ई-मेल संपर्क / E-Mail Contact

इन संदेशों को ई-मेल से प्राप्त करने के लिए अपना ई-मेल पता इस ई-मेल पर भेजें : rozkiroti@gmail.com / To Receive these messages by e-mail, please send your e-mail id to: rozkiroti@gmail.com

सोमवार, 30 दिसंबर 2019

कार्य



      वर्ष के अंत में, अपूर्ण कार्यों का बोझ हमें व्यथित कर सकता है। घर के अन्दर की और बाहर की जिम्मेदारियों का कोई अंत दिखता प्रतीत नहीं होता है, और आज के अपूर्ण कार्य कल में चले जाते हैं। परन्तु मसीही विश्वास की हमारी यात्रा में ऐसे समय आते हैं जब हमें थोड़ा थम कर पूर्ण हो चुके कार्यों के लिए तथा हमारे साथ उसकी सदा बनी रही विश्वासयोग्यता के लिए परमेश्वर का धन्यवाद करना चाहिए।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में पौलुस और बरनबास अपनी पहली प्रचार यात्रा के अंत में, “वहां से जहाज से अन्‍ताकिया में आए, जहां से वे उस काम के लिये जो उन्होंने पूरा किया था परमेश्वर के अनुग्रह पर सौंपे गए थे” (प्रेरितों 14:26)। यद्यपि प्रभु यीशु के सुसमाचार का अन्य लोगों के साथ बाँटने का बहुत सा कार्य अभी शेष था, फिर भी उन्होंने जितना कार्य हो गया था उसके लिए परमेश्वर का धन्यवाद दिया, सारे चर्च के साथ मिलकर, “वहां पहुंचकर, उन्होंने कलीसिया इकट्ठी की और बताया, कि परमेश्वर ने हमारे साथ हो कर कैसे बड़े बड़े काम किए! और अन्यजातियों के लिये विश्वास का द्वार खोल दिया” (पद 27)।

      परमेश्वर ने आप में होकर इस बीते वर्ष में क्या कुछ किया है? आपके किसी प्रिय जन के लिए परमेश्वर ने कैसे विश्वास के द्वार को खोला? हम जिनके बारे में सोच भी नहीं कर सकते हैं ऐसे तरीकों से परमेश्वर ने हम में होकर कार्य किए हैं, चाहे हमें वे कार्य महत्वहीन या अपूर्ण प्रतीत होते हों।

      जब हम प्रभु की सेवकाई में अपने अपूर्ण कार्यों को लेकर क्षुब्ध होते हैं, तो हम उन बातों के लिए धन्यवादी होना न भूलें जो प्रभु परमेश्वर ने हम में होकर की हैं। अपने अनुग्रह में होकर जो परमेश्वर ने हमारे लिए और हम में होकर किया है, वह उस आने वाले कार्य के लिए जो वह हम में तथा हमारे द्वारा करने जा रहा है, तैयारी करवाता है। - डेविड मैक्कैसलैंड

परमेश्वर सदा कार्यरत रहता है – हम में भी और हमारे द्वारा भी।

परमेश्वर तो प्राचीन काल से मेरा राजा है, वह पृथ्वी पर उद्धार के काम करता आया है। - भजन 74:12

बाइबल पाठ: प्रेरितों 14:21-18
Acts 14:21 और वे उस नगर के लोगों को सुसमाचार सुनाकर, और बहुत से चेले बनाकर, लुस्‍त्रा और इकुनियम और अन्‍ताकिया को लौट आए।
Acts 14:22 और चेलों के मन को स्थिर करते रहे और यह उपदेश देते थे, कि हमें बड़े क्‍लेश उठा कर परमेश्वर के राज्य में प्रवेश करना होगा।
Acts 14:23 और उन्होंने हर एक कलीसिया में उन के लिये प्राचीन ठहराए, और उपवास सहित प्रार्थना कर के, उन्हें प्रभु के हाथ सौंपा जिस पर उन्होंने विश्वास किया था।
Acts 14:24 और पिसिदिया से होते हुए वे पंफूलिया में पहुंचे;
Acts 14:25 और पिरगा में वचन सुनाकर अत्तलिया में आए।
Acts 14:26 और वहां से जहाज से अन्‍ताकिया में आए, जहां से वे उस काम के लिये जो उन्होंने पूरा किया था परमेश्वर के अनुग्रह पर सौंपे गए थे।
Acts 14:27 वहां पहुंचकर, उन्होंने कलीसिया इकट्ठी की और बताया, कि परमेश्वर ने हमारे साथ हो कर कैसे बड़े बड़े काम किए! और अन्यजातियों के लिये विश्वास का द्वार खोल दिया।
Acts 14:28 और वे चेलों के साथ बहुत दिन तक रहे।

एक साल में बाइबल: 
  • ज़कर्याह 13-14
  • प्रकाशितवाक्य 21



रविवार, 29 दिसंबर 2019

मनन



      हिन्दी में फूलचुसनी कही जाने वाली चिड़िया को अंग्रेज़ी में हमिंगबर्ड कहते हैं, क्योंकि इसके तेज़ी से फड़फड़ाते हुए पंखों के कारण एक गुनगुनाने की सी ध्वनि उत्पन्न होती है। अन्य भाषाओं में भी इस चिड़िया के विभिन्न नाम हैं, पुर्तगाली में इसे फूलों का चुम्बन लेने वाली, और स्पैनिश में इस उड़ती हुई मणि कहते हैं। किन्तु मेरा सबसे प्रिय नाम है मेक्सिको की ज़ेपोटेक का शब्द बियुलू जिसका अर्थ ओता है “आँखों में बस जाने वाला” – एक बार हमिंगबर्ड को देख लेंगे तो फिर उसे कभी नहीं भूलेंगे।

      जी. के. चेस्टरटन ने लिखा, “संसार में कभी अजूबों का अकाल नहीं होगा, परन्तु अचरज का हो सकता है।” हमिंगबर्ड भी संसार का एक अजूबा है। इन छोटे से प्राणियों में क्या अनोखा और रोमांचित कर देने वाला है? हो सकता है कि यह इनका छोटा सा आकार है – मात्र दो या तीन इंच का; या फिर यह इनके पंखों के फड़फड़ाने की गति है – एक सेकेंड में 50 से लेकर 200 बार तक।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में भजन 104 किसका लिखा हुआ है, हमें इसका तो पता नहीं है; किन्तु इसे लिखने वाला भजनकार प्रकृति की सुन्दरता से मुग्ध था। प्रकृति के अनेकों अजूबों का वर्णन करने के पश्चात, जैसे कि लबानोन के देवदारु और जंगली गदहे आदि, वह कहता है, “यहोवा अपने कामों से आन्दित होवे!” (पद 31)। फिर वह प्रार्थना करता है, “मेरा ध्यान करना, उसको प्रिय लगे” (पद 34)।

      प्रकृति में अनेकों बातें हैं जो आँखों में बनी रह सकती हैं, उनकी सुन्दरता और सिद्धता के कारण। हम उन बातों पर मनन करने के द्वारा परमेश्वर को कैसे प्रसन्न कर सकते हैं? हम उन पर ध्यान दे सकते हैं, उन से आनंदित हो सकते हैं, और उन के लिए परमेश्वर का धन्यवाद कर सकते हैं। परमेश्वर के अद्भुत कार्यों के अजूबों का ध्यान तथा उन पर मनन करके हम परमेश्वर के धन्यवादी हो सकते हैं। - कीला ओकोआ

अचरज से कृतज्ञता आती है।

हे यहोवा, तेरी सारी सृष्टि तेरा धन्यवाद करेगी, और तेरे भक्त लोग तुझे धन्य कहा करेंगे! भजन 145:10

बाइबल पाठ: भजन 104:24-35
Psalms 104:24 हे यहोवा तेरे काम अनगिनित हैं! इन सब वस्तुओं को तू ने बुद्धि से बनाया है; पृथ्वी तेरी सम्पत्ति से परिपूर्ण है।
Psalms 104:25 इसी प्रकार समुद्र बड़ा और बहुत ही चौड़ा है, और उस में अनगिनित जलचर जीव- जन्तु, क्या छोटे, क्या बड़े भरे पड़े हैं।
Psalms 104:26 उस में जहाज भी आते जाते हैं, और लिव्यातान भी जिसे तू ने वहां खेलने के लिये बनाया है।
Psalms 104:27 इन सब को तेरा ही आसरा है, कि तू उनका आहार समय पर दिया करे।
Psalms 104:28 तू उन्हें देता हे, वे चुन लेते हैं; तू अपनी मुट्ठी खोलता है और वे उत्तम पदार्थों से तृप्त होते हैं।
Psalms 104:29 तू मुख फेर लेता है, और वे घबरा जाते हैं; तू उनकी सांस ले लेता है, और उनके प्राण छूट जाते हैं और मिट्टी में फिर मिल जाते हैं।
Psalms 104:30 फिर तू अपनी ओर से सांस भेजता है, और वे सिरजे जाते हैं; और तू धरती को नया कर देता है।
Psalms 104:31 यहोवा की महिमा सदा काल बनी रहे, यहोवा अपने कामों से आन्दित होवे!
Psalms 104:32 उसकी दृष्टि ही से पृथ्वी कांप उठती है, और उसके छूते ही पहाड़ों से धुआं निकलता है।
Psalms 104:33 मैं जीवन भर यहोवा का गीत गाता रहूंगा; जब तक मैं बना रहूंगा तब तक अपने परमेश्वर का भजन गाता रहूंगा।
Psalms 104:34 मेरा ध्यान करना, उसको प्रिय लगे, क्योंकि मैं तो यहोवा के कारण आनन्दित रहूंगा।
Psalms 104:35 पापी लोग पृथ्वी पर से मिट जाएं, और दुष्ट लोग आगे को न रहें! हे मेरे मन यहोवा को धन्य कह! याह की स्तुति करो!

एक साल में बाइबल: 
  • ज़कर्याह 9-12
  • प्रकाशितवाक्य 20



शनिवार, 28 दिसंबर 2019

मुस्कराहट



      मैंने अपनी कार में अपना खरीदा हुआ सामान रखा, और बड़ी सावधानी से मैं कार को पार्किंग के स्थान से बाहर निकालने लगी। अचानक ही एक आदमी सड़क के किनारे से द्रुत गति से चलता हुआ मेरी कार के सामने आ गया, उसने यह ध्यान नहीं किया था कि मैं कार निकाल रही हूँ। मैंने तुरंत बल पूर्वक कार के ब्रेक्स लगाए, और वह बस बाल-बाल ही बचा। उसने चकित होकर मेरी और देखा। उस पल मुझे पता था कि मेरे पास दो विकल्प हैं; या तो मैं आँखें चढ़ाकर उसे घूर कर देखूँ और उसपर अपनी खिसियाहट व्यक्त करूं, या फिर उसे क्षमा करके अपनी क्षमा को उसे व्यक्त करने के लिए उसकी ओर मुस्कुरा कर देखूँ। मैंने मुस्कुरा कर उसे देखा। उसके चेहरे तुरंत शान्ति का भाव आ गया और उसने भी अपना धन्यवाद व्यक्त करने के लिए मुझे हल्की सी मुस्कुराहट के साथ देखा।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में नीतिवचन 15:13 में लिखा है, “मन आनन्दित होने से मुख पर भी प्रसन्नता छा जाती है, परन्तु मन के दु:ख से आत्मा निराश होती है।” क्या नीतिवचन का लेखक हमें जीवन में आने वाली प्रत्येक बाधा, निराशा, और असुविधा में मुसकुराते रहने के लिए कह रहा है? कदापि नहीं! निःसंदेह ऐसे भी समय आते हैं जब अन्याय के प्रति वास्तविक शोक, हताशा, और यहाँ तक कि क्रोध भी व्यक्त किया जाता है। परन्तु हमारे दिन-प्रतिदिन के जीवन में एक मुस्कराहट के द्वारा, आगे बढ़ते रहने के लिए शान्ति, आशा, और अनुग्रह मिल सकता है, व्यक्त किया जा सकता है।

      संभवतः नीतिवचन के इस पद का उद्देश्य यह बताना है कि स्वाभाविक है कि मुस्कराहट हमारी भीतरी दशा से आती है। एक “प्रसन्न मन” वह है जो शांत, संतुष्ट, और परमेश्वर को समर्पित है। ऐसे मन के होते हुए, जो अन्दर से प्रसन्न है, हम अप्रत्याशित तथा चकित करने वाली परिस्थितियों के प्रति भी एक वास्तविक मुस्कराहट के साथ प्रतिक्रिया दे सकते हैं। हमारी शान्ति, औरों को भी प्रभु परमेश्वर से मिलाने वाली शान्ति के प्रति उत्सुक्त और लालायित कर सकती है। - एलिसा मॉर्गन

इस कारण एक दूसरे को शान्‍ति दो, और एक दूसरे की उन्नति के कारण बनो, निदान, तुम ऐसा करते भी हो। - 1 थिस्सलुनीकियों 5:11

बाइबल पाठ: नीतिवचन 15:13-15
Proverbs 15:13 मन आनन्दित होने से मुख पर भी प्रसन्नता छा जाती है, परन्तु मन के दु:ख से आत्मा निराश होती है।
Proverbs 15:14 समझने वाले का मन ज्ञान की खोज में रहता है, परन्तु मूर्ख लोग मूढ़ता से पेट भरते हैं।
Proverbs 15:15 दुखिया के सब दिन दु:ख भरे रहते हैं, परन्तु जिसका मन प्रसन्न रहता है, वह मानो नित्य भोज में जाता है।

एक साल में बाइबल: 
  • ज़कर्याह 5-8
  • प्रकाशितवाक्य 19



शुक्रवार, 27 दिसंबर 2019

धन्यवादी



      मैं जब नई मसीही विश्वासी ही थी, तब एक आत्मिक सलाहकार ने मुझे प्रोत्साहित किया कि मैं एक “धन्यवादी दैनिकी” रखा करूं। वह एक छोटी सी नोटबुक थी, जो मेरे साथ रहती थी, और जिसमें मैं समय पाकर परमेश्वर द्वारा मेरे हित में किए गए कार्यों के बारे में लिखती रहती थी। कभी-कभी मैं धन्यवाद के कारण को तुरंत ही लिख लेती थी, और कभी उसे सप्ताह के अंत में, मनन करते हुए लिखती थी।

      धन्यवाद के विषयों का ध्यान रखना एक अच्छी आदत है – मैं उसे फिर से आरम्भ करने की सोच रही हूँ। इससे मुझे परमेश्वर की मेरे साथ बनी रहने वाली उपस्थिति का एहसास रहता है और मैं उसके प्रति उससे मिलने वाली देखभाल के लिए उसकी कृतज्ञ भी बनी रहती हूँ।

      परमेश्वर के वचन बाइबल के सबसे छोटे भजन, भजन 117 में भजनकार सभी को परमेश्वर का धन्यवादी होने के लिए प्रोत्साहित करता है क्योंकि “क्योंकि उसकी करूणा हमारे ऊपर प्रबल हुई है...” (पद 2)।

      इसपर थोड़ा विचार करें: परमेश्वर ने आपके प्रति अपने प्रेम को किस प्रकार प्रकट किया है – आज, इस सप्ताह, इस महीने, इस वर्ष? केवल अद्भुत के बारे ही में नहीं सोचें, क्योंकि उसका प्रेम तो प्रतिदिन की सामान्य बातों और परिस्थितियों एवं कार्यों में भी दिखाई देता है। इसके बाद इस पर भी विचार करें कि परमेश्वर का प्रेम आपके परिवार, आपके चर्च, और अन्य लोगों के प्रति किस प्रकार से प्रगट रहा है? सभी के प्रति उसके प्रेम के विस्तार को अपने चित में उतर जाने दें।

      भजनकार ने यह भी लिखा, “...और यहोवा की सच्चाई सदा की है याह की स्तुति करो” (पद 2)। दूसरे शब्दों में, हमारे प्रति उसके प्रेम का कभी अंत नहीं होगा! इसलिए हमारे पास उसकी स्तुति, आराधना और धन्यवाद करने के अवसर तथा कारण सदा बने रहेंगे। उसके प्रिय बच्चे होने के कारण, होने दें कि परमेश्वर का धन्यवाद और स्तुति करना हमारे जीवनों का एक अभिन्न भाग बन जाए, और हम सदा उसके धन्यवादी बने रहें। - पो फैंग चिया

प्रत्येक बात के लिए, चाहे साधारण हो या असाधारण, परमेश्वर के धन्यवादी बने रहें।

किसी भी बात की चिन्‍ता मत करो: परन्तु हर एक बात में तुम्हारे निवेदन, प्रार्थना और बिनती के द्वारा धन्यवाद के साथ परमेश्वर के सम्मुख अपस्थित किए जाएं। - फिलिप्पियों 4:6

बाइबल पाठ: भजन 117
Psalms 117:1 हे जाति जाति के सब लोगों यहोवा की स्तुति करो! हे राज्य राज्य के सब लोगो, उसकी प्रशंसा करो!
Psalms 117:2 क्योंकि उसकी करूणा हमारे ऊपर प्रबल हुई है; और यहोवा की सच्चाई सदा की है याह की स्तुति करो!

एक साल में बाइबल: 
  • ज़कर्याह 1-4
  • प्रकाशितवाक्य 18



गुरुवार, 26 दिसंबर 2019

भरोसा



      जब एन्ड्रयू चीटल ने समुद्र तट पर अपना फोन खोया तो उसे भरोसा नहीं था कि वह उसे कभी मिल जाएगा। किन्तु इसके लगभग एक सप्ताह के बाद, एक मछुआरे, ग्लेन केरली ने, उसे फोन किया। ग्लेन को एन्ड्रयू का फोन एक 25 पौंड वज़न की मछली के पेट में से मिला था, और उसे सुखा लेने के पश्चात, वह फिर भी काम कर रहा था।

      जीवन विचित्र घटनाओं से भरा पड़ा है, और परमेश्वर के वचन बाइबल में भी ऐसी घटनाओं की कोई कमी नहीं है। हम प्रभु यीशु के जीवन से संबंधित घटनाओं में पाते हैं कि एक बार मंदिर का कर लेने वाले कुछ अधिकारी प्रभु के शिष्य पतरस के पास आए, और उससे पूछा, “क्या तुम्हारा गुरू मन्दिर का कर नहीं देता?” (मत्ती 17:24)। प्रभु यीशु ने इस अवसर को एक शिक्षा देने का अवसर बना दिया। प्रभु चाहता था कि पतरस प्रभु के राजा होने को समझे। राजा की संतानों से कर नहीं लिए जाते थे, और प्रभु ने यह स्पष्ट किया कि न तो राजा और न ही उसकी संतान मंदिर का कर देने के लिए बाध्य थे (पद 25-26)।

      परन्तु प्रभु किसी को कोई “ठोकर” भी नहीं देना चाहते थे (पद 27), इसलिए प्रभु ने पतरस से कहा कि वह जाकर मछली पकड़े – और यह इस घटना का विचित्र भाग है – जो पहली मछली पतरस ने पकड़ी, उसके मुंह में एक सिक्का था; प्रभु ने कहा कि उस सिक्के से वह मंदिर का कर चुका दे।

      प्रभु यीशु यहाँ पर क्या भरोसा दिला रहे हैं? चाहे लोग उसे न भी पहचानें, किन्तु इस सृष्टि के सार्वभौमिक राजा और अधिकारी वे ही हैं। सारी सृष्टि की हर वस्तु उनकी आज्ञा मानती है। जब हम अपने जीवनों में उन्हें प्रभु मानकर, अपना जीवन उन्हें सच्चे मन और स्वेच्छा से पूर्णतः समर्पित कर देते हैं, उनपर विश्वास करने लगते हैं, तो हम उनकी संतान हो जाते हैं।

      जीवन अपनी विभिन्न मांगें फिर भी हमारे सामने उठाएगा, परन्तु हम हर परिस्थिति में भरोसा रख सकते हैं कि प्रभु हमारी प्रत्येक आवश्यकता की पूर्ति करेगा। जैसे कि भूतपूर्व पास्टर डेविड पौमपो ने कहा, “जब हम अपने स्वर्गीय परमेश्वर पिता के लिए मछुआरे बन जाते हैं, तो हम अपनी प्रत्येक आवश्यकता की पूर्ति के लिए उस पर भरोसा रख सकते हैं।” – टिम गुस्ताफ्सन

हम मसीही विश्वासी राजा की संतान हैं!

परन्तु जितनों ने उसे ग्रहण किया, उसने उन्हें परमेश्वर के सन्तान होने का अधिकार दिया, अर्थात उन्हें जो उसके नाम पर विश्वास रखते हैं। वे न तो लोहू से, न शरीर की इच्छा से, न मनुष्य की इच्छा से, परन्तु परमेश्वर से उत्पन्न हुए हैं। - यूहन्ना 1:12-13

बाइबल पाठ: मत्ती 17:24-27
Matthew 17:24 जब वे कफरनहूम में पहुंचे, तो मन्दिर के लिये कर लेने वालों ने पतरस के पास आकर पूछा, कि क्या तुम्हारा गुरू मन्दिर का कर नहीं देता? उसने कहा, हां देता तो है।
Matthew 17:25 जब वह घर में आया, तो यीशु ने उसके पूछने से पहिले उस से कहा, हे शमौन तू क्या समझता है पृथ्वी के राजा महसूल या कर किन से लेते हैं? अपने पुत्रों से या परायों से? पतरस ने उन से कहा, परायों से।
Matthew 17:26 यीशु ने उस से कहा, तो पुत्र बच गए।
Matthew 17:27 तौभी इसलिये कि हम उन्हें ठोकर न खिलाएं, तू झील के किनारे जा कर बंसी डाल, और जो मछली पहिले निकले, उसे ले; तो तुझे उसका मुंह खोलने पर एक सिक्का मिलेगा, उसी को ले कर मेरे और अपने बदले उन्हें दे देना।

एक साल में बाइबल: 
  • हाग्गै 1-2
  • प्रकाशितवाक्य 17



बुधवार, 25 दिसंबर 2019

धन्यवाद



      इस क्रिसमस पर जब आप क्रिसमस की विशेष मिठाई, कैंडी केन का स्वाद लें तो जर्मनी के लोगों को “डैंके सकोन” बोलें, क्योंकि वह कैंडी सबसे पहले जर्मनी के कोलोन शहर में बनी थी। जब आप क्रिसमस की ऋतु में खिलने वाले पोइंसेटिया के फूलों का आनन्द लें तो मेक्सिको के लोगों को “ग्रासियास” कहें, जहां से यह पौधा लाया गया और सब स्थानों पर पहुँच गया। इस त्यौहार के अवसर पर फ्रांस के लोगों को उनकी भाषा के शब्द ‘नोएल’ के लिए “मर्सी बौकूप” कहें, और क्रिसमस ट्री तथा दीवारों पर सजावट के लिए लगाई जाने वाली ‘मिसलटो’ की बेल के लिए अंग्रजों का धन्यवाद करें।

      लेकिन क्रिसमस के समय विभिन्न परंपराओं एवं उत्सवों – वे रीति-रिवाज़ जो संसार के भिन्न स्थानों से एकत्रित हुए हैं, का आनन्द लेते समय, हमारा सबसे निष्ठावान और हृदय से निकला धन्यवाद हमारे भले, दयालु, और प्रेमी परमेश्वर के लिए हो। क्योंकि परमेश्वर ही से हमें क्रिसमस मनाने का कारण प्राप्त हुआ – 2000 वर्ष से भी अधिक पहले बैतलहम की चरनी में जन्मा शिशु यीशु। उनके आगमन की सूचना मानव-जाति को एक स्वर्गदूत ने यह कहकर दी, “...देखो मैं तुम्हें बड़े आनन्द का सुसमाचार सुनाता हूं जो सब लोगों के लिये होगा। कि आज दाऊद के नगर में तुम्हारे लिये एक उद्धारकर्ता जन्मा है, और यही मसीह प्रभु है” (लूका 2:10-11)।

      इस क्रिसमस के समय, रौशनी से जगमगाते क्रिसमस ट्री और उसके चारों ओर रखे खुले हुए नए उपहारों के होते हुए भी सच्ची खुशी की उत्तेजना प्रभु यीशु की ओर ध्यान करने और उनके संसार में आने के उद्देश्य, “...तू उसका नाम यीशु रखना; क्योंकि वह अपने लोगों का उन के पापों से उद्धार करेगा” (मत्ती 1:21) पर मनन करने से ही होती है। प्रभु का जन्म परंपराओं से बढ़कर है: परमेश्वर के इस अवर्णनीय उपहार के लिए वही हमारे स्तुतिगान और धन्यवाद का केंद्र बिंदु है। - डेव ब्रैनन

सो परमेश्वर जो आशा का दाता है तुम्हें विश्वास करने में सब प्रकार के आनन्द और शान्ति से परिपूर्ण करे, कि पवित्र आत्मा की सामर्थ से तुम्हारी आशा बढ़ती जाए - रोमियों 15:13

बाइबल पाठ: लूका 2:1-10
Luke 2:1 उन दिनों में औगूस्‍तुस कैसर की ओर से आज्ञा निकली, कि सारे जगत के लोगों के नाम लिखे जाएं।
Luke 2:2 यह पहिली नाम लिखाई उस समय हुई, जब क्‍विरिनियुस सूरिया का हाकिम था।
Luke 2:3 और सब लोग नाम लिखवाने के लिये अपने अपने नगर को गए।
Luke 2:4 सो यूसुफ भी इसलिये कि वह दाऊद के घराने और वंश का था, गलील के नासरत नगर से यहूदिया में दाऊद के नगर बैतलहम को गया।
Luke 2:5 कि अपनी मंगेतर मरियम के साथ जो गर्भवती थी नाम लिखवाए।
Luke 2:6 उन के वहां रहते हुए उसके जनने के दिन पूरे हुए।
Luke 2:7 और वह अपना पहिलौठा पुत्र जनी और उसे कपड़े में लपेटकर चरनी में रखा: क्योंकि उन के लिये सराय में जगह न थी।
Luke 2:8 और उस देश में कितने गड़ेरिये थे, जो रात को मैदान में रहकर अपने झुण्ड का पहरा देते थे।
Luke 2:9 और प्रभु का एक दूत उन के पास आ खड़ा हुआ; और प्रभु का तेज उन के चारों ओर चमका, और वे बहुत डर गए।
Luke 2:10 तब स्वर्गदूत ने उन से कहा, मत डरो; क्योंकि देखो मैं तुम्हें बड़े आनन्द का सुसमाचार सुनाता हूं जो सब लोगों के लिये होगा।

एक साल में बाइबल: 
  • सपन्याह 1-3
  • प्रकाशितवाक्य 16



मंगलवार, 24 दिसंबर 2019

सन्देश



      रेजिनल्ड फेसेंडेन कई वर्षों से बेतार रेडियो संचार पर कार्य कर रहे थे जिससे बेतार रेडियो संपर्क किया जा सके। अन्य वैज्ञानिकों को उनके विचार अविश्वसनीय और अपारंपरिक लगते थे, और उन्हें संदेह रहता था कि वे कभी अपने प्रयासों में सफल हो भी पाएंगे। परन्तु फेसेंडेन का दावा है कि 24 दिसंबर, 1906 की संध्या को वे रेडियो पर संगीत प्रसारित करने वाले सर्वप्रथम व्यक्ति बन गए।

      फेसेंडेन का एक फलों का व्यापार करने वाली कंपनी के साथ अनुबंध था, और उस कंपनी ने अपनी लगभग एक दर्जन नावों पर बेतार प्रणाली लगा रखी थे जिससे केलों की फसल की काटने और बेचने से संबंधित जानकारी भेजी जा सके। उस क्रिसमस की पूर्व-संध्या को, फेसेंडेन ने बताया, कि उन्होंने उन सभी नावों के बेतार यंत्रों के चलाने वालों को बताया कि वे ध्यान दें, और उन्होंने संध्या 9 बजे, फेसेंडेन की आवाज़ सुनी।

      कहा जाता है कि फेसेंडेन ने एक संगीत नाटक का रिकॉर्ड बजाया, फिर अपने वायलिन पर “ओ पवित्र रात” गीत बजाया, और बजाते हुए उसके अंतिम छंद के शब्दों को गाया भी। अंत में उन्होंने क्रिसमस की शुभकामनाएं देते हुए परमेश्वर के वचन बाइबल से लूका 2 में से स्वर्गदूतों द्वारा बैतलेहम में चरवाहों को प्रभु यीशु के जन्म का समाचार सुनाए जाने वाले खंड को पढ़ा भी।

      दो हज़ार से भी अधिक वर्ष पहले के उन चरवाहों, तथा 1906 में उस फल व्यापार की कंपनी के नाविकों ने, अंधेरी रात में एक अप्रत्याशित तथा चकित कर देने वाला आशा से भरा सन्देश सुना। और आशा का यही सन्देश परमेश्वर आज हमें भी देता है। हमारे लिए एक मुक्तिदाता ने जन्म लिया है – प्रभु यीशु मसीह! (लूका 2:11)। इस अद्भुत आशा के सन्देश के प्रत्युत्तर में हम सदियों से मसीह यीशु में विश्वास लाने वाले लोगों के साथ सम्मिलित होकर, स्वर्गदूतों द्वारा की बात को दोहरा सकते हैं कि, “आकाश में परमेश्वर की महिमा और पृथ्वी पर उन मनुष्यों में जिनसे वह प्रसन्न है शान्‍ति हो” (पद 14)। - एमी पीटरसन

मसीह यीशु के बिना कोई आशा नहीं है। - चार्ल्स स्पर्जन

और उस स्त्री से कहा, अब हम तेरे कहने ही से विश्वास नहीं करते; क्योंकि हम ने आप ही सुन लिया, और जानते हैं कि यही सचमुच में जगत का उद्धारकर्ता है। - यूहन्ना 4:42

बाइबल पाठ: लूका 2:10-20
Luke 2:10 तब स्वर्गदूत ने उन से कहा, मत डरो; क्योंकि देखो मैं तुम्हें बड़े आनन्द का सुसमाचार सुनाता हूं जो सब लोगों के लिये होगा।
Luke 2:11 कि आज दाऊद के नगर में तुम्हारे लिये एक उद्धारकर्ता जन्मा है, और यही मसीह प्रभु है।
Luke 2:12 और इस का तुम्हारे लिये यह पता है, कि तुम एक बालक को कपड़े में लिपटा हुआ और चरनी में पड़ा पाओगे।
Luke 2:13 तब एकाएक उस स्वर्गदूत के साथ स्‍वर्गदूतों का दल परमेश्वर की स्‍तुति करते हुए और यह कहते दिखाई दिया।
Luke 2:14 कि आकाश में परमेश्वर की महिमा और पृथ्वी पर उन मनुष्यों में जिनसे वह प्रसन्न है शान्‍ति हो।
Luke 2:15 जब स्वर्गदूत उन के पास से स्वर्ग को चले गए, तो गड़ेरियों ने आपस में कहा, आओ, हम बैतलहम जा कर यह बात जो हुई है, और जिसे प्रभु ने हमें बताया है, देखें।
Luke 2:16 और उन्होंने तुरन्त जा कर मरियम और यूसुफ को और चरनी में उस बालक को पड़ा देखा।
Luke 2:17 इन्हें देखकर उन्होंने वह बात जो इस बालक के विषय में उन से कही गई थी, प्रगट की।
Luke 2:18 और सब सुनने वालों ने उन बातों से जो गड़िरयों ने उन से कहीं आश्चर्य किया।
Luke 2:19 परन्तु मरियम ये सब बातें अपने मन में रखकर सोचती रही।
Luke 2:20 और गड़ेरिये जैसा उन से कहा गया था, वैसा ही सब सुनकर और देखकर परमेश्वर की महिमा और स्‍तुति करते हुए लौट गए।

एक साल में बाइबल: 
  • हबक्कूक 1-3
  • प्रकाशितवाक्य 15