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बुधवार, 6 सितंबर 2017

क्रमशः


    मेरी युवावस्था में, 1950 के दशक में, मैं अकसर शनिवार की दोपहर को स्थानीय सिनेमा हॉल में फिल्म देखने जाया करता था। वहाँ कार्टून और मुख्य फिल्म के अतिरिक्त एक रोमाँचक सीरियल भी दिखाया जाता था। इस रोमाँचक सीरियल के प्रदर्शन का अन्त सदा ही एक ऐसे बिन्दु पर आकर होता था जिसमें नायक या नायिका किसी असंभव स्थिति में फंसे होते थे और उनके बच निकलने का कोई उपाय समझ में नहीं आ रहा होता था। परन्तु फिर भी प्रत्येक वृतांत का अन्त होता था "क्रमशः" शब्द से, अर्थात कहानी अभी आगे बढ़ेगी।

   परमेश्वर के वचन बाइबल के नए नियम खण्ड का एक नायक पौलुस खतरों और जान-जोखिम में डालने वाली परिस्थितियों से अनजान नही था। प्रभु यीशु मसीह के जगत का उद्धाकर्ता होने के सुसमाचार के प्रचार और प्रसार के लिए वह जेल गया, पीटा और पत्थरवाह किया गया, और समुद्री यात्राओं में जहाज़ के टूटने और जान का खतरा होने को भी अनुभव किया। वह यह निश्चित जानता था कि एक दिन उसकी मृत्यु होनी ही है, परन्तु उसने इसे कभी अपनी जीवन-गाथा का अन्त नहीं माना। पौलुस ने कुरिन्थुस के मसीही विश्वासियों को लिखा, "और जब यह नाशमान अविनाश को पहिन लेगा, और यह मरनहार अमरता को पहिन लेगा, तक वह वचन जो लिखा है, पूरा हो जाएगा, कि जय ने मृत्यु को निगल लिया" (1 कुरिन्थियों 15:54)। पौलुस को अपने जीवन भर धुन लगी रही थी कि वह सारे संसार के सभी लोगों के उद्धार के लिए प्रभु यीशु मसीह द्वारा क्रूस पर अपने प्राणों का बलिदान देने की बात सब को बताए, जिससे प्रभु यीशु पर लाए गए विश्वास और उसे किए गए समर्पण के द्वारा लोग अपने पापों की क्षमा और उद्धार पा सकें, परमेश्वर के साथ अनन्त जीवन जीने का निश्चय पा सकें।

   हम उन सिरियलों के नायक-नायिका के समान नहीं हैं जो सदा निश्चित मृत्यु से बच निकलते थे। हमारे जीवनों में निश्चित ही वह दिन आएगा जब हमारे पार्थिव जीवन का अन्त होगा - चाहे मृत्यु के द्वारा, चाहे प्रभु यीशु के दूसरे आगमन के द्वारा। परन्तु जितनों ने प्रभु यीशु पर विश्वास कर के उससे अपने पापों की क्षमा माँग ली है, अपना जीवन उन्हें समर्पित कर दिया है, उन सब के लिए पार्थिव जीवन का अन्त जीवन-गाथा की समाप्ति नहीं है, वरन "क्रमशः" है, क्योंकि उनका जीवन अनन्तकाल तक परमेश्वर के साथ चलता रहेगा; उनके स्वर्गीय जीवन और अनन्त आनन्द का कभी अन्त नहीं होगा। - डेविड मैक्कैसलैंड


जीवन और मृत्यु, दोनों में प्रभु यीशु मसीह 
हमारे जीवन की आशा और आश्वासन है।

वह मृत्यु को सदा के लिये नाश करेगा, और प्रभु यहोवा सभों के मुख पर से आंसू पोंछ डालेगा, और अपनी प्रजा की नामधराई सारी पृथ्वी पर से दूर करेगा; क्योंकि यहोवा ने ऐसा कहा है। - यशायह 25:8 

बाइबल पाठ: 1 कुरिन्थियों 15:50-58
1 Corinthians 15:50 हे भाइयों, मैं यह कहता हूं कि मांस और लोहू परमेश्वर के राज्य के अधिकारी नहीं हो सकते, और न विनाश अविनाशी का अधिकारी हो सकता है। 
1 Corinthians 15:51 देखो, मैं तुम से भेद की बात कहता हूं: कि हम सब तो नहीं सोएंगे, परन्तु सब बदल जाएंगे। 
1 Corinthians 15:52 और यह क्षण भर में, पलक मारते ही पिछली तुरही फूंकते ही होगा: क्योंकि तुरही फूंकी जाएगी और मुर्दे अविनाशी दशा में उठाए जांएगे, और हम बदल जाएंगे। 
1 Corinthians 15:53 क्योंकि अवश्य है, कि यह नाशमान देह अविनाश को पहिन ले, और यह मरनहार देह अमरता को पहिन ले। 
1 Corinthians 15:54 और जब यह नाशमान अविनाश को पहिन लेगा, और यह मरनहार अमरता को पहिन लेगा, तब वह वचन जो लिखा है, पूरा हो जाएगा, कि जय ने मृत्यु को निगल लिया। 
1 Corinthians 15:55 हे मृत्यु तेरी जय कहां रही? 
1 Corinthians 15:56 हे मृत्यु तेरा डंक कहां रहा? मृत्यु का डंक पाप है; और पाप का बल व्यवस्था है। 
1 Corinthians 15:57 परन्तु परमेश्वर का धन्यवाद हो, जो हमारे प्रभु यीशु मसीह के द्वारा हमें जयवन्‍त करता है। 
1 Corinthians 15:58 सो हे मेरे प्रिय भाइयो, दृढ़ और अटल रहो, और प्रभु के काम में सर्वदा बढ़ते जाओ, क्योंकि यह जानते हो, कि तुम्हारा परिश्रम प्रभु में व्यर्थ नहीं है।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 148-150
  • 1 कुरिन्थियों 15:29-58


मंगलवार, 5 सितंबर 2017

प्रेम


   संसार के अनेकों देशों में "प्रेम के ताले लगाना" एक बढ़ता हुआ प्रचलन है। हज़ारों लोगों ने इन तालों को कई सार्वजनिक स्थलों के दरवाज़ों, चारदिवारियों, और नदियों पर बने पुलों पर, फ्रांस, चीन, ऑस्ट्रिया, चैक गणराज्य, सरबिया, स्पेन, मैक्सिको, उत्तरी आयरलैंड आदि देशों में लगा रखा है। प्रेमी जोड़े अपने नाम तालों पर खोदकर लिखते हैं और उस ताले को, अपने सदा-बहार प्रेम के प्रतीक के रूप में, किसी ऐसे सार्वजनिक स्थान पर लगा देते हैं। इन स्थानों पर लगे इन हज़ारों तालों को लेकर अधिकारी भी दुविधा में हैं, क्योंकि उनकी बहुतायत और वज़न के कारण, जिस स्थान पर वे लगाए गए हैं, उसके लिए खतरा हो सकते हैं। कुछ लोग इन तालों को स्वरूप और सुन्दरता बिगाड़ने वाला मानते हैं, तो अन्य उन्हें समर्पित प्रेम के प्रतीक के रूप में एक सुन्दर कलाकृति मानते हैं।

   प्रभु यीशु ने हमें दिखाया कि किसी सार्वजनिक स्थाल पर प्रकट किया गया "सच्चा और अटल प्रेम" क्या होता है। उन्होंने सारे संसार के प्रत्येक व्यक्ति के पापों के लिए अपने प्राण क्रूस पर बलिदान कर के उन पापों की क्षमा प्राप्त करने का मार्ग संसार को बना कर दे दिया। आज भी वह हमारे प्रति धैर्य और सहनशीलता रखने के द्वारा, हमें बारंबार पापों की क्षमा के अवसर तथा क्षमा को देने के द्वारा, हमारी देखभाल करने के द्वारा, हमारे प्रति अपने प्रेम को प्रकट करता है। प्रभु यीशु पर लाए गए विश्वास और उसे समर्पित किए गए जीवन के द्वारा मिलने वाला उद्धार, अनन्तकाल परमेश्वर पिता के साथ बिताने की केवल एक प्रतिज्ञा नहीं है, वरन यह एक दैनिक अनुभव है, प्रभु यीशु के साथ संबंध बनाए रखने का, उसकी क्षमा, आश्वासन, प्रबन्ध और अनुग्रह का। हमारे प्रति प्रभु यीशु का प्रेम ही, परमेश्वर के वचन बाइबल में पौलुस द्वारा प्रेम में चलते रहने के लिए दी गई चुनौती (इफिसियों 5:2) का आधार है।

   परमेश्वर पिता का प्रेम हमें धीरजवन्त और द्यालु बनाता है; और हमारे तथा संपूर्ण जगत के उद्धाकर्ता में होकर परमेश्वर ने सबसे प्रेम करने का सर्वोत्तम उदाहरण दिया है। - ऐनी सेटास


प्रभु यीशु का हमारे प्रति प्रेम हमें एक दुसरे से प्रेम करना सिखाता है।

और उस की आज्ञा यह है कि हम उसके पुत्र यीशु मसीह के नाम पर विश्वास करें और जैसा उसने हमें आज्ञा दी है उसी के अनुसार आपस में प्रेम रखें। - 1 यूहन्ना 3:23

बाइबल पाठ: इफिसियों 4:29-5:2
Ephesians 4:29 कोई गन्‍दी बात तुम्हारे मुंह से न निकले, पर आवश्यकता के अनुसार वही जो उन्नति के लिये उत्तम हो, ताकि उस से सुनने वालों पर अनुग्रह हो। 
Ephesians 4:30 और परमेश्वर के पवित्र आत्मा को शोकित मत करो, जिस से तुम पर छुटकारे के दिन के लिये छाप दी गई है। 
Ephesians 4:31 सब प्रकार की कड़वाहट और प्रकोप और क्रोध, और कलह, और निन्‍दा सब बैरभाव समेत तुम से दूर की जाए। 
Ephesians 4:32 और एक दूसरे पर कृपाल, और करूणामय हो, और जैसे परमेश्वर ने मसीह में तुम्हारे अपराध क्षमा किए, वैसे ही तुम भी एक दूसरे के अपराध क्षमा करो।
Ephesians 5:1 इसलिये प्रिय, बालकों की नाईं परमेश्वर के सदृश बनो। 
Ephesians 5:2 और प्रेम में चलो; जैसे मसीह ने भी तुम से प्रेम किया; और हमारे लिये अपने आप को सुखदायक सुगन्‍ध के लिये परमेश्वर के आगे भेंट कर के बलिदान कर दिया।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 146-147
  • 1 कुरिन्थियों 15:1-28


सोमवार, 4 सितंबर 2017

परिवार


   ऑस्ट्रेलिया के पर्थ शहर की घटना है, ट्रेन पर चढ़ने का प्रयास करते हुए, एक पुरुष का पाँव फिसला और वह ट्रेन के डब्बे और प्लैटफॉर्म के बीच में फंस गया। तुरंत वहाँ खड़े दर्जनों अन्य यात्री उसकी सहायता के लिए आए, और एक साथ ज़ोर लगाकर ट्रेन के डब्बे को थोड़ा सा तिरछा कर दिया, और वह पुरुष अपना पाँव निकालने पाया। ट्रेन सेवा के प्रवक्ता ने एक साक्षात्कार में इस घटना के विषय में कहा, "सभी लोगों ने अपना योगदान दिया। यह लोगों की सामूहिक शक्ति थी जिससे एक व्यक्ति भारी नुकसान उठाने से बच गया।"

   परमेश्वर के वचन बाइबल में इफिसीयों 4 में हम पढ़ते हैं कि ऐसी ही सामूहिक शक्ति द्वारा परमेश्वर की मण्डली और परिवार का निर्माण परमेश्वर की योजना है। इस कार्य के लिए परमेश्वर ने अपने अनुग्रह में हम सब को कोई न कोई गुण दिया है (पद 7) "जिस से सारी देह हर एक जोड़ की सहायता से एक साथ मिलकर, और एक साथ गठकर उस प्रभाव के अनुसार जो हर एक भाग के परिमाण से उस में होता है, अपने आप को बढ़ाती है, कि वह प्रेम में उन्नति करती जाए" (पद 16)।

   परमेश्वर के परिवार में प्रत्येक व्यक्ति को किसी न किसी कार्य की ज़िम्मेदारी उठानी और निभानी है। परमेश्वर के परिवार में हम एक साथ रोते हैं और एक साथ ही हँसते भी हैं। हम एक दूसरे के बोझ उठाते हैं। हम एक दूसरे के लिए प्रार्थना करते हैं, एक दूसरे को प्रोत्साहित करते हैं। हम एक दूसरे को पाप से पलटने के लिए सहायता और चुनौती देते हैं।

   प्रार्थना करें कि परमेश्वर आपको उसके परिवार में आपकी भूमिका और जिम्मेदारी को दिखाए, तथा उस कार्य को करने के लिए जो गुण उसने आपको दिया है, उसे समझ कर उसका उपयोग करना सिखाए। - पो फैंग चिया


जहाँ परमेश्वर हमें पहुँचाना चाहता है, 
वहाँ पहुँचने के लिए हमें एक दूसरे की सहायता की आवश्यकता है।

जिस को जो वरदान मिला है, वह उसे परमेश्वर के नाना प्रकार के अनुग्रह के भले भण्‍डारियों के समान एक दूसरे की सेवा में लगाए। - 1 पतरस 4:10

बाइबल पाठ: इफिसियों 4:7-16
Ephesians 4:7 पर हम में से हर एक को मसीह के दान के परिमाण से अनुग्रह मिला है। 
Ephesians 4:8 इसलिये वह कहता है, कि वह ऊंचे पर चढ़ा, और बन्‍धुवाई को बान्‍ध ले गया, और मनुष्यों को दान दिए। 
Ephesians 4:9 (उसके चढ़ने से, और क्या पाया जाता है केवल यह, कि वह पृथ्वी की निचली जगहों में उतरा भी था। 
Ephesians 4:10 और जो उतर गया यह वही है जो सारे आकाश से ऊपर चढ़ भी गया, कि सब कुछ परिपूर्ण करे)। 
Ephesians 4:11 और उसने कितनों को भविष्यद्वक्ता नियुक्त कर के, और कितनों को सुसमाचार सुनाने वाले नियुक्त कर के, और कितनों को रखवाले और उपदेशक नियुक्त कर के दे दिया। 
Ephesians 4:12 जिस से पवित्र लोग सिद्ध हों जाएं, और सेवा का काम किया जाए, और मसीह की देह उन्नति पाए। 
Ephesians 4:13 जब तक कि हम सब के सब विश्वास, और परमेश्वर के पुत्र की पहिचान में एक न हो जाएं, और एक सिद्ध मनुष्य न बन जाएं और मसीह के पूरे डील डौल तक न बढ़ जाएं। 
Ephesians 4:14 ताकि हम आगे को बालक न रहें, जो मनुष्यों की ठग-विद्या और चतुराई से उन के भ्रम की युक्तियों की, और उपदेश की, हर एक बयार से उछाले, और इधर-उधर घुमाए जाते हों। 
Ephesians 4:15 वरन प्रेम में सच्चाई से चलते हुए, सब बातों में उस में जो सिर है, अर्थात मसीह में बढ़ते जाएं। 
Ephesians 4:16 जिस से सारी देह हर एक जोड़ की सहायता से एक साथ मिलकर, और एक साथ गठकर उस प्रभाव के अनुसार जो हर एक भाग के परिमाण से उस में होता है, अपने आप को बढ़ाती है, कि वह प्रेम में उन्नति करती जाए।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 143-145
  • 1 कुरिन्थियों 14:21-40


रविवार, 3 सितंबर 2017

सिध्दता


   डॉक्टर ब्रायन गोल्डमैन का भरसक प्रयास था कि वे अपने मरीज़ों के इलाज में सिध्द हों। परन्तु एक राष्ट्रीय प्रसारण में उन्होंने यह स्वीकार किया कि ऐसा नहीं हुआ, उन से गलतियाँ हुई हैं। उन्होंने बताया कि एक बार उन्होंने एक महिला का आप्तकालीन विभाग में इलाज किया और फिर उसे घर भेज दिया। उसी दिन, बाद में एक नर्स ने उन से कहा, "क्या आपको वह महिला स्मरण है जिसे आपने घर भेज दिया था? वह वापस आ गई है।" वह महिला वापस आई, उसे अस्पताल में भरती किया गया और फिर उसकी मृत्यु हो गई। इस घटना से वे बहुत आहत हुए। उन्होंने सिध्द होने के अपने प्रयास और बढ़ा दिए; परन्तु उनके सभी प्रयासों के बावजूद जो स्वाभाविक था, वही उन पर प्रगट भी हुआ - सिध्दता असंभव है।

   मसीही होने के नाते, हम अपने अन्दर अपने लिए सिध्द होने की अवास्तविक आशाएं बनाए रख सकते हैं। परन्तु हम यदि बाहरी रूप में दिखाने के लिए एक सिध्द जीवन भी लोगों के सामने रखने पाएं, तो भी हमारे विचार और उद्देश्य कभी पूर्णतः सिध्द न तो होंगे और न ही रहेंगे।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रभु यीशु मसीह के शिष्य, यूहन्ना ने लिखा, "यदि हम कहें, कि हम में कुछ भी पाप नहीं, तो अपने आप को धोखा देते हैं: और हम में सत्य नहीं" (1 यूहन्ना 1:8)। इसका सामाधान अपने पापों को छुपाकर और सिध्द होने के लिए और अधिक प्रयास करना नहीं है, परन्तु उन पापों को स्वीकार करके उनके लिए प्रभु से परमेश्वर क्षमा माँग लेना, "यदि हम अपने पापों को मान लें, तो वह हमारे पापों को क्षमा करने, और हमें सब अधर्म से शुद्ध करने में विश्वासयोग्य और धर्मी है" (1 यूहन्ना 1:9), और उसे समर्पित और उसकी इच्छानुसार जीवन बिताना है, "पर यदि जैसा वह ज्योति में है, वैसे ही हम भी ज्योति में चलें, तो एक दूसरे से सहभागिता रखते हैं; और उसके पुत्र यीशु का लोहू हमें सब पापों से शुद्ध करता है" (1 यूहन्ना 1:7)।

   कैसा हो यदि मसीही अपने पापों को छुपाने वाले नहीं, वरन, परमेश्वर के सत्य और अनुग्रह द्वारा एक दूसरे के प्रति प्रेम रखने और एक दूसरे को संभालने वाले हों? कैसा रहे यदि हम एक दूसरे के साथ जोखिम भरी किंतु स्वस्थ्य ईमानदारी निभाएं, और यह व्यवहार संसार के समक्ष रखें? - टिम गुस्टाफसन


अपने पापों के विषय परमेश्वर के समक्ष हमारी ईमानदारी, 
हमारे लिए परमेश्वर से क्षमा और आशीष लाती है।

जब मैं ने अपना पाप तुझ पर प्रगट किया और अपना अधर्म न छिपाया, और कहा, मैं यहोवा के साम्हने अपने अपराधों को मान लूंगा; तब तू ने मेरे अधर्म और पाप को क्षमा कर दिया। - भजन 32:5

बाइबल पाठ: 1 यूहन्ना 1:5-2:2
1 John 1:5 जो समाचार हम ने उस से सुना, और तुम्हें सुनाते हैं, वह यह है; कि परमेश्वर ज्योति है: और उस में कुछ भी अन्धकार नहीं। 
1 John 1:6 यदि हम कहें, कि उसके साथ हमारी सहभागिता है, और फिर अन्धकार में चलें, तो हम झूठे हैं: और सत्य पर नहीं चलते। 
1 John 1:7 पर यदि जैसा वह ज्योति में है, वैसे ही हम भी ज्योति में चलें, तो एक दूसरे से सहभागिता रखते हैं; और उसके पुत्र यीशु का लोहू हमें सब पापों से शुद्ध करता है। 
1 John 1:8 यदि हम कहें, कि हम में कुछ भी पाप नहीं, तो अपने आप को धोखा देते हैं: और हम में सत्य नहीं। 
1 John 1:9 यदि हम अपने पापों को मान लें, तो वह हमारे पापों को क्षमा करने, और हमें सब अधर्म से शुद्ध करने में विश्वासयोग्य और धर्मी है। 
1 John 1:10 यदि कहें कि हम ने पाप नहीं किया, तो उसे झूठा ठहराते हैं, और उसका वचन हम में नहीं है।
1 John 2:1 हे मेरे बालकों, मैं ये बातें तुम्हें इसलिये लिखता हूं, कि तुम पाप न करो; और यदि कोई पाप करे, तो पिता के पास हमारा एक सहायक है, अर्थात धार्मिक यीशु मसीह। 
1 John 2:2 और वही हमारे पापों का प्रायश्‍चित्त है: और केवल हमारे ही नहीं, वरन सारे जगत के पापों का भी।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 140-142
  • 1 कुरिन्थियों 14:1-20


शनिवार, 2 सितंबर 2017

नींव


   दो जन एक ही स्थान पर भवन निर्माण का कार्य कर रहे थे। जब उनसे पूछा गया कि वे क्या बना रहे हैं, तो एक ने कहा कि वह गैराज बना रहा है, और दूसरे ने कहा कि वह बड़ा सा आराधनालय बना रहा है। इसके एक दिन पश्चात वहाँ केवल एक ही व्यक्ति ईंटें लगाने का काम कर रहा था। जब उससे दूसरे व्यक्ति के बारे में पूछा गया, तो उसने उत्तर दिया, "उसे काम से निकाल दिया गया, क्योंकि वह दृढ़ संकल्प था कि वह गैराज नहीं वरन आराधनालय ही बना रहा है।"

   कुछ ऐसा ही परमेश्वर के वचन बाइबल में वर्णित एक घटना में एक प्राचीन स्थान बाबुल में हुआ। लोगों के समूह ने कल्पना की कि वे मिलकर एक नगर और एक मीनार बनाएंगे जो आकाश तक ऊँची हो, और वे सब एक ही स्थान पर एकत्रित होकर रहेंगे, और वे ईंटें बनाकर मिट्टी के गारे से ऐसी गगनचुँबी मीनार बनाने का व्यर्थ यत्न करने लगे (उत्पत्ति 11:3-4)। परन्तु परमेश्वर की योजना थी कि मनुष्य सारी पृथ्वी पर फैले और उसे अपने वश में कर ले: "और परमेश्वर ने उन को आशीष दी: और उन से कहा, फूलो-फलो, और पृथ्वी में भर जाओ, और उसको अपने वश में कर लो; और समुद्र की मछलियों, तथा आकाश के पक्षियों, और पृथ्वी पर रेंगने वाले सब जन्तुओ पर अधिकार रखो" (उत्पत्ति 1:28)। परमेश्वर नहीं चाहता था कि मनुष्य किसी ऐसे व्यर्थ तथा असंभव कार्य में लग जाए जिसका प्रभाव मनुष्यों में अपनी ही क्षमता और योग्यता पर झूठा भरोसा स्थापित करना, और अपने कार्यों द्वारा अपने अन्दर अहंकार जागृत करना हो। इसलिए परमेश्वर नीचे उतर आया, उनके इस कार्य को रुकवा दिया और उन्हें सारी पृथ्वी पर फैला दिया (पद 8-9)।

   परमेश्वर चाहता था कि मनुष्य प्रत्येक बात के लिए उस पर भरोसा रखें, अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए उससे कहें, और व्यर्थ बातों में अपने आप को व्यय न करें। परमेश्वर ने संसार के सभी लोगों के लिए अपनी योजना अब्राहम को बताई (उत्पत्ति 12:1-3)। वह चाहता था कि अबाहम और उसके वंशजों के समान सभी मनुषय उस पर विश्वास करें और वे अब्राहम ही के समान एक स्थिर नींव वाले नगर की बाट जोहें, जैसे अब्राहम एक "स्थिर नेव वाले नगर की बाट जोहता था, जिस का रचने वाला और बनाने वाला परमेश्वर है" (इब्रानियों 11:8-10)।

   परमेश्वर में हमारा विश्वास हमारी कल्पनाओं और हमारी सीमित बुद्धि से निकले समाधानों नींव पर न हो; वरन हमारे विश्वास की नींव स्वयं परमेश्वर, उसके गुण, और जो वह हम में होकर और हमारे लिए कर सकता है वही हो। - मार्ट डीहॉन


परमेश्वर वही करना चाहता है 
जो वह हमारे लिए और हम में होकर कर सकता है।

क्योंकि उस नींव को छोड़ जो पड़ी है, और वह यीशु मसीह है कोई दूसरी नींव नहीं डाल सकता। - 1 कुरिन्थियों 3:11

बाइबल पाठ: उत्पत्ति 11:1-9
Genesis 11:1 सारी पृथ्वी पर एक ही भाषा, और एक ही बोली थी। 
Genesis 11:2 उस समय लोग पूर्व की और चलते चलते शिनार देश में एक मैदान पाकर उस में बस गए। 
Genesis 11:3 तब वे आपस में कहने लगे, कि आओ; हम ईंटें बना बना के भली भाँति आग में पकाएं, और उन्होंने पत्थर के स्थान में ईंट से, और चूने के स्थान में मिट्टी के गारे से काम लिया। 
Genesis 11:4 फिर उन्होंने कहा, आओ, हम एक नगर और एक गुम्मट बना लें, जिसकी चोटी आकाश से बातें करे, इस प्रकार से हम अपना नाम करें ऐसा न हो कि हम को सारी पृथ्वी पर फैलना पड़े। 
Genesis 11:5 जब लोग नगर और गुम्मट बनाने लगे; तब इन्हें देखने के लिये यहोवा उतर आया। 
Genesis 11:6 और यहोवा ने कहा, मैं क्या देखता हूं, कि सब एक ही दल के हैं और भाषा भी उन सब की एक ही है, और उन्होंने ऐसा ही काम भी आरम्भ किया; और अब जितना वे करने का यत्न करेंगे, उस में से कुछ उनके लिये अनहोना न होगा। 
Genesis 11:7 इसलिये आओ, हम उतर के उनकी भाषा में बड़ी गड़बड़ी डालें, कि वे एक दूसरे की बोली को न समझ सकें। 
Genesis 11:8 इस प्रकार यहोवा ने उन को, वहां से सारी पृथ्वी के ऊपर फैला दिया; और उन्होंने उस नगर का बनाना छोड़ दिया। 
Genesis 11:9 इस कारण उस नगर को नाम बाबुल पड़ा; क्योंकि सारी पृथ्वी की भाषा में जो गड़बड़ी है, सो यहोवा ने वहीं डाली, और वहीं से यहोवा ने मनुष्यों को सारी पृथ्वी के ऊपर फैला दिया।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 137-139
  • 1 कुरिन्थियों 13


शुक्रवार, 1 सितंबर 2017

आयु


   दाँतों के रोगों की चिकित्सा संबंधी अपनी लैब में 50 वर्ष कार्य करने के पश्चात डेव बाउमैन ने सेवा-विवृत होकर आराम का जीवन बिताने का निर्णय लिया। मधुमेह और हृदय के रोग के लिए हुए ऑपरेशन ने उसके इस निर्णय को और पक्का कर दिया। परन्तु जब उसने अफ्रीका में स्थित सूडान देश से आए शरणार्थियों के बारे में सुना, जिन्हें सहायता की बहुत आवश्यकता थी, उसने एक जीवन बदल देने वाला निर्णय लिया। उसने उनमें से पाँच का आर्थिक संरक्षक बनना स्वीकार कर लिया।

   जैसे जैसे डेव उन सूडानी जवानों के बारे में और अधिक जानता गया, उसे ज्ञात हुआ कि वे कभी किसी डॉक्टर या दन्त चिकित्सक के पास जाने ही नहीं पाए थे। फिर एक दिन किसी ने चर्च में परमेश्वर के वचन बाइबल के एक पद का उल्लेख किया: "इसलिये यदि एक अंग दु:ख पाता है, तो सब अंग उसके साथ दु:ख पाते हैं; और यदि एक अंग की बड़ाई होती है, तो उसके साथ सब अंग आनन्द मनाते हैं" (1 कुरिन्थियों 12:26)। यह पद उसके मन में गूँजता ही रहा। सूडानी मसीही विश्वासी दुःख उठा रहे थे, उन्हें चिकित्सा सहायता की आवश्यकता थी, और डेव को आभास हुआ कि परमेश्वर उसे इसके बारे कुछ करने को प्रोत्साहित कर रहा है। परन्तु क्या?

   अपनी आयु और खराब स्वास्थ्य के बावजूद, डेव ने सूडान में एक चिकित्सालय बनाने की संभावना के बारे में खोज-बीन करनी आरंभ कर दी। धीरे-धीरे परमेश्वर लोगों और संसाधनों को जोड़ता चला गया, और फिर 2008 में मेमोरियल मसीही अस्पताल ने अपने द्वार मरीज़ों के लिए खोल दिए। तब से सैंकड़ों बीमार और घायल लोगों का वहाँ इलाज हो चुका है।

   मेमोरियल मसीही अस्पताल वहाँ इस तथ्य की गवाही के रूप में खड़ा है कि जब लोग दुःखी होते हैं तो परमेश्वर उनकी चिंता करता है; और अधिकांशतः परमेश्वर मेरे और आपके जैसे सामान्य लोगों में होकर सहायता कार्य को करता है - चाहे हमारी आयु कितनी भी हो, चाहे हम यह सोच बैठे हों कि अब मेरा कार्यकारी जीवन पूरा हो चुका है। - जूली ऐकैरमैन लिंक


जब लोग दुःखी होते हैं, परमेश्वर देखभाल करता है।

धर्मी लोग खजूर के समान फूले फलेंगे, और लबानोन के देवदार के समान बढ़ते रहेंगे। वे यहोवा के भवन में रोपे जा कर, हमारे परमेश्वर के आंगनों में फूले फलेंगे। वे पुराने होने पर भी फलते रहेंगे, और रस भरे और लहलहाते रहेंगे, जिस से यह प्रगट हो, कि यहोवा सीधा है; वह मेरी चट्टान है, और उस में कुटिलता कुछ भी नहीं। - भजन 92:12-15

बाइबल पाठ: 1 कुरिन्थियों 12:12-26
1 Corinthians 12:12 क्योंकि जिस प्रकार देह तो एक है और उसके अंग बहुत से हैं, और उस एक देह के सब अंग, बहुत होने पर भी सब मिलकर एक ही देह हैं, उसी प्रकार मसीह भी है। 
1 Corinthians 12:13 क्योंकि हम सब ने क्या यहूदी हो, क्या युनानी, क्या दास, क्या स्‍वतंत्र एक ही आत्मा के द्वारा एक देह होने के लिये बपतिस्मा लिया, और हम सब को एक ही आत्मा पिलाया गया। 
1 Corinthians 12:14 इसलिये कि देह में एक ही अंग नहीं, परन्तु बहुत से हैं। 
1 Corinthians 12:15 यदि पांव कहे कि मैं हाथ नहीं, इसलिये देह का नहीं, तो क्या वह इस कारण देह का नहीं? 
1 Corinthians 12:16 और यदि कान कहे; कि मैं आंख नहीं, इसलिये देह का नहीं, तो क्या वह इस कारण देह का नहीं? 
1 Corinthians 12:17 यदि सारी देह आंख ही होती तो सुनना कहां से होता? यदि सारी देह कान ही होती तो सूंघना कहां होता? 
1 Corinthians 12:18 परन्तु सचमुच परमेश्वर ने अंगो को अपनी इच्छा के अनुसार एक एक कर के देह में रखा है। 
1 Corinthians 12:19 यदि वे सब एक ही अंग होते, तो देह कहां होती? 
1 Corinthians 12:20 परन्तु अब अंग तो बहुत से हैं, परन्तु देह एक ही है। 
1 Corinthians 12:21 आंख हाथ से नहीं कह सकती, कि मुझे तेरा प्रयोजन नहीं, और न सिर पांवों से कह सकता है, कि मुझे तुम्हारा प्रयोजन नहीं। 
1 Corinthians 12:22 परन्तु देह के वे अंग जो औरों से निर्बल दिख पड़ते हैं, बहुत ही आवश्यक हैं। 
1 Corinthians 12:23 और देह के जिन अंगो को हम आदर के योग्य नहीं समझते हैं उन्‍ही को हम अधिक आदर देते हैं; और हमारे शोभाहीन अंग और भी बहुत शोभायमान हो जाते हैं। 
1 Corinthians 12:24 फिर भी हमारे शोभायमान अंगो को इस का प्रयोजन नहीं, परन्तु परमेश्वर ने देह को ऐसा बना दिया है, कि जिस अंग को घटी थी उसी को और भी बहुत आदर हो। 
1 Corinthians 12:25 ताकि देह में फूट न पड़े, परन्तु अंग एक दूसरे की बराबर चिन्‍ता करें। 
1 Corinthians 12:26 इसलिये यदि एक अंग दु:ख पाता है, तो सब अंग उसके साथ दु:ख पाते हैं; और यदि एक अंग की बड़ाई होती है, तो उसके साथ सब अंग आनन्द मनाते हैं।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 135-136
  • 1 कुरिन्थियों 12


गुरुवार, 31 अगस्त 2017

विलंब


   कई वर्षों से मैं अपने चचेरे भाई के साथ हमारे जीवनों में पापों की क्षमा और उद्धारकर्ता की आवश्यकता के बारे में बात किया करता था। जब हाल ही में वह मुझ से मिलने आया तो मैंने एक बार फिर उससे आग्रह किया कि वह मसीह यीशु को ग्रहण कर ले; तुरंत ही उसका प्रत्युत्तर था: "मैं यीशु को ग्रहण करना और चर्च आना तो चाहता हूँ, परन्तु अभी नहीं। मैं अन्य धर्मों को मानने वालों के मध्य रहता हूँ। जब तक किसी नए स्थान पर जाकर न बस जऊँ, मैं अपने मसीही विश्वास को भली-भांति निभा नहीं पाऊँगा।" उसने संभावित सताव, उपहास, और साथियों से आने वाले दबाव का हवाला देकर अपना निर्णय टालने को उचित ठहराना चाहा।

   उसके ये सब भय सही थे, परन्तु मैंने उसे आश्वस्त किया कि चाहे कोई भी परिस्थिति क्यों न आ जाए, प्रभु यीशु उसे कभी अकेला नहीं छोड़ेगा। मैंने उसे प्रोत्साहित किया कि वह निर्णय लेने में विलंब न करे, वरन प्रभु परमेश्वर पर भरोसा करे कि वह उसकी सहायता करेगा, उसे सुरक्षा प्रदान करेगा। मेरे भाई ने टालना बन्द करके प्रभु यीशु से पापों की क्षमा की बात को स्वीकार किया, अपना जीवन उसे समर्पित करके प्रभु को अपना निज उद्धारकर्ता स्वीकार कर लिया।

   जब प्रभु यीशु ने लोगों को अपने पीछे हो लेने के लिए आमंत्रित किया, तब उन लोगों ने भी निर्णय टालने के लिए बहाने बनाए - संसार की बातों और ज़िम्मेदारियों में व्यस्त होने के (लूका 9:59-62)। जो उत्तर प्रभु यीशु ने तब उन लोगों को दिया था (पद 60-62) वह आज हम सब से भी आग्रह करता है कि जीवन के सबसे महत्वपूर्ण और अनन्तकाल का प्रभाव रखने वाले इस निर्णय को लेने में विलंब न करें। हमारी आत्माओं के उद्धार से महत्वपूर्ण और कोई विषय नहीं है।

   क्या आज आप परमेश्वर की वाणी को आपको पापों की क्षमा तथा उद्धार पाने के लिए बुलाते हुए सुन रहे हैं - तो विलंब कदापि न करें; जब तक अवसर है समय का सदुपयोग करें और अपना अनन्तकाल सुरक्षित कर लें: "क्योंकि वह तो कहता है, कि अपनी प्रसन्नता के समय मैं ने तेरी सुन ली, और उद्धार के दिन मैं ने तेरी सहायता की: देखो, अभी वह प्रसन्नता का समय है; देखो, अभी उद्धार का दिन है" (2 कुरिन्थियों 6:2)। - लॉरेंस दरमानी

आज ही उद्धार का दिन है।

वरन जिस दिन तक आज का दिन कहा जाता है, हर दिन एक दूसरे को समझाते रहो, ऐसा न हो, कि तुम में से कोई जन पाप के छल में आकर कठोर हो जाए। - इब्रानियों 3:13

बाइबल पाठ: लूका 9:57-62
Luke 9:57 जब वे मार्ग में चले जाते थे, तो किसी न उस से कहा, जहां जहां तू जाएगा, मैं तेरे पीछे हो लूंगा। 
Luke 9:58 यीशु ने उस से कहा, लोमडिय़ों के भट और आकाश के पक्षियों के बसेरे होते हैं, पर मनुष्य के पुत्र को सिर धरने की भी जगह नहीं। 
Luke 9:59 उसने दूसरे से कहा, मेरे पीछे हो ले; उसने कहा; हे प्रभु, मुझे पहिले जाने दे कि अपने पिता को गाड़ दूं। 
Luke 9:60 उसने उस से कहा, मरे हुओं को अपने मुरदे गाड़ने दे, पर तू जा कर परमेश्वर के राज्य की कथा सुना। 
Luke 9:61 एक और ने भी कहा; हे प्रभु, मैं तेरे पीछे हो लूंगा; पर पहिले मुझे जाने दे कि अपने घर के लोगों से विदा हो आऊं। 
Luke 9:62 यीशु ने उस से कहा; जो कोई अपना हाथ हल पर रखकर पीछे देखता है, वह परमेश्वर के राज्य के योग्य नहीं।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 132-134
  • 1 कुरिन्थियों 11:17-34