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बुधवार, 6 मई 2015

तैयार


   मेरा बेटा एक लंबा अवकाश लेकर घर आया हुआ था। एक दिन उस ने मेरे कार्य करने के कमरे का दरवाज़ा खटखटाया, अन्दर आया और मुझ से पूछा कि मैं क्या कर रहा हूँ? मैंने उत्तर दिया कि "मैं रविवार की बाइबल क्लास की तैयारी कर रहा हूँ"; और फिर यह सोचते हुए कि मैं अकसर कुछ ना कुछ तैयार करने के लिए अपने कमरे में कार्यरत रहता हूँ, मैंने आगे कहा, "लगता है कि मैं सदा ही कुछ तैयार कर रहा होता हूँ"।

   मैं परमेश्वर का बहुत धन्यवादी हूँ उन अवसरों के लिए जो वह मुझे प्रदान करता है कि मैं दूसरों तक उसके वचन को पहुँचा सकूँ। लेकिन इस कार्य में कुछ तनाव भी रहता है जब आप सदा किसी ना किसी के लिए कुछ ना कुछ तैयार करने में लगे रहते हैं। ऐसे में घर, परिवार और अन्य बातों के लिए अपनी प्राथमिकताओं को निर्धारित करना और निभाना कभी कभी कठिन भी हो जाता है, क्योंकि सदा ही कोई पाठ, कोई सन्देश, या कोई दस्तावेज़ आपके समय और मन पर हावी होता है।

   सदा तैयारी करते रहने के इस विचार ने मुझ में जिज्ञासा उत्पन्न करी और मैंने परमेश्वर के वचन बाइबल में खोज कर देखा कि इस विषय में वहाँ क्या शिक्षाएं दी गई हैं। मुझे मिला कि बाइबल हम मसीही विश्वासियों को सदा तैयारी करते रहने के लिए सिखाती है। परमेश्वर को समर्पित हृदय को उसकी सेवा के लिए सदा तैयारी करते रहना है (1 शमूएल 7:3)। हमें भले कार्यों के लिए सदा तैयार रहना है (2 तिमुथियुस 2:21); हमें पवित्रशास्त्र की सच्चाईयों की सुरक्षा करने और समझाने के लिए सदा तैयार रहना है (1 पतरस 3:15)। प्रेरित पौलुस यह भी स्मरण करवाता है कि अपने संसाधानों का सेवकाई में दान करने के लिए भी योजनाबद्ध रीति से तैयार रहना है (2 कुरिन्थियों 9:5)।

   यह तो बस एक शुरूआत है; परमेश्वर को भाते रहने वाला जीवन व्यतीत करने के लिए हमें मानसिक, आत्मिक और शारीरिक रिति से तैयार रहना है। लेकिन इसके लिए हमें किसी तनाव में आने की आवश्यकता नहीं है क्योंकि परमेश्वर स्वयं हमें इसके लिए आवश्यक सामर्थ और मार्गदर्शन देगा। परमेश्वर से प्रार्थना करें कि जब हम उसकी सेवकाई करने, उसे आदर देने और दूसरों को उसके बारे में बताने के लिए तैयार होते हैं तो इन सब में वह ही हमारा मार्गदर्शन करे। - डेव ब्रैनन


आज का सही उपयोग ही कल की सर्वोत्तम तैयारी है।

सो हे प्यारो जब कि ये प्रतिज्ञाएं हमें मिली हैं, तो आओ, हम अपने आप को शरीर और आत्मा की सब मलिनता से शुद्ध करें, और परमेश्वर का भय रखते हुए पवित्रता को सिद्ध करें। - 2 कुरिन्थियों 7:1 

बाइबल पाठ: 2 तिमुथियुस 2:19-26
2 Timothy 2:19 तौभी परमेश्वर की पड़ी नेव बनी रहती है, और उस पर यह छाप लगी है, कि प्रभु अपनों को पहिचानता है; और जो कोई प्रभु का नाम लेता है, वह अधर्म से बचा रहे। 
2 Timothy 2:20 बड़े घर में न केवल सोने-चान्दी ही के, पर काठ और मिट्टी के बरतन भी होते हैं; कोई कोई आदर, और कोई कोई अनादर के लिये। 
2 Timothy 2:21 यदि कोई अपने आप को इन से शुद्ध करेगा, तो वह आदर का बरतन, और पवित्र ठहरेगा; और स्‍वामी के काम आएगा, और हर भले काम के लिये तैयार होगा। 
2 Timothy 2:22 जवानी की अभिलाषाओं से भाग; और जो शुद्ध मन से प्रभु का नाम लेते हैं, उन के साथ धर्म, और विश्वास, और प्रेम, और मेल-मिलाप का पीछा कर। 
2 Timothy 2:23 पर मूर्खता, और अविद्या के विवादों से अलग रह; क्योंकि तू जानता है, कि उन से झगड़े होते हैं। 
2 Timothy 2:24 और प्रभु के दास को झगड़ालू होना न चाहिए, पर सब के साथ कोमल और शिक्षा में निपुण, और सहनशील हो। 
2 Timothy 2:25 और विरोधियों को नम्रता से समझाए, क्या जाने परमेश्वर उन्हें मन फिराव का मन दे, कि वे भी सत्य को पहिचानें। 
2 Timothy 2:26 और इस के द्वारा उस की इच्छा पूरी करने के लिये सचेत हो कर शैतान के फंदे से छूट जाएं।

एक साल में बाइबल: 
  • 1 राजा 21-22
  • लूका 23:26-56



मंगलवार, 5 मई 2015

वचन


   इंग्लैंड के सम्राट जेम्स परमेश्वर के वचन बाइबल के, उनके नाम से जाने वाले, अंग्रेज़ी अनुवाद के लिए प्रसिद्ध हैं। जिन दिनों में उनके द्वारा करवाए गए बाइबल के अंग्रेज़ी अनुवाद की छपाई चल रही थी, उन्ही दिनों में उन्होंने बाइबल पर आधारित प्रार्थनाओं की पुस्तक "The Book of Common Prayer" में भी संशोधन करवा कर उसके छापने की आज्ञा दी। आज भी प्रयोग होने वाली इस प्रार्थना पुस्तक में, जो विभिन्न प्रकार की प्रार्थनाओं का अद्भुत संग्रह है, एक विलक्षण प्रार्थना है बाइबल में दिए गए परमेश्वर के वचनों को अपने अन्दर समावेश कर लेने के लिए: "धन्य परमेश्वर, आपने जो हमारी शिक्षा के लिए पवित्र शास्त्र को लिखवाया है, हम पर यह अनुग्रह करें कि हम उसे सुनें, पढ़ें, चिन्हित करें, सीखें और अपने अन्दर समावेश कर लें जिससे की आपके वचन के धैर्य और शान्ति के द्वारा हम अनन्त जीवन की धन्य आशा का अंगिकार कर के उसे सदा थामे रहें।"

   इससे भी कई सदी पहले यर्मियाह भविष्यद्वक्ता ने परमेश्वर के वचन द्वारा हमारे मनों भली बातों का पोषण देने वाला बताया: "जब तेरे वचन मेरे पास पहुंचे, तब मैं ने उन्हें मानो खा लिया, और तेरे वचन मेरे मन के हर्ष और आनन्द का कारण हुए; क्योंकि, हे सेनाओं के परमेश्वर यहोवा, मैं तेरा कहलाता हूँ" (यर्मियाह 15:16)। जब हम बाइबल के किसी खण्ड को पढ़ते, चिन्हित करते, सीखते और अपने अन्दर समावेश करते हैं और प्रार्थना के साथ उस पर मनन करते हैं, तब हम उस वचन को अपने अन्दर कार्यकारी होने, हमारा मार्गदर्शन करने और हमें सामर्थ प्रदान करने का अवसर देते हैं, हम परमेश्वर की निकटता में बढ़ते हैं।

   परमेश्वर से माँगें कि वह आपको आज यह सामर्थ दे कि आप उसके वचन बाइबल को अपने हृदय से ग्रहण कर सकें, उससे बल तथा मार्गदर्शन पा सकें। जब आप शान्त और समर्पित मन के साथ परमेश्वर के पास आएंगे और उसके साथ बैठेंगे, वह आपको अपने बारे में अपने वचन से सिखाएगा। - डैनिस फिशर


कुछ पुस्तकें चखने के लिए होती हैं, कुछ अन्य निगल जाने के लिए; लेकिन कुछ होती हैं समय लेकर चबा-चबा कर खाने और पचाकर अपने अन्दर ले लेने के लिए। - बेकन

तब यीशु ने उन यहूदियों से जिन्हों ने उन की प्रतीति की थी, कहा, यदि तुम मेरे वचन में बने रहोगे, तो सचमुच मेरे चेले ठहरोगे। - यूहन्ना 8:31

बाइबल पाठ: यर्मियाह 15:15-21
Jeremiah 15:15 हे यहोवा, तू तो जानता है; मुझे स्मरण कर और मेरी सुधि ले कर मेरे सताने वालों से मेरा पलटा ले। तू धीरज के साथ क्रोध करने वाला है, इसलिये मुझे न उठा ले; तेरे ही निमित्त मेरी नामधराई हुई है। 
Jeremiah 15:16 जब तेरे वचन मेरे पास पहुंचे, तब मैं ने उन्हें मानो खा लिया, और तेरे वचन मेरे मन के हर्ष और आनन्द का कारण हुए; क्योंकि, हे सेनाओं के परमेश्वर यहोवा, मैं तेरा कहलाता हूँ। 
Jeremiah 15:17 तेरी छाया मुझ पर इुई; मैं मन बहलाने वालों के बीच बैठकर प्रसन्न नहीं हुआ; तेरे हाथ के दबाव से मैं अकेला बैठा, क्योंकि तू ने मुझे क्रोध से भर दिया था। 
Jeremiah 15:18 मेरी पीड़ा क्यों लगातार बनी रहती है? मेरी चोट की क्यों कोई औषधि नहीं है? क्या तू सचमुच मेरे लिये धोखा देने वाली नदी और सूखने वाले जल के समान होगा? 
Jeremiah 15:19 यह सुनकर यहोवा ने यों कहा, यदि तू फिरे, तो मैं फिर से तुझे अपने साम्हने खड़ा करूंगा। यदि तू अनमोल को कहे और निकम्मे को न कहे, तब तू मेरे मुख के समान होगा। वे लोग तेरी ओर फिरेंगे, परन्तु तू उनकी ओर न फिरना। 
Jeremiah 15:20 और मैं तुझ को उन लोगों के साम्हने पीतल की दृढ़ शहरपनाह बनाऊंगा; वे तुझ से लड़ेंगे, परन्तु तुझ पर प्रबल न होंगे, क्योंकि मैं तुझे बचाने और तेरा उद्धार करने के लिये तेरे साथ हूँ, यहोवा की यह वाणी है। मैं तुझे दुष्ट लोगों के हाथ से बचाऊंगा, 
Jeremiah 15:21 और उपद्रवी लोगों के पंजे से छुड़ा लूंगा।

एक साल में बाइबल: 
  • 1 राजा 19-20
  • लूका 23:1-25



सोमवार, 4 मई 2015

भजन


   गीत और संगीत से संबंधित तीन प्रसिद्ध लोगों पर बने एक वृतचित्र में जैक व्हाइट ने गीत लिखने के लिए आवश्यक पहली बात के लिए कहा, "यदि आपके अन्दर अथवा आस-पास कोई संघर्ष नहीं है, तो आपको एक संघर्ष बनाना पड़ेगा।"

   जो गीत हमारे अन्दर की गहरी भावनों को व्यक्त करते हैं वे ही हमारे लिए सबसे अधिक अर्थपूर्ण भी होते हैं। परमेश्वर के वचन बाइबल का भजन संहिता भाग बाइबल की "गीत की पुस्तक" भी कहलाता है। भजन संहिता में लिखे अनेक भजन लेखकों के संघर्ष से ही निकले थे। ये भजन उनकी और आज हमारी निराशा और भय की अभिव्यक्ति तो हैं किंतु साथ ही वे परमेश्वर पिता के सदा विश्वासयोग्य और सदा साथ बने रहने वाले प्रेम की ओर भी निर्देशित करते हैं।

   भजन 31 में दाऊद ने लिखा: "हे यहोवा, मुझ पर अनुग्रह कर क्योंकि मैं संकट में हूं; मेरी आंखे वरन मेरा प्राण और शरीर सब शोक के मारे घुले जाते हैं" (भजन 31:9)। इस भजन में दाऊद अपने लिए विरोधियों द्वारा बिछाए जाल के बारे में लिखता है (पद 4), अपने पाप के बारे में (पद 10), मित्रों द्वारा बिसरा देने के बारे में (पद 11-12), और उसके जीवन के विरुद्ध बनाए जा रहे षड़यंत्रों (पद 13) के बारे में लिखता है। लेकिन फिर भी दाऊद की आशा उसका अपना बल-सामर्थ नहीं वरन परमेश्वर था: "परन्तु हे यहोवा मैं ने तो तुझी पर भरोसा रखा है, मैं ने कहा, तू मेरा परमेश्वर है। मेरे दिन तेरे हाथ में है; तू मुझे मेरे शत्रुओं और मेरे सताने वालों के हाथ से छुड़ा" (भजन 31:14-15)।

   परमेश्वर के आत्मा की अगुवाई में लिखे गए ये भजन हमें परमेश्वर के आगे अपने हृदय की गहराईयों को खोलने और अपनी भावनाओं को मुक्त रीति से व्यक्त करना सिखाते हैं, और जो परमेश्वर पर अपना भरोसा बनाए रखते हैं उनके लिए उपलब्ध परमेश्वर की भलाई का आशवासन देते हैं (पद 19)। इन भजन के पठन और मनन को अपनी दिनचर्या का अभिन्न अंग बना लीजिए। - डेविड मैक्कैसलैंड


अपनी सबसे गहरी आवश्यकता में भी आप भजन संहिता में परमेश्वर की शान्ति को पाएंगे।

जो जाल उन्होंने मेरे लिये बिछाया है उस से तू मुझ को छुड़ा ले, क्योंकि तू ही मेरा दृढ़ गढ़ है। भजन 31:4

बाइबल पाठ: भजन 31:9-20
Psalms 31:9 हे यहोवा, मुझ पर अनुग्रह कर क्योंकि मैं संकट में हूं; मेरी आंखे वरन मेरा प्राण और शरीर सब शोक के मारे घुले जाते हैं। 
Psalms 31:10 मेरा जीवन शोक के मारे और मेरी अवस्था कराहते कराहते घट चली है; मेरा बल मेरे अधर्म के कारण जाता रह, और मेरी हडि्डयां घुल गई। 
Psalms 31:11 अपने सब विरोधियों के कारण मेरे पड़ोसियों में मेरी नामधराई हुई है, अपने जान पहिचान वालों के लिये डर का कारण हूं; जो मुझ को सड़क पर देखते हैं वह मुझ से दूर भाग जाते हैं। 
Psalms 31:12 मैं मृतक की नाईं लोगों के मन से बिसर गया; मैं टूटे बर्तन के समान हो गया हूं। 
Psalms 31:13 मैं ने बहुतों के मुंह से अपना अपवाद सुना, चारों ओर भय ही भय है! जब उन्होंने मेरे विरुद्ध आपस में सम्मति की तब मेरे प्राण लेने की युक्ति की। 
Psalms 31:14 परन्तु हे यहोवा मैं ने तो तुझी पर भरोसा रखा है, मैं ने कहा, तू मेरा परमेश्वर है। 
Psalms 31:15 मेरे दिन तेरे हाथ में है; तू मुझे मेरे शत्रुओं और मेरे सताने वालों के हाथ से छुड़ा। 
Psalms 31:16 अपने दास पर अपने मुंह का प्रकाश चमका; अपनी करूणा से मेरा उद्धार कर। 
Psalms 31:17 हे यहोवा, मुझे लज्जित न होने दे क्योंकि मैं ने तुझ को पुकारा है; दुष्ट लज्जित हों और वे पाताल में चुपचाप पड़े रहें। 
Psalms 31:18 जो अंहकार और अपमान से धर्मी की निन्दा करते हैं, उनके झूठ बोलने वाले मुंह बन्द किए जाएं। 
Psalms 31:19 आहा, तेरी भलाई क्या ही बड़ी है जो तू ने अपने डरवैयों के लिये रख छोड़ी है, और अपने शरणागतों के लिये मनुष्यों के साम्हने प्रगट भी की है! 
Psalms 31:20 तू उन्हें दर्शन देने के गुप्त स्थान में मनुष्यों की बुरी गोष्ठी से गुप्त रखेगा; तू उन को अपने मण्डप में झगड़े-रगड़े से छिपा रखेगा।

एक साल में बाइबल: 
  • 1 राजा 16-18
  • लूका 22:47-71


रविवार, 3 मई 2015

नियम


   मेरी मुलाकात एक बड़ी खुशमिज़ाज़ स्त्री से हुई जो "मॉम्मा चार्ली" के नाम से जानी जाती थीं और जिसने एक दर्जन दत्तक बच्चों का पालन-पोषण किया है। उसे यह बच्चे न्यायालयों द्वारा देख-रेख के लिए दिए जाते थे, और वह महिला उन बच्चों को रहने और बढ़ने के लिए प्रेम और मार्गदर्शन देने वाला एक स्थिर घर उपलब्ध करवाती थी। उसने मुझे बताया कि जब भी कोई नया बच्चा उसके घर में आता तो पहला कार्य होता था उसे "मॉम्मा के नियम" बताना और समझाना। ये नियम परस्पर व्यवहार, एक दूसरे के प्रति जवाबदेही और एक दूसरे की सहायता करने तथा घर के कार्यों में हाथ बंटाने से संबंधित होते थे जिससे घर को सुचारू रूप से चलाया और संचालित किया जा सके क्योंकि वे बच्चे इन बातों को पहले से भली-भांति नहीं जानते थे।

   कुछ बच्चे "मॉम्मा के नियम" सुनकर घबरा जाते थे क्योंकि उन्हें लगता था कि इन नियमों के कारण उनके आनन्द और स्वतंत्रता में बाधा आएगी। लेकिन यह सत्य नहीं था; सत्य तो यह था कि इन नियमों के पालन द्वारा ही वह घर सुचारू रूप से चल सकता था जिससे वे सभी बच्चे और मॉम्मा शान्तिपूर्ण और आनन्दायक जीवन व्यतीत कर सकते थे।

   इसी प्रकार कुछ लोग परमेश्वर के वचन बाइबल में दिए परमेश्वर के नियमों एवं परस्पर व्यवहार के मानकों को जीवन का मज़ा लेने में बाधक के रूप में देखते हैं। लेकिन सच्चाई इसके विपरीत है; जो सीमाएं परमेश्वर ने हमारे चारों ओर निर्धारित करी हैं वे हमें हमारी बुरी प्रवृत्तियों और उनके दुषप्रभावों से बचाने और हमारे जीवनों में उसके तथा अन्य लोगों के प्रति अच्छे व्यवहार तथा प्रतिक्रीयाओं को उत्पन्न करने के लिए हैं।

   उदाहरणस्वरूप इफिसीयों के 4 अध्याय में प्रेरित पौलुस हमें जीवन व्यतीत करने के कुछ मार्गदर्शन देता है। जब हम परमेश्वर के इन मार्गदर्शनों के अनुसार जीवन जीना आरंभ करते हैं तो हमें उसकी सुरक्षा तथा सच्चे आनन्द को पाने के अवसर भी मिलते हैं। - बिल क्राउडर


परमेश्वर का वचन वह कुतुबनुमा है जिसकी आज्ञाकारिता हमें सही मार्ग पर बनाए रखती है।

पर अब तुम भी इन सब को अर्थात क्रोध, रोष, बैरभाव, निन्‍दा, और मुंह से गालियां बकना ये सब बातें छोड़ दो। एक दूसरे से झूठ मत बोलो क्योंकि तुम ने पुराने मनुष्यत्‍व को उसके कामों समेत उतार डाला है। - कुलुस्सियों 3:8-9

बाइबल पाठ: इफिसियों 4:17-32
Ephesians 4:17 इसलिये मैं यह कहता हूं, और प्रभु में जताए देता हूं कि जैसे अन्यजातीय लोग अपने मन की अनर्थ की रीति पर चलते हैं, तुम अब से फिर ऐसे न चलो। 
Ephesians 4:18 क्योंकि उनकी बुद्धि अन्‍धेरी हो गई है और उस अज्ञानता के कारण जो उन में है और उनके मन की कठोरता के कारण वे परमेश्वर के जीवन से अलग किए हुए हैं। 
Ephesians 4:19 और वे सुन्न हो कर, लुचपन में लग गए हैं, कि सब प्रकार के गन्‍दे काम लालसा से किया करें। 
Ephesians 4:20 पर तुम ने मसीह की ऐसी शिक्षा नहीं पाई। 
Ephesians 4:21 वरन तुम ने सचमुच उसी की सुनी, और जैसा यीशु में सत्य है, उसी में सिखाए भी गए। 
Ephesians 4:22 कि तुम अगले चालचलन के पुराने मनुष्यत्‍व को जो भरमाने वाली अभिलाषाओं के अनुसार भ्रष्‍ट होता जाता है, उतार डालो। 
Ephesians 4:23 और अपने मन के आत्मिक स्‍वभाव में नये बनते जाओ। 
Ephesians 4:24 और नये मनुष्यत्‍व को पहिन लो, जो परमेश्वर के अनुसार सत्य की धामिर्कता, और पवित्रता में सृजा गया है।
Ephesians 4:25 इस कारण झूठ बोलना छोड़कर हर एक अपने पड़ोसी से सच बोले, क्योंकि हम आपस में एक दूसरे के अंग हैं। 
Ephesians 4:26 क्रोध तो करो, पर पाप मत करो: सूर्य अस्‍त होने तक तुम्हारा क्रोध न रहे। 
Ephesians 4:27 और न शैतान को अवसर दो। 
Ephesians 4:28 चोरी करनेवाला फिर चोरी न करे; वरन भले काम करने में अपने हाथों से परिश्रम करे; इसलिये कि जिसे प्रयोजन हो, उसे देने को उसके पास कुछ हो। 
Ephesians 4:29 कोई गन्‍दी बात तुम्हारे मुंह से न निकले, पर आवश्यकता के अनुसार वही जो उन्नति के लिये उत्तम हो, ताकि उस से सुनने वालों पर अनुग्रह हो। 
Ephesians 4:30 और परमेश्वर के पवित्र आत्मा को शोकित मत करो, जिस से तुम पर छुटकारे के दिन के लिये छाप दी गई है। 
Ephesians 4:31 सब प्रकार की कड़वाहट और प्रकोप और क्रोध, और कलह, और निन्‍दा सब बैरभाव समेत तुम से दूर की जाए। 
Ephesians 4:32 और एक दूसरे पर कृपाल, और करूणामय हो, और जैसे परमेश्वर ने मसीह में तुम्हारे अपराध क्षमा किए, वैसे ही तुम भी एक दूसरे के अपराध क्षमा करो।

एक साल में बाइबल: 
  • 1 राजा 14-15
  • लूका 22:21-46



शनिवार, 2 मई 2015

प्रार्थना निवेदन


   हाल ही में हमारे परमेश्वर के वचन बाइबल के अध्ययन में, मसीही सेवकाई में लगी एक मिशनरी महिला आईं। वहाँ उन्होंने बाताया कि जहाँ वह सेवकाई कर रही हैं, वहाँ जाने के लिए उन्हें कैसे अपने घर-बार का  सारा सामान बाँध कर, संबंधियों एवं मित्रों से विदा लेकर, दूर स्थित एक नए और अनजान देश में जाना पड़ा। जब वे और उनका परिवार वहाँ पहुँचे तो उन्हें खतरनाक मार्गों एवं फलते-फूलते नशीले पदार्थों के व्यापार का सामना करना पड़ा। भाषा की दिक्कत के कारण उन्हें एकाकीपन के समय भी बिताने पड़े। स्वास्थ्य समस्याओं ने भी उन्हें दबाया - उन्हें पेट और अंतड़ियों के चार अलग अलग तरह के संक्रमण हुए; उनकी सबसे बड़ी बेटी सीढ़ी के किनारे लगे असुरक्षित जंगले के कारण गिरकर मरने से बाल-बाल बची। उन्हें अपनी सेवकाई के लिए प्रार्थना की बहुत आवश्यकता थी।

   प्रेरित पौलुस ने भी अपनी मिशनरी सेवकाई में बहुत सी कठिनाईयों और खतरों का सामना किया। उसे बन्दी-गृह में डाला गया, मारा-पीटा गया और समुद्र में जहाज़ के टूट जाने से जान के खतरों का सामना भी करना पड़ा। इसलिए यह कोई विस्मयकारी बात नहीं है कि उसने अपनी पत्रियों में पाठकों से उसके लिए प्रार्थना करने के निवेदन भी लिखे। पौलुस ने थिस्सुलुनीके के मसीही विश्वासियों से चाहा कि वे उसके लिए प्रार्थना करें जिससे कि उसके द्वारा सुसमाचार प्रचार सफलता से हो सके और "...प्रभु का वचन ऐसा शीघ्र फैले, और महिमा पाए...", और यह भी कि परमेश्वर उसे "...टेढ़े और दुष्‍ट मनुष्यों से..." बचाए (2 थिस्सुलुनीकियों 3:1-2)। पौलुस जानता था कि उसे सुसमाचार प्रचार के लिए प्रबल वचन की आवश्यकता होगी जिसे वह साहस के साथ उस सुसमाचार का भेद समझाने के लिए प्रयोग कर सके (इफिसीयों 6:19) इसीलिए प्रार्थना के लिए उसका यह भी एक निवेदन था।

   क्या आप ऐसे लोगों को जानते हैं जिन्हें सुसमाचार प्रचार के लिए अलौकिक सामर्थ की आवश्यकता है? पौलुस के निवेदन को स्मरण रखें: "...हे भाइयो, हमारे लिये प्रार्थना किया करो..." (2 थिस्सुलुनीकियों 3:1) और उन लोगों के लिए हमारे सामर्थी परमेश्वर पिता के सम्मुख प्रार्थना मे आएं। - जेनिफर बेन्सन शुल्ट


दूसरों के लिए प्रार्थना में परमेश्वर के सिंहासन के निकट आएं, उसके द्वार सदा खुले हैं।

और हर समय और हर प्रकार से आत्मा में प्रार्थना, और बिनती करते रहो, और इसी लिये जागते रहो, कि सब पवित्र लोगों के लिये लगातार बिनती किया करो। और मेरे लिये भी, कि मुझे बोलने के समय ऐसा प्रबल वचन दिया जाए, कि मैं हियाव से सुसमाचार का भेद बता सकूं जिस के लिये मैं जंजीर से जकड़ा हुआ राजदूत हूं। - इफिसीयों 6:18-19

बाइबल पाठ: 2 थिस्सुलुनीकियों 3:1-5
2 Thessalonians 3:1 निदान, हे भाइयो, हमारे लिये प्रार्थना किया करो, कि प्रभु का वचन ऐसा शीघ्र फैले, और महिमा पाए, जैसा तुम में हुआ। 
2 Thessalonians 3:2 और हम टेढ़े और दुष्‍ट मनुष्यों से बचे रहें क्योंकि हर एक में विश्वास नहीं।
2 Thessalonians 3:3 परन्तु प्रभु सच्चा है; वह तुम्हें दृढ़ता से स्थिर करेगा: और उस दुष्‍ट से सुरक्षित रखेगा। 
2 Thessalonians 3:4 और हमें प्रभु में तुम्हारे ऊपर भरोसा है, कि जो जो आज्ञा हम तुम्हें देते हैं, उन्हें तुम मानते हो, और मानते भी रहोगे। 
2 Thessalonians 3:5 परमेश्वर के प्रेम और मसीह के धीरज की ओर प्रभु तुम्हारे मन की अगुवाई करे।

एक साल में बाइबल: 
  • 1 राजा 12-13
  • लूका 22:1-20



शुक्रवार, 1 मई 2015

बहुमूल्य


   अपने जीवन भर मैं बहुत सी चीज़ें एकत्रित करता रहा हूँ। मेरे घर पर कई डिब्बे एकत्रित करी गई ऐसी वस्तुओं से भरे पड़े हैं जो कभी मेरे लिए बहुमूल्य हुआ करती थीं, लेकिन समय के साथ वे अपना महत्व और रोमांच खो चुकी हैं। नई नई चीज़ों को एकत्रित करने की लालसा में लम्बा समय व्यतीत करने के बाद मैं आज यह समझता हूँ कि इस तरह संग्रहित करने का आनन्द केवल नई चीज़ को ढूँढ़ने और प्राप्त कर लेने तक ही सीमित है। एक बार वह मिल जाए तो ध्यान फिर उससे हट कर किसी दूसरी चीज़ की खोज और उसे प्राप्त करने पर लग जाता है।

   हम अपने जीवनों में बहुत सी ऐसी वस्तुओं को एकत्रित कर लेते हैं जो उस समय हमें बहुत आवश्यक लगती हैं, लेकिन उन में से बहुत कम ही होती हैं जो वास्तव में बहुमूल्य होती हैं। यथार्त में, मैंने यह जाना है कि जीवन की सबसे बहुमूल्य वस्तुएं भौतिक नहीं होती; वरन वे लोग होते हैं जिन्होंने मुझ से प्रेम किया, मेरा जीवन को संवारने-बनाने के लिए अपने आप को और अपने संसाधनों को मेरे लिए खर्च किया है। जब भी किसी के विषय मेरे मन में भावना उठती है कि "अगर यह ना होता तो ना जाने मेरा क्या होता" तो मैं जान जाता हूँ कि वह व्यक्ति मेरे लिए बहुमूल्य है।

   इस लिए जब प्रेरित पतरस प्रभु यीशु को "...कोने के सिरे का चुना हुआ और बहुमूल्य पत्थर..." (1 पतरस 2:6) कहता है तो यह बात हमारे हृदयों में गूँजती रहनी चाहिए कि वह वास्तव में बहुमूल्य है, हमारे लिए हर एक व्यक्ति और वस्तु से बढ़कर कीमती है। यदि प्रभु यीशु का अनुग्रह, उसकी हमारे साथ लगातार बनी रहने वाली विश्वासयोग्य उपस्थिति, उसका बुद्धिमतापूर्ण तथा सिद्ध मार्गदर्शन, दयापूर्ण धैर्य, सांत्वना और परिवर्तित कर देने वाली डाँट यदि हमारे साथ ना होती तो हम कहाँ और किस हाल में होते? हम उसके बिना कुछ कर पाते? उसके बिना अपने जीवन की मैं कल्पना भी नहीं कर सकता हूँ; वह मेरे लिए बहुमूल्य है, अति बहुमूल्य। - जो स्टोवैल


जो कुछ भी बहुमूल्य हो सकता है, प्रभु यीशु उस सूची में सर्वप्रथम है।

इसलिये प्रभु यहोवा यों कहता है, देखो, मैं ने सिय्योन में नेव का पत्थर रखा है, एक परखा हुआ पत्थर, कोने का अनमोल और अति दृढ़ नेव के योग्य पत्थर: और जो कोई विश्वास रखे वह उतावली न करेगा। - यशायाह 28:16

बाइबल पाठ: 1 पतरस 2:1-10
1 Peter 2:1 इसलिये सब प्रकार का बैर भाव और छल और कपट और डाह और बदनामी को दूर करके। 
1 Peter 2:2 नये जन्मे हुए बच्‍चों की नाईं निर्मल आत्मिक दूध की लालसा करो, ताकि उसके द्वारा उद्धार पाने के लिये बढ़ते जाओ। 
1 Peter 2:3 यदि तुम ने प्रभु की कृपा का स्‍वाद चख लिया है। 
1 Peter 2:4 उसके पास आकर, जिसे मनुष्यों ने तो निकम्मा ठहराया, परन्तु परमेश्वर के निकट चुना हुआ, और बहुमूल्य जीवता पत्थर है। 
1 Peter 2:5 तुम भी आप जीवते पत्थरों की नाईं आत्मिक घर बनते जाते हो, जिस से याजकों का पवित्र समाज बन कर, ऐसे आत्मिक बलिदान चढ़ाओ, जो यीशु मसीह के द्वारा परमेश्वर को ग्राह्य हों। 
1 Peter 2:6 इस कारण पवित्र शास्त्र में भी आया है, कि देखो, मैं सिय्योन में कोने के सिरे का चुना हुआ और बहुमूल्य पत्थर धरता हूं: और जो कोई उस पर विश्वास करेगा, वह किसी रीति से लज्ज़ित नहीं होगा। 
1 Peter 2:7 सो तुम्हारे लिये जो विश्वास करते हो, वह तो बहुमूल्य है, पर जो विश्वास नहीं करते उन के लिये जिस पत्थर को राजमिस्त्रीयों ने निकम्मा ठहराया था, वही कोने का सिरा हो गया। 
1 Peter 2:8 और ठेस लगने का पत्थर और ठोकर खाने की चट्टान हो गया है: क्योंकि वे तो वचन को न मान कर ठोकर खाते हैं और इसी के लिये वे ठहराए भी गए थे। 
1 Peter 2:9 पर तुम एक चुना हुआ वंश, और राज-पदधारी याजकों का समाज, और पवित्र लोग, और (परमेश्वर की) निज प्रजा हो, इसलिये कि जिसने तुम्हें अन्धकार में से अपनी अद्भुत ज्योति में बुलाया है, उसके गुण प्रगट करो। 
1 Peter 2:10 तुम पहिले तो कुछ भी नहीं थे, पर अब परमेश्वर ही प्रजा हो: तुम पर दया नहीं हुई थी पर अब तुम पर दया हुई है।

एक साल में बाइबल: 
  • 1 राजा 10-11
  • लूका 21:20-38



गुरुवार, 30 अप्रैल 2015

अद्भुत प्रस्ताव


   प्रतिदिन ई-मेल द्वारा मुझे धन देने के लिए मिलने वाले अविश्वसनीय प्रस्तावों से मैं चकित हूँ। हाल ही में मैंने एक सप्ताह में मुफ्त मिलने वाले धन के इन प्रस्तावों का योग किया तो पाया कि वह 260 लाख अमरीकी डॉलर की राशि बनती है। लेकिन इन में से प्रत्येक प्रस्ताव, चाहे वह मेरे द्वारा 10 लाख डॉलर का ईनाम जीते जाने का प्रस्ताव हो या 70 लाख डॉलर प्राप्त कर पाने की प्रस्तावना हो, सब झूठे और बेईमान लोगों द्वारा मेरी कमाई को ठगने और मुझे नुकसान पहुँचाने के लिए थे; कोई भी वास्तविक और मेरे लाभ के लिए नहीं था। हम सब, जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में ऐसे ही अद्भुत प्रस्तावों द्वारा अलग अलग तरह से ठगे जाने का सामना करते हैं। हमें झूठी आशा और काल्पनिक कथाओं के द्वारा एसी बातों पर विश्वास करने के लिए उकसाया जाता है जिनका कोई यथार्त नहीं है और जिनका अन्त केवल टूटे सपने और दुख ही होता है।

   लेकिन एक प्रस्ताव है जो अद्भुत और अविश्वसनीय होने के बावजूद खरा और बिलकुल सच्चा है - परमेश्वर का, प्रभु यीशु मसीह के कलवरी के क्रूस पर किए गए कार्य द्वारा मिलने वाली पापों की क्षमा, उद्धार और अनन्त जीवन का प्रस्ताव: "उन्होंने कहा, प्रभु यीशु मसीह पर विश्वास कर, तो तू और तेरा घराना उद्धार पाएगा" (प्रेरितों 16:31)। यह ऐसा प्रस्ताव है, जो आज मेरे और आपके लिए तो मुफ्त उपलब्ध है, किंतु इसे मेरे और आपके लिए कार्यकारी बनाने के लिए प्रभु यीशु को एक बहुत बड़ी कीमत चुकानी पड़ी थी; अर्थात किसी दूसरे द्वारा चुकाई गई कीमत का लाभ आज संसार के प्रत्येक जन के लिए उपलब्ध किया गया है। परमेश्वर के वचन बाइबल में रोम के मसीही विश्वासियों के नाम लिखी अपनी पत्री में प्रेरित पौलुस प्रभु यीशु के विषय में कहता है, "वह हमारे अपराधों के लिये पकड़वाया गया, और हमारे धर्मी ठहरने के लिये जिलाया भी गया" (रोमियों 4:25)।

   परमेश्वर के इस प्रस्ताव को स्वीकृति देने और अपनाने से हमें केवल उद्धार ही नहीं वरन उसके साथ आशा (तीतुस 1:2), शान्ति (रोमियों 5:1), क्षमा (इफिसियों 1:7), असीम अलौकिक धन (इफिसियों 2:7) और संसार की बातों से छुटकारा (इफिसियों 4:30) भी मिलता है। यही वास्तविक और खरा सौदा है; प्रभु यीशु की मृत्यु और पुनरुत्थान इसकी पुष्टि करते हैं, इसे प्रमाणित करते हैं। संसार की मन-गढ़न्त बातों और धोखों पर नहीं वरन परमेश्वर के अद्भुत प्रस्ताव पर विश्वास कीजिए, उसे परख कर देखिए और तब ही अपनाइए, और उस से अपने जीवन को सार्थक बनाईए। - डेव ब्रैनन


हमारा उद्धार परमेश्वर के लिए बहुत महंगा था, परन्तु उसने उसे हमारे लिए मुफ्त दे दिया है।

क्योंकि पाप की मजदूरी तो मृत्यु है, परन्तु परमेश्वर का वरदान हमारे प्रभु मसीह यीशु में अनन्त जीवन है। - रोमियों 6:23

बाइबल पाठ: 1 पतरस 1:3-9
1 Peter 1:3 हमारे प्रभु यीशु मसीह के परमेश्वर और पिता का धन्यवाद दो, जिसने यीशु मसीह के मरे हुओं में से जी उठने के द्वारा, अपनी बड़ी दया से हमें जीवित आशा के लिये नया जन्म दिया। 
1 Peter 1:4 अर्थात एक अविनाशी और निर्मल, और अजर मीरास के लिये। 
1 Peter 1:5 जो तुम्हारे लिये स्वर्ग में रखी है, जिन की रक्षा परमेश्वर की सामर्थ से, विश्वास के द्वारा उस उद्धार के लिये, जो आने वाले समय में प्रगट होने वाली है, की जाती है। 
1 Peter 1:6 और इस कारण तुम मगन होते हो, यद्यपि अवश्य है कि अब कुछ दिन तक नाना प्रकार की परीक्षाओं के कारण उदास हो। 
1 Peter 1:7 और यह इसलिये है कि तुम्हारा परखा हुआ विश्वास, जो आग से ताए हुए नाशमान सोने से भी कहीं, अधिक बहुमूल्य है, यीशु मसीह के प्रगट होने पर प्रशंसा, और महिमा, और आदर का कारण ठहरे। 
1 Peter 1:8 उस से तुम बिन देखे प्रेम रखते हो, और अब तो उस पर बिन देखे भी विश्वास कर के ऐसे आनन्‍दित और मगन होते हो, जो वर्णन से बाहर और महिमा से भरा हुआ है। 
1 Peter 1:9 और अपने विश्वास का प्रतिफल अर्थात आत्माओं का उद्धार प्राप्त करते हो।

एक साल में बाइबल: 
  • 1 राजा 8-9
  • लूका 21:1-19