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मंगलवार, 26 जुलाई 2011

नैतिकता, धार्मिकता तथा ग्रहणयोग्यता

नैतिक होने से हम धर्मी भी हों, ऐसा अनिवार्य नहीं। परन्तु जो धर्मी होगा, वह अवश्य ही नैतिक भी होगा। संसार तथा कभी कभी मसीही विश्वासी भी यह मान लेते हैं कि क्योंकि संसार की नज़रों में उनका चरित्र और चालचलन किसी भी उलाहना या आलोचना से परे है, इसलिए वे परमेश्वर के सामने भी सही होंगे। लेकिन यह आवश्यक नहीं है, बाइबल बताती है कि मनुष्य परमेश्वर के साथ ठीक हुए बिना भी अपने कार्यों तथा प्रयासों से नैतिक तो हो सकता है लेकिन परमेश्वर को ग्रहण योग्य नहीं, क्योंकि परमेश्वर की धार्मिकता का स्तर मनुष्यों और संसार के स्तर से भिन्न और सिद्ध है।

बाइबल की यह स्पष्ट शिक्षा है कि परमेश्वर को केवल पापों के लिए पश्चाताप, पापों से मन फिराव तथा प्रभु यीशु द्वारा मिलने वाली पापों से क्षमा द्वारा उत्पन्न धार्मिकता ही स्वीकार है; अन्य किसी भी माध्यम से कोई संसार के समक्ष तो नैतिक और धर्मी हो सकता है, परमेश्वर के समक्ष नहीं। परमेश्वर को मनुष्यों से केवल अपनी आज्ञाकारिता चाहिए, उनके ’धर्म के कार्य’ नहीं (निर्गमन १९:५; यर्मियाह ७:२३, होशिया ६:६)। बाइबल हमारे धर्म के कार्यों को "मैले चिथड़ों" की संज्ञा देती है (यशायाह ६४:६)। पौलुस प्रेरित का जीवन इस बात का उत्तम उदाहरण है। पौलुस एक कुलीन यहूदी घराने मे पैदा हुआ, धर्म की शिक्षा उसने अपने समय के सबसे उत्तम गुरू गमलीएल से पाई, धर्म की शिक्षाओं के पालन में उसने कोई कमी नहीं छोड़ी, किसी को दोष देने का कोई अवसर नहीं दिया; किंतु जब प्रभु यीशु मसीह से उसका सामना हुआ तो प्रभु की पवित्रता के सम्मुख उस ने अपने धर्म की नैतिकता की तुच्छता को पहचाना, और अपने कर्मों की नैतिकता को त्याग कर उसने प्रभु से पश्चातप की धार्मिकता को सदा काल के लिए ले लिया। इस बात का विवरण उसने फिलिप्पियों को लिखी अपनी पत्री में किया।

पुराने नियम में अय्युब की पुस्तक में भी अय्युब की कहानी इसी बात को दिखाती है। संसार में अय्युब के समान कोई धर्मी और नैतिक नहीं था (अय्युब १:१), स्वयं परमेश्वर ने दो दफा इस बात को कहा - अय्युब १:८ एवं २:३। लेकिन इसी अय्युब ने जब परमेश्वर का प्रत्यक्ष दर्शन पाया तो वह पुकार उठा, "मैं कानों से तेरा समाचार सुना था, परन्तु अब मेरी आंखें तुझे देखती हैं; इसलिये मुझे अपने ऊपर घृणा आती है, और मैं धूलि और राख में पश्चात्ताप करता हूँ। (अय्युब ४२:५, ६)।

यह जानते हुए कि लोग नैतिक तथा धर्मी तो हो सकते हैं परन्तु परमेश्वर को ग्रहणयोग्य नहीं, हमें अपने जीवनों को जाँचने की आवश्यक्ता है। हम परमेश्वर की धार्मिकता के पैमाने पर कहाँ खड़े हैं? क्या हम "मैले चीथड़ों" द्वारा परमेश्वर को प्रसन्न करने और उसे ग्रहणयोग्य होने की कोशिश में लगे हैं या उसके द्वारा प्रभु यीशु में दीये गए मार्ग पर चलकर उस तक पहुंचने वाले लोग हैं? हम शरीर के किन्ही कार्यों से नहीं केवल आत्मा के समर्पण और परमेश्वर की आज्ञाकारिता से ही उसे ग्रहणयोग्य बन सकते हैं।


मसीह से मिली पवित्रता ही परमेश्वर को ग्रहण्योग्य धार्मिकता का स्त्रोत है।

हम तो सब के सब अशुद्ध मनुष्य के से हैं, और हमारे धर्म के काम सब के सब मैले चिथड़ों के समान हैं। - यशायाह ६४:६


बाइबल पाठ: फिलिप्पियों ३:१-११
Php 3:1 निदान, हे मेरे भाइयो, प्रभु में आनन्‍दित रहो: वे ही बातें तुम को बार बार लिखने में मुझे तो कोई कष्‍ट नहीं होता, और इस में तुम्हारी कुशलता है।
Php 3:2 कुत्तों से चौकस रहो, उन बुरे काम करने वालों से चौकस रहो, उन काट कूट करने वालों से चौकस रहो।
Php 3:3 क्‍योंकि खतनावाले तो हम ही हैं जो परमेश्वर के आत्मा की अगुवाई से उपासना करते हैं, और मसीह यीशु पर घमण्‍ड करते हैं और शरीर पर भरोसा नहीं रखते।
Php 3:4 पर मैं तो शरीर पर भी भरोसा रख सकता हूं यदि किसी और को शरीर पर भरोसा रखने का विचार हो, तो मैं उस से भी बढ़कर रख सकता हूं।
Php 3:5 आठवें दिन मेरा खतना हुआ, इस्‍त्राएल के वंश, और बिन्यामीन के गोत्र का हूं; इब्रानियों का इब्रानी हूं, व्यवस्था के विषय में यदि कहो तो फरीसी हूं।
Php 3:6 उत्‍साह के विषय में यदि कहो तो कलीसिया का सताने वाला, और व्यवस्था की धामिर्कता के विषय में यदि कहो तो निर्दोष था।
Php 3:7 परन्‍तु जो जो बातें मेरे लाभ की थीं, उन्‍हीं को मैं ने मसीह के कारण हानि समझ लिया है।
Php 3:8 वरन मैं अपने प्रभु मसीह यीशु की पहिचान की उत्तमता के कारण सब बातों को हानि समझता हूं: जिस के कारण मैं ने सब वस्‍तुओं की हानि उठाई, और उन्‍हें कूड़ा समझता हूं, जिस से मैं मसीह को प्राप्‍त करूं।
Php 3:9 और उस में पाया जाऊं; न कि अपनी उस धामिर्कता के साथ, जो व्यवस्था से है, वरन उस धामिर्कता के साथ जो मसीह पर विश्वास करने के कारण है, और परमेश्वर की ओर से विश्वास करने पर मिलती है।
Php 3:10 और मैं उसको और उसके मृत्युंजय की सामर्थ को, और उसके साथ दुखों में सहभागी हाने के मर्म को जानूं, और उस की मृत्यु की समानता को प्राप्‍त करूं।
Php 3:11 ताकि मैं किसी भी रीति से मरे हुओं में से जी उठने के पद तक पहुंचूं।

एक साल में बाइबल:
  • भजन ४०-४२
  • प्रेरितों २७:१-२६

सोमवार, 25 जुलाई 2011

प्रदर्शित ढोंग

लण्डन शहर के एक प्रसिद्ध पनीर विक्रेता की दुकान पर बहुत से लोग पंक्ति में खड़े थे। विख्यात प्रचारक स्पर्जन भी वहाँ पनीर खरीदने के इरादे से आए। दुकान की खिड़की में एक बहुत अच्छे प्रतीत होने वाले पनीर के पिण्ड को देख कर स्पर्जन उसकी और आकर्षित हुए और उसे टटोलने लगे। उन्होंने अपनी छड़ी से उसपर हलके से थपकी दी, और आश्चर्यजनक रूप से उस पनीर का पिण्ड में से धातु के बने खोखले बर्तन की खनखनाहट सुनाई दी - वह केवल दिखाने मात्र को खिड़की में रखा धातु से बना पनीर के पिण्ड का नमूना था, वास्तविक पनीर का पिण्ड नहीं। स्पर्जन ने बाद में इस घटना का उल्लेख करते हुए कहा, "मेरा निष्कर्ष था कि मैंने एक बहुत आकर्षक और असली दिखने वाले ढोंगी से मुलाकात करी।"

लोग ऐसे ही हो सकते हैं - जैसे वे प्रतीत होते हैं वैसे वे होते नहीं हैं। बहुत से अपने आप को मसीही विश्वासी तो कहते हैं और रविवार की प्रातः सभाओं में वे बहुत आकर्षक भी दिखते हैं, लेकिन परखे जाने पर उन में से खोखलेपन की ध्वनि आती है। कोई व्यक्ति असली विश्वास से बिलकुल परे होकर भी संसार के सामने मसीही विश्वासी होने का ढोंग तो कर सकता है, लेकिन जैसे ही प्रलोभन अथवा आत्मिक ज़िम्मेदारी से आप उसे परखेंगे, उस के विश्वास का खोखलपन और जीवन का ढोंग प्रकट हो जाएगा। जो आत्मिकता उसमें प्रतीत होती थी वह केवल दिखाने की थी निभाने की नहीं।

लेकिन ऐसा तिमुथियुस के साथ नहीं था। उसका विश्वास खरा और वास्तविक था - इतना असली कि उसके बारे में सोचने भर से ही पौलुस आनन्द से भर गया। तिमुथियुस का हृदय भी अपने लिए लिखी गई पौलुस की पत्री को पढ़ कर संतुष्टि तथा आनन्द से भर गया होगा।

हमें भी अपने विश्वास की खराई को लगातार जाँचते रहना चाहिए कि कहीं उसमें संसार की बातों की मिलावट तो नहीं होती जा रही? क्या जिस विश्वास का हम दावा करते हैं, वह परमेश्वर के जाँचे जाने पर उसके सामने खरा निकलेगा? - पौल वैन गोर्डर


बहुत से लोग मसीह को केवल अपना स्वरूप देते हैं, मन नहीं।

मुझे तेरे उस निष्‍कपट विश्वास की सुधि आती है, जो पहिले तेरी नानी लोइस, और तेरी माता यूनीके में था, और मुझे निश्‍चय हुआ है, कि तुझ में भी है। - २ तिमुथियुस १:५


बाइबल पाठ: २ तिमुथियुस १:१-५

2Ti 1:1 पौलुस की ओर से जो उस जीवन की प्रतिज्ञा के अनुसार जो मसीह यीशु में है, परमेश्वर की इच्‍छा से मसीह यीशु का प्रेरित है।
2Ti 1:2 प्रिय पुत्र तीमुथियुस के नाम। परमेश्वर पिता और हमारे प्रभु मसीह यीशु की ओर से तुझे अनुग्रह और दया और शान्‍ति मिलती रहे।
2Ti 1:3 जिस परमेश्वर की सेवा मैं अपने बापदादों की रीति पर शुद्ध विवेक से करता हूं, उसका धन्यवाद हो कि अपनी प्रार्थनाओं में तुझे लगातार स्मरण करता हूं।
2Ti 1:4 और तेरे आंसुओं की सुधि कर करके रात दिन तुझ से भेंट करने की लालसा रखता हूं कि आनन्‍द से भर जाऊं।
2Ti 1:5 और मुझे तेरे उस निष्‍कपट विश्वास की सुधि आती है, जो पहिले तेरी नानी लोइस, और तेरी माता यूनीके में था, और मुझे निश्‍चय हुआ है, कि तुझ में भी है।

एक साल में बाइबल:
  • भजन ३७-३९
  • प्रेरितों २६

रविवार, 24 जुलाई 2011

भिन्न मापदण्ड

लोगों को नापने के मापदण्ड में परमेश्वर और संसार में बहुत फर्क है। संसार लोगों को उनकी दौलत, शोहरत और रुतबे के अनुसार नापता है, चाहे उन का नैतिक और आत्मिक स्तर कैसा भी हो। इसकी तुलना में परमेश्वर मनुष्य में दीनता, नम्रता, खराई, निस्वार्थ होना आदि गुण देखता है।

कई बार हम लोगों को गलत समझते हैं क्योंकि हम उनके हृदयों की दशा से अनभिज्ञ होते हैं। यहूदी लोग, अपने समाज में शास्त्रियों को बड़े आदर का स्थान देते थे क्योंकि वे शास्त्री बिना कोई मेहनताना लिए, अपने हाथों से, परमेश्वर के वचन की प्रतिलिपियाँ बनाया करते थे। इस कार्य को करने के कारण लोग उन्हें बड़ा धार्मिक मानते थे। लेकिन प्रभु यीशु उनके मन की वास्तविकता पहचानते थे। उन्हें पता था कि ये शास्त्री समाज में हर जगह अपने आदर्णीय पद का अनुचित लाभ उठाकर अपने स्वार्थसिद्धी के प्रयत्न में रत रहते थे। प्रभु ने मन्दिर में आने वाली एक कंगाल विध्वा के मन की खराई भी देखी, जिसने दो दमड़ी - जो उसका सर्वस्व था, मन्दिर के भंडार में डाल दी, लेकिन किसी मनुष्य ने उसके इस महान त्याग को नहीं पहचाना।

जब हम अपने नापने के स्तर बनाएं और लोगों को उनके अनुसार नापना आरंभ करें तो ध्यान रखें कि परमेश्वर बाहरी स्वरूप को नहीं हृदयों को देखता है। वह हमें भी हमारे हृदय की दशा कि अनुसार ही आँकेगा, संसार के स्तर अथवा मापदण्ड के अनुसार नहीं। उसका प्रतिफल उसके अपने मापदण्ड के अनुसार होगा, हमारे या संसार के मापदण्ड अथवा सिफारिश के अनुसार नहीं।

यदि हम अपने जीवन में परमेश्वर के पवित्र आत्मा की शिक्षाओं के प्रति संवेदनशील रहेंगे, और उसी पर निर्भर होकर, उसी के मार्ग दर्शन में होकर चलेंगे, तो वह हमारे अन्दर एक ऐसा जीवन उत्पन्न करेगा जो परमेश्वर के मापदण्ड पर खरा होगा और अनन्त काल के लिए भले प्रतिफलों से भरा होगा।

यदि हमारे जीवनों में मसीही जीवन का बिगड़ा हुआ स्वरूप है, तो हम ने संसार को अपना जीवन प्रभावित करने दिया है।

...यहोवा का देखना मनुष्य का सा नहीं है? मनुष्य तो बाहर का रूप देखता है, परन्तु यहोवा की दृष्टि मन पर रहती है। - १ शमूएल १६:७


बाइबल पाठ: लूका २०:४५-२१:४

Luk 20:45 जब सब लोग सुन रहे थे, तो उस ने अपके चेलों से कहा।
Luk 20:46 शास्‍त्रियों से चौकस रहो, जिन को लम्बे लम्बे वस्‍त्र पहिने हुए फिरना भाता है, और जिन्‍हें बाजारों में नमस्‍कार, और सभाओं में मुख्य आसन और जेवनारों में मुख्य स्थान प्रिय लगते हैं।
Luk 20:47 वे विधवाओं के घर खा जाते हैं, और दिखाने के लिये बड़ी देर तक प्रार्थना करते रहते हैं: वे बहुत ही दण्‍ड पाएंगे।
Luk 21:1 फिर उस ने आंख उठा कर धनवानों को अपना अपना दान भण्‍डार में डालते देखा।
Luk 21:2 और उस ने एक कंगाल विधवा को भी उस में दो दमडिय़ां डालते देखा।
Luk 21:3 तब उस ने कहा मैं तुम से सच कहता हूं कि इस कंगाल विधवा ने सब से बढ़ कर डाला है।
Luk 21:4 क्‍योंकि उन सब ने अपनी बढ़ती में से दान में कुछ डाला है, परन्‍तु इस ने अपनी घटी में से अपनी सारी जीविका डाल दी है।

एक साल में बाइबल:
  • भजन ३५-३६
  • प्रेरितों २५

शनिवार, 23 जुलाई 2011

काफी नहीं

हास्यकार सैम लेविन्सन ने एक ड्राईवर की कहानी सुनाई जिसने एक खड़ी हुई गाड़ी के शीशे पर कागज़ की एक पर्ची लगाई जिस पर लिखा था, "मैं अभी आपकी गाड़ी से टकराया हूँ। जिन लोगों ने मेरे द्वार हुए इस टक्कर को होते देखा, वे मुझे देख रहे हैं। उन्हें लग रहा है कि मैं इस पर्ची पर लिखकर माफी माँग रहा हूँ और अपना नाम तथा पता लिख रहा हूँ। जी नहीं, न मैं ऐसा कर रहा हूँ और न ही ऐसा करने का मेरा कोई इरादा है।"

बाइबल के पुराने नियम में यर्मियाह भविष्यद्वक्ता की पुस्तक के ३ अध्याय में भी एक ऐसे ही कपट का उल्लेख है - यहूदा के लोगों ने परमेश्वर की ओर लौट आने का दिखावा तो किया किंतु उनके मन परमेश्वर से दूर ही रहे। उन्होंने परमेश्वर को "पिता" कह कर तो बुलाया, किंतु साथ ही जो भी बुराई वे कर सकते थे, उसे वे करते रहे (पद ४, ५)।

मैं स्वयं अपने जीवन में परमेश्वर के सामने सच्चाई और खराई से खड़े हो पाने की समस्या से बड़ी किसी और समस्या को नहीं आँक पाता, उस परमेश्वर के सामने जिस ने अपने आप को मेरे लिए प्रभु यीशु में होकर इतना दीन और नम्र किया है तथा इतना सहज, वास्तविक और इतना उपलब्ध बना दिया है। मसीह यीशु के विष्य में यह कहना, "हाँ, वह मेरा प्रभु और उद्धारकर्ता है; वह मेरे पापों के लिए मरा और मेरी आरधना तथा सेवा का हकदार है" बहुत आसान है, किंतु अपने इस अंगीकार को निभाना, विशेष कर तब जब कोई हमें देख न रहा हो, आसान नहीं है। जब हमारे लाभ के लिए आवश्यक हो तो लोगों के सामने प्रभु के विष्य में सही बातें बोलना और विश्वास के दावे करना तो सहज है, परन्तु परमेश्वर के साथ हमारे दिल की गहराईयों में और जीवन में हमारी इच्छाओं तथा महत्वकांक्षाओं के निर्वाह में हमारा संबंध कैसा है? हमारे अन्दर की सच्चाई सदा ही हमारे बाहर से लोगों को दिखने वाले स्वरूप के अनुसार नहीं होती।

हम स्वयं अपने आप को धोखा देना छोड़ दें। संसार के लोगों की आँखों में आँखें डाल कर कह देना भर काफी नहीं है; क्या अपने जीवन और समर्पण के विष्य में हम परमेश्वर की आँखों में आँखें डालकर, बिना किसी शर्मिंदगी का एहसास किये उसके लिए अपने अंगीकार को दोहरा सकते हैं? - मार्ट डी हॉन


जैसा हमें होना चाहिए, उसके लिए जितनी अधिक मेहनत हम करेंगे, उतना ही कम प्रयास हमें अपनी वास्तविकता को छुपाने के लिए करना पड़ेगा।

इतने पर भी उसकी विश्वासघाती बहिन यहूदा पूर्ण मन से मेरी ओर नहीं फिरी, परन्तु कपट से, यहोवा की यही वाणी है। - यर्मियाह ३:१०


बाइबल पाठ: यर्मियाह ३:४-१०

Jer 3:4 क्या तू अब मुझे पुकार कर कहेगी, हे मेरे पिता, तू ही मेरी जवानी का साथी है?
Jer 3:5 क्या वह मन में सदा क्रोध रखे रहेगा? क्या वह उसको सदा बनाए रहेगा? तू ने ऐसा कहा तो है, परन्तु तू ने बुरे काम प्रबलता के साथ किए हैं।
Jer 3:6 फिर योशिय्याह राजा के दिनों में यहोवा ने मुझ से यह भी कहा, क्या तू ने देखा कि भटकने वाली इस्राएल ने क्या किया है? उस ने सब ऊंचे पहाड़ों पर और सब हरे पेड़ों के तले जा जाकर व्यभिचार किया है।
Jer 3:7 तब मैं ने सोचा, जब ये सब काम वह कर चुके तब मेरी ओर फिरेगी; परन्तु वह न फिरी, और उसकी विश्वासघाती बहिन यहूदा ने यह देखा।
Jer 3:8 फिर मैं ने देखा, जब मैं ने भटकने वाली इस्राएल को उसके व्यभिचार करने के कारण त्याग कर उसे त्यागपत्र दे दिया तौभी उसकी विश्वासघाती बहिन यहूदा न डरी, वरन जाकर वह भी व्यभिचारिणी बन गई।
Jer 3:9 उसके निर्लज्ज-व्यभिचारिणी होने के कारण देश भी अशुद्ध हो गया, उस ने पत्थर और काठ के साथ भी व्यभिचार किया।
Jer 3:10 इतने पर भी उसकी विश्वासघाती बहिन यहूदा पूर्ण मन से मेरी ओर नहीं फिरी, परन्तु कपट से, यहोवा की यही वाणी है।

एक साल में बाइबल:
  • भजन ३३-३४
  • प्रेरितों २४

शुक्रवार, 22 जुलाई 2011

कहा सो करा

जुआ खेलने की लत से चाहे हम दूर हों परन्तु जुआ खेलने की प्रवृति से कोई भी अनजान नहीं है। जुए के कई रूप हो सकते हैं और इन से छेड़-छाड़ से हमें रोमांच और उत्तेजना मिल सकती है, लेकिन हर प्रकार के जुए में सदा ही जीतने से कहीं अधिक हार की संभावनाएं निहित रहती हैं। एक अनुमान के अनुसार ६० लाख से अधिक अमेरीकी मानसिक तौर से जुए की लत के शिकार हैं। प्रतिदिन वे थोड़े समय की उत्तेजना और रोमांच के लिए अपना सब कुछ दांव पर लगाने से नहीं हिचकिचाते।

कुछ मसीही विश्वासियों को इसी प्रकार की समस्या है - आत्मिक जुआ खेलने की प्रवृति। वे परमेश्वर द्वारा पाप और अनैतिक व्यवहार के लिए करी गई उसके न्याय की भविष्यवाणी के विरुद्ध दांव लगाते हैं। उन्हें लगता है कि वे संसार के साथ समझौते और सांसारिक बातों तथा व्यवहार का भी आनन्द ले सकते हैं तथा अपने आत्मिक जीवन की आशीषों को भी बनाए रख सकते हैं।

हम जानते हैं कि भाग्य जैसा कुछ नहीं होता, जो है वह परमेश्वर की इच्छा है - अगर परमेश्वर की इच्छा में बने रहेंगे तो भलाई और आशीषें पाएंगे अन्यथा परशानियाँ और मुसीबतें; लेकिन फिर भी हम पाप से आनन्द लेने में बाज़ नहीं आते। खतरा मोल लेने के रोमांच के वशीभूत हम परमेश्वर के नियमों के विरुद्ध दांव लगा कर हम उस से जीत सकने की आशा बनाए रखते हैं।

परमेश्वर ने कभी हमें किसी प्रकार के कोई सन्देह का स्थान नहीं दिया है कि उसका वचन पूरा होगा कि नहीं - यह संभावना नहीं अवश्यंभावी है। इसमें सन्देह का कोई स्थान नहीं कि जो कुछ परमेश्वर ने कहा है, वह ठीक वैसे ही पूरा भी होगा। इसलिए परमेश्वर के वचन के विपरीत अपनी समझ, बुद्धि, ज्ञान तथा प्रतिभा पर भरोसा रखना मूर्खता है।

पाप के क्षणिक आनन्द की संभावन के लिए दांव लगाने की बजाए हमें परमेश्वर के विश्वास योग्य वचन पर सम्पूर्ण भरोसा रखना चाहिए जिससे अनन्तकाल की आशीषें हमारे साथ बनी रहें, क्योंकि परमेश्वर का गुण है कि जो वह कहता है, वही करता भी है। - मार्ट डी हॉन


संसार का इतिहास गवाह कि परमेश्वर ने जो भी कहा है, वह किया भी है।

मैं जगत के लोगों को उनकी बुराई के कारण, और दुष्टों को उनके अधर्म का दण्ड दूंगा; मैं अभिमानियों के अभिमान को नाश करूंगा और उपद्रव करने वालों के घमण्ड को तोडूंगा। - यशायाह १३:११


बाइबल पाठ: यशायाह १३

Isa 13:1 बाबुल के विषय की भारी भविष्यवाणी जिसको आमोस के पुत्र यशायाह ने दर्शन में पाया।
Isa 13:2 मुंड़े पहाड़ पर एक झंडा खड़ा करो, हाथ से सैन करो और उन से ऊंचे स्वर से पुकारो कि वे सरदारों के फाटकों में प्रवेश करें।
Isa 13:3 मैं ने स्वयं अपने पवित्र किए हुओं को आज्ञा दी है, मैं ने अपने क्रोध के लिये अपने वीरों को बुलाया है जो मेरे प्रताप के कारण प्रसन्न हैं।
Isa 13:4 पहाड़ों पर एक बड़ी भीड़ का सा कोलाहल हो रहा है, मानो एक बड़ी फौज की हलचल हों। राज्य राजय की इकट्ठी की हुई जातियां हलचल मचा रही हैं। सेनाओं का यहोवा युद्ध के लिये अपनी सेना इकट्ठी कर रहा है।
Isa 13:5 वे दूर देश से, आकाश के छोर से आए हैं, हाँ, यहोवा अपने क्रोध के हथियारों समेत सारे देश को नाश करने के लिये आया है।
Isa 13:6 हाय-हाय करो, क्योंकि यहोवा का दिन समीप है; वह सर्वशक्तिमान की ओर से मानो सत्यानाश करने के लिये आता है।
Isa 13:7 इस कारण सब के हाथ ढ़ीले पड़ेंगे, और हर एक मनुष्य का हृदय पिघल जाएगा,
Isa 13:8 और वे घबरा जाएगें। उनको पीड़ा और शोक होगा; उनको जच्चा की सी पीड़ाएं उठेंगी। वे चकित होकर एक दूसरे को ताकेंगे, उनके मुंह जल जायेंगे।
Isa 13:9 देखो, यहोवा का वह दिन रोष और क्रोध और निर्दयता के साथ आता है कि वह पृथ्वी को उजाड़ डाले और पापियों को उस में से नाश करे।
Isa 13:10 क्योंकि आकाश के तारागण और बड़े बड़े नक्षत्र अपना प्रकाश न देंगे, और सूर्य उदय होते होते अन्धेरा हो जाएगा, और चन्द्रमा अपना प्रकाश न देगा।
Isa 13:11 मैं जगत के लोगों को उनकी बुराई के कारण, और दुष्टों को उनके अधर्म का दण्ड दूंगा; मैं अभिमानियों के अभिमान को नाश करूंगा और उपद्रव करने वालों के घमण्ड को तोडूंगा।
Isa 13:12 मैं मनुष्य को कुन्दन से, और आदमी को ओपीर के सोने से भी अधिक महंगा करूंगा।
Isa 13:13 इसलिये मैं आकाश को कंपाऊंगा, और पृथ्वी अपने स्थान से टल जाएगी, यह सेनाओं के यहोवा के रोष के कारण और उसके भड़के हुए क्रोध के दिन होगा।
Isa 13:14 और वे खदेड़े हुए हरिण, वा बिन चरवाहे की भेड़ों की नाईं अपने अपने लोगों की ओर फिरेंगे, और अपने अपने देश को भाग जाएंगे।
Isa 13:15 जो कोई मिले सो बेधा जाएगा, और जो कोई पकड़ा जाए, वह तलवार से मार डाला जाएगा।
Isa 13:16 उनके बाल-बच्चे उनके साम्हने पटक दिए जाएंगे और उनके घर लूटे जाएंगे, और उनकी स्त्रियां भ्रष्ट की जाएंगी।
Isa 13:17 देखो, मैं उनके विरूद्ध मादी लोगों को उभारूंगा जो न तो चान्दी का कुछ विचार करेंगे और न सोने का लालच करेंगे।
Isa 13:18 वे तीरों से जवानों को मारेंगे, और बच्चों पर कुछ दया न करेंगे, वे लड़कों पर कुछ तरस न खाएंगे।
Isa 13:19 और बाबुल जो सब राज्यों का शिरोमणि है, और जिस की शोभा पर कसदी लोग फूलते हैं, वह ऐसा हो जाएगा जैसे सदोम और अमोरा, जब परमेश्वर ने उन्हें उलट दिया था।
Isa 13:20 वह फिर कभी न बसेगा और युग युग उस में कोई वास न करेगा; अरबी लोग भी उस में डेरा खड़ा न करेंगे, और न चरवाहे उस में अपने पशु बैठाएंगे।
Isa 13:21 वहां जंगली जन्तु बैठेंगे, और उल्लू उन के घरों में भरे रहेंगे; वहां शुतुर्मुर्ग बसेंगे, और छगलमानस वहां नाचेंगे। उस नगर के राज-भवनों में हुंडार,
Isa 13:22 और उसके सुख-विलास के मन्दिरों में गीदड़ बोला करेंगे; उसके नाश होने का समय निकट आ गया है, और उसके दिन अब बहुत नहीं रहे।

एक साल में बाइबल:
  • भजन ३१-३२०
  • प्रेरितों २३:१६-३५

गुरुवार, 21 जुलाई 2011

बोया सो काटोगे

लेखक तथा कैदख़ानों की दशा में सुधार में लगे सामजिक कार्यकर्ता चार्ल्स कोल्सन ने अन्य देशों के लिए जासूसी करने में लगे अमेरीकियों की संख्या में आक्समत वृद्धि से संबंधित एक चर्चा के दौरान कहा कि जो अमेरिका ने बोया है अब वह उसी की कटनी काट रहा है। मध्य बीसवीं शताब्दी के बाद अपने विज्ञान और आर्थिक समृद्धि के नशे में अधिकांश अमेरीकी नागरिकों ने परमेश्वर की मौजूदगी तथा महत्व को त्याग दिया। ना केवल उन्होंने परमेश्वर के अस्तित्व का इन्कार किया वरन उसके द्वारा स्थापित नैतिक मान्दण्डों को भी मानने से इन्कार कर दिया। उनका कहना था कि वे स्वयं निर्धारित करेंगे कि क्या सही है और क्या गलत। इसके लिए उन्हें किसी अन्य से कुछ सीखने की आवश्यक्ता नहीं है। उनके लिए देशभक्ति, कर्तव्य, वफादारी, भक्ति आदि व्यर्थ बातें हैं जो उनके परिहास का विष्य बनीं। लेकिन आज अमेरीका उनके द्वारा लिए गए निर्ण्यों का कटु प्रतिफल भोग रहा है - अनगिनित गर्भपात, तलाक और टूटे हुए घर-परिवार, परसपर अविश्वास तथा समाज में बढ़ती हुई हिंसा, युवकों में बढ़ती हुई नशे की लत और आत्म हत्याएं आदि सब एक बिखरे, अस्थिर और परमेश्वर विहीन समाज को दिखा रहे हैं जो अपनी दिशा खो चुका है और अनैतिकता की ढाल पर अपने विनाश की ओर तेज़ी से लुढ़कता जा रहा है - क्योंकि उन्होंने अपने बाप-दादों के परमेश्वर और उसके नियमों तथा अपने देश की स्थापना और संविधान बाइबल के आधार को त्याग कर अपना मार्ग और अपने नियम स्वयं तय करने का निर्णय लिया।

बाइबल के पुराने नियम की एक छोटी सी पुस्तक - ओबाद्याह, जिसमें केवल एक ही अध्याय है, में परमेश्वर ने ओबाद्याह भविष्यद्वक्ता द्वारा एदोम के निवासियों को चेतावनी दी - जो बोया है वही काटोगे। उन के शराब और राग रंग के भोज मनाए जाने, उन के घमंड तथा अत्याचार के कारण परमेश्वर ने उन्हें चिताया कि शीघ्र ही उसका न्याय उन पर पड़ने वाला है और फिर वे नशे की नहीं वरन परमेश्वर के प्रकोप की मदिरा पीएंगे। यह भविष्यवाणी थोड़े ही समय बाद पूरी हुई जब एदोम अन्य जातियों से युद्ध में सदा के लिए विनाश में चला गया।

बोने और काटने के मूल सिद्धांत को हमें कभी भूलना नहीं चाहिए। जब हम परमेश्वर की दृष्टि में भला करते हैं तो परमेश्वर से आशीष पाते हैं, और जब वह करते हैं जो उसकी दृष्टि में बुरा है तो उसके न्याय का सामना करते हैं। परमेश्वर का यह सिद्धांत समस्त संसार के जीवन के ताने-बाने में बुना हुआ है। बाइबल के परमेश्वर और उसके नियमों को मानने या ना मानने से यह सिद्धांत किसी के लिए बदलता नहीं, सदा समान रूप से कार्यकारी रहता है; और न केवल व्यक्तियों वरन राष्ट्रों पर भी समान रूप से लागू होता है। परमेश्वर और उसके नियमों का परित्याग करना एवं इस मूल सिद्धांत की अवहेलना करना, अपने ही हाथों अपनी मुसीबत को दावत देना है।

इसे चाहे भविष्य के न्याय की चेतावनी समझें अथवा आती भलाई का वायदा - जैसा बोएंगे वैसा ही काटेंगे। - हर्ब वैण्डर लुग्ट


जो कांटे बोते हैं उन्हें फूल चुनने की उम्मीद नहीं रखनी चाहिए।

क्योंकि सारी अन्य जातियों पर यहोवा के दिन का आना निकट है। जैसा तू ने किया है, वैसा ही तुझ से भी किया जाएगा, तेरा व्यवहार लौट कर तेरे ही सिर पर पड़ेगा। - ओबाद्याह १:१५


बाइबल पाठ: ओबाद्याह

Oba 1:1 ओबद्याह का दर्शन। हम लोगों ने यहोवा की ओर से समाचार सुना है, और एक दूत अन्य जातियों में यह कहने को भेजा गया है:
Oba 1:2 उठो! हम उस से लड़ने को उठें! मैं तुझे जातियों में छोटा कर दूंगा, तू बहुत तुच्छ गिना जाएगा।
Oba 1:3 हे पहाड़ों की दरारों में बसने वाले, हे ऊंचे स्थान में रहने वाले, तेरे अभिमान ने तुझे धोखा दिया है; तू मन में कहता है,
Oba 1:4 कौन मुझे भूमि पर उतार देगा? परन्तु चाहे तू उकाब की नाईं ऊंचा उड़ता हो, वरन तारागण के बीच अपना घोंसला बनाए हो, तौभी मैं तुझे वहां से नीचे गिराऊंगा, यहोवा की यही वाणी है।
Oba 1:5 यदि चोर-डाकू रात को तेरे पास आते, (हाय, तू कैसे मिटा दिया गया है!) तो क्या वे चुराए हुए धन से तृप्त होकर चले न जाते? और यदि दाख के तोड़ने वाले तेरे पास आते, तो क्या वे कहीं कहीं दाख न छोड़ जाते?
Oba 1:6 परन्तु एसाव का धन कैसे खोज कर लूटा गया है, उसका गुप्त धन कैसे पता लगा लगा कर निकाला गया है!
Oba 1:7 जितनों ने तुझ से वाचा बान्धी थी, उन सभों ने तुझे सिवाने तक ढकेल दिया है; जो लोग तुझ से मेल रखते थे, वे तुझ को धोखा देकर तुझ पर प्रबल हुए हैं, वे तेरी रोटी खाते हैं, वे तेरे लिये फन्दा लगाते हैं-- उस में कुछ समझ नहीं है।
Oba 1:8 यहोवा की यह वाणी है, क्या मैं उस समय एदोम में से बुद्धिमानों को, और एसाव के पहाड़ में से चतुराई को नाश न करूंगा?
Oba 1:9 और हे तेमान, तेरे शूरवीरों का मन कच्चा न हो जाएगा, और यों एसाव के पहाड़ पर का हर एक पुरूष घात होकर नाश हो जाएगा।
Oba 1:10 हे एसाव, एक उपद्रव के कारण जो तू ने अपने भाई याकूब पर किया, तू लज्जा से ढंपेगा और सदा के लिये नाश हो जाएगा।
Oba 1:11 जिस दिन परदेशी लोग उसकी धन सम्पत्ति छीनकर ले गए, और बिराने लोगों ने उसके फाटकों से घुस कर यरूशलेम पर चिट्ठी डाली, उस दिन तू भी उन में से एक था।
Oba 1:12 परन्तु तुझे उचित न था कि तू अपने भाई के दिन में, अर्थात उसकी विपत्ति के दिन में उसकी ओर देखता रहता, और यहूदियों के नाश होने के दिन उनके ऊपर आनन्द करता, और उनके संकट के दिन बड़ा बोल बोलता।
Oba 1:13 तुझे उचित न था कि मेरी प्रजा की विपत्ति के दिन तू उसके फाटक से घुसता, और उसकी विपत्ति के दिन उसकी धन सम्पत्ति पर हाथ लगाता।
Oba 1:14 तुझे उचित न था कि तिरमुहाने पर उसके भागने वालों को मार डालने के लिये खड़ा होता, और संकट के दिन उसके बचे हुओं को पकड़ाता।
Oba 1:15 क्योंकि सारी अन्य जातियों पर यहोवा के दिन का आना निकट है। जैसा तू ने किया है, वैसा ही तुझ से भी किया जाएगा, तेरा व्यवहार लौट कर तेरे ही सिर पर पड़ेगा।
Oba 1:16 जिस प्रकार तू ने मेरे पवित्र पर्वत पर पिया, उसी प्रकार से सारी अन्य जातियां लगातार पीती रहेंगी, वरन वे सुड़क-सुड़क कर पीएंगी, और एसी हो जाएंगी जैसी कभी हुई ही नहीं।
Oba 1:17 परन्तु उस समय सिय्योन पर्वत पर बचे हुए लोग रहेंगे, ओर वह पवित्रस्थान ठहरेगा और याकूब का घराना अपने निज भागों का अधिकारी होगा।
Oba 1:18 तब याकूब का घराना आग, और यूसुफ का घराना लौ, और एसाव का घराना खूंटी बनेगा और वे उन में आग लगा कर उन को भस्म करेंगे, और एसाव के घराने का कोई न बचेगा; क्योंकि यहोवा ही ने ऐसा कहा है।
Oba 1:19 दक्खिन देश के लोग एसाव के पहाड़ के अधिकारी हो जाएंगे, और नीचे के देश के लोग पलिश्तियों के अधिकारी होंगे और यहूदी, एप्रैम और समरिया के देहात को अपने भाग में कर लेंगे, और बिन्यामीन गिलाद का अधिकारी होगा।
Oba 1:20 इस्राएलियों के उस दल में से जो लोग बंधुआई में जा कर कनानियों के बीच सारपत तक रहते हैं, और यरूशलेमियों में से जो लोग बंधुआई में जाकर सपाराद में रहते हैं, वे सब दक्खिन देश के नगरों के अधिकारी हो जाएंगे।
Oba 1:21 और उद्धार करने वाले एसाव के पहाड़ का न्याय करने के लिये सिय्योन पर्वत पर चढ़ आएंगे, और राज्य यहोवा ही का हो जाएगा।

एक साल में बाइबल:
  • भजन २९-३०
  • प्रेरितों २३:१-१५

बुधवार, 20 जुलाई 2011

नैतिक खराई

आप का क्या विचार है? क्या आप एक ऐसे व्यक्ति को भला मानेंगे जो किसी बेगुनाह की निर्मम हत्या होती देख कर न तो विचिलित हो और ना ही हत्यारे को दण्ड दिलाने के लिए कोई सहयोग करे? क्या आप एक ऐसी सरकार और सामाजिक पद्वति को भला मानेंगे जो प्रत्येक को उसकी मन मर्ज़ी करने की स्वतंत्रता देती है परन्तु किसी को किसी बात के लिए जवाबदेह नहीं मानती, चाहे उनके कारण औरों का कैसा भी और कितना ही नुकसान क्यों न हो रहा हो? शायद ही कोई होगा जो समाज के प्रति व्यक्ति की ज़िम्मेदारी, व्यवहार और जवाबदेही को गलत या अनुचित मानता हो और इस जवाबदेही को निभाने का अंकुश रखने वाले सामाजिक अधिकारियों द्वारा अपने कर्तव्य पालन को भी अनुचित और गलत मानता हो। क्या न्याय और प्रेम परस्पर विरोधी हैं? क्या एक सच्चा और खरा न्यायी, किसी से प्रेम नहीं कर सकता?

व्यक्तिगत रीति से मुझे ऐसे परमेश्वर पर विश्वास करने में परेशानी होगी जो न तो पाप से क्रोधित होता हो और ना ही उसके लिए किसी को कोई दण्ड देता हो।

पिछली सदी के विख्यात दार्शनिक बर्टरैण्ड रसल नरक के बारे में प्रभु यीशु की शिक्षाओं को पढ़ने से नास्तिक हो गए। वे ऐसा परमेश्वर चाहते थे जो कभी क्रोधित नहीं होता और ना ही किसी को दण्डित करता हो। आज का बाइबल पाठ बर्टरैण्ड रसल को कभी रास नहीं आता क्योंकि उस में परमेश्वर के उग्र और न्यायी रूप को दर्शाया गया है।

परमेश्वर ने हमें स्वेच्छा और स्वतंत्रता दी है, लेकिन साथ ही स्वतंत्रता को सही रीति से उपयोग में लाने के लिए अपने नियम भी दिए हैं जिनका पालन वह हमसे चाहता है। जब उसकी अनाज्ञाकारिता होती है और स्वतंत्रता का अनुचित प्रयोग होता है तो वह दण्ड से पहले चेतावनी भी देता है। परमेश्वर खरा और सच्चा न्यायी है, अपने द्वारा दी गई स्वतंत्रता के उपयोग के लिए वह जवाबदेही भी मांगता है।

नहूम के दिनों में निनेनवेह के लोग बहुत क्रूर और निष्ठुर थे तथा दूसरों पर भयानक अत्याचार ढाते थे। नहूम भविष्यद्वक्ता द्वारा परमेश्वर ने अपनी प्रजा इस्त्राएल को आशावासन दिलाया कि वह निनेनवह के लोगों की क्रूरता और निर्मम व्यवहार से परिचित है, उससे क्रोधित है और उनका न्याय करेगा तथा उचित दण्ड देगा।

मैं धन्यवादी हूँ कि मेरा परमेश्वर ऐसी खराई और न्याय के प्रति दृढ़ निश्चय रखता है। उसका यह गुण मुझे विश्वास दिलाता है कि मैं उस पर भरोसा रख सकता हूँ कि वह अपने सब वायदे पूरे करेगा और हर अन्याय का हिसाब लेगा तथा कोई अन्यायी उसके न्याय से कभी भी बचा नहीं रहे सकेगा। - हर्ब वौण्डर लुग्ट


परमेश्वर का न्याय चाहे तुरन्त न हो लेकिन अवश्यंभावी है।

यहोवा जल उठने वाला और बदला लेने वाला ईश्वर है; यहोवा बदला लेने वाला और जलजलाहट करने वाला है; यहोवा अपने द्रोहियों से बदला लेता है, और अपने शत्रुओं का पाप नहीं भूलता। - नहूम १:२

यहोवा भला है; संकट के दिन में वह दृढ़ गढ़ ठहरता है, और अपने शरणागतों की सुधी रखता है। - नहूं १:७

बाइबल पाठ: नहूम १:१-१५

Nah 1:1 नीनवे के विषय में भारी वचन। एल्कोशी नहूम के दर्शन की पुस्तक।
Nah 1:2 यहोवा जल उठने वाला और बदला लेने वाला ईश्वर है; यहोवा बदला लेने वाला और जलजलाहट करने वाला है; यहोवा अपने द्रोहियों से बदला लेता है, और अपने शत्रुओं का पाप नहीं भूलता।
Nah 1:3 यहोवा विलम्ब से क्रोध करने वाला और बड़ा शक्तिमान है; वह दोषी को किसी प्रकार निर्दोष न ठहराएगा। यहोवा बवंडर और आंधी में होकर चलता है, और बादल उसके पांवों की धूलि है।
Nah 1:4 उसके घुड़कने से महानद सूख जाते हैं, और समुद्र भी निर्जल हो जाता है, बाशान और कर्म्मैल कुम्हलाते और लबानोन की हरियाली जाती रहती है।
Nah 1:5 उसके स्पर्श से पहाड़ कांप उठते हैं और पहाडिय़ां गल जाती हैं; उसके प्रताप से पृथ्वी वरन सारा संसार अपने सब रहने वालों समेत थरथरा उठता है।
Nah 1:6 उसके क्रोध का साम्हना कौन कर सकता है? और जब उसका क्रोध भड़कता है, तब कौन ठहर सकता है? उसकी जलजलाहट आग की नाईं भड़क जाती है, और चट्टानें उसकी शक्ति से फट फटकर गिरती हैं।
Nah 1:7 यहोवा भला है; संकट के दिन में वह दृढ़ गढ़ ठहरता है, और अपने शरणागतों की सुधी रखता है।
Nah 1:8 परन्तु वह उमड़ती हुई धारा से उसके स्थान का अन्त कर देगा, और अपने शत्रुओं को खदेड़ कर अन्धकार में भगा देगा।
Nah 1:9 तुम यहोवा के विरूद्ध क्या कल्पना कर रहे हो? वह तुम्हारा अन्त कर देगा, विपत्ति दूसरी बार पड़ने न पाएगी।
Nah 1:10 क्योंकि चाहे वे कांटों से उलझे हुए हों, और मदिरा के नशे में चूर भी हों, तौभी वे सूखी खूंटी की नाईं भस्म किए जाएंगे।
Nah 1:11 तुझ में से एक निकला है, जो यहोवा के विरूद्ध कल्पना करता और नीचता की युक्ति बान्धता है।
Nah 1:12 यहोवा यों कहता है, चाहे वे सब प्रकार के सामर्थी हों, और बहुत भी हों, तौभी पूरी रीति से काटे जाएंगे और शून्य हो जाएंगे। मैं ने तुझे दु:ख दिया है, परन्तु फिर न दूंगा।
Nah 1:13 क्योंकि अब मैं उसका जूआ तेरी गर्दन पर से उतार कर तोड़ डालूंगा, और तेरा बन्धन फाड़ डालूंगा।
Nah 1:14 यहोवा ने तेरे विषय में यह आज्ञा दी है कि आगे को तेरा वंश न चले, मैं तेरे देवालयों में से ढली और गढ़ी हुई मूरतों को काट डालूंगा, मैं तेरे लिये कबर खोदूंगा, क्योंकि तू नीच है।
Nah 1:15 देखो, पहाड़ों पर शुभसमाचार का सुनाने वाला और शान्ति का प्रचार करने वाला आ रहा है! अब हे यहूदा, अपने पर्व मान, और अपनी मन्नतें पूरी कर, क्योंकि वह ओछा फिर कभी तेरे बीच में होकर न चलेगा, और पूरी रीति से नाश हुआ है।

एक साल में बाइबल:
  • भजन २६-२८
  • प्रेरितों २२