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सोमवार, 17 अक्टूबर 2011

अपनी सेवकाई पूरी कीजिए

   कभी कभी हम परमेश्वर द्वारा हमें दी गई ज़िम्मेदारियों से सन्तुष्ट नहीं होते, हमें लगता है कि हम किसी अन्य ही बड़ी सेवकाई के योग्य हैं। किसी अन्य विश्वासी की सेवकाई की ओर ईर्ष्या से देखकर हम अपने कार्य की ओर कम ध्यान देने लगते हैं और उसकी उपेक्षा करने लगते हैं।

   अपनी पुस्तक Be Faithful में वारेन रिस्बी ने बताया कि सुप्रसिद्ध प्रचारक चार्लस स्पर्जन ने कैसे इस समस्या का उत्तर दिया। उन्होंने लिखा, "एक जवान पास्टर ने स्पर्जन से शिकायत करी कि जितना बड़ा चर्च उसके ज़िम्मे होना चाहिए, उतना उसे नहीं दिया गया। स्पर्जन ने उस जवान प्रचारक से पूछा कि ’आप चर्च में कितने लोगों को साधारणत्या प्रचार करते हैं?’ प्रचारक ने कहा, ’लगभग १०० लोगों क”। स्पर्जन ने कहा, ’अन्तिम न्याय के समय आपके द्वारा जीवनों का हिसाब देने के लिए इतने काफी हैं।’"

   स्पर्जन के कहे की सत्यता पौलुस द्वारा अपने सहकर्मी तिमुथियुस को दीए गए निर्देश से प्रमाणित होती है; पौलुस ने कहा, "पर तू सब बातों में सावधान रह, दुख उठा, सुसमाचार प्रचार का काम कर और अपनी सेवा को पूरा कर" (२ तिमुथियुस ४:५); पौलुस अपने मित्र को समझा रहा था कि जिस कार्य के लिए परमेश्वर ने उसे नियुक्त किया है उसे भली भांति पूरा करे। लेकिन इसका यह तात्पर्य नहीं था कि तिमुथियुस को भी वही करना था जो पौलुस कर रहा था और ना ही यह कि तिमुथियुस भी को भी उतना ही कार्य करना है जितना पौलुस कर रहा था। वरन इसका तात्पर्य था कि चाहे तिमुथियुस का कार्य थोड़ा हो या अधिक, प्रत्यक्ष हो या परोक्ष, उसे अपनी सेवकाई मन लगाकर पूरी करनी है, जिससे उसकी विश्वासयोग्यता प्रकट हो सके।

   यही प्रत्येक मसीही विश्वासी के लिए भी आवश्यक है - महत्व सौंपी गई सेवकाई के विश्वासयोग्यता के साथ पूरे होने का है, उसकी मात्रा अथवा प्रकार का नहीं। - डेव एग्नर


हमारे पास जो भी साधन हों, उनके द्वारा हम जो भी कर सकते हों, हम जहां भी हों वहीं उसे यथासंभव पूरा करें।

पर तू सब बातों में सावधान रह, दुख उठा, सुसमाचार प्रचार का काम कर और अपनी सेवा को पूरा कर। - २ तिमुथियुस ४:५

बाइबल पाठ: २ तिमुथियुस ४:१-८
    2Ti 4:1  परमेश्वर और मसीह यीशु को गवाह कर के, जो जीवतों और मरे हुओं का न्याय करेगा, उसे और उस के प्रगट होने, और राज्य को सुधि दिला कर मैं तुझे चिताता हूं।
    2Ti 4:2  कि तू वचन को प्रचार कर; समय और असमय तैयार रह, सब प्रकार की सहनशीलता, और शिक्षा के साथ उलाहना दे, और डांट, और समझा।
    2Ti 4:3  क्‍योंकि ऐसा समय आएगा, कि लोग खरा उपदेश न सह सकेंगे पर कानों की खुजली के कारण अपनी अभिलाषाओं के अनुसार अपने लिये बहुतेरे उपदेशक बटोर लेंगे।
    2Ti 4:4  और अपने कान सत्य से फेर कर कथा-कहानियों पर लगाएंगे।
    2Ti 4:5  पर तू सब बातों में सावधान रह, दुख उठा, सुसमाचार प्रचार का काम कर और अपनी सेवा को पूरा कर।
    2Ti 4:6  क्‍योंकि अब मैं अर्घ की नाईं उंडेला जाता हूं, और मेरे कूच का समय आ पहुंचा है।
    2Ti 4:7  मैं अच्‍छी कुश्‍ती लड़ चुका हूं मैं ने अपनी दौड़ पूरी कर ली है, मैं ने विश्वास की रखवाली की है।
    2Ti 4:8  भविष्य में मेरे लिये धर्म का वह मुकुट रखा हुआ है, जिसे प्रभु, जो धर्मी, और न्यायी है, मुझे उस दिन देगा और मुझे ही नहीं, वरन उन सब को भी, जो उसके प्रगट होने को प्रिय जानते हैं।
 
एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह ५०-५२ 
  • १ थिस्सलुनिकियों ५

रविवार, 16 अक्टूबर 2011

योग्य प्रबन्धन

   एक तूफानी रात में एक वृद्ध दम्पति एक छोटे से होटल में आए और एक कमरा लेना चाहा। होटल भरा हुआ था, इसलिए होटल के स्वगत-कक्ष के क्लर्क ने उनसे कहा, "अब रात के १ बजे, इस तूफान में मैं आपको बाहर भी नहीं भेज सकता और होटल में कोई कमरा भी खाली नहीं है, क्या आप मेरे कमरे में रह लेंगे?" दम्पति ने आनाकानि करी लेकिन क्लर्क ने ज़ोर देकर उन्हें अपने कमरे में रुकवा लिया। प्रातः अपने बिल चुकाते हुए वृद्ध ने उस क्लर्क से कहा, "आप वह हैं जिसे अमेरिका के सबसे आलिशान और सर्वश्रेष्ठ होटल का प्रबन्धक होना चाहिए। संभवतः मैं किसी दिन आपके लिए ऐसा होटल बनवाऊंगा।" क्लर्क ने यह बात सुनकर उसे उनका विनोद समझा और मुस्कुरा दिया।

   कुछ वर्ष पश्चात उस क्लर्क को उस वृद्ध का एक पत्र मिला, जिसमें उस तूफानी रात का ज़िक्र था और उसे न्यूयॉर्क आने का निमंत्रण, तथा आने-जाने का यात्रा टिकिट भी संलग्न था। जब वह न्यूयॉर्क पहुँचा तो उसके मेज़बान उसे एक विशाल होटल की इमारत पर ले गए और बोले, "यह वह होटल है जिसे मैंने आपके प्रबन्धक बनने के लिए बनवाया है" - वह होटल मालिक विलियम वॉल्डौर्फ अस्टोरिया थे और वह होटल था न्यूयॉर्क का सबसे आलिशान और सर्वश्रेष्ठ विश्वप्रसिद्ध होटल वॉलडौर्फ अस्टोरिया।

   स्वर्ग में भी कई भव्य भवन होंगे जिनका प्रबन्धन हम मसीही विश्वासियों को करना होगा। इसलिए जो हम इस पृथ्वी पर प्रभु यीशु के लिए कर रहे हैं उसके मूल्य को कभी हलका या तुच्छ नहीं आँकना चाहिए। संसार में विश्वासयोग्यता से करी गई सेवकाई हमें हमारे द्वारा स्वर्ग में करी जाने वाली महान सेवकाई के लिए तैयार कर रही है। - डेनिस डी हॉन

परमेश्वर हमसे विश्वासयोग्यता चाहता है, उसका प्रतिफल हमारा परमेश्वर के लिए फलवन्त होना है।

उस ने उस से कहा; धन्य हे उत्तम दास, तुझे धन्य है, तू बहुत ही थोड़े में विश्वासी निकला अब दस नगरों का अधिकार रख। - लूका १९:१७
 
बाइबल पाठ: लूका १९:११-२७
    Luk 19:11  जब वे ये बातें सुन रहे थे, तो उस ने एक दृष्‍टान्‍त कहा, इसलिये कि वह यरूशलेम के निकट था, और वे समझते थे, कि परमेश्वर का राज्य अभी प्रगट हुआ चाहता है।
    Luk 19:12  सो उस ने कहा, एक धनी मनुष्य दूर देश को चला ताकि राजपद पाकर फिर आए।
    Luk 19:13  और उस ने अपने दासों में से दस को बुला कर उन्‍हें दस मुहरें दीं, और उन से कहा, मेरे लौट आने तक लेन-देन करना।
    Luk 19:14  परन्‍तु उसके नगर के रहने वाले उस से बैर रखते थे, और उसके पीछे दूतों के द्वारा कहला भेजा, कि हम नहीं चाहते, कि यह हम पर राज्य करे।
    Luk 19:15  जब वह राजपद पाकर लौट आया, तो ऐसा हुआ कि उस ने अपने दासों को जिन्‍हें रोकड़ दी थी, अपने पास बुलवाया ताकि मालूम करे कि उन्‍होंने लेन-देन से क्‍या क्‍या कमाया।
    Luk 19:16  तब पहिले ने आकर कहा, हे स्‍वामी तेरे मोहर से दस और मोहरें कमाई हैं।
    Luk 19:17  उस ने उस से कहा; धन्य हे उत्तम दास, तुझे धन्य है, तू बहुत ही थोड़े में विश्वासी निकला अब दस नगरों का अधिकार रख।
    Luk 19:18  दूसरे ने आकर कहा; हे स्‍वामी तेरी मोहर से पांच और मोहरें कमाई हैं।
    Luk 19:19  उस ने कहा, कि तू भी पांच नगरों पर हाकिम हो जा।
    Luk 19:20  तीसरे ने आकर कहा; हे स्‍वामी देख, तेरी मोहर यह है, जिसे मैं ने अंगोछे में बान्‍ध रखी।
    Luk 19:21  क्‍योंकि मैं तुझ से डरता था, इसलिये कि तू कठोर मनुष्य है: जो तू ने नहीं रखा उसे उठा लेता है, और जो तू ने नहीं बोया, उसे काटता है।
    Luk 19:22  उस ने उस से कहा; हे दुष्‍ट दास, मैं तेरे ही मुंह से तुझे दोषी ठहराता हूं: तू मुझे जानता था कि कठोर मनुष्य हूं, जो मैं ने नहीं रखा उसे उठा लेता, और जो मैं ने नहीं बोया, उसे काटता हूं।
    Luk 19:23  तो तू ने मेरे रूपये कोठी में क्‍यों नहीं रख दिए, कि मैं आकर ब्याज समेत ले लेता?
    Luk 19:24  और जो लोग निकट खड़े थे, उस ने उन से कहा, वह मोहर उस से ले लो, और जिस के पास दस मोहरें हैं उसे दे दो।
    Luk 19:25  (उन्‍होंने उस से कहा; हे स्‍वामी, उसके पास दस मोहरें तो हैं)।
    Luk 19:26  मैं तुम से कहता हूं, कि जिस के पास है, उसे दिया जाएगा; और जिस के पास नहीं, उस से वह भी जो उसके पास है ले लिया जाएगा।
    Luk 19:27  परन्‍तु मेरे उन बैरियों को जो नहीं चाहते थे कि मैं उन पर राज्य करूं, उन को यहां लाकर मेरे सामने घात करो।
 
एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह ४७-४९ 
  • १ थिस्सलुनिकियों ४

शनिवार, 15 अक्टूबर 2011

योगदान

   सर माइकिल कोस्टा द्वारा संचालित वाद्यवृन्द का अभ्यास चल रहा था; पूरे ज़ोर से नगाड़े बज रहे थे, तुरहियाँ फूँकी जा रही थीं और वायलिन भी ऊँची ध्वनि से अपनी मधुर आवाज़ बिखेर रहे थे। ऐसे में एकमात्र बाँसुरी बजाने वाले को लगा कि उसकी बाँसुरी की आवाज़ किसे सुनाई देगी, उसकी कोई उपयोगिता नहीं है और उसने बाँसुरी केवल होठों से लगा कर रखी लेकिन बजाना बन्द कर दिया। कुछ ही क्षणों में कोस्टा चिल्ला उठे, "रुको, रुको; बाँसुरी कहाँ है?" वाद्यवृन्द के सबसे महत्वपूर्ण व्यक्ति ने तुरंत उस भव्य संगीत में बाँसुरी के योगदान की कमी को भाँप लिया और संगीत रोक दिया।

   हम सबके जीवनों में वे क्षण आते हैं जब हम अपने आप को बेकार और हीन महसूस करते हैं। अपने आस-पास अपने गुणों से बेहतर गुणों से भरे लोगों को कार्य करते देख कर हमें ऐसा लगता है कि हमारी कोई कीमत नहीं है, हमारे योगदान की कोई पहचान या आवश्यक्ता नहीं है, इसलिए इन गुणी लोगों को ही कर लेने दो, हम शान्त हो जाते हैं।

   हम यह भूल जाते हैं कि प्रभु यीशु मसीह ने पाँच रोटी और दो मछलियों से हज़ारों की भीड़ को खिला कर तृप्त किया। उस छोटे बालक के समान जिस के पास वे रोटी और मछलियाँ थीं, हम में से प्रत्येक के पास प्रभु के हाथों में सौंपने और प्रभु के उपयोग के लिए कुछ-न-कुछ अवश्य है; यदि हम अपने योगदान को तुच्छ जान कर उसे प्रभु को समर्पित नहीं करते तो यह हमारी मूर्खता है।

   चाहे हमारा योगदान छोटा हो या बड़ा, मसीही सेवकाई के वाद्यवृन्द का भव्य संगीत हमारे उस योगदान के बिना अधूरा है। अपने योगदान को प्रभु के हाथों में सौंप दें, वह उसे अपनी महीमा के लिए उपयोग करने में सक्षम है। - रिचर्ड डी हॉन

परमेश्वर की नज़रों में किसी छोटे से कार्य को भी भली-भांति करना बहुत महान कार्य है।

यहां एक लड़का है जिस के पास जौ की पांच रोटी और दो मछिलयां हैं परन्‍तु इतने लोगों के लिये वे क्‍या हैं? - युहन्ना ६:९

बाइबल पाठ: युहन्ना ६:१-१४
    Joh 6:1  इन बातों के बाद यीशु गलील की झील अर्थात तिबिरियास की झील के पास गया।
    Joh 6:2  और एक बड़ी भीड़ उसके पीछे हो ली क्योंकि जो आश्‍चर्य कर्म वह बीमारों पर दिखाता था वे उन को देखते थे।
    Joh 6:3  तब यीशु पहाड़ पर चढ़ कर अपने चेलों के साथ वहां बैठा।
    Joh 6:4  और यहूदियों के फसह के पर्ब्‍ब निकट था।
    Joh 6:5  तब यीशु ने अपनी आंखे उठा कर एक बड़ी भीड़ को अपने पास आते देखा, और फिलप्‍पुस से कहा, कि हम इन के भोजन के लिये कहां से रोटी मोल लाएं?
    Joh 6:6  परन्‍तु उस ने यह बात उसे परखने के लिये कही; क्‍योंकि वह आप जानता था कि मैं क्‍या करूंगा।
    Joh 6:7  फिलप्‍पुस ने उस को उत्तर दिया, कि दो सौ दीनार की रोटी उन के लिये पूरी भी न होंगी कि उन में से हर एक को थोड़ी थोड़ी मिल जाए।
    Joh 6:8  उसके चेलों में से शमौन पतरस के भाई अन्‍द्रियास ने उस से कहा।
    Joh 6:9  यहां एक लड़का है जिस के पास जौ की पांच रोटी और दो मछिलयां हैं परन्‍तु इतने लोगों के लिये वे क्‍या हैं।
    Joh 6:10  यीशु ने कहा, कि लोगों को बैठा दो। उस जगह बहुत घास थी: तब वे लोग जो गिनती में लगभग पांच हजार के थे, बैठ गए:
    Joh 6:11  तब यीशु ने रोटियां लीं, और धन्यवाद करके बैठने वालों को बांट दी: और वैसे ही मछिलयों में से जितनी वे चाहते थे बांट दिया।
    Joh 6:12  जब वे खाकर तृप्‍त हो गए तो उस ने अपने चेलों से कहा, कि बचे हुए टुकड़े बटोर लो, कि कुछ फेंका न जाए।
    Joh 6:13  सो उन्‍होंने बटोरा, और जौ की पांच रोटियों के टुकड़े जो खाने वालों से बच रहे थे उन की बारह टोकिरयां भरीं।
    Joh 6:14  तब जो आश्‍चर्य कर्म उस ने कर दिखाया उसे वे लोग देख कर कहने लगे कि वह भविष्यद्वक्ता जो जगत में आने वाला था निश्‍चय यही है।
 
एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह ४५-४६ 
  • १ थिस्सलुनिकियों ३

शुक्रवार, 14 अक्टूबर 2011

थके - हारे नेक सामरी

   प्रभु यीशु ने "नेक सामरी" के दृष्टांत द्वारा निसस्वार्थ सेवा का अर्थ समझाया है। समाज-सेवा के कार्यों के लिए कई परोपकारी जन आगे आते हैं और इस सेवा को अपने जीवन का उद्देश्य बनाते हैं। जैसे जैसे इस सेवा में उनका समय बीतता है, उनमें से कई उस व्याधि का शिकार हो जाते हैं जिसे मनोवैज्ञानिक अब "थके - हारे नेक सामरी" के नाम से जानते हैं। इतने लोगों की समस्याओं को सुनने और उनकी सहायता करने के प्रयासों में जूझने के बाद वे अपनी सहन शक्ति की सीमा तक आ जाते हैं और अब उनके लिए और सुन या कर पाना असंभव हो जाता है। चिकित्सक, मसीही-सेवक, मनोवैज्ञानिक, पुलिस कर्मी विशेषकर इस का शिकार होते हैं। अपने आप को टूटने से बचाने के लिए या तो उन्हें अपना यह सेवा भाव छोड़ना पड़ता है, या वे सेवा में ही बेपरवाह और कठोर होने लगते हैं या उन्हें कोई दूसरा कार्य देखना पड़ता है।

   हम मसीही विश्वासियों के लिए परोपकार और सेवा हमारी बुलाहट की एक ज़िम्मेदारी है, और दूसरों के दुखः तकलीफ में अपने आप को डुबोए रख कर हम अछूते नहीं रह सकते; हम भी अपनी इस ज़िम्मेदरी के निर्वाह में थक सकते हैं। ऐसे में यदि हम इस सेवा को छोड़ दें तो हम मसीह की शिक्षा और उम्मीद से पीछे हट जाते हैं; और यदि इस सेवा में बेपरवाह और असंवेदनशील हो जाएं तो मसीह के मापदण्ड पर पूरे नहीं उतरते। फिर हमारे लिए रास्ता क्या है? हम अपनी सेवा की कार्यविधि में कुछ ऐसे बदलाव कर सकते हैं जो हमारे तनाव को कम कर सकें। मूसा के समान, जिसने अपने ससुर की नेक सलाह के अनुसार अपने कार्य में अपने दायित्वों को अन्य योग्य लोगों में विभाजित किया, हमें भी अपनी मानवीय सीमाओं का आदर करते हुए बुद्धिमानी से अपने सेवा दायित्वों का निर्वाह करना चहिए।

   कुछ मसीही विश्वासी मानते हैं कि आत्मिक होने का तात्पर्य है सेवा करने के लिए अपने आप को तब तक धकलेते रहो जब तक प्रभु के लिए टूट कर बिखर न जाओ। लेकिन यह बाइबल और मसीह की शिक्षा के अनुरूप नहीं है। मसीह ने भी अपने चेलों से, जब वे एक बड़ी सेवकाई से लौटे थे क्या कहा: "प्रेरितों ने यीशु के पास इकट्ठे हो कर, जो कुछ उन्‍होंने किया, और सिखाया था, सब उस को बता दिया। उस ने उन से कहा; तुम आप अलग किसी जंगली स्थान में आकर थोड़ा विश्राम करो; क्‍योंकि बहुत लोग आते जाते थे, और उन्‍हें खाने का अवसर भी नहीं मिलता था। इसलिये वे नाव पर चढ़ कर, सुनसान जगह में अलग चले गए" (मरकुस ६:३०-३२)।

   मसीही शिक्षा और बाइबल के अनुसार भला यह है कि हम अपनी सेवकाई की कार्यविधि में कुछ ऐसे सुधार करें कि हम प्रभु के लिए प्रभावी भी रहें और "थके - हारे नेक सामरी" भी न बनें। - मार्ट डी हॉन

सेवा भाव से भरे भले हृदय को बुद्धिमान सिर के नियंत्रण में रहना चहिए।

इससे तू क्या, वरन ये लोग भी जो तेरे संग हैं निश्चय हार जाएंगे, क्योंकि यह काम तेरे लिये बहुत भारी है; तू इसे अकेला नहीं कर सकता। - निर्गमन १८:१८
 
बाइबल पाठ: निर्गमन १८:१३-२७
    Exo 18:13  दूसरे दिन मूसा लोगों का न्याय करने को बैठा, और भोर से सांझ तक लोग मूसा के आसपास खड़े रहे।
    Exo 18:14  यह देख कर कि मूसा लोगों के लिये क्या क्या करता है, उसके ससुर ने कहा, यह क्या काम है जो तू लोगों के लिये करता है? क्या कारण है कि तू अकेला बैठा रहता है, और लोग भोर से सांझ तक तेरे आस-पास खड़े रहते हैं?
    Exo 18:15  मूसा ने अपने ससुर से कहा, इसका कारण यह है कि लोग मेरे पास परमेश्वर से पूछने आते है।
    Exo 18:16  जब जब उनका कोई मुकद्दमा होता है तब तब वे मेरे पास आते हैं और मैं उनके बीच न्याय करता, और परमेश्वर की विधि और व्यवस्था उन्हें जताता हूं।
    Exo 18:17  मूसा के ससुर ने उस से कहा, जो काम तू करता है वह अच्छा नहीं।
    Exo 18:18  और इस से तू क्या, वरन ये लोग भी जो तेरे संग हैं निश्चय हार जाएंगे, क्योंकि यह काम तेरे लिये बहुत भारी है; तू इसे अकेला नहीं कर सकता।
    Exo 18:19  इसलिये अब मेरी सुन ले, मैं तुझ को सम्मति देता हूं, और परमेश्वर तेरे संग रहे। तू तो इन लोगों के लिये परमेश्वर के सम्मुख जाया कर, और इनके मुकद्दमों को परमेश्वर के पास तू पहुंचा दिया कर।
    Exo 18:20  इन्हें विधि और व्यवस्था प्रगट कर करके, जिस मार्ग पर इन्हें चलना, और जो जो काम इन्हें करना हो, वह इनको जता दिया कर।
    Exo 18:21  फिर तू इन सब लोगों में से ऐसे पुरूषों को छांट ले, जो गुणी, और परमेश्वर का भय मानने वाले, सच्चे, और अन्याय के लाभ से घृणा करने वाले हों; और उनको हज़ार-हज़ार, सौ-सौ, पचास-पचास, और दस-दस मनुष्यों पर प्रधान नियुक्त कर दे।
    Exo 18:22  और वे सब समय इन लोगों का न्याय किया करें; और सब बड़े बड़े मुकद्दमों को तो तेरे पास ले आया करें, और छोटे छोटे मुकद्दमों का न्याय आप ही किया करें; तब तेरा बोझ हलका होगा, क्योंकि इस बोझ को वे भी तेरे साथ उठाएंगे।
    Exo 18:23  यदि तू यह उपाय करे, और परमेश्वर तुझ को ऐसी आज्ञा दे, तो तू ठहर सकेगा, और ये सब लोग अपने स्थान को कुशल से पहुंच सकेंगें।
    Exo 18:24  अपने ससुर की यह बात मान कर मूसा ने उसके सब वचनों के अनुसार किया।
    Exo 18:25  सो उस ने सब इस्त्राएलियों में से गुणी-गुणी पुरूष चुनकर उन्हें हज़ार-हज़ार, सौ-सौ, पचास-पचास, दस-दस, लोगों के ऊपर प्रधान ठहराया।
    Exo 18:26  और वे सब लोगों का न्याय करने लगे; जो मुकद्दमा कठिन होता उसे तो वे मूसा के पास ले आते थे, और सब छोटे मुकद्दमों का न्याय वे आप ही किया करते थे।
    Exo 18:27  और मूसा ने अपने ससुर को विदा किया, और उस ने अपने देश का मार्ग लिया।
 
एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह ४३-४४ 
  • १ थिस्सलुनिकियों २

गुरुवार, 13 अक्टूबर 2011

प्रेम - उद्देश्य एवं प्रतिफल

   परोपकारी एवं मसीही विश्वासी फ्रेड स्मिथ ने अपने परिवार का एक अनुभव बयान किया। उनकी पुत्री - ब्रेन्डा और दामाद - रिक ने एक ऐसे व्यक्ति से दोस्ती करी जो अपराधी होने के कारण जेल से सज़ा काट कर निकला था और अब एक महिला के साथ रह रहा था। दोनो ने उनके लिए उनकी आवश्यक्ता का सामान खरीद कर दिया, रिक ने उस आदमी को नौकरी दी और ब्रेन्डा उस महिला के साथ समय बिताती थी, उसे मसीह यीशु और उसके प्रेम के बारे में बताती थी; वे उन्हें इस बात के लिए भी तैयार कर सके कि ऐसे साथ रहने की अपेक्षा शादि करके साथ रहना बेहतर है, और इस विवाह के होने के लिए रिक और ब्रेन्डा ने अपने घर को भी उन्हें उपलब्ध कराया। लेकिन कुछ दिन पश्चात ही वे दोनो अचानक कहीं चले गए, रिक के लिए एक छोटा पत्र छोड़ गए कि कुछ लोगों द्वारा उनकी हत्या करने के लिए भाड़े पर लिए गए हत्यारे से बचने के लिए उन्हें जाना पड़ रहा है।

   फ्रेड स्मिथ ने अपनी बेटी से पूछा कि इतना समय, साधन, पैसा और सामर्थ व्यय करने के बाद इस रिशते के ऐसे अचानक अन्त हो जाने पर उसे कैसा लगा? ब्रेन्डा की आँखें भर आईं, और वह बोली, "वे चाहे जहाँ भी रहें, जितने दिन भी रहें, लेकिन वे कभी नहीं भूल सकेंगे कि कोई था जिसे उनकी परवाह थी।"

   हम किसी की इसलिए भी सहायता कर सकते हैं क्योंकि हम उनसे प्रत्युत्तर में कुछ चाहते हैं, लेकिन ऐसा प्रेम परमेश्वर को आदर नहीं देता। मसीही प्रेम का एक अनिवार्य गुण है उसका निसस्वार्थ होना। जब हम लोगों के साथ सिर्फ इसलिए भला बर्ताव करते हैं क्योंकि हम उनकी सहायता करना चाहते हैं और अपने प्रभु का आदर करना चाहते हैं, तब हम मसीह यीशु का सा प्रेम प्रदर्शित करते हैं।

    मसीही प्रेम का उद्देश्य संसार में निसस्वार्थ प्रेम प्रदर्शित करना है। यद्यपि मसीही प्रेम का उद्देश्य उसके प्रतिफल नहीं हैं, तौ भी मसीही प्रेम में उसके प्रतिफल निहित भी हैं। ऐसा प्रेम प्रदर्शित करने वालों को संसर से किसी प्रतिफल अथवा मान्यता या सम्मान की अभिलाषा की आवश्यक्ता नहीं है, क्योंकि उसके लिए स्वतः ही स्वर्ग में प्रतिफल तैयार होता रहता है। - हर्ब वैण्डर लुग्ट


स्वार्थी स्वभाव कुछ पा लेने के लिए प्रेम रखता है; किंतु मसीही स्वभाव कुछ दे पाने के लिए।
 
परन्‍तु जब तू भोज करे, तो कंगालों, टुण्‍डों, लंगड़ों और अन्‍धों को बुला। तब तू धन्य होगा, क्‍योंकि उन के पास तुझे बदला देने को कुछ नहीं, परन्‍तु तुझे धमिर्यों के जी उठने पर इस का प्रतिफल मिलेगा। - लूका १४:१३, १४
 
बाइबल पाठ: लूका १४:७-१४
    Luk 14:7  जब उस ने देखा, कि नेवताहारी लोग क्‍यों कर मुख्य मुख्य जगहें चुन लेते हैं तो एक दृष्‍टान्‍त देकर उन से कहा।
    Luk 14:8  जब कोई तुझे ब्याह में बुलाए, तो मुख्य जगह में न बैठना, कहीं ऐसा न हो, कि उस ने तुझ से भी किसी बड़े को नेवता दिया हो।
    Luk 14:9  और जिस ने तुझे और उसे, दोनों को नेवता दिया है: आकर तुझ से कहे, कि इस को जगह दे, और तब तुझे लज्ज़ित होकर सब से नीची जगह में बैठना पड़े।
    Luk 14:10  पर जब तू बुलाया जाए, तो सब से नीची जगह जा बैठ, कि जब वह, जिस ने तुझे नेवता दिया है आए, तो तुझ से कहे कि हे मित्र, आगे बढ़कर बैठ; तब तेरे साथ बैठने वालों के साम्हने तेरी बड़ाई होगी।
    Luk 14:11  और जो कोई अपने आप को बड़ा बनाएगा, वह छोटा किया जाएगा, और जो कोई अपने आप को छोटा बनाएगा, वह बड़ा किया जाएगा।
    Luk 14:12  तब उस ने अपने नेवता देने वाले से भी कहा, जब तू दिन का या रात का भोज करे, तो अपने मित्रों या भाइयों या कुटुम्बियों या धनवान पड़ोसियों को न बुला, कहीं ऐसा न हो, कि वे भी तुझे नेवता दें, और तेरा बदला हो जाए।
    Luk 14:13  परन्‍तु जब तू भोज करे, तो कंगालों, टुण्‍डों, लंगड़ों और अन्‍धों को बुला।
    Luk 14:14  तब तू धन्य होगा, क्‍योंकि उन के पास तुझे बदला देने को कुछ नहीं, परन्‍तु तुझे धमिर्यों के जी उठने पर इस का प्रतिफल मिलेगा।
 
एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह ४१-४२ 
  • १ थिस्सलुनिकियों १

बुधवार, 12 अक्टूबर 2011

कोई और कर लेगा!

   जैसे ही मैंने मोड़ काटा, मेरी गाड़ी की रौशनी एक महिला पर पड़ी जो बड़ी व्याकुलता से अपने हाथ हिला कर रुकने का इशारा कर रही थी। दिन भर के कार्य के बाद मैं और मेरी पत्नि दोनो बहुत थके हुए थे, रात बहुत हो चुकी थी, बाहर ठंडा भी था, और पिछली सीट पर हमारा बेटा सो रहा था और सुबह उठकर मुझे एक क्लास लेनी थी। मैं रुकना नहीं चाह रहा था; मैंने कहा, "उसकी सहायता राह पर आता हुआ कोई और कर लेगा"; लेकिन मेरा विवेक नहीं माना और मैंने गाड़ी रोक ली - और यह बहुत अच्छा हुआ। उस महिला की गाड़ी में चार बच्चे बेहोश पड़े थे; उसकी गाड़ी में खराबी के कारण गाड़ी चलती गाड़ी में से धुंआ अन्दर आने लगा था जिससे बच्चे बेहोश हो गए थे। जल्दी से हमने उन्हें अपनी गाड़ी में डाला और निकट के अस्पताल ले गए, जहाँ तुरंत इलाज पाकर वे ठीक हो सके।

   बहुत से ज़रूरी काम ऐसे ही रह जाते हैं। एक वृद्ध दम्पति हैं जो अब गाड़ी नहीं चला पाते; इस कारण महीनों से वे चर्च नहीं आ पाए और किसी ने उन्हें अपने साथ ले कर आने की पेशकश नहीं करी। एक विधवा अकेली रहती है, बीमार है; वह चाहती है कि कोई आवश्यक सामान दुकान से खरीदने में और उसे चर्च लाने-लेजाने में उसकी सहायता कर दे, लेकिन कोई नहीं करता। मैं परेशान होता हूँ कि क्यों कोई किसी की सहायता नहीं करता? फिर मुझे उस रात की अपनी पहली प्रतिक्रिया स्मरण हो आती है, "कोई और कर लेगा।"

   परमेश्वर के वचन बाइबल में इब्रानियों के नाम लिखी पत्री में इसका समाधान दिया गया है - "प्रेम, और भले कामों में उक्साने के लिये एक दूसरे की चिन्‍ता किया करें" (इब्रानियों १०:२४)। मसीही विश्वासी होने के नाते हम भले उदाहरण बन सकते हैं - हम वह "कोई और" बन सकते हैं। - हर्ब वैण्डर लुग्ट

जब दूसरों के लिए कार्य करने की बात आती है, कुछ लोग खड़े ही रह जाते हैं।

प्रेम, और भले कामों में उक्साने के लिये एक दूसरे की चिन्‍ता किया करें। - इब्रानियों १०:२४
 
बाइबल पाठ: इब्रानियों १०:१९-२५
    Heb 10:19  सो हे भाइयो, जब कि हमें यीशु के लोहू के द्वारा उस नए और जीवते मार्ग से पवित्र स्थान में प्रवेश करने का हियाव हो गया है।
    Heb 10:20  जो उस ने परदे अर्थात अपने शरीर में से होकर, हमारे लिये अभिषेक किया है,
    Heb 10:21  और इसलिये कि हमारा ऐसा महान याजक है, जो परमेश्वर के घर का अधिकारी है।
    Heb 10:22  तो आओ हम सच्‍चे मन, और पूरे विश्वास के साथ, और विवेक को दोष दूर करने के लिये हृदय पर छिड़काव लेकर, और देह को शुद्ध जल से धुलवा कर परमेश्वर के समीप जाएं।
    Heb 10:23  और अपनी आशा के अंगीकार को दृढ़ता से थामें रहें; क्‍योंकि जिस ने प्रतिज्ञा किया है, वह सच्‍चा है।
    Heb 10:24  और प्रेम, और भले कामों में उक्साने के लिये एक दूसरे की चिन्‍ता किया करें।
    Heb 10:25  और एक दूसरे के साथ इकट्ठा होना ने छोड़ें, जैसे कि कितनों की रीति है, पर एक दूसरे को समझाते रहें; और ज्यों ज्यों उस दिन को निकट आते देखो, त्यों त्यों और भी अधिक यह किया करो।
 
एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह ३९-४० 
  • कुलुस्सियों ४

मंगलवार, 11 अक्टूबर 2011

कार्य बोलते हैं

   साधारणत्या हम उन्हें ही प्रचारक समझते हैं जो किसी मंच से प्रचार करते हैं, लेकिन वास्तविकता यह है कि हम सब दिन प्रतिदिन "प्रचार" करते रहते हैं। हमारे विष्य में जो कुछ लोग देखते हैं, वही हमारा प्रचार है। किसी ने कहा, "आपके कार्य इतना ऊँचा बोलते हैं कि आप के मुँह से निकले बोल सुनाई ही नहीं देते।"

   सबसे अच्छा प्रचार कार्यों द्वारा ही होता है, मुख से नहीं। जब बिना कुछ कहे हम वह करते हैं जो सही है, तो भलाई के लिए उसका प्रभाव उस बात से कहीं अधिक होता है जो हम दुसरों से करने को केवल कहते भर हैं।

   बहुत से माता-पिता अपने बच्चों को सिखाते समय इस महत्वपूर्ण बात को नज़रन्दाज़ कर देते हैं। कई मसीही माता-पिता भी अपने बच्चों को परमेश्वर, मसीह यीशु द्वारा उद्धार आदि के बारे में बताने के बाद उनसे भले कामों की आशा तो रखते हैं - लेकिन यह भूल जाते हैं कि उनके व्यक्तिगत जीवन के उदाहरण, अपने बच्चों से करी गई उनकी आशा से मेल नहीं खाते। लेकिन कई मसीही परिवारों में माता-पिता यह सुनिश्चित करते हैं कि जो वे अपने बच्चों को सिखा रहे हैं, उनका निज जीवन भी उसी के अनुरूप हो। उनका यह अनुसरणीय जीवन उनके बच्चों के लिए कथनी को करनी में परिवर्तित करने का स्पष्ट मार्गदर्शक होता है।

   पौलुस प्रेरित ने थिस्सलुनीके के विश्वासियों की, उस उदाहरण के लिए जो उन्होंने प्रदर्शित किया था, सरहना करी (१ थिस्सलुनिकियों १:७)। उन विश्वासियों के कार्य उनके विश्वास के अनुरूप थे। उन के समान आज हमें भी अपने जीवनों में परमेश्वर की प्रगट इच्छा के अनुरूप कार्य करते रहने वाला होना चाहिए।

   आप मानिए या ना मानिए, लेकिन वास्तविकता यही है कि हमारे कार्य बोलते हैं। - रिचर्ड डी हॉन


प्रत्येक मसीही विश्वासी को एक चलता-फिरता "प्रचार" होना चाहिए।

यहां तक कि मकिदुनिया और आखया के सब विश्वासियों के लिये तुम आदर्श बने। - १ थिस्सलुनिकियों १:७

बाइबल पाठ: १ थिस्सलुनिकियों १
    1Th 1:1  पौलुस और सिलवानुस और तीमुथियुस की ओर से थिस्‍सलुनिकियों की कलीसिया के नाम जो परमेश्वर पिता और प्रभु यीशु मसीह में है। अनुग्रह और शान्‍ति तुम्हें मिलती रहे।
    1Th 1:2  हम अपनी प्रार्थनाओं में तुम्हें स्मरण करते और सदा तुम सब के विषय में परमेश्वर का धन्यवाद करते हैं।
    1Th 1:3  और अपने परमेश्वर और पिता के साम्हने तुम्हारे विश्वास के काम, और प्रेम का परिश्रम, और हमारे प्रभु यीशु मसीह में आशा की धीरता को लगातार स्मरण करते हैं।
    1Th 1:4  और हे भाइयो, परमेश्वर के प्रिय लोगों हम जानतें हैं, कि तुम चुने हुए हो।
    1Th 1:5  क्‍योंकि हमारा सुसमाचार तुम्हारे पास न केवल वचन मात्र ही में वरन सामर्थ और पवित्र आत्मा, और बड़े निश्‍चय के साथ पहुंचा है; जैसा तुम जानते हो, कि हम तुम्हारे लिये तुम में कैसे बन गए थे।
    1Th 1:6  और तुम बड़े क्‍लेश में पवित्र आत्मा के आनन्‍द के साथ वचन को मान कर हमारी और प्रभु की सी चाल चलने लगे।
    1Th 1:7  यहां तक कि मकिदुनिया और आखया के सब विश्वासियों के लिये तुम आदर्श बने।
    1Th 1:8  क्‍योंकि तुम्हारे यहां से न केवल मकिदुनिया और आखया में प्रभु का वचन सुनाया गया, पर तुम्हारे विश्वास की जो परमेश्वर पर है, हर जगह ऐसी चर्चा फैल गई है, कि हमें कहने की आवश्यकता ही नहीं।
    1Th 1:9  क्‍योंकि वे आप ही हमारे विषय में बताते हैं कि तुम्हारे पास हमारा आना कैसा हुआ और तुम क्‍योंकर मूरतों से परमेश्वर की ओर फिरे ताकि जीवते और सच्‍चे परमेश्वर की सेवा करो।
    1Th 1:10  और उसके पुत्र के स्‍वर्ग पर से आने की बाट जोहते रहो जिसे उस ने मरे हुओं में से जिलाया, अर्थात यीशु की, जो हमें आने वाले प्रकोप से बचाता है।
 
एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह ३७-३८ 
  • कुलुस्सियों ३