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शनिवार, 7 जनवरी 2017

सेवक एवं सहायक


   पिछली शरद ऋतु में हमारा शहर एक बर्फ के भीषण तूफान की चपेट में आ गया। बर्फ के बोझ से पेड़ों की डालियों के टूट या झुक कर बिजली के तारों पर आ जाने के कारण हज़ारों घरों और व्यवसायों में कई दिनों तक बिजली आनी बन्द हो गई। हमारे परिवार ने घर की बुनियादी आवश्यकताओं के लिए एक जेनेरेटर द्वारा बिजली तो प्राप्त कर ली परन्तु फिर भी खाना पकाने लायक बिजली हमारे घर में नहीं थी। हम घर से बाहर खाने का कोई स्थान ढ़ूँढ़ने के लिए निकले, और मीलों तक हमें केवल बन्द व्यवसाय और दुकानें ही मिले। अन्ततः हम एक नाश्ता परोसने वाले रेस्टोरॉन्ट पहुँचे जहाँ बिजली की आपूर्ति बाधित नहीं हुई थी, किंतु वह स्थान हमारे समान ही अन्य भूखे और परेशान ग्राहकों से भरा हुआ था।

   कुछ समय में एक स्त्री हमारे पास भोजन का हमारा ऑर्डर लेने आई, और कहा, "वास्तव में मैं इस रेस्टोरॉन्ट की कर्मचारी नहीं हूँ। हमारे चर्च का गुट यहाँ नाश्ता कर रहा था और हमने देखा कि इस रेस्टोरॉन्ट के कर्मचारी आने वाले ग्राहकों की भीड़ के कारण कितने अभिभूत एवं परेशान हो गए थे। हमने रेस्टोरॉन्ट के प्रबंधक से कहा कि यदि इससे कर्मचारियों की सहायता और ग्राहकों को भोजन मिलने में सुविधा होती है, तो हम लोगों तथा कर्मचारियों की सहायता के लिए ग्राहकों से ऑर्डर लेने तथा भोजन परोसने में सहायक होंगे।"

   उस महिला और उसके साथियों द्वारा स्वेच्छा से सहायता देने के इस उदाहरण ने मुझे परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रेरित पौलुस द्वारा लिखी बात का स्मरण दिलाया: "इसलिये जहां तक अवसर मिले हम सब के साथ भलाई करें; विशेष कर के विश्वासी भाइयों के साथ" (गलतियों 6:10)। हमारे आस-पास के लोगों की अनेकों आवश्यकताओं के संदर्भ में, मैं सोचता हूँ कि क्या हो यदि हम सब परमेश्वर से प्रार्थना करें कि वह उस दिन में उसकी सेवा तथा लोगों की सहायता करने के अवसर देखने तथा पहचानने, और भले सेवक एवं सहायक बनने की सदबुद्धि तथा सामर्थ हमें प्रदान करे। - डेनिस फिशर


जब हम ज़रूरतमन्द लोगों की सहायता करते हैं, 
हम मसीह यीशु के उदाहरण को प्रदर्शित करते हैं।

जिनका भला करना चाहिये, यदि तुझ में शक्ति रहे, तो उनका भला करने से न रुकना। - नीतिवचन 3:27

बाइबल पाठ: गलतियों 6:1-10
Galatians 6:1 हे भाइयों, यदि कोई मनुष्य किसी अपराध में पकड़ा भी जाए, तो तुम जो आत्मिक हो, नम्रता के साथ ऐसे को संभालो, और अपनी भी चौकसी रखो, कि तुम भी परीक्षा में न पड़ो। 
Galatians 6:2 तुम एक दूसरे के भार उठाओ, और इस प्रकार मसीह की व्यवस्था को पूरी करो। 
Galatians 6:3 क्योंकि यदि कोई कुछ न होने पर भी अपने आप को कुछ समझता है, तो अपने आप को धोखा देता है। 
Galatians 6:4 पर हर एक अपने ही काम को जांच ले, और तब दूसरे के विषय में नहीं परन्तु अपने ही विषय में उसको घमण्‍ड करने का अवसर होगा। 
Galatians 6:5 क्योंकि हर एक व्यक्ति अपना ही बोझ उठाएगा।
Galatians 6:6 जो वचन की शिक्षा पाता है, वह सब अच्छी वस्‍तुओं में सिखाने वाले को भागी करे। 
Galatians 6:7 धोखा न खाओ, परमेश्वर ठट्ठों में नहीं उड़ाया जाता, क्योंकि मनुष्य जो कुछ बोता है, वही काटेगा। 
Galatians 6:8 क्योंकि जो अपने शरीर के लिये बोता है, वह शरीर के द्वारा विनाश की कटनी काटेगा; और जो आत्मा के लिये बोता है, वह आत्मा के द्वारा अनन्त जीवन की कटनी काटेगा। 
Galatians 6:9 हम भले काम करने में हियाव न छोड़े, क्योंकि यदि हम ढीले न हों, तो ठीक समय पर कटनी काटेंगे। 
Galatians 6:10 इसलिये जहां तक अवसर मिले हम सब के साथ भलाई करें; विशेष कर के विश्वासी भाइयों के साथ।

एक साल में बाइबल: 
  • उत्पत्ति 18-19
  • मत्ती 6:1-18


शुक्रवार, 6 जनवरी 2017

गलतियाँ


   अपने संगीत जीवन के आरंभिक समय में, जैज़ संगीत में संगीत-वाद्य बजाने वाले हर्बी हैनकॉक को, उस समय तक बहुत प्रसिद्ध हो चुके संगीतज्ञ माइल्स डेविस के गुट में बजाने के लिए बुलाया गया। एक साक्षात्कार में हैन्कॉक ने स्वीकार किया कि पाँच लोगों के उस गुट में बजाने पर वे बहुत घबराहट अनुभव कर रहे थे, परन्तु यह उनके लिए एक विलक्षण अनुभव भी था क्योंकि डेविस बहुत प्रोत्साहन देने वाले भी थे। एक बार बजाते हुए, जब डेविस अपने एकल गान के समय गीत के चरम बिन्दु के निकट थे, तो हैन्कॉक ने एक गलत तार बजा दिया। गलत बजाते ही वह बहुत भयभीत हो गया, परन्तु डेविस ऐसे गाते रहे मानो कुछ हुआ ही ना हो, और उन्होंने कुछ ऐसे सुर लगाए जिस से वह गलत बजाया गया तार ठीक लगने लगा।

   प्रेम भरे नेतृत्व का यह कितना अनुपम उदाहरण था! डेविस ने ना हैनकॉक को कोई उलहाना दिया, ना उसे अपमानित किया; ना ही उसे अपने संगीत प्रदर्शन को बिगाड़ने का दोषी कहा। बस उन्होंने अपनी योजना को थोड़ा सा परिवर्तित किया और उस गलती को अच्छा बना दिया।

   जो डेविस ने हैनकॉक के लिए लिया, वही प्रभु यीशु ने पतरस के लिए किया। जब यीशु को पकड़ने के लिए आई हुई भीड़ में से एक व्यक्ति के कान को पतरस ने तलवार के वार से काट दिया, तो प्रभु यीशु ने वह कान वापस लगा दिया (लूका 22:51), और दिखाया कि उसका राज्य चँगाई देने के लिए है ना कि किसी की हानि पहुँचाने के लिए। इसी प्रकार अनेकों बार प्रभु यीशु ने चेलों की गलतियों को बेहतर मार्ग दिखाने के लिए प्रयोग किया।

   जो कार्य प्रभु यीशु ने तब उन चेलों के साथ किया था, उसे वह आज हमारे, अपने वर्तमान चेलों के साथ भी करता है। और जो वह हमारे साथ करता है, वह चाहता है कि हम उसे दूसरों के साथ करें (मत्ती 5:44-45)। बजाए इसके कि हम दूसरों की गलतियों को बढ़ा-चढ़ा कर दिखाएं, प्रभु यीशु के चरित्र और शिक्षाओं के अनुरूप, हम उन्हें क्षमा, चँगाई, और प्रभु यीशु से मिलने वाले पापों के दोष से छुटकारे के सुन्दर उदाहरण बना सकते हैं। - जूली ऐकैरमैन लिंक


प्रभु यीशु की लालसा है कि वह हमारी गलतियों को 
अपने अनुग्रह के अनुपम उदाहरणों में परिवर्तित कर दे।

परन्तु मैं तुम से यह कहता हूं, कि अपने बैरियों से प्रेम रखो और अपने सताने वालों के लिये प्रार्थना करो। जिस से तुम अपने स्‍वर्गीय पिता की सन्तान ठहरोगे क्योंकि वह भलों और बुरों दोनों पर अपना सूर्य उदय करता है, और धर्मियों और अधर्मियों दोनों पर मेंह बरसाता है। - मत्ती 5:44-45

बाइबल पाठ: लूका 22:39-51
Luke 22:39 तब वह बाहर निकलकर अपनी रीति के अनुसार जैतून के पहाड़ पर गया, और चेले उसके पीछे हो लिए। 
Luke 22:40 उस जगह पहुंचकर उसने उन से कहा; प्रार्थना करो, कि तुम परीक्षा में न पड़ो।
Luke 22:41 और वह आप उन से अलग एक ढेला फेंकने के टप्‍पे भर गया, और घुटने टेक कर प्रार्थना करने लगा। 
Luke 22:42 कि हे पिता यदि तू चाहे तो इस कटोरे को मेरे पास से हटा ले, तौभी मेरी नहीं परन्तु तेरी ही इच्छा पूरी हो। 
Luke 22:43 तब स्वर्ग से एक दूत उसको दिखाई दिया जो उसे सामर्थ देता था। 
Luke 22:44 और वह अत्यन्‍त संकट में व्याकुल हो कर और भी हृदय वेदना से प्रार्थना करने लगा; और उसका पसीना मानो लोहू की बड़ी बड़ी बून्‍दों की नाईं भूमि पर गिर रहा था। 
Luke 22:45 तब वह प्रार्थना से उठा और अपने चेलों के पास आकर उन्हें उदासी के मारे सोता पाया; और उन से कहा, क्यों सोते हो? 
Luke 22:46 उठो, प्रार्थना करो, कि परीक्षा में न पड़ो।
Luke 22:47 वह यह कह ही रहा था, कि देखो एक भीड़ आई, और उन बारहों में से एक जिस का नाम यहूदा था उनके आगे आगे आ रहा था, वह यीशु के पास आया, कि उसका चूमा ले। 
Luke 22:48 यीशु ने उस से कहा, हे यहूदा, क्या तू चूमा ले कर मनुष्य के पुत्र को पकड़वाता है? 
Luke 22:49 उसके साथियों ने जब देखा कि क्या होनेवाला है, कहा; हे प्रभु, क्या हम तलवार चलाएं? 
Luke 22:50 और उन में से एक ने महायाजक के दास पर चला कर उसका दाहिना कान उड़ा दिया। 
Luke 22:51 इस पर यीशु ने कहा; अब बस करो: और उसका कान छूकर उसे अच्छा किया।

एक साल में बाइबल: 
  • उत्पत्ति 16-17
  • मत्ती 5:27-48


गुरुवार, 5 जनवरी 2017

सहायक और शान्ति-दाता


   जब हमारी बेटी और उसके मंगेतर के पास उनके विवाह के उपहार आने लगे, तो यह उनके लिए बड़े आनन्द का समय था। वे प्रत्येक उपहार को खोलकर उसे यथास्थान रखते जाते थे। उन्हें मिले उपहारों में से एक थी एक अल्मारी जिसे बनाकर खड़ा करने के लिए उसके विभिन्न भागों को आपस में जोड़ना था। क्योंकि उन दोनों के पास करने के लिए और भी बहुत से कार्य थे इसलिए मैंने इच्छा प्रकट की कि उस अलमारी को मैं जोड़कर बना दूँगा। यह करने के लिए मुझे कुछ घण्टे लगे, परन्तु यह करना अपेक्षा से कहीं अधिक सरल निकला। अलमारी के लिए लकड़ी के विभिन्न भाग पहले से ही काट कर तैयार किए हुए थे; उन में पेच लगाकर आपस में कसने के लिए सही स्थानों पर छेद भी बने हुए थे, उन भागों को जोड़ने के लिए आवश्यक सभी चीज़ें भी साथ ही दी गई थीं और उन सबको एक साथ बैठा कर अलमारी बनाने के निर्देश भी बिलकुल स्पष्ट तथा सरल थे।

   दुर्भाग्यवश जीवन सामान्यतः ऐसा नहीं होता है। ना तो जीवन की परिस्थितियों के साथ उन से निपटने के सरल और स्पष्ट निर्देश आते हैं, और ना ही हमें समस्याओं को सुलझाने के लिए आवश्यक वस्तुएं सरलता से एक साथ मिल पाती हैं। हमें परिस्थितियों और समस्याओं का सामना बिना यह जाने करने पड़ता है कि हम किस में कदम बढ़ा रहे हैं और उससे निकल पाने के लिए क्या चाहिए होगा। कठिन समयों में हम बड़ी सरलता से अपने आप को अभिभूत हुआ पा सकते हैं।

   परन्तु हम मसीही विश्वासियों को अपनी किसी भी परिस्थिती या समस्या का सामना अकेले करने की कोई आवश्यकता नहीं है। परमेश्वर चाहता है कि हम अपनी हर बात, हर परेशानी, हर आवश्यकता को उसके पास लेकर आएं; उसके बारे में उससे चर्चा करें, उसकी सलाह लें: "किसी भी बात की चिन्‍ता मत करो: परन्तु हर एक बात में तुम्हारे निवेदन, प्रार्थना और बिनती के द्वारा धन्यवाद के साथ परमेश्वर के सम्मुख अपस्थित किए जाएं। तब परमेश्वर की शान्‍ति, जो समझ से बिलकुल परे है, तुम्हारे हृदय और तुम्हारे विचारों को मसीह यीशु में सुरिक्षत रखेगी" (फिलिप्पियों 4:6-7)।

   हमारा उद्धारकर्ता प्रभु, हमारी हर बात, हर समस्या, हर परिस्थिती, हर आवश्यकता को जानता और समझता है; और सदा हमें सलाह और शान्ति देने के लिए तैयार रहता है; प्रभु यीशु हमें कभी ना छोड़ने वाला हमारा सहायक और शान्तिदाता है जो हमें सदा सही मार्गदर्शन देता है, सदा हमारी भलाई के लिए कार्य करता है। -  बिल क्राउडर


शान्ति में रहने के लिए अपनी प्रत्येक चिन्ता परमेश्वर को सौंप दें।

इसलिये परमेश्वर के बलवन्‍त हाथ के नीचे दीनता से रहो, जिस से वह तुम्हें उचित समय पर बढ़ाए। और अपनी सारी चिन्‍ता उसी पर डाल दो, क्योंकि उसको तुम्हारा ध्यान है। - 1 पतरस 5:6-7

बाइबल पाठ: फिलिप्पियों 4:4-13
Philippians 4:4 प्रभु में सदा आनन्‍दित रहो; मैं फिर कहता हूं, आनन्‍दित रहो। 
Philippians 4:5 तुम्हारी कोमलता सब मनुष्यों पर प्रगट हो: प्रभु निकट है। 
Philippians 4:6 किसी भी बात की चिन्‍ता मत करो: परन्तु हर एक बात में तुम्हारे निवेदन, प्रार्थना और बिनती के द्वारा धन्यवाद के साथ परमेश्वर के सम्मुख अपस्थित किए जाएं। 
Philippians 4:7 तब परमेश्वर की शान्‍ति, जो समझ से बिलकुल परे है, तुम्हारे हृदय और तुम्हारे विचारों को मसीह यीशु में सुरिक्षत रखेगी।
Philippians 4:8 निदान, हे भाइयों, जो जो बातें सत्य हैं, और जो जो बातें आदरणीय हैं, और जो जो बातें उचित हैं, और जो जो बातें पवित्र हैं, और जो जो बातें सुहावनी हैं, और जो जो बातें मनभावनी हैं, निदान, जो जो सदगुण और प्रशंसा की बातें हैं, उन्‍हीं पर ध्यान लगाया करो। 
Philippians 4:9 जो बातें तुम ने मुझ से सीखीं, और ग्रहण की, और सुनी, और मुझ में देखीं, उन्‍हीं का पालन किया करो, तब परमेश्वर जो शान्‍ति का सोता है तुम्हारे साथ रहेगा।
Philippians 4:10 मैं प्रभु में बहुत आनन्‍दित हूं कि अब इतने दिनों के बाद तुम्हारा विचार मेरे विषय में फिर जागृत हुआ है; निश्‍चय तुम्हें आरम्भ में भी इस का विचार था, पर तुम्हें अवसर न मिला। 
Philippians 4:11 यह नहीं कि मैं अपनी घटी के कारण यह कहता हूं; क्योंकि मैं ने यह सीखा है कि जिस दशा में हूं, उसी में सन्‍तोष करूं। 
Philippians 4:12 मैं दीन होना भी जानता हूं और बढ़ना भी जानता हूं: हर एक बात और सब दशाओं में तृप्‍त होना, भूखा रहना, और बढ़ना-घटना सीखा है। 
Philippians 4:13 जो मुझे सामर्थ देता है उस में मैं सब कुछ कर सकता हूं।

एक साल में बाइबल: 
  • उत्पत्ति 13-15
  • मत्ती 5:1-26


बुधवार, 4 जनवरी 2017

दुल्हन


   मैंने अनेक वैवाहिक अनुष्ठान संपन्न किए हैं। अधिकांशतः ये समारोह दुल्हन की इच्छाओं तथा सपनों के अनुसार नियोजित किए जाते हैं, और प्रत्येक विवाह समारोह अन्य सभी से भिन्न होता है। परन्तु सभी विवाह समारोहों में एक बात समान होती है: अपने विवाह वस्त्रों में सुशोभित, बालों को संवारे हुए, दमकते चेहरे के साथ प्रत्येक दुल्हन सभी को बहुत आकर्षक लगती है।

   मुझे यह रोचक लगता है कि परमेश्वर हम मसीही विश्वासियों को अपनी दुल्हन कहता है। चर्च, अर्थात मसीही विश्वासियों के समूह के सम्बंध में परमेश्वर के वचन बाइबल की प्रकाशितवाक्य पुस्तक में, प्रभु परमेश्वर कहता है, "...क्योंकि मेम्ने का ब्याह आ पहुंचा: और उस की पत्‍नी ने अपने आप को तैयार कर लिया है" (प्रकाशितवाक्य 19:7)।

   उन लोगों के लिए जो चर्च की दशा से निराश हैं, विचार करने के लिए यह एक बहुत महवपूर्ण बात है। मेरे पिता चर्च के पास्टर थे और मैं एक पास्टर का बेटा होकर बड़ा हुआ, स्वयं मैंने तीन चर्चों में पास्टर का कार्य किया है, और मैं सारे संसार भर के चर्चों में प्रचार कर चुका हूँ। मैंने पस्टरों और उनकी मण्डली के सदस्यों के लिए, चर्चों में विद्यमान गहरे और परेशान करनी वाली समस्याओं के विषय में, सलाहकार का कार्य किया है। इन सब बातों को देखते हुए, यद्यपि कई बार चर्च प्रेम करने योग्य नहीं लगते हैं, फिर भी चर्च के प्रति मेरा प्रेम कम नहीं हुआ है।

   परन्तु चर्च से प्रेम करने का मेरा कारण अवश्य बदल गया है। अब, चर्च जिसका है, मैं चर्च से सबसे अधिक प्रेम उसके कारण करता हूँ। चर्च मसीह यीशु का है; वह मसीह की दुल्हन है। क्योंकि चर्च मसीह के लिए बहुमूल्य है, वह मेरे लिए भी बहुमूल्य है। चर्च में चाहे जितने भी दोष, कितनी भी कमियाँ क्यों ना हों, वह चाहे कितना भी अपूर्ण क्यों ना हो, परन्तु मसीह यीशु का चर्च के प्रति प्रेम कभी कम नहीं होता; अपनी ऐसी दुल्हन के प्रति ऐसा महान प्रेम - यह कोई साधारण बात नहीं है! हमारे लिए यह कितने आदर की बात है कि मसीह यीशु हमें अपनी दुल्हन के समान देखना चाहता है, हमसे प्रेम करना चाहता है। - जो स्टोवैल


क्योंकि मसीह यीशु अपनी दुल्हन, चर्च से प्रेम रखता है, 
इसलिए हमें भी चर्च से प्रेम रखना चाहिए।

हे पतियों, अपनी अपनी पत्‍नी से प्रेम रखो, जैसा मसीह ने भी कलीसिया से प्रेम कर के अपने आप को उसके लिये दे दिया। कि उसको वचन के द्वारा जल के स्‍नान से शुद्ध कर के पवित्र बनाए। और उसे एक ऐसी तेजस्‍वी कलीसिया बना कर अपने पास खड़ी करे, जिस में न कलंक, न झुर्री, न कोई ऐसी वस्तु हो, वरन पवित्र और निर्दोष हो। - इफिसियों 5:25-27

बाइबल पाठ: प्रकाशितवाक्य 19:4-9
Revelation 19:4 और चौबीसों प्राचीनों और चारों प्राणियों ने गिर कर परमेश्वर को दण्‍डवत किया; जो सिंहासन पर बैठा था, और कहा, आमीन, हल्लिलूय्याह! 
Revelation 19:5 और सिंहासन में से एक शब्द निकला, कि हे हमारे परमेश्वर से सब डरने वाले दासों, क्या छोटे, क्या बड़े; तुम सब उस की स्‍तुति करो। 
Revelation 19:6 फिर मैं ने बड़ी भीड़ का सा, और बहुत जल का सा शब्द, और गर्जनों का सा बड़ा शब्द सुना, कि हल्लिलूय्याह! इसलिये कि प्रभु हमारा परमेश्वर, सर्वशक्तिमान राज्य करता है। 
Revelation 19:7 आओ, हम आनन्‍दित और मगन हों, और उस की स्‍तुति करें; क्योंकि मेम्ने का ब्याह आ पहुंचा: और उस की पत्‍नी ने अपने आप को तैयार कर लिया है। 
Revelation 19:8 और उसको शुद्ध और चमकदार महीन मलमल पहिनने का अधिकार दिया गया, क्योंकि उस महीन मलमल का अर्थ पवित्र लोगों के धर्म के काम हैं। 
Revelation 19:9 और उसने मुझ से कहा; यह लिख, कि धन्य वे हैं, जो मेम्ने के ब्याह के भोज में बुलाए गए हैं; फिर उसने मुझ से कहा, ये वचन परमेश्वर के सत्य वचन हैं।

एक साल में बाइबल: 
  • उत्पत्ति 10-12
  • मत्ती 4


मंगलवार, 3 जनवरी 2017

मुक्त


   ऐन को, वह जहाँ कहीं भी हो, वहाँ लोगों से बात करना और उन्हें प्रभु यीशु के बारे में बताना अच्छा लगता है। एक दिन जब वह अपने पति से मिलने अस्पताल गई हुई थी, ऐन ने उसके पति की सेवा करने वाले सेवा-सहायक से वार्तालाप आरंभ किया। ऐन ने उससे पूछा कि क्या उसने विचार किया है कि वह भविष्य में क्या करना चाहता है? जब उस सेवा-सहायक ने कहा कि उसने अभी इस बारे में विचार नहीं किया है, तो ऐन ने उसे सुझाव दिया कि उस के लिए पहले परमेश्वर को जानना आवश्यक है, क्योंकि जीवन के सही निर्णय परमेश्वर की सहायता से ही लिए जा सकते हैं। यह सुनकर उस सेवा-सहायक ने अपनी कमीज़ की एक आस्तीन ऊपर कर के अपनी बाँह पर "मैं मुक्त किया गया हूँ" गोदा हुआ दिखाया।

  उन दोनों को एहसास हुआ कि वे दोनों ही प्रभु यीशु को चाहते हैं, उसे समर्पित हैं; और उन दोनों ही के पास उस में अपने विश्वास को व्यक्त करने के, जिस ने उन्हें मुक्त करने के लिए अपने प्राण बलिदान किए, अपने अपने तरीके थे।

   स्टीव ग्रीन के एक पुराने गीत का शीर्षक इसे सबसे अच्छा व्यक्त करता है: "लोगों को प्रभु की आवश्यकता है"। अब यह हमारे ऊपर है कि हम उनके साथ अपने मसीही विश्वास को बाँटने के कौन से तरीके अपनाते हैं, बनाते हैं, और इस सुसमाचार को लोगों को बताते हैं। अपरिचितों से बात करना हर किसी से नहीं हो पाता, और ना ही सुसमाचार फैलाने का कोई ऐसा तरीका है जिसे सभी एक समान प्रयोग कर सकें। परन्तु जब हम अपने आप को परमेश्वर को उसका कार्य करने के लिए उपलब्ध करवाएंगे, तो वह हमारे व्यकतित्व के अनुसार हमारे अन्दर विद्यमान उसकी ज्योति का उपयोग उसके प्रेम, अनुग्रह एवं उद्धार के सन्देश को लोगों तक पहुँचाने के लिए करेगा।

   क्या आप प्रभु यीशु में लाए गए विश्वास एवं पापों की क्षमा द्वारा "मुक्त" किए गए हैं? यदि हाँ, तो परमेश्वर से कहें कि प्रभु यीशु में उपलब्ध इस मुक्ति के सुसमाचार को औरों तक पहुँचाने के लिए वह आपको भी इस्तेमाल करे। - डेव ब्रैनन


प्रभु यीशु में उद्धार का शुभ-सन्देश इतना अच्छा है कि
 उसे अपने तक ही रखना उचित नहीं है।

हे मेरे परमेश्वर मैं तेरी इच्छा पूरी करने से प्रसन्न हूं; और तेरी व्यवस्था मेरे अन्त:करण में बनी है। मैं ने बड़ी सभा में धर्म के शुभ समाचार का प्रचार किया है; देख, मैं ने अपना मुंह बन्द नहीं किया हे यहोवा, तू इसे जानता है। मैं ने तेरा धर्म मन ही में नहीं रखा; मैं ने तेरी सच्चाई और तेरे किए हुए उधार की चर्चा की है; मैं ने तेरी करूणा और सत्यता बड़ी सभा से गुप्त नहीं रखी। - भजन 40:8-10

बाइबल पाठ: प्रेरितों 17:22-31
Acts 17:22 तब पौलुस ने अरियुपगुस के बीच में खड़ा हो कर कहा; हे अथेने के लोगों मैं देखता हूं, कि तुम हर बात में देवताओं के बड़े मानने वाले हो। 
Acts 17:23 क्योंकि मैं फिरते हुए तुम्हारी पूजने की वस्‍तुओं को देख रहा था, तो एक ऐसी वेदी भी पाई, जिस पर लिखा था, कि अनजाने ईश्वर के लिये। सो जिसे तुम बिना जाने पूजते हो, मैं तुम्हें उसका समाचार सुनाता हूं। 
Acts 17:24 जिस परमेश्वर ने पृथ्वी और उस की सब वस्‍तुओं को बनाया, वह स्वर्ग और पृथ्वी का स्‍वामी हो कर हाथ के बनाए हुए मन्‍दिरों में नहीं रहता। 
Acts 17:25 न किसी वस्तु का प्रयोजन रखकर मनुष्यों के हाथों की सेवा लेता है, क्योंकि वह तो आप ही सब को जीवन और श्वास और सब कुछ देता है। 
Acts 17:26 उसने एक ही मूल से मनुष्यों की सब जातियां सारी पृथ्वी पर रहने के लिये बनाईं हैं; और उन के ठहराए हुए समय, और निवास के सिवानों को इसलिये बान्‍धा है। 
Acts 17:27 कि वे परमेश्वर को ढूंढ़ें, कदाचित उसे टटोल कर पा जाएं तौभी वह हम में से किसी से दूर नहीं! 
Acts 17:28 क्योंकि हम उसी में जीवित रहते, और चलते-फिरते, और स्थिर रहते हैं; जैसे तुम्हारे कितने कवियों ने भी कहा है, कि हम तो उसी के वंश भी हैं। 
Acts 17:29 सो परमेश्वर का वंश हो कर हमें यह समझना उचित नहीं, कि ईश्वरत्‍व, सोने या रूपे या पत्थर के समान है, जो मनुष्य की कारीगरी और कल्पना से गढ़े गए हों। 
Acts 17:30 इसलिये परमेश्वर आज्ञानता के समयों में अनाकानी कर के, अब हर जगह सब मनुष्यों को मन फिराने की आज्ञा देता है। 
Acts 17:31 क्योंकि उसने एक दिन ठहराया है, जिस में वह उस मनुष्य के द्वारा धर्म से जगत का न्याय करेगा, जिसे उसने ठहराया है और उसे मरे हुओं में से जिलाकर, यह बात सब पर प्रामाणित कर दी है।

एक साल में बाइबल: 
  • उत्पत्ति 7-9
  • मत्ती 3


सोमवार, 2 जनवरी 2017

कहाँ हो?


   उन दोनों किशोरों ने अपने माता-पिता की कार की आवाज़ सुनी और वे घबरा गए। अब वे घर के अस्त-व्यस्त हाल को कैसे समझा पाएंगे? उस प्रातः बाहर जाने से पहले, उनके पिता द्वारा दिए गए निर्देश बहुत स्पष्ट थे: कोई पार्टी नहीं, किसी उद्दण्ड मित्र को अन्दर आने नहीं देना। परन्तु वे मित्र आए, पिता के निर्देशों के बावजूद उन्होंने उन्हें घर के भीतर आने दिया, और अब सारा घर अस्त-व्यस्त पड़ा था और वे दोनों किशोर नशे में बदहाल थे। भय के मारे, वे छिप गए।

   कुछ ऐसा ही आदम और हव्वा को लगा होगा जब उन्होंने परमेश्वर का अनाज्ञाकारी होने को चुना, और फिर परमेश्वर के आने की आवाज़ को सुना। भयभीत होकर वे छुप गए। परमेश्वर ने उन्हें पुकारा, "तुम कहाँ हो?" (उत्पत्ति 3:9)। आदम ने उत्तर दिया, "मैं तेरा शब्द बारी में सुन कर डर गया क्योंकि मैं नंगा था; इसलिये छिप गया" (उत्पत्ति 3:10)। पाप हमें भयभीत करता है, हमें नंगा अनुभव करवाता है, और अपनी शर्मनाक हालत को छुपाने के अपने ही प्रयासों में हम और अधिक बुराईयों में धंसते चले जाते हैं, परमेश्वर से और भी दूर होते चले जाते हैं।

   परमेश्वर आज भी संसार के हर जन को बुला रहा है; उन्हें आवाज़ दे रहा है: "तुम कहाँ हो?" आज भी बहुतेरे परमेश्वर की आवाज़ से दूर भाग रहे हैं, उससे छिपने के प्रयास कर रहे हैं, उसकी आवाज़ को संसार की आवाज़ों से दबा देने के प्रयास कर रहे हैं। परन्तु परमेश्वर की नज़रों से कोई छुप नहीं सकता; वह सब के बारे में सब कुछ जानता है; कौन कहाँ और कैसे छुपा है उसे पता है। जो आज उसकी आवाज़ को सुनकर क्षमा-याचना के साथ उसके अनुग्रह को प्राप्त करने के लिए उसके सामने नहीं आएंगे, एक दिन उन्हें उसके न्याय सिंहासन के सामने अपने जीवन और पापों का हिसाब देने और उनका दण्ड पाने के लिए खड़ा होना पड़ेगा।

   परमेश्वर के "तुम कहाँ हो?" को सुनकर भय में छुपने की बजाए, पश्चाताप के साथ उसके सामने आने और यह कहने कि "... हे परमेश्वर मुझ पापी पर दया कर" (लूका 18:13) के परिणाम कहीं अधिक सुखद हैं। - लॉरेंस दरमानी


पाप को ढ़ांप देने के लिए एक ही स्थान है - प्रभु यीशु के लहु में।

यदि हम अपने पापों को मान लें, तो वह हमारे पापों को क्षमा करने, और हमें सब अधर्म से शुद्ध करने में विश्वासयोग्य और धर्मी है। - 1 यूहन्ना 1:9

बाइबल पाठ: उत्पत्ति 3:1-10
Genesis 3:1 यहोवा परमेश्वर ने जितने बनैले पशु बनाए थे, उन सब में सर्प धूर्त था, और उसने स्त्री से कहा, क्या सच है, कि परमेश्वर ने कहा, कि तुम इस बाटिका के किसी वृक्ष का फल न खाना? 
Genesis 3:2 स्त्री ने सर्प से कहा, इस बाटिका के वृक्षों के फल हम खा सकते हैं। 
Genesis 3:3 पर जो वृक्ष बाटिका के बीच में है, उसके फल के विषय में परमेश्वर ने कहा है कि न तो तुम उसको खाना और न उसको छूना, नहीं तो मर जाओगे। 
Genesis 3:4 तब सर्प ने स्त्री से कहा, तुम निश्चय न मरोगे, 
Genesis 3:5 वरन परमेश्वर आप जानता है, कि जिस दिन तुम उसका फल खाओगे उसी दिन तुम्हारी आंखें खुल जाएंगी, और तुम भले बुरे का ज्ञान पाकर परमेश्वर के तुल्य हो जाओगे। 
Genesis 3:6 सो जब स्त्री ने देखा कि उस वृक्ष का फल खाने में अच्छा, और देखने में मनभाऊ, और बुद्धि देने के लिये चाहने योग्य भी है, तब उसने उस में से तोड़कर खाया; और अपने पति को भी दिया, और उसने भी खाया। 
Genesis 3:7 तब उन दोनों की आंखे खुल गई, और उन को मालूम हुआ कि वे नंगे है; सो उन्होंने अंजीर के पत्ते जोड़ जोड़ कर लंगोट बना लिये। 
Genesis 3:8 तब यहोवा परमेश्वर जो दिन के ठंडे समय बाटिका में फिरता था उसका शब्द उन को सुनाई दिया। तब आदम और उसकी पत्नी बाटिका के वृक्षों के बीच यहोवा परमेश्वर से छिप गए। 
Genesis 3:9 तब यहोवा परमेश्वर ने पुकार कर आदम से पूछा, तू कहां है? 
Genesis 3:10 उसने कहा, मैं तेरा शब्द बारी में सुन कर डर गया क्योंकि मैं नंगा था; इसलिये छिप गया।

एक साल में बाइबल: 
  • उत्पत्ति 4-6
  • मत्ती 2


रविवार, 1 जनवरी 2017

बेहतर या बदतर


   सभी पाठकों को नव-वर्ष की शुभ-कामनाएं

   प्रत्येक नए वर्ष के आरंभ होने पर, विशेषज्ञ उस वर्ष के लिए अर्थव्यवस्था, राजनीति, मौसम और अनेकों अन्य विषयों के बारे में अपनी भविष्यवाणियाँ देते हैं। क्या युद्ध होंगे या शान्ति रहेगी? दरिद्रता होगी या समृद्धि? विकास होगा या नहीं? सभी स्थानों पर लोगों की आशा है कि यह वर्ष पिछले वर्ष से बेहतर हो, परन्तु कोई नहीं जानता कि वास्तव में क्या होगा।

   परन्तु कुछ है जिसके बारे में हम निश्चित रह सकते हैं। हमारे चर्च में आए एक अतिथि उपदेशक ने राय दी कि यदि कोई पूछे कि संसार बेहतर होगा या बदतर, तो उत्तर होना चाहिए, दोनों ही होंगे!

   परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रेरित पौलुस ने तिमुथियुस को संसार के अन्तिम दिनों के विषय में लिखा कि, "पर यह जान रख, कि अन्‍तिम दिनों में कठिन समय आएंगे।...दुष्‍ट, और बहकाने वाले धोखा देते हुए, और धोखा खाते हुए, बिगड़ते चले जाएंगे। पर तू इन बातों पर जो तू ने सीखीं हैं और प्रतीति की थी, यह जानकर दृढ़ बना रह; कि तू ने उन्हें किन लोगों से सीखा था" (2 तिमुथियुस 3:1, 13-14)।

   परमेश्वर की प्रेरणा से लिखा गया यह पवित्र वचन हमें समझाता, सुधारता और सचेत करता है, हमें प्रोत्साहित करता है कि हम परमेश्वर के मार्ग पर चलें (पद 16-17)। जे. बी. फिलिप्स ने पवित्र शास्त्र को परमेश्वर द्वारा हमारे लिए दिया गया ऐसा व्यापक उपकरण बताया जो हमें परमेश्वर के कार्य के प्रत्येक भाग के लिए हमें पूर्णतया तैयार करता है।

   पाप से भरे हमारे संसार का आत्मिक अंधकार जैसे जैसे और गहरा होता जाता है, मसीह यीशु में प्राप्त होने वाले अनन्त आनन्द की ज्योति और भी अधिक ज्योतिर्मय होती जाती है, तथा उनके जीवनों से होकर संसार को रौशन करती रहती है जिन्होंने मसीह यीशु को जाना है, और अपना जीवन उसे समर्पित किया है, उसे अपना निज उद्धारकर्ता स्वीकार कर लिया है। प्रभु के लोगों के लिए मसीह यीशु ही, आज, कल और युगानुयुग तक आनन्द और आशा है।

   जो संसार के साथ और संसार के अनुसार जीना चाहते हैं, उनके लिए यह वर्ष और बदतर होगा; परन्तु जो प्रभु यीशु के साथ और प्रभु यीशु के अनुसार जीना चाहते हैं, उनके लिए यह वर्ष और बेहतर होगा। - डेविड मैक्कैसलैंड


आपके चारों ओर विद्यमान बुराई की शक्तियाँ, 
आपके अन्दर विद्यमान यीशु के सामर्थ के सामने कुछ भी नहीं हैं।

हे बालको, तुम परमेश्वर के हो: और तुम ने उन पर जय पाई है; क्योंकि जो तुम में है, वह उस से जो संसार में है, बड़ा है। - 1 यूहन्ना 4:4

बाइबल पाठ: 2 तिमुथियुस 3:1-5, 10-17
2 Timothy 3:1 पर यह जान रख, कि अन्‍तिम दिनों में कठिन समय आएंगे। 
2 Timothy 3:2 क्योंकि मनुष्य अपस्‍वार्थी, लोभी, डींगमार, अभिमानी, निन्‍दक, माता-पिता की आज्ञा टालने वाले, कृतघ्‍न, अपवित्र। 
2 Timothy 3:3 दयारिहत, क्षमारिहत, दोष लगाने वाले, असंयमी, कठोर, भले के बैरी। 
2 Timothy 3:4 विश्वासघाती, ढीठ, घमण्‍डी, और परमेश्वर के नहीं वरन सुखविलास ही के चाहने वाले होंगे। 
2 Timothy 3:5 वे भक्ति का भेष तो धरेंगे, पर उस की शक्ति को न मानेंगे; ऐसों से परे रहना। 
2 Timothy 3:10 पर तू ने उपदेश, चाल चलन, मनसा, विश्वास, सहनशीलता, प्रेम, धीरज, और सताए जाने, और दुख उठाने में मेरा साथ दिया। 
2 Timothy 3:11 और ऐसे दुखों में भी जो अन्‍ताकिया और इकुनियुम और लुस्‍त्रा में मुझ पर पड़े थे और और दुखों में भी, जो मैं ने उठाए हैं; परन्तु प्रभु ने मुझे उन सब से छुड़ा लिया। 
2 Timothy 3:12 पर जितने मसीह यीशु में भक्ति के साथ जीवन बिताना चाहते हैं वे सब सताए जाएंगे। 
2 Timothy 3:13 और दुष्‍ट, और बहकाने वाले धोखा देते हुए, और धोखा खाते हुए, बिगड़ते चले जाएंगे। 
2 Timothy 3:14 पर तू इन बातों पर जो तू ने सीखीं हैं और प्रतीति की थी, यह जानकर दृढ़ बना रह; कि तू ने उन्हें किन लोगों से सीखा था 
2 Timothy 3:15 और बालकपन से पवित्र शास्त्र तेरा जाना हुआ है, जो तुझे मसीह पर विश्वास करने से उद्धार प्राप्त करने के लिये बुद्धिमान बना सकता है। 
2 Timothy 3:16 हर एक पवित्रशास्‍त्र परमेश्वर की प्रेरणा से रचा गया है और उपदेश, और समझाने, और सुधारने, और धर्म की शिक्षा के लिये लाभदायक है। 
2 Timothy 3:17 ताकि परमेश्वर का जन सिद्ध बने, और हर एक भले काम के लिये तत्‍पर हो जाए।

एक साल में बाइबल: 
  • उत्पत्ति 1-3
  • मत्ती 1