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सोमवार, 15 अगस्त 2016

आशा


   मैं अपने पिता की कब्र के पास बैठी हुई प्रतीक्षा में थी कि मेरी माँ के अन्तिम संस्कार और दफनाने की क्रीया आरंभ हो। मेरा मन स्तब्ध और और मेरा मस्तिष्क सुन्न था; तीन महीने के अन्दर ही दोनों को खो देने को मैं कैसे सहन करने पाऊँगी? अब उनके मेरे साथ ना होने के कारण अपने इस वियोग में मैं अकेलेपन और दुःख तथा कुछ हद तक एक निराशा का अनुभव कर रही थी।

   क्रिया आरंभ हुई और एक पास्टर ने एक अन्य कब्र के समीप हुई कुछ बातों के बारे में परमेश्वर के वचन बाइबल से पढ़ना आरंभ किया। प्रभु यीशु मसीह की मृत्युप्रांत, सप्ताह के पहले दिन बड़ी भोर के समय कुछ महिलाएं प्रभु यीशु कि देह पर सुगन्धित द्रव्य लगाने के लिए उसकी कब्र पर पहुँचीं (मत्ती 28:1; लूका 24:1)। वहाँ पहुँच कर वे खुली हुई तथा खाली कब्र देखकर भौंचक्की रह गईं - और एक स्वर्गदूत ने उनसे कहा, "मत डरो" (मत्ती 28:5)। उन्हें उस खाली कब्र या वहाँ उपस्थित उस स्वर्गदूत से डरने की कोई आवश्यकता नहीं थी क्योंकि वह दूत उन के लिए एक अच्छी खबर लेकर आया था। उस स्वर्गदूत के मुँह से निकलने वाले अगले शब्द "वह यहाँ नहीं है, परन्तु अपने वचन के अनुसार जी उठा है; आओ, यह स्थान देखो, जहाँ प्रभु पड़ा था" (पद 6) सुनकर उन स्त्रियों में आशा जागृत हुई। क्योंकि प्रभु यीशु मृतकों में से पुनः जीवित हो उठे थे इसलिए अब मृत्यु पराजित हो चुकी थी। प्रभु यीशु ने अपने चेलों से कुछ ही दिन पहले कहा था: "और थोड़ी देर रह गई है कि फिर संसार मुझे न देखेगा, परन्तु तुम मुझे देखोगे, इसलिये कि मैं जीवित हूं, तुम भी जीवित रहोगे" (यूहन्ना 14:19)।

   चाहे हम अपने किसी प्रीय जन के चले जाने से दुःखी होते हैं, लेकिन मसीह यीशु के पुनरुत्थान से हमें आशा मिली है; हमें आश्वासन है कि मृत्युप्रांत भी जीवन है; प्रभु यीशु के साथ का आनन्दमय अनन्त जीवन। - ऐनी सेटास


क्योंकि हमारा प्रभु जीवता प्रभु है, इसलिए हमारे पास भी अनन्त जीवन की आशा है।

क्योंकि यदि हम उस की मृत्यु की समानता में उसके साथ जुट गए हैं, तो निश्चय उसके जी उठने की समानता में भी जुट जाएंगे। - रोमियों 6:5

बाइबल पाठ: मत्ती 28:1-10
Matthew 28:1 सब्त के दिन के बाद सप्‍ताह के पहिले दिन पह फटते ही मरियम मगदलीनी और दूसरी मरियम कब्र को देखने आईं। 
Matthew 28:2 और देखो एक बड़ा भुईंडोल हुआ, क्योंकि प्रभु का एक दूत स्वर्ग से उतरा, और पास आकर उसने पत्थर को लुढ़का दिया, और उस पर बैठ गया। 
Matthew 28:3 उसका रूप बिजली का सा और उसका वस्‍त्र पाले की नाईं उज्ज़्‍वल था। 
Matthew 28:4 उसके भय से पहरूए कांप उठे, और मृतक समान हो गए। 
Matthew 28:5 स्वर्गदूत ने स्त्रियों से कहा, कि तुम मत डरो: मैं जानता हूँ कि तुम यीशु को जो क्रुस पर चढ़ाया गया था ढूंढ़ती हो। 
Matthew 28:6 वह यहाँ नहीं है, परन्तु अपने वचन के अनुसार जी उठा है; आओ, यह स्थान देखो, जहाँ प्रभु पड़ा था। 
Matthew 28:7 और शीघ्र जा कर उसके चेलों से कहो, कि वह मृतकों में से जी उठा है; और देखो वह तुम से पहिले गलील को जाता है, वहाँ उसका दर्शन पाओगे, देखो, मैं ने तुम से कह दिया। 
Matthew 28:8 और वे भय और बड़े आनन्द के साथ कब्र से शीघ्र लौटकर उसके चेलों को समाचार देने के लिये दौड़ गईं। 
Matthew 28:9 और देखो, यीशु उन्हें मिला और कहा; ‘सलाम’ और उन्होंने पास आकर और उसके पाँव पकड़कर उसको दण्डवत किया। 
Matthew 28:10 तब यीशु ने उन से कहा, मत डरो; मेरे भाईयों से जा कर कहो, कि गलील को चलें जाएं वहाँ मुझे देखेंगे।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 91-93
  • रोमियों 15:1-13


रविवार, 14 अगस्त 2016

आचरण


   मुझे आज भी अपने मित्र जे इलियट का वह चकित चेहरा याद है जब लगभग 50 वर्ष पूर्व मैं उसके घर के सामने के दरवाज़े से अचानक ही अन्दर घुसा था और मेरे चारों ओर मधुमखियाँ मण्डरा रही थीं। भागता हुआ मैं जब उसके पिछले दरवाज़े से बाहर निकला तो मुझे एहसास हुआ कि अब वे मधुमखियाँ मेरे साथ नहीं थीं - मैं उन्हें जे के घर के अन्दर छोड़ आया था। फिर कुछ ही क्षणों के पश्चात जे अपने पिछले दरवाज़े से भागता हुआ बाहर आया, और उसके पीछे वे मधुमखियाँ थीं जो मैं उसके घर ले आया था!

   उन मधुमखियों ने मुझे दर्जन से भी अधिक बार डंक मारा था, परन्तु मुझे इसका कोई विशेष दुषप्रभाव नहीं हुआ था। परन्तु जे के साथ ऐसा नहीं था; उसे तो एक या दो बार ही "मेरी" मधुमखियों का डंक झेलना पड़ा था, लेकिन फिर भी एलर्जिक प्रतिक्रिया के कारण उसकी आँखें तथा गला सूज गए जो उसके लिए बहुत दर्दनाक हो गया; मेरा कार्य मेरे मित्र के लिए बहुत कष्ट का कारण बन गया था।

   यही बात हमारे पारस्परिक व्यवहार एवं संबंधों में भी लागू होती है। जब हमारा आचरण और व्यवहार हमारे मसीही विश्वास के अनुरूप नहीं होता, हम दूसरों के लिए बहुत कष्ट का कारण बन जाते हैं। हम चाहे अपने गलत आचरण के लिए क्षमा भी माँग लें, फिर भी हमारे द्वारा दिए गए उस डंक की चुभन और निशानी तो रह ही जाती है।

   मसीह यीशु के अनुयायियों से लोग धैर्य और नम्रता के आचरण की आशा रखते हैं। हम मसीही विश्वासी कई दफा यह भूल जाते हैं कि विश्वास या जीवन या फिर दोनों ही से संघर्ष कर रहे लोग अकसर हमारी ओर सही मार्गदर्शन पाने की आशा के साथ देखते हैं। उन्हें उम्मीद होती है कि हम से उन्हें क्रोध की बजाए करुणा, कटुता की बजा अनुकंपा और आलोचना की बजाए प्रोत्साहन मिलेगा। प्रभु यीशु तथा प्रेरित पतरस ने हमें यही निर्देश दिए हैं कि हम ऐसे जीवन जीकर दिखाएं जिनमें हमारे आचरण से परमेश्वर को महिमा मिल सके (मत्ती 5:16, 1 पतरस 2:12)। होने दें कि हमारे आचरण और प्रतिक्रियाओं से हमारे संपर्क में आने वाले लोग हमारे प्रेमी, दयालु परमेश्वर पिता को जान और पहचान सकें। - रैंडी किलगोर


काश लोगों को मुझ में मैं कम और प्रभु यीशु अधिक दिखाई दें।

उसी प्रकार तुम्हारा उजियाला मनुष्यों के साम्हने चमके कि वे तुम्हारे भले कामों को देखकर तुम्हारे पिता की, जो स्वर्ग में हैं, बड़ाई करें। - मत्ती 5:16

बाइबल पाठ: 1 पतरस 2:1-12
1 Peter 2:1 इसलिये सब प्रकार का बैर भाव और छल और कपट और डाह और बदनामी को दूर करके। 
1 Peter 2:2 नये जन्मे हुए बच्‍चों की नाईं निर्मल आत्मिक दूध की लालसा करो, ताकि उसके द्वारा उद्धार पाने के लिये बढ़ते जाओ। 
1 Peter 2:3 यदि तुम ने प्रभु की कृपा का स्‍वाद चख लिया है। 
1 Peter 2:4 उसके पास आकर, जिसे मनुष्यों ने तो निकम्मा ठहराया, परन्तु परमेश्वर के निकट चुना हुआ, और बहुमूल्य जीवता पत्थर है। 
1 Peter 2:5 तुम भी आप जीवते पत्थरों की नाईं आत्मिक घर बनते जाते हो, जिस से याजकों का पवित्र समाज बन कर, ऐसे आत्मिक बलिदान चढ़ाओ, जो यीशु मसीह के द्वारा परमेश्वर को ग्राह्य हों। 
1 Peter 2:6 इस कारण पवित्र शास्त्र में भी आया है, कि देखो, मैं सिय्योन में कोने के सिरे का चुना हुआ और बहुमूल्य पत्थर धरता हूं: और जो कोई उस पर विश्वास करेगा, वह किसी रीति से लज्ज़ित नहीं होगा। 
1 Peter 2:7 सो तुम्हारे लिये जो विश्वास करते हो, वह तो बहुमूल्य है, पर जो विश्वास नहीं करते उन के लिये जिस पत्थर को राजमिस्त्रीयों ने निकम्मा ठहराया था, वही कोने का सिरा हो गया। 
1 Peter 2:8 और ठेस लगने का पत्थर और ठोकर खाने की चट्टान हो गया है: क्योंकि वे तो वचन को न मान कर ठोकर खाते हैं और इसी के लिये वे ठहराए भी गए थे। 
1 Peter 2:9 पर तुम एक चुना हुआ वंश, और राज-पदधारी याजकों का समाज, और पवित्र लोग, और (परमेश्वर की) निज प्रजा हो, इसलिये कि जिसने तुम्हें अन्धकार में से अपनी अद्भुत ज्योति में बुलाया है, उसके गुण प्रगट करो। 
1 Peter 2:10 तुम पहिले तो कुछ भी नहीं थे, पर अब परमेश्वर ही प्रजा हो: तुम पर दया नहीं हुई थी पर अब तुम पर दया हुई है।
1 Peter 2:11 हे प्रियों मैं तुम से बिनती करता हूं, कि तुम अपने आप को परदेशी और यात्री जान कर उस सांसारिक अभिलाषाओं से जो आत्मा से युद्ध करती हैं, बचे रहो। 
1 Peter 2:12 अन्यजातियों में तुम्हारा चालचलन भला हो; इसलिये कि जिन जिन बातों में वे तुम्हें कुकर्मी जान कर बदनाम करते हैं, वे तुम्हारे भले कामों को देख कर; उन्‍हीं के कारण कृपा दृष्टि के दिन परमेश्वर की महिमा करें।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 89-90
  • रोमियों 14


शनिवार, 13 अगस्त 2016

आत्मा


   सन 1891 के अगस्त माह की गर्मी में आर० जी० डायरनफ़ोर्थ, मिडलैंड टेक्सस में यह ठान कर आए कि वे विस्फोट द्वारा आकाश से बारिश करवा देंगे। वे "Concussionist" (विस्फोटक प्रहारक) के उपनाम से भी जाने जाते थे; उन्होंने तथा उनके दल के लोगों ने मिल कर विस्फोटक गैस से भरे अनेकों विशाल गुब्बारे आकाश में फोड़े, ज़मीन से अनेकों तोपें दाग़ीं और बारूद के कई ढेरों से विस्फोट किए जिन से धरती और आकाश कांप गए। कुछ लोगों का कहना है कि उनके प्रयासों से हल्की सी बारिश हुई थी; लेकिन सामन्यतः यही माना जाता है कि उन्होंने केवल आवाज़ ही उत्पन्न करी, उनके द्वारा किए गए विस्फोट देखने-सुनने में प्रभावी किंतु अपने दावे और उद्देश्य के लिए बेनतीजा थे।

   जब प्रारंभिक चर्च में देख-भाल करने वालों की आवश्यकता हुई, तो मण्डली के लोगों ने एक विशेष सामर्थ वाले लोगों की खोज करी। उन्होंने मण्डली में भोजन वितरण के कार्य के निरीक्षण और उसके सुचारु रीति से किए जाने को सुनिश्चित करने के लिए "अपने में से सात सुनाम पुरूषों को जो पवित्र आत्मा और बुद्धि से परिपूर्ण हों, चुन लो, कि हम उन्हें इस काम पर ठहरा दें" (प्रेरितों 6:3)। इन में से एक था स्तिफनुस, जो कि "अनुग्रह और सामर्थ में परिपूर्ण हो कर लोगों में बड़े बड़े अद्भुत काम और चिन्ह दिखाया करता था" (पद 8)। आगे चलकर जब आत्मिक बातों तथा प्रभु यीशु में विश्वास के संबंध में विवाद उठे तो जो स्तिफनुस से विवाद करने आए थे वे "उस ज्ञान और उस आत्मा का जिस से वह बातें करता था, वे साम्हना न कर सके" (पद 10)।

   परमेश्वर का वचन बाइबल यह स्पष्ट कर देती है कि स्तिफनुस का इस प्रकार प्रभावी होना उसके अन्दर कार्य करने वाली परमेश्वर की पवित्र-आत्मा के कारण था, जिससे स्तिफनुस भरा हुआ था। यही आत्मा उसे परिस्थिति तथा आवश्यकतानुसार विश्वास, बुद्धिमता और सामर्थ का सही सामंजस्य प्रदान करती थी, जिससे कोई उसके सामने टिक नहीं पाता था।

   आज अपने जीवनों से सांसारिकता और स्वार्थ के विस्फोटकों को निकाल कर परमेश्वर के पवित्र-आत्मा को भर लें; पवित्र-आत्मा के कार्यों में कोई बाहरी शोर या दिखावा तो नहीं है परन्तु आन्तरिक परिवर्तन, प्रभाव और नम्रता तथा भलाई से परिपूर्ण प्रभावी जीवन अवश्य है। - डेविड मैक्कैसलैण्ड


अपने मसीही जीवन में बिना पवित्र-आत्मा की सामर्थ के हम कुछ नहीं कर सकते हैं।

पर मैं कहता हूं, आत्मा के अनुसार चलो, तो तुम शरीर की लालसा किसी रीति से पूरी न करोगे। - गलतियों 5:16

बाइबल पाठ: प्रेरितों 6:1-10
Acts 6:1 उन दिनों में जब चेले बहुत होते जाते थे, तो यूनानी भाषा बोलने वाले इब्रानियों पर कुड़कुड़ाने लगे, कि प्रति दिन की सेवकाई में हमारी विधवाओं की सुधि नहीं ली जाती। 
Acts 6:2 तब उन बारहों ने चेलों की मण्‍डली को अपने पास बुलाकर कहा, यह ठीक नहीं कि हम परमेश्वर का वचन छोड़कर खिलाने पिलाने की सेवा में रहें। 
Acts 6:3 इसलिये हे भाइयो, अपने में से सात सुनाम पुरूषों को जो पवित्र आत्मा और बुद्धि से परिपूर्ण हों, चुन लो, कि हम उन्हें इस काम पर ठहरा दें। 
Acts 6:4 परन्तु हम तो प्रार्थना में और वचन की सेवा में लगे रहेंगे। 
Acts 6:5 यह बात सारी मण्‍डली को अच्छी लगी, और उन्होंने स्‍तिुफनुस नाम एक पुरूष को जो विश्वास और पवित्र आत्मा से परिपूर्ण था, और फिलेप्पुस और प्रखुरूस और नीकानोर और तीमोन और परिमनास और अन्‍ताकीवाला नीकुलाउस को जो यहूदी मत में आ गया था, चुन लिया। 
Acts 6:6 और इन्हें प्रेरितों के साम्हने खड़ा किया और उन्होंने प्रार्थना कर के उन पर हाथ रखे। 
Acts 6:7 और परमेश्वर का वचन फैलता गया और यरूशलेम में चेलों की गिनती बहुत बढ़ती गई; और याजकों का एक बड़ा समाज इस मत के आधीन हो गया। 
Acts 6:8 स्‍तिुफनुस अनुग्रह और सामर्थ में परिपूर्ण हो कर लोगों में बड़े बड़े अद्भुत काम और चिन्ह दिखाया करता था। 
Acts 6:9 तब उस अराधनालय में से जो लिबरतीनों की कहलाती थी, और कुरेनी और सिकन्‍दिरया और किलिकिया और एशीया के लोगों में से कई एक उठ कर स्‍तिुफनुस से वाद-विवाद करने लगे। 
Acts 6:10 परन्तु उस ज्ञान और उस आत्मा का जिस से वह बातें करता था, वे साम्हना न कर सके।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 87-88
  • रोमियों 13


शुक्रवार, 12 अगस्त 2016

उदाहरण


   कहते हैं कि सन 1800 के अन्त की ओर, यूरोप से कुछ पास्टर मैसाच्यूसेट्स में आयोजित डी० एल० मूडी के बाइबल सम्मेलन में भाग लेने आए। अपने स्थान की प्रथानुसार, रात को सोते समय उन्होंने अपने जूते उतार कर कमरे के बाहर रख दिए, इस आश्य से कि होटल के कर्मचारी उन्हें साफ कर देंगे। जब मूडी ने वे जूते देखे, तो वे उनके वहाँ रखे होने के आश्य को समझ गए क्योंकि मूडी उन पास्टरों के स्थान की प्रथा से परिचित थे। मूडी ने यह बात अपने साथी कार्यकर्ताओं को बताई, लेकिन सभी चुप रहे और किसी ने भी कुछ भी करने के लिए कोई रुचि नहीं दिखाई। बाद में मूडी ने सारी जूतियाँ एकत्रित करीं और स्वयं ही उन्हें साफ करके वापस रख दिया। उनका एक मित्र जो अनायास ही उनके कमरे में मिलने आ गया था, उस ने यह देखा और बाकी लोगों को यह बात बताई। इसके बाद स्वतः ही मूडी के शेष साथी अगले कुछ दिनों तक बारी-बारी जूतियों को साफ करने का कार्य करते रहे।

   मूडी की नम्र नेतृत्व-शैली का उदाहरण अन्य लोगों के लिए उनका अनुसरण करने की प्रेरणा बन गया। परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रेरित पौलुस ने अपने सह-कर्मी तिमुथियुस को स्मरण करवाया: "इसलिये हे मेरे पुत्र, तू उस अनुग्रह से जो मसीह यीशु में है, बलवन्‍त हो जा। और जो बातें तू ने बहुत गवाहों के साम्हने मुझ से सुनी हैं, उन्हें विश्वासी मनुष्यों को सौंप दे; जो औरों को भी सिखाने के योग्य हों" (2 तिमुथियुस 2:1-2)। जब हम यह स्मरण रखते हैं कि हमारी सामर्थ परमेश्वर से है, और हम जो कुछ भी हैं परमेश्वर के अनुग्रह ही से हैं, तो यह हमें दीन और नम्र बने रहने की प्रेरणा और सहायता करता है। हमारी यही दीनता और नम्रता का उदाहरण परमेश्वर के सत्य और सुसमाचार को दूसरों तक पहुँचाने, और उनके द्वारा अनुसरण करने के लिए सहायक होता है।

   हमारा प्रभु यीशु स्वयं ही संसार के सभी लोगों के लिए दीनता, नम्रता और सेवकाई का उदाहरण है; वह जिसने दूसरों के पापों की क्षमा और उद्धार प्राप्ति के लिए अपना जीवन बलिदान कर दिया। इस उदाहरण और उसके अनुसरण का प्रचार करना हमारे लिए अनिवार्य है। - एलबर्ट ली


नम्रता और दीनता परमेश्वर को जानने और उसके समक्ष अपने आप को पहचानने से आती है।

विरोध या झूठी बड़ाई के लिये कुछ न करो पर दीनता से एक दूसरे को अपने से अच्छा समझो। हर एक अपनी ही हित की नहीं, वरन दूसरों की हित की भी चिन्‍ता करे। जैसा मसीह यीशु का स्‍वभाव था वैसा ही तुम्हारा भी स्‍वभाव हो। - फिलिप्पियों 2:3-5

बाइबल पाठ:  2 तिमुथियुस 2:1-7
2 Timothy 2:1 इसलिये हे मेरे पुत्र, तू उस अनुग्रह से जो मसीह यीशु में है, बलवन्‍त हो जा। 
2 Timothy 2:2 और जो बातें तू ने बहुत गवाहों के साम्हने मुझ से सुनी हैं, उन्हें विश्वासी मनुष्यों को सौंप दे; जो औरों को भी सिखाने के योग्य हों। 
2 Timothy 2:3 मसीह यीशु के अच्‍छे योद्धा की नाईं मेरे साथ दुख उठा। 
2 Timothy 2:4 जब कोई योद्धा लड़ाई पर जाता है, तो इसलिये कि अपने भरती करने वाले को प्रसन्न करे, अपने आप को संसार के कामों में नहीं फंसाता 
2 Timothy 2:5 फिर अखाड़े में लड़ने वाला यदि विधि के अनुसार न लड़े तो मुकुट नहीं पाता। 
2 Timothy 2:6 जो गृहस्थ परिश्रम करता है, फल का अंश पहिले उसे मिलना चाहिए। 
2 Timothy 2:7 जो मैं कहता हूं, उस पर ध्यान दे और प्रभु तुझे सब बातों की समझ देगा।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 84-86
  • रोमियों 12


गुरुवार, 11 अगस्त 2016

सहज


   बहुत ही कम लोग हैं जो अमेरिका के आन्तरिक राजस्व सेवा आयकर विनियम को पढ़ने में समय लगाते हैं; और इसका एक उचित कारण भी है। फोर्ब्स पत्रिका के अनुसार, सन 2013 में राजस्व कर संबंधित ये नियम 40लाख शब्दों से अधिक के हो गए थे। वास्तविकता यह है कि ये नियम अब इतने जटिल हो चुके हैं कि विशेषज्ञों के लिए भी इन सब नियमों को उनकी जटिलता में समझ पाना कठिन हो गया है।

   प्रभु यीशु के जीवनकाल के समय के धर्म गुरुओं ने ऐसी ही जटिलता परमेश्वर के नियमों में पैदा कर दी थी जिससे परमेश्वर के साथ संबंध बनाना और संबंध में बने रहना बहुत कठिन हो गया था और मूसा द्वारा मिली व्यवस्था के मूल सिद्धांत को समझना उन धरमगुरुओं के लिए भी कठिन हो गया था। जब उन में से एक धर्म-गुरू ने प्रभु यीशु से इसके बारे में प्रश्न किया और जानना चाहा कि सबसे महत्वपूर्ण आज्ञा कौन सी है, तो प्रभु यीशु का उत्तर था: "तू प्रभु अपने परमेश्वर से अपने सारे मन से और अपने सारे प्राण से, और अपनी सारी बुद्धि से, और अपनी सारी शक्ति से प्रेम रखना। और दूसरी यह है, कि तू अपने पड़ोसी से अपने समान प्रेम रखना: इस से बड़ी और कोई आज्ञा नहीं" (मरकुस 12:30-31)।

   मूसा से मिली व्यवस्था का पालन करना बोझिल था, किंतु प्रभु यीशु पर विश्वास करना सहज है और उसका बोझ हलका है (मत्ती 11:30); यह हलका इस लिए है क्योंकि परमेश्वर ने हमसे प्रेम किया है और हमारे पापों को प्रभु यीशु में होकर क्षमा किया है। अब परमेश्वर ही प्रभु यीशु में होकर हमें सामर्थ प्रदान करता है कि हम उससे तथा अपने पड़ौसी से प्रेम रखें। - बिल क्राउडर


यदि हमारे हृदयों में परमेश्वर का प्रेम है तो वह हमें परमेश्वर से 
तथा दुसरों से प्रेम करने वाला हृदय भी देगा।

हे सब परिश्रम करने वालों और बोझ से दबे लोगों, मेरे पास आओ; मैं तुम्हें विश्राम दूंगा। मेरा जूआ अपने ऊपर उठा लो; और मुझ से सीखो; क्योंकि मैं नम्र और मन में दीन हूं: और तुम अपने मन में विश्राम पाओगे। क्योंकि मेरा जूआ सहज और मेरा बोझ हल्का है। - मत्ती 11:28-30

बाइबल पाठ: मरकुस 12:28-34
Mark 12:28 और शास्‍त्रियों में से एक ने आकर उन्हें विवाद करते सुना, और यह जानकर कि उसने उन्हें अच्छी रीति से उत्तर दिया; उस से पूछा, सब से मुख्य आज्ञा कौन सी है? 
Mark 12:29 यीशु ने उसे उत्तर दिया, सब आज्ञाओं में से यह मुख्य है; हे इस्राएल सुन; प्रभु हमारा परमेश्वर एक ही प्रभु है। 
Mark 12:30 और तू प्रभु अपने परमेश्वर से अपने सारे मन से और अपने सारे प्राण से, और अपनी सारी बुद्धि से, और अपनी सारी शक्ति से प्रेम रखना। 
Mark 12:31 और दूसरी यह है, कि तू अपने पड़ोसी से अपने समान प्रेम रखना: इस से बड़ी और कोई आज्ञा नहीं। 
Mark 12:32 शास्त्री ने उस से कहा; हे गुरू, बहुत ठीक! तू ने सच कहा, कि वह एक ही है, और उसे छोड़ और कोई नहीं। 
Mark 12:33 और उस से सारे मन और सारी बुद्धि और सारे प्राण और सारी शक्ति के साथ प्रेम रखना और पड़ोसी से अपने समान प्रेम रखना, सारे होमों और बलिदानों से बढ़कर है। 
Mark 12:34 जब यीशु ने देखा कि उसने समझ से उत्तर दिया, तो उस से कहा; तू परमेश्वर के राज्य से दूर नहीं: और किसी को फिर उस से कुछ पूछने का साहस न हुआ।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 81-83
  • रोमियों 11:19-36


बुधवार, 10 अगस्त 2016

उद्देश्य


   कहते हैं कि जब आप आनन्द में हों तो समय बड़ी जलदी गुज़र जाता है। इस कथन का कोई तर्कपूर्ण आधार तो नहीं है, परन्तु अनुभव यही दिखाता है कि यह कथन सही है। जब जीवन सुखद होता है, तब समय बड़ी जल्दी बीतता हुआ लगता है। यदि हमारे पास कोई ऐसा कार्य हो जिसे करना हमें अच्छा लगता है, या हम किसी ऐसे जन के साथ हैं जिसकी संगति में हमें आनन्द मिलता है, तो समय कब और कैसे बीत गया पता ही नहीं चल पाता।

   समय के बीतने से संबंधित इस धारणा के अनुभव ने मुझे परमेश्वर के वचन बाइबल के प्रकाशितवाक्य 4 अध्याय में वर्णित दृश्य की एक नई समझ प्रदान करी है। पहले जब मैं उस खण्ड को पढ़ता था, जहाँ परमेश्वर के सिंहासन के चारों ओर बैठे चारों प्राणी बारंबार वही शब्द, "पवित्र, पवित्र, पवित्र",  दोहराते हुए दिखाए गए हैं, तब मैं सोचती थी कि इनका अस्तित्व कितना उबाऊ होगा।

   लेकिन अब मैं ऐसा नहीं सोचती। अब मैं साथ में यह भी सोचती हूँ कि उन प्राणियों ने अपनी अनेक आंखों से कैसे कैसे अलौकिक दृश्य देखे होंगे (पद 8); परमेश्वर के सिंहासन के समीप से उन्हें सृष्टि और उसमें हो रहे कार्यों का कैसा विहंगम दृश्य देखने को मिलता रहता है (पद 6) और परमेश्वर की बुद्धिमता तथा पृथ्वी के निवासियों के प्रति उसके असीम प्रेम के कैसे कैसे उदाहरण उनके समक्ष आए होंगे। यह सब देखते, जानते और समझते हुए वे प्राणी इससे बेहतर क्या प्रत्युत्तर दे सकते हैं, कि बस परमेश्वर की पवित्रता और महानता के लिए उसकी आराधना करें, उसे पवित्र, पवित्र, पवित्र कहते रहें।

   क्या एक समान शब्द कहते रहना उबाऊ हो सकता है? यदि आप उसके साथ हैं जिससे आप प्रेम करते हैं, तो नहीं; और ना ही तब उबाऊ होगा जब आप वह उद्देश्य पूरा कर रहे हों जिसके लिए आप को रचा गया है। उन चार प्राणियों के समान ही, हमें भी परमेश्वर की महिमा के लिए रचा गया है। उस प्रेमी परमेश्वर पिता की लगातार हमारे साथ बनी रहने वाली उपस्थिति का ध्यान करके यदि हम अपने जीवनों को उसकी महिमा करने के उद्देश्य को पूरा करने के लिए संचालित करें तो हमारे जीवन कभी भी उबाऊ नहीं रहेंगे। - जूली ऐकैरमैन लिंक


यदि हमारे मन परमेश्वर के साथ लयबद्ध हैं, 
तो उसकी आराधना करने से रुक नहीं सकते।

हर एक को जो मेरा कहलाता है, जिस को मैं ने अपनी महिमा के लिये सृजा, जिस को मैं ने रचा और बनाया है। - यशायाह 43:7 

बाइबल पाठ: प्रकाशितवाक्य 4
Revelation 4:1 इन बातों के बाद जो मैं ने दृष्टि की, तो क्या देखता हूं कि स्वर्ग में एक द्वार खुला हुआ है; और जिस को मैं ने पहिले तुरही के से शब्द से अपने साथ बातें करते सुना था, वही कहता है, कि यहां ऊपर आ जा: और मैं वे बातें तुझे दिखाऊंगा, जिन का इन बातों के बाद पूरा होना अवश्य है। 
Revelation 4:2 और तुरन्त मैं आत्मा में आ गया; और क्या देखता हूं, कि एक सिंहासन स्वर्ग में धरा है, और उस सिंहासन पर कोई बैठा है। 
Revelation 4:3 और जो उस पर बैठा है, वह यशब और मानिक सा दिखाई पड़ता है, और उस सिंहासन के चारों ओर मरकत सा एक मेघधनुष दिखाई देता है। 
Revelation 4:4 और उस सिंहासन के चारों ओर चौबीस सिंहासन है; और इन सिंहासनों पर चौबीस प्राचीन श्वेत वस्‍त्र पहिने हुए बैठें हैं, और उन के सिरों पर सोने के मुकुट हैं। 
Revelation 4:5 और उस सिंहासन में से बिजलियां और गर्जन निकलते हैं और सिंहासन के साम्हने आग के सात दीपक जल रहे हैं, ये परमेश्वर की सात आत्माएं हैं। 
Revelation 4:6 और उस सिंहासन के साम्हने मानो बिल्लौर के समान कांच का सा समुद्र है, और सिंहासन के बीच में और सिंहासन के चारों ओर चार प्राणी हैं, जिन के आगे पीछे आंखे ही आंखे हैं। 
Revelation 4:7 पहिला प्राणी सिंह के समान है, और दूसरा प्राणी का मुंह बछड़े के समान है, तीसरे प्राणी का मुंह मनुष्य का सा है, और चौथा प्राणी उड़ते हुए उकाब के समान है। 
Revelation 4:8 और चारों प्राणियों के छ: छ: पंख हैं, और चारों ओर, और भीतर आंखे ही आंखे हैं; और वे रात दिन बिना विश्राम लिये यह कहते रहते हैं, कि पवित्र, पवित्र, पवित्र प्रभु परमेश्वर, सर्वशक्तिमान, जो था, और जो है, और जो आने वाला है। 
Revelation 4:9 और जब वे प्राणी उस की जो सिंहासन पर बैठा है, और जो युगानुयुग जीवता है, महिमा और आदर और धन्यवाद करेंगे। 
Revelation 4:10 तब चौबीसों प्राचीन सिंहासन पर बैठने वाले के साम्हने गिर पड़ेंगे, और उसे जो युगानुयुग जीवता है प्रणाम करेंगे; और अपने अपने मुकुट सिंहासन के साम्हने यह कहते हुए डाल देंगे। 
Revelation 4:11 कि हे हमारे प्रभु, और परमेश्वर, तू ही महिमा, और आदर, और सामर्थ के योग्य है; क्योंकि तू ही ने सब वस्तुएं सृजीं और वे तेरी ही इच्छा से थीं, और सृजी गईं।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 79-80
  • रोमियों 11:1-18



मंगलवार, 9 अगस्त 2016

मार्ग


   इंगलैंड और फ्रांस के बीच बनी चैनल सुरंग "The Channel Tunnel" को 6 मई 1994 को, फ्रांस के राजा नैपोलियन के इंजीनियर एलबर्ट मैथ्यु द्वारा इसका सर्वप्रथम प्रस्ताव देने के लगभग दो शताब्दी बाद, जनता के लिए खोल दिया गया। आज 31 मील लम्बी यह सुरंग इंगलैंड और फ्रांस के बीच के समुद्र के तल के नीचे प्रतिदिन हज़ारों लोगों, कारों, ट्रकों तथा ट्रेन को आवाजाही का मार्ग देती है। इससे पूर्व, सदियों से यह यात्रा केवल समुद्र की सतह पर जहाज़ द्वारा ही करी जाती रही, जब तक कि लोगों के लिए यह अद्भुत नया मार्ग बनकर तैयार तथा उपलब्ध नहीं हो गया।

   परमेश्वर ने अपने लोगों के लिए भी एक अद्भुत अनेपक्षित मार्ग तैयार कर के दिया, जिसके बारे में हम परमेश्वर के वचन बाइबल में निर्गमन 14:10-22 में पढ़ते हैं। मिस्त्र की ग़ुलामी से निकल कर कनान देश जा रहे इस्त्राएलियों के सामने विकट समस्या थी - उनके आगे लाल-समुद्र था और पीछे फिरौन की सेना उनका पीछा करती हुई उन्हें पकड़ ले जाने के लिए आ धमकी थी। उन इस्त्राएलियों को सिवाए मृत्यु के, चाहे समुद्र में डूबने से, या फिरौन के सैनिकों के हाथों, और कुछ सूझ नहीं पड़ रहा था। लेकिन परमेश्वर ने उनके लिए सर्वथा अनेपक्षित कर दिया - उसने लाल-समुद्र को दो भाग करके उनके लिए पार निकल जाने का मार्ग बना कर दे दिया, और समस्त इस्त्राएली ऐसे पार हो गए मानों सूखी भूमि पर से पार गए हों। जब फिरौन की सेना ने उसी मार्ग से उनके पीछे जाने का प्रयास किया तो लाल-समुद्र वापस अपने स्थान पर आ गया और फिरौन के सारे रथ और सैनिक डूब कर मर गए। वर्षों बाद भजनकार आसाप ने इस घटना को परमेश्वर की महान शक्ति के प्रमाण में दर्शाते हुए लिखा, "तेरे मार्ग समुद्र में है, और तेरा रास्ता गहिरे जल में हुआ; और तेरे पांवों के चिन्ह मालूम नहीं होते। तू ने मूसा और हारून के द्वारा, अपनी प्रजा की अगुवाई भेड़ों की सी की" (भजन 77:19-20)।

   हमारा परमेश्वर हमारे लिए वहाँ मार्ग बना कर दे सकता है जहाँ हमें केवल बाधाएं दिखाई देती हैं। जब भी हमें अपने जीवन में किसी बात को लेकर अनिश्चितता लगे, आगे बढ़ने का मार्ग सूझ ना पड़े, तो बीते समय में परमेश्वर द्वारा किए गए कार्यों को स्मरण करना, उनके लिए उसका धन्यवाद करना, उसकी आराधना करना अच्छा होता है। परमेश्वर हर परिस्थिति और हर परेशानी का हल तथा मार्ग बनाकर देने का विशेषज्ञ है; उसका हर मार्ग हमारी भलाई तथा उसके प्रेम और सामर्थ के प्रगटीकरण के लिए है। जो सर्वोत्तम मार्ग उसने हमार लिए बनाकर दिया है, वह है स्वेच्छा से प्रभु यीशु में लाए गए विश्वास द्वारा मिलने वाला पापों की क्षमा तथा उद्धार का मार्ग; जो आज समस्त मानव जाति के लिए खुला और सेंत-मेंत उपलब्ध है। - डेविड मैक्ककैसलैंड


जिस परमेश्वर ने हमारे उद्धार के लिए मार्ग बनाकर दे दिया, 
वह हमारी प्रतिदिन की आवश्यकताओं और संघर्षों के लिए भी मार्ग दे सकता है

मैं तो यहोवा नाम का प्रचार करूंगा। तुम अपने परमेश्वर की महिमा को मानो! वह चट्टान है, उसका काम खरा है; और उसकी सारी गति न्याय की है। वह सच्चा ईश्वर है, उस में कुटिलता नहीं, वह धर्मी और सीधा है। - व्यवस्थाविवरण 32:3-4

बाइबल पाठ: भजन 77:10-20
Psalms 77:10 मैने कहा यह तो मेरी दुर्बलता ही है, परन्तु मैं परमप्रधान के दाहिने हाथ के वर्षों को विचारता हूं।
Psalms 77:11 मैं याह के बड़े कामों की चर्चा करूंगा; निश्चय मैं तेरे प्राचीन काल वाले अद्भुत कामों को स्मरण करूंगा। 
Psalms 77:12 मैं तेरे सब कामों पर ध्यान करूंगा, और तेरे बड़े कामों को सोचूंगा। 
Psalms 77:13 हे परमेश्वर तेरी गति पवित्रता की है। कौन सा देवता परमेश्वर के तुल्य बड़ा है? 
Psalms 77:14 अद्भुत काम करने वाला ईश्वर तू ही है, तू ने अपने देश देश के लोगों पर अपनी शक्ति प्रगट की है। 
Psalms 77:15 तू ने अपने भुजबल से अपनी प्रजा, याकूब और यूसुफ के वंश को छुड़ा लिया है। (सेला) 
Psalms 77:16 हे परमेश्वर समुद्र ने तुझे देखा, समुद्र तुझे देख कर ड़र गया, गहिरा सागर भी कांप उठा। 
Psalms 77:17 मेघों से बड़ी वर्षा हुई; आकाश से शब्द हुआ; फिर तेरे तीर इधर उधर चले। 
Psalms 77:18 बवण्डर में तेरे गरजने का शब्द सुन पड़ा था; जगत बिजली से प्रकाशित हुआ; पृथ्वी कांपी और हिल गई। 
Psalms 77:19 तेरे मार्ग समुद्र में है, और तेरा रास्ता गहिरे जल में हुआ; और तेरे पांवों के चिन्ह मालूम नहीं होते। 
Psalms 77:20 तू ने मूसा और हारून के द्वारा, अपनी प्रजा की अगुवाई भेड़ों की सी की।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 77-78
  • रोमियों 10