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शनिवार, 1 अक्टूबर 2016

रिवाज़


   मेरी बढ़ती उम्र में हमारे घर के जिन नियमों का हमें पालन करना होता था उन में से एक नियम था कि हम क्रोध को साथ लिए हुए सोने के लिए बिस्तर में नहीं जा सकते थे, जो कि परमेश्वर के वचन बाइबल में इफिसियों 4:26 पर आधारित था। सोने जाने से पहले हमें अपने सारे झगड़ों और परस्पर असहमतियों का निवारण करना होता था। इसके साथ का एक दूसरा नियम था कि सोने जाते समय हमारे माता-पिता हम भाई बहनों से कहते थे, "शुभ-रात्रि। हम तुम से प्रेम करते हैं" और प्रत्युत्तर में हम भी कहते थे, "शुभ-रात्रि। हम भी आपसे प्रेम करते हैं।"

   इस पारिवारिक रिवाज़ के महत्व को मैं हाल ही में और गहराई से समझने पाई। मेरी माँ फेफड़े के कैंसर के साथ मरणासन रोगियों की देखभाल करने वाले एक अस्पताल में भरती थीं, और उनकी उत्तर देने की क्षमता दिन-प्रतिदिन घटती जा रही थी। लेकिन प्रति-रात्रि उनके पास से जाने के समय मैं उन से कहती थी, "माँ, मैं आप से प्रेम करती हूँ।" और यद्यपि वे और कुछ कह पाने में असमर्थ थीं, लेकिन फिर भी वे उत्तर देतीं, "मैं भी तुम से प्रेम करती हूँ।" अपनी उस बढ़ती उम्र के समय में मैंने कभी नहीं सोचा था कि घर का यह रिवाज़, इतने वर्षों के बाद, मेरे लिए इतना बहुमूल्य उपहार बन जाएगा।

   समय और पुनरावृति अकसर हमारे रिवाज़ों से उनके अर्थ और महत्व को चुरा लेते हैं; लेकिन कुछ रिवाज़ बहुमूल्य आत्मिक सत्यों को स्मरण दिलाते रहने के माध्यम होते हैं। आज के समान ही, प्रथम शताब्दी के मसीही विश्वासियों ने भी प्रभु-भोज का दुरुपयोग किया था, जिससे उनके लिए उसका अर्थ और महत्व हल्का पड़ने लग गया था। लेकिन प्रेरित पौलुस ने उन लोगों से इसे बन्द कर देने के लिए नहीं कहा; वरन उन्हें स्मरण करवाया कि, "क्योंकि जब कभी तुम यह रोटी खाते, और इस कटोरे में से पीते हो, तो प्रभु की मृत्यु को जब तक वह न आए, प्रचार करते हो" (1 कुरिन्थियों 11:26)।

   ऐसे अर्थपूर्ण और महत्वपूर्ण रिवाज़ों को छोड़ नहीं देना चाहिए; वरन उनके सच्चे अर्थ और महत्व को लोगों के सामने लाना चाहिए, उन्हें पुनःस्थापित करना चाहिए। - जूली ऐकैरमैन लिंक


किसी भी रिवाज़ का अर्थ और महत्व खो सकता है; 
लेकिन इसका यह तात्पर्य नहीं है कि वह अर्थहीन या महत्वहीन हो गया है।

क्रोध तो करो, पर पाप मत करो: सूर्य अस्‍त होने तक तुम्हारा क्रोध न रहे। - इफिसियों 4:26

बाइबल पाठ: 1 कुरिन्थियों 11:23-34
1 Corinthians 11:23 क्योंकि यह बात मुझे प्रभु से पहुंची, और मैं ने तुम्हें भी पहुंचा दी; कि प्रभु यीशु ने जिस रात वह पकड़वाया गया रोटी ली। 
1 Corinthians 11:24 और धन्यवाद कर के उसे तोड़ी, और कहा; कि यह मेरी देह है, जो तुम्हारे लिये है: मेरे स्मरण के लिये यही किया करो। 
1 Corinthians 11:25 इसी रीति से उसने बियारी के पीछे कटोरा भी लिया, और कहा; यह कटोरा मेरे लोहू में नई वाचा है: जब कभी पीओ, तो मेरे स्मरण के लिये यही किया करो। 
1 Corinthians 11:26 क्योंकि जब कभी तुम यह रोटी खाते, और इस कटोरे में से पीते हो, तो प्रभु की मृत्यु को जब तक वह न आए, प्रचार करते हो। 
1 Corinthians 11:27 इसलिये जो कोई अनुचित रीति से प्रभु की रोटी खाए, या उसके कटोरे में से पीए, वह प्रभु की देह और लोहू का अपराधी ठहरेगा। 
1 Corinthians 11:28 इसलिये मनुष्य अपने आप को जांच ले और इसी रीति से इस रोटी में से खाए, और इस कटोरे में से पीए। 
1 Corinthians 11:29 क्योंकि जो खाते-पीते समय प्रभु की देह को न पहिचाने, वह इस खाने और पीने से अपने ऊपर दण्‍ड लाता है। 
1 Corinthians 11:30 इसी कारण तुम में से बहुत से निर्बल और रोगी हैं, और बहुत से सो भी गए। 
1 Corinthians 11:31 यदि हम अपने आप में जांचते, तो दण्‍ड न पाते। 
1 Corinthians 11:32 परन्तु प्रभु हमें दण्‍ड देकर हमारी ताड़ना करता है इसलिये कि हम संसार के साथ दोषी न ठहरें। 
1 Corinthians 11:33 इसलिये, हे मेरे भाइयों, जब तुम खाने के लिये इकट्ठे होते हो, तो एक दूसरे के लिये ठहरा करो। 
1 Corinthians 11:34 यदि कोई भूखा हो, तो अपने घर में खा ले जिस से तुम्हारा इकट्ठा होना दण्‍ड का कारण न हो: और शेष बातों को मैं आकर ठीक कर दूंगा।

एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 11-13
  • इफिसियों 4


शुक्रवार, 30 सितंबर 2016

नई शुरूआत


   अनेकों देशों में, स्वास्थ्य से संबंधित नियमों के अन्तर्गत, पुराने गद्दों को बेचने या उनके पुनःउपयोग करना प्रतिबन्धित है; वे केवल कचरे के ढेर में ही डाले जा सकते हैं। टिम कीनन ने इस समस्या का एक समाधान निकाला है, और आज उसका यह व्यवसाय एक दर्जन लोगों को नौकरी देता है कि वे उन गद्दों में से उनके बनाने में प्रयोग हुए कपड़े, फोम और धातु को निकाल कर पुनःउपयोगी बनाने के लिए कार्य करें। लेकिन यह पूरी कहानी का केवल एक भाग ही है। पत्रकार बिल वोग्रिन ने कोलेरॉडो स्प्रिंग्स के अख़बार The Gazette में लिखा, "कीनन जो जो वस्तुएं पुनःउपयोगी बनाते हैं...उनमें संभवतः उनके पास काम करने वाले लोग ही उनकी सबसे बड़ी सफलता हैं।" अपने इस व्यवसाय में कार्य करने के लिए कीनन केवल बेघर और बेरोज़गार लोगों को ही लेता है, उन्हें जिन्हें सब ने त्याग दिया है, कोई रखना नहीं चाहता है; ऐसे लोगों को वह काम तथा जीवन में आगे बढ़ने का एक और अवसर देता है।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में लूका 5:17-32 में लकवे के मारे एक ऐसे व्यक्ति का उल्लेख है जिसे प्रभु यीशु शरीर और आत्मा की चँगाई दी। इस अद्भुत आश्चर्यकर्म के पश्चात लेवी ने प्रभु यीशु की बुलाहट पर उसके पीछे हो लेने का निर्णय लिया, और फिर प्रभु यीशु के आदर में आयोजित भोज मे भाग लेने के लिए अपने साथ के अन्य चुँगी लेने वालों और मित्रों को बुलाया (पद 27-29)। क्योंकि उस समय के यहूदी, विशेषकर यहूदियों के धार्मिक अगुवे, चुँगी लेने वालों को बहुत तुच्छ समझते थे, उनके साथ संगति रखने में अपना अनादर समझते थे; इसलिए प्रभु यीशु को लेवी के साथियों और मित्रों के साथ भोजन करते देख, उन्होंने प्रभु यीशु पर समाज में तुच्छ समझे जाने वाले लोगों के साथ संगति रखने का दोष लगाया (पद 30)। प्रभु यीशु ने उन्हें उत्तर दिया कि वैद्य की आवश्यकता भले-चंगे लोगों को नहीं वरन बीमारों को ही होती है, और कहा, "मैं धर्मियों को नहीं, परन्तु पापियों को मन फिराने के लिये बुलाने आया हूं" (लूका 5:32)।

   यदि कोई अपने आप को समाज या परिवार से त्यागा हुआ समझता है, यह समझता है कि वह संसार के कूड़े के ढेर में फेंके जाने लायक है, तो उसके लिए प्रभु यीशु की ओर से एक अच्छी खबर है - प्रभु यीशु को उसका प्रयोजन है; प्रभु यीशु उसके लिए अपने प्रेम भरी बाहें फैलाए खड़ा है। ऐसा हर व्यक्ति प्रभु यीशु के पास आए, अपना जीवन उसे समर्पित करे, प्रभु के साथ संगति में हो ले और प्रभु यीशु में एक नया जीवन, एक नई उपयोगिता, आगे बढ़ने के एक नए अवसर का लाभ उठाने वाला बन जाए। प्रभु यीशु संसार में इसीलिए आया है। - डेविड मैक्कैसलैंड


प्रभु यीशु में उद्धार का अर्थ एक नया जीवन प्राप्त करना है।

सो यदि कोई मसीह में है तो वह नई सृष्‍टि है: पुरानी बातें बीत गई हैं; देखो, वे सब नई हो गईं। - 2 कुरिन्थियों 5:17

बाइबल पाठ: लूका 5:17-32
Luke 5:17 और एक दिन ऐसा हुआ कि वह उपदेश दे रहा था, और फरीसी और व्यवस्थापक वहां बैठे हुए थे, जो गलील और यहूदिया के हर एक गांव से, और यरूशलेम से आए थे; और चंगा करने के लिये प्रभु की सामर्थ उसके साथ थी। 
Luke 5:18 और देखो कई लोग एक मनुष्य को जो झोले का मारा हुआ था, खाट पर लाए, और वे उसे भीतर ले जाने और यीशु के साम्हने रखने का उपाय ढूंढ़ रहे थे। 
Luke 5:19 और जब भीड़ के कारण उसे भीतर न ले जा सके तो उन्होंने कोठे पर चढ़ कर और खप्रैल हटाकर, उसे खाट समेत बीच में यीशु के साम्हने उतरा दिया। 
Luke 5:20 उसने उन का विश्वास देखकर उस से कहा; हे मनुष्य, तेरे पाप क्षमा हुए। 
Luke 5:21 तब शास्त्री और फरीसी विवाद करने लगे, कि यह कौन है, जो परमेश्वर की निन्‍दा करता है? परमेश्वर का छोड़ कौन पापों की क्षमा कर सकता है? 
Luke 5:22 यीशु ने उन के मन की बातें जानकर, उन से कहा कि तुम अपने मनों में क्या विवाद कर रहे हो? 
Luke 5:23 सहज क्या है? क्या यह कहना, कि तेरे पाप क्षमा हुए, या यह कहना कि उठ, और चल फिर? 
Luke 5:24 परन्तु इसलिये कि तुम जानो कि मनुष्य के पुत्र को पृथ्वी पर पाप क्षमा करने का भी अधिकार है (उसने उस झोले के मारे हुए से कहा), मैं तुझ से कहता हूं, उठ और अपनी खाट उठा कर अपने घर चला जा। 
Luke 5:25 वह तुरन्त उन के साम्हने उठा, और जिस पर वह पड़ा था उसे उठा कर, परमेश्वर की बड़ाई करता हुआ अपने घर चला गया। 
Luke 5:26 तब सब चकित हुए और परमेश्वर की बड़ाई करने लगे, और बहुत डरकर कहने लगे, कि आज हम ने अनोखी बातें देखी हैं।
Luke 5:27 और इसके बाद वह बाहर गया, और लेवी नाम एक चुंगी लेने वाले को चुंगी की चौकी पर बैठे देखा, और उस से कहा, मेरे पीछे हो ले। 
Luke 5:28 तब वह सब कुछ छोड़कर उठा, और उसके पीछे हो लिया। 
Luke 5:29 और लेवी ने अपने घर में उसके लिये बड़ी जेवनार की; और चुंगी लेने वालों की और औरों की जो उसके साथ भोजन करने बैठे थे एक बड़ी भीड़ थी। 
Luke 5:30 और फरीसी और उन के शास्त्री उस के चेलों से यह कहकर कुड़कुड़ाने लगे, कि तुम चुंगी लेने वालों और पापियों के साथ क्यों खाते-पीते हो? 
Luke 5:31 यीशु ने उन को उत्तर दिया; कि वैद्य भले चंगों के लिये नहीं, परन्तु बीमारों के लिये अवश्य है। 
Luke 5:32 मैं धर्मियों को नहीं, परन्तु पापियों को मन फिराने के लिये बुलाने आया हूं।

एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 9-10
  • इफिसियों 3


गुरुवार, 29 सितंबर 2016

विलक्षण अनुग्रह


   जॉन न्यूटन (1725-1807) को ब्रिटेन की राजकीय नौसेना की नौकरी से अनाज्ञाकारिता के कारण निकाल दिया गया और वह गुलामों के व्यापार से जुड़ गया। इस कुप्रथा के व्यापार के लिए एटलांटिक महासागर के इस पार से उस पार गुलामों को लाने-ले जाने वाले जलपोतों में काम करते समय जॉन न्यूटन गाली-गलौज से भरी भाषा तथा परमेश्वर के विरुद्ध निन्दाजनक बातें बोलते रहने के लिए कुख्यात हो गया था, और बढ़ते बढ़ते एक समुद्री जहाज़ का कप्तान भी बन गया। सन 1748 की एक ऐसी ही यात्रा में उसका जहाज़ डूबने की कगार पर आ गया, और उसने अपने जीवन की रक्षा के लिए प्रभु यीशु को पुकारा, तथा प्रभु के अनुग्रह से उसकी जान बच गई, जिसके बाद जॉन न्यूटन ने प्रभु यीशु को अपना जीवन समर्पित कर दिया।

   इस नए जीवन तथा प्रभु के अनुग्रह पा लेने की अपनी अयोग्यता का एहसास उसे सारी उम्र बना रहा। वह एक प्रभावी मसीही प्रचारक बन गया और आगे चलकर दास-प्रथा के विरुद्ध खड़े होने वाले लोगों के आन्दोलन का एक अगुवा भी हुआ। न्यूटन ने ब्रिटेन की संसद के सामने दासों से संबंधित अपने अनुभवों और आँखों देखे दुर्व्यहार पर अकाट्य प्रमाण और इस कुप्रथा की अनैतिकता बयान भी दिए। अपने जीवन-परिवर्तन और मसीह यीशु का विश्वासी बनने के अनुभव पर आधारित लिखे भक्ति गीत Amazing Grace (अद्भुत अनुग्रह) के लिए न्यूटन आज भी जाना जाता है; उसका लिखा यह गीत आज भी सबसे लोकप्रीय मसीहि गीतों में से एक है।

   इस परिवर्तन के पश्चात जीवन में आई सारी अच्छाई को न्यूटन ने परमेश्वर के अनुग्रह का परिणाम ही बताया। परमेश्वर के अनुग्रह पर उसका यह विश्वास परमेश्वर के वचन बाइबल के उन नायकों के विश्वास के समान ही है जो अपनी कमज़ोरियों और चरित्र के विकारों के बावजूद परमेश्वर के लिए उपयोगी पात्र बने और आज भी जिनके नाम आदर के साथ लिए जाते हैं, जैसे कि राजा दाऊद जो व्यभिचार और हत्या का दोषी था; प्रेरित पतरस जिसने प्रभु यीशु का चेला होने के बावजूद कायरता दिखाते हुए प्रभु का इन्कार किया; प्रेरित पौलुस, जो मसीही विश्वासियों को सताने वाला हुआ करता था, आदि।

   परमेश्वर का जो विलक्षण अनुग्रह इन सभी और इनके जैसे अन्गिनित अन्य लोगों के जीवनों में कार्यकारी हुआ, जिस अनुग्रह ने उनके जीवनों को बदल कर बिलकुल नया, आदरणीय और अद्भुत बना दिया, वही अनुग्रह आज भी समस्त मानव जाति के हर व्यक्ति के लिए सदा सेंत-मेंत उपलब्ध है; न्यूटन के समान सच्चे हृदय से प्रभु यीशु को पुकारने, उससे अपने पापों के लिए क्षमा माँगने और उसे अपना जीवन समर्पित करने भर की ही देर है: "हम को उस में उसके लोहू के द्वारा छुटकारा, अर्थात अपराधों की क्षमा, उसके उस अनुग्रह के धन के अनुसार मिला है" (इफिसियों 1:7) और परमेश्वर हमारा मन, हमारा जीवन परिवर्तित कर देगा, अपनी आशीषों से भर देगा। - फिलिप यैन्सी


जो जीवन परमेश्वर के विलक्षण अनुग्रह में जड़वत हैं 
वे परमेश्वर की निकटता से कभी उखाड़े नहीं जा सकते।

यह बात सच और हर प्रकार से मानने के योग्य है, कि मसीह यीशु पापियों का उद्धार करने के लिये जगत में आया, जिन में सब से बड़ा मैं हूं। - 1 तिमुथियुस 1:15

बाइबल पाठ: इफिसियों 2:1-10
Ephesians 2:1 और उसने तुम्हें भी जिलाया, जो अपने अपराधों और पापों के कारण मरे हुए थे। 
Ephesians 2:2 जिन में तुम पहिले इस संसार की रीति पर, और आकाश के अधिकार के हाकिम अर्थात उस आत्मा के अनुसार चलते थे, जो अब भी आज्ञा न मानने वालों में कार्य करता है। 
Ephesians 2:3 इन में हम भी सब के सब पहिले अपने शरीर की लालसाओं में दिन बिताते थे, और शरीर, और मन की मनसाएं पूरी करते थे, और और लोगों के समान स्‍वभाव ही से क्रोध की सन्तान थे। 
Ephesians 2:4 परन्तु परमेश्वर ने जो दया का धनी है; अपने उस बड़े प्रेम के कारण, जिस से उसने हम से प्रेम किया। 
Ephesians 2:5 जब हम अपराधों के कारण मरे हुए थे, तो हमें मसीह के साथ जिलाया; (अनुग्रह ही से तुम्हारा उद्धार हुआ है)। 
Ephesians 2:6 और मसीह यीशु में उसके साथ उठाया, और स्‍वर्गीय स्थानों में उसके साथ बैठाया। 
Ephesians 2:7 कि वह अपनी उस कृपा से जो मसीह यीशु में हम पर है, आने वाले समयों में अपने अनुग्रह का असीम धन दिखाए। 
Ephesians 2:8 क्योंकि विश्वास के द्वारा अनुग्रह ही से तुम्हारा उद्धार हुआ है, और यह तुम्हारी ओर से नहीं, वरन परमेश्वर का दान है। 
Ephesians 2:9 और न कर्मों के कारण, ऐसा न हो कि कोई घमण्‍ड करे। 
Ephesians 2:10 क्योंकि हम उसके बनाए हुए हैं; और मसीह यीशु में उन भले कामों के लिये सृजे गए जिन्हें परमेश्वर ने पहिले से हमारे करने के लिये तैयार किया।

एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 7-8
  • इफिसियों 2


बुधवार, 28 सितंबर 2016

अवसर


   अनेकों अन्य शहरों के समान, अमेरिका के अलाबामा प्रांत में स्थित शहर एंटरप्राइज़ में भी वहाँ की विशिष्ट बात के लिए एक प्रतिष्ठित स्मारक बनाया गया है। लेकिन यह स्मारक अन्य किसी भी स्मारक से बहुत भिन्न है क्योंकि यह ना तो वहाँ के किसी प्रतिष्ठित नागरिक के सम्मान में है, और ना ही वहाँ की किसी विशेष वस्तु अथवा उपलब्धि के लिए है। वह स्मारक रूई की खेती को बरबाद करने वाले एक छोटे से कीड़े बॉल वीविल के सम्मान में है।

   सन 1900 के आरंभिक वर्षों में बॉल वीविल मेक्सिको से दक्षिणी अमेरिका में आया और कुछ ही समय में उस कीड़े ने उस इलाके की आय के प्रमुख स्त्रोत, कपास के खेतों को बरबाद कर दिया। उस कीड़े के कारण आई निराशा और मजबूरी में पड़े किसान कपास छोड़कर एक अन्य फसल - मूँगफली उगाने लगे, जिसपर बॉल वीविल का ज़ोर नहीं चलता था। साथ ही उन्होंने इस बात को भी पहचाना कि वे एक ही प्रकार की फसल पर आवश्यकता से अधिक निर्भर हो गए थे, और बॉल वीविल ने उन्हें फसलों में विविधता लाने पर मजबूर किया, जो उनके लिए और भी अधिक समृद्ध होने का कारण हो गया। इसी बात का श्रेय उस कीड़े को देते हुए उसका वह स्मारक एंटरप्राइज़ शहर में बनाया गया।

   यह घटना और बॉल वीविल से मिली यह शिक्षा हमारे जीवनों में कभी-कभी आने वाली उन परिस्थितियों के समान है जो वह सब कुछ बरबाद कर देती हैं जिसे हमने वर्षों की मेहनत और लगन से बनाकर खड़ा किया है। यह बरबादी आर्थिक, या शारीरिक एवं सेहत संबंधी, या हमारी भावनाओं से संबंधित या अन्य किसी प्रकार की हो सकती है, और उस समय बहुत भयावह होती है; हमें लगता है कि अब कुछ नहीं हो सकता, बस यही अन्त है। लेकिन जैसे एंटरप्राइज़ शहर के लोगों ने सीखा, किसी पुराने की हानि उठाना एक नई आशीष को सीखने का अवसर बन सकता है। परमेश्वर भी हमारे जीवनों में कठिन परिस्थितियों को हमारी किसी पुरानी बुरी आदत को छुड़ाने या फिर हमें कोई नया सदगुण सिखाने के लिए कर सकता है। परमेश्वर ने ऐसा ही पौलुस के साथ किया, जब उसे अनुग्रह के और गहरे अर्थ को समझाने-सिखाने के लिए उसके शरीर में एक कष्ट को आने दिया (2 कुरिन्थियों 12:7-9)।

   बजाए इसके कि हम उन पुरानी बातों या आदतों में बने रहें जो अब प्रभावी और उपयोगी नहीं रही हैं, और उनके जाने से शोकित हों, निराशा में पड़ें; उन परिस्थितियों को जो उन पुरानी बातों को हमारे जीवनों से निकालने में सहायक होती हैं, परमेश्वर की ओर से दिए गए नई आशीषों को पाने के अवसर के रूप में स्वीकार करना चाहिए और उन से शिक्षा लेकर आगे बढ़ना चाहिए। - जूली ऐकैरमैन लिंक


परमेश्वर अकसर कठिन अनुभवों के द्वारा हमारे जीवनों को बेहतर बनाता है।

मुझे जो दु:ख हुआ वह मेरे लिये भला ही हुआ है, जिस से मैं तेरी विधियों को सीख सकूं। - भजन 119:71

बाइबल पाठ: 2 कुरिन्थियों 12:7-10
2 Corinthians 12:7 और इसलिये कि मैं प्रकाशों की बहुतायत से फूल न जाऊं, मेरे शरीर में एक कांटा चुभाया गया अर्थात शैतान का एक दूत कि मुझे घूँसे मारे ताकि मैं फूल न जाऊं। 
2 Corinthians 12:8 इस के विषय में मैं ने प्रभु से तीन बार बिनती की, कि मुझ से यह दूर हो जाए। 
2 Corinthians 12:9 और उसने मुझ से कहा, मेरा अनुग्रह तेरे लिये बहुत है; क्योंकि मेरी सामर्थ निर्बलता में सिद्ध होती है; इसलिये मैं बड़े आनन्द से अपनी निर्बलताओं पर घमण्‍ड करूंगा, कि मसीह की सामर्थ मुझ पर छाया करती रहे। 
2 Corinthians 12:10 इस कारण मैं मसीह के लिये निर्बलताओं, और निन्‍दाओं में, और दरिद्रता में, और उपद्रवों में, और संकटों में, प्रसन्न हूं; क्योंकि जब मैं निर्बल होता हूं, तभी बलवन्‍त होता हूं।

एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 5-6
  • इफिसियों 1


मंगलवार, 27 सितंबर 2016

सर्वोत्तम पुनर्मिलन


    मैं अपने पिता के जीवन के अन्तिम दिनों में उनके पास बैठे रहने के समय को कभी नहीं भूल पाऊँगा। आज भी उनके इस पृथ्वी को छोड़कर अनन्त में प्रवेश करने के उस पल को स्मरण करना मुझ पर एक गहरा प्रभाव छोड़ता है। मेरे पिता ने अपने आप को मेरे लिए हर समय उपलब्ध कर रखा था; जब भी मुझे सलाह की आवश्यकता होती मैं निःसंकोच उन्हें फ़ोन कर सकता था, उनसे बात कर सकता था। उनके साथ जाकर मछली पकड़ने के समयों की यादें मुझे बहुत प्रीय हैं; हम परमेश्वर और बाइबल के बारे में बातें किया करते थे और मैं उनको उनके लड़कपन के वो मज़ेदार किस्से सुनाने को भी उकसाता था, जो उन्होंने फार्म के अपने समय में अनुभव किए थे।

   लेकिन जब पिताजी ने अपने जीवन की अन्तिम साँस ली, तब मैं मृत्यु की अपरिवर्तनीय अन्तिमता से भी परिचित हो गया। अब वे इस संसार से चले गए थे और मेरे हृदय में एक स्थान रिक्त हो गया था।

   लेकिन ऐसी हानि और दुःख के समयों में भी, परमेश्वर का वचन बाइबल उस खालीपन में प्रोत्साहित करती है। प्रेरित पौलुस में होकर परमेश्वर के पवित्र आत्मा ने हमें सिखाया है कि प्रभु यीशु के पुनःआगमन पर जो मसीही विश्वासी हमसे पहले पृथ्वी से जा चुके हैं वे पहले जी उठेंगे, और "तब हम जो जीवित और बचे रहेंगे, उन के साथ बादलों पर उठा लिये जाएंगे, कि हवा में प्रभु से मिलें, और इस रीति से हम सदा प्रभु के साथ रहेंगे" (1 थिस्सुलुनीकियों 4:17)। अब, यह वह सर्वोत्तम पुनर्मिलन है मैं जिसकी प्रतीक्षा आतुरता से कर रहा हूँ; केवल अपने पिताजी से ही पुनःमिलने के लिए नहीं, वरन प्रभु यीशु से मिलकर अनन्तकाल तक स्वर्ग में उसके साथ रहने के लिए।

   मैं उस आने वाले सर्वोत्तम पुनर्मिलन की प्रतीक्षा में हूँ; और आप?


मसीही विश्वासी कभी अलविदा नहीं कहते। - सी. एस. ल्युईस

हे मृत्यु तेरी जय कहां रही? - 1 कुरिन्थियों 15:55

बाइबल पाठ: 1 थिस्सुलुनीकियों 4:13-18
1 Thessalonians 4:13 हे भाइयों, हम नहीं चाहते, कि तुम उनके विषय में जो सोते हैं, अज्ञान रहो; ऐसा न हो, कि तुम औरों की नाईं शोक करो जिन्हें आशा नहीं। 
1 Thessalonians 4:14 क्योंकि यदि हम प्रतीति करते हैं, कि यीशु मरा, और जी भी उठा, तो वैसे ही परमेश्वर उन्हें भी जो यीशु में सो गए हैं, उसी के साथ ले आएगा। 
1 Thessalonians 4:15 क्योंकि हम प्रभु के वचन के अनुसार तुम से यह कहते हैं, कि हम जो जीवित हैं, और प्रभु के आने तक बचे रहेंगे तो सोए हुओं से कभी आगे न बढ़ेंगे। 
1 Thessalonians 4:16 क्योंकि प्रभु आप ही स्वर्ग से उतरेगा; उस समय ललकार, और प्रधान दूत का शब्द सुनाई देगा, और परमेश्वर की तुरही फूंकी जाएगी, और जो मसीह में मरे हैं, वे पहिले जी उठेंगे। 
1 Thessalonians 4:17 तब हम जो जीवित और बचे रहेंगे, उन के साथ बादलों पर उठा लिये जाएंगे, कि हवा में प्रभु से मिलें, और इस रीति से हम सदा प्रभु के साथ रहेंगे। 
1 Thessalonians 4:18 सो इन बातों से एक दूसरे को शान्‍ति दिया करो।

एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 3-4
  • गलतियों 6


सोमवार, 26 सितंबर 2016

भरोसा


   ऑस्ट्रेलिया से आए एक समाचार ने दोनों टाँगों के निष्क्रीय होने से पीड़ित पास्केल ऑनोरे नामक एक महिला के बारे में बताया, जो 18 वर्ष से पहिए वाली कुर्सी के द्वारा ही इधर-उधर जाने के लिए मजबूर थी, लेकिन अब समुद्र की लहरों पर सर्फिंग का आनन्द लेती है! कैसे?

   उन लहरों पर सर्फिंग करने वाला एक जवान, टाई स्वान, उसे अपनी पीठ पर बाँध लेता है। अपना संतुलन सही बना लेने के पश्चात टाई स्वान लहरों में जाता है जिससे वे एक ऊँची लहर पर स्वार होकर सर्फ कर सकें और ऑनोरे को सर्फिंग के रोमाँच का आनन्द मिल सके। ऐसा कर सकने लिए बहुत भरोसे की आवश्यकता होती है, क्योंकि ऐसा करने में बहुत कुछ बिगड़ सकता है। लेकिन ऑनोरे का टाई स्वान में भरोसा, उन खतरों के बावजूद, उसे अपने मन की तीव्र इच्छा को साकार करने की क्षमता प्रदान करता है।

   हम मसीही विश्वासियों के लिए भी जीवन कुछ ऐसा ही है। हम खतरों से भरे संसार में रहते हैं जहाँ अप्रत्याशित चुनौतियाँ और अनजाने जोखिम कदम कदम पर हमें आहत करने के लिए मूँह बाए खड़े रहते हैं। लेकिन फिर भी हमारे पास अलौकिक आनन्द है क्योंकि हमने एक ऐसे पर भरोसा किया है जो हमें हर खतरे और परिस्थिति के पार सुरक्षित उतार लाने में सक्षम और सामर्थी है। परमेश्वर के वचन बाइबल में भजनकार ने लिखा, "परन्तु जितने तुझ पर भरोसा रखते हैं वे सब आनन्द करें, वे सर्वदा ऊंचे स्वर से गाते रहें; क्योंकि तू उनकी रक्षा करता है, और जो तेरे नाम के प्रेमी हैं तुझ में प्रफुल्लित हों" (भजन 5:11)।

   जीवन के बड़े खतरों और चुनौतियों में परमेश्वर पर किए गए भरोसे के कारण हम आनन्दित रह सकते हैं; क्योंकि उसकी सामर्थ हमारे जीवन के हर खतरे, चुनौती और परिस्थिति से कहीं बढ़कर है। - बिल क्राउडर


कमज़ोरियों को परमेश्वर की सामर्थ के हवाले कर देने के परिणाम
हमारे भरोसे को और भी अधिक बढ़ा देते हैं।

मैं ने परमेश्वर पर भरोसा रखा है, मैं न डरूंगा। मनुष्य मेरा क्या कर सकता है? - भजन 56:11

बाइबल पाठ: भजन 5:1-12
Psalms 5:1 हे यहोवा, मेरे वचनों पर कान लगा; मेरे ध्यान करने की ओर मन लगा। 
Psalms 5:2 हे मेरे राजा, हे मेरे परमेश्वर, मेरी दोहाई पर ध्यान दे, क्योंकि मैं तुझी से प्रार्थना करता हूं। 
Psalms 5:3 हे यहोवा, भोर को मेरी वाणी तुझे सुनाई देगी, मैं भोर को प्रार्थना कर के तेरी बाट जोहूंगा। 
Psalms 5:4 क्योंकि तू ऐसा ईश्वर नहीं जो दुष्टता से प्रसन्न हो; बुराई तेरे साथ नहीं रह सकती।
Psalms 5:5 घमंडी तेरे सम्मुख खड़े होने न पांएगे; तुझे सब अनर्थकारियों से घृणा है। 
Psalms 5:6 तू उन को जो झूठ बोलते हैं नाश करेगा; यहोवा तो हत्यारे और छली मनुष्य से घृणा करता है। 
Psalms 5:7 परन्तु मैं तो तेरी अपार करूणा के कारण तेरे भवन में आऊंगा, मैं तेरा भय मानकर तेरे पवित्र मन्दिर की ओर दण्डवत करूंगा। 
Psalms 5:8 हे यहोवा, मेरे शत्रुओं के कारण अपने धर्म के मार्ग में मेरी अगुवाई कर; मेरे आगे आगे अपने सीधे मार्ग को दिखा। 
Psalms 5:9 क्योंकि उनके मुंह में कोई सच्चाई नहीं; उनके मन में निरी दुष्टता है। उनका गला खुली हुई कब्र है, वे अपनी जीभ से चिकनी चुपड़ी बातें करते हैं। 
Psalms 5:10 हे परमेश्वर तू उन को दोषी ठहरा; वे अपनी ही युक्तियों से आप ही गिर जाएं; उन को उनके अपराधों की अधिकाई के कारण निकाल बाहर कर, क्योंकि उन्होंने तुझ से बलवा किया है।
Psalms 5:11 परन्तु जितने तुझ पर भरोसा रखते हैं वे सब आनन्द करें, वे सर्वदा ऊंचे स्वर से गाते रहें; क्योंकि तू उनकी रक्षा करता है, और जो तेरे नाम के प्रेमी हैं तुझ में प्रफुल्लित हों।
Psalms 5:12 क्योंकि तू धर्मी को आशिष देगा; हे यहोवा, तू उसको अपने अनुग्रहरूपी ढाल से घेरे रहेगा।

एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 1-2
  • गलतियों 5


रविवार, 25 सितंबर 2016

बोलना और सुनना


   वर्षों पहले किसी अज्ञात लेखक ने हमारे बोलने को सीमित रखने की बुद्धिमता से संबंधित एक लघु-कविता लिखी, जो कुछ इस प्रकार है:
एक बुद्धिमान बुज़ुर्ग उल्लू बाँझ वृक्ष पर रहता था;
जितना अधिक वह देखता था उतना ही कम वह बोलता था;
जितना कम वह बोलता था, उतना अधिक वह सुनता था;
क्यों नहीं हम उस उस बुद्धिमान पक्षी के समान बनते?

   बुद्धिमानी और हमारे बोलने को सीमित रखने में एक संबंध है; परमेश्वर का वचन बाइबल भी इस बात को सिखाती है: "जहां बहुत बातें होती हैं, वहां अपराध भी होता है, परन्तु जो अपने मुंह को बन्द रखता है वह बुद्धि से काम करता है" (नीतिवचन 10:19)। कुछ परिस्थितियों में हम क्या और कितना बोलते है, इसके प्रति सावधान रहने में बुद्धिमानी होती है। जब हम क्रोध या आवेश में हों तो अपने बोले गए शब्दों के प्रति सचेत और संयमी रहना भला होता है: "हे मेरे प्रिय भाइयो, यह बात तुम जानते हो: इसलिये हर एक मनुष्य सुनने के लिये तत्‍पर और बोलने में धीरा और क्रोध में धीमा हो" (याकूब 1:19)। परमेश्वर की उपस्थिति में अपने शब्दों के प्रयोग का नियंत्रण करना, उनके प्रति संयमी होना परमेश्वर के प्रति हमारे आदर और श्रद्धा को भी दिखाता है: "बातें करने में उतावली न करना, और न अपने मन से कोई बात उतावली से परमेश्वर के साम्हने निकालना, क्योंकि परमेश्वर स्वर्ग में हैं और तू पृथ्वी पर है; इसलिये तेरे वचन थोड़े ही हों" (सभोपदेशक 3:7)। जब लोग दुःखी हों तो उनसे सांत्वना के बहुत शब्द कहने की बजाए उनके साथ हमारी मूक उपस्थिति उनके लिए कहीं अधिक शांतिदायक और सहायक हो सकती है: "तब वे सात दिन और सात रात उसके संग भूमि पर बैठे रहे, परन्तु उसका दु:ख बहुत ही बड़ा जान कर किसी ने उस से एक भी बात न कही" (अय्यूब 2:13)।

   परमेश्वर का वचन हमें सिखाता है कि बोलने का भी समय होता है और शांत रहने का भी (सभोपदेशक 3:7)। कम बोलना हमें अधिक सुनने वाला वाला बनाता है। - जेनिफर बेन्सन शुल्ट


या तो आपके बोल आपके शांत रहने से बेहतर हों; 
अन्यथा शांत रहना बेहतर होता है।

फाड़ने का समय, और सीने का भी समय; चुप रहने का समय, और बोलने का भी समय है; - (सभोपदेशक 3:7)

बाइबल पाठ: नीतिवचन 10:17-21
Proverbs 10:17 जो शिक्षा पर चलता वह जीवन के मार्ग पर है, परन्तु जो डांट से मुंह मोड़ता, वह भटकता है। 
Proverbs 10:18 जो बैर को छिपा रखता है, वह झूठ बोलता है, और जो अपवाद फैलाता है, वह मूर्ख है। 
Proverbs 10:19 जहां बहुत बातें होती हैं, वहां अपराध भी होता है, परन्तु जो अपने मुंह को बन्द रखता है वह बुद्धि से काम करता है। 
Proverbs 10:20 धर्मी के वचन तो उत्तम चान्दी हैं; परन्तु दुष्टों का मन बहुत हलका होता है। 
Proverbs 10:21 धर्मी के वचनों से बहुतों का पालन पोषण होता है, परन्तु मूढ़ लोग निर्बुद्धि होने के कारण मर जाते हैं।

एक साल में बाइबल: 
  • श्रेष्ठगीत 6-8
  • गलतियों 4