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शनिवार, 3 मार्च 2018

विश्वास और समर्पण



   मेरे पडौस में धार्मिक लिखावटें बहुत देखने को मिलती हैं – पट्टियों, दीवारों, चौखटों, वाहनों पर, और यहाँ तक कि व्यवस्याओं के नाम में भी। एक मिनी-बस पर लिखा था, By The Grace of God (परमेश्वर के अनुग्रह से); एक किताबों की दूकान पर लिखा था God’s Divine Favor Bookshop (ईश्वरीय कृपा किताबों की दूकान); और एक दिन मैंने एक मर्सिडीज-बेंज़ कार पर लिखा देखा Keep Off – Angesl on Guard! (दूर रहो – स्वर्गदूत रक्षक हैं), जिसे पढ़ कर मैं मुस्कुराए बिना नहीं रह सका।

   लेकिन धार्मिक लेख, वे चाहे दीवारों पर लगी पट्टियों पर हों, या आभाशुणों और वस्त्रों पर, किसी भी व्यक्ति के परमेश्वर के प्रति वास्तविक प्रेम के सच्चे सूचक नहीं होते हैं। जिनका महत्व और अर्थ होता है वह बाहर लिखे हुए शब्द नहीं, परन्तु वह सत्य है जो हम अपने अन्दर लेकर चलते हैं। वही दिखाता है कि हम परमेश्वर द्वारा परिवर्तित किए जाने के लिए कितने इच्छुक हैं।

   मुझे एक स्थानीय मसीही सेवकाई द्वारा चलाया गया कार्यक्रम ध्यान में आता है जिसके अन्तर्गत लोगों को परमेश्वर के वचन को स्मरण करवाने के लिए बाइबल के पदों को कार्ड्स के दोनों ओर छपवाकर लोगों में वितृत किया गया था। यह परमेश्वर के निर्देश पर मूसा द्वारा इस्राएलियों को सिखाई गई बात के अनुरूप है कि उन्हें इन वचनों को, “अपने अपने घर के चौखट की बाजुओं और अपने फाटकों पर लिखना” (व्यवस्थाविवरण 6:9) था। हमें परमेश्वर के वचन को अपने हृदयों में बसा लेना है, उन्हें अपने बच्चों के मनों में भर देना है, और यात्रा में, सोते, उठते समय उसके बारे में वार्तालाप करना है (पद 6, 7)।

   प्रभु करे कि उसके प्रति हमारा विश्वास सच्चा और समर्पण खरा हो, जिससे हम वास्तव में अपने प्रभु परमेश्वर से अपने सारे हृदय, प्राण और शक्ति से प्रेम रख सकें। - लौरेंस दर्मानी


जब परमेश्वर का वचन हमारे हृदयों में बसा रहेग, 
तो उसके मार्ग हमारे मार्ग बन जाएँगे।

मसीह के वचन को अपने हृदय में अधिकाई से बसने दो; और सिद्ध ज्ञान सहित एक दूसरे को सिखाओ, और चिताओ, और अपने अपने मन में अनुग्रह के साथ परमेश्वर के लिये भजन और स्‍तुतिगान और आत्मिक गीत गाओ। - कुलुस्सियों 3:16

बाइबल पाठ: व्यवस्थाविवरण 6:1-12
Deuteronomy 6:1 यह वह आज्ञा, और वे विधियां और नियम हैं जो तुम्हें सिखाने की तुम्हारे परमेश्वर यहोवा ने आज्ञा दी है, कि तुम उन्हें उस देश में मानो जिसके अधिकारी होने को पार जाने पर हो;
Deuteronomy 6:2 और तू और तेरा बेटा और तेरा पोता यहोवा का भय मानते हुए उसकी उन सब विधियों और आज्ञाओं पर, जो मैं तुझे सुनाता हूं, अपने जीवन भर चलते रहें, जिस से तू बहुत दिन तक बना रहे।
Deuteronomy 6:3 हे इस्राएल, सुन, और ऐसा ही करने की चौकसी कर; इसलिये कि तेरा भला हो, और तेरे पितरों के परमेश्वर यहोवा के वचन के अनुसार उस देश में जहां दूध और मधु की धाराएं बहती हैं तुम बहुत हो जाओ।
Deuteronomy 6:4 हे इस्राएल, सुन, यहोवा हमारा परमेश्वर है, यहोवा एक ही है;
Deuteronomy 6:5 तू अपने परमेश्वर यहोवा से अपने सारे मन, और सारे जीव, और सारी शक्ति के साथ प्रेम रखना।
Deuteronomy 6:6 और ये आज्ञाएं जो मैं आज तुझ को सुनाता हूं वे तेरे मन में बनी रहें;
Deuteronomy 6:7 और तू इन्हें अपने बाल-बच्चों को समझाकर सिखाया करना, और घर में बैठे, मार्ग पर चलते, लेटते, उठते, इनकी चर्चा किया करना।
Deuteronomy 6:8 और इन्हें अपने हाथ पर चिन्हानी कर के बान्धना, और ये तेरी आंखों के बीच टीके का काम दें।
Deuteronomy 6:9 और इन्हें अपने अपने घर के चौखट की बाजुओं और अपने फाटकों पर लिखना।
Deuteronomy 6:10 और जब तेरा परमेश्वर यहोवा तुझे उस देश में पहुंचाए जिसके विषय में उसने इब्राहीम, इसहाक, और याकूब नाम, तेरे पूर्वजों से तुझे देने की शपथ खाई, और जब वह तुझ को बड़े बड़े और अच्छे नगर, जो तू ने नहीं बनाए,
Deuteronomy 6:11 और अच्छे अच्छे पदार्थों से भरे हुए घर, जो तू ने नहीं भरे, और खुदे हुए कुंए, जो तू ने नहीं खोदे, और दाख की बारियां और जलपाई के वृक्ष, जो तू ने नहीं लगाए, ये सब वस्तुएं जब वह दे, और तू खाके तृप्त हो,
Deuteronomy 6:12 तब सावधान रहना, कहीं ऐसा न हो कि तू यहोवा को भूल जाए, जो तुझे दासत्व के घर अर्थात मिस्र देश से निकाल लाया है।


एक साल में बाइबल: 
  • गिनती 28-30
  • मरकुस 8:22-38



शुक्रवार, 2 मार्च 2018

भरोसा



   हमारी बाल्यावस्था में, 1960 के दशक में, हम लोग अफ्रीका के घाना देश के ग्रामीण इलाके में रहा करते थे। वहाँ पर हमारे साथ खेलने के लिए कभी-कभी हमारे पिता झाडियों में छुपकर, शेर के समान गुर्राने की आवाज़ निकालकर हमें डराने का नाटक करते थे, और मैं तथा मेरा भाई हंसते हुए उस आवाज़ के स्त्रोत को ढूँढ़ने के लिए झाड़ियों की ओर भागते थे, क्योंकि हम जानते थे के पिताजी के साथ खेलने का समय आ गया है, और इस इलाके में शेर के होने का कोई ख़तरा नहीं है।

   एक दिन हमारा एक मित्र हमसे मिलने आया हुआ था। उसके साथ खेलते हुए हमने वह जानी-पहचानी गुर्राने की आवाज़ सुनी। हमारा मित्र डर के मारे चिल्ला कर तेज़ी से भागने लगा। मैं और मेरा भाई भली-भांति जानते थे कि कोई ख़तरा नहीं है, वह आवाज़ काल्पनिक शेर की है; परन्तु एक विचित्र बात हुई, हम दोनों भी उस मित्र के साथ चिल्लाते हुए भाग निकले! हम सब ने कुछ पाठ सीखे – मेरे पिता को बहुत बुरा लगा कि हमारा मित्र डर कर भागा गया; मैंने और मेरे भाई ने सीखा कि दूसरों के भय से प्रभावित होकर घबरा नहीं जाना चाहिए।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में हम कालेब और यहोशू के विषय में पढ़ते हैं, जो औरों के घबराने से स्वयं नहीं घबराए और परमेश्वर पर अपने भरोसे में दृढ़ खड़े रहे। इस्राएल के वाचा के देश में प्रवेश करने की कगार पर आने का समय आने पर, मूसा ने 12 लोगों को देश की छानबीन करके आने को भेजा जिससे वे स्वयं जान सकें कि परमेश्वर उन्हें कितने उत्तम देश में बसाने के लिए ले जा रहा है। उन बारहों ने देश की उत्तमता और उपजाऊ होने को तो देखा, परन्तु उन में से दस ने बाधाओं और कठिनाइयों पर ध्यान केंद्रित किया और वापस आकर शेष मण्डली को भी घबरा दिया (गिनती 13:27-33), जिससे वे सब डर कर वापस लौटने का प्रयास करने लगे (गिनती 14:1-4)। केवल कालेब और यहोशू ने परिस्थिति का सही आँकलन किया (पद 6-9), पिता परमेश्वर की बीते समय की विश्वासयोग्यता और उन्हें सफलता दिलवाते रहने की प्रवृत्ति पर भरोसा किया।

   कुछ “शेर” वास्तव में ख़तरा होते हैं; परन्तु अन्य केवल काल्पनिक होते हैं। हम मसीही विश्वासियों के जीवनों में आने वाले ये “शेर” चाहे वास्तविक हों अथवा काल्पनिक, हमारा भरोसा सदा अपने उस प्रभु परमेश्वर पर होना चाहिए जिसकी आवाज़ और कार्यों को हम भली-भांति जानते हैं; जिसपर हमने भरोसा किया है। - टिम गुस्ताफ्सन


दुष्ट लोग जब कोई पीछा नहीं करता तब भी भागते हैं
परन्तु धर्मी लोग जवान सिहों के समान निडर रहते हैं। (नीतिवचन 28:1)

मेरी भेड़ें मेरा शब्द सुनती हैं, और मैं उन्हें जानता हूं, और वे मेरे पीछे पीछे चलती हैं। और मैं उन्हें अनन्त जीवन देता हूं, और वे कभी नाश न होंगी, और कोई उन्हें मेरे हाथ से छीन न लेगा। - यूहन्ना 10:27-28

बाइबल पाठ: गिनती 14:1-9
Numbers 14:1 तब सारी मण्डली चिल्ला उठी; और रात भर वे लोग रोते ही रहे।
Numbers 14:2 और सब इस्राएली मूसा और हारून पर बुड़बुड़ाने लगे; और सारी मण्डली उसने कहने लगी, कि भला होता कि हम मिस्र ही में मर जाते! वा इस जंगल ही में मर जाते!
Numbers 14:3 और यहोवा हम को उस देश में ले जा कर क्यों तलवार से मरवाना चाहता है? हमारी स्त्रियां और बाल-बच्चे तो लूट में चलें जाएंगे; क्या हमारे लिये अच्छा नहीं कि हम मिस्र देश को लौट जाएं?
Numbers 14:4 फिर वे आपस में कहने लगे, आओ, हम किसी को अपना प्रधान बना लें, और मिस्र को लौट चलें।
Numbers 14:5 तब मूसा और हारून इस्राएलियों की सारी मण्डली के साम्हने मुंह के बल गिरे।
Numbers 14:6 और नून का पुत्र यहोशू और यपुन्ने का पुत्र कालेब, जो देश के भेद लेने वालों में से थे, अपने अपने वस्त्र फाड़कर,
Numbers 14:7 इस्राएलियों की सारी मण्डली से कहने लगे, कि जिस देश का भेद लेने को हम इधर उधर घूम कर आए हैं, वह अत्यन्त उत्तम देश है।
Numbers 14:8 यदि यहोवा हम से प्रसन्न हो, तो हम को उस देश में, जिस में दूध और मधु की धाराएं बहती हैं, पहुंचाकर उसे हमे दे देगा।
Numbers 14:9 केवल इतना करो कि तुम यहोवा के विरुद्ध बलवा न करो; और न तो उस देश के लोगों से डरो, क्योंकि वे हमारी रोटी ठहरेंगे; छाया उनके ऊपर से हट गई है, और यहोवा हमारे संग है; उन से न डरो।


एक साल में बाइबल: 
  • गिनती 26-27
  • मरकुस 8:1-21



गुरुवार, 1 मार्च 2018

ज्योति



   एक दिन मुझे ट्यूलिप फूलों का एक गुलदस्ता भेंट में दिया गया। मैंने घर लाकर उन्हें एक फूलदान में सजाया और रसोई की मेज़ के मध्य में रख दिया। अगले दिन मैंने देखा के उन फूलों का रुख उससे भिन्न था जैसा मैंने रखा था; अपनी अपनी डंडियों पर बजाए सीधे ऊपर की ओर होने के, अब वे निकट की एक खिड़की से आने वाले सूर्य के प्रकाश की ओर झुके हुए थे।

   एक रीति से हम सभी उन फूलों के समान बने हुए हैं – परमेश्वर के प्रेम की ज्योति की ओर मुड़ने के लिए। परमेश्वर के वचन, बाइबल, में प्रेरित पतरस लिखता है कि परमेश्वर ने हमें अन्धकार से अपनी अद्भुत ज्योति में बुलाया है (1 पतरस 2:9)। प्रभु परमेश्वर को जानने से पहले हम पाप और मृत्यु के अन्धकार में जीवन व्यतीत कर रहे थे, और इसके कारण परमेश्वर से पृथक थे (इफिसियों 2:1-7)। परन्तु अपनी करुणा और प्रेम के कारण, परमेश्वर ने प्रभु यीशु की मृत्यु और पुनरुत्थान के द्वारा हमारे लिए मार्ग बना कर दिया कि हम उस आत्मिक अन्धकार से बच कर निकल सकें (कुलुस्सियों 1:13-14)।

   प्रभु यीशु मसीह ही सँसार की ज्योति हैं, और वह प्रत्येक जन जो पापों की क्षमा के लिए उनपर विश्वास करता है, उनके अनुग्रह से उनसे अनन्त जीवन का दान प्राप्त करता है। हम जितना अधिक प्रभु की ओर झुकते हैं, हम उसकी भलाई और सत्य को उतना अधिक सँसार के सामने प्रतिबिंबित करते हैं (इफिसियों 5:8-9)।

   हम सदा प्रभु के प्रेम और क्षमा की ज्योति की ओर झुकते रहें, लोगों को उसकी ओर संकेत करते रहें। - जेनिफर बेन्सन शुल्ट


पाप से उद्धार पाने का अर्थ है आत्मिक अन्धकार से परमेश्वर की ज्योति में आ जाना।

उसी ने हमें अन्धकार के वश से छुड़ाकर अपने प्रिय पुत्र के राज्य में प्रवेश कराया। जिस में हमें छुटकारा अर्थात पापों की क्षमा प्राप्त होती है। - कुलुस्सियों 1:13-14

बाइबल पाठ: 1 पतरस 2: 1-10
1 Peter 2:1 इसलिये सब प्रकार का बैर भाव और छल और कपट और डाह और बदनामी को दूर करके।
1 Peter 2:2 नये जन्मे हुए बच्‍चों के समान निर्मल आत्मिक दूध की लालसा करो, ताकि उसके द्वारा उद्धार पाने के लिये बढ़ते जाओ।
1 Peter 2:3 यदि तुम ने प्रभु की कृपा का स्‍वाद चख लिया है।
1 Peter 2:4 उसके पास आकर, जिसे मनुष्यों ने तो निकम्मा ठहराया, परन्तु परमेश्वर के निकट चुना हुआ, और बहुमूल्य जीवता पत्थर है।
1 Peter 2:5 तुम भी आप जीवते पत्थरों के समान आत्मिक घर बनते जाते हो, जिस से याजकों का पवित्र समाज बन कर, ऐसे आत्मिक बलिदान चढ़ाओ, जो यीशु मसीह के द्वारा परमेश्वर को ग्राह्य हों।
1 Peter 2:6 इस कारण पवित्र शास्त्र में भी आया है, कि देखो, मैं सिय्योन में कोने के सिरे का चुना हुआ और बहुमूल्य पत्थर धरता हूं: और जो कोई उस पर विश्वास करेगा, वह किसी रीति से लज्ज़ित नहीं होगा।
1 Peter 2:7 सो तुम्हारे लिये जो विश्वास करते हो, वह तो बहुमूल्य है, पर जो विश्वास नहीं करते उन के लिये जिस पत्थर को राजमिस्त्रीयों ने निकम्मा ठहराया था, वही कोने का सिरा हो गया।
1 Peter 2:8 और ठेस लगने का पत्थर और ठोकर खाने की चट्टान हो गया है: क्योंकि वे तो वचन को न मान कर ठोकर खाते हैं और इसी के लिये वे ठहराए भी गए थे।
1 Peter 2:9 पर तुम एक चुना हुआ वंश, और राज-पदधारी याजकों का समाज, और पवित्र लोग, और (परमेश्वर की) निज प्रजा हो, इसलिये कि जिसने तुम्हें अन्धकार में से अपनी अद्भुत ज्योति में बुलाया है, उसके गुण प्रगट करो।
1 Peter 2:10 तुम पहिले तो कुछ भी नहीं थे, पर अब परमेश्वर ही प्रजा हो: तुम पर दया नहीं हुई थी पर अब तुम पर दया हुई है।


एक साल में बाइबल: 
  • गिनती 23-25
  • मरकुस 7:14-37



बुधवार, 28 फ़रवरी 2018

परिपक्व


   मुझे अपने युवा पुत्र और उसके मित्रों को टी-बॉल खेलते देखना मनोरंजक लगता है। बेसबॉल खेल के इस संस्करण में, अभी प्रशिक्षण ले ही रहे खिलाड़ी अकसर गलत स्थान की ओर दौड़ते हैं, या यदि वे बॉल को पकड़ लें तो उन्हें समझ नहीं अआया है कि उस बॉल का आगे क्या करें। यदि हम व्यावसायिक खिलाड़ियों द्वारा इस प्रकार की गलतियाँ करते हुए खेल को खेलते हुए देखते तो यह इतना मनोरंजक नहीं होता।
   यह परिपक्वता की बात है।

   अभी प्रशिक्षण ले रहे युवा खिलाड़ियों के लिए संघर्ष करना, आगे क्या करना है उसे न जानना, हर बात को सही रीति से न करना स्वीकारीय है। वे प्रयास कर रहे हैं, सीख रहे हैं। इसलिए हम उन्हें प्रशिक्षित करते हैं, और धैर्य के साथ उन्हें परिपक्वता की ओर लेकर चलते हैं। बाद में जब वे एक टीम के रूप में कौशल के साथ खेलते हैं, तब हम उनकी सफलता का उत्सव मनाते हैं, उनके खेल कौशल से प्रसन्न होते हैं।

   जो लोग प्रभु यीशु के पीछे चलने का निर्णय लेते हैं, उनके साथ भी जीवन में ऐसा ही कुछ होता है। परमेश्वर के वचन बाइबल में पौलुस ने कहा कि चर्च को ऐसे लोगों की आवश्यकता है जो “सारी दीनता और नम्रता सहित, और धीरज धरकर प्रेम से एक दूसरे की सह लें” (इफिसियों 4:2)। साथ ही हमें भिन्न प्रकार के प्रशिक्षण देने वालों (पासबान, शिक्षक,आत्मिक मार्गदर्शक) की भी चर्च में आवश्यकता होती है जो हम सब को परिपक्वता तथा विश्वास में एक होने की ओर लेकर चलें (पद 13)।

   चर्च में जब हम साथ संगति के जीवन का आनन्द लेते हैं, साथ प्रचार और शिक्षाओं को सुनते और सीखते हैं, तो उद्देश्य होता है कि मसीह यीशु में परिपक्व होते चले जाएँ (पद 15)। हम में से प्रत्येक मसीही विश्वासी इस यात्रा में है, और मसीह में परिपक्वता की इस यात्रा में हम सब एक दूसरे को प्रोत्साहित करते रह सकते हैं, एक दूसरे के सहायक हो सकते हैं। - डेव ब्रैनन


जब हम एक दूसरे के साथ-साथ चलते हैं, तो यात्रा आनन्दमय हो जाती है।

तुम एक दूसरे के भार उठाओ, और इस प्रकार मसीह की व्यवस्था को पूरी करो। - गलतियों 6:2

बाइबल पाठ: इफिसियों 4:1-16
Ephesians 4:1 सो मैं जो प्रभु में बन्‍धुआ हूं तुम से बिनती करता हूं, कि जिस बुलाहट से तुम बुलाए गए थे, उसके योग्य चाल चलो।
Ephesians 4:2 अर्थात सारी दीनता और नम्रता सहित, और धीरज धरकर प्रेम से एक दूसरे की सह लो।
Ephesians 4:3 और मेल के बन्ध में आत्मा की एकता रखने का यत्‍न करो।
Ephesians 4:4 एक ही देह है, और एक ही आत्मा; जैसे तुम्हें जो बुलाए गए थे अपने बुलाए जाने से एक ही आशा है।
Ephesians 4:5 एक ही प्रभु है, एक ही विश्वास, एक ही बपतिस्मा।
Ephesians 4:6 और सब का एक ही परमेश्वर और पिता है, जो सब के ऊपरऔर सब के मध्य में, और सब में है।
Ephesians 4:7 पर हम में से हर एक को मसीह के दान के परिमाण से अनुग्रह मिला है।
Ephesians 4:8 इसलिये वह कहता है, कि वह ऊंचे पर चढ़ा, और बन्‍धुवाई को बान्‍ध ले गया, और मनुष्यों को दान दिए।
Ephesians 4:9 (उसके चढ़ने से, और क्या पाया जाता है केवल यह, कि वह पृथ्वी की निचली जगहों में उतरा भी था।
Ephesians 4:10 और जो उतर गया यह वही है जो सारे आकाश से ऊपर चढ़ भी गया, कि सब कुछ परिपूर्ण करे)।
Ephesians 4:11 और उसने कितनों को भविष्यद्वक्ता नियुक्त कर के, और कितनों को सुसमाचार सुनाने वाले नियुक्त कर के, और कितनों को रखवाले और उपदेशक नियुक्त कर के दे दिया।
Ephesians 4:12 जिस से पवित्र लोग सिद्ध हों जाएं, और सेवा का काम किया जाए, और मसीह की देह उन्नति पाए।
Ephesians 4:13 जब तक कि हम सब के सब विश्वास, और परमेश्वर के पुत्र की पहिचान में एक न हो जाएं, और एक सिद्ध मनुष्य न बन जाएं और मसीह के पूरे डील डौल तक न बढ़ जाएं।
Ephesians 4:14 ताकि हम आगे को बालक न रहें, जो मनुष्यों की ठग-विद्या और चतुराई से उन के भ्रम की युक्तियों की, और उपदेश की, हर एक बयार से उछाले, और इधर-उधर घुमाए जाते हों।
Ephesians 4:15 वरन प्रेम में सच्चाई से चलते हुए, सब बातों में उस में जो सिर है, अर्थात मसीह में बढ़ते जाएं।
Ephesians 4:16 जिस से सारी देह हर एक जोड़ की सहायता से एक साथ मिलकर, और एक साथ गठकर उस प्रभाव के अनुसार जो हर एक भाग के परिमाण से उस में होता है, अपने आप को बढ़ाती है, कि वह प्रेम में उन्नति करती जाए।


एक साल में बाइबल: 
  • गिनती 20-22
  • मरकुस 7:1-13



मंगलवार, 27 फ़रवरी 2018

ध्यान


   जब भी मैं घर को किसी विशेष अवसर के लिए साफ़ कर रही होती हूँ, मेरे मन में यह निराशाजनक विचार आता है कि आने वाले मेहमान जो साफ़ किया गया है उसपर ध्यान करने के स्थान अपर उस पर ध्यान करेंगे जो साफ़ नहीं हुआ है। यह विचार एक अन्य और बड़े दार्शनिक तथा आत्मिक महत्व के प्रश्न को सामने लाता है: हम मनुष्य क्यों वही पहले देखते हैं और उसके प्रति प्रतिक्रया देते हैं, जो गलत है? हमारा ध्यान सही और अच्छे पर पहले क्यों नहीं जाता है? क्यों हम कटुता और अनादर को दयालुता और प्रेम से अधिक स्मरण रखते हैं? क्यों भलाई के कार्यों के स्थान पर अपराधों को अधिक ध्यान और चर्चा मिलाती है? क्यों हमारे चारों ओर बिखरी अद्भुत सुंदरता और विलक्षणता पर हमारा ध्यान उतना नहीं जाता है जितना किसी दुर्घटन या विपदा की ओर जाता है?

   साथ ही मुझे यह एहसास भी होता है कि परमेश्वर के प्रति भी मैं यही रवैया रखती हूँ। मेरा ध्यान उस पर अधिक जाता है जो परमेश्वर ने नहीं किया है; जो मेरे पास नहीं है; जिन परिस्थितियों का उसने समाधान नहीं किया है, उसके स्थान पर जो परमेश्वर ने कर दिया है; जो मुझे दे दिया है; जो परिस्थितयाँ उसने मेरे लिए सुलझा दी हैं।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में हम अय्यूब के बारे में पढ़ते हैं, और देखते हैं कि हमारा यह रवैया परमेश्वर को भी अप्रसन्न करता है। लंबे समय से संपन्नता और हर भली वस्तु की बहुतायत का सुख भोगने के बाद, अचानक ही अय्यूब पर एक के बाद एक त्रासदी आतीं हैं। ऐसा होते ही, वे त्रासदियाँ ही उसके जीवन, वार्तालाप, ध्यान का केन्द्र बन जाती हैं। अन्ततः परमेश्वर हस्तक्षेप करके उससे कुछ कठिन प्रश्न पूछता है और उन प्रश्नों के द्वारा अय्यूब का ध्यान परमेश्वर की सामर्थ्य और सार्वभौमिकता की ओर, तथा उन बातों की ओर ले जाता है जिन्हें अय्यूब न जानता था और न ही जिनको कभी उसने देखा था (अय्यूब 38-40)।

   जब भी मैं किसी नकारात्मक पर ध्यान केंद्रित करने लगती हूँ, मेरा प्रयास होता है कि मैं थोड़ा थम कर अय्यूब के जीवन एवँ अनुभवों पर ध्यान करूँ, और अपना ध्यान परमेश्वर द्वारा किए गए उन अद्भुत कार्यों पर ले जाऊं जो वह मेरे लिए करता आया है और करता रहेगा। - जूली ऐकैरमैन लिंक


सब भली बातों का ध्यान करते रहें, और परमेश्वर के धन्यवादी बने रहें।

केवल इतना हो कि तुम लोग यहोवा का भय मानो, और सच्चाई से अपने सम्पूर्ण मान के साथ उसकी उपासना करो; क्योंकि यह तो सोचो कि उसने तुम्हारे लिये कैसे बड़े बड़े काम किए हैं। - 1 शमूएल 12:24

बाइबल पाठ: अय्यूब 40:1-14
Job 40:1 फिर यहोवा ने अय्यूब से यह भी कहा:
Job 40:2 क्या जो बकवास करता है वह सर्वशक्तिमान से झगड़ा करे? जो ईश्वर से विवाद करता है वह इसका उत्तर दे।
Job 40:3 तब अय्यूब ने यहोवा को उत्तर दिया:
Job 40:4 देख, मैं तो तुच्छ हूँ, मैं तुझे क्या उत्तर दूं? मैं अपनी अंगुली दांत तले दबाता हूँ।
Job 40:5 एक बार तो मैं कह चुका, परन्तु और कुछ न कहूंगा: हां दो बार भी मैं कह चुका, परन्तु अब कुछ और आगे न बढ़ूंगा।
Job 40:6 तब यहोवा ने अय्यूब को आँधी में से यह उत्तर दिया:
Job 40:7 पुरुष के समान अपनी कमर बान्ध ले, मैं तुझ से प्रश्न करता हूँ, और तू मुझे बता।
Job 40:8 क्या तू मेरा न्याय भी व्यर्थ ठहराएगा? क्या तू आप निर्दोष ठहरने की मनसा से मुझ को दोषी ठहराएगा?
Job 40:9 क्या तेरा बाहुबल ईश्वर के तुल्य है? क्या तू उसके समान शब्द से गरज सकता है?
Job 40:10 अब अपने को महिमा और प्रताप से संवार और ऐश्वर्य्य और तेज के वस्त्र पहिन ले।
Job 40:11 अपने अति क्रोध की बाढ़ को बहा दे, और एक एक घमण्डी को देखते ही उसे नीचा कर।
Job 40:12 हर एक घमण्डी को देख कर झुका दे, और दुष्ट लोगों को जहां खड़े हों वहां से गिरा दे।
Job 40:13 उन को एक संग मिट्टी में मिला दे, और उस गुप्त स्थान में उनके मुंह बान्ध दे।
Job 40:14 तब मैं भी तेरे विषय में मान लूंगा, कि तेरा ही दहिना हाथ तेरा उद्धार कर सकता है।


एक साल में बाइबल: 
  • गिनती 17-19
  • मरकुस 6:30-56



सोमवार, 26 फ़रवरी 2018

देखभाल


   मैंने यूँ ही हलके में, उस 84 वर्षीय वृद्धा और मेरी मित्र से पूछा, “कैसी हैं माताजी?” उन्होंने अपने दुखते जोड़ों की ओर संकेत करते हुए कहा, “बुढ़ापा बहुत कठिन होता है!” परन्तु फिर साथ ही बड़ी निष्ठा के साथ यह भी कहा, “परन्तु परमेश्वर मेरे साथ भला रहा है और अभी भी है।”

   सुप्रसिद्ध सुसमाचार प्रचारक बिली ग्राहम ने अपनी पुस्तक Nearing Home में लिखा है, “वृद्ध होना मेरे जीवन का सबसे बड़ा आश्चर्य रहा है।” परन्तु बिली ग्राहम ने इस संदर्भ में, परमेश्वर के वचन बाइबल के बारे में यह भी बताया है कि, “यद्यपि बाइबल हमारे वृद्ध होने में अनुभव की जाने वाले समस्याओं को छुपाती या नज़रंदाज़ तो नहीं करती है, लेकिन साथ ही बाइबल वृद्धावस्था को तुच्छ या दांत किटकिटा कर बस सहन करते रहने वाला बोझ भी नहीं बताती है।” फिर बिली ग्राहम ने कुछ प्रश्नों का उल्लेख किया जिनका सामना वृद्ध होते हुए उन्हें करना पड़ा है; जैसे कि “हम कैसे आयु के साथ बढ़ने वाले उन भय, संघर्षों और बढ़ती सीमाओं का न केवल सामना कर सकते हैं वरन उन सब के होते हुए भी अन्दर से और भी बलवंत हो सकते हैं।”

   बाइबल ही में हमें परमेश्वर का आश्वासन मिलता है, “तुम्हारे बुढ़ापे में भी मैं वैसा ही बना रहूंगा और तुम्हारे बाल पकने के समय तक तुम्हें उठाए रहूंगा। मैं ने तुम्हें बनाया और तुम्हें लिये फिरता रहूंगा”(यशायाह 46:4)।

   हम नहीं जानते हैं कि पृथ्वी पर हमें कितने समय और जीवित रहना है; न ही यह जानते हैं कि पृथ्वी पर अपने समय के दौरान हमें किन परिस्थितियों और कठिनाईयों का सामना करना पद सकता है। परन्तु इस सब में एक बात तो निश्चित है: हमारा प्रभु परमेश्वर हमारे जीवन भर हमारी देखभाल करता रहेगा। - लौरेंस दर्मानी


वृद्धावस्था से न घबाराएं; परमेश्वर सदा आपके साथ बना रहेगा।

हम को अपने दिन गिनने की समझ दे कि हम बुद्धिमान हो जाएं। - भजन 90:12

बाइबल पाठ: यशायाह 46:4-13
Isaiah 46:3 हे याकूब के घराने, हे इस्राएल के घराने के सब बचे हुए लोगो, मेरी ओर कान लगाकर सुनो; तुम को मैं तुम्हारी उत्पत्ति ही से उठाए रहा और जन्म ही से लिये फिरता आया हूं।
Isaiah 46:4 तुम्हारे बुढ़ापे में भी मैं वैसा ही बना रहूंगा और तुम्हारे बाल पकने के समय तक तुम्हें उठाए रहूंगा। मैं ने तुम्हें बनाया और तुम्हें लिये फिरता रहूंगा;
Isaiah 46:5 मैं तुम्हें उठाए रहूंगा और छुड़ाता भी रहूंगा।। तुम किस से मेरी उपमा दोगे और मुझे किस के समान बताओगे, किस से मेरा मिलान करोगे कि हम एक समान ठहरें?
Isaiah 46:6 जो थैली से सोना उण्डेलते वा कांटे में चान्दी तौलते हैं, जो सुनार को मजदुरी देकर उस से देवता बनवाते हैं, तब वे उसे प्रणाम करते वरन दण्डवत भी करते हैं!
Isaiah 46:7 वे उसको कन्धे पर उठा कर लिये फिरते हैं, वे उसे उसके स्थान में रख देते और वह वहीं खड़ा रहता है; वह अपने स्थान से हट नहीं सकता; यदि कोई उसकी दोहाई भी दे, तौभी न वह सुन सकता है और न विपत्ति से उसका उद्धार कर सकता है।।
Isaiah 46:8 हे अपराधियों, इस बात को स्मरण करो और ध्यान दो, इस पर फिर मन लगाओ।
Isaiah 46:9 प्राचीनकाल की बातें स्मरण करो जो आरम्भ ही से है; क्योंकि ईश्वर मैं ही हूं, दूसरा कोई नहीं; मैं ही परमेश्वर हूं और मेरे तुल्य कोई भी नहीं है।
Isaiah 46:10 मैं तो अन्त की बात आदि से और प्राचीनकाल से उस बात को बताता आया हूं जो अब तक नहीं हुई। मैं कहता हूं, मेरी युक्ति स्थिर रहेगी और मैं अपनी इच्छा को पूरी करूंगा।
Isaiah 46:11 मैं पूर्व से एक उकाब पक्षी को अर्थात दूर देश से अपनी युक्ति के पूरा करने वाले पुरूष को बुलाता हूं। मैं ही ने यह बात कही है और उसे पूरी भी करूंगा; मैं ने यह विचार बान्धा है और उसे सफल भी करूंगा।
Isaiah 46:12 हे कठोर मनवालो तुम जो धर्म से दूर हो, कान लगाकर मेरी सुनो।
Isaiah 46:13 मैं अपनी धामिर्कता को समीप ले आने पर हूं वह दूर नहीं है, और मेरे उद्धार करने में विलम्ब न होगा; मैं सिय्योन का उद्धार करूंगा और इस्राएल को महिमा दूंगा।

एक साल में बाइबल: 
  • गिनती 15-16
  • मरकुस 6:1-29



रविवार, 25 फ़रवरी 2018

निर्णय


   जनवरी 28, 1986 के दिन, मौसम संबंधित पाँच विलम्ब होने के बाद, अन्ततः अंतरिक्षयान,चैलेंजर, ने तेज धवनी और आग की लपटों के साथ अंतरिक्ष की ओर अपनी यात्रा आरंभ की। वायुमण्डल में ऊपर उठने के मात्र 73 सेकेंड में, किसी अंदरूनी खराबी के कारण वह यान टूट कर टुकड़े-टुकड़े हो गया, और उसके चालाक दल के सातों जन मारे गए।

   बाद की जाँच में इस असफलता एवं दुर्घटना का ज़िम्मेदार एक ओ-रिंग सील को पाया गया, जिसमें पहले भी कमियाँ होने की बात जानकारी में थी। इस घातक चूक को “go fever”, अर्थात किसी भी कीमत पर कार्य को जल्दबाजी में बस कर ही देने की प्रवृत्ति है, चाहे उसके लिए महत्वपूर्ण सावधानियों को नज़रंदाज़ ही क्यों न करना पड़े।

   हमारा महत्वकांक्षी मानवीय स्वभाव निरन्तर हम पर अविवेकशील चुनाव करने के लिए दबाव डालता रहता है। परन्तु साथ ही, इसके विपरीत, हम भय के वशीभूत भी रह सकते हैं जो हमें अत्याधिक सजग बनाकर कुछ भी करने से रोके रहता है। परमेश्वर के वचन बाइबल में हम इस्राएलियों द्वारा, एक ही बात को लेकर, इन दोनों प्रवृत्तियों को प्रदर्शित करने का उदाहरण पाते हैं।

   मिस्र की गुलामी से निकलकर, कनान देश में प्रवेश करने की तैयारी के समय, लोगों के मन में उस देश को लेकर आशंकाएं उठीं, तो परमेश्वर ने उन्हें 12 लोगों के एक दल के द्वारा उस देश की टोह लेकर आने को कहा, जिससे वे स्वयं देख सकें कि परमेश्वर उन्हें जिस देश में बसाने के लिए ले जा रहा था वह कितना उपजाऊ और उत्तम था। उन 12 लोगों ने आकर लोगों को उस देश की संपन्नता और उपजाऊ होने की बात तो बताई, परन्तु साथ ही उनमें से 10 ने सब लोगों को यह कहकर घबरा भी दिया कि उस देश में विशालकाय मानव हैं और उन्हें नहीं लगता है कि वे लोग उन्हें हारने पाएँगे। बहुत समझाने और परमेश्वर की सामर्थ्य पर भरोसा रखने के आग्रह के बावजूद, लोगों ने मूसा और भेद लेने गए अन्य 2 व्यक्तियों की बात नहीं मानी, परमेश्वर के विरुद्ध बलवा किया और वापस मिस्र की ओर लौट जाना चाहा, जिसके परिणामस्वरूप इस्राएलियों को भरमा देने वाले 10 लोग मार दिए गए, और परमेश्वर ने उन्हें 40 वर्ष तक जंगल से होकर निकलने का दण्ड दिया जिसमें बलवा करने वाली पीढ़ी को समाप्त हो जाना था। यह देखकर, अब इस्राएलियों ने तुरंत अपना मन बदल लिया, और परमेश्वर की इच्छा के विरुद्ध, एवँ उसकी सुरक्षा के बिना “go fever” प्रवृत्ति दिखाते हुए कनान में प्रवेश करने का निर्णय लिया, और घुसते ही भारी हानि उठाई, जिससे उन्हें परमेश्वर के कहे अनुसार जंगल की 40 वर्ष की यात्रा आरंभ करनी पड़ी।

   हम जब भी परमेश्वर पर से अपनी आँख हटाकर, अपनी ही इच्छा के अनुसार निर्णय लेते हैं, तब हम उपरोक्त में से एक या दूसरी गलती कर बैठते हैं – या तो अधीर होकर उसके बिना ही किसी बात में आगे बढ़ जाते हैं, अथवा अपने भय से अभिभूत होकर उसकी बात को अनसुना कर देते हैं, उसके अनाज्ञाकारी हो जाते हैं। दोनों ही परिस्थितियों में हमें हानि ही होती है। लेकिन जब हम अपनी नज़रें परमेश्वर पर बनाए रखते हैं, उसकी इच्छा के अनुसार निर्णय लेते हैं, कार्य करते हैं तब हम बुद्धिमत्तापूर्ण साहस के निर्णय लेने पाते हैं, सफल होते हैं। - टिम गुस्ताफसन


थोड़ा सा धैर्य, बड़े विनाश से बचा लेता है।

चुप हो जाओ, और जान लो, कि मैं ही परमेश्वर हूं। मैं जातियों में महान हूं, मैं पृथ्वी भर में महान हूं! सेनाओं का यहोवा हमारे संग है; याकूब का परमेश्वर हमारा ऊंचा गढ़ है। - भजन 46:10-11

बाइबल पाठ: गिनती 14:36-45
Numbers 14:36 तब जिन पुरूषों को मूसा ने उस देश के भेद लेने के लिये भेजा था, और उन्होंने लौटकर उस देश की नामधराई कर के सारी मण्डली को कुड़कुड़ाने के लिये उभारा था,
Numbers 14:37 उस देश की वे नामधराई करने वाले पुरूष यहोवा के मारने से उसके साम्हने मर गए।
Numbers 14:38 परन्तु देश के भेद लेने वाले पुरूषों में से नून का पुत्र यहोशू और यपुन्ने का पुत्र कालिब दोनों जीवित रहे।
Numbers 14:39 तब मूसा ने ये बातें सब इस्त्राएलियों को कह सुनाईं और वे बहुत विलाप करने लगे।
Numbers 14:40 और वे बिहान को सवेरे उठ कर यह कहते हुए पहाड़ की चोटी पर चढ़ने लगे, कि हम ने पाप किया है; परन्तु अब तैयार हैं, और उस स्थान को जाएंगे जिसके विषय यहोवा ने वचन दिया था।
Numbers 14:41 तब मूसा ने कहा, तुम यहोवा की आज्ञा का उल्लंघन क्यों करते हो? यह सफल न होगा।
Numbers 14:42 यहोवा तुम्हारे मध्य में नहीं है, मत चढ़ो, नहीं तो शत्रुओं से हार जाओगे।
Numbers 14:43 वहां तुम्हारे आगे अमालेकी और कनानी लोग हैं, सो तुम तलवार से मारे जाओगे; तुम यहोवा को छोड़कर फिर गए हो, इसलिये वह तुम्हारे संग नहीं रहेगा।
Numbers 14:44 परन्तु वे ढिठाई कर के पहाड़ की चोटी पर चढ़ गए, परन्तु यहोवा की वाचा का सन्दूक, और मूसा, छावनी से न हटे।
Numbers 14:45 अब अमालेकी और कनानी जो उस पहाड़ पर रहते थे उन पर चढ़ आए, और होर्मा तक उन को मारते चले आए।


एक साल में बाइबल: 
  • गिनती 12-14
  • मरकुस 5:21-43