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शुक्रवार, 9 अप्रैल 2021

सुसमाचार

 

          एक ईरानी विद्यार्थी, अरमान, ने मुझ से पूछा, “आपका नाम क्या है?” जब मैंने उसे बताया कि मेरा नाम एस्तेरा है, तो उसका चेहरा चमक उठा, और उसने उत्तेजित आवाज़ में कहा, “हमारी भाषा फारसी में भी ऐसा ही एक नाम, सेतारे है!” उस छोटी सी बातचीत के द्वारा एक अद्भुत वार्तालाप के लिए द्वार खुल गया। मैंने उसे बताया कि मेरा नाम परमेश्वर के वचन बाइबल के एक पात्र, रानी एस्तेर के नाम पर रखा गया है, जो फारस (वर्तमान ईरान) के एक राजा की यहूदी रानी थी। उस कहानी से आरंभ कर के मैंने उसे प्रभु यीशु के बारे में बताया, उसके साथ सुसमाचार बाँटा। हमारे उस वार्तालाप के परिणामस्वरूप अरमान ने एक साप्ताहिक बाइबल अध्ययन में भाग लेना आरंभ कर दिया जिससे मसीह के बारे में और अधिक सीख सके।

          प्रभु यीशु मसीह के एक अनुयायी, फिलिप्पुस ने, पवित्र आत्मा के मार्गदर्शन में एक इथोपिया के राज-अधिकारी से, जो अपने रथ में सवार बाइबल के पुराने नियम भाग की एक पुस्तक पढ़ता हुआ जा रहा था, एक प्रश्न पूछा: “तू जो पढ़ रहा है क्या उसे समझता भी है?” (प्रेरितों 8:30)। इथोपिया का वह व्यक्ति यशायाह की पुस्तक के एक खण्ड को पढ़ रहा था और उसे समझना चाह रहा था। इसलिए फिलिप्पुस का प्रश्न उसके सामने बिलकुल सही समय पर आया, और उसने फिलिप्पुस को अपने पास ऊपर रथ में बुलाकर बैठा लिया और उससे सुनने लगा। फिलिप्पुस को एहसास हुआ कि यह उसे सुसमाचार सुनाने का कितना अद्भुत अवसर था, “तब फिलिप्पुस ने अपना मुंह खोला, और इसी शास्त्र से आरम्भ कर के उसे यीशु का सुसमाचार सुनाया” (पद 35)।

          फिलिप्पुस के समान, हमारे पास भी औरों को बताने के लिए सुसमाचार है। हम अपने कार्य स्थल, दुकान, पड़ौस, आदि में, जहाँ पर भी अवसर मिले, उसका उपयोग करें। हम पवित्र आत्मा को हमारा मार्गदर्शन करने दें, और प्रार्थना करें कि वह हमें सही समय, सही स्थान पर सही व्यक्ति के लिए सही शब्द दे जिससे हर व्यक्ति की समझ और आवश्यकता के अनुसार हम उसके साथ सुसमाचार बाँट सकें। - एस्तेरा पिरोसका एस्कोबार

 

हे प्रभु मुझे किसी ऐसे के पास ले जाएँ जिसे उस अनन्त आशा की आवश्यकता है 

जो केवल प्रभु यीशु से मिल सकती है।


प्रभु यहोवा ने मुझे सीखने वालों की जीभ दी है कि मैं थके हुए को अपने वचन के द्वारा संभालना जानूं। भोर को वह नित मुझे जगाता और मेरा कान खोलता है कि मैं शिष्य के समान सुनूं। - यशायाह 50:4

बाइबल पाठ: प्रेरितों 8:26-35

प्रेरितों 8:26 फिर प्रभु के एक स्वर्गदूत ने फिलिप्पुस से कहा; उठ कर दक्षिण की ओर उस मार्ग पर जा, जो यरूशलेम से अज्ज़ाह को जाता है, और जंगल में है।

प्रेरितों 8:27 वह उठ कर चल दिया, और देखो, कूश देश का एक मनुष्य आ रहा था जो खोजा और कूशियों की रानी कन्‍दाके का मन्त्री और खजांची था, और भजन करने को यरूशलेम आया था।

प्रेरितों 8:28 और वह अपने रथ पर बैठा हुआ था, और यशायाह भविष्यद्वक्ता की पुस्तक पढ़ता हुआ लौटा जा रहा था।

प्रेरितों 8:29 तब आत्मा ने फिलिप्पुस से कहा, निकट जा कर इस रथ के साथ हो ले।

प्रेरितों 8:30 फिलिप्पुस ने उस ओर दौड़ कर उसे यशायाह भविष्यद्वक्ता की पुस्तक पढ़ते हुए सुना, और पूछा, कि तू जो पढ़ रहा है क्या उसे समझता भी है?

प्रेरितों 8:31 उसने कहा, जब तक कोई मुझे न समझाए तो मैं क्योंकर समझूं और उसने फिलिप्पुस से बिनती की, कि चढ़कर मेरे पास बैठ।

प्रेरितों 8:32 पवित्र शास्त्र का जो अध्याय वह पढ़ रहा था, वह यह था; कि वह भेड़ के समान वध होने को पहुंचाया गया, और जैसा मेम्ना अपने ऊन कतरने वालों के सामने  चुपचाप रहता है, वैसे ही उसने भी अपना मुंह न खोला।

प्रेरितों 8:33 उस की दीनता में उसका न्याय होने नहीं पाया, और उसके समय के लोगों का वर्णन कौन करेगा, क्योंकि पृथ्वी से उसका प्राण उठाया जाता है।

प्रेरितों 8:34 इस पर खोजे ने फिलिप्पुस से पूछा; मैं तुझ से बिनती करता हूं, यह बता कि भविष्यद्वक्ता यह किस विषय में कहता है, अपने या किसी दूसरे के विषय में।

प्रेरितों 8:35 तब फिलिप्पुस ने अपना मुंह खोला, और इसी शास्त्र से आरम्भ कर के उसे यीशु का सुसमाचार सुनाया।

 

एक साल में बाइबल: 

  • 1 शमूएल 13-14
  • लूका 10:1-24

गुरुवार, 8 अप्रैल 2021

अनुग्रह

 

          2018 के शरद् ऋतु के ओलंपिक खेलों का संभवतः सबसे अद्भुत, और विस्मयकारी पल था जब चेक गणराज्य की विश्व-विजेता स्नोबोर्डर, एस्टर लेडक्का, ने एक बिलकुल ही भिन्न स्पर्धा – स्की करने, में स्वर्ण पदक जीता! यद्यपि वह स्कीइंग के प्रतियोगियों में स्तर के अनुसार 26वाँ स्थान रखती थी, और उसके लिए यह स्पर्धा जीत पाना लगभग असंभव समझा जा रहा था, फिर भी वह जीत गई।

          यह आश्चर्यजनक था कि लेडक्का उस सकी-स्पर्धा में भाग लेने के लिए स्वीकार कर ली गई; वह स्पर्धा बहुत कठिन थी, उसमें न केवल पहाड़ से नीचे सकी करके जाना था, परन्तु ऐसा एक सर्पाकार घुमावों वाले मार्ग से होकर करते हुए जाना था। उसने इस स्पर्धा में उधार ली हुई सकी प्रयोग कर के भाग लिया, और सभी यही समझ रहे थे कि अन्य उच्च स्थान रखने वाला कोई प्रतियोगी ही जीतेगा। इसलिए जब परिणाम आया कि लेडक्का ने यह स्पर्धा 0.01 सेकेंड से जीत ली है, तो औरों के समान ही वह स्वयं भी बहुत चकित हुई।

          संसार के कार्य करने की यही रीति है। हम यही मान कर चलते हैं कि एक बार जीतने वाले हमेशा ही जीतते रहेंगे, और अन्य सभी हारते रहेंगे। इसीलिए, परमेश्वर के वचन बाइबल में, प्रभु यीशु के शिष्यों को प्रभु के मुख से यह सुनकर बहुत अचरज हुआ कि “मैं तुम से सच कहता हूं, कि धनवान का स्वर्ग के राज्य में प्रवेश करना कठिन है” (मत्ती 19:23)। प्रभु यीशु ने तो सामान्य धारणा को बिलकुल उलट-पलट कर दिया था। यह कैसे संभव था कि धनी, अर्थात संसार में सफल होना, स्वर्ग की राज्य के लिए एक बाधा था? प्रभु के कहने का अभिप्राय था की यदि हम उसमें भरोसा रखते हैं, जो सांसारिक रीति से हमारे पास है – हमारा धन-संपत्ति, हमारा सामाजिक स्तर, और आदर सम्मान; हमारी योग्यताएँ, हमारे कौशल, हमारी क्षमताएं, आदि – तो फिर किसी भी बात के लिए हमारा परमेश्वर में भरोसा बनाए रखना कठिन नहीं, लगभग असंभव हो जाता है।

          परमेश्वर का राज्य हमारे नियमों और इच्छाओं के अनुसार नहीं चलता है। प्रभु यीशु ने कहा कि स्वर्ग में राज्य में,परन्तु बहुतेरे जो पहिले हैं, पिछले होंगे; और जो पिछले हैं, पहिले होंगे” (पद 30)। इसलिए हमें सदा इस बात का ध्यान रखना चाहिए, कि हम जो भी हैं, या जो भी होंगे – चाहे प्रथम अथवा अंतिम, या मध्य में कहीं पर, यह हमारी अपनी किसी योग्यता के द्वारा नहीं है, वरन परमेश्वर के अनुग्रह ही से है। - विन कोलियर

 

संसार के स्तर और परमेश्वर के राज्य के स्तर में कोई समानता नहीं है।


परन्तु मैं जो कुछ भी हूं, परमेश्वर के अनुग्रह से हूं: और उसका अनुग्रह जो मुझ पर हुआ, वह व्यर्थ नहीं हुआ परन्तु मैं ने उन सब से बढ़कर परिश्रम भी किया: तौभी यह मेरी ओर से नहीं हुआ परन्तु परमेश्वर के अनुग्रह से जो मुझ पर था। - 1 कुरिन्थियों 15:10

बाइबल पाठ: मत्ती 19:16-30

मत्ती 19:16 और देखो, एक मनुष्य ने पास आकर उस से कहा, हे गुरु; मैं कौन सा भला काम करूं, कि अनन्त जीवन पाऊं?

मत्ती 19:17 उसने उस से कहा, तू मुझ से भलाई के विषय में क्यों पूछता है? भला तो एक ही है; पर यदि तू जीवन में प्रवेश करना चाहता है, तो आज्ञाओं को माना कर।

मत्ती 19:18 उसने उस से कहा, कौन सी आज्ञाएं? यीशु ने कहा, यह कि हत्या न करना, व्यभिचार न करना, चोरी न करना, झूठी गवाही न देना।

मत्ती 19:19 अपने पिता और अपनी माता का आदर करना, और अपने पड़ोसी से अपने समान प्रेम रखना।

मत्ती 19:20 उस जवान ने उस से कहा, इन सब को तो मैं ने माना है अब मुझ में किस बात की घटी है?

मत्ती 19:21 यीशु ने उस से कहा, यदि तू सिद्ध होना चाहता है; तो जा, अपना माल बेचकर कंगालों को दे; और तुझे स्वर्ग में धन मिलेगा; और आकर मेरे पीछे हो ले।

मत्ती 19:22 परन्तु वह जवान यह बात सुन उदास हो कर चला गया, क्योंकि वह बहुत धनी था।

मत्ती 19:23 तब यीशु ने अपने चेलों से कहा, मैं तुम से सच कहता हूं, कि धनवान का स्वर्ग के राज्य में प्रवेश करना कठिन है।

मत्ती 19:24 फिर तुम से कहता हूं, कि परमेश्वर के राज्य में धनवान के प्रवेश करने से ऊंट का सूई के नाके में से निकल जाना सहज है।

मत्ती 19:25 यह सुनकर, चेलों ने बहुत चकित हो कर कहा, फिर किस का उद्धार हो सकता है?

मत्ती 19:26 यीशु ने उन की ओर देखकर कहा, मनुष्यों से तो यह नहीं हो सकता, परन्तु परमेश्वर से सब कुछ हो सकता है।

मत्ती 19:27 इस पर पतरस ने उस से कहा, कि देख, हम तो सब कुछ छोड़ के तेरे पीछे हो लिये हैं: तो हमें क्या मिलेगा?

मत्ती 19:28 यीशु ने उन से कहा, मैं तुम से सच कहता हूं, कि नई उत्पत्ति से जब मनुष्य का पुत्र अपनी महिमा के सिंहासन पर बैठेगा, तो तुम भी जो मेरे पीछे हो लिये हो, बारह सिंहासनों पर बैठकर इस्राएल के बारह गोत्रों का न्याय करोगे।

मत्ती 19:29 और जिस किसी ने घरों या भाइयों या बहिनों या पिता या माता या लड़के-बालों या खेतों को मेरे नाम के लिये छोड़ दिया है, उसको सौ गुना मिलेगा: और वह अनन्त जीवन का अधिकारी होगा।

मत्ती 19:30 परन्तु बहुतेरे जो पहिले हैं, पिछले होंगे; और जो पिछले हैं, पहिले होंगे।

 

एक साल में बाइबल: 

  • 1 शमूएल 10-12
  • लूका 9:37-62

बुधवार, 7 अप्रैल 2021

नम्र

 

          एक शनिवार की दोपहर को मेरे चर्च के युवा समूह के कुछ सदस्य एक दूसरे से फिलिप्पियों 2:3-4 “विरोध या झूठी बड़ाई के लिये कुछ न करो पर दीनता से एक दूसरे को अपने से अच्छा समझो। हर एक अपनी ही हित की नहीं, वरन दूसरों की हित की भी चिन्ता करे” पर आधारित कुछ कठिन प्रश्न पूछने के लिए एकत्रित हुए। उनके द्वारा पूछे गए उन कठिन प्रश्नों में से कुछ थे: औरों में आप कितनी बार रुचि लेते हैं? कोई आपको क्या कहेगा – नम्र या घमण्डी; और क्यों? आदि। उनकी बातें सुनते हुए मैं उनके ईमानदार उत्तरों से प्रभावित हुई। वे किशोर इस बात से सहमत थे कि अपनी कमियों को स्वीकार कर लेना तो सहज है, किन्तु बदलना, या फिर, बदलने की इच्छा भी रखना, बहुत कठिन होता है। एक किशोर ने बड़े खेदित भाव से यह भी कहा, “स्वार्थी होना तो मेरे खून में है।”

          अपने ही ऊपर ध्यान केन्द्रित किए रहने के स्थान पर औरों की सेवा करने पर ध्यान लगाना केवल हम में निवास करने वाले प्रभु यीशु के आत्मा के द्वारा ही संभव है। इसीलिए, परमेश्वर के वचन बाइबल में, पौलुस प्रेरित ने भी यही बात फिलिप्पी की मसीही मण्डली को समझाई कि वे उन बातों पर ध्यान लगाएँ जो परमेश्वर ने उनके लिए की हैं, तथा संभव कर के दी हैं। परमेश्वर ने अपने बड़े अनुग्रह में उन्हें गोद ले लिया, अपने प्रेम से उन्हें सांत्वना दी, और सदा उनकी सहायता करते रहने के लिए उन्हें अपना पवित्र आत्मा दिया है (फिलिप्पियों 2:1-2)। और परमेश्वर ने यह न केवल फिलिप्पी के उन मसीही विश्वासियों के लिए किया, वरन संसार के प्रत्येक मसीही विश्वासी के लिए किया है। तो फिर ऐसे अनुग्रह के प्रति कोई भी मसीही विश्वासी सिवाए स्वभाव में विनम्र और व्यवहार में दीन हो जाने के और कोई भी प्रत्युत्तर कैसे दे सकता है?

          जी हाँ; परमेश्वर ही हमारे लिए बदल जाने का कारण है, और केवल वह ही हमें बदल सकता है: “क्योंकि परमेश्वर ही है, जिस न अपनी सुइच्‍छा निमित्त तुम्हारे मन में इच्छा और काम, दोनों बातों के करने का प्रभाव डाला है” (फिलिप्पियों 2:13)। जब हम इन बातों पर ध्यान लगाए रखते हैं, तब हम अपने ध्यान को अपने ऊपर कम और दूसरों की सेवा करने के लिए नम्र होने पर अधिक लगा सकते हैं। - पोह फेंग चिया

 

विनम्रता के साथ परमेश्वर की इच्छा को समर्पित हो जाना हमारी ज़िम्मेदारी है।


इसलिये परमेश्वर के चुने हुओं के समान जो पवित्र और प्रिय हैं, बड़ी करुणा, और भलाई, और दीनता, और नम्रता, और सहनशीलता धारण करो। और यदि किसी को किसी पर दोष देने को कोई कारण हो, तो एक दूसरे की सह लो, और एक दूसरे के अपराध क्षमा करो: जैसे प्रभु ने तुम्हारे अपराध क्षमा किए, वैसे ही तुम भी करो। - कुलुस्सियों 3:12-13

बाइबल पाठ: फिलिप्पियों 2:1-11

फिलिप्पियों 2:1 सो यदि मसीह में कुछ शान्ति और प्रेम से ढाढ़स और आत्मा की सहभागिता, और कुछ करुणा और दया है।

फिलिप्पियों 2:2 तो मेरा यह आनन्द पूरा करो कि एक मन रहो और एक ही प्रेम, एक ही चित्त, और एक ही मनसा रखो।

फिलिप्पियों 2:3 विरोध या झूठी बड़ाई के लिये कुछ न करो पर दीनता से एक दूसरे को अपने से अच्छा समझो।

फिलिप्पियों 2:4 हर एक अपनी ही हित की नहीं, वरन दूसरों की हित की भी चिन्ता करे।

फिलिप्पियों 2:5 जैसा मसीह यीशु का स्वभाव था वैसा ही तुम्हारा भी स्वभाव हो।

फिलिप्पियों 2:6 जिसने परमेश्वर के स्वरूप में हो कर भी परमेश्वर के तुल्य होने को अपने वश में रखने की वस्तु न समझा।

फिलिप्पियों 2:7 वरन अपने आप को ऐसा शून्य कर दिया, और दास का स्वरूप धारण किया, और मनुष्य की समानता में हो गया।

फिलिप्पियों 2:8 और मनुष्य के रूप में प्रगट हो कर अपने आप को दीन किया, और यहां तक आज्ञाकारी रहा, कि मृत्यु, हां, क्रूस की मृत्यु भी सह ली।

फिलिप्पियों 2:9 इस कारण परमेश्वर ने उसको अति महान भी किया, और उसको वह नाम दिया जो सब नामों में श्रेष्ठ है।

फिलिप्पियों 2:10 कि जो स्वर्ग में और पृथ्वी पर और जो पृथ्वी के नीचे है; वे सब यीशु के नाम पर घुटना टेकें।

फिलिप्पियों 2:11 और परमेश्वर पिता की महिमा के लिये हर एक जीभ अंगीकार कर ले कि यीशु मसीह ही प्रभु है।

 

एक साल में बाइबल: 

  • 1 शमूएल 7-9
  • लूका 9:18-36

मंगलवार, 6 अप्रैल 2021

असहनीय

 

          एक समय था जब The Experience Project, इक्कीसवीं सदी का सबसे बड़ा इंटरनेट का समुदाय था, और इस पर करोड़ों लोग अपने व्यक्तिगत पीड़ादायक अनुभव साझा किया करते थे। उनकी हृदय-विदारक कहानियों और अनुभवों को पढ़कर मुझे समझ में आता था कि कैसे हमें किसी ऐसे का साथ चाहिए होता है जो हमारी पीड़ा को समझे; कोई ऐसा जिसके साथ हम अपनी भावनाएँ बाँट सकें।

          परमेश्वर के वचन बाइबल में, उत्पत्ति की पुस्तक में, एक युवा दासी की कहानी है, जो बताती है कि किसी का साथ कितना शान्तिदायक हो सकता है; जीवन को असहनीय से सहनीय बना सकता है। हाजिरा एक दासी थी, जिसे संभवतः अब्राहम को मिस्र के एक फिरौन ने दिया था (देखिए उत्पत्ति 12:16; 16:1)। जब अब्राहम की पत्नी सारा गर्भवती नहीं हो सकी, तो उसने अब्राहम पर जोर दिया कि वह हाजिरा के द्वारा उसके लिए संतान उत्पन्न करे – जो आज हमें विचलित करने वाला, किन्तु उस समय की प्रथाओं में एक सामान्य बात थी। लेकिन जब हाजिरा गर्भवती हो गई, तो घर में तनाव आ गया, और सारा के द्वारा किए जा रहे उत्पीड़न से बचने के लिए हाजिरा जंगल में भाग गई (16:1-6)।

          लेकिन हाजिरा की कठिन और दयनीय स्थिति परमेश्वर की दृष्टि से छुपी हुई नहीं थी। परमेश्वर के एक दूत ने हाजिर से बात की, उसे दिलासा और प्रोत्साहन दिया (पद 7-12), और हाजिरा ने परमेश्वर के लिए कहा, “अत्ताएलरोई – तू सब कुछ देखने वाला परमेश्वर है” (पद 13)। इन शब्दों के द्वारा हाजिरा उस की स्तुति और आराधना कर रही थी जो केवल बाहरी स्थितियों और तथ्यों को ही नहीं देखता है,वरन सभी के मनों के अन्दर के हाल को भी अच्छे से जानता है और परखता है (1 इतिहास 28:9)।

          यही परमेश्वर देहधारी होकर पृथ्वी पर प्रभु यीशु मसीह के नाम से रहा, और “जब उसने भीड़ को देखा तो उसको लोगों पर तरस आया, क्योंकि वे उन भेड़ों के समान जिनका कोई रखवाला न हो, व्याकुल और भटके हुए से थे” (मत्ती 9:36)। हाजिरा की मुलाक़ात उस परमेश्वर से हुई थी जो ना केवल देखता है, वरन समझता भी है, और सहानुभूति भी रखता है, और समस्या के निवारण के लिए प्रावधान भी करता है। जिसने हाजिरा की स्थिति को देखा, समझा, और उसकी पीड़ा को जाना, उसे समाधान दिया, वही हमारी भी समस्त स्थिति को उसी प्रकार से जानता और समझता है और उचित कार्यवाही भी करता है (इब्रानियों 4:15-16)। हमारे इस प्रभु परमेश्वर की सहानुभूति और प्रावधान, यदि हम उन्हें विश्वास के साथ स्वीकार करें और मानें, तो हमारे असहनीय अनुभवों को न केवल सहनीय बना देते हैं, वरन “और हम जानते हैं, कि जो लोग परमेश्वर से प्रेम रखते हैं, उन के लिये सब बातें मिलकर भलाई ही को उत्पन्न करती है; अर्थात उन्हीं के लिये जो उस की इच्छा के अनुसार बुलाए हुए हैं” (रोमियों 8:28)। - जेफ़ ओल्सन

 

परमेश्वर हमारी सारी पीड़ा को ऐसे अनुभव करता है, जैसे वह उस ही की हो।


और हे मेरे पुत्र सुलैमान! तू अपने पिता के परमेश्वर का ज्ञान रख, और खरे मन और प्रसन्न जीव से उसकी सेवा करता रह; क्योंकि यहोवा मन को जांचता और विचार में जो कुछ उत्पन्न होता है उसे समझता है। यदि तू उसकी खोज में रहे, तो वह तुझ को मिलेगा; परन्तु यदि तू उसको त्याग दे तो वह सदा के लिये तुझ को छोड़ देगा। - 1 इतिहास 28:9

बाइबल पाठ: उत्पत्ति 16:7-16

उत्पत्ति 16:7 तब यहोवा के दूत ने उसको जंगल में शूर के मार्ग पर जल के एक सोते के पास पाकर कहा,

उत्पत्ति 16:8 हे सारै की दासी हाजिरा, तू कहां से आती और कहां को जाती है? उसने कहा, मैं अपनी स्वामिनी सारै के सामने से भाग आई हूं।

उत्पत्ति 16:9 यहोवा के दूत ने उस से कहा, अपनी स्वामिनी के पास लौट जा और उसके वश में रह।

उत्पत्ति 16:10 और यहोवा के दूत ने उस से कहा, मैं तेरे वंश को बहुत बढ़ाऊंगा, यहां तक कि बहुतायत के कारण उसकी गणना न हो सकेगी।

उत्पत्ति 16:11 और यहोवा के दूत ने उस से कहा, देख तू गर्भवती है, और पुत्र जनेगी, सो उसका नाम इश्माएल रखना; क्योंकि यहोवा ने तेरे दु:ख का हाल सुन लिया है।

उत्पत्ति 16:12 और वह मनुष्य बनैले गदहे के समान होगा उसका हाथ सबके विरुद्ध उठेगा, और सब के हाथ उसके विरुद्ध उठेंगे; और वह अपने सब भाई बन्धुओं के मध्य में बसा रहेगा।

उत्पत्ति 16:13 तब उसने यहोवा का नाम जिसने उस से बातें की थीं, अत्ताएलरोई रखकर कहा कि, क्या मैं यहां भी उसको जाते हुए देखने पाई जो मेरा देखने वाला है?

उत्पत्ति 16:14 इस कारण उस कुएं का नाम लहैरोई कुआं पड़ा; वह तो कादेश और बेरेद के बीच में है।

उत्पत्ति 16:15 सो हाजिरा अब्राम के द्वारा एक पुत्र जनी: और अब्राम ने अपने पुत्र का नाम, जिसे हाजिरा जनी, इश्माएल रखा।

उत्पत्ति 16:16 जब हाजिरा ने अब्राम के द्वारा इश्माएल को जन्म दिया उस समय अब्राम छियासी वर्ष का था।

 

एक साल में बाइबल: 

  • 1 शमूएल 4-6
  • लूका 9:1-17

सोमवार, 5 अप्रैल 2021

नया जीवन

 

          समाचार गंभीर और चिंताजनक था। मेरे पिता को छाती में दर्द होता रहता था, इसलिए उनके डॉक्टर ने उनके हृदय की कुछ जांचें करने को कहा। जांचो के परिणाम से पता चला कि उनके हृदय की मांसपेशियों में खून ले जाने वाली तीनों मुख्य नसों में रुकावट है, जिससे हृदय को पूरी तरह से रक्त-प्रवाह नहीं मिल पा रहा है। उनके इलाज के लिए हृदय का आपरेशन कर के उस रुकावट के पार रक्त प्रवाहित करने का मार्ग बनाना था। आपरेशन की तिथि 14 फरवरी निर्धारित हुई। मेरे पिता कुछ चिंतित तो थे, किन्तु उन्होंने उस तिथि को एक आशा-पूर्ण चिह्न के समान देखा; उन्होंने कहा, “मुझे वेलेंटाइन दिवस मनाने के लिए एक नया हृदय मिलने वाला है!” और यही हुआ भी – ऑपरेशन सफल रहा, उनके हृदय की माँसपेशियों में रक्त प्रवाहित करने का नया मार्ग बन गया, और हृदय को एक नया जीवन मिल गया।

          मेरे पिता के ऑपरेशन ने मुझे स्मरण दिलाया कि परमेश्वर ने भी उसकी भलाइयों और आशीषों को हमारे जीवनों में प्रवाहित होने से बाधित करने वाले पापों को हटाकर, हमें एक नए जीवन का मार्ग बनाकर दिया है – यदि हम उसके इस प्रावधान को स्वीकार कर लें तो। जैसा परमेश्वर के वचन बाइबल में  सिखाया गया है, पाप हमारे जीवन के आत्मिक मार्गों को बाधित कर देता है, हम परमेश्वर से संपर्क नहीं करने पाते हैं (यशायाह 59:2); हमें भी उस बाधा से पार होने के लिए आत्मिक ऑपरेशन की आवश्यकता होती है, जो प्रभु यीशु में हमारा लाया गया विश्वास और पापों से पश्चाताप करके देता है।

          परमेश्वर ने यहेजकेल 33:26 में अपने लोगों से इसी बात की प्रतिज्ञा की है। उसने इस्राएलियों को आश्वस्त किया,तुम को नया मन दूंगा, और तुम्हारे भीतर नई आत्मा उत्पन्न करूंगा; और तुम्हारी देह में से पत्थर का हृदय निकाल कर तुम को मांस का हृदय दूंगा”। उसने यह भी प्रतिज्ञा की है “तुम को तुम्हारी सारी अशुद्धता और मूरतों से शुद्ध करूंगा” (पद 25) तथा “अपना आत्मा तुम्हारे भीतर देकर ऐसा करूंगा कि तुम मेरी विधियों पर चलोगे और मेरे नियमों को मान कर उनके अनुसार करोगे” (पद 27)। ऐसे लोगों से जो सारी आशा खो चुके थे, परमेश्वर ने उन्हें एक नई शुरुआत देने की प्रतिज्ञा दी, क्योंकि परमेश्वर ही है जो नया जीवन प्रदान कर सकता है।

          परमेश्वर की यह प्रतिज्ञा प्रभु यीशु मसीह में होकर संसार के सभी लोगों पर भी लागू होती है, क्योंकि प्रभु यीशु के कलवरी के क्रूस पर सारे संसार के सभी लोगों के पापों के लिए दिए गए बलिदान, मारे जाने, गाड़े जाने और तीसरे दिन मृतकों में से जी उठने के द्वारा पाप क्षमा और नए जीवन के प्रवाहित होने का मार्ग खोल दिया गया है; अब बस उसे  स्वेच्छा से स्वीकार करके उसमें प्रवेश करना है। जैसे ही हम प्रभु परमेश्वर के कार्य को स्वीकार करते हैं, उस पर विश्वास लाते हैं, हमें एक नया आत्मिक ‘हृदय मिल जाता है, ऐसा जो हमारे पापों और निराशाओं से स्वच्छ कर दिया गया है। ऐसा जिस में अब मसीह यीशु की पवित्र आत्मा निवास करती है, जो परमेश्वर की शक्ति से धड़कता है; वह जिसमें नया जीवन है, और जो दूसरों को भी नए जीवन का मार्ग दिखाता है। - एडम होल्ज़

 

प्रभु यीशु सभी को, जो भी विश्वास में उसे स्वीकार करे, एक नया जीवन देता है।


सुनो, यहोवा का हाथ ऐसा छोटा नहीं हो गया कि उद्धार न कर सके, न वह ऐसा बहिरा हो गया है कि सुन न सके; परन्तु तुम्हारे अधर्म के कामों ने तुम को तुम्हारे परमेश्वर से अलग कर दिया है, और तुम्हारे पापों के कारण उस का मुँह तुम से ऐसा छिपा है कि वह नहीं सुनता। - यशायाह 59:1-2

बाइबल पाठ: यहेजकेल 36:24-27

यहेजकेल 36:24 मैं तुम को जातियों में से ले लूंगा, और देशों में से इकट्ठा करूंगा; और तुम को तुम्हारे निज देश में पहुंचा दूंगा।

यहेजकेल 36:25 मैं तुम पर शुद्ध जल छिड़कूंगा, और तुम शुद्ध हो जाओगे; और मैं तुम को तुम्हारी सारी अशुद्धता और मूरतों से शुद्ध करूंगा।

यहेजकेल 36:26 मैं तुम को नया मन दूंगा, और तुम्हारे भीतर नई आत्मा उत्पन्न करूंगा; और तुम्हारी देह में से पत्थर का हृदय निकाल कर तुम को मांस का हृदय दूंगा।

यहेजकेल 36:27 और मैं अपना आत्मा तुम्हारे भीतर देकर ऐसा करूंगा कि तुम मेरी विधियों पर चलोगे और मेरे नियमों को मान कर उनके अनुसार करोगे।

 

एक साल में बाइबल: 

  • 1 शमूएल 1-3
  • लूका 8:26-56

रविवार, 4 अप्रैल 2021

स्वच्छ

 

          मैं अवाक रहा गई। धुलाई के लिए मशीन में डाले गए मेरे सफ़ेद रंग के तौलियों के बीच में एक नीला जेल पेन भी चला गया, और वहाँ टूट गया, उसकी नीली स्याही ने धुलाई के लिए मशीन में डाले मेरे तौलियों पर नीले धब्बे छोड़ दिए, जिन्हें किसी भी रीति से साफ़ नहीं किया जा सकता था। मेरे वे सफ़ेद तौलिए अब बेकार थे; धब्बे मिटाने वाला पाउडर भी उन दाग़ों को हटा पाने में असमर्थ था; और मुझे उन तौलियों को फेंकना ही पड़ा।

          इससे मुझे परमेश्वर के वचन बाइबल में पुराने नियम में यिर्मयाह के विलाप की याद आई, जहाँ वह पाप के दाग़ों के हानिकारक प्रभावों का वर्णन करता है। यिर्मयाह ने इस्राएल से कहा कि परमेश्वर को त्याग कर, मूरतों की ओर मुड़ने के कारण उनके और परमेश्वर के संबंधों दूषित हो गए हैं (यिर्मयाह 2:13); ऐसे दूषित कि उनके अपने किसी भी प्रयास से वे अब फिर से स्वच्छ नहीं हो सकते थे,चाहे तू अपने को सज्जी से धोए और बहुत सा साबुन भी प्रयोग करे, तौभी तेरे अधर्म का धब्बा मेरे सामने बना रहेगा, प्रभु यहोवा की यही वाणी है” (यिर्मयाह 2:22)। वे लोग अपनी सामर्थ्य से अपने किए को सुधार पाने में बिलकुल असमर्थ थे।

          हमारे लिए भी अपने किसी प्रयास से अपने पापों के दाग़ों और उनके दुष्परिणामों को हटा पाना असंभव है। लेकिन जो हम अपने लिए नहीं कर सकते हैं, वह परमेश्वर ने हमारे लिए प्रभु यीशु मसीह में होकर कर के हमें दे दिया है। सारे संसार के सभी मनुष्यों के पापों के लिए मारे जाने, गाड़े जाने, और तीसरे दिन मृतकों में से जी उठने के द्वारा, प्रभु हमें सब पापों से शुद्ध कर सकता है (1 यूहन्ना 1:7)।

          चाहे कभी इस तथ्य पर भरोसा रखना कठिन भी हो, फिर भी इसे भरोसे के साथ थामे रहिए कि किसी के भी, किसी भी पाप का, ऐसा कोई भी दाग़ या प्रभाव नहीं है, जिसे प्रभु यीशु पूर्णतः मिटा कर, उसके जीवन को स्वच्छ न कर सके। जो कोई भी अपने पापों को स्वीकार करके उनके लिए पश्चाताप कर ले, क्षमा माँग ले, तो प्रभु परमेश्वर सभी को उनके सब अधर्म से शुद्ध करने के लिए तैयार है (1 यूहन्ना 1:9)। मसीह यीशु में होकर हम अपने जीवन के प्रत्येक दिन को पाप के दोष से स्वतंत्र होकर, परमेश्वर की आशीषों की आशा के साथ व्यतीत कर सकते हैं, पश्चाताप और क्षमा के द्वारा अपने पापों के सभी प्रभावों से स्वच्छ होने के द्वारा। - लिसा सामरा

 

प्रभु यीशु का लहू हमारे सभी पापों के सभी दाग़ों को धो कर हमें स्वच्छ करता है।


यदि हम अपने पापों को मान लें, तो वह हमारे पापों को क्षमा करने, और हमें सब अधर्म से शुद्ध करने में विश्वासयोग्य और धर्मी है। - 1 यूहन्ना 1:9

बाइबल पाठ: यिर्मयाह 2:13, 20-22

यिर्मयाह 2:13 क्योंकि मेरी प्रजा ने दो बुराइयां की हैं: उन्होंने मुझ बहते जल के सोते को त्याग दिया है, और, उन्होंने हौद बना लिये, वरन ऐसे हौद जो टूट गए हैं, और जिन में जल नहीं रह सकता।

यिर्मयाह 2:20 क्योंकि बहुत समय पहिले मैं ने तेरा जूआ तोड़ डाला और तेरे बन्धन खोल दिए; परन्तु तू ने कहा, मैं सेवा न करूंगी। और सब ऊंचे-ऊंचे टीलों पर और सब हरे पेड़ों के नीचे तू व्यभिचारिण का सा काम करती रही।

यिर्मयाह 2:21 मैं ने तो तुझे उत्तम जाति की दाखलता और उत्तम बीज कर के लगाया था, फिर तू क्यों मेरे लिये जंगली दाखलता बन गई?

यिर्मयाह 2:22 चाहे तू अपने को सज्जी से धोए और बहुत सा साबुन भी प्रयोग करे, तौभी तेरे अधर्म का धब्बा मेरे सामने बना रहेगा, प्रभु यहोवा की यही वाणी है।

 

एक साल में बाइबल: 

  • रूत 1-4
  • लूका 8:1-25

शनिवार, 3 अप्रैल 2021

पश्चाताप

 

          एक आदमी ने अपने घर के बाहर सुरक्षा की दृष्टि से वीडियो कैमरे लगवाए। जब उसने यह जानने के लिए कि वे कैमरे ठीक कार्य कर रहे हैं कि नहीं, उनकी रिकॉडिंग को देखा, तो वह यह देख कर चकित रह गया कि गहरे रंग के कपड़े पहने हुए चौड़े कन्धों वाला कोई आदमी, उसके आँगन में घूम-फिर रहा है। लेकिन उसे वह व्यक्ति कुछ परिचित सा भी लगा। जब उसने ध्यान पूर्वक देखा तो उसे एहसास हुआ कि उसके आँगन में कोई अजनबी नहीं घूम रहा था – उस रिकॉडिंग में वह स्वयं ही था जो अपने आँगन में घूम रहा था!

          यदि हम अपनी खाल से बाहर आकर अपने आप को कुछ विशेष समयों में देख सकते तो हम क्या देखते? परमेश्वर के वचन बाइबल में जब दाऊद का मन कठोर हुआ और उसे बतशेबा के साथ के उसके प्रसंग के विषय किसी बाहरी जन के नज़रिए से – परमेश्वर के नज़रिए से – परिस्थिति को देखने की आवश्यकता थी, तब परमेश्वर ने नातान नबी को उसके पास भेजा (2 शमूएल 12)।

          नातान ने दाऊद को बात समझाने के लिए एक कहानी का प्रयोग किया – एक अमीर आदमी ने एक गरीब आदमी की एकमात्र भेड़ को ले लिया, और उसके घर आए एक यात्री के सामने परोसने के लिए, उसे मार कर उससे भोजन बनवा लिया, जब कि स्वयं उसके पास अपने बहुत से पशु थे। फिर नातान ने खुलासा किया कि वह कहानी दाऊद द्वारा किए गए कार्यों को दिखाती थी। दाऊद समझ गया कि उसने ऊरिय्याह को किस प्रकार से हानि पहुँचाई। नातान ने दाऊद को उसके किए के परिणामों को भी समझाया। जब दाऊद ने अपने पाप को मान लिया, तब साथ ही उसने दाऊद को आश्वस्त किया कि परमेश्वर ने उसे क्षमा भी कर दिया है (2 शमूएल 12:13)।

          यदि परमेश्वर हमारे जीवन में किसी रीति से पाप को प्रगट करता है, तो उसका उद्देश्य हमें दोषी ठहराना नहीं है, वरन हमारी गलती को हमें समझा कर उससे पश्चाताप करने और क्षमा माँगने के लिए प्रेरित करना है, जिससे हमारा परमेश्वर के साथ तथा उनके साथ जिन्हें हमने दुःख पहुँचाया है, हमारा संबंध बहाल हो सके।

          परमेश्वर की क्षमा और उसके अनुग्रह की सामर्थ्य हमारे जीवनों में पापों के लिए हमारे पश्चाताप करने के द्वारा ही कार्यकारी होती है। पश्चाताप ही बहाली की ओर पहला कदम है। - जेनिफर बेनसन शुल्टज़

 

हे प्रभु मैं अपने जीवन में पापों से पश्चाताप करने का मन रख सकूँ; 

और आपके अनुग्रह का पात्र बन सकूँ।


इसलिये, मन फिराओ और लौट आओ कि तुम्हारे पाप मिटाए जाएं, जिस से प्रभु के सम्मुख से विश्रान्ति के दिन आएं। - प्रेरितों 3:19

बाइबल पाठ: 2 शमूएल 12:1-14

2 शमूएल 12:1 तब यहोवा ने दाऊद के पास नातान को भेजा, और वह उसके पास जा कर कहने लगा, एक नगर में दो मनुष्य रहते थे, जिन में से एक धनी और एक निर्धन था।

2 शमूएल 12:2 धनी के पास तो बहुत सी भेड़-बकरियां और गाय बैल थे;

2 शमूएल 12:3 परन्तु निर्धन के पास भेड़ की एक छोटी बच्ची को छोड़ और कुछ भी न था, और उसको उसने मोल ले कर जिलाया था। और वह उसके यहां उसके बाल-बच्चों के साथ ही बढ़ी थी; वह उसके टुकड़े में से खाती, और उसके कटोरे में से पीती, और उसकी गोद में सोती थी, और वह उसकी बेटी के समान थी।

2 शमूएल 12:4 और धनी के पास एक यात्री आया, और उसने उस यात्री के लिये, जो उसके पास आया था, भोजन बनवाने को अपनी भेड़-बकरियों या गाय बैलों में से कुछ न लिया, परन्तु उस निर्धन मनुष्य की भेड़ की बच्ची ले कर उस जन के लिये, जो उसके पास आया था, भोजन बनवाया।

2 शमूएल 12:5 तब दाऊद का कोप उस मनुष्य पर बहुत भड़का; और उसने नातान से कहा, यहोवा के जीवन की शपथ, जिस मनुष्य ने ऐसा काम किया वह प्राण दण्ड के योग्य है;

2 शमूएल 12:6 और उसको वह भेड़ की बच्ची का चौगुना भर देना होगा, क्योंकि उसने ऐसा काम किया, और कुछ दया नहीं की।

2 शमूएल 12:7 तब नातान ने दाऊद से कहा, तू ही वह मनुष्य है। इस्राएल का परमेश्वर यहोवा यों कहता है, कि मैं ने तेरा अभिषेक करा के तुझे इस्राएल का राजा ठहराया, और मैं ने तुझे शाऊल के हाथ से बचाया;

2 शमूएल 12:8 फिर मैं ने तेरे स्वामी का भवन तुझे दिया, और तेरे स्वामी की पत्नियां तेरे भोग के लिये दीं; और मैं ने इस्राएल और यहूदा का घराना तुझे दिया था; और यदि यह थोड़ा था, तो मैं तुझे और भी बहुत कुछ देने वाला था।

2 शमूएल 12:9 तू ने यहोवा की आज्ञा तुच्छ जान कर क्यों वह काम किया, जो उसकी दृष्टि में बुरा है? हित्ती ऊरिय्याह को तू ने तलवार से घात किया, और उसकी पत्नी को अपनी कर लिया है, और ऊरिय्याह को अम्मोनियों की तलवार से मरवा डाला है।

2 शमूएल 12:10 इसलिये अब तलवार तेरे घर से कभी दूर न होगी, क्योंकि तू ने मुझे तुच्छ जानकर हित्ती ऊरिय्याह की पत्नी को अपनी पत्नी कर लिया है।

2 शमूएल 12:11 यहोवा यों कहता है, कि सुन, मैं तेरे घर में से विपत्ति उठा कर तुझ पर डालूंगा; और तेरी पत्नियों को तेरे सामने ले कर दूसरे को दूंगा, और वह दिन दुपहरी में तेरी पत्नियों से कुकर्म करेगा।

2 शमूएल 12:12 तू ने तो वह काम छिपाकर किया; पर मैं यह काम सब इस्राएलियों के सामने दिन दुपहरी कराऊंगा।

2 शमूएल 12:13 तब दाऊद ने नातान से कहा, मैं ने यहोवा के विरुद्ध पाप किया है। नातान ने दाऊद से कहा, यहोवा ने तेरे पाप को दूर किया है; तू न मरेगा।

2 शमूएल 12:14 तौभी तू ने जो इस काम के द्वारा यहोवा के शत्रुओं को तिरस्कार करने का बड़ा अवसर दिया है, इस कारण तेरा जो बेटा उत्पन्न हुआ है वह अवश्य ही मरेगा।

 

एक साल में बाइबल: 

  • न्यायियों 19-21
  • लूका 7:31-50