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रविवार, 12 अप्रैल 2015

ईमानदारी


   हमारे घर के आस-पास के बहुत से परिवार अपने बाग़ीचे में उगने वाले फल, फूल और उनके पौधों को सड़क के किनारे रखकर बेचते हैं। इनमें से कुछ बेचने वाले, खरीदने वालों की ईमानदारी पर विश्वास रखते हैं; उनके उत्पाद के निकट उन्हें बेचने के लिए कोई खड़ा नहीं रहता। जो ग्राहक उनका उत्पाद खरीदना चाहते हैं वे अपनी पसन्द के अनुसार, और जितना उन्हें चाहिए होता है लेकर वहीं रखे एक गुलक या डिब्बे में उनकी कीमत डाल देते हैं, और सामान लेकर चले जाते हैं।

   लेकिन यह ईमानदारी सदा कार्य नहीं करती। मेरी एक सहेली जैकी ने अपने घर के सामने फूल और फूल के पौधे ईमानदारी पद्धति द्वारा बेचने का स्टॉल लगा रखा है। एक दिन उसने अपनी खिड़की से देखा कि एक महिला ने, जो अच्छे कपड़े पहने हुए थी और अच्छे घर की प्रतीत हो रही थी, उसके स्टॉल के सामने अपनी गाड़ी रोकी और वहाँ रखे फूल और पौधे गाड़ी के अन्दर एक एक करके भरने लगी। मेरी सहेली ने मन ही मन अन्दाज़ा लगाया कि उन फूल पौधों पर लगी उसकी मेहनत और लागत से आज उसे कम से कम 50 डॉलर की कमाई तो हो ही जाएगी; और वह अपने और कार्य में लग गई। थोड़ी देर बाद जाकर जब उसने पैसे डालने वाले डिब्बे में देखा तो वह खाली था - वह महिला बिना कोई कीमत डाले सब कुछ उठा कर ले गई थी। ईमानदारी पद्धति उस महिला के साथ कार्यकारी नहीं रही थी!

   संभवतः उस महिला के लिए इस तरह फूल, पौधे उठा लेना कोई छोटी सी बात थी, लेकिन उसका ऐसा करना उसके अन्दर की प्रवृत्ति को दिखाता है। प्रभु यीशु ने अपने चेलों को सिखाया: "जो थोड़े से थोड़े में सच्चा है, वह बहुत में भी सच्चा है: और जो थोड़े से थोड़े में अधर्मी है, वह बहुत में भी अधर्मी है" (लूका 16:10)। अपने जीवन के हर क्षेत्र में ईमानदारी के द्वारा हम अपने उद्धारकर्ता प्रभु यीशु को आदर देते हैं, उसे संसार के सामने गौरवान्वित करते हैं।

   किसी भी मसीही विश्वासी के लिए अनुसरण करने को सबसे अच्छी ईमानदारी पद्धति है परमेश्वर के वचन बाइबल में कुलुस्सियों की मसीही विश्वासी मण्डली को लिखी बात: "और वचन से या काम से जो कुछ भी करो सब प्रभु यीशु के नाम से करो, और उसके द्वारा परमेश्वर पिता का धन्यवाद करो" (कुलुस्सियों 3:17)। हम मसीही विश्वासियों को चाहिए कि हम जीवन के हर क्षेत्र में अपनी ईमानदारी द्वारा अपने तथा जगत के उद्धारकर्ता प्रभु यीशु के सच्चे गवाह बनकर रहें। - सिंडी कैस्पर


ईमानदारी का अर्थ है किसी भी बात के लिए दूसरों द्वारा देख लिए जाने का भय ना रखना।

सच्चे मनुष्य पर बहुत आशीर्वाद होते रहते हैं, परन्तु जो धनी होने में उतावली करता है, वह निर्दोष नहीं ठहरता। - नीतिवचन 28:20

बाइबल पाठ: लूका 16:1-10
Luke 16:1 फिर उसने चेलों से भी कहा; किसी धनवान का एक भण्‍डारी था, और लोगों ने उसके साम्हने उस पर यह दोष लगाया कि यह तेरी सब संपत्ति उड़ाए देता है। 
Luke 16:2 सो उसने उसे बुलाकर कहा, यह क्या है जो मैं तेरे विषय में सुन रहा हूं? अपने भण्‍डारीपन का लेखा दे; क्योंकि तू आगे को भण्‍डारी नहीं रह सकता। 
Luke 16:3 तब भण्‍डारी सोचने लगा, कि अब मैं क्या करूं क्योंकि मेरा स्‍वामी अब भण्‍डारी का काम मुझ से छीन ले रहा है: मिट्टी तो मुझ से खोदी नहीं जाती: और भीख मांगने से मुझे लज्ज़ा आती है। 
Luke 16:4 मैं समझ गया, कि क्या करूंगा: ताकि जब मैं भण्‍डारी के काम से छुड़ाया जाऊं तो लोग मुझे अपने घरों में ले लें। 
Luke 16:5 और उसने अपने स्‍वामी के देनदारों में से एक एक को बुलाकर पहिले से पूछा, कि तुझ पर मेरे स्‍वामी का क्या आता है? 
Luke 16:6 उसने कहा, सौ मन तेल; तब उसने उस से कहा, कि अपनी खाता-बही ले और बैठकर तुरन्त पचास लिख दे। 
Luke 16:7 फिर दूसरे से पूछा; तुझ पर क्या आता है? उसने कहा, सौ मन गेहूं; तब उसने उस से कहा; अपनी खाता-बही ले कर अस्‍सी लिख दे। 
Luke 16:8 स्‍वामी ने उस अधर्मी भण्‍डारी को सराहा, कि उसने चतुराई से काम किया है; क्योंकि इस संसार के लोग अपने समय के लोगों के साथ रीति व्यवहारों में ज्योति के लोगों से अधिक चतुर हैं। 
Luke 16:9 और मैं तुम से कहता हूं, कि अधर्म के धन से अपने लिये मित्र बना लो; ताकि जब वह जाता रहे, तो वे तुम्हें अनन्त निवासों में ले लें। 
Luke 16:10 जो थोड़े से थोड़े में सच्चा है, वह बहुत में भी सच्चा है: और जो थोड़े से थोड़े में अधर्मी है, वह बहुत में भी अधर्मी है।

एक साल में बाइबल:
  • 1 शमूएल 19-21
  • लूका 11:29-54



शनिवार, 11 अप्रैल 2015

भरपाई


   हम में से कोई यह नहीं कह सकता कि उसे अपने जीवन में किसी बात का पछतावा नहीं है। अनेक बार हम अपने द्वारा किए गए बुरे चुनावों के कारण गलत राह पर चल निकलते हैं, उन निर्णयों के लघु एवं दीर्घकालीन दुषपरिणामों को भुगतते हैं। हमारे द्वारा चुनी गई कुछ गलत राहें छोटी होती हैं और हम उनसे शीघ्र ही बाहर निकल आते हैं, तो कुछ लंबी होती हैं, उनसे बाहर निकलने में हमें समय लगता है और उनके कारण मन, मस्तिष्क और देह पर आए दुषप्रभावों को आगे लंबे समय तक देखा जा सकता है।

   मेरे एक मित्र ने अपने जीवन के अनेक वर्ष शराब और नशीले पदार्थों के सेवन में बिता दिए। लेकिन परमेश्वर ने उसके जीवन में अद्भुत काम किया और उसे इन बुरी आदतों से बाहर निकाला; हाल ही में उसने इन आदतों से मिले छुटकारे के 25 वर्ष पूरे किए हैं। वह आज एक सफल व्यवसायी है, उसके पास उससे बहुत प्रेम करने वाली पत्नी है और उसके बच्चे भी प्रभु यीशु से प्रेम करते हैं। अब उसे जीवन के अन्धेरों में पड़े लोगों को प्रभु यीशु की ज्योति में लाने का बहुत लगाव है और वह ऐसा करता भी रहता है; अपने स्वयं के अनुभवों के कारण वह उन लोगों को समझाने के लिए एक अच्छा और समझदार परामर्शदाता होता है। परमेश्वर ने उसके बीते जीवन की बुराई को आज अन्य लोगों की भलाई के लिए प्रयोग करने का मार्ग और सदबुद्धि उसे प्रदान करी है।

   परमेश्वर किसी को कभी नहीं छोड़ता, किसी से हार नहीं मानता, हमारे पार्थिव जीवन की अन्तिम श्वास तक वह हमारे उस के पास लौट आने की प्रतीक्षा करता है, अवसर और मार्ग देता है। इसलिए चाहे आप ने अपने बीते जीवन में कैसे भी बुरे और गलत चुनाव किए हों, परमेश्वर आपको आज और अभी यह अवसर दे रहा है कि अब आप सही चुनाव कर लें, उसके पक्ष में निर्णय ले लें। यह हमारे ऊपर है कि चाहे तो हम दुषपरिणामों को भोगने और पछतावे में दुखी जीवन बिताते रहें, या फिर साधारण विश्वास में प्रभु यीशु के पास आकर उससे पापों की क्षमा माँग लें, अपना जीवन उसे समर्पित कर दें और उसे अवसर दें कि वह हमारे बिगड़े हुए जीवन को संवार कर उसे अपने तथा दूसरों के लिए लाभकारी बना दे। जब भी हम स्वेच्छा तथा पश्चाताप में आकर विश्वास से उस से अपनी इन बुराईयों से चंगाई तथा स्वतंत्रता माँगते हैं, वह अपने अनुग्रह और दया में होकर हमें प्रदान करता है।

   मसीही विश्वास में आने के बाद हमारे बीते बुरे जीवन के कुछ परिणाम यदि हमारे साथ बने भी रहें, तो भी प्रभु यीशु की हमारे साथ बनी हुई उपस्थिति हमें कभी अकेला नहीं छोड़ती और प्रभु में होकर हमारे लिए एक उज्जवल और महिमामय भविष्य सुरक्षित रहता है। - जो स्टोवैल


हमारे बिगड़े जीवन से कुछ सुन्दर और आकर्षक बनाने के लिए परमेश्वर सदा प्रयासरत रहता है।

जब मैं ने अपना पाप तुझ पर प्रगट किया और अपना अधर्म न छिपाया, और कहा, मैं यहोवा के साम्हने अपने अपराधों को मान लूंगा; तब तू ने मेरे अधर्म और पाप को क्षमा कर दिया। - भजन 32:5

बाइबल पाठ: योएल 2:21-27
Joel 2:21 हे देश, तू मत डर; तू मगन हो और आनन्द कर, क्योंकि यहोवा ने बड़े बड़े काम किए हैं! 
Joel 2:22 हे मैदान के पशुओं, मत डरो, क्योंकि जंगल में चराई उगेगी, और वृक्ष फलने लगेंगे; अंजीर का वृक्ष और दाखलता अपना अपना बल दिखाने लगेंगी। 
Joel 2:23 हे सिय्योनियों, तुम अपने परमेश्वर यहोवा के कारण मगन हो, और आनन्द करो; क्योंकि तुम्हारे लिये वह वर्षा, अर्थात बरसात की पहिली वर्षा बहुतायत से देगा; और पहिले के समान अगली और पिछली वर्षा को भी बरसाएगा। 
Joel 2:24 तब खलिहान अन्न से भर जाएंगे, और रसकुण्ड नये दाखमधु और ताजे तेल से उमड़ेंगे। 
Joel 2:25 और जिन वर्षों की उपज अर्बे नाम टिड्डियों, और येलेक, और हासील ने, और गाजाम नाम टिड्डियों ने, अर्थात मेरे बड़े दल ने जिस को मैं ने तुम्हारे बीच भेजा, खा ली थी, मैं उसकी हानि तुम को भर दूंगा।। 
Joel 2:26 तुम पेट भरकर खाओगे, और तृप्त होगे, और अपने परमेश्वर यहोवा के नाम की स्तुति करोगे, जिसने तुम्हारे लिये आश्चर्य के काम किए हैं। और मेरी प्रजा की आशा फिर कभी न टूटेगी। 
Joel 2:27 तब तुम जानोगे कि मैं इस्राएल के बीच में हूं, और मैं, यहोवा, तुम्हारा परमेश्वर हूं और कोई दूसरा नहीं है। और मेरी प्रजा की आशा फिर कभी न टूटेगी।

एक साल में बाइबल:
  • 1 शमूएल 17-18
  • लूका 11:1-28



शुक्रवार, 10 अप्रैल 2015

सरल


   संयुक्त राज्य अमेरिका के चौथे राष्ट्रपति, जेमस मैडिसन ने अमेरिका के संविधान के बनाए जाने में सहयोग दिया था। उन्होंने अपने सह-कार्यकर्ताओं को सचेत किया था कि वे ऐसे नियम नहीं बनाएं जो इतने भारी-भरकम हों कि पढ़े ना जा सकें, या इतने जटिल हों कि समझे ना जा सकें। आज जब मैं कुछ कार्यों के लिए भरे जाने वाले सरकारी दस्तावेज़ों को देखता हूँ तो मुझे लगता है कि राष्ट्रपति जेम्स मैडिसन की नियम बनाने वालों के द्वारा उनकी यह सलाह अभी तक ठीक से समझी तथा स्वीकार नहीं की गई है।

   ऐसे ही अनेक बार परमेश्वर द्वारा संसार के लिए पापों की क्षमा और उद्धार के सुसमाचार के साथ भी होता है; उस सरल से सुसमाचार को आवश्यकता से अधिक जटिल बना कर प्रस्तुत किया जाता है। लेकिन हम आनन्दित हो सकते हैं कि परमेश्वर द्वारा सारे संसार के उद्धार के लिए दिए गए इस सुसमाचार को परमेश्वर का वचन बाइबल बड़े स्पष्ट और सरलता से समझी जा सकने वाली भाषा में प्रस्तुत करता है। प्रभु यीशु ने निकुदिमुस से, जो शास्त्रों का ज्ञाता तथा धर्माधिकारियों का एक प्रमुख था कहा, "क्योंकि परमेश्वर ने जगत से ऐसा प्रेम रखा कि उसने अपना एकलौता पुत्र दे दिया, ताकि जो कोई उस पर विश्वास करे, वह नाश न हो, परन्तु अनन्त जीवन पाए" (यूहन्ना 3:16)। अपने पकड़वाए जाने से पहले चेलों से अपनी बातचीत के दौरान "यीशु ने उस से कहा, मार्ग और सच्चाई और जीवन मैं ही हूं; बिना मेरे द्वारा कोई पिता के पास नहीं पहुंच सकता" (यूहन्ना 14:6)। अनन्त जीवन पाने के लिए फिल्प्पी के जेलर द्वारा किए गए प्रश्न के उत्तर में प्रेरित पौलुस ने उससे कहा, "...प्रभु यीशु मसीह पर विश्वास कर, तो तू और तेरा घराना उद्धार पाएगा" (प्रेरितों 16:31); तथा कुरिन्थुस की मसीही विश्वासियों को लिखी अपनी पत्री में पौलुस ने उन्हें स्मरण दिलाया "इसी कारण मैं ने सब से पहिले तुम्हें वही बात पहुंचा दी, जो मुझे पहुंची थी, कि पवित्र शास्त्र के वचन के अनुसार यीशु मसीह हमारे पापों के लिये मर गया। और गाड़ा गया; और पवित्र शास्त्र के अनुसार तीसरे दिन जी भी उठा" (1 कुरिन्थियों 15:3-4)।

   जगत से किए गए परमेश्वर के प्रेम की गाथा बहुत सरल है; परमेश्वर ने अपने पुत्र को संसार के सभी लोगों को उनके पापों के दण्ड और अनन्त काल की मृत्यु से बचाने के लिए भेजा, और यह प्रभु यीशु पर स्वेच्छा से लाए गए साधारण विश्वास द्वारा संभव है। यह अद्भुत सुसमाचार इतना सरल है कि एक बच्चा भी इसे समझ सकता है, इतना कारगर है कि संसार का कोई भी व्यक्ति, चाहे वह कितना भी बड़ा पापी क्यों ना समझा जाता हो, इसे स्वीकार करने के द्वारा निश्चित ही क्षमा और उद्धार पा सकता है। इस अवसर को नज़रंदाज़ ना करें, सुसमाचार को स्वीकार कर लें। - डेव ऐगनर


प्रभु यीशु में विश्वास द्वारा हम परमेश्वर से पापों के दण्ड की क्षमा और उद्धार प्राप्त करते हैं।

हम तुम्हें और कुछ नहीं लिखते, केवल वह जो तुम पढ़ते या मानते भी हो, और मुझे आशा है, कि अन्‍त तक भी मानते रहोगे। - 2 कुरिन्थियों 1:13

बाइबल पाठ: 1 कुरिन्थियों 15:1-4, 35, 42-50
1 Corinthians 15:1 हे भाइयों, मैं तुम्हें वही सुसमाचार बताता हूं जो पहिले सुना चुका हूं, जिसे तुम ने अंगीकार भी किया था और जिस में तुम स्थिर भी हो। 
1 Corinthians 15:2 उसी के द्वारा तुम्हारा उद्धार भी होता है, यदि उस सुसमाचार को जो मैं ने तुम्हें सुनाया था स्मरण रखते हो; नहीं तो तुम्हारा विश्वास करना व्यर्थ हुआ। 
1 Corinthians 15:3 इसी कारण मैं ने सब से पहिले तुम्हें वही बात पहुंचा दी, जो मुझे पहुंची थी, कि पवित्र शास्त्र के वचन के अनुसार यीशु मसीह हमारे पापों के लिये मर गया। 
1 Corinthians 15:4 ओर गाड़ा गया; और पवित्र शास्त्र के अनुसार तीसरे दिन जी भी उठा। 

1 Corinthians 15:35 अब कोई यह कहेगा, कि मुर्दे किस रीति से जी उठते हैं, और कैसी देह के साथ आते हैं? 

1 Corinthians 15:42 मुर्दों का जी उठना भी ऐसा ही है। शरीर नाशमान दशा में बोया जाता है, और अविनाशी रूप में जी उठता है। 
1 Corinthians 15:43 वह अनादर के साथ बोया जाता है, और तेज के साथ जी उठता है; निर्बलता के साथ बोया जाता है; और सामर्थ के साथ जी उठता है। 
1 Corinthians 15:44 स्‍वाभाविक देह बोई जाती है, और आत्मिक देह जी उठती है: जब कि स्‍वाभाविक देह है, तो आत्मिक देह भी है। 
1 Corinthians 15:45 ऐसा ही लिखा भी है, कि प्रथम मनुष्य, अर्थात आदम, जीवित प्राणी बना और अन्‍तिम आदम, जीवनदायक आत्मा बना। 
1 Corinthians 15:46 परन्तु पहिले आत्मिक न था, पर स्‍वाभाविक था, इस के बाद आत्मिक हुआ। 
1 Corinthians 15:47 प्रथम मनुष्य धरती से अर्थात मिट्टी का था; दूसरा मनुष्य स्‍वर्गीय है। 
1 Corinthians 15:48 जैसा वह मिट्टी का था वैसे ही और मिट्टी के हैं; और जैसा वह स्‍वर्गीय है, वैसे ही और भी स्‍वर्गीय हैं। 
1 Corinthians 15:49 और जैसे हम ने उसका रूप जो मिट्टी का था धारण किया वैसे ही उस स्‍वर्गीय का रूप भी धारण करेंगे। 
1 Corinthians 15:50 हे भाइयों, मैं यह कहता हूं कि मांस और लोहू परमेश्वर के राज्य के अधिकारी नहीं हो सकते, और न विनाश अविनाशी का अधिकारी हो सकता है।

एक साल में बाइबल:
  • 1 शमूएल 15-16
  • लूका 10:25-42



गुरुवार, 9 अप्रैल 2015

महत्वकांक्षा


   क्या महत्वकांक्षी होना गलत है? क्या सर्वोत्त्म बनने की चाहत रखना और उसके लिए सतत प्रयासरत रहना सही नहीं है? सही या गलत होने का उत्तर निर्भर करता है कि महत्वकांक्षी होने और प्रयास करने के पीछे हमारा लक्ष्य और उद्देश्य क्या है - परमेश्वर की या स्वयं अपनी महिमा करना और करवाना।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में थिस्सुलुनीके की मसीही विश्वासी मण्डली को लिखी अपनी पहली पत्री में प्रेरित पौलुस ने उन्हें लिखा कि वे परमेश्वर को भावते हुए जीवन व्यतीत करने वाले बनें (1 थिस्सलुनीकियों 4:1)। कुछ मसीही विश्वासियों के लिए ऐसा करने का निर्णय मसीही विश्वास में आते ही तात्कालिक होता है, तो कुछ अन्य के लिए यह धीरे धीरे समय के साथ आता है तो कुछ और इसे मसीही विश्वास में आने के बाद भी संसार के प्रति अपने लगाव के कारण संसार से ठोकरें खाने और अपने विश्वास में कमज़ोर गिरते-पड़ते कदम रखकर चलने के द्वारा ही सीखते हैं। यह निर्णय जैसे भी आए, लेकिन प्रत्येक मसीही विश्वासी का यह कर्तव्य है कि वह परमेश्वर द्वारा उसके लिए निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करने का प्रयास करे ना कि स्वयं अपने द्वारा निर्धारित लक्ष्यों का (इफिसीयों 2:10)।

   इसलिए अपने कार्य के संबंध में हम मसीही विश्वासियों को प्रश्न करना चाहिए, "क्या मेरे द्वारा यह कार्य लेने से दूसरों और परमेश्वर की सेवा और भली भांति होने पाएगी?" जो भी महत्वकांक्षा परमेश्वर की ओर केंद्रित होगी वह अपने से बाहर और दूसरों की भलाई के प्रति होगी, तथा सदा यह देखेगी कि परमेश्वर ने जो गुण और वरदान हमें प्रदान किए हैं क्या हम उनका प्रयोग उसकी इच्छानुसार कर रहे हैं अथवा नहीं। पौलुस ने कहा कि हम "...मन की सीधाई और परमेश्वर के भय से" (कुलुस्सियों 3:22) प्रत्येक कार्य को करें। हम चाहे जो भी कार्य करें, उसे मनुष्यों को दिखाने या प्रसन्न करने के लिए नहीं वरन परमेश्वर को प्रसन्न करने के लिए करें (पद 23-24)।

   हम परमेश्वर में सबसे अधिक आनन्दित और परमेश्वर को सबसे अधिक महिमान्वित तब ही करने पाते हैं जब हम पूरे उत्साह और उत्कर्षता के साथ उसकी इच्छा को पूरी करते हैं ना कि अपनी; उसकी और उसके लोगों की सेवकाई के लिए कार्य करते हैं ना कि अपनी। हमारी महत्वकांक्षाओं और प्रयत्नों की उत्तमता के प्रयासों का सर्वोत्तम और सर्वाधिक योग्य परमेश्वर ही है। - रैन्डी किलगोर


महान बनने के प्रयासों में हम छोटे ही बनते जाते हैं। - ई. स्टैनली जोन्स

निदान, हे भाइयों, हम तुम से बिनती करते हैं, और तुम्हें प्रभु यीशु में समझाते हैं, कि जैसे तुम ने हम से योग्य चाल चलना, और परमेश्वर को प्रसन्न करना सीखा है, और जैसा तुम चलते भी हो, वैसे ही और भी बढ़ते जाओ। - 1 थिस्सलुनीकियों 4:1 

बाइबल पाठ: कुलुस्सियों 3:22-25
Colossians 3:22 हे सेवकों, जो शरीर के अनुसार तुम्हारे स्‍वामी हैं, सब बातों में उन की आज्ञा का पालन करो, मनुष्यों को प्रसन्न करने वालों की नाईं दिखाने के लिये नहीं, परन्तु मन की सीधाई और परमेश्वर के भय से। 
Colossians 3:23 और जो कुछ तुम करते हो, तन मन से करो, यह समझ कर कि मनुष्यों के लिये नहीं परन्तु प्रभु के लिये करते हो। 
Colossians 3:24 क्योंकि तुम जानते हो कि तुम्हें इस के बदले प्रभु से मीरास मिलेगी: तुम प्रभु मसीह की सेवा करते हो। 
Colossians 3:25 क्योंकि जो बुरा करता है, वह अपनी बुराई का फल पाएगा; वहां किसी का पक्षपात नहीं।

एक साल में बाइबल: 
  • 1 शमूएल 13-14
  • लूका 10:1-24


बुधवार, 8 अप्रैल 2015

छवि


   पहनने को तैयार कपड़े बेचने वाला एक लोकप्रीय उत्पादक का नियम है कि उसकी दुकान में काम करने वाले वे कर्मचारी जो कपड़ों को बेचने के कार्य से संबंधित हैं, वैसे ही कपड़े पहने जैसे उसकी दुकान में नमूने के तौर पर दुकान में रखे पुतलों को पहनाए जाते हैं। उसका यह करने के पीछे जो तर्क है वह है कि दुकान में आने वाले लोग उन्हीं कपड़ों को खरीदने के अधिक इच्छुक होंगे जिन्हें देख कर वे अन्दर आने को आकर्षित होंगे और फिर अन्दर औरों को पहने देखेंगे।

   आज की इस उपभोगता संसकृति में यह विचार रखना सरल प्रतीत हो सकता है कि हम लोगों को वह खरिदने के लिए आकर्षित कर सकते हैं जो अच्छा दिखने वाले अन्य लोग पहनते हैं। बेचने वाले तो हमें यह भी विश्वास दिलाना चाहते हैं कि बाहर से अच्छा दिखने के कारण हम लोगों को आकर्षक लगते हैं।

   कुछ ऐसी ही विचारधारा अनेक मसीही विश्वासियों में भी पाई जाती है - हम अपने आप को संसार के लिए आकर्षक बनाने के द्वारा लोगों को परमेश्वर की ओर आकर्षित कर सकते हैं। लेकिन परमेश्वर का वचन बाइबल हमें बताती है कि परमेश्वर की नज़रों में क्या आवश्यक है। परमेश्वर हम से यही चाहता है कि अपने चरित्र में हम मसीह यीशु के समान बनते जाएं, संसार के लोगों को प्रभु यीशु के समान दिखाई दें (रोमियों 8:29); यही हमारी छाप है। जब हम अपने जीवनों में प्रभु यीशु के गुणों को, जिनमें करुणा, भलाई, दीनता, सहनशीलता और प्रेम सम्मिलित हैं दिखाते हैं (कुलुस्सियों 3:12) तब ही हमारे जीवन लोगों को परमेश्वर की ओर आकर्षित करने वाले होते हैं।

   बजाए इसके कि हम अपनी ही छवि को चमकाते तथा लोगों के सामने प्रस्तुत करते रहें, हमें चाहिए कि हम प्रभु यीशु की छवि को अपने जीवनों में दिखाएं और सुरक्षित बनाए रखें, क्योंकि हम उसी के स्वरूप में ढाले जा रहे हैं। - जूली ऐकैरमैन लिंक


परमेश्वर के पवित्र आत्मा का एक कार्य है मसीही विश्वासियों को मसीह यीशु की समानता में ढालता जाए।

क्योंकि जिन्हें उसने पहिले से जान लिया है उन्हें पहिले से ठहराया भी है कि उसके पुत्र के स्वरूप में हों ताकि वह बहुत भाइयों में पहिलौठा ठहरे। - रोमियों 8:29

बाइबल पाठ: कुलुस्सियों 3:1-14
Colossians 3:1 सो जब तुम मसीह के साथ जिलाए गए, तो स्‍वर्गीय वस्‍तुओं की खोज में रहो, जहां मसीह वर्तमान है और परमेश्वर के दाहिनी ओर बैठा है। 
Colossians 3:2 पृथ्वी पर की नहीं परन्तु स्‍वर्गीय वस्‍तुओं पर ध्यान लगाओ। 
Colossians 3:3 क्योंकि तुम तो मर गए, और तुम्हारा जीवन मसीह के साथ परमेश्वर में छिपा हुआ है। 
Colossians 3:4 जब मसीह जो हमारा जीवन है, प्रगट होगा, तब तुम भी उसके साथ महिमा सहित प्रगट किए जाओगे। 
Colossians 3:5 इसलिये अपने उन अंगो को मार डालो, जो पृथ्वी पर हैं, अर्थात व्यभिचार, अशुद्धता, दुष्‍कामना, बुरी लालसा और लोभ को जो मूर्ति पूजा के बराबर है। 
Colossians 3:6 इन ही के कारण परमेश्वर का प्रकोप आज्ञा न मानने वालों पर पड़ता है। 
Colossians 3:7 और तुम भी, जब इन बुराइयों में जीवन बिताते थे, तो इन्‍हीं के अनुसार चलते थे। 
Colossians 3:8 पर अब तुम भी इन सब को अर्थात क्रोध, रोष, बैरभाव, निन्‍दा, और मुंह से गालियां बकना ये सब बातें छोड़ दो। 
Colossians 3:9 एक दूसरे से झूठ मत बोलो क्योंकि तुम ने पुराने मनुष्यत्‍व को उसके कामों समेत उतार डाला है। 
Colossians 3:10 और नए मनुष्यत्‍व को पहिन लिया है जो अपने सृजनहार के स्‍वरूप के अनुसार ज्ञान प्राप्त करने के लिये नया बनता जाता है। 
Colossians 3:11 उस में न तो यूनानी रहा, न यहूदी, न खतना, न खतनारिहत, न जंगली, न स्‍कूती, न दास और न स्‍वतंत्र: केवल मसीह सब कुछ और सब में है।
Colossians 3:12 इसलिये परमेश्वर के चुने हुओं की नाईं जो पवित्र और प्रिय हैं, बड़ी करूणा, और भलाई, और दीनता, और नम्रता, और सहनशीलता धारण करो। 
Colossians 3:13 और यदि किसी को किसी पर दोष देने को कोई कारण हो, तो एक दूसरे की सह लो, और एक दूसरे के अपराध क्षमा करो: जैसे प्रभु ने तुम्हारे अपराध क्षमा किए, वैसे ही तुम भी करो। 
Colossians 3:14 और इन सब के ऊपर प्रेम को जो सिद्धता का कटिबन्‍ध है बान्‍ध लो।

एक साल में बाइबल: 
  • 1 शमूएल 10-12
  • लूका 9:37-62



मंगलवार, 7 अप्रैल 2015

प्रेम


   मैं अपने पति के साथ एक सार्वजनिक स्थान पर थी, और लोगों ने ऊपर आसमान की ओर देखना आरंभ कर दिया। वहाँ ऊपर एक छोटा वायु-यान धुँआ छोड़ रहा था और उस वायु-यान का चालक उस धुएं से कुछ अक्षर बना रहा था। हमारे देखते देखते उसने लिखा "मैं आपसे प्रेम करता हूँ", और नीचे हमारे आस-पास के अधिकांश लोग अटकलें लगाने लगे कि वह आगे क्या लिखेगा। किसी ने सोचा कि वह किसी प्रेमी द्वारा प्रेम का प्रकटिकरण होगा; या संभवतः आस-पास के किसी मकान में कोई प्रेमी अपनी प्रेमिका से पूछने वाला है कि क्या वह उससे विवाह करेगी। हम देखते रहे और उस चालक ने लिखा "मैं आपसे प्रेम करता हूँ यीशु" - वह वायु-यान चालक प्रभु यीशु के प्रति अपने प्रेम को सभी लोगों को दिखा रहा था।

   मेरा एक मित्र अपनी सभी प्रार्थनाओं का अन्त, "प्रभु मैं आपसे प्रेम करता हूँ" कहकर करता है। उसका कहना है कि यह जानते हुए कि मेरे लिए प्रभु यीशु ने क्या कुछ किया है, मैं यह बात कहे बिना रह नहीं पाता। परमेश्वर के वचन बाइबल में रोमियों को लिखी गई अपनी पत्री के छठे अध्याय में प्रेरित पौलुस प्रभु यीशु द्वारा हमारे लिए करी गई बातों में से कुछ का वर्णन करता है, जिनके कारण वह हमारे प्रेम का हकदार है: प्रभु यीशु हमारे ही पापों के लिए क्रूस पर मारा गया और गाड़ा गया, वह हमारे ही लिए मृतकों में से तीसरे दिन फिर से जी उठा। उसके इस कार्य के द्वारा ही अब जो कोई स्वेच्छा से उसमें विश्वास लाकर उसे अपना जीवन समर्पित करता है वह एक नया जीवन प्राप्त करता है (पद 4) और उसे फिर पाप की आधीनता या मृत्यु का भय नहीं रहता (पद 6, 9), और एक दिन हम सभी मसीही विश्वासी उसके साथ अनन्त जीवन बिताने के लिए मृत्कों मे से जी उठेंगे (पद 8)।

   इसलिए इसमें कोई विचित्र लगने वाली या आश्चर्यचकित करने वाली बात नहीं कि हम जिन्होंने प्रभु यीशु को जाना है, उसे अपना उद्धारकर्ता स्वीकार किया है, उसे अपना जीवन समर्पित किया है, उससे मिली पापों की क्षमा और अनन्त जीवन के लिए उससे कहते हैं, "प्रभु मैं आपसे प्रेम करता हूँ"। - ऐनी सेटास


हमारे प्रति प्रेम दिखाने के लिए प्रभु यीशु हमारे लिए मर गया; उसके प्रति प्रेम दिखाने के लिए हमें उसके लिए जीना है।

और वह इस निमित्त सब के लिये मरा, कि जो जीवित हैं, वे आगे को अपने लिये न जीएं परन्तु उसके लिये जो उन के लिये मरा और फिर जी उठा। - 2 कुरिन्थियों 5:15

बाइबल पाठ: रोमियों 6:1-11
Romans 6:1 सो हम क्या कहें? क्या हम पाप करते रहें, कि अनुग्रह बहुत हो? 
Romans 6:2 कदापि नहीं, हम जब पाप के लिये मर गए तो फिर आगे को उस में क्योंकर जीवन बिताएं? 
Romans 6:3 क्या तुम नहीं जानते, कि हम जितनों ने मसीह यीशु का बपतिस्मा लिया तो उस की मृत्यु का बपतिस्मा लिया 
Romans 6:4 सो उस मृत्यु का बपतिस्मा पाने से हम उसके साथ गाड़े गए, ताकि जैसे मसीह पिता की महिमा के द्वारा मरे हुओं में से जिलाया गया, वैसे ही हम भी नए जीवन की सी चाल चलें। 
Romans 6:5 क्योंकि यदि हम उस की मृत्यु की समानता में उसके साथ जुट गए हैं, तो निश्चय उसके जी उठने की समानता में भी जुट जाएंगे। 
Romans 6:6 क्योंकि हम जानते हैं कि हमारा पुराना मनुष्यत्व उसके साथ क्रूस पर चढ़ाया गया, ताकि पाप का शरीर व्यर्थ हो जाए, ताकि हम आगे को पाप के दासत्व में न रहें। 
Romans 6:7 क्योंकि जो मर गया, वह पाप से छूटकर धर्मी ठहरा। 
Romans 6:8 सो यदि हम मसीह के साथ मर गए, तो हमारा विश्वास यह है, कि उसके साथ जीएंगे भी। 
Romans 6:9 क्योंकि यह जानते हैं, कि मसीह मरे हुओं में से जी उठ कर फिर मरने का नहीं, उस पर फिर मृत्यु की प्रभुता नहीं होने की। 
Romans 6:10 क्योंकि वह जो मर गया तो पाप के लिये एक ही बार मर गया; परन्तु जो जीवित है, तो परमेश्वर के लिये जीवित है। 
Romans 6:11 ऐसे ही तुम भी अपने आप को पाप के लिये तो मरा, परन्तु परमेश्वर के लिये मसीह यीशु में जीवित समझो।

एक साल में बाइबल: 
  • 1 शमूएल 7-9
  • लूका 9:18-36



सोमवार, 6 अप्रैल 2015

अदृश्य खतरे


   मेरे बचपन की घटना है, हमारा परिवार एक बड़े खतरे से सुरक्षित बच निकला। हमारे घर के प्रायः सभी मुख्य उपकरण और घर की भट्टी प्राकृतिक गैस से चला करते थे जो पाईपों से होकर घर के भिन्न स्थानों तक उपयोग के लिए आती थी। उन्हीं पाईपों में से किसी एक में गैस के हल्के से रिसाव के द्वारा हम सभी के प्राणों के लिए खतरा उत्पन्न हो गया। हमारे छोटे से घर में वह गैस पाईप से रिस कर भरने लगी और हम सब लोगों को धीरे धीरे, हमारे जाने बिना ही अपने प्रभाव में लेकर बेहोश कर दिया। क्योंकि हमारा एक पड़ौसी हम से मिलने के लिए हमारे घर आया, तो पता चला कि हम सब बेहोश पड़े हैं और हमें बचा लिया गया नहीं तो इस अदृश्य शत्रु द्वारा हम मार डाले गए होते।

   प्रभु यीशु के अनुयायी होने के कारण हम सभी मसीही विश्वासी अदृशय खतरों से घिरे रहते हैं। सांसारिक बातों के प्रलोभनों और हमारे अपने शरीर की लालसाओं के हानिकारक प्रभाव हमारे मसीही विश्वास के जीवन और हमारे संबंधों को कभी भी अनजाने में ही बड़े खतरों में डाल सकते हैं। मेरे घर में रिसने वाली वह प्राकृतिक गैस तो बाहर से आई थी, लेकिन ये अदृश्य खतरे तो हमारे भीतर ही विद्यमान रहते हैं। परमेश्वर के वचन बाइबल में याकूब ने अपनी पत्री में लिखा, "परन्तु प्रत्येक व्यक्ति अपनी ही अभिलाषा में खिंच कर, और फंस कर परीक्षा में पड़ता है" (याकूब 1:14)।

   पाप में पड़ जाने कि हमारी स्वाभाविक प्रवृत्ति, हमारा अपनी कमज़ोरियों को अन्देखा करना, उन्हें हल्का कर के आँकना आदि हमें बरबादी में डाल देने वाली विषैली बातें बन सकती हैं। लेकिन जब हम परमेश्वर के वचन को अपने जीवनों को जाँचने देते हैं, उस वचन की आज्ञाकारिता में रहते हैं (पद 23-25) और अपने आप को अपने परमेश्वर के आत्मा की अगुवाई में चलाते रहते हैं तो हम इन खतरों तथा सभी हानियों से बचे रहते हैं। - बिल क्राऊडर


परमेश्वर के अदृश्य आत्मा की संगति प्रत्येक अदृश्य खतरे से सर्वोत्तम सुरक्षा है।

पर मैं कहता हूं, आत्मा के अनुसार चलो, तो तुम शरीर की लालसा किसी रीति से पूरी न करोगे। - गलतियों 5:16

बाइबल पाठ: याकूब 1:13-25
James 1:13 जब किसी की परीक्षा हो, तो वह यह न कहे, कि मेरी परीक्षा परमेश्वर की ओर से होती है; क्योंकि न तो बुरी बातों से परमेश्वर की परीक्षा हो सकती है, और न वह किसी की परीक्षा आप करता है। 
James 1:14 परन्तु प्रत्येक व्यक्ति अपनी ही अभिलाषा में खिंच कर, और फंस कर परीक्षा में पड़ता है। 
James 1:15 फिर अभिलाषा गर्भवती हो कर पाप को जनती है और पाप जब बढ़ जाता है तो मृत्यु को उत्पन्न करता है। 
James 1:16 हे मेरे प्रिय भाइयों, धोखा न खाओ। 
James 1:17 क्योंकि हर एक अच्छा वरदान और हर एक उत्तम दान ऊपर ही से है, और ज्योतियों के पिता की ओर से मिलता है, जिस में न तो कोई परिवर्तन हो सकता है, ओर न अदल बदल के कारण उस पर छाया पड़ती है। 
James 1:18 उसने अपनी ही इच्छा से हमें सत्य के वचन के द्वारा उत्पन्न किया, ताकि हम उस की सृष्‍टि की हुई वस्‍तुओं में से एक प्रकार के प्रथम फल हों।
James 1:19 हे मेरे प्रिय भाइयो, यह बात तुम जानते हो: इसलिये हर एक मनुष्य सुनने के लिये तत्‍पर और बोलने में धीरा और क्रोध में धीमा हो। 
James 1:20 क्योंकि मनुष्य का क्रोध परमेश्वर के धर्म का निर्वाह नहीं कर सकता है। 
James 1:21 इसलिये सारी मलिनता और बैर भाव की बढ़ती को दूर कर के, उस वचन को नम्रता से ग्रहण कर लो, जो हृदय में बोया गया और जो तुम्हारे प्राणों का उद्धार कर सकता है। 
James 1:22 परन्तु वचन पर चलने वाले बनो, और केवल सुनने वाले ही नहीं जो अपने आप को धोखा देते हैं। 
James 1:23 क्योंकि जो कोई वचन का सुनने वाला हो, और उस पर चलने वाला न हो, तो वह उस मनुष्य के समान है जो अपना स्‍वाभाविक मुंह दर्पण में देखता है। 
James 1:24 इसलिये कि वह अपने आप को देख कर चला जाता, और तुरन्त भूल जाता है कि मैं कैसा था। 
James 1:25 पर जो व्यक्ति स्‍वतंत्रता की सिद्ध व्यवस्था पर ध्यान करता रहता है, वह अपने काम में इसलिये आशीष पाएगा कि सुनकर नहीं, पर वैसा ही काम करता है।

एक साल में बाइबल: 
  • 1 शमूएल 4-6
  • लूका 9:1-17