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सोमवार, 5 अगस्त 2019

अनुग्रह



      अमेरिका की मास्टर्स गोल्फ स्पर्धा का आरंभ 1934 में हुआ था, और तब से लेकर अब तक केवल तीन ही ऐसे खिलाड़ी हुए हैं जिन्होंने इसे लगातार दो वर्षों तक जीता हो। अप्रैल 10, 2016 को ऐसा लगा कि बाईस-वर्षीय जॉर्डन स्पिथ ऐसा करने वाले चौथे खिलाड़ी बन जाएँगे। परंन्तु ऐसा नहीं होने पाया और उन्हें दूसरे स्थान से ही संतोष करना पड़ा। अपनी हार के बाद, उस वर्ष के विजेता डैनी विल्लेट के प्रति, स्पिथ के व्यवहार में कोई कटुता नहीं थी; उन्होंने डैनी को जीतने की शुभकामनाएँ भी दीं, तथा “गोल्फ से भी अधिक महत्वपूर्ण” एक और उपलब्धि, डैनी के पहले बच्चे के जन्म के लिए उन्हें बधाई भी दी।

      इस विषय पर न्यूयॉर्क टाईम्स में लिखते हुए कैरेन क्राउस ने लिखा, “विजेता को ट्राफी दिए जाने और किसी अन्य की फोटो खींचते देखने के इतने कम समय के पश्चात एक उदार रवैया अपनाने के लिए अनुग्रह की आवश्यकता होती है। प्रतियोगिता के इस सारे सप्ताह चाहे स्पिथ गेंद को निशाने पर ठीक से नहीं खेलने पाए, किन्तु उनका चरित्र और व्यवहार सही निशाने पर ही रहा।”

      परमेश्वर के वचन बाइबल में हम देखते हैं कि कुलुस्से में स्थित मसीह यीशु के अनुयायियों को लिखते हुए पौलुस ने कहा, “अवसर को बहुमूल्य समझ कर बाहर वालों के साथ बुद्धिमानी से बर्ताव करो। तुम्हारा वचन सदा अनुग्रह सहित और सलोना हो, कि तुम्हें हर मनुष्य को उचित रीति से उत्तर देना आ जाए” (कुलुस्सियों 4:5-6)।

      क्योंकि हम मसीही विश्वासियों को परमेश्वर की क्षमा और अनुग्रह सेंत-मेंत बहुतायत से मिली है, इसलिए यह हमारा सौभाग्य तथा दायित्व है कि हम अपने जीवनों से परमेश्वर के इस अनुग्रह की प्रगट गवाही दें और जीवन की प्रत्येक परोस्थिति में, चाहे हम विजयी हों अथवा हारें, औरों के प्रति उस अनुग्रह को अपने जीवनों से प्रदर्शित करें। - डेविड मैक्कैस्लैंड


अनुग्रहपूर्ण शब्द सदा ही सही शब्द होते हैं।

इसलिये कि व्यवस्था तो मूसा के द्वारा दी गई; परन्तु अनुग्रह, और सच्चाई यीशु मसीह के द्वारा पहुंची। - यूहन्ना 1:17

बाइबल पाठ: कुलुस्सियों 4:1-6
Colossians 4:1 हे स्‍वामियों, अपने अपने दासों के साथ न्याय और ठीक ठीक व्यवहार करो, यह समझकर कि स्वर्ग में तुम्हारा भी एक स्‍वामी है।
Colossians 4:2 प्रार्थना में लगे रहो, और धन्यवाद के साथ उस में जागृत रहो।
Colossians 4:3 और इस के साथ ही साथ हमारे लिये भी प्रार्थना करते रहो, कि परमेश्वर हमारे लिये वचन सुनाने का ऐसा द्वार खोल दे, कि हम मसीह के उस भेद का वर्णन कर सकें जिस के कारण मैं कैद में हूं।
Colossians 4:4 और उसे ऐसा प्रगट करूं, जैसा मुझे करना उचित है।
Colossians 4:5 अवसर को बहुमूल्य समझ कर बाहर वालों के साथ बुद्धिमानी से बर्ताव करो।
Colossians 4:6 तुम्हारा वचन सदा अनुग्रह सहित और सलोना हो, कि तुम्हें हर मनुष्य को उचित रीति से उत्तर देना आ जाए।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 68-69
  • रोमियों 8:1-21



रविवार, 4 अगस्त 2019

प्रशिक्षण



      लंबी दूरी के दौड़ के लिए मेरा प्रशिक्षण ठीक नहीं चल रहा था, और हाल ही की मेरी दौड़ बहुत निराशाजनक रही थी। आधे समय तक तो मैं बस चलता ही रहा, और एक समय तो मुझे रुक कर बैठना और विश्राम भी करना पड़ा। मुझे लगा मानों कि मैं एक छोटी-जाँच में अनुतीर्ण रहा हूँ। फिर मुझे ध्यान आया कि प्रशिक्षण का उद्देश ही यह है – कोई जाँच में सफल होना नहीं, और न ही कोई स्थान प्राप्त करना। वरन मेरी सहन-शक्ति सुधरने के लिए बारंबार इसी प्रक्रिया से होकर निकलते रहना।

      संभव है कि आप किसी परिक्षा का सामना कर रहे हों और उसमें अपने प्रदर्शन को लेकर असंतुष्ट हों। परमेश्वर हमें इन परीक्षाओं के समयों से होकर निकलने देता है जिससे हम अपने आत्मिक जीवन और सहनशक्ति में और अधिक मज़बूत तथा दृढ़ हो सकें। वह हमें प्रशिक्षित करता है कि हम और भी अधिक उस पर निर्भर करना, पवित्रता के लिए शुद्ध होना, तथा मसीह यीशु की समानता में बढ़ने वाले हो सकें।

      इसलिए इसमें कोई विस्मय की बात नहीं है कि परमेश्वर के वचन बाइबल में हम पाते हैं कि भजनकार ने परमेश्वर की आराधना की, परमेश्वर के लोगों – इस्राएलियों के दासत्व और निर्वासन में दुःख उठाने में आग और पानी से होकर निकालने के द्वारा परिशुद्ध किए जाने के लिए (भजन 66:10-12)। उस संपूर्ण प्रक्रिया में न केवल परमेश्वर ने उनकी रक्षा की वरन उन्हें एक बहुतायत के स्थान में लेकर भी आया, और ऐसा करते समय उन्हें विशुद्ध भी किया।

      हम जब परीक्षाओं से होकर निकलें, तो अपने बल और दृढ़ बने रहने के लिए परमेश्वर पर निर्भर रहें। वह हमारे कठिन समयों और अनुभवों द्वारा हमें शुद्ध कर रहा है, अपनी उपयोगिता के लिए प्रशिक्षित कर रहा है। - लेस्ली कोह


विश्वास का परखा जाना विश्वास के दृढ़ किए जाने का समय भी हो सकता है।

हे प्रियों, जो दुख रूपी अग्‍नि तुम्हारे परखने के लिये तुम में भड़की है, इस से यह समझ कर अचम्भा न करो कि कोई अनोखी बात तुम पर बीत रही है। पर जैसे जैसे मसीह के दुखों में सहभागी होते हो, आनन्द करो, जिस से उसकी महिमा के प्रगट होते समय भी तुम आनन्‍दित और मगन हो। - 1 पतरस 4:12-13

बाइबल पाठ: भजन 66:8-12
Psalms 66:8 हे देश देश के लोगो, हमारे परमेश्वर को धन्य कहो, और उसकी स्तुति में राग उठाओ,
Psalms 66:9 जो हम को जीवित रखता है; और हमारे पांव को टलने नहीं देता।
Psalms 66:10 क्योंकि हे परमेश्वर तू ने हम को जांचा; तू ने हमें चान्दी के समान ताया था।
Psalms 66:11 तू ने हम को जाल में फंसाया; और हमारी कटि पर भारी बोझ बान्धा था;
Psalms 66:12 तू ने घुड़चढ़ों को हमारे सिरों के ऊपर से चलाया, हम आग और जल से हो कर गए; परन्तु तू ने हम को उबार के सुख से भर दिया है।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 66-67
  • रोमियों 7



शनिवार, 3 अगस्त 2019

शान्ति और भरोसा



      मैं छः वर्ष का था जब मैंने अपने भाइयों के साथ पहली बार रोलर कोस्टर की सैर का आनन्द लिया। जैसे ही तीव्र गति के साथ कोई तीक्षण मोड़ आता, मैं हिचकोले के साथ चिल्लाता, “बस, इसे अभी और यहीं रोको; मुझे इससे उतरना है!” परन्तु वह रोलर कोस्टर रुकता नहीं था और मुझे उसकी सैर पूरी होने तक बहुत ज़ोर से उसे पकडे हुए बैठे रहना पड़ा था।

      कभी-कभी जीवन भी एक अनचाहे रोलर-कोस्टर की सैर के समान प्रतीत हो सकता है, जिसमें अप्रत्याशित मोड़ और सीधी ढलान में नीचे को गिरते जाने की अनुभूति हो सकती है। जब अप्रत्याशित कठिनाइयाँ आएँ, तो परमेश्वर का वचन बाइबल हमें बताती है कि हमारे लिए सबसे उत्तम विकल्प होता है कि परमेश्वर में भरोसा बनाए रखें। वह एक बहुत अशांत समय था जब उसके देश पर आक्रमण का ख़तरा मंडरा रहा था, ऐसे में यशायाह भविष्यद्वक्ता ने पवित्र-आत्मा के अगुवाई में होकर, प्रभु से यह प्रतिज्ञा प्राप्त की: “जिसका मन तुझ में धीरज धरे हुए हैं, उसकी तू पूर्ण शान्ति के साथ रक्षा करता है, क्योंकि वह तुझ पर भरोसा रखता है” (यशायाह 26:3)।

      जो शान्ति हमारा उद्धारकर्ता हमें देता है, जब हम उसकी ओर मुड़ते हैं, वह “समझ से परे है” (फिलिप्पियों 4:7)। मैं स्तन कैंसर से जूझ रही उस महिला के शब्द कभी नहीं भूलूंगा। एक संध्या जब हमारे चर्च के लोगों के एक समूह ने उसके लिए प्रार्थना की, तो उसने कहा, “मैं यह तो नहीं जानती हूँ कि आगे क्या होगा, परन्तु मुझे पता है कि मैं ठीक हो जाऊँगी, क्योंकि आज यहाँ प्रभु उपस्थित था।”

      जीवन में कठिन समय आएँगे, परन्तु हमारा उद्धारकर्ता जो हम से जीवन से भी बढ़कर प्रेम करता है, वह उन सभी कठिनाइयों से सामर्थी है; सदा हमारे साथ रहता है, और उसकी शान्ति में हमारा भरोसा हमें हर परिस्थिति से पार लगाता है। - जेम्स बैंक्स


प्रभु यीशु ही हमारी शान्ति है।

मैं तुम्हें शान्‍ति दिए जाता हूं, अपनी शान्‍ति तुम्हें देता हूं; जैसे संसार देता है, मैं तुम्हें नहीं देता: तुम्हारा मन न घबराए और न डरे। - यूहन्ना 14:27

बाइबल पाठ: यशायाह 26:1-9
Isaiah 26:1 उस समय यहूदा देश में यह गीत गाया जाएगा, हमारा एक दृढ़ नगर है; उद्धार का काम देने के लिये वह उसकी शहरपनाह और गढ़ को नियुक्त करता है।
Isaiah 26:2 फाटकों को खोलो कि सच्चाई का पालन करने वाली एक धर्मी जाति प्रवेश करे।
Isaiah 26:3 जिसका मन तुझ में धीरज धरे हुए हैं, उसकी तू पूर्ण शान्ति के साथ रक्षा करता है, क्योंकि वह तुझ पर भरोसा रखता है।
Isaiah 26:4 यहोवा पर सदा भरोसा रख, क्योंकि प्रभु यहोवा सनातन चट्टान है।
Isaiah 26:5 वह ऊंचे पद वाले को झुका देता, जो नगर ऊंचे पर बसा है उसको वह नीचे कर देता। वह उसको भूमि पर गिराकर मिट्टी में मिला देता है।
Isaiah 26:6 वह पांवों से, वरन दरिद्रों के पैरों से रौंदा जाएगा।
Isaiah 26:7 धर्मी का मार्ग सच्चाई है; तू जो स्वयं सच्चाई है, तू धर्मी की अगुवाई करता है।
Isaiah 26:8 हे यहोवा, तेरे न्याय के मार्ग में हम लोग तेरी बाट जोहते आए हैं; तेरे नाम के स्मरण की हमारे प्राणों में लालसा बनी रहती है।
Isaiah 26:9 रात के समय मैं जी से तरी लालसा करता हूं, मेरा सम्पूर्ण मन यत्न के साथ तुझे ढूंढ़ता है। क्योंकि जब तेरे न्याय के काम पृथ्वी पर प्रगट होते हैं, तब जगत के रहने वाले धर्म की सीखते हैं।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 63-65
  • रोमियों 6



शुक्रवार, 2 अगस्त 2019

प्रेम सेवा



      अपने विद्यार्थियों की ख़राब लिखने की आदतों से परेशान, विख्यात लेखक और कॉलेज के प्रोफ़ेसर डेविड फ़ॉस्टर वॉलेस विचार करने लगे कि वे उनके कौशल को कैसे सुधार सकते हैं। ऐसे में एक चौंका देने वाला प्रश्न उनके सम्मुख आया। प्रोफ़ेसर को अपने आप से पूछना पड़ा कि क्यों कोई विद्यार्थी उनके जैसे “आत्मतुष्टि से भरे हुए, संकीर्ण, घमण्डी, [और] दूसरों को नीचा दिखाने वाले” किसी व्यक्ति की बात को सुनेगा? उन्हें पता था कि उनका घमण्ड एक समस्या है।

      वह प्रोफ़ेसर बदल सकता था, और उसमें परिवर्तन आया भी, परन्तु वह कभी अपना एक विद्यार्थी नहीं बन सका। किन्तु जब प्रभु यीशु मसीह इस पृथ्वी पर आए, तो उन्होंने हमारे समान बनकर हमें प्रत्यक्ष दिखाया कि नम्रता क्या होती है। हर प्रकार की सीमाओं को लांघते हुए, यीशु सभी स्थानों पर लोगों की सेवा करने, उनको सिखाने, और परमेश्वर पिता की इच्छा को पूरा करने के द्वारा सहज रहे।

      जब प्रभु यीशु को क्रूस दिया गया, तो उन्होंने उन्हें क्रूस पर चढ़ाने वालों के क्षमा किए जाने की प्रार्थना की (लूका 23:34)। क्रूस पर टंगे हुए, हर एक साँस लेने की पीड़ा को सहते हुए भी, उन्होंने अपने साथ टंगे हुए एक अपराधी को अनन्त जीवन प्रदान किया (पद 42-43)।

      प्रभु यीशु ने ऐसा क्यों किया? वह हमारे जैसे लोगों की अंतिम साँस तक सेवा क्यों करते रहे? परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रेरित यूहन्ना इसे स्पष्ट करता है, हमारे प्रति अपने प्रगाढ़ प्रेम के कारण! यूहन्ना ने लिखा, “हम ने प्रेम इसी से जाना, कि उसने हमारे लिये अपने प्राण दे दिए” और फिर वह इस बात को दृढ़ता से स्थापित करने के लिए लिखता है “और हमें भी भाइयों के लिये प्राण देना चाहिए” (1 यूहन्ना 3:16)।

      प्रभु यीशु मसीह ने दिखाया कि उनका प्रेम हमारे घमण्ड, आत्मतुष्टि, तथा औरों को नीचा दिखाने के स्वभाव को मिटा देता है। और उन्होंने अपने इस प्रेम-सेवा को सबसे प्रभावी रीति से प्रदर्शित किया – अपने आप को बलिदान करने के द्वारा! – टिम गुस्ताफसन


प्रभु यीशु ने हमारे प्रति प्रेम को हमारी सेवा करने के द्वारा प्रगट किया।

क्योंकि परमेश्वर ने जगत से ऐसा प्रेम रखा कि उसने अपना एकलौता पुत्र दे दिया, ताकि जो कोई उस पर विश्वास करे, वह नाश न हो, परन्तु अनन्त जीवन पाए। - यूहन्ना 3:16

बाइबल पाठ: 1 यूहन्ना 3:11-18
1 John 3:11 क्योंकि जो समाचार तुम ने आरम्भ से सुना, वह यह है, कि हम एक दूसरे से प्रेम रखें।
1 John 3:12 और कैन के समान न बनें, जो उस दुष्‍ट से था, और जिसने अपने भाई को घात किया: और उसे किस कारण घात किया? इस कारण कि उसके काम बुरे थे, और उसके भाई के काम धर्म के थे।
1 John 3:13 हे भाइयों, यदि संसार तुम से बैर करता है तो अचम्भा न करना।
1 John 3:14 हम जानते हैं, कि हम मृत्यु से पार हो कर जीवन में पहुंचे हैं; क्योंकि हम भाइयों से प्रेम रखते हैं: जो प्रेम नहीं रखता, वह मृत्यु की दशा में रहता है।
1 John 3:15 जो कोई अपने भाई से बैर रखता है, वह हत्यारा है; और तुम जानते हो, कि किसी हत्यारे में अनन्त जीवन नहीं रहता।
1 John 3:16 हम ने प्रेम इसी से जाना, कि उसने हमारे लिये अपने प्राण दे दिए; और हमें भी भाइयों के लिये प्राण देना चाहिए।
1 John 3:17 पर जिस किसी के पास संसार की संपत्ति हो और वह अपने भाई को कंगाल देख कर उस पर तरस न खाना चाहे, तो उस में परमेश्वर का प्रेम क्योंकर बना रह सकता है?
1 John 3:18 हे बालकों, हम वचन और जीभ ही से नहीं, पर काम और सत्य के द्वारा भी प्रेम करें।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 60-62
  • रोमियों 5



गुरुवार, 1 अगस्त 2019

आशा



      सन 2011 में, जापान के टोक्यो शहर से उत्तरपूर्व में स्थित इलाके में रिक्टर पैमाने पर 9 माप की तीव्रता वाले भूकंप के कारण लगभग 19,000 लोग मारे गए और 230,000 घर नष्ट हो गए। इसके बाद वहाँ पर नोज़ोमी, जापानी भाषा में जिसका अर्थ होता है ‘आशा,’ परियोजना आरंभ की गई, जिससे वहाँ के लोगों में आय का स्त्रोत, रहने के लिए समुदाय और आदर, तथा प्रावधान उपलब्ध करवाने वाले परमेश्वर के प्रति ‘आशा’ जागृत हो।

      नोज़ोमी परियोजना से जुड़ी महिलाएँ भूकंप से ध्वस्त हुए घरों और सामान के मलबे में से चीनी मिट्टी के टूटे हुए टुकड़े एकत्रित करती हैं, और फिर उन्हें रगड़ तथा घिस कर तथा अन्य वस्तुओं के साथ मिलाकर आभूषण बनाती हैं। ये आभूषण सारे सँसार भर में बेचे जाते हैं, और इन महिलाओं के लिए जीविका का साधन बनते हैं तथा मसीह यीशु में उनके विश्वास के चिन्हों के रूप में भी प्रयोग होते हैं।

      परमेश्वर के वचन बाइबल के नए नियम  खण्ड के लिखे जाने के समय में, मिट्टी के साधारण बर्तनों में बहुमूल्य वस्तुएँ छुपा कर रखने का प्रचलन था। पौलुस इसी बात को लेकर लिखता है कि कैसे मसीह यीशु के अनुयायियों के दुर्बल शरीरों, ‘मिट्टी के बर्तनों’ में, सुसमाचार का खज़ाना रखा गया है (2 कुरिन्थियों 4:7)। वह कहता है कि हम मसीही विश्वासियों के अयोग्य और कभी-कभी टूटे हुए पात्रों से परमेश्वर की सामर्थ्य प्रगट होती है, चाहे हम सिद्ध न भी हों।

      जब परमेश्वर हमारे जीवनों के अपूर्ण और टूटे हुए टुकड़ों में निवास करता है, तो उसकी चंगाई देने वाली सामर्थ्य औरों को दिखाई देती है। हाँ, यह संभव है कि उसके द्वारा हमारे टूटे हुए मनों को जोड़ने और सुधारने के कार्य के बाद लोगों को हमारे जीवनों में कुछ दरारें भी दिखाई दें; परन्तु हमें सिखाने तथा संवारने की वे रेखाएं, वे चिन्ह हैं जो उसके चरित्र तथा सामर्थ्य को और अधिक उजागर करते हैं। - एलिसा मॉर्गन


टूटेपन से भी सम्पूर्णता आ सकती है।

क्योंकि हम जानते हैं, कि जब हमारा पृथ्वी पर का डेरा सरीखा घर गिराया जाएगा तो हमें परमेश्वर की ओर से स्वर्ग पर एक ऐसा भवन मिलेगा, जो हाथों से बना हुआ घर नहीं परन्तु चिरस्थाई है। - 2 कुरिन्थियों 5:1

बाइबल पाठ:  2 कुरिन्थियों 4:7-18
2 Corinthians 4:7 परन्तु हमारे पास यह धन मिट्ठी के बरतनों में रखा है, कि यह असीम सामर्थ्य हमारी ओर से नहीं, वरन परमेश्वर ही की ओर से ठहरे।
2 Corinthians 4:8 हम चारों ओर से क्‍लेश तो भोगते हैं, पर संकट में नहीं पड़ते; निरूपाय तो हैं, पर निराश नहीं होते।
2 Corinthians 4:9 सताए तो जाते हैं; पर त्यागे नहीं जाते; गिराए तो जाते हैं, पर नाश नहीं होते।
2 Corinthians 4:10 हम यीशु की मृत्यु को अपनी देह में हर समय लिये फिरते हैं; कि यीशु का जीवन भी हमारी देह में प्रगट हो।
2 Corinthians 4:11 क्योंकि हम जीते जी सर्वदा यीशु के कारण मृत्यु के हाथ में सौंपे जाते हैं कि यीशु का जीवन भी हमारे मरणहार शरीर में प्रगट हो।
2 Corinthians 4:12 सो मृत्यु तो हम पर प्रभाव डालती है और जीवन तुम पर।
2 Corinthians 4:13 और इसलिये कि हम में वही विश्वास की आत्मा है, (जिस के विषय मे लिखा है, कि मैं ने विश्वास किया, इसलिये मैं बोला) सो हम भी विश्वास करते हैं, इसी लिये बोलते हैं।
2 Corinthians 4:14 क्योंकि हम जानते हैं, जिसने प्रभु यीशु को जिलाया, वही हमें भी यीशु में भागी जानकर जिलाएगा, और तुम्हारे साथ अपने साम्हने उपस्थित करेगा।
2 Corinthians 4:15 क्योंकि सब वस्तुएं तुम्हारे लिये हैं, ताकि अनुग्रह बहुतों के द्वारा अधिक हो कर परमेश्वर की महिमा के लिये धन्यवाद भी बढ़ाए।
2 Corinthians 4:16 इसलिये हम हियाव नहीं छोड़ते; यद्यपि हमारा बाहरी मनुष्यत्‍व नाश भी होता जाता है, तौभी हमारा भीतरी मनुष्यत्‍व दिन प्रतिदिन नया होता जाता है।
2 Corinthians 4:17 क्योंकि हमारा पल भर का हल्का सा क्‍लेश हमारे लिये बहुत ही महत्‍वपूर्ण और अनन्त महिमा उत्पन्न करता जाता है।
2 Corinthians 4:18 और हम तो देखी हुई वस्‍तुओं को नहीं परन्तु अनदेखी वस्‍तुओं को देखते रहते हैं, क्योंकि देखी हुई वस्तुएं थोड़े ही दिन की हैं, परन्तु अनदेखी वस्तुएं सदा बनी रहती हैं।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 57-59
  • रोमियों 4



बुधवार, 31 जुलाई 2019

नया



      किशोर मसीही विश्वासियों का एक समूह, एक वृद्धाश्रम में लोगों से मिलने के लिए गया। उनमें से एक युवती का ध्यान कमरे के अन्त में एक अकेले पड़े हुए व्यक्ति की ओर गया। उसके पास सोने के लिए एक खाट के अतिरिक्त शायद कुछ और रह नहीं गया था – और उस खाट से वह अपने शरीर की अक्षमता के कारण हिल-डुल नहीं सकता था।

      उस युवती ने तुरंत ही हमारे प्रति परमेश्वर के प्रेम की कहानी उसे बताना आरंभ किया और परमेश्वर के वचन बाइबल से कुछ खण्डों को उसे पढ़कर सुनाया। जैसे-जैसे वह उस वृद्ध को परमेश्वर के प्रेम के बारे में सुनाती और पढ़ कर सुनाती गई, उस युवती ने अनुभव किया कि उस वृद्ध में और अधिक जानने की जिज्ञासा बढ़ने लगी। उसकी इस रुचि का प्रत्युत्तर देते हुए, उस युवती ने वृद्ध को प्रभु यीशु मसीह के बलिदान के चमत्कार के विषय समझाया। युवती ने पाया कि बिना घर-परिवार और बिना केसी आशा के जीवन जी रहे उस वृद्ध के लिए यह समझना कठिन था कि कोई ऐसा भी है जो उसके पापों के लिए क्रूस पर अपना जीवन बलिदान करने के लिए तैयार है, चाहे वे कभी मिले न भी हों।

      युवती ने उसे प्रभु यीशु के विषय और भी बताया – और सभी विश्वास करने वालों के लिए स्वर्ग के वायदे (एक नए शरीर सहित) के विषय भी बताया। वृद्ध ने युवती से पूछा, “क्या ऊपर वहाँ तुम मेरे साथ्नाचोगी?” युवती को आभास हुआ कि वह अपने इस क्षीण हो चुके शरीर और उसकी अशक्त कर देने वाली सीमाओं से मुक्त हुए जीवन के बारे में सोच रहा था। जब वृद्ध ने कहा कि वह प्रभु यीशु मसीह को अपना मुक्तिदाता स्वीकार करना चाहता है, तो युवती ने क्षमा और विश्वास की प्रार्थना करने में उसकी सहायता की। जब युवती ने पूछा कि क्या वह उसके साथ एक फोटो खिंचवाने की अनुमति देगा, तो उसने उत्तर दिया कि फोटो खिंचवाएगा, यदि वह बैठने में उसकी सहायता करेगी; क्योंकि अब वह एक नया आदमी है।

      परमेश्वर की स्तुति हो प्रभु यीशु मसीह के जीवन बदलने, आशा प्रदान करने वाले, सबके लिए सेंट-मेंत में उपलब्ध सुसमाचार के लिए। जितने प्रभु में विश्वास लाते हैं उन्हें नया जीवन प्राप्त होता है (कुलुस्सियों 1:5, 23)।  - डेव ब्रैनन


प्रभु यीशु नया जीवन प्रदान करता है।

यदि तुम विश्वास की नेव पर दृढ़ बने रहो, और उस सुसमाचार की आशा को जिसे तुम ने सुना है न छोड़ो, जिस का प्रचार आकाश के नीचे की सारी सृष्‍टि में किया गया; और जिस का मैं पौलुस सेवक बना। - कुलुस्सियों 1:23

बाइबल पाठ: कुलुस्सियों 1:3-14
Colossians 1:3 हम तुम्हारे लिये नित प्रार्थना कर के अपने प्रभु यीशु मसीह के पिता अर्थात परमेश्वर का धन्यवाद करते हैं।
Colossians 1:4 क्योंकि हम ने सुना है, कि मसीह यीशु पर तुम्हारा विश्वास है, और सब पवित्र लोगों से प्रेम रखते हो।
Colossians 1:5 उस आशा की हुई वस्तु के कारण जो तुम्हारे लिये स्वर्ग में रखी हुई है, जिस का वर्णन तुम उस सुसमाचार के सत्य वचन में सुन चुके हो।
Colossians 1:6 जो तुम्हारे पास पहुंचा है और जैसा जगत में भी फल लाता, और बढ़ता जाता है; अर्थात जिस दिन से तुम ने उसको सुना, और सच्चाई से परमेश्वर का अनुग्रह पहिचाना है, तुम में भी ऐसा ही करता है।
Colossians 1:7 उसी की शिक्षा तुम ने हमारे प्रिय सहकर्मी इपफ्रास से पाई, जो हमारे लिये मसीह का विश्वास योग्य सेवक है।
Colossians 1:8 उसी ने तुम्हारे प्रेम को जो आत्मा में है हम पर प्रगट किया।
Colossians 1:9 इसी लिये जिस दिन से यह सुना है, हम भी तुम्हारे लिये यह प्रार्थना करने और बिनती करने से नहीं चूकते कि तुम सारे आत्मिक ज्ञान और समझ सहित परमेश्वर की इच्छा की पहिचान में परिपूर्ण हो जाओ।
Colossians 1:10 ताकि तुम्हारा चाल-चलन प्रभु के योग्य हो, और वह सब प्रकार से प्रसन्न हो, और तुम में हर प्रकार के भले कामों का फल लगे, और परमेश्वर की पहिचान में बढ़ते जाओ।
Colossians 1:11 और उस की महिमा की शक्ति के अनुसार सब प्रकार की सामर्थ से बलवन्‍त होते जाओ, यहां तक कि आनन्द के साथ हर प्रकार से धीरज और सहनशीलता दिखा सको।
Colossians 1:12 और पिता का धन्यवाद करते रहो, जिसने हमें इस योग्य बनाया कि ज्योति में पवित्र लोगों के साथ मीरास में समभागी हों।
Colossians 1:13 उसी ने हमें अन्धकार के वश से छुड़ाकर अपने प्रिय पुत्र के राज्य में प्रवेश कराया।
Colossians 1:14 जिस में हमें छुटकारा अर्थात पापों की क्षमा प्राप्त होती है।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 54-56
  • रोमियों 3



मंगलवार, 30 जुलाई 2019

पीढ़ीयाँ



      मेरे माता-पिता का विवाह 1933 में हुआ जो आर्थिक महा-मंदी का समय था। मैं और मेरी पत्नि तब जन्मे थे जब द्वितीय विश्व-युद्ध के पश्चात बच्चों के जन्म-दर में नाटकीय उछाल आया था। हमारी चार बेटियों ने, सत्तर और अस्सी के दशकों के भिन्न-भिन्न वातावरण में जन्म लिया। क्योंकि हम सब इतने भिन्न समयों और परिस्थितियों में जन्मे और बड़े हुए, इसलिए इसमें अचंभे की कोई बात नहीं है कि अनेकों बातों के बारे में हम भिन्न राय रखते हैं।

      जीवन के अनुभवों और और मूल्यों में पीढ़ियों के दृष्टिकोणों में बहुत अन्तर होते हैं। यही बात प्रभु यीशु मसीह के अनुयायियों में भी देखी जाती है। किन्तु हम चाहे जैसे भी वस्त्र पहनना या संगीत सुनना पसन्द करते हों, हमारा आत्मिक संबंध उन भिन्नताओं से अधिक सुदृढ़ है।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में भजन 145 परमेश्वर की स्तुति और प्रशंसा का एक महान भजन है जो हमारे विश्वास के बंधनों को बताता है, “तेरे कामों की प्रशंसा और तेरे पराक्रम के कामों का वर्णन, पीढ़ी पीढ़ी होता चला जाएगा” (पद 4)। आयु और अनुभवों की बहुत भिन्नता के बावजूद, हम प्रभु को आदर देने के द्वारा साथ हो जाते हैं, और “वे तेरे राज्य की महिमा की चर्चा करेंगे, और तेरे पराक्रम के विषय में बातें करेंगे” (पद 11)।

      हो सकता है कि इन भिन्नताओं और व्यक्तिगत पसंदों के कारण हम विभाजित हों, परन्तु प्रभु यीशु मसीह में लाए गए साझा विश्वास के कारण, परस्पर विश्वास, प्रोत्साहन, और आराधना में हम एक साथ हो जाते हैं। हम चाहे किसी भी पीढ़ी के क्यों न हों, हम एक-दूसरे से सीख सकते हैं और साथ मिलकर परमेश्वर को आदर और महिमा दे सकते हैं, “कि वे आदमियों पर तेरे पराक्रम के काम और तेरे राज्य के प्रताप की महिमा प्रगट करें” (पद 12)। - डेविड मैक्कैस्लैंड


परमेश्वर का राज्य सभी पीढ़ियों में सजीव और सक्रीय बना रहता है।

हे परमेश्वर, तेरा सिंहासन सदा सर्वदा बना रहेगा; तेरा राजदण्ड न्याय का है। - भजन 45:6

बाइबल पाठ: भजन 145:1-13
Psalms 145:1 हे मेरे परमेश्वर, हे राजा, मैं तुझे सराहूंगा, और तेरे नाम को सदा सर्वदा धन्य कहता रहूंगा।
Psalms 145:2 प्रति दिन मैं तुझ को धन्य कहा करूंगा, और तेरे नाम की स्तुति सदा सर्वदा करता रहूंगा।
Psalms 145:3 यहोवा महान और अति स्तुति के योग्य है, और उसकी बड़ाई अगम है।
Psalms 145:4 तेरे कामों की प्रशंसा और तेरे पराक्रम के कामों का वर्णन, पीढ़ी पीढ़ी होता चला जाएगा।
Psalms 145:5 मैं तेरे ऐश्वर्य की महिमा के प्रताप पर और तेरे भांति भांति के आश्चर्यकर्मों पर ध्यान करूंगा।
Psalms 145:6 लोग तेरे भयानक कामों की शक्ति की चर्चा करेंगे, और मैं तेरे बड़े बड़े कामों का वर्णन करूंगा।
Psalms 145:7 लोग तेरी बड़ी भलाई का स्मरण कर के उसकी चर्चा करेंगे, और तेरे धर्म का जयजयकार करेंगे।
Psalms 145:8 यहोवा अनुग्रहकारी और दयालु, विलम्ब से क्रोध करने वाला और अति करूणामय है।
Psalms 145:9 यहोवा सभों के लिये भला है, और उसकी दया उसकी सारी सृष्टि पर है।
Psalms 145:10 हे यहोवा, तेरी सारी सृष्टि तेरा धन्यवाद करेगी, और तेरे भक्त लोग तुझे धन्य कहा करेंगे!
Psalms 145:11 वे तेरे राज्य की महिमा की चर्चा करेंगे, और तेरे पराक्रम के विषय में बातें करेंगे;
Psalms 145:12 कि वे आदमियों पर तेरे पराक्रम के काम और तेरे राज्य के प्रताप की महिमा प्रगट करें।
Psalms 145:13 तेरा राज्य युग युग का और तेरी प्रभुता सब पीढ़ियों तक बनी रहेगी।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 51-53
  • रोमियों 2