ई-मेल संपर्क / E-Mail Contact

इन संदेशों को ई-मेल से प्राप्त करने के लिए अपना ई-मेल पता इस ई-मेल पर भेजें : rozkiroti@gmail.com / To Receive these messages by e-mail, please send your e-mail id to: rozkiroti@gmail.com

बुधवार, 11 सितंबर 2019

समझ



      पास्टर जौन बैबलर टेक्सस शहर के पुलिस तथा अग्निशमन विभागों के कर्मचारियों के लिए पादरी का काम करते हैं। उन्होंने अपने काम से बाईस सप्ताह का विश्राम अवकाश लेकर, पुलिस प्रशिक्षण कोर्स को किया जिससे वे पुलिस कर्मियों द्वारा, उनके कर्तव्य के निर्वाह के समय में आने वाली परिस्थितियों को बेहतर समझ सकें। अन्य प्रशिक्षार्थियों के साथ समय बिताने और उनके कार्य के साथ जुड़ी हुई तीव्र चुनौतियों के बारे में जानकारी लेने के कारण बैबलर में उनके लिए एक नई सहानुभूति और दीनता जागृत हुई। उन्हें लगता है कि भविष्य में वे उन पुलिस अफसरों की और प्रभावी रीति से सहायता कर पाएँगे और उन्हें परामर्श देने पाएँगे जो  भावनात्मक तनाव, थकान, और क्षति के कारण संघर्ष कर रहे हैं।

      हम जानते हैं कि परमेश्वर हमारी सभी परिस्थितियों को जानता है क्योंकि उस ही ने हमें बनाया है, तथा जो कुछ भी हमारे साथ होता है, वह सब देखता है। हम यह भी जानते हैं कि वह हमारी हर परिस्थिति को समझता है, क्योंकि वह पृथ्वी पर मनुष्य बनाकर रहा है “वचन देहधारी हुआ; और अनुग्रह और सच्चाई से परिपूर्ण हो कर हमारे बीच में डेरा किया” (यूहन्ना 1:14), मनुष्य के सभी अनुभवों से होकर निकला है।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में हम देखते हैं कि प्रभु यीशु के आरंभिक जीवन में अनेकों प्रकार की कठिनाइयाँ थीं। उन्होंने तेज धूप के कष्ट, भूखे पेट की पीड़ा, बेघर होने की अनिश्चितता, सभी को सहा है। भावनात्मक रूप में, उन्होंने असहमति के तनावों, धोखा खाने की जलन, और लगातार उत्पीड़न की व्यथा को सहा है।

      प्रभु यीशु ने मित्रता के आनन्द और परिवार के प्रेम का भी आनन्द पाया है और पृथ्वी पर हम जिन सबसे बुरी समस्याओं का सामना करते हैं उन्हें भी सहन किया है। इसलिए वह हमें हर परिस्थिति में, हर बात के लिए आशा और सांत्वना प्रदान कर सकते हैं। वे ऐसे अद्भुत परामर्शदाता हैं जो हमारी समस्याओं और चिंताओं के लिए सहनशीलता से हमारी ओर कान लगाए रहते हैं, और हमें उचित सलाह तथा मार्गदर्शन दे सकते हैं।

      केवल प्रभु यीशु ही हैं जो यह कह सकते हैं कि “मैं इन सब बातों से होकर निकला हूँ; मैं समझता हूँ।” – जेनिफर बेन्सन शुल्ट

प्रभु परमेश्वर हमारे संघर्षों को समझता है।

क्योंकि हमारा ऐसा महायाजक नहीं, जो हमारी निर्बलताओं में हमारे साथ दुखी न हो सके; वरन वह सब बातों में हमारे समान परखा तो गया, तौभी निष्‍पाप निकला। - इब्रानियों 4:15

बाइबल पाठ: यूहन्ना 1:1-18
John 1:1 आदि में वचन था, और वचन परमेश्वर के साथ था, और वचन परमेश्वर था।
John 1:2 यही आदि में परमेश्वर के साथ था।
John 1:3 सब कुछ उसी के द्वारा उत्पन्न हुआ और जो कुछ उत्पन्न हुआ है, उस में से कोई भी वस्तु उसके बिना उत्पन्न न हुई।
John 1:4 उस में जीवन था; और वह जीवन मुनष्यों की ज्योति थी।
John 1:5 और ज्योति अन्धकार में चमकती है; और अन्धकार ने उसे ग्रहण न किया।
John 1:6 एक मनुष्य परमेश्वर की ओर से आ उपस्थित हुआ जिस का नाम यूहन्ना था।
John 1:7 यह गवाही देने आया, कि ज्योति की गवाही दे, ताकि सब उसके द्वारा विश्वास लाएं।
John 1:8 वह आप तो वह ज्योति न था, परन्तु उस ज्योति की गवाही देने के लिये आया था।
John 1:9 सच्ची ज्योति जो हर एक मनुष्य को प्रकाशित करती है, जगत में आनेवाली थी।
John 1:10 वह जगत में था, और जगत उसके द्वारा उत्पन्न हुआ, और जगत ने उसे नहीं पहिचाना।
John 1:11 वह अपने घर आया और उसके अपनों ने उसे ग्रहण नहीं किया।
John 1:12 परन्तु जितनों ने उसे ग्रहण किया, उसने उन्हें परमेश्वर की सन्तान होने का अधिकार दिया, अर्थात उन्हें जो उसके नाम पर विश्वास रखते हैं।
John 1:13 वे न तो लोहू से, न शरीर की इच्छा से, न मनुष्य की इच्छा से, परन्तु परमेश्वर से उत्पन्न हुए हैं।
John 1:14 और वचन देहधारी हुआ; और अनुग्रह और सच्चाई से परिपूर्ण हो कर हमारे बीच में डेरा किया, और हम ने उस की ऐसी महिमा देखी, जैसी पिता के एकलौते की महिमा।
John 1:15 यूहन्ना ने उसके विषय में गवाही दी, और पुकारकर कहा, कि यह वही है, जिस का मैं ने वर्णन किया, कि जो मेरे बाद आ रहा है, वह मुझ से बढ़कर है क्योंकि वह मुझ से पहिले था।
John 1:16 क्योंकि उस की परिपूर्णता से हम सब ने प्राप्त किया अर्थात अनुग्रह पर अनुग्रह।
John 1:17 इसलिये कि व्यवस्था तो मूसा के द्वारा दी गई; परन्तु अनुग्रह, और सच्चाई यीशु मसीह के द्वारा पहुंची।
John 1:18 परमेश्वर को किसी ने कभी नहीं देखा, एकलौता पुत्र जो पिता की गोद में हैं, उसी ने उसे प्रगट किया।

एक साल में बाइबल: 
  • नीतिवचन 10-12
  • 2 कुरिन्थियों 4



मंगलवार, 10 सितंबर 2019

सन्देश



      मेरी माँ और उनकी बहनें अभी भी परस्पर कुछ ऐसा करती हैं जो एक लुप्त होती जा रही कला है – पत्र लिखना। प्रति सप्ताह, बिना किसी चूक के, वे एक दूसरे को व्यक्तिगत पत्र लिखती हैं; और इसलिए उनमें से एक के डाकिए को चिंता होने लगती है यदि उसके पास उन्हें देने के लिए चिट्ठी नहीं होती है। उनके पत्रों में जीवन की बातों का आनन्द, मित्रों तथा परिवार जनों से संबंधित दिन-प्रतिदिन की गतिविधियों तथा घटनाओं की मज़ेदार बातें और दिल को दुखाने वाले किस्से भी होते हैं।

      मुझे अपने परिवार की इन महिलाओं द्वारा किए जाने वाले इस नियमित अभ्यास पर मनन करना पसन्द है। इससे मुझे परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रेरित पौलुस के द्वारा प्रभु यीशु मसीह के अनुयायियों को कही गई एक बात और भी अधिक सराहनीय लगती है कि “यह प्रगट है, कि तुम मसीह की पत्री हो, जिस को हम ने सेवकों के समान लिखा; और जो सियाही से नहीं, परन्तु जीवते परमेश्वर के आत्मा से पत्थर की पटियों पर नहीं, परन्तु हृदय की मांस रूपी पटियों पर लिखी है” (2 कुरिन्थियों 3:3)। पौलुस ने यह बात कोरिन्थ के मसीही विश्वासियों को लिखी अपनी पत्री में उन झूठे उपदेशकों की गलत शिक्षाओं के प्रत्युत्तर में कही, जो पौलुस द्वारा उन विश्वासियों को दी गई शिक्षाओं का विरोध कर रहे थे (देखे कुरिन्थियों 11)।

      पौलुस ने कोरिन्थ की मसीही विश्वासियों की मण्डली को प्रोत्साहित किया कि वे सच्चे और जीवते परमेश्वर का अनुसरण वैसे ही करते रहें, जैसा कि उसने उन्हें सिखाया था। उन्हें यह समझाते हुए, पौलुस ने उन मसीही विश्वासियों को विस्मरणीय रूप में मसीह की पत्री बताया, और यह कि उनके परिवर्तित जीवन पौलुस की सेवकाई के द्वारा उनमें हुए पवित्र-आत्मा के कार्य की इतनी प्रबल गवाही है जितनी कभी कोई लिखित पत्री नहीं हो सकती है।

      यह कितना अद्भुत है कि आज परमेश्वर का पवित्र-आत्मा हम में अनुग्रह और छुटकारे की गवाही का पत्र लिखता है। लिखित शब्द चाहे जितने भी सार्थक और प्रभावी क्यों न हों, लेकिन सुसमाचार के सत्य के सबसे प्रबल और प्रभावी गवाह हमारे परिवर्तित जीवन हैं, जो हमारे चरित्र और व्यवहार में आए दयालुता, सेवा, कृतज्ञता, और आनन्द के भावों द्वारा मसीह यीशु के प्रभाव के विषय बताते हैं।

      हमारे कार्यों और व्यवहार के द्वारा प्रभु अपने अनन्त-जीवन देने वाले प्रेम के सुसमाचार को लोगों में फैलाता है। आज आपका जीवन लोगों को क्या सन्देश दे रहा है? – एमी बाउचर पाई

हम मसीह की पत्रियां हैं।

परन्तु परमेश्वर का धन्यवाद हो, जो मसीह में सदा हम को जय के उत्‍सव में लिये फिरता है, और अपने ज्ञान का सुगन्‍ध हमारे द्वारा हर जगह फैलाता है। क्योंकि हम परमेश्वर के निकट उद्धार पाने वालों, और नाश होने वालों, दोनों के लिये मसीह के सुगन्‍ध हैं। - 2 कुरिन्थियों 2:14-15

बाइबल पाठ: 2 कुरिन्थियों 3:1-6
2 Corinthians 3:1 क्या हम फिर अपनी बड़ाई करने लगे? या हमें कितनों के समान सिफारिश की पत्रियां तुम्हारे पास लानी या तुम से लेनी हैं?
2 Corinthians 3:2 हमारी पत्री तुम ही हो, जो हमारे हृदयों पर लिखी हुई है, और उसे सब मनुष्य पहिचानते और पढ़ते है।
2 Corinthians 3:3 यह प्रगट है, कि तुम मसीह की पत्री हो, जिस को हम ने सेवकों के समान लिखा; और जो सियाही से नहीं, परन्तु जीवते परमेश्वर के आत्मा से पत्थर की पटियों पर नहीं, परन्तु हृदय की मांस रूपी पटियों पर लिखी है।
2 Corinthians 3:4 हम मसीह के द्वारा परमेश्वर पर ऐसा ही भरोसा रखते हैं।
2 Corinthians 3:5 यह नहीं, कि हम अपने आप से इस योग्य हैं, कि अपनी ओर से किसी बात का विचार कर सकें; पर हमारी योग्यता परमेश्वर की ओर से है।
2 Corinthians 3:6 जिसने हमें नई वाचा के सेवक होने के योग्य भी किया, शब्द के सेवक नहीं वरन आत्मा के; क्योंकि शब्द मारता है, पर आत्मा जिलाता है।

एक साल में बाइबल: 
  • नीतिवचन 8-9
  • 2 कुरिन्थियों 3



सोमवार, 9 सितंबर 2019

परमेश्वर



      लेखक और पास्टर इरविन लुत्ज़र ने टेलिविज़न के कार्यक्रमों में मेज़बान बनने वाले आर्ट लिंक्लेटर और एक छोटे लड़के की कहानी दोहराई। वह लड़का परमेश्वर का एक चित्र बना रहा था। उसे यह करता देख कर, लिंक्लेटर ने मुस्कुराते हुए उससे कहा, “तुम ऐसा नहीं कर सकते हो क्योंकि कोई नहीं जानता है कि परमेश्वर कैसा दिखाई देता है!” उस लड़के ने बिना किसी हिचकिचाहट के तुरंत ही उत्तर दिया, “मैं जब अपना काम पूरा कर लूँगा, तब सब जान जाएँगे।”

      हम अचरज कर सकते हैं कि परमेश्वर कैसा है? क्या वह भला है? क्या वह दयालु है? क्या वह चिंता करता है? इन प्रश्नों का उत्तर हमें परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रभु यीशु द्वारा, उनके एक शिष्य फिलिप्पुस द्वारा किए गए एक आग्रह, “हे प्रभु, पिता को हमें दिखा दे: यही हमारे लिये बहुत है” का प्रभु द्वारा दिए गए उत्तर में मिलता है। प्रभु यीशु ने कहा, “हे फिलेप्पुस, मैं इतने दिन से तुम्हारे साथ हूं, और क्या तू मुझे नहीं जानता? जिसने मुझे देखा है उसने पिता को देखा है: तू क्यों कहता है कि पिता को हमें दिखा” (यूहन्ना 14:8-9)।

      यदि आप में कभी भी परमेश्वर को देखने की जिज्ञासा जागृत हो, तो प्रभु यीशु की ओर देखें। पौलुस ने कहा, “वह तो अदृश्य परमेश्वर का प्रतिरूप और सारी सृष्‍टि में पहिलौठा है” (कुलुस्सियों 1:15)। बाइबल के नए नियम खण्ड के आरंभ के चारों सुसमाचारों: मत्ती, मरकुस, लूका, यूहन्ना को पढ़िए। उनमें प्रभु यीशु ने जो कुछ किया और कहा उस पर मनन कीजिए, और पढ़ते हुए उसके आधार पर अपने मन में प्रभु परमेश्वर का एक चित्र बनाईए। जब आप पूरा पढ़ चुकेंगे तो आप बहुत कुछ जान चुकेंगे कि परमेश्वर क्या और कैसा है।

      एक बार मेरे एक मित्र ने मुझ से कहा था कि जिस एकमात्र परमेश्वर को वह विश्वास करने के योग्य पाता है वह वही है जो उसे प्रभु यीशु में होकर दिखाई देता है। यदि आप ध्यान से देखेंगे तो मेरा मानना है कि आप भी उसके साथ सहमत होंगे। जब आप उसके बारे में पढ़ेंगे, तो आपका हृदय पुलकित होगा, क्योंकि चाहे आप यह न जानते हों, परन्तु प्रभु यीशु ही वह परमेश्वर है जिसे आप जीवन भर खोजते आए हैं। - डेविड रोपर

हम जितनी अधिक स्पष्टता से परमेश्वर को देखते हैं, 
उतनी ही अधिक स्पष्टता से अपने आप को देखने पाते हैं। - इरविन लुत्ज़र

इसलिये कि परमेश्वर ही है, जिसने कहा, कि अन्धकार में से ज्योति चमके; और वही हमारे हृदयों में चमका, कि परमेश्वर की महिमा की पहिचान की ज्योति यीशु मसीह के चेहरे से प्रकाशमान हो। - 2 कुरिन्थियों 4:6

बाइबल पाठ: यूहन्ना 14:1-12
John 14:1 तुम्हारा मन व्याकुल न हो, तुम परमेश्वर पर विश्वास रखते हो मुझ पर भी विश्वास रखो।
John 14:2 मेरे पिता के घर में बहुत से रहने के स्थान हैं, यदि न होते, तो मैं तुम से कह देता क्योंकि मैं तुम्हारे लिये जगह तैयार करने जाता हूं।
John 14:3 और यदि मैं जा कर तुम्हारे लिये जगह तैयार करूं, तो फिर आकर तुम्हें अपने यहां ले जाऊंगा, कि जहां मैं रहूं वहां तुम भी रहो।
John 14:4 और जहां मैं जाता हूं तुम वहां का मार्ग जानते हो।
John 14:5 थोमा ने उस से कहा, हे प्रभु, हम नहीं जानते कि तू हां जाता है तो मार्ग कैसे जानें?
John 14:6 यीशु ने उस से कहा, मार्ग और सच्चाई और जीवन मैं ही हूं; बिना मेरे द्वारा कोई पिता के पास नहीं पहुंच सकता।
John 14:7 यदि तुम ने मुझे जाना होता, तो मेरे पिता को भी जानते, और अब उसे जानते हो, और उसे देखा भी है।
John 14:8 फिलेप्पुस ने उस से कहा, हे प्रभु, पिता को हमें दिखा दे: यही हमारे लिये बहुत है।
John 14:9 यीशु ने उस से कहा; हे फिलेप्पुस, मैं इतने दिन से तुम्हारे साथ हूं, और क्या तू मुझे नहीं जानता? जिसने मुझे देखा है उसने पिता को देखा है: तू क्यों कहता है कि पिता को हमें दिखा।
John 14:10 क्या तू प्रतीति नहीं करता, कि मैं पिता में हूं, और पिता मुझ में हैं? ये बातें जो मैं तुम से कहता हूं, अपनी ओर से नहीं कहता, परन्तु पिता मुझ में रहकर अपने काम करता है।
John 14:11 मेरी ही प्रतीति करो, कि मैं पिता में हूं; और पिता मुझ में है; नहीं तो कामों ही के कारण मेरी प्रतीति करो।
John 14:12 मैं तुम से सच सच कहता हूं, कि जो मुझ पर विश्वास रखता है, ये काम जो मैं करता हूं वह भी करेगा, वरन इन से भी बड़े काम करेगा, क्योंकि मैं पिता के पास जाता हूं।

एक साल में बाइबल: 
  • नीतिवचन 6-7
  • 2 कुरिन्थियों 2



रविवार, 8 सितंबर 2019

संभाल



      हाल ही में मुझे अपने कॉलेज के समय में लिखी गई डायरियां मिलीं, और मैं उन्हें फिर से पढ़ने लगी। उन डायरियों में लिखी बातों को पढ़ने से मुझे एहसास हुआ कि मैं अपने बारे में तब वैसे विचार नहीं रखती थे, जैसे आज रखती हूँ। उस समय अकेलेपन और मेरे मसीही विश्वासों के प्रति संदेह के संघर्ष मुझे बहुत विवश करने वाले प्रतीत होते थे। परन्तु अब जब मैं पीछे मुड़कर अपनी जीवन यात्रा के पड़ावों को देखती हूँ, तो मुझे स्पष्ट दिखाई देता है कि परमेश्वर मुझे कैसे संभाल कर लाया है। यह स्मरण करने से कि कैसे उस कठिन लगने वाले समय में भी परमेश्वर बड़ी कोमलता से मेरी अगुवाई एवँ सहायता करता आया था, मुझे भरोसा होता है कि आज जो अभिभूत करने वाला प्रतीत हो रहा है, वही कुछ समय के बाद उसके चँगा करने वाले और संभाले रखने वाले प्रेम की गाथा का एक भाग होगा।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में भजन 30 एक उत्सव मनाने का भजन है, जहाँ भजनकार इसी प्रकार से पीछे मुड़कर जीवन के अनुभवों को देखता है और अचरज करता है, कृतज्ञ होता है, कि परमेश्वर कैसी सामर्थी रीति से संभाले रहा – रोग से निरोगी होने में, मृत्यु के जोखिम से जीवित निकाल लाने में, परमेश्वर के न्याय का सामना करने से उसकी कृपा का अनुभव करने में, शोक से आनन्द मनाने में (पद 2, 3, 11)।

      दाउद को इस भजन का लेखक माना जाता है, और दाऊद ने पवित्र-शास्त्र में कुछ अत्यंत शोकपूर्ण विलाप के भजन लिखे हैं। परन्तु दाऊद ने इतने अद्भुत बहाल किए जाने का भी अनुभव किया है, जिसके कारण वह लिख सका कि, “क्योंकि उसका क्रोध, तो क्षण भर का होता है, परन्तु उसकी प्रसन्नता जीवन भर की होती है। कदाचित् रात को रोना पड़े, परन्तु सबेरे आनन्द पहुंचेगा” (पद 5)। दाऊद द्वारा अनुभव किए गए उस दुःख और पीड़ा के साथ ही, उसने कुछ इससे भी बढ़कर अनुभव किया – परमेश्वर का चंगाई देने वाला सामर्थी हाथ।

      यदि आज आप दुखित हैं, और आपको संभाल तथा प्रोत्साहन की आवश्यकता है, तो अपने जीवन के उन समयों को स्मरण कीजिए जब परमेश्वर आपको संभाले रहा, और कठिन परिस्थितियों में से भी सुरक्षित निकाल लाया; वह पहले भी संभालता आया है, और आगे भी संभालता रहेगा। - मोनिका ब्रैंड्स


हमारे जीवन के दुखों में से भी परमेश्वर प्रेमपूर्वक हमें संभाले हुए,
 आनन्द और बहाली की ओर ले जा रहा है।

हे इस्राएल तेरा रचने वाला और हे याकूब तेरा सृजनहार यहोवा अब यों कहता है, मत डर, क्योंकि मैं ने तुझे छुड़ा लिया है; मैं ने तुझे नाम ले कर बुलाया है, तू मेरा ही है। जब तू जल में हो कर जाए, मैं तेरे संग संग रहूंगा और जब तू नदियों में हो कर चले, तब वे तुझे न डुबा सकेंगी; जब तू आग में चले तब तुझे आंच न लगेगी, और उसकी लौ तुझे न जला सकेगी। - यशायाह 43:1-2

बाइबल पाठ: भजन 30:1-12
Psalms 30:1 हे यहोवा मैं तुझे सराहूंगा, क्योंकि तू ने मुझे खींचकर निकाला है, और मेरे शत्रुओं को मुझ पर आनन्द करने नहीं दिया।
Psalms 30:2 हे मेरे परमेश्वर यहोवा, मैं ने तेरी दोहाई दी और तू ने मुझे चंगा किया है।
Psalms 30:3 हे यहोवा, तू ने मेरा प्राण अधोलोक में से निकाला है, तू ने मुझ को जीवित रखा और कब्र में पड़ने से बचाया है।
Psalms 30:4 हे यहोवा के भक्तों, उसका भजन गाओ, और जिस पवित्र नाम से उसका स्मरण होता है, उसका धन्यवाद करो।
Psalms 30:5 क्योंकि उसका क्रोध, तो क्षण भर का होता है, परन्तु उसकी प्रसन्नता जीवन भर की होती है। कदाचित् रात को रोना पड़े, परन्तु सबेरे आनन्द पहुंचेगा।
Psalms 30:6 मैं ने तो अपने चैन के समय कहा था, कि मैं कभी नहीं टलने का।
Psalms 30:7 हे यहोवा अपनी प्रसन्नता से तू ने मेरे पहाड़ को दृढ़ और स्थिर किया था; जब तू ने अपना मुख फेर लिया तब मैं घबरा गया।
Psalms 30:8 हे यहोवा मैं ने तुझी को पुकारा; और यहोवा से गिड़गिड़ाकर यह बिनती की, कि
Psalms 30:9 जब मैं कब्र में चला जाऊंगा तब मेरे लोहू से क्या लाभ होगा? क्या मिट्टी तेरा धन्यवाद कर सकती है? क्या वह तेरी सच्चाई का प्रचार कर सकती है?
Psalms 30:10 हे यहोवा, सुन, मुझ पर अनुग्रह कर; हे यहोवा, तू मेरा सहायक हो।
Psalms 30:11 तू ने मेरे लिये विलाप को नृत्य में बदल डाला, तू ने मेरा टाट उतरवाकर मेरी कमर में आनन्द का पटुका बान्धा है;
Psalms 30:12 ताकि मेरी आत्मा तेरा भजन गाती रहे और कभी चुप न हो। हे मेरे परमेश्वर यहोवा, मैं सर्वदा तेरा धन्यवाद करता रहूंगा।

एक साल में बाइबल: 
  • नीतिवचन 3-5
  • 2 कुरिन्थियों 1



शनिवार, 7 सितंबर 2019

शोक



      सन 2002 में, मेरी बहन मार्था और उसके पति जिम के देहांत के कुछ माह पश्चात, मेरे एक मित्र ने मुझे हमारे चर्च में “शोक द्वारा बढ़ोतरी” विषय पर आयोजित की गई एक कार्य-चर्चा में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया। मैंने उसके पहले सत्र में भाग लेने के लिए अनिच्छापूर्वक सहमति तो व्यक्त कर दी परन्तु मेरा इरादा इसके बाद के किसी सत्र में जाने का नहीं था। मैं वहाँ जाकर चकित हुआ, मुझे वहाँ ध्यान रखने और चिंता करने वाले लोग मिले जो अपने जीवन में आई किसी गंभीर हानि के दुःख का सामना करने के लिए परमेश्वर और दुःख के अनुभव से होकर निकलने वाले अन्य लोगों की सहायता के खोजी थे। एक दूसरे के साथ अपने शोक के दुःख को बाँटने, एक दूसरे के दुःख के साथ सहानुभूति रखने, एक-दूसरे के दुःख में परस्पर सहायता करने से मुझे मिली शान्ति के कारण मैं वहाँ प्रति सप्ताह जाने लगा और उनसे मिलने वाली सांत्वना में बढ़ने लगा।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में हम देखते हैं कि किसी प्रिय जन या मित्र की आकस्मिक मृत्यु के कारण होने वाले आघात और दुःख के समान ही आरंभिक कलीसिया के लोगों को स्तिफ्नुस, जो कि एक सक्रीय और जोशीला कार्यकर्ता तथा प्रभु यीशु का गवाह था, की मृत्यु पर गहरा शोक हुआ (प्रेरितों 7:57-60)। यहूदियों द्वारा स्तिफनुस को मार डालने और प्रारंभिक कलीसिया पर सताव लाने के उस कठिन समय में “और भक्तों ने स्‍तिुफनुस को कब्र में रखा; और उसके लिये बड़ा विलाप किया” (8:2)। जैसा लिखा गया है, इन मसीही विश्वासियों ने दो कार्य साथ-साथ किए: उन्होंने स्तिफनुस को दफनाया, जो अंतिम बिछुड़ने और गहरे दुःख का प्रतीक था; और उन्होंने उसके लिए बड़ा विलाप – गहन शोक, किया, जो उनकी सामूहिक हानि का प्रतीक था।

      प्रभु यीशु मसीह के अनुयायी होने के कारण हमें अपने शोक अकेले ही सहने की आवश्यकता नहीं है। हम प्रेम और सत्यनिष्ठा के साथ ऐसे अन्य लोगों की ओर हाथ बढ़ा सकते हैं जो दुःख में है, तथा हमारी ओर इसी प्रकार से हाथ बढ़ाने वालों और साथ खड़े होने वालों की सहायता को नम्रता के साथ स्वीकार कर सकते हैं।

      जब हम साथ शोक मनाते हैं, तो हम साथ-साथ समझ-बूझ और उस शान्ति में भी उन्नति कर सकते हैं जो प्रभु यीशु मसीह में होकर हमें मिलती है। प्रभु हमारे प्रत्येक शोक को, तथा उसके लिए आवश्यक सांत्वना के मार्ग को जानता है। - डेविड मैक्कैस्लैंड


औरों के साथ शोक करने के सेवकाई से मनों को चंगाई मिलती है।

आनन्द करने वालों के साथ आनन्द करो; और रोने वालों के साथ रोओ। - रोमियों 12:15

बाइबल पाठ: प्रेरितों 7:54-8:2
Acts 7:54 ये बातें सुनकर वे जल गए और उस पर दांत पीसने लगे।
Acts 7:55 परन्तु उसने पवित्र आत्मा से परिपूर्ण हो कर स्वर्ग की ओर देखा और परमेश्वर की महिमा को और यीशु को परमेश्वर की दाहिनी ओर खड़ा देखकर।
Acts 7:56 कहा; देखों, मैं स्वर्ग को खुला हुआ, और मनुष्य के पुत्र को परमेश्वर के दाहिनी ओर खड़ा हुआ देखता हूं।
Acts 7:57 तब उन्होंने बड़े शब्द से चिल्लाकर कान बन्‍द कर लिये, और एक चित्त हो कर उस पर झपटे।
Acts 7:58 और उसे नगर के बाहर निकाल कर पत्थरवाह करने लगे, और गवाहों ने अपने कपड़े उतार रखे।
Acts 7:59 और वे स्‍तिुफनुस को पत्थरवाह करते रहे, और वह यह कहकर प्रार्थना करता रहा; कि हे प्रभु यीशु, मेरी आत्मा को ग्रहण कर।
Acts 7:60 फिर घुटने टेककर ऊंचे शब्द से पुकारा, हे प्रभु, यह पाप उन पर मत लगा, और यह कहकर सो गया: और शाऊल उसके बध में सहमत था।
Acts 8:1 उसी दिन यरूशलेम की कलीसिया पर बड़ा उपद्रव होने लगा और प्रेरितों को छोड़ सब के सब यहूदिया और सामरिया देशों में तित्तर बित्तर हो गए।
Acts 8:2 और भक्तों ने स्‍तिुफनुस को कब्र में रखा; और उसके लिये बड़ा विलाप किया।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 1-2
  • 1 कुरिन्थियों 16



शुक्रवार, 6 सितंबर 2019

दृष्टिकोण



      मेरी किशोरावस्था में जब भी मैं किसी बड़ी चुनौती या जोखिम भरे बड़े निर्णय को लेने के संबंध में असमंजस में होती थी, तो जैसा मेरी माँ ने मुझे सिखाया था, मैं सही दृष्टिकोण को पाने के लिए अपनी समस्या और उसके विभिन्न पहलुओं तथा समाधानों को कागज़ पर लिख लेती थी। जब मैं अनिश्चित होती थी कि मुझे अध्ययन के लिए कौन से विषय चुनने चाहिएँ, या कौन सी नौकरी करनी चाहिए, या व्यसक होने की अभिभूत करने वाली सच्चाइयों का सामना कैसे करना है, तो मैं अपनी माँ की बताई विधि के अनुसार, समस्या से संबंधित प्रमुख बातें, उन बातों से संबंधित कार्यवाहियाँ, और उनके संभावित परिणाम लिख लिया करती थी। उस पृष्ठ पर अपने मन की बातें लिख लेने के पश्चात, मैं उस समस्या से थोड़ा सा पीछे हटकर उसे अधिक वास्तविक स्वरूप में देखने पाती थी, क्योंकि तब मेरी भावनाएँ मेरे दृष्टिकोण को प्रभावित नहीं करने पातीं थीं।

      जिस प्रकार से पृष्ठ पर अपने विचारों को लिखने के द्वारा मुझे समस्याओं के लिए एक नया दृष्टिकोण प्राप्त होता है, वैसे ही परमेश्वर के सामने प्रार्थना में अपने हृदयों को उंडेलने से हमें उस बात के लिए उसके दृष्टिकोण और उसकी सामर्थ्य का अंदाजा होता है। परमेश्वर के वचन बाइबल में हम देखते हैं कि राजा हिजकिय्याह ने भी यही किया, जब एक प्रबल शत्रु ने उसे एक चुनौतीपूर्ण पत्र लिखा। अश्शूरियों ने यरूशलेम को वैसे ही नाश कर डालने की धमकी भेजी थी जैसे कि वे अनेकों अन्य राष्ट्रों को कर चुके थे। राजा हिजकिय्याह ने वह धमकी का पत्र ले जाकर प्रभु परमेश्वर के सम्मुख रख दिया, और प्रार्थनापूर्वक उसे तथा लोगों को बचाने का निवेदन किया जिससे सँसार के लोग जान सकें कि सच्चा परमेश्वर केवल एक ही हैं (2 राजाओं 19:19)।

      हम जब भी किसी ऐसी परिस्थिति का सामना करें जिससे घबराहट, भय, या उससे पार पाने में अपनी असमर्थता का बोध हो, तो हम राजा हिजकिय्याह द्वारा किए गए का अनुसरण करें, और सीधे प्रभु परमेश्वर के सामने जाएँ। उसके समान हम भी अपनी समस्या प्रभु के सम्मुख रख सकते हैं, और उसपर भरोसा रख सकते हैं कि वह हमारे बेचैन हृदयों को शान्त करेगा, हमें सही दृष्टिकोण प्रदान करगा और हमारा मार्गदर्शन करेगा। - कर्स्टन होल्मबर्ग

समस्याओं के समय में परमेश्वर हमारा सबसे उत्तम सहायक होता है।

और संकट के दिन मुझे पुकार; मैं तुझे छुड़ाऊंगा, और तू मेरी महिमा करने पाएगा। - भजन 50:15

बाइबल पाठ: 2 राजाओं 19: 9-19
2 Kings 19:9 और जब उसने कूश के राजा तिर्हाका के विष्य यह सुना, कि वह मुझ से लड़ने को निकला है, तब उसने हिजकिय्याह के पास दूतों को यह कह कर भेजा,
2 Kings 19:10 तुम यहूदा के राजा हिजकिय्याह से यों कहना: तेरा परमेश्वर जिसका तू भरोसा करता है, यह कह कर तुझे धोखा न देने पाए, कि यरूशलेम अश्शूर के राजा के वश में न पड़ेगा।
2 Kings 19:11 देख, तू ने तो सुना है अश्शूर के राजाओं ने सब देशों से कैसा व्यवहार किया है उन्हें सत्यानाश कर दिया है। फिर क्या तू बचेगा?
2 Kings 19:12 गोजान और हारान और रेसेप और तलस्सार में रहने वाले एदेनी, जिन जातियों को मेरे पुरखाओं ने नाश किया, क्या उन में से किसी जाति के देवताओं ने उसको बचा लिया?
2 Kings 19:13 हमात का राजा, और अर्पाद का राजा, और समवैंम नगर का राजा, और हेना और इव्वा के राजा ये सब कहां रहे? इस पत्री को हिजकिय्याह ने दूतों के हाथ से ले कर पढ़ा।
2 Kings 19:14 तब यहोवा के भवन में जा कर उसको यहोवा के साम्हने फैला दिया।
2 Kings 19:15 और यहोवा से यह प्रार्थना की, कि हे इस्राएल के परमेश्वर यहोवा! हे करूबों पर विराजने वाले ! पृथ्वी के सब राज्यों के ऊपर केवल तू ही परमेश्वर है। आकाश और पृथ्वी को तू ही ने बनाया है।
2 Kings 19:16 हे यहोवा! कान लगाकर सुन, हे यहोवा आंख खोल कर देख, और सन्हेरीब के वचनों को सुन ले, जो उसने जीवते परमेश्वर की निन्दा करने को कहला भेजे हैं।
2 Kings 19:17 हे यहोवा, सच तो है, कि अश्शूर के राजाओं ने जातियों को और उनके देशों को उजाड़ा है।
2 Kings 19:18 और उनके देवताओं को आग में झोंका है, क्योंकि वे ईश्वर न थे; वे मनुष्यों के बनाए हुए काठ और पत्थर ही के थे; इस कारण वे उन को नाश कर सके।
2 Kings 19:19 इसलिये अब हे हमारे परमेश्वर यहोवा तू हमें उसके हाथ से बचा, कि पृथ्वी के राज्य राज्य के लोग जान लें कि केवल तू ही यहोवा है।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 148-150
  • 1 कुरिन्थियों 15:29-58



गुरुवार, 5 सितंबर 2019

स्वर्ग



      मैं अपने अध्ययन-कक्ष की खिड़की से बाहर जब देखा, तो मुझे पेड़ों में वायु का मंद प्रवाह दिखाई और सुनाई दिया, पक्षी चहचहा रहे थे, और मेरे पड़ौसी के जोते हुए खेत में पुआल के ढेर पड़े दिख रहे थे। चमकदार नीले आकाश की तुलना में सफ़ेद बादल दिखाई दे रहे थे। मुझे लगा मानो मैं स्वर्ग का थोड़ा सा आनन्द ले रही हूँ। किन्तु इसमें भी कुछ समस्या है, हमारे घर के निकट से निकलने वाली सड़क पर लगभग लगातार चलने वाले यातायात का शोर और मेरी पीठ का वह हल्का सा दर्द, मेरे उस आनन्द में विघ्न डालता है।

      मैंने स्वर्ग शब्द का प्रयोग कुछ हलके में किया है, क्योंकि यद्यपि एक समय था जब हमारी पृथ्वी पूर्णतः भली थी, परन्तु अब नहीं है। जब मनुष्य ने पाप किया, तो हमें अदन की वाटिका से बाहर निकाल दिया गया, और भूमि श्रापित हो गई (देखें उत्पत्ति 3)। तब से पृथ्वी और उसमें का सब कुछ “विनाश के दासत्व” है। दुःख, बीमारी, और हमारी मृत्यु, सभी कुछ मनष्य के पाप में पड़ जाने के कारण है (रोमियों 8:18-23)।

      परन्तु परमेश्वर सब कुछ को नया कर रहा है। एक दिन उसका निवास-स्थान, हम जो उसके लोग हैं उनके मध्य होगा, एक नवीनीकृत तथा बहाल की गई सृष्टि में – “एक नया आकाश और नई पृथ्वी” – जहाँ पर “वह उन की आंखों से सब आंसू पोंछ डालेगा; और इस के बाद मृत्यु न रहेगी, और न शोक, न विलाप, न पीड़ा रहेगी” (प्रकाशितवाक्य 21:4)। उस दिन तक, हम प्रकृति और सँसार की सुन्दरता का आनन्द ले सकते हैं, जो उस स्वर्ग का अंश मात्र है जो आने वाला है। - एलीसन कीडा


परमेश्वर सब कुछ नया कर रहा है।

सो यदि कोई मसीह में है तो वह नई सृष्‍टि है: पुरानी बातें बीत गई हैं; देखो, वे सब नई हो गईं। - 2 कुरिन्थियों 5:17

बाइबल पाठ: रोमियों 8:18-23; प्रकाशितवाक्य 21:1-5
Romans 8:18 क्योंकि मैं समझता हूं, कि इस समय के दु:ख और क्लेश उस महिमा के साम्हने, जो हम पर प्रगट होने वाली है, कुछ भी नहीं हैं।
Romans 8:19 क्योंकि सृष्टि बड़ी आशाभरी दृष्टि से परमेश्वर के पुत्रों के प्रगट होने की बाट जोह रही है।
Romans 8:20 क्योंकि सृष्टि अपनी इच्छा से नहीं पर आधीन करने वाले की ओर से व्यर्थता के आधीन इस आशा से की गई।
Romans 8:21 कि सृष्टि भी आप ही विनाश के दासत्व से छुटकारा पाकर, परमेश्वर की सन्तानों की महिमा की स्वतंत्रता प्राप्त करेगी।
Romans 8:22 क्योंकि हम जानते हैं, कि सारी सृष्टि अब तक मिलकर कराहती और पीड़ाओं में पड़ी तड़पती है।
Romans 8:23 और केवल वही नहीं पर हम भी जिन के पास आत्मा का पहिला फल है, आप ही अपने में कराहते हैं; और लेपालक होने की, अर्थात अपनी देह के छुटकारे की बाट जोहते हैं।

Revelation 21:1 फिर मैं ने नये आकाश और नयी पृथ्वी को देखा, क्योंकि पहिला आकाश और पहिली पृथ्वी जाती रही थी, और समुद्र भी न रहा।
Revelation 21:2 फिर मैं ने पवित्र नगर नये यरूशलेम को स्वर्ग पर से परमेश्वर के पास से उतरते देखा, और वह उस दुल्हिन के समान थी, जो अपने पति के लिये सिंगार किए हो।
Revelation 21:3 फिर मैं ने सिंहासन में से किसी को ऊंचे शब्द से यह कहते सुना, कि देख, परमेश्वर का डेरा मनुष्यों के बीच में है; वह उन के साथ डेरा करेगा, और वे उसके लोग होंगे, और परमेश्वर आप उन के साथ रहेगा; और उन का परमेश्वर होगा।
Revelation 21:4 और वह उन की आंखों से सब आंसू पोंछ डालेगा; और इस के बाद मृत्यु न रहेगी, और न शोक, न विलाप, न पीड़ा रहेगी; पहिली बातें जाती रहीं।
Revelation 21:5 और जो सिंहासन पर बैठा था, उसने कहा, कि देख, मैं सब कुछ नया कर देता हूं: फिर उसने कहा, कि लिख ले, क्योंकि ये वचन विश्वास के योग्य और सत्य हैं।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 148-150
  • 1 कुरिन्थियों 15:29-58