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बुधवार, 10 सितंबर 2014

मार्गदर्शन


   कुछ समय पहले की बात है कि मेरी पत्नि की कार को मरम्मत के लिए खींच कर ले जाया जाना था। मैंने गाड़ी खींच कर ले जाने वाले वाहनों की कंपनी को फोन किया और उन्हें अपने घर तक पहुँचने के दिशा निर्देश भी दिए; साथ ही मैंने उन्हें यह भी समझाया कि जो चालक खींचने वाली गाड़ी को लेकर आए वो अपने वाहन में लगे जी.पी.एस. सिस्टम के निर्देश पर निर्भर ना हो क्योंकि जिस गली में हमारा घर था, उस गली के नाम के समान ही नाम वाली एक अन्य गली हमारे घर की गली के निकट ही थी, और इसके कारण लोग अकसर भटक जाते थे। मेरे फोन को सुनने वाले व्यक्ति ने मुझे आश्वस्त किया कि वह यह बात खींचने वाली गाड़ी के चालक को समझा देगा।

   मैं अपने घर के सामने खड़ा उस खींचने वाली गाड़ी की प्रतीक्षा कर रहा था और विचार कर रहा था कि उसे आने में इतनी देर क्यों हो रही है, कि मेरे फोन की घंटी बजने लगी। फोन करने वाला खींचने वाली गाड़ी का चालक ही था और कह रहा था कि वह अपने जी.पी.एस. के सहारे दिए गए पते पर पहुँचने का प्रयास कर रहा है किंतु पहुँच नहीं पा रहा है! अब मैंने फिर से उस चालक को घर तक पहुँचने के दिशा निर्देश दिए और समझाया कि अपने जी.पी.एस. पर निर्भर ना रहे, वरन मेरे मार्गदर्शन का पालन करे; और थोड़े ही समय में वह वाहन मेरे घर के सामने था।

   हम मसीही विश्वासियों का भी यह दायित्व है कि हम सभी लोगों का मसीह यीशु में होकर स्वर्ग पहुँचने के बारे में सही मार्गदर्शन करें (यूहन्ना 3:16; 1 कुरिन्थियों 15:1-5)। हमें लोगों को यह समझाना है कि अपनी ही धार्मिक धारणाओं, भले कार्य करने, अच्छा बनने आदि पर निर्भर होने के द्वारा वे परमेश्वर के राज्य में प्रवेश नहीं कर सकते। यह समझाते समय हमें उनकी धारणाओं के प्रति संवेदनशील भी होना है, किंतु साथ ही प्रभु यीशु मसीह के संसार के पापों के लिए दिए गए बलिदान, उसके मारे जाने, गाड़े जाने और तीसरे दिन मृत्कों में से पुनः जी उठने के सत्य को उनके सामने भली भाँति प्रस्तुत भी करना है जिससे वे भी उद्धार तथा अनन्त जीवन के मार्ग का मार्गदर्शन पा सकें। - डेनिस फिशर


उद्धार तथा स्वर्ग प्रभु यीशु में विश्वास द्वारा है, कर्मों द्वारा नहीं।

यीशु ने उस से कहा, मार्ग और सच्चाई और जीवन मैं ही हूं; बिना मेरे द्वारा कोई पिता के पास नहीं पहुंच सकता। - यूहन्ना 14:6

बाइबल पाठ: मत्ती 28:16-20
Matthew 28:16 और ग्यारह चेले गलील में उस पहाड़ पर गए, जिसे यीशु ने उन्हें बताया था। 
Matthew 28:17 और उन्होंने उसके दर्शन पाकर उसे प्रणाम किया, पर किसी किसी को सन्‍देह हुआ। 
Matthew 28:18 यीशु ने उन के पास आकर कहा, कि स्वर्ग और पृथ्वी का सारा अधिकार मुझे दिया गया है। 
Matthew 28:19 इसलिये तुम जा कर सब जातियों के लोगों को चेला बनाओ और उन्हें पिता और पुत्र और पवित्रआत्मा के नाम से बपतिस्मा दो। 
Matthew 28:20 और उन्हें सब बातें जो मैं ने तुम्हें आज्ञा दी है, मानना सिखाओ: और देखो, मैं जगत के अन्‍त तक सदैव तुम्हारे संग हूं।

एक साल में बाइबल: 
  • यहेजकेल 22-24


मंगलवार, 9 सितंबर 2014

मुखावरण


   हमारे घर के निकट ही एक फार्म है जहाँ बहुत से घोड़े हैं। कुछ विशेष ऋतुओं में उन घोड़ों की आँखों पर एक मुखावरण पहना दिया जाता है। बहुत समय तक मुझे उन घोड़ों के लिए बुरा लगता था, कि उन्हें देखने से वंचित कर दिया जाता है। लेकिन फिर मुझे पता चला कि उस मुखावरण के बारे में मेरी वह धारणा गलत थी। वे मुखावरण जाली के बने होते हैं जिन में से घोड़ों को दिखाई देता रहता है, लेकिन वे घोड़ों की आँखों को मक्खियों से बचाने के लिए पहनाए जाते हैं जिससे उन्हें नेत्र रोग ना होने पाएं और वे घोड़े अन्धे होने से बचे रह सकें!

   जैसी धारणा मैंने घोड़ों के मुखावरण के बारे में बना ली थी कुछ वैसी ही धारणा अनेक गैर-मसीही परमेश्वर के वचन बाइबल के बारे में बनाए रखते हैं। उन्हें लगता है कि बाइबल परमेश्वर द्वारा मसीही विश्वासियों की आँखों को बन्द कर देने का एक माध्यम है जिससे वे संसार में मिलने वाले अनेकों प्रकार के सुख को देखने ना पाएं। वे मसीही विश्वासियों के लिए यह सोच कर अफसोस करते हैं कि मसीही विश्वासियों का परमेश्वर उन्हें जीवन का आनन्द लेने से वंचित करता है। जैसे मैं घोड़ों के मुखावरण के सत्य से अनजान थी वैसे ही वे लोग भी बाइबल के सत्य से अनभिज्ञ हैं।

   बाइबल की शिक्षाएं हम मसीही विश्वासियों को संसार और साँसारिकता के आनन्दों के प्रति अन्धा नहीं करतीं, वरन वे संसार की झूठी बातों से हमारी रक्षा करती हैं जिस से हम आत्मिक रीति से अन्धे ना हो जाएं। बाइबल हमें संसार और साँसारिकता को सही परिपेक्ष में दिखाती है, हमारे दायित्व और हमारे अन्त के बारे में हमें बताती है, जीवन का सही मार्ग हमें सिखाती है। बाइबल हमें जीवन का आनन्द लेने से वंचित नहीं करती, वरन वह हमें जीवन का सही आनन्द लेने का मार्गदर्शन करती है, जिससे हम इस जीवन में भी और आने वाले जीवन में भी सर्वदा आनन्दित तथा सुखी रह सकें।

   बाइबल हमारे लिए सत्य देखने में बाधा नहीं बनती, वरन झूठ पर विश्वास करने से बचाती है। - जूली ऐकैरमैन लिंक


जब हम परमेश्वर के वचन बाइबल में होकर संसार को देखते हैं तब हम दोनों की सच्चाई को देखने तथा जानने पाते हैं।

क्योंकि जो कुछ संसार में है, अर्थात शरीर की अभिलाषा, और आंखों की अभिलाषा और जीविका का घमण्‍ड, वह पिता की ओर से नहीं, परन्तु संसार ही की ओर से है। - 1यूहन्ना 2:16 

बाइबल पाठ: भजन 119:33-40
Psalms 119:33 हे यहोवा, मुझे अपनी विधियों का मार्ग दिखा दे; तब मैं उसे अन्त तक पकड़े रहूंगा। 
Psalms 119:34 मुझे समझ दे, तब मैं तेरी व्यवस्था को पकड़े रहूंगा और पूर्ण मन से उस पर चलूंगा। 
Psalms 119:35 अपनी आज्ञाओं के पथ में मुझ को चला, क्योंकि मैं उसी से प्रसन्न हूं। 
Psalms 119:36 मेरे मन को लोभ की ओर नहीं, अपनी चितौनियों ही की ओर फेर दे। 
Psalms 119:37 मेरी आंखों को व्यर्थ वस्तुओं की ओर से फेर दे; तू अपने मार्ग में मुझे जिला। 
Psalms 119:38 तेरा वचन जो तेरे भय मानने वालों के लिये है, उसको अपने दास के निमित्त भी पूरा कर। 
Psalms 119:39 जिस नामधराई से मैं डरता हूं, उसे दूर कर; क्योंकि तेरे नियम उत्तम हैं। 
Psalms 119:40 देख, मैं तेरे उपदेशों का अभिलाषी हूं; अपने धर्म के कारण मुझ को जिला।

एक साल में बाइबल: 
  • यहेजकेल 19-21


सोमवार, 8 सितंबर 2014

हृदय की प्रार्थना


   उस दिन मैलकॉम द्वार करी गई वह प्रार्थना मुझे बहुत अच्छी लगी। अन्य 100 बच्चों के सामने खड़े होकर 7 वर्षीय मैलकॉम ने प्रार्थना करी, "प्रभु यीशु, आपका बहुत धन्यवाद कि हमें फुटबॉल खेलने और चर्च जाने का अवसर मिलता है; और इसके लिए भी धन्यवाद कि आप हमें यहाँ सुरक्षित लाए और आपने हमारे पाप क्षमा किए तथा हमें अनन्त जीवन दिया है। हे प्रभु, हम आपसे बहुत प्रेम करते हैं; कृप्या आप कभी यह नहीं भूलना कि हम आपसे कितना प्रेम करते हैं"।

   उस बच्चे का बड़ी मासूमियत और खराई से अपने हृदय को परमेश्वर के सामने खोलना सुनकर मेरी आँखें नम हो गईं। व्यसक होने के कारण हम अपनी प्रार्थनाओं को परमेश्वर के सामने कुछ विशेष शब्दों के प्रयोग द्वारा ’चमकाने’ का प्रयास करते हैं; यह सोच कर कि इस प्रकार वे परमेश्वर को अधिक अच्छी लगेंगी, या फिर इसलिए कि वे हमारे आस-पास के लोगों को सुनने में अच्छी लगें। लेकिन सच तो यह है कि परमेश्वर शब्दों की नहीं हृदय से निकलने वाले खरी बातों तथा भावनाओं की, जैसे मैलकॉम की वह प्रार्थना, कद्र करता है।

   परमेश्वर के वचन बाइबल के एक पात्र नहेम्याह ने जब सुना कि उसकी जन्मभूमि यरुशालेम की शहरपनाह टूटी पड़ी है और वहाँ लोग बड़ी दुर्दशा में हैं, तो उसका हृदय उनके लिए चिंतित हुआ (नहेम्याह 1:3)। उस स्थान और वहाँ के लोगों के लिए कुछ करने के लिए उसने परमेश्वर से प्रार्थना करी। उसने परमेश्वर की आराधना करी (पद 5), उससे पापों के लिए क्षमा माँगी (पद 6), उसकी वाचाओं को स्मरण कराया (पद 9) तथा राजा से भी दया याचना करी (पद 11)। परमेश्वर ने नहेम्याह की प्रार्थना सुनी, उसका उत्तर दिया, उसे आवश्यक संसाधन उपल्बध करवाए और परमेश्वर की सुरक्षा एवं सहायता से नहेम्याह यरुशालेम का पुनर्निमाण करने पाया।

   आज आपके मन में क्या है? परमेश्वर के प्रति धन्यवाद या जीवन के बोझ? जो भी है, अपने हृदय को परमेश्वर के आगे खोल दीजिए। वह आपके हृदय की प्रार्थना को सुनना चाहता है। - ऐनी सेटास


सर्वोच्च कोटि की प्रार्थना एक नम्र हृदय की गहरईयों से निकल कर आती है।

तब मैं अपना मुख परमेश्वर की ओर कर के गिड़गिड़ाहट के साथ प्रार्थना करने लगा, और उपवास कर, टाट पहिन, राख में बैठ कर वरदान मांगने लगा। - दानिय्येल 9:3 

बाइबल पाठ: नहेम्याह 1:1-11
Nehemiah 1:1 हकल्याह के पुत्र नहेम्याह के वचन। बीसवें वर्ष के किसलवे नाम महीने में, जब मैं शूशन नाम राजगढ़ में रहता था, 
Nehemiah 1:2 तब हनानी नाम मेरा एक भाई और यहूदा से आए हुए कई एक पुरुष आए; तब मैं ने उन से उन बचे हुए यहूदियों के विषय जो बन्धुआई से छूट गए थे, और यरूशलेम के विष्य में पूछा। 
Nehemiah 1:3 उन्होंने मुझ से कहा, जो बचे हुए लोग बन्धुआई से छूटकर उस प्रान्त में रहते हैं, वे बड़ी दुर्दशा में पड़े हैं, और उनकी निन्दा होती है; क्योंकि यरूशलेम की शहरपनाह टूटी हुई, और उसके फाटक जले हुए हैं। 
Nehemiah 1:4 ये बातें सुनते ही मैं बैठकर रोने लगा और कितने दिन तक विलाप करता; और स्वर्ग के परमेश्वर के सम्मुख उपवास करता और यह कह कर प्रार्थना करता रहा। 
Nehemiah 1:5 हे स्वर्ग के परमेश्वर यहोवा, हे महान और भययोग्य ईश्वर! तू जो अपने प्रेम रखने वाले और आज्ञा मानने वाले के विष्य अपनी वाचा पालता और उन पर करुणा करता है; 
Nehemiah 1:6 तू कान लगाए और आंखें खोले रह, कि जो प्रार्थना मैं तेरा दास इस समय तेरे दास इस्राएलियों के लिये दिन रात करता रहता हूँ, उसे तू सुन ले। मैं इस्राएलियों के पापों को जो हम लोगों ने तेरे विरुद्ध किए हैं, मान लेता हूँ। मैं और मेरे पिता के घराने दोनों ने पाप किया है। 
Nehemiah 1:7 हम ने तेरे साम्हने बहुत बुराई की है, और जो आज्ञाएं, विधियां और नियम तू ने अपने दास मूसा को दिए थे, उन को हम ने नहीं माना। 
Nehemiah 1:8 उस वचन की सुधि ले, जो तू ने अपने दास मूसा से कहा था, कि यदि तुम लोग विश्वासघात करो, तो मैं तुम को देश देश के लोगों में तितर बितर करूंगा। 
Nehemiah 1:9 परन्तु यदि तुम मेरी ओर फिरो, और मेरी आज्ञाएं मानो, और उन पर चलो, तो चाहे तुम में से निकाले हुए लोग आकाश की छोर में भी हों, तौभी मैं उन को वहां से इकट्ठा कर के उस स्थान में पहुंचाऊंगा, जिसे मैं ने अपने नाम के निवास के लिये चुन लिया है। 
Nehemiah 1:10 अब वे तेरे दास और तेरी प्रजा के लोग हैं जिन को तू ने अपनी बड़ी सामर्थ और बलवन्त हाथ के द्वारा छुड़ा लिया है। 
Nehemiah 1:11 हे प्रभु बिनती यह है, कि तू अपने दास की प्रार्थना पर, और अपने उन दासों की प्रार्थना पर, जो तेरे नाम का भय मानना चाहते हैं, कान लगा, और आज अपने दास का काम सफल कर, और उस पुरुष को उस पर दयालु कर। (मैं तो राजा का पियाऊ था।)

एक साल में बाइबल: 
  • यहेजकेल 15-18


रविवार, 7 सितंबर 2014

महिमा


   बहुत वर्ष पहले की बात है, मैं और मेरे बेटे, अपने आँगन में पीठ के बल लेटे हुए ऊपर उड़ रहे बादलों को, उनके द्वार बन रहे विभिन्न आकारों को, देख रहे थे। मेरे एक बेटे ने पूछा, "पापा, बादल ऐसे उड़ते कैसे रहते हैं?" मैंने अपने ज्ञान बघारने के लहज़े में बोलना आरंभ किया, "देखो बेटा" और फिर मैं चुप हो गया। कुछ पल की खामोशी के पश्चात मैंने स्वीकार किया कि "इसका उत्तर मुझे पता नहीं है, लेकिन मैं पता कर के तुम्हें अवश्य बताऊँगा"। मैंने उत्तर को खोजा और पाया कि वायुमण्डल की नमी ऊपर की ठंड से द्रवित होकर गुरुत्वाकर्षण द्वारा नीचे धरती की ओर आने लगती है, और नीचे धरती से गरम होकर हवा ऊपर की ओर उठती है। उस गर्म हवा के द्वारा वह नमी फिर से भाप बनकर ऊपर उठ जाती है, इसी कारण बादल हवा में उड़ते रहते हैं।

   यह इस तथ्य का वैज्ञानिक स्पष्टिकरण है। लेकिन यह वैज्ञानिक स्पष्टिकरण ही संपूर्ण उत्तर हो ऐसा आवश्यक नहीं। इस वैज्ञानिक स्पष्टिकरण को आधार देने वाली एक और बुनियादी बात भी है - परमेश्वर ने अपनी बुद्धिमानी और विद्वता में सृष्टि के संचालन के लिए ऐसे नियम बनाए हैं जो उसके सर्वज्ञानी होने और सिद्ध ज्ञान रखने को प्रकट करते हैं। बादल और उनका हवा में उड़ते रहना हमारे लिए एक चिन्ह एवं प्रमाण है सृष्टि में होकर दिखाई देने वाली परमेश्वर की भलाई, अनुग्रह, सामर्थ और बुद्धिमता का।

   इसलिए यह स्मरण रखिए कि जिसने बादलों को बनाया, उनके कार्य को निर्धारित किया और जो सृष्टि की हर बात का रचने तथा संचालित करने वाला है, उसकी सच्चाई को पहिचानना तथा उसके सच्चे स्वरूप में उसकी आराधना एवं महिमा करना हम सभी का कर्तव्य है। उसने अपने आप को गुप्त, या केवल कुछ ही लोगों के विशेष प्रयासों द्वारा खोजे सकने वाला नहीं रखा है, वरन अपनी सृष्टि में अपने गुण और कार्य प्रकट किए हैं (रोमियों 1:20); "आकाश ईश्वर की महिमा वर्णन कर रहा है; और आकशमण्डल उसकी हस्तकला को प्रगट कर रहा है" (भजन 19:1)। -डेविड रोपर


सृष्टि, सृष्टिकर्ता की ओर संकेत करने वाले चिन्हों से भरी पड़ी है।

क्योंकि उसके अनदेखे गुण, अर्थात उस की सनातन सामर्थ, और परमेश्वरत्व जगत की सृष्टि के समय से उसके कामों के द्वारा देखने में आते है, यहां तक कि वे निरुत्तर हैं। - रोमियों 1:20  

बाइबल पाठ: अय्युब 37:1-16
Job 37:1 फिर इस बात पर भी मेरा हृदय कांपता है, और अपने स्थान से उछल पड़ता है। 
Job 37:2 उसके बोलने का शब्द तो सुनो, और उस शब्द को जो उसके मुंह से निकलता है सुनो। 
Job 37:3 वह उसको सारे आकाश के तले, और अपनी बिजली को पृथ्वी की छोर तक भेजता है। 
Job 37:4 उसके पीछे गरजने का शब्द होता है; वह अपने प्रतापी शब्द से गरजता है, और जब उसका शब्द सुनाईं देता है तब बिजली लगातार चमकने लगती है। 
Job 37:5 ईश्वर गरज कर अपना शब्द अद्भूत रीति से सुनाता है, और बड़े बड़े काम करता है जिन को हम नहीं समझते। 
Job 37:6 वह तो हिम से कहता है, पृथ्वी पर गिर, और इसी प्रकार मेंह को भी और मूसलाधार वर्षा को भी ऐसी ही आज्ञा देता है। 
Job 37:7 वह सब मनुष्यों के हाथ पर मुहर कर देता है, जिस से उसके बनाए हुए सब मनुष्य उसको पहचानें। 
Job 37:8 तब वन पशु गुफाओं में घुस जाते, और अपनी अपनी मांदों में रहते हैं। 
Job 37:9 दक्खिन दिशा से बवण्डर और उतरहिया से जाड़ा आता है। 
Job 37:10 ईश्वर की श्वास की फूंक से बरफ पड़ता है, तब जलाशयों का पाट जम जाता है। 
Job 37:11 फिर वह घटाओं को भाफ़ से लादता, और अपनी बिजली से भरे हुए उजियाले का बादल दूर तक फैलाता है। 
Job 37:12 वे उसकी बुद्धि की युक्ति से इधर उधर फिराए जाते हैं, इसलिये कि जो आज्ञा वह उन को दे, उसी को वे बसाई हुई पृथ्वी के ऊपर पूरी करें। 
Job 37:13 चाहे ताड़ना देने के लिये, चाहे अपनी पृथ्वी की भलाई के लिये वा मनुष्यों पर करुणा करने के लिये वह उसे भेजे। 
Job 37:14 हे अय्यूब! इस पर कान लगा और सुन ले; चुपचाप खड़ा रह, और ईश्वर के आश्चर्यकर्मों का विचार कर। 
Job 37:15 क्या तू जानता है, कि ईश्वर क्योंकर अपने बादलों को आज्ञा देता, और अपने बादल की बिजली को चमकाता है? 
Job 37:16 क्या तू घटाओं का तौलना, वा सर्वज्ञानी के आश्चर्यकर्म जानता है?

एक साल में बाइबल: 
  • यहेजकेल 12-14


शनिवार, 6 सितंबर 2014

सुनें


   मुझे नहीं पता कि ऐसा सभी विवाह संबंधों में यह सत्य है या नहीं, लेकिन ना जाने क्यों, मेरी प्रवृति है कि मैं अकसर अपने आस-पास की बातों से ध्यान हटाकर केवल अपने ही विचारों पर अपना ध्यान केंद्रित कर लेता हूँ। यह मेरी पत्नि के लिए बहुत खिसिया देने वाला हो जाता है, विशेषकर तब जब वह मुझ से कोई आवश्यक बात कह रही होती है, और मैं अपने आप में ध्यान-मग्न हो जाता हूँ। जब उसे मेरी आँखों में वह खोई हुई से दशा दिखाई देती है, तो वह पूछती है, "जो मैं कह रही हूँ, तुमने उसमें से कुछ सुना भी है?"

   किसी भी संबंध का एक महत्वपूर्ण भाग है सुनना, विशेषकर प्रभु यीशु के साथ हमारे संबंधों में। यदि हम मसीह यीशु के हैं तो यह हमारा सौभाग्य है कि हम उससे बात-चीत बनाए रख सकते हैं, उसके वचन बाइबल तथा हमारे जीवनों में पवित्र आत्मा के कार्यों के द्वारा। प्रभु यीशु ने अपने आप को यूहन्ना 10 में "सच्चा चरवाहा" बताया और कहा कि उसकी भेड़ें उसकी आवाज़ सुनती हैं और उसे पहिचानती हैं। हम यह पहिचान सकते हैं कि हम अपने सच्चे चरवाहे और मार्गदर्शक प्रभु यीशु के प्रति ध्यान दे रहे हैं, जब उसके साथ हो रही हमारी बात-चीत हमारे अन्दर सदाचारिता, प्रेम, अनुग्रह तथा उसके चरित्र और गुणों के अनुरूप चरित्र तथा गुण उत्पन्न करती है और उन्हें बढ़ाती है। जो प्रभु यीशु पर अपना ध्यान लगाए रहते हैं, वे उसकी सुनते और मानते हैं, तथा उसकी समानता में भी परिवर्तित होते जाते हैं।

   जैसे अपने पति या पत्नि, या किसी मित्र की बात को ध्यान देकर सुनना यह दिखाता है कि हम उसे महत्व एवं मान्यता दे रहे हैं, उसी प्रकार प्रभु यीशु तथा उसके वचन बाइबल के प्रति भी ध्यान देना यह दिखाता है कि हमारे जीवनों में उसका महत्व एवं मान्यता है। इसलिए जीवन के उन विकर्षणों से जो हमारा ध्यान प्रभु यीशु से हटाते हैं, ध्यान हटाकर प्रभु की वाणी पर ध्यान लगाएं, उसकी सुनें और उससे प्रार्थना द्वारा सामर्थ माँगें कि उसके प्रति आज्ञाकारी रह सकें। - जो स्टोवैल


प्रभु यीशु का अनुसरण करने के लिए पहला कदम है उसकी सुनना।

मेरी भेड़ें मेरा शब्द सुनती हैं, और मैं उन्हें जानता हूं, और वे मेरे पीछे पीछे चलती हैं। - यूहन्ना 10:27

बाइबल पाठ: यूहन्ना 10:1-10
John 10:1 मैं तुम से सच सच कहता हूं, कि जो कोई द्वार से भेड़शाला में प्रवेश नहीं करता, परन्तु और किसी ओर से चढ़ जाता है, वह चोर और डाकू है। 
John 10:2 परन्तु जो द्वार से भीतर प्रवेश करता है वह भेड़ों का चरवाहा है। 
John 10:3 उसके लिये द्वारपाल द्वार खोल देता है, और भेंड़ें उसका शब्द सुनती हैं, और वह अपनी भेड़ों को नाम ले ले कर बुलाता है और बाहर ले जाता है। 
John 10:4 और जब वह अपनी सब भेड़ों को बाहर निकाल चुकता है, तो उन के आगे आगे चलता है, और भेड़ें उसके पीछे पीछे हो लेती हैं; क्योंकि वे उसका शब्द पहचानती हैं। 
John 10:5 परन्तु वे पराये के पीछे नहीं जाएंगी, परन्तु उस से भागेंगी, क्योंकि वे परायों का शब्द नहीं पहचानती। 
John 10:6 यीशु ने उन से यह दृष्‍टान्‍त कहा, परन्तु वे न समझे कि ये क्या बातें हैं जो वह हम से कहता है।
John 10:7 तब यीशु ने उन से फिर कहा, मैं तुम से सच सच कहता हूं, कि भेड़ों का द्वार मैं हूं। 
John 10:8 जितने मुझ से पहिले आए; वे सब चोर और डाकू हैं परन्तु भेड़ों ने उन की न सुनी। 
John 10:9 द्वार मैं हूं: यदि कोई मेरे द्वारा भीतर प्रवेश करे तो उद्धार पाएगा और भीतर बाहर आया जाया करेगा और चारा पाएगा। 
John 10:10 चोर किसी और काम के लिये नहीं परन्तु केवल चोरी करने और घात करने और नष्‍ट करने को आता है। मैं इसलिये आया कि वे जीवन पाएं, और बहुतायत से पाएं।

एक साल में बाइबल: 
  • यहेजकेल 8-11


शुक्रवार, 5 सितंबर 2014

अनुग्रह


   ऐसा नहीं है कि खेल जगत में यह पहली बार हुआ हो, और ना ही इसका होना अन्तिम बार था। लेकिन इसके वर्णन को बार बार दोहराते रहना संभवतः हम ऐसी शर्मनाक गलती करने से बचाए रखेगा। जो घटना हुई वह एक कॉलेज के खेल प्रशीक्षक के साथ घटी; एक ऐसा व्यक्ति जो अपने मसीही चरित्र के लिए जाना जाता था। इस व्यक्ति को अपमानित होकर अपने पद से त्यागपत्र देना पड़ा क्योंकि उसने स्थापित और सर्वविदित खेल नियमों की अवहेलना करी थी। एक पत्रिका ने उसके बारे में लिखा, "उसकी ईमानदारी कॉलेज फुटबॉल का सबसे बड़ा झूठ थी!"

   यह सब उस प्रशीक्षक के लिए बहुत शर्मनाक तो था, परन्तु इससे संबंधित और बहुत गंभीर बात यह है कि ऐसा हम में से किसी के साथ भी हो सकता है। निर्धारित सीमाओं को लाँघ कर, किसी स्वार्थ के लिए कोई ऐसा कुकृत्य करने की परीक्षा, जो ना केवल हमें शर्मसार कर दे वरन हमारे कारण संसार के लोगों को हमारे उद्धारकर्ता प्रभु यीशु पर भी ऊँगुली उठाने और उस पर लांछन लगाने का अवसर दे, हम सभी के सामने आती रहती है। हम में से कोई भी ऐसी परीक्षाओं से अछूता नहीं है, और ऐसी परीक्षा में गिर कर अपने मसीही विश्वास की गवाही को असत्य में बदल देना, हम में से किसी की भी क्षमताओं के बाहर नहीं है।

   तो फिर कैसे हम ऐसी परीक्षा से सुरक्षित निकल सकते हैं? परमेश्वर का वचन बाइबल हमें कुछ बातें सिखाती है, जिनके पालन के द्वारा हम अपने आप को ऐसी परीक्षाओं में पड़ने से बचाए रख सकते हैं। ये बातें हैं:
  • यह मानकर चलें कि परीक्षाएं सब पर आती हैं और आप पर भी आएंगी (1 कुरिन्थियों 10:13)
  • परीक्षा में बहक कर पाप करने के परिणामों को स्मरण रखें (याकूब 1:13-15)
  • अपने सह-मसीही विश्वासियों के प्रति उत्तरदायी बने रहें (सभोपदेशक 4:9-12)
  • परमेश्वर से प्रार्थना करते रहें कि आपको परीक्षा में गिरने से बचाए रखे (मत्ती 26:41)


केवल परमेश्वर का अनुग्रह और सामर्थ ही है जो हमें परीक्षा में गिरने से बचा सकता है, या गिरने के बाद पुनः उठा कर खड़ा कर सकता है। - डेव ब्रैनन


प्रत्येक पाप का प्रवेश द्वार होता है; गिरने से बचने के लिए उस द्वार को सदा बन्द ही रखें।

यदि हम अपने पापों को मान लें, तो वह हमारे पापों को क्षमा करने, और हमें सब अधर्म से शुद्ध करने में विश्वासयोग्य और धर्मी है। - 1 यूहन्ना 1:9 

बाइबल पाठ: याकूब 1:12-21
James 1:12 धन्य है वह मनुष्य, जो परीक्षा में स्थिर रहता है; क्योंकि वह खरा निकल कर जीवन का वह मुकुट पाएगा, जिस की प्रतिज्ञा प्रभु ने अपने प्रेम करने वालों को दी है। 
James 1:13 जब किसी की परीक्षा हो, तो वह यह न कहे, कि मेरी परीक्षा परमेश्वर की ओर से होती है; क्योंकि न तो बुरी बातों से परमेश्वर की परीक्षा हो सकती है, और न वह किसी की परीक्षा आप करता है। 
James 1:14 परन्तु प्रत्येक व्यक्ति अपनी ही अभिलाषा में खिंच कर, और फंस कर परीक्षा में पड़ता है। 
James 1:15 फिर अभिलाषा गर्भवती हो कर पाप को जनती है और पाप जब बढ़ जाता है तो मृत्यु को उत्पन्न करता है। 
James 1:16 हे मेरे प्रिय भाइयों, धोखा न खाओ। 
James 1:17 क्योंकि हर एक अच्छा वरदान और हर एक उत्तम दान ऊपर ही से है, और ज्योतियों के पिता की ओर से मिलता है, जिस में न तो कोई परिवर्तन हो सकता है, ओर न अदल बदल के कारण उस पर छाया पड़ती है। 
James 1:18 उसने अपनी ही इच्छा से हमें सत्य के वचन के द्वारा उत्पन्न किया, ताकि हम उस की सृष्‍टि की हुई वस्‍तुओं में से एक प्रकार के प्रथम फल हों।
James 1:19 हे मेरे प्रिय भाइयो, यह बात तुम जानते हो: इसलिये हर एक मनुष्य सुनने के लिये तत्‍पर और बोलने में धीरा और क्रोध में धीमा हो। 
James 1:20 क्योंकि मनुष्य का क्रोध परमेश्वर के धर्म का निर्वाह नहीं कर सकता है। 
James 1:21 इसलिये सारी मलिनता और बैर भाव की बढ़ती को दूर कर के, उस वचन को नम्रता से ग्रहण कर लो, जो हृदय में बोया गया और जो तुम्हारे प्राणों का उद्धार कर सकता है।

एक साल में बाइबल: 
  • यहेजकेल 4-7


गुरुवार, 4 सितंबर 2014

तैयारी


   हर समय तैयार रहने की बात मुझे मेरे बचपन में हमारे एक पड़ौसी की याद दिलाती है। जब भी वे घर आते तो वे सदा ही अपनी कार को बाहर निकलने के लिए बिलकुल तैयार करके खड़ी करते थे। मुझे उनका यह व्यवहार कुछ अटपटा सा लगता था; लेकिन एक दिन मेरी माँ ने मुझे समझाया कि वे अग्नि-शमन विभाग में कार्य करते हैं और यदि कहीं आग लगे तो उन्हें कभी भी बुलाया जा सकता है, इसलिए वे सदा तैयार रहते हैं कि बुलावा आने पर तुरंत ही निकल कर जा सकें।

   सदा तैयार रहना जीवन की हर बात के लिए आवश्यक है। अमेरिका के विख्यात पूर्व राष्ट्रपति, एब्राहम लिंकन ने कहा था, "यदि मुझे एक पेड़ को काटने के लिए 8 घंटे दिए जाएं तो मैं उन में से 6 घंटे अपनी कुल्हाड़ी की धार तेज़ करने में लगाऊँगा"; अर्थात उस कार्य को पूरा करने के लिए आवश्यक तैयारी भली-भाँति करके, कार्य को भी बिना समय गँवाए भली-भाँति पूरा कर लूँगा। यह एक बहुत व्यावाहरिक बात है जिसे हम अपने जीवनों में प्रतिदिन विभिन्न बातों के संदर्भ में करते रहते हैं। अच्छी जीविका कमाने के लिए हम अच्छी तरह से पढ़ाई-लिखाई करते हैं। कार या घर के दुर्घटनाग्रस्त होने के नुकसान की भरपाई के लिए हम उनका बीमा करवाते हैं। यहाँ तक कि अपने शारीरिक जीवन के अन्त के बाद के लिए हम अपनी वसीयत भी बनाते हैं जिससे हमारे बाद हमारे परिवार जनों को सुविधा हो सके।

   परमेश्वर का वचन बाइबल हम मसीही विश्वासियों को सिखाती है कि इसी प्रकार हमें आत्मिक रीति से भी तैयार रहना चाहिए; साथ ही बाइबल हमें यह भी बताती है कि कैसे:
  • आत्मिक हथियारों से लैस होने के द्वारा (इफिसियों 6:10-20)
  • अपने मनों को पवित्र जीवन जीने के लिए तैयार करने के द्वारा (1 पतरस1:13)
  • अपने विश्वास एवं आशा के बारे में उत्तर देने के लिए सदा तैयार रहने के द्वारा (1 पतरस 3:15)
  • प्रभु यीशु के दूसरे आगमन के लिए अपने आप को तैयार करने के द्वारा (मत्ती 24:44)


   आज आप आने वाले अज्ञात कल के लिए कितने तैयार हैं? यदि अपनी तैयारी के लिए अनिश्चित हैं या पशोपेश में हैं तो प्रभु यीशु के पास आएं, उससे सहायता और मार्गदर्शन लें, क्योंकि वह आपको भी जानता है, भविष्य को भी; वही सब कुछ को नियंत्रित करता है, और अन्ततः सबको उसी के न्याय सिंहासन के सामने खड़े होकर उसे ही अपने जीवन का लेखा-जोखा देना है, उससे ही प्रतिफल लेना है। - सिंडी हैस कैस्पर


जो स्वयं को आत्मिक युद्ध के लिए तैयार करते हैं, आत्मिक विजय उन्हीं को प्राप्त होती है।

इसलिये तुम भी तैयार रहो, क्योंकि जिस घड़ी के विषय में तुम सोचते भी नहीं हो, उसी घड़ी मनुष्य का पुत्र आ जाएगा। - मत्ती 24:44

बाइबल पाठ: इफिसियों 6:10-20
Ephesians 6:10 निदान, प्रभु में और उस की शक्ति के प्रभाव में बलवन्‍त बनो। 
Ephesians 6:11 परमेश्वर के सारे हथियार बान्‍ध लो; कि तुम शैतान की युक्तियों के साम्हने खड़े रह सको। 
Ephesians 6:12 क्योंकि हमारा यह मल्लयुद्ध, लोहू और मांस से नहीं, परन्तु प्रधानों से और अधिकारियों से, और इस संसार के अन्धकार के हाकिमों से, और उस दुष्‍टता की आत्मिक सेनाओं से है जो आकाश में हैं। 
Ephesians 6:13 इसलिये परमेश्वर के सारे हथियार बान्‍ध लो, कि तुम बुरे दिन में साम्हना कर सको, और सब कुछ पूरा कर के स्थिर रह सको। 
Ephesians 6:14 सो सत्य से अपनी कमर कसकर, और धार्मिकता की झिलम पहिन कर। 
Ephesians 6:15 और पांवों में मेल के सुसमाचार की तैयारी के जूते पहिन कर। 
Ephesians 6:16 और उन सब के साथ विश्वास की ढाल ले कर स्थिर रहो जिस से तुम उस दुष्‍ट के सब जलते हुए तीरों को बुझा सको। 
Ephesians 6:17 और उद्धार का टोप, और आत्मा की तलवार जो परमेश्वर का वचन है, ले लो। 
Ephesians 6:18 और हर समय और हर प्रकार से आत्मा में प्रार्थना, और बिनती करते रहो, और इसी लिये जागते रहो, कि सब पवित्र लोगों के लिये लगातार बिनती किया करो। 
Ephesians 6:19 और मेरे लिये भी, कि मुझे बोलने के समय ऐसा प्रबल वचन दिया जाए, कि मैं हियाव से सुसमाचार का भेद बता सकूं जिस के लिये मैं जंजीर से जकड़ा हुआ राजदूत हूं। 
Ephesians 6:20 और यह भी कि मैं उस के विषय में जैसा मुझे चाहिए हियाव से बोलूं।

एक साल में बाइबल: 
  • यहेजकेल 1-3