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सोमवार, 10 अगस्त 2015

अनुकंपा


   फ्रांसिस शेफर एक प्रसिद्ध लेखक और मसीही विश्वास की व्याख्या करने वाले हुए। उन्हें डिसलेक्सिया नामक लिखने-पढ़ने से संबंधित एक मानसिक रोग था जिसके कारण वे कभी शब्दों को सही लिख नहीं पाते थे। जब वे कॉलेज गए तो वर्तनी की अशुद्धता के कारण उनके लिखित कार्यों में उन्हें सदा ही कम अंक मिलते थे। कॉलेज के प्रथम वर्ष में ही एक प्राध्यापक ने उन से कहा, "जो तुमने लिखा है वह दर्श्नशास्त्र का एक अति उत्तम लेख है, ऐसा जैसा मैंने आज तक नहीं पढ़ा; लेकिन इस लेख की वर्तनी जितनी खराब है, वैसी मैंने आज तक नहीं देखी! मैं क्या करूँ? मैं तुम्हें उत्तीर्ण नहीं कर सकता।" फ्रांसिस ने उन्हें उत्तर दिया, "श्रीमानजी, मैं बचपन से आज तक कभी भी सही लिख नहीं पाया। क्या ऐसा नहीं हो सकता कि आप केवल उसे जान लें जो मैंने लिखा है, और लिखे हुए की वर्तनी पर ध्यान ना करें?" कुछ देर तक विचार करने के बाद उस प्राध्यापक ने ने उत्तर दिया, "ठीक है श्री. शेफर; हम ऐसा ही करेंगे।" उस प्राध्यापक के अनुकंपा एवं बुद्धिमता से भरे प्रत्युत्तर ने एक प्रतिभावान जवान को प्रोत्साहित किया और वह आगे चलकर 1960-70 के दशकों में जीवन के उत्तर खोज रही परेशान पीढ़ी के अनेक जवानों को प्रभु यीशु के पास तथा मसीही विश्वास में लाने का माध्यम बन सका।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में यशायाह भविष्यद्वक्ता ने भविष्य में आने वाले प्रभु यीशु मसीह के विषय में लिखा, "कुचले हुए नरकट को वह न तोड़ेगा और न टिमटिमाती बत्ती को बुझाएगा; वह सच्चाई से न्याय चुकाएगा" (यशायाह 42:3)। प्रभु यीशु के चरित्र का यह चित्रण एक अति सामर्थी किंतु बहुत ही नम्र व्यक्ति को दिखाता है जो कभी किसी का नुकसान करना नहीं चाहता; जो कम से कम आशा की स्थिति में भी निराश लोगों की सहायता करके सभी को उभारने का प्रयास करता है। यही प्रभु यीशु ने संसार में आने के बाद किया और आज भी करता आ रहा है - निराशा और पाप के बन्धनों में जकड़े हुओं को मुक्त करना तथा कमज़ोर मन वालों और निरुत्साहित लोगों को प्रोत्साहित करना।

   प्रभु यीशु संसार के सभी लोगों को पाप के दोष तथा दण्ड से मुक्त करने आए थे, लोगों को पाप के लिए दोषी प्रमाणित करने नहीं। आज भी जो कोई उन पर विश्वास करता है, पापों से पश्चाताप करके उनसे अपने पापों की क्षमा माँगता है उन्हें प्रभु उद्धार और आशीष देता है, उनके जीवन को बहाल करता है और उन्हें प्रोत्साहित करता है। - डेविड मैक्कैसलैण्ड


जब हम टूटे मन के साथ प्रभु यीशु के पास आते हैं वह हमें संपूर्ण कर देता है।

जैसे पिता अपने बालकों पर दया करता है, वैसे ही यहोवा अपने डरवैयों पर दया करता है। क्योंकि वह हमारी सृष्टि जानता है; और उसको स्मरण रहता है कि मनुष्य मिट्टी ही है। - भजन 103:13-14

बाइबल पाठ: यशायाह 42:1-9
Isaiah 42:1 मेरे दास को देखो जिसे मैं संभाले हूं, मेरे चुने हुए को, जिस से मेरा जी प्रसन्न है; मैं ने उस पर अपना आत्मा रखा है, वह अन्यजातियों के लिये न्याय प्रगट करेगा। 
Isaiah 42:2 न वह चिल्लाएगा और न ऊंचे शब्द से बोलेगा, न सड़क में अपनी वाणी सुनायेगा। 
Isaiah 42:3 कुचले हुए नरकट को वह न तोड़ेगा और न टिमटिमाती बत्ती को बुझाएगा; वह सच्चाई से न्याय चुकाएगा। 
Isaiah 42:4 वह न थकेगा और न हियाव छोड़ेगा जब तक वह न्याय को पृथ्वी पर स्थिर न करे; और द्वीपों के लोग उसकी व्यवस्था की बाट जाहेंगे।
Isaiah 42:5 ईश्वर जो आकाश का सृजने और तानने वाला है, जो उपज सहित पृथ्वी का फैलाने वाला और उस पर के लोगों को सांस और उस पर के चलने वालों को आत्मा देने वाला यहोवा है, वह यों कहता है: 
Isaiah 42:6 मुझ यहोवा ने तुझ को धर्म से बुला लिया है; मैं तेरा हाथ थाम कर तेरी रक्षा करूंगा; मैं तुझे प्रजा के लिये वाचा और जातियों के लिये प्रकाश ठहराऊंगा; कि तू अन्धों की आंखें खोले, 
Isaiah 42:7 बंधुओं को बन्दीगृह से निकाले और जो अन्धियारे में बैठे हैं उन को काल कोठरी से निकाले। 
Isaiah 42:8 मैं यहोवा हूं, मेरा नाम यही है; अपनी महिमा मैं दूसरे को न दूंगा और जो स्तुति मेरे योग्य है वह खुदी हुई मूरतों को न दूंगा। 
Isaiah 42:9 देखो, पहिली बातें तो हो चुकी हैं, अब मैं नई बातें बताता हूं; उनके होने से पहिले मैं तुम को सुनाता हूं।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 79-80
  • रोमियों 11:1-18


रविवार, 9 अगस्त 2015

घर


   मेरे पिताजी के पास अपने बचपन के घर के बारे में सुनाने को बहुत से किस्से थे। उनकी बातें सुन सुन कर मैं हर गर्मी की छुट्टी में उनके साथ उस घर और फार्म जाने के लिए आतुर रहता था। वहाँ जाकर हम पास बह रही नदी में मछली पकड़ने जाते, उनके उस फार्म पर जाते जहाँ के बारे में वे हमें बताते रहते थे, जहाँ वे बातें हुई थीं जिनके बारे में पिताजी हमे बताते थे। यद्यपि उनका वह निवस-स्थान कभी मेरा घर नहीं रहा था, लेकिन आज भी जब कभी मैं उस स्थान पर अपने बेटे-पोतों के साथ जाता हूँ तो वहाँ की यादें मुझे एक अपनेपन का आभास करवाती हैं, जैसे मैं वहाँ का ही हूँ, वो स्थान मेरा ही है।

   प्रभु यीशु अपने चेलों के साथ अपने स्वर्गीय घर की बातें करते थे, जिसे छोड़कर वे हमारे लिए इस संसार में आए थे। उनके लिए यह कितने आनन्द की बात रही होगी जब उन्होंने अपने चेलों से कहा, "मेरे पिता के घर में बहुत से रहने के स्थान हैं, यदि न होते, तो मैं तुम से कह देता क्योंकि मैं तुम्हारे लिये जगह तैयार करने जाता हूं। और यदि मैं जा कर तुम्हारे लिये जगह तैयार करूं, तो फिर आकर तुम्हें अपने यहां ले जाऊंगा, कि जहां मैं रहूं वहां तुम भी रहो" (यूहन्ना 14:2-3)। निःसन्देह प्रभु यीशु, जिन्होंने "...उस आनन्द के लिये जो उसके आगे धरा था, लज्ज़ा की कुछ चिन्‍ता न कर के, क्रूस का दुख सहा..." (इब्रानियों 12:2) अपने पिता के पास उस स्वर्गीय घर में लौटने की बाट जोह रहे थे ताकि अनेक पुत्र और पुत्रियों का उनके स्वर्गीय परमेश्वर पिता से मेल करवा सकें, उन पुत्र और पुत्रियों को परमेश्वर पिता के सामने प्रस्तुत होने का मार्ग दे सकें।

   यह विचार कि प्रभु यीशु संसार के सभी लोगों को इस संसार और पाप के बन्धनों से छुड़ाने आया और जिन्होंने उसे स्वीकार किया है, उन मसीही विश्वासियों अपने और हमारे परमेश्वर पिता के पास अनन्तकाल के हमारे स्वर्गीय घर में ले जाएगा हमें रोमांच से भर देता है, और हमें प्रेरित करता है कि हम उस स्वर्गीय घर के बारे में औरों को भी बताएं, उन्हें भी वहाँ के आनन्द का भागीदार बनने का अवसर प्रदान करें। - जो स्टोवैल


केवल प्रभु यीशु ही हमारे अन्दर उस स्वर्गीय निवास-स्थान की ऐसी लालसा जागृत कर सकता है जैसी हम में पहले कभी नहीं थी।

क्योंकि हम जानते हैं, कि जब हमारा पृथ्वी पर का डेरा सरीखा घर गिराया जाएगा तो हमें परमेश्वर की ओर से स्वर्ग पर एक ऐसा भवन मिलेगा, जो हाथों से बना हुआ घर नहीं परन्तु चिरस्थाई है। - 2 कुरिन्थियों 5:1

बाइबल पाठ: यूहन्ना 14:1-11
John 14:1 तुम्हारा मन व्याकुल न हो, तुम परमेश्वर पर विश्वास रखते हो मुझ पर भी विश्वास रखो। 
John 14:2 मेरे पिता के घर में बहुत से रहने के स्थान हैं, यदि न होते, तो मैं तुम से कह देता क्योंकि मैं तुम्हारे लिये जगह तैयार करने जाता हूं। 
John 14:3 और यदि मैं जा कर तुम्हारे लिये जगह तैयार करूं, तो फिर आकर तुम्हें अपने यहां ले जाऊंगा, कि जहां मैं रहूं वहां तुम भी रहो। 
John 14:4 और जहां मैं जाता हूं तुम वहां का मार्ग जानते हो। 
John 14:5 थोमा ने उस से कहा, हे प्रभु, हम नहीं जानते कि तू हां जाता है तो मार्ग कैसे जानें? 
John 14:6 यीशु ने उस से कहा, मार्ग और सच्चाई और जीवन मैं ही हूं; बिना मेरे द्वारा कोई पिता के पास नहीं पहुंच सकता। 
John 14:7 यदि तुम ने मुझे जाना होता, तो मेरे पिता को भी जानते, और अब उसे जानते हो, और उसे देखा भी है। 
John 14:8 फिलेप्पुस ने उस से कहा, हे प्रभु, पिता को हमें दिखा दे: यही हमारे लिये बहुत है। 
John 14:9 यीशु ने उस से कहा; हे फिलेप्पुस, मैं इतने दिन से तुम्हारे साथ हूं, और क्या तू मुझे नहीं जानता? जिसने मुझे देखा है उसने पिता को देखा है: तू क्यों कहता है कि पिता को हमें दिखा। 
John 14:10 क्या तू प्रतीति नहीं करता, कि मैं पिता में हूं, और पिता मुझ में हैं? ये बातें जो मैं तुम से कहता हूं, अपनी ओर से नहीं कहता, परन्तु पिता मुझ में रहकर अपने काम करता है। 
John 14:11 मेरी ही प्रतीति करो, कि मैं पिता में हूं; और पिता मुझ में है; नहीं तो कामों ही के कारण मेरी प्रतीति करो।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 77-78
  • रोमियों 10


शनिवार, 8 अगस्त 2015

जीवन के दृश्य


   छुट्टियों में भ्रमण के दौरान सारे साल बर्फ से ढके रहने वाले अलास्का प्रदेश के जितने दृश्य मैं देख पाई, उन में से अधिकांश मैंने चलती हुई गाड़ियों की खिड़की में से देखे। मैं धन्यवादी थी काँच की बनी खिड़कियों के लिए जिसके कारण बाहर ठंडा होने पर भी मैं गाड़ी के अन्दर गर्म रहते हुए बाहर की सुन्दरता को देखने पाई। लेकिन उन काँच की खिड़कियों से एक समस्या भी थी, जब बाहर बारिश पड़ती तो काँच पर पड़ता पानी बाहर के दृश्य को धुँधला कर देता और मैं कुछ स्पष्ट नहीं देख पाती। इसी प्रकार जब अन्दर का तापमन बदलता तो काँच पर हवा की नमी जम जाती, उसे धुन्धला कर देती और फिर मुझे बाहर का दृश्य स्पष्ट दिखाई देना बन्द हो जाता।

   इस बात ने मुझे यह समझने में सहायता करी कि क्यों हम जीवन को वैसा नहीं देख पाते जैसा परमेश्वर ने उसे हमारे चारों ओर रखा है। हमारा पाप परमेश्वर द्वारा हमारे जीवनों में भरी गई सुन्दरता को स्पष्ट देख पाने में बाधा बनता है। गाड़ी के काँच पर आई नमी की परत के समान कभी-कभी पाप हमारे अन्दर होता है, जैसे कि स्वार्थ का पाप, जिसके कारण हम हमारे आस-पास के लोगों की आवश्यकताओं को स्पष्ट नहीं देख पाते और अपने आप को औरों से अधिक महत्वपूर्ण समझने लगते हैं। कभी-कभी पाप बाहर होता है, जैसे कि औरों द्वारा किया जा रहा अन्याय जो हमारी आँखों को आँसुओं से धुन्धला कर देता है और हम परमेश्वर की भलाई को देख नहीं पाते। पाप चाहे कैसा भी, चाहे अन्दर हो या बाहर, हमारे और परमेश्वर के बीच में आता ही है और हमें जीवन के अद्भुत स्वरूप और परमेश्वर की भलाईयों को स्पष्ट देख पाने में बाधा बनता ही है।

   चाहे अभी, "...हमें दर्पण में धुंधला सा दिखाई देता है" (1 कुरिन्थियों 13:12), लेकिन फिर भी हम अभी इतना तो देख पाते हैं कि परमेश्वर भला है (भजन 34:8)। परमेश्वर ने जो अपनी भलाई और जीवन की अद्भुत बातें हमारे चारों ओर रखी हैं, यदि हम उन पर विचार करें, तो हम पाप से दूर हटकर संसार में होने वाले पाप के दुषप्रभावों को कम करने में सहायक हो सकते हैं। परमेश्वर और उसकी भलाईयों पर मनन कीजिए तो पाप जीवन के दृश्यों तथा आपकी नज़र को धुन्धला नहीं कर पाएगा। - जूली ऐकैअरमैन लिंक


जीवन को स्पष्ट देख पाने के लिए मसीह यीशु पर ध्यान केन्द्रित रखिए।

मेरी आंखें खोल दे, कि मैं तेरी व्यवस्था की अद्भुत बातें देख सकूं। - भजन 119:18

बाइबल पाठ: भजन 34:1-10
Psalms 34:1 मैं हर समय यहोवा को धन्य कहा करूंगा; उसकी स्तुति निरन्तर मेरे मुख से होती रहेगी। 
Psalms 34:2 मैं यहोवा पर घमण्ड करूंगा; नम्र लोग यह सुनकर आनन्दित होंगे। 
Psalms 34:3 मेरे साथ यहोवा की बड़ाई करो, और आओ हम मिलकर उसके नाम की स्तुति करें। 
Psalms 34:4 मैं यहोवा के पास गया, तब उसने मेरी सुन ली, और मुझे पूरी रीति से निर्भय किया। 
Psalms 34:5 जिन्होंने उसकी ओर दृष्टि की उन्होंने ज्योति पाई; और उनका मुंह कभी काला न होने पाया। 
Psalms 34:6 इस दीन जन ने पुकारा तब यहोवा ने सुन लिया, और उसको उसके सब कष्टों से छुड़ा लिया। 
Psalms 34:7 यहोवा के डरवैयों के चारों ओर उसका दूत छावनी किए हुए उन को बचाता है। 
Psalms 34:8 परखकर देखो कि यहोवा कैसा भला है! क्या ही धन्य है वह पुरूष जो उसकी शरण लेता है। 
Psalms 34:9 हे यहोवा के पवित्र लोगो, उसका भय मानो, क्योंकि उसके डरवैयों को किसी बात की घटी नहीं होती! 
Psalms 34:10 जवान सिंहों तो घटी होती और वे भूखे भी रह जाते हैं; परन्तु यहोवा के खोजियों को किसी भली वस्तु की घटी न होवेगी।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 74-76
  • रोमियों 9:16-33


शुक्रवार, 7 अगस्त 2015

सेवक


   पिछली गर्मियों में हमारे चर्च ने एक जवान व्यक्ति, कालेब, को अपना एक कर्मचारी नियुक्त किया। कालेब ने बताया कि कैसे उसकी परवरिश मध्य-अमेरिका के एक छोटे से देश कोस्टा-रीका में हुई जहाँ उसका परिवार मसीही सेवकाई में लगा हुआ था। अपने बारे में बताते हुए कालेब ने परमेश्वर के वचन बाइबल में 2 तिमुथियुस 3:14-17 पर थोड़ा मनन किया। उसने बताया कि कैसे बचपन से ही उसने बाइबल को जाना था, उसके माता-पिता ने बाइबल की सच्चाईयों को उसे सिखाया था जो उसे "...मसीह पर विश्वास करने से उद्धार प्राप्त करने के लिये बुद्धिमान बना सकता है" (2 तिमुथियुस 3:15)। उसने यह बताया कि बड़े होकर उसके पास्टर बनने की तैयारी बचपन से ही आरंभ हो गई थी।

   हमारी चर्च मण्डली को उसके माता-पिता से वीडियो-संपर्क द्वारा मुलाकात और बातचीत करने का भी अवसर मिला। उस बातचीत में कालेब के पिता ने अपने पुत्र को प्रभु यीशु द्वारा मरकुस 10:45 में प्रयुक्त शब्दों से प्रोत्साहित किया कि वह परिवार के आदर्श-वाक्य, "हम सेवा लेने नहीं, सेवा देने वाले हैं" को कभी ना भूले, सदा उसे निभाता रहे। हमारे लिए यह समझ पाना कि यह जवान मसीही विश्वास में इतना परिपक्व कैसे हो गया था, अब कोई कठिन कार्य नहीं था।

   जो बच्चे परमेश्वर ने हमें सौंपे हैं वे उसके द्वारा दिए गए बहुमूल्य उपहार हैं। अच्छी परवरिश और सही मसीही शिक्षाओं द्वारा मिली नींव उन्हें ऐसे परिपक्व मसीही विश्वासी बनने में सहायक होती है जो, सिद्ध और हर भले कार्य के तैयार हों (2 तिमुथियुस 3:17)। परमेश्वर की सहायता से, उसके वचन को आधार बनाकर, हम मसीही विश्वास की धरोहर नई पीढ़ी को सौंप सकते हैं जिससे वे भी प्रभु यीशु के समान सेवक बनकर उस विश्वास की ज़िम्मेदारी को निभाएं। - सिंडी हैस कैस्पर


बच्चे परमेश्वर द्वारा प्रदान किए गए भुमूल्य रत्न हैं; उन्हें मसीह यीशु के लिए चमकने के लिए तैयार करें।

क्योंकि मनुष्य का पुत्र इसलिये नहीं आया, कि उस की सेवा टहल की जाए, पर इसलिये आया, कि आप सेवा टहल करे, और बहुतों की छुड़ौती के लिये अपना प्राण दे। - मरकुस 10:45

बाइबल पाठ: 2 तिमुथियुस 3:14-17
2 Timothy 3:14 पर तू इन बातों पर जो तू ने सीखीं हैं और प्रतीति की थी, यह जानकर दृढ़ बना रह; कि तू ने उन्हें किन लोगों से सीखा था 
2 Timothy 3:15 और बालकपन से पवित्र शास्त्र तेरा जाना हुआ है, जो तुझे मसीह पर विश्वास करने से उद्धार प्राप्त करने के लिये बुद्धिमान बना सकता है। 
2 Timothy 3:16 हर एक पवित्रशास्‍त्र परमेश्वर की प्रेरणा से रचा गया है और उपदेश, और समझाने, और सुधारने, और धर्म की शिक्षा के लिये लाभदायक है। 
2 Timothy 3:17 ताकि परमेश्वर का जन सिद्ध बने, और हर एक भले काम के लिये तत्‍पर हो जाए।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 72-73
  • रोमियों 9:1-15


गुरुवार, 6 अगस्त 2015

तुलना


   जब एक स्थानीय पुस्तक भण्डार ने अपनी पुस्तकों को पुनःव्यवस्थित किया, तो मुझे आभास हुआ कि वहाँ जादू-टोने आदि से संबंधित पुस्तकों की संख्या काफी अधिक है। उन पुस्तकों की संख्या इतनी अधिक थी कि उनके धार्मिक पुस्तकों के संकलन वाला भाग अन्धकार और ज्योति में मुकाबले के समान प्रतीत हो रहा था - उस खण्ड के एक किनारे पर मसीही पुस्तकें थीं जबकि दूसरे किनारे पर जादू-टोने आदि से संबंधित लगभग उतनी ही पुस्तकें रखी हुई थीं जिससे मसीही विश्वास और जादू-टोने आदि के लगभग एक समान सा होने का आभास हो रहा था।

   कभी कभी हम परमेश्वर और शैतान को तुलनात्मक रीति से वैसा ही समझ लेते हैं जैसा उस पुस्तक भण्डार की पुस्तकें आभास दिला रही थीं। हमें लगता है कि शैतान और परमेश्वर एक दूसरे के विरोधी परन्तु एक दूसरे के समान असीमित शक्ति वाली दो ताकतें हैं। किंतु परमेश्वर तो परमेश्वर ही है और शैतान उसके सामने कुछ भी नहीं है। परमेश्वर तो शैतान और अन्धकार की किसी भी शक्ति से कहीं अधिक सामर्थी है। परमेश्वर जो चाहे वह कर सकता है (भजन 135:5-6) जबकि शैतान ऐसा नहीं कर सकता, उसे परमेश्वर द्वारा निर्धारित सीमा के अन्दर ही रहना पड़ता है। शैतान ने चाहा कि दयनीय स्थिति में ला कर वह परमेश्वर के भक्त अय्युब से परमेश्वर को बुरा-भला कहलवाए और अय्युब परमेश्वर को कोसे; परन्तु, "यहोवा ने शैतान से कहा, सुन, जो कुछ उसका है, वह सब तेरे हाथ में है; केवल उसके शरीर पर हाथ न लगाना। तब शैतान यहोवा के साम्हने से चला गया" (अय्युब 1:12), और शैतान को परमेश्वर द्वारा निर्धारित सीमा का पालन करना पड़ा।

   क्योंकि इस सृष्टि की हर बात, उन सब बातों का समस्त संचालन, उनसे संबंधित प्रत्येक परिस्थिति परमेश्वर के नियंत्रण में है इसलिए हम मसीही विश्वासियों को अपने जीवन में शैतान की सामर्थ को लेकर कोई भय या संकोच नहीं रखना चाहिए। परमेश्वर का वचन बाइबल हमें बताती है कि शैतान अवश्य हमें प्रलोभनों में डाल कर गिराने, हमारे जीवनों को विभिन्न बातों द्वारा प्रभावित करने के प्रयास करेगा, लेकिन बाइबल साथ ही यह भी आश्वासन देती है कि "हे बालको, तुम परमेश्वर के हो: और तुम ने उन पर जय पाई है; क्योंकि जो तुम में है, वह उस से जो संसार में है, बड़ा है" (1 यूहन्ना 4:4)।

   बाइबल हमें परमेश्वर और शैतान दोनों की हकीकत तथा सामर्थ के बारे में बताती है, हमें दोनों की तुलना करने और सच्चाई को जानने-समझने का माध्यम देती है। बाइबल को पढ़ें, दोनों की तुलना करें, सच्चाई को समझें, तथा सत्य का अनुसरण करें। - जेनिफर बेन्सन शुल्ट


प्रत्येक मसीही विश्वासी के आस-पास उपस्थित शैतान की ताकतें उसके अन्दर उपस्थित मसीह यीशु की सामर्थ का सामना कदापि नहीं कर सकतीं।

मैं तो जानता हूं कि हमारा प्रभु यहोवा सब देवताओं से महान है। जो कुछ यहोवा ने चाहा उसे उसने आकाश और पृथ्वी और समुद्र और सब गहिरे स्थानों में किया है। - भजन 135:5-6

बाइबल पाठ: 1 यूहन्ना 4:1-6
1 John 4:1 हे प्रियों, हर एक आत्मा की प्रतीति न करो: वरन आत्माओं को परखो, कि वे परमेश्वर की ओर से हैं कि नहीं; क्योंकि बहुत से झूठे भविष्यद्वक्ता जगत में निकल खड़े हुए हैं। 
1 John 4:2 परमेश्वर का आत्मा तुम इसी रीति से पहचान सकते हो, कि जो कोई आत्मा मान लेती है, कि यीशु मसीह शरीर में हो कर आया है वह परमेश्वर की ओर से है। 
1 John 4:3 और जो कोई आत्मा यीशु को नहीं मानती, वह परमेश्वर की ओर से नहीं; और वही तो मसीह के विरोधी की आत्मा है; जिस की चर्चा तुम सुन चुके हो, कि वह आने वाला है: और अब भी जगत में है। 
1 John 4:4 हे बालको, तुम परमेश्वर के हो: और तुम ने उन पर जय पाई है; क्योंकि जो तुम में है, वह उस से जो संसार में है, बड़ा है। 
1 John 4:5 वे संसार के हैं, इस कारण वे संसार की बातें बोलते हैं, और संसार उन की सुनता है। 
1 John 4:6 हम परमेश्वर के हैं: जो परमेश्वर को जानता है, वह हमारी सुनता है; जो परमेश्वर को नहीं जानता वह हमारी नहीं सुनता; इसी प्रकार हम सत्य की आत्मा और भ्रम की आत्मा को पहचान लेते हैं।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 70-71
  • रोमियों 8:22-39


बुधवार, 5 अगस्त 2015

अद्भुत सृष्टि


   हाल ही में मैंने एक सूचन-पटल पर लिखा हुआ देखा कि पृथ्वी पर उपस्थित जीविन का 80% भाग जल के अन्दर रहता है। इस चौंका देने वाले आँकड़े का आँकलन करना बहुत कठिन कार्य है, मुख्यतः इस कारण क्योंकि वह जीवन हमारी आँखों से ओझल रहता है। जब मैं इन आँकड़ों पर विचार कर रहा था तो मुझे स्मरण आया कि जितना सामान्यतः हमें दिखाई देता है और हम समझने पाते हैं, परमेश्वर की सृष्टि उस से कितनी अधिक महान और विशाल है। हम किसी विशाल पर्वत-श्रंखला को, या किसी विलक्षण प्राकृतिक दृश्य को, या सूर्योदय अथवा सूर्यास्त के विहंगम दृश्य को देखकर स्तब्ध तो हो जाते हैं किंतु अकसर हम परमेश्वर की सृष्टि की बारीकियों में छिपे उसके अद्भुत कार्यों को नहीं देख पाते, क्योंकि उन्हें जानने पहिचानने के लिए बारीकी से उनकी जाँच एवं अध्ययन की आवश्यकता होती है। ना केवल इस पृथ्वी का अधिकांश जीवन जल में छुपा हुआ है, परन्तु परमेश्वर की अद्भुत सृष्टि की अनेक विलक्षण बातें इतनी सूक्षम हैं, और अनेक अन्य इतनी दूर अन्तरिक्ष में हैं कि उन में से कोई भी आँखों को ऐसे ही बिना किसी विशेष उपकरण के दिखाई नहीं देती। लेकिन सृष्टि की उन देखी-अनदेखी महान बातों द्वारा परमेश्वर की रचनात्मक महिमा और सामर्थ प्रकट अवश्य होती है (रोमियों 1:20)।

   जैसे जैसे हम इस विस्मयकारी सृष्टि की समझ और ज्ञान में बढ़ते जाते हैं, सृष्टि हमें अपने सृष्टिकर्ता की ओर और उसकी आराधना करने को उभारती जाती है, जैसे कि परमेश्वर के वचन बाइबल में भजनकार ने लिखा: "स्वर्ग और पृथ्वी उसकी स्तुति करें, और समुद्र अपने सब जीव जन्तुओं समेत उसकी स्तुति करे" (भजन 69:34)। जब सृष्टि भी अपने सृष्टिकर्ता की आराधना करती है, तो हमें भी अपने ऐसे महान और सर्वसामर्थी परमेश्वर की आराधना में साथ जुड़ जाना चाहिए। - बिल क्राउडर


सृष्टि का अचरज हमें कहने को बाध्य करता है, "परमेश्वर कैसा महान है!"

हे आकाश, ऊंचे स्वर से गा, क्योंकि यहोवा ने यह काम किया है; हे पृथ्वी के गहिरे स्थानों, जयजयकार करो; हे पहाड़ों, हे वन, हे वन के सब वृक्षों, गला खोल कर ऊंचे स्वर से गाओ! क्योंकि यहोवा ने याकूब को छुड़ा लिया है और इस्राएल में महिमावान होगा। - यशायाह 44:23

बाइबल पाठ: भजन 69:29-36
Psalms 69:29 परन्तु मैं तो दु:खी और पीड़ित हूं, इसलिये हे परमेश्वर तू मेरा उद्धार कर के मुझे ऊंचे स्थान पर बैठा। 
Psalms 69:30 मैं गीत गाकर तेरे नाम की स्तुति करूंगा, और धन्यवाद करता हुआ तेरी बड़ाई करूंगा। 
Psalms 69:31 यह यहोवा को बैल से अधिक, वरन सींग और खुर वाले बैल से भी अधिक भाएगा। 
Psalms 69:32 नम्र लोग इसे देख कर आनन्दित होंगे, हे परमेश्वर के खोजियों तुम्हारा मन हरा हो जाए। 
Psalms 69:33 क्योंकि यहोवा दरिद्रों की ओर कान लगाता है, और अपने लोगों को जो बन्धुए हैं तुच्छ नहीं जानता। 
Psalms 69:34 स्वर्ग और पृथ्वी उसकी स्तुति करें, और समुद्र अपने सब जीव जन्तुओं समेत उसकी स्तुति करे। 
Psalms 69:35 क्योंकि परमेश्वर सिय्योन का उद्धार करेगा, और यहूदा के नगरों को फिर बसाएगा; और लोग फिर वहां बस कर उसके अधिकारी हो जाएंगे। 
Psalms 69:36 उसके दासों का वंश उसको अपने भाग में पाएगा, और उसके नाम के प्रेमी उस में वास करेंगे।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 68-69
  • रोमियों 8:1-21


मंगलवार, 4 अगस्त 2015

विचार करें


   माता-पिता अपने बच्चों के विकास के चरणों को स्मरण करके आनन्दित होते हैं। अनेक माता-पिता एक छोटी पुस्तिका में लिख कर रखते हैं कि उनके बच्चे ने पहली बार कब पलटना आरंभ किया, कब बैठना, कब घुटनों के बल चलना, कब खड़े होकर चलना आदि आरंभ किया। कई दफा वे बच्चों के इन विकास-चरणों की फोटो भी निकाल कर और उनके छोटे-छोटे कपड़े सहेज कर रखते हैं, जिससे उन बहुमूल्य पलों के अनुभवों का आनन्दमय स्मरण उनके साथ रह सके।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में लूका 2:19 में हम लिखा पाते हैं कि प्रभु यीशु की सांसारिक माता - मरियम ने भी प्रभु यीशु के जन्म और विकास का ब्यौरा अपने मन में सहेज कर रखा और वह उन बातों पर विचार करती थी। यहाँ मूल युनानी भाषा के जिस शब्द का अनुवाद ’विचार करना’ हुआ है उसका तात्पर्य होता है तुलनात्मक अध्ययन के लिए साथ-साथ रखना। मरियम ने प्रभु यीशु के जन्म के समय स्वर्गदूतों तथा चरवाहों से अपने पुत्र के संबंध में बड़ी-बड़ी बहुत सी बातें सुनी थीं (लूका 1:32; 2:17-18)। अब जैसे जैसे प्रभु का जीवन मरियम के सामने खुल रहा था वह उसके संबंध में दी गई प्रतिज्ञाओं और उसके प्रत्यक्ष जीवन एवं व्यवहार पर तुलनात्मक विचार करती रहती थी।

   यह हम मसीही विश्वासियों के लिए एक अनुसरणीय उदाहरण है - जब हम परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रभु यीशु के बारे में लिखी भविष्यवाणियों और बातों का अध्ययन करके उन बातों की तुलना प्रभु यीशु के जीवन तथा उसके द्वारा हमारे जीवनों में किए जाने वाले कार्यों से करते हैं, तो हमारा मसीही विश्वास बढ़ता है और हम प्रोत्साहित होते हैं। बाइबल हमें आश्वस्त करती है कि प्रभु यीशु हमारे जीवनों में कार्य करता है (यूहन्ना 14:21); वह हमारी प्रार्थनाओं को सुनकर उनका उत्तर देने वाला परमेश्वर है (1 यूहन्ना 5:14-15); वह हमारे क्लेषों में हमें ढाढ़स और सांत्वना देता है (2 कुरिन्थियों 1:3-4) और हमारी सभी आवश्यकताओं को पूरा करता है (फिलिप्पियों 4:19)।

   जब हम अपने प्रभु परमेश्वर और उसके वचन तथा कार्यों पर विचार करते हैं तो परमेश्वर की विश्वासयोग्यता, उसके महान कार्य, उसकी सामर्थ, उसकी योजनाएं हमारे सामने आती हैं और हमें हमारे मसीही विश्वास में स्थिर तथा दृढ़ करती हैं। प्रभु यीशु और उसके वचन के बारें विचार करें; यह आपके जीवन की उन्नति एवं बढ़ोतरी के लिए लाभदायक रहेगा। - डेनिस फिशर


परमेश्वर प्रतिज्ञाओं द्वारा देता है जिससे हम विश्वास द्वारा उसे ग्रहण कर सकें।

और मेरा पिता मुझे यह कह कर सिखाता था, कि तेरा मन मेरे वचन पर लगा रहे; तू मेरी आज्ञाओं का पालन कर, तब जीवित रहेगा। - नीतिवचन 4:4 

बाइबल पाठ: लूका 2:8-19
Luke 2:8 और उस देश में कितने गड़ेरिये थे, जो रात को मैदान में रहकर अपने झुण्ड का पहरा देते थे। 
Luke 2:9 और प्रभु का एक दूत उन के पास आ खड़ा हुआ; और प्रभु का तेज उन के चारों ओर चमका, और वे बहुत डर गए। 
Luke 2:10 तब स्वर्गदूत ने उन से कहा, मत डरो; क्योंकि देखो मैं तुम्हें बड़े आनन्द का सुसमाचार सुनाता हूं जो सब लोगों के लिये होगा। 
Luke 2:11 कि आज दाऊद के नगर में तुम्हारे लिये एक उद्धारकर्ता जन्मा है, और यही मसीह प्रभु है। 
Luke 2:12 और इस का तुम्हारे लिये यह पता है, कि तुम एक बालक को कपड़े में लिपटा हुआ और चरनी में पड़ा पाओगे। 
Luke 2:13 तब एकाएक उस स्वर्गदूत के साथ स्‍वर्गदूतों का दल परमेश्वर की स्‍तुति करते हुए और यह कहते दिखाई दिया। 
Luke 2:14 कि आकाश में परमेश्वर की महिमा और पृथ्वी पर उन मनुष्यों में जिनसे वह प्रसन्न है शान्‍ति हो। 
Luke 2:15 जब स्वर्गदूत उन के पास से स्वर्ग को चले गए, तो गड़ेरियों ने आपस में कहा, आओ, हम बैतलहम जा कर यह बात जो हुई है, और जिसे प्रभु ने हमें बताया है, देखें। 
Luke 2:16 और उन्होंने तुरन्त जा कर मरियम और यूसुफ को और चरनी में उस बालक को पड़ा देखा। 
Luke 2:17 इन्हें देखकर उन्होंने वह बात जो इस बालक के विषय में उन से कही गई थी, प्रगट की। 
Luke 2:18 और सब सुनने वालों ने उन बातों से जो गड़िरयों ने उन से कहीं आश्चर्य किया। 
Luke 2:19 परन्तु मरियम ये सब बातें अपने मन में रखकर सोचती रही।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 66-67
  • रोमियों 7