेंतमेंत में पापों की क्षमा, उद्धार तथा परमेश्वर की शान्ति स्वेच्छा से ले लो। इसी प्रकार परमेश्वर की अपने प्रत्येक विश्वासी को आशीषित करने के लिए एक योजना है, उसने हम सब मसीही विश्वासियों के करने के लिए कुछ ना कुछ निर्धारित किया है "क्योंकि हम उसके बनाए हुए हैं; और मसीह यीशु में उन भले कामों के लिये सृजे गए जिन्हें परमेश्वर ने पहिले से हमारे करने के लिये तैयार किया" (इफिसियों 2:10) जिसके लिए वह हमें बुलाता है।

   परमेश्वर की बुलाहट संसार तथा उसके अनुयायियों, दोनों के लिए है - उसकी बुलाहट को सुनें और उसकी बात को मानें; वह केवल आपका भला ही चाहता है। - ऐनी सेटास


प्रभु यीशु सभी बेचैन लोगों को चैन देने के लिए बुलाता है।

क्योंकि ईश्वर तो एक क्या वरन दो बार बोलता है, परन्तु लोग उस पर चित्त नहीं लगाते। - अय्युब 33:14

बाइबल पाठ: 1 शमूएल 3:1-10
1 Samuel 3:1 और वह बालक शमूएल एली के साम्हने यहोवा की सेवा टहल करता था। और उन दिनों में यहोवा का वचन दुर्लभ था; और दर्शन कम मिलता था। 
1 Samuel 3:2 और उस समय ऐसा हुआ कि (एली की आंखे तो धुंघली होने लगी थीं और उसे न सूझ पड़ता था) जब वह अपने स्थान में लेटा हुआ था, 
1 Samuel 3:3 और परमेश्वर का दीपक अब तक बुझा नहीं था, और शमूएल यहोवा के मन्दिर में जहाँ परमेश्वर का सन्दूक था लेटा था; 
1 Samuel 3:4 तब यहोवा ने शमूएल को पुकारा; और उसने कहा, क्या आज्ञा! 
1 Samuel 3:5 तब उसने एली के पास दौड़कर कहा, क्या आज्ञा, तू ने तो मुझे पुकारा है। वह बोला, मैं ने नहीं पुकारा; फिर जा लेट रह। तो वह जा कर लेट गया। 
1 Samuel 3:6 तब यहोवा ने फिर पुकार के कहा, हे शमूएल! शमूएल उठ कर एली के पास गया, और कहा, क्या आज्ञा, तू ने तो मुझे पुकारा है। उसने कहा, हे मेरे बेटे, मैं ने नहीं पुकारा; फिर जा लेट रह। 
1 Samuel 3:7 उस समय तक तो शमूएल यहोवा को नहीं पहचानता था, और न तो यहोवा का वचन ही उस पर प्रगट हुआ था। 
1 Samuel 3:8 फिर तीसरी बार यहोवा ने शमूएल को पुकारा। और वह उठ के एली के पास गया, और कहा, क्या आज्ञा, तू ने तो मुझे पुकारा है। तब एली ने समझ लिया कि इस बालक को यहोवा ने पुकारा है। 
1 Samuel 3:9 इसलिये एली ने शमूएल से कहा, जा लेट रहे; और यदि वह तुझे फिर पुकारे, तो तू कहना, कि हे यहोवा, कह, क्योंकि तेरा दास सुन रहा है तब शमूएल अपने स्थान पर जा कर लेट गया। 
1 Samuel 3:10 तब यहोवा आ खड़ा हुआ, और पहिले की नाईं पुकारा, शमूएल! शमूएल! शमूएल ने कहा, कह, क्योंकि तेरा दास सुन रहा है।

एक साल में बाइबल: 
  • 1 राजा 1-2
  • लूका 19:28-48