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रविवार, 17 मार्च 2019

भरोसा



      कुछ संस्कृतियों में यह अपेक्षा की जाती है कि आयु में कम व्यक्ति अपने से बड़े को कमरे में पहले जाने देगा; जबकि कुछ अन्य में इस बात का ध्यान रखा जाता है कि जिसका ओहदा अधिक ऊँचा होगा, वह पहले प्रवेश करेगा। हमारी परम्पराएँ चाहे जो भी हों, ऐसे समय भी आते हैं जब यह चुनना कठिन होता है कि महत्वपूर्ण मामलों में पहले कौन होगा, विशेषकर तब जब पहले होने का विशेषाधिकार हमारा अपना होता है।

      परमेश्वर के वचन बाइबल के एक नायक, अब्राहम, के विषय हम देखते हैं कि उसके तथा उसके भतीजे लूत के पास इतना पशु-धन और नौकर थे कि उनके सेवकों में बारंबार होने वाली नोक-झोंक के कारण उनका साथ रहना और यात्रा करना कठिन होने लगा था। संघर्ष से बच कर रहने के लिए अब्राहम ने सलाह दी कि वे दोनों अलग हो जाएँ, और उदारतापूर्वक लूत को अधिकार दिया कि वह पहला चुनाव करे कि उसे किस ओर जाना है “तब अब्राम लूत से कहने लगा, मेरे और तेरे बीच, और मेरे और तेरे चरवाहों के बीच में झगड़ा न होने पाए; क्योंकि हम लोग भाई बन्धु हैं। क्या सारा देश तेरे साम्हने नहीं? सो मुझ से अलग हो, यदि तू बाईं ओर जाए तो मैं दाहिनी ओर जाऊंगा; और यदि तू दाहिनी ओर जाए तो मैं बाईं ओर जाऊंगा” (उत्पत्ति 13:8-9)। लूत ने अपने लिए यार्दन नदी की घाटी का उपजाऊ इलाका चुना, और अब्राहम के लिए शेष इलाका जो उसके समान उपजाऊ नहीं था, छोड़ दिया।

      बड़ा होने पर भी अब्राहम ने इस परिस्थिति में अपने विशेषाधिकार पर बल नहीं दिया, परन्तु अपने भविष्य को परमेश्वर के हाथों में छोड़ दिया। लूत के चुनाव ने आगे चलाकर उसके तथा उसके परिवार के लिए बहुत परेशानी खड़ी कर दी (देखें उत्पत्ति 19)। किन्तु अब्राहम परमेश्वर की अगुवाई और अनुग्रह में बढ़ता तथा सामर्थी होता चला गया।

      आज जब हमारे समक्ष अनेकों प्रकार के विकल्प और चुनाव होते हैं, तो हम अपने स्वर्गीय पिता पर भरोसा रखें कि वह हमारा मार्गदर्शन करेगा, हमें सही मार्ग पर ले जाएगा। उसका हमसे वायदा है कि वह हमारी देखभाल करेगा, हमारी प्रत्येक आवश्यकता को पूरा करेगा; हम उसपर भरोसा बनाए रखें। - डेविड मैक्कैस्लैंड


जो चुनाव परमेश्वर पर छोड़ देते हैं, परमेश्वर उन्हें सदा सर्वोत्तम ही देता है। - जिम ईलियट

और जब कभी तुम दाहिनी वा बाईं ओर मुड़ने लगो, तब तुम्हारे पीछे से यह वचन तुम्हारे कानों में पड़ेगा, मार्ग यही है, इसी पर चलो। – यशायाह 30:21

बाइबल पाठ: उत्पत्ति 13:1-18
Genesis 13:1 तब अब्राम अपनी पत्नी, और अपनी सारी सम्पत्ति ले कर, लूत को भी संग लिये हुए, मिस्र को छोड़ कर कनान के दक्खिन देश में आया।
Genesis 13:2 अब्राम भेड़-बकरी, गाय-बैल, और सोने-रूपे का बड़ा धनी था।
Genesis 13:3 फिर वह दक्खिन देश से चलकर, बेतेल के पास उसी स्थान को पहुंचा, जहां उसका तम्बू पहले पड़ा था, जो बेतेल और ऐ के बीच में है।
Genesis 13:4 यह स्थान उस वेदी का है, जिसे उसने पहले बनाई थी, और वहां अब्राम ने फिर यहोवा से प्रार्थना की।
Genesis 13:5 और लूत के पास भी, जो अब्राम के साथ चलता था, भेड़-बकरी, गाय-बैल, और तम्बू थे।
Genesis 13:6 सो उस देश में उन दोनों की समाई न हो सकी कि वे इकट्ठे रहें: क्योंकि उनके पास बहुत धन था इसलिये वे इकट्ठे न रह सके।
Genesis 13:7 सो अब्राम, और लूत की भेड़-बकरी, और गाय-बैल के चरवाहों के बीच में झगड़ा हुआ: और उस समय कनानी, और परिज्जी लोग, उस देश में रहते थे।
Genesis 13:8 तब अब्राम लूत से कहने लगा, मेरे और तेरे बीच, और मेरे और तेरे चरवाहों के बीच में झगड़ा न होने पाए; क्योंकि हम लोग भाई बन्धु हैं।
Genesis 13:9 क्या सारा देश तेरे साम्हने नहीं? सो मुझ से अलग हो, यदि तू बाईं ओर जाए तो मैं दाहिनी ओर जाऊंगा; और यदि तू दाहिनी ओर जाए तो मैं बाईं ओर जाऊंगा।
Genesis 13:10 तब लूत ने आंख उठा कर, यरदन नदी के पास वाली सारी तराई को देखा, कि वह सब सिंची हुई है। जब तक यहोवा ने सदोम और अमोरा को नाश न किया था, तब तक सोअर के मार्ग तक वह तराई यहोवा की बाटिका, और मिस्र देश के समान उपजाऊ थी।
Genesis 13:11 सो लूत अपने लिये यरदन की सारी तराई को चुन के पूर्व की ओर चला, और वे एक दूसरे से अलग हो गए।
Genesis 13:12 अब्राम तो कनान देश में रहा, पर लूत उस तराई के नगरों में रहने लगा; और अपना तम्बू सदोम के निकट खड़ा किया।
Genesis 13:13 सदोम के लोग यहोवा के लेखे में बड़े दुष्ट और पापी थे।
Genesis 13:14 जब लूत अब्राम से अलग हो गया तब उसके पश्चात यहोवा ने अब्राम से कहा, आंख उठा कर जिस स्थान पर तू है वहां से उत्तर-दक्खिन, पूर्व-पश्चिम, चारों ओर दृष्टि कर।
Genesis 13:15 क्योंकि जितनी भूमि तुझे दिखाई देती है, उस सब को मैं तुझे और तेरे वंश को युग युग के लिये दूंगा।
Genesis 13:16 और मैं तेरे वंश को पृथ्वी की धूल के किनकों के समान बहुत करूंगा, यहां तक कि जो कोई पृथ्वी की धूल के किनकों को गिन सकेगा वही तेरा वंश भी गिन सकेगा।
Genesis 13:17 उठ, इस देश की लम्बाई और चौड़ाई में चल फिर; क्योंकि मैं उसे तुझी को दूंगा।
Genesis 13:18 इसके पशचात्‌ अब्राम अपना तम्बू उखाड़ कर, माम्रे के बांजों के बीच जो हेब्रोन में थे जा कर रहने लगा, और वहां भी यहोवा की एक वेदी बनाई।

एक साल में बाइबल:  
  • व्यवस्थाविवरण 30-31
  • मरकुस 15:1-25



शनिवार, 16 मार्च 2019

हाथ



      मैंने असावधानी के कारण रेस्टोरेंट के काउंटर पर अपने ग्लास को लुढ़का दिया, और उसका पेय निकलकर काउंटर के किनारे से होकर नीचे फर्श की ओर बहने लगा। अपने शर्मिन्दगी को छुपाने के प्रयासों में मैं उस तरल पेय को हाथों से चुल्लू बनाकर समेटने के प्रयासों में लग गई, किन्तु जो हाथों में आया भी, वह उँगलियों के बीच में से होकर फिर नीचे बह गया, और कुछ ही देर में मेरे पैर गीले फर्श पर थे, और मेरे हाथों में चम्मच भर भी पेय नहीं था।

      कभी-कभी मेरा जीवन भी ऐसा ही  होता है। मैं अपने आप को अनेकों कार्यों में एक साथ फंसा हुआ पाती हूँ – समस्याओं के समाधान ढूँढने, विभिन्न बातों के विवरणों पर ध्यान रखने, और परिस्थितियों पर नियंत्रण रखने के प्रयासों में फंसा हुआ। परन्तु मैं चाहे जितना भी प्रयास कर लूँ, अपने हाथों को चाहे जैसे भी संभाल लूँ और उनसे ज़ोर लगा लूँ, मेरे दुर्बल हाथ उन सभी बातों को एक साथ संभालने में सक्षम नहीं होने पाते हैं और कुछ न कुछ मेरे हाथों से फिसलकर नीचे गिर ही जाता है और मुझे फिर शर्मिन्दगी होती है।

      परन्तु मेरा परमेश्वर सब कुछ कर पाने में सक्षम है। परमेश्वर के वचन बाइबल में यशायाह नबी की पुस्तक में लिखा है कि परमेश्वर विश्व भर के जल – अर्थात सभी महासागरों, नदियों, जलाशयों, और वर्षा को, अपने चुल्लू में ले सकता है (40:12)! केवल उसके ही हाथ इतने बड़े और सामर्थी हैं कि सब कुछ को सुरक्षित थामे रह सकते हैं। इसलिए हमें उस चम्मच भर से अधिक को थामने और संभालने का प्रयास नहीं करना चाहिए, जितने के लिए उसने हमारे हाथ बनाए हैं। किसी भी बात से कभी भी अभिभुतित अनुभव होने के स्थान पर, हम निःसंकोच होकर अपने चिंताएं और देखभाल उसके सक्षम हाथों में छोड़ सकते हैं। - कर्स्टेन होम्बर्ग


हम अपनी सभी चिंताओं और देखभाल को परमेश्वर पर छोड़ सकते हैं।

इसलिये परमेश्वर के बलवन्‍त हाथ के नीचे दीनता से रहो, जिस से वह तुम्हें उचित समय पर बढ़ाए। और अपनी सारी चिन्‍ता उसी पर डाल दो, क्योंकि उसको तुम्हारा ध्यान है। - 1 पतरस 5:6-7

बाइबल पाठ: यशायाह 40:9-17
Isaiah 40:9 हे सिय्योन को शुभ समचार सुनाने वाली, ऊंचे पहाड़ पर चढ़ जा; हे यरूशलेम को शुभ समाचार सुनाने वाली, बहुत ऊंचे शब्द से सुना, ऊंचे शब्द से सुना, मत डर; यहूदा के नगरों से कह, अपने परमेश्वर को देखो!
Isaiah 40:10 देखो, प्रभु यहोवा सामर्थ दिखाता हुआ रहा है, वह अपने भुजबल से प्रभुता करेगा; देखो, जो मजदूरी देने की है वह उसके पास है और जो बदला देने का है वह उसके हाथ में है।
Isaiah 40:11 वह चरवाहे के समान अपने झुण्ड को चराएगा, वह भेड़ों के बच्चों को अंकवार में लिये रहेगा और दूध पिलानेवालियों को धीरे धीरे ले चलेगा।
Isaiah 40:12 किस ने महासागर को चुल्लू से मापा और किस के बित्ते से आकाश का नाप हुआ, किस ने पृथ्वी की मिट्टी को नपवे में भरा और पहाड़ों को तराजू में और पहाडिय़ों को कांटे में तौला है?
Isaiah 40:13 किस ने यहोवा की आत्मा को मार्ग बताया वा उसका मन्त्री हो कर उसको ज्ञान सिखाया है?
Isaiah 40:14 उसने किस से सम्मति ली और किस ने उसे समझाकर न्याय का पथ बता दिया और ज्ञान सिखा कर बुद्धि का मार्ग जता दिया है?
Isaiah 40:15 देखो, जातियां तो डोल की एक बून्द वा पलड़ों पर की धूलि के तुल्य ठहरीं; देखो, वह द्वीपों को धूलि के किनकों सरीखे उठाता है।
Isaiah 40:16 लबानोन भी ईधन के लिये थोड़ा होगा और उस में के जीव-जन्तु होमबलि के लिये बस न होंगे।
Isaiah 40:17 सारी जातियां उसके साम्हने कुछ नहीं हैं, वे उसकी दृष्टि में लेश और शून्य से भी घट ठहरीं हैं।

एक साल में बाइबल:  
  • व्यवस्थाविवरण 28-29
  • मरकुस 14:54-72



शुक्रवार, 15 मार्च 2019

विरासत



      हमारे दादा-दादी धनी नहीं थे, परन्तु फिर भी वे प्रत्येक क्रिसमस समय को हम सब भाई-बहनों के लिए विशेष बनाते थे। हम सब जब वहाँ एकत्रित होते थे तो सदा ही बहुत सा भोजन, आनन्द और प्रेम होता था। और छोटी आयु से ही हम सभी बच्चों ने यह सीखा कि यह उत्सव मसीह यीशु के कारण संभव हुआ था।

      हम भी अपने बच्चों के लिए ऐसी ही विरासत छोडकर जाना चाहते हैं। जब हम पिछले वर्ष परिवार जनों के साथ क्रिसमस मनाने के लिए एकत्रित हुए, तो हमें एहसास हुआ कि इस परंपरा का आरंभ दादा-दादी से हुआ था। वे हमें विरासत में धन-संपत्ति तो छोड़ कर नहीं जा सके, परन्तु उन्होंने हमारे जीवनों में प्रेम, आदर, और विश्वास के बीज बोए – जिससे हम, जो उनके बच्चों के बच्चे हैं, उनके उदाहरण का अनुसरण कर सकें।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में हम नानी लोइस और माँ यूनिके के विषय पढ़ते हैं , जिन्होंने तिमुथियुस के साथ उसके बचपन से ही वास्तविक विश्वास को बाँटा (2 तिमुथियुस 1:5)। उनके प्रभाव के द्वारा वह प्रभु यीशु में मिलने वाले उद्धार के सुसमाचार को अन्य अनेकों के साथ बाँटने वाला बन सका।

      परमेश्वर के साथ निकटता से रहने के द्वारा हम उनके लिए एक आत्मिक विरासत तैयार कर सकते हैं, जिनके जीवनों को हम प्रभावित करते हैं। हम व्यावाहारिक तरीकों से परमेश्वर के प्रेम को औरों के लिए वास्तविक बना सकते हैं, जब हम उन्हें अपना पूरा ध्यान दें, जो वे विचारते तथा करते हैं उसमें रुचि दिखाएँ, उनके साथ जीवन को साझा करें। हम उन्हें अपने उत्सवों में भी आमंत्रित कर सकते हैं! जब हमारे जीवन परमेश्वर के प्रेम की वास्तविकता को प्रतिबिंबित करते हैं, तब हम औरों के उपयोग के लिए एक स्थाई एवँ उत्तम विरासत छोड़ते हैं। - कीला ओकोआ


यदि किसी ने आपके लिए एक ईश्वरीय विरासत छोड़ी है, 
तो उसे किसी अन्य के जीवन में निवेश करें।

इस कारण मैं इन दुखों को भी उठाता हूं, पर लजाता नहीं, क्योंकि मैं उसे जिस की मैं ने प्रतीति की है, जानता हूं; और मुझे निश्‍चय है, कि वह मेरी थाती की उस दिन तक रखवाली कर सकता है। - 2 तिमुथियुस 1:12

बाइबल पाठ: 2 तिमुथियुस 1: 1-7
2 Timothy 1:1 पौलुस की ओर से जो उस जीवन की प्रतिज्ञा के अनुसार जो मसीह यीशु में है, परमेश्वर की इच्छा से मसीह यीशु का प्रेरित है।
2 Timothy 1:2 प्रिय पुत्र तीमुथियुस के नाम। परमेश्वर पिता और हमारे प्रभु मसीह यीशु की ओर से तुझे अनुग्रह और दया और शान्‍ति मिलती रहे।
2 Timothy 1:3 जिस परमेश्वर की सेवा मैं अपने बाप दादों की रीति पर शुद्ध विवेक से करता हूं, उसका धन्यवाद हो कि अपनी प्रार्थनाओं में तुझे लगातार स्मरण करता हूं।
2 Timothy 1:4 और तेरे आंसुओं की सुधि कर कर के रात दिन तुझ से भेंट करने की लालसा रखता हूं कि आनन्द से भर जाऊं।
2 Timothy 1:5 और मुझे तेरे उस निष्‍कपट विश्वास की सुधि आती है, जो पहिले तेरी नानी लोइस, और तेरी माता यूनीके में थी, और मुझे निश्‍चय हुआ है, कि तुझ में भी है।
2 Timothy 1:6 इसी कारण मैं तुझे सुधि दिलाता हूं, कि तू परमेश्वर के उस वरदान को जो मेरे हाथ रखने के द्वारा तुझे मिला है चमका दे।
2 Timothy 1:7 क्योंकि परमेश्वर ने हमें भय की नहीं पर सामर्थ, और प्रेम, और संयम की आत्मा दी है।

एक साल में बाइबल:  
  • व्यवस्थाविवरण 26-27
  • मरकुस 14:27-53



गुरुवार, 14 मार्च 2019

खुली बाहें



      मैंने और मेरे पति डैन ने अपने वृद्ध माता-पिता की देखभाल करने की सेवा जिस दिन आरंभ की, हमें लगा मानो हमने एक साथ हाथ बाँधकर एक ऊँची चट्टान पर से नीचे गहरी खाई में छलांग लगा दी हो। हमने यह नहीं सोचा था कि इस प्रकार देखभाल करने में जो सबसे कठिन कार्य हमारे सामने होगा वह होगा हमारे हृदयों का टटोला जाना, हमें परमेश्वर द्वारा ढाला जाना, और परमेश्वर द्वारा हमें उसकी समानता में आने के लिए नई रीतियों से बदला जाना।

      जिन दिनों में मुझे लगता था कि मैं बेकाबू होकर नीचे की ओर गिरी जा रही हूँ, परमेश्वर मुझे मेरी अपनी योजनाएँ, मेरे संकोच, मेरे भय, मेरा घमण्ड, और मेरा स्वार्थ दिखाता था। उसने मेरे टूटेपन के द्वारा मेरे प्रति अपने प्रेम और क्षमा का बोध करवाया।

      मेरे पास्टर कहते हैं, “आपका सबसे अच्छा दिन वह होता है जब आप अपने आप को वैसा देखते हो जैसे आप वास्तव में हो – मसीह यीशु के बिना असहाय और अपूर्ण। तब आप अपने आप को वैसा देखें जैसा प्रभु यीशु आपको देखता है – प्रभु में परिपूर्ण और जयवंत।” मेरे जीवन में देखभाल करने के द्वारा आने वाली यही आशीष थी। जब मैंने समझा कि परमेश्वर ने मुझे क्या होने के लिए बनाया है, तो मैं रोती हुई भागकर उसकी बाहों में चली गई। मैंने भी भजनकार के साथ कहा, “हे ईश्वर, मुझे जांच कर जान ले! मुझे परख कर मेरी चिन्ताओं को जान ले!” (भजन 139:23)।

      आपके लिए भी मेरी यही प्रार्थना है – आप भी अपनी परिस्थितियों में आप अपने आप को अपनी वास्तविक स्थिति में देखें और समझें; और, आप भी पलटकर प्रभु परमेश्वर की खुली बाहों में आ जाएँ, उसके प्रेम और क्षमा का आनन्द अनुभव करें। - सहेली बीच, अतिथि लेखिका


जब चिन्ता अन्दर आती है, तो सामर्थ्य बाहर चली जाती है। 
जब हम परमेश्वर के पास आते हैं, सामर्थ्य फिर से आ जाती है।

टूटा मन परमेश्वर के योग्य बलिदान है; हे परमेश्वर, तू टूटे और पिसे हुए मन को तुच्छ नहीं जानता। - भजन 51:17

बाइबल पाठ: भजन 139:17-24
Psalms 139:17 और मेरे लिये तो हे ईश्वर, तेरे विचार क्या ही बहुमूल्य हैं! उनकी संख्या का जोड़ कैसा बड़ा है।
Psalms 139:18 यदि मैं उन को गिनता तो वे बालू के किनकों से भी अधिक ठहरते। जब मैं जाग उठता हूं, तब भी तेरे संग रहता हूं।
Psalms 139:19 हे ईश्वर निश्चय तू दुष्ट को घात करेगा! हे हत्यारों, मुझ से दूर हो जाओ।
Psalms 139:20 क्योंकि वे तेरी चर्चा चतुराई से करते हैं; तेरे द्रोही तेरा नाम झूठी बात पर लेते हैं।
Psalms 139:21 हे यहोवा, क्या मैं तेरे बैरियों से बैर न रखूं, और तेरे विरोधियों से रूठ न जाऊं?
Psalms 139:22 हां, मैं उन से पूर्ण बैर रखता हूं; मैं उन को अपना शत्रु समझता हूं।
Psalms 139:23 हे ईश्वर, मुझे जांच कर जान ले! मुझे परख कर मेरी चिन्ताओं को जान ले!
Psalms 139:24 और देख कि मुझ में कोई बुरी चाल है कि नहीं, और अनन्त के मार्ग में मेरी अगुवाई कर!

एक साल में बाइबल:  
  • व्यवस्थाविवरण 23-25
  • मरकुस 14:1-26



बुधवार, 13 मार्च 2019

व्यक्तिगत



      लंडन की एक भीड़ से भरी हुई लोकल ट्रेन में, प्रातः के समय कार्यस्थल को  जाने वाले एक यात्री ने दूसरे के साथ धक्कामुक्की की और उसका अपमान किया क्योंकि वह उसके मार्ग में आ गया था। वह असंयम का एक खेदजनक पल था जिसका कोई समाधान नहीं था। किन्तु उसी दिन, कुछ समय के पश्चात अप्रत्याशित घटित हो गया। एक व्यवसायिक प्रबंधक ने अपने मित्रों को सोशल मीडिया के माध्यम से एक सन्देश प्रेषित किया – “ज़रा सोचकर बताओ आज नौकरी के लिए साक्षात्कार देने मेरे पास कौन पहुँचा होगा?” जब यह स्पष्टीकरण इंटरनैट पर आया तो सँसार भर में अनेकों लोग चौंके भी और मुस्कुराए भी। उस व्यक्ति का हाल सोचिए जो नौकरी के लिए साक्षात्कार देने पहुँचा और पाया कि जिसने साक्षात्कार के लिए उसका अभिवादन किया वह वही व्यक्ति था जिसे उसने प्रातः धक्का दिया था और उसका अपमान किया था।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में हम देखते हैं कि प्रभु यीशु मसीह में विश्वास लाने से पहले पौलुस, जो तब शाउल के नाम से जाना जाता था, इसी प्रकार एक ऐसे व्यक्ति से जा मिला जिसे देखने की उसे कतई आशा नहीं थी। शाउल प्रभु यीशु के अनुयायियों के विरुद्ध बहुत सक्रीय था, उन्हें पकड़ने और बन्दी बनाने के प्रयास में रहता था, और एक ऐसे ही कार्य के लिए जब वह दमिश्क के मार्ग पर था तो “चलते चलते जब वह दमिश्क के निकट पहुंचा, तो एकाएक आकाश से उसके चारों ओर ज्योति चमकी। और वह भूमि पर गिर पड़ा, और यह शब्द सुना, कि हे शाऊल, हे शाऊल, तू मुझे क्यों सताता है? उसने पूछा; हे प्रभु, तू कौन है? उसने कहा; मैं यीशु हूं; जिसे तू सताता है” (प्रेरितों 9:3-5)।

      इस घटना के वर्षों पहले प्रभु यीशु ने कहा था कि हम भूखे-प्यासों, परदेशीयों, और बंदियों आदि के साथ जैसा व्यवहार करते हैं वह प्रभु के प्रति हमारे रवैये को दिखाता है (मत्ती 25:40)। भला कौन यह सोचेगा कि जब सँसार का कोई व्यक्ति हम मसीही विश्वासियों का अपमान करता है, हमें सताता है, या जब हम परस्पर एक दूसरे की सहायता करते हैं या एक दूसरे को चोट पहुंचाते हैं, तो हमारा प्रभु जो हम में से प्रत्येक से प्रेम करता है, उस व्यवहार को अपने प्रति व्यक्तिगत लेता है। - मार्ट डीहान


जब हम एक दूसरे को सहायता अथवा दुःख देते हैं, यीशु उसे अपने प्रति व्यक्तिगत लेता है।

...मैं तुम से सच कहता हूं, कि तुम ने जो मेरे इन छोटे से छोटे भाइयों में से किसी एक के साथ किया, वह मेरे ही साथ किया। - मत्ती 25:40

बाइबल पाठ: प्रेरितों 26:9-15
Acts 26:9 मैं ने भी समझा था कि यीशु नासरी के नाम के विरोध में मुझे बहुत कुछ करना चाहिए।
Acts 26:10 और मैं ने यरूशलेम में ऐसा ही किया; और महायाजकों से अधिकार पाकर बहुत से पवित्र लोगों को बन्‍दीगृह में डाल, और जब वे मार डाले जाते थे, तो मैं भी उन के विरोध में अपनी सम्मति देता था।
Acts 26:11 और हर आराधनालय में मैं उन्हें ताड़ना दिला दिलाकर यीशु की निन्‍दा करवाता था, यहां तक कि क्रोध के मारे ऐसा पागल हो गया, कि बाहर के नगरों में भी जा कर उन्हें सताता था।
Acts 26:12 इसी धुन में जब मैं महायाजकों से अधिकार और परवाना ले कर दमिश्क को जा रहा था।
Acts 26:13 तो हे राजा, मार्ग में दोपहर के समय मैं ने आकाश से सूर्य के तेज से भी बढ़कर एक ज्योति अपने और अपने साथ चलने वालों के चारों ओर चमकती हुई देखी।
Acts 26:14 और जब हम सब भूमि पर गिर पड़े, तो मैं ने इब्रानी भाषा में, मुझ से यह कहते हुए यह शब्द सुना, कि हे शाऊल, हे शाऊल, तू मुझे क्यों सताता है? पैने पर लात मारना तेरे लिये कठिन है।
Acts 26:15 मैं ने कहा, हे प्रभु तू कौन है? प्रभु ने कहा, मैं यीशु हूं: जिसे तू सताता है।

एक साल में बाइबल:  
  • व्यवस्थाविवरण 20-22
  • मरकुस 13:21-37



मंगलवार, 12 मार्च 2019

उपयोग



      हाल ही में मैं छुट्टीयां मना रहा था, तो मैं दाढ़ी बढ़ाने की सोची। मुझे बड़ी हुई दाढ़ी के साथ देखकर मेरे मित्रों और सहकर्मियों की ओर से विभिन्न प्रतिक्रियाएं आने लगीं – और अधिकांश प्रशंसनीय थीं। किन्तु एक दिन मैंने दाढ़ी के साथ अपने चेहरे को गौर से देखा, और मुझे लगा, “यह मैं नहीं हूँ” और मैंने दाढ़ी हटा दी।

      मैं इस विचार पर मनन कर रहा हूँ कि हम कौन हैं और क्यों एक या दूसरी चीज़ हमारे व्यक्तित्व के साथ सही नहीं लगती है। प्रमुखतः यह इस लिए है क्योंकि परमेश्वर ने हमें व्यक्तिगत भिन्नताएं और रूचियाँ दीं हैं। यह ठीक है कि हम सभी के शौक एक समान नहीं हैं, हम एक ही प्रकार का भोजन पसन्द नहीं करते हैं, या सभी एक ही चर्च भवन में आराधना के लिए नहीं जाते हैं। परमेश्वर का वचन बाइबल हमें बताती है कि हम में से प्रत्येक परमेश्वर द्वारा खास और अद्भुत रीति से रचा गया है (भजन 139:14)। प्रेरित पतरस ने लिखा कि हमें परस्पर एक दूसरे की सेवा में सहयोगी होने के लिए विभिन्न वरदान दिए गए हैं (1पतरस 4:10-11)।

      प्रभु यीशु के शिष्यों ने उसके साथ चलने से पहले अपने चारित्रिक गुणों की समीक्षा नहीं की थी; उन सभी के अपने अपने चरित्र और गुण थे। पतरस  बहुत बड़बोला और आवेग में कार्य करने वाला था, तो थोमा को प्रमाण चाहिए था कि प्रभु यीशु वास्तव में जी उठा है, उसे शेष सब की बात का विश्वास नहीं था। किन्तु प्रभु यीशु सभी को अपने साथ लिए चलता था, सभी को सिखाता और संवारता रहा, सभी को अपनी सेवकाई के लिए उपयोग किया।

      जब हम प्रभु की सेवक करने के विषय में ध्यान करते हैं तो अपने गुणों और योग्यताओं का ध्यान करना अच्छा हो सकता है, परन्तु कभी-कभी हमें यह भी कहना पड़ सकता है, “यह मैं नहीं हूँ” – परमेश्वर हमें हमारी आरामदेह स्थिति से निकालकर किसी भिन्न रीति से हमारा उपयोग कर सकता है। जब वह ऐसा करता है तो हमें उस सेवकाई के अनुसार ढालता और बदलता भी है, सिखाता भी है और उचित मार्गदर्शन भी प्रदान करता है। जब हम उसे उसके रचनात्मक स्वभाव के अनुसार हमें उसकी सेवकाई के लिए उपयोग करने देते हैं तो उसकी अद्भुत कार्य-विधि तथा सामर्थ्य को देखने समझने पाते हैं। - डेव ब्रैनन


सामान्य जन कोई नहीं है – हम सब को विशेष रचा गया है।

मैं तेरा धन्यवाद करूंगा, इसलिये कि मैं भयानक और अद्भुत रीति से रचा गया हूं। तेरे काम तो आश्चर्य के हैं, और मैं इसे भली भांति जानता हूं। - भजन 139:14

बाइबल पाठ: 1पतरस 4: 7-11
1 Peter 4:7 सब बातों का अन्‍त तुरन्त होने वाला है; इसलिये संयमी हो कर प्रार्थना के लिये सचेत रहो।
1 Peter 4:8 और सब में श्रेष्ठ बात यह है कि एक दूसरे से अधिक प्रेम रखो; क्योंकि प्रेम अनेक पापों को ढांप देता है।
1 Peter 4:9 बिना कुड़कुड़ाए एक दूसरे की पहुनाई करो।
1 Peter 4:10 जिस को जो वरदान मिला है, वह उसे परमेश्वर के नाना प्रकार के अनुग्रह के भले भण्‍डारियों के समान एक दूसरे की सेवा में लगाए।
1 Peter 4:11 यदि कोई बोले, तो ऐसा बोले, मानों परमेश्वर का वचन है; यदि कोई सेवा करे; तो उस शक्ति से करे जो परमेश्वर देता है; जिस से सब बातों में यीशु मसीह के द्वारा, परमेश्वर की महिमा प्रगट हो: महिमा और साम्राज्य युगानुयुग उसी का है। आमीन।  

एक साल में बाइबल:  
  • व्यवस्थाविवरण 17-19
  • मरकुस 13:1-20



सोमवार, 11 मार्च 2019

सहायता



      विपत्ति में सहायता माँगने के लिए निर्धारित अंतर्राष्ट्रीय संकेत “May Day” (मे-डे) सदा ही तीन बार – “मे-डे, मे-डे, मे-डे” दोहराया जाता है जिससे खतरनाक आपातकाल में परिस्थति को भली-भांति जीवन के लिए खतरे की स्थिति समझा जा सके। यह संकेत सन 1923 में फ्रेड्रिक स्टैनली मौक्फोर्ड द्वारा बनाया गया था, जो उस समय लंडन के क्रौएडन एयरपोर्ट पर वरिष्ठ रेडियो अफसर थे। अब बन्द किए जा चुके उस हवाई-अड्डे पर फ्रांस के पेरिस शहर से अनेकों उड़ानें आया करती थीं। नैशनल मैरिटाइम म्यूज़ियम के अनुसार मौक्फोर्ड ने यह शब्द फ्रांसीसी शब्द “m’aidez” जिसका अर्थ होता है “मेरी सहायता कीजिए” से बनाया था।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में हम पाते हैं कि राजा दाऊद, अपने जीवन भर खतरनाक जोखिम भरी परिस्थितियों का, जिनसे निकल पाने का मार्ग सूझ नहीं पड़ता था, सामना करता रहा। फिर भी हम भजन 86 में पढ़ते हैं कि अपने सबसे कठिन समय में दाऊद का भरोसा प्रभु पर था: “हे यहोवा मेरी प्रार्थना की ओर कान लगा, और मेरे गिड़गिड़ाने को ध्यान से सुन। संकट के दिन मैं तुझ को पुकारूंगा, क्योंकि तू मेरी सुन लेगा” (पद 6, 7)।

      दाऊद ने तात्कालिक खतरे से आगे के लिए भी परमेश्वर से मार्गदर्शन माँगा, “हे यहोवा अपना मार्ग मुझे दिखा, तब मैं तेरे सत्य मार्ग पर चलूंगा, मुझ को एक चित्त कर कि मैं तेरे नाम का भय मानूं” (पद 11)। जब विपत्ति टल गई, तब भी वह परमेश्वर के साथ ही चलते रहना चाहता था।

      हमारी सबसे अधिक कठिन परिस्थितियाँ हमारे लिए परमेश्वर के साथ और प्रगाढ़ संबंध विकसित करने के मार्ग बन सकती हैं। इसका आरंभ हमारी कठिनाईयों में उसे सहायता के लिए पुकारने के द्वारा होता है। फिर सहायता के बाद उससे मार्गदर्शन पाने के अनुरोध के द्वारा यह और आगे बढ़ता है। - डेविड मैक्कैस्लैंड


परमेश्वर सहायता के लिए हमारी पुकार को सुनता है और हमें अपने मार्ग में लिए चलता है।

जिसका मन तुझ में धीरज धरे हुए हैं, उसकी तू पूर्ण शान्ति के साथ रक्षा करता है, क्योंकि वह तुझ पर भरोसा रखता है। - यशायाह 26:3

बाइबल पाठ: भजन 86:1-13
Psalms 86:1 हे यहोवा कान लगा कर मेरी सुन ले, क्योंकि मैं दीन और दरिद्र हूं।
Psalms 86:2 मेरे प्राण की रक्षा कर, क्योंकि मैं भक्त हूं; तू मेरा परमेश्वर है, इसलिये अपने दास का, जिसका भरोसा तुझ पर है, उद्धार कर।
Psalms 86:3 हे प्रभु मुझ पर अनुग्रह कर, क्योंकि मैं तुझी को लगातार पुकारता रहता हूं।
Psalms 86:4 अपने दास के मन को आनन्दित कर, क्योंकि हे प्रभु, मैं अपना मन तेरी ही ओर लगाता हूं।
Psalms 86:5 क्योंकि हे प्रभु, तू भला और क्षमा करने वाला है, और जितने तुझे पुकारते हैं उन सभों के लिये तू अति करूणामय है।
Psalms 86:6 हे यहोवा मेरी प्रार्थना की ओर कान लगा, और मेरे गिड़गिड़ाने को ध्यान से सुन।
Psalms 86:7 संकट के दिन मैं तुझ को पुकारूंगा, क्योंकि तू मेरी सुन लेगा।
Psalms 86:8 हे प्रभु देवताओं में से कोई भी तेरे तुल्य नहीं, और न किसी के काम तेरे कामों के बराबर हैं।
Psalms 86:9 हे प्रभु जितनी जातियों को तू ने बनाया है, सब आकर तेरे साम्हने दण्डवत करेंगी, और तेरे नाम की महिमा करेंगी।
Psalms 86:10 क्योंकि तू महान और आश्चर्य कर्म करने वाला है, केवल तू ही परमेश्वर है।
Psalms 86:11 हे यहोवा अपना मार्ग मुझे दिखा, तब मैं तेरे सत्य मार्ग पर चलूंगा, मुझ को एक चित्त कर कि मैं तेरे नाम का भय मानूं।
Psalms 86:12 हे प्रभु हे मेरे परमेश्वर मैं अपने सम्पूर्ण मन से तेरा धन्यवाद करूंगा, और तेरे नाम की महिमा सदा करता रहूंगा।
Psalms 86:13 क्योंकि तेरी करूणा मेरे ऊपर बड़ी है; और तू ने मुझ को अधोलोक की तह में जाने से बचा लिया है।  

एक साल में बाइबल:  
  • व्यवस्थाविवरण 14-16
  • मरकुस 12:28-44