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गुरुवार, 18 जनवरी 2018

उपलब्ध


   सन 2009 की शरद ऋतु में न्यू यॉर्क की हडसन नदी में एक बड़े वायुयान को आपात स्थिति में उतरना पड़ा। उस विमान के पायलेट, कप्तान चेस्ली सलनबर्गर ने वायुयान को बिना किसी के हताहत हुए नदी में सुरक्षित उतार लिया। बाद में उनसे उन पलों के बारे में पूछ गया जब वायुवान हवा में था और उन्हें जीने-मरने के निर्णय लेने थे। उन्होंने कहा, “इसे देखने का एक दृष्टिकोण यह हो सकता है कि पिछले 42 वर्षों से मैं अपने अनुभव, शिक्षा, और प्रशिक्षण के बैंक में छोटे-छोटे किंतु नियमित अंश जमा करता रहा हूँ। और उस दिन मुझे लगा कि अब इतना तो जमा हो गया है कि मैं उसमें से एक बड़ी रकम निकाल सकूँ।”

   हम में से अधिकांश जीवन में कभी-न-कभी किसी संकट का सामना अवश्य करेंगे। हो सकता है कि वह हमारा काम से सेवानिवृत किया जाना हो, या किसी चिकित्सीय जाँच के अनेपक्षित परिणाम हों, या किसी प्रिय परिवार के सदस्य अथवा मित्र की हानि हो। ऐसे समयों में हमें अपने आत्मिक बैंक-खाते में जमा की गई पूंजी में से कुछ बड़ा निकालने की आवश्यकता पड़ेगी।

   ऐसी परिस्थिति में हम अपने उस आत्मिक बैंक खाते में क्या पाएँगे? यदि हमने अपने जीवन में परमेश्वर के साथ एक गहरा संबंध बनाए रखा है, तो हम अपने खाते में अपने विश्वास के कार्यों के नियमित अंश जमा करते रहें हैं, जिससे अब परमेश्वर के अनुग्रह के अनुभव (2 कुरिन्थियों 8:9; इफिसियों 2:4-7), और परमेश्वर के वचन बाइबल की प्रतिज्ञाएं कि परमेश्वर न्यायी और विश्वासयोग्य है (व्यवस्थाविवरण 32:4; 2 थिस्सलुनीकियों 3:3) हमारे साथ हैं, हमें उपलब्ध हैं।

   परमेश्वर का प्रेम और अनुग्रह हम परमेश्वर की संतानों, अर्थात मसीही विश्वासियों को आवश्यकतानुसार निकालने के लिए उपलब्ध है (भजन 9:10; इब्रानियों 4:16)। - सिंडी हैस कैस्पर


बीते समय में परमेश्वर की विश्वासयोग्यता को स्मरण करने से
 हमें भविष्य के लिए सामर्थ्य मिलती है।

परन्तु प्रभु सच्चा है; वह तुम्हें दृढ़ता से स्थिर करेगा: और उस दुष्‍ट से सुरक्षित रखेगा। - 2 थिस्सलुनीकियों 3:3

बाइबल पाठ: इफिसियों 2:1-10
Ephesians 2:1 और उसने तुम्हें भी जिलाया, जो अपने अपराधों और पापों के कारण मरे हुए थे।
Ephesians 2:2 जिन में तुम पहिले इस संसार की रीति पर, और आकाश के अधिकार के हाकिम अर्थात उस आत्मा के अनुसार चलते थे, जो अब भी आज्ञा न मानने वालों में कार्य करता है।
Ephesians 2:3 इन में हम भी सब के सब पहिले अपने शरीर की लालसाओं में दिन बिताते थे, और शरीर, और मन की मनसाएं पूरी करते थे, और और लोगों के समान स्‍वभाव ही से क्रोध की सन्तान थे।
Ephesians 2:4 परन्तु परमेश्वर ने जो दया का धनी है; अपने उस बड़े प्रेम के कारण, जिस से उसने हम से प्रेम किया।
Ephesians 2:5 जब हम अपराधों के कारण मरे हुए थे, तो हमें मसीह के साथ जिलाया; (अनुग्रह ही से तुम्हारा उद्धार हुआ है।)
Ephesians 2:6 और मसीह यीशु में उसके साथ उठाया, और स्‍वर्गीय स्थानों में उसके साथ बैठाया।
Ephesians 2:7 कि वह अपनी उस कृपा से जो मसीह यीशु में हम पर है, आने वाले समयों में अपने अनुग्रह का असीम धन दिखाए।
Ephesians 2:8 क्योंकि विश्वास के द्वारा अनुग्रह ही से तुम्हारा उद्धार हुआ है, और यह तुम्हारी ओर से नहीं, वरन परमेश्वर का दान है।
Ephesians 2:9 और न कर्मों के कारण, ऐसा न हो कि कोई घमण्‍ड करे।
Ephesians 2:10 क्योंकि हम उसके बनाए हुए हैं; और मसीह यीशु में उन भले कामों के लिये सृजे गए जिन्हें परमेश्वर ने पहिले से हमारे करने के लिये तैयार किया।


एक साल में बाइबल: 
  • उत्पत्ति 43-45
  • मत्ती 12:24-50



बुधवार, 17 जनवरी 2018

स्वर्ग की झलक


   सड़क पार, हमारे चर्च के सामने, एक विश्व-स्तरीय वनस्पति उद्यान है, जहाँ सभी चर्चों की सम्मिलित गोष्ठी का आयोजन किया गया था। मैं उस समारोह में गई, और उस उद्यान में विचरण करते हुए लोगों से भी मिल रही थी, और पौधों के बारे में जानकारी रखने वाले, उन से प्रेम करने तथा उनकी देखभाल करने वाले लोगों के परिश्रम की सुन्दर प्रस्तुति का आनन्द भी ले रही थी। यह सब करते हुए मुझे एहसास हुआ कि वह संध्या और स्थान, चर्च को कैसे कार्य करने चाहिए जिससे कि वह पृथ्वी पर स्वर्ग की झलक प्रस्तुत करे, के संकेतों से भरपूर थी।

   उद्यान एक ऐसा स्थान होता है जहाँ प्रत्येक पौधे को एक ऐसे वातावरण में रखा जाता है जहाँ वह अच्छे से बढ़े और फूले-फले। माली उस पौधे के लिए मिट्टी तैयार करते हैं, उन्हें कीड़ों से बचाते हैं, सुनिश्चित करते हैं कि सभी पौधों को आवश्यकतानुसार एवं पर्याप्त मात्रा में भोजन, जल और सूर्य का प्रकाश प्राप्त हो। इस सारी देखभाल और परिश्रम का परिणाम होता है एक ऐसा सुन्दर और खुशबूदार स्थान जो लोगों को आनंदित करता है।

   उद्यान के समान ही चर्च को भी वह स्थान होना है जहाँ सब मिलकर परमेश्वर की महिमा तथा सब की भलाई के लिए कार्य करें। एक ऐसा स्थान जहाँ सब बढ़ें, फूलें, फलें, अपने आप को एक सुरक्षित वातावरण में अनुभव करें। एक ऐसा स्थान जहाँ उनकी आवश्यकतानुसार सभी लोगों की देखभाल की जाती हो; जहाँ हम सभी अपना प्रिय कार्य करें – ऐसे कार्य जिनसे सब का भला हो (1 कुरिन्थियों 14:26)।

   अच्छी देखभाल पाने वाले पौधों के समान, जो लोग एक स्वस्थ वातावरण में बढ़ते हैं, उनके जीवन की सुगंध औरों को परमेश्वर की ओर आकर्षित करती है, परमेश्वर के प्रेम और दया की सुंदरता को लोगों के समक्ष प्रस्तुत करती है। चर्च सिद्ध तो नहीं है, परन्तु स्वर्ग की झलक अवश्य हो सकता है। - जूली ऐकैरमैन लिंक


जो हृदय प्रभु यीशु के प्रेम की सुगंध से भरे हुए हैं, 
वे उसकी सुंदरता को भी प्रदर्शित करेंगे।

इसलिये हे भाइयो क्या करना चाहिए? जब तुम इकट्ठे होते हो, तो हर एक के हृदय में भजन, या उपदेश, या अन्यभाषा, या प्रकाश, या अन्यभाषा का अर्थ बताना रहता है: सब कुछ आत्मिक उन्नति के लिये होना चाहिए। - 1 कुरिन्थियों 14:26

बाइबल पाठ: 1 कुरिन्थियों 14:6-12
1 Corinthians 14:6 इसलिये हे भाइयों, यदि मैं तुम्हारे पास आकर अन्य अन्य भाषा में बातें करूं, और प्रकाश, या ज्ञान, या भविष्यद्वाणी, या उपदेश की बातें तुम से न कहूं, तो मुझ से तुम्हें क्या लाभ होगा?
1 Corinthians 14:7 इसी प्रकार यदि निर्जीव वस्तुएं भी, जिन से ध्‍वनि निकलती है जैसे बांसुरी, या बीन, यदि उन के स्‍वरों में भेद न हो तो जो फूंका या बजाया जाता है, वह क्योंकर पहिचाना जाएगा?
1 Corinthians 14:8 और यदि तुरही का शब्द साफ न हो तो कौन लड़ाई के लिये तैयारी करेगा?
1 Corinthians 14:9 ऐसे ही तुम भी यदि जीभ से साफ साफ बातें न कहो, तो जो कुछ कहा जाता है वह क्योंकर समझा जाएगा? तुम तो हवा से बातें करने वाले ठहरोगे।
1 Corinthians 14:10 जगत में कितने ही प्रकार की भाषाएं क्यों न हों, परन्तु उन में से कोई भी बिना अर्थ की न होगी।
1 Corinthians 14:11 इसलिये यदि मैं किसी भाषा का अर्थ न समझूं, तो बोलने वाले की दृष्टि में परदेशी ठहरूंगा; और बोलने वाला मेरे दृष्टि में परदेशी ठहरेगा।
1 Corinthians 14:12 इसलिये तुम भी जब आत्मिक वरदानों की धुन में हो, तो ऐसा प्रयत्न करो, कि तुम्हारे वरदानों की उन्नति से कलीसिया की उन्नति हो।


एक साल में बाइबल: 
  • उत्पत्ति 41-42
  • मत्ती 12:1-23



मंगलवार, 16 जनवरी 2018

बढ़ना


   मेक्सिकन सैलामैंडर, ऐक्सुहलाहटल विचित्र जीव है, जो जीवन भर मेंढक के बच्चों – टैडपोल के समान स्वरूप बनाए रखता है। लेखकों और दार्शनिकों ने इस जीव को उनके प्रतिरूप के समान प्रयोग किया है जो बढ़ना नहीं चाहते हैं।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में, इब्रानियों 5 में हम कुछ ऐसे मसीही विश्वासिओं के बारे में पढ़ते हैं जो स्वस्थ विकास के साथ परिपक्वता की ओर बढ़ने के स्थान पर, नए विश्वासियों के समान, केवल आत्मिक “दूध” का ही पोषण चाहते थे। संभवतः यह मसीही विश्वासियों पर होने वाले सताव के भय के कारण था कि वे मसीह में विश्वासयोग्यता में उतना नहीं बढ़ रहे थे जिससे वे अन्यों के लिए मसीह के समान दुःख उठाने के लिए तैयार हों (पद 7-10)। इस कारण वे जो मसीह की समानता के गुण दिखा चुके थे (6:9-11), उनसे भी पीछे हट जाने के खतरे में थे। वे आत्म-बलिदान के ठोस आहार के लिए तैयार नहीं थे (5:14)। इसलिए इब्रानियों की पत्री के लेखक ने उन्हें लिखा, “इस के विषय में हमें बहुत सी बातें कहनी हैं, जिन का समझना भी कठिन है; इसलिये कि तुम ऊंचा सुनने लगे हो” (पद 11)।

   ऐक्सुहलाहटल, अपने सृष्टिकर्ता द्वारा उनके लिए निर्धारित नमूने का अनुसरण करते हैं; वैसे ही मसीह यीशु के अनुयायियों को, उनके लिए निर्धारित किए गए परिपक्वता में बढ़ते जाने का अनुसरण करना है। जब हम वैसा करते हैं तो समझ पाते हैं कि मसीह में बढ़ने का अर्थ केवल व्यक्तिगत शान्ति और आनन्द ही नहीं है। मसीह की समानता में बढ़ने के द्वारा हम निःस्वार्थ होकर औरों को प्रोत्साहित करते हैं, तथा पिता परमेश्वर का भी आदर करते हैं। - कीला ओकोआ


हम परमेश्वर के वचन रूपी भोजन को जितना अधिक लेंगे, 
उतनी ही अधिक हमारी बढ़ोतरी भी होगी।

हे भाइयो, तुम समझ में बालक न बनो: तौभी बुराई में तो बालक रहो, परन्तु समझ में सियाने बनो। - 1 कुरिन्थियों 14:20

बाइबल पाठ: इब्रानियों 5:11-14
Hebrews 5:11 इस के विषय में हमें बहुत सी बातें कहनी हैं, जिन का समझना भी कठिन है; इसलिये कि तुम ऊंचा सुनने लगे हो।
Hebrews 5:12 समय के विचार से तो तुम्हें गुरू हो जाना चाहिए था, तौभी क्या यह आवश्यक है, कि कोई तुम्हें परमेश्वर के वचनों की आदि शिक्षा फिर से सिखाए ओर ऐसे हो गए हो, कि तुम्हें अन्न के बदले अब तक दूध ही चाहिए।
Hebrews 5:13 क्योंकि दूध पीने वाले बच्‍चे को तो धर्म के वचन की पहिचान नहीं होती, क्योंकि वह बालक है।
Hebrews 5:14 पर अन्न सयानों के लिये है, जिन के ज्ञानेन्‍द्रिय अभ्यास करते करते, भले बुरे में भेद करने के लिये पक्के हो गए हैं।


एक साल में बाइबल: 
  • उत्पत्ति 39-40
  • मत्ती 11



सोमवार, 15 जनवरी 2018

मेल-मिलाप की सेवकाई


   1957 में एक इतवार की प्रातः जब डॉ॰ मार्टिन लूथर किंग जूनियर प्रचार कर रहे थे, तो उन्हें जातिवाद में लिप्त समाज पर पलटवार करने की मनोभावना से संघर्ष करना पड़ा। उन्होंने एलाबामा में मौनटगोमरी की डेक्स्टर एवेन्यू बैपटिस्ट मण्डली से पूछा, “आप अपने विरोधियों से प्रेम कैसे करते हैं?” उन्होंने आगे कहा, “अपने आप से आरंभ कीजिए...जब विरोधी को पराजित करने का अवसर आपके सामने आए तो वही समय होता है वैसा न करने का।”

   परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रभु यीशु के कहे शब्दों को अध्दत करते हुए उन्होंने कहा: “परन्तु मैं तुम से यह कहता हूं, कि अपने बैरियों से प्रेम रखो और अपने सताने वालों के लिये प्रार्थना करो। जिस से तुम अपने स्‍वर्गीय पिता की सन्तान ठहरोगे क्योंकि वह भलों और बुरों दोनों पर अपना सूर्य उदय करता है, और धर्मियों और अधर्मियों दोनों पर मेंह बरसाता है” (मत्ती 5:44-45)। जब हम अपने विरोधियों के बारे में विचार करते हैं, तब भला होगा यदि हम साथ ही इस बात को भी स्मरण करें कि एक समय हम भी परमेश्वर के विरोधी थे (देखें रोमियों 5:10); परन्तु जैसा पौलुस ने लिखा, “और सब बातें परमेश्वर की ओर से हैं, जिसने मसीह के द्वारा अपने साथ हमारा मेल-मिलाप कर लिया, और मेल-मिलाप की सेवा हमें सौंप दी है। अर्थात परमेश्वर ने मसीह में हो कर अपने साथ संसार का मेल मिलाप कर लिया, और उन के अपराधों का दोष उन पर नहीं लगाया और उसने मेल मिलाप का वचन हमें सौंप दिया है” (2 कुरिन्थियों 5:18-19)। आज हमें प्रभु यीशु में मेल-मिलाप का यह सन्देश सँसार के लोगों तक लेकर जाना है।

   जातिवाद और राजनैतिक तनाव कोई नई बात नहीं हैं। परन्तु प्रभु यीशु की मण्डली का कर्तव्य कभी भी भेद-भाव और विघटन को प्रोत्साहित करना नहीं है। जो हमारे समान नहीं हैं, जो हमसे भिन्न विचार रखते हैं, या जो हमारी हानि की इच्छा रखते हैं, हमें कभी भी उन पर कोई हमला नहीं करना है। हमारी सेवकाई तो प्रभु यीशु के निःस्वार्थ सेवा के हृदय के अनुसार मेल-मिलाप करने और करवाने की सेवकाई है। - टिम गुस्ताफ्सन


नफ़रत उसका भी नाश करती है जो नफरत करता है 
और उसका भी जिससे नफरत की जाती है। - मार्टिन लूथर किंग जूनियर

क्योंकि बैरी होने की दशा में तो उसके पुत्र की मृत्यु के द्वारा हमारा मेल परमेश्वर के साथ हुआ फिर मेल हो जाने पर उसके जीवन के कारण हम उद्धार क्यों न पाएंगे? – रोमियों 5:10

बाइबल पाठ: 2 कुरिन्थियों 5:16-21
2 Corinthians 5:16 सो अब से हम किसी को शरीर के अनुसार न समझेंगे, और यदि हम ने मसीह को भी शरीर के अनुसार जाना था, तौभी अब से उसको ऐसा नहीं जानेंगे।
2 Corinthians 5:17 सो यदि कोई मसीह में है तो वह नई सृष्‍टि है: पुरानी बातें बीत गई हैं; देखो, वे सब नई हो गईं।
2 Corinthians 5:18 और सब बातें परमेश्वर की ओर से हैं, जिसने मसीह के द्वारा अपने साथ हमारा मेल-मिलाप कर लिया, और मेल-मिलाप की सेवा हमें सौंप दी है।
2 Corinthians 5:19 अर्थात परमेश्वर ने मसीह में हो कर अपने साथ संसार का मेल मिलाप कर लिया, और उन के अपराधों का दोष उन पर नहीं लगाया और उसने मेल मिलाप का वचन हमें सौंप दिया है।
2 Corinthians 5:20 सो हम मसीह के राजदूत हैं; मानो परमेश्वर हमारे द्वारा समझाता है: हम मसीह की ओर से निवेदन करते हैं, कि परमेश्वर के साथ मेल मिलाप कर लो।
2 Corinthians 5:21 जो पाप से अज्ञात था, उसी को उसने हमारे लिये पाप ठहराया, कि हम उस में हो कर परमेश्वर की धामिर्कता बन जाएं।


एक साल में बाइबल: 
  • उत्पत्ति 36-38
  • मत्ती 10:21-42



रविवार, 14 जनवरी 2018

विदा


   विदा लेना कठिन होता है – परिवार या मित्रों से, किसी परिचित और मनपसन्द स्थान से, जीविका के साधन से।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में लूका 9:57-62 में प्रभु यीशु मसीह ने उसका अनुयायी बनने की कीमत के बारे में बताया है। एक अनुयायी बनने की चाह रखने वाले व्यक्ति ने प्रभु से कहा, “...हे प्रभु, मैं तेरे पीछे हो लूंगा; पर पहिले मुझे जाने दे कि अपने घर के लोगों से विदा हो आऊं।” प्रभु यीशु ने उससे कहा, “जो कोई अपना हाथ हल पर रखकर पीछे देखता है, वह परमेश्वर के राज्य के योग्य नहीं” (पद 61-62)।  तो क्या प्रभु अपने अनुयायियों से कह रहा है कि वे प्रत्येक संबंध, सँसार की प्रत्येक बात से विदा लेकर ही उसके पीछे आएँ?

   चीनी भाषा में अंग्रेज़ी शब्द “goodbye” (अलविदा) का कोई सीधा तुल्य शब्द नहीं है। जिन दो चीनी हरफों को इस शब्द के अनुवाद के लिए प्रयोग किया जाता है, उनका वास्तविक अर्थ होता है, “फिर मिलेंगे।” प्रभु यीशु का अनुयायी बनने का अर्थ कभी-कभी हो सकता है कि अन्य आपका तिरिस्कार करें, परन्तु अनुयायी होने का अर्थ कदापि यह नहीं होता है के हम लोगों से अलविदा ले लें, अर्थात अपने सारे संबंध भूल जाएँ, छोड़ दें।

   विदा लेने से तात्पर्य है कि हम परमेश्वर के अनुयायी परमेश्वर की शर्तों पर बने, न कि मनुष्यों की विद्या और समझ के अनुसार परमेश्वर से निभाने के प्रयास करें। प्रभु यीशु का अनुयायी होने का अर्थ है प्रभु यीशु का आज्ञाकारी बने रहना – स्वेच्छा से, पूरी तत्परता से, पूरे मन से। ऐसा करने पर ही प्रभु के पीछे चलने को हम सही दृष्टिकोण से देखने और समझने पाएंगे।

   परमेश्वर हमारे लिए हर बात में सदैव सर्वोत्तम ही चाहता है, परन्तु यह संभव होने के लिए हर बात, हर विचार, हर निर्णय में हमें उसे ही प्राथमिकता देनी होगी; हमें प्रभु के प्रति अनआज्ञाकारी होने की प्रवृत्ति को विदा कहना होगा। - सी. पी. हिया


जब हम प्रभु यीशु का अनुसरण करते हैं, 
हमें जीवन का नया परिप्रेक्ष्य प्राप्त होता है।

और मेरा धर्मी जन विश्वास से जीवित रहेगा, और यदि वह पीछे हट जाए तो मेरा मन उस से प्रसन्न न होगा। - इब्रानियों 10:38

बाइबल पाठ: लूका 9:57-62
Luke 9:57 जब वे मार्ग में चले जाते थे, तो किसी न उस से कहा, जहां जहां तू जाएगा, मैं तेरे पीछे हो लूंगा।
Luke 9:58 यीशु ने उस से कहा, लोमडिय़ों के भट और आकाश के पक्षियों के बसेरे होते हैं, पर मनुष्य के पुत्र को सिर धरने की भी जगह नहीं।
Luke 9:59 उसने दूसरे से कहा, मेरे पीछे हो ले; उसने कहा; हे प्रभु, मुझे पहिले जाने दे कि अपने पिता को गाड़ दूं।
Luke 9:60 उसने उस से कहा, मरे हुओं को अपने मुरदे गाड़ने दे, पर तू जा कर परमेश्वर के राज्य की कथा सुना।
Luke 9:61 एक और ने भी कहा; हे प्रभु, मैं तेरे पीछे हो लूंगा; पर पहिले मुझे जाने दे कि अपने घर के लोगों से विदा हो आऊं।
Luke 9:62 यीशु ने उस से कहा; जो कोई अपना हाथ हल पर रखकर पीछे देखता है, वह परमेश्वर के राज्य के योग्य नहीं।

एक साल में बाइबल: 
  • उत्पत्ति 33-35
  • मत्ती 10:1-20


शनिवार, 13 जनवरी 2018

द्वार


   इटली के कलाकार लोरेंज़ो घिब्रटी (1378-1455) ने इटली के फ्लोरेंस में बपतिस्मा देने के कक्ष के पीतल के द्वारों पर प्रभु यीशु के जीवन के चित्रों को बनाने में वर्षों लगाए। पीतल में नक्काशी कर के बनाए गए ये चित्र इतने मार्मिक हैं कि प्रसिद्ध कलाकार माइकलएंजेलो ने उन द्वारों को ‘स्वर्ग के द्वार’ कहा। कलाकृतियों के खजाने के रूप में वे चित्र दर्शकों का स्वागत सुसमाचार की कहानियों के साथ करते हैं।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रभु यीशु द्वारा कही गई अनेकों बातें दर्ज हैं। प्रभु यीशु ने कहा, “द्वार मैं हूं: यदि कोई मेरे द्वारा भीतर प्रवेश करे तो उद्धार पाएगा...” (यूहन्ना 10:9)। अपने क्रूस पर चढ़ाए जाने से पहले की रात को उन्होंने अपने शिष्यों से कहा, “...मार्ग और सच्चाई और जीवन मैं ही हूं; बिना मेरे द्वारा कोई पिता के पास नहीं पहुंच सकता” (यूहन्ना 14:6)। क्रूस पर चढ़ाए जाने के कुछ ही घंटों में प्रभु ने उनके साथ क्रूस पर चढ़ाए गए एक अपराधी से कहा “...आज ही तू मेरे साथ स्वर्गलोक में होगा” (लूका 23:43)।

   प्रभु यीशु के मृतकों में से पुनरुत्थान और स्वर्गारोहण के कुछ ही सप्ताह पश्चात उनके शिष्य, प्रेरित पतरस ने, निर्भीकता के साथ प्रभु को क्रूस देने वालों से कहा, “और किसी दूसरे के द्वारा उद्धार नहीं; क्योंकि स्वर्ग के नीचे मनुष्यों में और कोई दूसरा नाम नहीं दिया गया, जिस के द्वारा हम उद्धार पा सकें” (प्रेरितों 4:12)। कुछ वर्षों के बाद प्रेरित पौलुस ने अपनी एक पत्री में लिखा कि मनुष्यों और परमेश्वर के मध्य एक ही बिचवई है, अर्थात मसीह यीशु जो मनुष्य है (1 तिमुथियुस 2:5)।

   स्वर्ग का द्वार प्रभु यीशु मसीह ही है; जो भी उस पर विश्वास लाता है, उससे अपने पापों की क्षमा माँगकर अपना जीवन उसे समर्पित करता है, उसे प्रभु उद्धार तथा अनन्त जीवन का दान देता है। स्वर्ग का द्वार, प्रभु यीशु मसीह आज आपको आमंत्रित कर रहा है; जब तक द्वार खुला है, अवसर है, उसका सदुपयोग कीजिए और अनन्त जीवन के द्वार, प्रभु यीशु मसीह में लाए गए विश्वास द्वारा स्वर्ग में प्रवेश कीजिए। - डेनिस फिशर


प्रभु यीशु ने हमें अनन्त जीवन देने के लिए क्रूस पर अपना बलिदान दिया।

क्योंकि परमेश्वर एक ही है: और परमेश्वर और मनुष्यों के बीच में भी एक ही बिचवई है, अर्थात मसीह यीशु जो मनुष्य है। - 1 तिमुथियुस 2:5

बाइबल पाठ: यूहन्ना 10:1-9
John 10:1 मैं तुम से सच सच कहता हूं, कि जो कोई द्वार से भेड़शाला में प्रवेश नहीं करता, परन्तु और किसी ओर से चढ़ जाता है, वह चोर और डाकू है।
John 10:2 परन्तु जो द्वार से भीतर प्रवेश करता है वह भेड़ों का चरवाहा है।
John 10:3 उसके लिये द्वारपाल द्वार खोल देता है, और भेंड़ें उसका शब्द सुनती हैं, और वह अपनी भेड़ों को नाम ले ले कर बुलाता है और बाहर ले जाता है।
John 10:4 और जब वह अपनी सब भेड़ों को बाहर निकाल चुकता है, तो उन के आगे आगे चलता है, और भेड़ें उसके पीछे पीछे हो लेती हैं; क्योंकि वे उसका शब्द पहचानती हैं।
John 10:5 परन्तु वे पराये के पीछे नहीं जाएंगी, परन्तु उस से भागेंगी, क्योंकि वे परायों का शब्द नहीं पहचानती।
John 10:6 यीशु ने उन से यह दृष्‍टान्‍त कहा, परन्तु वे न समझे कि ये क्या बातें हैं जो वह हम से कहता है।
John 10:7 तब यीशु ने उन से फिर कहा, मैं तुम से सच सच कहता हूं, कि भेड़ों का द्वार मैं हूं।
John 10:8 जितने मुझ से पहिले आए; वे सब चोर और डाकू हैं परन्तु भेड़ों ने उन की न सुनी।
John 10:9 द्वार मैं हूं: यदि कोई मेरे द्वारा भीतर प्रवेश करे तो उद्धार पाएगा और भीतर बाहर आया जाया करेगा और चारा पाएगा।


एक साल में बाइबल: 
  • उत्पत्ति 31-32
  • मत्ती 9:18-38



शुक्रवार, 12 जनवरी 2018

थामें रहें


   मेरा एक मित्र, बड़ी रोचक बातें कहता रहता है; जैसे कि  - “अच्छी कॉफी बनाने के लिए अधिक पानी की आवश्यकता नहीं होती है।” यदि कोई अपने बूते से बाहर किसी बात में फंस जाए तो वह कहता है, “जो कुछ तुम्हारे पास है उसे थामे रहो!” – कहने का तात्पर्य है कि “सहायता आ रही है, थामे रहो!”

   परमेश्वर के वचन बाइबल की अंतिम पुस्तक प्रकाशितवाक्य में हम एशिया की सात मण्डलियों को लिखे गए पत्रों को देखते हैं (अध्याय 2-3)। ये परमेश्वर द्वारा उन मसीही मण्डलियों को दिए गए सन्देश हैं। इन संदेशों में प्रोत्साहन, डाँट, और चुनौती हैं; और ये आज भी हम से वैसे ही बातें करते हैं जैसे कि तब प्रथम-शताब्दी की मण्डली से। इन सात संदेशों में हम दो बार लिखा पाते हैं “जो तुम्हारे पास है उसको...थामे रहो।” प्रभु ने थुआतीरा की मण्डली से कहा: “जो तुम्हारे पास है उसको मेरे आने तक थामे रहो” (2:25); और फिलदिलफिया की मण्डली से कहा, “मैं शीघ्र ही आनेवाला हूं; जो कुछ तेरे पास है, उसे थामें रह, कि कोई तेरा मुकुट छीन न ले” (3:11)। बहुत परीक्षाओं और विरोध में भी वे मसीही विश्वासी अपने विश्वास में दृढ़ बने रहे, परमेश्वर की प्रतिज्ञाओं को थामे रहे।

   जब हमारी परिस्थितियाँ कठिन हों, और आनन्द से अधिक दुःख हों, तब प्रभु यीशु हम से कहते हैं, “जो कुछ तुम्हारे पास है उसे थामे रहो; सहायता आ रही है!” प्रभु के इस आश्वासन और प्रतिज्ञा के साथ हम अपने मसीही विश्वास में दृढ़ बने रह सकते हैं, प्रभु परमेश्वर की प्रतिज्ञाओं को भरोसे के साथ थामे रह सकते हैं। - डेविड मैक्कैसलैंड


मसीह यीशु की लौट कर आने की प्रतिज्ञा, 
हमें विश्वास में दृढ़ बने रहने का आह्वान करती है।

धन्य है वह जो इस भविष्यद्वाणी के वचन को पढ़ता है, और वे जो सुनते हैं और इस में लिखी हुई बातों को मानते हैं, क्योंकि समय निकट आया है। - प्रकाशितवाक्य 1:3

बाइबल पाठ: प्रकाशितवाक्य 3:7-13
Revelation 3:7 और फिलेदिलफिया की कलीसिया के दूत को यह लिख, कि, जो पवित्र और सत्य है, और जो दाऊद की कुंजी रखता है, जिस के खोले हुए को कोई बन्‍द नहीं कर सकता और बन्‍द किए हुए को कोई खोल नहीं सकता, वह यह कहता है, कि।
Revelation 3:8 मैं तेरे कामों को जानता हूं, (देख, मैं ने तेरे साम्हने एक द्वार खोल रखा है, जिसे कोई बन्‍द नहीं कर सकता) कि तेरी सामर्थ्य थोड़ी सी है, और तू ने मेरे वचन का पालन किया है और मेरे नाम का इन्कार नहीं किया।
Revelation 3:9 देख, मैं शैतान के उन सभा वालों को तेरे वश में कर दूंगा जो यहूदी बन बैठे हैं, पर हैं नहीं, वरन झूठ बोलते हैं देख, मैं ऐसा करूंगा, कि वे आ कर तेरे चरणों में दण्‍डवत करेंगे, और यह जान लेंगे, कि मैं ने तुझ से प्रेम रखा है।
Revelation 3:10 तू ने मेरे धीरज के वचन को थामा है, इसलिये मैं भी तुझे परीक्षा के उस समय बचा रखूंगा, जो पृथ्वी पर रहने वालों के परखने के लिये सारे संसार पर आने वाला है।
Revelation 3:11 मैं शीघ्र ही आने वाला हूं; जो कुछ तेरे पास है, उसे थामें रह, कि कोई तेरा मुकुट छीन न ले।
Revelation 3:12 जो जय पाए, उस मैं अपने परमेश्वर के मन्दिर में एक खंभा बनाऊंगा; और वह फिर कभी बाहर न निकलेगा; और मैं अपने परमेश्वर का नाम, और अपने परमेश्वर के नगर, अर्थात नये यरूशलेम का नाम, जो मेरे परमेश्वर के पास से स्वर्ग पर से उतरने वाला है और अपना नया नाम उस पर लिखूंगा।
Revelation 3:13 जिस के कान हों, वह सुन ले कि आत्मा कलीसियाओं से क्या कहता है।


एक साल में बाइबल: 
  • उत्पत्ति 29-30
  • मत्ती 9:1-17