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शुक्रवार, 13 अक्टूबर 2017

साथ


   उत्तरी अमेरिका के मूल-विवासियों की एक प्राचीन कहानी है; कबीले की प्रथा के अनुसार, उसके साहस की परीक्षा के लिए, एक युवक को शरद ऋतु की एक रात अकेले जंगल में बिताने के लिए भेजा गया। संध्या को वह घर से निकला और जंगल में चला गया। शीघ्र ही अन्धेरा हो गया, रात्रि की आवाज़ें जंगल में आने लगीं। कहीं पेड़ चरमरा रहे थे तो कभी हवा से पत्ते सरसरा रहे थे; रात्रि में विचरण करने वाले विभिन्न जान्वरों और पक्षियों की आवाज़ें आ रहीं थीं। वह युवक भयभीत तो था किंतु फिर भी दृढ़ता से डटा रहा, जैसी कि उसकी परीक्षा की आवश्यकता थी। अन्ततः प्रातः हुई, और आकाश के प्रकाशमान होने के साथ ही उसने देखा कि एक और व्यक्ति भी उसके निकट ही था; सारी रात उसके दादा वहीं उसके पास डटे रहे थे, उसका ध्यान रख रहे थे।

   परमेश्वर के वचन बाइबल के एक प्रमुख पात्र मूसा ने जंगल में एकान्त में एक चकित करने वाला दृष्य देखा, एक झाड़ी जल तो रही थी परन्तु भस्म नहीं हो रही थी। जब वह निकट गया तो उसने परमेश्वर की आवाज़ सुनी; परमेश्वर उसे मिस्त्र में जाकर इस्त्राएलियों को क्रूर दासत्व से छुड़ाकर लाने के लिए कह रहा था। अनिच्छुक मूसा ने बच निकलने के लिए परमेश्वर से प्रश्न करने आरंभ किए: अपने भय के कारण मूसा ने कहा, "मैं हूँ कौन, कि मैं जाऊँ?" परमेश्वर ने उत्तर दिया, "मैं तेरे साथ रहूँगा।" मूसा ने फिर कहा, "मान लो मैं जाकर कहता हूँ, ’तुम्हारे पित्रों के परमेश्वर ने मुझे भेजा है’, और वे मुझसे पूछें, ’अच्छा! तो भला उसका नाम क्या है?’ तो मैं उन्हें क्या उत्तर दूँगा?" परमेश्वर ने उत्तर दिया, "उनसे कहना, ’मैं जो हूँ सो हूँ’...उनसे कहना, मैं जो हूँ सो हूँ ने मुझे भेजा है" (निर्गमन 31:1-14)।

   वाक्यांश, ’मैं जो हूँ सो हूँ’ को ’मैं जो होऊँगा सो होऊँगा’ भी लिखा जा सकता है, और यह परमेश्वर के अनन्त और हर बात, हर परिस्थिति, हर आवश्यकता के लिए पूर्णतः पर्याप्त चरित्र को दिखाता है। परमेश्वर का सदा ही वायदा रहा है कि वह अपने लोगों के साथ, उनके जिन्होंने प्रभु यीशु पर विश्वास किया है, बना रहेगा। चाहे जीवन की परिस्थितियाँ कितनी भी भयावह, कठिन या अन्धकारमय क्यों न लगें, हमारा अदृश्य परमेश्वर पिता सदा हमारे साथ और हमारे निकट बना रहता है। वह हमारी प्रत्येक आवश्यकता के लिए उप्युक्त उत्तर देने को सदा उपलब्ध रहता है। - डेव एग्नर


अपने बच्चों के जीवन में परमेश्वर सदा उपस्थित तथा कार्यरत रहता है।

तुम्हारा स्‍वभाव लोभरिहत हो, और जो तुम्हारे पास है, उसी पर संतोष किया करो; क्योंकि उसने आप ही कहा है, कि मैं तुझे कभी न छोडूंगा, और न कभी तुझे त्यागूंगा। इसलिये हम बेधड़क हो कर कहते हैं, कि प्रभु, मेरा सहायक है; मैं न डरूंगा; मनुष्य मेरा क्या कर सकता है। - इब्रानियों 13:5-6

बाइबल पाठ: निर्गमन 3:1-14
Exodus 3:1 मूसा अपने ससुर यित्रो नाम मिद्यान के याजक की भेड़-बकरियों को चराता था; और वह उन्हें जंगल की परली ओर होरेब नाम परमेश्वर के पर्वत के पास ले गया। 
Exodus 3:2 और परमेश्वर के दूत ने एक कटीली झाड़ी के बीच आग की लौ में उसको दर्शन दिया; और उसने दृष्टि उठा कर देखा कि झाड़ी जल रही है, पर भस्म नहीं होती। 
Exodus 3:3 तब मूसा ने सोचा, कि मैं उधर फिरके इस बड़े अचम्भे को देखूंगा, कि वह झाड़ी क्यों नहीं जल जाती। 
Exodus 3:4 जब यहोवा ने देखा कि मूसा देखने को मुड़ा चला आता है, तब परमेश्वर ने झाड़ी के बीच से उसको पुकारा, कि हे मूसा, हे मूसा। मूसा ने कहा, क्या आज्ञा। 
Exodus 3:5 उसने कहा इधर पास मत आ, और अपने पांवों से जूतियों को उतार दे, क्योंकि जिस स्थान पर तू खड़ा है वह पवित्र भूमि है। 
Exodus 3:6 फिर उसने कहा, मैं तेरे पिता का परमेश्वर, और इब्राहीम का परमेश्वर, इसहाक का परमेश्वर, और याकूब का परमेश्वर हूं। तब मूसा ने जो परमेश्वर की ओर निहारने से डरता था अपना मुंह ढ़ांप लिया। 
Exodus 3:7 फिर यहोवा ने कहा, मैं ने अपनी प्रजा के लोग जो मिस्र में हैं उनके दु:ख को निश्चय देखा है, और उनकी जो चिल्लाहट परिश्रम कराने वालों के कारण होती है उसको भी मैं ने सुना है, और उनकी पीड़ा पर मैं ने चित्त लगाया है; 
Exodus 3:8 इसलिये अब मैं उतर आया हूं कि उन्हें मिस्रियों के वश से छुड़ाऊं, और उस देश से निकाल कर एक अच्छे और बड़े देश में जिस में दूध और मधु की धारा बहती है, अर्थात कनानी, हित्ती, एमोरी, परिज्जी, हिव्वी, और यबूसी लोगों के स्थान में पहुंचाऊं। 
Exodus 3:9 सो अब सुन, इस्राएलियों की चिल्लाहट मुझे सुनाई पड़ी है, और मिस्रियों का उन पर अन्धेर करना भी मुझे दिखाई पड़ा है, 
Exodus 3:10 इसलिये आ, मैं तुझे फिरौन के पास भेजता हूं कि तू मेरी इस्राएली प्रजा को मिस्र से निकाल ले आए। 
Exodus 3:11 तब मूसा ने परमेश्वर से कहा, मैं कौन हूं जो फिरौन के पास जाऊं, और इस्राएलियों को मिस्र से निकाल ले आऊं? 
Exodus 3:12 उसने कहा, निश्चय मैं तेरे संग रहूंगा; और इस बात का कि तेरा भेजने वाला मैं हूं, तेरे लिये यह चिन्ह होगा कि जब तू उन लोगों को मिस्र से निकाल चुके तब तुम इसी पहाड़ पर परमेश्वर की उपासना करोगे। 
Exodus 3:13 मूसा ने परमेश्वर से कहा, जब मैं इस्राएलियों के पास जा कर उन से यह कहूं, कि तुम्हारे पित्रों के परमेश्वर ने मुझे तुम्हारे पास भेजा है, तब यदि वे मुझ से पूछें, कि उसका क्या नाम है? तब मैं उन को क्या बताऊं? 
Exodus 3:14 परमेश्वर ने मूसा से कहा, मैं जो हूं सो हूं। फिर उसने कहा, तू इस्राएलियों से यह कहना, कि जिसका नाम मैं हूं है उसी ने मुझे तुम्हारे पास भेजा है।

एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 41-42
  • 1 थिस्सलुनीकियों 1


गुरुवार, 12 अक्टूबर 2017

चिन्ता


   एक व्यक्ति को हर बात के लिए सदा चिन्ता करते रहने की आदत थी। फिर एक दिन उसके मित्रों ने उसे प्रसन्नचित और तनावमुक्त होकर सीटी बजाते हुए देखा। उन्होंने आश्चर्यचकित होकर उससे पूछा, "क्या हो गया?" उसने उत्तर दिया, अब मैंने अपनी चिन्ताएं करने के लिए किसी को नौकरी पर रख लिया है, और वही मेरी सभी चिन्ताएं किया करेगा। मित्रों ने पूछा, "इसके लिए तुम उसे कितनी तनख्वाह दे रहे हो?" तो व्यक्ति ने उत्तर दिया, "दो हज़ार डॉलर प्रति सप्ताह!" मित्रों फिर चकित होकर उससे पूछा, "वाह! लेकिन क्या तुम इतना दे सकते हो? इतनी बड़ी रकम उसे कैसे देने पाओगे?" तो उस व्यक्ति का उत्तर था, "मैं दे तो नहीं सकता हूँ; लेकिन कैसे दे पाऊँगा, इसकी चिन्ता करना अब उसका काम है!"

   वस्तविक जीवन में तनाव के समाधान के लिए यह हास्यस्पद विधि काम नहीं करती है; परन्तु हम मसीही विश्वासियों के लिए, क्योंकि हम परमेश्वर की सन्तान हैं, परमेश्वर ने हमारे लिए प्रावधान किया है कि हम अपनी सारी चिन्ताएं उसे सौंप सकते हैं जो सब कुछ को सदा नियंत्रण में रखता और संभालता है, विशेषकर तब जब हमें लगता है कि कुछ भी नियंत्रण में नहीं है।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में यशायाह भविष्यद्वक्ता की पुस्तक हमें स्मरण करवाती है कि परमेश्वर सितारों को भी गिन-गिनकर निकालता है, और उन सबको नाम ले लेकर बुलाता है; "अपनी आंखें ऊपर उठा कर देखो, किस ने इन को सिरजा? वह इन गणों को गिन गिनकर निकालता, उन सब को नाम ले ले कर बुलाता है? वह ऐसा सामर्थी और अत्यन्त बली है कि उन में के कोई बिना आए नहीं रहता" (यशायाह 40:25-26)। और जैसे परमेश्वर सितारों को उनके नाम से जानता है, वैसे ही वह हमें भी व्यक्तिगत रीति से जानता है, और हम उसकी ध्यानपूर्वक देख-रेख में सदा बने रहते हैं (यशायाह 40:27)।

   यदि हम किसी बात के लिए चिन्ता करने की प्रवृत्ति रखते हैं तो उसे प्रभु परमेश्वर को सौंप सकते हैं। वह कभी थकता नहीं है जिससे हमारा ध्यान न रख सके। उसके पास सारी बुध्दिमता और सामर्थ्य है जिसका उपयोग वह हमारे लिए करना चाहता है। वह पवित्र परमेश्वर जो सितारों को संचालित करता है, वही हमें अपनी बाहों में भर कर भी रखता है; इसलिए हमें चिन्ता करने की कोई आवश्यकता नहीं है; अपने सारी चिन्ता उसी पर डाल दें। - पोह फैंग चिया


जहाँ विश्वास आरंभ होता है, चिन्ता वहीं पर समाप्त होती है।

अपना बोझ यहोवा पर डाल दे वह तुझे सम्भालेगा; वह धर्मी को कभी टलने न देगा। - भजन 55:22

बाइबल पाठ: यशायाह 40:25-31
Isaiah 40:25 सो तुम मुझे किस के समान बताओगे कि मैं उसके तुल्य ठहरूं? उस पवित्र का यही वचन है। 
Isaiah 40:26 अपनी आंखें ऊपर उठा कर देखो, किस ने इन को सिरजा? वह इन गणों को गिन गिनकर निकालता, उन सब को नाम ले ले कर बुलाता है? वह ऐसा सामर्थी और अत्यन्त बली है कि उन में के कोई बिना आए नहीं रहता।
Isaiah 40:27 हे याकूब, तू क्यों कहता है, हे इस्राएल तू क्यों बोलता है, मेरा मार्ग यहोवा से छिपा हुआ है, मेरा परमेश्वर मेरे न्याय की कुछ चिन्ता नहीं करता? 
Isaiah 40:28 क्या तुम नहीं जानते? क्या तुम ने नहीं सुना? यहोवा जो सनातन परमेश्वर और पृथ्वी भर का सिरजनहार है, वह न थकता, न श्रमित होता है, उसकी बुध्दि अगम है। 
Isaiah 40:29 वह थके हुए को बल देता है और शक्तिहीन को बहुत सामर्थ देता है। 
Isaiah 40:30 तरूण तो थकते और श्रमित हो जाते हैं, और जवान ठोकर खाकर गिरते हैं; 
Isaiah 40:31 परन्तु जो यहोवा की बाट जोहते हैं, वे नया बल प्राप्त करते जाएंगे, वे उकाबों के समान उड़ेंगे, वे दौड़ेंगे और श्रमित न होंगे, चलेंगे और थकित न होंगे।

एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 39-40
  • कुलुस्सियों 4


बुधवार, 11 अक्टूबर 2017

जाँच


   स्वास्थ्य संबंधित समस्याओं को गंभीर होने से पहले ही पकड़ लेने के लिए चिकित्सक नियमित शारीरिक जाँच की सलाह देते हैं। हम यही कार्य अपने आत्मिक स्वास्थ्य के लिए भी कर सकते हैं, परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रभु यीशु द्वारा बताई गई महान आज्ञाओं (मरकुस 12:29-31) पर आधारित कुछ प्रश्नों के उत्तर देने के द्वारा; जैसे कि:

*क्योंकि पहले उस ने मुझसे प्रेम किया है, इसलिए क्या मैं भी परमेश्वर से अपने सारे मन से प्रेम करता हूँ? मेरे अन्दर क्या अधिक प्रबल रहता है, सांसारिक लाभ, या मसीह यीशु में मेरे लिए रखे गए खज़ाने? (कुलुस्सियों 3:1) प्रभु चाहता है कि उसकी शान्ति हमारे हृदयों में राज्य करे।

*क्या मैं परमेश्वर से अपनी सारे प्राण से प्रेम करता हूँ? क्या मैं परमेश्वर की वाणी को सुनता हूँ जो मुझे बताती है कि मैं कौन हूँ? क्या मैं स्वार्थी अभिलाषाओं से दूर हटता जा रहा हूँ? (कुलुस्सियों 3:5) क्या मैं और अधिक दयालु, कृपालु, नम्र, सुशील, और धीरजवन्त बनता जा रहा हूँ? (कुलुस्सियों 3:12)

*क्या मैं परमेश्वर से अपनी सारी बुध्दि से प्रेम करता हूँ? क्या मैं उसके पुत्र प्रभु यीशु मसीह के साथ अपने संबंध के प्रति सचेत रहता हूँ, या मैं अपनी बुध्दि को इधर-उधर भटकने देता हूँ? (कुलुस्सियों 3:2) मेरे विचार क्या उत्पन्न करते हैं, समस्याएं या समाधान? एकता या फूट? क्षमा या प्रतिशोध? (कुलुस्सियों 3:13)

*क्या मैं परमेश्वर से अपनी सारी शक्ति से प्रेम करता हूँ? क्या मैं कमज़ोर दिखने के लिए राज़ी रहता हूँ जिससे परमेश्वर को अपनी सामर्थ्य मुझमें होकर दिखाने का अवसर मिले? (कुलुस्सियों 3:2) क्या मैं उसके आत्मा के द्वारा सामर्थी होने के लिए उसके अनुग्रह पर निर्भर रहता हूँ?

   जब हम "मसीह के वचन को अपने हृदय में अधिकाई से बसने देंगे" (कुलुस्सियों 3:16), तो जैसे जैसे हम आत्मिक रीति से योग्य और उसके लिए उपयोगी बनते जाएंगे, वह हमें एक दूसरे को उभारने, सुधारने और उन्नत करने के लिए संसाधन और समझ-बूझ प्रदान करता चला जाएगा। - जूली ऐकैरमैन लिंक


आत्मिक रीति से स्वस्थ होने के लिए, 
परमेश्वर के वचन का भोजन तथा अपने विश्वास का अभ्यास करें।

यीशु ने उसे उत्तर दिया, सब आज्ञाओं में से यह मुख्य है; हे इस्राएल सुन; प्रभु हमारा परमेश्वर एक ही प्रभु है। और तू प्रभु अपने परमेश्वर से अपने सारे मन से और अपने सारे प्राण से, और अपनी सारी बुध्दि से, और अपनी सारी शक्ति से प्रेम रखना। और दूसरी यह है, कि तू अपने पड़ोसी से अपने समान प्रेम रखना: इस से बड़ी और कोई आज्ञा नहीं। - मरकुस 12:29-31

बाइबल पाठ: कुलुस्सियों 3:1-14
Colossians 3:1 सो जब तुम मसीह के साथ जिलाए गए, तो स्‍वर्गीय वस्‍तुओं की खोज में रहो, जहां मसीह वर्तमान है और परमेश्वर के दाहिनी ओर बैठा है। 
Colossians 3:2 पृथ्वी पर की नहीं परन्तु स्‍वर्गीय वस्‍तुओं पर ध्यान लगाओ। 
Colossians 3:3 क्योंकि तुम तो मर गए, और तुम्हारा जीवन मसीह के साथ परमेश्वर में छिपा हुआ है। 
Colossians 3:4 जब मसीह जो हमारा जीवन है, प्रगट होगा, तब तुम भी उसके साथ महिमा सहित प्रगट किए जाओगे। 
Colossians 3:5 इसलिये अपने उन अंगो को मार डालो, जो पृथ्वी पर हैं, अर्थात व्यभिचार, अशुद्धता, दुष्‍कामना, बुरी लालसा और लोभ को जो मूर्ति पूजा के बराबर है। 
Colossians 3:6 इन ही के कारण परमेश्वर का प्रकोप आज्ञा न मानने वालों पर पड़ता है। 
Colossians 3:7 और तुम भी, जब इन बुराइयों में जीवन बिताते थे, तो इन्‍हीं के अनुसार चलते थे। 
Colossians 3:8 पर अब तुम भी इन सब को अर्थात क्रोध, रोष, बैरभाव, निन्‍दा, और मुंह से गालियां बकना ये सब बातें छोड़ दो। 
Colossians 3:9 एक दूसरे से झूठ मत बोलो क्योंकि तुम ने पुराने मनुष्यत्‍व को उसके कामों समेत उतार डाला है। 
Colossians 3:10 और नए मनुष्यत्‍व को पहिन लिया है जो अपने सृजनहार के स्‍वरूप के अनुसार ज्ञान प्राप्त करने के लिये नया बनता जाता है। 
Colossians 3:11 उस में न तो यूनानी रहा, न यहूदी, न खतना, न खतनारिहत, न जंगली, न स्‍कूती, न दास और न स्‍वतंत्र: केवल मसीह सब कुछ और सब में है।
Colossians 3:12 इसलिये परमेश्वर के चुने हुओं के समान जो पवित्र और प्रिय हैं, बड़ी करूणा, और भलाई, और दीनता, और नम्रता, और सहनशीलता धारण करो। 
Colossians 3:13 और यदि किसी को किसी पर दोष देने को कोई कारण हो, तो एक दूसरे की सह लो, और एक दूसरे के अपराध क्षमा करो: जैसे प्रभु ने तुम्हारे अपराध क्षमा किए, वैसे ही तुम भी करो। 
Colossians 3:14 और इन सब के ऊपर प्रेम को जो सिद्धता का कटिबन्‍ध है बान्‍ध लो।

एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 37-38
  • कुलुस्सियों 3


मंगलवार, 10 अक्टूबर 2017

प्रेम


   एक संध्या मेरी एक सहेली ने उसके घर की बैठक में लगने वाली तीन सजावटी पट्टियों में से एक, जिस पर ’प्रेम’ शब्द लिखा हुआ था दिखाते हुए कहा, "देखो मेरे पास ’प्रेम’ तो आ गई है; ’विश्वास’ और ’आशा’ आने वाले हैं। मैंने विचार किया, "तो प्रेम पहले आता है, और फिर उसके बाद विश्वास तथा आशा भी आ जाते हैं।"

   यह वास्तविकता है कि प्रेम ही पहले आता है। परमेश्वर के वचन बाइबल में हम पाते हैं कि प्रेम का उद्गम स्वयं परमेश्वर है: "क्योंकि प्रेम परमेश्वर से है" (1 यूहन्ना 4:7)। परमेश्वर के सिध्द प्रेम का वर्णन 1 कुरिन्थियों 13 में किया गया है, और इसे बाइबल का ’प्रेम अध्याय’ भी कहा जाता है। यहाँ हम प्रेम का एक गुण पाते हैं, "प्रेम कभी टलता नहीं; भविष्यद्वाणियां हों, तो समाप्‍त हो जाएंगी, भाषाएं हो तो जाती रहेंगी; ज्ञान हो, तो मिट जाएगा" (1 कुरिन्थियों 13:8)।

   मसीही विश्वासी के लिए विश्वास और आशा अनिवार्य, क्योंकि परमेश्वर के सम्मुख हम, "हम विश्वास से धर्मी ठहरे..." (रोमियों 5:1); और मसीह यीशु में अपनी आशा के कारण स्थिर रहते हैं, जैसा इब्रानियों की पत्री में आशा के विषय लिखा गया है कि "वह आशा हमारे प्राण के लिये ऐसा लंगर है जो स्थिर और दृढ़ है" (इब्रानियों 6:19)।

   एक दिन ऐसा भी आएगा जब हमें विश्वास और आशा की आवश्यकता नहीं रहेगी; क्योंकि हमारा विश्वास - हमारा प्रभु यीशु हमारे सामने प्रत्यक्ष होगा और सदा रहेगा, तथा हमारी प्रत्येक आशा हमारे उध्दारकर्ता प्रभु यीशु में परिपूर्ण हो जाएगी। परन्तु प्रेम शाश्वत है, क्योंकि प्रेम परमेश्वर से है तथा परमेश्वर प्रेम है (1 यूहन्ना 4:8), वह सदा काल तक अटल बना रहेगा।

   इसीलिए कुरिन्थियों में लिखा है, "पर अब विश्वास, आशा, प्रेम थे तीनों स्थाई है, पर इन में सब से बड़ा प्रेम है" (1 कुरिन्थियों 13:13); प्रेम ही प्रथम और प्रेम ही अन्तिम तथा इसके बीच का सब कुछ है। - सिंडी हैस कैस्पर


हम प्रेम इसलिए करते हैं क्योंकि परमेश्वर ने पहले हम से प्रेम किया।

क्योंकि आत्मा के कारण, हम विश्वास से, आशा की हुई धामिर्कता की बाट जोहते हैं। - गलतियों 5:5

बाइबल पाठ: 1 यूहन्ना 4:7-21
1 John 4:7 हे प्रियों, हम आपस में प्रेम रखें; क्योंकि प्रेम परमेश्वर से है: और जो कोई प्रेम करता है, वह परमेश्वर से जन्मा है; और परमेश्वर को जानता है। 
1 John 4:8 जो प्रेम नहीं रखता, वह परमेश्वर को नहीं जानता है, क्योंकि परमेश्वर प्रेम है। 
1 John 4:9 जो प्रेम परमेश्वर हम से रखता है, वह इस से प्रगट हुआ, कि परमेश्वर ने अपने एकलौते पुत्र को जगत में भेजा है, कि हम उसके द्वारा जीवन पाएं। 
1 John 4:10 प्रेम इस में नहीं कि हम ने परमेश्वर ने प्रेम किया; पर इस में है, कि उसने हम से प्रेम किया; और हमारे पापों के प्रायश्‍चित्त के लिये अपने पुत्र को भेजा। 
1 John 4:11 हे प्रियो, जब परमेश्वर ने हम से ऐसा प्रेम किया, तो हम को भी आपस में प्रेम रखना चाहिए। 
1 John 4:12 परमेश्वर को कभी किसी ने नहीं देखा; यदि हम आपस में प्रेम रखें, तो परमेश्वर हम में बना रहता है; और उसका प्रेम हम में सिद्ध हो गया है। 
1 John 4:13 इसी से हम जानते हैं, कि हम उस में बने रहते हैं, और वह हम में; क्योंकि उसने अपने आत्मा में से हमें दिया है। 
1 John 4:14 और हम ने देख भी लिया और गवाही देते हैं, कि पिता ने पुत्र को जगत का उद्धारकर्ता कर के भेजा है। 
1 John 4:15 जो कोई यह मान लेता है, कि यीशु परमेश्वर का पुत्र है: परमेश्वर उस में बना रहता है, और वह परमेश्वर में। 
1 John 4:16 और जो प्रेम परमेश्वर हम से रखता है, उसको हम जान गए, और हमें उस की प्रतीति है; परमेश्वर प्रेम है: जो प्रेम में बना रहता है, वह परमेश्वर में बना रहता है; और परमेश्वर उस में बना रहता है। 
1 John 4:17 इसी से प्रेम हम में सिध्द हुआ, कि हमें न्याय के दिन हियाव हो; क्योंकि जैसा वह है, वैसे ही संसार में हम भी हैं। 
1 John 4:18 प्रेम में भय नहीं होता, वरन सिध्द प्रेम भय को दूर कर देता है, क्योंकि भय से कष्‍ट होता है, और जो भय करता है, वह प्रेम में सिध्द नहीं हुआ। 
1 John 4:19 हम इसलिये प्रेम करते हैं, कि पहिले उसने हम से प्रेम किया। 
1 John 4:20 यदि कोई कहे, कि मैं परमेश्वर से प्रेम रखता हूं; और अपने भाई से बैर रखे; तो वह झूठा है: क्योंकि जो अपने भाई से, जिसे उसने देखा है, प्रेम नहीं रखता, तो वह परमेश्वर से भी जिसे उसने नहीं देखा, प्रेम नहीं रख सकता। 
1 John 4:21 और उस से हमें यह आज्ञा मिली है, कि जो कोई अपने परमेश्वर से प्रेम रखता है, वह अपने भाई से भी प्रेम रखे।

एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 34-36
  • कुलुस्सियों 2


सोमवार, 9 अक्टूबर 2017

रचियता


   मन को छू लेने वाले संगीत को भी सभी लोग भिन्न सुनते हैं। उसका रचियता उस संगीत को अपनी कल्पना के कक्ष में सुनता है। श्रोता उसे अपनी इन्द्रियों तथा भावनाओं के साथ सुनते हैं। उससे संबंधित वाद्यों को बजाने वाले कलाकार अपने सबसे निकट के संगीत वाद्य को ही सबसे स्पष्ट सुन पाते हैं।

   एक प्रकार से हम सब परमेश्वर के वाद्य-वृन्द के सदस्य हैं; और हम अपने सबसे निकट बज रहे संगीत को ही सबसे स्पष्ट सुनने पाते हैं। क्योंकि हम उसे एक संतुलित रचना के समान नहीं सुनने पाते हैं, इसलिए हम परमेश्वर के वचन बाइबल के एक पात्र अय्युब के समान ही अपनी परिस्थितियों के प्रति प्रतिक्रीया देते हैं। अय्युब ने अपने दुःख में विलाप किया, "ऐसे ही लोग अब मुझ पर लगते गीत गाते, और मुझ पर ताना मारते हैं" (अय्युब 30:9)। उसने स्मरण किया कि कैसे जवान और हाकिम उसका आदर किया करते थे, और "मैं अपने पगों को मलाई से धोता था और मेरे पास की चट्टानों से तेल की धाराएं बहा करती थीं" (अय्युब 29:6)। किंतु अब वह ठट्ठा करने वालों का निशाना बन गया था। उसने विलाप किया, "इस कारण मेरी वीणा से विलाप और मेरी बांसुरी से रोने की ध्वनि निकलती है" (अय्युब 30:31)। लेकिन अय्युब उस पूरी संगीत रचना को नहीं सुन पा रहा था, यद्यपि उस रचना में और बहुत कुछ भी था।

   हो सकता है कि आज आप अपने जीवन के संगीत के केवल उदास सुर ही सुनने पा रहे हैं; परन्तु निराश नहीं हों। आपके जीवन की हर बात परमेश्वर की रचना है, वही आपके जीवन के हर सुर, हर लय-ताल, उतार-चढ़ाव का रचियता है। या, यदि आप अपने जीवन में प्रसन्न करने वाले सुरों को सुन रहें हैं तो उसके लिए परमेश्वर की स्तुति कीजिए, अपने आनन्द को औरों के साथ बाँटिए।

   हम मसीही विश्वासी प्रभु परमेश्वर द्वारा हमें सेंत-मेंत उपलब्ध करवाई गई पाप क्षमा और उध्दार की संगीत रचना को बजा रहे हैं, उसे संसार के लोगों को अपने जीवनों से सुना रहे हैं। परमेश्वर हमारे जीवन-संगीत का रचियता है और अन्ततः सब कुछ मिलकर उसके भले उद्देश्यों की पूर्ति तथा हमारी भलाई के लिए कार्य करेगा। वह ऐसा रचियता है जिसकी रचना सदैव ही सिध्द होती है; हम हर बात के भले परिणाम के लिए उस पर भरोसा रख सकते हैं। - कीला ओकोआ


परमेश्वर की भलाई पर भरोसे रखने से हृदय में मधुर संगीत बजता रहता है।

और हम जानते हैं, कि जो लोग परमेश्वर से प्रेम रखते हैं, उन के लिये सब बातें मिलकर भलाई ही को उत्पन्न करती है; अर्थात उन्हीं के लिये जो उस की इच्छा के अनुसार बुलाए हुए हैं। - रोमियों 8:28

बाइबल पाठ: अय्युब 29:1-6; 30:1-9
Job 29:1 अय्यूब ने और भी अपनी गूढ़ बात उठाई और कहा, 
Job 29:2 भला होता, कि मेरी दशा बीते हुए महीनों की सी होती, जिन दिनों में ईश्वर मेरी रक्षा करता था, 
Job 29:3 जब उसके दीपक का प्रकाश मेरे सिर पर रहता था, और उस से उजियाला पाकर मैं अन्धेरे में चलता था। 
Job 29:4 वे तो मेरी जवानी के दिन थे, जब ईश्वर की मित्रता मेरे डेरे पर प्रगट होती थी। 
Job 29:5 उस समय तक तो सर्वशक्तिमान मेरे संग रहता था, और मेरे लड़के-बाले मेरे चारों ओर रहते थे। 
Job 29:6 तब मैं अपने पगों को मलाई से धोता था और मेरे पास की चट्टानों से तेल की धाराएं बहा करती थीं। 
Job 30:1 परन्तु अब जिनकी अवस्था मुझ से कम है, वे मेरी हंसी करते हैं, वे जिनके पिताओं को मैं अपनी भेड़ बकरियों के कुत्तों के काम के योग्य भी न जानता था। 
Job 30:2 उनके भुजबल से मुझे क्या लाभ हो सकता था? उनका पौरुष तो जाता रहा। 
Job 30:3 वे दरिद्रता और काल के मारे दुबले पड़े हुए हैं, वे अन्धेरे और सुनसान स्थानों में सूखी धूल फांकते हैं। 
Job 30:4 वे झाड़ी के आसपास का लोनिया साग तोड़ लेते, और झाऊ की जड़ें खाते हैं। 
Job 30:5 वे मनुष्यों के बीच में से निकाले जाते हैं, उनके पीछे ऐसी पुकार होती है, जैसी चोर के पीछे। 
Job 30:6 डरावने नालों में, भूमि के बिलों में, और चट्टानों में, उन्हें रहना पड़ता है। 
Job 30:7 वे झाड़ियों के बीच रेंकते, और बिच्छू पौधों के नीचे इकट्ठे पड़े रहते हैं। 
Job 30:8 वे मूढ़ों और नीच लोगों के वंश हैं जो मार मार के इस देश से निकाले गए थे। 
Job 30:9 ऐसे ही लोग अब मुझ पर लगते गीत गाते, और मुझ पर ताना मारते हैं।

एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 32-33
  • कुलुस्सियों 1


रविवार, 8 अक्टूबर 2017

प्रत्युत्तर


   मुझे गाड़ी चलाते हुए लगभग आधा घंटा ही हुआ था कि पिछली सीट पर बैठी मेरी बेटी ऊँची आवाज़ में रोने लगी। मैंने पूछा, "क्या हो गया?" तो उत्तर मिला कि साथ बैठे उसके भाई ने उसकी बाँह ज़ोर से पकड़ ली थी। भाई का कहना था कि उसे ऐसा इसलिए करना पड़ा क्योंकि बहन चुटकी भर रही थी। बहन ने कहा कि उसने चुटकी इसलिए भरी क्योंकि भाई ने कुछ ऐसा कहा था जो उसे बुरा लगा था।

   दुर्भाग्यवश, बच्चों में सामान्यतः पाया जाने वाली यह बात, बड़ों के बीच के संबंधों में भी दिखाई देती है। एक व्यक्ति किसी दूसरे को आहत करता है, जिसके प्रत्युत्तर में आहत व्यक्ति कोई अपमानजनक बात कह देता है। फिर एक दूसरे के प्रति चोट पहुँचाने वाले व्यवहार और बातों के उत्तर-प्रत्युत्तर का सिलसिला आरंभ हो जाता है, और समय रहते बात संभाली नहीं गई तो कटु शब्दों तथा ठेस लगाने वाले व्यवहार के कारण संबंध बिगड़ जाते हैं।

   परमेश्वर का वचन बाइबल हमें बताती है कि "ऐसे लोग हैं जिनका बिना सोच विचार का बोलना तलवार के समान चुभता है, परन्तु बुद्धिमान के बोलने से लोग चंगे होते हैं" (नीतिवचन 12:18); और यह कि "कोमल उत्तर सुनने से जलजलाहट ठण्डी होती है, परन्तु कटुवचन से क्रोध धधक उठता है" (नीतिवचन 15:1)। बाइबल यह भी सिखाती है कि कभी-कभी कोई प्रत्युत्तर न देना ही किसी बुरे व्यवहार या कटु शब्दों से निपटने का सर्वोत्तम तरीका होता है।

   प्रभु यीशु के क्रूस पर चढ़ाए जाने से पहले, धर्म के अधिकारियों ने अपने शब्दों के द्वारा उसे उकसाना चाहा (मत्ती 27:41-43); परन्तु, "वह गाली सुन कर गाली नहीं देता था, और दुख उठा कर किसी को भी धमकी नहीं देता था, पर अपने आप को सच्चे न्यायी के हाथ में सौपता था" (1 पतरस 2:23)।

   प्रभु यीशु का उदाहरण और उसकी आत्मा से मिलने वाली सामर्थ हमें उन लोगों को, जो हमें ठेस पहुँचाना चाहते हैं, सही प्रकार का प्रत्युत्तर देने की सदबुध्दि देते हैं। यदि हमारा भरोसा अपने प्रभु परमेश्वर पर है तो फिर हमें अपने शब्दों और व्यवहार के प्रत्युत्तर को अपने हथियार नहीं बनाना पड़ेगा। - जेनिफर बेन्सन शुल्ट


किसी कठोर हृदय को तोड़ने वाला बहुधा एक नम्र उत्तर होता है।

हे प्रियो अपना पलटा न लेना; परन्तु क्रोध को अवसर दो, क्योंकि लिखा है, पलटा लेना मेरा काम है, प्रभु कहता है मैं ही बदला दूंगा। परन्तु यदि तेरा बैरी भूखा हो तो उसे खाना खिला; यदि प्यासा हो, तो उसे पानी पिला; क्योंकि ऐसा करने से तू उसके सिर पर आग के अंगारों का ढेर लगाएगा। बुराई से न हारो परन्तु भलाई से बुराई का जीत लो। - रोमियों 12:19-21

बाइबल पाठ: 1 पतरस 2:13-25
1 Peter 2:13 प्रभु के लिये मनुष्यों के ठहराए हुए हर एक प्रबन्‍ध के आधीन में रहो, राजा के इसलिये कि वह सब पर प्रधान है। 
1 Peter 2:14 और हाकिमों के, क्योंकि वे कुकिर्मयों को दण्‍ड देने और सुकिर्मयों की प्रशंसा के लिये उसके भेजे हुए हैं। 
1 Peter 2:15 क्योंकि परमेश्वर की इच्छा यह है, कि तुम भले काम करने से निर्बुद्धि लोगों की अज्ञानता की बातों को बन्‍द कर दो। 
1 Peter 2:16 और अपने आप को स्‍वतंत्र जानो पर अपनी इस स्‍वतंत्रता को बुराई के लिये आड़ न बनाओ, परन्तु अपने आप को परमेश्वर के दास समझ कर चलो। 
1 Peter 2:17 सब का आदर करो, भाइयों से प्रेम रखो, परमेश्वर से डरो, राजा का सम्मान करो।
1 Peter 2:18 हे सेवकों, हर प्रकार के भय के साथ अपने स्‍वामियों के आधीन रहो, न केवल भलों और नम्रों के, पर कुटिलों के भी। 
1 Peter 2:19 क्योंकि यदि कोई परमेश्वर का विचार कर के अन्याय से दुख उठाता हुआ क्‍लेश सहता है, तो यह सुहावना है। 
1 Peter 2:20 क्योंकि यदि तुम ने अपराध कर के घूंसे खाए और धीरज धरा, तो उस में क्या बड़ाई की बात है? पर यदि भला काम कर के दुख उठाते हो और धीरज धरते हो, तो यह परमेश्वर को भाता है। 
1 Peter 2:21 और तुम इसी के लिये बुलाए भी गए हो क्योंकि मसीह भी तुम्हारे लिये दुख उठा कर, तुम्हें एक आदर्श दे गया है, कि तुम भी उसके चिन्ह पर चलो। 
1 Peter 2:22 न तो उसने पाप किया, और न उसके मुंह से छल की कोई बात निकली। 
1 Peter 2:23 वह गाली सुन कर गाली नहीं देता था, और दुख उठा कर किसी को भी धमकी नहीं देता था, पर अपने आप को सच्चे न्यायी के हाथ में सौपता था। 
1 Peter 2:24 वह आप ही हमारे पापों को अपनी देह पर लिये हुए क्रूस पर चढ़ गया जिस से हम पापों के लिये मर कर के धामिर्कता के लिये जीवन बिताएं: उसी के मार खाने से तुम चंगे हुए। 
1 Peter 2:25 क्योंकि तुम पहिले भटकी हुई भेड़ों के समान थे, पर अब अपने प्राणों के रखवाले और अध्यक्ष के पास फिर आ गए हो।

एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 30-31
  • फिलिप्पियों 4


शनिवार, 7 अक्टूबर 2017

समझ


   मेरी सहेली मिघन बहुत अच्छी घुड़सवार है, और मैं उससे घोड़ों के बारे में कुछ रोचक बातें सीखती रहती हूँ। उदाहरण के लिए, पृथ्वी पर रहने वाले सभी स्तनधारियों में सबसे बड़ी आँखें होते हुए भी, घोड़ों की दृष्टि कमज़ोर होती है, और वे मनुष्यों से कम प्रकार के रंग देख सकते हैं। इस कारण से वे धरती पर पड़ी हुई सभी वस्तुओं को पहचान नहीं पाते हैं। जब उन्हें धरती पर कोई डण्डा दिखाई देता है तो वे यह नहीं समझ पाते हैं कि यह लाँघ लेने लायक डण्डा है या हानि पहुँचाने की क्षमता रखने वाला साँप। इस कारण जब तक वे भली-भाँति प्रशिक्षित न हों, घोड़े सरलता से भयभीत होकर भाग लेते हैं।

   हम भी भयावह परिस्थितियों से भाग जाने का प्रयास करते हैं। हमें परमेश्वर के वचन बाइबल के पात्र, अय्युब के समान लग सकता है, जिसने अपनी कठिनाईयों का गलत अर्थ निकाला और इच्छा की कि उसका जन्म ही नहीं हुआ होता। क्योंकि वह यह नहीं देख पाया कि उसे तोड़ डालने का प्रयास करने वाला वास्तव में शैतान है, इसलिए उसने समझा कि जिस परमेश्वर में उसने विश्वास किया था, वही उसे नष्ट करने के प्रयास कर रहा है। अपनी विकट परिस्थितियों से अभिभूत होकर वह पुकार उठा, "तो यह जान लो कि ईश्वर ने मुझे गिरा दिया है, और मुझे अपने जाल में फंसा लिया है" (अय्युब 19:6)।

   अय्युब की दृष्टि के समान, हमारी दृष्टि भी सीमित होती है। हम उन कठिन परिस्थितियों से जो हमें डराती हैं, भाग जाना चाहते हैं। परन्तु परमेश्वर के दृष्टिकोण से हम मसीही वि९श्वासी कभी अकेले नहीं हैं। उसे समझ है कि हमें व्यग्र करने वाला और डराने वाला क्या है। वह यह भी समझता है कि जब तक हम उसके पास, उसके साथ बने रहते हैं, हम सुरक्षित रहते हैं। हमारी परिस्थितियाँ, हमारा दैनिक जीवन हमारे लिए अवसर होते हैं कि हम सदा उस पर अपना भरोसा बनाए रखते हुए, अपनी समझ के स्थान पर अपने प्रभु परमेश्वर की समझ का सहारा लें, जिससे हमारे सब कार्य परमेश्वर की इच्छा के अनुसार करें और सफल तथा आशीषित हों। - ऐनी सेटास


परमेश्वर की विश्वासयोग्यता पर भरोसा रखने से हमारे भय दूर हो जाते हैं।

जिस समय मुझे डर लगेगा, मैं तुझ पर भरोसा रखूंगा। परमेश्वर की सहायता से मैं उसके वचन की प्रशंसा करूंगा, परमेश्वर पर मैं ने भरोसा रखा है, मैं नहीं डरूंगा। कोई प्राणी मेरा क्या कर सकता है? - भजन 56:3-4

बाइबल पाठ: अय्युब 19:1-21
Job 19:1 तब अय्यूब ने कहा, 
Job 19:2 तुम कब तक मेरे प्राण को दु:ख देते रहोगे; और बातों से मुझे चूर चूर करोगे? 
Job 19:3 इन दसों बार तुम लोग मेरी निन्दा ही करते रहे, तुम्हें लज्जा नहीं आती, कि तुम मेरे साथ कठोरता का बरताव करते हो? 
Job 19:4 मान लिया कि मुझ से भूल हुई, तौभी वह भूल तो मेरे ही सिर पर रहेगी। 
Job 19:5 यदि तुम सचमुच मेरे विरुद्ध अपनी बड़ाई करते हो और प्रमाण देकर मेरी निन्दा करते हो, 
Job 19:6 तो यह जान लो कि ईश्वर ने मुझे गिरा दिया है, और मुझे अपने जाल में फंसा लिया है। 
Job 19:7 देखो, मैं उपद्रव! उपद्रव! यों चिल्लाता रहता हूँ, परन्तु कोई नहीं सुनता; मैं सहायता के लिये दोहाई देता रहता हूँ, परन्तु कोई न्याय नहीं करता। 
Job 19:8 उसने मेरे मार्ग को ऐसा रूंधा है कि मैं आगे चल नहीं सकता, और मेरी डगरें अन्धेरी कर दी हैं। 
Job 19:9 मेरा वैभव उसने हर लिया है, और मेरे सिर पर से मुकुट उतार दिया है। 
Job 19:10 उसने चारों ओर से मुझे तोड़ दिया, बस मैं जाता रहा, और मेरा आसरा उसने वृक्ष के समान उखाड़ डाला है। 
Job 19:11 उसने मुझ पर अपना क्रोध भड़काया है और अपने शत्रुओं में मुझे गिनता है। 
Job 19:12 उसके दल इकट्ठे हो कर मेरे विरुद्ध मोर्चा बान्धते हैं, और मेरे डेरे के चारों ओर छावनी डालते हैं। 
Job 19:13 उसने मेरे भाइयों को मुझ से दूर किया है, और जो मेरी जान पहचान के थे, वे बिलकुल अनजान हो गए हैं। 
Job 19:14 मेरे कुटुंबी मुझे छोड़ गए हैं, और जो मुझे जानते थे वह मुझे भूल गए हैं। 
Job 19:15 जो मेरे घर में रहा करते थे, वे, वरन मेरी दासियां भी मुझे अनजाना गिनने लगीं हैं; उनकी दृष्टि में मैं परदेशी हो गया हूँ। 
Job 19:16 जब मैं अपने दास को बुलाता हूँ, तब वह नहीं बोलता; मुझे उस से गिड़गिड़ाना पड़ता है। 
Job 19:17 मेरी सांस मेरी स्त्री को और मेरी गन्ध मेरे भाइयों की दृष्टि में घिनौनी लगती है। 
Job 19:18 लड़के भी मुझे तुच्छ जानते हैं; और जब मैं उठने लगता, तब वे मेरे विरुद्ध बोलते हैं। 
Job 19:19 मेरे सब परम मित्र मुझ से द्वेष रखते हैं, और जिन से मैं ने प्रेम किया सो पलटकर मेरे विरोधी हो गए हैं। 
Job 19:20 मेरी खाल और मांस मेरी हड्डियों से सट गए हैं, और मैं बाल बाल बच गया हूं। 
Job 19:21 हे मेरे मित्रो! मुझ पर दया करो, दया, क्योंकि ईश्वर ने मुझे मारा है।

एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 28-29
  • फिलिप्पियों 3