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रविवार, 22 अप्रैल 2018

सुनता और जानता



   निकट समय तक, ग्रामीण आयरलैंड के अनेकों कस्बों में घरों के नंबर अथवा पिन कोड का प्रयोग नहीं होता था। इसलिए यदि एक ही नाम के एक से अधिक व्यक्ति उस कस्बे में रहते थे, तो डाक सबसे पहले उस नाम के वहाँ सबसे अधिक समय से रहने वाले व्यक्ति को दी जाती थी, जो उसे पढ़कर यदि उससे संबंधित नहीं होती थी तो अपने से बाद वाले को दे देता था, और इसी प्रकार वह पढ़कर यदि अवश्यक होता था तो अपने से बाद वाले को देता था, जब तक वह पत्र सबके द्वारा पढ़ा जाता हुआ, सही व्यक्ति तक नहीं पहुँच जाता था। डाक वितरण में होने वाली इस गडबड़ी को कम करने के लिए हाल ही में आयरलैंड की सरकार ने पिन कोड प्रणाली को लागू किया है, जिससे डाक वितरण की गड़बड़ियां कम से कम हो सकें।

   हम जब परमेश्वर से प्रार्थना करते हैं, तो कभी-कभी हमें लगता है कि हम अपने आप को परमेश्वर के सम्मुख उतनी भली प्रकार से व्यक्त नहीं कर पा रहे हैं, जैसा हम व्यक्त करना चाहते हैं; हमें इस प्रक्रिया में सहायता की आवश्यकता है। परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रेरित पौलुस ने रोम के मसीही विश्वासियों को लिखी अपनी पत्री में कहा कि परमेश्वर का पवित्र आत्मा जो हमारे अन्दर बस्ता है, ऐसे में हमारी सहायता करता है, और वह जो हम व्यक्त नहीं कर पा रहे हैं, हमारे कराहने को, परमेश्वर पिता के सामने प्रस्तुत करता है: “इसी रीति से आत्मा भी हमारी दुर्बलता में सहायता करता है, क्योंकि हम नहीं जानते, कि प्रार्थना किस रीति से करना चाहिए; परन्तु आत्मा आप ही ऐसी आहें भर भरकर जो बयान से बाहर है, हमारे लिये बिनती करता है” (पद 26)। पवित्र आत्मा सदा परमेश्वर पिता की इच्छा के अनुरूप ही प्रार्थना करता है, सदा परमेश्वर की इच्छा से अवगत रहता है, और परमेश्वर पिता पवित्र आत्मा की मनसा जानता है।

   इसलिए हमें प्रोत्साहित रहना चाहिए कि हम जब भी प्रार्थना करते हैं, परमेश्वर हमारी सुनता है, और हमारी प्रत्येक आवश्यकता और मन की गहराई की बात को भली भांति जानता भी है। - मारविन विलियम्स


जब आप अपनी प्रार्थना को शब्दों में व्यक्त नहीं पर पाते हैं, 
परमेश्वर तब भी आपकी प्रार्थनाएं सुनता है।

यहोवा ने मेरा गिड़गिड़ाना सुना है; यहोवा मेरी प्रार्थना को ग्रहण भी करेगा। - भजन 6:9

बाइबल पाठ: रोमियों 8:19-27
Romans 8:19 क्योंकि सृष्टि बड़ी आशाभरी दृष्टि से परमेश्वर के पुत्रों के प्रगट होने की बाट जोह रही है।
Romans 8:20 क्योंकि सृष्टि अपनी इच्छा से नहीं पर आधीन करने वाले की ओर से व्यर्थता के आधीन इस आशा से की गई।
Romans 8:21 कि सृष्टि भी आप ही विनाश के दासत्व से छुटकारा पाकर, परमेश्वर की सन्तानों की महिमा की स्वतंत्रता प्राप्त करेगी।
Romans 8:22 क्योंकि हम जानते हैं, कि सारी सृष्टि अब तक मिलकर कराहती और पीड़ाओं में पड़ी तड़पती है।
Romans 8:23 और केवल वही नहीं पर हम भी जिन के पास आत्मा का पहिला फल है, आप ही अपने में कराहते हैं; और लेपालक होने की, अर्थात अपनी देह के छुटकारे की बाट जोहते हैं।
Romans 8:24 आशा के द्वारा तो हमारा उद्धार हुआ है परन्तु जिस वस्तु की आशा की जाती है जब वह देखने में आए, तो फिर आशा कहां रही? क्योंकि जिस वस्तु को कोई देख रहा है उस की आशा क्या करेगा?
Romans 8:25 परन्तु जिस वस्तु को हम नहीं देखते, यदि उस की आशा रखते हैं, तो धीरज से उस की बाट जोहते भी हैं॥
Romans 8:26 इसी रीति से आत्मा भी हमारी दुर्बलता में सहायता करता है, क्योंकि हम नहीं जानते, कि प्रार्थना किस रीति से करना चाहिए; परन्तु आत्मा आप ही ऐसी आहें भर भरकर जो बयान से बाहर है, हमारे लिये बिनती करता है।
Romans 8:27 और मनों का जांचने वाला जानता है, कि आत्मा की मनसा क्या है क्योंकि वह पवित्र लोगों के लिये परमेश्वर की इच्छा के अनुसार बिनती करता है।


एक साल में बाइबल: 
  • 2 शमूएल 12-13
  • लूका 16



शनिवार, 21 अप्रैल 2018

प्रतिज्ञा



   मैं एक पुस्तक पढ़ने में लीन थी, तभी मेरी एक सहेली ने मेरे कंधे की ऊपर से झाँक कर देखा कि मैं क्या पढ़ रही हूँ। देखते ही वह तुरंत ही चौंक कर, यह कहते हुए पीछे हट गई, “कितना उदासीन शीर्षक है”। जो मैं पढ़ रही थी वह कहानियों के लोकप्रिय संकलन “Grimm’s Fairy Tales” की एक कहानी, “The Glass Coffin” थी, और शब्द ‘Coffin’ अर्थात ‘ताबूत, या शव रखने की पेटी’ ने उसे विचलित किया था। हम में से अधिकांश को यह पसन्द नहीं है कि हमें हमारी नश्वरता का स्मरण कराया जाए, परन्तु वास्तविकता यही है कि हम सभी को एक न एक दिन मरना ही है।

   मृत्यु का उल्लेख सदा ही एक गहरी भावनात्मक प्रतिक्रिया को उत्पन्न करता है। परमेश्वर के वचन बाइबल में हम प्रभु यीशु के विषय देखते हैं कि अपने एक निकट मित्र, लाजार, की मृत्यु के पश्चात प्रभु यीशु ने गहरी भावनाएँ व्यक्त कीं। जब उसने लाजार की बहन मरियम और उन यहूदियों को जो उसके साथ आए थे रोते हुए देखा तो वह “...आत्मा में बहुत ही उदास हुआ, और घबरा कर कहा, तुम ने उसे कहां रखा है?” (यूहन्ना 11:33)। एक अन्य अंग्रेज़ी अनुवाद में आया है “उसके अन्दर से एक गहरा क्रोध उभर कर आया” (NLT)।

   प्रभु यीशु विचलित हुए, क्रोधित भी हुए – परन्तु किस पर? संभवतः वे पाप और उसके परिणामों पर क्रुद्ध थे। परमेश्वर ने सृष्टि की रचना करते समय बीमारी, कष्ट और दुःख से भरे सँसार की रचना नहीं की थी। परन्तु पाप को प्रवेश मिलने के बाद, पाप ने परमेश्वर की सुन्दर रचना तथा योजना को बिगाड़ दिया।

   लेकिन हमारे दुःख के समय में हमारा प्रभु परमेश्वर हमारे निकट रहता है, हमारे दुःख में हमारे साथ दुखी भी होता है (पद 35)। लेकिन इस सब से बढ़कर सांत्वना देने वाला तथ्य है कि हमारे स्थान पर मारे जाने और मृतकों में से जी उठने के द्वारा प्रभु यीशु ने पाप और मृत्यु को पराजित कर दिया है (1 कुरिन्थियों 15:55-57)। प्रभु यीशु की अपने अनुयायियों से प्रतिज्ञा है कि “यीशु ने उस से कहा, पुनरुत्थान और जीवन मैं ही हूं, जो कोई मुझ पर विश्वास करता है वह यदि मर भी जाए, तौभी जीएगा” (यूहन्ना 11:25)। आज प्रभु यीशु के विश्वासी इस जीवन में उसके साथ संगति का आनन्द लेते हैं, और उस अनन्त काल की प्रतीक्षा में हैं जहाँ मृत्योपरांत वे उसके साथ सदा काल के लिए निवास करेंगे, और वहाँ कोई आँसू, दर्द, बीमारी, या मृत्यु नहीं होगी। - पोह फैंग चिया


प्रभु यीशु की खाली कब्र मृत्यु पर विजय की निश्चितता और प्रमाण है।

हे मृत्यु तेरी जय कहां रही? हे मृत्यु तेरा डंक कहां रहा? मृत्यु का डंक पाप है; और पाप का बल व्यवस्था है। परन्तु परमेश्वर का धन्यवाद हो, जो हमारे प्रभु यीशु मसीह के द्वारा हमें जयवन्‍त करता है। - 1 कुरिन्थियों 15:55-7

बाइबल पाठ: यूहन्ना 11:1-4; 38-44
John 11:1 मरियम और उस की बहिन मारथा के गांव बैतनिय्याह का लाजर नाम एक मनुष्य बीमार था।
John 11:2 यह वही मरियम थी जिसने प्रभु पर इत्र डालकर उसके पांवों को अपने बालों से पोंछा था, इसी का भाई लाजर बीमार था।
John 11:3 सो उस की बहिनों ने उसे कहला भेजा, कि हे प्रभु, देख, जिस से तू प्रीति रखता है, वह बीमार है।
John 11:4 यह सुनकर यीशु ने कहा, यह बीमारी मृत्यु की नहीं, परन्तु परमेश्वर की महिमा के लिये है, कि उसके द्वारा परमेश्वर के पुत्र की महिमा हो।
John 11:38 यीशु मन में फिर बहुत ही उदास हो कर कब्र पर आया, वह एक गुफा थी, और एक पत्थर उस पर धरा था।
John 11:39 यीशु ने कहा; पत्थर को उठाओ: उस मरे हुए की बहिन मारथा उस से कहने लगी, हे प्रभु, उस में से अब तो र्दुगंध आती है क्योंकि उसे मरे चार दिन हो गए।
John 11:40 यीशु ने उस से कहा, क्या मैं ने तुझ से न कहा था कि यदि तू विश्वास करेगी, तो परमेश्वर की महिमा को देखेगी।
John 11:41 तब उन्होंने उस पत्थर को हटाया, फिर यीशु ने आंखें उठा कर कहा, हे पिता, मैं तेरा धन्यवाद करता हूं कि तू ने मेरी सुन ली है।
John 11:42 और मैं जानता था, कि तू सदा मेरी सुनता है, परन्तु जो भीड़ आस पास खड़ी है, उन के कारण मैं ने यह कहा, जिस से कि वे विश्वास करें, कि तू ने मुझे भेजा है।
John 11:43 यह कहकर उसने बड़े शब्द से पुकारा, कि हे लाजर, निकल आ।
John 11:44 जो मर गया था, वह कफन से हाथ पांव बन्‍धे हुए निकल आया और उसका मुंह अंगोछे से लिपटा हुआ तें यीशु ने उन से कहा, उसे खोल कर जाने दो।


एक साल में बाइबल: 
  • 2 शमूएल 12-13
  • लूका 16



शुक्रवार, 20 अप्रैल 2018

योजना



   हमें शीघ्र और वास्तव में परमेश्वर से ही उत्तर चाहिए था। हमसे पूछा गया था कि क्या तीन माह के लिए हम दो बच्चों की देखभाल करने का बीड़ा उठाने को तैयार हैं? उन बच्चों के भविष्य के विषय निर्णय लेने का समय था। हमारे स्वयं के तीन बच्चे थे, जो उन दोनों से बड़े थे, और हमें उन दोनों स्कूल जाने की आयु से भी छोटे बच्चों की जिम्मेदारी लेनी थी। अपने परिवार में बच्चों की जिम्मेदारी को लगभग दोगुना कर लेना हमारी जीवन शैली के साथ मेल खाता हुआ लग नहीं रहा था; इस जिम्मेदारी को स्वीकार करना काफी कठिन कार्य होता।

   ऐसे में अनुभवी मसीही सेविका एमी कार्माईकल द्वारा लिखी गई दैनिक मनन के लिए मसीही लेखों की पुस्तक ने उस दिन के मनन के लिए हमारा ध्यान परमेश्वर के वचन बाइबल में गिनती 7 अध्याय के कुछ कम परिचित पदों की ओर आकर्षित किया। उस खण्ड के विषय एमी ने लिखा, “मैं सोचती हूँ कि उस समय कहातियों को कैसा लगा होगा? अन्य सभी याजकों के पास परमेश्वर के मिलाप के तम्बू के सामान को मरुभूमि और जंगल की यात्रा में ढो कर ले जाने के लिए बैल-गाड़ियां थीं। परन्तु कहातवंशियों को पत्थरीले और तपती हुई रेत के ऊबड़-खाबड़ मार्ग में उनकी जिम्मेदारी में दी गई पवित्र वस्तुओं को ढोने के लिए उनके अपने कंधे ही प्रयोग करने थे। क्या अन्दर ही अन्दर वे कभी कुड़कड़ाए, यह सोचते हुए कि अन्य याजकों को सरल कार्य सौंपा गया था, उन्हें नहीं! हो सकता है ऐसा हुआ हो; परन्तु परमेश्वर जानता है कि कुछ वस्तुएं इतनी बहुमूल्य होती हैं कि उन्हें बैल-गाड़ियों पर नहीं ले जाया जाता, इसीलिए परमेश्वर चाहता है कि हम उन्हें अपने कन्धों पर उठाकर चलें”।

   मैंने और मेरे पति ने पहचान लिया कि यही हमारा उत्तर था। हमने बहुत बार सोचा था कि हम किसी अविकसित देश में किसी बच्चे के पालन-पोषण के खर्चे को उठाएँ, परन्तु हमने ऐसा कभी किया नहीं था। वह करना अधिक सरल होता – बैल-गाड़ियों पर सामान ढोने के समान। अब हमारे घर में दो ज़रूरतमंद बच्चे थे, जिन्हें हमें अपने कन्धों पर लिए चलना था, क्योंकि वे परमेश्वर के लिए अति-मूल्यवान थे।

   हम में से प्रत्येक के लिए परमेश्वर के पास भिन्न योजनाएँ हैं। हमें लग सकता है कि औरों के पास हम से अधिक सरल जिम्मेदारियां हैं, या फिर उनका कार्य हमारे कार्य से अधिक आकर्षक अथवा प्रतिष्ठित है। परन्तु यदि हमारे प्रेमी परमेश्वर पिता ने हमें किसी कार्य के लिए चुना है, उस कार्य की जिम्मेदारी सौंपी है, तो हम कौन होते हैं कि उसकी योजना के विरुद्ध यह फुसफुसाएं कि “मैं यह नहीं कर सकता हूँ?” – मेरियन स्ट्राउड


परमेश्वर साधारण लोगों के द्वारा असाधारण कार्य करने की योजनाएं बनाता है।

हे भाइयो, अपने बुलाए जाने को तो सोचो, कि न शरीर के अनुसार बहुत ज्ञानवान, और न बहुत सामर्थी, और न बहुत कुलीन बुलाए गए। परन्तु परमेश्वर ने जगत के मूर्खों को चुन लिया है, कि ज्ञान वालों को लज्ज़ित करे; और परमेश्वर ने जगत के निर्बलों को चुन लिया है, कि बलवानों को लज्ज़ित करे। - 1 कुरिन्थियों 1:26-27

बाइबल पाठ: गिनती 7:1-9
Numbers 7:1 फिर जब मूसा ने निवास को खड़ा किया, और सारे सामान समेत उसका अभिषेक कर के उसको पवित्र किया, और सारे सामान समेत वेदी का भी अभिषेक कर के उसे पवित्र किया,
Numbers 7:2 तब इस्त्राएल के प्रधान जो अपने अपने पितरों के घरानों के मुख्य पुरूष, और गोत्रों के भी प्रधान हो कर गिनती लेने के काम पर नियुक्त थे,
Numbers 7:3 वे यहोवा के साम्हने भेंट ले आए, और उनकी भेंट छ: छाई हुई गाडिय़ां और बारह बैल थे, अर्थात दो दो प्रधान की ओर से एक एक गाड़ी, और एक एक प्रधान की ओर से एक एक बैल; इन्हें वे निवास के साम्हने यहोवा के समीप ले गए।
Numbers 7:4 तब यहोवा ने मूसा से कहा,
Numbers 7:5 उन वस्तुओं को तू उन से ले ले, कि मिलापवाले तम्बू के बरतन में काम आएं, सो तू उन्हें लेवियों के एक एक कुल की विशेष सेवकाई के अनुसार उन को बांट दे।
Numbers 7:6 सो मूसा ने वे सब गाडिय़ां और बैल ले कर लेवियों को दे दिये।
Numbers 7:7 गेर्शोनियों को उनकी सेवकाई के अनुसार उसने दो गाडिय़ां और चार बैल दिए;
Numbers 7:8 और मरारियों को उनकी सेवकाई के अनुसार उसने चार गाडिय़ां और आठ बैल दिए; ये सब हारून याजक के पुत्र ईतामार के अधिकार में किए गए।
Numbers 7:9 और कहातियों को उसने कुछ न दिया, क्योंकि उनके लिये पवित्र वस्तुओं की यह सेवकाई थी कि वह उसे अपने कन्धों पर उठा लिया करें।


एक साल में बाइबल: 
  • 2 शमूएल 9-11
  • लूका 15:11-32



गुरुवार, 19 अप्रैल 2018

लालसा



   नेजाहुआलकोयोटल (1402-1472) उच्चारण करने में कठिन परन्तु बहुत सार्थक नाम है। इस नाम का अर्थ होता है “भूखा कोयोट”, (कोयोट भेड़िए की जाति का जंगली जानवर है), और इस नाम वाले व्यक्ति के लेख एक आत्मिक भूख को दिखाते हैं। यह व्यक्ति, यूरोपीय लोगों के वहाँ आगमन से पहले, मेक्सिको में शासक और कवि था। उसने लिखा, “वास्तव में मैं जिन देवताओं की उपासना करता हूँ, वे पत्थर की बनी मूर्तियां हैं जो न बोल सकती हैं और न ही अनुभव कर सकती हैं...इस सारी सृष्टि का रचियता कोई बहुत ही सामर्थी, परन्तु अदृश्य और गुप्त परमेश्वर है। केवल वही है जो मेरे दुःख में मुझे सांतवना दे सकता है, और मेरी हृदय की वेदना में मेरी सहायक हो सकता है। मेरी लालसा है कि वही मेरा सहयाक और रक्षक बने।

   हम नहीं जानते कि नेजाहुआलकोयोटल ने उस सृष्टिकर्ता परमेश्वर को पाया या नहीं; परन्तु अपने राज्य के समय में उसने “उस परमेश्वर के लिए जो सुंदरता से चित्रकारी करता है” एक पिरामिड बनवाया, और अपने राज्य में मानव-बलि को प्रतिबंधित कर दिया।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में भजन 42 का लेखक पुकारता है, “जीवते ईश्वर परमेश्वर का मैं प्यासा हूं, मैं कब जा कर परमेश्वर को अपना मुंह दिखाऊंगा?” (पद 2)। प्रत्येक मनुष्य उस सच्चे परमेश्वर की वैसी लालसा रखे जैसे “जैसे हरिणी नदी के जल के लिये हांफती है...” (पद 1)।

   आज भी सँसार में बहुतेरे “भूखे कोयोट” हैं जो यह जानते हैं कि प्रसिद्धि, धन-संपत्ति, और संबंधों की मूर्तियां उनके हृदयों में बने रिक्त स्थान को भर नहीं पाएंगीं। केवल वही जीवता और सच्चा प्रभु परमेश्वर जिसने अपने आप को प्रभु यीशु के रूप में संसार पर प्रकट किया, हमारे जीवनों को परिपूर्णता प्रदान कर सकता है, सार्थक बना सकता है। यह उनके लिए जो उस सच्चे परमेश्वर को प्राप्त करने की लालसा रखते हैं, एक अच्छा समाचार है – प्रभु यीशु ही उनकी इस लालसा की पूर्ति है। - केला ओकोआ


हमारी प्रत्येक अभिलाषा की गहराई में परमेश्वर की लालसा है।

हे परमेश्वर, तू मेरा ईश्वर है, मैं तुझे यत्न से ढूंढूंगा; सूखी और निर्जल ऊसर भूमि पर, मेरा मन तेरा प्यासा है, मेरा शरीर तेरा अति अभिलाषी है। इस प्रकार से मैं ने पवित्रास्थान में तुझ पर दृष्टि की, कि तेरी सामर्थ्य और महिमा को देखूं। - भजन 63:1-2

बाइबल पाठ: भजन 42
Psalms 42:1 जैसे हरिणी नदी के जल के लिये हांफती है, वैसे ही, हे परमेश्वर, मैं तेरे लिये हांफता हूं।
Psalms 42:2 जीवते ईश्वर परमेश्वर का मैं प्यासा हूं, मैं कब जा कर परमेश्वर को अपना मुंह दिखाऊंगा?
Psalms 42:3 मेरे आंसू दिन और रात मेरा आहार हुए हैं; और लोग दिन भर मुझ से कहते रहते हैं, तेरा परमेश्वर कहां है?
Psalms 42:4 मैं भीड़ के संग जाया करता था, मैं जयजयकार और धन्यवाद के साथ उत्सव करने वाली भीड़ के बीच में परमेश्वर के भवन को धीरे धीरे जाया करता था; यह स्मरण कर के मेरा प्राण शोकित हो जाता है।
Psalms 42:5 हे मेरे प्राण, तू क्यों गिरा जाता है? और तू अन्दर ही अन्दर क्यों व्याकुल है? परमेश्वर पर आशा लगाए रह; क्योंकि मैं उसके दर्शन से उद्धार पाकर फिर उसका धन्यवाद करूंगा।
Psalms 42:6 हे मेरे परमेश्वर; मेरा प्राण मेरे भीतर गिरा जाता है, इसलिये मैं यर्दन के पास के देश से और हर्मोन के पहाड़ों और मिसगार की पहाड़ी के ऊपर से तुझे स्मरण करता हूं।
Psalms 42:7 तेरी जलधाराओं का शब्द सुनकर जल, जल को पुकारता है; तेरी सारी तरंगों और लहरों में मैं डूब गया हूं।
Psalms 42:8 तौभी दिन को यहोवा अपनी शक्ति और करूणा प्रगट करेगा; और रात को भी मैं उसका गीत गाऊंगा, और अपने जीवन दाता ईश्वर से प्रार्थना करूंगा।
Psalms 42:9 मैं ईश्वर से जो मेरी चट्टान है कहूंगा, तू मुझे क्यों भूल गया? मैं शत्रु के अन्धेर के मारे क्यों शोक का पहिरावा पहिने हुए चलता फिरता हूं?
Psalms 42:10 मेरे सताने वाले जो मेरी निन्दा करते हैं मानो उस में मेरी हडि्डयां चूर चूर होती हैं, मानो कटार से छिदी जाती हैं, क्योंकि वे दिन भर मुझ से कहते रहते हैं, तेरा परमेश्वर कहां है?
Psalms 42:11 हे मेरे प्राण तू क्यों गिरा जाता है? तू अन्दर ही अन्दर क्यों व्याकुल है? परमेश्वर पर भरोसा रख; क्योंकि वह मेरे मुख की चमक और मेरा परमेश्वर है, मैं फिर उसका धन्यवाद करूंगा।


एक साल में बाइबल: 
  • 2 शमूएल 6-8
  • लूका 15:1-10



बुधवार, 18 अप्रैल 2018

प्रेम



   मेरी सहेली की बच्ची को दौरे पड़ने लगे, इसलिए वे उसे एम्बुलेंस में लेकर अस्पताल की ओर तेज़ी से जा रहे थे। रास्ते भर बच्ची की माँ का हृदय तेज़ी से धड़कता रहा, वह उसके लिए प्रार्थना करती जा रही थी। माँ ने बच्ची का छोटी उँगलियाँ थामी हुईं थीं जो उस बच्ची के प्रति माँ के प्रेम की गहराई को दिखा रहा था। यही उसे इस बात को भी स्मरण करवा रहा था कि प्रभु परमेश्वर भी हम से कितना अधिक प्रेम करता है, जिस प्रेम के अन्तर्गत वह हमें अपनी “आँख की पुतली” कहता है।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में ज़कर्याह भविष्यद्वक्ता ने यह वाक्याँश उन लोगों के लिए प्रयोग किया जो बाबुल की बंधुवाई से निकलकर यरूशलेम आए थे। ज़कर्याह उन्हें पश्चाताप करने, परमेश्वर के मंदिर का पुनः निर्माण करने, और सच्चे जीवते परमेश्वर के प्रति प्रेम के लिए हृदयों को तैयार करने को कहता है। क्योंकि परमेश्वर उन लोगों से बहुत प्रेम करता है, वे उसकी आँख की पुतली हैं।

   इब्रानी भाषा के विद्वानों का मानना है कि यह वाक्याँश दूसरे की आँख की पुतली में अपने प्रतिबिंब को देखने से सम्बन्धित है। क्योंकि आँखे बहुमूल्य और नाज़ुक होती हैं, इसलिए उन्हें सदा सुरक्षा की आवश्यकता होती है। और हमारा प्रभु परमेश्वर हमें ऐसे ही प्रेम और सुरक्षा प्रदान करना चाहता है – अपने हृदय के अति-निकट बनाए रख कर।

   प्रभु, जो सदा हमारे साथ निवास करता है, अपने प्रेम को हम पर उंडेलता है – किसी भी प्रेमी माँ द्वारा अपने बच्चे पर उंडेले जाने वाले प्रेम से कहीं अधिक! हम उसकी आँख की पुतली के समान हैं, उसके प्रिय। - एमी बाउचर पाई

                                        
बच्चे के प्रति माता-पिता का प्रेम, 
हमारे प्रति परमेश्वर पिता के प्रेम को प्रतिबिंबित करता है।

क्या यह हो सकता है कि कोई माता अपने दूधपिउवे बच्चे को भूल जाए और अपने जन्माए हुए लड़के पर दया न करे? हां, वह तो भूल सकती है, परन्तु मैं तुझे नहीं भूल सकता। - यशायाह 49:15

बाइबल पाठ: ज़कर्याह 2
Zechariah 2:1 फिर मैं ने आंखें उठाईं तो क्या देखा, कि हाथ में नापने की डोरी लिये हुए एक पुरूष है।
Zechariah 2:2 तब मैं ने उस से पूछा, तू कहां जाता है? उसने मुझ से कहा, यरूशलेम को नापने जाता हूं कि देखूं उसकी चौड़ाई कितनी, और लम्बाई कितनी है।
Zechariah 2:3 तब मैं ने क्या देखा, कि जो दूत मुझ से बातें करता था वह चला गया, और दूसरा दूत उस से मिलने के लिये आकर,
Zechariah 2:4 उस से कहता है, दौड़ कर उस जवान से कह, यरूशलेम मनुष्यों और घरैलू पशुओं की बहुतायत के मारे शहरपनाह के बाहर बाहर भी बसेगी।
Zechariah 2:5 और यहोवा की यह वाणी है, कि मैं आप उसके चारों ओर आग की से शहरपनाह ठहरूंगा, और उसके बीच में तेजोमय हो कर दिखाई दूंगा।
Zechariah 2:6 यहोवा की यह वाणी है, देखो, सुनो उत्तर के देश में से भाग जाओ, क्योंकि मैं ने तुम को आकाश की चारों वायुओं के समान तितर बितर किया है।
Zechariah 2:7 हे बाबुल वाली जाति के संग रहने वाली, सिय्योन को बच कर निकल भाग!
Zechariah 2:8 क्योंकि सेनाओं का यहोवा यों कहता है, उस तेज के प्रगट होने के बाद उसने मुझे उन जातियों के पास भेजा है जो तुम्हें लूटती थीं, क्योंकि जो तुम को छूता है, वह मेरी आंख की पुतली ही को छूता है।
Zechariah 2:9 देखो, मैं अपना हाथ उन पर उठाऊंगा, तब वे उन्हीं से लूटे जाएंगे जो उनके दास हुए थे। तब तुम जानोगे कि सेनाओं के यहोवा ने मुझे भेजा है।
Zechariah 2:10 हे सिय्योन, ऊंचे स्वर से गा और आनन्द कर, क्योंकि देख, मैं आकर तेरे बीच में निवास करूंगा, यहोवा की यही वाणी है।
Zechariah 2:11 उस समय बहुत सी जातियां यहोवा से मिल जाएंगी, और मेरी प्रजा हो जाएंगी; और मैं तेरे बीच में वास करूंगा,
Zechariah 2:12 और तू जानेगी कि सेनाओं के यहोवा ने मुझे तेरे पास भेज दिया है। और यहोवा यहूदा को पवित्र देश में अपना भाग कर लेगा, और यरूशलेम को फिर अपना ठहराएगा।
Zechariah 2:13 हे सब प्राणियों! यहोवा के साम्हने चुपके रहो; क्योंकि वह जाग कर अपने पवित्र निवास स्थान से निकला है।


एक साल में बाइबल: 
  • 2 शमूएल 3-5
  • लूका 14:25-35



मंगलवार, 17 अप्रैल 2018

साथ



   जब हम गिरगिट की बात करते हैं, तो हमारा विचार उसके रंग बदल लेने की क्षमता की ओर जाता है। परन्तु गिरगिट का एक और रोचक गुण है; मैंने अनेकों अवसरों पर गिरगिट को चलते हुए देखा है और मैं अचरज करता हूँ कि वह अपने गंतव्य तक पहुँच कैसे जाता है? चलने के लिए बड़े अनमने से भाव से वह एक पाँव आगे बढाता है, फिर जैसे अपना मन बदलकर, एक और प्रयास करता है, और फिर बड़ी सावधानी के साथ, हिचकिचाते हुए वह अपना पाँव धरती पर जमाता है, मानो उसे डर हो कि कहीं उसके पाँव-तले से धरती सरक तो नहीं जाएगी। इसीलिए मेरी हंसी निकल गई जब मैंने किसी को कहते हुए सुना, “गिरगिट के समान चर्च के सदस्य न बनो जो कहते हैं, ‘मैं आज चर्च जाऊँगा; नहीं, मैं अगले सप्ताह चला जाऊँगा; नहीं, नहीं, मुझे थोड़ा रुक कर सोच लेने दो!’”

   यरूशलेम में “यहोवा का भवन” राजा दाऊद का उपासना गृह था, और वह परमेश्वर की आराधना में कभी गिरगिट के समान अनिश्चित नहीं था; वरन “जब लोगों ने मुझ से कहा, कि हम यहोवा के भवन को चलें, तब मैं आनन्दित हुआ” (भजन 122:1)। यही बात प्रारंभिक मसीही विश्वासियों की मण्डली में भी पाई जाती थी। उनके लिए परमेश्वर के वचन बाइबल में लिखा गया है “और वे प्रेरितों से शिक्षा पाने, और संगति रखने में और रोटी तोड़ने में और प्रार्थना करने में लौलीन रहे।... और वे प्रति दिन एक मन हो कर मन्दिर में इकट्ठे होते थे...” (प्रेरितों 2:42, 46)।

   अन्य मसीही विश्वासियों के साथ मिलकर प्रभु परमेश्वर की आराधना में और परस्पर संगति में सम्मिलित होने में कितना आनन्द होता है। साथ मिलकर प्रार्थना और आराधना करना, साथ मिलकर पवित्र-शास्त्र का अध्ययन करना, एक दूसरे की देखभाल करना आदि हमारी आत्मिक उन्नति के लिए आवश्यक और हमारे परस्पर एकता के लिए अनिवार्य हैं। - लॉरेंस दरमानी


साथ मिल कर आराधना करने से आनन्द और सामर्थ्य मिलते हैं।

और एक दूसरे के साथ इकट्ठा होना ने छोड़ें, जैसे कि कितनों की रीति है, पर एक दूसरे को समझाते रहें; और ज्यों ज्यों उस दिन को निकट आते देखो, त्यों त्यों और भी अधिक यह किया करो। - इब्रानियों 10:25

बाइबल पाठ: प्रेरितों 2:41-47
Acts 2:41 सो जिन्हों ने उसका वचन ग्रहण किया उन्होंने बपतिस्मा लिया; और उसी दिन तीन हजार मनुष्यों के लगभग उन में मिल गए।
Acts 2:42 और वे प्रेरितों से शिक्षा पाने, और संगति रखने में और रोटी तोड़ने में और प्रार्थना करने में लौलीन रहे।
Acts 2:43 और सब लोगों पर भय छा गया, और बहुत से अद्भुत काम और चिन्ह प्रेरितों के द्वारा प्रगट होते थे।
Acts 2:44 और वे सब विश्वास करने वाले इकट्ठे रहते थे, और उन की सब वस्तुएं साझे की थीं।
Acts 2:45 और वे अपनी अपनी सम्पत्ति और सामान बेच बेचकर जैसी जिस की आवश्यकता होती थी बांट दिया करते थे।
Acts 2:46 और वे प्रति दिन एक मन हो कर मन्दिर में इकट्ठे होते थे, और घर घर रोटी तोड़ते हुए आनन्द और मन की सीधाई से भोजन किया करते थे।
Acts 2:47 और परमेश्वर की स्‍तुति करते थे, और सब लोग उन से प्रसन्न थे: और जो उद्धार पाते थे, उन को प्रभु प्रति दिन उन में मिला देता था।


एक साल में बाइबल: 
  • 2 शमूएल 1-2
  • लूका 14:1-24



सोमवार, 16 अप्रैल 2018

गैरपारंपरिक



   सन 1980 में, बॉस्टन मैराथन दौड़ के दौरान, एक महिला दौड़ में से निकल कर भूमिगत ट्रेन पर चढ़ गई; इसमें कोई विचित्र बात नहीं है। लेकिन उसी महिला को गवाहों ने दौड़ समाप्त होने की रेखा से एक मील से भी कम दूरी पर ट्रेन से निकलकर फिर से मैराथन दौड़ में सम्मिलित होते देखा! उसे मैराथन भाग कर पूरा करना था, परन्तु अपने इस उनेप्क्षित तरीके से वह अन्य महिला धावकों से बहुत पहले समापन रेखा पर पहुँच गई, और वह न तो हांफ रही थी, न ही उसे कुछ खास पसीना आ रहा था। कुछ समय तक लगा कि वही विजेता है।

   बहुत पहले एक युद्ध में, परमेश्वर के वचन बाइबल में आया है, कुछ ऐसे लोगों ने जो युद्ध को हार जाने की स्थिति में थे, विजय प्राप्त करने का एक आदरपूर्ण और गैरपारंपरिक तरीका अपनाया। जब राजा यहोशापात को समाचार मिला कि एक अति विशाल सेना उस पर चढ़ाई करने के लिए आ रही है, तो वह घबरा गया (2 इतिहास 20:2-3)। परन्तु अपने भय की इस स्थिति में विशिष्ट सैनिक रणनीतियों को अपनाने के स्थान पर यहोशापात परमेश्वर की ओर मुड़ा। उसने अपने भय और असमंजस को तथा परमेश्वर की सामर्थ्य और प्रभुता को स्वीकार किया, “...यह जो बड़ी भीड़ हम पर चढ़ाई कर रही है, उसके साम्हने हमारा तो बस नहीं चलता और हमें हुछ सूझता नहीं कि क्या करना चाहिये? परन्तु हमारी आंखें तेरी ओर लगी हैं” (पद 12)। फिर परमेश्वर के निर्देशानुसार, वह अपनी सेना को युद्ध-भूमि पर ले गया, और उसकी सेना के आगे-आगे स्तुतिगान करने वाले चल रहे थे, जो युद्ध की ललकार के स्थान पर परमेश्वर के प्रेम के विषय में स्तुतिगान कर रहे थे। इस गैरपारंपरिक गतिविधि का परिणाम भौंचका कर देने वाला था; यहोशापात के शत्रु आपस में ही लड़ने लगे, और सभी परस्पर लड़ मरे (पद 22-24)। सब कुछ हो जाने के पश्चात, “यहोशापात के राज्य को चैन मिला, क्योंकि उसके परमेश्वर ने उसको चारों ओर से विश्राम दिया” (पद 30)।

   जीवन हमारे सामने अभिभूत कर देने वाली चुनौतियां लेकर आ सकता है। परन्तु हमारे भय और अनिश्चितताएं हमें अवसर प्रदान करते हैं कि उनके समाधान के लिए हम अपने सर्व-सामर्थी परमेश्वर की ओर मुड़ें – वह गैरपारंपरिक विधियों का विशेषज्ञ है। - टिम गुस्ताफासन


हमारे परमेश्वर की कार्य-विधि के विषय 
कभी भविष्यवाणी तो नहीं की जा सकती है, 
परन्तु वह  हमेशा भरोसेमंद रहता है।

मेरी आंखे सदैव यहोवा पर टकटकी लगाए रहती हैं, क्योंकि वही मेरे पांवों को जाल में से छुड़ाएगा। - भजन 25:15

बाइबल पाठ: 2 इतिहास 20:1-13
2 Chronicles 20:1 इसके बाद मोआबियों और अम्मोनियों ने और उनके साथ कई मूनियों ने युद्ध करने के लिये यहोशापात पर चढ़ाई की।
2 Chronicles 20:2 तब लोगों ने आकर यहोशापात को बता दिया, कि ताल के पार से एदोम देश की ओर से एक बड़ी भीड़ तुझ पर चढ़ाई कर रही है; और देख, वह हसासोन्तामार तक जो एनगदी भी कहलाता है, पहुंच गई है।
2 Chronicles 20:3 तब यहोशपात डर गया और यहोवा की खोज में लग गया, और पूरे यहूदा में उपवास का प्रचार करवाया।
2 Chronicles 20:4 सो यहूदी यहोवा से सहायता मांगने के लिये इकट्ठे हुए, वरन वे यहूदा के सब नगरों से यहोवा से भेंट करने को आए।
2 Chronicles 20:5 तब यहोशपात यहोवा के भवन में नये आंगन के साम्हने यहूदियों और यरूशलेमियों की मण्डली में खड़ा हो कर
2 Chronicles 20:6 यह कहने लगा, कि हे हमारे पितरों के परमेश्वर यहोवा! क्या तू स्वर्ग में परमेश्वर नहीं है? और क्या तू जाति जाति के सब राज्यों के ऊपर प्रभुता नहीं करता? और क्या तेरे हाथ में ऐसा बल और पराक्रम नहीं है कि तेरा साम्हना कोई नहीं कर सकता?
2 Chronicles 20:7 हे हमारे परमेश्वर! क्या तू ने इस देश के निवासियों अपनी प्रजा इस्राएल के साम्हने से निकाल कर इन्हें अपने मित्र इब्राहीम के वंश को सदा के लिये नहीं दे दिया?
2 Chronicles 20:8 वे इस में बस गए और इस में तेरे नाम का एक पवित्र स्थान बना कर कहा,
2 Chronicles 20:9 कि यदि तलवार या मरी अथवा अकाल वा और कोई विपत्ति हम पर पड़े, तौभी हम इसी भवन के साम्हने और तेरे साम्हने (तेरा नाम तो इस भवन में बसा है) खड़े हो कर, अपने क्लेश के कारण तेरी दोहाई देंगे और तू सुन कर बचाएगा।
2 Chronicles 20:10 और अब अम्मोनी और मोआबी और सेईर के पहाड़ी देश के लोग जिन पर तू ने इस्राएल को मिस्र देश से आते समय चढ़ाई करने न दिया, और वे उनकी ओर से मुड़ गए और उन को विनाश न किया,
2 Chronicles 20:11 देख, वे ही लोग तेरे दिए हुए अधिकार के इस देश में से जिसका अधिकार तू ने हमें दिया है, हम को निकाल कर कैसा बदला हमें दे रहे हैं।
2 Chronicles 20:12 हे हमारे परमेश्वर, क्या तू उनका न्याय न करेगा? यह जो बड़ी भीड़ हम पर चढ़ाई कर रही है, उसके साम्हने हमारा तो बस नहीं चलता और हमें हुछ सूझता नहीं कि क्या करना चाहिये? परन्तु हमारी आंखें तेरी ओर लगी हैं।
2 Chronicles 20:13 और सब यहूदी अपने अपने बाल-बच्चों, स्त्रिीयों और पुत्रों समेत यहोवा के सम्मुख खड़े रहे।


एक साल में बाइबल: 
1 शमूएल 30-31
लूका 13:23-35