ई-मेल संपर्क / E-Mail Contact

इन संदेशों को ई-मेल से प्राप्त करने के लिए अपना ई-मेल पता इस ई-मेल पर भेजें : rozkiroti@gmail.com / To Receive these messages by e-mail, please send your e-mail id to: rozkiroti@gmail.com

मंगलवार, 27 दिसंबर 2011

नियंत्रण

   सन १८५४ में रूसी कवि और राजनितिज्ञ ने उस समय के संसार की स्थिति के अपने भयावह आँकलन के बारे में अपनी पत्नि को एक पत्र में लिखा, "अब जो बात विसमित करती है - और इसके बारे में मेरा निश्चय दृढ़ होता जा रहा है तथा सामन्य लोगों को भी प्रतीत हो रहा है, कि उन सारे खतरों के विषय में जिनका हमें सामना करना पड़ता है, लोगों की विचारधारा ऐसी होती जा रही है जिसमें स्वयं उन्हें परिस्थिति की समझ नहीं रही है। यह ऐसा है मानो हम एक लगातार और भी अधिक ढलुआँ होती जा रही ढाल पर भागती हुई बघ्घी में बैठे हों और अचानक पता चले कि बघ्घी को नियंत्रित करने वाला कोचवान है ही नहीं।"

   ऐसा प्रतीत होत है कि यह संसार एक अनियंत्रित गाड़ी के समान है जो अन्धेरी रात में अपने विनाश की ओर बढ़ती जा रही है, और कोई उसे रोकने या नियंत्रित करने वाला नहीं है। संसार में हर जगह बढ़ते हुए आपसी मतभेद, जातीय तनाव, धर्म के नाम पर झगड़े-फसाद, नई और ला-इलाज बीमारियाँ, स्थान स्थान पर होने वाले युद्ध और अशांति यह सोचने को बाध्य करते हैं कि संसार नियंत्रण से बाहर हो कर विनाश की कगार पर डगमगा रहा है।

   परन्तु मसीही विश्वासी संसार की दशा के इस भयावह दृश्य को अलग परिपेक्ष में देख सकते हैं। हम मसीही विश्वासी जानते हैं कि यद्यपि शैतान को वर्तमान संसार का शासक कहा जाता है, तौ भी अन्तिम नियंत्रण परमेश्वर के हाथों में है। हमें परमेश्वर के भविष्यद्वक्ता यशायाह द्वारा दीए गए परमेश्वर के वायदे पर भरोसा है कि जो परमेश्वर ने कहा है वह पूरा हो कर रहेगा। परमेश्वर "अपनी इच्‍छा के मत के अनुसार सब कुछ करता है" (इफीसियों १:११)। परमेश्वर की ओर से "यही युक्ति सारी पृथ्वी के लिये ठहराई गई है; और यह वही हाथ है जो सब जातियों पर बढ़ा हुआ है। क्योंकि सेनाओं के यहोवा ने युक्ति की है और कौन उसको टाल सकता है? उसका हाथ बढ़ाया गया है, उसे कौन रोक सकता है? (यशायाह १४:२६, २७)"

   इस सारी विनाशकारी उथल-पुथल के बीच हम मसीही विश्वासी आश्वस्त रह सकते हैं क्योंकि नियंत्रण अटल परमेश्वर के स्थिर हाथों में है। - डेव एग्नर

पृथ्वी बदलती है परन्तु परमेश्वर और हमारी आत्मा स्थिर और शाश्वत रहते हैं।

मैं ही ने यह बात कही है और उसे पूरी भी करूंगा; मैं ने यह विचार बान्घा है और उसे सफल भी करूंगा। - यशायाह ४६:११

बाइबल पाठ: यशायाह ४६:५-१३
Isa 46:5  मैं तुम्हें उठाए रहूंगा और छुड़ाता भी रहूंगा। तुम किस से मेरी उपमा दोगे और मुझे किस के समान बताओगे, किस से मेरा मिलान करोगे कि हम एक समान ठहरें?
Isa 46:6 जो थैली से सोना उण्डेलते वा कांटे में चान्दी तौलते हैं, जो सुनार को मजदुरी दे कर उस से देवता बनवाते हैं, तब वे उसे प्रणाम करते वरन दण्डवत्‌ भी करते हैं!
Isa 46:7  वे उसको कन्धे पर उठा कर लिए फिरते हैं, वे उसे उस के स्थान में रख देते और वह वहीं खड़ा रहता है; वह अपने स्थान से हट नहीं सकता; यदि कोई उसकी दोहाई भी दे, तौभी न वह सुन सकता है और न विपत्ति से उसका उद्धार कर सकता है।
Isa 46:8  हे अपराधियों, इस बात को स्मरण करो और ध्यान दो, इस पर फिर मन लगाओ।
Isa 46:9  प्राचीनकाल की बातें स्मरण करो जो आरम्भ ही से है; क्योंकि ईश्वर मैं ही हूं, दूसरा कोई नहीं; मैं ही परमेश्वर हूं और मेरे तुल्य कोई भी नहीं है।
Isa 46:10  मै तो अन्त की बात आदि से और प्राचीनकाल से उस बात को बताता आया हूं जो अब तक नहीं हुई। मैं कहता हूं, मेरी युक्ति स्थिर रहेगी और मैं अपनी इच्छा को पूरी करूंगा।
Isa 46:11  मैं पूर्व से एक उकाब पक्षी को अर्थात दूर देश से अपनी युक्ति के पूरा करने वाले पुरूष को बुलाता हूं। मैं ही ने यह बात कही है और उसे पूरी भी करूंगा; मैं ने यह विचार बान्घा है और उसे सफल भी करूंगा।
Isa 46:12  हे कठोर मन वालों तुम जो धर्म से दूर हो, कान लगा कर मेरी सुनो।
Isa 46:13  मैं अपनी धामिर्कता को समीप ले आने पर हूं वह दूर नहीं है, और मेरे उद्धार करने में विलम्ब न होगा; मैं सिय्योन का उद्धार करूंगा और इस्राएल को महिमा दूंगा।
 
एक साल में बाइबल: 
  • ज़कर्याह १-४ 
  • प्रकाशितवाक्य १८

सोमवार, 26 दिसंबर 2011

बंधन

   पक्षाघात के कारण जौं-डौमिनीक बौबी लगभग पूरी तरह से किसी भी तरह की कोई गतिविधि करने से विहीन हो गया था। उसकी जीवनी, The Diving Bell and the Butterfly, पक्षाघात के बाद के उसके जीवन का वर्णन करती है। लगभग पूरी तरह से लकवे के बन्धन में होने के बाद भी बौबी अपनी पुस्तक लिखवा सका, केवल अपनी बाईं आँख झपकने के द्वारा। एक सहायक, अक्षरों को उसके सामने दोहराता और जिस शब्द को बौबी लिखना चाहता था उसके अक्षर के लिए बौबी अपनी पलक बन्द करके उसका संकेत देता। इस प्रकार पुस्तक लिखने के लिए बौबी को लगभग २००,००० बार अपनी पलक झपकने की आवश्यक्ता पड़ी, लेकिन जो भी क्षमता उस के पास बची रह गई थी बौबी ने उसका प्रयोग दूसरों से संपर्क करने और अपनी बात कहने के लिए किया।

   परमेश्वर के वचन बाइबल के २ तिमुथियुस में प्रेरित पौलुस एक दूसरे प्रकार के बन्धन में जकड़ा हुआ था। अधिकारियों ने उसे घर में बन्दी बना दिया था, और उसे मालुम भी पड़ गया था कि अब उसका मारा जाना तय हो चुका है। इन परिस्थितियों में भी उसने तिमुथियुस को लिखा, "...मैं कुकर्मी की नाईं दुख उठाता हूं, यहां तक कि कैद भी हूं; परन्‍तु परमेश्वर का वचन कैद नहीं" (२ तिमुथियुस २:९)। अपने बन्धन और मौत के मंडराते साए में भी पौलुस आगन्तुकों का स्वागत करता था, औरों को प्रोत्साहन देने के लिए पत्र लिखता था और परमेश्वर के सुसमाचार के प्रचार के बारे में जान कर प्रसन्न होता था।

  संभव है कि परिस्थितियों ने हमें औरों से अलग कर दिया हो; हमारे बन्धन कुछ भी हो सकते हैं, जैसे - हम अस्पताल में बिस्तर पर हो सकते हैं; किसी कैद-खाने में हो सकते हैं; हम अपने समाज और लोगों द्वारा तिरिस्कृत हो सकते हैं; किंतु फिर भी हमें निश्क्रीय नहीं होना है। जो भी क्षमता और संसाधन हमारे पास बचे हैं, उनका प्रार्थना के साथ उपयोग हम हर परिस्थिति में अपने प्रभु की महिमा के लिए कर सकते हैं।

   बन्धन बाँध तो सकते हैं, निश्क्रीय नहीं कर सकते। - डेनिस फिशर


मसीह के लिए किया जाने वाला कोई भी कार्य कभी छोटा नहीं होता।
...मैं कुकर्मी की नाईं दुख उठाता हूं, यहां तक कि कैद भी हूं; परन्‍तु परमेश्वर का वचन कैद नहीं। - २ तिमुथियुस २:९

बाइबल पाठ: २ तिमुथियुस २:१-११
2Ti 2:1  इसलिये हे मेरे पुत्र, तू उस अनुग्रह से जो मसीह यीशु में है, बलवन्‍त हो जा।
2Ti 2:2  और जो बातें तू ने बहुत गवाहों के साम्हने मुझ से सुनी है, उन्‍हें विश्वासी मनुष्यों को सौंप दे जो औरों को भी सिखाने के योग्य हों।
2Ti 2:3  मसीह यीशु के अच्‍छे योद्धा की नाई मेरे साथ दुख उठा।
2Ti 2:4  जब कोई योद्धा लड़ाई पर जाता है, तो इसलिये कि अपने भरती करने वाले को प्रसन्न करे, अपने आप को संसार के कामों में नहीं फंसाता;
2Ti 2:5  फिर अखाड़े में लड़ने वाला यदि विधि के अनुसार न लड़े तो मुकुट नहीं पाता।
2Ti 2:6  जो गृहस्थ परिश्रम करता है, फल का अंश पहिले उसे मिलना चाहिए।
2Ti 2:7  जो मैं कहता हूं, उस पर ध्यान दे और प्रभु तुझे सब बातों की समझ देगा।
2Ti 2:8  यीशु मसीह को स्मरण रख, जो दाऊद के वंश से हुआ, और मरे हुओं में से जी उठा; और यह मेरे सुसमाचार के अनुसार है।
2Ti 2:9  जिस के लिये मैं कुकर्मी की नाई दुख उठाता हूं, यहां तक कि कैद भी हूं; परन्‍तु परमेश्वर का वचन कैद नहीं।
2Ti 2:10  इस कारण मैं चुने हुए लोगों के लिये सब कुछ सहता हूं, कि वे भी उस उद्धार को जो मसीह यीशु में हैं अनन्‍त महिमा के साथ पाएं।
2Ti 2:11  यह बात सच है, कि यदि हम उसके साथ मर गए हैं तो उसके साथ जीएंगे भी।
एक साल में बाइबल: 
  • हग्गै 
  • प्रकाशितवाक्य १७

रविवार, 25 दिसंबर 2011

इम्मैनुएल

   लगभग २००० वर्ष पूर्व के उस प्रथम क्रिसमस दिन के साथ, परमेश्वर का अपने लोगों के साथ होने के आशवासन का एक नया अर्थ हो गया है। प्रभु यीशु के जन्म से पहले, इस्त्राएलियों को यह विश्वास था कि अन्तिम न्याय के समय उन्हें उम्मीद रहेगी क्योंकि परमेश्वर उनके साथ होगा (यशायाह ८:८, १०)। परन्तु फिर भी वे परमेश्वर को उस परिपूर्णता में नहीं जानते थे, जैसे आज हम जान सकते हैं। पुराने नियम के समय के संतों की अपेक्षा आज हमें बेहतर अवस्था में हैं क्योंकि हम नए नियम के अध्ययन के द्वारा प्रभु यीशु में परमेश्वर की महिमा को देख सकते हैं (२ कुरिन्थियों ४:६)। हम परमेश्वर को जीवन के प्रत्येक परिस्थिति में अनुभव भी कर सकते हैं क्योंकि उसका पवित्र आत्मा आज हमारे साथ सदा विद्यमान रहता है।

   जब भी मुझे इस आशवासन की पुनःआवश्यक्ता होती है कि परमेश्वर मेरे साथ है, मैं प्रभु यीशु को अपने विचारों में ले आता हूँ, कि कैसे उसने छोटे बालकों को अपनी गोद में लेकर उन्हें आशीष दी (मत्ती १९:१३-१५)। फिर मैं उसके लहूलुहान चेहरे, मारी और कूटी गई देह और उसके क्रूस पर चढ़ाए जाने की ओर ध्यान करता हूँ; यह मुझे स्मरण दिलाता है कि मेरे पापों से क्षमा और उद्धार के लिए उसने क्या कुछ सह लिया। फिर अन्ततः मैं मनन करता हूँ उसके वायदे पर, "और देखो, मैं जगत के अन्‍त तक सदैव तुम्हारे संग हूं" (मत्ती २८:२०); और इन सब को स्मरण कर के मैं आत्मिक रीति से ताज़गी पाता हूँ।

   प्रभु यीशु के बैतलहम में जन्म के द्वारा परमेश्वर मानव रूप में संसार में आए। जो भी प्रभु यीशु पर विश्वास करता है वह अपनी प्रत्येक आवश्यक्ता के लिए नई सामर्थ पा सकता है; ऐसा क्यों? क्योंकि प्रभु यीशु के जन्म ने इम्मैनुएल शब्द अर्थात परमेश्वर हमारे साथ को नया और सार्थक बना दिया। - हर्ब वैण्डर लुग्ट

मसीह का जन्म परमेश्वर को मनुष्यों तक ले आया; लेकिन मनुष्यों का परमेश्वर तक पहुँचना मसीह के क्रूस पर जाने के द्वारा ही संभव हो पाया।

देखो एक कुंवारी गर्भवती होगी और एक पुत्र जनेगी और उसका नाम इम्मानुएल रखा जाएगा जिस का अर्थ यह है: परमेश्वर हमारे साथ। - मत्ती १:२३

बाइबल पाठ: मत्ती १:१८-२५
Mat 1:18  अब यीशु मसीह का जन्म इस प्रकार से हुआ, कि जब उस की माता मरियम की मंगनी यूसुफ के साथ हो गई, तो उन के इकट्ठे होने के पहिले से वह पवित्र आत्मा की ओर से गर्भवती पाई गई।
Mat 1:19  सो उसके पति यूसुफ ने जो धर्मी था और उसे बदनाम करना नहीं चाहता था, उसे चुपके से त्याग देने की मनसा की।
Mat 1:20  जब वह इन बातों के सोच ही में था तो प्रभु का स्‍वर्गदूत उसे स्‍वप्‍न में दिखाई दे कर कहने लगा; हे यूसुफ दाऊद की सन्‍तान, तू अपनी पत्‍नी मरियम को अपने यहां ले आने से मत डर, क्‍योंकि जो उसके गर्भ में है, वह पवित्र आत्मा की ओर से है।
Mat 1:21  वह पुत्र जनेगी और तू उसका नाम यीशु रखना; क्‍योंकि वह अपने लोगों का उन के पापों से उद्धार करेगा।
Mat 1:22  यह सब कुछ इसलिये हुआ कि जो वचन प्रभु ने भविष्यद्वक्ता के द्वारा कहा था वह पूरा हो।
Mat 1:23  कि, देखो एक कुंवारी गर्भवती होगी और एक पुत्र जनेगी और उसका नाम इम्मानुएल रखा जाएगा जिस का अर्थ यह है: परमेश्वर हमारे साथ।
Mat 1:24  सो यूसुफ नींद से जाग कर प्रभु के दूत की आज्ञा अनुसार अपनी पत्‍नी को अपने यहां ले आया।
Mat 1:25  और जब तक वह पुत्र न जनी तब तक वह उसके पास न गया: और उस ने उसका नाम यीशु रखा।
 
एक साल में बाइबल: 
  • सपन्याह 
  • प्रकाशितवाक्य १६

शनिवार, 24 दिसंबर 2011

एक कदम

   चीन में ताइशान नामक एक पवित्र माना जाना वाला पहाड़ है। भक्त तीर्थयात्री उस पर्वत कि ७००० सीढ़ीयाँ चढ कर उसके शिखर पर पहुँचते हैं, वे पहले उसके "मध्य द्वार" से हो कर निकलते हैं, फिर "स्वर्ग के दक्षिणी द्वार" से हो कर, तब अन्ततः वे शिखर पर स्थित "नीले बादलों के मन्दिर" में पहुँचते हैं जहाँ वे अपनी भेंटें अर्पित करते हैं इस उम्मीद से कि परमेश्वर उन से प्रसन्न हो सकेगा। लेकिन उन भक्तों के लिए कुछ निश्चित नहीं है कि उस पर्वत की पहली सीढ़ी चढ़ते समय वे परमेश्वर के जितने समीप थे, उस से अधिक समीप अब इतने प्रयास के बाद होंगे।

   सभी धर्म मनुष्य के द्वारा परमेश्वर को प्रसन्न कर के उस के समीप आने के प्रयत्न को दर्शाते हैं। इस की तुलना में केवल मसीही विश्वास ही वह एकमात्र मार्ग है जो परमेश्वर के मनुष्य बन कर मनुष्य को परमेश्वर के समीप लाने के प्रयास से आरंभ होता है।

   अपनी पवित्रता में परमेश्वर पापी मनुष्य की पहुँच से इतना दूर है कि मनुष्य और अपने बीच कि खाड़ी केवल स्वयं परमेश्वर ही पाट सकता है; यह मनुष्य के प्रयास अथवा सामर्थ से संभव नहीं है। प्रभु यीशु के मानव रूप में आने के द्वारा परमेश्वर ने यही किया भी - वह मनुष्य की समानता में सदेह हो गया, और अपनी निष्पाप और निष्कलंक देह को समस्त मानव जाति कि पापों के लिए एक ही बार सदा काल तक कार्यकारी बलिदान के रूप में दे दिया। फिर मृत्योप्राँत तीसरे दिन जी उठने के बाद वह वापस स्वर्ग, अपनी महिमा को लौट गया, जहाँ आज भी वह हमारे सहायक के रूप में विद्यमान है, अपने विश्वासियों के लिए एक बार फिर आएगा और उन्हें अपने साथ सदा रखने के लिए स्वर्ग ले जाएगा।

   यह सब उसने हम पापी मनुष्यों के लिए किया, उनसे कोई सांसारिक वस्तु प्राप्त करने के लिए नहीं, वरन उन के प्रति अपने प्रेम के कारण। अब वह हमारे प्रत्युत्तर की प्रतीक्षा में रहता है। जो कोई यह अंगीकार कर लेता है कि वह पापी है, और अपने सभी प्रयास छोड़ कर साधारण विश्वास से उस से पापों की क्षमा माँग कर उसे अपना मुक्तिदाता, उद्धारकर्ता ग्रहण कर लेता है, वह पाप के दण्ड से निकल कर अनन्त जीवन की आशीश में पहुँच जाता है।

   वे जो परमेश्वर को प्रसन्न करने और उस के समीप आने के लिए अपने व्यर्थ प्रयासों की अनन्त सीढ़ीयाँ चढने में लगे हुए हैं, उन से अनुरोध है, कृप्या ये प्रयास छोड़ दीजिए, इन प्रयासों से कुछ मिलने वाला नहीं है; वरन प्रभु यीशु में विश्वास का वह एक मात्र आवश्यक कदम उठाइये, उसी में सब कुछ है।

   अभी पापों से मुक्ति तथा परमेश्वर की निकटता और फिर जीवनोपराँत अनन्त काल के लिए स्वर्ग पहुँचने के लिए आपको प्रभु यीशु की ओर विश्वास का केवल एक कदम ही उठाना पड़ेगा। - डेनिस डी हॉन

उद्धार हम कमा नहीं सकते, लेकिन भेंट में पा सकते हैं।

परन्‍तु जितनों ने उसे ग्रहण किया, उस ने उन्‍हें परमेश्वर के सन्‍तान होने का अधिकार दिया, अर्थात उन्‍हें जो उसके नाम पर विश्वास रखते हैं। - यूहन्ना १:१२
 
बाइबल पाठ: यूहन्ना ३:५-२१
Joh 3:5  यीशु ने उत्तर दिया, कि मैं तुझ से सच सच कहता हूं, जब तक कोई मनुष्य जल और आत्मा से न जन्मे तो वह परमेश्वर के राज्य में प्रवेश नहीं कर सकता।
Joh 3:6  क्‍योंकि जो शरीर से जन्मा है, वह शरीर है; और जो आत्मा से जन्मा है, वह आत्मा है।
Joh 3:7  अचम्भा न कर, कि मैं ने तुझ से कहा कि तुम्हें नये सिरे से जन्म लेना अवश्य है।
Joh 3:8  हवा जिधर चाहती है उधर चलती है, और तू उसका शब्‍द सुनता है, परन्‍तु नहीं जानता, कि वह कहां से आती और किधर को जाती है जो कोई आत्मा से जन्मा है वह ऐसा ही है।
Joh 3:9  नीकुदेमुस ने उस को उत्तर दिया, कि ये बातें क्‍यों कर हो सकती हैं?
Joh 3:10  यह सुन कर यीशु ने उस से कहा; तू इस्‍त्राएलियों का गुरू हो कर भी क्‍या इन बातों को नहीं समझता।
Joh 3:11  मैं तुझ से सच सच कहता हूं कि हम जो जानते हैं, वह कहते हैं, और जिसे हम ने देखा है उस की गवाही देते हैं, और तुम हमारी गवाही ग्रहण नहीं करते।
Joh 3:12  जब मैं ने तुम से पृथ्वी की बातें कहीं, और तुम प्रतीति नहीं करते, तो यदि मैं तुम से स्‍वर्ग की बातें कहूं, तो फिर क्‍यों कर प्रतीति करोगे?
Joh 3:13  और कोई स्‍वर्ग पर नहीं चढ़ा, केवल वहीं जो स्‍वर्ग से उतरा, अर्थात मनुष्य का पुत्र जो स्‍वर्ग में है।
Joh 3:14  और जिस रीति से मूसा ने जंगल में सांप को ऊंचे पर चढ़ाया, उसी रीति से अवश्य है कि मनुष्य का पुत्र भी ऊंचे पर चढ़ाया जाए।
Joh 3:15  ताकि जो कोई विश्वास करे उस में अनन्‍त जीवन पाए।
Joh 3:16  क्‍योंकि परमेश्वर ने जगत से ऐसा प्रेम रखा कि उस ने अपना एकलौता पुत्र दे दिया, ताकि जो कोई उस पर विश्वास करे, वह नाश न हो, परन्‍तु अनन्‍त जीवन पाए।
Joh 3:17  परमेश्वर ने अपने पुत्र को जगत में इसलिये नहीं भेजा, कि जगत पर दंड की आज्ञा दे परन्‍तु इसलिये कि जगत उसके द्वारा उद्धार पाए।
Joh 3:18  जो उस पर विश्वास करता है, उस पर दंड की आज्ञा नहीं होती, परन्‍तु जो उस पर विश्वास नहीं करता, वह दोषी ठहरा चुका; इसलिये कि उस ने परमेश्वर के एकलौते पुत्र के नाम पर विश्वास नहीं किया।
Joh 3:19  और दंड की आज्ञा का कारण यह है कि ज्योति जगत में आई है, और मनुष्यों ने अन्‍धकार को ज्योति से अधिक प्रिय जाना क्‍योंकि उन के काम बुरे थे।
Joh 3:20  क्‍योंकि जो कोई बुराई करता है, वह ज्योति से बैर रखता है, और ज्योति के निकट नहीं आता, ऐसा न हो कि उसके कामों पर दोष लगाया जाए।
Joh 3:21  परन्‍तु जो सच्‍चाई पर चलता है वह ज्योति के निकट आता है, ताकि उसके काम प्रगट हों, कि वह परमेश्वर की ओर से किए गए हैं।
 
एक साल में बाइबल: 
  • हबक्कूक 
  • प्रकाशितवाक्य १५

शुक्रवार, 23 दिसंबर 2011

प्रतिबिंब

   फ्रैंक फेयरचाइल्ड ने एक रोचक घटना बताई: सन १६१४ में ग्युइडो रेनी ने रोम के एक महल की छत पर एक बहुत सुन्दर चित्र बनाया, जो अपने समकालीन चित्रों के सर्वश्रेष्ठ चित्रों में से एक समझा जाता था। किंतु दर्शक उस को ठीक से देख नहीं पाते थे क्योंकि छत की तरफ देखते रहना कष्टदायी हो जाता था। इस समस्या का निवारण करने के लिए महल के अधिकारियों ने उपाय सोचा, और चित्र के ठीक नीचे फर्श पर एक बड़ा सा दर्पण लगावा दिया जिससे अब चित्र को सरलता से निहारना लोगों के लिए संभव हो गया।

   फेयरचाइल्ड ने इस घटना के बारे में आगे कहा: "प्रभु यीशु भी हमारे लिए यही करते हैं, जब हम परमेश्वर के बारे में जानना चाहते हैं....वे हमारे मंद मन के समझ पाने के लिए परमेश्वर का प्रकटीकरण करते हैं। प्रभु यीशु में हो कर परमेश्वर हमारे लिए दृष्टिगत और सुबोध हो जाता है। हम अपने प्रयासों द्वारा परमेश्वर तक नहीं पहुँच सकते, अपनी बुद्धि और समझ द्वारा हम जितना उसे समझने का प्रयास करते हैं, उतना ही उलझते जाते हैं। ऐसे में प्रभु यीशु हमारा मार्ग बनता है; वह परमेश्वर है जो हमारे स्तर तक उतर आया, और अब हमें सामर्थ देता है कि उस में हो कर हम परमेश्वर के बारे में समझ सकें, उसके बारे में जान सकें।"

   प्रभु यीशु हमारे लिए और हम पर परमेश्वर को प्रगट करने के लिए आया; लेकिन वह केवल परमेश्वर पिता का प्रतिबिंब मात्र ही नहीं है। वह मानव शरीर में परमेश्वर है - "वह उस की महिमा का प्रकाश, और उसके तत्‍व की छाप है" (इब्रानियों १:३)। प्रभु यीशु ने स्वयं कहा, "...जिस ने मुझे देखा है उस ने पिता को देखा है" (युहन्ना १४:९)।

   जब हम उस देहधारी हुए परमेश्वर के वचन प्रभु यीशु के व्यकतित्व, और उस में हो कर मिलने वाली परमेश्वर और परमेश्वरत्व की समझ पर मनन करते हैं तो हम भी स्तुति गीत के लेखक के साथ कह सकते हैं "आओ उसकी आराधना करें, मसीह की जो प्रभु है।" - रिचर्ड डी हॉन

मसीह का जन्म उस असीम परमेश्वर को सीमित मनुष्य की पहुँच में ले आता है।

परमेश्वर को किसी ने कभी नहीं देखा, एकलौता पुत्र जो पिता की गोद में हैं, उसी ने उसे प्रगट किया। - युहन्ना १:१८

बाइबल पाठ: इब्रानियों १:१-३, यूहन्ना १:१२-१८
Heb 1:1  पूर्व युग में परमेश्वर ने बाप-दादों से थोड़ा थोड़ा कर के और भांति भांति से भविष्यद्वक्ताओं के द्वारा बातें कर के।
Heb 1:2  इन दिनों के अन्‍त में हम से पुत्र के द्वारा बातें की, जिसे उस ने सारी वस्‍तुओं का वारिस ठहराया और उसी के द्वारा उस ने सारी सृष्‍टि रची है।
Heb 1:3  वह उस की महिमा का प्रकाश, और उसके तत्‍व की छाप है, और सब वस्‍तुओं को अपनी सामर्थ के वचन से संभालता है: वह पापों को धो कर ऊंचे स्थानों पर महामहिमन के दाहिने जा बैठा।
Joh 1:12  परन्‍तु जितनों ने उसे ग्रहण किया, उस ने उन्‍हें परमेश्वर के सन्‍तान होने का अधिकार दिया, अर्थात उन्‍हें जो उसके नाम पर विश्वास रखते हैं।
Joh 1:13  वे न तो लोहू से, न शरीर की इच्‍छा से, न मनुष्य की इच्‍छा से, परन्‍तु परमेश्वर से उत्‍पन्न हुए हैं।
Joh 1:14  और वचन देहधारी हुआ; और अनुग्रह और सच्‍चाई से परिपूर्ण हो कर हमारे बीच में डेरा किया, और हम ने उस की ऐसी महिमा देखी, जैसी पिता के एकलौते की महिमा।
Joh 1:15  यूहन्ना ने उसके विषय में गवाही दी, और पुकार कर कहा, कि यह वही है, जिस का मैं ने वर्णन किया, कि जो मेरे बाद आ रहा है, वह मुझ से बढ़ कर है क्‍योंकि वह मुझ से पहिले था।
Joh 1:16  क्‍योंकि उस की परिपूर्णता से हम सब ने प्राप्‍त किया अर्थात अनुग्रह पर अनुग्रह।
Joh 1:17  इसलिये कि व्यवस्था तो मूसा के द्वारा दी गई, परन्‍तु अनुग्रह, और सच्‍चाई यीशु मसीह के द्वारा पहुंची।
Joh 1:18  परमेश्वर को किसी ने कभी नहीं देखा, एकलौता पुत्र जो पिता की गोद में हैं, उसी ने उसे प्रगट किया।
 
एक साल में बाइबल: 
  • नहूम 
  • प्रकाशितवाक्य १४

गुरुवार, 22 दिसंबर 2011

दोनो छोर

   क्रिसमस कार्ड्स पर प्रभु यीशु के जन्म का बहुत सुन्दर दृश्य दिखाया जाता है, जहाँ स्वच्छ, रौशनी से नहायी हुई गौशाला की चरनी में नवजात यीशु दिखाया जाता है, रंगीन सुन्दर वस्त्र पहने हुए यीशु को देखने आए लोग होते हैं तथा यूसुफ, मरियम, नवजात यीशु के सिर के चारों ओर रौशनी भी होती है। किंतु वास्तविकता में प्रभु यीशु का जन्म एक बहुत भद्दे और असामान्य वातवरण में हुआ था; परन्तु फिर भी यीशु के जन्म का वह तुच्छ स्थान और वातावरण परमेश्वर के मानवावतार लेने की अजूबे का सही प्रतिबिंब है - सृष्टि का महिमामयी एवं अनन्त परमेश्वर स्वर्ग की उत्कृष्ट ऊँचाइयों से उतर कर पृथ्वी की निकृष्ट गहराईयों में आ गया।

   एन्ड्रीयु मुर्रे ने युहन्ना १:५१ में लिखे हुए प्रभु यीशु के शब्दों को लेकर इस अद्भुत घटना की नाटकीय तुलना का वर्णन किया है. उन्होंने ने लिखा: "प्रभु यीशु का स्वरूप असीम है - एक ओर तो वह परमेश्वरत्व की ऊँचाईयों को छूता है तो दूसरी ओर समाज के साधारण और त्यागे मनुष्य के निम्न स्तर को। प्रभु के अपने शब्दों (युहन्ना १:५१) में प्रयुक्त तुलना के अनुसार, यह उस रहस्यमयी सीढ़ी के समान है जिसे यात्री याकूब नें अपने स्वपन में देखा; जहाँ सीढ़ी का एक छोर अति दूर स्वर्ग को छू रहा था और दूसरा छोर प्त्थरों से पटे और परमेश्वर के तेज के प्रकाश से रौशन उस मैदान पर था जहाँ याकूब लेटा हुआ था। एक छोर पर यीशु का उप-नाम है परमेश्वर का पुत्र, तो दूसरे छोर पर वह मनुष्य का पुत्र कहलाता है।"

   यीशु, अपनी दिव्यता में संपूर्ण रूप से परमेश्वर का पुत्र है, तो अपने मानव रूप में संपूर्णता से मनुष्य का पुत्र है। वह मनुष्य बना लेकिन पाप से सर्वथा अन्जान रहा, उसमें कोई दोष कोई पाप कभी नहीं रहा। इसीलिए वह दूसरों के पापों का प्रायश्चित बन सका। वह समस्त मानव जाति के पापों को अपने ऊपर ले कर क्रूस पर चढ़ गया, मारा गया, गाड़ा गया और अपने परमेश्वरत्व के प्रमाण में तीसरे दिन मुर्दों से जी भी उठा। आज उस पर अपने निज उद्धारकर्ता के रूप में विश्वास करने वाले प्रत्येक जन के लिए उसका यह प्रायश्चित पापों की क्षमा और परमेश्वर के साथ स्वर्ग में अनन्त जीवन का निर्णायक निश्चय है।

   प्रभु यीशु में हम अपने विश्वास द्वारा पृथ्वी से स्वर्ग तक चढ़ सकते हैं, क्योंकि दोनो छोर उसी में हैं। - डेव एग्नर


परमेश्वर का पुत्र मनुष्य का पुत्र बन गया ताकि वह मनुष्यों के पुत्रों को परमेश्वर के पुत्र बना सके।

तुम स्वर्ग को खुला हुआ और परमेश्वर के स्वर्गदूतों को ऊपर जाते और मनुष्य के पुत्र पर उतरते द्खोगे। - युहन्ना १:५१

बाइबल पाठ: लूका २:१-१४
Luk 2:1  उन दिनों में औगूस्‍तुस कैसर की ओर से आज्ञा निकली, कि सारे जगत के लोगों के नाम लिखे जाएं।
Luk 2:2  यह पहिली नाम लिखाई उस समय हुई, जब क्‍विरिनयुस सूरिया का हाकिम था।
Luk 2:3  और सब लोग नाम लिखवाने के लिये अपने अपने नगर को गए।
Luk 2:4  सो यूसुफ भी इसलिये कि वह दाऊद के घराने और वंश का था, गलील के नासरत नगर से यहूदिया में दाऊद के नगर बैतलहम को गया।
Luk 2:5  कि अपनी मंगेतर मरियम के साथ जो गर्भवती थी नाम लिखवाए।
Luk 2:6  उस के वहां रहते हुए उसके जनने के दिन पूरे हुए।
Luk 2:7  और वह अपना पहिलौठा पुत्र जनी और उसे कपड़े में लपेट कर चरनी में रखा: क्‍योंकि उन के लिये सराय में जगह न थी।
Luk 2:8  और उस देश में कितने गड़रिये थे, जो रात को मैदान में रह कर अपने झुण्‍ड का पहरा देते थे।
Luk 2:9  और प्रभु का एक दूत उन के पास आ खड़ा हुआ; और प्रभु का तेज उन के चारों ओर चमका, और वे बहुत डर गए।
Luk 2:10  तब स्‍वर्गदूत ने उन से कहा, मत डरो; क्‍योंकि देखो मैं तुम्हें बड़े आनन्‍द का सुसमाचार सुनाता हूं जो सब लोगों के लिये होगा।
Luk 2:11  कि आज दाऊद के नगर में तुम्हारे लिये एक उद्धारकर्ता जन्मा है, और यही मसीह प्रभु है।
Luk 2:12  और इस का तुम्हारे लिये यह पता है, कि तुम एक बालक को कपड़े मे लिपटा हुआ और चरनी में पड़ा पाओगे।
Luk 2:13  तब एकाएक उस स्‍वर्गदूत के साथ स्‍वर्गदूतों का दल परमेश्वर की स्‍तुति करते हुए और यह कहते दिखाई दिया।
Luk 2:14  कि आकाश में परमेश्वर की महिमा और पृथ्वी पर उन मनुष्यों में जिनसे वह प्रसन्न है शान्‍ति हो।
 
एक साल में बाइबल: 
  • मीका ६-७ 
  • प्रकाशितवाक्य १३

बुधवार, 21 दिसंबर 2011

परमेश्वर हमारे साथ

   एक छोटे बालक ने आकाश की ओर देख कर अपनी माँ से पुछा, "क्या वहाँ ऊपर परमेश्वर है?" माँ ने उसे आश्वस्त किया कि हाँ वहाँ परमेश्वर है। बालक ने फिर कहा, "कितना अच्छा होता यदि कभी कभी वह अपना चेहरा बाहर निकाल कर हमें दिखाता रहता।"

   परमेश्वर ने स्वर्ग की ऊँचाई से केवल अपना चेहरा निकाल कर ही नहीं दिखाया, वरन वह स्वयं धरती पर सदेह आ गया - अपने पुत्र प्रभु यीशु के रूप में। प्रभु यीशु को मानव स्वरूप में भेजने के द्वारा, स्वर्गीय परमेश्वर पिता ने अपने आप को संपूर्ण रूप से संसार पर प्रगट किया है; "वह तो अदृश्य परमेश्वर का प्रतिरूप और सारी सृष्‍टि में पहिलौठा है" (कुलुस्सियों १:१५)।

   प्रभु यीशु ने इस बात को पुष्ट किया जब उस ने अपने चेले फिलिप्पुस से कहा, " हे फिलप्‍पुस, मैं इतने दिन से तुम्हारे साथ हूं, और क्‍या तू मुझे नहीं जानता? जिस ने मुझे देखा है उस ने पिता को देखा है;" (युहन्ना १४:९)। यही वह सुसमाचार है जिसे हम बताते हैं और जिसके जन्म के उपलक्ष में क्रिसमस का त्यौहार भी मनाया जाता है। प्रभु यीशु ने स्वर्ग की महिमा छोड़ी और इस धरती पर कुँवारी से पैदा हुए। वह शिशु जिसे मरियम नें बेतलेहम की गौशाला में अपनी गोद में लिया वह "अदृश्य परमेश्वर का प्रतिरूप" है। इश्वरत्व के सारे गुण उसी में सदेह वास करते हैं। उसी के द्वारा सारी सृष्टी हुई, और उसी में सब कुछ स्थिर रहता है ( कुलुस्सियों १:१६-१७)।

   प्रभु यीशु के चेहरे में हम अपने अनन्त स्वर्गीय पिता के प्रेम, पवित्रता और अनुग्रह को देख सकते हैं। इस बात के एहसास से हमें आनन्द कि भरपूरी होनी चाहिए कि हम प्रभु यीशु में हो कर परमेश्वर को देख रहे हैं जो स्वर्ग से निकल कर इस धरती पर आ गया ताकि इस धरती पर पापों से दबे लोगों को उनके पापों के बोझ से छुड़ा कर स्वर्ग ले जा सके।

   प्रभु यीशु ही समस्त संसार के लिए एकमात्र मुक्तिदाता, उद्धारकर्ता और इम्मानुएल अर्थात ’परमेश्वर हमारे साथ’ है। - पौल वैन गोर्डर

कलवरी के क्रूस तक की परमेश्वर के प्रेम की यात्रा के लिए बेतलेहम की गौशाला पहला कदम था।

वह तो अदृश्य परमेश्वर का प्रतिरूप और सारी सृष्‍टि में पहिलौठा है। - कुलुस्सियों १:१५

बाइबल पाठ: कुलुस्सियों १:१२-२२
Col 1:12  और पिता का धन्यवाद करते रहो, जिस ने हमें इस योग्य बनाया कि ज्योति में पवित्र लोगों के साथ मीरास में समभागी हों।
Col 1:13  उसी ने हमें अन्‍धकार के वश से छुड़ा कर अपने प्रिय पुत्र के राज्य में प्रवेश कराया।
Col 1:14  जिस से हमें छुटकारा अर्थात पापों की क्षमा प्राप्‍त होती है।
Col 1:15  वह तो अदृश्य परमेश्वर का प्रतिरूप और सारी सृष्‍टि में पहिलौठा है।
Col 1:16  क्‍योंकि उसी में सारी वस्‍तुओं की सृष्‍टि हुई, स्‍वर्ग की हो अथवा पृथ्वी की, देखी या अनदेखी, क्‍या सिंहासन, क्‍या प्रभुतांए, क्‍या प्रधानताएं, क्‍या अधिकार, सारी वस्‍तुएं उसी के द्वारा और उसी के लिये सृजी गई हैं।
Col 1:17  और वही सब वस्‍तुओं में प्रथम है, और सब वस्‍तुएं उसी में स्थिर रहती हैं।
Col 1:18  और वही देह, अर्थात कलीसिया का सिर है; वही आदि है और मरे हुओं में से जी उठने वालों में पहिलौठा कि सब बातों में वही प्रधान ठहरे।
Col 1:19  क्‍योंकि पिता की प्रसन्नता इसी में है कि उस में सरी परिपूर्णता वास करे।
Col 1:20  और उस के क्रूस पर बहे हुए लोहू के द्वारा मेल मिलाप कर के, सब वस्‍तुओं को उसी के द्वारा से अपने साथ मेल कर ले चाहे वे पृथ्वी पर की हों, चाहे स्‍वर्ग में की।
Col 1:21  और उस ने अब उसकी शारीरिक देह में मृत्यु के द्वारा तुम्हारा भी मेल कर लिया जो पहिले निकाले हुए थे और बुरे कामों के कारण मन से बैरी थे।
Col 1:22  ताकि तुम्हें अपने सम्मुख पवित्र और निष्‍कलंक, और निर्दोष बना कर उपस्थित करे।
 
एक साल में बाइबल: 
  • मीका ४-५ 
  • प्रकाशितवाक्य १२