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मंगलवार, 14 मई 2019

बीज



      मुझे एक महिला से एक अद्भुत ई-मेल प्राप्त हुआ; उसने लिखा, “आपकी माँ प्रथम कक्षा में मेरी शिक्षिका थीं। वे बहुत अच्छी तथा दयालु शिक्षिका तो थीं, साथ ही वे बहुत अनुशासनप्रिय भी थीं। उन्होंने हमें भजन 23 स्मरण कर के रखने के लिए कहा था, और वे उसे हम से सारी कक्षा के सामने बुलवाती थीं, जिससे मुझे बहुत घबराहट होती थी। परन्तु, जब तक कि मैं आगे चलकर मसीही विश्वासी नहीं बन गई, तब तक बाइबल के साथ केवल वही हमारा संपर्क था। और तब जब मैंने भजन 23 को पढ़ा तो श्रीमति मैक्कैस्लैंड की स्मृतियाँ ताज़ा हो आईं।”

      परमेश्वर के वचन बाइबल में हम पाते हैं कि प्रभु यीशु ने एक बड़ी भीड़ को एक बीज बोने वाले का दृष्टांत सुनाया। उस बीज बोने वाले ने विभिन्न प्रकार की भूमियों, अर्थात मार्ग की कठोर भूमि, पथरीली भूमि, झाड़ियों वाली भूमि और अच्छी तैयार की गई भूमि, पर बीज डाला (मत्ती 13:1-9)। जबकि अन्य भूमियों पर डाले गए बीज से कोई फल नहीं आया, अच्छी तैयार की गई भूमि पर बोया गया बीज तीस, साठ, और सौ गुना फल लाया। प्रभु यीशु ने उस भूमि को परमेश्वर का वचन सुनने तथा समझने वाले व्यक्ति के समान बताया, जिसके जीवन से वह बीज उत्तम फसल लेकर आता है।

      मेरी माँ ने बीस वर्ष तक पहली कक्षा के विद्यार्थियों को पढ़ाया था, और उन्हें पढ़ाने में उन्होंने शिक्षा के विषयों के साथ-साथ उन बच्चों के जीवनों में दयालुता तथा परमेश्वर के प्रेम के सन्देश के बीज भी डाले थे।

      उनकी उस भूतपूर्व विद्यार्थी ने अपनी ई-मेल उस े श र िक्षा के विषयों के साथ के अन्त में लिखा, “बाद में मेरे मसीही विश्वास के जीवन में और लोगों ने भी प्रभाव डाला है, परन्तु मेरा मन सदा भजन 23 तथा आपकी माँ के दयालु स्वभाव की ओर लौट कर जाता है।”

      आज, परमेश्वर के प्रेम का बोया गया एक बीज, कल एक अद्भुत फसल ला सकता है। - डेविड मैक्कैस्लैंड


बीज बोना हमारा काम है – उससे फसल उत्पन्न करना परमेश्वर का।

मैं ने लगाया, अपुल्लोस ने सींचा, परन्तु परमेश्वर ने बढ़ाया। इसलिये न तो लगाने वाला कुछ है, और न सींचने वाला, परन्तु परमेश्वर जो बढ़ाने वाला है। - 1 कुरिन्थियों 3:6-7

बाइबल पाठ: मत्ती 13:1-9
Matthew 13:1 उसी दिन यीशु घर से निकलकर झील के किनारे जा बैठा।
Matthew 13:2 और उसके पास ऐसी बड़ी भीड़ इकट्ठी हुई कि वह नाव पर चढ़ गया, और सारी भीड़ किनारे पर खड़ी रही।
Matthew 13:3 और उसने उन से दृष्‍टान्‍तों में बहुत सी बातें कही, कि देखो, एक बोने वाला बीज बोने निकला।
Matthew 13:4 बोते समय कुछ बीज मार्ग के किनारे गिरे और पक्षियों ने आकर उन्हें चुग लिया।
Matthew 13:5 कुछ पत्थरीली भूमि पर गिरे, जहां उन्हें बहुत मिट्टी न मिली और गहरी मिट्टी न मिलने के कारण वे जल्द उग आए।
Matthew 13:6 पर सूरज निकलने पर वे जल गए, और जड़ न पकड़ने से सूख गए।
Matthew 13:7 कुछ झाड़ियों में गिरे, और झाड़ियों ने बढ़कर उन्हें दबा डाला।
Matthew 13:8 पर कुछ अच्छी भूमि पर गिरे, और फल लाए, कोई सौ गुना, कोई साठ गुना, कोई तीस गुना।
Matthew 13:9 जिस के कान हों वह सुन ले।

एक साल में बाइबल:  
  • 2 राजा 19-21
  • यूहन्ना 4:1-30



सोमवार, 13 मई 2019

चिंता



      जब मैं और मेरे पति प्रकृति का अवलोकन करने के लिए पैदल यात्रा पर निकलते हैं, तो हम अपने कैमरे भी साथ ले जाते हैं, और हमारे क़दमों में उगने वाले पौधों की तस्वीरें खींचते हैं जिनमें वे पौधे निकटता से और आवर्धित हुए दिखाई देते हैं। उस बढ़े हुए स्वरूप में वे एक अलग ही रूप प्रस्तुत करते हैं। उस रूप में हमें एक अद्भुत विविधता और सुंदरता दिखाई देती है। वे कुकुरमुत्ते भी, जो रात-ही-रात में उग आते हैं और जंगल में अपनी नारंगी, लाल और पीले चटकीले रंगों की छटा बिखेर देते हैं, उनमें भी एक अद्भुत सुन्दरता दिखाई देती है।

      जीवन की विविधता की तस्वीरें जो हमारे चारों ओर बनी रहती हैं, हमें प्रेरणा देती हैं कि हम उस सृष्टिकर्ता की ओर अपनी आँखें उठाएँ जो न केवल उन कुकरमुत्तों का वरन आकाश के सितारों का भी सृष्टिकर्ता है। उसने अनन्त विस्तार और विवधता के सँसार की कल्पना की और मुझे तथा आपको भी बनाया और इस सुंदरता में हमें रखा है, कि हम उसका आनन्द लें और उस पर अधिकार रखें (उत्पत्ति 1:27-28; भजन 8:6-8)।

      मेरा ध्यान परमेश्वर के वचन बाइबल में दिए गए भजनों की ओर जाता है है; जिनमें से एक भजन में लिखा है, “हे यहोवा हमारे प्रभु, तेरा नाम सारी पृथ्वी पर क्या ही प्रतापमय है! तू ने अपना वैभव स्वर्ग पर दिखाया है। तू ने अपने बैरियों के कारण बच्चों और दूध पिउवों के द्वारा सामर्थ्य की नेव डाली है, ताकि तू शत्रु और पलटा लेने वालों को रोक रखे। जब मैं आकाश को, जो तेरे हाथों का कार्य है, और चंद्रमा और तरागण को जो तू ने नियुक्त किए हैं, देखता हूं; तो फिर मनुष्य क्या है कि तू उसका स्मरण रखे, और आदमी क्या है कि तू उसकी सुधि ले?” (भजन 8:1-4)।

      यह कितना अद्भुत है कि वह महान परमेश्वर जिसने इस इतने भव्य सँसार को बनाया है और संचालित करता है, वह मेरी और आपकी भी देखभाल तथा चिंता करता है। - एलीसन कीडा


परमेश्वर जिसने हमारी तथा सँसार की रचना करने की है, 
वही हमारी देखभाल भी करता है – फिलिप यैन्सी

तब परमेश्वर ने मनुष्य को अपने स्वरूप के अनुसार उत्पन्न किया, अपने ही स्वरूप के अनुसार परमेश्वर ने उसको उत्पन्न किया, नर और नारी कर के उसने मनुष्यों की सृष्टि की। और परमेश्वर ने उन को आशीष दी: और उन से कहा, फूलो-फलो, और पृथ्वी में भर जाओ, और उसको अपने वश में कर लो; और समुद्र की मछलियों, तथा आकाश के पक्षियों, और पृथ्वी पर रेंगने वाले सब जन्तुओ पर अधिकार रखो। - उत्पत्ति 1:27-28

बाइबल पाठ: भजन 8:1-9
Psalms 8:1 हे यहोवा हमारे प्रभु, तेरा नाम सारी पृथ्वी पर क्या ही प्रतापमय है! तू ने अपना वैभव स्वर्ग पर दिखाया है।
Psalms 8:2 तू ने अपने बैरियों के कारण बच्चों और दूध पिउवों के द्वारा सामर्थ्य की नेव डाली है, ताकि तू शत्रु और पलटा लेने वालों को रोक रखे।
Psalms 8:3 जब मैं आकाश को, जो तेरे हाथों का कार्य है, और चंद्रमा और तरागण को जो तू ने नियुक्त किए हैं, देखता हूं;
Psalms 8:4 तो फिर मनुष्य क्या है कि तू उसका स्मरण रखे, और आदमी क्या है कि तू उसकी सुधि ले?
Psalms 8:5 क्योंकि तू ने उसको परमेश्वर से थोड़ा ही कम बनाया है, और महिमा और प्रताप का मुकुट उसके सिर पर रखा है।
Psalms 8:6 तू ने उसे अपने हाथों के कार्यों पर प्रभुता दी है; तू ने उसके पांव तले सब कुछ कर दिया है।
Psalms 8:7 सब भेड़- बकरी और गाय- बैल और जितने वनपशु हैं,
Psalms 8:8 आकाश के पक्षी और समुद्र की मछलियां, और जितने जीव- जन्तु समुद्रों में चलते फिरते हैं।
Psalms 8:9 हे यहोवा, हे हमारे प्रभु, तेरा नाम सारी पृथ्वी पर क्या ही प्रतापमय है।

एक साल में बाइबल:  
  • 2 राजा 17-18
  • यूहन्ना 3:19-36



रविवार, 12 मई 2019

सहायक



      घर से हज़ार मील की दूरी पर स्थित शहर में पढ़ाई करने जाने के लिए वायुयान में चढ़ते समय मैंने अपने आप को अकेला और कुछ घबराया हुआ अनुभव किया। यात्रा के समय मुझे स्मरण आया कि प्रभु यीशु ने अपने शिष्यों से पवित्र आत्मा की उनके साथ शांतिदायक उपस्थिति का वायदा किया है।

      प्रभु यीशु के मित्रों को बड़ा विचित्र सा लगा होगा जब प्रभु यीशु ने उन से कहा कि, “मैं तुम से सच कहता हूं, कि मेरा जाना तुम्हारे लिये अच्छा है” (यूहन्ना 16:7)। उन्होंने प्रभु के आश्चर्यकर्मों को देखा था, उससे शिक्षाएँ प्राप्त की थीं, तो अब उसकी अनुपस्थिति उनके लिए भली कैसे हो सकती थी? लेकिन प्रभु यीशु ने उनकी शंका का निवारण करते हुए उन्हें समझाया कि प्रभु के जाने के पश्चात उनके लिए एक सहायक – पवित्र आत्मा, सदा उनके साथ रहने के लिए आएगा।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में हम देखते हैं कि प्रभु यीशु ने अपने अंतिम समय में, अपने शिष्यों को अपनी मृत्यु और स्वर्गारोहण के विषय समझाया। यह हमें यूहन्ना 14 से 17 अध्याय में मिलता है, जिसे आज हम “विदाई वार्तालाप” भी कहते हैं। इस विदाई वार्तालाप का प्रमुख भाग था पवित्र आत्मा के आगमन के बारे में है, जो शिष्यों का सहायक बनकर उनके साथ रहेगा (14:16-17), उन्हें सिखाएगा (15:15), गवाही देगा (पद 26), और उनका मार्गदर्शन करेगा (16:13)।

      हम मसीही विश्वासी, अर्थात वे जिन्होंने नए जन्म के परमेश्वर के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है, हमारे अन्दर परमेश्वर का पवित्र आत्मा निवास करता है, और उससे हम बहुत कुछ पाते हैं। वह हमें पापों के विषय कायल करता है तथा पश्चाताप करने में हमारी सहायता करता है; जब हम दुखी होते हैं तो हमें सांतवना प्रदान करता है; कठिनाइयों को सहन करने की सामर्थ्य देता है; परमेश्वर के वचन की शिक्षाओं को समझने के बुद्धिमत्ता देता है; विश्वास और आशा के लिए भरोसा देता है; औरों के साथ बाँटने के लिए प्रेम देता है।

      हम आनन्दित हो सकते हैं कि प्रभु यीशु ने हमारे लिए सहायक भेजा है। - ऐमी बाउचर पाई


प्रभु यीशु के अनुयायी पवित्र आत्मा से परिपूर्ण होते हैं।

और मैं पिता से बिनती करूंगा, और वह तुम्हें एक और सहायक देगा, कि वह सर्वदा तुम्हारे साथ रहे। अर्थात सत्य का आत्मा, जिसे संसार ग्रहण नहीं कर सकता, क्योंकि वह न उसे देखता है और न उसे जानता है: तुम उसे जानते हो, क्योंकि वह तुम्हारे साथ रहता है, और वह तुम में होगा। - यूहन्ना 14:16-17

बाइबल पाठ: यूहन्ना 16:7-15
John 16:7 तौभी मैं तुम से सच कहता हूं, कि मेरा जाना तुम्हारे लिये अच्छा है, क्योंकि यदि मैं न जाऊं, तो वह सहायक तुम्हारे पास न आएगा, परन्तु यदि मैं जाऊंगा, तो उसे तुम्हारे पास भेज दूंगा।
John 16:8 और वह आकर संसार को पाप और धामिर्कता और न्याय के विषय में निरूत्तर करेगा।
John 16:9 पाप के विषय में इसलिये कि वे मुझ पर विश्वास नहीं करते।
John 16:10 और धामिर्कता के विषय में इसलिये कि मैं पिता के पास जाता हूं,
John 16:11 और तुम मुझे फिर न देखोगे: न्याय के विषय में इसलिये कि संसार का सरदार दोषी ठहराया गया है।
John 16:12 मुझे तुम से और भी बहुत सी बातें कहनी हैं, परन्तु अभी तुम उन्हें सह नहीं सकते।
John 16:13 परन्तु जब वह अर्थात सत्य का आत्मा आएगा, तो तुम्हें सब सत्य का मार्ग बताएगा, क्योंकि वह अपनी ओर से न कहेगा, परन्तु जो कुछ सुनेगा, वही कहेगा, और आनेवाली बातें तुम्हें बताएगा।
John 16:14 वह मेरी महिमा करेगा, क्योंकि वह मेरी बातों में से ले कर तुम्हें बताएगा।
John 16:15 जो कुछ पिता का है, वह सब मेरा है; इसलिये मैं ने कहा, कि वह मेरी बातों में से ले कर तुम्हें बताएगा।

एक साल में बाइबल:  
  • 2 राजा 15-16
  • यूहन्ना 3:1-18



शनिवार, 11 मई 2019

आनन्द



      हम जमाइका में एक मसीही अभियान के अन्तर्गत गए हुए थे, और हम एक अस्पताल गए। वहाँ एक कमरे में वायलेट नामक एक वृद्ध महिला अपने बिस्तर पर बैठी थी, जो हमें देखकर मुस्कुराई। दोपहर की गर्म हवा उसके कमरे से प्रवाहित हो रही थी, जिससे चिपचिपाहट हो रही थी, किन्तु उसे इससे कोई शिकायत नहीं थी। उसने प्रभु की स्तुति में एक गीत गाना चाहा, और वह गीत को स्मरण करने के लिए अपने मस्तिष्क पर ज़ोर देने लगी। फिर एक दम उसका चेहरा एक बड़ी सी मुस्कराहट से भर गया, और उसने गीत गाना आरंभ किया; उसके गाए हुए गीत के आरंभिक बोल थे “मैं प्रभु की स्तुति करती हुई दौड़, उछल और कूद रही हूँ” और इसे गाते हुए वह ज़ोर ज़ोर से अपने हाथ ऐसे हिला रही थी मानो वह सचमुच यही कर रही हो। उसका इतने उत्साह और आनन्द से यह गीत गाना सुनकर उसके आस-पास खड़े हुए लोगों की आँखें भर आईं, क्योंकि वायलेट की दोनों टाँगें नहीं थीं! उसने कहा कि वह गा रही है “क्योंकि प्रभु यीशु मुझ से प्रेम करता है – और स्वर्ग में मेरे पास दौड़ने के लिए टाँगें होंगीं।”

      वायलेट का वह आनन्द और उत्साह परमेश्वर के वचन बाइबल में फिलिप्पी की मसीही मण्डली को लिखी पत्री में पौलुस प्रेरित द्वारा कही गई बात, “पर यदि शरीर में जीवित रहना ही मेरे काम के लिये लाभदायक है तो मैं नहीं जानता, कि किस को चुनूं। क्योंकि मैं दोनों के बीच अधर में लटका हूं; जी तो चाहता है कि कूच कर के मसीह के पास जा रहूं, क्योंकि यह बहुत ही अच्छा है” (फिलिप्पियों 1:22-23) को एक नया बल प्रदान करता है। जैसे अपनी परिस्थितियों के बावजूद वायलेट ने हमें जिस प्रकार से अपने मसीही विश्वास का आनन्द दिखाया, उस बहुतायत के जीवन के लिए जो प्रभु यीशु हमें प्रदान करता है, तथा उस अनन्त परम आनन्द के लिए जो स्वर्ग में प्रभु के साथ हमें मिलेगा, हम भी “प्रभु की स्तुति करते हुए दौड़, उछल और कूद” सकते हैं। - डेव ब्रैनन


जब परमेश्वर हमें एक नया आरंभ प्रदान करता है 
तो हमें कभी अन्त न होने वाला आनन्द भी मिलता है।

तू मुझे जीवन का रास्ता दिखाएगा; तेरे निकट आनन्द की भरपूरी है, तेरे दाहिने हाथ में सुख सर्वदा बना रहता है। - भजन 16:11

बाइबल पाठ: फिलिप्पियों 1:21-26
Philippians 1:21 क्योंकि मेरे लिये जीवित रहना मसीह है, और मर जाना लाभ है।
Philippians 1:22 पर यदि शरीर में जीवित रहना ही मेरे काम के लिये लाभदायक है तो मैं नहीं जानता, कि किस को चुनूं।
Philippians 1:23 क्योंकि मैं दोनों के बीच अधर में लटका हूं; जी तो चाहता है कि कूच कर के मसीह के पास जा रहूं, क्योंकि यह बहुत ही अच्छा है।
Philippians 1:24 परन्तु शरीर में रहना तुम्हारे कारण और भी आवश्यक है।
Philippians 1:25 और इसलिये कि मुझे इस का भरोसा है सो मैं जानता हूं कि मैं जीवित रहूंगा, वरन तुम सब के साथ रहूंगा जिस से तुम विश्वास में दृढ़ होते जाओ और उस में आनन्‍दित रहो।
Philippians 1:26 और जो घमण्‍ड तुम मेरे विषय में करते हो, वह मेरे फिर तुम्हारे पास आने से मसीह यीशु में अधिक बढ़ जाए।

एक साल में बाइबल:  
  • 2 राजा 13-14
  • यूहन्ना 2



शुक्रवार, 10 मई 2019

आश्वासन



      हम पारिवारिक अवकाश का समय बिता कर घर लौट रहे थे, और हमारा मार्ग एक वीरान क्षेत्र से होकर जाता था। सूर्यास्त के भी लगभग दो घंटे बाद तक हम गहरी घाटियों और बंजर पठारों से होकर निकलते रहे। उस अन्धकार में, उस मार्ग पर चलने वाली बीस से भी कम गाड़ियों की हेडलाइट्स दिखाई पड़ रही थीं। कुछ समय बाद चन्द्रमा उदय हुआ, जो हमको तभी दिखाई देता था जब हम पहाड़ियों पर होते थे; जब मार्ग घाटी से होकर निकलता था तो चन्द्रमा भी दिखना बन्द हो जाता था। मेरी बेटी ने चाँद की ज्योति पर टिप्पणी करते हुए उसे परमेश्वर की उपस्थिति की स्मृति बताया। मैंने उससे पूछा कि क्या परमेश्वर की उपस्थति के बोध के लिए उसे चाँद को देखना आवश्यक था, तो उसने उत्तर दिया, “नहीं, किन्तु देखने से अच्छा अवश्य लगता है।”

      परमेश्वर के वचन बाइबल में हम देखते हैं कि मूसा की मृत्यु के पश्चात इस्राएलियों का नेतृत्व करने का दायित्व यहोशू पर आया, और उसे परमेश्वर के लोगों को वाचा किए हुए देश में लेकर जाने की जिम्मेदारी सौंपी गई। यद्यपि उसे यह दायित्व ईश्वरीय अधिकार से मिला था, किन्तु इस कार्य को करना यहोशू के लिए चुनौती पूर्ण अवश्य था। परमेश्वर ने अपने अनुग्रह में यहोशू को आश्वासन प्रदान किया कि वह इस कार्य में सहायक बनकर उसके साथ रहेगा (यहोशू 1:9)।

      जीवन का मार्ग बहुधा अनजाने मार्गों से होकर जाता है। हमें ऐसे क्षेत्रों से निकलना पड़ता है जहाँ आगे का मार्ग स्पष्ट दिखाई नहीं देता है। परमेश्वर की योजना सदा ही हमें दिखाई नहीं देती है, परन्तु हम मसीही विश्वासियों से उसका वायदा है कि “जगत के अन्त तक” (मत्ती 28:20) भी वह सदा हमारे साथ बना रहेगा। इससे बढ़कर और क्या आश्वासन हो सकता है कि हमारे सामने चाहे कोई भी अनिश्चितता, कोई भी चुनौती क्यों न हो, हमारा सहायक और मार्गदर्शक परमेश्वर सदा हमारे साथ है। चाहे मार्ग अंधकारमय हो, किन्तु जगत की ज्योति के साथ बने रहने का आश्वासन हमारे साथ है। - कर्स्टेन होम्बर्ग


वह चाहे हमें दिखाई न दे, परन्तु परमेश्वर सदा हमारे साथ रहता है।

तुम्हारा स्‍वभाव लोभरिहत हो, और जो तुम्हारे पास है, उसी पर संतोष किया करो; क्योंकि उसने आप ही कहा है, कि मैं तुझे कभी न छोडूंगा, और न कभी तुझे त्यागूंगा। - इब्रानियों 13:5

बाइबल पाठ: यहोशू 1:1-9
Joshua 1:1 यहोवा के दास मूसा की मृत्यु के बाद यहोवा ने उसके सेवक यहोशू से जो नून का पुत्र था कहा,
Joshua 1:2 मेरा दास मूसा मर गया है; सो अब तू उठ, कमर बान्ध, और इस सारी प्रजा समेत यरदन पार हो कर उस देश को जा जिसे मैं उन को अर्थात इस्राएलियों को देता हूं।
Joshua 1:3 उस वचन के अनुसार जो मैं ने मूसा से कहा, अर्थात जिस जिस स्थान पर तुम पांव धरोगे वह सब मैं तुम्हे दे देता हूं।
Joshua 1:4 जंगल और उस लबानोन से ले कर परात महानद तक, और सूर्यास्त की ओर महासमुद्र तक हित्तियों का सारा देश तुम्हारा भाग ठहरेगा।
Joshua 1:5 तेरे जीवन भर कोई तेरे साम्हने ठहर न सकेगा; जैसे मैं मूसा के संग रहा वैसे ही तेरे संग भी रहूंगा; और न तो मैं तुझे धोखा दूंगा, और न तुझ को छोडूंगा।
Joshua 1:6 इसलिये हियाव बान्धकर दृढ़ हो जा; क्योंकि जिस देश के देने की शपथ मैं ने इन लोगों के पूर्वजों से खाई थी उसका अधिकारी तू इन्हें करेगा।
Joshua 1:7 इतना हो कि तू हियाव बान्धकर और बहुत दृढ़ हो कर जो व्यवस्था मेरे दास मूसा ने तुझे दी है उन सब के अनुसार करने में चौकसी करना; और उस से न तो दाहिने मुड़ना और न बांए, तब जहां जहां तू जाएगा वहां वहां तेरा काम सफल होगा।
Joshua 1:8 व्यवस्था की यह पुस्तक तेरे चित्त से कभी न उतरने पाए, इसी में दिन रात ध्यान दिए रहना, इसलिये कि जो कुछ उस में लिखा है उसके अनुसार करने की तू चौकसी करे; क्योंकि ऐसा ही करने से तेरे सब काम सफल होंगे, और तू प्रभावशाली होगा।
Joshua 1:9 क्या मैं ने तुझे आज्ञा नहीं दी? हियाव बान्धकर दृढ़ हो जा; भय न खा, और तेरा मन कच्चा न हो; क्योंकि जहां जहां तू जाएगा वहां वहां तेरा परमेश्वर यहोवा तेरे संग रहेगा।

एक साल में बाइबल:  
  • 2 राजा 10-12
  • यूहन्ना 1:29-51



गुरुवार, 9 मई 2019

गवाह



      न्यायालय की कार्यवाही में गवाह केवल मूक दर्शक नहीं होते हैं, वरन वे सक्रीय भागीदार होते हैं, उनकी बात और सहायता से मुक़दमे का निर्णय होता है। यही बात प्रभु यीशु के विषय हम मसीही विश्वासियों की गवाही पर भी लागू होती है। हमें एक अत्यंत महत्वपूर्ण तथ्य – प्रभु यीशु की मृत्यु और पुनरुत्थान, प्रभु यीशु में विश्वास द्वारा उद्धार के सुसमाचार के विषय सक्रीय भागीदार बनना है।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में हम पाते हैं कि जब यूहन्ना बपतिस्मा देने वाला लोगों को जगत की ज्योति प्रभु यीशु के विषय बताने आया, तो उसने यह कार्य प्रभु के विषय अपनी जानकारी लोगों के साथ साझा करके किया। और प्रभु यीशु के शिष्य यूहन्ना ने इन बातों को लिखा और प्रभु यीशु के साथ अपने अनुभवों की गवाही दी: “और वचन देहधारी हुआ; और अनुग्रह और सच्चाई से परिपूर्ण हो कर हमारे बीच में डेरा किया, और हम ने उस की ऐसी महिमा देखी, जैसी पिता के एकलौते की महिमा” (यूहन्ना 1:14)। प्रेरित पौलुस ने अपने युवा सहकर्मी तिमुथियुस से कहा, “और जो बातें तू ने बहुत गवाहों के साम्हने मुझ से सुनी हैं, उन्हें विश्वासी मनुष्यों को सौंप दे; जो औरों को भी सिखाने के योग्य हों” (2 तिमुथियुस 2:2)।

      प्रत्येक मसीही विश्वासी को सँसार रूपी न्यायालय में प्रस्तुत किया गया है। बाइबल बताती है कि हम मूक दर्शक नहीं, वरन सक्रीय भागीदार हैं, और हम मसीही विश्वासियों को अपनी यह भूमिका निभानी है। हम प्रभु यीशु की मृत्यु और पुनरुत्थान के विषय अपने जीवनों में प्रभु के प्रभावों द्वारा गवाही देते हैं। यूहन्ना बपतिस्मा देने वाला जंगल में एक पुकारने वाले की आवाज़ था। हमारी आवाज़ हमारे कार्यस्थल, पड़ौस, चर्च, और हमारे परिवार तथा मित्रजनों में सुनाई देनी चाहिए। हमउन्हें हमारे जीवनों में प्रभु यीशु की वास्तविकता की गवाही देने वाले सक्रीय गवाह होना है। - लौरेंस दरमानी


प्रभु यीशु में उद्धार का सुसमाचार बाँटने के लिए है।

और वे मेम्ने के लोहू के कारण, और अपनी गवाही के वचन के कारण, उस पर जयवन्‍त हुए, और उन्होंने अपने प्राणों को प्रिय न जाना, यहां तक कि मृत्यु भी सह ली। - प्रकाशितवाक्य 12:11

बाइबल पाठ: यूहन्ना 1:6-14
John 1:6 एक मनुष्य परमेश्वर की ओर से आ उपस्थित हुआ जिस का नाम यूहन्ना था।
John 1:7 यह गवाही देने आया, कि ज्योति की गवाही दे, ताकि सब उसके द्वारा विश्वास लाएं।
John 1:8 वह आप तो वह ज्योति न था, परन्तु उस ज्योति की गवाही देने के लिये आया था।
John 1:9 सच्ची ज्योति जो हर एक मनुष्य को प्रकाशित करती है, जगत में आनेवाली थी।
John 1:10 वह जगत में था, और जगत उसके द्वारा उत्पन्न हुआ, और जगत ने उसे नहीं पहिचाना।
John 1:11 वह अपने घर आया और उसके अपनों ने उसे ग्रहण नहीं किया।
John 1:12 परन्तु जितनों ने उसे ग्रहण किया, उसने उन्हें परमेश्वर के सन्तान होने का अधिकार दिया, अर्थात उन्हें जो उसके नाम पर विश्वास रखते हैं।
John 1:13 वे न तो लोहू से, न शरीर की इच्छा से, न मनुष्य की इच्छा से, परन्तु परमेश्वर से उत्पन्न हुए हैं।
John 1:14 और वचन देहधारी हुआ; और अनुग्रह और सच्चाई से परिपूर्ण हो कर हमारे बीच में डेरा किया, और हम ने उस की ऐसी महिमा देखी, जैसी पिता के एकलौते की महिमा।

एक साल में बाइबल:  
  • 2 राजा 7-9
  • यूहन्ना 1:1-28



बुधवार, 8 मई 2019

आशा



      पिछले कुछ वर्षों में, मेरे परिवार के दो सदस्यों को घातक बीमारियों का सामना करना पड़ा है। मेरे लिए, उनके इलाज के दौरान उनकी देखभाल करते हुए सबसे कठिन बात उनकी सेहत की अनिश्चितता रही है। मैं सदा ही डॉक्टर से कोई निश्चित बात पता पड़ने की लालसा में रही हूँ, परन्तु शायद ही कभी बात इतनी सीधी और स्पष्ट रही होगी। कोई स्पष्ट बात बताने के स्थान पर बहुधा हम से प्रतीक्षा करने के लिए ही कहा जाता है।

      अनिश्चितता का बोझ उठाना कठिन होता है, सदा आशंका बनी रहती है कि अगली जाँच में क्या निकल कर आएगा; इससे पहले कि मृत्यु हमें पृथक कर दे, हमारे पास साथ रहने के लिए कितना समय शेष है – क्या कुछ सप्ताह, या महीने, या वर्ष? किन्तु बीमारी या इलाज चाहे कोई भी हो, हम में से प्रत्येक को एक-न-एक दिन तो मरना ही है – बस कैंसर जैसी बीमारियाँ हमारी नश्वरता को हमारे मस्तिष्क के छिपे स्थानों से निकालकर उन्हें हमारे समक्ष ले आती हैं।

      हमारी नश्वरता की गंभीर स्मृतियों के सामने, मैं अपने आप को परमेश्वर के वचन बाइबल में मूसा द्वारा की गई प्रार्थना को दोहराते हुए पाती हूँ। बाइबल में भजन 90 हमें स्मरण दिलाता है कि हमारे जीवन घास के समान हैं जो मुरझा और सूख जाती है (पद 5-6), परन्तु हमारे लिए परमेश्वर के पास एक अनन्त निवास-स्थान तैयार है (पद 1)। मूसा के समान ही हम भी परमेश्वर से प्रार्थना कर सकते हैं कि हमें अपने दिन गिनना सिखाए जिससे हम बुद्धिमानी के साथ निर्णय ले सकें (पद 12), और ऐसा जीवन व्यतीत करें जो परमेश्वर के लिए उपयोगी और सार्थक हो (पद 17)। अन्ततः, भजन हमें स्मरण करवाता है कि, हमारी आशा किसी डॉक्टर द्वारा किए गए बीमारी के निदान या उपचार पर नहीं है, परन्तु उस परमेश्वर पर है जो “अनादिकाल से अनन्तकाल” का है। - एमी पीटरसन


क्योंकि हमारी आशा परमेश्वर पर है 
इसलिए हम अपने नश्वर होने की वास्तविकता का सामना कर सकते हैं।

हे यहोवा ऐसा कर कि मेरा अन्त मुझे मालुम हो जाए, और यह भी कि मेरी आयु के दिन कितने हैं; जिस से मैं जान लूं कि कैसा अनित्य हूं! – भजन 39:4

बाइबल पाठ: भजन 90
Psalms 90:1 हे प्रभु, तू पीढ़ी से पीढ़ी तक हमारे लिये धाम बना है।
Psalms 90:2 इस से पहिले कि पहाड़ उत्पन्न हुए, वा तू ने पृथ्वी और जगत की रचना की, वरन अनादिकाल से अनन्तकाल तक तू ही ईश्वर है।
Psalms 90:3 तू मनुष्य को लौटा कर चूर करता है, और कहता है, कि हे आदमियों, लौट आओ!
Psalms 90:4 क्योंकि हजार वर्ष तेरी दृष्टि में ऐसे हैं, जैसा कल का दिन जो बीत गया, वा रात का एक पहर।
Psalms 90:5 तू मनुष्यों को धारा में बहा देता है; वे स्वप्न से ठहरते हैं, वे भोर को बढ़ने वाली घास के समान होते हैं।
Psalms 90:6 वह भोर को फूलती और बढ़ती है, और सांझ तक कट कर मुर्झा जाती है।
Psalms 90:7 क्योंकि हम तेरे क्रोध से नाश हुए हैं; और तेरी जलजलाहट से घबरा गए हैं।
Psalms 90:8 तू ने हमारे अधर्म के कामों से अपने सम्मुख, और हमारे छिपे हुए पापों को अपने मुख की ज्योति में रखा है।
Psalms 90:9 क्योंकि हमारे सब दिन तेरे क्रोध में बीत जाते हैं, हम अपने वर्ष शब्द की नाईं बिताते हैं।
Psalms 90:10 हमारी आयु के वर्ष सत्तर तो होते हैं, और चाहे बल के कारण अस्सी वर्ष के भी हो जाएं, तौभी उनका घमण्ड केवल नष्ट और शोक ही शोक है; क्योंकि वह जल्दी कट जाती है, और हम जाते रहते हैं।
Psalms 90:11 तेरे क्रोध की शक्ति को और तेरे भय के योग्य तेरे रोष को कौन समझता है?
Psalms 90:12 हम को अपने दिन गिनने की समझ दे कि हम बुद्धिमान हो जाएं।
Psalms 90:13 हे यहोवा लौट आ! कब तक? और अपने दासों पर तरस खा!
Psalms 90:14 भोर को हमें अपनी करूणा से तृप्त कर, कि हम जीवन भर जयजयकार और आनन्द करते रहें।
Psalms 90:15 जितने दिन तू हमें दु:ख देता आया, और जितने वर्ष हम क्लेश भोगते आए हैं उतने ही वर्ष हम को आनन्द दे।
Psalms 90:16 तेरा काम तेरे दासों को, और तेरा प्रताप उनकी सन्तान पर प्रगट हो।
Psalms 90:17 और हमारे परमेश्वर यहोवा की मनोहरता हम पर प्रगट हो, तू हमारे हाथों का काम हमारे लिये दृढ़ कर, हमारे हाथों के काम को दृढ़ कर।

एक साल में बाइबल:  
  • 2 राजा 4-6
  • लूका 24:36-53