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शनिवार, 27 अगस्त 2016

माध्यम


   चार्ल्स व्हिटिलसे नायकों का नायक था; प्रथम विश्व-युद्ध में "खोई हुई" कहलाई जाने वाली पलटन का वह अगुवा था। उसकी पलटन युद्ध के समय शत्रु की सेना पंक्ति के पीछे फंस गई थी, जहाँ से वह उन्हें निकाल कर ले आया था। इस बहादुरी के लिए उसे वीरता का सम्मान पदक भी दिया गया। जब ’अनजाने सिपाही’ की कब्र का स्थापन और समर्पण किया गया तो चार्ल्स को वहाँ दफनाए जाने वाले पहले सिपाही के कफन को कंधा देने का आदर दिया गया। इसके दो सप्ताह पश्चात समुद्र यात्रा के दौरान, माना जाता है कि, चार्ल्स ने बीच सागर में एक सैलानी समुदी जहाज़ से कूदकर आत्म-हत्या कर ली।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में परमेश्वर के एक भविष्यद्वक्ता, एलियाह (1 राजा 19:1-7) के समान ही, चार्ल्स सामाजिक जीवन में तो बहुत मज़बूत, परन्तु समाज की नज़रों से हटने पर, अपने व्यक्तिगत जीवन में निराशा से भरा हुआ था। आज भी लोग अकसर ऐसी परिस्थितियों का सामना करते हैं जो उनके संभाल पाने की क्षमता और योग्यता से बाहर होती हैं। कभी-कभी बहुत थक जाने के कारण आने वाली यह अस्थायी निराशा होती है, जैसा एलियाह के साथ हुआ। एलियाह ने बाल के पुजारियों पर एक बड़ी विजय पाई थी (1 राजा 18:20-40), परन्तु फिर उसे अपने प्राणों का भय हुआ और वह जान बचाने को जंगल में भाग गया (1 राजा 19:1-3)। लेकिन निराशा अकसर अस्थायी नहीं होती, वह जीवन की किसी गहरी या अनकही हताशा से संबंधित होती है। इसलिए यह अनिवार्य है कि जब हम किसी से निराशा के बारे में बातें करें तो यह खुलकर परन्तु सहानुभूतिपूर्वक, तथा समझदारी के साथ हो।

   हमारे जीवनों के सबसे अंधकारपूर्ण पलों में भी परमेश्वर हमारे साथ सदा बनी रहने वाली अपनी उपस्थिति को हमें उपलब्ध करवाता है जिससे हम उसके साथ अपने दिल की बात बाँट सकें, उससे सहायता, मार्गदर्शन और प्रोत्साहन प्राप्त कर सकें; और अपने अनुभवों के आधार पर फिर दूसरों के लिए परमेश्वर से मिलने वाली आशा और प्रोत्साहन का माध्यम बन सकें (2 कुरिन्थियों 1:3-4)। - रैंडी किलगोर


परमेश्वर तथा उसके लोगों से होने वाली सहायता से आशा आती है।

हमारे प्रभु यीशु मसीह के परमेश्वर, और पिता का धन्यवाद हो, जो दया का पिता, और सब प्रकार की शान्‍ति का परमेश्वर है। वह हमारे सब क्‍लेशों में शान्‍ति देता है; ताकि हम उस शान्‍ति के कारण जो परमेश्वर हमें देता है, उन्हें भी शान्‍ति दे सकें, जो किसी प्रकार के क्‍लेश में हों। - 2 कुरिन्थियों 1:3-4

बाइबल पाठ: 1 राजा 19:1-8
1 Kings 19:1 तब अहाब ने ईज़ेबेल को एलिय्याह के सब काम विस्तार से बताए कि उसने सब नबियों को तलवार से किस प्रकार मार डाला। 
1 Kings 19:2 तब ईज़ेबेल ने एलिय्याह के पास एक दूत के द्वारा कहला भेजा, कि यदि मैं कल इसी समय तक तेरा प्राण उनका सा न कर डालूं तो देवता मेरे साथ वैसा ही वरन उस से भी अधिक करें। 
1 Kings 19:3 यह देख एलिय्याह अपना प्राण ले कर भागा, और यहूदा के बेर्शेबा को पहुंच कर अपने सेवक को वहीं छोड़ दिया। 
1 Kings 19:4 और आप जंगल में एक दिन के मार्ग पर जा कर एक झाऊ के पेड़ के तले बैठ गया, वहां उसने यह कह कर अपनी मृत्यु मांगी कि हे यहोवा बस है, अब मेरा प्राण ले ले, क्योंकि मैं अपने पुरखाओं से अच्छा नहीं हूँ। 
1 Kings 19:5 वह झाऊ के पेड़ तले लेटकर सो गया और देखो एक दूत ने उसे छूकर कहा, उठ कर खा। 
1 Kings 19:6 उसने दृष्टि कर के क्या देखा कि मेरे सिरहाने पत्थरों पर पकी हुई एक रोटी, और एक सुराही पानी धरा है; तब उसने खाया और पिया और फिर लेट गया। 
1 Kings 19:7 दूसरी बार यहोवा का दूत आया और उसे छूकर कहा, उठ कर खा, क्योंकि तुझे बहुत भारी यात्रा करनी है। 
1 Kings 19:8 तब उसने उठ कर खाया पिया; और उसी भोजन से बल पाकर चालीस दिन रात चलते चलते परमेश्वर के पर्वत होरेब को पहुंचा।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 120-122
  • 1 कुरिन्थियों 9


शुक्रवार, 26 अगस्त 2016

मार्गनिर्देशन


   दावा सोबेल की पुरुस्कृत पुस्तक Longitude, पुराने समयों में नाविकों के सामने रहने वाले घोर असमंजस का वर्णन करती है। वे नाविक दिन के समय और सूरज की ऊँचाई के आधार पर भूमध्य रेखा से अपने उत्तर या दक्षिण की स्थिति, अर्थात लैटिट्यूड तो आसानी से जान लेते थे; लेकिन पूर्व-पश्चिम दिशा के आधार पर अपनी स्थिति का आँकलन करना, अर्थात अपनी स्थिति के लौंगीट्यूड को जानना उनके लिए बड़ा जटिल और गैरभरोसेमन्द था, जब तक कि अंग्रेज़ी घड़ी-साज़ जौन हैरिसन ने समुद्री समय-मापक (marine chronometer) का अविषकार नहीं कर लिया। यह समय-मापक एक ऐसी घड़ी था जो उनके मूल बन्दरगाह से दूरी के सही समय को दिखाती थी, वे चाहे समुद्र में कितनी भी दूर, कहीं भी क्यों ना चले जाएं; इससे अब वे नाविक अपना लौंगीट्यूड भी सरलता से जान लेते थे।

   जीवन के समुद्र की हमारी यात्रा के लिए भी हमें एक विश्वासयोग्य मार्गदर्शिका चाहिए, जो सदा हमें हमारी सही स्थिति तथा हमारे लिए सही दिशा बताती रहे। परमेश्वर ने यह हमारे लिए उपलब्ध करवाया है - अपना जीवता वचन, बाइबल। भजनकार ने इस जीवते वचन के लिए लिखा है, "अहा! मैं तेरी व्यवस्था में कैसी प्रीति रखता हूं! दिन भर मेरा ध्यान उसी पर लगा रहता है" (भजन 119:97)। परमेश्वर के वचन पर कभी-कभी नज़र दौड़ा लेने की बजाए, भजनकार ने दिन भर सभी बातों के लिए वचन से निर्देशन पाने के संबंध में लिखा, "मैं अपने सब शिक्षकों से भी अधिक समझ रखता हूं, क्योंकि मेरा ध्यान तेरी चितौनियों पर लगा है" (भजन 119:99); और इसके साथ ही इस वचन की आज्ञाकारिता के अपने प्रण को भी दोहराया: "मैं ने शपथ खाई, और ठाना भी है कि मैं तेरे धर्ममय नियमों के अनुसार चलूंगा" (भजन 119:106)।

   पुराने समय के उन नाविकों के समान, सही दिशा में चलने के लिए हमें भी सदा हमारा सही मार्गनिर्देशन करने वाला एक विश्वास्योग्य साधन चाहिए। यदि हम दिन-प्रतिदिन खुले दिल और आज्ञाकारी मन से परमेश्वर के सामने आते हैं, और उसके वचन का मार्गदर्शन स्वीकार करते हैं, तो वह मार्गदर्शन उस जीवते वचन से हमें प्राप्त होता है: "तेरा वचन मेरे पांव के लिये दीपक, और मेरे मार्ग के लिये उजियाला है" (भजन 119:105)। - डेविड मैक्कैसलैंड


यदि परमेश्वर आपका मार्गदर्शक है तो आप सही दिशा में अग्रसर रहेंगे।

आज्ञा तो दीपक है और शिक्षा ज्योति, और सिखाने वाले की डांट जीवन का मार्ग है - नीतिवचन 6:23

बाइबल पाठ: भजन 119:97-106
Psalms 119:97 अहा! मैं तेरी व्यवस्था से कैसी प्रीति रखता हूं! दिन भर मेरा ध्यान उसी पर लगा रहता है। 
Psalms 119:98 तू अपनी आज्ञाओं के द्वारा मुझे अपने शत्रुओं से अधिक बुद्धिमान करता है, क्योंकि वे सदा मेरे मन में रहती हैं। 
Psalms 119:99 मैं अपने सब शिक्षकों से भी अधिक समझ रखता हूं, क्योंकि मेरा ध्यान तेरी चितौनियों पर लगा है। 
Psalms 119:100 मैं पुरनियों से भी समझदार हूं, क्योंकि मैं तेरे उपदेशों को पकड़े हुए हूं। 
Psalms 119:101 मैं ने अपने पांवों को हर एक बुरे रास्ते से रोक रखा है, जिस से मैं तेरे वचन के अनुसार चलूं। 
Psalms 119:102 मैं तेरे नियमों से नहीं हटा, क्योंकि तू ही ने मुझे शिक्षा दी है। 
Psalms 119:103 तेरे वचन मुझ को कैसे मीठे लगते हैं, वे मेरे मुंह में मधु से भी मीठे हैं! 
Psalms 119:104 तेरे उपदेशों के कारण मैं समझदार हो जाता हूं, इसलिये मैं सब मिथ्या मार्गों से बैर रखता हूं।
Psalms 119:105 तेरा वचन मेरे पांव के लिये दीपक, और मेरे मार्ग के लिये उजियाला है। 
Psalms 119:106 मैं ने शपथ खाई, और ठाना भी है कि मैं तेरे धर्ममय नियमों के अनुसार चलूंगा।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 119:89-176
  • 1 कुरिन्थियों 8


गुरुवार, 25 अगस्त 2016

प्रतीक्षा एवं पुनःआगमन


   मैं यह तो नहीं जानती कि आप जहाँ रहते हैं वहाँ कैसे होता है, लेकिन मैं जहाँ रहती हूँ वहाँ यदि मेरा कोई उपकरण खराब हो जाए और मैं उपकरण की कंपनी को फोन करके उसकी मरम्मत के लिए कहूँ, तो वो मुझे कुछ ऐसा उत्तर देते हैं: "मरम्मत करने वाला आपके पास दोपहर बाद 1:00 से 5:00 के बीच में पहुँच जाएगा"। अब क्योंकि मैं यह नहीं जानती हूँ कि वह किस समय आएगा, इस लिए सिवाय प्रतीक्षा करने के मेरे पास और कोई चारा नहीं होता।

   प्रभु यीशु ने पृथ्वी पर अपनी सेवकाई के समय में अपने अनुयायियों से कहा था कि वे शीघ्र उन्हें छोड़कर जाएंगे और उन लोगों को कुछ समय के लिए (यूहन्ना 16:16) उनके पुनःआगमन की प्रतीक्षा करनी होगी। प्रभु यीशु के पुनरुत्थान के बाद चेलों ने उन्हें देखा और चेलों को लगा कि प्रभु अब पृथ्वी पर अपना राज्य स्थापित करेंगे; लेकिन प्रभु यीशु ने उन से कहा, "...उन समयों या कालों को जानना, जिन को पिता ने अपने ही अधिकार में रखा है, तुम्हारा काम नहीं" (प्रेरितों 1:7); अब उनकी प्रतीक्षा का समय और बढ़ गया।

   लेकिन प्रभु ने अपने चेलों से केवल प्रतीक्षा-मात्र ही करने के लिए नहीं कहा, वरन उस प्रतीक्षा के समय में चेलों को प्रभु का गवाह भी होना था: "परन्तु जब पवित्र आत्मा तुम पर आएगा तब तुम सामर्थ पाओगे; और यरूशलेम और सारे यहूदिया और सामरिया में, और पृथ्वी की छोर तक मेरे गवाह होगे" (प्रेरितों 1:8)। ऐसा करने के लिए प्रभु यीशु ने अपने चेलों को परमेश्वर का पवित्र-आत्मा भी दिया जो उन्हें इस सेवकाई के लिए सिखाने, संवारने, संभालने और सामर्थ देने के लिए था।

   हम मसीही विश्वासी आज भी प्रभु यीशु के पुनःआगमन की प्रतीक्षा में हैं। इस प्रतीक्षा के समय में हमें पवित्र-आत्मा कि अगुवाई और सामर्थ से औरों को यह बताना और दिखाना है कि प्रभु यीशु कौन है, उसने समस्त संसार के प्रत्येक जन के लिए कैसे अपने बलिदान और पुनरुत्थान के द्वारा पापों की क्षमा और उद्धार का मार्ग तैयार करके दे दिया है, जिससे अपने पुनःआगमन पर वह अपने चेलों को अपने साथ लेकर जा सके। - ऐनी सेटास


प्रभु यीशु के पुनःआगमन तक प्रतीक्षा करें और उसकी गवाही दें।

यीशु ने उन के पास आकर कहा, कि स्वर्ग और पृथ्वी का सारा अधिकार मुझे दिया गया है। इसलिये तुम जा कर सब जातियों के लोगों को चेला बनाओ और उन्हें पिता और पुत्र और पवित्रआत्मा के नाम से बपतिस्मा दो। और उन्हें सब बातें जो मैं ने तुम्हें आज्ञा दी है, मानना सिखाओ: और देखो, मैं जगत के अन्‍त तक सदैव तुम्हारे संग हूं। - मत्ती 28:18-20

बाइबल पाठ: प्रेरितों 1:1-11
Acts 1:1 हे थियुफिलुस, मैं ने पहिली पुस्तिका उन सब बातों के विषय में लिखी, जो यीशु ने आरम्भ में किया और करता और सिखाता रहा। 
Acts 1:2 उस दिन तक जब वह उन प्रेरितों को जिन्हें उसने चुना था, पवित्र आत्मा के द्वारा आज्ञा देकर ऊपर उठाया न गया। 
Acts 1:3 और उसने दु:ख उठाने के बाद बहुत से बड़े प्रमाणों से अपने आप को उन्हें जीवित दिखाया, और चालीस दिन तक वह उन्हें दिखाई देता रहा: और परमेश्वर के राज्य की बातें करता रहा। 
Acts 1:4 ओर उन से मिलकर उन्हें आज्ञा दी, कि यरूशलेम को न छोड़ो, परन्तु पिता की उस प्रतिज्ञा के पूरे होने की बाट जोहते रहो, जिस की चर्चा तुम मुझ से सुन चुके हो। 
Acts 1:5 क्योंकि यूहन्ना ने तो पानी में बपतिस्मा दिया है परन्तु थोड़े दिनों के बाद तुम पवित्रात्मा से बपतिस्मा पाओगे। 
Acts 1:6 सो उन्हों ने इकट्ठे हो कर उस से पूछा, कि हे प्रभु, क्या तू इसी समय इस्त्राएल को राज्य फेर देगा? 
Acts 1:7 उसने उन से कहा; उन समयों या कालों को जानना, जिन को पिता ने अपने ही अधिकार में रखा है, तुम्हारा काम नहीं। 
Acts 1:8 परन्तु जब पवित्र आत्मा तुम पर आएगा तब तुम सामर्थ पाओगे; और यरूशलेम और सारे यहूदिया और सामरिया में, और पृथ्वी की छोर तक मेरे गवाह होगे। 
Acts 1:9 यह कहकर वह उन के देखते देखते ऊपर उठा लिया गया; और बादल ने उसे उन की आंखों से छिपा लिया। 
Acts 1:10 और उसके जाते समय जब वे आकाश की ओर ताक रहे थे, तो देखो, दो पुरूष श्वेत वस्‍त्र पहिने हुए उन के पास आ खड़े हुए। 
Acts 1:11 और कहने लगे; हे गलीली पुरूषों, तुम क्यों खड़े स्वर्ग की ओर देख रहे हो? यही यीशु, जो तुम्हारे पास से स्वर्ग पर उठा लिया गया है, जिस रीति से तुम ने उसे स्वर्ग को जाते देखा है उसी रीति से वह फिर आएगा।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 119:1-88
  • 1 कुरिन्थियों 7:20-40


बुधवार, 24 अगस्त 2016

धन्यवादी


   जब हम कठिनाईयों और संकटों का सामना कर रहे होते हैं, तब परमेश्वर के अनुग्रह और विश्वासयोग्यता को भूल जाना आसान होता है। लेकिन बीते समयों में हमारे प्रति उसकी भलाईयों के लिए परमेश्वर के प्रति एक धन्यवादी हृदय बनाए रखना सदा अच्छा रहता है, और ऐसा करने का एक तरीका है प्रतिदिन कुछ तय समय निर्धारित करना जिसमें हम बीते दिनों में परमेश्वर से मिली सहायता, उसके प्रावधानों और उसकी दया को ध्यान लगाकर स्मरण करें और उनके लिए उसका धन्यवाद करें।

   जब इस्त्राएल के लोग मिस्त्र की गुलामी से निकलकर कनान देश की ओर जा रहे थे तो बंजर बीहड़ की कठिन परिस्थितियों में आने पर वे अपने प्रति परमेश्वर के कार्यों और भलाईयों को भूल गए। वे इच्छा करने लगे कि काश वे वापस मिस्त्र में होते, और वहाँ तरह-तरह के भोजन का स्वाद ले रहे होते (निर्गमन 16:2-3); कुछ समय बाद वे पानी की कमी को लेकर कुड़कुड़ाने लगे (निर्गमन 17:2)। वे परमेश्वर के उन महान कार्यों को भूल गए जिनके कारण उन्हें गुलामी से स्वतंत्रता मिली थी; वे उस संपदा को भी भूल गए जो मिस्त्र से निकलते समय उन्हें मिल गई थी (निर्गमन 12:36)। वे इस्त्राएली केवल अपनी वर्तमान परिस्थितियों पर ही केंद्रित थे, और बीते समय में उनके प्रति प्रदर्शित परमेश्वर की विश्वासयोग्यता को भूल बैठे थे।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में भजनकार हमें उत्साहित करता है, "यहोवा का धन्यवाद करो, क्योंकि वह भला है; और उसकी करूणा सदा की है" (भजन 118:1)। जिस शब्द अनुवाद ’करुणा’ हुआ है, उसका तात्पर्य ’लगातार बना रहने वाला प्रेम’ भी है, जो परमेश्वर की सदाकाल की विश्वासयोग्यता को दिखाता है। परमेश्वर ने अपने बच्चों से वायदा किया है कि वह सदा उनके साथ रहेगा और उनकी देख-भाल करता रहेगा।

   जब हम उन बातों और कार्यों को स्मरण करते हैं जिनमें होकर हमने परमेश्वर के प्रावधान और सहायता को अनुभव किया है, उनके लिए परमेश्वर के प्रति धन्यवादी होते हैं, तो इससे परिस्थितियों और समस्याओं के प्रति हमारा दृष्टिकोण बेहतर के लिए परिवर्तित हो जाता है, हमारा विश्वास और भी दृढ़ हो जाता है कि परमेश्वर की विश्वासयोग्यता सदा बनी रहती है। - डेनिस फिशर


बीते समय में परमेश्वर से मिली सहायता और प्रावधान 
आज के लिए सामर्थ और आते समय के लिए आशा प्रदान करते हैं।

तुम्हारा स्‍वभाव लोभरिहत हो, और जो तुम्हारे पास है, उसी पर संतोष किया करो; क्योंकि उसने आप ही कहा है, कि मैं तुझे कभी न छोडूंगा, और न कभी तुझे त्यागूंगा। - इब्रानियों 13:5

बाइबल पाठ: भजन 118:1-14
Psalms 118:1 यहोवा का धन्यवाद करो, क्योंकि वह भला है; और उसकी करूणा सदा की है! 
Psalms 118:2 इस्राएल कहे, उसकी करूणा सदा की है। 
Psalms 118:3 हारून का घराना कहे, उसकी करूणा सदा की है। 
Psalms 118:4 यहोवा के डरवैये कहें, उसकी करूणा सदा की है। 
Psalms 118:5 मैं ने सकेती में परमेश्वर को पुकारा, परमेश्वर ने मेरी सुन कर, मुझे चौड़े स्थान में पहुंचाया। 
Psalms 118:6 यहोवा मेरी ओर है, मैं न डरूंगा। मनुष्य मेरा क्या कर सकता है? 
Psalms 118:7 यहोवा मेरी ओर मेरे सहायकों में है; मैं अपने बैरियों पर दृष्टि कर सन्तुष्ट हूंगा। 
Psalms 118:8 यहोवा की शरण लेनी, मनुष्य पर भरोसा रखने से उत्तम है। 
Psalms 118:9 यहोवा की शरण लेनी, प्रधानों पर भी भरोसा रखने से उत्तम है।
Psalms 118:10 सब जातियों ने मुझ को घेर लिया है; परन्तु यहोवा के नाम से मैं निश्चय उन्हें नाश कर डालूंगा! 
Psalms 118:11 उन्होंने मुझ को घेर लिया है, नि:सन्देह घेर लिया है; परन्तु यहोवा के नाम से मैं निश्चय उन्हें नाश कर डालूंगा! 
Psalms 118:12 उन्होंने मुझे मधुमक्खियों की नाईं घेर लिया है, परन्तु कांटों की आग की नाईं वे बुझ गए; यहोवा के नाम से मैं निश्चय उन्हें नाश कर डालूंगा! 
Psalms 118:13 तू ने मुझे बड़ा धक्का दिया तो था, कि मैं गिर पडूं परन्तु यहोवा ने मेरी सहायता की। 
Psalms 118:14 परमेश्वर मेरा बल और भजन का विषय है; वह मेरा उद्धार ठहरा है।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 116-118
  • 1 कुरिन्थियों 7:1-19


मंगलवार, 23 अगस्त 2016

प्रेम की ज्योति


   जे. आर. आर. टॉलकिन के उपन्यास The Hobbit में जादूगर गैंडाल्फ समझाता है कि उसने छोटे आकार के हॉबिट बिल्बो को बौनों के साथ जाकर शत्रु से लड़ने के लिए क्यों चुना है: "सरूमन का मानना है कि बुराई को रोके रखने में केवल विशाल बल ही सफल हो सकता है, लेकिन यह मेरा अनुभव नहीं है। मैंने तो यह देखा है कि साधारण लोगों के छोटे-छोटे कार्य बुराई के अन्धकार को रोके रखते हैं; दया और प्रेम के छोटे-छोटे कार्य।"

   परमेश्वर के वचन बाइबल में भी हम यही शिक्षा पाते हैं; प्रभु यीशु मसीह ने अपने अनुयायियों से कहा कि संसार में पाप और बुराई के अन्धकार के बावजूद, उसमें होने के कारण वे जगत की ज्योति हैं (मत्ती 5:14)। प्रेरित पतरस ने अपने मसीही विश्वास के कारण घोर सताव से होकर निकल रहे मसीह यीशु के अनुयायियों को लिखी अपनी पत्री में कहा कि वे ऐसे जीवन जीएं जिससे उन्हें सताने वाले "उनके भले कामों को देखकर, परमेश्वर की महिमा करें" (1 पतरस 2:12)।

   एक बल है जिसपर पाप का अन्धकार प्रबल नहीं हो पाता - प्रभु यीशु के नाम और सामर्थ से करे गए प्रेम और दया के कार्य। ये प्रभु यीशु के अनुयायी ही हैं जो अपना दूसरा गाल फेर देते हैं, अतिरिक्त मील चलने के लिए तैयार हो जाते हैं और अपने दुशमनों को भी क्षमा कर देते हैं, उनसे प्रेम का व्यवहार करते हैं; उनके पास ही बुराई के बल को पराजित करने की सामर्थ है। इसलिए आज प्रभु यीशु मसीह के नाम में भलाई और दया के कार्य करने के अपने विशेषाधिकार का प्रयोग करने के लिए तैयार रहें, औरों के जीवनों में मसीह यीशु के प्रेम की ज्योति को पहुँचाएं। - जो स्टोवैल


प्रेम और दया के कार्यों द्वारा संसार और जीवन को प्रकाशमान करें।

अन्यजातियों में तुम्हारा चालचलन भला हो; इसलिये कि जिन जिन बातों में वे तुम्हें कुकर्मी जान कर बदनाम करते हैं, वे तुम्हारे भले कामों को देख कर; उन्‍हीं के कारण कृपा दृष्टि के दिन परमेश्वर की महिमा करें। - 1 पतरस 2:12

बाइबल पाठ: मत्ती 5:11-16
Matthew 5:11 धन्य हो तुम, जब मनुष्य मेरे कारण तुम्हारी निन्दा करें, और सताएं और झूठ बोल बोलकर तुम्हरो विरोध में सब प्रकार की बुरी बात कहें। 
Matthew 5:12 आनन्‍दित और मगन होना क्योंकि तुम्हारे लिये स्वर्ग में बड़ा फल है इसलिये कि उन्होंने उन भविष्यद्वक्ताओं को जो तुम से पहिले थे इसी रीति से सताया था।
Matthew 5:13 तुम पृथ्वी के नमक हो; परन्तु यदि नमक का स्‍वाद बिगड़ जाए, तो वह फिर किस वस्तु से नमकीन किया जाएगा? फिर वह किसी काम का नहीं, केवल इस के कि बाहर फेंका जाए और मनुष्यों के पैरों तले रौंदा जाए। 
Matthew 5:14 तुम जगत की ज्योति हो; जो नगर पहाड़ पर बसा हुआ है वह छिप नहीं सकता। 
Matthew 5:15 और लोग दिया जलाकर पैमाने के नीचे नहीं परन्तु दीवट पर रखते हैं, तब उस से घर के सब लोगों को प्रकाश पहुंचता है। 
Matthew 5:16 उसी प्रकार तुम्हारा उजियाला मनुष्यों के साम्हने चमके कि वे तुम्हारे भले कामों को देखकर तुम्हारे पिता की, जो स्वर्ग में हैं, बड़ाई करें।

एक साल में बाइबल: 

  • भजन 113-115
  • 1 कुरिन्थियों 6


सोमवार, 22 अगस्त 2016

अनुग्रह


   मेरी मित्र रॉक्सैन अफ्रीका के जिस स्थान में कार्य कर रही है, वहाँ पानी बेशकीमती है; लोगों को मीलों जाकर छोटे तथा दूषित नालों से पानी लाना पड़ता है जो बीमारियों और मृत्यु का कारण बना रहता है। पानी की कमी के कारण अनाथालयों और चर्चों को लोगों की सेवा करने में कठिनाई बनी रहती है। लेकिन इस सब में अब कुछ सुधार आ रहा है।

   रॉक्सैन की अगुवाई तथा स्थापित चर्चों के प्रेम रखने वाले कुछ लोगों के निःस्वार्थ दान तथा सहायता से अब वहाँ स्वच्छ जल के लिए कुछ कुएं खोदे जा रहे हैं, जिनमें से छः अब काम कर रहे हैं, जिससे वहाँ के चर्च अब प्रोत्साहन और आशा के स्थान देखे जा रहे हैं। वहां 700 अनाथ बच्चों के लिए अनाथालय और एक स्वास्थ्य केंद्र भी खुलने वाला है, क्योंकि स्वच्छ जल अब उपलब्ध हो रहा है।

   यह सब उस प्रेम और अनुग्रह का उदाहरण है जो उन मसीही विश्वासियों से होकर निकलता है जिन्होंने प्रभु परमेश्वर के अनुग्रह और प्रेम को अपने जीवनों में स्वयं अनुभव किया है। परमेश्वर के वचन बाइबल में 1 कुरिन्थियों 13 में प्रेरित पौलुस कहता है कि यदि हममें प्रेम नहीं है तो हमारे शब्द लोगों के कानों को केवल झनझनाएंगे और लोगों के लिए हमारा विश्वास निरर्थक होगा। प्रेरित यूहन्ना ने लिखा है कि यदि हमारे पास आवश्यक संसाधन हैं और हम उनके द्वारा ज़रूरतमन्द लोगों की सहायता करते हैं, तो यह इस बात का प्रमाण है कि प्रभु परमेश्वर का प्रेम हममें बसता है (1 यूहन्ना 3:16)।

   परमेश्वर चाहता है कि हम ज़रूरतमन्द लोगों के प्रति वैसे ही अनुग्रहकारी रहें (भजन 112:5) जैसा परमेश्वर हमारे प्रति रहता है। - डेव ब्रैनन


अनुग्रह कार्यकारी मसीही विश्वास की पहचान है।

हम ने प्रेम इसी से जाना, कि उसने हमारे लिये अपने प्राण दे दिए; और हमें भी भाइयों के लिये प्राण देना चाहिए। - 1 यूहन्ना 3:16

बाइबल पाठ: भजन 112
Psalms 112:1 याह की स्तुति करो। क्या ही धन्य है वह पुरूष जो यहोवा का भय मानता है, और उसकी आज्ञाओं से अति प्रसन्न रहता है! 
Psalms 112:2 उसका वंश पृथ्वी पर पराक्रमी होगा; सीधे लोगों की सन्तान आशीष पाएगी। 
Psalms 112:3 उसके घर में धन सम्पत्ति रहती है; और उसका धर्म सदा बना रहेगा। 
Psalms 112:4 सीधे लोगों के लिये अन्धकार के बीच में ज्योति उदय होती है; वह अनुग्रहकारी, दयावन्त और धर्मी होता है। 
Psalms 112:5 जो पुरूष अनुग्रह करता और उधार देता है, उसका कल्याण होता है, वह न्याय में अपने मुकद्दमें को जीतेगा। 
Psalms 112:6 वह तो सदा तक अटल रहेगा; धर्मी का स्मरण सदा तक बना रहेगा। 
Psalms 112:7 वह बुरे समाचार से नहीं डरता; उसका हृदय यहोवा पर भरोसा रखने से स्थिर रहता है। 
Psalms 112:8 उसका हृदय सम्भला हुआ है, इसलिये वह न डरेगा, वरन अपने द्रोहियों पर दृष्टि कर के सन्तुष्ट होगा। 
Psalms 112:9 उसने उदारता से दरिद्रों को दान दिया, उसका धर्म सदा बना रहेगा और उसका सींग महिमा के साथ ऊंचा किया जाएगा। 
Psalms 112:10 दुष्ट उसे देख कर कुढेगा; वह दांत पीस- पीसकर गल जाएगा; दुष्टों की लालसा पूरी न होगी।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 110-112
  • 1 कुरिन्थियों 5


रविवार, 21 अगस्त 2016

अनुभव और भरोसा


   एक पुरानी कहावत है, "उतना ही मुँह में लो जितना कि चबा सकते हो"; अर्थात क्षमता से अधिक कुछ भी हाथ में ना लो; उत्तरदायित्व भी उतने ही लो जितने निभाने पाओ। लेकिन यह ध्यान रखने के बावजूद, जो कार्य या ज़िम्मेदारी हमने हाथ में ली है, कभी-कभी उसकी विशालता या कठिनाई से हम अभिभूत हो भी सकते हैं। यह हमारे मसीही विश्वास और प्रभु यीशु मसीह के प्रति हमारे समर्पण के साथ भी हो सकता है। लेकिन प्रभु पर हमारा भरोसा यदि डगमगाने भी लगे, तो प्रभु के पास हमारे प्रोत्साहन के लिए उपयुक्त शब्द उपलब्ध हैं (1 कुरिन्थियों 10:13)।

   हमारे प्रोत्साहन का एक और तरीका है परमेश्वर की हमारे प्रति सदा बने रहने वाली विश्वासयोग्यता को स्मरण करते रहना, उसका ध्यान बनाए रखना। परमेश्वर के वचन बाइबल में इब्रानियों को लिखी पत्री का लेखक उन्हें उनके उस साहस को स्मरण करने के लिए कहता है जो उन्होंने अपने मसीही विश्वास में आने के प्राथमिक दिनों में दिखाया था (इब्रानियों 10:32-33)। सामाजिक अपमान, तिरिस्कार और ताड़ना के बावजूद, उन्होंने बंदीगृह में डाले गए मसीही विश्वासियों की सहायता करी, अपनी संपत्ति को आनन्द से लुटने दिया (पद 33-34)। इस बात को आधार बना कर लेखक उन्हें प्रोत्साहित करने के लिए कहता है: "सो अपना हियाव न छोड़ो क्योंकि उसका प्रतिफल बड़ा है। पर हम हटने वाले नहीं, कि नाश हो जाएं पर विश्वास करने वाले हैं, कि प्राणों को बचाएं" (पद 35-36)।

   आज हम मसीही विश्वासियों की आशा का आधार हमारी अपनी कोई योग्यता या क्षमता नहीं, वरन प्रभु यीशु मसीह, उसका जीवता वचन और सही समय पर उसके पुनरागमन की आशा है। यह परमेश्वर से हमें मिलने वाली सामर्थ ही है जिससे संसार और शैतान द्वारा मार्ग में डाली जाने वाली हर बाधा और निराशा के बावजूद हम अपने मसीही विश्वास की यात्रा को ज़ारी रखते हुए अपने स्वर्गीय गन्तव्य की ओर बढ़ते रहते हैं, सकुशल बने रहते हैं। बीते दिनों में हमारे प्रति बनी रही परमेश्वर की विश्वासयोग्यता के अनुभव, आने वाले दिनों की सभी बातों के लिए उस में हमारे भरोसे को दृढ़ और स्थिर करती है। - डेविड मैक्कैसलैंड


परमेश्वर की विश्वासयोग्यता हमारे भरोसे को उकसाती और बढ़ाती है।

तुम किसी ऐसी परीक्षा में नहीं पड़े, जो मनुष्य के सहने से बाहर है: और परमेश्वर विश्वासयोग्य है: वह तुम्हें सामर्थ से बाहर परीक्षा में न पड़ने देगा, वरन परीक्षा के साथ निकास भी करेगा; कि तुम सह सको। - 1 कुरिन्थियों 10:13

बाइबल पाठ: इब्रानियों 10:32-39
Hebrews 10:32 परन्तु उन पहिले दिनों को स्मरण करो, जिन में तुम ज्योति पाकर दुखों के बड़े झमेले में स्थिर रहे। 
Hebrews 10:33 कुछ तो यों, कि तुम निन्‍दा, और क्‍लेश सहते हुए तमाशा बने, और कुछ यों, कि तुम उन के साझी हुए जिन की र्दुदशा की जाती थी। 
Hebrews 10:34 क्योंकि तुम कैदियों के दुख में भी दुखी हुए, और अपनी संपत्ति भी आनन्द से लुटने दी; यह जान कर, कि तुम्हारे पास एक और भी उत्तम और सर्वदा ठहरने वाली संपत्ति है। 
Hebrews 10:35 सो अपना हियाव न छोड़ो क्योंकि उसका प्रतिफल बड़ा है। 
Hebrews 10:36 क्योंकि तुम्हें धीरज धरना अवश्य है, ताकि परमेश्वर की इच्छा को पूरी कर के तुम प्रतिज्ञा का फल पाओ। 
Hebrews 10:37 क्योंकि अब बहुत ही थोड़ा समय रह गया है जब कि आने वाला आएगा, और देर न करेगा। 
Hebrews 10:38 और मेरा धर्मी जन विश्वास से जीवित रहेगा, और यदि वह पीछे हट जाए तो मेरा मन उस से प्रसन्न न होगा। 
Hebrews 10:39 पर हम हटने वाले नहीं, कि नाश हो जाएं पर विश्वास करने वाले हैं, कि प्राणों को बचाएं।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 107-109
  • 1 कुरिन्थियों 4