ई-मेल संपर्क / E-Mail Contact

इन संदेशों को ई-मेल से प्राप्त करने के लिए अपना ई-मेल पता इस ई-मेल पर भेजें : rozkiroti@gmail.com / To Receive these messages by e-mail, please send your e-mail id to: rozkiroti@gmail.com

मंगलवार, 21 अप्रैल 2015

एक एक करके


   बीते समय के एक प्रसिद्ध मसीही प्रचारक थे एडवर्ड पेय्सन। एक इतवार को, तूफान के कारण केवल एक ही व्यक्ति चर्च सभा में आया और उन्होंने सारी सभा और प्रचार उसी एक व्यक्ति के लिए पूरी करी। कुछ महीने बीतने के बाद उस इतवार वाला वह व्यक्ति उनसे मिलने आया और कहने लगा, "उस सभा एवं प्रचार के द्वारा ही मैं अपने उद्धारकर्ता के निकट आ पाया। उस दिन आप जब भी पाप और उद्धार की बात करते तो मैं आस पास देखने लगता कि शायद कोई और भी आ गया हो, लेकिन उस पूरी सभा में मेरे अलावा और कोई भी श्रोता नहीं था, इसलिए मुझे यह मान लेना पड़ा कि परमेश्वर ने वह सन्देश मेरे ही लिए दिया था, और फिर मुझे उस सन्देश को ग्रहण करना ही था!"

   परमेश्वर एक एक करके हमें पाप के विनाश से बचाता है, उद्धार देता है। यदि आपकी पहुँच एक ही व्यक्ति के पास भी है, तो वह व्यक्ति आपकी परमेश्वरीय सेवकाई का क्षेत्र है। मसीही सेवकाई के लिए एक नारा दिया गया है - "मसीह यीशु के साथ रहने वाला प्रत्येक जन मसीही सेवक है; मसीह यीशु के साथ ना रहने वाला प्रत्येक जन सेवकाई करने का अवसर।" एक ही व्यक्ति सारे संसार तक नहीं पहुँच सकता, लेकिन हर कोई अपने पड़ौसी से प्रेम तो कर ही सकता है; और जैसा प्रभु यीशु ने सिखाया है, हर वह व्यक्ति जो हमें जीवन मार्ग में मिलता है हमारा पड़ौसी है।"

   परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रेरितों के काम नामक पुस्तक में हम पढ़ते हैं कि परमेश्वर का पवित्र आत्मा फिलिप्पुस को कूश देश से आए खोजे के पास लाया, जो उस समय पवित्र शास्त्र से पढ़ रहा था लेकिन उसे समझाने के लिए उसे किसी सहायक की आवश्यकता थी (प्रेरितों 8:26-37)। पवित्र आत्मा ने फिलिप्पुस को उस खोजे से कहने के लिए सही शब्द दिए और परिणामस्वरूप उस खोजे ने प्रभु यीशु पर विश्वास किया (प्रेरितों 8:37)।

   परमेश्वर से प्रार्थना करें कि वह आपको उस व्यक्ति के संपर्क में लाए जिसे उस ने उद्धार का वचन सुनने के लिए तैयार किया है। परमेश्वर ही सही समय पर आपको सही स्थान पर लेकर जाएगा जिससे आप उस व्यक्ति से बातचीत कर सकें। परमेश्वर ही आप में होकर उस व्यक्ति से बोलेगा, आप में होकर विश्वास के कार्य और प्रमाण उसके समक्ष रखेगा और फिर आप में होकर ही उस व्यक्ति को उद्धार देने के अपने महान उद्देश्य को पूरा करेगा। - डेविड रोपर


यदि जहाँ परमेश्वर ने आपको रखा है आप वहाँ उसके प्रति विश्वासयोग्य रहते हैं तो आप परमेश्वर के लिए सफल व्यक्ति हैं।

अब तेरी समझ में जो डाकुओं में घिर गया था, इन तीनों में से उसका पड़ोसी कौन ठहरा? उसने कहा, वही जिसने उस पर तरस खाया: यीशु ने उस से कहा, जा, तू भी ऐसा ही कर। - लूका 10:36-37

बाइबल पाठ: प्रेरितों 8:26-39
Acts 8:26 फिर प्रभु के एक स्वर्गदूत ने फिलेप्पुस से कहा; उठ कर दक्‍खिन की ओर उस मार्ग पर जा, जो यरूशलेम से अज्ज़ाह को जाता है, और जंगल में है। 
Acts 8:27 वह उठ कर चल दिया, और देखो, कूश देश का एक मनुष्य आ रहा था जो खोजा और कूशियों की रानी कन्‍दाके का मन्‍त्री और खजांची था, और भजन करने को यरूशलेम आया था। 
Acts 8:28 और वह अपने रथ पर बैठा हुआ था, और यशायाह भविष्यद्वक्ता की पुस्‍तक पढ़ता हुआ लौटा जा रहा था। 
Acts 8:29 तब आत्मा ने फिलेप्पुस से कहा, निकट जा कर इस रथ के साथ हो ले। 
Acts 8:30 फिलेप्पुस ने उस ओर दौड़ कर उसे यशायाह भविष्यद्वक्ता की पुस्‍तक पढ़ते हुए सुना, और पूछा, कि तू जो पढ़ रहा है क्या उसे समझता भी है? 
Acts 8:31 उसने कहा, जब तक कोई मुझे न समझाए तो मैं क्योंकर समझूं और उसने फिलेप्पुस से बिनती की, कि चढ़कर मेरे पास बैठ। 
Acts 8:32 पवित्र शास्त्र का जो अध्याय वह पढ़ रहा था, वह यह था; कि वह भेड़ की नाईं वध होने को पहुंचाया गया, और जैसा मेम्ना अपने ऊन कतरने वालों के साम्हने चुपचाप रहता है, वैसे ही उसने भी अपना मुंह न खोला। 
Acts 8:33 उस की दीनता में उसका न्याय होने नहीं पाया, और उसके समय के लोगों का वर्णन कौन करेगा, क्योंकि पृथ्वी से उसका प्राण उठाया जाता है। 
Acts 8:34 इस पर खोजे ने फिलेप्पुस से पूछा; मैं तुझ से बिनती करता हूं, यह बता कि भविष्यद्वक्ता यह किस विषय में कहता है, अपने या किसी दूसरे के विषय में। 
Acts 8:35 तब फिलेप्पुस ने अपना मुंह खोला, और इसी शास्त्र से आरम्भ कर के उसे यीशु का सुसमाचार सुनाया। 
Acts 8:36 मार्ग में चलते चलते वे किसी जल की जगह पहुंचे, तब खोजे ने कहा, देख यहां जल है, अब मुझे बपतिस्मा लेने में क्या रोक है। 
Acts 8:37 फिलेप्पुस ने कहा, यदि तू सारे मन से विश्वास करता है तो हो सकता है: उसने उत्तर दिया मैं विश्वास करता हूं कि यीशु मसीह परमेश्वर का पुत्र है। 
Acts 8:38 तब उसने रथ खड़ा करने की आज्ञा दी, और फिलेप्पुस और खोजा दोनों जल में उतर पड़े, और उसने उसे बपतिस्मा दिया। 
Acts 8:39 जब वे जल में से निकलकर ऊपर आए, तो प्रभु का आत्मा फिलेप्पुस को उठा ले गया, सो खोजे ने उसे फिर न देखा, और वह आनन्द करता हुआ अपने मार्ग चला गया।

एक साल में बाइबल: 
  • 2 शमूएल 12-13
  • लूका 16



सोमवार, 20 अप्रैल 2015

अद्भुत रचना


   हाल ही में जब मैं अपना नेत्र परिक्षण करवा रहा था तो मेरे नेत्र चिकित्सक ने परीक्षण के लिए एक ऐसा उपकरण निकाला जिसे मैंने पहले कभी नहीं देखा था। मैंने उससे उस उपकरण के बारे में पूछा तो उस ने उत्तर दिया, "इसके द्वारा मैं आपके आँख के पीछे के परदे की भीतरी तसवीर लूँगा"। मैं उस की यह बात सुन कर बहुत प्रभावित हुआ कि ऐसा कर पाने वाला कैमरा भी ईजाद कर लिया गया है। लेकिन इस से भी अधिक प्रभावित मैं वह बात सुनकर हुआ जिसके लिए मेरा नेत्र विशेषज्ञ वह तसवीर लेने जा रहा था; उस ने बताया कि आँख के पीछले भाग में स्थित परदे के हाल की जानकारी के द्वारा मेरी सेहत के संबंध में अनेक जानकारियाँ जुटाई जा सकती थीं!

   मेरे नेत्र विशेषज्ञ द्वारा दी गई इस जानकारी ने मुझे चकित कर दिया - किसी मनुष्य की आँख के एक भाग की जाँच से उसके सामान्य स्वास्थ्य के बारे में जानकारी जुटाई जा सकती है। हमारे सृष्टिकर्ता परमेश्वर ने कितनी बारीकी और विलक्षण योजना के साथ हमारी रचना करी है। यह मुझे परमेश्वर के वचन बाइबल में दाऊद के लिखे एक भजन में परमेश्वर की अद्भुत रचना के विषय में लिखी बात स्मरण कराता है: "मैं तेरा धन्यवाद करूंगा, इसलिये कि मैं भयानक और अद्भुत रीति से रचा गया हूं। तेरे काम तो आश्चर्य के हैं, और मैं इसे भली भांति जानता हूं" (भजन 139:14)।

   हमारे शरीर की रचना और कार्य में दिखाई देने वाली अत्याधिक जटिल बातें हमारे सृष्टिकर्ता परमेश्वर की बुद्धिमता और प्रवीणता का एक सूचक है। हमारी अद्भुत रचना केवल विस्मयकारी ही नहीं है, वरन यह हमें उसकी स्तुति एवं प्रशंसा करने, अपने आप को उसके हाथों में समर्पित कर देने, उसके आज्ञाकारी रहने के लिए प्रेरित भी करती है। - बिल क्राउडर


समस्त प्रकार के जीव परमेश्वर की रचना है और उसकी गवाही देते हैं।

क्योंकि उसके अनदेखे गुण, अर्थात उस की सनातन सामर्थ, और परमेश्वरत्व जगत की सृष्टि के समय से उसके कामों के द्वारा देखने में आते है, यहां तक कि वे निरुत्तर हैं। - रोमियों 1:20

बाइबल पाठ: भजन 139:13-18
Psalms 139:13 मेरे मन का स्वामी तो तू है; तू ने मुझे माता के गर्भ में रचा। 
Psalms 139:14 मैं तेरा धन्यवाद करूंगा, इसलिये कि मैं भयानक और अद्भुत रीति से रचा गया हूं। तेरे काम तो आश्चर्य के हैं, और मैं इसे भली भांति जानता हूं। 
Psalms 139:15 जब मैं गुप्त में बनाया जाता, और पृथ्वी के नीचे स्थानों में रचा जाता था, तब मेरी हडि्डयां तुझ से छिपी न थीं। 
Psalms 139:16 तेरी आंखों ने मेरे बेडौल तत्व को देखा; और मेरे सब अंग जो दिन दिन बनते जाते थे वे रचे जाने से पहिले तेरी पुस्तक में लिखे हुए थे। 
Psalms 139:17 और मेरे लिये तो हे ईश्वर, तेरे विचार क्या ही बहुमूल्य हैं! उनकी संख्या का जोड़ कैसा बड़ा है। 
Psalms 139:18 यदि मैं उन को गिनता तो वे बालू के किनकों से भी अधिक ठहरते। जब मैं जाग उठता हूं, तब भी तेरे संग रहता हूं।

एक साल में बाइबल: 
  • 2 शमूएल 9-11
  • लूका 15:11-32



रविवार, 19 अप्रैल 2015

क्लेष


   आमतौर से चर्च आराधना का अन्त आशीष वचन दिए जाने के साथ होता है। परमेश्वर के वचन बाइबल में दिए गए अनेक आशीष वचनों में से एक और अकसर प्रयुक्त होने वाला वचन है प्रेरित पतरस द्वारा लिखी गई पहली पत्री के अन्त में लिखा वचन : "अब परमेश्वर जो सारे अनुग्रह का दाता है, जिसने तुम्हें मसीह में अपनी अनन्त महिमा के लिये बुलाया, तुम्हारे थोड़ी देर तक दुख उठाने के बाद आप ही तुम्हें सिद्ध और स्थिर और बलवन्‍त करेगा" (1 पतरस 5:10)। लेकिन यह वचन दिए जाते समय कई बार इसका एक वाक्यांश, ’तुम्हारे थोड़ी देर तक दुख उठाने के बाद’ नहीं बोला जाता; ऐसा क्यों? संभवतः इसलिए कि क्लेष या दुख की बात करना अकसर लोगों को अच्छा नहीं लगता।

   लेकिन यदि दुख और क्लेष हम मसीही विश्वासियों पर आएं तो यह हमारे लिए कोई आश्चर्यचकित कर देने वाली बात नहीं होनी चाहिए, क्योंकि यह तो हमारे विश्वास के प्रति संसार की स्वाभाविक प्रतिक्रीया है। प्रेरित पौलुस ने, जो भली-भाँति जानता था कि दुख और क्लेष उठाना क्या होता है, अपनी एक पत्री में लिखा : "पर जितने मसीह यीशु में भक्ति के साथ जीवन बिताना चाहते हैं वे सब सताए जाएंगे" (2 तिमुथियुस 3:12)।

   जैसा आज के बाइबल पाठ में विदित है, प्रेरित पतरस ने भी लिखा है कि हम जब परमेश्वर को समर्पित और उसकी आज्ञाकारिता का, और शैतान के विरोध में चलने वाला जीवन व्यतीत करेंगे तो हमें संसार के लोगों से निन्दा सहने, गलत समझे जाने और उन लोगों द्वारा हमें उनके लाभ के लिए प्रयोग किए जाने के लिए तैयार रहना चाहिए (1 पतरस 5:6, 9)। लेकिन साथ ही प्रेरित पतरस हमें यह भी बताता है कि इस क्लेष उठाने के पीछे एक उद्देश्य भी है, कि हम इस सब को सहने के द्वारा ’सिद्ध और स्थिर और बलवन्‍त’ किए जाएं (1 पतरस 5:10)।

   हमारे मसीही विश्वास में बढ़ने के लिए परमेश्वर द्वारा निर्धारित मार्ग अकसर हमें कठिनाईयों में से ले जाता है, लेकिन ये कठिनाईयाँ ही हमें हमारी हमारे विश्वास की वास्तविक स्थिति से अवगत करवाती हैं और हमें आने वाले समयों में जीवन के तूफानों का सामना करने के लिए तैयार करते हैं। हर परिस्थिति में परमेश्वर पर अपने भरोसे को बनाए रखिए और उससे प्रार्थना करते रहिए कि वह आपको हर परिस्थिति में निर्भीक होकर उसके प्रति विश्वासयोग्य और उसे महिमा देने वाला जीवन व्यतीत करने वाला बनाए। - सी. पी. हिया


जब परमेश्वर को हमें मज़बूत करना होता है, वह कठिनाईयों की पाठशाला से हमें निकालता है।

और हम जानते हैं, कि जो लोग परमेश्वर से प्रेम रखते हैं, उन के लिये सब बातें मिलकर भलाई ही को उत्पन्न करती है; अर्थात उन्हीं के लिये जो उस की इच्छा के अनुसार बुलाए हुए हैं। - रोमियों 8:28

बाइबल पाठ: 1 पतरस 5:1-11
1 Peter 5:1 तुम में जो प्राचीन हैं, मैं उन की नाईं प्राचीन और मसीह के दुखों का गवाह और प्रगट होने वाली महिमा में सहभागी हो कर उन्हें यह समझाता हूं। 
1 Peter 5:2 कि परमेश्वर के उस झुंड की, जो तुम्हारे बीच में हैं रखवाली करो; और यह दबाव से नहीं, परन्तु परमेश्वर की इच्छा के अनुसार आनन्द से, और नीच-कमाई के लिये नहीं, पर मन लगा कर। 
1 Peter 5:3 और जो लोग तुम्हें सौंपे गए हैं, उन पर अधिकार न जताओ, वरन झुंड के लिये आदर्श बनो। 
1 Peter 5:4 और जब प्रधान रखवाला प्रगट होगा, तो तुम्हें महिमा का मुकुट दिया जाएगा, जो मुरझाने का नहीं। 
1 Peter 5:5 हे नवयुवकों, तुम भी प्राचीनों के आधीन रहो, वरन तुम सब के सब एक दूसरे की सेवा के लिये दीनता से कमर बान्‍धे रहो, क्योंकि परमेश्वर अभिमानियों का साम्हना करता है, परन्तु दीनों पर अनुग्रह करता है। 
1 Peter 5:6 इसलिये परमेश्वर के बलवन्‍त हाथ के नीचे दीनता से रहो, जिस से वह तुम्हें उचित समय पर बढ़ाए। 
1 Peter 5:7 और अपनी सारी चिन्‍ता उसी पर डाल दो, क्योंकि उसको तुम्हारा ध्यान है। 
1 Peter 5:8 सचेत हो, और जागते रहो, क्योंकि तुम्हारा विरोधी शैतान गर्जने वाले सिंह की नाईं इस खोज में रहता है, कि किस को फाड़ खाए। 
1 Peter 5:9 विश्वास में दृढ़ हो कर, और यह जान कर उसका साम्हना करो, कि तुम्हारे भाई जो संसार में हैं, ऐसे ही दुख भुगत रहे हैं। 
1 Peter 5:10 अब परमेश्वर जो सारे अनुग्रह का दाता है, जिसने तुम्हें मसीह में अपनी अनन्त महिमा के लिये बुलाया, तुम्हारे थोड़ी देर तक दुख उठाने के बाद आप ही तुम्हें सिद्ध और स्थिर और बलवन्‍त करेगा। 
1 Peter 5:11 उसी का साम्राज्य युगानुयुग रहे। आमीन।

एक साल में बाइबल: 
  • 2 शमूएल 6-8
  • लूका 15:1-10



शनिवार, 18 अप्रैल 2015

परिवर्तन


   बसन्त ऋतु वह समय होता है जब परमेश्वर हमें स्मरण दिलाता है कि जो कुछ दिख रहा है वह सदा ही वैसा ही बना नहीं रहेगा। बसन्त के आते ही, कुछ ही सप्ताह के अन्दर, जो पहले उजाड़ और बेजान दिख रहा था वह रंगीन तथा जीवन से भरा दिखने लगता है। वे वृक्ष जो सारी शरद ऋतु अपनी सूखी बेजान सी शाखाएं आकाश कि ओर उठाए मानों प्रार्थना कर रहे थे कि ढाँपे जाएं, चटकीले हरे वस्त्रों से अलंकृत हो जाते हैं। फूलों के पौधे, जो ठंड से मुर्झा कर धरती पर गिर गए थे, उसी धरती में से फिर से फूटकर बाहर आ जाते हैं और अपनी रंगीन छटा तथा सुगन्ध बिखरने लगते हैं, मानों मृत्यु को चुनौती दे रहे हों।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में भी हम आशाहीन प्रतीत होने वाली कुछ घटनाओं के बारे में पढ़ते हैं जो आगे चलकर बड़ी आशीष का कारण बन गईं। ऐसी ही एक घटना है अय्युब के अनुभवों की; अय्युब के लिए परमेश्वर ने स्वयं गवाही दी कि वह एक खरा व्यक्ति था (अय्युब 2:3) किंतु फिर भी अय्युब को अचानक ही त्रासदी ने धर दबोचा, और जो कुछ भी अय्युब के लिए महत्वपूर्ण और प्रीय था वह उससे ले लिया गया। अपनी दुर्दशा को देखकर अय्युब ने कहा, "मेरे दिन जुलाहे की धड़की से अधिक फुतीं से चलने वाले हैं और निराशा में बीते जाते हैं" (अय्युब 7:6)। जैसा अय्युब और उसके मित्रों को लग रहा था - कि परमेश्वर अय्युब के विरुद्ध हो गया है, सच्चाई उसके विपरीत थी। परमेश्वर अय्युब की खराई पर इतना भरोसा रखता था कि उसने शैतान द्वारा अय्युब को परखे जाने की अनुमति शैतान को दे दी; और जब परमेश्वर के भरोसे के अनुसार अय्युब उस परीक्षा से सफल होकर निकला तब परमेश्वर की आशीषें उसकी प्रतीक्षा कर रहीं थीं; उसकी निराशा आशा और आनन्द में परिवर्तित हो गई।

   प्रतिवर्ष बसन्त ऋतु का विशवासयोग्य आगमन मुझे उत्साहित करता है कि मेरी कोई भी निराशाजनक परिस्थिति सदा ही बनी नहीं रहेगी; परमेश्वर मेरे जीवन में कार्यरत है और मुझे जीवन चाहे जैसा भी उजाड़ और बेजान प्रतीत हो, परमेश्वर मेरी प्रत्येक परिस्थिति को सुगन्ध और रंग से भरे बाग़ में परिवर्तित कर सकता है और अपने समय में कर देगा। - जूली ऐकैअरमैन लिंक


सबसे आशाहीन दशा में भी परमेश्वर के साथ होने से आशा रहती है।

देखो, हम धीरज धरने वालों को धन्य कहते हैं: तुम ने अय्यूब के धीरज के विषय में तो सुना ही है, और प्रभु की ओर से जो उसका प्रतिफल हुआ उसे भी जान लिया है, जिस से प्रभु की अत्यन्‍त करूणा और दया प्रगट होती है। - याकूब 5:11

बाइबल पाठ: अय्युब 42:10-17
Job 42:10 जब अय्यूब ने अपने मित्रों के लिये प्रार्थना की, तब यहोरवा ने उसका सारा दु:ख दूर किया, और जितना अय्यूब का पहिले था, उसका दुगना यहोवा ने उसे दे दिया। 
Job 42:11 तब उसके सब भाई, और सब बहिनें, और जितने पहिले उसको जानते पहिचानते थे, उन सभों ने आकर उसके यहां उसके संग भोजन किया; और जितनी विपत्ति यहोवा ने उस पर डाली थी, उस सब के विषय उन्होंने विलाप किया, और उसे शान्ति दी; और उसे एक एक सिक्का और सोने की एक एक बाली दी। 
Job 42:12 और यहोवा ने अय्यूब के पिछले दिनों में उसको अगले दिनों से अधिक आशीष दी; और उसके चौदह हजार भेंड़ बकरियां, छ: हजार ऊंट, हजार जोड़ी बैल, और हजार गदहियां हो गई। 
Job 42:13 और उसके सात बेटे ओर तीन बेटियां भी उत्पन्न हुई। 
Job 42:14 इन में से उसने जेठी बेटी का नाम तो यमीमा, दूसरी का कसीआ और तीसरी का केरेन्हप्पूक रखा। 
Job 42:15 और उस सारे देश में ऐसी स्त्रियां कहीं न थीं, जो अय्यूब की बेटियों के समान सुन्दर हों, और उनके पिता ने उन को उनके भाइयों के संग ही सम्पत्ति दी। 
Job 42:16 इसके बाद अय्यूब एक सौ चालीस वर्ष जीवित रहा, और चार पीढ़ी तक अपना वंश देखने पाया। 
Job 42:17 निदान अय्यूब वृद्धावस्था में दीर्घायु हो कर मर गया।

एक साल में बाइबल: 
  • 2 शमूएल 3-5
  • लूका 14:25-35



शुक्रवार, 17 अप्रैल 2015

घर


   यह घटना उस समय की है जब मैं एक निर्माण कंपनी में अधिकारी का कार्य कर रहा था; हमारी कंपनी को पड़ौस के राज्य में कार्य करने का ठेका मिला। इस कार्य को करने के लिए हमारे कर्मचारियों को अपने दिन भर के कार्य समय के अतिरिक्त कार्य-स्थल तक पहुँचने और लौटने के लिए एक तरफ ही दो घंटे की यात्रा करनी पड़ती। उन कर्मचारियों का जीवन सरल करने के उद्देश्य से हमारी कंपनी ने कार्य-स्थल के निकट ही कार्य-अवधि के लिए होटल में कुछ कमरे किराए पर ले लिए, किंतु साथ ही कर्मचारियों को यह विकल्प भी दिया कि यदि वे प्रतिदिन अपने घर से ही कार्य-स्थल तक आना-जाना करना चाहते हैं तो कंपनी उनके लिए गाड़ियों का प्रबंध भी करेगी। हमें आश्चर्य हुआ कि लगभग सभी कर्मचारियों ने कार्य-स्थल के निकट होटल में रहने की बजाए घर से ही प्रतिदिन आने-जाने के विकल्प को चुना!

   हमारे सबसे चिड़चिड़े कर्मचारियों में से एक ने अपने व्यवहार को बदल लिया। उसने अपनी पत्नि तथा बच्चों के आनन्द से भरे आश्चर्य के बारे में बताया, क्योंकि कार्य के पहले दिन उस ने उन्हें यह नहीं बताया था कि वह रात को वापस घर आ जाएगा; वह उन्हें चकित करना चाहता था। इसलिए जब वह रात को घर वापस लौटा तो उसे घर आया देखकर परिवार-जनों का आश्चर्य तथा आनन्द उसके लिए बड़ा उत्साहित करने वाला था। उसकी पत्नि ने हमारी कंपनी में फोन कर के बहुत धन्यवाद किया और कहा कि वे ऐसी कंपनी में आजीवन वफादारी से कार्य करना चाहेंगे जो उनके लिए इतना सोचती है, और इस बात को समझती है कि कर्मचारियों के लिए घर कितना महत्वपूर्ण होता है।

   जिस किसी को भी, चाहे थोड़े समय के लिए ही सही, घर के आराम से वंचित रहना पड़ा है वह प्रभु यीशु द्वारा अपने चेलों को दी गई प्रतिज्ञा के महत्व को भली-भाँति समझ सकता है कि प्रभु उनके लिए स्वर्ग में अनन्तकाल तक के लिए घर बना रहा है; इससे भी बढ़कर प्रभु यीशु ने अपने अनुयायियों से यह भी वायदा किया है कि वह स्वयं उन्हें वहाँ ले जाने आएगा और उनके साथ वहाँ रहेगा (यूहन्ना 14:2-3)।

   स्मरण रखिए कि इस जीवन के महानत्म सुख - घर के आनन्द के बारे में प्रभु को आपका ध्यान है, वह अपने अनुयायियों के लिए स्थान तैयार कर रहा है और अन्ततः उनके साथ वहाँ अनन्तकाल तक रहेगा। - रैन्डी किलगोर


घर के समान कोई दूसरा स्थान नहीं है; विशेषकर तब जब घर स्वर्ग में हो।

यदि कोई मेरी सेवा करे, तो मेरे पीछे हो ले; और जहां मैं हूं वहां मेरा सेवक भी होगा; यदि कोई मेरी सेवा करे, तो पिता उसका आदर करेगा। - यूहन्ना 12:26

बाइबल पाठ: यूहन्ना 14:1-6
John 14:1 तुम्हारा मन व्याकुल न हो, तुम परमेश्वर पर विश्वास रखते हो मुझ पर भी विश्वास रखो। 
John 14:2 मेरे पिता के घर में बहुत से रहने के स्थान हैं, यदि न होते, तो मैं तुम से कह देता क्योंकि मैं तुम्हारे लिये जगह तैयार करने जाता हूं। 
John 14:3 और यदि मैं जा कर तुम्हारे लिये जगह तैयार करूं, तो फिर आकर तुम्हें अपने यहां ले जाऊंगा, कि जहां मैं रहूं वहां तुम भी रहो। 
John 14:4 और जहां मैं जाता हूं तुम वहां का मार्ग जानते हो। 
John 14:5 थोमा ने उस से कहा, हे प्रभु, हम नहीं जानते कि तू हां जाता है तो मार्ग कैसे जानें? 
John 14:6 यीशु ने उस से कहा, मार्ग और सच्चाई और जीवन मैं ही हूं; बिना मेरे द्वारा कोई पिता के पास नहीं पहुंच सकता।

एक साल में बाइबल: 
  • 2 शमूएल 1-2
  • लूका 14:1-24



गुरुवार, 16 अप्रैल 2015

संकट स्थल


   जून 10, 1770 के दिन ब्रिटिश नाविक जेम्स कुक का जहाज़ ऑस्ट्रेलिया के उत्तर-पूर्वी तट के समीप पानी के नीचे छिपी चट्टानों से टकराया। उसने अपना जहाज़ उन चट्टानों से निकालकर और गहरे पानी में जाने का प्रयास किया किंतु फिर से उसका जहाज़ पानी में छिपी चट्टनों से टकराया, और इस बार के टकराने से जहाज़ लगभग डूबने की स्थिति में आ गया। इस अनुभव को जहाज़ के प्रतिदिन के यात्रा-विवरण में दर्ज करते समय जेम्स ने लिखा, "उस उत्तरी बिन्दु को संकट स्थल नाम दिया क्योंकि वहीं से हमारे दुखों का आरंभ हुआ।"

   हम में से बहुतेरों ने अपने जीवनों में ऐसे संकटों का सामना किया है जो फिर अन्य संकटों के आने का आरंभ बन गए; जैसे किसी प्रीय जन की मृत्यु, कोई अनचाहा तलाक, लगातार गिरती हुई सेहत इत्यादि बातों जैसी अन्य कोई भी बात इस सूचि का भाग हो सकते हैं। यद्यपि ये संकट हमारे लिए भी ’संकट स्थल’ अर्थात अन्य दुखों का आरंभ हो सकते हैं, तो भी हम मसीही विश्वासियों को यह निश्चय है कि परमेश्वर हर बात पर सर्वे-सर्वा है तथा हमारी प्रत्येक परिस्थिति का नियंत्रक भी है। वह संकट और दुखः के समयों का उपयोग हमारे जीवनों में लचीलापन, अर्थात सभी परिस्थितियों में स्थिर बने रहने का गुण विकसित करने के लिए करता है। परमेश्वर के वचन बाइबल में याकूब नाम का परमेश्वर का एक दास लिखता है, "हे मेरे भाइयों, जब तुम नाना प्रकार की परीक्षाओं में पड़ो तो इसको पूरे आनन्द की बात समझो, यह जान कर, कि तुम्हारे विश्वास के परखे जाने से धीरज उत्पन्न होता है" (याकूब 1:2-3)। यहाँ जिस शब्द का अनुवाद ’धीरज’ किया गया है, मूल यूनानी भाषा में उस शब्द का अर्थ सहन शक्ति अथवा स्थिर बने रहने की सामर्थ भी होता है।

   अपने जीवन में जीवन परिवर्तित कर देने वाली परिस्थितियों का सामना करते समय यह कभी नहीं भूलें कि परमेश्वर नियंत्रण में है तथा आपके जीवन में कार्यरत भी है। वह आपके ’संकट स्थल’ वाले अनुभवों का उपयोग आपके चरित्र को बनाने एवं निखारने के लिए करता है और उसका यह वायदा है कि उन समयों में वह आपको उनके लिए आवश्यक अनुग्रह तथा सामर्थ भी देगा (2 कुरिन्थियों 12:9)। - डेनिस फिशर


संकट की शरद ऋतु में ही विश्वास का सर्वोत्तम विकास होता है। - रदरफोर्ड

और उसने मुझ से कहा, मेरा अनुग्रह तेरे लिये बहुत है; क्योंकि मेरी सामर्थ निर्बलता में सिद्ध होती है; इसलिये मैं बड़े आनन्द से अपनी निर्बलताओं पर घमण्‍ड करूंगा, कि मसीह की सामर्थ मुझ पर छाया करती रहे। - 2 कुरिन्थियों 12:9 

बाइबल पाठ: याकूब 1:1-8
James 1:1 परमेश्वर के और प्रभु यीशु मसीह के दास याकूब की ओर से उन बारहों गोत्रों को जो तित्तर बित्तर हो कर रहते हैं नमस्‍कार पहुंचे। 
James 1:2 हे मेरे भाइयों, जब तुम नाना प्रकार की परीक्षाओं में पड़ो 
James 1:3 तो इसको पूरे आनन्द की बात समझो, यह जान कर, कि तुम्हारे विश्वास के परखे जाने से धीरज उत्पन्न होता है। 
James 1:4 पर धीरज को अपना पूरा काम करने दो, कि तुम पूरे और सिद्ध हो जाओ और तुम में किसी बात की घटी न रहे।
James 1:5 पर यदि तुम में से किसी को बुद्धि की घटी हो, तो परमेश्वर से मांगे, जो बिना उलाहना दिए सब को उदारता से देता है; और उसको दी जाएगी। 
James 1:6 पर विश्वास से मांगे, और कुछ सन्‍देह न करे; क्योंकि सन्‍देह करने वाला समुद्र की लहर के समान है जो हवा से बहती और उछलती है। 
James 1:7 ऐसा मनुष्य यह न समझे, कि मुझे प्रभु से कुछ मिलेगा। 
James 1:8 वह व्यक्ति दुचित्ता है, और अपनी सारी बातों में चंचल है।

एक साल में बाइबल: 
  • 1 शमूएल 30-31
  • लूका 13:23-35


बुधवार, 15 अप्रैल 2015

धन संबंधित


   मैरिलिन और स्टीवन के विवाह को कुछ ही वर्ष हुए थे, और उनकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं चल रही थी, घर चलाने के लिए पैसे जुटा पाना कठिन होता था। फिर भी अपने बिस्तर पर लगी और जीर्ण हो चली चादर को देखकर आखिरकर मैरिलिन ने उसके स्थान पर नई चादर ले कर लगाने का निर्णय लिया। क्योंकि चादर खरीदने के लिए पैसे नहीं थे इसलिए उसने यह कार्य क्रेडिट-कार्ड द्वारा करने का विचार किया, इस आशा में कि आते समय कहीं से कुछ पैसों का इंतिज़ाम हो ही जाएगा और वह क्रेडिट-कार्ड पर लिया गया यह ऋण चुका देगी।

   खरीदने जाने से पहले वह अपनी दिनचर्या के अनुसार परमेश्वर के बारे में मनन करने में सहायता करने वाले पाठ को लेकर बैठी, जो उसे परमेश्वर के वचन बाइबल में नीतिवचन 22:27 पर ले गया, जिसे पढ़कर वह चकित हुई, क्योंकि वहाँ लिखा था, "यदि भर देने के लिये तेरे पास कुछ न हो, तो वह क्यों तेरे नीचे से खाट खींच ले जाए?" (नीतिवचन 22:27); परमेश्वर के वचन से मिली अगुवाई का ध्यान कर के मैरिलिन ने उधार पर नई चादर खरीदने का अपना निर्णय बदल दिया।

   हम अपने पैसे को कैसे खर्च करते हैं यह हमारे तथा हमारी सब आशीषों के स्त्रोत, परमेश्वर, के बीच का व्यक्तिगत मामला है। कभी कभी सही निर्णय लेना हमें कठीन लग सकता है, लेकिन हमारे परमेश्वर पिता ने हमें असहाय नहीं छोड़ा है; उसने अपने जीवते वचन बाइबल में हमारे लिए अनेक निर्देश दिए हैं, जैसे कि: "अपनी संपत्ति के द्वारा और अपनी भूमि की पहिली उपज दे देकर यहोवा की प्रतिष्ठा करना" (नीतिवचन 3:9); तथा "कोई मनुष्य दो स्‍वामियों की सेवा नहीं कर सकता, क्योंकि वह एक से बैर ओर दूसरे से प्रेम रखेगा, वा एक से मिला रहेगा और दूसरे को तुच्‍छ जानेगा; “तुम परमेश्वर और धन दोनों की सेवा नहीं कर सकते” " (मत्ती 6:24)।

   धन के प्रयोग से संबंधित इन निर्देषों के अतिरिक्त हमें और भी निर्देष मिलते हैं, जैसे: "और उसने उन से कहा, चौकस रहो, और हर प्रकार के लोभ से अपने आप को बचाए रखो: क्योंकि किसी का जीवन उस की संपत्ति की बहुतायत से नहीं होता" (लूका12:15)। और, "धनी, निर्धन लोगों पर प्रभुता करता है, और उधार लेने वाला उधार देने वाले का दास होता है" (नीतिवचन 22:7); तथा तिमुथियुस में हम धनवानों के लिए लिखा पाते हैं, "भलाई करें, और भले कामों में धनी बनें, और उदार और सहायता देने में तत्‍पर हों" (1 तिमुथियुस 6:18)।

   धन सभी के लिए एक महत्वपूर्ण विषय है और परमेश्वर ने, जो हमारी आवश्यकताओं को पूरा करने का वायदा करता है, धन के सही एवं उपयुक्त उपयोग से संबंधित अनेक शिक्षाएं अपने वचन में हमारे लिए रख छोड़ी हैं जिससे हम धन तथा उसके उपयोग से परमेश्वर की महीमा कर सकें। - डेव एग्नर

कभी पैसे को अपना परमेश्वर ना बनने दें।

इसलिये पहिले तुम परमेश्वर के राज्य और धर्म की खोज करो तो ये सब वस्तुएं भी तुम्हें मिल जाएंगी। - मत्ती 6:33

बाइबल पाठ: 1 तिमुथियुस 6:6-18
1 Timothy 6:6 पर सन्‍तोष सहित भक्ति बड़ी कमाई है। 
1 Timothy 6:7 क्योंकि न हम जगत में कुछ लाए हैं और न कुछ ले जा सकते हैं। 
1 Timothy 6:8 और यदि हमारे पास खाने और पहिनने को हो, तो इन्‍हीं पर सन्‍तोष करना चाहिए। 
1 Timothy 6:9 पर जो धनी होना चाहते हैं, वे ऐसी परीक्षा, और फंदे और बहुतेरे व्यर्थ और हानिकारक लालसाओं में फंसते हैं, जो मनुष्यों को बिगाड़ देती हैं और विनाश के समुद्र में डूबा देती हैं। 
1 Timothy 6:10 क्योंकि रूपये का लोभ सब प्रकार की बुराइयों की जड़ है, जिसे प्राप्त करने का प्रयत्न करते हुए कितनों ने विश्वास से भटक कर अपने आप को नाना प्रकार के दुखों से छलनी बना लिया है।
1 Timothy 6:11 पर हे परमेश्वर के जन, तू इन बातों से भाग; और धर्म, भक्ति, विश्वास, प्रेम, धीरज, और नम्रता का पीछा कर। 
1 Timothy 6:12 विश्वास की अच्छी कुश्‍ती लड़; और उस अनन्त जीवन को धर ले, जिस के लिये तू बुलाया, गया, और बहुत गवाहों के साम्हने अच्छा अंगीकार किया था। 
1 Timothy 6:13 मैं तुझे परमेश्वर को जो सब को जीवित रखता है, और मसीह यीशु को गवाह कर के जिसने पुन्‍तियुस पीलातुस के साम्हने अच्छा अंगीकार किया, यह आज्ञा देता हूं, 
1 Timothy 6:14 कि तू हमारे प्रभु यीशु मसीह के प्रगट होने तक इस आज्ञा को निष्‍कलंक और निर्दोष रख। 
1 Timothy 6:15 जिसे वह ठीक समयों में दिखाएगा, जो परमधन्य और अद्वैत अधिपति और राजाओं का राजा, और प्रभुओं का प्रभु है। 
1 Timothy 6:16 और अमरता केवल उसी की है, और वह अगम्य ज्योति में रहता है, और न उसे किसी मनुष्य ने देखा, और न कभी देख सकता है: उस की प्रतिष्‍ठा और राज्य युगानुयुग रहेगा। आमीन।
1 Timothy 6:17 इस संसार के धनवानों को आज्ञा दे, कि वे अभिमानी न हों और चंचल धन पर आशा न रखें, परन्तु परमेश्वर पर जो हमारे सुख के लिये सब कुछ बहुतायत से देता है। 
1 Timothy 6:18 और भलाई करें, और भले कामों में धनी बनें, और उदार और सहायता देने में तत्‍पर हों।

एक साल में बाइबल: 
  • 1 शमूएल 27-29
  • लूका 13:1-22