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बुधवार, 5 अगस्त 2015

अद्भुत सृष्टि


   हाल ही में मैंने एक सूचन-पटल पर लिखा हुआ देखा कि पृथ्वी पर उपस्थित जीविन का 80% भाग जल के अन्दर रहता है। इस चौंका देने वाले आँकड़े का आँकलन करना बहुत कठिन कार्य है, मुख्यतः इस कारण क्योंकि वह जीवन हमारी आँखों से ओझल रहता है। जब मैं इन आँकड़ों पर विचार कर रहा था तो मुझे स्मरण आया कि जितना सामान्यतः हमें दिखाई देता है और हम समझने पाते हैं, परमेश्वर की सृष्टि उस से कितनी अधिक महान और विशाल है। हम किसी विशाल पर्वत-श्रंखला को, या किसी विलक्षण प्राकृतिक दृश्य को, या सूर्योदय अथवा सूर्यास्त के विहंगम दृश्य को देखकर स्तब्ध तो हो जाते हैं किंतु अकसर हम परमेश्वर की सृष्टि की बारीकियों में छिपे उसके अद्भुत कार्यों को नहीं देख पाते, क्योंकि उन्हें जानने पहिचानने के लिए बारीकी से उनकी जाँच एवं अध्ययन की आवश्यकता होती है। ना केवल इस पृथ्वी का अधिकांश जीवन जल में छुपा हुआ है, परन्तु परमेश्वर की अद्भुत सृष्टि की अनेक विलक्षण बातें इतनी सूक्षम हैं, और अनेक अन्य इतनी दूर अन्तरिक्ष में हैं कि उन में से कोई भी आँखों को ऐसे ही बिना किसी विशेष उपकरण के दिखाई नहीं देती। लेकिन सृष्टि की उन देखी-अनदेखी महान बातों द्वारा परमेश्वर की रचनात्मक महिमा और सामर्थ प्रकट अवश्य होती है (रोमियों 1:20)।

   जैसे जैसे हम इस विस्मयकारी सृष्टि की समझ और ज्ञान में बढ़ते जाते हैं, सृष्टि हमें अपने सृष्टिकर्ता की ओर और उसकी आराधना करने को उभारती जाती है, जैसे कि परमेश्वर के वचन बाइबल में भजनकार ने लिखा: "स्वर्ग और पृथ्वी उसकी स्तुति करें, और समुद्र अपने सब जीव जन्तुओं समेत उसकी स्तुति करे" (भजन 69:34)। जब सृष्टि भी अपने सृष्टिकर्ता की आराधना करती है, तो हमें भी अपने ऐसे महान और सर्वसामर्थी परमेश्वर की आराधना में साथ जुड़ जाना चाहिए। - बिल क्राउडर


सृष्टि का अचरज हमें कहने को बाध्य करता है, "परमेश्वर कैसा महान है!"

हे आकाश, ऊंचे स्वर से गा, क्योंकि यहोवा ने यह काम किया है; हे पृथ्वी के गहिरे स्थानों, जयजयकार करो; हे पहाड़ों, हे वन, हे वन के सब वृक्षों, गला खोल कर ऊंचे स्वर से गाओ! क्योंकि यहोवा ने याकूब को छुड़ा लिया है और इस्राएल में महिमावान होगा। - यशायाह 44:23

बाइबल पाठ: भजन 69:29-36
Psalms 69:29 परन्तु मैं तो दु:खी और पीड़ित हूं, इसलिये हे परमेश्वर तू मेरा उद्धार कर के मुझे ऊंचे स्थान पर बैठा। 
Psalms 69:30 मैं गीत गाकर तेरे नाम की स्तुति करूंगा, और धन्यवाद करता हुआ तेरी बड़ाई करूंगा। 
Psalms 69:31 यह यहोवा को बैल से अधिक, वरन सींग और खुर वाले बैल से भी अधिक भाएगा। 
Psalms 69:32 नम्र लोग इसे देख कर आनन्दित होंगे, हे परमेश्वर के खोजियों तुम्हारा मन हरा हो जाए। 
Psalms 69:33 क्योंकि यहोवा दरिद्रों की ओर कान लगाता है, और अपने लोगों को जो बन्धुए हैं तुच्छ नहीं जानता। 
Psalms 69:34 स्वर्ग और पृथ्वी उसकी स्तुति करें, और समुद्र अपने सब जीव जन्तुओं समेत उसकी स्तुति करे। 
Psalms 69:35 क्योंकि परमेश्वर सिय्योन का उद्धार करेगा, और यहूदा के नगरों को फिर बसाएगा; और लोग फिर वहां बस कर उसके अधिकारी हो जाएंगे। 
Psalms 69:36 उसके दासों का वंश उसको अपने भाग में पाएगा, और उसके नाम के प्रेमी उस में वास करेंगे।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 68-69
  • रोमियों 8:1-21


मंगलवार, 4 अगस्त 2015

विचार करें


   माता-पिता अपने बच्चों के विकास के चरणों को स्मरण करके आनन्दित होते हैं। अनेक माता-पिता एक छोटी पुस्तिका में लिख कर रखते हैं कि उनके बच्चे ने पहली बार कब पलटना आरंभ किया, कब बैठना, कब घुटनों के बल चलना, कब खड़े होकर चलना आदि आरंभ किया। कई दफा वे बच्चों के इन विकास-चरणों की फोटो भी निकाल कर और उनके छोटे-छोटे कपड़े सहेज कर रखते हैं, जिससे उन बहुमूल्य पलों के अनुभवों का आनन्दमय स्मरण उनके साथ रह सके।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में लूका 2:19 में हम लिखा पाते हैं कि प्रभु यीशु की सांसारिक माता - मरियम ने भी प्रभु यीशु के जन्म और विकास का ब्यौरा अपने मन में सहेज कर रखा और वह उन बातों पर विचार करती थी। यहाँ मूल युनानी भाषा के जिस शब्द का अनुवाद ’विचार करना’ हुआ है उसका तात्पर्य होता है तुलनात्मक अध्ययन के लिए साथ-साथ रखना। मरियम ने प्रभु यीशु के जन्म के समय स्वर्गदूतों तथा चरवाहों से अपने पुत्र के संबंध में बड़ी-बड़ी बहुत सी बातें सुनी थीं (लूका 1:32; 2:17-18)। अब जैसे जैसे प्रभु का जीवन मरियम के सामने खुल रहा था वह उसके संबंध में दी गई प्रतिज्ञाओं और उसके प्रत्यक्ष जीवन एवं व्यवहार पर तुलनात्मक विचार करती रहती थी।

   यह हम मसीही विश्वासियों के लिए एक अनुसरणीय उदाहरण है - जब हम परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रभु यीशु के बारे में लिखी भविष्यवाणियों और बातों का अध्ययन करके उन बातों की तुलना प्रभु यीशु के जीवन तथा उसके द्वारा हमारे जीवनों में किए जाने वाले कार्यों से करते हैं, तो हमारा मसीही विश्वास बढ़ता है और हम प्रोत्साहित होते हैं। बाइबल हमें आश्वस्त करती है कि प्रभु यीशु हमारे जीवनों में कार्य करता है (यूहन्ना 14:21); वह हमारी प्रार्थनाओं को सुनकर उनका उत्तर देने वाला परमेश्वर है (1 यूहन्ना 5:14-15); वह हमारे क्लेषों में हमें ढाढ़स और सांत्वना देता है (2 कुरिन्थियों 1:3-4) और हमारी सभी आवश्यकताओं को पूरा करता है (फिलिप्पियों 4:19)।

   जब हम अपने प्रभु परमेश्वर और उसके वचन तथा कार्यों पर विचार करते हैं तो परमेश्वर की विश्वासयोग्यता, उसके महान कार्य, उसकी सामर्थ, उसकी योजनाएं हमारे सामने आती हैं और हमें हमारे मसीही विश्वास में स्थिर तथा दृढ़ करती हैं। प्रभु यीशु और उसके वचन के बारें विचार करें; यह आपके जीवन की उन्नति एवं बढ़ोतरी के लिए लाभदायक रहेगा। - डेनिस फिशर


परमेश्वर प्रतिज्ञाओं द्वारा देता है जिससे हम विश्वास द्वारा उसे ग्रहण कर सकें।

और मेरा पिता मुझे यह कह कर सिखाता था, कि तेरा मन मेरे वचन पर लगा रहे; तू मेरी आज्ञाओं का पालन कर, तब जीवित रहेगा। - नीतिवचन 4:4 

बाइबल पाठ: लूका 2:8-19
Luke 2:8 और उस देश में कितने गड़ेरिये थे, जो रात को मैदान में रहकर अपने झुण्ड का पहरा देते थे। 
Luke 2:9 और प्रभु का एक दूत उन के पास आ खड़ा हुआ; और प्रभु का तेज उन के चारों ओर चमका, और वे बहुत डर गए। 
Luke 2:10 तब स्वर्गदूत ने उन से कहा, मत डरो; क्योंकि देखो मैं तुम्हें बड़े आनन्द का सुसमाचार सुनाता हूं जो सब लोगों के लिये होगा। 
Luke 2:11 कि आज दाऊद के नगर में तुम्हारे लिये एक उद्धारकर्ता जन्मा है, और यही मसीह प्रभु है। 
Luke 2:12 और इस का तुम्हारे लिये यह पता है, कि तुम एक बालक को कपड़े में लिपटा हुआ और चरनी में पड़ा पाओगे। 
Luke 2:13 तब एकाएक उस स्वर्गदूत के साथ स्‍वर्गदूतों का दल परमेश्वर की स्‍तुति करते हुए और यह कहते दिखाई दिया। 
Luke 2:14 कि आकाश में परमेश्वर की महिमा और पृथ्वी पर उन मनुष्यों में जिनसे वह प्रसन्न है शान्‍ति हो। 
Luke 2:15 जब स्वर्गदूत उन के पास से स्वर्ग को चले गए, तो गड़ेरियों ने आपस में कहा, आओ, हम बैतलहम जा कर यह बात जो हुई है, और जिसे प्रभु ने हमें बताया है, देखें। 
Luke 2:16 और उन्होंने तुरन्त जा कर मरियम और यूसुफ को और चरनी में उस बालक को पड़ा देखा। 
Luke 2:17 इन्हें देखकर उन्होंने वह बात जो इस बालक के विषय में उन से कही गई थी, प्रगट की। 
Luke 2:18 और सब सुनने वालों ने उन बातों से जो गड़िरयों ने उन से कहीं आश्चर्य किया। 
Luke 2:19 परन्तु मरियम ये सब बातें अपने मन में रखकर सोचती रही।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 66-67
  • रोमियों 7


सोमवार, 3 अगस्त 2015

आतिथ्य तथा महिमा


   पिछली शरद ऋतु की बात है, एक आयोजित कार्यक्रम में हम कुछ लोग मिलकर Our Daily Bread से संबंधित सामग्री के पैकेट बना रहे थे, जब कोरीन से हमारी मुलाकात हुई। उस समय दिन चढ़ चुका था, और उसे निश्चय था कि हम प्यासे और भूखे होंगे। मैंने उस से कहा कि हम "ठीक हैं" तो उस ने उत्तर दिया, "मैं जानती हूँ कि आप सब ठीक हैं, लेकिन आपको कुछ खाने की आवश्यकता है।" कुछ ही मिनिटों में वह हमारे लिए नाश्ता और ठंडा पानी लेकर आ गई। दो दिनों के उस कार्यक्रम में, कोरीन बार बार यह सुनिश्चित करती रही कि हम ठीक हैं कि नहीं, हमारे लिए नाश्ते और पानी का प्रबंध करती रही, और हमारे द्वारा हो रहे कूड़े का निपटारा करती रही। एक समय मैंने उसे धन्यवाद देते हुए कहा, "कोरीन; आप में आतिथ्य का वरदान है!" उसने नज़रें नीचे रखकर उत्तर दिया, "मैं यह नहीं जानती; आप मनन के लिए लेख लिखती रहिए, मैं सफाई करती रहूँगी और परमेश्वर की महिमा होती रहेगी।"

   कोरीन की इच्छा है कि लोगों की सहायता कर के वह परमेश्वर की महिमा करे। इसमें कोई सन्देह नहीं है कि उस में आतिथ्य का वरदान है, और वह उस वरदान का भली भांति प्रयोग भी करती है। परमेश्वर ने अपने सभी बच्चों, अर्थात हम मसीही विश्वासियों को अपने अनुग्रह में कुछ ना कुछ गुण या योग्यताएं दी हैं, जिनके द्वारा वह चाहता है कि हम औरों की सेवा करें, सहायता करें और परमेश्वर को हम में होकर उन लोगों के जीवनों में कार्य करने का अवसर प्राप्त हो सके। आप इन गुणों, योग्यताओं, वरदानों की सूचि परमेश्वर के वचन बाइबल में विभिन्न स्थानों पर देख सकते हैं: रोमियों 12:4-13; 1 कुरिन्थियों 12:27-31; इफीसियों 4:7-11; 1 पतरस 4:9-11।

   परमेश्वर ने हमें ये सब इसलिए दिए हैं "...जिस से सब बातों में यीशु मसीह के द्वारा, परमेश्वर की महिमा प्रगट हो..." (1 पतरस 4:11)। अपने जीवनों के द्वारा अपने परमेश्वर पिता को महिमा और आदर देना, उसके प्रेम, अनुग्रह, दया और करुणा को सब पर प्रकट करना हम सभी मसीही विश्वासियों का कर्तव्य और ज़िम्मेदारी है। - ऐनी सेटास


आप अपनी तरह के एकमात्र हैं - आपको परमेश्वर की ऐसी महिमा करने के लिए बनाया गया है जैसी कोई दूसरा नहीं कर सकता।

पहुनाई करना न भूलना, क्योंकि इस के द्वारा कितनों ने अनजाने स्‍वर्गदूतों की पहुनाई की है। - इब्रानियों 13:2 

बाइबल पाठ: 1 पतरस 4:7-11
1 Peter 4:7 सब बातों का अन्‍त तुरन्त होने वाला है; इसलिये संयमी हो कर प्रार्थना के लिये सचेत रहो। 
1 Peter 4:8 और सब में श्रेष्ठ बात यह है कि एक दूसरे से अधिक प्रेम रखो; क्योंकि प्रेम अनेक पापों को ढांप देता है। 
1 Peter 4:9 बिना कुड़कुड़ाए एक दूसरे की पहुनाई करो। 
1 Peter 4:10 जिस को जो वरदान मिला है, वह उसे परमेश्वर के नाना प्रकार के अनुग्रह के भले भण्‍डारियों की नाईं एक दूसरे की सेवा में लगाए। 
1 Peter 4:11 यदि कोई बोले, तो ऐसा बोले, मानों परमेश्वर का वचन है; यदि कोई सेवा करे; तो उस शक्ति से करे जो परमेश्वर देता है; जिस से सब बातों में यीशु मसीह के द्वारा, परमेश्वर की महिमा प्रगट हो: महिमा और साम्राज्य युगानुयुग उसी की है। आमीन।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 63-65
  • रोमियों 6


रविवार, 2 अगस्त 2015

सहायक


   मसीही विश्वासियों की मण्डलियों से संबंधित अपने अनेक वर्षों के अनुभवों में मैंने देखा है कि जो लोग किसी कठिनाई से होकर निकले हैं वे कठिनाई में पड़े दूसरे लोगों की सहायाता करने में तत्पर होते हैं। जब किसी युवा दंपत्ति के बच्चे की हानि होती है, कोई अन्य दंपत्ति जिसने अपने बच्चे की हानि झेली है उन्हें सांत्वना देने, उनकी सहायता करने के लिए आगे आ जाता है। यदि कोई दंपत्ति अपने जीवन-यापन के मुख्य स्त्रोत को गंवा देता है तो कोई अन्य दंपत्ति, जिसने पहले कभी ऐसी ही परिस्थिति झेली थी, उनकी सहयाता करने के लिए आ जाता है। मसीह यीशु की देह, उसके विश्वासियों की मण्डली, में हम बारंबर एक दूसरे के सहायक होने, एक दूसरे को प्रोत्साहित करते रहने के उदाहरण देखते हैं। इन मसीही विश्वासियों ने सीखा है कि वे अपनी कटु परिस्थित्यों के अनुभवों के कारण, आज विपरीत परिस्थितियों का सामना कर रहे लोगों के सहायक बनें।

   क्या आप बीमार हैं? किसी प्रीय जन को खो दिया है? बन्दी बनाए गए हैं? अनुचित व्यवहार के शिकार हुए हैं? हर परीक्षा, परेशानी और संघर्ष के लिए परमेश्वर का वायदा है कि वह हमारे लिए कुछ भला ही करेगा, हमारे सबसे अन्धकारपूर्ण समय द्वारा भी (याकूब1:2-4)। ऐसा होने का प्रमुख ज़रिया है उन परिस्थित्यों में हमें मिली सांत्वना को दूसरों के साथ बाँटना, जो वैसी ही परिस्थितियों से होकर निकल रहे हैं।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रेरित पौलुस ने कुरिन्थुस के मसीही विश्वासियों को लिखी अपनी पत्री में उन्हें उत्साहित किया कि हमें सांत्वना और शान्ति देने वाला हमारा ऐसा उद्धारकर्ता है जो स्वयं संघर्षों और सताव से होकर निकला है (2 कुरिन्थियों 1:3-7); और उसके समान ही जब हम उससे हमें मिली सान्तवना को दूसरों तक पहुँचाते हैं तो हम उसका आदर करते हैं।

   ऐसा कभी ना हो कि हम किसी को परेशानियों का सामना करने के लिए अकेला छोड़ दें; हमें उनके सहायक बनना है, उन्हें आश्वस्त तथा प्रोत्साहित करके परमेश्वर पिता के पास लाना है जहाँ से वह अपनी प्रत्येक समस्या का समाधान पा सकता है। - रैंडी किलगोर


परमेश्वर हमें सांत्वना देता है ताकि हम औरों को सांत्वना दे सकें।

हे मेरे भाइयों, जब तुम नाना प्रकार की परीक्षाओं में पड़ो तो इसको पूरे आनन्द की बात समझो, यह जान कर, कि तुम्हारे विश्वास के परखे जाने से धीरज उत्पन्न होता है। पर धीरज को अपना पूरा काम करने दो, कि तुम पूरे और सिद्ध हो जाओ और तुम में किसी बात की घटी न रहे। - याकूब1:2-4

बाइबल पाठ: 2 कुरिन्थियों 1:3-7
2 Corinthians 1:3 हमारे प्रभु यीशु मसीह के परमेश्वर, और पिता का धन्यवाद हो, जो दया का पिता, और सब प्रकार की शान्‍ति का परमेश्वर है। 
2 Corinthians 1:4 वह हमारे सब क्‍लेशों में शान्‍ति देता है; ताकि हम उस शान्‍ति के कारण जो परमेश्वर हमें देता है, उन्हें भी शान्‍ति दे सकें, जो किसी प्रकार के क्‍लेश में हों। 
2 Corinthians 1:5 क्योंकि जैसे मसीह के दुख हम को अधिक होते हैं, वैसे ही हमारी शान्‍ति भी मसीह के द्वारा अधिक होती है। 
2 Corinthians 1:6 यदि हम क्‍लेश पाते हैं, तो यह तुम्हारी शान्‍ति और उद्धार के लिये है और यदि शान्‍ति पाते हैं, तो यह तुम्हारी शान्‍ति के लिये है; जिस के प्रभाव से तुम धीरज के साथ उन क्‍लेशों को सह लेते हो, जिन्हें हम भी सहते हैं। 
2 Corinthians 1:7 और हमारी आशा तुम्हारे विषय में दृढ़ है; क्योंकि हम जानते हैं, कि तुम जैसे दुखों के वैसे ही शान्‍ति के भी सहभागी हो।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 60-62
  • रोमियों 5


शनिवार, 1 अगस्त 2015

विचार


   बहुत साल पहले की बात है मैं अपने पिताजी के साथ टैक्सास प्रांत के एक बीहड़ इलाके में पैदल यात्रा के लिए गया। आज तो वह इलाका एक राष्ट्रीय उद्द्यान है परन्तु उन दिनों वह एक कठिन इलाका था। एक संध्या जब हम अपने सोने का इंतिज़ाम कर रहे थे तो एक अन्य दंपति भी, जो अपना पालतु कुत्ता साथ लाए थे, हमारे पास आया और उन्होंने हमसे पूछा कि क्या वे भी हमारे निकट ही अपने तंबु लगा लें? हमने उनका वहाँ स्वागत किया; उन्होंने अपना तंबू लगाया, एक खूँटा गाड़ा और कुत्ते को उससे बांध दिया, फिर हम और वे, दोनों ही सोने के लिए लेट गए। कुछ घंटों के बाद मेरे पिता ने मुझे जगाया और अपनी टॉर्च की रौशनी अन्धेरे की ओर चमकाई। उस रौशनी में हमें कुछ चमकती पीली आँखें दिखाई दीं - कुछ छोटे भेड़िये उस कुत्ते को अपना शिकार बनाने के लिए उसे घेर रहे थे। हम सब ने मिलकर उन्हें भगा तो दिया, और उस दंपत्ति ने कुत्ते को अपने तंबू के अन्दर भी ले लिया, लेकिन शेष रात हम ठीक से सो नहीं पाए।

   जब भी मैं परमेश्वर के वचन बाइबल में भजन 59 और उसमें दाऊद द्वारा दो बार कही गई बात "वे लोग सांझ को लौटकर कुत्ते की नाईं गुर्राते हैं, और नगर के चारों ओर घूमते हैं" (पद 6, 14) पढ़ता हूँ तो मुझे वह रात स्मरण हो आती है। इस भजन को लिखते समय दाऊद उस समय राजा शाऊल की सेना के बारे में सोच रहा था जो उसे घेर रही थी; लेकिन आज मेरा ध्यान उन विचारों की ओर जाता है जो रात के पहरों में मुझे घेर कर मुझे बेचैन और हताश करना चाहते हैं: "तू मूर्ख है"; "तू जीवन में असफल है"; "तू निकम्मा है"; "तू तो नाकारा है, तेरी आवश्यकता किसे होगी?" इत्यादि - ऐसे ही निराशावादी विचारों द्वारा शैतान मुझे परमेश्वर और मेरे प्रति उसके अनन्त प्रेम से भटकाना चाहता है।

   जब भी हम ऐसे निराशात्मक विचारों से ग्रसित हों, कोई हीन भावना हमारे अन्दर जन्म लेने लगें, हम मसीही विश्वासी इस बात को स्मरण कर के अपनी सुरक्षा के विषय आश्वस्त हो सकते हैं कि हम प्रभु यीशु में लाए गए विश्वास द्वारा अनन्त काल के लिए परमेश्वर की सन्तान हैं, उसके परिवार के सदस्य हैं जहाँ से कोई हमें कभी भी हटा नहीं सकता। दाऊद के समान ही हम भी परमेश्वर के कभी ना बदलने, कभी ना टलने वाले प्रेम में आश्वस्त और आनन्दित रह सकते हैं। दाऊद के समान अपने भरोसे को बनाए रखने के द्वारा (पद 16) हम भय, सन्देह और तिरिस्कार की भावनाओं पर जयवन्त हो सकते हैं। - डेविड रोपर


परमेश्वर के प्रेम पर विश्वास सभी सन्देहों को भगा देता है।

मेरा चट्टानरूपी परमेश्वर है, जिसका मैं शरणागत हूँ, मेरी ढाल, मेरा बचाने वाला सींग, मेरा ऊंचा गढ़, और मेरा शरण स्थान है, हे मेरे उद्धार कर्त्ता, तू उपद्रव से मेरा उद्धार किया करता है। - 2 शमूएल 22:3 

बाइबल पाठ: भजन 59
Psalms 59:1 हे मेरे परमेश्वर, मुझ को शत्रुओं से बचा, मुझे ऊंचे स्थान पर रखकर मेरे विरोधियों से बचा, 
Psalms 59:2 मुझ को बुराई करने वालों के हाथ से बचा, और हत्यारों से मेरा उद्धार कर।
Psalms 59:3 क्योंकि देख, वे मेरी घात में लगे हैं; हे यहोवा, मेरा कोई दोष वा पाप नहीं है, तौभी बलवन्त लोग मेरे विरुद्ध इकट्ठे होते हैं। 
Psalms 59:4 वह मुझ निर्दोष पर दौड़ें, दौड़कर लड़ने को तैयार हो जाते हैं। मुझ से मिलने के लिये जाग उठ, और यह देख! 
Psalms 59:5 हे सेनाओं के परमेश्वर यहोवा, हे इस्राएल के परमेश्वर सब अन्यजाति वालों को दण्ड देने के लिये जाग; किसी विश्वासघाती अत्याचारी पर अनुग्रह न कर।
Psalms 59:6 वे लोग सांझ को लौटकर कुत्ते की नाईं गुर्राते हैं, और नगर के चारों ओर घूमते हैं। देख वे डकारते हैं, 
Psalms 59:7 उनके मुंह के भीतर तलवारें हैं, क्योंकि वे कहते हैं, कौन सुनता है? 
Psalms 59:8 परन्तु हे यहोवा, तू उन पर हंसेगा; तू सब अन्य जातियों को ठट्ठों में उड़ाएगा। 
Psalms 59:9 हे मेरे बल, मुझे तेरी ही आस होगी; क्योंकि परमेश्वर मेरा ऊंचा गढ़ है।
Psalms 59:10 परमेश्वर करूणा करता हुआ मुझ से मिलेगा; परमेश्वर मेरे द्रोहियों के विषय मेरी इच्छा पूरी कर देगा।
Psalms 59:11 उन्हें घात न कर, न हो कि मेरी प्रजा भूल जाए; हे प्रभु, हे हमारी ढाल! अपनी शक्ति से उन्हें तितर बितर कर, उन्हें दबा दे। 
Psalms 59:12 वह अपने मुंह के पाप, और ओठों के वचन, और शाप देने, और झूठ बोलने के कारण, अभिमान में फंसे हुए पकड़े जाएं। 
Psalms 59:13 जलजलाहट में आकर उनका अन्त कर, उनका अन्त कर दे ताकि वे नष्ट हो जाएं तब लोग जानेंगे कि परमेश्वर याकूब पर, वरन पृथ्वी की छोर तक प्रभुता करता है।
Psalms 59:14 वे सांझ को लौटकर कुत्ते की नाईं गुर्राएं, और नगर के चारों ओर घूमें। 
Psalms 59:15 वे टुकड़े के लिये मारे मारे फिरें, और तृप्त न होने पर रात भर वहीं ठहरे रहें।
Psalms 59:16 परन्तु मैं तेरी सामर्थ्य का यश गाऊंगा, और भोर को तेरी करूणा का जयजयकार करूंगा। क्योंकि तू मेरा ऊंचा गढ़ है, और संकट के समय मेरा शरणस्थान ठहरा है। 
Psalms 59:17 हे मेरे बल, मैं तेरा भजन गाऊंगा, क्योंकि हे परमेश्वर, तू मेरा ऊंचा गढ़ और मेरा करूणामय परमेश्वर है।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 57-59
  • रोमियों 4


शुक्रवार, 31 जुलाई 2015

आश्वासन


   एक भारी आँधी के कारण फ्रैंकफर्ट के लिए हमारी उड़ान विलंबित हुई जिसके कारण उससे अगली उड़ान को पकड़ना हमारे लिए असंभव हो गया। संबंधित अधिकारियों द्वारा हमें बताया गया कि हमारा नाम अगली संध्या की एक उड़ान में पक्का कर दिया गया है। अगली संध्या जब हम वह उड़ान पकड़ने पहुँचे तो हमें बताया गया कि हमारा नाम पुष्टिकृत यात्रियों की सूची में नहीं वरन पुष्टि होने की प्रतीक्षा कर रहे यात्रियों में है और उड़ान में अभी कोई रिक्त स्थान हमारे लिए नहीं है। यह सब जानने के पश्चात मैं सोचने लगा कि जो कुछ हमें बताया गया क्या वह केवल जानकारी देने में हुई त्रुटि थी या यह उड़ान छूट जाने वाले यात्रियों से व्यवहार का तरीका था। यदि उन यात्रियों को पहले ही यह बता दिया जाता कि वे प्रतीक्षा वाली सूची में हैं तो वे क्षुब्ध होते, कुछ प्रतिक्रीया करते; इसलिए बात को टालने और समय प्राप्त करने के लिए कोई उन से कह दे कि उनके नाम पुष्टिकृत सूची में हैं और फिर बाद में कोई और, पहले व्यक्ति द्वारा दी गई जानकारी से पल्ला झाड़ते हुए उन्हें बताए कि उन्हें अभी प्रतीक्षा करनी होगी।

   यह बड़े धन्यवाद की बात है कि परमेश्वर ऐसा व्यवहार नहीं करता, वह हमें सब बातें स्पष्ट बताता है, कुछ भी नहीं छुपाता। परमेश्वर का वचन बाइबल हमें बताती है कि, "...सब ने पाप किया है और परमेश्वर की महिमा से रहित हैं" (रोमियों 3:23)। मनुष्यों के पाप स्वभाव और उस पाप स्वभाव के निवारण के उपाय के विषय में परमेश्वर ने आरंभ से ही हमें बताया हुआ है (उत्पत्ति 3)। परमेश्वर के इसी उपाय का उल्लेख हम पौलुस प्रेरित द्वारा रोम के मसीही विशवासियों के नाम लिखी गई पत्री में भी पाते हैं: "परन्तु उसके अनुग्रह से उस छुटकारे के द्वारा जो मसीह यीशु में है, सेंत मेंत धर्मी ठहराए जाते हैं" (रोमियों 3:24)।

   परमेश्वर ने अपने पुत्र प्रभु यीशु को संसार के सभी लोगों के पापों के दण्ड को उठा लेने के लिए भेजा। उन पापों के लिए क्रूस पर दिए गए उसके बलिदान के द्वारा आज संसार के सभी लोगों के लिए पाप क्षमा का मार्ग खुला और उपलब्ध है। जो कोई प्रभु यीशु पर विश्वास करके उससे पापों की क्षमा माँगता है और अपना जीवन प्रभु को समर्पित करता है, वह सेंत-मेंत अपने पापों से क्षमा तथा परमेश्वर की सन्तान होने एवं उसकी आशीषों को प्राप्त करने का आदर पा लेता है।

   मैं बहुत धन्यवादी हूँ कि परमेश्वर ने सब के लिए सब कुछ इतना स्पष्ट कर के सब के समक्ष रख दिया है; उसने हमें मनुष्यों के अविश्वसनीय आशवासनों को लेकर इधर-उधर भटकते रहने के लिए नहीं छोड़ा। उसने आज तक कभी किसी को इस क्षमा को पाने से वंचित नहीं किया, किसी अन्य बात में नहीं उलझाया। जो कोई स्वेच्छा से उसे ग्रहण करना चाहे उसके लिए परमेश्वर का आश्वासन निश्चित है, कारगर है, सदा सेंत-मेंत उपलब्ध है। - सी. पी. हिया


प्रभु यीशु का बलिदान हमें सुरक्षित करता है; परमेश्वर का वचन उसके लिए हमें निश्चित करता है।

और जैसे आदम में सब मरते हैं, वैसा ही मसीह में सब जिलाए जाएंगे। - 1 कुरिन्थियों 15:22

बाइबल पाठ: रोमियों 3:20-26
Romans 3:20 क्योंकि व्यवस्था के कामों से कोई प्राणी उसके साम्हने धर्मी नहीं ठहरेगा, इसलिये कि व्यवस्था के द्वारा पाप की पहिचान होती है। 
Romans 3:21 पर अब बिना व्यवस्था परमेश्वर की वह धामिर्कता प्रगट हुई है, जिस की गवाही व्यवस्था और भविष्यद्वक्ता देते हैं। 
Romans 3:22 अर्थात परमेश्वर की वह धामिर्कता, जो यीशु मसीह पर विश्वास करने से सब विश्वास करने वालों के लिये है; क्योंकि कुछ भेद नहीं। 
Romans 3:23 इसलिये कि सब ने पाप किया है और परमेश्वर की महिमा से रहित हैं। 
Romans 3:24 परन्तु उसके अनुग्रह से उस छुटकारे के द्वारा जो मसीह यीशु में है, सेंत मेंत धर्मी ठहराए जाते हैं। 
Romans 3:25 उसे परमेश्वर ने उसके लोहू के कारण एक ऐसा प्रायश्चित्त ठहराया, जो विश्वास करने से कार्यकारी होता है, कि जो पाप पहिले किए गए, और जिन की परमेश्वर ने अपनी सहनशीलता से आनाकानी की; उन के विषय में वह अपनी धामिर्कता प्रगट करे। 
Romans 3:26 वरन इसी समय उस की धामिर्कता प्रगट हो; कि जिस से वह आप ही धर्मी ठहरे, और जो यीशु पर विश्वास करे, उसका भी धर्मी ठहराने वाला हो।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 54-56
  • रोमियों 3


गुरुवार, 30 जुलाई 2015

प्रभावी व्यक्ति


   यदि आप गूगल में जाकर इंटरनैट पर "प्रभावशाली व्यक्ति" वाक्यांश द्वारा खोज करें तो आपके सामने संसार के अनेक प्रभावशाली व्यक्तियों की विभिन्न सूचियाँ आएंगी। इन सूचियों में सामान्यतः राजनीतिक नेताओं, व्यवसायिक उद्द्यमियों, प्रसिद्ध खिलाड़ियों, विभिन्न वैज्ञानिकों, कला तथा मनोरंजन में ख्याति प्राप्त लोगों आदि के नाम मिलेंगे। लेकिन इन नामों की सूचियों के साथ उन प्रसिद्ध लोगों के लिए काम करने वाले सेवकों, रसोईयों या सफाई कर्मचारियों के नाम कभी नहीं मिलेंगे; जबकि इन "छोटे पदों" पर कार्य करने वालों का उन प्रसिद्ध लोगों के जीवनों में बड़ा योगदान एवं प्रभाव होता है।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में हम नामान नामक एक सेनापति की कहानी पाते हैं जो कोढ़ से ग्रसित था, जिसके कारण उसकी नौकरी जा सकती थी और जीवन नाश हो सकता था। इस प्रसिद्ध सेनापति के साथ ही उस कहानी में दो राजाओं और परमेश्वर के एक नबी का भी उल्लेख है (2 राजा 5:1-15)। लेकिन फिर भी नामान कि चंगाई के पीछे ये प्रसिद्ध और प्रभावशाली व्यक्ति नहीं वरन उसके सेवक थे। पहला व्यक्ति जिसने नामान को चंगाई पाने का मार्ग बताया एक छोटी बालिका थी जिसे इस्त्राएल से बंदी बनाकर लाया गया था और जो नामान की पत्नि की सेवा करती थी। उस छोटी लड़की ने ही उसे बन्दी बनाकर लाने वाले की भलाई के लिए अपनी स्वामिनी को बताया कि सामारिया में एक भविष्यद्वक्ता है जो नामान को चंगा कर सकता है। जब उस लड़की की बात पर विश्वास कर के नामान सामारिया में परमेश्वर के नबी एलीशा के पास पहुँचा तो एलीशा ने उससे बिना मिले ही उसे सन्देशा पहुँचवा दिया कि वह जाकर सात बार यरदन नदी में डुबकी लगा ले तो चंगा हो जाएगा। एलीशा द्वारा अपनी इस उपेक्षा से क्रोधित होकर जब नामान वापस घर लौट रहा था तो उसके सेवकों ने उसे समझाया कि एलीशा की बात मान लेने में कोई हर्ज नहीं है, और उन सेवकों के कहने पर नामान ने एलीशा के निर्देशों का पालन किया, और चंगा हो गया; तब नामान ने कहा, "...समस्त पृथ्वी में इस्राएल को छोड़ और कहीं परमेश्वर नहीं है..." (2 राजा 5:15)।

   हम मसीही विश्वासियों की भूमिका का यह कितना उत्तम चित्रण है - हमें मसीह के सेवक होने के लिए बुलाया गया है, ऐसे सेवक जो औरों को मसीह यीशु की ओर आकर्षित कर सकें; उसकी ओर जो उन लोगों के जीवन को सुधार और संवार सकता है, उन्हें पाप के कोढ़ से छुड़ाकर अनन्त विनाश से बचा सकता है। हमें ख्यातिवान या प्रसिद्ध होने के लिए नहीं वरन दूसरों के जीवन में प्रभावी व्यक्ति होने के लिए बुलाया और ठहराया गया है। - डेविड मैक्कैसलैंड


मसीह यीशु हमें संसार में भेजता है जिससे कि हम औरों को उसके पास ला सकें।

विरोध या झूठी बड़ाई के लिये कुछ न करो पर दीनता से एक दूसरे को अपने से अच्छा समझो। हर एक अपनी ही हित की नहीं, वरन दूसरों की हित की भी चिन्‍ता करे। - फिलिप्पियों 2:3-4

बाइबल पाठ: 2 राजा 5:1-15
2 Kings 5:1 अराम के राजा का नामान नाम सेनापति अपने स्वामी की दृष्टि में बड़ा और प्रतिष्ठित पुरुष था, क्योंकि यहोवा ने उसके द्वारा अरामियों को विजयी किया था, और यह शूरवीर था, परन्तु कोढ़ी था। 
2 Kings 5:2 अरामी लोग दल बान्ध कर इस्राएल के देश में जा कर वहां से एक छोटी लड़की बन्धुवाई में ले आए थे और वह नामान की पत्नी की सेवा करती थी। 
2 Kings 5:3 उसने अपनी स्वामिन से कहा, जो मेरा स्वामी शोमरोन के भविष्यद्वक्ता के पास होता, तो क्या ही अच्छा होता! क्योंकि वह उसको कोढ़ से चंगा कर देता। 
2 Kings 5:4 तो किसी ने उसके प्रभु के पास जा कर कह दिया, कि इस्राएली लड़की इस प्रकार कहती है। 
2 Kings 5:5 अराम के राजा ने कहा, तू जा, मैं इस्राएल के राजा के पास एक पत्र भेजूंगा; तब वह दस किक्कार चान्दी और छ: हजार टुकड़े सोना, और दस जोड़े कपड़े साथ ले कर रवाना हो गया। 
2 Kings 5:6 और वह इस्राएल के राजा के पास वह पत्र ले गया जिस में यह लिखा था, कि जब यह पत्र तुझे मिले, तब जानना कि मैं ने नामान नाम अपने एक कर्मचारी को तेरे पास इसलिये भेजा है, कि तू उसका कोढ़ दूर कर दे। 
2 Kings 5:7 इस पत्र के पढ़ने पर इस्राएल का राजा अपने वस्त्र फाड़ कर बोला, क्या मैं मारने वाला और जिलाने वाला परमेश्वर हूँ कि उस पुरुष ने मेरे पास किसी को इसलिये भेजा है कि मैं उसका कोढ़  दूर करूं? सोच विचार तो करो, वह मुझ से झगड़े का कारण ढूंढ़ता होगा। 
2 Kings 5:8 यह सुनकर कि इस्राएल के राजा ने अपने वस्त्र फाड़े हैं, परमेश्वर के भक्त एलीशा ने राजा के पास कहला भेजा, तू ने क्यों अपने वस्त्र फाड़े हैं? वह मेरे पास आए, तब जान लेगा, कि इस्राएल में भविष्यद्वक्ता तो है। 
2 Kings 5:9 तब नामान घोड़ों और रथों समेत एलीशा के द्वार पर आकर खड़ा हुआ। 
2 Kings 5:10 तब एलीशा ने एक दूत से उसके पास यह कहला भेजा, कि तू जा कर यरदन में सात बार डुबकी मार, तब तेरा शरीर ज्यों का त्यों हो जाएगा, और तू शुद्ध होगा। 
2 Kings 5:11 परन्तु नामान क्रोधित हो यह कहता हुआ चला गया, कि मैं ने तो सोचा था, कि अवश्य वह मेरे पास बाहर आएगा, और खड़ा हो कर अपने परमेश्वर यहोवा से प्रार्थना कर के कोढ़ के स्थान पर अपना हाथ फेर कर कोढ़ को दूर करेगा! 
2 Kings 5:12 क्या दमिश्क की अबाना और पर्पर नदियां इस्राएल के सब जलाशयों से अत्तम नहीं हैं? क्या मैं उन में स्नान कर के शुद्ध नहीं हो सकता हूँ? इसलिये वह जलजलाहट से भरा हुआ लौट कर चला गया। 
2 Kings 5:13 तब उसके सेवक पास आकर कहने लगे, हे हमारे पिता यदि भविष्यद्वक्ता तुझे कोई भारी काम करने की आज्ञा देता, तो क्या तू उसे न करता? फिर जब वह कहता है, कि स्नान कर के शुद्ध हो जा, तो कितना अधिक इसे मानना चाहिये। 
2 Kings 5:14 तब उसने परमेश्वर के भक्त के वचन के अनुसार यरदन को जा कर उस में सात बार डुबकी मारी, और उसका शरीर छोटे लड़के का सा हो गया; उौर वह शुद्ध हो गया। 
2 Kings 5:15 तब वह अपने सब दल बल समेत परमेश्वर के भक्त के यहां लौट आया, और उसके सम्मुख खड़ा हो कर कहने लगा सुन, अब मैं ने जान लिया है, कि समस्त पृथ्वी में इस्राएल को छोड़ और कहीं परमेश्वर नहीं है। इसलिये अब अपने दास की भेंट ग्रहण कर।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 51-53
  • रोमियों 2