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गुरुवार, 12 मई 2016

व्यवहार


   अनेक वर्षों से मैंने एक फाइल बना रखी है जिस का शीर्षक है "प्रचार हेतु"। इस फाइल में मैं वे लेख, उद्धरण, रोचक सामग्री आदि जमा करता रहता हूँ जो प्रचार में उपयोगी हो सकती हैं। हाल ही में मैंने चाहा कि उस मोटी हो चुकी फाइल में से वह सब निकाल दूं जो पुराना पड़ चुका है, अब समसामयिक नहीं रहा है। लेकिन फाइल की बहुत सी सामग्री को निकाल कर फेंक पाना मेरे लिए कठिन हो गया; इसलिए नहीं क्योंकि मैंने उन्हें लंबे समय से या कभी भी किसी प्रचार में प्रयोग नहीं किया है, वरन इसलिए क्योंकि वे बातें मैं अपने व्यावाहरिक जीवन में जी कर नहीं दिखा पाया। उस फाइल को बंद कर के वापस रखते समय मैं सोचने लगा, "ये प्रचार में बोलने के लिए उपयोगी बातें नहीं हैं; ये तो व्यवहार में जीने के लिए उपयोगी बातें हैं।"

   परमेश्वर के वचन बाइबल में व्यवस्थाविवरण की पुस्तक, 40 वर्ष की यात्रा के बाद वाचा किए हुए कनान देश में प्रवेश से पहले मुसा द्वारा उन इस्त्राएलियों के सामने कही और दोहराई गई बातों का विवरण है। मूसा ने उन से कहा: "अब, हे इस्राएल, जो जो विधि और नियम मैं तुम्हें सिखाना चाहता हूं उन्हें सुन लो, और उन पर चलो; जिस से तुम जीवित रहो, और जो देश तुम्हारे पितरों का परमेश्वर यहोवा तुम्हें देता है उस में जा कर उसके अधिकारी हो जाओ" (व्यवस्थाविवरण 4:1)। यहाँ मूसा ने बारंबार इस बात को दोहराया कि परमेश्वर के नियम दैनिक व्यवहार में लाने के लिए हैं (व्यवस्थाविवरण 4:1, 2, 6, 9); "सुनो, मैं ने तो अपने परमेश्वर यहोवा की आज्ञा के अनुसार तुम्हें विधि और नियम सिखाए हैं, कि जिस देश के अधिकारी होने जाते हो उस में तुम उनके अनुसार चलो" (व्यवस्थाविवरण 4:5)।

   जितना हम करने पा रहे हैं या जैसा सत्य हम जीने पा रहे हैं उससे बढ़-चढ़ कर बोलना और प्रचार करना बहुत सरल होता है। हम, यह भुला कर कि परमेश्वर ने अपने नियम अपने मन से हमारे प्रति उसके असीम प्रेम के कारण दिए हैं, शब्दों से भरे हुए किंतु वास्तविकता से रहित हो सकते हैं। लेकिन परमेश्वर के वचन के व्यावाहरिक पालन का जीवन ही सच्चा मसीही जीवन है। - डेविड मैक्कैअसलैंड


हमारे कार्यों और जीवन का प्रदर्शन हमारे शब्दों के अनुरूप ही होना चाहिए।

परन्तु वचन पर चलने वाले बनो, और केवल सुनने वाले ही नहीं जो अपने आप को धोखा देते हैं। - याकूब 1:22

बाइबल पाठ: व्यवस्थाविवरण 4:1-9
Deuteronomy 4:1 अब, हे इस्राएल, जो जो विधि और नियम मैं तुम्हें सिखाना चाहता हूं उन्हें सुन लो, और उन पर चलो; जिस से तुम जीवित रहो, और जो देश तुम्हारे पितरों का परमेश्वर यहोवा तुम्हें देता है उस में जा कर उसके अधिकारी हो जाओ। 
Deuteronomy 4:2 जो आज्ञा मैं तुम को सुनाता हूं उस में न तो कुछ बढ़ाना, और न कुछ घटाना; तुम्हारे परमेश्वर यहोवा की जो जो आज्ञा मैं तुम्हें सुनाता हूं उन्हें तुम मानना। 
Deuteronomy 4:3 तुम ने तो अपनी आंखों से देखा है कि बालपोर के कारण यहोवा ने क्या क्या किया; अर्थात जितने मनुष्य बालपोर के पीछे हो लिये थे उन सभों को तुम्हारे परमेश्वर यहोवा ने तुम्हारे बीच में से सत्यानाश कर डाला; 
Deuteronomy 4:4 परन्तु तुम जो अपने परमेश्वर यहोवा के साथ लिपटे रहे हो सब के सब आज तक जीवित हो। 
Deuteronomy 4:5 सुनो, मैं ने तो अपने परमेश्वर यहोवा की आज्ञा के अनुसार तुम्हें विधि और नियम सिखाए हैं, कि जिस देश के अधिकारी होने जाते हो उस में तुम उनके अनुसार चलो। 
Deuteronomy 4:6 सो तुम उन को धारण करना और मानना; क्योंकि और देशों के लोगों के साम्हने तुम्हारी बुद्धि और समझ इसी से प्रगट होगी, अर्थात वे इन सब विधियों को सुनकर कहेंगे, कि निश्चय यह बड़ी जाति बुद्धिमान और समझदार है। 
Deuteronomy 4:7 देखो, कौन ऐसी बड़ी जाति है जिसका देवता उसके ऐसे समीप रहता हो जैसा हमारा परमेश्वर यहोवा, जब कि हम उसको पुकारते हैं? 
Deuteronomy 4:8 फिर कौन ऐसी बड़ी जाति है जिसके पास ऐसी धर्ममय विधि और नियम हों, जैसी कि यह सारी व्यवस्था जिसे मैं आज तुम्हारे साम्हने रखता हूं? 
Deuteronomy 4:9 यह अत्यन्त आवश्यक है कि तुम अपने विषय में सचेत रहो, और अपने मन की बड़ी चौकसी करो, कहीं ऐसा न हो कि जो जो बातें तुम ने अपनी आंखों से देखीं उन को भूल जाओ, और वह जीवन भर के लिये तुम्हारे मन से जाती रहे; किन्तु तुम उन्हें अपने बेटों पोतों को सिखाना।

एक साल में बाइबल: 
  • 2 राजा 15-16
  • यूहन्ना 3:1-18


बुधवार, 11 मई 2016

मुद्दा


   प्रमुख प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले भूतपूर्व बेसबॉल खिलाड़ी टोनी ग्राफिनो ने यूरपीय देशों में ज़ारी मसीही सेवकाई के एक प्रयास के बारे में बताया। उनकी संस्था प्रति-वर्ष स्पताह भर का बेसबॉल शिविर आयोजित करती है। इस शिविर के दौरान वे प्रतिदिन परमेश्वर के वचन बाइबल का अध्ययन भी आयोजित करते हैं। पहले, शिविर और बाइबल अध्ययन के अगुवे प्रयास करते थे कि शिविर में आने वाले लोगों को समझाएं कि परमेश्वर है, जिससे वे लोग परमेश्वर में विश्वास ला सकें। लेकिन इस कार्यविधि के अन्तर्गत, 13 वर्ष के आयोजनों में केवल 3 लोगों ने ही प्रभु यीशु के अनुयायी होने का निर्णय लिया।

   अब उन्होंने अपनी कार्यविधि बदल दी है। टोनी का कहना है कि बजाए इसके कि वे लोगों के सामने "तथ्य रखें और उन से तर्क द्वारा बहस जीतने का प्रयास करें", अब वे लोगों को "केवल प्रभु यीशु मसीह की अद्भुत जीवन और शिक्षाओं" के बारे में बताते हैं। परिणामस्वरूप, अब शिविर में भाग लेने वालों मे से अधिक लोग आकर उन की बात को सुनते हैं और कई लोगों ने प्रभु यीशु के अनुयायी होने का निर्णय लिया है।

   प्रेरित पौलुस ने कहा कि जब हम औरों के साथ प्रभु यीशु के सुसमाचार को बाँटें, तो हम उनके सामने सच्चाई को स्पष्ट रखें, स्वयं अपना प्रचार ना करें वरन यीशु का जो प्रभु है (2 कुरिन्थियों 4:2, 5)। सुसमाचार प्रचार के लिए पौलुस का मुद्दा था: "क्योंकि मैं ने यह ठान लिया था, कि तुम्हारे बीच यीशु मसीह, वरन क्रूस पर चढ़ाए हुए मसीह को छोड़ और किसी बात को न जानूं" (1 कुरिन्थियों 2:2)।

   हमें अवश्य ही अपने मसीही विश्वास और परमेश्वर के वचन बाइबल के बारे में, तथा प्रभु यीशु पर लाए गए विश्वास के कारण के बारे में जानकार रहना है, और ऐसे अवसर भी आ सकते हैं जब हमें इन बातों को किसी को समझाना पड़े। लेकिन जो सबसे प्रभावी और विवश करने वाला मुद्दा हम दूसरों के सामने रख सकते हैं वह प्रभु यीशु मसीह स्वयं है। - डेव ब्रैनन


मृतकों में से जीवित हो उठा मसीह यीशु ही हमारी गवाही का मुद्दा है।

पर मसीह को प्रभु जान कर अपने अपने मन में पवित्र समझो, और जो कोई तुम से तुम्हारी आशा के विषय में कुछ पूछे, तो उसे उत्तर देने के लिये सर्वदा तैयार रहो, पर नम्रता और भय के साथ। - 1 पतरस 3:15 

बाइबल पाठ: 2 कुरिन्थियों 4:1-6
2 Corinthians 4:1 इसलिये जब हम पर ऐसी दया हुई, कि हमें यह सेवा मिली, तो हम हियाव नहीं छोड़ते। 
2 Corinthians 4:2 परन्तु हम ने लज्ज़ा के गुप्‍त कामों को त्याग दिया, और न चतुराई से चलते, और न परमेश्वर के वचन में मिलावट करते हैं, परन्तु सत्य को प्रगट कर के, परमेश्वर के साम्हने हर एक मनुष्य के विवेक में अपनी भलाई बैठाते हैं। 
2 Corinthians 4:3 परन्तु यदि हमारे सुसमाचार पर परदा पड़ा है, तो यह नाश होने वालों ही के लिये पड़ा है। 
2 Corinthians 4:4 और उन अविश्वासियों के लिये, जिन की बुद्धि को इस संसार के ईश्वर ने अन्‍धी कर दी है, ताकि मसीह जो परमेश्वर का प्रतिरूप है, उसके तेजोमय सुसमाचार का प्रकाश उन पर न चमके। 
2 Corinthians 4:5 क्योंकि हम अपने को नहीं, परन्तु मसीह यीशु को प्रचार करते हैं, कि वह प्रभु है; और अपने विषय में यह कहते हैं, कि हम यीशु के कारण तुम्हारे सेवक हैं। 
2 Corinthians 4:6 इसलिये कि परमेश्वर ही है, जिसने कहा, कि अन्धकार में से ज्योति चमके; और वही हमारे हृदयों में चमका, कि परमेश्वर की महिमा की पहिचान की ज्योति यीशु मसीह के चेहरे से प्रकाशमान हो।

एक साल में बाइबल: 
  • 2 राजा 13-14
  • यूहन्ना 2


मंगलवार, 10 मई 2016

मार्ग


   हाल ही में मैं लंडन में था; वहाँ अपने गन्तव्य स्थान पर पहुँचने के लिए मुझे लंडन की भूमिगत ट्रेन सेवा द्वारा यात्रा करने का अवसर मिला। इसलिए मैंने ट्रेन का किराया दिया, टिकिट लिया और भूमि की गहराइयों में स्थित ट्रेन के स्टेशन में उतर गया। भूमिगत ट्रेन स्टेशन में जाना तो सहज है, किंतु यदि आप उस व्यवस्था से परिचित नहीं हैं, तो भूमी की गहराईयों से वापस सतह पर आना घबरा देने वाल हो सकता है क्योंकि अनजान व्यक्ति वहाँ की सुरंगों में सरलता से भटक सकता है, विशेषकर तब जब आप अकेले हों और उस भूमिगत स्टेशन में मार्गदर्शन देने के लिए यात्री बहुत कम हों। मैं भी अपने आप को लगभग अकेला पाकर थोड़ा विचलित हो गया किंतु शीघ्र ही मुझे लिखा दिखाई दिया "निकास मार्ग" और मैं आश्वस्त होकर उस चिन्ह के मार्गदर्शन का पालन करते हुए सुरक्षित बाहर निकल आया।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रेरित पौलुस ने कुरिन्थुस के मसीही विश्वासियों को लिखी अपनी पत्री में उन्हें आश्वस्त किया कि जब हम पाप में पड़ने के खतरे में होते हैं तब स्मरण रखें कि, "तुम किसी ऐसी परीक्षा में नहीं पड़े, जो मनुष्य के सहने से बाहर है: और परमेश्वर सच्चा है: वह तुम्हें सामर्थ से बाहर परीक्षा में न पड़ने देगा, वरन परीक्षा के साथ निकास भी करेगा; कि तुम सह सको" (1 कुरिन्थियों 10:13)। कठिन परिस्थितियों में संसार के साथ समझौता करने या पाप करने आदि के लालच के समयों में यह मान लेना कि परिस्थितियों का सामना करने और उनसे निबटने के लिए परमेश्वर ने हमें अकेला छोड़ दिया है बहुत सरल होता है। परन्तु बाइबल का यह पद हमें आश्वस्त करता है कि परमेश्वर हमें कभी अकेला नहीं छोड़ता (इब्रानियों 13:5-6), और ना ही वह यूँ ही खड़ा हमारा तमाशा बनते देखना चाहता है। वह ना केवल हमारे साथ रहता है, वरन साथ ही हमारे लिए उन कठिनाईयों और परिस्थितियों से निकासी का मार्ग बना कर भी देता है, उन्हें सहने की सामर्थ भी देता है।

   इसलिए जब अगली बार आप अपने आप को असहाय और पाप करने के लिए मजबूर महसूस करें, तो इस पद को स्मरण करें; स्मरण करें कि आप अकेले नहीं हैं, आप को सामर्थ और मार्ग देने वाला आपके साथ है। बस उसके मार्गदर्शन का पालन कीजिए, उसके बताए मार्ग पर चलिए और सुरक्षित बाहर आ जाइए। - जो स्टोवैल


परमेश्वर आपको पाप के मार्ग में भटकने से बचाए रखने के लिए सदा सक्रीय रहता है।

तुम्हारा स्‍वभाव लोभरिहत हो, और जो तुम्हारे पास है, उसी पर संतोष किया करो; क्योंकि उसने आप ही कहा है, कि मैं तुझे कभी न छोडूंगा, और न कभी तुझे त्यागूंगा। इसलिये हम बेधड़क हो कर कहते हैं, कि प्रभु, मेरा सहायक है; मैं न डरूंगा; मनुष्य मेरा क्या कर सकता है। - इब्रानियों 13:5-6

बाइबल पाठ: 1 कुरिन्थियों 10:1-15
1 Corinthians 10:1 हे भाइयों, मैं नहीं चाहता, कि तुम इस बात से अज्ञात रहो, कि हमारे सब बाप दादे बादल के नीचे थे, और सब के सब समुद्र के बीच से पार हो गए। 
1 Corinthians 10:2 और सब ने बादल में, और समुद्र में, मूसा का बपितिस्मा लिया। 
1 Corinthians 10:3 और सब ने एक ही आत्मिक भोजन किया। 
1 Corinthians 10:4 और सब ने एक ही आत्मिक जल पीया, क्योंकि वे उस आत्मिक चट्टान से पीते थे, जो उन के साथ-साथ चलती थी; और वह चट्टान मसीह था। 
1 Corinthians 10:5 परन्तु परमेश्वर उन में के बहुतेरों से प्रसन्न न हुआ, इसलिये वे जंगल में ढेर हो गए। 
1 Corinthians 10:6 ये बातें हमारे लिये दृष्‍टान्‍त ठहरी, कि जैसे उन्होंने लालच किया, वैसे हम बुरी वस्‍तुओं का लालच न करें। 
1 Corinthians 10:7 और न तुम मूरत पूजने वाले बनों; जैसे कि उन में से कितने बन गए थे, जैसा लिखा है, कि लोग खाने-पीने बैठे, और खेलने-कूदने उठे। 
1 Corinthians 10:8 और न हम व्यभिचार करें; जैसा उन में से कितनों ने किया: एक दिन में तेईस हजार मर गये । 
1 Corinthians 10:9 और न हम प्रभु को परखें; जैसा उन में से कितनों ने किया, और सांपों के द्वारा नाश किए गए। 
1 Corinthians 10:10 और न हम कुड़कुड़ाएं, जिस रीति से उन में से कितने कुड़कुड़ाए, और नाश करने वाले के द्वारा नाश किए गए। 
1 Corinthians 10:11 परन्तु यें सब बातें, जो उन पर पड़ी, दृष्‍टान्‍त की रीति पर भी: और वे हमारी चितावनी के लिये जो जगत के अन्‍तिम समय में रहते हैं लिखी गईं हैं। 
1 Corinthians 10:12 इसलिये जो समझता है, कि मैं स्थिर हूं, वह चौकस रहे; कि कहीं गिर न पड़े। 
1 Corinthians 10:13 तुम किसी ऐसी परीक्षा में नहीं पड़े, जो मनुष्य के सहने से बाहर है: और परमेश्वर सच्चा है: वह तुम्हें सामर्थ से बाहर परीक्षा में न पड़ने देगा, वरन परीक्षा के साथ निकास भी करेगा; कि तुम सह सको।
1 Corinthians 10:14 इस कारण, हे मेरे प्यारों मूर्ति पूजा से बचे रहो। 
1 Corinthians 10:15 मैं बुद्धिमान जानकर, तुम से कहता हूं: जो मैं कहता हूं, उसे तुम परखो।

एक साल में बाइबल: 
  • 2 राजा 10-12
  • यूहन्ना 1:29-51


सोमवार, 9 मई 2016

पालनहार


   प्राचीन मध्यपूर्व एशिया में एक प्रधान, जैसे कि कोई राजा या स्वामी, और उसके मातहत या प्रजा के बीच होनी वाली किसी संधि को अधिपति संधि (suzerain treaty) कहा जाता था। इस संधि की पुष्टि के लिए कुछ जानवर बलिदान करे जाते थे और उन्हें बीच में से आधा-आधा काट कर ज़मीन पर दो पंक्तियों में रखा जाता था और अधिपति उन दोनों पंक्तियों के बीच से होकर निकलता था। ऐसा करके वह सार्वजनिक रूप से यह घोषित करता था कि वह संधि को निभाएगा, अन्यथा उसका हाल भी उन बलिदान करके काटे गए जानवरों के समान हो।

   जब एब्राम ने परमेश्वर से जानना चाहा कि वह कैसे आश्वस्त हो कि परमेश्वर एब्राम से करी गई अपनी प्रतिज्ञाओं को पूरा करेगा, तो परमेश्वर ने उन दिनों की रीति के अनुसार उन प्रतिज्ञाओं के पूरा होने की पुष्टि के लिए अधिपति संधि की कार्यप्रणाली का उपयोग किया (उत्पत्ति 15)। जब जलती हुई मशाल उन जानवरों के भागों के बीच में होकर निकली तब एब्राम जान गया कि परमेश्वर घोषित कर रहा है कि उस संधि को निभाना उसकी ज़िम्मेदारी है।

   एब्राम के साथ बांधी गई इस वाचा और उसकी पूर्ति का आश्वासन आज हम मसीही विश्वासियों पर भी लागू है। परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रेरित पौलुस ने अपनी पत्रियों में बारंबार मसीही विश्वासियों को एब्राहम की संतान कहा है (रोमियों 4:11-18; गलतियों 3:29)। जब हम मसीह यीशु पर विश्वास लाकर उसे अपना उद्धारकर्ता स्वीकार कर लेते हैं, सदा काल के लिए परमेश्वर हमारे विश्वास की इस वाचा का पालनहार बन जाता है: "और मैं उन्हें अनन्त जीवन देता हूं, और वे कभी नाश न होंगी, और कोई उन्हें मेरे हाथ से छीन न लेगा। मेरा पिता, जिसने उन्हें मुझ को दिया है, सब से बड़ा है, और कोई उन्हें पिता के हाथ से छीन नहीं सकता" (यूहन्ना 10:28-29)।

   क्योंकि परमेश्वर स्वयं हमारे उद्धार का रखवाला, हमारे विश्वास की वाचा का पालनहारा है, हम अपने जीवन की हर बात के लिए उस पर भरोसा कर सकते हैं, उसके सुरक्षित हाथों में सब कुछ समर्पित कर सकते हैं: "इस कारण मैं इन दुखों को भी उठाता हूं, पर लजाता नहीं, क्योंकि मैं उसे जिस की मैं ने प्रतीति की है, जानता हूं; और मुझे निश्‍चय है, कि वह मेरी थाती की उस दिन तक रखवाली कर सकता है" (2 तिमुथियुस 1:12)।

हमारा उद्धार सुरक्षित है क्योंकि परमेश्वर स्वयं उसका रक्षक है।

और यदि तुम मसीह के हो, तो इब्राहीम के वंश और प्रतिज्ञा के अनुसार वारिस भी हो। - गलतियों 3:29

बाइबल पाठ: उत्पत्ति 15:5-21
Genesis 15:5 और उसने उसको बाहर ले जाके कहा, आकाश की ओर दृष्टि कर के तारागण को गिन, क्या तू उन को गिन सकता है? फिर उसने उस से कहा, तेरा वंश ऐसा ही होगा। 
Genesis 15:6 उसने यहोवा पर विश्वास किया; और यहोवा ने इस बात को उसके लेखे में धर्म गिना। 
Genesis 15:7 और उसने उस से कहा मैं वही यहोवा हूं जो तुझे कस्‌दियों के ऊर नगर से बाहर ले आया, कि तुझ को इस देश का अधिकार दूं। 
Genesis 15:8 उसने कहा, हे प्रभु यहोवा मैं कैसे जानूं कि मैं इसका अधिकारी हूंगा? 
Genesis 15:9 यहोवा ने उस से कहा, मेरे लिये तीन वर्ष की एक कलोर, और तीन वर्ष की एक बकरी, और तीन वर्ष का एक मेंढ़ा, और एक पिण्डुक और कबूतर का एक बच्चा ले। 
Genesis 15:10 और इन सभों को ले कर, उसने बीच में से दो टुकड़े कर दिया, और टुकड़ों को आम्हने-साम्हने रखा: पर चिडिय़ाओं को उसने टुकड़े न किया। 
Genesis 15:11 और जब मांसाहारी पक्षी लोथों पर झपटे, तब अब्राम ने उन्हें उड़ा दिया। 
Genesis 15:12 जब सूर्य अस्त होने लगा, तब अब्राम को भारी नींद आई; और देखो, अत्यन्त भय और अन्धकार ने उसे छा लिया। 
Genesis 15:13 तब यहोवा ने अब्राम से कहा, यह निश्चय जान कि तेरे वंश पराए देश में परदेशी हो कर रहेंगे, और उसके देश के लोगों के दास हो जाएंगे; और वे उन को चार सौ वर्ष लों दु:ख देंगे; 
Genesis 15:14 फिर जिस देश के वे दास होंगे उसको मैं दण्ड दूंगा: और उसके पश्चात वे बड़ा धन वहां से ले कर निकल आएंगे। 
Genesis 15:15 तू तो अपने पितरों में कुशल के साथ मिल जाएगा; तुझे पूरे बुढ़ापे में मिट्टी दी जाएगी। 
Genesis 15:16 पर वे चौथी पीढ़ी में यहां फिर आएंगे: क्योंकि अब तक एमोरियों का अधर्म पूरा नहीं हुआ। 
Genesis 15:17 और ऐसा हुआ कि जब सूर्य अस्त हो गया और घोर अन्धकार छा गया, तब एक अंगेठी जिस में से धुआं उठता था और एक जलता हुआ पलीता देख पड़ा जो उन टुकड़ों के बीच में से हो कर निकल गया। 
Genesis 15:18 उसी दिन यहोवा ने अब्राम के साथ यह वाचा बान्धी, कि मिस्र के महानद से ले कर परात नाम बड़े नद तक जितना देश है, 
Genesis 15:19 अर्थात, केनियों, कनिज्जियों, कद्क़ोनियों, 
Genesis 15:20 हित्तियों, परीज्जियों, रपाइयों, 
Genesis 15:21 एमोरियों, कनानियों, गिर्गाशियों और यबूसियों का देश मैं ने तेरे वंश को दिया है।

एक साल में बाइबल: 
  • 2 राजा 7-9
  • यूहन्ना 1:1-28


रविवार, 8 मई 2016

समापन


   जेफ को खबर मिली कि उसकी माँ की तबियत खराब है और लगातार बिगड़ती जा रही है; वह तुरंत हवाई यात्रा द्वारा अपनी माँ के पास पहुँच गया। जेफ अपनी माँ के साथ उनके हाथ पकड़े हुए बैठता, उनके लिए भजन गाता, उन्हें सांत्वना देता और उन से उनके प्रति अपने प्रेम का वर्णन करता। कुछ समय बाद उनकी मृत्यु हो गई, और अन्तिम संस्कार के दौरान अनेक लोगों ने जेफ को बताया कि कैसे उसकी माँ उनके लिए एक आशीष का कारण रही थीं। वे दूसरों को सही परामर्श देने, परमेश्वर के वचन बाइबल में से सिखाने और प्रार्थना सभाओं में अगुवाई करने में लगी रहती थीं। उनके जीवन के अन्तिम समय के निकट तक यह सभी कार्य उनकी मसीही सेवकाई का एक अहम भाग रहे थे; उन्होंने समापन तक अपना जीवन मसीह यीशु के लिए दृढ़तापूर्वक जीया था।

   अपनी माँ की याद में और उन्हें आदर देने के लिए जेफ ने 26.2 मील की एक दौड़ में भाग लिया। उस दौड़ के दौरान जेफ ने अपनी माँ के जीवन के लिए परमेश्वर का धन्यवाद किया और उस से उनकी मृत्यु के कारण अपने शोक को भी व्यक्त किया। दौड़ की समापन रेखा को पार करने के बाद जेफ ने आकाश की ओर अपनी तर्जनी ऊँगली उठाते हुए कहा, "वहाँ जहाँ माँ हैं!" उन्होंने अपने जीवन के समापन तक मसीह यीशु की महिमा करी थी, उसे आदर दिया था, जिससे जेफ को परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रेरित पौलुस द्वारा लिखी गई उसकी अन्तिम पत्री में व्यक्त भाव स्मरण हो आए: "मैं अच्छी कुश्‍ती लड़ चुका हूं मैं ने अपनी दौड़ पूरी कर ली है, मैं ने विश्वास की रखवाली की है। भविष्य में मेरे लिये धर्म का वह मुकुट रखा हुआ है, जिसे प्रभु, जो धर्मी, और न्यायी है, मुझे उस दिन देगा और मुझे ही नहीं, वरन उन सब को भी, जो उसके प्रगट होने को प्रिय जानते हैं" (2 तिमुथियुस 4:7-8)।

   हम सभी मसीही विशवासी एक लंबी दौड़ में हैं, और बाइबल हमें प्रोत्साहित करती है कि हम इस दौड़ को ऐसे दौड़ें कि हम उस अजर पुरुस्कार के भागी हो सकें (1 कुरिन्थियों 9:24)। इससे बढ़कर और क्या होगा कि हमारे जीवन की इस दौड़ का समापन मसीह यीशु के लिए दृढ़ रहते हुए और अनन्तकाल तक उसके साथ रहने के लिए हो। - डेनिस फिशर


मसीही विश्वासी की जीवन फुरती से दौड़ी जाने वाली छोटी दौड़ नहीं,
 वरन धैर्य के साथ दौड़ी जाने वाली लंबी दौड़ है।

क्या तुम नहीं जानते, कि दौड़ में तो दौड़ते सब ही हैं, परन्तु इनाम एक ही ले जाता है तुम वैसे ही दौड़ो, कि जीतो। - 1 कुरिन्थियों 9:24 

बाइबल पाठ: 2 तिमुथियुस 4:1-8
2 Timothy 4:1 परमेश्वर और मसीह यीशु को गवाह कर के, जो जीवतों और मरे हुओं का न्याय करेगा, उसे और उसके प्रगट होने, और राज्य को सुधि दिलाकर मैं तुझे चिताता हूं। 
2 Timothy 4:2 कि तू वचन को प्रचार कर; समय और असमय तैयार रह, सब प्रकार की सहनशीलता, और शिक्षा के साथ उलाहना दे, और डांट, और समझा। 
2 Timothy 4:3 क्योंकि ऐसा समय आएगा, कि लोग खरा उपदेश न सह सकेंगे पर कानों की खुजली के कारण अपनी अभिलाषाओं के अनुसार अपने लिये बहुतेरे उपदेशक बटोर लेंगे। 
2 Timothy 4:4 और अपने कान सत्य से फेरकर कथा-कहानियों पर लगाएंगे। 
2 Timothy 4:5 पर तू सब बातों में सावधान रह, दुख उठा, सुसमाचार प्रचार का काम कर और अपनी सेवा को पूरा कर। 
2 Timothy 4:6 क्योंकि अब मैं अर्घ की नाईं उंडेला जाता हूं, और मेरे कूच का समय आ पहुंचा है। 
2 Timothy 4:7 मैं अच्छी कुश्‍ती लड़ चुका हूं मैं ने अपनी दौड़ पूरी कर ली है, मैं ने विश्वास की रखवाली की है। 
2 Timothy 4:8 भविष्य में मेरे लिये धर्म का वह मुकुट रखा हुआ है, जिसे प्रभु, जो धर्मी, और न्यायी है, मुझे उस दिन देगा और मुझे ही नहीं, वरन उन सब को भी, जो उसके प्रगट होने को प्रिय जानते हैं।

एक साल में बाइबल: 
  • 2 राजा 4-6
  • लूका 24:1-53


शनिवार, 7 मई 2016

नई सृष्टि


   बहुत वर्ष पहले की बात है, इतवार की एक आराधना सभा में पास्टर रे स्टैडमैन आगे मँच पर आए और उस दिन के लिए परमेश्वर के वचन बाइबल का पाठ पढ़ा, जो था: "क्या तुम नहीं जानते, कि अन्यायी लोग परमेश्वर के राज्य के वारिस न होंगे? धोखा न खाओ, न वेश्यागामी, न मूर्तिपूजक, न परस्त्रीगामी, न लुच्‍चे, न पुरूषगामी। न चोर, न लोभी, न पियक्कड़, न गाली देने वाले, न अन्‍धेर करने वाले परमेश्वर के राज्य के वारिस होंगे। और तुम में से कितने ऐसे ही थे, परन्तु तुम प्रभु यीशु मसीह के नाम से और हमारे परमेश्वर के आत्मा से धोए गए, और पवित्र हुए और धर्मी ठहरे" (1 कुरिन्थियों 6:9-11)। पढ़ने के बाद उन्होंने उपस्थित लोगों की ओर देखा, उनके चेहरे पर एक हल्की सी चंचलता भरी मुस्कुराहट थी, और उपस्थित लोगों को देखते हुए वे बोले, "मैं उत्सुक हूँ यह जानने के लिए कि इन में से कोई पाप आप में से कितनों के जीवन का कभी एक भाग रहा है? यदि रहा है, तो क्या आप कृप्या अपने स्थान पर खड़े हो जाएंगे?"

   उस सभा में एक ऐसा जवान व्यक्ति भी था जो इससे पहले कभी किसी चर्च में नहीं गया था। हाल ही में उसने प्रसिद्ध प्रचारक बिली ग्राहम की एक सुसमाचार सभा में प्रभु यीशु को अपना उद्धारकर्ता ग्रहण किया था और उस इतवार को वह डरता तथा काँपता चर्च आया था, उसे पता भी नहीं था कि चर्च में होता क्या है। बाद में उस जवान ने मुझे यह घटना बताते हुए कहा, "जब पास्टर रे ने प्रश्न पूछा, तो मैंने अपने चारों ओर देखा कि क्या कोई अपने आप को कभी उन पापों में फँसा हुआ बताने के लिए खड़ा होगा? पहले तो कोई खड़ा नहीं हुआ, फिर धीरे-धीरे लोग खड़े होने लगे और अन्ततः चर्च में उपस्थित लगभग सभी लोग खोड़े हो गए।" इतने खड़े हुए लोगों को देख कर उस जवान की हिम्मत बंधी, क्योंकि उसने प्रत्यक्ष यह जान लिया कि, "चर्च में आने वाले ये सब लोग भी मेरे जैसे ही हैं!"

   प्रेरित पौलुस द्वारा दी गई इस सूची में हम सभी मसीही विश्वासी अपने आप को अपने बीते जीवन के किसी ना किसी पाप के कारण सम्मिलित पा सकते हैं। लेकिन कुरिन्थुस की उस मण्डली के लोगों के समान ही हम सब के लिए ये पाप हमारे बीते जीवन का भाग हैं; उस जीवन का जो अब प्रभु यीशु द्वारा क्षमा करके परिवर्तित कर दिया गया है, नया बना दिया गया है, जिससे पापों का दोष हटाया जा चुका है, क्योंकि उन सभी पापों का पूरा-पूरा दण्ड प्रभु यीशु ने कलवरी के क्रूस पर चुका दिया है, और हमें अनन्त जीवन का उपहार प्रदान कर दिया है: "क्योंकि पाप की मजदूरी तो मृत्यु है, परन्तु परमेश्वर का वरदान हमारे प्रभु मसीह यीशु में अनन्त जीवन है" (रोमियों 6:23)।

   आज भी संसार का चाहे जो कोई भी व्यक्ति हो, यदि वह स्वेच्छा से, पश्चाताप के साथ प्रभु यीशु के पास आता है, अपने पापों का अंगीकार करके उनके लिए उससे क्षमा माँगता है और अपन जीवन उसे समर्पित करता है, वह प्रभु यीशु के अनुग्रह से उद्धार पाता है, एक नई सृष्टि हो जाता है (2 कुरिन्थियों 5:17)। - डेविड रोपर


प्रभु यीशु के पास अपने खाली हाथ फैलाए आएँ, और उससे अनन्त जीवन की भरपूरी ले जाएँ।

सो यदि कोई मसीह में है तो वह नई सृष्‍टि है: पुरानी बातें बीत गई हैं; देखो, वे सब नई हो गईं। - 2 कुरिन्थियों 5:17

बाइबल पाठ: 1 कुरिन्थियों 6:9-20
1 Corinthians 6:9 क्या तुम नहीं जानते, कि अन्यायी लोग परमेश्वर के राज्य के वारिस न होंगे? धोखा न खाओ, न वेश्यागामी, न मूर्तिपूजक, न परस्त्रीगामी, न लुच्‍चे, न पुरूषगामी। 
1 Corinthians 6:10 न चोर, न लोभी, न पियक्कड़, न गाली देने वाले, न अन्‍धेर करने वाले परमेश्वर के राज्य के वारिस होंगे। 
1 Corinthians 6:11 और तुम में से कितने ऐसे ही थे, परन्तु तुम प्रभु यीशु मसीह के नाम से और हमारे परमेश्वर के आत्मा से धोए गए, और पवित्र हुए और धर्मी ठहरे।
1 Corinthians 6:12 सब वस्तुएं मेरे लिये उचित तो हैं, परन्तु सब वस्तुएं लाभ की नहीं, सब वस्तुएं मेरे लिये उचित हैं, परन्तु मैं किसी बात के आधीन न हूंगा। 
1 Corinthians 6:13 भोजन पेट के लिये, और पेट भोजन के लिये है, परन्तु परमेश्वर इस को और उसको दोनों को नाश करेगा, परन्तु देह व्यभिचार के लिये नहीं, वरन प्रभु के लिये; और प्रभु देह के लिये है। 
1 Corinthians 6:14 और परमेश्वर ने अपनी सामर्थ से प्रभु को जिलाया, और हमें भी जिलाएगा। 
1 Corinthians 6:15 क्या तुम नहीं जानते, कि तुम्हारी देह मसीह के अंग हैं? सो क्या मैं मसीह के अंग ले कर उन्हें वेश्या के अंग बनाऊं? कदापि नहीं। 
1 Corinthians 6:16 क्या तुम नहीं जानते, कि जो कोई वेश्या से संगति करता है, वह उसके साथ एक तन हो जाता है? क्योंकि वह कहता है, कि वे दोनों एक तन होंगे। 
1 Corinthians 6:17 और जो प्रभु की संगति में रहता है, वह उसके साथ एक आत्मा हो जाता है। 
1 Corinthians 6:18 व्यभिचार से बचे रहो: जितने और पाप मनुष्य करता है, वे देह के बाहर हैं, परन्तु व्यभिचार करने वाला अपनी ही देह के विरुद्ध पाप करता है। 
1 Corinthians 6:19 क्या तुम नहीं जानते, कि तुम्हारी देह पवित्रात्मा का मन्दिर है; जो तुम में बसा हुआ है और तुम्हें परमेश्वर की ओर से मिला है, और तुम अपने नहीं हो? 
1 Corinthians 6:20 क्योंकि दाम देकर मोल लिये गए हो, इसलिये अपनी देह के द्वारा परमेश्वर की महिमा करो।

एक साल में बाइबल: 
  • 2 राजा 1-3
  • लूका 24:1-35



शुक्रवार, 6 मई 2016

हृदय और वचन


   औसतन, हमारा हृदय एक मिनिट में 70-75 बार धड़कता है; यद्यपि इसका वज़न लगभग 11 आउन्स (312 ग्राम) ही है, फिर भी एक स्वस्थ हृदय प्रतिदिन 60,000 मील (96,560 किओमीटर) लंबी रक्त नलिकाओं से 2000 गैलन (7570 लिटर) रक्त प्रवाहित करता है। प्रतिदिन हृदय एक ट्रक को 20 मील तक ले जाने लायक ऊर्जा उत्पन्न करता है, जो एक सामन्य मानव-जीवनकाल में चन्द्रमा तक जाकर वापस आने के बराबर है। एक स्वस्थ हृदय अद्भुत कार्य कर सकता है; इसके विपरीत, यदि हमारा हृदय बैठ जाए तो हमारा सारा शरीर भी कार्य करना बन्द कर देता है।

   यही बात हमारे आत्मिक हृदय के लिए भी कही जा सकती है। परमेश्वर के वचन बाइबल में हृदय या मन हमारी भावनाओं, विचारों, और विवेक का सूचक है। उसे हमारे जीवन का नियंत्रण केन्द्र कहा गया है; इसीलिए हम बाइबल में लिखा पढ़ते हैं कि "सब से अधिक अपने मन की रक्षा कर; क्योंकि जीवन का मूल स्रोत वही है" (नीतिवचन 4:23)। यह बहुत महत्वपूर्ण सलाह तो है, परन्तु लोगों के लिए इस सलाह का पालन सामन्यतः कठिन होता है। जीवन हमारे समय तथा सामर्थ पर बहुत ज़ोर मारता है, हमारे सामने ऐसी अनेक परिस्थितियाँ लाता है जिनका तुरंत निवारण करना अति आवश्यक लगता है। इसकी तुलना में परमेश्वर के वचन बाइबल को पढ़ना, उस की बातों पर मनन करना, उन बातों का पालन करना जबर्दस्ती हमारा ध्यान नहीं खेंचते, हमें बाध्य नहीं करते। इसलिए इन बातों को नज़रन्दाज़ करना सहज लगता है और ऐसा करने के दुषपरिणामों को हम एक दम से पहचान भी नहीं पाते। लेकिन ये दुषपरिणाम समय के साथ बढ़ते और हमारे जीवनों में जमा होते-होते जाते हैं, हमें परमेश्वर और उसकी बातों से दूर करते चले जाते हैं। परमेश्वर के साथ संगति की यह अवहेलना हमारे आत्मिक "हृदय" और शारीरिक जीवन को कमज़ोर बना देती है, जिससे हमारा आत्मिक जीवन कमज़ोर हो जाता है और हमें आत्मिक हृदयाघात होने का खतरा बन जाता है।

   मैं धन्यवादी हूं कि परमेश्वर ने हमें अपना वचन दिया है, उस जीवते वचन के द्वारा वह हम से बातें करता है, हमारा मार्गदर्शन करता है, हमें अपने आप को जाँचने तथा सुधारने के अवसर देता है। परमेश्वर के इस वचन की कभी अवहेलना ना करें; यह वचन आपको परमेश्वर के साथ सही संबंध बनाए रखने में सहायक बना रहेगा। - पो फैंग चिया


आत्मिक स्वास्थ्य के लिए सबसे महान चिकित्सक, 
परमेश्वर से उसके जीवते वचन में होकर परामर्श लें।

तेरा वचन मेरे पांव के लिये दीपक, और मेरे मार्ग के लिये उजियाला है। - भजन 119:105 

बाइबल पाठ: नीतिवचन 4:20-27
Proverbs 4:20 हे मेरे पुत्र मेरे वचन ध्यान धरके सुन, और अपना कान मेरी बातों पर लगा। 
Proverbs 4:21 इन को अपनी आंखों की ओट न होने दे; वरन अपने मन में धारण कर। 
Proverbs 4:22 क्योंकि जिनको वे प्राप्त होती हैं, वे उनके जीवित रहने का, और उनके सारे शरीर के चंगे रहने का कारण होती हैं। 
Proverbs 4:23 सब से अधिक अपने मन की रक्षा कर; क्योंकि जीवन का मूल स्रोत वही है। 
Proverbs 4:24 टेढ़ी बात अपने मुंह से मत बोल, और चालबाजी की बातें कहना तुझ से दूर रहे। 
Proverbs 4:25 तेरी आंखें साम्हने ही की ओर लगी रहें, और तेरी पलकें आगे की ओर खुली रहें। 
Proverbs 4:26 अपने पांव धरने के लिये मार्ग को समथर कर, और तेरे सब मार्ग ठीक रहें। 
Proverbs 4:27 न तो दाहिनी ओर मुढ़ना, और न बाईं ओर; अपने पांव को बुराई के मार्ग पर चलने से हटा ले।

एक साल में बाइबल: 
  • 1 राजा 21-22
  • लूका 23:26-56