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सोमवार, 5 मार्च 2018

समक्ष


   जब टेलीफोन, ई-मेल, और मोबाइल फोन नहीं थे, तब समाचार को एक से दूसरे स्थान संप्रेषित करने का सबसे तीव्र साधन टेलीग्राम हुआ करता था। केवल बहुत महत्वपूर्ण समाचार ही टेलीग्राम द्वारा भेजे जाते थे, और बहुधा, यह समाचार दुखद ही होता था। इसलिए कहा जाने लगा कि “टेलीग्राम वाला बुरी खबर ही लाता है।”

   परमेश्वर के वचन बाइबल में हम इस्राएल के इतिहास से संबंधित एक घटना को देखते हैं, जब यहूदा का राजा हिजकिय्याह था। अश्शूर के राजा सन्हेरीब ने यहूदा पर चढ़ाई की और यहूदा के नगरों को कब्ज़े में ले लिया। फिर उसने हिजकिय्याह को, अपने सेनापति रबशाके के हाथों, एक पत्र भेजा, एक बुरे समाचार का “टेलीग्राम” और उससे समर्पण कर देने को कहा। हिजकिय्याह ने उस दिन के विषय कहा कि “...आज का दिन संकट, और उलहने, और निन्दा का दिन है...” (2 राजा 19:3)।

   निन्दा और उपहास के शब्दों का प्रयोग करते हुए सन्हेरीब ने अपने अन्य सैन्य अभियानों की शेखी बघारी और इस्राएल के परमेश्वर को तुच्छ समझा, तथा समर्पण न करने की स्थिति में होने वाले युद्ध में यहूदा पर भयानक विनाश ढाने की धमकी दी (पद 11-13)। उस विकट स्थिति और भयावह घड़ी में हिजकिय्याह ने उस बुरे समाचार वाले पत्र के साथ कुछ आसामान्य किया – “तब यहोवा के भवन में जा कर उसको यहोवा के साम्हने फैला दिया” (पद 14)। फिर उसने परमेश्वर से आग्रह-पूर्वक प्राथना की, अपनी उदासीन स्थिति पर परमेश्वर की सामर्थ्य और नियंत्रण को स्वीकार किया, और उससे सहायता माँगी। परमेश्वर ने हिजकिय्याह की प्रार्थना के उत्तर में परिस्थति में सामर्थी रूप से हस्तक्षेप किया, और उन्हें सन्हेरीब के हाथों से बचा लिया (पद 35-36)।

   बुरा समाचार हमारे पास कभी भी आ सकता है। ऐसी परिस्थितियों में हिजकिय्याह का उदाहरण हमारे लिए अनुकरणीय है। उस समाचार को प्रार्थना में परमेश्वर के समक्ष ले आएँ उसके सामने फैला दें, परमेश्वर से उसकी सामर्थ्य और समाधान का अनुरोध करें, और उसके आश्वासन “...जो प्रार्थना तू ने अश्शूर के राजा सन्हेरीब के विषय मुझ से की, उसे मैं ने सुना है” (2 राजा 19: 20) में आश्वस्त रहें। - लौरेंस दर्मानी


प्रार्थना असहाय बच्चे की पिता के कानों के लिए पुकार है।

अब, हे प्रभु, उन की धमकियों को देख; और अपने दासों को यह वरदान दे, कि तेरा वचन बड़े हियाव से सुनाएं। - प्रेरितों 4:29

बाइबल पाठ: 2 राजा 19:8-20
2 Kings 19:8 तब रबशाके ने लौटकर अश्शूर के राजा को लिब्ना नगर से युद्ध करते पाया, क्योंकि उसने सुना था कि वह लाकीश के पास से उठ गया है।
2 Kings 19:9 और जब उसने कूश के राजा तिर्हाका के विष्य यह सुना, कि वह मुझ से लड़ने को निकला है, तब उसने हिजकिय्याह के पास दूतों को यह कह कर भेजा,
2 Kings 19:10 तुम यहूदा के राजा हिजकिय्याह से यों कहना: तेरा परमेश्वर जिसका तू भरोसा करता है, यह कह कर तुझे धोखा न देने पाए, कि यरूशलेम अश्शूर के राजा के वश में न पड़ेगा।
2 Kings 19:11 देख, तू ने तो सुना है अश्शूर के राजाओं ने सब देशों से कैसा व्यवहार किया है उन्हें सत्यानाश कर दिया है। फिर क्या तू बचेगा?
2 Kings 19:12 गोजान और हारान और रेसेप और तलस्सार में रहने वाले एदेनी, जिन जातियों को मेरे पुरखाओं ने नाश किया, क्या उन में से किसी जाति के देवताओं ने उसको बचा लिया?
2 Kings 19:13 हमात का राजा, और अर्पाद का राजा, और समवैंम नगर का राजा, और हेना और इव्वा के राजा ये सब कहां रहे? इस पत्री को हिजकिय्याह ने दूतों के हाथ से ले कर पढ़ा।
2 Kings 19:14 तब यहोवा के भवन में जा कर उसको यहोवा के साम्हने फैला दिया।
2 Kings 19:15 और यहोवा से यह प्रार्थना की, कि हे इस्राएल के परमेश्वर यहोवा! हे करूबों पर विराजने वाले ! पृथ्वी के सब राज्यों के ऊपर केवल तू ही परमेश्वर है। आकाश और पृथ्वी को तू ही ने बनाया है।
2 Kings 19:16 हे यहोवा! कान लगाकर सुन, हे यहोवा आंख खोल कर देख, और सन्हेरीब के वचनों को सुन ले, जो उसने जीवते परमेश्वर की निन्दा करने को कहला भेजे हैं।
2 Kings 19:17 हे यहोवा, सच तो है, कि अश्शूर के राजाओं ने जातियों को और उनके देशों को उजाड़ा है।
2 Kings 19:18 और उनके देवताओं को आग में झोंका है, क्योंकि वे ईश्वर न थे; वे मनुष्यों के बनाए हुए काठ और पत्थर ही के थे; इस कारण वे उन को नाश कर सके।
2 Kings 19:19 इसलिये अब हे हमारे परमेश्वर यहोवा तू हमें उसके हाथ से बचा, कि पृथ्वी के राज्य राज्य के लोग जान लें कि केवल तू ही यहोवा है।
2 Kings 19:20 तब आमोस के पुत्र यशायाह ने हिजकिय्याह के पास यह कहला भेजा, कि इस्राएल का परमेश्वर यहोवा यों कहता है, कि जो प्रार्थना तू ने अश्शूर के राजा सन्हेरीब के विषय मुझ से की, उसे मैं ने सुना है।


एक साल में बाइबल: 
  • गिनती 34-36
  • मरकुस 9:30-50


रविवार, 4 मार्च 2018

समय


   जब दक्षिण-अफ्रीका के पास्टर एंड्रयु मर्रे 1895  में इंग्लैण्ड की यात्रा पर थे, तो पीठ पर लगी एक पुरानी चोट के कारण दर्द अनुभव करने लगे। स्वास्थ्य लाभ के लिए विश्राम करते हुए, उनकी मेज़बान महिला ने उन्हें बताया कि एक महिला बहुत परेशानी में है और उनसे परामर्श लेना चाहती है। मर्रे ने  कहा, “उन्हें यह कागज़ दे दे दीजिए, जिसे मैं अपने ही प्रोत्साहन के लिए लिख रहा हूँ। संभव है कि इस से उनकी सहायता होगी।” उस कागज़ पर मर्रे ने यह लिखा  हुआ था: 
“परेशानी के अवसरों पर यह कहिए:
प्रथम – परमेश्वर मुझे यहाँ लेकर आया है। इस कठिनाई में भी मैं उसकी इच्छा के अनुसार ही हूँ। मैं इसी में विश्राम पाऊँगा।

अगला – वह मुझे अपने प्रेम में सुरक्षित रखेगा और इस परिक्षा में अनुग्रह प्रदान करेगा कि मैं उसकी सन्तान होने के अनुसार व्यवहार कर सकूँ।

फिर – वह इस परिक्षा को आशीष बना देगा, मुझे वे पाठ सिखाएगा जो वह सिखाना चाहता है, और जो अनुग्रह वह मुझे प्रदान करना चाहता हैउसे मेर अन्दर कार्यान्वित करेगा।

अन्त में – अपने भले समय में वह मुझे इस में से निकाल लेगा – कब और कैसे, यह वह ही जानता है।

 मैं यहाँ परमेश्वर की नियुक्ति के अनुसार हूँ, उसकी सुरक्षा में हूँ, उसके प्रशिक्षण में हूँ, उसके द्वारा निर्धारित समय के लिए हूँ।”

   हम तुरंत समाधान चाहते हैं, हर बात का त्वरित ठीक किया जाना; परन्तु कुछ बातें ऐसी होती हैं जिन्हें इतनी सरलता से समझा नहीं जा सकता है; उन्हें केवल स्वीकार ही किया जा सकता है। परमेश्वर अपने प्रेम में हमें संभाले रहता है; उसके अनुग्रह में होकर हम उसमें विश्राम प्राप्त करते हैं। - डेविड रोपर


जब परमेश्वर क्लेश आने देता है, 
वह साथ ही उपयुक्त सुविधा और सांत्वना भी देता है।

इस कारण मैं मसीह के लिये निर्बलताओं, और निन्‍दाओं में, और दरिद्रता में, और उपद्रवों में, और संकटों में, प्रसन्न हूं; क्योंकि जब मैं निर्बल होता हूं, तभी बलवन्‍त होता हूं। - 2 कुरिन्थियों 12:10

बाइबल पाठ: याकूब 1:2-4
James 1:2 हे मेरे भाइयों, जब तुम नाना प्रकार की परीक्षाओं में पड़ो
James 1:3 तो इसको पूरे आनन्द की बात समझो, यह जान कर, कि तुम्हारे विश्वास के परखे जाने से धीरज उत्पन्न होता है।
James 1:4 पर धीरज को अपना पूरा काम करने दो, कि तुम पूरे और सिद्ध हो जाओ और तुम में किसी बात की घटी न रहे।


एक साल में बाइबल: 
  • गिनती 31-33
  • मरकुस 9:1-29



शनिवार, 3 मार्च 2018

विश्वास और समर्पण



   मेरे पडौस में धार्मिक लिखावटें बहुत देखने को मिलती हैं – पट्टियों, दीवारों, चौखटों, वाहनों पर, और यहाँ तक कि व्यवस्याओं के नाम में भी। एक मिनी-बस पर लिखा था, By The Grace of God (परमेश्वर के अनुग्रह से); एक किताबों की दूकान पर लिखा था God’s Divine Favor Bookshop (ईश्वरीय कृपा किताबों की दूकान); और एक दिन मैंने एक मर्सिडीज-बेंज़ कार पर लिखा देखा Keep Off – Angesl on Guard! (दूर रहो – स्वर्गदूत रक्षक हैं), जिसे पढ़ कर मैं मुस्कुराए बिना नहीं रह सका।

   लेकिन धार्मिक लेख, वे चाहे दीवारों पर लगी पट्टियों पर हों, या आभाशुणों और वस्त्रों पर, किसी भी व्यक्ति के परमेश्वर के प्रति वास्तविक प्रेम के सच्चे सूचक नहीं होते हैं। जिनका महत्व और अर्थ होता है वह बाहर लिखे हुए शब्द नहीं, परन्तु वह सत्य है जो हम अपने अन्दर लेकर चलते हैं। वही दिखाता है कि हम परमेश्वर द्वारा परिवर्तित किए जाने के लिए कितने इच्छुक हैं।

   मुझे एक स्थानीय मसीही सेवकाई द्वारा चलाया गया कार्यक्रम ध्यान में आता है जिसके अन्तर्गत लोगों को परमेश्वर के वचन को स्मरण करवाने के लिए बाइबल के पदों को कार्ड्स के दोनों ओर छपवाकर लोगों में वितृत किया गया था। यह परमेश्वर के निर्देश पर मूसा द्वारा इस्राएलियों को सिखाई गई बात के अनुरूप है कि उन्हें इन वचनों को, “अपने अपने घर के चौखट की बाजुओं और अपने फाटकों पर लिखना” (व्यवस्थाविवरण 6:9) था। हमें परमेश्वर के वचन को अपने हृदयों में बसा लेना है, उन्हें अपने बच्चों के मनों में भर देना है, और यात्रा में, सोते, उठते समय उसके बारे में वार्तालाप करना है (पद 6, 7)।

   प्रभु करे कि उसके प्रति हमारा विश्वास सच्चा और समर्पण खरा हो, जिससे हम वास्तव में अपने प्रभु परमेश्वर से अपने सारे हृदय, प्राण और शक्ति से प्रेम रख सकें। - लौरेंस दर्मानी


जब परमेश्वर का वचन हमारे हृदयों में बसा रहेग, 
तो उसके मार्ग हमारे मार्ग बन जाएँगे।

मसीह के वचन को अपने हृदय में अधिकाई से बसने दो; और सिद्ध ज्ञान सहित एक दूसरे को सिखाओ, और चिताओ, और अपने अपने मन में अनुग्रह के साथ परमेश्वर के लिये भजन और स्‍तुतिगान और आत्मिक गीत गाओ। - कुलुस्सियों 3:16

बाइबल पाठ: व्यवस्थाविवरण 6:1-12
Deuteronomy 6:1 यह वह आज्ञा, और वे विधियां और नियम हैं जो तुम्हें सिखाने की तुम्हारे परमेश्वर यहोवा ने आज्ञा दी है, कि तुम उन्हें उस देश में मानो जिसके अधिकारी होने को पार जाने पर हो;
Deuteronomy 6:2 और तू और तेरा बेटा और तेरा पोता यहोवा का भय मानते हुए उसकी उन सब विधियों और आज्ञाओं पर, जो मैं तुझे सुनाता हूं, अपने जीवन भर चलते रहें, जिस से तू बहुत दिन तक बना रहे।
Deuteronomy 6:3 हे इस्राएल, सुन, और ऐसा ही करने की चौकसी कर; इसलिये कि तेरा भला हो, और तेरे पितरों के परमेश्वर यहोवा के वचन के अनुसार उस देश में जहां दूध और मधु की धाराएं बहती हैं तुम बहुत हो जाओ।
Deuteronomy 6:4 हे इस्राएल, सुन, यहोवा हमारा परमेश्वर है, यहोवा एक ही है;
Deuteronomy 6:5 तू अपने परमेश्वर यहोवा से अपने सारे मन, और सारे जीव, और सारी शक्ति के साथ प्रेम रखना।
Deuteronomy 6:6 और ये आज्ञाएं जो मैं आज तुझ को सुनाता हूं वे तेरे मन में बनी रहें;
Deuteronomy 6:7 और तू इन्हें अपने बाल-बच्चों को समझाकर सिखाया करना, और घर में बैठे, मार्ग पर चलते, लेटते, उठते, इनकी चर्चा किया करना।
Deuteronomy 6:8 और इन्हें अपने हाथ पर चिन्हानी कर के बान्धना, और ये तेरी आंखों के बीच टीके का काम दें।
Deuteronomy 6:9 और इन्हें अपने अपने घर के चौखट की बाजुओं और अपने फाटकों पर लिखना।
Deuteronomy 6:10 और जब तेरा परमेश्वर यहोवा तुझे उस देश में पहुंचाए जिसके विषय में उसने इब्राहीम, इसहाक, और याकूब नाम, तेरे पूर्वजों से तुझे देने की शपथ खाई, और जब वह तुझ को बड़े बड़े और अच्छे नगर, जो तू ने नहीं बनाए,
Deuteronomy 6:11 और अच्छे अच्छे पदार्थों से भरे हुए घर, जो तू ने नहीं भरे, और खुदे हुए कुंए, जो तू ने नहीं खोदे, और दाख की बारियां और जलपाई के वृक्ष, जो तू ने नहीं लगाए, ये सब वस्तुएं जब वह दे, और तू खाके तृप्त हो,
Deuteronomy 6:12 तब सावधान रहना, कहीं ऐसा न हो कि तू यहोवा को भूल जाए, जो तुझे दासत्व के घर अर्थात मिस्र देश से निकाल लाया है।


एक साल में बाइबल: 
  • गिनती 28-30
  • मरकुस 8:22-38



शुक्रवार, 2 मार्च 2018

भरोसा



   हमारी बाल्यावस्था में, 1960 के दशक में, हम लोग अफ्रीका के घाना देश के ग्रामीण इलाके में रहा करते थे। वहाँ पर हमारे साथ खेलने के लिए कभी-कभी हमारे पिता झाडियों में छुपकर, शेर के समान गुर्राने की आवाज़ निकालकर हमें डराने का नाटक करते थे, और मैं तथा मेरा भाई हंसते हुए उस आवाज़ के स्त्रोत को ढूँढ़ने के लिए झाड़ियों की ओर भागते थे, क्योंकि हम जानते थे के पिताजी के साथ खेलने का समय आ गया है, और इस इलाके में शेर के होने का कोई ख़तरा नहीं है।

   एक दिन हमारा एक मित्र हमसे मिलने आया हुआ था। उसके साथ खेलते हुए हमने वह जानी-पहचानी गुर्राने की आवाज़ सुनी। हमारा मित्र डर के मारे चिल्ला कर तेज़ी से भागने लगा। मैं और मेरा भाई भली-भांति जानते थे कि कोई ख़तरा नहीं है, वह आवाज़ काल्पनिक शेर की है; परन्तु एक विचित्र बात हुई, हम दोनों भी उस मित्र के साथ चिल्लाते हुए भाग निकले! हम सब ने कुछ पाठ सीखे – मेरे पिता को बहुत बुरा लगा कि हमारा मित्र डर कर भागा गया; मैंने और मेरे भाई ने सीखा कि दूसरों के भय से प्रभावित होकर घबरा नहीं जाना चाहिए।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में हम कालेब और यहोशू के विषय में पढ़ते हैं, जो औरों के घबराने से स्वयं नहीं घबराए और परमेश्वर पर अपने भरोसे में दृढ़ खड़े रहे। इस्राएल के वाचा के देश में प्रवेश करने की कगार पर आने का समय आने पर, मूसा ने 12 लोगों को देश की छानबीन करके आने को भेजा जिससे वे स्वयं जान सकें कि परमेश्वर उन्हें कितने उत्तम देश में बसाने के लिए ले जा रहा है। उन बारहों ने देश की उत्तमता और उपजाऊ होने को तो देखा, परन्तु उन में से दस ने बाधाओं और कठिनाइयों पर ध्यान केंद्रित किया और वापस आकर शेष मण्डली को भी घबरा दिया (गिनती 13:27-33), जिससे वे सब डर कर वापस लौटने का प्रयास करने लगे (गिनती 14:1-4)। केवल कालेब और यहोशू ने परिस्थिति का सही आँकलन किया (पद 6-9), पिता परमेश्वर की बीते समय की विश्वासयोग्यता और उन्हें सफलता दिलवाते रहने की प्रवृत्ति पर भरोसा किया।

   कुछ “शेर” वास्तव में ख़तरा होते हैं; परन्तु अन्य केवल काल्पनिक होते हैं। हम मसीही विश्वासियों के जीवनों में आने वाले ये “शेर” चाहे वास्तविक हों अथवा काल्पनिक, हमारा भरोसा सदा अपने उस प्रभु परमेश्वर पर होना चाहिए जिसकी आवाज़ और कार्यों को हम भली-भांति जानते हैं; जिसपर हमने भरोसा किया है। - टिम गुस्ताफ्सन


दुष्ट लोग जब कोई पीछा नहीं करता तब भी भागते हैं
परन्तु धर्मी लोग जवान सिहों के समान निडर रहते हैं। (नीतिवचन 28:1)

मेरी भेड़ें मेरा शब्द सुनती हैं, और मैं उन्हें जानता हूं, और वे मेरे पीछे पीछे चलती हैं। और मैं उन्हें अनन्त जीवन देता हूं, और वे कभी नाश न होंगी, और कोई उन्हें मेरे हाथ से छीन न लेगा। - यूहन्ना 10:27-28

बाइबल पाठ: गिनती 14:1-9
Numbers 14:1 तब सारी मण्डली चिल्ला उठी; और रात भर वे लोग रोते ही रहे।
Numbers 14:2 और सब इस्राएली मूसा और हारून पर बुड़बुड़ाने लगे; और सारी मण्डली उसने कहने लगी, कि भला होता कि हम मिस्र ही में मर जाते! वा इस जंगल ही में मर जाते!
Numbers 14:3 और यहोवा हम को उस देश में ले जा कर क्यों तलवार से मरवाना चाहता है? हमारी स्त्रियां और बाल-बच्चे तो लूट में चलें जाएंगे; क्या हमारे लिये अच्छा नहीं कि हम मिस्र देश को लौट जाएं?
Numbers 14:4 फिर वे आपस में कहने लगे, आओ, हम किसी को अपना प्रधान बना लें, और मिस्र को लौट चलें।
Numbers 14:5 तब मूसा और हारून इस्राएलियों की सारी मण्डली के साम्हने मुंह के बल गिरे।
Numbers 14:6 और नून का पुत्र यहोशू और यपुन्ने का पुत्र कालेब, जो देश के भेद लेने वालों में से थे, अपने अपने वस्त्र फाड़कर,
Numbers 14:7 इस्राएलियों की सारी मण्डली से कहने लगे, कि जिस देश का भेद लेने को हम इधर उधर घूम कर आए हैं, वह अत्यन्त उत्तम देश है।
Numbers 14:8 यदि यहोवा हम से प्रसन्न हो, तो हम को उस देश में, जिस में दूध और मधु की धाराएं बहती हैं, पहुंचाकर उसे हमे दे देगा।
Numbers 14:9 केवल इतना करो कि तुम यहोवा के विरुद्ध बलवा न करो; और न तो उस देश के लोगों से डरो, क्योंकि वे हमारी रोटी ठहरेंगे; छाया उनके ऊपर से हट गई है, और यहोवा हमारे संग है; उन से न डरो।


एक साल में बाइबल: 
  • गिनती 26-27
  • मरकुस 8:1-21



गुरुवार, 1 मार्च 2018

ज्योति



   एक दिन मुझे ट्यूलिप फूलों का एक गुलदस्ता भेंट में दिया गया। मैंने घर लाकर उन्हें एक फूलदान में सजाया और रसोई की मेज़ के मध्य में रख दिया। अगले दिन मैंने देखा के उन फूलों का रुख उससे भिन्न था जैसा मैंने रखा था; अपनी अपनी डंडियों पर बजाए सीधे ऊपर की ओर होने के, अब वे निकट की एक खिड़की से आने वाले सूर्य के प्रकाश की ओर झुके हुए थे।

   एक रीति से हम सभी उन फूलों के समान बने हुए हैं – परमेश्वर के प्रेम की ज्योति की ओर मुड़ने के लिए। परमेश्वर के वचन, बाइबल, में प्रेरित पतरस लिखता है कि परमेश्वर ने हमें अन्धकार से अपनी अद्भुत ज्योति में बुलाया है (1 पतरस 2:9)। प्रभु परमेश्वर को जानने से पहले हम पाप और मृत्यु के अन्धकार में जीवन व्यतीत कर रहे थे, और इसके कारण परमेश्वर से पृथक थे (इफिसियों 2:1-7)। परन्तु अपनी करुणा और प्रेम के कारण, परमेश्वर ने प्रभु यीशु की मृत्यु और पुनरुत्थान के द्वारा हमारे लिए मार्ग बना कर दिया कि हम उस आत्मिक अन्धकार से बच कर निकल सकें (कुलुस्सियों 1:13-14)।

   प्रभु यीशु मसीह ही सँसार की ज्योति हैं, और वह प्रत्येक जन जो पापों की क्षमा के लिए उनपर विश्वास करता है, उनके अनुग्रह से उनसे अनन्त जीवन का दान प्राप्त करता है। हम जितना अधिक प्रभु की ओर झुकते हैं, हम उसकी भलाई और सत्य को उतना अधिक सँसार के सामने प्रतिबिंबित करते हैं (इफिसियों 5:8-9)।

   हम सदा प्रभु के प्रेम और क्षमा की ज्योति की ओर झुकते रहें, लोगों को उसकी ओर संकेत करते रहें। - जेनिफर बेन्सन शुल्ट


पाप से उद्धार पाने का अर्थ है आत्मिक अन्धकार से परमेश्वर की ज्योति में आ जाना।

उसी ने हमें अन्धकार के वश से छुड़ाकर अपने प्रिय पुत्र के राज्य में प्रवेश कराया। जिस में हमें छुटकारा अर्थात पापों की क्षमा प्राप्त होती है। - कुलुस्सियों 1:13-14

बाइबल पाठ: 1 पतरस 2: 1-10
1 Peter 2:1 इसलिये सब प्रकार का बैर भाव और छल और कपट और डाह और बदनामी को दूर करके।
1 Peter 2:2 नये जन्मे हुए बच्‍चों के समान निर्मल आत्मिक दूध की लालसा करो, ताकि उसके द्वारा उद्धार पाने के लिये बढ़ते जाओ।
1 Peter 2:3 यदि तुम ने प्रभु की कृपा का स्‍वाद चख लिया है।
1 Peter 2:4 उसके पास आकर, जिसे मनुष्यों ने तो निकम्मा ठहराया, परन्तु परमेश्वर के निकट चुना हुआ, और बहुमूल्य जीवता पत्थर है।
1 Peter 2:5 तुम भी आप जीवते पत्थरों के समान आत्मिक घर बनते जाते हो, जिस से याजकों का पवित्र समाज बन कर, ऐसे आत्मिक बलिदान चढ़ाओ, जो यीशु मसीह के द्वारा परमेश्वर को ग्राह्य हों।
1 Peter 2:6 इस कारण पवित्र शास्त्र में भी आया है, कि देखो, मैं सिय्योन में कोने के सिरे का चुना हुआ और बहुमूल्य पत्थर धरता हूं: और जो कोई उस पर विश्वास करेगा, वह किसी रीति से लज्ज़ित नहीं होगा।
1 Peter 2:7 सो तुम्हारे लिये जो विश्वास करते हो, वह तो बहुमूल्य है, पर जो विश्वास नहीं करते उन के लिये जिस पत्थर को राजमिस्त्रीयों ने निकम्मा ठहराया था, वही कोने का सिरा हो गया।
1 Peter 2:8 और ठेस लगने का पत्थर और ठोकर खाने की चट्टान हो गया है: क्योंकि वे तो वचन को न मान कर ठोकर खाते हैं और इसी के लिये वे ठहराए भी गए थे।
1 Peter 2:9 पर तुम एक चुना हुआ वंश, और राज-पदधारी याजकों का समाज, और पवित्र लोग, और (परमेश्वर की) निज प्रजा हो, इसलिये कि जिसने तुम्हें अन्धकार में से अपनी अद्भुत ज्योति में बुलाया है, उसके गुण प्रगट करो।
1 Peter 2:10 तुम पहिले तो कुछ भी नहीं थे, पर अब परमेश्वर ही प्रजा हो: तुम पर दया नहीं हुई थी पर अब तुम पर दया हुई है।


एक साल में बाइबल: 
  • गिनती 23-25
  • मरकुस 7:14-37



बुधवार, 28 फ़रवरी 2018

परिपक्व


   मुझे अपने युवा पुत्र और उसके मित्रों को टी-बॉल खेलते देखना मनोरंजक लगता है। बेसबॉल खेल के इस संस्करण में, अभी प्रशिक्षण ले ही रहे खिलाड़ी अकसर गलत स्थान की ओर दौड़ते हैं, या यदि वे बॉल को पकड़ लें तो उन्हें समझ नहीं अआया है कि उस बॉल का आगे क्या करें। यदि हम व्यावसायिक खिलाड़ियों द्वारा इस प्रकार की गलतियाँ करते हुए खेल को खेलते हुए देखते तो यह इतना मनोरंजक नहीं होता।
   यह परिपक्वता की बात है।

   अभी प्रशिक्षण ले रहे युवा खिलाड़ियों के लिए संघर्ष करना, आगे क्या करना है उसे न जानना, हर बात को सही रीति से न करना स्वीकारीय है। वे प्रयास कर रहे हैं, सीख रहे हैं। इसलिए हम उन्हें प्रशिक्षित करते हैं, और धैर्य के साथ उन्हें परिपक्वता की ओर लेकर चलते हैं। बाद में जब वे एक टीम के रूप में कौशल के साथ खेलते हैं, तब हम उनकी सफलता का उत्सव मनाते हैं, उनके खेल कौशल से प्रसन्न होते हैं।

   जो लोग प्रभु यीशु के पीछे चलने का निर्णय लेते हैं, उनके साथ भी जीवन में ऐसा ही कुछ होता है। परमेश्वर के वचन बाइबल में पौलुस ने कहा कि चर्च को ऐसे लोगों की आवश्यकता है जो “सारी दीनता और नम्रता सहित, और धीरज धरकर प्रेम से एक दूसरे की सह लें” (इफिसियों 4:2)। साथ ही हमें भिन्न प्रकार के प्रशिक्षण देने वालों (पासबान, शिक्षक,आत्मिक मार्गदर्शक) की भी चर्च में आवश्यकता होती है जो हम सब को परिपक्वता तथा विश्वास में एक होने की ओर लेकर चलें (पद 13)।

   चर्च में जब हम साथ संगति के जीवन का आनन्द लेते हैं, साथ प्रचार और शिक्षाओं को सुनते और सीखते हैं, तो उद्देश्य होता है कि मसीह यीशु में परिपक्व होते चले जाएँ (पद 15)। हम में से प्रत्येक मसीही विश्वासी इस यात्रा में है, और मसीह में परिपक्वता की इस यात्रा में हम सब एक दूसरे को प्रोत्साहित करते रह सकते हैं, एक दूसरे के सहायक हो सकते हैं। - डेव ब्रैनन


जब हम एक दूसरे के साथ-साथ चलते हैं, तो यात्रा आनन्दमय हो जाती है।

तुम एक दूसरे के भार उठाओ, और इस प्रकार मसीह की व्यवस्था को पूरी करो। - गलतियों 6:2

बाइबल पाठ: इफिसियों 4:1-16
Ephesians 4:1 सो मैं जो प्रभु में बन्‍धुआ हूं तुम से बिनती करता हूं, कि जिस बुलाहट से तुम बुलाए गए थे, उसके योग्य चाल चलो।
Ephesians 4:2 अर्थात सारी दीनता और नम्रता सहित, और धीरज धरकर प्रेम से एक दूसरे की सह लो।
Ephesians 4:3 और मेल के बन्ध में आत्मा की एकता रखने का यत्‍न करो।
Ephesians 4:4 एक ही देह है, और एक ही आत्मा; जैसे तुम्हें जो बुलाए गए थे अपने बुलाए जाने से एक ही आशा है।
Ephesians 4:5 एक ही प्रभु है, एक ही विश्वास, एक ही बपतिस्मा।
Ephesians 4:6 और सब का एक ही परमेश्वर और पिता है, जो सब के ऊपरऔर सब के मध्य में, और सब में है।
Ephesians 4:7 पर हम में से हर एक को मसीह के दान के परिमाण से अनुग्रह मिला है।
Ephesians 4:8 इसलिये वह कहता है, कि वह ऊंचे पर चढ़ा, और बन्‍धुवाई को बान्‍ध ले गया, और मनुष्यों को दान दिए।
Ephesians 4:9 (उसके चढ़ने से, और क्या पाया जाता है केवल यह, कि वह पृथ्वी की निचली जगहों में उतरा भी था।
Ephesians 4:10 और जो उतर गया यह वही है जो सारे आकाश से ऊपर चढ़ भी गया, कि सब कुछ परिपूर्ण करे)।
Ephesians 4:11 और उसने कितनों को भविष्यद्वक्ता नियुक्त कर के, और कितनों को सुसमाचार सुनाने वाले नियुक्त कर के, और कितनों को रखवाले और उपदेशक नियुक्त कर के दे दिया।
Ephesians 4:12 जिस से पवित्र लोग सिद्ध हों जाएं, और सेवा का काम किया जाए, और मसीह की देह उन्नति पाए।
Ephesians 4:13 जब तक कि हम सब के सब विश्वास, और परमेश्वर के पुत्र की पहिचान में एक न हो जाएं, और एक सिद्ध मनुष्य न बन जाएं और मसीह के पूरे डील डौल तक न बढ़ जाएं।
Ephesians 4:14 ताकि हम आगे को बालक न रहें, जो मनुष्यों की ठग-विद्या और चतुराई से उन के भ्रम की युक्तियों की, और उपदेश की, हर एक बयार से उछाले, और इधर-उधर घुमाए जाते हों।
Ephesians 4:15 वरन प्रेम में सच्चाई से चलते हुए, सब बातों में उस में जो सिर है, अर्थात मसीह में बढ़ते जाएं।
Ephesians 4:16 जिस से सारी देह हर एक जोड़ की सहायता से एक साथ मिलकर, और एक साथ गठकर उस प्रभाव के अनुसार जो हर एक भाग के परिमाण से उस में होता है, अपने आप को बढ़ाती है, कि वह प्रेम में उन्नति करती जाए।


एक साल में बाइबल: 
  • गिनती 20-22
  • मरकुस 7:1-13



मंगलवार, 27 फ़रवरी 2018

ध्यान


   जब भी मैं घर को किसी विशेष अवसर के लिए साफ़ कर रही होती हूँ, मेरे मन में यह निराशाजनक विचार आता है कि आने वाले मेहमान जो साफ़ किया गया है उसपर ध्यान करने के स्थान अपर उस पर ध्यान करेंगे जो साफ़ नहीं हुआ है। यह विचार एक अन्य और बड़े दार्शनिक तथा आत्मिक महत्व के प्रश्न को सामने लाता है: हम मनुष्य क्यों वही पहले देखते हैं और उसके प्रति प्रतिक्रया देते हैं, जो गलत है? हमारा ध्यान सही और अच्छे पर पहले क्यों नहीं जाता है? क्यों हम कटुता और अनादर को दयालुता और प्रेम से अधिक स्मरण रखते हैं? क्यों भलाई के कार्यों के स्थान पर अपराधों को अधिक ध्यान और चर्चा मिलाती है? क्यों हमारे चारों ओर बिखरी अद्भुत सुंदरता और विलक्षणता पर हमारा ध्यान उतना नहीं जाता है जितना किसी दुर्घटन या विपदा की ओर जाता है?

   साथ ही मुझे यह एहसास भी होता है कि परमेश्वर के प्रति भी मैं यही रवैया रखती हूँ। मेरा ध्यान उस पर अधिक जाता है जो परमेश्वर ने नहीं किया है; जो मेरे पास नहीं है; जिन परिस्थितियों का उसने समाधान नहीं किया है, उसके स्थान पर जो परमेश्वर ने कर दिया है; जो मुझे दे दिया है; जो परिस्थितयाँ उसने मेरे लिए सुलझा दी हैं।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में हम अय्यूब के बारे में पढ़ते हैं, और देखते हैं कि हमारा यह रवैया परमेश्वर को भी अप्रसन्न करता है। लंबे समय से संपन्नता और हर भली वस्तु की बहुतायत का सुख भोगने के बाद, अचानक ही अय्यूब पर एक के बाद एक त्रासदी आतीं हैं। ऐसा होते ही, वे त्रासदियाँ ही उसके जीवन, वार्तालाप, ध्यान का केन्द्र बन जाती हैं। अन्ततः परमेश्वर हस्तक्षेप करके उससे कुछ कठिन प्रश्न पूछता है और उन प्रश्नों के द्वारा अय्यूब का ध्यान परमेश्वर की सामर्थ्य और सार्वभौमिकता की ओर, तथा उन बातों की ओर ले जाता है जिन्हें अय्यूब न जानता था और न ही जिनको कभी उसने देखा था (अय्यूब 38-40)।

   जब भी मैं किसी नकारात्मक पर ध्यान केंद्रित करने लगती हूँ, मेरा प्रयास होता है कि मैं थोड़ा थम कर अय्यूब के जीवन एवँ अनुभवों पर ध्यान करूँ, और अपना ध्यान परमेश्वर द्वारा किए गए उन अद्भुत कार्यों पर ले जाऊं जो वह मेरे लिए करता आया है और करता रहेगा। - जूली ऐकैरमैन लिंक


सब भली बातों का ध्यान करते रहें, और परमेश्वर के धन्यवादी बने रहें।

केवल इतना हो कि तुम लोग यहोवा का भय मानो, और सच्चाई से अपने सम्पूर्ण मान के साथ उसकी उपासना करो; क्योंकि यह तो सोचो कि उसने तुम्हारे लिये कैसे बड़े बड़े काम किए हैं। - 1 शमूएल 12:24

बाइबल पाठ: अय्यूब 40:1-14
Job 40:1 फिर यहोवा ने अय्यूब से यह भी कहा:
Job 40:2 क्या जो बकवास करता है वह सर्वशक्तिमान से झगड़ा करे? जो ईश्वर से विवाद करता है वह इसका उत्तर दे।
Job 40:3 तब अय्यूब ने यहोवा को उत्तर दिया:
Job 40:4 देख, मैं तो तुच्छ हूँ, मैं तुझे क्या उत्तर दूं? मैं अपनी अंगुली दांत तले दबाता हूँ।
Job 40:5 एक बार तो मैं कह चुका, परन्तु और कुछ न कहूंगा: हां दो बार भी मैं कह चुका, परन्तु अब कुछ और आगे न बढ़ूंगा।
Job 40:6 तब यहोवा ने अय्यूब को आँधी में से यह उत्तर दिया:
Job 40:7 पुरुष के समान अपनी कमर बान्ध ले, मैं तुझ से प्रश्न करता हूँ, और तू मुझे बता।
Job 40:8 क्या तू मेरा न्याय भी व्यर्थ ठहराएगा? क्या तू आप निर्दोष ठहरने की मनसा से मुझ को दोषी ठहराएगा?
Job 40:9 क्या तेरा बाहुबल ईश्वर के तुल्य है? क्या तू उसके समान शब्द से गरज सकता है?
Job 40:10 अब अपने को महिमा और प्रताप से संवार और ऐश्वर्य्य और तेज के वस्त्र पहिन ले।
Job 40:11 अपने अति क्रोध की बाढ़ को बहा दे, और एक एक घमण्डी को देखते ही उसे नीचा कर।
Job 40:12 हर एक घमण्डी को देख कर झुका दे, और दुष्ट लोगों को जहां खड़े हों वहां से गिरा दे।
Job 40:13 उन को एक संग मिट्टी में मिला दे, और उस गुप्त स्थान में उनके मुंह बान्ध दे।
Job 40:14 तब मैं भी तेरे विषय में मान लूंगा, कि तेरा ही दहिना हाथ तेरा उद्धार कर सकता है।


एक साल में बाइबल: 
  • गिनती 17-19
  • मरकुस 6:30-56