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मंगलवार, 24 दिसंबर 2013

मृत्यु का नाश


   चिकित्सा विज्ञान के अनेक शोधकर्ता अथक प्रयास द्वारा कैंसर का इलाज ढूढ़ने में लगे हुए हैं, वे एल्ज़ाहिमर रोग के रहस्य को समझने का प्रयास कर रहे हैं, उनके प्रयास हैं कि अनेक दुर्बल कर देने वाले रोगों का हल ढूंढ़ा जा सके। लेकिन कैसा लगे यदि एक प्रातः जब आप उठें तो समाचारपत्रों की सुर्खियाँ हों "मृत्यु का नाश हो गया!" क्या आप ऐसे समाचार पर विश्वास करेंगे? क्या आप विश्वास करने भी पाएंगे?

   लेकिन परमेश्वर का वचन बाइबल, जिसकी कोई बात कभी गलत प्रमाणित नहीं हुई है, यह दावा करती है कि मसीह यीशु के विश्वासियों के लिए मृत्यु का नाश हो चुका है - मृत्यु निष्क्रीय कर दी गई है, अब तक मृत्यु जो कुछ कर पाती थी मसीही विश्वासियों के प्रति वह सब करना उसके लिए संभव नहीं रह गया है: "और जब यह नाशमान अविनाश को पहिन लेगा, और यह मरनहार अमरता को पहिन लेगा, तक वह वचन जो लिखा है, पूरा हो जाएगा, कि जय ने मृत्यु को निगल लिया" (1 कुरिन्थियों 15:54)।

   यह सुसमाचार प्रत्येक उस व्यक्ति के लिए है जो इस सुसमाचार पर विश्वास करेगा, इसे ग्रहण करेगा, जैसे कि स्वर्गदूत ने प्रभु यीशु के जन्म के समय चरवाहों से कहा: "तब स्वर्गदूत ने उन से कहा, मत डरो; क्योंकि देखो मैं तुम्हें बड़े आनन्द का सुसमाचार सुनाता हूं जो सब लोगों के लिये होगा। कि आज दाऊद के नगर में तुम्हारे लिये एक उद्धारकर्ता जन्मा है, और यही मसीह प्रभु है" (लूका 2:10-11)।

   प्रभु यीशु का जन्म मृत्यु के अन्त का आरंभ था: "हे मृत्यु तेरा डंक कहां रहा? मृत्यु का डंक पाप है; और पाप का बल व्यवस्था है। परन्तु परमेश्वर का धन्यवाद हो, जो हमारे प्रभु यीशु मसीह के द्वारा हमें जयवन्‍त करता है" (1 कुरिन्थियों 15:56-57)।

   बस इसीलिए हम क्रिसमस का आनन्द मनाते हैं! - डेविड मैक्कैसलैंड


प्रभु यीशु का जन्म परमेश्वर को मनुष्य के निकट ले आया; प्रभु यीशु की मृत्यु मनुष्य को परमेश्वर के निकट ले जाती है।

हे मृत्यु तेरी जय कहां रही? - 1 कुरिन्थियों 15:55

बाइबल पाठ: 1 कुरिन्थियों 15:50-58
1 Corinthians 15:50 हे भाइयों, मैं यह कहता हूं कि मांस और लोहू परमेश्वर के राज्य के अधिकारी नहीं हो सकते, और न विनाश अविनाशी का अधिकारी हो सकता है। 
1 Corinthians 15:51 देखे, मैं तुम से भेद की बात कहता हूं: कि हम सब तो नहीं सोएंगे, परन्तु सब बदल जाएंगे। 
1 Corinthians 15:52 और यह क्षण भर में, पलक मारते ही पिछली तुरही फूंकते ही होगा: क्योंकि तुरही फूंकी जाएगी और मुर्दे अविनाशी दशा में उठाए जांएगे, और हम बदल जाएंगे। 
1 Corinthians 15:53 क्योंकि अवश्य है, कि यह नाशमान देह अविनाश को पहिन ले, और यह मरनहार देह अमरता को पहिन ले। 
1 Corinthians 15:54 और जब यह नाशमान अविनाश को पहिन लेगा, और यह मरनहार अमरता को पहिन लेगा, तक वह वचन जो लिखा है, पूरा हो जाएगा, कि जय ने मृत्यु को निगल लिया। 
1 Corinthians 15:55 हे मृत्यु तेरी जय कहां रही? 
1 Corinthians 15:56 हे मृत्यु तेरा डंक कहां रहा? मृत्यु का डंक पाप है; और पाप का बल व्यवस्था है। 
1 Corinthians 15:57 परन्तु परमेश्वर का धन्यवाद हो, जो हमारे प्रभु यीशु मसीह के द्वारा हमें जयवन्‍त करता है। 
1 Corinthians 15:58 सो हे मेरे प्रिय भाइयो, दृढ़ और अटल रहो, और प्रभु के काम में सर्वदा बढ़ते जाओ, क्योंकि यह जानते हो, कि तुम्हारा परिश्रम प्रभु में व्यर्थ नहीं है।

एक साल में बाइबल: 
  • हबक्कूक 1-3 
  • प्रकाशितवाक्य 15


सोमवार, 23 दिसंबर 2013

खोजने वाला


   पास्टर टिम कैलर ने मसीही विश्वास में पाई जाने वाली एक अद्वितीय बात का उल्लेख किया है, जो अन्य किसी भी धर्म या धार्मिक विचारधारा में कहीं नहीं मिलती है। अन्य सभी धर्मों और धार्मिक विचारधाराओं में हम पाते हैं कि उनके मानने वाले अपने ईश्वर की खोज में लगे रहते हैं, उसे अपने भले कार्यों या अन्य बातों द्वारा प्रसन्न करने, मनाने में लगे रहते हैं। केवल मसीही विश्वास ही एकमात्र ऐसा धार्मिक विश्वास है जिसमें स्वयं परमेश्वर मनुष्य को खोजता है, मनुष्य को अपने पास लौटा लाने और उसे अशीषों से भर देने को लालायित रहता है, प्रयास करता रहता है और अपने इस प्रयास में उसने मनुष्य रूप में आकर समस्त मनुष्य जाति के समस्त पापों को अपने ऊपर लेकर अपने जीवन के बलिदान द्वारा उन पापों का दण्ड भी भोग लिया और अपने प्रत्येक विश्वास करने वाले के लिए उद्धार, आशीष और अनन्त जीवन का मार्ग भी बना कर दे दिया। अब, मसीही विश्वास में होकर, मनुष्य का परमेश्वर से मेल-मिलाप मनुष्य द्वारा किए जाने वाले किसी प्रयास से नहीं वरन केवल पश्चाताप और विश्वास द्वारा है।

   इस अद्भुत सच्चाई की गंभीरता को ब्रिटिश कवि फ्रांसिस थौम्पसन ने अपनी कृति "The Hound of Heaven" में बड़ी सुन्दरता से व्यक्त किया है। वे अपने जीवन के अनुभव से लिखते हैं कि उन्होंने परमेश्वर से दूर भाग जाने का बहुत प्रयास किया, लेकिन "मेरा पीछा कर रहे उन सामर्थी कदमों की संतुलित और अविचिलित चाल से आगे मैं निकल नहीं सका।" भटके हुओं और हठधर्मियों को अथक खोज द्वारा परमेश्वर का अपनी ओर लौटा लाना केवल फ्रांसिस थौम्पसन का ही अनुभव नहीं है, वरन क्रिसमस की कथा का मर्म भी परमेश्वर द्वारा मनुष्य को खोजना ही है, जैसे प्रेरित पौलुस लिखता है: "परन्तु जब समय पूरा हुआ, तो परमेश्वर ने अपने पुत्र को भेजा, जो स्त्री से जन्मा, और व्यवस्था के आधीन उत्पन्न हुआ। ताकि व्यवस्था के आधीनों को मोल ले कर छुड़ा ले, और हम को लेपालक होने का पद मिले" (गलतियों 4:4-5)।

   परमेश्वर की यह खोज केवल क्रिसमस की कहानी ही नहीं है, वरन हमारे आदि माता-पिता, आदम और हव्वा के पाप में गिरने के बाद परमेश्वर ही उन्हें खोजता हुआ आया था, क्योंकि वे तो अपनी शर्मनाक हालत के कारण परमेश्वर से छिप गए थे। तब से परमेश्वर पाप में गिरे मनुष्य को खोज रहा है जिससे उसके निकट आने वालों को वह वापस उसी आशीष की स्थिति में बहाल कर सके। उसने मुझे खोज कर अपने पास बुलाया, वह आपको भी खोज कर अपने पास बुलाना चाहता है, परमेश्वर की सन्तान कहलाने का आदर देना चाहता है। यदि परमेश्वर हमारा खोजने वाला ना होता तो हमारे पाप हमें कहीं का ना छोड़ते। क्या आपने उस की खोज को आदर दिया है, उसके पास लौट आए हैं? - जो स्टोवैल


आपके उद्धार के लिए परमेश्वर की अमिट इच्छा कभी समाप्त नहीं होगी।

क्योंकि परमेश्वर ने जगत से ऐसा प्रेम रखा कि उसने अपना एकलौता पुत्र दे दिया, ताकि जो कोई उस पर विश्वास करे, वह नाश न हो, परन्तु अनन्त जीवन पाए। - यूहन्ना 3:16

बाइबल पाठ: गलतियों 4:1-7
Galatians 4:1 मैं यह कहता हूं, कि वारिस जब तक बालक है, यद्यपि सब वस्‍तुओं का स्‍वामी है, तौभी उस में और दास में कुछ भेद नहीं। 
Galatians 4:2 परन्तु पिता के ठहराए हुए समय तक रक्षकों और भण्‍डारियों के वश में रहता है। 
Galatians 4:3 वैसे ही हम भी, जब बालक थे, तो संसार की आदि शिक्षा के वश में हो कर दास बने हुए थे। 
Galatians 4:4 परन्तु जब समय पूरा हुआ, तो परमेश्वर ने अपने पुत्र को भेजा, जो स्त्री से जन्मा, और व्यवस्था के आधीन उत्पन्न हुआ। 
Galatians 4:5 ताकि व्यवस्था के आधीनों को मोल ले कर छुड़ा ले, और हम को लेपालक होने का पद मिले। 
Galatians 4:6 और तुम जो पुत्र हो, इसलिये परमेश्वर ने अपने पुत्र के आत्मा को, जो हे अब्‍बा, हे पिता कह कर पुकारता है, हमारे हृदय में भेजा है। 
Galatians 4:7 इसलिये तू अब दास नहीं, परन्तु पुत्र है; और जब पुत्र हुआ, तो परमेश्वर के द्वारा वारिस भी हुआ।

एक साल में बाइबल: 
  • नहूम 1-3 
  • प्रकाशितवाक्य 14


रविवार, 22 दिसंबर 2013

छिपा खज़ाना


   इंगलैण्ड के एक खज़ाना खोजने वाले व्यक्ति को दक्षिण-पश्चिम इंगलैण्ड के एक मैदान में दबा हुआ रोमी शासन के दिनों के 52,000 सिक्कों से भरा हुआ एक बड़ा सा पात्र मिला। डेव क्रिस्प नामक इस व्यक्ति ने यह खज़ाना धातु पता लगाने वाले उपकरण की सहायता से खोज निकाला। चाँदी और कांसे से बने हुए ये प्राचीन सिक्के तीसरी ईसवीं के थे, उनका कुल वज़न 350 पौंड था और उनकी कीमत 50 लाख अमेरीकी डॉलर आंकी गई थी।

   हो सकता है कि क्रिस्प की इस खोज की बात जानकर हम भी किसी ऐसे ही गड़े खज़ाने के मिलने के स्वप्न देखने लगें, लेकिन हम मसीही विश्वासियों को एक अलग ही प्रकार के खज़ाने के खोजी होना चाहिए। जो खज़ाना हम मसीही विश्वासियों के लिए महत्वपूर्ण है वह सोने-चाँदी तथा पार्थिव वस्तुओं का नहीं है, वरन वह परमेश्वर के वचन बाइबल की अद्भुत सच्चाईयों और गूढ़ बातों तथा मसीह यीशु की पहचान होने का है: "...और वे पूरी समझ का सारा धन प्राप्त करें, और परमेश्वर पिता के भेद को अर्थात मसीह को पहिचान लें। जिस में बुद्धि और ज्ञान से सारे भण्‍डार छिपे हुए हैं" (कुलुस्सियों 2:2-3)। प्रभु यीशु को और भली रीति से जानने से प्राप्त होने वाली आशीष केवल बाइबल के अध्ययन और मनन के द्वारा ही प्राप्त हो सकती है। भजनकार ने परमेश्वर के वचन के धन के लिए लिखा है: "जैसे कोई बड़ी लूट पा कर हर्षित होता है, वैसे ही मैं तेरे वचन के कारण हर्षित हूं" (भजन 119:162)।

   यदि हम परमेश्वर के वचन को जल्दबाज़ी में या लापरवाही से पढ़ेंगे तो उसके अद्भुत विचारों और गूढ़ बातों को समझ नहीं पाएंगे। बाइबल की सच्चाईयों के खज़ाने तो पूरी लगन से पढ़ने और ध्यानपूर्वक खोजने से ही मिल सकते हैं। डेव क्रिस्प ने यह खज़ाना धातु पता लगाने वाले उपकरण की सहायता से खोज निकाला, परमेश्वर ने हम मसीही विश्वासियों को बाइबल के खज़ाने खोज निकालने के लिए अपना आत्मा दिया है जो हमें उसके वचन की बातें बताता, सिखाता और समझता है।

   क्या आप भी परमेश्वर के खज़ाने पाने के इच्छुक हैं; बाइबल में से पवित्र आत्मा की सहायता से प्रभु यीशु को और अधिक जानना आरंभ कर दें, अनन्त आशीष के छिपे खज़ाने आपके होंगे। - डेनिस फिशर


बाइबल के खज़ाने मनन के फावड़े से ही खोदे जा सकते हैं।

जिस में बुद्धि और ज्ञान से सारे भण्‍डार छिपे हुए हैं। - कुलुस्सियों 2:3

बाइबल पाठ: कुलुस्सियों 1:27-2:3
Colossians 1:27 जिन पर परमेश्वर ने प्रगट करना चाहा, कि उन्हें ज्ञात हो कि अन्यजातियों में उस भेद की महिमा का मूल्य क्या है और वह यह है, कि मसीह जो महिमा की आशा है तुम में रहता है। 
Colossians 1:28 जिस का प्रचार कर के हम हर एक मनुष्य को जता देते हैं और सारे ज्ञान से हर एक मनुष्य को सिखाते हैं, कि हम हर एक व्यक्ति को मसीह में सिद्ध कर के उपस्थित करें। 
Colossians 1:29 और इसी के लिये मैं उस की उस शक्ति के अनुसार जो मुझ में सामर्थ के साथ प्रभाव डालती है तन मन लगाकर परिश्रम भी करता हूं। 
Colossians 2:1 मैं चाहता हूं कि तुम जान लो, कि तुम्हारे और उन के जो लौदीकिया में हैं, और उन सब के लिये जिन्हों ने मेरा शारीरिक मुंह नहीं देखा मैं कैसा परिश्रम करता हूं। 
Colossians 2:2 ताकि उन के मनों में शान्‍ति हो और वे प्रेम से आपस में गठे रहें, और वे पूरी समझ का सारा धन प्राप्त करें, और परमेश्वर पिता के भेद को अर्थात मसीह को पहिचान लें। 
Colossians 2:3 जिस में बुद्धि और ज्ञान से सारे भण्‍डार छिपे हुए हैं।

एक साल में बाइबल: 
  • मीका 6-7 
  • प्रकाशितवाक्य 13


शनिवार, 21 दिसंबर 2013

अस्वीकृत ज्योति


  दिसंबर 21, 2010 के आरंभिक घंटों में मैंने वह दृश्य देखा जो इससे पहले सन 1638 में घटा था - शरद ऋतु के उच्चतम समय में होने वाला पूर्ण चन्द्रग्रहण। मेरे देखते देखते, धीरे से पृथ्वी की छाया चन्द्रमा पर छा गई और चमकता हुआ चांद गहरे लाल रंग का हो गया। यह एक अद्भुत और अविस्मर्णीय दृश्य था। ज्योति और अन्धकार के इस दृश्य को देखते हुए मेरा ध्यान इस बात पर गया कि यद्यपि भौतिक अन्धकार परमेश्वर की योजना का एक भाग हो सकता है लेकिन आत्मिक अन्धकार उस की योजना का भाग कतई नहीं है।
   इस संदर्भ में स्कॉटलैण्ड के एक पास्टर, एलैक्ज़ैन्डर मैक्लैरन ने कहा था, "सबसे गहन अन्धकार का कारण ज्योति की अस्वीकृति है, और जो व्यक्ति ज्योति के पास होने पर भी उस पर विश्वास नहीं करता वह अपने चारों ओर निराशा और अन्धकार के घने बादल बटोर लेता है"। प्रभु यीशु ने मनुष्यों द्वारा स्वयं ही अपने आत्मा और मन पर थोपे गए इस अन्धकार के विष्य में कहा, "परन्तु यदि तेरी आंख बुरी हो, तो तेरा सारा शरीर भी अन्धियारा होगा; इस कारण वह उजियाला जो तुझ में है यदि अन्धकार हो तो वह अन्धकार कैसा बड़ा होगा" (मत्ती 6:23)।
   क्रिसमस का यह अवसर संसार के सभी लोगों को निमंत्रण है कि वे पाप के अन्धकार को दूर करने वाले उद्धारकर्ता तथा जगत की ज्योति प्रभु यीशु को अपने अन्दर आने के निमंत्रण देकर अपने अन्दर के अन्धकार से बाहर निकल कर सच्ची ज्योति में रहने लगें: प्रभु यीशु ने कहा: "जब तक ज्योति तुम्हारे साथ है, ज्योति पर विश्वास करो कि तुम ज्योति के सन्तान होओ।" "मैं जगत में ज्योति हो कर आया हूं ताकि जो कोई मुझ पर विश्वास करे, वह अन्धकार में न रहे" (यूहन्ना 12:36, 46)।
   परमेश्वर ने पाप के अन्धकार को दूर करने वाली ज्योति संसार में भेजी है, आपने उसे स्वीकृत किया है या अस्वीकृत? - डेविड मैक्कैसलैंड


जब हम ज्योति में चलेंगे तो अन्धकार में ठोकर नहीं खाएंगे।

तब यीशु ने फिर लोगों से कहा, जगत की ज्योति मैं हूं; जो मेरे पीछे हो लेगा, वह अन्धकार में न चलेगा, परन्तु जीवन की ज्योति पाएगा। - यूहन्ना 8:12

बाइबल पाठ: यूहन्ना 12:35-46
John 12:35 यह मनुष्य का पुत्र कौन है? यीशु ने उन से कहा, ज्योति अब थोड़ी देर तक तुम्हारे बीच में है, जब तक ज्योति तुम्हारे साथ है तब तक चले चलो; ऐसा न हो कि अन्धकार तुम्हें आ घेरे; जो अन्धकार में चलता है वह नहीं जानता कि किधर जाता है। 
John 12:36 जब तक ज्योति तुम्हारे साथ है, ज्योति पर विश्वास करो कि तुम ज्योति के सन्तान होओ। ये बातें कहकर यीशु चला गया और उन से छिपा रहा। 
John 12:37 और उसने उन के साम्हने इतने चिन्ह दिखाए, तौभी उन्होंने उस पर विश्वास न किया। 
John 12:38 ताकि यशायाह भविष्यद्वक्ता का वचन पूरा हो जो उसने कहा कि हे प्रभु हमारे समाचार की किस ने प्रतीति की है? और प्रभु का भुजबल किस पर प्रगट हुआ? 
John 12:39 इस कारण वे विश्वास न कर सके, क्योंकि यशायाह ने फिर भी कहा। 
John 12:40 कि उसने उन की आंखें अन्‍धी, और उन का मन कठोर किया है; कहीं ऐसा न हो, कि आंखों से देखें, और मन से समझें, और फिरें, और मैं उन्हें चंगा करूं। 
John 12:41 यशायाह ने ये बातें इसलिये कहीं, कि उसने उस की महिमा देखी; और उसने उसके विषय में बातें कीं। 
John 12:42 तौभी सरदारों में से भी बहुतों ने उस पर विश्वास किया, परन्तु फरीसियों के कारण प्रगट में नहीं मानते थे, ऐसा न हो कि आराधनालय में से निकाले जाएं। 
John 12:43 क्योंकि मनुष्यों की प्रशंसा उन को परमेश्वर की प्रशंसा से अधिक प्रिय लगती थी। 
John 12:44 यीशु ने पुकारकर कहा, जो मुझ पर विश्वास करता है, वह मुझ पर नहीं, वरन मेरे भेजने वाले पर विश्वास करता है। 
John 12:45 और जो मुझे देखता है, वह मेरे भेजने वाले को देखता है। 
John 12:46 मैं जगत में ज्योति हो कर आया हूं ताकि जो कोई मुझ पर विश्वास करे, वह अन्धकार में न रहे।

एक साल में बाइबल: 
  • मीका 4-5 
  • प्रकाशितवाक्य 12


शुक्रवार, 20 दिसंबर 2013

कर्तव्य


   मैंने एक स्थानीय भोजनालय में अपने बच्चों के साथ भोजन समाप्त किया था और बच्चे भोजन से संबंधित कूड़ा वहाँ रखे कूड़ेदान में डाल कर मुड़ ही रहे थे कि एक बड़ी तेज़ी से आ रहे व्यक्ति से उनकी टक्कर होते होते बची। मेरे छोटे बेटे ने चुटकी ली, "शायद यह व्यक्ति कोई चोरी कर के भाग रहा होगा"। मैंने सोचा यह कुछ शिक्षा देने का अच्छा अवसर है और उन से कहा, "बाइबल इस प्रकार के प्रत्युत्तर को दूसरे को जाँचना कहती है, जो हमारा नहीं परमेश्वर का कार्य है।" मेरे बेटे ने तुरंत उत्तर दिया, "आप हमेशा शिक्षा देने में क्यों लगे रहते हैं?" मेरी हंसी निकल गई, हंसी थमने के बाद मैंने उससे कहा, "एक पिता होने के नाते यह मेरा एक ऐसा कर्तव्य है जिससे मैं कभी अवकाश नहीं ले सकता।"

   परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रेरित पौलुस ने इफिसियों के विश्वासियों की मसीही मण्डली को स्मरण दिलाया कि वह भी कभी प्रभु यीशु के अनुयायियों को शिक्षा देने से अवकाश नहीं लेने पाया था (प्रेरितों 20)। पौलुस जानता था कि उनके मध्य गलत शिक्षाएं देने वाले आएंगे और मण्डली का नाश करने का प्रयत्न करेंगे, इस लिए यह मण्डली के अगुवों का कर्तव्य था कि वे उन नाश करने वालों से मण्डली के लोगों को बचा कर रखें। परमेश्वर के लोगों की देखभाल करने में उन्हें सही और सच्ची मसीही शिक्षाओं का आत्मिक भोजन, नम्रता और संयम के साथ उनका नेतृत्व और दृढ़ता के साथ उनको चिताना सम्मिलित हैं। मण्डली के अगुवों को इस कर्तव्य को निभाने के लिए हमारे और जगत के उद्धारकर्ता प्रभु यीशु द्वारा इस उद्धार के लिए क्रूस पर चुकाई गई कीमत को सदा स्मरण रखना चाहिए (पद 28)।

   मण्डली के अगुवों पर हमारी आत्माओं की देखभाल की एक बड़ी ज़िम्मेदारी है, जिसके लिए एक दिन वे प्रभु यीशु को लेखा देंगे। इसलिए आईए हम अपने अगुवों के साथ सहयोग करने का मन बना लें और उनके विश्वासयोग्य और परमेश्वर के भय में दिए गए नेतृत्व के प्रति आज्ञाकारी और समर्पित रहने के द्वारा उनके आनन्द का कारण बनें (इब्रानियों 13:17)। - मार्विन विलियम्स


परमेश्वर के वचन को ग्रहण करने के बाद परमेश्वर के कार्य को करना हमारा कर्तव्य है।

अपने अगुवों की मानो; और उनके आधीन रहो, क्योंकि वे उन की नाईं तुम्हारे प्राणों के लिये जागते रहते, जिन्हें लेखा देना पड़ेगा, कि वे यह काम आनन्द से करें, न कि ठंडी सांस ले ले कर, क्योंकि इस दशा में तुम्हें कुछ लाभ नहीं। - इब्रानियों 13:17

बाइबल पाठ: प्रेरितों 20:17-32
Acts 20:17 और उसने मीलेतुस से इफिसुस में कहला भेजा, और कलीसिया के प्राचीनों को बुलवाया। 
Acts 20:18 जब वे उस के पास आए, तो उन से कहा, तुम जानते हो, कि पहिले ही दिन से जब मैं आसिया में पहुंचा, मैं हर समय तुम्हारे साथ किस प्रकार रहा। 
Acts 20:19 अर्थात बड़ी दीनता से, और आंसू बहा बहाकर, और उन परीक्षाओं में जो यहूदियों के षडयन्‍त्र के कारण मुझ पर आ पड़ी; मैं प्रभु की सेवा करता ही रहा। 
Acts 20:20 और जो जो बातें तुम्हारे लाभ की थीं, उन को बताने और लोगों के साम्हने और घर घर सिखाने से कभी न झिझका। 
Acts 20:21 वरन यहूदियों और यूनानियों के साम्हने गवाही देता रहा, कि परमेश्वर की ओर मन फिराना, और हमारे प्रभु यीशु मसीह पर विश्वास करना चाहिए। 
Acts 20:22 और अब देखो, मैं आत्मा में बन्‍धा हुआ यरूशलेम को जाता हूं, और नहीं जानता, कि वहां मुझ पर क्या क्या बीतेगा 
Acts 20:23 केवल यह कि पवित्र आत्मा हर नगर में गवाही दे देकर मुझ से कहता है, कि बन्‍धन और क्‍लेश तेरे लिये तैयार हैं। 
Acts 20:24 परन्तु मैं अपने प्राण को कुछ नहीं समझता: कि उसे प्रिय जानूं, वरन यह कि मैं अपनी दौड़ को, और उस सेवाकाई को पूरी करूं, जो मैं ने परमेश्वर के अनुग्रह के सुसमाचार पर गवाही देने के लिये प्रभु यीशु से पाई है। 
Acts 20:25 और अब देखो, मैं जानता हूं, कि तुम सब जिनमें मैं परमेश्वर के राज्य का प्रचार करता फिरा, मेरा मुंह फिर न देखोगे। 
Acts 20:26 इसलिये मैं आज के दिन तुम से गवाही देकर कहता हूं, कि मैं सब के लोहू से निर्दोष हूं। 
Acts 20:27 क्योंकि मैं परमेश्वर की सारी मनसा को तुम्हें पूरी रीति से बनाने से न झिझका। 
Acts 20:28 इसलिये अपनी और पूरे झुंड की चौकसी करो; जिस से पवित्र आत्मा ने तुम्हें अध्यक्ष ठहराया है; कि तुम परमेश्वर की कलीसिया की रखवाली करो, जिसे उसने अपने लोहू से मोल लिया है। 
Acts 20:29 मैं जानता हूं, कि मेरे जाने के बाद फाड़ने वाले भेड़िए तुम में आएंगे, जो झुंड को न छोड़ेंगे। 
Acts 20:30 तुम्हारे ही बीच में से भी ऐसे ऐसे मनुष्य उठेंगे, जो चेलों को अपने पीछे खींच लेने को टेढ़ी मेढ़ी बातें कहेंगे। 
Acts 20:31 इसलिये जागते रहो; और स्मरण करो; कि मैं ने तीन वर्ष तक रात दिन आंसू बहा बहा कर, हर एक को चितौनी देना न छोड़ा। 
Acts 20:32 और अब मैं तुम्हें परमेश्वर को, और उसके अनुग्रह के वचन को सौंप देता हूं; जो तुम्हारी उन्नति कर सकता है, और सब पवित्रों में साझी कर के मीरास दे सकता है।

एक साल में बाइबल: 
  • मीका 1-3 
  • प्रकाशितवाक्य 11


गुरुवार, 19 दिसंबर 2013

सब ठीक है


   हाल ही में मेरी और मेरे पति की पुनःमुलाकात एक जवान व्यक्ति, मैथ्यु, से हुई जिसे हम उसके बचपने में जानते थे। बीती यादों को ताज़ा करते हुए हम ने मैथ्यु द्वारा, उसके लड़कपन के समय, एक क्रिसमस कार्यक्रम में गाए भजन "All is Well" (सब ठीक है) को स्मरण किया। एक सुन्दर भजन को भली भांति गाए जाने की वह एक अच्छी याद थी। यह भजन लोगों को ऊँची आवाज़ में प्रभु यीशु के जन्म की खुशी और सब कुछ ठीक होने के कारण परमेश्वर की स्तुति करने को प्रेरित करता है।

   क्रिसमस के समय इस भजन के बोल बहुत से लोगों के लिए बड़े शांतिदायक होते हैं, लेकिन कुछ लोग इस भजन के सन्देश को ग्रहण नहीं कर पाते क्योंकि उनके जीवनों में सब कुछ ठीक नहीं होता है, वे किसी समस्या, किसी प्रीय जन की मृत्यु के शोक, बेरोज़गारी, किसी गंभीर बीमारी या बनी हुई निराशा से जूझ रहे होते हैं और इस गीत को सुनकर उनके मन से चीत्कार निकलती है - "नहीं! सब ठीक नहीं है!"

   लेकिन उन लोगों के लिए जो प्रभु यीशु के जन्म के आनन्द को मनाते हैं, जो प्रभु यीशु की सामर्थ को जानते हैं, जो प्रभु यीशु को समर्पित जीवन व्यतीत करते हैं, उनके लिए हर प्रतिकूल परिस्थिति में भी मसीह यीशु के उनके जीवन में उपस्थित तथा कार्यरत होने के कारण सब कुछ ठीक रहता है। हम मसीही विश्वासी अपने किसी कष्ट या पीड़ा में कभी अकेले नहीं हैं, परमेश्वर सदैव हमारे साथ रहता है और हमें कभी ना छोड़ने का उसका वायदा है (इब्रानियों 13:5)। परमेश्वर का वायदा है कि हर परिस्थिति में उसका अनुग्रह हमारे लिए काफी है (1 कुरिन्थियों 12:9)। परमेश्वर ने हमारी हर आवश्यकता की पूर्ति का वायदा किया है (फिलिप्पियों 4:19)। और सबसे बढ़कर परमेश्वर का वायदा हमें अनन्त आशीष का जीवन देने का है (यूहन्ना 10:27-28), जो एक ऐसा वायदा है जो कभी किसी और ने अपने किसी अनुयायी से नहीं किया।

   जब हम परमेश्वर की अपने विश्वासियों से करी गई इन प्रतिज्ञाओं को स्मरण करते हैं तो हमारे पास उस भजन के लेखकों के साथ सहमत होने के सिवाए और कुछ करने को नहीं रह जाता, क्योंकि जैसा उस गीत में आया है, "मेरे आगे, मेरे पीछे परमेश्वर है और सब ठीक है"। - सिंडी हैस कैस्पर


जब परमेश्वर की शान्ति मन में होती है तो हम परमेश्वर की उपस्थिति के तकिए पर सर रखकर आराम से सो सकते हैं।

तुम्हारा स्‍वभाव लोभरिहत हो, और जो तुम्हारे पास है, उसी पर संतोष किया करो; क्योंकि उसने आप ही कहा है, कि मैं तुझे कभी न छोडूंगा, और न कभी तुझे त्यागूंगा। - इब्रानियों 13:5

बाइबल पाठ: भजन 46
Psalms 46:1 परमेश्वर हमारा शरणस्थान और बल है, संकट में अति सहज से मिलने वाला सहायक। 
Psalms 46:2 इस कारण हम को कोई भय नहीं चाहे पृथ्वी उलट जाए, और पहाड़ समुद्र के बीच में डाल दिए जाएं; 
Psalms 46:3 चाहे समुद्र गरजे और फेन उठाए, और पहाड़ उसकी बाढ़ से कांप उठें।। 
Psalms 46:4 एक नदी है जिसकी नहरों से परमेश्वर के नगर में अर्थात परमप्रधान के पवित्र निवास भवन में आनन्द होता है। 
Psalms 46:5 परमेश्वर उस नगर के बीच में है, वह कभी टलने का नहीं; पौ फटते ही परमेश्वर उसकी सहायता करता है। 
Psalms 46:6 जाति जाति के लोग झल्ला उठे, राज्य राज्य के लोग डगमगाने लगे; वह बोल उठा, और पृथ्वी पिघल गई। 
Psalms 46:7 सेनाओं का यहोवा हमारे संग है; याकूब का परमेश्वर हमारा ऊंचा गढ़ है।। 
Psalms 46:8 आओ, यहोवा के महाकर्म देखो, कि उसने पृथ्वी पर कैसा कैसा उजाड़ किया है। 
Psalms 46:9 वह पृथ्वी की छोर तक लड़ाइयों को मिटाता है; वह धनुष को तोड़ता, और भाले को दो टुकड़े कर डालता है, और रथों को आग में झोंक देता है! 
Psalms 46:10 चुप हो जाओ, और जान लो, कि मैं ही परमेश्वर हूं। मैं जातियों में महान हूं, मैं पृथ्वी भर में महान हूं! 
Psalms 46:11 सेनाओं का यहोवा हमारे संग है; याकूब का परमेश्वर हमारा ऊंचा गढ़ है।

एक साल में बाइबल: 
  • योना 1-4 
  • प्रकाशितवाक्य 10


बुधवार, 18 दिसंबर 2013

यात्रा


   नासरत से बैतलेहम की दूरी कितनी है? गलील के नासरत से, जो प्रभु यीशु के शारीरिक माता-पिता - मरियम और यूसुफ के रहने का स्थान था, बैतलेहम लगभग 80 मील की दूरी पर है। यह यात्रा करने के लिए  यूसुफ और गर्भवती मरियम को लगभग एक सप्ताह लगा होगा। जब वे वहाँ पहुँचे तो उन्हें रहने के लिए कोई अच्छा होटल का कमरा नहीं मिला; जो मिला वह थी एक गौशाला, और वहीं मरियम ने अपने पहिलौठे पुत्र को जन्म दिया (लूका 2:7)।

   लेकिन प्रभु यीशु की यह यात्रा तो 80 मील से कहीं अधिक लंबी है - वे स्वर्ग में परमेश्वर के दाहिने के अपने स्थान से इस पृथ्वी पर आए, मानव रूप स्वीकार किया, लगभग 33 वर्ष का जीवन काल इस पृथ्वी पर बिताया। वे क्रूस पर टाँगे जाकर मारे गए और एक उधार की कब्र में दफनाए गए; लेकिन उनकी यात्रा क यह अन्त नहीं था। वे तीसरे दिन मृतकों में से जी उठे, मनुष्यों के बीच में 40 दिन तक चलते फिरते रहे और फिर अपने चेलों के देखते देखते स्वर्ग पर उठा लिए गए। यह भी उनकी यात्रा का अन्त नहीं है; अभी वे स्वर्ग में हम मसीही विश्वासियों के सहायक हैं, पिता परमेश्वर से हमारे लिए विनती करते हैं और हमारे रहने का स्थान तैयार कर रहे हैं, और बहुत शीघ्र एक दिन वे वापस आएंगे - राजाओं के राजा और प्रभुओं के प्रभु बन कर और अनन्त काल तक उनका राज्य इस सृष्टि पर बना रहेगा, उनके अनुयायी उनके साथ बने रहेंगे।

   इस वर्ष, क्रिसमस के उपलक्ष में जब आप कोई यात्रा करें तो उस यात्रा पर भी विचार करें जो प्रभु यीशु ने आपके लिए करी। वे स्वर्ग की महीमा छोड़कर इस पृथ्वी पर अपमानित होने और श्रापित मृत्यु झेलने आ गए जिससे हम मनुष्यों को पापों की क्षमा और अनन्त काल की महिमा मिल सके। अपने महिमामय पुनरुत्थान के द्वारा उन्होंने अपने परमेश्वरत्व को प्रमाणित किया और अपनी महिमा में संभागी होने का आदर अपने अनुयायियों को भी दिया।

   परमेश्वर का धन्यवाद हो उस पहले क्रिसमस की यात्रा के लिए जिससे समस्त मानव जाति के लिए अनन्त महिमा का मार्ग खुल गया। क्या आपने प्रभु के इस निमंत्रण को स्वीकार कर लिया है? - डेव एगनर


प्रभु यीशु हमारे लिए स्वर्ग से पृथ्वी पर आए जिससे हम उनके साथ पृथ्वी से स्वर्ग जा सकें।

वह पुत्र जनेगी और तू उसका नाम यीशु रखना; क्योंकि वह अपने लोगों का उन के पापों से उद्धार करेगा। - मत्ती 1:21

बाइबल पाठ: गलतियों 4:1-7
Galatians 4:1 मैं यह कहता हूं, कि वारिस जब तक बालक है, यद्यपि सब वस्‍तुओं का स्‍वामी है, तौभी उस में और दास में कुछ भेद नहीं। 
Galatians 4:2 परन्तु पिता के ठहराए हुए समय तक रक्षकों और भण्‍डारियों के वश में रहता है। 
Galatians 4:3 वैसे ही हम भी, जब बालक थे, तो संसार की आदि शिक्षा के वश में हो कर दास बने हुए थे। 
Galatians 4:4 परन्तु जब समय पूरा हुआ, तो परमेश्वर ने अपने पुत्र को भेजा, जो स्त्री से जन्मा, और व्यवस्था के आधीन उत्पन्न हुआ। 
Galatians 4:5 ताकि व्यवस्था के आधीनों को मोल ले कर छुड़ा ले, और हम को लेपालक होने का पद मिले। 
Galatians 4:6 और तुम जो पुत्र हो, इसलिये परमेश्वर ने अपने पुत्र के आत्मा को, जो हे अब्‍बा, हे पिता कह कर पुकारता है, हमारे हृदय में भेजा है। 
Galatians 4:7 इसलिये तू अब दास नहीं, परन्तु पुत्र है; और जब पुत्र हुआ, तो परमेश्वर के द्वारा वारिस भी हुआ। 

एक साल में बाइबल: 
  • ओब्द्याह 
  • प्रकाशितवाक्य 9