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सोमवार, 7 जुलाई 2014

मार्गदर्शक


   जॉर्ज मैथिसन जाने जाते हैं उनके द्वारा लिखित भक्ति गीत "O Love That Wilt Not Let Me Go" (वह प्रेम जो मुझे कभी छोड़ेगा नहीं) के लिए; लेकिन उन्होंने एक भक्ति गीत और भी लिखा था जिसका शीर्षक था, "Ignored Blessings" (नज़रन्दाज़ हुई आशीषें)। इस दूसरे गीत में, वे पीछे मुड़कर उस जीवन-मार्ग को देखते हैं जिस पर होकर वे यहाँ तक आए हैं, और उन्हें पता चलता है कि हमारा स्वर्गीय परमेश्वर पिता ही उन्हें यहाँ तक ले कर आया है, सारे रास्ते अगुवाई करता हुआ।

   परमेश्वर ने अपने सभी संतानों के जीवन मार्ग के लिए यात्रा की एक योजना बनाई हुई है, और हम सब को हमारे लिए निर्धारित मार्ग पर चलना है (प्रेरितों 20:24; 2 तिमुथियुस 4:7)। हमारा मार्ग स्वर्ग की सभा में निर्धारित तथा परमेश्वर के श्रेष्ठ उद्देश्यों की पूर्ति में स्थापित किया गया है। लेकिन फिर भी हमारे द्वारा लिए जाने वाले व्यक्तिगत निर्णय अप्रासंगिक नहीं हैं। हम प्रतिदिन अनेक प्रकार के निर्णय लेते हैं, कुछ बड़े और महत्वपूर्ण, कुछ छोटे और कभी कुछ ऐसे भी जिनके परिणाम जीवन बदलने की क्षमता रखते हैं। ऐसे में चकरा देने वाले रहस्य से भरे दो प्रश्न हमारे सामने आते हैं - परमेश्वर की सार्वभौमिकता तथा हमारे द्वारा किए गए व्यक्तिगत चुनावों में ताल-मेल कैसे जानें, तथा हम यह कैसे जान सकते हैं कि हमें किस जीवन मार्ग पर चलना है?

   अब जब मैं प्रौढ़ हो गया हूँ और पीछे मुड़कर देखने के लिए मेरे पास एक लंबा मार्ग है, इसलिए इन प्रश्नों का उत्तर भी मेरे लिए स्पष्ट हो गया है। जब मैं पीछे मुड़कर अपने जीवन मार्ग को देखता हूँ, तो मुझे नज़र आता है कि परमेश्वर ही मेरी अगुवाई करता हुआ मुझे यहाँ तक ले कर आया है; मैं भी याकूब के साथ सच्चे मन से कह सकता हूँ: "...परमेश्वर जिसके सम्मुख मेरे बापदादे इब्राहीम और इसहाक (अपने को जानकर) चलते थे वही परमेश्वर मेरे जन्म से ले कर आज के दिन तक मेरा चरवाहा बना है" (उत्पत्ति 48:15)। चाहे वर्तमान के ऊपर बादलों का साया है और मैं नहीं जानता कि कल क्या होगा, या भविष्य के गर्भ में क्या छिपा है, लेकिन मैं आश्वस्त हूँ कि मेरा मार्गदर्शक जो आज तक मेरी अगुवाई करता आया है, मुझे सही मार्ग में चलाता लाया है, वह मेरी अन्तिम श्वास तक मेरे लिए यही करता रहेगा। मेरा कार्य तो बस इतना है कि विश्वास के साथ, उसके दिखाए मार्ग पर चलता रहूँ, उसका आज्ञाकारी रहूँ, उसके प्रेम में बना रहूँ, और वह मेरे हर चुनाव में मेरा सहायक, मेरा मार्गदर्शक बना रहेगा। - डेविड रोपर


हम अपने अनजाने भविष्य के लिए अपने सर्वज्ञानी परमेश्वर के मार्गदर्शन पर भरोसा रख सकते हैं।

सुन, मैं एक दूत तेरे आगे आगे भेजता हूं जो मार्ग में तेरी रक्षा करेगा, और जिस स्थान को मैं ने तैयार किया है उस में तुझे पहुंचाएगा। - निर्गमन 23:20

बाइबल पाठ:  उत्पत्ति 48:8-16
Genesis 48:8 तब इस्राएल को यूसुफ के पुत्र देख पड़े, और उसने पूछा, ये कौन हैं? 
Genesis 48:9 यूसुफ ने अपने पिता से कहा, ये मेरे पुत्र हैं, जो परमेश्वर ने मुझे यहां दिए हैं: उसने कहा, उन को मेरे पास ले आ कि मैं उन्हें आशीर्वाद दूं। 
Genesis 48:10 इस्राएल की आंखे बुढ़ापे के कारण धुन्धली हो गई थीं, यहां तक कि उसे कम सूझता था। तब यूसुफ उन्हें उनके पास ले गया; और उसने उन्हें चूमकर गले लगा लिया। 
Genesis 48:11 तब इस्राएल ने यूसुफ से कहा, मुझे आशा न थी, कि मैं तेरा मुख फिर देखने पाऊंगा: परन्तु देख, परमेश्वर ने मुझे तेरा वंश भी दिखाया है। 
Genesis 48:12 तब यूसुफ ने उन्हें अपने घुटनों के बीच से हटाकर और अपने मुंह के बल भूमि पर गिर के दण्डवत की। 
Genesis 48:13 तब यूसुफ ने उन दोनों को लेकर, अर्थात एप्रैम को अपने दाहिने हाथ से, कि वह इस्राएल के बाएं हाथ पड़े, और मनश्शे को अपने बाएं हाथ से, कि इस्राएल के दाहिने हाथ पड़े, उन्हें उसके पास ले गया। 
Genesis 48:14 तब इस्राएल ने अपना दहिना हाथ बढ़ाकर एप्रैम के सिर पर जो छोटा था, और अपना बायां हाथ बढ़ाकर मनश्शे के सिर पर रख दिया; उसने तो जान बूझकर ऐसा किया; नहीं तो जेठा मनश्शे ही था। 
Genesis 48:15 फिर उसने यूसुफ को आशीर्वाद देकर कहा, परमेश्वर जिसके सम्मुख मेरे बापदादे इब्राहीम और इसहाक (अपने को जानकर) चलते थे वही परमेश्वर मेरे जन्म से ले कर आज के दिन तक मेरा चरवाहा बना है; 
Genesis 48:16 और वही दूत मुझे सारी बुराई से छुड़ाता आया है, वही अब इन लड़कों को आशीष दे; और ये मेरे और मेरे बापदादे इब्राहीम और इसहाक के कहलाएं; और पृथ्वी में बहुतायत से बढ़ें।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 133-136


रविवार, 6 जुलाई 2014

रुको!


   जीवन एक व्यस्त उद्यम है; लगता है कि हमेशा ही जितना हमारे पास समय है उससे अधिक करने के लिए कुछ और, जाने के लिए और स्थान, मिलने के लिए और लोग हमारी प्रतीक्षा कर रहे हैं। यद्यपि हम में से कोई भी कुछ निर्थक नहीं करना चाहता, लेकिन फिर भी जीवन की तेज़ रफतार हम से हमारी शान्ति छीनने को सदा ही तत्पर और तैयार दिखाई देती है।

   जब हम कार चला रहे होते हैं तब मार्ग में लगे रुकने या धीरे चलने के चिन्ह हमें स्मरण दिलाते रहते हैं कि हम सारे वक्त अपना पैर गाड़ी के एक्सलरेटर पर दबाए नहीं रख सकते, हमें आवश्यकता के अनुसार गति धीमी करनी होती है अथवा रुकना होता है। कुछ ऐसे ही चिन्ह हमें जीवन के हर पहलु के लिए भी लगा लेने आवश्यक हैं।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में भजनकार शान्त होकर बैठने के महत्व को भली भांति जानता था, और परमेश्वर ने स्वयं भी सृष्टि की रचना करने के पश्चात सातवें दिन में विश्राम किया (उत्पत्ति 2:2)। प्रभु यीशु ने भी भीड़ से अपने आप को अलग करके कुछ समय विश्राम किया, जबकि उनके ऊपर और भी अधिक प्रचार करने तथा और लोगों को चंगा करने के दबाव की कोई कमी नहीं थी (मत्ती 14:13; मरकुस 6:31)। प्रभु जानते थे कि अपने जीवन भर अपने आप को व्यस्त बनाकर थके हुए हो जाने से कोई लाभ नहीं है।

   वह आखिरी अवसर कब था जब आप भजनकार के समान सच्चे मन से कह सकते थे "निश्चय मैं ने अपने मन को शान्त और चुप कर दिया है..." (भजन 131:2)। अपने व्यस्त जीवन मार्ग में "रुको" का चिन्ह लगाएं और उसका पालन करें; कोई ऐसा स्थान ढूँढ़ें जहाँ आप एकान्त में हो सकें। जो बातें आपको परमेश्वर की आवाज़ सुनने से रोकती हैं उन से हट कर, उन से दूर होकर के परमेश्वर के वचन बाइबल के साथ समय बिताएं, उसमें होकर परमेश्वर की वाणी को सुनें। परमेश्वर को अवसर दें कि वह आपके मन और मस्तिष्क को तरोताज़ा करे, आपको अपनी सामर्थ से भरे, आपको एक नई स्फूर्ति प्रदान करे जिससे आप एक नया जीवन जो उसकी महिमा के लिए हो भलाई के साथ व्यतीत कर सकें। - जो स्टोवैल


जीवन की व्यस्तता से अवकाश लेकर अपने देह, प्राण, आत्मा को परमेश्वर के वचन द्वारा तरोताज़ा रखें।

प्रभु यहोवा, इस्राएल का पवित्र यों कहता है, लौट आने और शान्त रहने में तुम्हारा उद्धार है; शान्त रहते और भरोसा रखने में तुम्हारी वीरता है। परन्तु तुम ने ऐसा नहीं किया, - यशायाह 30:15

बाइबल पाठ: भजन 131:1-3
Psalms 131:1 हे यहोवा, न तो मेरा मन गर्व से और न मेरी दृष्टि घमण्ड से भरी है; और जो बातें बड़ी और मेरे लिये अधिक कठिन हैं, उन से मैं काम नहीं रखता। 
Psalms 131:2 निश्चय मैं ने अपने मन को शान्त और चुप कर दिया है, जैसे दूध छुड़ाया हुआ लड़का अपनी मां की गोद में रहता है, वैसे ही दूध छुड़ाए हुए लड़के के समान मेरा मन भी रहता है।
Psalms 131:3 हे इस्राएल, अब से ले कर सदा सर्वदा यहोवा ही पर आशा लगाए रह!

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 129-132


शनिवार, 5 जुलाई 2014

'विलियम'


   जब मैं और मेरा दल जैमाइका में एक विकलांग बच्चों की देखभाल करने वाले बाल-गृह में गए तो मुझे कदापि यह आशा नहीं थी कि वहाँ मुझे एक फुटबॉल खिलाड़ी मिलेगा। हमारी बस के रुकते ही मेरे साथ के लोग उस बाल-गृह में बच्चों से मिलने और उनके साथ खेलने, उनका मनोरंजन करने, उनसे प्रेम बाँटने के लिए अन्दर चले गए, लेकिन मुझे बाहर एक युवा व्यक्ति - विलियम मिल गया। मैं निश्चित नहीं जानता कि विलियम को क्या चिकित्सीय समस्या थी, लेकिन मुझे लगा कि उसे सेरिब्रल पाल्सी अर्थात मस्तिष्क के पूरी तरह ना विकसित हो पाने और शरीर के कुछ भागों को भली भांति नियंत्रित ना करने की समस्या थी।

   अपनी बस से उतरने से पहले मैंने एक फुटबॉल उठा ली थी, इसलिए मैंने धीरे से उसे विलियम की ओर उछाल दिया, किंतु विलियम उसे पकड़ नहीं पाया और गिरा दिया। लेकिन जब मैंने फुटबॉल को उठाकर उसके हाथ में रखा तो वह धीरे धीरे उसे घुमा कर अपनी इच्छानुसार स्थिति में लाया, फिर साथ के जंगले का सहारा लेकर अपना सन्तुलन स्थापित किया और तब फुटबॉल को एक स्थापित खिलाड़ी के समान बिलकुल सही रीति से दूर तक उछाल दिया। अगले 45 मिनिट तक मैं और विलियम खेलते रहे - वह गेंद उछालता था, मैं पकड़ता था और उसके पास ले आता था। यह सब करते हुए विलियम खूब हंसता रहा और मेरा दिल जीत लिया। उस दिन उसने मुझ पर उतना ही प्रभाव डाला जितना मैंने उसपर। विलियम ने मुझे सिखाया कि हमारी रचना चाहे जैसी हो किंतु मसीह यीशु की देह अर्थात उसकी मण्डली में हम सबकी बराबर आवश्यकता है, स्थान है (1 कुरिन्थियों 12:20-25)।

   अकसर लोग उन्हें नज़रन्दाज़ और अलग कर देते हैं जो उनसे भिन्न हैं। लेकिन इस संसार के ’विलियम’ ही हमें सिखाते हैं कि जब हम दूसरों को स्वीकार करके उनके साथ प्रेम का व्यवहार करते हैं तो यह आनन्दायक होता है, मसीह यीशु के प्रेम का प्रकटीकरण एवं प्रदर्शन होता है।

   क्या आज आपके आस-पास कोई ’विलियम’ है जिसे आपकी मित्रता की आवश्यकता है? - डेव ब्रैनन


जैसा परमेश्वर हमें देखना चाहता है वैसा बनने के लिए हमें एक दूसरे की आवश्यकता है।

विरोध या झूठी बड़ाई के लिये कुछ न करो पर दीनता से एक दूसरे को अपने से अच्छा समझो। हर एक अपनी ही हित की नहीं, वरन दूसरों की हित की भी चिन्‍ता करे। - फिलिप्पियों 2:3-4

बाइबल पाठ: 1 कुरिन्थियों 12:18-27
1 Corinthians 12:18 परन्तु सचमुच परमेश्वर ने अंगो को अपनी इच्छा के अनुसार एक एक कर के देह में रखा है। 
1 Corinthians 12:19 यदि वे सब एक ही अंग होते, तो देह कहां होती? 
1 Corinthians 12:20 परन्तु अब अंग तो बहुत से हैं, परन्तु देह एक ही है। 
1 Corinthians 12:21 आंख हाथ से नहीं कह सकती, कि मुझे तेरा प्रयोजन नहीं, और न सिर पांवों से कह सकता है, कि मुझे तुम्हारा प्रयोजन नहीं। 
1 Corinthians 12:22 परन्तु देह के वे अंग जो औरों से निर्बल देख पड़ते हैं, बहुत ही आवश्यक हैं। 
1 Corinthians 12:23 और देह के जिन अंगो को हम आदर के योग्य नहीं समझते हैं उन्‍ही को हम अधिक आदर देते हैं; और हमारे शोभाहीन अंग और भी बहुत शोभायमान हो जाते हैं। 
1 Corinthians 12:24 फिर भी हमारे शोभायमान अंगो को इस का प्रयोजन नहीं, परन्तु परमेश्वर ने देह को ऐसा बना दिया है, कि जिस अंग को घटी थी उसी को और भी बहुत आदर हो। 
1 Corinthians 12:25 ताकि देह में फूट न पड़े, परन्तु अंग एक दूसरे की बराबर चिन्‍ता करें। 
1 Corinthians 12:26 इसलिये यदि एक अंग दु:ख पाता है, तो सब अंग उसके साथ दु:ख पाते हैं; और यदि एक अंग की बड़ाई होती है, तो उसके साथ सब अंग आनन्द मनाते हैं। 
1 Corinthians 12:27 इसी प्रकार तुम सब मिल कर मसीह की देह हो, और अलग अलग उसके अंग हो।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 124-128


शुक्रवार, 4 जुलाई 2014

स्वतंत्रता


   आज अमेरिका का स्वतंत्रता दिवस है, और अपने चीनी मित्रों के कौशल और चतुराई के द्वारा हम अमेरीकी लोग इसे रंगीन आतिश्बाज़ी के व्यापक तथा विशाल प्रदर्शन के साथ मनाते हैं। प्रति वर्ष जब मैं अपने राष्ट्रीय गान के गाए जाने और आकाश में बारूद के धमाकों द्वारा आकर्षक रंगीन नमूनों के बनाए जाने को देखती हूँ तो मुझे स्मरण हो आता है कि साधारण्तया बारूद के बम इस आतिशबाज़ी के समान रंगीन एवं आकर्षक नहीं वरन घातक होते हैं, उनके परिणाम ऐसे आनन्दमय नहीं वरन दुखदायी होते हैं।

   यद्यपि आतिश्बाज़ी और घातक बम बनाने के लिए एक ही पदार्थ का प्रयोग होता है, एक उत्पाद का उद्देश्य मनोरंजन करना होता है तो दूसरे का घायल करना या जान लेना। यहाँ हम देखते हैं कि कैसे एक ही पदार्थ भले और बुरे दोनों ही कार्यों के लिए प्रयोग किया जा सकता है। योग्य, सावधानी रखने वाले तथा दूसरों की भलाई का ध्यान रखने वालों के हाथों में वही खतरनाक वस्तु आनन्दायक एवं मनोरंजक बन जाती है। लेकिन इसका विपरीत भी इतना ही सत्य है।

   कुछ यही बात स्वतंत्रता के साथ भी लागू होती है; स्वतंत्रता को भी भलाई और बुराई दोनों ही के लिए प्रयोग किया जा सकता है। हम मसीही विश्वासियों को मूसा में होकर मिली व्यवस्था के नियमों के पालन की अनिवार्यता से स्वतंत्रता तो है, लेकिन परमेश्वर का वचन बाइबल हमें सचेत भी करता है कि हम अपनी इस आत्मिक स्वतंत्रता का दुरुपयोग अपनी स्वार्थ सिद्धी के लिए नहीं करें: "हे भाइयों, तुम स्‍वतंत्र होने के लिये बुलाए गए हो परन्तु ऐसा न हो, कि यह स्‍वतंत्रता शारीरिक कामों के लिये अवसर बने, वरन प्रेम से एक दूसरे के दास बनो" (गलतियों 5:13)।

   संभव है कि हम सबके पास हम अमरीकीयों के समान राजनैतिक एवं धार्मिक स्वतंत्रता नहीं हो, लेकिन संसार के प्रत्येक मसीही विश्वासी के पास, वह चाहे जिस भी स्थान पर रह रहा हो, आत्मिक स्वतंत्रता अवश्य है। इस आत्मिक स्वतंत्रता का उपयोग हमें अपनी इच्छा या विचारों को दूसरों पर थोपने के लिए नहीं वरन परमेश्वर की इच्छा और विचारों को दूसरों तक पहुँचाने के लिए करना है जिससे सब मसीह यीशु में विश्वास द्वारा मिलने वाली स्वतंत्रता को जान सकें। - जूली ऐकैरमैन लिंक


स्वतंत्रता का अर्थ यह नहीं कि हम अपनी मनमानी करें; वरन यह कि हम परमेश्वर की इच्छा पूरी करें, उसे प्रसन्न करें।

और अपने आप को स्‍वतंत्र जानो पर अपनी इस स्‍वतंत्रता को बुराई के लिये आड़ न बनाओ, परन्तु अपने आप को परमेश्वर के दास समझ कर चलो। - 1 पतरस 2:16

बाइबल पाठ: गलतियों 5:1-14
Galatians 5:1 मसीह ने स्‍वतंत्रता के लिये हमें स्‍वतंत्र किया है; सो इसी में स्थिर रहो, और दासत्‍व के जूए में फिर से न जुतो।
Galatians 5:2 देखो, मैं पौलुस तुम से कहता हूं, कि यदि खतना कराओगे, तो मसीह से तुम्हें कुछ लाभ न होगा।
Galatians 5:3 फिर भी मैं हर एक खतना कराने वाले को जताए देता हूं, कि उसे सारी व्यवस्था माननी पड़ेगी। 
Galatians 5:4 तुम जो व्यवस्था के द्वारा धर्मी ठहरना चाहते हो, मसीह से अलग और अनुग्रह से गिर गए हो। 
Galatians 5:5 क्योंकि आत्मा के कारण, हम विश्वास से, आशा की हुई धामिर्कता की बाट जोहते हैं। 
Galatians 5:6 और मसीह यीशु में न खतना, न खतनारिहत कुछ काम का है, परन्तु केवल, जो प्रेम के द्वारा प्रभाव करता है। 
Galatians 5:7 तुम तो भली भांति दौड़ रहे थे, अब किस ने तुम्हें रोक दिया, कि सत्य को न मानो। 
Galatians 5:8 ऐसी सीख तुम्हारे बुलाने वाले की ओर से नहीं। 
Galatians 5:9 थोड़ा सा खमीर सारे गूंधे हुए आटे को खमीर कर डालता है। 
Galatians 5:10 मैं प्रभु पर तुम्हारे विषय में भरोसा रखता हूं, कि तुम्हारा कोई दूसरा विचार न होगा; परन्तु जो तुम्हें घबरा देता है, वह कोई क्यों न हो दण्‍ड पाएगा। 
Galatians 5:11 परन्तु हे भाइयो, यदि मैं अब तक खतना का प्रचार करता हूं, तो क्यों अब तक सताया जाता हूं; फिर तो क्रूस की ठोकर जाती रही। 
Galatians 5:12 भला होता, कि जो तुम्हें डांवाडोल करते हैं, वे काट डाले जाते! 
Galatians 5:13 हे भाइयों, तुम स्‍वतंत्र होने के लिये बुलाए गए हो परन्तु ऐसा न हो, कि यह स्‍वतंत्रता शारीरिक कामों के लिये अवसर बने, वरन प्रेम से एक दूसरे के दास बनो। 
Galatians 5:14 क्योंकि सारी व्यवस्था इस एक ही बात में पूरी हो जाती है, कि तू अपने पड़ोसी से अपने समान प्रेम रख।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 120-123


गुरुवार, 3 जुलाई 2014

प्रार्थना


   कुछ समय पहले की बात है, मेरे एक मित्र का ऑपरेशन होना था; अपनी कमर और एड़ी की दशा के कारण वह बहुत पीड़ा में था। मैंने उसे आश्वस्त किया कि मैं उसके इलाज और स्वस्थ होने के लिए प्रार्थना करूँगा। प्रार्थना तो मैंने करी, लेकिन साथ ही मुझे लगा कि उसके लिए अच्छा होगा यदि मैं उसे प्रोत्साहित करने के लिए कुछ लिखित में भी दे सकूँ; इसलिए मैंने जो प्रार्थना उसके लिए करी, वही उसे ई-मेल के द्वारा भी भेज दी। 

   मैंने लिखा:
   "आज मैंने तुम्हारे लिए यह प्रार्थना करी: जीवित परमेश्वर, हमारे जीवन की हर घटना पर आपके प्रभुत्व के लिए मैं आपका धन्यवादी हूँ। आपके प्रीय सेवक के लिए मैं प्रार्थना करता हूँ कि आप उसे गहरी शांति प्रदान करें। मैं उसका इलाज कर रहे चिकित्सकों के लिए भी प्रार्थना करता हूँ कि जब वे अपना चिकित्सीय कौशल उस पर उपयोग करें तो आप उन्हें सर्वोत्तम परिणाम प्रदान करें। होने दें कि आपका चंगाई देने वाला हाथ उसे स्पर्श करे, स्वस्थ करे और वह पुनः आपकी सेवकाई में लौट सके। प्रभु यीशु के नाम में, आमीन।"

   परमेश्वर के वचन बाइबल में हम पाते हैं कि प्रेरित पौलुस ने भी अन्य मसीही विश्वासियों को प्रोत्साहित करने के लिए अपनी पत्रियों में उन्हें उनके लिए करी गई अपनी प्रार्थनाएं लिखीं (फिलिप्पियों 1:9-11; कुलुस्सियों 1:9-12; 2 थिस्सुलुनीकियों 1:11-12)। पौलुस ने इफुसुस की मण्डली को लिखा: "[मैं] तुम्हारे लिये धन्यवाद करना नहीं छोड़ता, और अपनी प्रार्थनाओं में तुम्हें स्मरण किया करता हूं। कि हमारे प्रभु यीशु मसीह का परमेश्वर जो महिमा का पिता है, तुम्हें अपनी पहचान में, ज्ञान और प्रकाश का आत्मा दे" (इफिसियों 1:16-17)।

   क्या आपके ऐसे मित्र या परिवार जन हैं जिन्हें प्रोत्साहन तथा आपकी प्रार्थनाओं की आवश्यकता है? उन्हें यह बताने के साथ ही कि आप उनके लिए प्रार्थना कर रहे हैं, कुछ लिखित प्रार्थनाएं भी उन्हें भेज कर देखें। - डेनिस फिशर


दूसरों के लिए प्रार्थना करना मसीही विश्वासियों का सौभाग्य भी है तथा ज़िम्मेदारी भी।

परमेश्वर जिस की सेवा मैं अपनी आत्मा से उसके पुत्र के सुसमाचार के विषय में करता हूं, वही मेरा गवाह है; कि मैं तुम्हें किस प्रकार लगातार स्मरण करता रहता हूं। - रोमियों 1:9 

बाइबल पाठ: इफिसियों 1:15-23
Ephesians 1:15 इस कारण, मैं भी उस विश्वास का समाचार सुनकर जो तुम लोगों में प्रभु यीशु पर है और सब पवित्र लोगों पर प्रगट है। 
Ephesians 1:16 तुम्हारे लिये धन्यवाद करना नहीं छोड़ता, और अपनी प्रार्थनाओं में तुम्हें स्मरण किया करता हूं। 
Ephesians 1:17 कि हमारे प्रभु यीशु मसीह का परमेश्वर जो महिमा का पिता है, तुम्हें अपनी पहचान में, ज्ञान और प्रकाश का आत्मा दे। 
Ephesians 1:18 और तुम्हारे मन की आंखें ज्योतिर्मय हों कि तुम जान लो कि उसके बुलाने से कैसी आशा होती है, और पवित्र लोगों में उस की मीरास की महिमा का धन कैसा है। 
Ephesians 1:19 और उस की सामर्थ हमारी ओर जो विश्वास करते हैं, कितनी महान है, उस की शक्ति के प्रभाव के उस कार्य के अनुसार। 
Ephesians 1:20 जो उसने मसीह के विषय में किया, कि उसको मरे हुओं में से जिलाकर स्‍वर्गीय स्थानों में अपनी दाहिनी ओर। 
Ephesians 1:21 सब प्रकार की प्रधानता, और अधिकार, और सामर्थ, और प्रभुता के, और हर एक नाम के ऊपर, जो न केवल इस लोक में, पर आने वाले लोक में भी लिया जाएगा, बैठाया। 
Ephesians 1:22 और सब कुछ उसके पांवों तले कर दिया: और उसे सब वस्‍तुओं पर शिरोमणि ठहराकर कलीसिया को दे दिया। 
Ephesians 1:23 यह उसकी देह है, और उसी की परिपूर्णता है, जो सब में सब कुछ पूर्ण करता है।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 119


बुधवार, 2 जुलाई 2014

नया दिन


   हाल ही में एक प्रातः कालीन सभा में, सभा के संचालक ने इस प्रार्थना के साथ सभा का आरंभ किया: "प्रभु आज के लिए हम आपका धन्यवाद करते हैं। यह एक नए दिन का आरंभ है जो हमने पहले कभी नहीं देखा है।" हालाँकि यह बात बिलकुल प्रकट है, फिर भी इस प्रार्थना ने मेरे मन में कुछ विचार जगाए:

   पहली बात, क्योंकि प्रत्येक दिन एक नया अवसर है, वह ऐसी बातों से भरा होगा जिनके बारे में हम ना तो जानते हैं और ना ही जिनके लिए कोई तैयारी कर के रख सकते हैं। इसलिए यह अनिवार्य है कि हम अपनी सीमाओं को पहचानें और दिन का योग्य रीति से उपयोग करने के लिए स्वेच्छापूर्वक परमेश्वर पर ही पूर्णतया निर्भर रहें, उस दिन को अपनी इच्छाओं या योग्यताओं पर नहीं वरन परमेश्वर के अनुग्रह और सामर्थ पर भरोसा रखते हुए व्यतीत करें।

   दूसरी बात जो मेरे ध्यान में आई, हर एक नया दिन हमें प्रदान किया गया एक अनमोल उपहार है जिसके लिए हमें आनन्दित रहना चाहिए। संभवतः इसी विचार के अन्तर्गत भजनकार ने लिखा: "आज वह दिन है जो यहोवा ने बनाया है; हम इस में मगन और आनन्दित हों" (भजन 118:24)।

   अवश्य है कि हम हर दिन में अनेक अनजानी बातों का सामना करते हैं, जिनमें कई बहुत कठिन भी हो सकती हैं। लेकिन हर नए दिन का खज़ाना इतना बहुमूल्य है कि मूसा ने इस विषय पर लिखा: "हम को अपने दिन गिनने की समझ दे कि हम बुद्धिमान हो जाएं" (भजन 90:12)।

   क्योंकि हर नया दिन हमें परमेश्वर की ओर से मिला अनमोल उपहार है; इसलिए हम प्रत्येक दिन को धन्यवादी होकर स्वीकार करें, नम्रता के साथ परमेश्वर पर भरोसा रखते हुए उसका उपयोग करें तथा उससे आनन्दित हों। - बिल क्राउडर


हर नया दिन हमें परमेश्वर का धन्यवाद करने के अवसर प्रदान करता है।

फिर उसने उन से कहा, कि जा कर चिकना चिकना भोजन करो और मीठा मीठा रस पियो, और जिनके लिये कुछ तैयार नहीं हुआ उनके पास बैना भेजो; क्योंकि आज का दिन हमारे प्रभु के लिये पवित्र है; और उदास मत रहो, क्योंकि यहोवा का आनन्द तुम्हारा दृढ़ गढ़ है। - नहेम्याह 8:10

बाइबल पाठ: भजन 118:19-29
Psalms 118:19 मेरे लिये धर्म के द्वार खोलो, मैं उन से प्रवेश कर के याह का धन्यवाद करूंगा।
Psalms 118:20 यहोवा का द्वार यही है, इस से धर्मी प्रवेश करने पाएंगे।
Psalms 118:21 हे यहोवा मैं तेरा धन्यवाद करूंगा, क्योंकि तू ने मेरी सुन ली है और मेरा उद्धार ठहर गया है। 
Psalms 118:22 राजमिस्त्रियों ने जिस पत्थर को निकम्मा ठहराया था वही कोने का सिरा हो गया है। 
Psalms 118:23 यह तो यहोवा की ओर से हुआ है, यह हमारी दृष्टि में अद्भुत है। 
Psalms 118:24 आज वह दिन है जो यहोवा ने बनाया है; हम इस में मगन और आनन्दित हों। 
Psalms 118:25 हे यहोवा, बिनती सुन, उद्धार कर! हे यहोवा, बिनती सुन, सफलता दे! 
Psalms 118:26 धन्य है वह जो यहोवा के नाम से आता है! हम ने तुम को यहोवा के घर से आशीर्वाद दिया है। 
Psalms 118:27 यहोवा ईश्वर है, और उसने हम को प्रकाश दिया है। यज्ञपशु को वेदी के सींगों से रस्सियों बान्धो! 
Psalms 118:28 हे यहोवा, तू मेरा ईश्वर है, मैं तेरा धन्यवाद करूंगा; तू मेरा परमेश्वर है, मैं तुझ को सराहूंगा।
Psalms 118:29 यहोवा का धन्यवाद करो, क्योंकि वह भला है; और उसकी करूणा सदा बनी रहेगी!

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 115-118


मंगलवार, 1 जुलाई 2014

भेंट


   मेरे पूर्व पास्टर, एड डॉबसन, अकसर कहा करते थे कि उन्हें चर्च में धन दान करने के विषय में प्रचार करना पसन्द नहीं है। उनकी पिछली नौकरी सेवा कार्यों के लिए धन एकत्रित करने की थी इसलिए उन्हें अब किसी पर दबाव डालकर उनसे भेंट निकलवाना अच्छा नहीं लगता था। लेकिन जब वे परमेश्वर के वचन बाइबल से शिक्षा देते हुए प्रेरित पौलुस द्वारा कुरिन्थुस की मण्डली को लिखी दूसरी पत्री के 8 और 9 अध्याय पर पहुँचे तो वे सेवा कार्यों के लिए धन भेंट देने के विषय पर प्रवचन देने से और बच नहीं सके।

   तब जो प्रवचन उन्होंने दिया उस में जो उदाहरण उन्होंने प्रस्तुत किया मैं उसे कभी भूल नहीं पाई हूँ; उन्होंने वह थाली जिसमें चर्च के लोग भेंट डालते थे फर्श पर रखी और स्वयं उस थाली में खड़े हो गए और चर्च के लोगों को सर्वप्रथम अपने आप को परमेश्वर को अर्पित करने तत्पश्चात अपने धन में से परमेश्वर के लिए भेंट देने के महत्व को समझाया।

   2 कुरिन्थियों के वे दोनों अध्याय हमारे समक्ष कई आचरण और कार्य रखते हैं जिन्हें परमेश्वर के कार्यों के लिए भेंट अर्पित करते समय हम मसीही विश्वासियों के जीवन में विद्यमान होना चाहिए:
  • सर्वप्रथम अपने आप को परमेश्वर को अर्पित करें (8:5)
  • प्रभु यीशु के उदाहरण को स्मरण रखते हुए भेंट दें (8:9)
  • अपनी आय और साधनों के अनुसार भेंट दें (8:11-12)
  • परमेश्वर के निस्वार्थ प्रेम के प्रमाण को ध्यान रखते हुए उत्साहपूर्वक भेंट दें (9:2)
  • किसी बाहरी दबाव में आकर अथवा अनिच्छापूर्वक कुड़कुड़ाते हुए नहीं वरन उदारता से भेंट दें (9:5-7)

   अगली बार जब परमेश्वर के कार्य के लिए या चर्च में भेंट अर्पित करने का अवसर आए, तो कलपना करें कि आप स्वयं वहाँ परमेश्वर को अर्पित भेंट के रूप में खड़े हैं; इससे आपको परमेश्वर के लिए भेंट अर्पित करने के अनुग्रह में बढ़ने में प्रोत्साहन मिलेगा। - ऐनी सेटास


जब हम अपने आप को संपूर्ण रूप से परमेश्वर को अर्पित कर देते हैं, फिर उसके बाद अन्य सभी भेंट अर्पण करने सरल हो जाते हैं।

परन्तु बात तो यह है, कि जो थोड़ा बोता है वह थोड़ा काटेगा भी; और जो बहुत बोता है, वह बहुत काटेगा। हर एक जन जैसा मन में ठाने वैसा ही दान करे न कुढ़ कुढ़ के, और न दबाव से, क्योंकि परमेश्वर हर्ष से देने वाले से प्रेम रखता है। - 2 कुरिन्थियों 9:6-7

बाइबल पाठ: 2 कुरिन्थियों 8:1-9
2 Corinthians 8:1 अब हे भाइयों, हम तुम्हें परमेश्वर के उस अनुग्रह का समाचार देते हैं, जो मकिदुनिया की कलीसियाओं पर हुआ है। 
2 Corinthians 8:2 कि क्‍लेश की बड़ी परीक्षा में उन के बड़े आनन्द और भारी कंगालपन के बढ़ जाने से उन की उदारता बहुत बढ़ गई। 
2 Corinthians 8:3 और उनके विषय में मेरी यह गवाही है, कि उन्होंने अपनी सामर्थ भर वरन सामर्थ से भी बाहर मन से दिया। 
2 Corinthians 8:4 और इस दान में और पवित्र लोगों की सेवा में भागी होने के अनुग्रह के विषय में हम से बार बार बहुत बिनती की। 
2 Corinthians 8:5 और जैसी हम ने आशा की थी, वैसी ही नहीं, वरन उन्होंने प्रभु को, फिर परमेश्वर की इच्छा से हम को भी अपने तईं दे दिया। 
2 Corinthians 8:6 इसलिये हम ने तितुस को समझाया, कि जैसा उसने पहिले आरम्भ किया था, वैसा ही तुम्हारे बीच में इस दान के काम को पूरा भी कर ले। 
2 Corinthians 8:7 सो जैसे हर बात में अर्थात विश्वास, वचन, ज्ञान और सब प्रकार के यत्‍न में, और उस प्रेम में, जो हम से रखते हो, बढ़ते जाते हो, वैसे ही इस दान के काम में भी बढ़ते जाओ। 
2 Corinthians 8:8 मैं आज्ञा की रीति पर तो नहीं, परन्तु औरों के उत्‍साह से तुम्हारे प्रेम की सच्चाई को परखने के लिये कहता हूं। 
2 Corinthians 8:9 तुम हमारे प्रभु यीशु मसीह का अनुग्रह जानते हो, कि वह धनी हो कर भी तुम्हारे लिये कंगाल बन गया ताकि उसके कंगाल हो जाने से तुम धनी हो जाओ।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 112-114