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सोमवार, 20 अगस्त 2018

भरोसा और प्रतीक्षा



      सीनै पर्वत के निकट दो वर्ष तक छावनी डाले रहने के पश्चात अब इस्राएल के लोग परमेश्वर द्वारा उन्हें प्रतिज्ञा किए हुए कनान देश में प्रवेश करने की कगार पर थे। परमेश्वर ने उन्हें कहा कि वे बारह लोगों को उस देश और वहाँ रहने वालों के बारे में जानकारी लेने के लिए भेजें। जब उन भेदियों ने वहाँ रहने वाले कनानियों के बल और उनके नगरों के आकार को देखा तो उनमें से दस ने कहा कि “हम नहीं कर पाएँगे!” परन्तु दो ने कहा “हम कर लेंगे!”

      उनके आंकलन में यह अन्तर क्यों था?

      जिन दस ने मान लिया था कि हम नहीं कर सकते हैं, वे कनान देश में रहने वाले विशालकाय मानवों और उनके बल की तुलना अपने आप से कर रहे थे, और विशालकाय मानव और उनकी सामर्थ्य उन्हें बड़ी लगी। लेकिन दो – कालेब और यहोशू ने, उन विशालकाय मानवों और उनकी सामर्थ्य की तुलना परमेश्वर के साथ करी, और तब वे विशालकाय मानव विशालकाय नहीं रह गए। यहोशू और कालेब ने अन्य इस्राएलियों को भी समझाया कि “केवल इतना करो कि तुम यहोवा के विरुद्ध बलवा न करो; और न तो उस देश के लोगों से डरो, क्योंकि वे हमारी रोटी ठहरेंगे; छाया उनके ऊपर से हट गई है, और यहोवा हमारे संग है; उन से न डरो” (गिनती 14:9), लेकिन इस्राएली नहीं माने।

      अविश्वास हमें कभी कठिनाइयों – अभेद्य नगर, असाध्य विशालकाय मनुष्य, से परे नहीं जाने देता है। अविश्वास हमारे मनों को जड़ कर देता है, उन परिस्थितियों पर ही विचार करते रहने में फंसा देता है, हमें अपनी ही सामर्थ्य से बाहर कभी सोचने ही नहीं देता है।

      किन्तु परमेश्वर में विश्वास, उन कठिनाइयों और परिस्थितियों को कम करके तो नहीं आंकता है, किन्तु उन्हें परमेश्वर से बढ़कर भी नहीं समझता है। विश्वास उन कठिनाइयों और परिस्थियों पर विचार करते रहने के स्थान पर परमेश्वर की ओर देखता है, हमारे साथ सदा बनी रहने वाली उसकी उपस्थिति और उसकी अजेय सामर्थ्य की ओर देखता है, और उन विचलित कर देने वाली बातों को समाधान के लिए परमेश्वर के हाथों में सौंप देता है।

      आज आपके जीवन में कौन सी असाध्य विशालकाय बातें हैं? कोई ऐसी आदत जिसे आप छोड़ नहीं पा रहे हैं? कोई ऐसा प्रलोभन जिसका आप सामना नहीं करने पाते हैं? कोई कठिन वैवाहिक परिस्थिति? किसी व्यसन अथवा नशे की लत में पड़ी सन्तान? यदि हम अपनी कठिनाइयों की तुलना अपने आप से करेंगे तो सदा ही अभिभूत होंगे। परन्तु परमेश्वर में विश्वास उन कठिनाइयों की महानता से दृष्टि हटाकर उस सर्व-सामर्थी, सदा उपस्थित प्रभु परमेश्वर की महानता पर लगाता है, और उसके समय तथा समाधान पर भरोसा रखता है, उसकी प्रतीक्षा करता है। - डेविड रोपर


जब भय अभिभूत करे, तो विश्वास द्वारा उसका सामना करें।

दाऊद ने पलिश्ती से कहा, तू तो तलवार और भाला और सांग लिये हुए मेरे पास आता है; परन्तु मैं सेनाओं के यहोवा के नाम से तेरे पास आता हूं, जो इस्राएली सेना का परमेश्वर है, और उसी को तू ने ललकारा है। - 1 शमूएल 17:45

बाइबल पाठ: गिनती 13:25-14:9
Numbers 13:25 चालीस दिन के बाद वे उस देश का भेद ले कर लौट आए।
Numbers 13:26 और पारान जंगल के कादेश नाम स्थान में मूसा और हारून और इस्त्राएलियों की सारी मण्डली के पास पहुंचे; और उन को और सारी मण्डली को संदेशा दिया, और उस देश के फल उन को दिखाए।
Numbers 13:27 उन्होंने मूसा से यह कहकर वर्णन किया, कि जिस देश में तू ने हम को भेजा था उस में हम गए; उस में सचमुच दूध और मधु की धाराएं बहती हैं, और उसकी उपज में से यही है।
Numbers 13:28 परन्तु उस देश के निवासी बलवान्‌ हैं, और उसके नगर गढ़ वाले हैं और बहुत बड़े हैं; और फिर हम ने वहां अनाकवंशियों को भी देखा।
Numbers 13:29 दक्षिण देश में तो अमालेकी बसे हुए हैं; और पहाड़ी देश में हित्ती, यबूसी, और एमोरी रहते हैं; और समुद्र के किनारे किनारे और यरदन नदी के तट पर कनानी बसे हुए हैं।
Numbers 13:30 पर कालेब ने मूसा के साम्हने प्रजा के लोगों को चुप कराने की मनसा से कहा, हम अभी चढ़ के उस देश को अपना कर लें; क्योंकि नि:सन्देह हम में ऐसा करने की शक्ति है।
Numbers 13:31 पर जो पुरूष उसके संग गए थे उन्होंने कहा, उन लोगों पर चढ़ने की शक्ति हम में नहीं है; क्योंकि वे हम से बलवान्‌ हैं।
Numbers 13:32 और उन्होंने इस्त्राएलियों के साम्हने उस देश की जिसका भेद उन्होंने लिया था यह कहकर निन्दा भी की, कि वह देश जिसका भेद लेने को हम गये थे ऐसा है, जो अपने निवासियों निगल जाता है; और जितने पुरूष हम ने उस में देखे वे सब के सब बड़े डील डौल के हैं।
Numbers 13:33 फिर हम ने वहां नपीलों को, अर्थात नपीली जाति वाले अनाकवंशियों को देखा; और हम अपनी दृष्टि में तो उनके साम्हने टिड्डे के सामान दिखाई पड़ते थे, और ऐसे ही उनकी दृष्टि में मालूम पड़ते थे।
Numbers 14:1 तब सारी मण्डली चिल्ला उठी; और रात भर वे लोग रोते ही रहे।
Numbers 14:2 और सब इस्त्राएली मूसा और हारून पर बुड़बुड़ाने लगे; और सारी मण्डली उसने कहने लगी, कि भला होता कि हम मिस्र ही में मर जाते! वा इस जंगल ही में मर जाते!
Numbers 14:3 और यहोवा हम को उस देश में ले जा कर क्यों तलवार से मरवाना चाहता है? हमारी स्त्रियां और बाल-बच्चे तो लूट में चलें जाएंगे; क्या हमारे लिये अच्छा नहीं कि हम मिस्र देश को लौट जाएं?
Numbers 14:4 फिर वे आपस में कहने लगे, आओ, हम किसी को अपना प्रधान बना लें, और मिस्र को लौट चलें।
Numbers 14:5 तब मूसा और हारून इस्त्राएलियों की सारी मण्डली के साम्हने मुंह के बल गिरे।
Numbers 14:6 और नून का पुत्र यहोशू और यपुन्ने का पुत्र कालिब, जो देश के भेद लेने वालों में से थे, अपने अपने वस्त्र फाड़कर,
Numbers 14:7 इस्त्राएलियों की सारी मण्डली से कहने लगे, कि जिस देश का भेद लेने को हम इधर उधर घूम कर आए हैं, वह अत्यन्त उत्तम देश है।
Numbers 14:8 यदि यहोवा हम से प्रसन्न हो, तो हम को उस देश में, जिस में दूध और मधु की धाराएं बहती हैं, पहुंचाकर उसे हमे दे देगा।
Numbers 14:9 केवल इतना करो कि तुम यहोवा के विरुद्ध बलवा न करो; और न तो उस देश के लोगों से डरो, क्योंकि वे हमारी रोटी ठहरेंगे; छाया उनके ऊपर से हट गई है, और यहोवा हमारे संग है; उन से न डरो।


एक साल में बाइबल: 
  • भजन 105-106
  • 1कुरिन्थियों 3



रविवार, 19 अगस्त 2018

तुलना



      थॉमस जे. डीलॉन्ग, हार्वर्ड बिज़नेस स्कूल के प्राध्यापक हैं, और उन्होंने अपने छात्रों और सहकर्मियों में एक विचलित करने वाली प्रवृत्ति देखी है – तुलना करने की धुन। उन्होंने लिखा, “पहले से कहीं अधिक बढ़कर...व्यवसाय मैनेजरों, आर्थिक विश्लेषकों, वकीलों, चिकित्सकों, और अन्य व्यावसायिक लोगों में यह प्रवृत्ति देखी जा रही है कि वे अपनी उपलब्धियों की तुलना दूसरों की उपलब्धियों के साथ करते हैं, ...यह व्यक्तियों और कंपनियों, दोनों के लिए हानिकारक है। जब आप सफलता की परिभाषा अपने स्वयँ के आतंरिक नहीं वरन औरों के बाहरी मापदण्डों के आधार पर करने लगते हैं, तब आप अपनी संतुष्टि और लगन को हलका करने लगते हैं।”

      तुलना करने की यह धुन कोई नई नहीं है। पवित्र शास्त्र, परमेश्वर का वचन बाइबल, हमें अपनी तुलना दूसरों के साथ करने के विषय सचेत करता है। हम जब तुलना करने लगते हैं तो, परमेश्वर ने जो हमें दिया है, उस पर और उसके कार्य पर ध्यान लगाने के स्थान पर, हम में घमण्ड आ सकता है, हम औरों को नीची दृष्टि से देखने लग सकते हैं (लूका 18:9-14); या फिर हम ईर्ष्यालु होकर औरों के समान बनने के प्रयास, अथवा, उन सब वस्तुओं की लालसा करने लगते हैं जो औरों के पास है (याकूब 4:1)। प्रभु यीशु ने कहा कि यह तुलना करने की प्रवृत्ति का आधार यह बात है कि परमेश्वर अन्यायी है, और उसे कोई अधिकार नहीं है कि वह हम से अधिक औरों के प्रति उदार हो (मत्ती 20:1-16)।

      परमेश्वर के अनुग्रह से, परमेश्वर ने जो कुछ हमें दिया है उसपर अपना ध्यान केंद्रित करने के द्वारा, हम इस तुलना करने की प्रवृत्ति से ऊपर उठ सकते हैं। जब हम अपनी दैनिक आशीषों के लिए परमेश्वर के धन्यवादी होते हैं, तो हमारे विचार भी परिवर्तित होते हैं, और हम इस पर भी विश्वास करने लगते हैं कि परमेश्वर भला है। - मारविन विलियम्स


परमेश्वर अपनी ही रीति से अपनी भलाई अपने बच्चों पर प्रकट करता है।  

पर सन्‍तोष सहित भक्ति बड़ी कमाई है। क्योंकि न हम जगत में कुछ लाए हैं और न कुछ ले जा सकते हैं। और यदि हमारे पास खाने और पहिनने को हो, तो इन्‍हीं पर सन्‍तोष करना चाहिए। पर जो धनी होना चाहते हैं, वे ऐसी परीक्षा, और फंदे और बहुतेरे व्यर्थ और हानिकारक लालसाओं में फंसते हैं, जो मनुष्यों को बिगाड़ देती हैं और विनाश के समुद्र में डूबा देती हैं। - 1 तिमुथियुस 6:6-9

बाइबल पाठ: मत्ती 20:1-16
Matthew 20:1 स्वर्ग का राज्य किसी गृहस्थ के समान है, जो सबेरे निकला, कि अपने दाख की बारी में मजदूरों को लगाए।
Matthew 20:2 और उसने मजदूरों से एक दीनार रोज पर ठहराकर, उन्हें अपने दाख की बारी में भेजा।
Matthew 20:3 फिर पहर एक दिन चढ़े, निकल कर, और औरों को बाजार में बेकार खड़े देखकर,
Matthew 20:4 उन से कहा, तुम भी दाख की बारी में जाओ, और जो कुछ ठीक है, तुम्हें दूंगा; सो वे भी गए।
Matthew 20:5 फिर उसने दूसरे और तीसरे पहर के निकट निकलकर वैसा ही किया।
Matthew 20:6 और एक घंटा दिन रहे फिर निकलकर औरों को खड़े पाया, और उन से कहा; तुम क्यों यहां दिन भर बेकार खड़े रहे? उन्हों ने उस से कहा, इसलिये, कि किसी ने हमें मजदूरी पर नहीं लगाया।
Matthew 20:7 उसने उन से कहा, तुम भी दाख की बारी में जाओ।
Matthew 20:8 सांझ को दाख बारी के स्‍वामी ने अपने भण्‍डारी से कहा, मजदूरों को बुलाकर पिछलों से ले कर पहिलों तक उन्हें मजदूरी दे दे।
Matthew 20:9 सो जब वे आए, जो घंटा भर दिन रहे लगाए गए थे, तो उन्हें एक एक दीनार मिला।
Matthew 20:10 जो पहिले आए, उन्होंने यह समझा, कि हमें अधिक मिलेगा; परन्तु उन्हें भी एक ही एक दीनार मिला।
Matthew 20:11 जब मिला, तो वह गृहस्थ पर कुड़कुड़ा के कहने लगे।
Matthew 20:12 कि इन पिछलों ने एक ही घंटा काम किया, और तू ने उन्हें हमारे बराबर कर दिया, जिन्हों ने दिन भर का भार उठाया और घाम सहा?
Matthew 20:13 उसने उन में से एक को उत्तर दिया, कि हे मित्र, मैं तुझ से कुछ अन्याय नहीं करता; क्या तू ने मुझ से एक दीनार न ठहराया?
Matthew 20:14 जो तेरा है, उठा ले, और चला जा; मेरी इच्छा यह है कि जितना तुझे, उतना ही इस पिछले को भी दूं।
Matthew 20:15 क्या उचित नहीं कि मैं अपने माल से जो चाहूं सो करूं? क्या तू मेरे भले होने के कारण बुरी दृष्टि से देखता है?
Matthew 20:16 इसी रीति से जो पिछले हैं, वह पहिले होंगे, और जो पहिले हैं, वे पिछले होंगे।


एक साल में बाइबल: 
  • भजन 103-104
  • 1कुरिन्थियों 2



शनिवार, 18 अगस्त 2018

भरोसा



      सेना का काफिला चलने के लिए तैयार था, एक युवा सैनिक अपने दल का नेतृत्व करने वाले सार्जेंट की गाड़ी पर गया और तेज़ी से उसकी गाड़ी की खिड़की थपथपाने लगा। सार्जेंट ने गाड़ी का शीशा नीचा करके उससे पूछा “क्या हुआ?” सैनिक ने कहा, “आपको वह बात करनी है,” सार्जेंट ने पूछा, “कौन सी बात?” सैनिक बोला, “वही जो आप करते हैं।” तब सार्जेंट को ध्यान आया कि वह हमेशा चलने से पहले दल की सुरक्षा और सहायता के लिए प्रार्थना करता था किन्तु आज करना भूल गया था। इसलिए वह गाड़ी से निकला, अपने साथी सैनिकों के लिए प्रार्थना की, और तब वह दल रवाना हुआ। उस सैनिक ने अपने दल के अगुवे की प्रार्थनाओं के महत्व को समझा था।

      प्राचीन यहूदा में, परमेश्वर के वचन बाइबल में लिखा है, राजा अबिय्याह में कोई विशेषता नहीं थी, वरन 1 राजा 15:3 में उसके लिए लिखा हुआ है, “वह वैसे ही पापों की लीक पर चलता रहा जैसे उसके पिता ने उस से पहिले किए थे और उसका मन अपने परमेश्वर यहोवा की ओर अपने परदादा दाऊद के समान पूरी रीति से सिद्ध न था”। परन्तु जब यहूदा को इसराएल के विरुद्ध युद्ध का सामना करना पड़ा, और यहूदा की सेना इस्राएल से आधी थी, तो अबिय्याह को इस बात का भरोसा था कि सच्चा जीवता परमेश्वर, जिस की उसके राज्य के विश्वासी लोग उपासना करते आए थे (2 इतिहास 13:10-12), वही उनकी सहायता करेगा। इस्राएल के दस गोत्रों ने परमेश्वर के याजकों (पुरोहितों) को अपने राज्य में से निकाल दिया था और अन्य देवी-देवताओं की उपासना करने लग गए थे, परन्तु यहूदा के गोत्र परमेश्वर के प्रति वफादार बने रहे थे।

      निःसंदेह, अबिय्याह के अनैतिक व्यवहार एवँ कार्यों ने बहुत हानि की थी; परन्तु उसे भली-भांति पता था कि संकट के समय किस के पास जाना है। उसका भरोसा सही था, और इस्राएल की अपने से दोगुनी सेना पर यहूदा की सेना ने विजय प्राप्त की, “...यहूदी इस कारण प्रबल हुए कि उन्होंने अपने पितरों के परमेश्वर यहोवा पर भरोसा रखा था” (पद 18)। जो कोई हमारे प्रभु परमेश्वर के पास भरोसे के साथ आता है, परमेश्वर उसे कभी निराश नहीं करता है। - टिम गुस्ताफ्सन


जो कोई उसकी ओर भरोसे का साथ मुड़ेगा, परमेश्वर उसे कभी मुँह नहीं मोड़ेगा।

जो कुछ पिता मुझे देता है वह सब मेरे पास आएगा, उसे मैं कभी न निकालूंगा। - यूहन्ना 6:37

बाइबल पाठ: 2 इतिहास 13:10-18
2 Chronicles 13:10 परन्तु हम लोगों का परमेश्वर यहोवा है और हम ने उसको नहीं त्यागा, और हमारे पास यहोवा की सेवा टहल करने वाले याजक हारून की सन्तान और अपने अपने काम में लगे हुए लेवीय हैं।
2 Chronicles 13:11 और वे नित्य सवेरे और सांझ को यहोवा के लिये होमबलि और सुगन्धद्रव्य का धूप जलाते हैं, और शुद्ध मेज पर भेंट की रोटी सजाते और सोने की दीवट और उसके दीपक सांझ-सांझ को जलाते हैं; हम तो अपने परमेश्वर यहोवा की आज्ञाओं को मानते रहते हैं, परन्तु तुम ने उसको त्याग दिया है।
2 Chronicles 13:12 और देखो, हमारे संग हमारा प्रधान परमेश्वर है, और उसके याजक तुम्हारे विरुद्ध सांस बान्धकर फूंकने को तुरहियां लिये हुए भी हमारे साथ हैं। हे इस्राएलियो अपने पूर्वजों के परमेश्वर यहोवा से मत लड़ो, क्योंकि तुम कृतार्थ न होगे।
2 Chronicles 13:13 परन्तु यारोबाम ने घातकों को उनके पीछे भेज दिया, वे तो यहूदा के साम्हने थे, और घातक उनके पीछे थे।
2 Chronicles 13:14 और जब यहूदियों ने पीछे को मुंह फेरा, तो देखा कि हमारे आगे और पीछे दोनों ओर से लड़ाई होने वाली है; तब उन्होंने यहोवा की दोहाई दी, और याजक तुरहियों को फूंकने लगे।
2 Chronicles 13:15 तब यहूदी पुरुषों ने जयजयकार किया, और जब यहूदी पुरुषों ने जयजयकार किया, तब परमेश्वर ने अबिय्याह और यहूदा के साम्हने, यारोबाम और सारे इस्राएलियों को मारा।
2 Chronicles 13:16 और इस्राएली यहूदा के साम्हने से भागे, और परमेश्वर ने उन्हें उनके हाथ में कर दिया।
2 Chronicles 13:17 और अबिय्याह और उसकी प्रजा ने उन्हें बड़ी मार से मारा, यहां तक कि इस्राएल में से पांच लाख छंटे हुए पुरुष मारे गए।
2 Chronicles 13:18 उस समय तो इस्राएली दब गए, और यहूदी इस कारण प्रबल हुए कि उन्होंने अपने पितरों के परमेश्वर यहोवा पर भरोसा रखा था।


एक साल में बाइबल: 
  • भजन 100-102
  • 1कुरिन्थियों 1



शुक्रवार, 17 अगस्त 2018

सहायक



      सन 2015 के ग्रीष्म काल में, पन्द्रह वर्षीय हंटर ने, सेरेब्रल पाल्सी नामक मस्तिष्क रोग से पीड़ित लोगों की आवश्यकताओं के प्रति लोगों में जागरूकता लाने के लिए, अपने आठ वर्षीय भाई ब्रैडन को उठा कर सत्तावन मील की पैदल यात्रा की। ब्रैडन का वज़न साठ पाउंड है, इसलिए हंटर को बार-बार रुक कर आराम करना पड़ा जिसमें और लोगों ने मांसपेशियों में खिंचाव को कम करने में उसकी सहायता की, और ब्रैडन के वज़न को शरीर पर सही रीति से वितरित करने के लिए उसे विशेष हार्नेस दिए। हंटर का कहना था कि यद्यपि उन हार्नेस ने उसके शारीरिक कष्ट को तो कम किया, परन्तु उसे सबसे अधिक सहायता मार्ग के लोगों से मिली। उसने कहा, “यदि हमारे साथ चलने और हमारा उत्साह बढ़ाने वाले लोग नहीं होते तो मैं यह नहीं कर पाता। मेरी टांगें दुःख रही थीं, परन्तु मेरे मित्रों ने मुझे उठाया और अंततः मैं इसे करने पाया।” उसकी माँ ने उसकी इस पैदल यात्रा का नाम “The Cerebral Palsy Swagger” (सेरेब्रल पाल्सी के लिए इतराना) रखा।

      परमेश्वर के वचन बाइबल के एक प्रमुख पात्र, प्रेरित पौलुस, जिसे हम साहसी और बलवान मानते हैं, को भी लोगों द्वारा सहायता की आवश्यकता हुई थी। रोमियों 16 में वह कुछ लोगों के नामों की सूची देता है जिन्होंने उसे प्रोत्साहन दिया, उसकी आवश्यकताओं में सहायक हुए, और उसके लिए प्रार्थनाएं कीं। पौलुस ने फीबे, प्रिस्किल्ला और अक्विला, रूफुस की माँ, जो उसके लिए भी माँ समान ही थी; और गयुस का जिसने उसकी पहुनाई की, तथा अन्यों का उल्लेख किया।

      हम सब को ऐसे मित्रों की आवश्यकता होती है जो हमारी सहायता करें; और हम भी ऐसों को जानते हैं जिन्हें सहायता तथा प्रोत्साहन की आवश्यकता होती है। जैसे प्रभु यीशु हमें उठाए रहता है, हमारी सहायता करता है, हम भी एक-दूसरे के सहायक बनें। - ऐनी सेटास


जब परेशानियां दबाती हैं, तो सहायक उठाते हैं।

हे भाइयों, यदि कोई मनुष्य किसी अपराध में पकड़ा भी जाए, तो तुम जो आत्मिक हो, नम्रता के साथ ऐसे को संभालो, और अपनी भी चौकसी रखो, कि तुम भी परीक्षा में न पड़ो। - गलतियों 6:1

बाइबल पाठ: रोमियों 16:1-3, 13, 21-23
Romans 16:1 मैं तुम से फीबे की, जो हमारी बहिन और किंख्रिया की कलीसिया की सेविका है, बिनती करता हूं।
Romans 16:2 कि तुम जैसा कि पवित्र लोगों को चाहिए, उसे प्रभु में ग्रहण करो; और जिस किसी बात में उसको तुम से प्रयोजन हो, उस की सहायता करो; क्योंकि वह भी बहुतों की वरन मेरी भी उपकारिणी हुई है।
Romans 16:3 प्रिस्किल्ला और अक्विला को जो मसीह यीशु में मेरे सहकर्मी हैं, नमस्कार।
Romans 16:13 रूफुस को जो प्रभु में चुना हुआ है, और उस की माता को जो मेरी भी है, दोनों को नमस्कार।
Romans 16:21 तीमुथियुस मेरे सहकर्मी का, और लूकियुस और यासोन और सोसिपत्रुस मेरे कुटुम्बियों का, तुम को नमस्कार।
Romans 16:22 मुझ पत्री के लिखने वाले तिरितयुस का प्रभु में तुम को नमस्कार।
Romans 16:23 गयुस का जो मेरी और कलीसिया का पहुनाई करने वाला है उसका तुम्हें नमस्कार।


एक साल में बाइबल: 
  • भजन 97-99
  • रोमियों 16



गुरुवार, 16 अगस्त 2018

ज्योति



      सन 1989 में वाक्लाव हावेल को पदोन्नति देकर राजनैतिक कैदी से चेकोस्लावाकिया का प्रथम चयनित राष्ट्रपति बनाया गया। वर्षों बाद, सन 2011 में प्राग में उनकी अंत्येष्ठी के समय, अमेरिका की तत्कालीन राज्य सचिव मैडलीन औल्ब्राईट ने, जो स्वयं प्राग में जन्मीं थी, उनके बारे में कहते हुए उन्हें ऐसा व्यक्ति बताया जो “गहरे अन्धकार के अनेकों स्थानों पर ज्योति को लेकर आए।”

      चेकोस्लावाकिया (बाद में चेक गणतंत्र) के राजनैतिक क्षेत्र में जो काम हावेल द्वारा लाई गई ज्योति ने किया, हमारे प्रभु यीशु ने वही काम समस्त सँसार के लिए किया है – ज्योति लाना। सृष्टि और समय के आरंभ में, प्रभु ने अन्धकार में से ज्योति की रचना की (यूहन्ना 1:2-3; उत्पत्ति 1:2-3)। फिर सँसार में मानव रूप में अपने जन्म के द्वारा प्रभु यीशु आत्मिक अन्धकार में ज्योति को लेकर आए। प्रभु यीशु वह जीवन ज्योति हैं, जिसे कैसा भी अन्धकार क्यों न हो, दबा नहीं सकता है; वे सदा चमकते रहते हैं (यूहन्ना 1:5)।

      यूहन्ना बपतिस्मा देने वाला निर्जन स्थानों में से निकल कर आया कि सँसार के सामने जगत की ज्योति प्रभु यीशु की गवाही दे। आज हम भी यही कर सकते हैं; वास्तव में प्रभु यीशु ने हम से यही करने के लिए कहा भी है: “उसी प्रकार तुम्हारा उजियाला मनुष्यों के साम्हने चमके कि वे तुम्हारे भले कामों को देखकर तुम्हारे पिता की, जो स्वर्ग में हैं, बड़ाई करें” (मत्ती 5:16)।

      आज हमारे सँसार में, जब बहुधा भले को बुरा और बुरे को भला समझा जाता है, जब सही और गलत को परस्पर उलट-पुलट कर दिया जाता है, लोग जीवन के लिए दिशा निर्देश ढूँढ़ रहे हैं। हम मसीही विश्वासियों को वे लोग बनना है जो जगत की ज्योति प्रभु यीशु मसीह के जीवन परिवर्तित कर देने वाले सत्य एवँ वास्तविकता को, और उसके मार्गदर्शक वचन को लोगों तक पहुंचाएं। - सी. पी. हिया



जगत की ज्योति को हर अँधेरे जीवन में चमकाएं।

तेरा वचन मेरे पांव के लिये दीपक, और मेरे मार्ग के लिये उजियाला है। - भजन 119:105

बाइबल पाठ: यूहन्ना 1:1-8
John 1:1 आदि में वचन था, और वचन परमेश्वर के साथ था, और वचन परमेश्वर था।
John 1:2 यही आदि में परमेश्वर के साथ था।
John 1:3 सब कुछ उसी के द्वारा उत्पन्न हुआ और जो कुछ उत्पन्न हुआ है, उस में से कोई भी वस्तु उसके बिना उत्पन्न न हुई।
John 1:4 उस में जीवन था; और वह जीवन मुनष्यों की ज्योति थी।
John 1:5 और ज्योति अन्धकार में चमकती है; और अन्धकार ने उसे ग्रहण न किया।
John 1:6 एक मनुष्य परमेश्वर की ओर से आ उपस्थित हुआ जिस का नाम यूहन्ना था।
John 1:7 यह गवाही देने आया, कि ज्योति की गवाही दे, ताकि सब उसके द्वारा विश्वास लाएं।
John 1:8 वह आप तो वह ज्योति न था, परन्तु उस ज्योति की गवाही देने के लिये आया था।


एक साल में बाइबल: 
  • भजन 94-96
  • रोमियों 15:14-33



बुधवार, 15 अगस्त 2018

यादें



      मैं एक छोटे से नगर में एक होटल में रुका हुआ था, और मैंने देखा कि होटल के सामने एक चर्च में आराधना सभा हो रही है, लोग चर्च में खचाकच भरे हुए हैं, अन्दर शायद तिल रखने की भी जगह नहीं होगी, क्योंकि लोग बाहर आँगन तथा गलियारे और सड़क तक खड़े हुए थे। पास ही में मैंने शव ले जाने वाली गाड़ी भी देखी, जिससे मुझे अंदाजा हुआ कि वहाँ अंतिम संस्कार की सभा चल रही थी। उपस्थित भीड़ को देखकर मैंने अंदाजा लगाया कि किसी स्थानीय नायक का अंतिम संस्कार है, संभवतः कोई धनी व्यापारी, या कोई प्रसिद्ध व्यक्ति।

      जिज्ञासावश मैंने होटल के स्वागत डेस्क पर बैठे कर्मचारी से पूछा, “अंतिम संस्कार के लिए इतने लोगों का एकत्रित होना अद्भुत है; क्या वह इस नगर का कोई प्रसिद्ध व्यक्ति था?” उस कर्मचारी ने उत्तर दिया, “नहीं; न तो वह धनी था और न ही प्रसिद्ध; परन्तु वह एक भला मनुष्य था।”

      इससे मुझे परमेश्वर के वचन बाइबल में नीतिवचन का एक पद स्मरण हो आया: “बड़े धन से अच्छा नाम अधिक चाहने योग्य है, और सोने चान्दी से औरों की प्रसन्नता उत्तम है” (नीतिवचन 22:1)। हमारे लिए इस बात पर विचार करना अच्छा होगा कि हम अपने पीछे अपने परिवार, मित्रों, और पड़ौसियों के मध्य अपने विषय क्या यादें छोड़ कर जाएँगे! परमेश्वर के दृष्टिकोण से तब महत्व हमारी योग्यताओं के विवरण या हमारे एकत्रित धन का नहीं होगा, वरन उस जीवन का होगा जो हमने जिया और जिसके संदर्भ में लोग हमें तब याद करेंगे।

      जब मेरे एक मित्र का देहान्त हुआ तब उसकी पुत्री ने लिखा, “इस सँसार से एक धर्मी व्यक्ति चला गया है; और आज के सँसार के हिसाब से यह कोई छोटी बात नहीं है!” हमारा जीवन और हमारे बाद हमारी यादें ऐसी होनी चाहिएँ जो परमेश्वर को महिमा दें। - जो स्टोवैल


परमेश्वर के नाम की महिमा के लिए जीएँ और अपनी यादें छोड़ें।

धर्मी को स्मरण कर के लोग आशीर्वाद देते हैं, परन्तु दुष्टों का नाम मिट जाता है। - नीतिवचन 10:7

बाइबल पाठ: नीतिवचन 22:1-16
Proverbs 22:1 बड़े धन से अच्छा नाम अधिक चाहने योग्य है, और सोने चान्दी से औरों की प्रसन्नता उत्तम है।
Proverbs 22:2 धनी और निर्धन दोनों एक दूसरे से मिलते हैं; यहोवा उन दोनों का कर्त्ता है।
Proverbs 22:3 चतुर मनुष्य विपत्ति को आते देख कर छिप जाता है; परन्तु भोले लोग आगे बढ़ कर दण्ड भोगते हैं।
Proverbs 22:4 नम्रता और यहोवा के भय मानने का फल धन, महिमा और जीवन होता है।
Proverbs 22:5 टेढ़े मनुष्य के मार्ग में कांटे और फन्दे रहते हैं; परन्तु जो अपने प्राणों की रक्षा करता, वह उन से दूर रहता है।
Proverbs 22:6 लड़के को शिक्षा उसी मार्ग की दे जिस में उसको चलना चाहिये, और वह बुढ़ापे में भी उस से न हटेगा।
Proverbs 22:7 धनी, निर्धन लोगों पर प्रभुता करता है, और उधार लेने वाला उधार देने वाले का दास होता है।
Proverbs 22:8 जो कुटिलता का बीज बोता है, वह अनर्थ ही काटेगा, और उसके रोष का सोंटा टूटेगा।
Proverbs 22:9 दया करने वाले पर आशीष फलती है, क्योंकि वह कंगाल को अपनी रोटी में से देता है।
Proverbs 22:10 ठट्ठा करने वाले को निकाल दे, तब झगड़ा मिट जाएगा, और वाद-विवाद और अपमान दोनों टूट जाएंगे।
Proverbs 22:11 जो मन की शुद्धता से प्रीति रखता है, और जिसके वचन मनोहर होते हैं, राजा उसका मित्र होता है।
Proverbs 22:12 यहोवा ज्ञानी पर दृष्टि कर के, उसकी रक्षा करता है, परन्तु विश्वासघाती की बातें उलट देता है।
Proverbs 22:13 आलसी कहता है, बाहर तो सिंह होगा! मैं चौक के बीच घात किया जाऊंगा।
Proverbs 22:14 पराई स्त्रियों का मुंह गहिरा गड़हा है; जिस से यहोवा क्रोधित होता, वही उस में गिरता है।
Proverbs 22:15 लड़के के मन में मूढ़ता की गाँठ बन्धी रहती है, परन्तु छड़ी की ताड़ना के द्वारा वह उस से दूर की जाती है।
Proverbs 22:16 जो अपने लाभ के निमित्त कंगाल पर अन्धेर करता है, और जो धनी को भेंट देता, वे दोनों केवल हानि ही उठाते हैं।


एक साल में बाइबल: 
  • भजन 91-93
  • रोमियों 15:1-13



मंगलवार, 14 अगस्त 2018

पिता



      मैं उस समय चर वर्ष का था और अफ्रीका के घाना देश में रहता था, जहाँ मौसम अधिकतर सूखा रहता है। मैं पसीने से लथपथ अपने पिता के पास धरती पर बिछे हुई चटाई पर लेटा हुआ सो रहा था, और प्यास के मारे मेरा गला सूख रहा था। प्यास से बेचैन होकर मैंने अपने पिता को हिलाकर उठाया; वे उठे और रात की गर्मी में जाकर मेरे लिए पानी लाए और मुझे पिलाया। जैसा उन्होंने उस रात किया, मेरे सारे जीवन भर वे मेरा ध्यान रखते रहे, मेरी आवश्यकताओं की पूर्ति करते रहे।

      कुछ लोगों ने अपने जीवनों में अच्छे पिता की छवि का अनुभव नहीं किया होगा; परन्तु हम मसीही विश्वासियों के पास ऐसा पिता है जो बलवंत है, और सदा उपस्थित एवँ उपलब्ध रहता है, हमें कभी निराश नहीं करता है – हमारा परमेश्वर पिता। प्रभु यीशु ने हमें अपने पिता परमेश्वर से प्रार्थना करना सिखाया (मत्ती 6:9) और हमें बताया कि जब हमारे सामने हमारी दैनिक आवश्यकताएँ होती हैं – भोजन, वस्त्र, रहने का स्थान, और सुरक्षा (पद 31), तब भी हमारा परमेश्वर पिता हमारे माँगने से पहले हमारी आवश्यकताएं जानता है (पद 8)।

      हमारा ऐसा पिता है जो हमेशा उपलब्ध रहता है। दिन हो या रात, जब भी परिस्थितियाँ कठिन हों, हम भरोसा रख सकते हैं कि वह हमें कभी नहीं छोड़ेगा। उसने हमारी देखभाल करते रहने का वायदा किया है, और वह हमारी आवश्यकताओं को हमसे पहले और हमसे बेहतर जानता है। - लॉरेंस दरमानी


हमारा प्रेमी परमेश्वर पिता हम पर से अपनी नज़रें कभी नहीं हटाता है।

सो तुम उन के समान न बनो, क्योंकि तुम्हारा पिता तुम्हारे मांगने से पहिले ही जानता है, कि तुम्हारी क्या क्या आवश्यक्ता है। सो तुम इस रीति से प्रार्थना किया करो; “हे हमारे पिता, तू जो स्वर्ग में है; तेरा नाम पवित्र माना जाए। - मत्ती 6:8-9

बाइबल पाठ: मत्ती 6:25-34
Matthew 6:25 इसलिये मैं तुम से कहता हूं, कि अपने प्राण के लिये यह चिन्‍ता न करना कि हम क्या खाएंगे? और क्या पीएंगे? और न अपने शरीर के लिये कि क्या पहिनेंगे? क्या प्राण भोजन से, और शरीर वस्‍त्र से बढ़कर नहीं?
Matthew 6:26 आकाश के पक्षियों को देखो! वे न बोते हैं, न काटते हैं, और न खत्तों में बटोरते हैं; तौभी तुम्हारा स्‍वर्गीय पिता उन को खिलाता है; क्या तुम उन से अधिक मूल्य नहीं रखते।
Matthew 6:27 तुम में कौन है, जो चिन्‍ता कर के अपनी अवस्था में एक घड़ी भी बढ़ा सकता है
Matthew 6:28 और वस्‍त्र के लिये क्यों चिन्‍ता करते हो? जंगली सोसनों पर ध्यान करो, कि वै कैसे बढ़ते हैं, वे न तो परिश्रम करते हैं, न कातते हैं।
Matthew 6:29 तौभी मैं तुम से कहता हूं, कि सुलैमान भी, अपने सारे वैभव में उन में से किसी के समान वस्‍त्र पहिने हुए न था।
Matthew 6:30 इसलिये जब परमेश्वर मैदान की घास को, जो आज है, और कल भाड़ में झोंकी जाएगी, ऐसा वस्‍त्र पहिनाता है, तो हे अल्पविश्वासियों, तुम को वह क्योंकर न पहिनाएगा?
Matthew 6:31 इसलिये तुम चिन्‍ता कर के यह न कहना, कि हम क्या खाएंगे, या क्या पीएंगे, या क्या पहिनेंगे?
Matthew 6:32 क्योंकि अन्यजाति इन सब वस्‍तुओं की खोज में रहते हैं, और तुम्हारा स्‍वर्गीय पिता जानता है, कि तुम्हें ये सब वस्तुएं चाहिए।
Matthew 6:33 इसलिये पहिले तुम उसे राज्य और धर्म की खोज करो तो ये सब वस्तुएं भी तुम्हें मिल जाएंगी।
Matthew 6:34 सो कल के लिये चिन्‍ता न करो, क्योंकि कल का दिन अपनी चिन्‍ता आप कर लेगा; आज के लिये आज ही का दुख बहुत है।


एक साल में बाइबल: 
  • भजन 89-90
  • रोमियों 14