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गुरुवार, 8 मार्च 2012

आनन्द के कारण

   मुझे एक कहानी याद आती है - एक लड़का समुद्र तट पर घूम रहा था। उसने देखा कि लहरों के वेग से पानी में से बहकर अनेक स्टार फिश तट की रेत पर आ गई हैं और दिन की गर्मी में मरती जा रही हैं। उसने चलते चलते उन्हें उठा कर वापस पानी में फेंकना आरंभ कर दिया। एक और तट पर घूमने वाले ने उससे पूछा कि वह यह क्या कर रहा है, तो लड़का बोला, इनका जीवन बचा रहा हूँ। तब वह व्यक्ति बोला, "क्या फायदा है? यहाँ इतनी पड़ी हैं कि उन्हें तुम वापस नहीं डाल पाओगे।" लड़के ने उत्तर दिया, "आप ठीक कहते हैं, मैं सब को नहीं बचा सकता, किंतु जिस एक को बचा सकता हूँ, उसके लिए तो यह जीवन और मरण की बात है; उसके लिए तो इससे महत्वपूर्ण और कुछ नहीं है।"

   मुझे उस लड़के का जीवन के प्रति दृष्टीकोण बहुत पसंद आया। मैं और मेरा मित्र मार्टी हाल ही में विश्व भ्रमण पर निकले और संसार के प्रमुख शहरों में से कुछ में से होकर निकले। हम यह देख कर स्तब्ध थे  कि संसार के हर स्थान में लोगों के जीवन में पाप की कितनी गहरी पैठ है; कैसे करोड़ों लोग प्रभु यीशु मसीह और उसमें मिलने वाले सेंतमेंत उद्धार के बारे में अनजान हैं और अपने पापों में नाश हुए जा रहे हैं। इस संसार को उद्धार के सुसमाचार को बताने के विचार ने मुझे अभिभूत कर दिया।

   मानव जब पाप के प्रवाह में बहकर परमेश्वर के करुणासागर से दूर हो गया तो उसे पाप में छटपटाने और मरने से बचाने के लिए परमेश्वर ने अपने पुत्र प्रभु यीशु मसीह को संसार में उद्धारकर्ता करके भेजा, कि जो कोई उसपर विश्वास लाए और पापों से पश्चाताप करे वह नाश ना हो वरन अनन्त जीवन पाए। जैसे परमेश्वर के वचन बाइबल में लूका १५ में प्रभु यीशु ने बताया, जब कोई पापी अपने पापों से पश्चाताप करता है, स्वर्ग में बड़ा आनन्द मनाया जाता है: "मैं तुम से कहता हूं, कि इसी रीति से एक मन फिराने वाले पापी के विषय में भी स्‍वर्ग में इतना ही आनन्‍द होगा, जितना कि निन्नानवे ऐसे धमिर्यों के विषय नहीं होता, जिन्‍हें मन फिराने की आवश्यकता नहीं" (लूका १५:७)।

   क्या स्वर्ग ने आप के मन फिराने का आनन्द मनाया है? यदि नहीं, तो अभी भी आपके पास अवसर है कि ना केवल स्वयं आनन्द का कारण बनें वरन उन लोगों में भी सम्मिलित हो जाएं जो दूसरों को परमेश्वर के अनुग्रह के करुणासागर में लाकर पाप और अनन्त मृत्यु से बचाने वाले लोग हैं। - जो स्टोवैल

यदि आप बचाए गए हैं तो आप दूसरों को बचाने की भी चाह रखेंगे।

"मैं तुम से कहता हूं, कि इसी रीति से एक मन फिराने वाले पापी के विषय में भी स्‍वर्ग में इतना ही आनन्‍द होगा, जितना कि निन्नानवे ऐसे धमिर्यों के विषय नहीं होता, जिन्‍हें मन फिराने की आवश्यकता नहीं। - लूका १५:७
 
बाइबल पाठ: लूका १५:१-७
Luk 15:1  सब चुंगी लेनेवाले और पापी उसके पास आया करते थे ताकि उस की सुनें।
Luk 15:2  और फरीसी और शास्त्री कुडकुडाकर कहने लगे, कि यह तो पापियों से मिलता है और उन के साथ खाता भी है।
Luk 15:3 तब उस ने उन से यह दृष्‍टान्‍त कहा।
Luk 15:4 तुम में से कौन है जिस की सौ भेड़ें हों, और उन में से एक खो जाए तो निन्नानवे को जंगल में छोड़कर, उस खोई हुई को जब तक मिल न जाए खोजता न रहे?
Luk 15:5 और जब मिल जाती है, तब वह बड़े आनन्‍द से उसे कांधे पर उठा लेता है।
Luk 15:6 और घर में आकर मित्रों और पड़ोसियों इकट्ठे करके कहता है, मेरे साथ आनन्‍द करो, क्‍योंकि मेरी खोई हुई भेड़ मिल गई है।
Luk 15:7 मैं तुम से कहता हूं, कि इसी रीति से एक मन फिराने वाले पापी के विषय में भी स्‍वर्ग में इतना ही आनन्‍द होगा, जितना कि निन्नानवे ऐसे धमिर्यों के विषय नहीं होता, जिन्‍हें मन फिराने की आवश्यकता नहीं।
 
एक साल में बाइबल: 
  • व्यवस्थाविवरण ५-७ 
  • मरकुस ११:१-१८

बुधवार, 7 मार्च 2012

परमेश्वर के सहायक

   कुछ बच्चों से मेरी बातचीत परमेश्वर और अलौकिक शक्ति वाले सुपरहीरो के बारे में हो रही थी। कल्पनाओं और कौतहूल से भरे एक पाँच वर्षीय बालक तोबियास ने प्रश्न किया, "क्या परमेश्वर के पास भी कोई साथी है जैसे हर्क्युलिस के पास है?" तोबियास के बड़े भाई ने तुरंत उत्तर दिया, "एक नहीं हज़ारों हैं - उसके स्वर्गदूत।"
   स्वर्गदूत चर्चा का एक लोकप्रीय विष्य रहे हैं, और लोग उनके बारे में तरह तरह की धारणाएं रखते हैं, मानते हैं। जैसे कि कुछ लोग स्वर्गदूतों से प्रार्थना करते हैं, इस धारणा से कि वे भी परमेश्वर के समान ही हैं। कुछ लोगों का मानना है कि मृत्योप्रांत लोग स्वर्गदूत बन जाते हैं।

   किंतु परमेश्वर का वचन बाइबल हमें स्वर्गदूतों का यथार्थ भी बताती है: 
  • स्वर्गदूत परमेश्वर की सृष्टि हैं (कुलुस्सियों १:१५-१७)। 
  • स्वर्गदूत परमेश्वर की आराधना करते हैं (नहेम्याह ९:६) और विभिन्न नामों से जाने जाते हैं, जैसे प्रधान स्वर्गदूत (यहूदा १:९); करूब (२ राजा १९:१५); साराप (यशायाह ६:१-३)। 
  • स्वर्गदूत परमेश्वर के लोगों के सेवक हैं (इब्रानियों १:१३-१४), उनकी रखवाली और रक्षा करते हैं (भजन ९१:९-१२)। 
  • स्वर्गदूत मनुष्यों से आराधना ग्रहण नहीं करते वरन उसके लिए मना करते हैं तथा केवल परमेश्वर की आराधना के लिए कहते हैं (प्रकाशितवाक्य २२:८-९)। 
  • स्वर्गदूतों को परमेश्वर द्वारा विशेष कार्यों के लिए उपयोग किया जाता है (मत्ती १:२०; लूका १:२६)। 
  • जब कोई पापी अपने पापों से पश्चाताप करके उद्धार के लिए प्रभु यीशु की ओर मुड़ता है तो स्वर्गदूत आनन्दित होते हैं (लूका १५:७, १०)।

   केवल परमेश्वर ही हमारी आराधना और उपासना का हकदार है, इसलिए आईये हम स्वर्गदूतों के साथ मिलकर उसकी आराधना करें। - ऐनी सेटास


स्वर्गदूत परमेश्वर के विशेष सहायक हैं।

हे यहोवा के दूतों, तुम जो बड़े वीर हो, और उसके वचन के मानने से उसको पूरा करते हो उसको धन्य कहो! - भजन १०३:२०
 
बाइबल पाठ: भजन १०३:१९-२२
Psa 103:19  यहोवा ने तो अपना सिंहासन स्वर्ग में स्थिर किया है, और उसका राज्य पूरी सृष्टि पर है।
Psa 103:20  हे यहोवा के दूतों, तुम जो बड़े वीर हो, और उसके वचन के मानने से उसको पूरा करते हो उसको धन्य कहो!
Psa 103:21  हे यहोवा की सारी सेनाओं, हे उसके टहलुओं, तुम जो उसकी इच्छा पूरी करते हो, उसको धन्य कहो!
Psa 103:22  हे यहोवा की सारी सृष्टि, उसके राज्य के सब स्थानों में उसको धन्य कहो। हे मेरे मन, तू यहोवा को धन्य कह!
 
एक साल में बाइबल: 
  • व्यवस्थाविवरण ३-४
    मरकुस १०:३२-५२

मंगलवार, 6 मार्च 2012

क्या भलाई में हैं?

   हाई स्कूल के बच्चे एक प्रोग्राम में गीत प्रस्तुत कर रहे थे, गीत था होरेशियो स्पैफ़ोर्ड का प्रसिद्ध स्तुति गीत "It is Well With My Soul" (मेरी आत्मा शांति से और भलाई में है); गीत आरंभ करने से पहले गीत मंडली से एक बच्चा सामने आया और इस गीत का इतिहास और पृष्ठभूमि उपस्थित दर्शकों को बताई। स्पैफोर्ड ने जब यह गीत लिखा तब वह पानी के जहाज़ पर उस स्थान पर था जहाँ उसकी चार बेटियाँ एक हादसे का शिकार हो कर चल बसी थीं।

   गीत के उस परिचय और फिर उस गीत के शब्द सुनने के बाद मेरे मन में भावनाओं की बाढ़ सी आ गई। यह जानने के बाद कि स्पैफोर्ड कि चार बेटियाँ चल बसी थीं और फिर स्पैफोर्ड के विश्वास के शब्द सुनकर तो मेरे लिए अपने आप को संभाल पाना कठिन हो गया; अपनी एक बेटी को खोने का ग़म ही मेरे लिए बहुत था, चार बेटियों का ग़म उसने कैसे सहन किया और फिर इतने विश्वास का यह गीत लिखा? ऐसे बड़े दुख में स्पैफोर्ड कैसे कहने पाया कि उसकी आत्मा शांति से और भलाई में ही है?

   गीत में मैंने वह पंक्ति सुनी, "When Peace Like a River Attendeth My Way" (जब शांति मेरी ओर एक नदी के समान प्रवाहित होती है), तो मुझे ध्यान आया कि मेरी शांति का स्त्रोत कहाँ है। साथ ही मुझे प्रेरित पौलुस के शब्द भी स्मरण हो आए "किसी भी बात की चिन्‍ता मत करो: परन्‍तु हर एक बात में तुम्हारे निवेदन, प्रार्थना और विनती के द्वारा धन्यवाद के साथ परमेश्वर के सम्मुख अपस्थित किए जाएं। तब परमेश्वर की शान्‍ति, जो समझ से बिलकुल परे है, तुम्हारे हृदय और तुम्हारे विचारों को मसीह यीशु में सुरक्षित रखेगी" (फिलिप्पियों ४:६, ७)।

   प्रत्येक मसीही विश्वासी के लिए उसकी शांति का स्त्रोत है उसका प्रभु यीशु; जब हम सच्चे दिल से निकली प्रार्थना में अपनी हर बात विश्वास के साथ अपने प्रभु परमेश्वर के सामने रख देते हैं और अपने दिल के बोझ, चिंताएं और दुख उसे सौंप देते हैं, तो एक वर्णन और समझ से बाहर शांति हमारी आत्मा में आ जाती है। यह वह शांति है जो परिस्थित्यों को समझने की हमारी क्षमता से परे है, यह शांति हमारे मनों की सुरक्षा करती है; तथा हर बात में प्रभु यीशु की हमारे साथ बनी हुई उपस्थिति हमें सक्षम करती है कि हम भी कह सकें "मेरी आत्मा शांति से और भलाई में है।" - डेव ब्रैनन


प्रभु यीशु कभी कोई गलती नहीं करते।

तब परमेश्वर की शान्‍ति, जो समझ से बिलकुल परे है, तुम्हारे हृदय और तुम्हारे विचारों को मसीह यीशु में सुरक्षित रखेगी। फिलिप्पियों ४:७

बाइबल पाठ: फिलिप्पियों ४:४-९
Php 4:4 प्रभु में सदा आनन्‍दित रहो; मैं फिर कहता हूं, आनन्‍दित रहो।
Php 4:5  तुम्हारी कोमलता सब मनुष्यों पर प्रगट हो: प्रभु निकट है।
Php 4:6 किसी भी बात की चिन्‍ता मत करो: परन्‍तु हर एक बात में तुम्हारे निवेदन, प्रार्थना और विनती के द्वारा धन्यवाद के साथ परमेश्वर के सम्मुख अपस्थित किए जाएं।
Php 4:7 तब परमेश्वर की शान्‍ति, जो समझ से बिलकुल परे है, तुम्हारे हृदय और तुम्हारे विचारों को मसीह यीशु में सुरक्षित रखेगी।
Php 4:8  निदान, हे भाइयों, जो जो बातें सत्य हैं, और जो जो बातें आदरणीय हैं, और जो जो बातें उचित हैं, और जो जो बातें पवित्र हैं, और जो जो बातें सुहावनी हैं, और जो जो बातें मनभावनी हैं, निदान, जो जो सदगुण और प्रशंसा की बातें हैं, उन्‍हीं पर ध्यान लगया करो।
Php 4:9  जो बातें तुम ने मुझ से सीखीं, और ग्रहण की, और सुनी, और मुझ में देखीं, उन्‍हीं का पालन किया करो, तब परमेश्वर जो शान्‍ति का सोता है तुम्हारे साथ रहेगा।
 
एक साल में बाइबल: 
  • व्यवस्थाविवरण १-२ 
  • मरकुस १०:१-३१

सोमवार, 5 मार्च 2012

सही जानकारी

   एक यात्रा के समय, हमारे वायुयान को उड़ान भरे लगभग १५ मिनिट ही हुए थे कि यान के चालक ने सूचना दी कि वायुयान में कोई गंभीर समस्या हो गई है, जिसका निवारण करने के लिए विशलेषण किया जा रहा है। कुछ मिनिटों के बाद उसने पुनः सूचना दी कि वायुयान में कंपन्न पैदा हो रही है, इसलिए हमें वापस लौटना पड़ेगा। उसके बाद वायुयान के कर्मचारियों ने जो जो होता रहा उसकी क्रमबद्ध सूचना देना हमें ज़ारी रखा तथा हमें बताते रहे कि परिस्थिति का सामना करने और उससे निपटने के लिए वापस लौटने पर हमें क्या क्या करना होगा। उस घटना में, जहां कुछ भी हो सकता था और सभी यात्रियों के मन बहुत आशंकित तथा विचिलित थे, समय समय पर मिलती रहने वाली सही सूचना ने यात्रियों में शांति और हौंसले को बनाए रखा।

   प्रथम शताब्दी में थिस्सलूनिके के कुछ मसीही विश्वासियों को यह आशंका थी कि उनके प्रीय जन जो संसार से कूच कर गए हैं, वे मसीह के दूसरे आगमन की आशीष से वंचित रह जाएंगे। इसलिए पौलुस ने उनको समझाने के लिए लिखा: "हे भाइयों, हम नहीं चाहते, कि तुम उनके विषय में जो सोते हैं, अज्ञान रहो; ऐसा न हो, कि तुम औरों की नाई शोक करो जिन्‍हें आशा नहीं" (१ थिस्स्लुनिकियों ४:१३)। पौलुस सही जानकारी द्वारा उनके आशंकित मनों को शांत करना चाहता था और उनके भय का निवारण करना चाहता था। पौलुस से मिली सही जानकारी ने ना केवल उनको शांति दी वरन आज हम सब को भी इस विषय में शांति मिलती है, क्योंकि अब हम जानते हैं कि मसीह यीशु में सोए हुए प्रीय जनों से हमारा विछोह कुछ समय का ही है; फिर वह समय आएगा जब हम उनके साथ होंगे, आनन्दित होंगे और सदा काल तक रहेंगे।

   क्योंकि परमेश्वर का वचन बाइबल हमें हर बात के विषय में सही जानकारी देती है, हम हर परिस्थिति में, हर दुख और क्लेष में उससे शांति और सांत्वना पा सकते हैं। - बिल क्राउडर

मृत्यु पूर्णविराम नहीं, केवल अल्पविराम है।

हे भाइयों, हम नहीं चाहते, कि तुम उनके विषय में जो सोते हैं, अज्ञान रहो; ऐसा न हो, कि तुम औरों की नाई शोक करो जिन्‍हें आशा नहीं। - १ थिस्स्लुनिकियों ४:१३
 
बाइबल पाठ: १ थिस्स्लुनिकियों ४:१३-१८
1Th 4:13  हे भाइयों, हम नहीं चाहते, कि तुम उनके विषय में जो सोते हैं, अज्ञान रहो; ऐसा न हो, कि तुम औरों की नाई शोक करो जिन्‍हें आशा नहीं।
1Th 4:14  क्‍योंकि यदि हम प्रतीति करते हैं, कि यीशु मरा, और जी भी उठा, तो वैसे ही परमेश्वर उन्‍हें भी जो यीशु में सो गए हैं, उसी के साथ ले आएगा।
1Th 4:15  क्‍योंकि हम प्रभु के वचन के अनुसार तुम से यह कहते हैं, कि हम जो जीवित हैं, और प्रभु के आने तक बचे रहेंगे तो सोए हुओं से कभी आगे न बढ़ेंगे।
1Th 4:16  क्‍योंकि प्रभु आप ही स्‍वर्ग से उतरेगा, उस समय ललकार, और प्रधान दूत का शब्‍द सुनाई देगा, और परमेश्वर की तुरही फूंकी जाएगी, और जो मसीह में मरे हैं, वे पहिले जी उठेंगे।
1Th 4:17  तब हम जो जीवित और बचे रहेंगे, उन के साथ बादलों पर उठा लिए जाएंगे, कि हवा में प्रभु से मिलें, और इस रीति से हम सदा प्रभु के साथ रहेंगे।
1Th 4:18  सो इन बातों से एक दूसरे को शान्‍ति दिया करो।
 
एक साल में बाइबल: 
  • गिनती ३४-३६ 
  • मरकुस ९:३०-५०

रविवार, 4 मार्च 2012

अविनाशी आनन्द और संतुष्टि

   दूसरे विश्वयुद्ध के बाद जापान में हुई आर्थिक प्रगति और विकास के प्रभाव का अध्ययन करने के बाद रिचर्ड ईस्टरलिन का निष्कर्ष था कि हमेशा ही आर्थिक समृद्धि से आनन्द और संतुष्टि नहीं मिलती। परन्तु हाल ही में अर्थशास्त्री बेट्से स्टीवनसन और जस्टिन वुल्फर्स ने १०० से भी अधिक देशों में सर्वेक्षण के बाद निष्कर्ष दिया कि जीवन से संतुष्टि उन देशों में सबसे अधिक थी जहां आर्थिक समृद्धि थी।

   तो अब इन दोनो में से कौन सही है? आईए, परमेश्वर के वचन बाइबल में सभोपदेशक के लेखक की बात देखते हैं, क्योंकि उसे सत्य का पता होना चाहिए। वह लेखक बहुत धनी था (सभोपदेशक २:८) तथा उसके पास संसार की हर बात को जांचने-परखने के साधन थे और उसने जांचा-परखा भी! उसने अपने आप को शारीरिक आनन्द में लिप्त किया (२:१-३); बड़ी बड़ी योजनाएं कार्यान्वित करीं, बहुत भोग-विलास और मनोरंजन में समय बिताया  (२:४-८) तथा कठिन परिश्रम भी किया (२:१०-११)। अपने धन का यथासंभव उपयोग करने और सब कुछ करने के बाद, उसका निष्कर्ष था: "तब मैं ने फिर से अपने हाथों के सब कामों को, और अपने सब परिश्रम को देखा, तो क्या देखा कि सब कुछ व्यर्थ और वायु को पकड़ना है, और संसार में कोई लाभ नहीं" (सभोपदेशक २:११)।

   स्थिर, सदा बना रहने वाला और सच्चा आनन्द एवं संतुष्टि भौतिक उपायों, बैंक में जमा मोटी पूँजी या सांसारिक वस्तुओं की भरमार से नहीं मिलती। संसार में हाल ही में हुई घटनाएं दिखाती हैं कि संसार की हर वस्तु अचानक ही व्यर्थ हो सकती हैं, उसका मूल्य अनायास ही समाप्त हो सकता है। यदि हमें स्थाई और सदा बनी रहने वाली अविनाशी संतुष्टि और आननद चाहिए तो वह अविनाशी स्त्रोत से ही मिलेगा, किसी नाशमान से नहीं; और वह स्त्रोत है हमारा सृष्टिकर्ता और उद्धारकर्ता प्रभु यीशु मसीह।

   स्तुति गीत के लेखक फ्लौएड हौकिन्स ने अपने एक गीत में लिखा: "मैंने आनन्द का मार्ग पा लिया; मैंने प्रसन्नता प्राप्त कर ली; मुझे उदासी से निकलने की राह मिल गई;...जब मुझे यीशु, मेरा प्रभु मिल गया।"

   केवल यीशु ही वह अविनाशी संतुष्टि और आनन्द दे सकता है, क्योंकि वह स्वयं अविनाशी है, और वह अपने लोगों को अपना आनन्द देता है: "मैं ने ये बातें तुम से इसलिये कही हैं, कि मेरा आनन्‍द तुम में बना रहे, और तुम्हारा आनन्‍द पूरा हो जाए" (यूहन्ना १५:११)। - सी. पी. हिया


सच्चा आनन्द जानना है तो प्रभु यीशु को जान लीजिए।

तब मैं ने फिर से अपने हाथों के सब कामों को, और अपने सब परिश्रम को देखा, तो क्या देखा कि सब कुछ व्यर्थ और वायु को पकड़ना है, और संसार में कोई लाभ नहीं। - सभोपदेशक २:११

बाइबल पाठ: सभोपदेशक २:१-११
Ecc 2:1  मैं ने अपने मन से कहा, चल, मैं तुझ को आनन्द के द्वारा जांचूंगा; इसलिये आनन्दित और मगन हो। परन्तु देखो, यह भी व्यर्थ है।
Ecc 2:2  मैं ने हंसी के विषय में कहा, यह तो बावलापन है, और आनन्द के विषय में, उस से क्या प्राप्त होता है?
Ecc 2:3  मैं ने मन में सोचा कि किस प्रकार से मेरी बुद्धि बनी रहे और मैं अपने प्राण को दाखमधु पीने से क्योंकर बहलाऊं और क्योंकर मूर्खता को थामे रहूं, जब तक मालूम न करूं कि वह अच्छा काम कौन सा है जिसे मनुष्य जीवन भर करता रहे।
Ecc 2:4  मैं ने बड़े बड़े काम किए; मैं ने अपने लिये घर बनवा लिए और अपने लिये दाख की बारियां लगवाईं;
Ecc 2:5  मैं ने अपने लिये बारियां और बाग लगावा लिए, और उन में भांति भांति के फलदाई वृझ लगाए।
Ecc 2:6  मैं ने अपने लिये कुण्ड खुदवा लिए कि उन से वह वन सींचा जाए जिस में पौधे लगाए जाते थे।
Ecc 2:7  मैं ने दास और दासियां मोल लीं, और मेरे घर में दास भी उत्पन्न हुए, और जितने मुझ से पहिले यरूशलेम में थे उन से कहीं अधिक गाय-बैल और भेड़-बकरियों का मैं स्वामी था।
Ecc 2:8  मैं ने चान्दी और सोना और राजाओं और प्रान्तों के बहुमूल्य पदार्थों का भी संग्रह किया; मैं ने अपने लिये गवैयों और गाने वालियों को रखा, और बहुत सी कामिनियां भी, जिन से मनुष्य सुख पाते हैं, अपनी कर लीं।
Ecc 2:9  इस प्रकार मैं अपने से पहिले के सब यरूशलेमवासियों से अधिक महान और धनाढय हो गया, तौभी मेरी बुद्धि ठिकाने रही।
Ecc 2:10  और जितनी वस्तुओं के देखने की मैं ने लालसा की, उन सभों को देखने से मैं न रुका, मैं ने अपना मन किसी प्रकार का आनन्द भोगने से न रोका क्योंकि मेरा मन मेरे सब परिश्रम के कारण आनन्दित हुआ, और मेरे सब परिश्रम से मुझे यही भाग मिला।
Ecc 2:11  तब मैं ने फिर से अपने हाथों के सब कामों को, और अपने सब परिश्रम को देखा, तो क्या देखा कि सब कुछ व्यर्थ और वायु को पकड़ना है, और संसार में कोई लाभ नहीं।
 
एक साल में बाइबल: 
  • गिनती ३१-३३ 
  • मरकुस ९:१-२९

शनिवार, 3 मार्च 2012

प्रबल प्रवाह

   जब मैं किशोरावस्था में था तो मैं, मेरे पिता और अन्य परिवार के सदस्यों के साथ कलिफोर्निया की सैक्रेमैन्टो नदी के उदगम के निकट ट्राउट मछली पकड़ने गया। उस नदी का उदगम बर्फ पिघलने से होता है इसलिए वहां उसका पानी स्वच्छ, प्रबल प्रवाह वाला और ठंडा होता है। मैं और मेरे परिवार के लोग मछली पकड़ते समय उस पानी में उतरने और तरोताज़ा होने से अपने को रोक नहीं पाए।

   घर वापस लौटते समय, हम एक तालाब के पास भी रुके और नहाने के लिए उसमें उतरे। तालाब का पानी वैस आनन्दायक नहीं था, निश्चल होने के कारण स्वच्छ भी नहीं था तथा उस नदी के पानी की तुलना में वह स्फूर्तिदायक भी नहीं था।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में आमोस भविष्यद्वक्ता ने धार्मिकता द्वारा परिवर्तित होने की सामर्थ को नदी के प्रवाह के प्रभाव द्वारा दर्शाया। इस्त्राएल के प्रभावहीन धार्मिक रीतियों के व्यर्थ पालन और ग़रीबों के शोषण से विस्मित होकर आमोस ने परमेश्वर की ओर से इस्त्राएल में न्याय और धार्मिकता के प्रवाहित होने देने का आवाहन किया (आमोस २:६-८; ५:२१-२७)। उसने कहा कि परमेश्वर के लोग अधर्म और अन्याय के निश्चल और बासी पानी में पड़े हुए हैं जबकि परमेश्वर चाहता है कि वे अपने जीवनों में "न्याय को नदी की नाईं, और धर्म महानद की नाईं बहने दो" (अमोस ५:२४)।

   ना केवल तब के इस्त्राएलियों से वरन आज के लोगों से भी परमेश्वर की यही आशा है कि उनके जीवन में भी न्याय नदी के समान और धर्म महानद के समान बहे, ना कि व्यर्थ रीति-रिवाज़ों और गढ़ी हुई निष्फल धार्मिकता के सहारे लोग अपने आप को सही ठहराने के प्रयास करें। पाप से ग्रसित मन कभी सच्ची धार्मिकता को मन में स्थान पाने नहीं देगा, चाहे कितने भी नियम, कानून, दण्ड, विधि-विधान स्थापित क्यों ना किए जाएं। जब तक मन से पापों का निवारण नहीं होगा, मन स्वच्छ नहीं होगा तब तक उस में न्याय तथा धर्म का स्थिर और अटल स्थान भी नहीं होगा।

   समस्त संसार के हर जन के प्रत्येक पापों के निवारण के लिए कलवरी के क्रूस से प्रभु यीशु के लहु की जीवन दायक धारा ज़ारी है जिसके प्रबल प्रवाह में हर पाप धुल जाता है, और उसमें स्नान करने वाला पापों से शुद्ध होकर निर्मल और स्फूर्तीमान हो जाता है, एक नया जन हो जाता है, परमेश्वर की सन्तान बन जाता है - बस स्वेच्छा और विश्वास से उस धारा में उतरने भर की देर है।

   आज प्रभु यीशु का निमंत्रण संसार के हर एक जन के लिए खुला है कि वह उस प्रबल प्रवाह में धुलकर अपने पापों से स्वच्छ और निर्मल हो जाए। क्या आप ने इस उपल्ब्ध अवसर का लाभ उठाया? - डेनिस फिशर

जहां सत्य प्रवाहित होगा, वहां धार्मिकता भी होगी।

परन्तु न्याय को नदी की नाईं, और धर्म महानद की नाईं बहने दो। - अमोस ५:२४
 
बाइबल पाठ: अमोस ५:२१-२७
Amo 5:21  मैं तुम्हारे पर्वों से बैर रखता, और उन्हें निकम्मा जानता हूं, और तुम्हारी महासभाओं से मैं प्रसन्न नहीं।
Amo 5:22  चाहे तुम मेरे लिये होमबलि और अन्नबलि चढ़ाओ, तौभी मैं प्रसन्न न हूंगा, और तुम्हारे पाले हुए पशुओं के मेल बलियों की ओर न ताकूंगा।
Amo 5:23  अपने गीतों का कोलाहल मुझ से दूर करो; तुम्हारी सारंगियों का सुर मैं न सुनूंगा।
Amo 5:24  परन्तु न्याय को नदी की नाईं, और धर्म महानद की नाईं बहने दो।
Amo 5:25  हे इस्राएल के घराने, तुम जंगल में चालीस वर्ष तक पशुबलि और अन्नबलि क्या मुझी को चढ़ाते रहे?
Amo 5:26  नहीं, तुम तो अपने राजा का तम्बू, और अपनी मूरतों को चरणपीठ, और अपने देवता का तारा लिए फिरते रहे।
Amo 5:27  इस कारण मैं तुम को दमिश्क के उस पार बंधुआई में कर दूंगा, सेनाओं के परमेश्वर यहोवा का यही वचन है।
 
एक साल में बाइबल: 
  • गिनती २८-३० 
  • मरकुस ८:२२-३८

शुक्रवार, 2 मार्च 2012

परमेश्वर यहीं है

   लेस्ली और उसकी दोनो बेटियाँ घर से बेदखल किए जाकर निकाले जाने वाले थे। यद्यपि लेस्ली का विश्वास था कि परमेश्वर सहायता कर सकता है, लेकिन अभी तक उसने सहायता का कोई संकेत नहीं दिया था; लेस्ली सोच में थी - परमेश्वर कहाँ है? वह जब अदालत जा रही थी तो परमेश्वर से हस्तक्षेप करने की प्रार्थना कर रही थी। रास्ते में उसने कार के रेडियो पर एक गीत सुना, "परमेश्वर यहीं है; खेदित मन वाले आनन्दित हों।" वह सोचने लगी कि क्या यह परमेश्वर की ओर से उसके लिए आश्वासन है?

   अदालत के अन्दर लेस्ली ने न्यायाधीश के सामने अपना पक्ष रखा, उसका निर्णय सुना, कार्यवाही के काग़ज़ों पर हस्ताक्षर किए; किंतु उसकी समस्या का अब तक परमेश्वर से कोई उत्तर उसके पास नहीं आया था।

   वह जब अपनी कार की ओर जा रही थी तो एक ट्रक चालक ने अपना ट्रक उसके पास रोक कर उस से कहा, "महोदया, अदालत के अन्दर मैंने आप की गवाही सुनी है, और मुझे लगता है कि परमेश्वर चाहता है कि मैं आपकी सहायता करूँ।" और उसने सहायता करी। गैरी नामक उस ट्रक चालक ने लेस्ली का संपर्क निकट के चर्च की एक महिला से करवाया और उस महिला ने विवाद के पक्षों के साथ बातचीत करके समस्या का समाधान भी निकाला और लेस्ली के मकान से बेदखल कर के निकाले जाने की प्रक्रिया को पलटवा भी दिया, जिससे वह अपनी बेटियों के साथ अपने घर में बनी रहने पाई।

   जब कोई पूछता है कि "परमेश्वर कहाँ है?" तो उत्तर है, "परमेश्वर यहीं है।" परमेश्वर के कार्य करने के तरीकों में से एक है उसका गैरी जैसे मसीही विश्वासियों में हो कर कार्य करना, जो प्रभु यीशु द्वारा आरंभ किए हुए दुखी लोगों की सहायता करने और उनके ज़ख़मों पर मरहम पट्टी करने के कार्य (भजन १४७:३) को आगे बढ़ाने में संलग्न हैं। - जूली ऐकरमैन लिंक


यदि हम परमेश्वर से प्रेम करते हैं तो लोगों की सेवा भी करेंगे।

वह खेदित मन वालों को चंगा करता है, और उनके शोक पर मरहम-पट्टी बान्धता है। - भजन १४७:३

बाइबल पाठ: लूका ४:१६-२१
Luk 4:16  और वह नासरत में आया, जहां पाला पोसा गया था; और अपनी रीति के अनुसार सब्‍त के दिन आराधनालय में जा कर पढ़ने के लिये खड़ा हुआ।
Luk 4:17  यशायाह भविष्यद्वक्ता की पुस्‍तक उसे दी गई, और उस ने पुस्‍तक खोलकर, वह जगह निकाली जहां यह लिखा था।
Luk 4:18  कि प्रभु का आत्मा मुझ पर है, इसलिये कि उस ने कंगालों को सुसमाचार सुनाने के लिये मेरा अभिषेक किया है, और मुझे इसलिये भेजा है, कि बन्‍धुओं को छुटकारे का और अन्‍धों को दृष्‍टि पाने का सुसमाचार प्रचार करूं और कुचले हुओं को छुड़ाऊं।
Luk 4:19  और प्रभु के प्रसन्न रहने के वर्ष का प्रचार करूं।
Luk 4:20  तब उस ने पुस्‍तक बन्‍द करके सेवक के हाथ में दे दी, और बैठ गया: और आराधनालय के सब लोगों की आंख उस पर लगी थीं।
Luk 4:21  तब वह उन से कहने लगा, कि आज ही यह लेख तुम्हारे साम्हने पूरा हुआ है।
 
एक साल में बाइबल: 
  • गिनती २६-२७ 
  • मरकुस ८:१-२१