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शनिवार, 20 दिसंबर 2014

उपहार


  क्रिसमस के समय को उपहार देने का समय भी कहा जाता है। हम मित्रों तथा परिवारजनों के लिए ऐसे उपहार लेने के प्रयास करते हैं जो उन्हें पसन्द आएं, लेकिन सभी उपहार एक समान नहीं होते। कुछ उपहार एक हल्के से संकेत के साथ दिए जाते हैं, जैसे कि व्यायाम करवाने वाली मशीन या वज़न घटाने के तरीकों की पुस्तक; कुछ उपहार ऐसे होते हैं जिन्हें देने वाला स्वयं अपने लिए चाहता है। लेकिन सबसे उत्तम उपहार उनसे आते हैं जो हम से प्रेम करते हैं और जानते हैं कि हमें वास्तव में किस चीज़ की आवश्यकता है।

   पिछले क्रिसमस पर हमारे पास्टर जिम सामरा ने हमें प्रेरित किया कि हम क्रिसमस को एक अलग नज़रिए से देखें। हम यह जानते हैं कि प्रभु यीशु हमारे लिए परमेश्वर की ओर से सिद्ध उपहार हैं (रोमियों 6:23), लेकिन पास्टर जिम ने एक अन्य विचार इसके साथ जोड़ा। उन्होंने कहा कि प्रभु यीशु के स्वर्ग से पृथ्वी पर आने को प्रभु यीशु द्वारा परमेश्वर पिता को दिए जाने वाले उपहार के रूप में भी देखा जा सकता है। प्रभु यीशु परमेश्वर पिता से बहुत प्रेम रखते हैं और जानते हैं कि परमेश्वर पिता की हार्दिक इच्छा क्या है - यही कि उनकी सृष्टि पाप के दोष से मुक्त होकर पुनः उनके साथ संगति और सहभागिता में आ जाए। अपने पृथ्वी पर आने के द्वारा प्रभु यीशु ने यह संभव कर दिया कि हम परमेश्वर के सम्मुख पवित्र और निर्दोष होकर एक उपहार के रूप में प्रस्तुत किए जाएं (कुलुस्सियों 1:22)।

   अपने आप को परमेश्वर को भावता हुआ और परमेश्वर का प्रीय उपहार के रूप में देखने से हम में यह ज़िम्मेदारी की भावना भी आती है कि हम हमारे लिए चुकाई गई कीमत के अनुरूप भी बने रहें - "ताकि तुम्हारा चाल-चलन प्रभु के योग्य हो, और वह सब प्रकार से प्रसन्न हो, और तुम में हर प्रकार के भले कामों का फल लगे, और परमेश्वर की पहिचान में बढ़ते जाओ" (कुलुस्सियों 1:10)। - जूली ऐकरमैन लिंक


समस्त संसार को परमेश्वर के सर्वोत्त्म उपहार, प्रभु यीशु के प्रति हमारी उच्चत्तम कृतज्ञता बनी रहे।

क्योंकि पाप की मजदूरी तो मृत्यु है, परन्तु परमेश्वर का वरदान हमारे प्रभु मसीह यीशु में अनन्त जीवन है। - रोमियों 6:23

बाइबल पाठ: कुलुस्सियों 1:19-27
Colossians 1:19 क्योंकि पिता की प्रसन्नता इसी में है कि उस में सारी परिपूर्णता वास करे। 
Colossians 1:20 और उसके क्रूस पर बहे हुए लोहू के द्वारा मेल मिलाप कर के, सब वस्‍तुओं का उसी के द्वारा से अपने साथ मेल कर ले चाहे वे पृथ्वी पर की हों, चाहे स्वर्ग में की। 
Colossians 1:21 और उसने अब उसकी शारीरिक देह में मृत्यु के द्वारा तुम्हारा भी मेल कर लिया जो पहिले निकाले हुए थे और बुरे कामों के कारण मन से बैरी थे। 
Colossians 1:22 ताकि तुम्हें अपने सम्मुख पवित्र और निष्‍कलंक, और निर्दोष बनाकर उपस्थित करे। 
Colossians 1:23 यदि तुम विश्वास की नेव पर दृढ़ बने रहो, और उस सुसमाचार की आशा को जिसे तुम ने सुना है न छोड़ो, जिस का प्रचार आकाश के नीचे की सारी सृष्‍टि में किया गया; और जिस का मैं पौलुस सेवक बना।
Colossians 1:24 अब मैं उन दुखों के कारण आनन्द करता हूं, जो तुम्हारे लिये उठाता हूं, और मसीह के क्‍लेशों की घटी उस की देह के लिये, अर्थात कलीसिया के लिये, अपने शरीर में पूरी किए देता हूं। 
Colossians 1:25 जिस का मैं परमेश्वर के उस प्रबन्‍ध के अनुसार सेवक बना, जो तुम्हारे लिये मुझे सौंपा गया, ताकि मैं परमेश्वर के वचन को पूरा पूरा प्रचार करूं। 
Colossians 1:26 अर्थात उस भेद को जो समयों और पीढिय़ों से गुप्‍त रहा, परन्तु अब उसके उन पवित्र लोगों पर प्रगट हुआ है। 
Colossians 1:27 जिन पर परमेश्वर ने प्रगट करना चाहा, कि उन्हें ज्ञात हो कि अन्यजातियों में उस भेद की महिमा का मूल्य क्या है और वह यह है, कि मसीह जो महिमा की आशा है तुम में रहता है।

एक साल में बाइबल: 
  • 1 पतरस 1-2


शुक्रवार, 19 दिसंबर 2014

स्पष्टवादी


   मेरा एक बड़ा ऑपरेशन होना था और उसके एक दिन पहले मैंने अपनी सहेली से बातें करते हुए उसे बताया कि मैं उस शल्यक्रीया को लेकर भयभीत हूँ। मेरी सहेली ने पूछा, "उस शल्यक्रीया की कौन सी बात तुम्हें डराती है?" मैंने उत्तर दिया, "मुझे बस इसी बात का डर लगता है कि ऑपरेशन के लिए बेहोश किए जाने के बाद मैं वापस होश में नहीं आऊँगी।" मेरा उत्तर सुनकर तुरंत ही मेरी सहेली ने मेरे लिए परमेश्वर से इन शब्दों में प्रार्थना करी: "पिता परमेश्वर आप सिंडी के भय के बारे में सब कुछ जानते हैं। कृप्या उसके मन को आश्वस्त करें और अपनी शान्ति से भरें। और साथ ही प्रभु, ऑप्रेशन के पश्चात उसे बेहोशी से भी बाहर निकाल लाएं।"

   मुझे लगता है कि जब हम अपनी प्रार्थनाओं में परमेश्वर से वार्तालाप करते हैं तो वह इस प्रकार की स्पष्टवादिता से प्रसन्न होता है। जब उस अन्धे भिखारी बरतिमाई ने प्रभु यीशु को पुकारा और प्रभु उसकी पुकार सुनकर उस के पास गए, तब प्रभु यीशु ने उससे प्रश्न किया, "तू क्या चाहता है कि मैं तेरे लिए करूँ?" और उस अन्धे भिखारी ने प्रभु यीशु से कहा, "हे गुरू, यह कि मैं देखने लगूँ।" प्रभु यीशु ने उसे उत्तर दिया, "तेरे विश्वास ने तुझे चँगा किया है" (मरकुस 10:51-52)|

   परमेश्वर के साथ वार्तालाप में हमें बात को इधर-उधर घुमा-फिरा कर कहने की कोई आवश्यकता नहीं है। संभव है कि कभी हम दाऊद के भजनों के समान परमेश्वर से अपनी बात को कहने के लिए काव्यात्मक भाषा का प्रयोग करें, किंतु ऐसे समय भी होते हैं जहाँ हमें स्पष्टवादी होकर अपने मन की बात दो-टूक कह देनी चाहिए; जैसे कि, "परमेश्वर पिता मैं क्षमाप्रार्थी हूँ कि मैंने...." या फिर, "परमेश्वर प्रभु यीशु, मैं आपसे बहुत प्रेम करता हूँ क्योंकि आपने मेरे लिए....", इत्यादि। अपने मन की बात कहने के लिए हमारा परमेश्वर के साथ स्पष्टवादी होना हमारे विश्वास की दृढ़ता को भी दिखाता है, क्योंकि हम यह दिखा रहे हैं कि हम किसी दूरस्त काल्पनिक व्यक्तित्व या किसी विचार मात्र से नहीं वरन एक ऐसे व्यक्तित्व से बात-चीत कर रहे हैं जो वास्तविक है, हमारे आस-पास विद्यमान है, हमसे बहुत प्रेम करता है और हमारे जीवनों में सम्मिलित तथा संलग्न रहता है।

   जब हम प्रार्थना में परमेश्वर से वार्तालाप करें तो उसे यह नहीं चाहिए कि हम आकर्षक शब्दों का प्रयोग करें, या अपनी बात के व्यर्थ विवरण उसे दें; वह केवल हमारे मन की बात को हमारे मूँह से स्पष्टवादिता के साथ सुनना चाहता है क्योंकि वह तो हमें, हमारे मन को, हमारी आवश्यकताओं को, हमारी परेशानियों और हमारे जीवन से संबंधित सभी बातों को हमसे अधिक भली-भांति और हमसे पहले जानता है। - सिंडी हैस कैस्पर


हृदय की प्रार्थना एक समर्पित, विश्वासी तथा प्रार्थना से भरे हृदय से ही निकलती है।

किसी भी बात की चिन्‍ता मत करो: परन्तु हर एक बात में तुम्हारे निवेदन, प्रार्थना और बिनती के द्वारा धन्यवाद के साथ परमेश्वर के सम्मुख अपस्थित किए जाएं। - फिलिप्पियों 4:6 

बाइबल पाठ: मरकुस 10:46-52
Mark 10:46 और वे यरीहो में आए, और जब वह और उसके चेले, और एक बड़ी भीड़ यरीहो से निकलती थी, तो तिमाई का पुत्र बरतिमाई एक अन्‍धा भिखारी सड़क के किनारे बैठा था। 
Mark 10:47 वह यह सुनकर कि यीशु नासरी है, पुकार पुकार कर कहने लगा; कि हे दाऊद की सन्तान, यीशु मुझ पर दया कर। 
Mark 10:48 बहुतों ने उसे डांटा कि चुप रहे, पर वह और भी पुकारने लगा, कि हे दाऊद की सन्तान, मुझ पर दया कर। 
Mark 10:49 तब यीशु ने ठहरकर कहा, उसे बुलाओ; और लोगों ने उस अन्धे को बुलाकर उस से कहा, ढाढ़स बान्‍ध, उठ, वह तुझे बुलाता है। 
Mark 10:50 वह अपना कपड़ा फेंककर शीघ्र उठा, और यीशु के पास आया। 
Mark 10:51 इस पर यीशु ने उस से कहा; तू क्या चाहता है कि मैं तेरे लिये करूं? अन्धे ने उस से कहा, हे रब्बी, यह कि मैं देखने लगूं। 
Mark 10:52 यीशु ने उस से कहा; चला जा, तेरे विश्वास ने तुझे चंगा कर दिया है: और वह तुरन्त देखने लगा, और मार्ग में उसके पीछे हो लिया।

एक साल में बाइबल: 
  • याकूब 3-5


गुरुवार, 18 दिसंबर 2014

खुले कान


   हाल ही में मेरे कान मुझे तकलीफ दे रहे थे जिससे मुझे स्पष्ट सुन पाने में दिक्कत आ रही थी; इस समस्या के निवारण के लिए मैंने एक ऐसा इलाज लेने का निर्णय किया जिस की उपयोगिता के बारे में कुछ मतभेद थे। उस इलाज का दावा था कि उससे कान में जमा मैल गल कर निकल जाएगा और मेरे स्पष्ट सुन पाने में आ रही बाधाएं साफ हो जाएंगी। मुझे यह मानना पड़ेगा कि वह इलाज लेना एक विचित्र सा अनुभव प्रतीत हो रहा था किंतु मैं स्पष्ट सुन पाने के लिए इतना बेचैन था कि मैं उसे भी आज़माने के लिए तैयार था।

   स्पष्ट सुन पाना हमारे दैनिक जीवनों में तो आवश्यक है ही, किंतु परमेश्वर के साथ हमारी चाल एवं संगति में और भी अधिक महत्वपूर्ण है। परमेश्वर के वचन बाइबल में भजन 40:6 में भजन का लेखक दाऊद कहता है, "मेलबलि और अन्नबलि से तू प्रसन्न नहीं होता तू ने मेरे कान खोदकर खोले हैं। होमबलि और पापबलि तू ने नहीं चाहा।" मूल भाषा के जिस शब्द का अनुवाद यहाँ "खोले" हुआ है उस शब्द का अनुवाद "साफ किया है" भी हो सकता है, जो दिखाता है कि परमेश्वर हम से क्या चाहता है। क्योंकि कई बार हमारे आत्मिक कान हमारे आस-पास के वातावरण तथा संसकृति के शोर से, या प्रलोभन तथा पाप के ऊँचे स्वर से बाधित हो सकते हैं; इसलिए हमें अपने आत्मिक कानों की सफाई रखना भी आवश्यक है। परमेश्वर चाहता है कि जब वह हम से अपने वचन के द्वारा बोले और बातें करे उस समय हमारे आत्मिक कान उसके लिए खुले और तैयार हों।

   होने दें कि हम अपने मनों को परमेश्वर की ओर पूरी भक्ति में लगाएं और अपने आत्मिक कानों को उसकी वाणी के लिए खुला और साफ किया हुआ रखें, जिससे जब वह अपने वचन के द्वारा हमसे बातें करे तो हम उससे सीखने वाले और उसकी इच्छा में आनन्दित रहने वाले बन सकें। - बिल क्राउडर


परमेश्वर अपने वचन के द्वारा उन से बातें करता है जो अपने मनों को उसके वचन के लिए तैयार रखते हैं।

प्रभु यहोवा ने मुझे सीखने वालों की जीभ दी है कि मैं थके हुए को अपने वचन के द्वारा संभालना जानूं। भोर को वह नित मुझे जगाता और मेरा कान खोलता है कि मैं शिष्य के समान सुनूं। प्रभु यहोवा ने मेरा कान खोला है, और मैं ने विरोध न किया, न पीछे हटा। - यशायाह 50:4-5

बाइबल पाठ: भजन 40:1-10
Psalms 40:1 मैं धीरज से यहोवा की बाट जोहता रहा; और उसने मेरी ओर झुककर मेरी दोहाई सुनी। 
Psalms 40:2 उसने मुझे सत्यानाश के गड़हे और दलदल की कीच में से उबारा, और मुझ को चट्टान पर खड़ा कर के मेरे पैरों को दृढ़ किया है। 
Psalms 40:3 और उसने मुझे एक नया गीत सिखाया जो हमारे परमेश्वर की स्तुति का है। बहुतेरे यह देखकर डरेंगे, और यहोवा पर भरोसा रखेंगे।
Psalms 40:4 क्या ही धन्य है वह पुरूष, जो यहोवा पर भरोसा करता है, और अभिमानियों और मिथ्या की ओर मुड़ने वालों की ओर मुंह न फेरता हो। 
Psalms 40:5 हे मेरे परमेश्वर यहोवा, तू ने बहुत से काम किए हैं! जो आश्चर्यकर्म और कल्पनाएं तू हमारे लिये करता है वह बहुत सी हैं; तेरे तुल्य कोई नहीं! मैं तो चाहता हूं की खोल कर उनकी चर्चा करूं, परन्तु उनकी गिनती नहीं हो सकती।
Psalms 40:6 मेलबलि और अन्नबलि से तू प्रसन्न नहीं होता तू ने मेरे कान खोदकर खोले हैं। होमबलि और पापबलि तू ने नहीं चाहा। 
Psalms 40:7 तब मैं ने कहा, देख, मैं आया हूं; क्योंकि पुस्तक में मेरे विषय ऐसा ही लिखा हुआ है। 
Psalms 40:8 हे मेरे परमेश्वर मैं तेरी इच्छा पूरी करने से प्रसन्न हूं; और तेरी व्यवस्था मेरे अन्त:करण में बनी है।
Psalms 40:9 मैं ने बड़ी सभा में धर्म के शुभ समाचार का प्रचार किया है; देख, मैं ने अपना मुंह बन्द नहीं किया हे यहोवा, तू इसे जानता है। 
Psalms 40:10 मैं ने तेरा धर्म मन ही में नहीं रखा; मैं ने तेरी सच्चाई और तेरे किए हुए उधार की चर्चा की है; मैं ने तेरी करूणा और सत्यता बड़ी सभा से गुप्त नहीं रखी।

एक साल में बाइबल: 
  • याकूब 1-2


बुधवार, 17 दिसंबर 2014

जोखिम


   एक नया आईपैड पाने के लिए बदले में कोई क्या दे सकता है? एक 17 वर्षीय लड़के ने अपना एक गुर्दा दे दिया! उसके पास आईपैड खरीदने के लिए पैसे नहीं थे किंतु वह आईपैड पाना इतना अधिक चाहता था कि वह अपना ऑपरेशन करवाने तथा केवल एक गुर्दे के साथ शेष जीवन बिताने का जोखिम उठाने को तैयार था।

   परमेश्वर के वचन बाइबल के एक पात्र स्तीफनुस ने भी प्रभु यीशु के सुसमाचार के प्रचार के लिए एक बड़ा जोखिम उठाया। प्रभु यीशु की सेवकाई में आश्चर्यक्रम करते हुए स्तिफनुस को पकड़ लिया गया, उस पर मूसा की व्यवस्था तथा परमेश्वर के विरुद्ध निन्दा का झूठा इलज़ाम लगाया गया और उसे महापुरोहित के सामने न्याय के लिए लाया गया (प्रेरितों 6:8-14)। जब महापुरोहित ने उससे प्रश्न किया (प्रेरितों 7:1) तब स्तिफनुस ने एक और जोखिम लिया और एक ऐसा उपदेश दिया जिसके विषय में वह जानता था कि सुनने वाले उसे पसन्द नहीं करेंगे - उसने इस्त्राएल के इतिहास का हवाला देकर यह दिखाया कि इसत्राएल के लोग सदा से ही हठीले और परमेश्वर के अनाज्ञाकरी तथा परमेश्वर के भविश्यद्वक्ताओं का तिरिस्कार करने वाले और उन को सताने तथा मारने वाले रहे हैं; और अब उन्होंने यही कार्य प्रभु यीशु के साथ भी किया जो उनका प्रतीक्षित मसीहा था। स्तिफनुस के इस उपदेश की अति तीव्र प्रतिक्रिया हुई, और उन्होंने उसे पत्थरवाह कर के मार डाला: "तब उन्होंने बड़े शब्द से चिल्लाकर कान बन्‍द कर लिये, और एक चित्त हो कर उस पर झपटे। और उसे नगर के बाहर निकाल कर पत्थरवाह करने लगे, और गवाहों ने अपने कपड़े उतार रखे" (प्रेरितों 7:57-58)।

   क्यों प्रभु यीशु का प्रचार करने के लिए स्तिफनुस ने अपने प्राण का जोखिम उठाया? क्यों प्रभु यीशु के चेले प्रभु के पृथ्वी के समय के जीवन के समय से लेकर आज तक यह जोखिम उठाते आ रहे हैं, हर स्थान पर इस प्रचार के कारण सताव सहने और तिरिस्कृत होने, यहाँ तक कि परिवार और जान गवाँ देने को भी तैयार रहते हैं? क्योंकि स्तिफनुस के समान ही प्रभु यीशु के अनुयायी यह बात संसार के सामने रखना चाहते हैं कि प्रभु यीशु मसीह के जन्म, मृत्यु और पुनरुत्थान के कारण संसार के सभी लोगों के लिए पूर्णतः सेंत-मेंत पाप क्षमा और उद्धार तथा परमेश्वर के साथ अनन्त काल के जीवन का मार्ग उपलब्ध है; अब उन्हें कर्मों, व्यवस्था और रीति-रिवाज़ों के पालन के बन्धनों आदि के आधीन रहने की आवश्यकता नहीं है, अब प्रभु यीशु में लाए गए विश्वास के द्वारा वे परमेश्वर के अनुग्रह में होकर अनन्तकाल की आशीष का जीवन बिता सकते हैं (प्रेरितों 6:13-15; इफिसीयों 2:8-9)।

   प्रभु यीशु के अनुयायी संसार को यही सुसमाचार सुनाने के लिए हर तरह का जोखिम उठाने को तैयार रहते हैं। - एलबर्ट ली


मसीही विश्वासी का जीवन वह खिड़की है जिसमें से संसार प्रभु यीशु को देख सकता है।

क्योंकि विश्वास के द्वारा अनुग्रह ही से तुम्हारा उद्धार हुआ है, और यह तुम्हारी ओर से नहीं, वरन परमेश्वर का दान है। और न कर्मों के कारण, ऐसा न हो कि कोई घमण्‍ड करे। - इफिसीयों 2:8-9

बाइबल पाठ: प्रेरितों 7:51-8:2
Acts 7:51 जैसा तुम्हारे बाप दादे करते थे, वैसे ही तुम भी करते हो। 
Acts 7:52 भविष्यद्वक्ताओं में से किस को तुम्हारे बाप दादों ने नहीं सताया, और उन्होंने उस धर्मी के आगमन का पूर्वकाल से सन्‍देश देने वालों को मार डाला, और अब तुम भी उसके पकड़वाने वाले और मार डालने वाले हुए। 
Acts 7:53 तुम ने स्‍वर्गदूतों के द्वारा ठहराई हुई व्यवस्था तो पाई, परन्तु उसका पालन नहीं किया।
Acts 7:54 ये बातें सुनकर वे जल गए और उस पर दांत पीसने लगे। 
Acts 7:55 परन्तु उसने पवित्र आत्मा से परिपूर्ण हो कर स्वर्ग की ओर देखा और परमेश्वर की महिमा को और यीशु को परमेश्वर की दाहिनी ओर खड़ा देखकर। 
Acts 7:56 कहा; देखों, मैं स्वर्ग को खुला हुआ, और मनुष्य के पुत्र को परमेश्वर के दाहिनी ओर खड़ा हुआ देखता हूं। 
Acts 7:57 तब उन्होंने बड़े शब्द से चिल्लाकर कान बन्‍द कर लिये, और एक चित्त हो कर उस पर झपटे। 
Acts 7:58 और उसे नगर के बाहर निकाल कर पत्थरवाह करने लगे, और गवाहों ने अपने कपड़े उतार रखे। 
Acts 7:59 और वे स्‍तिुफनुस को पत्थरवाह करते रहे, और वह यह कहकर प्रार्थना करता रहा; कि हे प्रभु यीशु, मेरी आत्मा को ग्रहण कर। 
Acts 7:60 फिर घुटने टेककर ऊंचे शब्द से पुकारा, हे प्रभु, यह पाप उन पर मत लगा, और यह कहकर सो गया: और शाऊल उसके बध में सहमत था।
Acts 8:1 उसी दिन यरूशलेम की कलीसिया पर बड़ा उपद्रव होने लगा और प्रेरितों को छोड़ सब के सब यहूदिया और सामरिया देशों में तित्तर बित्तर हो गए। 
Acts 8:2 और भक्तों ने स्‍तिुफनुस को कब्र में रखा; और उसके लिये बड़ा विलाप किया।

एक साल में बाइबल: 
  • इब्रानियों 11-13


मंगलवार, 16 दिसंबर 2014

आनन्द


   जब हमारे आदि माता-पिता आदम और हव्वा ने परमेश्वर की अनाज्ञाकारिता करी तो आनन्द जाता रहा। उन्हें परमेश्वर द्वारा उनके रहने के लिए बनाकर दी गई वाटिका से बाहर जाना पड़ा। उस वाटिका के बाहर का जीवन सरल नहीं था; उन्हें अपने भोजन को जुटाने के लिए कड़ा परिश्रम करना पडता था। उनके पाप के कारण मृत्यु ने भी संसार में स्थान पा लिया था इसलिए अब उन्हें जानवरों से भी सावधान रहना पड़ता था। उनके पहलौठे बेटे ने ही अपने छोटे भाई की हत्या भी कर डाली। उस एक अनाज्ञाकारिता ने परमेश्वर के साथ उनकी सहभागिता तथा उनके और संसार के सारे आनन्द को छिन्न-भिन्न कर दिया।

   लेकिन परमेश्वर ने अपने साथ मानव की संगति तथा उस खोए हुए आनन्द को लौटा कर पुनःस्थापित कर देने की योजना कार्यान्वित करी। परमेश्वर से संगति और सहभागिता का आनन्द एक व्यक्ति की अनाज्ञाकारिता और मृत्यु के द्वारा जाता रहा था, परन्तु एक व्यक्ति के जन्म और परमेश्वर पिता के प्रति उसकी आज्ञाकारिता के कारण उस आनन्द को पुनः प्राप्त कर लेने का मार्ग समस्त मानव-जाति के लिए उपलब्ध करवा दिया गया। प्रभु यीशु के जन्म के समय स्वर्गदूत ने समाचार सुनाया: "तब स्वर्गदूत ने उन से कहा, मत डरो; क्योंकि देखो मैं तुम्हें बड़े आनन्द का सुसमाचार सुनाता हूं जो सब लोगों के लिये होगा" (लूका 2:10)। प्रभु यीशु ने रोगियों को चंगा किया, अन्धों को आँखें दीं, मृतकों को जीवित किया; किंतु यह सब केवल आते समय के आनन्द और आशीषों की झलक मात्र थी।

   प्रभु यीशु के रूप में परमेश्वर संसार में आया, हमारे दुखों में संभागी हुआ, हमारे लिए मृत्यु पर जयवन्त हुआ और हमें एक दृढ़ अटल आशा दी कि एक दिन वह हमारे सभी दुखों, पीड़ाओं और मृत्यु का अन्त कर देगा (यूहन्ना 11:25-26; 1 कुरिन्थियों 15:3-4; प्रकाशितवाक्य 21:4)। यही कारण है क्रिसमस के समय को आनन्द का समय कहा जाता है। - जूली ऐकैरमैन लिंक


समस्त संसार के सभी लोगों के लिए आनन्द का मार्ग केवल प्रभु यीशु ही है।

और वह उन की आंखों से सब आंसू पोंछ डालेगा; और इस के बाद मृत्यु न रहेगी, और न शोक, न विलाप, न पीड़ा रहेगी; पहिली बातें जाती रहीं। - प्रकाशितवाक्य 21:4

बाइबल पाठ: लूका 2:1-12
Luke 2:1 उन दिनों में औगूस्‍तुस कैसर की ओर से आज्ञा निकली, कि सारे जगत के लोगों के नाम लिखे जाएं। 
Luke 2:2 यह पहिली नाम लिखाई उस समय हुई, जब क्‍विरिनियुस सूरिया का हाकिम था। 
Luke 2:3 और सब लोग नाम लिखवाने के लिये अपने अपने नगर को गए। 
Luke 2:4 सो यूसुफ भी इसलिये कि वह दाऊद के घराने और वंश का था, गलील के नासरत नगर से यहूदिया में दाऊद के नगर बैतलहम को गया। 
Luke 2:5 कि अपनी मंगेतर मरियम के साथ जो गर्भवती थी नाम लिखवाए। 
Luke 2:6 उन के वहां रहते हुए उसके जनने के दिन पूरे हुए। 
Luke 2:7 और वह अपना पहिलौठा पुत्र जनी और उसे कपड़े में लपेटकर चरनी में रखा: क्योंकि उन के लिये सराय में जगह न थी। 
Luke 2:8 और उस देश में कितने गड़ेरिये थे, जो रात को मैदान में रहकर अपने झुण्ड का पहरा देते थे। 
Luke 2:9 और प्रभु का एक दूत उन के पास आ खड़ा हुआ; और प्रभु का तेज उन के चारों ओर चमका, और वे बहुत डर गए। 
Luke 2:10 तब स्वर्गदूत ने उन से कहा, मत डरो; क्योंकि देखो मैं तुम्हें बड़े आनन्द का सुसमाचार सुनाता हूं जो सब लोगों के लिये होगा। 
Luke 2:11 कि आज दाऊद के नगर में तुम्हारे लिये एक उद्धारकर्ता जन्मा है, और यही मसीह प्रभु है। 
Luke 2:12 और इस का तुम्हारे लिये यह पता है, कि तुम एक बालक को कपड़े में लिपटा हुआ और चरनी में पड़ा पाओगे।

एक साल में बाइबल: 
  • इब्रानियों 8-10


सोमवार, 15 दिसंबर 2014

उद्देश्य


   परमेश्वर के वचन बाइबल में दी गई भविष्यवाणियों के प्रति लोगों का नज़रिया बहुत भिन्नता रखता है। कुछ तो उन्हें बिलकुल नज़रन्दाज़ करते हैं और मसीही विश्वास के जीवन में उनके महत्व को कोई स्थान नहीं देते, तो दूसरी ओर कुछ ऐसे भी लोग हैं जो केवल उन पर ही ध्यान लगाए रहते हैं और संसार में हो रही प्रत्येक घटना को उन भविष्यवाणियों के संदर्भ में ही देखते हैं।

   उन भविष्यवाणियों को अपने वचन में लिखवाने के पीछे परमेश्वर का उद्देशय क्या है? इन भविष्यवाणियों को सही परिपेक्ष में रखने के लिए कुछ तथ्यों पर एक दृष्टि डाल लेते हैं। परमेश्वर के वचन बाइबल में कुल 31,124 पद हैं; इनमें से 8,352 पद - अर्थात 27 प्रतिशत पद ऐसे हैं जो भविष्यवाणियों से संबंधित हैं। क्योंकि भविष्यवाणी परमेश्वर के वचन के एक चौथाई से भी अधिक भाग का विषय है इसलिए प्रत्येक मसीही विश्वासी को चाहिए कि वह परमेश्वर के प्रकाशन में उसके महत्व को समझे। लेकिन साथ ही इस बात का भी ध्यान रखे कि परमेश्वर ने भविष्यवाणी को क्यों रखा। प्रभु यीशु के चेले पतरस ने अपनी दूसरी पत्री को समाप्त करते हुए संसार के अन्त में होने वाली बातों को बताया और उस संदर्भ में अपने पाठकों को निर्देश दिया, "तो जब कि ये सब वस्तुएं, इस रीति से पिघलने वाली हैं, तो तुम्हें पवित्र चाल चलन और भक्ति में कैसे मनुष्य होना चाहिए" (2 पतरस 3:11) - कहने का तात्पर्य है कि परमेश्वर ने सब कुछ इसलिए प्रगट किया है कि हम ऐसा सही और भक्तिमय जीवन जीने के लिए प्रतिदिन की बातों में चुनाव करें जो हमारे अनन्त भविष्य के अनुरूप हो।

   परमेश्वर ने हमें भविष्य के बारे में इसलिए बताया है जिससे हम सारी सृष्टि और सृष्टि के संचालन पर उसके सर्व-अधिकार को पहचान सकें; उसे आदर देने वाले, उसकी महिमा करने वाले तथा उसके भय में रहने और चलने वाले बन सकें। यही भविष्यवाणी का उद्देश्य है। - डेनिस फिशर


यदि आप प्रभु यीशु मसीह के दूसरे आगमन की बाट जोहेंगे तो आप उसकी आज्ञाकारिता और महिमा के लिए जीवन भी व्यतीत करेंगे।

पर जैसा तुम्हारा बुलाने वाला पवित्र है, वैसे ही तुम भी अपने सारे चाल चलन में पवित्र बनो। - 1 पतरस 1:15

बाइबल पाठ: 2 पतरस 3:1-13
2 Peter 3:1 हे प्रियो, अब मैं तुम्हें यह दूसरी पत्री लिखता हूं, और दोनों में सुधि दिला कर तुम्हारे शुद्ध मन को उभारता हूं। 
2 Peter 3:2 कि तुम उन बातों को, जो पवित्र भविश्यद्वक्ताओं ने पहिले से कही हैं और प्रभु, और उद्धारकर्ता की उस आज्ञा को स्मरण करो, जो तुम्हारे प्रेरितों के द्वारा दी गई थी। 
2 Peter 3:3 और यह पहिले जान लो, कि अन्‍तिम दिनों में हंसी ठट्ठा करने वाले आएंगे, जो अपनी ही अभिलाषाओं के अनुसार चलेंगे। 
2 Peter 3:4 और कहेंगे, उसके आने की प्रतिज्ञा कहां गई? क्योंकि जब से बाप-दादे सो गए हैं, सब कुछ वैसा ही है, जैसा सृष्‍टि के आरम्भ से था? 
2 Peter 3:5 वे तो जान बूझ कर यह भूल गए, कि परमेश्वर के वचन के द्वारा से आकाश प्राचीन काल से वर्तमान है और पृथ्वी भी जल में से बनी और जल में स्थिर है। 
2 Peter 3:6 इन्‍हीं के द्वारा उस युग का जगत जल में डूब कर नाश हो गया। 
2 Peter 3:7 पर वर्तमान काल के आकाश और पृथ्वी उसी वचन के द्वारा इसलिये रखे हैं, कि जलाए जाएं; और वह भक्तिहीन मनुष्यों के न्याय और नाश होने के दिन तक ऐसे ही रखे रहेंगे।
2 Peter 3:8 हे प्रियों, यह एक बात तुम से छिपी न रहे, कि प्रभु के यहां एक दिन हजार वर्ष के बराबर है, और हजार वर्ष एक दिन के बराबर हैं। 
2 Peter 3:9 प्रभु अपनी प्रतिज्ञा के विषय में देर नहीं करता, जैसी देर कितने लोग समझते हैं; पर तुम्हारे विषय में धीरज धरता है, और नहीं चाहता, कि कोई नाश हो; वरन यह कि सब को मन फिराव का अवसर मिले। 
2 Peter 3:10 परन्तु प्रभु का दिन चोर की नाईं आ जाएगा, उस दिन आकाश बड़ी हड़हड़ाहट के शब्द से जाता रहेगा, और तत्‍व बहुत ही तप्‍त हो कर पिघल जाएंगे, और पृथ्वी और उस पर के काम जल जाऐंगे। 
2 Peter 3:11 तो जब कि ये सब वस्तुएं, इस रीति से पिघलने वाली हैं, तो तुम्हें पवित्र चाल चलन और भक्ति में कैसे मनुष्य होना चाहिए। 
2 Peter 3:12 और परमेश्वर के उस दिन की बाट किस रीति से जोहना चाहिए और उसके जल्द आने के लिये कैसा यत्‍न करना चाहिए; जिस के कारण आकाश आग से पिघल जाएंगे, और आकाश के गण बहुत ही तप्‍त हो कर गल जाएंगे। 
2 Peter 3:13 पर उस की प्रतिज्ञा के अनुसार हम एक नए आकाश और नई पृथ्वी की आस देखते हैं जिन में धामिर्कता वास करेगी।

एक साल में बाइबल: 
  • इब्रानियों 5-7


रविवार, 14 दिसंबर 2014

सृजनहार


   नोबल पुरुस्कार विजेता विलर्ड एस. बोएल "इलैकट्रौनिक आँख" के सह-अविषकार्क थे, जिसका प्रयोग आज डिजिटल कैमरा और अंतरिक्ष में स्थित हबल टेलिस्कोप में किया जाता है। एक बार वे एक नया डिजिटल कैमरा खरीदने के लिए बाज़ार गए। दुकान का एक कर्मचारी उन्हें कैमरे दिखाने लगा और उन कैमरों की कार्य-प्रणाली को बोएल को समझाने का प्रयास करने लगा; समझाते समझाते वह रुक गया क्योंकि उसे लगा कि समझा पाना बहुत जटिल है और शायद बोएल सारी बात समझ नहीं पा रहे हैं। बोएल ने तुरंत उस कर्मचारी से कहा, "समझाने की आवश्यकता नहीं है - इसका अविषकार मैंने ही किया है!"

   जब परमेश्वर ने शैतान को अनुमति दी कि वह अय्युब की परीक्षा कर ले, और शैतान ने अय्युब के परिवार, स्वास्थ्य और संपत्ति को बरबाद कर डाला, तो अय्युब अपने जन्म पर विलाप करने लगा, उस दिन को धिक्कारने लगा, और फिर परमेश्वर से प्रश्न करने लगा कि उसने क्यों अय्युब के जीवन में इतना कष्ट आने दिया। तब उत्तर में अय्युब को परमेश्वर ने स्मरण दिलाया कि सृष्टि का सृजनहार वह ही है। परमेश्वर ने अय्युब से कहा कि, सारी सृष्टि में दिखाई देने वाली परमेश्वर की महान सामर्थ और अद्भुत बुद्धिमता के संदर्भ में, जो कुछ अय्युब ने कहा है उसके बारे में पुनर्विचार करे; परमेश्वर ने अय्युब पर उसकी सीमित बुद्धि और ज्ञान को, जो परमेश्वर की महानता और बुद्धिमता को समझ पाने में अक्षम है, प्रकट किया।

  यदि आज हमें कभी ऐसा लगे कि हम परमेश्वर को बताएं कि जीवन कैसे चलना चाहिए, कैसे संचालित होना चाहिए, तो थोड़ा रुक कर सोच लें कि जीवन की रचना करने और भूत-वर्तमान-भविष्य काल की आवश्यकताओं के अनुसार उसे संचालित करने वाला परमेश्वर ही है। परमेश्वर हमें ऐसी सदबुद्धि दे कि हम अपनी सीमित बुद्धि को स्वीकार करने की दीनता रखने वाले और उस पर विशवास रखने तथा उस पर निर्भर रहने वाले हों; क्योंकि वह ही हमारा सृजनहार-पालनहार-तारणहार है। - मार्विन विलियम्स


परमेश्वर को समझ पाना हम मनुष्यों के लिए असंभव है किंतु उसकी उपासना करना हमारे लिए अनिवार्य है।

आकाश तेरा है, पृथ्वी भी तेरी है; जगत और जो कुछ उस में है, उसे तू ही ने स्थिर किया है। - भजन 89:11

बाइबल पाठ: अय्युब 38:1-18
Job 38:1 तब यहोवा ने अय्यूब को आँधी में से यूं उत्तर दिया, 
Job 38:2 यह कौन है जो अज्ञानता की बातें कहकर युक्ति को बिगाड़ना चाहता है? 
Job 38:3 पुरुष की नाईं अपनी कमर बान्ध ले, क्योंकि मैं तुझ से प्रश्न करता हूँ, और तू मुझे उत्तर दे। 
Job 38:4 जब मैं ने पृथ्वी की नेव डाली, तब तू कहां था? यदि तू समझदार हो तो उत्तर दे। 
Job 38:5 उसकी नाप किस ने ठहराई, क्या तू जानता है उस पर किस ने सूत खींचा? 
Job 38:6 उसकी नेव कौन सी वस्तु पर रखी गई, वा किस ने उसके कोने का पत्थर बिठाया, 
Job 38:7 जब कि भोर के तारे एक संग आनन्द से गाते थे और परमेश्वर के सब पुत्र जयजयकार करते थे? 
Job 38:8 फिर जब समुद्र ऐसा फूट निकला मानो वह गर्भ से फूट निकला, तब किस ने द्वार मूंदकर उसको रोक दिया; 
Job 38:9 जब कि मैं ने उसको बादल पहिनाया और घोर अन्धकार में लपेट दिया, 
Job 38:10 और उसके लिये सिवाना बान्धा और यह कहकर बेंड़े और किवाड़े लगा दिए, कि 
Job 38:11 यहीं तक आ, और आगे न बढ़, और तेरी उमंडने वाली लहरें यहीं थम जाएं? 
Job 38:12 क्या तू ने जीवन भर में कभी भोर को आज्ञा दी, और पौ को उसका स्थान जताया है, 
Job 38:13 ताकि वह पृथ्वी की छोरों को वश में करे, और दुष्ट लोग उस में से झाड़ दिए जाएं? 
Job 38:14 वह ऐसा बदलता है जैसा मोहर के नीचे चिकनी मिट्टी बदलती है, और सब वस्तुएं मानो वस्त्र पहिने हुए दिखाई देती हैं। 
Job 38:15 दुष्टों से उनका उजियाला रोक लिया जाता है, और उनकी बढ़ाई हुई बांह तोड़ी जाती है। 
Job 38:16 क्या तू कभी समुद्र के सोतों तक पहुंचा है, वा गहिरे सागर की थाह में कभी चला फिरा है? 
Job 38:17 क्या मृत्यु के फाटक तुझ पर प्रगट हुए, क्या तू घोर अन्धकार के फाटकों को कभी देखने पाया है? 
Job 38:18 क्या तू ने पृथ्वी की चौड़ाई को पूरी रीति से समझ लिया है? यदि तू यह सब जानता है, तो बतला दे।

एक साल में बाइबल: 
  • इब्रानियों 1-4