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बुधवार, 30 मार्च 2016

नम्र और दीन


   अंग्रज़ी भाषा के शब्द meek, अर्थात नम्र या दीन, के साथ समस्या है कि वह अंग्रेज़ी के एक अन्य शब्द weak, अर्थात दुर्बल से मेल खाता है, और सामन्यतः लोग इन दोनों शब्दों को एक दूसरे का पर्याय मानते आए हैं। एक प्रसिद्ध शब्दकोष ने meek की और विस्तृत परिभाषा देते हुए उसका अर्थ बताया है, "वह जो बहुत दब्बु है; जिसके ऊपर सरलता से हावी हुआ जा सकता है; जिसमें प्रतिरोध करने की शक्ति नहीं है; जिसमें आत्मसम्मान नहीं है।" ऐसी परिभाषाओं और आँकलन के सामने यह प्रश्न उठना स्वाभाविक है कि फिर प्रभु यीशु मसीह ने यह क्यों कहा कि, "धन्य हैं वे, जो नम्र हैं, क्योंकि वे पृथ्वी के अधिकारी होंगे" (मत्ती 5:5)।

   लेकिन प्रभु यीशु मसीह के इस शब्द को प्रयोग करने का तात्पर्य और वास्तविकता इस शब्द को लेकर प्रचलित आम नकारात्मक धारणा से बिलकुल विपरीत है। परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रयुक्त भाषाओं और शब्दों के प्रसिद्ध विद्वान डब्ल्यु. ई. वाईन इस शब्द के लिए मूल युनानी भाषा में प्रयुक्त हुए शब्द के बारे में बताते हैं कि "यह परमेश्वर के प्रति दिखाए गए रवैये का सूचक है, जिसमें हमारे प्रति परमेश्वर के हर व्यवहार और बर्ताव को हम भला मानकर विश्वास के साथ ग्रहण करते हैं और उसके लिए परमेश्वर से कोई विवाद या विरोध नहीं करते"। इस बात को हम प्रभु यीशु मसीह के जीवन, शिक्षाओं और कार्यों में प्रदर्शित होता देखते हैं; हम देखते हैं कि प्रभु यीशु पिता परमेश्वर की इच्छा को पूरी करने में ही आनन्दित होते थे, यह इच्छापूर्ति ही उनके जीवन का ध्येय था (इब्रानियों 10:7)।

   वाईन आगे कहते हैं कि, "जो दीनता प्रभु यीशु ने दिखाई और अपने अनुयायियों से दिखाने के लिए कहा वह ईश्वरीय सामर्थ का प्रतिफल है। प्रभु यीशु मसीह दीन इसलिए थे क्योंकि स्वर्ग के असीम संसाधन और परमेश्वर की असीम सामर्थ उन्हें उपलब्ध थीं।" यदि प्रभु चाहते तो स्वर्गदूतों की सेना उनके पकड़वाए जाने और क्रुस पर चढ़ाए जाने को कभी भी रोक सकती थीं (मत्ती 26:52-53)। लेकिन उन्होंने अपने संसाधनों और सामर्थ का प्रयोग स्वार्थसिधी अथवा अपनी भलाई के लिए नहीं वरन दूसरों की भलाई के लिए ही किया।

   प्रभु यीशु मसीह ने अपने अनुयायियों से कहा, "मेरा जूआ अपने ऊपर उठा लो; और मुझ से सीखो; क्योंकि मैं नम्र और मन में दीन हूं: और तुम अपने मन में विश्राम पाओगे" (मत्ती 11:29)। वे नम्र और दीन होने के सिद्ध नमूना थे।

   आज भी प्रभु यीशु हमें अपनी नम्रता और दीनता को ग्रहण करके उस से मिलने वाली शांति और सामर्थ का अनुभव करने के लिए बुला रहे हैं। - डेविड मैक्कैसलैंड


परमेश्वर के दो निवास-स्थान हैं, एक स्वर्ग और दूसरा दीन और धन्यवादी हृदय। - वॉल्टन

तब मैं ने कहा, देख, मैं आ गया हूं, (पवित्र शास्त्र में मेरे विषय में लिखा हुआ है) ताकि हे परमेश्वर तेरी इच्छा पूरी करूं। - इब्रानियों 10:7

बाइबल पाठ: मत्ती 5:1-10
Matthew 5:1 वह इस भीड़ को देखकर, पहाड़ पर चढ़ गया; और जब बैठ गया तो उसके चेले उसके पास आए। 
Matthew 5:2 और वह अपना मुंह खोल कर उन्हें यह उपदेश देने लगा, 
Matthew 5:3 धन्य हैं वे, जो मन के दीन हैं, क्योंकि स्वर्ग का राज्य उन्‍हीं का है। 
Matthew 5:4 धन्य हैं वे, जो शोक करते हैं, क्योंकि वे शांति पाएंगे। 
Matthew 5:5 धन्य हैं वे, जो नम्र हैं, क्योंकि वे पृथ्वी के अधिकारी होंगे। 
Matthew 5:6 धन्य हैं वे जो धर्म के भूखे और प्यासे हैं, क्योंकि वे तृप्त किये जाएंगे। 
Matthew 5:7 धन्य हैं वे, जो दयावन्‍त हैं, क्योंकि उन पर दया की जाएगी। 
Matthew 5:8 धन्य हैं वे, जिन के मन शुद्ध हैं, क्योंकि वे परमेश्वर को देखेंगे। 
Matthew 5:9 धन्य हैं वे, जो मेल करवाने वाले हैं, क्योंकि वे परमेश्वर के पुत्र कहलाएंगे। 
Matthew 5:10 धन्य हैं वे, जो धर्म के कारण सताए जाते हैं, क्योंकि स्वर्ग का राज्य उन्‍हीं का है।

एक साल में बाइबल: 
  • न्यायियों 9-10
  • लूका 5:17-39


मंगलवार, 29 मार्च 2016

बेहतर


   मेरे पसन्दीदा कार्टून श्रंखला Peanuts की एक पात्र है लूसी जो अपने आप को लेकर सदा ही अति आश्वस्त रहती है; एक कार्टून में लूसी को कहते दिखाया गया है, "जब मैं संसार में विद्यमान हूँ तो फिर संसार का बदतर होते जाना कैसे संभव हो सकता है? मेरे जन्म के बाद से ही संसार में होता जा रहा सुधार स्पष्ट दिखाई दे रहा है!"

   निशचय ही लूसी की बात असत्य तथा अतिश्योक्ति है, लेकिन जो उसने कहा वह काफी रुचिकर भी है। कैसा रहे यदि हम मसीही विश्वासी, जिस भी स्थान पर परमेश्वर ने हमें रखा है वहाँ अपने जीवन और व्यवहार से प्रभु यीशु के प्रेम को व्यावाहरिक रूप में दिखाएं? ऐसा करने से अवश्य ही हम अपने आस-पास के स्थान और समाज को बेहतर करने पाएंगे।

    जब प्रेरित पतरस ने अत्याचार सह रहे मसीही विश्वासियों को पत्री लिखी तो उन्हें प्रभु यीशु में लाए गए विश्वास के कारण परमेश्वर द्वारा उन्हें दिए गए विशिष्ट दर्जे का स्मरण दिलाया, तथा उन से कहा कि वे अपने भले चाल-चलन के द्वारा उन्हें सताने वाले उन अविश्वासियों के सामने अपने परमेश्वर की महिमा करें (1 पतरस 2:9-12)। दूसरे शब्दों में, हम मसीही विश्वासी अपने कार्यों से संसार को एक बेहतर स्थान बना सकते हैं। उस प्रभाव और परिवर्तन के बारे में ज़रा विचार कीजिए जो मसीह यीशु के समान प्रेम, दया, क्षमा, न्याय और शांति को जीवन का अभिन्न अंग और व्यावाहरिक जीवन में प्रदर्शन करने से हो सकता है। मेरा सदा ही यह मानना रहा है कि यदि हम पतरस द्वारा लिखी गई बात को अपने जीवनों में लागु करेंगे तो हमारे आस-पास के लोग भी यह कहने लगेंगे कि अमुक व्यक्ति के "यहाँ कार्य करने के कारण हमारा दफ्तर बेहतर स्थान है"; या, "हमारा पड़ौस एक बेहतर पड़ौस है"; या, "हमारा विद्यालय एक बेहतर विद्यालय है।"

   हम अकेले तो संसार को नहीं बदल सकते, लेकिन जो प्रभाव और परिवर्तन परमेश्वर ने प्रभु यीशु द्वारा हमारे जीवनों में किया है, उसे अपने व्यावाहरिक जीवनों में लागू करके परमेश्वर के अनुग्रह से अपने आस-पास के स्थान को बेहतर अवश्य कर सकते हैं। - जो स्टोवैल


संसार को बेहतर करने का मार्ग सबके लिए उपलब्ध है - प्रभु यीशु मसीह को अपने जीवनों से प्रदर्शित करें।

पर तुम एक चुना हुआ वंश, और राज-पदधारी याजकों का समाज, और पवित्र लोग, और (परमेश्वर की) निज प्रजा हो, इसलिये कि जिसने तुम्हें अन्धकार में से अपनी अद्भुत ज्योति में बुलाया है, उसके गुण प्रगट करो। तुम पहिले तो कुछ भी नहीं थे, पर अब परमेश्वर की प्रजा हो: तुम पर दया नहीं हुई थी पर अब तुम पर दया हुई है। हे प्रियों मैं तुम से बिनती करता हूं, कि तुम अपने आप को परदेशी और यात्री जान कर उन सांसारिक अभिलाषाओं से जो आत्मा से युद्ध करती हैं, बचे रहो। अन्यजातियों में तुम्हारा चालचलन भला हो; इसलिये कि जिन जिन बातों में वे तुम्हें कुकर्मी जान कर बदनाम करते हैं, वे तुम्हारे भले कामों को देख कर; उन्‍हीं के कारण कृपा दृष्टि के दिन परमेश्वर की महिमा करें। - 1 पतरस 2:9-12

बाइबल पाठ: 1 पतरस 4:7-19
1 Peter 4:7 सब बातों का अन्‍त तुरन्त होने वाला है; इसलिये संयमी हो कर प्रार्थना के लिये सचेत रहो। 
1 Peter 4:8 और सब में श्रेष्ठ बात यह है कि एक दूसरे से अधिक प्रेम रखो; क्योंकि प्रेम अनेक पापों को ढांप देता है। 
1 Peter 4:9 बिना कुड़कुड़ाए एक दूसरे की पहुनाई करो। 
1 Peter 4:10 जिस को जो वरदान मिला है, वह उसे परमेश्वर के नाना प्रकार के अनुग्रह के भले भण्‍डारियों की नाईं एक दूसरे की सेवा में लगाए। 
1 Peter 4:11 यदि कोई बोले, तो ऐसा बोले, मानों परमेश्वर का वचन है; यदि कोई सेवा करे; तो उस शक्ति से करे जो परमेश्वर देता है; जिस से सब बातों में यीशु मसीह के द्वारा, परमेश्वर की महिमा प्रगट हो: महिमा और साम्राज्य युगानुयुग उसी की है। आमीन। 
1 Peter 4:12 हे प्रियों, जो दुख रूपी अग्‍नि तुम्हारे परखने के लिये तुम में भड़की है, इस से यह समझ कर अचम्भा न करो कि कोई अनोखी बात तुम पर बीत रही है। 
1 Peter 4:13 पर जैसे जैसे मसीह के दुखों में सहभागी होते हो, आनन्द करो, जिस से उसकी महिमा के प्रगट होते समय भी तुम आनन्‍दित और मगन हो। 
1 Peter 4:14 फिर यदि मसीह के नाम के लिये तुम्हारी निन्‍दा की जाती है, तो धन्य हो; क्योंकि महिमा का आत्मा, जो परमेश्वर का आत्मा है, तुम पर छाया करता है। 
1 Peter 4:15 तुम में से कोई व्यक्ति हत्यारा या चोर, या कुकर्मी होने, या पराए काम में हाथ डालने के कारण दुख न पाए। 
1 Peter 4:16 पर यदि मसीही होने के कारण दुख पाए, तो लज्ज़ित न हो, पर इस बात के लिये परमेश्वर की महिमा करे। 
1 Peter 4:17 क्योंकि वह समय आ पहुंचा है, कि पहिले परमेश्वर के लोगों का न्याय किया जाए, और जब कि न्याय का आरम्भ हम ही से होगा तो उन का क्या अन्‍त होगा जो परमेश्वर के सुसमाचार को नहीं मानते? 
1 Peter 4:18 और यदि धर्मी व्यक्ति ही कठिनता से उद्धार पाएगा, तो भक्तिहीन और पापी का क्या ठिकाना? 
1 Peter 4:19 इसलिये जो परमेश्वर की इच्छा के अनुसार दुख उठाते हैं, वे भलाई करते हुए, अपने अपने प्राण को विश्वासयोग्य सृजनहार के हाथ में सौंप दें।

एक साल में बाइबल: 
  • न्यायियों 7-8
  • लूका 5:1-16


सोमवार, 28 मार्च 2016

विजयी


   हाल ही में मैंने एक प्राचीन पेन्टिंग देखी, जिस ने मुझे बहुत प्रभावित किया। उस पेन्टिंग का शीर्षक था Anastasis, जिसका अर्थ होता है ’पुनरुत्थान’, और इस चित्र में मसीह यीशु के मृत्यु पर विजयी होने को एक अद्भुत तरीके से दिखाया गया है - प्रभु यीशु, अपनी कब्र से निकलते ही आदम और हव्वा को भी उनके ताबूतों में से अनन्त जीवन के लिए बाहर निकाल रहे हैं। इस कलाकृति की विलक्षण बात है इसमें प्रदर्शित पाप के कारण आई आत्मिक और शारीरिक मृत्यु को कैसे प्रभु यीशु के पुनरुत्थान ने उलट दिया।

   क्रुस पर अपनी मृत्यु से पहले प्रभु यीशु ने उस महिमामय दिन की भविष्यवाणी करी थी जब वह अपने विश्वासियों को एक नए और महिमित जीवन में ले जाएंगे: "इस से अचंभा मत करो, क्योंकि वह समय आता है, कि जितने कब्रों में हैं, उसका शब्द सुनकर निकलेंगे। जिन्हों ने भलाई की है वे जीवन के पुनरुत्थान के लिये जी उठेंगे और जिन्हों ने बुराई की है वे दंड के पुनरुत्थान के लिये जी उठेंगे" (यूहन्ना 5:28-29)।

   प्रभु यीशु के म्रुत्यु पर विजयी होने के कारण, उनके विश्वासियों के लिए अब मृत्यु और कब्र का कोई भय नहीं है। अपने प्रीय जनों से इस जीवन में मृत्यु द्वारा अलग होने पर हमारा दुःखी और शोकित होना स्वाभाविक है, लेकिन एक मसीही विश्वासी को उनके समान जिनके पास कोई आशा नहीं है शोकित नहीं होना है (1 थिस्सुलुनीकियों 4:13)। प्रभु यीशु के मृतकों में से पुनरुत्थान का तात्पर्य है कि एक दिन सभी मसीही विश्वासी भी जिलाए जाएंगे और महिमित देह धारण कर लेंगे (1 कुरिन्थियों 15:42-44), और अनन्त काल तक प्रभु के साथ रहेंगे (1 थिस्स्लुनीकियों 4:17) - अब वे मसीह यीशु में होकर शैतान और मृत्यु पर विजयी हैं। - डेनिस फिशर


क्योंकि मसीह यीशु जीवित है, उसके विश्वासी जन भी जीवित रहेंगे।

इसलिये जब कि लड़के मांस और लोहू के भागी हैं, तो वह आप भी उन के समान उन का सहभागी हो गया; ताकि मृत्यु के द्वारा उसे जिसे मृत्यु पर शक्ति मिली थी, अर्थात शैतान को निकम्मा कर दे। और जितने मृत्यु के भय के मारे जीवन भर दासत्‍व में फंसे थे, उन्हें छुड़ा ले। - इब्रानियों 2:14-15

बाइबल पाठ: यूहन्ना 5:24-30
John 5:24 मैं तुम से सच सच कहता हूं, जो मेरा वचन सुनकर मेरे भेजने वाले की प्रतीति करता है, अनन्त जीवन उसका है, और उस पर दंड की आज्ञा नहीं होती परन्तु वह मृत्यु से पार हो कर जीवन में प्रवेश कर चुका है। 
John 5:25 मैं तुम से सच सच कहता हूं, वह समय आता है, और अब है, जिस में मृतक परमेश्वर के पुत्र का शब्द सुनेंगे, और जो सुनेंगे वे जीएंगे। 
John 5:26 क्योंकि जिस रीति से पिता अपने आप में जीवन रखता है, उसी रीति से उसने पुत्र को भी यह अधिकार दिया है कि अपने आप में जीवन रखे। 
John 5:27 वरन उसे न्याय करने का भी अधिकार दिया है, इसलिये कि वह मनुष्य का पुत्र है। 
John 5:28 इस से अचम्भा मत करो, क्योंकि वह समय आता है, कि जितने कब्रों में हैं, उसका शब्द सुनकर निकलेंगे। 
John 5:29 जिन्हों ने भलाई की है वे जीवन के पुनरुत्थान के लिये जी उठेंगे और जिन्हों ने बुराई की है वे दंड के पुनरुत्थान के लिये जी उठेंगे। 
John 5:30 मैं अपने आप से कुछ नहीं कर सकता; जैसा सुनता हूं, वैसा न्याय करता हूं, और मेरा न्याय सच्चा है; क्योंकि मैं अपनी इच्छा नहीं, परन्तु अपने भेजने वाले की इच्छा चाहता हूं।

एक साल में बाइबल: 
  • न्यायियों 4-6
  • लूका 4:31-44


रविवार, 27 मार्च 2016

पुनरुत्थान


   मेरी एक सहेली ने, जो छोटे बच्चों की अध्यापिका है, अपने विद्यार्थियों में ज़ोर-शोर से चल रहे एक वार्तालाप को सुना: छोटी मरिया ने प्रश्न पूछा, "कौन-कौन परमेश्वर से प्रेम करता है?" सभी बच्चों का उत्तर था, "मैं करता हूँ; मैं करता हूँ; मैं करता हूँ!" बिली ने कहा, "मैं तो यीशु से प्रेम करता हूं।" इस पर कैली अप्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा, "लेकिन वे तो मर गए थे।" तुरंत ही बिली का प्रत्युत्तर था, "हाँ; लेकिन हर ईस्टर के दिन वे जीवित भी तो हो उठते हैं!"

   स्पष्टतः ईस्टर के संबंध में छोटे बिली और कैली की समझ अभी विकसित हो रही है। लेकिन हम यह जानते हैं कि प्रभु यीशु समस्त मानव जाति के लिए एक ही बार मारा गया और एक ही बार मृतकों में से जी भी उठा (रोमियों 6:10; इब्रानियों 10:12)। निष्पाप और निष्कलंक प्रभु यीश ने अपने बलिदान द्वारा संसार के सभी मनुष्यों के पापों के लिए मृत्यु दण्ड सहने के बाद मृत्यु को हरा दिया और कब्र से तीसरे दिन जीवित होकर सभी मनुष्यों के लिए पाप और मृत्यु के बन्धन को सदा के लिए तोड़ डाला। उनके इस अन्तिम बलिदान (इब्रानियों 10:18) के द्वारा हम मनुष्यों को हमारे पापों और उनके दण्ड से मुक्ति मिलती है, परमेश्वर के साथ संबंध बनाने का माध्यम और उस के साथ अनन्तकाल तक स्वर्ग में रहने का अधिकार मिलता है।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रेरित पौलुस ने लिखा है, "इसी कारण मैं ने सब से पहिले तुम्हें वही बात पहुंचा दी, जो मुझे पहुंची थी, कि पवित्र शास्त्र के वचन के अनुसार यीशु मसीह हमारे पापों के लिये मर गया। और गाड़ा गया; और पवित्र शास्त्र के अनुसार तीसरे दिन जी भी उठा" (1 कुरिन्थियों 15:3-4)। प्रभु यीशु ने अपने अनुयायियों से वायदा किया है कि वे उनके लिए स्थान तैयार कर रहे हैं और एक दिन हमें अपने साथ वहाँ अनन्तकाल तक रहने के लिए ले कर जाएंगे (यूहन्ना 14:1-3)।

   इसीलिए हम मसीही विश्वासियों के लिए प्रभु यीशु के पुनरुत्थान का आनन्द वर्ष में केवल एक बार मनाने का नहीं वरन प्रतिदिन मनाने का आनन्द है, क्योंकि हमारा प्रभु आकर हमें अपने साथ स्वर्ग में रहने के लिए किसी भी दिन ले जा सकता है। इस सदा काल के आनन्द के लिए हम भी भजनकार के साथ कह सकते हैं, "मैं हर समय यहोवा को धन्य कहा करूंगा; उसकी स्तुति निरन्तर मेरे मुख से होती रहेगी" (भजन 34:1)। - सिंडी हैस कैस्पर


प्रभु यीशु का एक बार का पुनरुत्थान हमारे लिए अनन्तकाल के आनन्द और उत्सव का कारण है।

तुम्हारा मन व्याकुल न हो, तुम परमेश्वर पर विश्वास रखते हो मुझ पर भी विश्वास रखो। मेरे पिता के घर में बहुत से रहने के स्थान हैं, यदि न होते, तो मैं तुम से कह देता क्योंकि मैं तुम्हारे लिये जगह तैयार करने जाता हूं। और यदि मैं जा कर तुम्हारे लिये जगह तैयार करूं, तो फिर आकर तुम्हें अपने यहां ले जाऊंगा, कि जहां मैं रहूं वहां तुम भी रहो। - यूहन्ना 14:1-3

बाइबल पाठ: इब्रानियों 10:10-23
Hebrews 10:10 उसी इच्छा से हम यीशु मसीह की देह के एक ही बार बलिदान चढ़ाए जाने के द्वारा पवित्र किए गए हैं। 
Hebrews 10:11 और हर एक याजक तो खड़े हो कर प्रति दिन सेवा करता है, और एक ही प्रकार के बलिदान को जो पापों को कभी भी दूर नहीं कर सकते; बार बार चढ़ाता है। 
Hebrews 10:12 पर यह व्यक्ति तो पापों के बदले एक ही बलिदान सर्वदा के लिये चढ़ा कर परमेश्वर के दाहिने जा बैठा। 
Hebrews 10:13 और उसी समय से इस की बाट जोह रहा है, कि उसके बैरी उसके पांवों के नीचे की पीढ़ी बनें। 
Hebrews 10:14 क्योंकि उसने एक ही चढ़ावे के द्वारा उन्हें जो पवित्र किए जाते हैं, सर्वदा के लिये सिद्ध कर दिया है। 
Hebrews 10:15 और पवित्र आत्मा भी हमें यही गवाही देता है; क्योंकि उसने पहिले कहा था 
Hebrews 10:16 कि प्रभु कहता है; कि जो वाचा मैं उन दिनों के बाद उन से बान्‍धूंगा वह यह है कि मैं अपनी व्यवस्थाओं को उनके हृदय पर लिखूंगा और मैं उन के विवेक में डालूंगा। 
Hebrews 10:17 (फिर वह यह कहता है, कि) मैं उन के पापों को, और उन के अधर्म के कामों को फिर कभी स्मरण न करूंगा। 
Hebrews 10:18 और जब इन की क्षमा हो गई है, तो फिर पाप का बलिदान नहीं रहा। 
Hebrews 10:19 सो हे भाइयो, जब कि हमें यीशु के लोहू के द्वारा उस नए और जीवते मार्ग से पवित्र स्थान में प्रवेश करने का हियाव हो गया है। 
Hebrews 10:20 जो उसने परदे अर्थात अपने शरीर में से हो कर, हमारे लिये अभिषेक किया है, 
Hebrews 10:21 और इसलिये कि हमारा ऐसा महान याजक है, जो परमेश्वर के घर का अधिकारी है। 
Hebrews 10:22 तो आओ; हम सच्चे मन, और पूरे विश्वास के साथ, और विवेक को दोष दूर करने के लिये हृदय पर छिड़काव ले कर, और देह को शुद्ध जल से धुलवा कर परमेश्वर के समीप जाएं। 
Hebrews 10:23 और अपनी आशा के अंगीकार को दृढ़ता से थामें रहें; क्योंकि जिसने प्रतिज्ञा किया है, वह सच्चा है। 

एक साल में बाइबल: 
  • न्यायियों 1-3
  • लूका 4:1-30


शनिवार, 26 मार्च 2016

गर्व


   मैं 1993 के ईस्टर इतवार को कभी नहीं भूला सकता, जब बर्नहार्ड लैंगर ने मास्टर्स गोल्फ टूर्नामेंट जीता था। गोल्फ के मैदान से बाहर आकर जब लैंगर, गोल्फ स्पर्धा जीतने की सूचक और गोल्फ का सबसे चहेता पुरुस्कार, अपनी हरे रंग की जैकेट लेने के लिए आगे बढ़े तो एक समाचार संवाददाता ने उन से पूछा, "यह अवश्य ही आपके जीवन का सबसे महान दिन होगा?" लैंगर ने बिना किसी हिचकिचाहट के उत्तर दिया, "सबसे उत्कृष्ट टूर्नामेंट जीतना अवश्य ही बड़ा अद्भुत अनुभव है, लेकिन ईस्टर के दिन जीतना - मेरे प्रभु और उद्धारकर्ता के पुनरुत्थान का उत्सव मनाना, इसे और भी अधिक महत्वपूर्ण बना देता है।"

   लैंगर के पास अपनी तारीफ के पुल बाँधने का अवसर था किंतु उन्होंने अपनी प्रशंसा करने की बजाए अपने प्रभु यीशु मसीह की ओर ध्यान मोड़ दिया। प्रेरित पौलुस भी यही बात कह रहा था जब उसने लिखा, "और केवल यही नहीं, परन्तु हम अपने प्रभु यीशु मसीह के द्वारा जिस के द्वारा हमारा मेल हुआ है, परमेश्वर के विषय में घमण्ड भी करते हैं" (रोमियों 5:11)। अपनी उपलब्धियों की ओर लोगों का ध्यान खींचना, और अपनी अच्छाईयों की सूची बनाए रखना सरल होता है। पौलुस ने भी कहा कि वह चाहे तो उसके पास अपनी बड़ाई करने के लिए अनेक बातें हैं, लेकिन प्रभु यीशु मसीह की पहचान के आगे वह अपनी उन बातों को कूड़ा समझता था (फिलिप्पियों 3:8); और उसकी इस बात का अनुसरण करना हमारे लिए भी लाभकारी रहेगा।

   इसलिए यदि आप वास्तव में किसी बात पर गर्व करना चाहते हैं, तो प्रभु यीशु पर जो उसने आप के लिए किया है, उसपर गर्व कीजिए; और ऐसे अवसरों की खोज में रहें जिनके द्वारा आप प्रभु यीशु की ओर लोगों का ध्यान खींच सकें। - जो स्टोवैल


यदि आप अपने आप को लेकर व्यस्त रहेंगे तो फिर ना तो प्रभु यीशु पर गर्व कर सकेंगें और ना ही किसी का ध्यान प्रभु की ओर खींच सकेंगे।

वरन मैं अपने प्रभु मसीह यीशु की पहिचान की उत्तमता के कारण सब बातों को हानि समझता हूं: जिस के कारण मैं ने सब वस्‍तुओं की हानि उठाई, और उन्हें कूड़ा समझता हूं, जिस से मैं मसीह को प्राप्त करूं। - फिलिप्पियों 3:8

बाइबल पाठ: रोमियों 5:1-11
Romans 5:1 सो जब हम विश्वास से धर्मी ठहरे, तो अपने प्रभु यीशु मसीह के द्वारा परमेश्वर के साथ मेल रखें।
Romans 5:2 जिस के द्वारा विश्वास के कारण उस अनुग्रह तक, जिस में हम बने हैं, हमारी पहुंच भी हुई, और परमेश्वर की महिमा की आशा पर घमण्ड करें। 
Romans 5:3 केवल यही नहीं, वरन हम क्लेशों में भी घमण्ड करें, यही जानकर कि क्लेश से धीरज। 
Romans 5:4 और धीरज से खरा निकलना, और खरे निकलने से आशा उत्पन्न होती है। 
Romans 5:5 और आशा से लज्ज़ा नहीं होती, क्योंकि पवित्र आत्मा जो हमें दिया गया है उसके द्वारा परमेश्वर का प्रेम हमारे मन में डाला गया है। 
Romans 5:6 क्योंकि जब हम निर्बल ही थे, तो मसीह ठीक समय पर भक्तिहीनों के लिये मरा। 
Romans 5:7 किसी धर्मी जन के लिये कोई मरे, यह तो र्दुलभ है, परन्तु क्या जाने किसी भले मनुष्य के लिये कोई मरने का भी हियाव करे। 
Romans 5:8 परन्तु परमेश्वर हम पर अपने प्रेम की भलाई इस रीति से प्रगट करता है, कि जब हम पापी ही थे तभी मसीह हमारे लिये मरा। 
Romans 5:9 सो जब कि हम, अब उसके लोहू के कारण धर्मी ठहरे, तो उसके द्वारा क्रोध से क्यों न बचेंगे? 
Romans 5:10 क्योंकि बैरी होने की दशा में तो उसके पुत्र की मृत्यु के द्वारा हमारा मेल परमेश्वर के साथ हुआ फिर मेल हो जाने पर उसके जीवन के कारण हम उद्धार क्यों न पाएंगे? 
Romans 5:11 और केवल यही नहीं, परन्तु हम अपने प्रभु यीशु मसीह के द्वारा जिस के द्वारा हमारा मेल हुआ है, परमेश्वर के विषय में घमण्ड भी करते हैं। 

एक साल में बाइबल: 
  • यहोशु 22-24
  • लूका 3


शुक्रवार, 25 मार्च 2016

जीवन


   सन 2011 की बात है, सरकारी आंकड़ों में गलती से 14,000 लोगों को मृत दिखा दिया गया; उनमें से एक थीं दो बच्चों की माता, 52 वर्षीय, लौरा ब्रुक्स। लौरा चकित और परेशान थी कि उसे मिलने वाली अपंग होने की सरकारी सहायता राशि बन्द हो गई, जिससे उसके द्वारा कर्ज़ तथा मकान का किराया चुकाने के लिए दिए गए चैक बैरंग लौट आए। इस मुद्दे को सुलझाने के लिए वह बैंक गई, तो बैंक के संबंधित अधिकारी ने उसे बताया कि उसका खाता बन्द कर दिया गया है क्योंकि सरकारी दस्तावेज़ों के अनुसार उसकी मृत्यु हो चुकी है! प्रत्यक्ष था कि वे दस्तावेज़ और अधिकारी गलत थे।

   लेकिन प्रेरित पौलुस गलत नहीं था जब उसने इफसुस के मसिही विश्वासियों को लिखा कि एक समय वे मरे हुए थे - आत्मिक रीति से मृतक। उनके मृतक होने का तात्पर्य था कि वे पाप की गुलामी में जीवन बिताने के कारण (इफिसियों 2:5) परमेश्वर से दूर थे, और परमेश्वर के न्याय तथा दण्ड के भागी थे। शारीरिक रूप से जीवित होते हुए भी आत्मिक रीति से मृत्क होना हमारे लिए निराशा की कैसी गंभीर दशा है।

   लेकिन परमेश्वर ने हमारी इस दशा को पलट देने, हमें मृतकों में से जीवित करने का इंतिज़ाम किया है। उस जीवित परमेश्वर ने जो सब को जीवन प्रदान करता है (रोमियों 4:17), अपने महान अनुग्रह, प्रेम और दया में होकर अपने पुत्र प्रभु यीशु को संसार में भेजा जिससे समस्त मानव जाति के लिए पापों की क्षमा और उद्धार का मार्ग खुल सके। प्रभु यीशु मसीह के क्रूस पर दिए गए बलिदान और मृतकों में से पुनरुत्थान के द्वारा हम जीवन के भागी हुए हैं (इफिसियों 2:4-5)।

   जब भी कोई व्यक्ति प्रभु यीशु के मारे जाने और मृतकों में से पुनरुत्थान पर विश्वास लाता है, वह मृत्यु से जीवन में प्रवेश करता है। आज हम मसीही विश्वासी परमेश्वर के इसी प्रेम, दया और अनुग्रह से ही जीवित हैं, स्वर्ग के उत्तराधिकारी हैं, संसार में मसीह यीशु के गवाह हैं। - मार्विन विलियम्स


प्रभु यीशु की मृत्यु को ग्रहण कर लेने से अनन्त जीवन मिल जाता है।

जैसा लिखा है, कि मैं ने तुझे बहुत सी जातियों का पिता ठहराया है उस परमेश्वर के साम्हने जिस पर उसने विश्वास किया और जो मरे हुओं को जिलाता है, और जो बातें हैं ही नहीं, उन का नाम ऐसा लेता है, कि मानो वे हैं। - रोमियों 4:17 

बाइबल पाठ: इफिसियों 2:1-10
Ephesians 2:1 और उसने तुम्हें भी जिलाया, जो अपने अपराधों और पापों के कारण मरे हुए थे। 
Ephesians 2:2 जिन में तुम पहिले इस संसार की रीति पर, और आकाश के अधिकार के हाकिम अर्थात उस आत्मा के अनुसार चलते थे, जो अब भी आज्ञा न मानने वालों में कार्य करता है। 
Ephesians 2:3 इन में हम भी सब के सब पहिले अपने शरीर की लालसाओं में दिन बिताते थे, और शरीर, और मन की मनसाएं पूरी करते थे, और और लोगों के समान स्‍वभाव ही से क्रोध की सन्तान थे। 
Ephesians 2:4 परन्तु परमेश्वर ने जो दया का धनी है; अपने उस बड़े प्रेम के कारण, जिस से उसने हम से प्रेम किया। 
Ephesians 2:5 जब हम अपराधों के कारण मरे हुए थे, तो हमें मसीह के साथ जिलाया; (अनुग्रह ही से तुम्हारा उद्धार हुआ है।) 
Ephesians 2:6 और मसीह यीशु में उसके साथ उठाया, और स्‍वर्गीय स्थानों में उसके साथ बैठाया। 
Ephesians 2:7 कि वह अपनी उस कृपा से जो मसीह यीशु में हम पर है, आने वाले समयों में अपने अनुग्रह का असीम धन दिखाए। 
Ephesians 2:8 क्योंकि विश्वास के द्वारा अनुग्रह ही से तुम्हारा उद्धार हुआ है, और यह तुम्हारी ओर से नहीं, वरन परमेश्वर का दान है। 
Ephesians 2:9 और न कर्मों के कारण, ऐसा न हो कि कोई घमण्‍ड करे। 
Ephesians 2:10 क्योंकि हम उसके बनाए हुए हैं; और मसीह यीशु में उन भले कामों के लिये सृजे गए जिन्हें परमेश्वर ने पहिले से हमारे करने के लिये तैयार किया। 

एक साल में बाइबल: 
  • यहोशु 19-21
  • लूका 2:25-52


गुरुवार, 24 मार्च 2016

गवाह


   बहुत वर्ष पहले की बात है, मैं 38 फीट ऊँचे पुल से गिरने के कारण जान के जोखिम की गंभीर हालत में अस्पताल में भरती था। उस समय में मेरे साथ के बिस्तर पर लेटे मरीज़ की पत्नि मुझसे बात करने को मेरे पास आई और कहा, "मेरे पति ने अभी मुझे बताया है कि आपके साथ क्या हुआ है। हमारा मानना है कि परमेश्वर ने आपकी जान बचाई है क्योंकि वह आपको अपने लिए उपयोग करना चाहता है।"

   यह सुनकर मैं स्तब्ध रह गया। मैं बचपन से चर्च जाता रहा हूँ, लेकिन मैंने कभी यह नहीं सोचा था कि परमेश्वर मेरे जीवन में रुचि रखेगा, मेरे जीवन की बातों में सम्मिलित होना चाहेगा। उस महिला के शब्दों ने मुझे उस उद्धारकर्ता की ओर मोड़ा जिसके बारे में मैंने सुना तो था किंतु व्यक्तगत रीति से उसे नहीं जानता था - मेरे मसीही विश्वास के जीवन में आने का आरंभ यहीं से हुआ था। मैं उस नम्र मसीही गवाह के उन शब्दों के स्मरण को बहुमूल्य जानकर संजोए रहता हूँ, जिसने एक अजनबी के लिए विचार किया और उसे एक ऐसे परमेश्वर के बारे में बताया जिसका प्रेम सच्चा और वास्तविक है। उस महिला के शब्दों से दूसरों के प्रति देखभाल और चिन्ता का भाव, एक उद्देश्य और एक आशा प्रगट होती थी।

   प्रभु यीशु ने अपने चेलों को तथा आज हम मसीही विश्वासियों को यह ज़िम्मेदारी दी है कि हम परमेश्वर के प्रेम के बारे में औरों को बताएं, उसके गवाह बनें: "परन्तु जब पवित्र आत्मा तुम पर आएगा तब तुम सामर्थ पाओगे; और यरूशलेम और सारे यहूदिया और सामरिया में, और पृथ्वी की छोर तक मेरे गवाह होगे" (प्रेरितों 1:8)।

   पवित्र आत्मा की सहायता से हमारे शब्द और गवाही अन्य लोगों के जीवन में अनन्त काल का प्रभाव एवं परिवर्तन ला सकती है। - बिल क्राउडर


प्रेमभरी चिन्ता से कहे गए कुछ शब्द भी हमारी कल्पना से परे प्रभाव दिखा सकते हैं।

और उसने उन से कहा, तुम सारे जगत में जा कर सारी सृष्‍टि के लोगों को सुसमाचार प्रचार करो। - मरकुस 16:15

बाइबल पाठ: प्रेरितों 1:1-11
Acts 1:1 हे थियुफिलुस, मैं ने पहिली पुस्तिका उन सब बातों के विषय में लिखी, जो यीशु ने आरम्भ में किया और करता और सिखाता रहा। 
Acts 1:2 उस दिन तक जब वह उन प्रेरितों को जिन्हें उसने चुना था, पवित्र आत्मा के द्वारा आज्ञा देकर ऊपर उठाया न गया। 
Acts 1:3 और उसने दु:ख उठाने के बाद बहुत से पड़े प्रमाणों से अपने आप को उन्हें जीवित दिखाया, और चालीस दिन तक वह उन्हें दिखाई देता रहा: और परमेश्वर के राज्य की बातें करता रहा। 
Acts 1:4 ओर उन से मिलकर उन्हें आज्ञा दी, कि यरूशलेम को न छोड़ो, परन्तु पिता की उस प्रतिज्ञा के पूरे होने की बाट जोहते रहो, जिस की चर्चा तुम मुझ से सुन चुके हो। 
Acts 1:5 क्योंकि यूहन्ना ने तो पानी में बपतिस्मा दिया है परन्तु थोड़े दिनों के बाद तुम पवित्रात्मा से बपतिस्मा पाओगे। 
Acts 1:6 सो उन्हों ने इकट्ठे हो कर उस से पूछा, कि हे प्रभु, क्या तू इसी समय इस्त्राएल को राज्य फेर देगा? 
Acts 1:7 उसने उन से कहा; उन समयों या कालों को जानना, जिन को पिता ने अपने ही अधिकार में रखा है, तुम्हारा काम नहीं। 
Acts 1:8 परन्तु जब पवित्र आत्मा तुम पर आएगा तब तुम सामर्थ पाओगे; और यरूशलेम और सारे यहूदिया और सामरिया में, और पृथ्वी की छोर तक मेरे गवाह होगे। 
Acts 1:9 यह कहकर वह उन के देखते देखते ऊपर उठा लिया गया; और बादल ने उसे उन की आंखों से छिपा लिया। 
Acts 1:10 और उसके जाते समय जब वे आकाश की ओर ताक रहे थे, तो देखो, दो पुरूष श्वेत वस्‍त्र पहिने हुए उन के पास आ खड़े हुए। 
Acts 1:11 और कहने लगे; हे गलीली पुरूषों, तुम क्यों खड़े स्वर्ग की ओर देख रहे हो? यही यीशु, जो तुम्हारे पास से स्वर्ग पर उठा लिया गया है, जिस रीति से तुम ने उसे स्वर्ग को जाते देखा है उसी रीति से वह फिर आएगा। 

एक साल में बाइबल: 
  • यहोशु 16-18
  • लूका 2:1-24