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शुक्रवार, 19 अक्टूबर 2018

सुन्दरता



      एडवर्ड एब्बे, अमेरिका के ऊटाह प्रांत के आर्चिस नैशनल पार्क में कार्य करने वाले एक रेंजर थे। उन्होंने अपनी जीवनी और पार्क के अनुभव Desert Solitaire नामक अपनी पुस्तक में लिखे हैं। यह पुस्तक पढ़ने योग्य है, यदि और कुछ नहीं, तो एब्बे की अनुपम भाषा और अमेरिका के दक्षिण-पश्चिमी इलाके के अद्भुत विवरण के लिए। लेकिन अपने शब्द-चातुर्य और अद्भुत विवरण क्षमता के बावजूद, एब्बे एक नास्तिक ही थे, जो उस राष्ट्रीय उद्यान तथा क्षेत्र की सुंदरता को बयान तो बखूबी कर सकते थे, उसके प्रशंसा भी कर सकते थे, परन्तु उस सुन्दरता के पीछे उसके बनाने वाले को देखने तथा जानने के लिए तैयार नहीं थे। उनका सारा जीवन उस सुंदरता में तो बीता, परन्तु वह उस सुंदरता के रचियता से अनजान ही बने रहे।

      अधिकांश प्राचीन सभ्यताओं में सृष्टि तथा सँसार की उत्पत्ति से संबंधित परिकल्पनाएँ तथा धारणाएँ हैं, जिन्हें वे दन्त कथाओं, मिथकों और गीतों में बयान करते हैं। परन्तु परमेश्वर के वचन बाइबल में दी गई उत्पत्ति की कहानी अनुपम है, जो ऐसे परमेश्वर के विषय बताती है जिसने सृष्टि की सुंदरता को मनुष्य के आनन्द तथा पुलकित होने के लिए रचा। परमेश्वर ने इस सारी सृष्टि का विचार किया, फिर अपने वचन के द्वारा उसे अस्तित्व में ले आया और उस सब को “अच्छा” भी कहा; इब्रानी भाषा में जो शब्द “अच्छा” के लिए आया है वह “सुन्दरता” का अर्थ भी देता है। तब परमेश्वर ने अपने स्वरूप में, अपने हाथों से मनुष्य की सृष्टि की, उसके लिए अदन की वाटिका को बनाया, और अपने महान, अद्भुत प्रेम में आदम को उस वाटिका में रख दिया और उससे कहा, “फूलो-फलो और आनन्दित रहो!”

      कुछ लोग अपने चारों ओर बिखरी हुई सुन्दरता में, उन्हें दिन प्रतिदिन सृष्टिकर्ता से मिलने वाले भले उपहारों में परमेश्वर की सुन्दरता को देखते तो हैं और उनका आनन्द भी उठाते हैं, परन्तु उनके लिए परमेश्वर को न धन्यवाद कहते हैं और न ही उसकी आराधना करते हैं। वे अपनी ही कल्पनाओं और धारणाओं में रहते हैं, और सच्चे, जीवते परमेश्वर को जानने-पहचानने से इन्कार करते रहते हैं।

      अन्य उस सुंदरता और उपहारों में परमेश्वर के प्रेम और सामर्थ्य को देखते हैं, और उनके लिए उसका धन्यवाद करते हैं, उसकी आराधना करते हैं, तथा उसपर विश्वास लाकर उसके अनन्त आनन्द में प्रवेश कर लेते हैं। - डेविड रोपर


सम्पूर्ण सृष्टि परमेश्वर की सुंदरता को प्रतिबिंबित करती है।

आकाश ईश्वर की महिमा वर्णन कर रहा है; और आकशमण्डल उसकी हस्तकला को प्रगट कर रहा है। दिन से दिन बातें करता है, और रात को रात ज्ञान सिखाती है। न तो कोई बोली है और न कोई भाषा जहां उनका शब्द सुनाई नहीं देता है। - भजन 19:1-3

बाइबल पाठ: भजन 136:1-9
Psalms 136:1 यहोवा का धन्यवाद करो, क्योंकि वह भला है, और उसकी करूणा सदा की है।
Psalms 136:2 जो ईश्वरों का परमेश्वर है, उसका धन्यवाद करो, उसकी करूणा सदा की है।
Psalms 136:3 जो प्रभुओं का प्रभु है, उसका धन्यवाद करो, उसकी करूणा सदा की है।
Psalms 136:4 उसको छोड़कर कोई बड़े बड़े अशचर्यकर्म नहीं करता, उसकी करूणा सदा की है।
Psalms 136:5 उसने अपनी बुद्धि से आकाश बनाया, उसकी करूणा सदा की है।
Psalms 136:6 उसने पृथ्वी को जल के ऊपर फैलाया है, उसकी करूणा सदा की है।
Psalms 136:7 उसने बड़ी बड़ी ज्योतियों बनाईं, उसकी करूणा सदा की है।
Psalms 136:8 दिन पर प्रभुता करने के लिये सूर्य को बनाया, उसकी करूणा सदा की है।
Psalms 136:9 और रात पर प्रभुता करने के लिये चन्द्रमा और तारागण को बनाया, उसकी करूणा सदा की है।


एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 56-58
  • 2 थिस्सलुनीकियों 2



गुरुवार, 18 अक्टूबर 2018

मन से



      अनेकों संस्कृतियों में, ऊँची आवाज़ में रोना, विलाप करना, कपड़े फाड़ना, आदि, व्यक्तिगत गहरे शोक या गंभीर राष्ट्रीय आपदा आदि के समय में दुःख व्यक्त करने के स्वीकारीय तरीके हैं। परमेश्वर के वचन बाइबल के पुराने नियम के समय में इस्राएल के लोगों द्वारा भी इसी प्रकार की दिखाई देने वाली क्रियाएँ, परमेश्वर से विमुख हो जाने के प्रति पश्चाताप और दुःख के सूचक थे।

      पश्चाताप व्यक्त करने का बाहरी स्वरूप, यदि वह मन से हो, तो बहुत प्रभावी क्रिया हो सकता है। परन्तु इसमें यदि परमेश्वर के प्रति सच्ची भीतरी भावना नहीं है, तो यह मात्र दिखावा है, हमारे विश्वासी समाज में भी, और व्यर्थ है।

      परमेश्वर से विमुख हो जाने के कारण, यहूदा के राज्य पर टिड्डियों द्वारा आए विनाश के बाद, परमेश्वर ने योएल भविष्यद्वक्ता द्वारा उन लोगों से सच्चा पश्चाताप करके उसकी ओर लौट आने को कहा, जिससे बह्विश्य में वे लोग उसके न्याय तथा और अधिक प्रबल दण्ड से बच सकें: “तौभी यहोवा की यह वाणी है, अभी भी सुनो, उपवास के साथ रोते-पीटते अपने पूरे मन से फिरकर मेरे पास आओ” (योएल 2:12)।

      फिर योएल ने लोगों से सच्चे मन से परमेश्वर को अपना प्रत्युत्तर देने का आह्वान किया: “अपने वस्त्र नहीं, अपने मन ही को फाड़ कर अपने परमेश्वर यहोवा की ओर फिरो; क्योंकि वह अनुग्रहकारी, दयालु, विलम्ब से क्रोध करने वाला, करूणानिधान और दु:ख देकर पछतानेहारा है” (पद 13)। सच्चा पश्चाताप मन से आता है।

      परमेश्वर की बहुत लालसा है कि सभी उसके समक्ष अपने अपने पापों का अंगीकार करके, उनके लिए पश्चाताप करें और उससे पापों की क्षमा प्राप्त करें, जिससे फिर वे उसके साथ प्रेम के बंधन में, उसके परिवार के सदस्य, उसकी सन्तान बनकर जीवन व्यतीत कर सकें, पूरे मन, आत्मा और सामर्थ्य से उसकी सेवा कर सकें, उससे आशीषों को प्राप्त कर सकें।

      परमेश्वर से क्षमा और आशीषे प्राप्त करने के आज जो भी आपको उसके सामने स्वीकार करना है, निःसंकोच कर लीजिए – सच्चे मन से। - डेविड मैक्कैस्लैंड


परमेश्वर आपके मन की बात सुनना चाहता है।

क्योंकि परमेश्वर-भक्ति का शोक ऐसा पश्‍चाताप उत्पन्न करता है जिस का परिणाम उद्धार है और फिर उस से पछताना नहीं पड़ता: परन्तु संसारी शोक मृत्यु उत्पन्न करता है। - 2 कुरिन्थियों 7:10

बाइबल पाठ: योएल 2:12-17
Joel 2:12 तौभी यहोवा की यह वाणी है, अभी भी सुनो, उपवास के साथ रोते-पीटते अपने पूरे मन से फिरकर मेरे पास आओ।
Joel 2:13 अपने वस्त्र नहीं, अपने मन ही को फाड़ कर अपने परमेश्वर यहोवा की ओर फिरो; क्योंकि वह अनुग्रहकारी, दयालु, विलम्ब से क्रोध करने वाला, करूणानिधान और दु:ख देकर पछतानेहारा है।
Joel 2:14 क्या जाने वह फिरकर पछताए और ऐसी आशीष दे जिस से तुम्हारे परमेश्वर यहोवा का अन्नबलि और अर्घ दिया जाए।
Joel 2:15 सिय्योन में नरसिंगा फूँको, उपवास का दिन ठहराओ, महासभा का प्रचार करो;
Joel 2:16 लोगों को इकट्ठा करो। सभा को पवित्र करो; पुरनियों को बुला लो; बच्चों और दूधपीउवों को भी इकट्ठा करो। दुल्हा अपनी कोठरी से, और दुल्हिन भी अपने कमरे से निकल आएं।
Joel 2:17 याजक जो यहोवा के टहलुए हैं, वे आंगन और वेदी के बीच में रो रोकर कहें, हे यहोवा अपनी प्रजा पर तरस खा; और अपने निज भाग की नामधराई न होने दे; न अन्यजातियां उसकी उपमा देने पाएं। जाति जाति के लोग आपस में क्या कहने पाएं, कि उनका परमेश्वर कहां रहा?


एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 53-55
  • 2 थिस्सलुनीकियों 1



बुधवार, 17 अक्टूबर 2018

प्रार्थना



      जोई ने बच्चों के कार्यकर्म का आरंभ प्रार्थना के साथ किया, फिर उन बच्चों के साथ एक स्तुति-गीत गाया। फिर उसने उस दिन के वक्ता, एरोन का उन बच्चों से परिचय करवाया और फिर से प्रार्थना की; छः वर्षीय इम्मानुएल अपनी कुर्सी पर बैठा विचलित होने लगा। फिर एरोन ने अपने सन्देश के आरंभ और अन्त में फिर से प्रार्थना की। इम्मानुएल ने शिकायत की: “चार प्रार्थनाएं! इतनी देर तक मुझसे नहीं बैठा जाता है!”


      यदि आपको लगता है कि इम्मानुएल के लिए यह चुनौती कठिन थी, तो फिर परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रेरित पौलुस द्वारा कही गई बात, “निरन्‍तर प्रार्थना मे लगे रहो” (1 थिस्सलुनीकियों 5:17), अर्थात सदा प्रार्थना के भाव में रहें पर विचार करें। हम में से कुछ व्यसक भी प्रार्थना को उबाने वाला समझते हैं। हो सकता है कि ऐसा इसलिए है क्योंकि हम नहीं जानते हैं कि प्रार्थना में क्या कहना है, या यह नहीं समझते कि प्रार्थना परमेश्वर पिता से वार्तालाप करना है।

      सत्रहवीं शताब्दी में फ्रैन्कोएस फेनेलों द्वारा लिखे गए शब्दों से मुझे प्रार्थना को समझने में बहुत सहायता मिली; उन्होंने लिखा: “आपके मन में जो कुछ भी हो उसे परमेश्वर को बता दीजिए, बिलकुल वैसे जैसे कोई अपने अंतरंग मित्र को अपने मन की हर बात, हर दुःख, हर खुशी बता देता है। उसे अपनी परेशानियां बताईए जिससे वह आपको सांतवना दे; अपने आनन्द की बातें बताईए जिससे वह आपको शान्त और संयमी रखे; उसे अपनी लालसाएं बताईए, जिससे वह उन्हें पवित्र करे;” उसने आगे कहा, “उससे अपनी परीक्षाओं और प्रलाभानों के विषय कहें, जिससे वह आपको उनसे सुरक्षित करे; उसे अपने मन के घाव दिखाईए, जिससे वह उन्हें भर दे;...यदि आप इस प्रकार से अपनी सभी कमजोरियां, आवश्यकताएँ, परेशानियां आदि प्रार्थना में उससे कहेंगे, तो प्रार्थना न तो उबाऊ होगी, और न ही प्रार्थना में कहने के लिए विषयों की कोई कमी अथवा कठिनाई होगी।”

      हम अपनी प्रार्थनाओं के द्वारा परमेश्वर से अपनी घनिष्ठता को बढ़ाते रहें; उसके साथ अधिक से अधिक समय बिताते रहें। - ऐनी सेटास


प्रार्थना परमेश्वर के साथ अंतरंग वार्तालाप है।

परन्तु वह [प्रभु यीशु] जंगलों में अलग जा कर प्रार्थना किया करता था। - लूका 5:16

बाइबल पाठ: 1 थिस्सलुनीकियों 5:12-28
1 Thessalonians 5:12 और हे भाइयों, हम तुम से बिनती करते हैं, कि जो तुम में परिश्रम करते हैं, और प्रभु में तुम्हारे अगुवे हैं, और तुम्हें शिक्षा देते हैं, उन्हें मानो।
1 Thessalonians 5:13 और उन के काम के कारण प्रेम के साथ उन को बहुत ही आदर के योग्य समझो: आपस में मेल-मिलाप से रहो।
1 Thessalonians 5:14 और हे भाइयों, हम तुम्हें समझाते हैं, कि जो ठीक चाल नहीं चलते, उन को समझाओ, कायरों को ढाढ़स दो, निर्बलों को संभालो, सब की ओर सहनशीलता दिखाओ।
1 Thessalonians 5:15 सावधान! कोई किसी से बुराई के बदले बुराई न करे; पर सदा भलाई करने पर तत्‍पर रहो आपस में और सब से भी भलाई ही की चेष्‍टा करो।
1 Thessalonians 5:16 सदा आनन्‍दित रहो।
1 Thessalonians 5:17 निरन्‍तर प्रार्थना मे लगे रहो।
1 Thessalonians 5:18 हर बात में धन्यवाद करो: क्योंकि तुम्हारे लिये मसीह यीशु में परमेश्वर की यही इच्छा है।
1 Thessalonians 5:19 आत्मा को न बुझाओ।
1 Thessalonians 5:20 भविष्यद्वाणियों को तुच्‍छ न जानो।
1 Thessalonians 5:21 सब बातों को परखो: जो अच्छी है उसे पकड़े रहो।
1 Thessalonians 5:22 सब प्रकार की बुराई से बचे रहो।
1 Thessalonians 5:23 शान्‍ति का परमेश्वर आप ही तुम्हें पूरी रीति से पवित्र करे; और तुम्हारी आत्मा और प्राण और देह हमारे प्रभु यीशु मसीह के आने तक पूरे पूरे और निर्दोष सुरक्षित रहें।
1 Thessalonians 5:24 तुम्हारा बुलाने वाला सच्चा है, और वह ऐसा ही करेगा।
1 Thessalonians 5:25 हे भाइयों, हमारे लिये प्रार्थना करो।
1 Thessalonians 5:26 सब भाइयों को पवित्र चुम्बन से नमस्‍कार करो।
1 Thessalonians 5:27 मैं तुम्हें प्रभु की शपथ देता हूं, कि यह पत्री सब भाइयों को पढ़कर सुनाईं जाए।
1 Thessalonians 5:28 हमारे प्रभु यीशु मसीह का अनुग्रह तुम पर होता रहे।


एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 50-52
  • 1 थिस्सलुनीकियों 5



मंगलवार, 16 अक्टूबर 2018

प्रोत्साहन



      मेरे बेटे को पुस्तकें पढ़ने का बहुत शौक है। स्कूल में यदि वह जितनी आवश्यक हैं, उनसे अधिक पुस्तकें पढ़ लेता है, तो उसे पुरुस्कार में इसका एक प्रमाण पत्र मिलता है। यह प्रोत्साहन उसे इस भले कार्य को करते रहने के लिए प्रेरित करता रहता है।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में जब पौलुस ने थिस्सलुनीकिया की मसीही विश्वासियों की मण्डली को पत्र लिखा, तो उसने उन्हें किसी पुरुस्कार के द्वारा नहीं वरन प्रोत्साहन के शब्दों के द्वारा प्रेरित किया। उसने उन्हें लिखा, “निदान, हे भाइयों, हम तुम से बिनती करते हैं, और तुम्हें प्रभु यीशु में समझाते हैं, कि जैसे तुम ने हम से योग्य चाल चलना, और परमेश्वर को प्रसन्न करना सीखा है, और जैसा तुम चलते भी हो, वैसे ही और भी बढ़ते जाओ” (1 थिस्सलुनीकियों 4:1)। ये मसीही विश्वासी अपने जीवनों के द्वारा परमेश्वर को प्रसन्न कर रहे थे; और पौलुस ने उन्हें प्रेरित किया कि वे ऐसा और भी अधिक करते रहें।

      संभव है कि आप और मैं आज अपने प्रेमी परमेश्वर पिता को निकटता से जानने, उससे प्रेम करने, और उसे प्रसन्न करने में संलग्न हों। हम पौलुस के इस प्रोत्साहन को अपने लिए लें और अपने विश्वास में बने तथा बढ़ते रहें। क्यों न इससे एक कदम और आगे बढ़ें, तथा किसी और को भी प्रोत्साहित करें कि वह भी अपने विश्वास में बना रहे तथा बढ़ता रहे?

      पौलुस के उपरोक्त शब्दों के द्वारा आज आप किसे प्रोत्साहित कर सकते हैं? क्या आपके ध्यान में ऐसा कोई आता है जो प्रभु परमेश्वर का अनुसरण तथा उसे प्रसन्न करने में लगा रहता है? उसे प्रोत्साहन का एक छोटा पत्र लिखें, अथवा फोन करके प्रोत्साहित करें, कि वह मसीही विश्वास की अपनी यात्रा में स्वयँ भी अग्रसर होता रहे, तथा औरों को भी करता रहे।

      आज आप जो कहेंगे, हो सकता है कि उसे अपनी मसीही विश्वास में बढ़ते रहने के लिए उस प्रोत्साहन की आवश्यकता हो! – कीला ओकोआ


आज किसी को प्रोत्साहित करें कि वह परमेश्वर के लिए जीवन व्यतीत करता रहे।

इसलिये हे भाइयों, मैं तुम से परमेश्वर की दया स्मरण दिला कर बिनती करता हूं, कि अपने शरीरों को जीवित, और पवित्र, और परमेश्वर को भावता हुआ बलिदान कर के चढ़ाओ: यही तुम्हारी आत्मिक सेवा है। और इस संसार के सदृश न बनो; परन्तु तुम्हारी बुद्धि के नये हो जाने से तुम्हारा चाल-चलन भी बदलता जाए, जिस से तुम परमेश्वर की भली, और भावती, और सिद्ध इच्छा अनुभव से मालूम करते रहो। - रोमियों 12:1-2

बाइबल पाठ: 1 थिस्सलुनीकियों 4:1-12
1 Thessalonians 4:1 निदान, हे भाइयों, हम तुम से बिनती करते हैं, और तुम्हें प्रभु यीशु में समझाते हैं, कि जैसे तुम ने हम से योग्य चाल चलना, और परमेश्वर को प्रसन्न करना सीखा है, और जैसा तुम चलते भी हो, वैसे ही और भी बढ़ते जाओ।
1 Thessalonians 4:2 क्योंकि तुम जानते हो, कि हम ने प्रभु यीशु की ओर से तुम्हें कौन कौन सी आज्ञा पहुंचाई।
1 Thessalonians 4:3 क्योंकि परमेश्वर की इच्छा यह है, कि तुम पवित्र बनो: अर्थात व्यभिचार से बचे रहो।
1 Thessalonians 4:4 और तुम में से हर एक पवित्रता और आदर के साथ अपने पात्र को प्राप्त करना जाने।
1 Thessalonians 4:5 और यह काम अभिलाषा से नहीं, और न उन जातियों के समान, जो परमेश्वर को नहीं जानतीं।
1 Thessalonians 4:6 कि इस बात में कोई अपने भाई को न ठगे, और न उस पर दांव चलाए, क्योंकि प्रभु इन सब बातों का पलटा लेने वाला है; जैसा कि हम ने पहिले तुम से कहा, और चिताया भी था।
1 Thessalonians 4:7 क्योंकि परमेश्वर ने हमें अशुद्ध होने के लिये नहीं, परन्तु पवित्र होने के लिये बुलाया है।
1 Thessalonians 4:8 इस कारण जो तुच्‍छ जानता है, वह मनुष्य को नहीं, परन्तु परमेश्वर को तुच्‍छ जानता है, जो अपना पवित्र आत्मा तुम्हें देता है।
1 Thessalonians 4:9 किन्‍तु भाईचारे की प्रीति के विषय में यह अवश्य नहीं, कि मैं तुम्हारे पास कुछ लिखूं; क्योंकि आपस में प्रेम रखना तुम ने आप ही परमेश्वर से सीखा है।
1 Thessalonians 4:10 और सारे मकिदुनिया के सब भाइयों के साथ ऐसा करते भी हो, पर हे भाइयों, हम तुम्हें समझाते हैं, कि और भी बढ़ते जाओ।
1 Thessalonians 4:11 और जैसी हम ने तुम्हें आज्ञा दी, वैसे ही चुपचाप रहने और अपना अपना काम काज करने, और अपने अपने हाथों से कमाने का प्रयत्न करो।
1 Thessalonians 4:12 कि बाहर वालों के साथ सभ्यता से बर्ताव करो, और तुम्हें किसी वस्तु की घटी न हो।


एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 47-49
  • 1 थिस्सलुनीकियों 4



सोमवार, 15 अक्टूबर 2018

वफादारी



      ओकलाहोमा के एक 12 वर्षीय लड़के, केड पोप ने, अमेरिका की राष्ट्रीय फुटबॉल लीग (NFL) की 32 विभिन्न टीमों के अध्यक्षों को हस्तलिखित पत्र डाक द्वारा भेजे। केड ने उन्हें लिखा, “मैं और मेरा परिवार फुटबॉल से बहुत प्रेम करते हैं; उसमें बहुत रुचि लेते हैं और प्रत्येक सप्ताहान्त खेलों को देखते हैं।...मैं NFL से एक टीम को चुनना चाहता हूँ कि आजीवन उसका प्रशंसक बना रहूँ।”

      कैरोलिना पैंथर्स नामक टीम के मालिक, जेरी रिचर्ड्स ने, उसे हस्तलिखित पत्र के द्वारा ही उत्तर दिया। उसके पत्र की पहली पंक्ति थी: “हम सम्मानित होंगे यदि आप हमारी टीम को अपनी टीम बना लेंगे। हम सदा आपको गर्वान्वित करेंगे।” रिचर्ड्स ने पत्र में आगे अपनी टीम के कुछ खिलाड़ियों के विषय बताया और उनकी प्रशंसा की। उसका वह पत्र न केवल व्यक्तिगत और सज्जनता से भरपूर था, केड को उत्तर में मिलने वाला वही एकमात्र पत्र था। इसलिए इसमें कोई अचरज की बात नहीं है कि केड उनकी टीम, कैरोलिना पैंथर्स, का आजीवन प्रशंसक बन गया।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में भजन 86 में दाऊद ने एकमात्र सच्चे परमेश्वर के प्रति अपनी निष्ठा के विषय लिखा। उसने लिखा, “संकट के दिन मैं तुझ को पुकारूंगा, क्योंकि तू मेरी सुन लेगा। हे प्रभु देवताओं में से कोई भी तेरे तुल्य नहीं, और न किसी के काम तेरे कामों के बराबर हैं” (पद 7-8)। परमेश्वर के प्रति हमारी भक्ति और समर्पण उसके चरित्र और उसके द्वारा हमारी देखभाल के कारण है। प्रभु परमेश्वर ही है जो हमारी प्रार्थनाओं को सुनता है और उनका उत्तर देता है, अपने आत्मा के द्वारा हमारा मार्गदर्शन करता है, और अपने पुत्र प्रभु यीशु मसीह के बलिदान और पुनरुत्थान के द्वारा उसने हमारे तथा समस्त सँसार के सभी लोगों के लिए सेंत-मेंत उद्धार का मार्ग बना कर उपलब्ध कर दिया है। वही हमारी आजीवन वफादारी का हकदार है। - जेनिफर बेन्सन शुल्ट


केवल प्रभु परमेश्वर ही हमारी भक्ति और आराधना का हकदार है।

जब वह मुझ को पुकारे, तब मैं उसकी सुनूंगा; संकट में मैं उसके संग रहूंगा, मैं उसको बचा कर उसकी महिमा बढ़ाऊंगा। - भजन 91:15

बाइबल पाठ: भजन 86:1-13
Psalms 86:1 हे यहोवा कान लगा कर मेरी सुन ले, क्योंकि मैं दीन और दरिद्र हूं।
Psalms 86:2 मेरे प्राण की रक्षा कर, क्योंकि मैं भक्त हूं; तू मेरा परमेश्वर है, इसलिये अपने दास का, जिसका भरोसा तुझ पर है, उद्धार कर।
Psalms 86:3 हे प्रभु मुझ पर अनुग्रह कर, क्योंकि मैं तुझी को लगातार पुकारता रहता हूं।
Psalms 86:4 अपने दास के मन को आनन्दित कर, क्योंकि हे प्रभु, मैं अपना मन तेरी ही ओर लगाता हूं।
Psalms 86:5 क्योंकि हे प्रभु, तू भला और क्षमा करने वाला है, और जितने तुझे पुकारते हैं उन सभों के लिये तू अति करूणामय है।
Psalms 86:6 हे यहोवा मेरी प्रार्थना की ओर कान लगा, और मेरे गिड़गिड़ाने को ध्यान से सुन।
Psalms 86:7 संकट के दिन मैं तुझ को पुकारूंगा, क्योंकि तू मेरी सुन लेगा।
Psalms 86:8 हे प्रभु देवताओं में से कोई भी तेरे तुल्य नहीं, और न किसी के काम तेरे कामों के बराबर हैं।
Psalms 86:9 हे प्रभु जितनी जातियों को तू ने बनाया है, सब आकर तेरे साम्हने दण्डवत करेंगी, और तेरे नाम की महिमा करेंगी।
Psalms 86:10 क्योंकि तू महान और आश्चर्य कर्म करने वाला है, केवल तू ही परमेश्वर है।
Psalms 86:11 हे यहोवा अपना मार्ग मुझे दिखा, तब मैं तेरे सत्य मार्ग पर चलूंगा, मुझ को एक चित्त कर कि मैं तेरे नाम का भय मानूं।
Psalms 86:12 हे प्रभु हे मेरे परमेश्वर मैं अपने सम्पूर्ण मन से तेरा धन्यवाद करूंगा, और तेरे नाम की महिमा सदा करता रहूंगा।
Psalms 86:13 क्योंकि तेरी करूणा मेरे ऊपर बड़ी है; और तू ने मुझ को अधोलोक की तह में जाने से बचा लिया है।


एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 45-46
  • 1 थिस्सलुनीकियों 3



रविवार, 14 अक्टूबर 2018

बलिदान



      मुझे पक्षी बहुत पसन्द हैं, इसलिए मैं पिंजरे में रखे छः पक्षी खरीद लाया और अपनी बेटी एलिस को उन्हें सौंप दिया, जो उनकी देखभाल करने लगी। फिर उनमें से एक पक्षी बीमार पड़कर मर गया। हम सोचने लगे कि यदि वे पक्षी पिंजरे में होने के स्थान पर खुले उड़ रहे होते तो अधिक स्वस्थ रहते। इसलिए हमने शेष पाँचों पक्षियों को पिंजरे से रिहा कर दिया और उन्हें आनन्द के साथ उड़कर जाते हुए देखा।

      तब एलिस ने ध्यान दिलाया, “पिताजी, क्या आपने ध्यान किया, कि एक पक्षी की मृत्यु औरों की स्वतंत्रता का कारण बन गई?”

      प्रभु यीशु ने भी तो हम सभी के लिए यही किया! जिस प्रकार एक मनुष्य (आदम) के पाप से सारे सँसार पर मृत्यु आई, उसी प्रकार एक मनुष्य (प्रभु यीशु) की धार्मिकता के द्वारा उन सभी के लिए जीवन और उद्धार भी आया, जो उसपर विश्वास लाते हैं (रोमियों 5:12-19)। प्रभु यीशु ने कहा “अच्छा चरवाहा मैं हूं; अच्छा चरवाहा भेड़ों के लिये अपना प्राण देता है” (यूहन्ना 10:11)।

      यूहन्ना इसे और अधिक व्यावाहारिक बना देता है जब वह कहता है, “हम ने प्रेम इसी से जाना, कि उसने हमारे लिये अपने प्राण दे दिए; और हमें भी भाइयों के लिये प्राण देना चाहिए” (1 यूहन्ना 3:16)। इसका अर्थ शारीरिक मर जाना नहीं है, परन्तु जब हम अपने जीवनों को प्रभु यीशु के बलिदानी प्रेम के अनुरूप करते हैं, हम पाते हैं कि हम भी “अपने प्राण दे रहे हैं।” उदाहरण के लिए, हम यह निर्णय कर सकते हैं कि दूसरों के साथ बाँटने के लिए हम भौतिक वस्तुओं का त्याग करेंगे; या किसी ऐसे के लिए अपने समय को लगाएंगे जिसे सांत्वना और संगति की आवश्यकता है।
      आज आपको क्या बलिदान करने की आवश्यकता है? – लॉरेंस दरमानी


मसीह का महान बलिदान, हमें प्रेरित करता है कि हम भी औरों के लिए बलिदान करें।

दिया करो, तो तुम्हें भी दिया जाएगा: लोग पूरा नाप दबा दबाकर और हिला हिलाकर और उभरता हुआ तुम्हारी गोद में डालेंगे, क्योंकि जिस नाप से तुम नापते हो, उसी से तुम्हारे लिये भी नापा जाएगा। - लूका 6:38

बाइबल पाठ: 1 यूहन्ना 3:16-24
1 John 3:16 हम ने प्रेम इसी से जाना, कि उसने हमारे लिये अपने प्राण दे दिए; और हमें भी भाइयों के लिये प्राण देना चाहिए।
1 John 3:17 पर जिस किसी के पास संसार की संपत्ति हो और वह अपने भाई को कंगाल देख कर उस पर तरस न खाना चाहे, तो उस में परमेश्वर का प्रेम क्योंकर बना रह सकता है?
1 John 3:18 हे बालकों, हम वचन और जीभ ही से नहीं, पर काम और सत्य के द्वारा भी प्रेम करें।
1 John 3:19 इसी से हम जानेंगे, कि हम सत्य के हैं; और जिस बात में हमारा मन हमें दोष देगा, उसके विषय में हम उसके साम्हने अपने अपने मन को ढाढ़स दे सकेंगे।
1 John 3:20 क्योंकि परमेश्वर हमारे मन से बड़ा है; और सब कुछ जानता है।
1 John 3:21 हे प्रियो, यदि हमारा मन हमें दोष न दे, तो हमें परमेश्वर के साम्हने हियाव होता है।
1 John 3:22 और जो कुछ हम मांगते हैं, वह हमें उस से मिलता है; क्योंकि हम उस की आज्ञाओं को मानते हैं; और जो उसे भाता है वही करते हैं।
1 John 3:23 और उस की आज्ञा यह है कि हम उसके पुत्र यीशु मसीह के नाम पर विश्वास करें और जैसा उसने हमें आज्ञा दी है उसी के अनुसार आपस में प्रेम रखें।
1 John 3:24 और जो उस की आज्ञाओं को मानता है, वह उस में, और वह उन में बना रहता है: और इसी से, अर्थात उस आत्मा से जो उसने हमें दिया है, हम जानते हैं, कि वह हम में बना रहता है।


एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 43-44
  • 1 थिस्सलुनीकियों 2



शनिवार, 13 अक्टूबर 2018

आवश्यकता



      चर्च के जवानों के कल्ब के अन्तर्गत आयोजित की जाने वाली फिल्म दिखाने की संध्या, जिसके लिए बहुत प्रार्थनाएं चल रही थीं, अन्ततः आ गई थी। सारे गाँव में इसके विषय पोस्टर लगाए गए थे, और तंदूरों में पिट्ज़ा सेके जा रहे थे। जवानों के मध्य काम करने वाले पास्टर स्टीव को बहुत आशा थी कि दिखाई जाने वाली फिल्म से, जो न्यू यॉर्क के एक जवान पास्टर द्वारा गिरोहों के जवान सदस्यों को प्रभु यीशु मसीह के दावों से रू-ब-रू कराने के बारे में थी, उनके कल्ब में भी कई और नए सदस्य आ जाएँगे।

      परन्तु उन्हें इस बात का एहसास नहीं था कि उस संध्या टेलिविज़न पर एक महत्वपूर्ण फुटबॉल मैच भी दिखाया जा रहा है, इसलिए उनकी फिल्म देखने आने वालों की संख्या उनकी आशा से बहुत कम थी। इस बात से मन ही मन ही दुखित, वह रौशनी धीमी कर के फिल्म आरंभ करने ही वाला था कि चमड़े की जैकिट पहने हुए स्थानीय मोटरसाइकिल कल्ब के पाँच सदस्य अन्दर आ गए। स्टीव घबरा गया।

      उस गिरोह के अगुवे ने, जो ‘टी डॉग’ के नाम से भी जाना जाता था, स्टीव की ओर संकेत करते हुए पूछा, “यह सबके लिए निःशुल्क है ना?” स्टीव अपना मुँह खोलकर कहने ही वाला था “केवल कल्ब के सदस्यों के लिए ही” कि इतने में टी डॉग ने झुककर नीचे से एक कड़ा उठाया, जिसपर लिखा था WWJD (What Would Jesus Do) अर्थात “ऐसे में यीशु क्या करते”, और स्टीव की ओर बढ़ाकर पूछा, “मित्र, क्या यह तुम्हारा है?” स्टीव ने सहमति में सर हिलाया, और तुरंत ही उसे अपने पर बहुत ग्लानि हो आई; वह उन नए आगंतुकों के फिल्म देखने के लिए बैठ जाने की प्रतीक्षा करने लगा।

      क्या कभी आप भी स्टीव जैसी परिस्थिति में आए हैं? आप प्रभु यीशु मसीह के विषय सुसमाचार सुनाना चाहते हैं, परन्तु आपके मन में “सुसमाचार के योग्य” लोगों की एक सूची है, ऐसे लोग जो स्वीकारीय होंगे! प्रभु यीशु की बहुधा धर्म के अगुवों के द्वारा आलोचना की गई कि वे समाज के तिरीस्कृत लोगों के साथ संगति रखते थे। परन्तु जिन्हें अन्य सभी ठुकरा देते थे, प्रभु यीशु उनका स्वागत करते थे, क्योंकि उन्हें ज्ञात था कि ऐसे ही लोगों को उनकी सबसे अधिक आवश्यकता है (लूका 5:31-32)। - मेरियन स्ट्राउड


वह हृदय जो मसीह यीशु के लिए खुला है, 
उनके लिए भी खुल होगा जिनसे मसीह यीशु प्रेम करता है।

हे भाइयो, अपने बुलाए जाने को तो सोचो, कि न शरीर के अनुसार बहुत ज्ञानवान, और न बहुत सामर्थी, और न बहुत कुलीन बुलाए गए। परन्तु परमेश्वर ने जगत के मूर्खों को चुन लिया है, कि ज्ञान वालों को लज्ज़ित करे; और परमेश्वर ने जगत के निर्बलों को चुन लिया है, कि बलवानों को लज्ज़ित करे। और परमेश्वर ने जगत के नीचों और तुच्‍छों को, वरन जो हैं भी नहीं उन को भी चुन लिया, कि उन्हें जो हैं, व्यर्थ ठहराए। - 1 कुरिन्थियों 1:26-28

बाइबल पाठ: लूका 5:27-32
Luke 5:27 और इसके बाद वह बाहर गया, और लेवी नाम एक चुंगी लेने वाले को चुंगी की चौकी पर बैठे देखा, और उस से कहा, मेरे पीछे हो ले।
Luke 5:28 तब वह सब कुछ छोड़कर उठा, और उसके पीछे हो लिया।
Luke 5:29 और लेवी ने अपने घर में उसके लिये बड़ी जेवनार की; और चुंगी लेने वालों की और औरों की जो उसके साथ भोजन करने बैठे थे एक बड़ी भीड़ थी।
Luke 5:30 और फरीसी और उन के शास्त्री उस के चेलों से यह कहकर कुड़कुड़ाने लगे, कि तुम चुंगी लेने वालों और पापियों के साथ क्यों खाते-पीते हो?
Luke 5:31 यीशु ने उन को उत्तर दिया; कि वैद्य भले चंगों के लिये नहीं, परन्तु बीमारों के लिये अवश्य है।
Luke 5:32 मैं धर्मियों को नहीं, परन्तु पापियों को मन फिराने के लिये बुलाने आया हूं।


एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 41-42
  • 1 थिस्सलुनीकियों 1