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बुधवार, 17 जून 2020

सुरक्षित स्थान


     मेरा सब से पहला काम एक फास्ट-फूड रेस्टोरेंट में था। एक शनिवार की संध्या को, एक लड़का वहाँ रेस्टोरेंट में बैठा रहा, मुझ से पूछता रहा कि मैं काम ख़तम करके कब निकलती हूँ। समय बीतने के साथ, वह कभी कुछ, और कभी कुछ और खरीद कर खाता या पीता रहता, जिससे मैनेजर उसे बाहर न निकाल सके। उसकी यह बातें मुझे परेशान कर रही थीं, मुझे कुछ ठीक नहीं लग रहा था। यद्यपि मेरा घर वहाँ से कुछ अधिक दूर तो नहीं था, किन्तु मुझे चल कर जाना होता था, और रास्ते का कुछ भाग सुनसान था, और ऐसे में मैं देर रात उस सुनसान हिस्से से अकली जाना नहीं चाह रही थी। अंततः लगभग आधी रात के समय, सभी काम समाप्त करके, मैं अन्दर दफतर में गई, वहां से मैंने एक फोन किया। जिस व्यक्ति ने मेरा फोन उठाया, मेरे पिता जी ने, उन्होंने गर्म बिस्तर से बाहर निकल कर मेरे पास आने में कोई परेशानी अनुभव नहीं की; पांच मिनिट में वे मेरे पास थे, और मुझे सुरक्षित घर ले गए।

     मुझे जो इस प्रकार की निश्चितता थी, कि मेरी आवश्यकता के समय में मेरे पिताजी मेरी सहायता के लिए आएँगे, मुझे परमेश्वर के वचन बाइबल में हमारे स्वर्गीय परमेश्वर पिता की विश्वासयोग्यता और आश्वासन की याद दिलाते है जो भजन 91 में दिया गया है। हमारा स्वर्गीय प्रभु परमेश्वर सदैव हमारे साथ बना रहता है, हमारी रक्षा करता रहता है, हमारी देखभाल करता है, और हम जब भी दुविधा में होते हैं, परेशान होते हैं, या भयभीत होते हैं, हमें आश्वस्त करता है, हमारा मार्गदर्शन करता है। वह कहता है, “जब वह मुझ को पुकारे, तब मैं उसकी सुनूंगा; संकट में मैं उसके संग रहूंगा, मैं उसको बचा कर उसकी महिमा बढ़ाऊंगा” (भजन 91:15)। वह केवल हमारी सुनता ही नहीं है, वह हमारा शरणस्थान भी है (पद 1); वह हमारी ऐसी दृढ़ चट्टान है जिसे हम थामे रह सकते हैं (पद 2), जिस पर हम स्थिर बने रहा सकते हैं।

     भय, खतरे, या अनिश्चितता के सभी समयों में हम परमेश्वर की प्रतिज्ञा पर भरोसा रख सकते हैं कि हम जब भी उसे पुकारेंगे, वह हमारी सुनेगा, और हमारे संकट में हमारी सहायता के लिए हमारे साथ होगा (पद 14-15); प्रभु परमेश्वर हमारा सुरक्षित स्थान है। - सिंडी हैस कैस्पर

 

जीवता परमेश्वर सदा हमारा सुरक्षित शरणस्थान बना रहेगा।


मेरे लिये सनातन काल की चट्टान का धाम बन, जिस में मैं नित्य जा सकूं; तू ने मेरे उद्धार की आज्ञा तो दी है, क्योंकि तू मेरी चट्टान और मेरा गढ़ ठहरा है। - भजन 71:3

बाइबल पाठ: भजन 91

भजन संहिता 91:1 जो परमप्रधान के छाए हुए स्थान में बैठा रहे, वह सर्वशक्तिमान की छाया में ठिकाना पाएगा।

भजन संहिता 91:2 मैं यहोवा के विषय कहूंगा, कि वह मेरा शरणस्थान और गढ़ है; वह मेरा परमेश्वर है, मैं उस पर भरोसा रखूंगा।

भजन संहिता 91:3 वह तो तुझे बहेलिये के जाल से, और महामारी से बचाएगा;

भजन संहिता 91:4 वह तुझे अपने पंखों की आड़ में ले लेगा, और तू उसके पैरों के नीचे शरण पाएगा; उसकी सच्चाई तेरे लिये ढाल और झिलम ठहरेगी।

भजन संहिता 91:5 तू न रात के भय से डरेगा, और न उस तीर से जो दिन को उड़ता है,

भजन संहिता 91:6 न उस मरी से जो अन्धेरे में फैलती है, और न उस महारोग से जो दिन दुपहरी में उजाड़ता है।

भजन संहिता 91:7 तेरे निकट हजार, और तेरी दाहिनी ओर दस हजार गिरेंगे; परन्तु वह तेरे पास न आएगा।

भजन संहिता 91:8 परन्तु तू अपनी आंखों की दृष्टि करेगा और दुष्टों के अन्त को देखेगा।

भजन संहिता 91:9 हे यहोवा, तू मेरा शरण स्थान ठहरा है। तू ने जो परमप्रधान को अपना धाम मान लिया है,

भजन संहिता 91:10 इसलिये कोई विपत्ति तुझ पर न पड़ेगी, न कोई दु:ख तेरे डेरे के निकट आएगा।

भजन संहिता 91:11 क्योंकि वह अपने दूतों को तेरे निमित्त आज्ञा देगा, कि जहां कहीं तू जाए वे तेरी रक्षा करें।

भजन संहिता 91:12 वे तुझ को हाथों हाथ उठा लेंगे, ऐसा न हो कि तेरे पांवों में पत्थर से ठेस लगे।

भजन संहिता 91:13 तू सिंह और नाग को कुचलेगा, तू जवान सिंह और अजगर को लताड़ेगा।

भजन संहिता 91:14 उसने जो मुझ से स्नेह किया है, इसलिये मैं उसको छुड़ाऊंगा; मैं उसको ऊंचे स्थान पर रखूंगा, क्योंकि उसने मेरे नाम को जान लिया है।

भजन संहिता 91:15 जब वह मुझ को पुकारे, तब मैं उसकी सुनूंगा; संकट में मैं उसके संग रहूंगा, मैं उसको बचा कर उसकी महिमा बढ़ाऊंगा।

भजन संहिता 91:16 मैं उसको दीर्घायु से तृप्त करूंगा, और अपने किए हुए उद्धार का दर्शन दिखाऊंगा।   

 

एक साल में बाइबल: 

  • नहेम्याह 7-9
  • प्रेरितों 3


मंगलवार, 16 जून 2020

कहा है


     छुट्टियों के एक समय में, मैंने और मेरे पति ने एक नदी में शांत नौका विहार करने का निर्णय किया। हमने नौका विहार के विज्ञापन देखे, एक नौका विहार को चुना, उसके लिए पैसे भरे, और नौका विहार करवाने वालों के कहे के अनुसार हम यात्रा के आरम्भ स्थान पर पहुँच गए। वहाँ पहुँच कर हमें ज्ञात हुआ कि उनके द्वारा दिए गए विज्ञापन के विपरीत, नौका विहार में कुछ दूरी तेज़ बहते और उछलते हुए पानी की भी थी। उन्होंने मेरे पति को नौका के चप्पू चलाने और नाव को संभालने की कुछ मूल बातें सिखाईं, और हमें आश्वस्त किया कि वे लोग हमें सुरक्षित हमारे विहार के अंतिम छोर तक ले जाएँगे; हम ने धन्यावद किया कि अनुभवी नौका चालक हमारे साथ थे। हमने अपनी जीवन रक्षक जैकेट पहनीं, और हम नदी में चल दिए; तेज़ बहाव के स्थान पर मैं कसकर नाव के प्लास्टिक के हैंडल को पकड़े हुए चिल्लाती रही, जब तक कि हम शांत बहाव में पहुँच कर किनारे नहीं लग गए। नाव से उतर कर हमने अपने कपड़े निचोड़े, पर्स में से पानी निकाला, और यद्यपि वह यात्रा हमारी अपेक्षा के अनुसार तो नहीं रही थी, फिर भी हम एक-दूसरे को देख कर हँस पड़े।

     उस नौका विहार के विज्ञापन के विपरीत, जिसमें उन लोगों ने उस विहार से सम्बंधित एक मुख्य बात नहीं बताई थी, परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रभु यीशु ने अपने शिष्यों को यह स्पष्ट बता दिया था कि भविष्य में उनके लिए कठिन दिन रखे हुए हैं। प्रभु ने उन से कहा दिया कि वह स्वयं भी मारा जाएगा और उसका पुनरुत्थान होगा, और आते समय में वे भी सताए जाएँगे, मारे जाएँगे। साथ ही उसने उन्हें अपने विश्वासयोग्य होने का भी आश्वासन दिया, और इसका भी कि वह उन्हें एक चिरस्थाई विजय और अनानात्कालीन आशा में ले जाएगा (यूहन्ना 16:16-33)।

     यदि प्रभु का अनुसरण करते हुए जीवन सरल होता तो बहुत अच्छा होता, परन्तु प्रभु ने अपने अनुयायियों को यह स्पष्ट बता दिया है कि उन्हें कठिनाइयों और विरोधों का सामना करना पड़ेगा। हमारी ये परीक्षाएँ परमेश्वर द्वारा हमारे लिए बनाई गई योजनाओं को न तो परिभाषित करेंगी, न ही उन्हें सीमित करेंगी, और न ही उन्हें बिगाडेंगी या नष्ट करेंगी। प्रभु यीशु के पुनरुत्थान और मृत्यु पर विजय ने हमारे लिए अनन्त विजय सुनिश्चित कर दी है, और प्रभु ने हम से यही कहा है। - होकिटिल डिक्सन

 

प्रभु यीशु सबसे कठिन समयों में भी हमारे साथ रहता है।


हे मृत्यु तेरी जय कहां रही? हे मृत्यु तेरा डंक कहां रहा? मृत्यु का डंक पाप है; और पाप का बल व्यवस्था है। परन्तु परमेश्वर का धन्यवाद हो, जो हमारे प्रभु यीशु मसीह के द्वारा हमें जयवन्‍त करता है। - 1 कुरिन्थियों 15:55-57

बाइबल पाठ: यूहन्ना 16:25-33

यूहन्ना 16:25 मैं ने ये बातें तुम से दृष्‍टान्‍तों में कही हैं, परन्तु वह समय आता है, कि मैं तुम से दृष्‍टान्‍तों में और फिर नहीं कहूंगा परन्तु खोल कर तुम्हें पिता के विषय में बताऊंगा।

यूहन्ना 16:26 उस दिन तुम मेरे नाम से मांगोगे, और मैं तुम से यह नहीं कहता, कि मैं तुम्हारे लिये पिता से बिनती करूंगा।

यूहन्ना 16:27 क्योंकि पिता तो आप ही तुम से प्रीति रखता है, इसलिये कि तुम ने मुझ से प्रीति रखी है, और यह भी प्रतीति की है, कि मैं पिता कि ओर से निकल आया।

यूहन्ना 16:28 मैं पिता से निकलकर जगत में आया हूं, फिर जगत को छोड़कर पिता के पास जाता हूं।

यूहन्ना 16:29 उसके चेलों ने कहा, देख, अब तो तू खोल कर कहता है, और कोई दृष्‍टान्‍त नहीं कहता।

यूहन्ना 16:30 अब हम जान गए, कि तू सब कुछ जानता है, और तुझे प्रयोजन नहीं, कि कोई तुझ से पूछे, इस से हम प्रतीति करते हैं, कि तू परमेश्वर से निकला है।

यूहन्ना 16:31 यह सुन यीशु ने उन से कहा, क्या तुम अब प्रतीति करते हो?

यूहन्ना 16:32 देखो, वह घड़ी आती है वरन आ पहुंची कि तुम सब तित्तर बित्तर हो कर अपना अपना मार्ग लोगे, और मुझे अकेला छोड़ दोगे, तौभी मैं अकेला नहीं क्योंकि पिता मेरे साथ है।

यूहन्ना 16:33 मैं ने ये बातें तुम से इसलिये कही हैं, कि तुम्हें मुझ में शान्‍ति मिले; संसार में तुम्हें क्‍लेश होता है, परन्तु ढाढ़स बांधो, मैं ने संसार को जीत लिया है।    

 

एक साल में बाइबल: 

  • नहेम्याह 4-6
  • प्रेरितों 2:22-47


सोमवार, 15 जून 2020

प्रेम के योग्य


     मेरी बेटी एक प्रातः तैयार हो रही थी, और अचानक ही बड़े उत्साह और आनन्द के साथ ऊँची आवाज़ में बोली “Lovable (प्रेम-योग्य);” मुझे समझ नहीं आया उसका अभिप्राय क्या था। मेरे चहरे के भाव को देखकर उसने अपनी टी-शर्ट पर लिखे हुए शब्द की ओर संकेत किया, जहाँ पर बड़े अक्षरों में लिखा था, “Lovable (प्रेम के योग्य)।” मैंने उसे गले से लगाया, और वह आनन्द से मुस्कुराने लगी, और जब मैंने उस से कहा, “तुम प्रेम के योग्य हो” तो उसकी मुस्कराहट और भी बड़ी हो गई; और वह इस शब्द को बारंबार दोहराती हुई कूदती हुई बाहर चली गई।

     मैं कोई सिद्ध पिता तो नहीं हूँ, परन्तु वह पल सिद्ध पल था। उस स्वाभाविक, मनोहर वार्तालाप में मैंने अपने बेटी के दमकते हुए चेहरे में देखा कि बिना किसी शर्त के मिलने वाले प्रेम को प्राप्त करना कैसा होता है: वह पूर्ण आनन्द की छवि थी। वह अच्छे से समझ रही थी कि उस की शर्ट पर लिखी बात उसके प्रति उसके पिता की भावनाओं से पूर्णतः मेल खा रही थी।

     हम में से कितने हैं जो अपने हृदय से इस बात पर पूर्ण विश्वास रखते हैं कि हमारा स्वर्गीय परमेश्वर पिता हमें असीम और अनंतकालीन प्रेम करता है? कभी-कभी हम इस सत्य को लेकर संघर्ष करते हैं। परमेश्वर के वचन बाइबल में हम देखते हैं कि इस्राएलियों ने भी किया। वे सोचने लगे कि क्या उन की परीक्षाओं का यह अर्थ है कि अब परमेश्वर उन से प्रेम नहीं करता है। परन्तु यिर्मयाह 31:3 में भविष्यद्वक्ता ने उन्हें वह स्मरण करवाया जो परमेश्वर ने उन से पहले ही कह रखा था, “मैंने तुझ से सदा प्रेम रखता आया हूँ।”

     हमारी भी लालसा ऐसे ही सिद्ध प्रेम को पाने की होती है। परन्तु जो घाव, निराशाएं और गलतियाँ हम अनुभव करते हैं, वे हमें अपने आप को उस ‘प्रेम के योग्य’ समझ पाने में आड़े आती हैं। परन्तु हमारा प्रभु परमेश्वर अपनी बाहें फैलाए हमें अपने पास आ कर उस प्रेम को अनुभव करने और उसके सिद्ध प्रेम में विश्राम करने के लिए आमंत्रित करता है। - एडम होल्ज़

 

हमारे परमेश्वर पिता के समान कोई हम से प्रेम नहीं कर सकता है।


मेरी दृष्टि में तू अनमोल और प्रतिष्ठित ठहरा है और मैं तुझ से प्रेम रखता हूं, इस कारण मैं तेरी सन्ती मनुष्यों को और तेरे प्राण के बदले में राज्य राज्य के लोगों को दे दूंगा। - यशायाह 43:4

बाइबल पाठ: यिर्मयाह 31:1-6

यिर्मयाह 31:1 उन दिनों में मैं सारे इस्राएली कुलों का परमेश्वर ठहरूंगा और वे मेरी प्रजा ठहरेंगे, यहोवा की यही वाणी है।

यिर्मयाह 31:2 यहोवा यों कहता है: जो प्रजा तलवार से बच निकली, उन पर जंगल में अनुग्रह हुआ; मैं इस्राएल को विश्राम देने के लिये तैयार हुआ।

यिर्मयाह 31:3 यहोवा ने मुझे दूर से दर्शन देकर कहा है। मैं तुझ से सदा प्रेम रखता आया हूँ; इस कारण मैं ने तुझ पर अपनी करुणा बनाए रखी है।

यिर्मयाह 31:4 हे इस्राएली कुमारी कन्या! मैं तुझे फिर बसाऊंगा; वहां तू फिर सिंगार कर के डफ बजाने लगेगी, और आनन्द करने वालों के बीच में नाचती हुई निकलेगी।

यिर्मयाह 31:5 तू शोमरोन के पहाड़ों पर अंगूर की बारियां फिर लगाएगी; और जो उन्हें लगाएंगे, वे उनके फल भी खाने पाएंगे।

यिर्मयाह 31:6 क्योंकि ऐसा दिन आएगा, जिस में एप्रैम के पहाड़ी देश के पहरुए पुकारेंगे: उठो, हम अपने परमेश्वर यहोवा के पास सिय्योन को चलें।    

 

एक साल में बाइबल: 

  • नहेम्याह 1-3
  • प्रेरितों 2:1-21


रविवार, 14 जून 2020

कार्य


     मैं एक टीम के साथ कार्य करती हूँ, जो एक सालाना सामुदायिक समारोह कार्यक्रम आयोजित करती है। हम उस सालाना समारोह के आयोजन के लिए ग्यारह महीने तैयारी करने में बिताते हैं, अनेकों छोटी-बड़ी बातों को योजनाबद्ध करते हैं जिस से कार्यक्रम सफल रहे। हम उसकी तिथि और स्थान को चुनते हैं; टिकिट की कीमत निर्धारित करते हैं; वहाँ दुकानें लगाकर भोजन वस्तुओं के विक्रेताओं का चुनाव करते हैं; सभी स्थानों पर कार्यक्रम ठीक से सुनाई दे सके इसके लिए संबंधित ध्वनि-विशेषज्ञों और टेक्निशयनों को चुनते और उन्हें कार्य सौंपते हैं। जैसे-जैसे कार्यक्रम का समय निकट आता है, हम लोगों के प्रश्नों के उत्तर देते हैं, उनका मार्गदर्शन करते हैं। कार्यक्रम के पश्चात हम लोगों से कार्यक्रम के प्रति उन की प्रतिक्रिया लेते हैं। मिलने वाली प्रतिक्रिया, कुछ अच्छी होती है; कुछ सुनने में कठिन होती है। हमारी टीम के लोग कार्यक्रम में सम्मिलित होने वालों के उत्साह और उत्तेजना पर भी दृष्टि रखते हैं, तथा आने वाली शिकायतों पर भी। कभी-कभी नकारात्मक प्रतिक्रिया बहुत निराशाजनक भी हो सकती है; हम में यह सब करना छोड़ने की भावना भी जागृत कर सकती है।

     परमेश्वर के वचन बाइबल में हम देखते हैं कि नहेम्याह और उसके साथी जब यरूशलेम की टूटी हुई शहरपनाह का पुनःनिर्माण करने के कार्य में लगे तो उन्हें भी आलोचकों और आलोचनाओं का सामना करना पड़ा। आलोचकों ने उन से यह भी कहा कि, “... यदि कोई गीदड़ भी उस पर चढ़े, तो वह उनकी बनाई हुई पत्थर की शहरपनाह को तोड़ देगा” (नहेम्याह 4:3)। उन आलोचकों के प्रति नहेम्याह की प्रतिक्रिया, आज मुझे अपनी निराशाओं और आलोचनाओं से ऊपर उठने में सहायता करती है: उन आलोचकों की बातों का उन्हें कोई उत्तर देने, या उन से निराश होने की बजाए, नहेम्याह सहायता के लिए परमेश्वर की ओर मुड़ा। अपने आप कोई बात कहने, स्वयं कोई प्रत्युत्तर देने के स्थान पर, उस ने परमेश्वर से प्रार्थना की, कि वह अपने लोगों के साथ हो रहे दुर्व्यवहार पर ध्यान करे और उनकी रक्षा करे, उन्हें संभाले (पद 4)। उन आलोचनाओं और उपहास की बातों को परमेश्वर के हाथों में सौंप देने के पश्चात, नहेम्याह और उसके साथी उस शहरपनाह को बनाने में मन लगाकर संलग्न हो गए (पद 6)।

     हम नहेम्याह से सीख सकते हैं कि हमारे द्वारा प्रभु के लिए किए जा रहे कार्य की आलोचनाओं और टिप्पणियों से निराश न हों; उन बातों के कारण अपने ध्यान को भटकने न दें। जब भी हमारी आलोचना अथवा उपहास हो, तो अपने आलोचकों को क्रोधित अथवा दुखी हो कर कुछ प्रतिक्रिया देने के स्थान पर, हम परमेश्वर से निवेदन और प्रार्थना कर सकते हैं कि हमें निराशाओं से बचाए, जिस से हम पूरे मन से और ध्यान लगाकर उसके कार्य को कर सकें। - कर्सटन होल्मबर्ग

 

हर आलोचना के लिए परमेश्वर ही हमारा सर्वोत्तम बचाव है।


एलूल महीने के पच्चीसवें दिन को अर्थात बावन दिन के भीतर शहरपनाह बन चुकी। जब हमारे सब शत्रुओं ने यह सुना, तब हमारे चारों ओर रहने वाले सब अन्यजाति डर गए, और बहुत लज्जित हुए; क्योंकि उन्होंने जान लिया कि यह काम हमारे परमेश्वर की ओर से हुआ। - नहेम्याह 6:15-16

बाइबल पाठ: नहेम्याह 4:1-6

नहेम्याह 4:1 जब सम्बल्लत ने सुना कि यहूदी लोग शहरपनाह को बना रहे हैं, तब उसने बुरा माना, और बहुत रिसियाकर यहूदियों को ठट्ठों में उड़ाने लगा।

नहेम्याह 4:2 वह अपने भाइयों के और शोमरोन की सेना के साम्हने यों कहने लगा, वे निर्बल यहूदी क्या किया चाहते हैं? क्या वे वह काम अपने बल से करेंगे? क्या वे अपना स्थान दृढ़ करेंगे? क्या वे यज्ञ करेंगे? क्या वे आज ही सब काम निपटा डालेंगे? क्या वे मिट्टी के ढेरों में के जले हुए पत्थरों को फिर नये सिरे से बनाएंगे?

नहेम्याह 4:3 उसके पास तो अम्मोनी तोबियाह था, और वह कहने लगा, जो कुछ वे बना रहे हैं, यदि कोई गीदड़ भी उस पर चढ़े, तो वह उनकी बनाई हुई पत्थर की शहरपनाह को तोड़ देगा।

नहेम्याह 4:4 हे हमारे परमेश्वर सुन ले, कि हमारा अपमान हो रहा है; और उनका किया हुआ अपमान उन्हीं के सिर पर लौटा दे, और उन्हें बन्धुआई के देश में लुटवा दे।

नहेम्याह 4:5 और उनका अधर्म तू न ढांप, और न उनका पाप तेरे सम्मुख से मिटाया जाए; क्योंकि उन्होंने तुझे शहरपनाह बनाने वालों के साम्हने क्रोध दिलाया है।

नहेम्याह 4:6 और हम लोगों ने शहरपनाह को बनाया; और सारी शहरपनाह आधी ऊंचाई तक जुड़ गई। क्योंकि लोगों का मन उस काम में नित लगा रहा।    

 

एक साल में बाइबल: 

  • एज्रा 9-10
  • प्रेरितों 1


शनिवार, 13 जून 2020

नम्रता


     बेंजामिन फ्रैंकलिन जब एक युवक थे, तब उन्होंने बारह सदगुणों की एक सूची तैयार की, जिन में वे अपने जीवन में उन्नति करते रहना चाहते थे। उन्होंने वह सूची अपने एक मित्र को दिखाई, और उस मित्र ने उन्हें परामर्श दिया कि वह एक और सद्गुण, “नम्रता”, को भी उस में सम्मिलत कर लें। फ्रैंकलिन को उस की बात पसंद आई। फिर उन्होंने अपनी सूची के प्रत्येक सदगुण के सामने कुछ मार्गदर्शिकाएँ भी जोड़ लीं जो उन्हें उस सदगुण में उन्नति करने में सहायक होंगी। नम्रता के विषय फ्रैंकलिन के विचारों में मार्गदर्शिका थी, प्रभु यीशु का अनुसरण करना।

     प्रभु यीशु हमें अनुसरण करने के लिए नम्रता का सर्वश्रेष्ठ उदाहरण प्रदान करते हैं। परमेश्वर का वचन बाइबल बताती है, “जैसा मसीह यीशु का स्‍वभाव था वैसा ही तुम्हारा भी स्‍वभाव हो। जिसने परमेश्वर के स्‍वरूप में हो कर भी परमेश्वर के तुल्य होने को अपने वश में रखने की वस्तु न समझा। वरन अपने आप को ऐसा शून्य कर दिया, और दास का स्‍वरूप धारण किया, और मनुष्य की समानता में हो गया” (फिलिप्पियों 2:5-7)।

     प्रभु यीशु ने नम्रता का सबसे महान उदाहरण प्रस्तुत किया। यद्यपि वे अनन्तकाल से परमेश्वर पिता के साथ थे, फिर भी उन्होंने हमारे प्रति अपने प्रेम के अंतर्गत क्रूस के नीचे झुक जाने, उस क्रूस पर बलिदान हो जाने को चुन लिया ताकि अपनी मृत्यु के द्वारा उन पर विश्वास करने वाले प्रत्येक जन को अपने साथ अनन्त जीवन का आनन्द प्रदान कर सकें।

     जब हम अपने स्वर्गीय परमेश्वर पिता की आज्ञाकारिता में हो कर औरों की सेवा करते हैं, तब हम अपने प्रभु परमेश्वर की सेवा करते हैं। बाइबल के नए नियम खण्ड के आरम्भ में दिए चार सुसमाचार हमें प्रभु यीशु की दयालुता, कृपालुता, तथा औरों की सेवा करते रहने के जीवन की, तथा उसके प्रति समर्पित रहने तथा उसका अनुसरण करते रहने वाले जीवन की स्तब्ध कर देने वाली सुन्दरता की एक झलक प्रदान करते हैं। इस “पहले मैं” से भरे संसार में नम्र होकर रहना सरल नहीं है; परन्तु जब हम अपने उद्धाकर्ता प्रभु परमेश्वर के प्रेम में आश्वस्त होकर शान्ति से रहेंगे, तो उसका अनुसरण करने के लिए जो कुछ भी आवश्यक है वह हमें प्रदान करता रहेगा। - जेम्स बैंक्स

 

हम सेवा कर सकते हैं, क्योंकि हम से प्रेम किया गया है।


जो तुम में बड़ा हो, वह तुम्हारा सेवक बने। - मत्ती 23:11

बाइबल पाठ: फिलिप्पियों 2:1-11

फिलिप्पियों 2:1 सो यदि मसीह में कुछ शान्‍ति और प्रेम से ढाढ़स और आत्मा की सहभागिता, और कुछ करूणा और दया है।

फिलिप्पियों 2:2 तो मेरा यह आनन्द पूरा करो कि एक मन रहो और एक ही प्रेम, एक ही चित्त, और एक ही मनसा रखो।

फिलिप्पियों 2:3 विरोध या झूठी बड़ाई के लिये कुछ न करो पर दीनता से एक दूसरे को अपने से अच्छा समझो।

फिलिप्पियों 2:4 हर एक अपने ही हित की नहीं, वरन दूसरों के हित की भी चिन्‍ता करे।

फिलिप्पियों 2:5 जैसा मसीह यीशु का स्‍वभाव था वैसा ही तुम्हारा भी स्‍वभाव हो।

फिलिप्पियों 2:6 जिसने परमेश्वर के स्‍वरूप में हो कर भी परमेश्वर के तुल्य होने को अपने वश में रखने की वस्तु न समझा।

फिलिप्पियों 2:7 वरन अपने आप को ऐसा शून्य कर दिया, और दास का स्‍वरूप धारण किया, और मनुष्य की समानता में हो गया।

फिलिप्पियों 2:8 और मनुष्य के रूप में प्रगट हो कर अपने आप को दीन किया, और यहां तक आज्ञाकारी रहा, कि मृत्यु, हां, क्रूस की मृत्यु भी सह ली।

फिलिप्पियों 2:9 इस कारण परमेश्वर ने उसको अति महान भी किया, और उसको वह नाम दिया जो सब नामों में श्रेष्ठ है।

फिलिप्पियों 2:10 कि जो स्वर्ग में और पृथ्वी पर और जो पृथ्वी के नीचे है; वे सब यीशु के नाम पर घुटना टेकें।

फिलिप्पियों 2:11 और परमेश्वर पिता की महिमा के लिये हर एक जीभ अंगीकार कर ले कि यीशु मसीह ही प्रभु है।   

 

एक साल में बाइबल: एज्रा 6-8; यूहन्ना 21

शुक्रवार, 12 जून 2020

नाम


     विज्ञापन बनाने वालों ने निष्कर्ष निकला है कि दर्शकों को सब से अधिक आकर्षित करने वाला शब्द उन का अपना नाम होता है। इसी आधार पर इंग्लैंड के एक टी.वी. चैनल ने अपनी ऑनलाइन सेवाओं के साथ व्यक्तिगत विज्ञापन देना भी आरंभ कर दिया है। टेलिविज़न पर अपने नाम के बोले जाने को सुन कर हमें अच्छा तो लग सकता है, परन्तु इसका कुछ विशेष अर्थ नहीं होता है जब तक कि यह उस आत्मीयता के साथ न बोला जाए जैसे हम से प्रेम करने वाला कोई व्यक्ति उसे बोलता है।

     परमेश्वर के वचन बाइबल में हम देखते हैं कि मरियम मगदलीनी का ध्यान तुरंत ही उस के नाम को बोलने वाले की ओर खिंचा। मरियम उस कब्र पर थी जहाँ क्रूस पर उस के मारे जाने के बाद प्रभु यीशु को दफनाया गया था; कब्र खाली थी, और मृतकों में से जी उठा प्रभु मरियम के सामने खड़ा था, उस से बात कर रहा था, किन्तु वह उसे पहचान नहें पा रही थी। किन्तु जैसे ही प्रभु ने जैसे ही मरियम को उसके नाम से बुलाया (यूहन्ना 20:16), मरियम ने अपने गुरु और शिक्षक को, जिससे वह प्रेम करती थी, जिसकी वह अनुयायी थी, उसकी आवाज़ को तुरंत पहचान लिया, मैं समझती हूँ हतप्रभ होकर और बड़े आनन्द के साथ। जिस आत्मीयता के साथ प्रभु ने मरियम का नाम लिया, उस से उसे कोई संदेह नहीं रहा होगा कि उसे बुलाने वाला वही है जो उसे अच्छे से जानता था, और वह अब जीवित है, मृतक नहीं।

     यद्यपि मरियम ने उस पल प्रभु के साथ एक अनुपम और विशिष्ट पल का आनन्द लिया, परन्तु प्रभु हम मसीही विश्वासियों को भी व्यक्तिगत रीति से जानता है। प्रभु यीशु ने मरियम से कहा कि वह अपने स्वर्गीय पिता के पास जाएगा (पद 17), और प्रभु ने अपने शिष्यों से भी कहा था कि वह उन्हें अकेला नहीं छोड़ेगा (यूहन्ना 14:15-18)। प्रभु परमेश्वर का अपने शिष्यों से वायदा है कि वह अपने पवित्र आत्मा को अपने विश्वासियों में रहने और उनका मार्गदर्शन करने के लिए देगा (देखें प्रेरितों 2:1-13)।

     परमेश्वर की कही बात कभी नहीं टलती है; चाहे तब या फिर अब, वह उन्हें जानता है जिनसे वह प्रेम करता है (यूहन्ना 10:14-15); वह अपने लोगों को उन के नाम लेकर बुलाता है। - एमी बाउचर पाई


सृष्टि का सृष्टिकर्ता परमेश्वर आप का रचने वाला भी है, 

और आप को आपके नाम से जानता है।


... भेंड़ें उसका शब्द सुनती हैं, और वह अपनी भेड़ों को नाम ले ले कर बुलाता है और बाहर ले जाता है। और जब वह अपनी सब भेड़ों को बाहर निकाल चुकता है, तो उन के आगे आगे चलता है, और भेड़ें उसके पीछे पीछे हो लेती हैं; क्योंकि वे उसका शब्द पहचानती हैं। - यूहन्ना 10:3, 4

बाइबल पाठ: यूहन्ना 20:11-18

यूहन्ना 20:11 परन्तु मरियम रोती हुई कब्र के पास ही बाहर खड़ी रही और रोते रोते कब्र की ओर झुककर,

यूहन्ना 20:12 दो स्‍वर्गदूतों को उज्ज़वल कपड़े पहिने हुए एक को सिरहाने और दूसरे को पैताने बैठे देखा, जहां यीशु की लोथ पड़ी थी।

यूहन्ना 20:13 उन्होंने उस से कहा, हे नारी, तू क्यों रोती है? उसने उन से कहा, वे मेरे प्रभु को उठा ले गए और मैं नहीं जानती कि उसे कहां रखा है।

यूहन्ना 20:14 यह कहकर वह पीछे फिरी और यीशु को खड़े देखा और न पहचाना कि यह यीशु है।

यूहन्ना 20:15 यीशु ने उस से कहा, हे नारी तू क्यों रोती है? किस को ढूंढ़ती है? उसने माली समझकर उस से कहा, हे महाराज, यदि तू ने उसे उठा लिया है तो मुझ से कह कि उसे कहां रखा है और मैं उसे ले जाऊंगी।

यूहन्ना 20:16 यीशु ने उस से कहा, मरियम! उसने पीछे फिरकर उस से इब्रानी में कहा, रब्‍बूनी अर्थात हे गुरू।

यूहन्ना 20:17 यीशु ने उस से कहा, मुझे मत छू क्योंकि मैं अब तक पिता के पास ऊपर नहीं गया, परन्तु मेरे भाइयों के पास जा कर उन से कह दे, कि मैं अपने पिता, और तुम्हारे पिता, और अपने परमेश्वर और तुम्हारे परमेश्वर के पास ऊपर जाता हूं।

यूहन्ना 20:18 मरियम मगदलीनी ने जा कर चेलों को बताया, कि मैं ने प्रभु को देखा और उसने मुझ से ये बातें कहीं।   

 

एक साल में बाइबल: 

  • एज्रा 3-5
  • यूहन्ना 20



गुरुवार, 11 जून 2020

परामर्श


     मुझे मेरे संपादकीय कार्य से सेवा-निवृत्ति मिलने के बाद, मैं परमेश्वर से प्रार्थना करने लगी कि मुझे कोई नई नौकरी मिल जाए। परन्तु कई सप्ताह निकल गए, और मेरे अनेकों प्रयासों तथा लोगों से संपर्क करने के बावजूद, मुझे कोई काम नहीं मिला। इस स्थिति से मैं खीजने लगी; और इस विचार के साथ कि मेरी यह प्रार्थना परमेश्वर द्वारा सुनी नहीं जा रही है, मैंने कुछ खिसियाहट के साथ परमेश्वर से पूछा, “क्या आप को पता नहीं है कि यह कितना आवश्यक है कि मेरे पास कोई काम हो?”

     मैंने इस परिस्थिति के विषय अपने पिताजी से भी बात की, जो मुझे अकसर परमेश्वर की प्रतिज्ञाओं पर भरोसा रखने का परामर्श देते रहते थे, तो उन्होंने कहा, “मैं चाहता हूँ कि तुम अपने आप को परमेश्वर की प्रतिज्ञाओं में भरोसा रखने पर छोड़ दो।”

     मेरे पिताजी द्वारा दिया गया यह परामर्श मुझे परमेश्वर के वचन बाइबल में नीतिवचन 3 में अभिभावक द्वारा अपने प्रिय बच्चे को दिए गए बुद्धिमानी के परामर्श को स्मरण करवाता है। यह जाना-पहचाना परिच्छेद मेरी परिस्थिति पर विशेषतया लागू होता है। सुलैमान के द्वारा परमेश्वर के पवित्र आत्मा ने वहाँ लिखवाया है, “तू अपनी समझ का सहारा न लेना, वरन सम्पूर्ण मन से यहोवा पर भरोसा रखना। उसी को स्मरण कर के सब काम करना, तब वह तेरे लिये सीधा मार्ग निकालेगा” (नीतिवचन 3:5-6)। “सीधा मार्ग निकालेगा” का अर्थ है कि परमेश्वर हमारी बढ़ोतरी के लिए, हमारे जीवनों के लिए उस के उद्देश्यों तक हमें पहुंचाने की ओर, हमारा मार्गदर्शन करता रहेगा। उसका अंतिम लक्ष्य है कि हम उसकी समानता में हो जाएँ।

     इस का यह अर्थ नहीं है कि हमारे लिए जो मार्ग वह चुनेगा वे सरल होंगे। परन्तु मैं यह भरोसा रख सकती हूँ कि उसका मार्गदर्शन और उसके समय के अनुसार किया गया हर कार्य अंततः मेरी भलाई ही के लिए होगा।

     क्या आप भी परमेश्वर से किसी प्रार्थना के उत्तर प्राप्त करने की प्रतीक्षा कर रहे हैं? ऐसे में उस के निकट रहने और उस पर भरोसा बनाए रखने को चुनें, और वह आप का सही दिशा में मार्गदर्शन करता रहेगा। - लिंडा वॉशिंगटन

 

आपका स्वर्गीय परमेश्वर पिता जानता है कि आप के लिए क्या सर्वोत्तम है।


परन्तु जब हम सब के उघाड़े चेहरे से प्रभु का प्रताप इस प्रकार प्रगट होता है, जिस प्रकार दर्पण में, तो प्रभु के द्वारा जो आत्मा है, हम उसी तेजस्‍वी रूप में अंश अंश कर के बदलते जाते हैं। -  2 कुरिन्थियों 3:18

बाइबल पाठ: नीतिवचन 3:1-7

नीतिवचन 3:1 हे मेरे पुत्र, मेरी शिक्षा को न भूलना; अपने हृदय में मेरी आज्ञाओं को रखे रहना;

नीतिवचन 3:2 क्योंकि ऐसा करने से तेरी आयु बढ़ेगी, और तू अधिक कुशल से रहेगा।

नीतिवचन 3:3 कृपा और सच्चाई तुझ से अलग न होने पाएं; वरन उन को अपने गले का हार बनाना, और अपनी हृदय रूपी पटिया पर लिखना।

नीतिवचन 3:4 और तू परमेश्वर और मनुष्य दोनों का अनुग्रह पाएगा, तू अति बुद्धिमान होगा।

नीतिवचन 3:5 तू अपनी समझ का सहारा न लेना, वरन सम्पूर्ण मन से यहोवा पर भरोसा रखना।

नीतिवचन 3:6 उसी को स्मरण कर के सब काम करना, तब वह तेरे लिये सीधा मार्ग निकालेगा।

नीतिवचन 3:7 अपनी दृष्टि में बुद्धिमान न होना; यहोवा का भय मानना, और बुराई से अलग रहना।   

 

एक साल में बाइबल: 

  • एज्रा 1-2
  • यूहन्ना 19:23-42