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मंगलवार, 12 जून 2018

भावनाएं



   पिछले वर्ष एक सम्मलेन के समय मैं अपने कुछ मित्रों से मिली, जिनसे मैं बहुत लंबे समय से नहीं मिली थी। मिलने और साथ होने के आनन्द में हम सब बहुत प्रसन्न हुए, एक साथ हँसे; परन्तु एक दूसरे को देखकर हम रोए भी इस एहसास के कारण कि हमने एक-दूसरे के आभाव को कितना महसूस किया था।

   अपने साथ होने के समय के अंतिम दिन में हमने एक साथ प्रभु-भोज में भाग लिया, जो और आनन्द तथा आंसुओं का समय था! हम परमेश्वर के उस महान अनुग्रह के लिए आनन्दित थे जिसके अन्तर्गत उसने हमें पापों की क्षमा और अनन्त जीवन  दिया था, तथा अपने मित्रों के साथ बिताए गए ये खुशी के दिन भी। परन्तु हमें यह आनन्द और अनन्त जीवन देने के लिए जो कीमत प्रभु यीशु को चुकानी पड़ी थी उसे स्मरण कर के मेरे आँसू भी निकल पड़े थे।

   मैंने परमेश्वर के वचन बाइबल में एज्रा याजक और यरूशलेम के उस अद्भुत दिन के बारे में विचार किया। निर्वासित लोग बाबुल की बन्धुआई से निकलकर यरूशलेम लौट कर आए थे, और परमेश्वर के मंदिर के पुनर्निर्माण हेतु मंदिर की नेव डाली ही थी। तब लोगों ने आनन्द के कारण स्तुति-गीत गाए, परन्तु कुछ वृद्ध याजक रोने लगे (एज्रा 3:10-12) – वे या तो बन्धुआई में जाने के समय ध्वस्त करके लूट लिए गए सुलेमान के मंदिर और उसके वैभव को याद कर रहे थे, या फिर अपने पापों को स्मरण करके दुखी हो रहे थे जिनके कारण उन्हें बन्धुआई में जाना पड़ा था। इस्राएली गा भी रहे थे और रो भी रहे थे, और इस सब की मिली-जुली आवाज़ दूर तक सुनाई दे रही थी (पद 13)।

   कभी-कभी जब हम परमेश्वर को काम करते देखते हैं तो हम कई प्रकार की भावनाओं का अनुभव करते हैं – परमेश्वर के अद्भुत आश्चर्यजनक कार्यों को देखकर आनन्द और अपने पापों तथा उन पापों के कारण जो बलिदान प्रभु यीशु मसीह को देना पड़ा, उसे स्मरण कर के शोक और दुःख। उन इस्राएलियों के समान ही हमारी भावनाएँ भी प्रभु परमेश्वर के प्रति हमारे प्रेम और आराधना की अभिव्यक्ति, और दूसरों के सामने एक गवाही हो जाएँ। - कीला ओकोआ


परमेश्वर की प्रशंसा, हमारे आनन्द और आँसुओं, दोनों ही से हो सकती है।

परन्तु जितने तुझ पर भरोसा रखते हैं वे सब आनन्द करें, वे सर्वदा ऊंचे स्वर से गाते रहें; क्योंकि तू उनकी रक्षा करता है, और जो तेरे नाम के प्रेमी हैं तुझ में प्रफुल्लित हों। - भजन 5:11

बाइबल पाठ: एज्रा 3:7-13
Ezra 3:7 तब उन्होंने पत्थर गढ़ने वालों और कारीगरों को रुपया, और सीदोनी और सोरी लोगों को खाने-पीने की वस्तुएं और तेल दिया, कि वे फारस के राजा कुस्रू के पत्र के अनुसार देवदार की लकड़ी लबानोन से जापा के पास के समुद्र में पहुंचाएं।
Ezra 3:8 उनके परमेश्वर के भवन में, जो यरूशलेम में है, आने के दूसरे वर्ष के दूसरे महीने में, शालतीएल के पुत्र जरुब्बाबेल ने और योसादाक के पुत्र येशू ने और उनके और भाइयों ने जो याजक और लेवीय थे, और जितने बन्धुआई से यरूशलेम में आए थे उन्होंने भी काम को आरम्भ किया, और बीस वर्ष अथवा उस से अधिक अवस्था के लेवियों को यहोवा के भवन का काम चलाने के लिये नियुक्त किया।
Ezra 3:9 तो येशू और उसके बेटे और भाई और कदमीएल और उसके बेटे, जो यहूदा की सन्तान थे, और हेनादाद की सन्तान और उनके बेटे परमेश्वर के भवन में कारीगरों का काम चलाने को खड़े हुए।
Ezra 3:10 और जब राजों ने यहोवा के मन्दिर की नेव डाली तब अपने वस्त्र पहिने हुए, और तुरहियां लिये हुए याजक, और झांझ लिये हुए आसाप के वंश के लेवीय इसलिये नियुक्त किए गए कि इस्राएलियों के राजा दाऊद की चलाई हुई रीति के अनुसार यहोवा की स्तुति करें।
Ezra 3:11 सो वे यह गा गाकर यहोवा की स्तुति और धन्यवाद करने लगे, कि वह भला है, और उसकी करुणा इस्राएल पर सदैव बनी है। और जब वे यहोवा की स्तुति करने लगे तब सब लोगों ने यह जान कर कि यहोवा के भवन की नेव अब पड़ रही है, ऊंचे शब्द से जयजयकार किया।
Ezra 3:12 परन्तु बहुतेरे याजक और लेवीय और पूर्वजों के घरानों के मुख्य पुरुष, अर्थात वे बूढ़े जिन्होंने पहिला भवन देखा था, जब इस भवन की नेव उनकी आंखों के साम्हने पड़ी तब फूट फूटकर रोने लगे, और बहुतेरे आनन्द के मारे ऊंचे शब्द से जयजयकार कर रहे थे।
Ezra 3:13 इसलिये लोग, आनन्द के जयजयकार का शब्द, लोगों के रोने के शब्द से अलग पहिचान न सके, क्योंकि लोग ऊंचे शब्द से जयजयकार कर रहे थे, और वह शब्द दूर तक सुनाई देता था।
                                                 

एक साल में बाइबल: 
  • एज्रा 3-5
  • यूहन्ना 20



सोमवार, 11 जून 2018

अनुग्रह



   वर्षों तक मैं परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रभु यीशु मसीह द्वारा दिए गए पहाड़ी सन्देश (मत्ती 5-7) को मानवीय व्यवहार का एक ऐसा मानक मानता था जिसे संभवतः कोई पूरा नहीं कर सकता था। मैंने कैसे उसके सही अर्थ को नज़रंदाज़ कर दिया? प्रभु यीशु ने यह सन्देश हमें कुण्ठित करने के लिए नहीं वरन हमें परमेश्वर के बारे में बताने के लिए कहे थे।

   हमें क्यों अपने शत्रुओं से प्रेम रखना है? क्योंकि हमारा दयालु पिता अपने सूर्य को बुरे और भले दोनों पर उदय करता है। हमें स्वर्ग में अपने खजाने क्यों एकत्रित करने चाहिएँ? क्योंकि वह परमेश्वर पिता का निवास है और वह हमें बहुतायत से पुरुस्कृत करेगा। हम क्यों निश्चिंत और निर्भय होकर जीवन व्यतीत करें? क्योंकि जो परमेश्वर जंगली सोसनों को वस्त्र पहनाता है और मैदान की घास की भी देखभाल करता है, उसी ने हमारी भी देखभाल करने का वायदा किया है। हमें प्रार्थना क्यों करनी चाहिए? यदि सांसारिक पिता अपने बच्चों को रोटी और मछली देते हैं, तो स्वर्गीय पिता माँगने वालों को उत्तम वस्तुएँ क्यों नहीं देगा?

   प्रभु यीशु ने पहाड़ी सन्देश (मत्ती 5-7) न केवल परमेश्वर के आदर्शों को, जिन तक पहुँचने के प्रयासों को हमें कभी छोड़ना नहीं चाहिए, दिखाने के लिए दिया था; वरन इसलिए भी कि हम समझ सकें कि उन आदर्शों तक हम कभी भी अपने प्रयासों और अपनी सामर्थ्य के द्वारा नहीं पहुँच सकते हैं; इसके लिए हमें प्रभु परमेश्वर की सहायता की आवश्यकता होगी ही।

   परमेश्वर के सामने हम सभी एक ही स्तर पर खड़े हैं: हत्यारे, आवेशपूर्ण, व्यभिचारी, वासनापूर्ण, चोर, लालची, इत्यादि। हम सभी अपने वास्तविक हाल को लेकर परेशान हैं – जो परमेश्वर को सही रीति से जानने की इच्छा रखने वाले के लिए उपयुक्त दशा है। हम जो परमेश्वर के परिशुद्ध आदर्श के मानक से गिरे हुए हैं, हमारे पास परमेश्वर के अनुग्रह की सुरक्षा में जाने के अतिरिक्त और कोई मार्ग नहीं है। उसका अनुग्रह ही हमें बचाता है, बहाल करता है। - फिलिप येन्सी



केवल परमेश्वर ही पापी आत्मा को अनुग्रह की श्रेष्ठ कृति में परिवर्तित कर सकता है।

परन्तु परमेश्वर ने जो दया का धनी है; अपने उस बड़े प्रेम के कारण, जिस से उसने हम से प्रेम किया। जब हम अपराधों के कारण मरे हुए थे, तो हमें मसीह के साथ जिलाया; (अनुग्रह ही से तुम्हारा उद्धार हुआ है।) – इफिसियों 2:4-5

बाइबल पाठ: मत्ती 5:43-48
Matthew 5:43 तुम सुन चुके हो, कि कहा गया था; कि अपने पड़ोसी से प्रेम रखना, और अपने बैरी से बैर।
Matthew 5:44 परन्तु मैं तुम से यह कहता हूं, कि अपने बैरियों से प्रेम रखो और अपने सताने वालों के लिये प्रार्थना करो।
Matthew 5:45 जिस से तुम अपने स्‍वर्गीय पिता की सन्तान ठहरोगे क्योंकि वह भलों और बुरों दोनों पर अपना सूर्य उदय करता है, और धर्मियों और अधर्मियों दोनों पर मेंह बरसाता है।
Matthew 5:46 क्योंकि यदि तुम अपने प्रेम रखने वालों ही से प्रेम रखो, तो तुम्हारे लिये क्या फल होगा? क्या महसूल लेने वाले भी ऐसा ही नहीं करते?
Matthew 5:47 और यदि तुम केवल अपने भाइयों ही को नमस्‍कार करो, तो कौन सा बड़ा काम करते हो? क्या अन्यजाति भी ऐसा नहीं करते?
Matthew 5:48 इसलिये चाहिये कि तुम सिद्ध बनो, जैसा तुम्हारा स्‍वर्गीय पिता सिद्ध है।
                                                 

एक साल में बाइबल: 
  • एज्रा 1-2
  • यूहन्ना 19:23-42



रविवार, 10 जून 2018

नाम



   वह अपने आप को “चिन्ता करने वाली” कहती थी, परन्तु जब एक दुर्घटना में उसके बच्चे को चोट लगी, तो उसने इस उपनाम से बचे रहने का मार्ग सीख लिया। जैसे-जैसे उसका बच्चा उस चोट से उभर रहा था, वह प्रति सप्ताह मित्रों के साथ बात और प्रार्थना करने के लिए मिलती, और परमेश्वर से सहायता तथा चंगाई मांगती। उन महीनों में, उसने अपने भय और चिंताओं के विषयों को प्रार्थना में परिवर्तित करना सीख लिया, और उसे यह एहसास हुआ कि वह “चिंता करने वाली” से “प्रार्थना करने वाली” बनती जा रही है। उसे आभास हुआ कि परमेश्वर उसे एक नई पहचान दे रहा है। उस अनचाहे दुःख के कारण आए संघर्ष द्वारा, मसीह यीशु से उसका संपर्क और गहरा होता जा रहा है।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रकाशितवाक्य नामक पुस्तक में प्रभु यीशु ने पिरगमुन की मसीही मण्डली से कहा कि वह उन्हें एक श्वेत पत्थर जिस पर एक नया नाम लिखा है देने जा रहा है (प्रकाशितवाक्य 2:17)। बाइबल के व्याख्याकर्ताओं ने इसके अर्थ को लेकर बहुत चर्चा की है, और अधिकांश इस बात से सहमत हैं कि यह श्वेत पत्थर मसीह यीशु में हमारी स्वतंत्रता को दर्शाता है। बाइबल के उस समय में, न्यायालयों में न्यायपीठ के लोग श्वेत पत्थर का प्रयोग, “निर्दोष” और काले पत्थर का प्रयोग “दोषी” बताने के लिए भी करते थे। श्वेत पत्थर द्वारा, उसे रखने वाला, कुछ अवसरों, जैसे कि विशेष भोज, में प्रवेश प्राप्त करने पाता था। इसी प्रकार, जो परमेश्वर से श्वेत पत्थर प्राप्त करते हैं वे परमेश्वर के भोज में स्थान भी पाते हैं। यीशु की मृत्यु से हमें स्वतंत्रता और नया जीवन मिलता है – और एक नया नाम भी।

   आपको क्या लगता है, परमेश्वर आपको क्या नया नाम देना चाहेगा? – एमी बाउचर पाई


मसीह के अनुयायियों की एक बिलकुल नई पहचान होती है।

जब अन्यजातियां तेरा धर्म और सब राजा तेरी महिमा देखेंगे; और तेरा एक नया नाम रखा जाएगा जो यहोवा के मुख से निकलेगा। - यशायाह 62:2

बाइबल पाठ: प्रकाशितवाक्य 2:12-17
Revelation 2:12 और पिरगमुन की कलीसिया के दूत को यह लिख, कि, जिस के पास दोधारी और चोखी तलवार है, वह यह कहता है, कि।
Revelation 2:13 मैं यह तो जानता हूं, कि तू वहां रहता है जहां शैतान का सिंहासन है, और मेरे नाम पर स्थिर रहता है; और मुझ पर विश्वास करने से उन दिनों में भी पीछे नहीं हटा जिन में मेरा विश्वासयोग्य साक्षी अन्‍तिपास, तुम में उस स्थान पर घात किया गया जहां शैतान रहता है।
Revelation 2:14 पर मुझे तेरे विरुद्ध कुछ बातें कहनी हैं, क्योंकि तेरे यहां कितने तो ऐसे हैं, जो बिलाम की शिक्षा को मानते हैं, जिसने बालाक को इस्त्राएलियों के आगे ठोकर का कारण रखना सिखाया, कि वे मूरतों के बलिदान खाएं, और व्यभिचार करें।
Revelation 2:15 वैसे ही तेरे यहां कितने तो ऐसे हैं, जो नीकुलइयों की शिक्षा को मानते हैं।
Revelation 2:16 सो मन फिरा, नहीं तो मैं तेरे पास शीघ्र ही आकर, अपने मुख की तलवार से उन के साथ लडूंगा।
Revelation 2:17 जिस के कान हों, वह सुन ले कि आत्मा कलीसियाओं से क्या कहता है; जो जय पाए, उसको मैं गुप्‍त मन्ना में से दूंगा, और उसे एक श्वेत पत्थर भी दूंगा; और उस पत्थर पर एक नाम लिखा हुआ होगा, जिसे उसके पाने वाले के सिवाय और कोई न जानेगा।
                                                 

एक साल में बाइबल: 
  • 2 इतिहास 34-36
  • यूहन्ना 19:1-22



शनिवार, 9 जून 2018

महत्वपूर्ण



   दो जन अपने व्यवासायिक दौरे और उसके परिणामों की समीक्षा करने के लिए बैठे। एक ने कहा कि उसे लगता है कि दौरा सफल रहा क्योंकि उनके व्यावासायिक संपर्कों के द्वारा कुछ नए और सार्थक संबंध बनने आरंभ हुए थे। दूसरे ने कहा, “संबंध तो ठीक हैं, परन्तु सबसे महत्वपूर्ण बात होती है विक्रय करना।” स्पष्टतया, दोनों के बहुत भिन्न दृष्टिकोण थे।

   हम चाहे व्यवसाय में हों, या परिवार में, या चर्च में, दूसरों को इस दृष्टिकोण से देखना कि वे हमारे लिए कैसे उपयोगी हो सकते हैं, बहुत सरल होता है। हम लोगों की कीमत का आँकलन, हमारे लिए उनकी उपयोगिता के आधार पर करते हैं, न कि इस पर कि यीशु के नाम में हम उनकी क्या और कितनी सेवा कर सकते हैं। परमेश्वर के वचन बाइबल में फिलिप्पियों की मसीही मण्डली को लिखी अपनी पत्री में, प्रेरित पौलुस ने लिखा, “विरोध या झूठी बड़ाई के लिये कुछ न करो पर दीनता से एक दूसरे को अपने से अच्छा समझो। हर एक अपनी ही हित की नहीं, वरन दूसरों की हित की भी चिन्‍ता करे” (फिलिप्पियों 2:3-4)।

   हमें लोगों को अपने लाभ के लिए प्रयोग नहीं करना है। क्योंकि हमारा परमेश्वर पिता सभी से प्रेम करता है, और हम अपने पिता परमेश्वर से प्रेम करते हैं, इसलिए यह हमारा कर्तव्य है कि हम दूसरों से भी प्रेम करें। परमेश्वर का प्रेम सबसे महान प्रेम है; और उस प्रेम को अपने जीवनों से प्रदर्शित करना हम मसीहियों के लिए सबसे महत्वपूर्ण कार्य है। - बिल क्राउडर


औरों की आवश्यकताओं को अपनी आवश्यकताओं से आगे रखने से आनन्द मिलता है।

भाईचारे के प्रेम से एक दूसरे पर दया रखो; परस्पर आदर करने में एक दूसरे से बढ़ चलो। - रोमियों 12:10

बाइबल पाठ: फिलिप्पियों 2:1-11
Philippians 2:1 सो यदि मसीह में कुछ शान्‍ति और प्रेम से ढाढ़स और आत्मा की सहभागिता, और कुछ करूणा और दया है।
Philippians 2:2 तो मेरा यह आनन्द पूरा करो कि एक मन रहो और एक ही प्रेम, एक ही चित्त, और एक ही मनसा रखो।
Philippians 2:3 विरोध या झूठी बड़ाई के लिये कुछ न करो पर दीनता से एक दूसरे को अपने से अच्छा समझो।
Philippians 2:4 हर एक अपनी ही हित की नहीं, वरन दूसरों की हित की भी चिन्‍ता करे।
Philippians 2:5 जैसा मसीह यीशु का स्‍वभाव था वैसा ही तुम्हारा भी स्‍वभाव हो।
Philippians 2:6 जिसने परमेश्वर के स्‍वरूप में हो कर भी परमेश्वर के तुल्य होने को अपने वश में रखने की वस्तु न समझा।
Philippians 2:7 वरन अपने आप को ऐसा शून्य कर दिया, और दास का स्‍वरूप धारण किया, और मनुष्य की समानता में हो गया।
Philippians 2:8 और मनुष्य के रूप में प्रगट हो कर अपने आप को दीन किया, और यहां तक आज्ञाकारी रहा, कि मृत्यु, हां, क्रूस की मृत्यु भी सह ली।
Philippians 2:9 इस कारण परमेश्वर ने उसको अति महान भी किया, और उसको वह नाम दिया जो सब नामों में श्रेष्ठ है।
Philippians 2:10 कि जो स्वर्ग में और पृथ्वी पर और जो पृथ्वी के नीचे है; वे सब यीशु के नाम पर घुटना टेकें।
Philippians 2:11 और परमेश्वर पिता की महिमा के लिये हर एक जीभ अंगीकार कर ले कि यीशु मसीह ही प्रभु है।
                                                 

एक साल में बाइबल: 
  • 2 इतिहास 32-33
  • यूहन्ना 18:19-40



शुक्रवार, 8 जून 2018

बेहतर



   एक छोटे बच्चे के घर के बाहर साइरन बजने की आवाज़ आने लगी। क्योंकि वह उस आवाज़ से अपरिचित था, इसलिए उसने अपनी माँ से उसके बारे में पूछा। उसकी माँ ने उसे समझाया कि वह लोगों को आने वाले खतरनाक तूफ़ान से सचेत करने के लिए था; यदि लोग तूफ़ान से बचने के लिए सुरक्षित स्थानों में चले नहीं जाएँगे तो उनकी जान जोखिम में होगी और वे तूफ़ान से मर भी सकते हैं। तो बच्चे ने पूछा, “माँ तो यह बुरा क्यों है? यदि हमें मर जाएँगे तो क्या हम प्रभु यीशु से नहीं मिलेंगे?”

   छोटे बच्चे मरना क्या होता है अकसर समझ नहीं पाते हैं। परन्तु परमेश्वर के वचन बाइबल के एक प्रमुख पात्र, पौलुस प्रेरित ने भी, जीवन का लंबा अनुभव होने के बावजूद, अपने विषय कुछ ऐसा ही लिखा: “क्योंकि मैं दोनों के बीच अधर में लटका हूं; जी तो चाहता है कि कूच कर के मसीह के पास जा रहूं, क्योंकि यह बहुत ही अच्छा है” (फिलिप्पियों 1:23)। उसने जब यह लिखा उस समय वह घर में नज़रबंद था, परन्तु उसका यह कथन किसी निराशा के कारण नहीं था। वह तो आनन्दित था क्योंकि उसका परेशानी और पीड़ा सहना सुसमाचार के प्रसार का कारण हो रहा था (पद 12-14)।

   तो फिर पौलुस क्यों जीवन और मृत्यु की इच्छा के मध्य अधर में था? क्योंकि जीवित रहने का अर्थ था “फलवन्त परिश्रम”; परन्तु यदि वह मर जाता तो उसे पता था कि वह प्रभु यीशु के साथ एक विशेष निकटता के सुखदायक अनुभव में पहुंच जाएगा। हम मसीही विश्वासियों के लिए यह तय है कि शरीर से अनुपस्थित होते ही हम प्रभु यीशु के सम्मुख उपस्थित हो जाएँगे (2 कुरिन्थियों 5:6-8)।

   जो लोग प्रभु यीशु मसीह की मृत्यु और पुनरुत्थान के बचाने वाले सामर्थ्य में विश्वास रखते हैं, वे सदा प्रभु के साथ ही रहेंगे। ऐसा कहा गया है कि “जो कुछ स्वर्ग में अन्त होता है,वह सब भला है।” इसलिए हम मसीही विश्वासी, चाहे जीएँ या मरें, हमारे लिए तो बेहतर ही है, जैसा पौलुस ने कहा है: “क्योंकि मेरे लिये जीवित रहना मसीह है, और मर जाना लाभ है” (फिलिप्पियों 1:21)।


प्रभु यीशु की मृत्यु और पुनारुथान में लाया गया विश्वास, 
उसके साथ अनन्त जीवन के आश्वासन को लाता है।

इसलिये हम ढाढ़स बान्‍धे रहते हैं, और देह से अलग हो कर प्रभु के साथ रहना और भी उत्तम समझते हैं। - 2 कुरिन्थियों 5:8

बाइबल पाठ: फिलिप्पियों 1:12-26
Philippians 1:12 हे भाइयों, मैं चाहता हूं, कि तुम यह जान लो, कि मुझ पर जो बीता है, उस से सुसमाचार ही की बढ़ती हुई है।
Philippians 1:13 यहां तक कि कैसरी राज्य की सारी पलटन और शेष सब लोगों में यह प्रगट हो गया है कि मैं मसीह के लिये कैद हूं।
Philippians 1:14 और प्रभु में जो भाई हैं, उन में से बहुधा मेरे कैद होने के कारण, हियाव बान्‍ध कर, परमेश्वर का वचन निधड़क सुनाने का और भी हियाव करते हैं।
Philippians 1:15 कितने तो डाह और झगड़े के कारण मसीह का प्रचार करते हैं और कितने भली मनसा से।
Philippians 1:16 कई एक तो यह जान कर कि मैं सुसमाचार के लिये उत्तर देने को ठहराया गया हूं प्रेम से प्रचार करते हैं।
Philippians 1:17 और कई एक तो सीधाई से नहीं पर विरोध से मसीह की कथा सुनाते हैं, यह समझ कर कि मेरी कैद में मेरे लिये क्‍लेश उत्पन्न करें।
Philippians 1:18 सो क्या हुआ? केवल यह, कि हर प्रकार से चाहे बहाने से, चाहे सच्चाई से, मसीह की कथा सुनाई जाती है, और मैं इस से आनन्‍दित हूं, और आनन्‍दित रहूंगा भी।
Philippians 1:19 क्योंकि मैं जानता हूं, कि तुम्हारी बिनती के द्वारा, और यीशु मसीह की आत्मा के दान के द्वारा इस का प्रतिफल मेरा उद्धार होगा।
Philippians 1:20 मैं तो यही हादिर्क लालसा और आशा रखता हूं, कि मैं किसी बात में लज्ज़ित न होऊं, पर जैसे मेरे प्रबल साहस के कारण मसीह की बड़ाई मेरी देह के द्वारा सदा होती रही है, वैसा ही अब भी हो चाहे मैं जीवित रहूं या मर जाऊं।
Philippians 1:21 क्योंकि मेरे लिये जीवित रहना मसीह है, और मर जाना लाभ है।
Philippians 1:22 पर यदि शरीर में जीवित रहना ही मेरे काम के लिये लाभदायक है तो मैं नहीं जानता, कि किस को चुनूं।
Philippians 1:23 क्योंकि मैं दोनों के बीच अधर में लटका हूं; जी तो चाहता है कि कूच कर के मसीह के पास जा रहूं, क्योंकि यह बहुत ही अच्छा है।
Philippians 1:24 परन्तु शरीर में रहना तुम्हारे कारण और भी आवश्यक है।
Philippians 1:25 और इसलिये कि मुझे इस का भरोसा है सो मैं जानता हूं कि मैं जीवित रहूंगा, वरन तुम सब के साथ रहूंगा जिस से तुम विश्वास में दृढ़ होते जाओ और उस में आनन्‍दित रहो।
Philippians 1:26 और जो घमण्‍ड तुम मेरे विषय में करते हो, वह मेरे फिर तुम्हारे पास आने से मसीह यीशु में अधिक बढ़ जाए।
                                                 

एक साल में बाइबल: 
  • 2 इतिहास 30-31
  • यूहन्ना 18:1-18



गुरुवार, 7 जून 2018

नया और पूर्ण



   दूसरे विश्व-युद्ध के दिनों में मेरे पिताजी ने अमेरिका की सेना में रहते हुए दक्षिणी प्रशांत सागरीय क्षेत्र में कार्य किया। उन दिनों में पिताजी धर्म के प्रत्येक विचार को यह कहकर कि, “मुझे किसी बैसाखी की आवश्यकता नहीं है” एक ओर कर देते थे। परन्तु वह दिन आना तय था जब धर्म के प्रति उनका यह रवैया सदा के लिए बदल जाना था। हमारी माताजी की, अपने तीसरी सन्तान को जन्म देने के लिए, प्रसव-पीड़ा आरंभ हो गई थी, और मैं तथा मेरा भाई इस उत्सुकता के साथ कि शीघ्र ही हम अपने नए भाई अथवा बहन को देखेंगे, रात को सोने के लिए अपने बिस्तरों में गए। अगले दिन प्रातः उठकर हमने उत्साहपूर्वक अपने पिताजी से पूछा कि भाई आया या बहन, तो उन्होंने कहा, “वह बेटी थी, किन्तु मृत पैदा हुई थी।” हम सब अपने परिवार की इस क्षति के लिए मिलकर रोने लग गए।

   वह पहला अवसर थी जब पिताजी अपने टूटे हृदय को लेकर प्रार्थना में प्रभु यीशु के पास गए। उस पल उन्हें परमेश्वर की ओर से एक अद्भुत शान्ति और सांत्वना का आभास हुआ, चाहे उनकी बेटी की उस क्षति की सारे जीवन भर भरपाई नहीं होने पाएगी। शीघ्र ही वे परमेश्वर के वचन बाइबल के अध्ययन में रुचि लेने लग गए, और निरंतर प्रभु के पास, जो उनके टूटे हृदय को चंगा कर रहा था, प्रार्थना में जाते रहते थे। समय के साथ प्रभु यीशु में उनका विश्वास और दृढ़ होता चला गया; वे प्रभु यीशु के दृढ़ अनुयायी हो गए और अपने चर्च में एक अगुवे तथा बाइबल-शिक्षक भी बन गए।

   प्रभु यीशु पर विश्वास करना, अपना जीवन उन्हें समर्पित करना, कमज़ोर व्यक्तियों के लिए बैसाखी का सहारा लेना नहीं है। प्रभु तो नए जीवन का स्त्रोत है! हम जब टूटे हुए होते हैं, और सच्चे मन तथा समर्पण के साथ उसके पास आते है तो वह हमें नया और पूर्ण बना सकता है (भजन 119:75)। - डेनिस फिशर


टूटा हुआ हृदय, प्रभु परमेश्वर से परिपूर्णता ला सकता है।

मैं जिन जिन से प्रीति रखता हूं, उन सब को उलाहना और ताड़ना देता हूं, इसलिये सरगर्म हो, और मन फिरा। - प्रकाशितवाक्य 3:19

बाइबल पाठ: भजन 119:71-75
Psalms 119:71 मुझे जो दु:ख हुआ वह मेरे लिये भला ही हुआ है, जिस से मैं तेरी विधियों को सीख सकूं।
Psalms 119:72 तेरी दी हुई व्यवस्था मेरे लिये हजारों रूपयों और मुहरों से भी उत्तम है।
Psalms 119:73 तेरे हाथों से मैं बनाया और रचा गया हूं; मुझे समझ दे कि मैं तेरी आज्ञाओं को सीखूं।
Psalms 119:74 तेरे डरवैये मुझे देख कर आनन्दित होंगे, क्योंकि मैं ने तेरे वचन पर आशा लगाई है।
Psalms 119:75 हे यहोवा, मैं जान गया कि तेरे नियम धर्ममय हैं, और तू ने अपने सच्चाई के अनुसार मुझे दु:ख दिया है।
                                                 

एक साल में बाइबल: 
  • 2 इतिहास 25-27
  • यूहन्ना 16



बुधवार, 6 जून 2018

महिमा



   रोमी साम्राज्य की महिमा ने प्रभु यीशु के जन्म के लिए एक व्यापक पृष्ठभूमि उपलब्ध करवाई। रोम के पहले सम्राट कैसर अगुस्तुस ने सन 27 ईसा पूर्व में 200 वर्ष पुराने गृह-युद्ध को समाप्त किया और क्षतिग्रस्त इलाकों में स्मारक, मंदिर, रंगशालाएं और सरकारी कार्य के लिए भवन बनवाना आरंभ किया। रोमी इतिहासकार प्लिनी द एल्डर के अनुसार “सँसार भर में किसी ने भी कहीं भी इतनी सुन्दर इमारतें नहीं देखी होंगी।”

   परन्तु अपनी सुंदरता के बावजूद, उस ‘चिरस्थाई’ नगर और साम्राज्य के इतिहास में क्रूरता भरी हुई थी जो रोम के पतन तक जारी रही। हज़ारों दासों, परदेशियों, क्रांतिकारियों, और सेना के भगोड़े सिपाहियों को सड़क के किनारे खम्बे गाड़ कर क्रूस पर चढ़ा दिया गया, जिससे सबके लिए चेतावनी रहे कि कोई रोमी साम्राज्य की सामर्थ्य को चुनौती नहीं दे सकता है।

   यह कैसी विडंबना है कि प्रभु यीशु का क्रूस पर चढ़ाया जाना एक ऐसी महिमा के प्रकट होने का कारण बन गया जिसके सामने रोम की महिमा और गौरव एक ढलती शाम की क्षणिक सुन्दरता से अधिक नहीं थी। किसने यह सोचा होगा कि क्रूस के सार्वजनिक श्राप और पीड़ा में हम परमेश्वर के प्रेम, उसकी उपस्थिति, और उसके अनन्त स्वर्गीय साम्राज्य की महिमा को देखने पाएँगे।

   किसने यह पूर्वानुमान लगाया होगा कि सारा स्वर्ग और पृथ्वी एक दिन साथ मिलकर गाएँगे, “वे ऊंचे शब्द से कहते थे, कि वध किया हुआ मेम्ना ही सामर्थ, और धन, और ज्ञान, और शक्ति, और आदर, और महिमा, और धन्यवाद के योग्य है” (प्रकाशितवाक्य 5:12)। - मार्ट डीहॉन


जो मेमना मारा गया था, वही आज जीवता प्रभु है।

...उसने यीशु को अपनी ओर आते देखकर कहा, देखो, यह परमेश्वर का मेम्ना है, जो जगत के पाप उठा ले जाता है। - यूहन्ना 1:29

बाइबल पाठ: यूहन्ना 17:1-5
John 17:1 यीशु ने ये बातें कहीं और अपनी आंखे आकाश की ओर उठा कर कहा, हे पिता, वह घड़ी आ पहुंची, अपने पुत्र की महिमा कर, कि पुत्र भी तेरी महिमा करे।
John 17:2 क्योंकि तू ने उसको सब प्राणियों पर अधिकार दिया, कि जिन्हें तू ने उसको दिया है, उन सब को वह अनन्त जीवन दे।
John 17:3 और अनन्त जीवन यह है, कि वे तुझ अद्वैत सच्चे परमेश्वर को और यीशु मसीह को, जिसे तू ने भेजा है, जाने।
John 17:4 जो काम तू ने मुझे करने को दिया था, उसे पूरा कर के मैं ने पृथ्वी पर तेरी महिमा की है।
John 17:5 और अब, हे पिता, तू अपने साथ मेरी महिमा उस महिमा से कर जो जगत के होने से पहिले, मेरी तेरे साथ थी।
                                                 

एक साल में बाइबल: 
  • 2 इतिहास 23-24
  • यूहन्ना 15