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मंगलवार, 24 सितंबर 2013

बद से बदतर

   फिर वही हुआ! मेरे मन में हुड़क उठी कि मुझे अपने कार्यस्थल की सफाई करनी है, और इससे पहले कि मैं अपने आप को रोक पाती, मैंने उस कार्यस्थल को पहले से भी अधिक अस्त-व्यस्त कर डाला। एक ढेर अनेक ढेरों में बदल गया, जब मैं पुस्तकों, पत्रिकाओं, अखबरों, कागज़ों आदि की छंटाई करने और उन्हें पृथक करने लगी। जैसे जैसे वह अव्यवस्था बढ़ती गई मेरी बेचैनी भी बढ़ती गई, और मैं सोचने लगी कि मैंने क्यों यह आरंभ किया, किंतु अब पीछे लौट पाना या रुक पाना असंभव था, इसलिए मैं लगी रही और कार्य पूरा होने पर मेरा कार्यस्थल पहले से बेहतर और सुनियोजित स्थिति में था, जहाँ कार्य करना मेरे लिए अब अधिक सुविधाजनक था। यदि आरंभ की बदतर स्थिति को लेकर मैं पस्त हो कर रुक जाती तो फिर उसी में ही परेशान रह होकर जाती, लेकिन करते रहने से ही स्थिति संभली भी और बेहतर भी हुई।

   जब परमेश्वर ने मूसा को नियुक्त किया कि वह यहूदियों को मिस्त्र के दास्तव से निकाल कर लाए, तो उन यहूदियों की स्थिति भी पहले तो बद से बदतर ही हुई। इसमें कोई दो राय नहीं है कि यह छुटकारा मिलना आवश्यक था। वे लोग अपने छुड़ाए जाने के लिए परमेश्वर की दोहाई देने, उसे पुकारने में लगे हुए थे (निर्गमन 2:23)। बड़े संकोच और हिचकिचाहट के साथ मूसा ने उन यहूदियों के लिए फिरौन के पास जाकर फरियाद करना स्वीकार किया था। किंतु फिरौन के साथ मूसा की भेंट और वार्तालाप कुछ अच्छा नहीं रहा; लोगों को छोड़ देने की बजाए, फिरौन ने उन पर अपनी असंगत मांगें और बढ़ा दीं। लोग निराश हो गए और मूसा को भी लगने लगा कि उसे यह कार्य स्वीकार ही नहीं करना चाहिए था (निर्गमन 5:21-23)। लेकिन परमेश्वर ने मूसा को हताश होकर कार्य छोड़ देने और अलग हो जाने नहीं दिया, उसे फिर से आश्वस्त किया, फिर से उभारा और मूसा फिर पूरे समर्पण और परमेश्वर की कार्यविधि और योजनाओं में विश्वास के साथ यहूदियों को दासत्व से निकालने के प्रयासों में लग गया। अन्ततः बहुत से लोगों द्वारा बहुत सी परेशानियाँ झेलने के बाद ही फिरौन ने इस्त्राएली लोगों को दास्तव की बंधुवाई से जाने देने की आज्ञा दी, और मूसा वह कर पाया जिसकी स्वयं उसे भी कोई आशा नहीं थी।

   जब कभी हम कुछ भला करने निकलें, और चाहे हम उसके बारे में बिलकुल निश्चित हों कि वह कार्य परमेश्वर कि इच्छा ही में है, तो भी हमें निराश और आश्चर्यचकित नहीं होना चाहिए यदि स्थिति सुधरने से पहले बिगड़ने लग जाए। स्थिति का यह रुख इस बात को प्रमाणित नहीं करता कि हम जो कर रहे हैं वह कोई गलती है; वह तो बस इतना ही दिखाता है कि हम हर कार्य परमेश्वर ही की सहायता से कर सकते हैं, अपनी क्षमता या योग्यता से नहीं। किसी बड़े कार्य को करवाने या किसी बड़ी उपलब्धी देने से पहले परमेश्वर हमें अकसर ऐसी स्थिति में आ लेने देता है जहाँ हम अपनी असमर्थता तथा अक्षमता और परमेश्वर की सामर्थ और उस पर अपनी निर्भरता के महत्व को पहचान सकें और फिर उस पर निर्भर होकर सही रीति से कार्य कर को संपन्न सकें।

   ना अपनी क्षमता, ना अपनी योग्यता और ना परिस्थितियों पर भरोसा रखें, वरन केवल परमेश्वर पर जो सब कुछ संभव कर सकता है। - जूली ऐकैरमैन लिंक


परीक्षा की हर घड़ी में सबसे अधिक आवश्यक बात है परमेश्वर के विषय आपका दर्शन और धारणा। - जी० सी० मॉर्गन

इस कारण तू इस्राएलियों से कह, कि मैं यहोवा हूं, और तुम को मिस्रियों के बोझों के नीचे से निकालूंगा, और उनके दासत्व से तुम को छुड़ाऊंगा, और अपनी भुजा बढ़ाकर और भारी दण्ड देकर तुम्हें छुड़ा लूंगा - निर्गमन 6:6

बाइबल पाठ: निर्गमन 5:1-23
Exodus 5:1 इसके पश्चात मूसा और हारून ने जा कर फिरौन से कहा, इस्राएल का परमेश्वर यहोवा यों कहता है, कि मेरी प्रजा के लोगों को जाने दे, कि वे जंगल में मेरे लिये पर्व्व करें।
Exodus 5:2 फिरौन ने कहा, यहोवा कौन है, कि मैं उसका वचन मानकर इस्राएलियों को जाने दूं? मैं यहोवा को नहीं जानता, और मैं इस्राएलियों को नहीं जाने दूंगा।
Exodus 5:3 उन्होंने कहा, इब्रियों के परमेश्वर ने हम से भेंट की है; सो हमें जंगल में तीन दिन के मार्ग पर जाने दे, कि अपने परमेश्वर यहोवा के लिये बलिदान करें, ऐसा न हो कि वह हम में मरी फैलाए वा तलवार चलवाए।
Exodus 5:4 मिस्र के राजा ने उन से कहा, हे मूसा, हे हारून, तुम क्यों लोगों से काम छुड़वाने चाहते हो? तुम जा कर अपने अपने बोझ को उठाओ।
Exodus 5:5 और फिरोन ने कहा, सुनो, इस देश में वे लोग बहुत हो गए हैं, फिर तुम उन को परिश्रम से विश्राम दिलाना चाहते हो!
Exodus 5:6 और फिरौन ने उसी दिन उन परिश्रम करवाने वालों को जो उन लोगों के ऊपर थे, और उनके सरदारों को यह आज्ञा दी,
Exodus 5:7 कि तुम जो अब तक ईटें बनाने के लिये लोगों को पुआल दिया करते थे सो आगे को न देना; वे आप ही जा कर अपने लिये पुआल इकट्ठा करें।
Exodus 5:8 तौभी जितनी ईंटें अब तक उन्हें बनानी पड़ती थीं उतनी ही आगे को भी उन से बनवाना, ईंटों की गिनती कुछ भी न घटाना; क्योंकि वे आलसी हैं; इस कारण यह कहकर चिल्लाते हैं, कि हम जा कर अपने परमेश्वर के लिये बलिदान करें।
Exodus 5:9 उन मनुष्यों से और भी कठिन सेवा करवाई जाए कि वे उस में परिश्रम करते रहें और झूठी बातों पर ध्यान न लगाएं।
Exodus 5:10 तब लोगों के परिश्रम कराने वालों ने और सरदारों ने बाहर जा कर उन से कहा, फिरौन इस प्रकार कहता है, कि मैं तुम्हें पुआल नहीं दूंगा।
Exodus 5:11 तुम ही जा कर जहां कहीं पुआल मिले वहां से उसको बटोर कर ले आओ; परन्तु तुम्हारा काम कुछ भी नहीं घटाया जाएगा।
Exodus 5:12 सो वे लोग सारे मिस्र देश में तित्तर-बित्तर हुए कि पुआल की सन्ती खूंटी बटोरें।
Exodus 5:13 और परिश्रम करने वाले यह कह कहकर उन से जल्दी करते रहे, कि जिस प्रकार तुम पुआल पाकर किया करते थे उसी प्रकार अपना प्रतिदिन का काम अब भी पूरा करो।
Exodus 5:14 और इस्राएलियों में से जिन सरदारों को फिरौन के परिश्रम कराने वालों ने उनका अधिकारी ठहराया था, उन्होंने मार खाई, और उन से पूछा गया, कि क्या कारण है कि तुम ने अपनी ठहराई हुई ईंटों की गिनती के अनुसार पहिले की नाईं कल और आज पूरी नहीं कराई?
Exodus 5:15 तब इस्राएलियों के सरदारों ने जाकर फिरौन की दोहाई यह कहकर दी, कि तू अपने दासों से ऐसा बर्ताव क्यों करता है?
Exodus 5:16 तेरे दासों को पुआल तो दिया ही नहीं जाता और वे हम से कहते रहते हैं, ईंटे बनाओ, ईंटें बनाओ, और तेरे दासों ने भी मार खाई हैं; परन्तु दोष तेरे ही लोगों का है।
Exodus 5:17 फिरौन ने कहा, तुम आलसी हो, आलसी; इसी कारण कहते हो कि हमे यहोवा के लिये बलिदान करने को जाने दे।
Exodus 5:18 और जब आकर अपना काम करो; और पुआल तुम को नहीं दिया जाएगा, परन्तु ईटों की गिनती पूरी करनी पड़ेगी।
Exodus 5:19 जब इस्राएलियों के सरदारों ने यह बात सुनी कि उनकी ईंटों की गिनती न घटेगी, और प्रतिदिन उतना ही काम पूरा करना पड़ेगा, तब वे जान गए कि उनके दुर्भाग्य के दिन आ गए हैं।
Exodus 5:20 जब वे फिरौन के सम्मुख से बाहर निकल आए तब मूसा और हारून, जो उन से भेंट करने के लिये खड़े थे, उन्हें मिले।
Exodus 5:21 और उन्होंने मूसा और हारून से कहा, यहोवा तुम पर दृष्टि कर के न्याय करे, क्योंकि तुम ने हम को फिरौन और उसके कर्मचारियों की दृष्टि में घृणित ठहरवाकर हमें घात करने के लिये उनके हाथ में तलवार दे दी है।
Exodus 5:22 तब मूसा ने यहोवा के पास लौट कर कहा, हे प्रभु, तू ने इस प्रजा के साथ ऐसी बुराई क्यों की? और तू ने मुझे यहां क्यों भेजा?
Exodus 5:23 जब से मैं तेरे नाम से फिरौन के पास बातें करने के लिये गया तब से उसने इस प्रजा के साथ बुरा ही व्यवहार किया है, और तू ने अपनी प्रजा का कुछ भी छुटकारा नहीं किया।

एक साल में बाइबल: 

  • श्रेष्ठगीत 4-5 
  • गलतियों 3

सोमवार, 23 सितंबर 2013

न्याय

 हाल ही में मुझे ’ज्यूरी ड्यूटी’ अर्थात न्यायालय में न्यायाधीश के साथ बैठने वाली निर्णायक समिति में सम्मिलित होने के लिए बुलाया गया। इस कार्य को करने का अर्थ था अत्याधिक असुविधाएं और समय का व्यय, लेकिन यह एक गंभीर ज़िम्मेदारी भी थी, क्योंकि समिति के सद्स्यों को मुकद्दमा सुनकर व्यक्ति के दोषी अथवा निर्दोष होने का निर्णय देना होता है, और उस निर्णय के अनुसार ही न्यायाधीश आगे की कार्यवाही करता है। हमारा पहला दिन हमारी ज़िम्मेदारी और कार्यविधि आदि के बारे में हमें बताने तथा न्यायाधीश द्वारा इन बातों की महत्वपूर्णता और बारीकियों को समझाने में लग गया। हमें लोगों का न्याय करने के लिए बैठना था; वे मामले विवाद के अर्थात दीवानी या फिर अपराधों से सम्बंधित अर्थात फौजदारी के हो सकते थे। मैं अपने आप को इस बड़ी ज़िम्मेदारी के लिए सर्वथा अयोग्य पा रहा था - किसी दूसरे व्यक्ति के बारे में न्याय करना, यह जानते हुए कि इस न्याय के परिणाम दीर्घकालीन और जीवन को प्रभावित करने वाले होंगे, कोई साधारण बात नहीं है। क्योंकि हम मनुष्य ही हैं, सिद्ध नहीं हैं इसलिए अपने निर्णयों में गलती कर सकते हैं।

   हमारे संसार की न्याय प्रणालियाँ, उन्हें संचालित करने वाले मनुष्यों में निहित दोष और कमियों के कारण, असिद्ध और दुर्बल हो सकती हैं, लेकिन हम सदा ही परमेश्वर पर विश्वास रख सकते हैं कि वह निष्पक्षता और बुद्धिमानी से न्याय करता है। परमेश्वर के वचन बाइबल में भजनकार ने लिखा: "जाति जाति में कहो, यहोवा राजा हुआ है! और जगत ऐसा स्थिर है, कि वह टलने का नहीं; वह देश देश के लोगों का न्याय सीधाई से करेगा" (भजन 96:10)। परमेश्वर का न्याय सदा ही सिद्ध और दोषरहित होता है क्योंकि उसका चरित्र भी सिद्ध और दोषरहित है।

   यदि आज संसार की न्याय विधि या जीवन हमें पक्षपाती भी लगे, हम अपने परमेश्वर पिता पर भरोसा रख सकते हैं कि एक दिन अपनी अदालत में वह हम सब के लिए हर बात को न्यायसंगत कर देगा, और सब को सब बातों के लिए अन्ततः सिद्ध न्याय मिलेगा (2 कुरिन्थियों 5:10)। - बिल क्राउडर


एक दिन परमेश्वर हर गलत को सही कर देगा।

क्योंकि अवश्य है, कि हम सब का हाल मसीह के न्याय आसन के साम्हने खुल जाए, कि हर एक व्यक्ति अपने अपने भले बुरे कामों का बदला जो उसने देह के द्वारा किए हों पाए। - 2 कुरिन्थियों 5:10

बाइबल पाठ: भजन 96:1-13
Psalms 96:1 यहोवा के लिये एक नया गीत गाओ, हे सारी पृथ्वी के लोगों यहोवा के लिये गाओ!
Psalms 96:2 यहोवा के लिये गाओ, उसके नाम को धन्य कहो; दिन दिन उसके किए हुए उद्धार का शुभ समाचार सुनाते रहो।
Psalms 96:3 अन्य जातियों में उसकी महिमा का, और देश देश के लोगों में उसके आश्चर्यकर्मों का वर्णन करो।
Psalms 96:4 क्योंकि यहोवा महान और अति स्तुति के योग्य है; वह तो सब देवताओं से अधिक भय योग्य है।
Psalms 96:5 क्योंकि देश देश के सब देवता तो मूरतें ही हैं; परन्तु यहोवा ही ने स्वर्ग को बनाया है।
Psalms 96:6 उसके चारों और वैभव और ऐश्वर्य है; उसके पवित्र स्थान में सामर्थ्य और शोभा है।
Psalms 96:7 हे देश देश के कुलों, यहोवा का गुणानुवाद करो, यहोवा की महिमा और सामर्थ्य को मानो!
Psalms 96:8 यहोवा के नाम की ऐसी महिमा करो जो उसके योग्य है; भेंट ले कर उसके आंगनों में आओ!
Psalms 96:9 पवित्रता से शोभायमान हो कर यहोवा को दण्डवत करो; हे सारी पृथ्वी के लोगों उसके साम्हने कांपते रहो!
Psalms 96:10 जाति जाति में कहो, यहोवा राजा हुआ है! और जगत ऐसा स्थिर है, कि वह टलने का नहीं; वह देश देश के लोगों का न्याय सीधाई से करेगा।
Psalms 96:11 आकाश आनन्द करे, और पृथ्वी मगन हो; समुद्र और उस में की सब वस्तुएं गरज उठें;
Psalms 96:12 मैदान और जो कुछ उस में है, वह प्रफुल्लित हो; उसी समय वन के सारे वृक्ष जयजयकार करेंगे।
Psalms 96:13 यह यहोवा के साम्हने हो, क्योंकि वह आने वाला है। वह पृथ्वी का न्याय करने को आने वाला है, वह धर्म से जगत का, और सच्चाई से देश देश के लोगों का न्याय करेगा।

एक साल में बाइबल: 

  • श्रेष्ठगीत 1-3 
  • गलतियों 2

रविवार, 22 सितंबर 2013

जाँच

   कोलंबिया के शिक्षक प्रशिक्षण कॉलेज के अवकाश प्राप्त प्राध्यापक, डा० जैक मैज़िरो का कहना है कि व्यसकों को शिक्षा पाने में अग्रसर होने के लिए अनिवार्य है कि वे अपनी अन्तर्दृष्टि और अपने मन में बैठे हुए विचारों को चुनौती देते रहें और आलोचनात्मक रीति से उन्हें जाँचते रहें। उनका कहना है कि व्यसक तब ही सबसे अच्छी तरह सीख सकते हैं जब उनका सामना उनकी धारणाओं को चुनौती देने वाली दुविधाओं से होता रहे। न्यूयॉर्क टाइम्स की बारबरा स्ट्रौक के अनुसार, ऐसी दुविधाएं मन में बैठी हुई धारणाओं पर आलोचनात्मक चिन्तन करने में सहायता करती हैं। यह कथन उस आम धारणा का बिलकुल विपरीत है जो हमारे अन्दर साधारणतया देखी जाती है, अर्थात वह धारणा जो कहती है - "मैंने तो अपना मन बना रखा है - अब तथ्यों द्वारा मुझे भ्रमित मत करो!"

   प्रभु यीशु मसीह ने भी अपने समय के धर्म-अगुवों की धारणाओं को ऐसी ही चुनौती दी। जब उन्होंने सब्त के दिन एक मनुष्य को चंगा किया, तो यह धर्मगुरुओं के लिए उनकी दृढ़ धारणाओं को चुनौती देना था, क्योंकि वे धर्मगुरू मानते और सिखाते थे कि सब्त वाले दिन किसी प्रकार का कोई कार्य नहीं किया जा सकता - किसी को चंगाई देना भी नहीं। प्रभु यीशु की इस चुनौती में जब वे किसी तर्क द्वारा प्रभु यीशु को गलत प्रमाणित नहीं कर पाए तो उन्होंने प्रभु यीशु को शान्त कर देने का प्रयास किया (यूहन्ना 5:16-18)। प्रभु यीशु ने उनसे कहा: "तुम पवित्र शास्त्र में ढूंढ़ते हो, क्योंकि समझते हो कि उस में अनन्त जीवन तुम्हें मिलता है, और यह वही है, जो मेरी गवाही देता है। फिर भी तुम जीवन पाने के लिये मेरे पास आना नहीं चाहते" (यूहन्ना 5:39-40)।

   बाइबल शिक्षक और प्रचारक ओस्वाल्ड चैम्बर्स ने कहा, "परमेश्वर के पास तथ्यों को प्रगट करने की ऐसी विधियाँ हैं जो मनुष्यों की धारणाओं और सिद्धांतों को झकझोर कर पलट देती हैं, यदि उनके ये सिद्धांत और धारणाएं परमेश्वर के उनकी आत्मा तक पहुँचने में बाधक हैं"।

   अस्थिर कर देने वाले अनुभव, जो हमें विवश करते हैं कि हम परमेश्वर के विषय बनाई गई अपनी धारणाओं पर पुनःविचार करें, हमें परमेश्वर के बारे में और गहरी रीति से जानने और उस पर और भी अधिक विश्वास करने में सहायक हो सकते हैं - यदि हम इन सब पर सच्चे मन से विचार करने और परमेश्वर के समीप आने को तैयार हों तो। - डेविड मैक्कैसलैंड


जिस जीवन में जाँचना ना हो वह जीने के योग्य नहीं। - सुकरात

फिर भी तुम जीवन पाने के लिये मेरे पास आना नहीं चाहते। - यूहन्ना 5:40

बाइबल पाठ: यूहन्ना 5:31-47
John 5:31 यदि मैं आप ही अपनी गवाही दूं; तो मेरी गवाही सच्ची नहीं।
John 5:32 एक और है जो मेरी गवाही देता है, और मैं जानता हूँ कि मेरी जो गवाही देता है वह सच्ची है।
John 5:33 तुम ने यूहन्ना से पुछवाया और उसने सच्चाई की गवाही दी है।
John 5:34 परन्तु मैं अपने विषय में मनुष्य की गवाही नहीं चाहता; तौभी मैं ये बातें इसलिये कहता हूं, कि तुम्हें उद्धार मिले।
John 5:35 वह तो जलता और चमकता हुआ दीपक था; और तुम्हें कुछ देर तक उस की ज्योति में, मगन होना अच्छा लगा।
John 5:36 परन्तु मेरे पास जो गवाही है वह यूहन्ना की गवाही से बड़ी है: क्योंकि जो काम पिता ने मुझे पूरा करने को सौंपा है अर्थात यही काम जो मैं करता हूं, वे मेरे गवाह हैं, कि पिता ने मुझे भेजा है।
John 5:37 और पिता जिसने मुझे भेजा है, उसी ने मेरी गवाही दी है: तुम ने न कभी उसका शब्द सुना, और न उसका रूप देखा है।
John 5:38 और उसके वचन को मन में स्थिर नहीं रखते क्योंकि जिसे उसने भेजा उस की प्रतीति नहीं करते।
John 5:39 तुम पवित्र शास्त्र में ढूंढ़ते हो, क्योंकि समझते हो कि उस में अनन्त जीवन तुम्हें मिलता है, और यह वही है, जो मेरी गवाही देता है।
John 5:40 फिर भी तुम जीवन पाने के लिये मेरे पास आना नहीं चाहते।
John 5:41 मैं मनुष्यों से आदर नहीं चाहता।
John 5:42 परन्तु मैं तुम्हें जानता हूं, कि तुम में परमेश्वर का प्रेम नहीं।
John 5:43 मैं अपने पिता के नाम से आया हूं, और तुम मुझे ग्रहण नहीं करते; यदि कोई और अपने ही नाम से आए, तो उसे ग्रहण कर लोगे।
John 5:44 तुम जो एक दूसरे से आदर चाहते हो और वह आदर जो अद्वैत परमेश्वर की ओर से है, नहीं चाहते, किस प्रकार विश्वास कर सकते हो?
John 5:45 यह न समझो, कि मैं पिता के साम्हने तुम पर दोष लगाऊंगा: तुम पर दोष लगाने वाला तो है, अर्थात मूसा जिस पर तुम ने भरोसा रखा है।
John 5:46 क्योंकि यदि तुम मूसा की प्रतीति करते, तो मेरी भी प्रतीति करते, इसलिये कि उसने मेरे विषय में लिखा है।
John 5:47 परन्तु यदि तुम उस की लिखी हुई बातों की प्रतीति नहीं करते, तो मेरी बातों की क्योंकर प्रतीति करोगे।

एक साल में बाइबल: 
  • सभोपदेशक 10-12 
  • गलतियों 1


शनिवार, 21 सितंबर 2013

आँसू

   क्या कभी आपका दिल टूटा है? क्यों टूटा? क्रूरता से? असफलता से? हानि से? धोखे या अविश्वासयोग्यता से? हो सकता है कि आप ने उस दुख में रोने के लिए अपने आप को किसी अंधेरे में समेट लिया हो।

   रोना कभी कभी अच्छा होता है; परिस्थिति अनुसार आँसू बहा लेना भला करता है। एक स्कौटिश प्रचारक जौर्ज मैकडौनल्ड ने कहा था, "आँसू ही रोने की आवश्यकता का एकमात्र इलाज हैं।"

   प्रभु यीशु भी अपने मित्र लाज़रस की कब्र पर आकर रोया था (यूहन्ना 11:35) क्योंकि उसका भी दिल टूटा था (पद 33) और वह आज भी हमारे दुखों में हमारे साथ सम्मिलित होता है; हमारे आँसू हमारे उद्धारकर्ता प्रभु यीशु की करुणा और कोमल देखभाल को आकर्षित करते हैं, क्योंकि वह हमें तकलीफ में नहीं देखना चाहता। जब हम किसी दुख मुसीबत में होते हैं वह हमारी परेशान और निंद्राविहीन रातों को जानता है। जब हम शोकित होते हैं तो उसका भी दिल भर आता है। प्रेरित पौलुस ने लिखा: "हमारे प्रभु यीशु मसीह के परमेश्वर, और पिता का धन्यवाद हो, जो दया का पिता, और सब प्रकार की शान्‍ति का परमेश्वर है। वह हमारे सब क्‍लेशों में शान्‍ति देता है; ताकि हम उस शान्‍ति के कारण जो परमेश्वर हमें देता है, उन्हें भी शान्‍ति दे सकें, जो किसी प्रकार के क्‍लेश में हों" (2 कुरिन्थियों 1:3-4)। वह अपने लोगों को एक दूसरे को शान्ति देने के लिए उपयोग करता है।

   लेकिन आज की सान्तवना और शान्ति सब दुखों का अन्तिम उत्तर नहीं है क्योंकि शान्ति तथा आँसुओं की आवश्यकता तो इस जीवन भर होती रहेगी। परन्तु वह दिन आ रहा है जब हमारा प्रभु यीशु हमारी "....आंखों से सब आंसू पोंछ डालेगा; और इस के बाद मृत्यु न रहेगी, और न शोक, न विलाप, न पीड़ा रहेगी; पहिली बातें जाती रहीं" (प्रकाशितवाक्य 21:4)। हम उसको इतने प्रीय हैं कि वह स्वयं हमारी आँखों से आँसू पोंछ डालेगा; वह हम से व्यक्तिगत रीति से और समझ से परे गहराई से प्रेम करता है।

   स्मरण रखें प्रभु यीशु ने अपने ’पहाड़ी उपदेश’ में आश्वासन दिया था "धन्य हैं वे, जो शोक करते हैं, क्योंकि वे शांति पाएंगे" (मत्ती 5:4)। क्या आप आज भी अपने दुखों और आँसुओं को अकेले ही झेलना चाहते हैं? स्मरण रखिए, प्रभु यीशु आपके हर दुख और हर आँसु में आपके साथ सम्मिलित होना चाहता है, अपनी शान्ति और सान्तवना आपको देना चाहता है। क्या आप प्रभु यीशु को अपने दुख और आँसू बाँटने का अवसर प्रदान करेंगे? - डेविड रोपर


परमेश्वर ना केवल हमारे दुखों के विषय चिंता करता है, वह उन्हें बाँटता भी है।

धन्य हो तुम, जो अब भूखे हो; क्योंकि तृप्‍त किए जाओगे; धन्य हो तुम, जो अब रोते हो, क्योंकि हंसोगे। - लूका 6:21

बाइबल पाठ: प्रकाशितवाक्य 21:1-7
Revelation 21:1 फिर मैं ने नये आकाश और नयी पृथ्वी को देखा, क्योंकि पहिला आकाश और पहिली पृथ्वी जाती रही थी, और समुद्र भी न रहा।
Revelation 21:2 फिर मैं ने पवित्र नगर नये यरूशलेम को स्वर्ग पर से परमेश्वर के पास से उतरते देखा, और वह उस दुल्हिन के समान थी, जो अपने पति के लिये सिंगार किए हो।
Revelation 21:3 फिर मैं ने सिंहासन में से किसी को ऊंचे शब्द से यह कहते सुना, कि देख, परमेश्वर का डेरा मनुष्यों के बीच में है; वह उन के साथ डेरा करेगा, और वे उसके लोग होंगे, और परमेश्वर आप उन के साथ रहेगा; और उन का परमेश्वर होगा।
Revelation 21:4 और वह उन की आंखों से सब आंसू पोंछ डालेगा; और इस के बाद मृत्यु न रहेगी, और न शोक, न विलाप, न पीड़ा रहेगी; पहिली बातें जाती रहीं।
Revelation 21:5 और जो सिंहासन पर बैठा था, उसने कहा, कि देख, मैं सब कुछ नया कर देता हूं: फिर उसने कहा, कि लिख ले, क्योंकि ये वचन विश्वास के योग्य और सत्य हैं।
Revelation 21:6 फिर उसने मुझ से कहा, ये बातें पूरी हो गई हैं, मैं अलफा और ओमिगा, आदि और अन्‍त हूं: मैं प्यासे को जीवन के जल के सोते में से सेंतमेंत पिलाऊंगा।
Revelation 21:7 जो जय पाए, वही इन वस्‍तुओं का वारिस होगा; और मैं उसका परमेश्वर होऊंगा, और वह मेरा पुत्र होगा।

एक साल में बाइबल: 
  • सभोपदेशक 7-9 
  • 2 कुरिन्थियों 13


शुक्रवार, 20 सितंबर 2013

तैयार?

   सन 2008 की पतझड़ ऋतु के समय से आरंभ होने वाली गंभीर विश्वव्यापि आर्थिक मन्दी से सब अवगत हैं; यह मन्दी सन 1929 की भीष्ण मन्दी के बाद की सर्वाधिक गंभीर मन्दी है, और इसका दुषप्रभाव अभी तक विश्व की अर्थ व्यवस्था पर बना हुआ है, विश्व के किसी भी राष्ट्र की अर्थव्यवस्था इससे अछूती नहीं रही और ना ही अभी तक पूरी रीति से उभरने पाई है। जैसे पहले की मन्दी के लिए सत्य था वैसे ही इस मन्दी के लिए भी सत्य है - इस मन्दी के लिए भी लोग तैयार नहीं थे और इसके आने से बहुत से लोगों की नौकरियाँ जाती रहीं, उनके पूँजीनिवेश समाप्त हो गए और घर उजड़ गए। इस मन्दी के आने के लगभग एक वर्ष बाद बी.बी.सी. को दिए एक साक्षात्कार में अमेरिका मुद्रा संघ के भूतपूर्व अध्यक्ष एलेन स्पैन ने जताया कि सामन्यतः कोई व्यक्ति यह विश्वास नहीं रखता कि ऐसा समय फिर से आएगा; यह मानव प्रवृति है कि लंबी समृद्धि के समय में वे यह मान बैठते हैं कि समृद्धि का यह दौर कभी समाप्त नहीं होगा, सदा ऐसे ही चलता रहेगा।

   यह मान लेना कि जैसे चल रहा है वैसे ही सदा चलता रहेगा केवल 21वीं शताब्दी की सोच नहीं है। यही प्रवृति प्रथम शताब्दी में भी पाई जाती थी। परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रेरित पतरस ने अपनी दूसरी पत्री में उन लोगों के विषय में लिखा जो यह मान कर चल रहे थे कि जैसे चल रहा है, जीवन वैसे ही चलता रहेगा और प्रभु यीशु मसीह दोबारा वापस नहीं आएंगे। यह मानने वालों का कहना था कि "...उसके आने की प्रतिज्ञा कहां गई? क्योंकि जब से बाप-दादे सो गए हैं, सब कुछ वैसा ही है, जैसा सृष्‍टि के आरम्भ से था?" (2 पतरस 3:4)।

   प्रभु यीशु का यह वायदा है कि वह अपने विश्वासियों को अपने साथ ले जाने के लिए जगत के अन्त और न्याय के समय से ठीक पहले आएगा, लेकिन लोग उसकी बात पर विश्वास करने की बजाए, अविश्वास करके उसकी अवज्ञा में जीवन बिताना अधिक पसन्द करते हैं, यह मानते हुए कि वह कभी नहीं आएगा। लेकिन प्रभु यीशु के दोबारा आने में प्रतीत होने वाला विलंब केवल इस लिए है क्योंकि परमेश्वर प्रत्येक जन को अवसर देना चाहता है कि वे समय समाप्त हो जाने से पहले विश्वास और पश्चाताप कर लें क्योंकि परमेश्वर सब से प्रेम रखता है और "प्रभु अपनी प्रतिज्ञा के विषय में देर नहीं करता, जैसी देर कितने लोग समझते हैं; पर तुम्हारे विषय में धीरज धरता है, और नहीं चाहता, कि कोई नाश हो; वरन यह कि सब को मन फिराव का अवसर मिले" (2 पतरस 3:9)।

   प्रेरित पौलुस ने भी प्रभु यीशु के दूसरे आगमन के प्रति लोगों, विशेषकर मसीही विश्वासियों को, सचेत रहने के लिए चिताते हुए लिखा कि वे मसीह यीशु के आगमन के लिए अपने आप को तैयार रखते हुए "...अभक्ति और सांसारिक अभिलाषाओं से मन फेर कर इस युग में संयम और धर्म और भक्ति से जीवन बिताएं" (तीतुस 2:12)। प्रभु यीशु मसीह ने जगत के अन्त और अपने दूसरे आगमन के चिन्ह अपने चेलों को दिए थे, और वे सब हमारे सामने पूरे होते चले जा रहे हैं। जगत का अन्त और न्याय तथा प्रभु यीशु का पुनःआगमन अवश्यंभावी है। क्या आप उस दिन, प्रभु यीशु के आगमन तथा होने वाले न्याय के लिए तैयार हैं? - सी.पी. हिया


प्रभु यीशु कभी भी आ सकता है; हमें सदा उसके पुनःआगमन के लिए तैयार रहना चाहिए।

वह यह चाहता है, कि सब मनुष्यों का उद्धार हो; और वे सत्य को भली भांति पहिचान लें। - 1 तिमुथियुस 2:4 

बाइबल पाठ: 2 पतरस 3:1-13
2 Peter 3:1 हे प्रियो, अब मैं तुम्हें यह दूसरी पत्री लिखता हूं, और दोनों में सुधि दिला कर तुम्हारे शुद्ध मन को उभारता हूं।
2 Peter 3:2 कि तुम उन बातों को, जो पवित्र भविश्यद्वक्ताओं ने पहिले से कही हैं और प्रभु, और उद्धारकर्ता की उस आज्ञा को स्मरण करो, जो तुम्हारे प्रेरितों के द्वारा दी गई थी।
2 Peter 3:3 और यह पहिले जान लो, कि अन्‍तिम दिनों में हंसी ठट्ठा करने वाले आएंगे, जो अपनी ही अभिलाषाओं के अनुसार चलेंगे।
2 Peter 3:4 और कहेंगे, उसके आने की प्रतिज्ञा कहां गई? क्योंकि जब से बाप-दादे सो गए हैं, सब कुछ वैसा ही है, जैसा सृष्‍टि के आरम्भ से था?
2 Peter 3:5 वे तो जान बूझ कर यह भूल गए, कि परमेश्वर के वचन के द्वारा से आकाश प्राचीन काल से वर्तमान है और पृथ्वी भी जल में से बनी और जल में स्थिर है।
2 Peter 3:6 इन्‍हीं के द्वारा उस युग का जगत जल में डूब कर नाश हो गया।
2 Peter 3:7 पर वर्तमान काल के आकाश और पृथ्वी उसी वचन के द्वारा इसलिये रखे हैं, कि जलाए जाएं; और वह भक्तिहीन मनुष्यों के न्याय और नाश होने के दिन तक ऐसे ही रखे रहेंगे।
2 Peter 3:8 हे प्रियों, यह एक बात तुम से छिपी न रहे, कि प्रभु के यहां एक दिन हजार वर्ष के बराबर है, और हजार वर्ष एक दिन के बराबर हैं।
2 Peter 3:9 प्रभु अपनी प्रतिज्ञा के विषय में देर नहीं करता, जैसी देर कितने लोग समझते हैं; पर तुम्हारे विषय में धीरज धरता है, और नहीं चाहता, कि कोई नाश हो; वरन यह कि सब को मन फिराव का अवसर मिले।
2 Peter 3:10 परन्तु प्रभु का दिन चोर की नाईं आ जाएगा, उस दिन आकाश बड़ी हड़हड़ाहट के शब्द से जाता रहेगा, और तत्‍व बहुत ही तप्‍त हो कर पिघल जाएंगे, और पृथ्वी और उस पर के काम जल जाऐंगे।
2 Peter 3:11 तो जब कि ये सब वस्तुएं, इस रीति से पिघलने वाली हैं, तो तुम्हें पवित्र चाल चलन और भक्ति में कैसे मनुष्य होना चाहिए।
2 Peter 3:12 और परमेश्वर के उस दिन की बाट किस रीति से जोहना चाहिए और उसके जल्द आने के लिये कैसा यत्‍न करना चाहिए; जिस के कारण आकाश आग से पिघल जाएंगे, और आकाश के गण बहुत ही तप्‍त हो कर गल जाएंगे।
2 Peter 3:13 पर उस की प्रतिज्ञा के अनुसार हम एक नए आकाश और नई पृथ्वी की आस देखते हैं जिन में धामिर्कता वास करेगी।

एक साल में बाइबल: 
  • सभोपदेशक 4-6 
  • 2 कुरिन्थियों 12


गुरुवार, 19 सितंबर 2013

उतार-चढ़ाव

   प्रायः हम सब इस बात को स्वीकार करेंगे कि जीवन में उतार-चढ़ाव आते हैं। परमेश्वर के वचन बाइबल के एक प्रमुख व्यक्तित्व, बुद्धिमान राजा सुलेमान भी यह बात मानता था और जीवन की बदलती परिस्थितियों के प्रति होने वाली प्रतिक्रियाओं पर मनन कर के उसने अपनी एक पुस्तक सभोपदेशक में इस संबंध में कुछ बातें लिखीं। सुलेमान ने लिखा: "हर एक बात का एक अवसर और प्रत्येक काम का, जो आकाश के नीचे होता है, एक समय है। जन्म का समय, और मरन का भी समय; बोने का समय; और बोए हुए को उखाड़ने का भी समय है; घात करने का समय, और चंगा करने का भी समय; ढा देने का समय, और बनाने का भी समय है; रोने का समय, और हंसने का भी समय; छाती पीटने का समय, और नाचने का भी समय है" (सभोपदेशक 3:1-4)।

   सुलेमान के पिता राजा दाऊद को ’परमेश्वर के मन के अनुसार व्यक्ति’ कहा गया है - 1 शमुएल 13:14; प्रेरितों 13:22; लेकिन दाऊद का जीवन भी इन उतार-चढ़ावों से अछूता नहीं था। दाऊद ने अपनी और बतशेबा की पहली सन्तान को लेकर विलाप किया क्योंकि वह बालक घातक बिमारी से ग्रस्त था और उसकी मृत्यु तय थी (2 शमुएल 12:22)। लेकिन उसी दाऊद ने आनन्द और स्तुति के भजन भी लिखे, और जब परमेश्वर का वाचा का सन्दूक यरुशलेम लाया जा रहा था, तो आत्मिक उन्माद से भर कर राजा दाऊद परमेश्वर के सन्दूक के आगे नाचता हुआ भी चला (2 शमुएल 6:12-15)।

   मसीही जीवन को सदा ही शान्ति और आनन्द से भरा हुआ बताना, उसका गलत चित्रांकन करना है और अपने आप को धोखा देना है। परमेश्वर का वचन बाइबल यह स्पष्ट दिखाता है कि जीवन में उतार-चढ़ाव तो अवश्य ही आएंगे, लेकिन किसी भी परिस्थिति में परमेश्वर का जन कभी अकेला या निसहाय नहीं होगा, परमेश्वर अपने विश्वासी के साथ सदा ही बना रहेगा, उसे परिस्थिति के अनुसार सामर्थ और सांत्वना देता रहेगा। आज आप कैसे भी समय से होकर क्यों ना निकल रहे हों, हर परिस्थिति और काल में परमेश्वर पर विश्वास बनाए रखें, उसके प्रति धन्यवादी बने रहें, उसकी आराधना करते रहें, और वह आपके हर समय और हर परिस्थिति को आपके लिए आशीष का समय और परिस्थिति बनाता रहेगा। - डेनिस फिशर


हर समय और परिस्थिति से आशीष के साथ पार होने के लिए हमें परमेश्वर में विश्वास बनाए रखना है।

रोने का समय, और हंसने का भी समय; छाती पीटने का समय, और नाचने का भी समय है। - सभोपदेशक 3:4

बाइबल पाठ: सभोपदेशक 3:1-4
Ecclesiastes 3:1 हर एक बात का एक अवसर और प्रत्येक काम का, जो आकाश के नीचे होता है, एक समय है।
Ecclesiastes 3:2 जन्म का समय, और मरन का भी समय; बोने का समय; और बोए हुए को उखाड़ने का भी समय है;
Ecclesiastes 3:3 घात करने का समय, और चंगा करने का भी समय; ढा देने का समय, और बनाने का भी समय है;
Ecclesiastes 3:4 रोने का समय, और हंसने का भी समय; छाती पीटने का समय, और नाचने का भी समय है;
Ecclesiastes 3:5 पत्थर फेंकने का समय, और पत्थर बटोरने का भी समय; गले लगाने का समय, और गले लगाने से रूकने का भी समय है;
Ecclesiastes 3:6 ढूंढ़ने का समय, और खो देने का भी समय; बचा रखने का समय, और फेंक देने का भी समय है;
Ecclesiastes 3:7 फाड़ने का समय, और सीने का भी समय; चुप रहने का समय, और बोलने का भी समय है;
Ecclesiastes 3:8 प्रेम का समय, और बैर करने का भी समय; लड़ाई का समय, और मेल का भी समय है।

एक साल में बाइबल: 
  • सभोपदेशक 1-3 
  • 2 कुरिन्थियों 11:16-33


बुधवार, 18 सितंबर 2013

पिता

   बीस माह उम्र का नन्हा जेम्स चर्च के विशाल हॉल में बेधड़क अपने परिवार के आगे आगे चल रहा था। उसके पिता की नज़रें उस पर निरन्तर लगी हुई थीं और जेम्स बड़े लोगों की उस भीड़ में बिना किसी चिंता के बढ़ता जा रहा था। अचानक ही वह रुका और क्योंकि अब लोगों की उस भीड़ में उसे अपने पिताजी दिखाई नहीं दे रहे थे इसलिए वह घबरा कर डैडी! डैडी! कहते हुए रोने लगा। उसके पिता लोगों के बीच से उसकी ओर आगे बढ़े, जेम्स ने अपना हाथ उनकी ओर बढ़ाया और पिता ने जेम्स का हाथ थाम लिया। पिता के सुरक्षित हाथ की मज़बूत पकड़ से आश्वस्त होकर जेम्स शांत हो गया और फिर पहले के समान आगे बढ़ने लगा।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में राजाओं की दूसरी पुस्तक में हम राजा हिज़किय्याह का वृतांत पाते हैं जिसने समस्या के समय में प्रार्थना में परमेश्वर की ओर अपना हाथ बढ़ाया और सहायता पाई (2 राजा 19:15)। अशूर के राजा सन्हेरीब ने राजा हिज़िकिय्याह और उसकी की प्रजा पर चढ़ाई करने की धमकी दी थी: "तुम यहूदा के राजा हिजकिय्याह से यों कहना: तेरा परमेश्वर जिसका तू भरोसा करता है, यह कह कर तुझे धोखा न देने पाए, कि यरूशलेम अश्शूर के राजा के वश में न पड़ेगा। देख, तू ने तो सुना है अश्शूर के राजाओं ने सब देशों से कैसा व्यवहार किया है उन्हें सत्यानाश कर दिया है। फिर क्या तू बचेगा?" (2 राजा 19:10-11); धमकी पाकर राजा हिज़किय्याह प्रार्थना में परमेश्वर के पास गया और छुटकारे के लिए पुकारा, "इसलिये अब हे हमारे परमेश्वर यहोवा तू हमें उसके हाथ से बचा, कि पृथ्वी के राज्य राज्य के लोग जान लें कि केवल तू ही यहोवा है" (2 राजा 19:19)। परमेश्वर ने प्रार्थना का उत्तर दिया, और अश्शूर की हमलावर सेना को मारा जिससे आक्रमणकारी राजा सन्हेरीब वापस लौट जाने को मजबूर हो गया।

   यदि आज आप किसी ऐसी परिस्थिति में हैं जहाँ आपको परमेश्वर की सहायता की आवश्यकता है तो विश्वास के साथ अपना हाथ उसकी ओर प्रार्थना में बढ़ाईए। उसका वायदा है कि वह अवश्य ही आपकी सहायता करेगा (2 कुरिन्थियों 1:3-4; इब्रानियों 4:16)। - एनी सेटास


अकसर परमेश्वर द्वारा छुटकारे की भोर परीक्षा के सबसे गहन प्रतीत होने वाले अन्धकार समय में आती है।

तब यशायाह ने उन से कहा, अपने स्वामी से कहो, यहेवा यों कहता है, कि जो वचन तू ने सुने हैं, जिनके द्वारा अश्शूर के राजा के जनों ने मेरी निन्दा की है, उनके कारण मत डर। - 2 राजा 19:6 

बाइबल पाठ: 2 राजा 19:10-19, 32-37
2 Kings 19:10 तुम यहूदा के राजा हिजकिय्याह से यों कहना: तेरा परमेश्वर जिसका तू भरोसा करता है, यह कह कर तुझे धोखा न देने पाए, कि यरूशलेम अश्शूर के राजा के वश में न पड़ेगा।
2 Kings 19:11 देख, तू ने तो सुना है अश्शूर के राजाओं ने सब देशों से कैसा व्यवहार किया है उन्हें सत्यानाश कर दिया है। फिर क्या तू बचेगा?
2 Kings 19:12 गोजान और हारान और रेसेप और तलस्सार में रहने वाले एदेनी, जिन जातियों को मेरे पुरखाओं ने नाश किया, क्या उन में से किसी जाति के देवताओं ने उसको बचा लिया?
2 Kings 19:13 हमात का राजा, और अर्पाद का राजा, और समवैंम नगर का राजा, और हेना और इव्वा के राजा ये सब कहां रहे? इस पत्री को हिजकिय्याह ने दूतों के हाथ से ले कर पढ़ा।
2 Kings 19:14 तब यहोवा के भवन में जा कर उसको यहोवा के साम्हने फैला दिया।
2 Kings 19:15 और यहोवा से यह प्रार्थना की, कि हे इस्राएल के परमेश्वर यहोवा! हे करूबों पर विराजने वाले ! पृथ्वी के सब राज्यों के ऊपर केवल तू ही परमेश्वर है। आकाश और पृथ्वी को तू ही ने बनाया है।
2 Kings 19:16 हे यहोवा! कान लगाकर सुन, हे यहोवा आंख खोल कर देख, और सन्हेरीब के वचनों को सुन ले, जो उसने जीवते परमेश्वर की निन्दा करने को कहला भेजे हैं।
2 Kings 19:17 हे यहोवा, सच तो है, कि अश्शूर के राजाओं ने जातियों को और उनके देशों को उजाड़ा है।
2 Kings 19:18 और उनके देवताओं को आग में झोंका है, क्योंकि वे ईश्वर न थे; वे मनुष्यों के बनाए हुए काठ और पत्थर ही के थे; इस कारण वे उन को नाश कर सके।
2 Kings 19:19 इसलिये अब हे हमारे परमेश्वर यहोवा तू हमें उसके हाथ से बचा, कि पृथ्वी के राज्य राज्य के लोग जान लें कि केवल तू ही यहोवा है।

2 Kings 19:32 इसलिये यहोवा अश्शूर के राजा के विषय में यों कहता है कि वह इस नगर में प्रवेश करने, वरन इस पर एक तीर भी मारने न पाएगा, और न वह ढाल ले कर इसके साम्हने आने, वा इसके विरुद्ध दमदमा बनाने पाएगा।
2 Kings 19:33 जिस मार्ग से वह आया, उसी से वह लौट भी जाएगा, और इस नगर में प्रवेश न करने पाएगा, यहोवा की यही वाणी है।
2 Kings 19:34 और मैं अपने निमित्त और अपने दास दाऊद के निमित्त इस नगर की रक्षा कर के इसे बचाऊंगा।
2 Kings 19:35 उसी रात में क्या हुआ, कि यहोवा के दूत ने निकल कर अश्शूरियों की छावनी में एक लाख पचासी हजार पुरुषों को मारा, और भोर को जब लोग सबेरे उठे, तब देखा, कि लोथ ही लोथ पड़ी हैं।
2 Kings 19:36 तब अश्शूर का राजा सन्हेरीब चल दिया, और लौट कर नीनवे में रहने लगा।
2 Kings 19:37 वहां वह अपने देवता निस्रोक के मन्दिर में दण्डवत कर रहा था, कि अदेम्मेलेक और सरेसेर ने उसको तलवार से मारा, और अरारात देश में भाग गए। और उसी का पुत्र एसर्हद्दोन उसके स्थान पर राज्य करने लगा।

एक साल में बाइबल: 
  • नीतिवचन 30-31 
  • 2 कुरिन्थियों 11:1-15