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गुरुवार, 1 अगस्त 2019

आशा



      सन 2011 में, जापान के टोक्यो शहर से उत्तरपूर्व में स्थित इलाके में रिक्टर पैमाने पर 9 माप की तीव्रता वाले भूकंप के कारण लगभग 19,000 लोग मारे गए और 230,000 घर नष्ट हो गए। इसके बाद वहाँ पर नोज़ोमी, जापानी भाषा में जिसका अर्थ होता है ‘आशा,’ परियोजना आरंभ की गई, जिससे वहाँ के लोगों में आय का स्त्रोत, रहने के लिए समुदाय और आदर, तथा प्रावधान उपलब्ध करवाने वाले परमेश्वर के प्रति ‘आशा’ जागृत हो।

      नोज़ोमी परियोजना से जुड़ी महिलाएँ भूकंप से ध्वस्त हुए घरों और सामान के मलबे में से चीनी मिट्टी के टूटे हुए टुकड़े एकत्रित करती हैं, और फिर उन्हें रगड़ तथा घिस कर तथा अन्य वस्तुओं के साथ मिलाकर आभूषण बनाती हैं। ये आभूषण सारे सँसार भर में बेचे जाते हैं, और इन महिलाओं के लिए जीविका का साधन बनते हैं तथा मसीह यीशु में उनके विश्वास के चिन्हों के रूप में भी प्रयोग होते हैं।

      परमेश्वर के वचन बाइबल के नए नियम  खण्ड के लिखे जाने के समय में, मिट्टी के साधारण बर्तनों में बहुमूल्य वस्तुएँ छुपा कर रखने का प्रचलन था। पौलुस इसी बात को लेकर लिखता है कि कैसे मसीह यीशु के अनुयायियों के दुर्बल शरीरों, ‘मिट्टी के बर्तनों’ में, सुसमाचार का खज़ाना रखा गया है (2 कुरिन्थियों 4:7)। वह कहता है कि हम मसीही विश्वासियों के अयोग्य और कभी-कभी टूटे हुए पात्रों से परमेश्वर की सामर्थ्य प्रगट होती है, चाहे हम सिद्ध न भी हों।

      जब परमेश्वर हमारे जीवनों के अपूर्ण और टूटे हुए टुकड़ों में निवास करता है, तो उसकी चंगाई देने वाली सामर्थ्य औरों को दिखाई देती है। हाँ, यह संभव है कि उसके द्वारा हमारे टूटे हुए मनों को जोड़ने और सुधारने के कार्य के बाद लोगों को हमारे जीवनों में कुछ दरारें भी दिखाई दें; परन्तु हमें सिखाने तथा संवारने की वे रेखाएं, वे चिन्ह हैं जो उसके चरित्र तथा सामर्थ्य को और अधिक उजागर करते हैं। - एलिसा मॉर्गन


टूटेपन से भी सम्पूर्णता आ सकती है।

क्योंकि हम जानते हैं, कि जब हमारा पृथ्वी पर का डेरा सरीखा घर गिराया जाएगा तो हमें परमेश्वर की ओर से स्वर्ग पर एक ऐसा भवन मिलेगा, जो हाथों से बना हुआ घर नहीं परन्तु चिरस्थाई है। - 2 कुरिन्थियों 5:1

बाइबल पाठ:  2 कुरिन्थियों 4:7-18
2 Corinthians 4:7 परन्तु हमारे पास यह धन मिट्ठी के बरतनों में रखा है, कि यह असीम सामर्थ्य हमारी ओर से नहीं, वरन परमेश्वर ही की ओर से ठहरे।
2 Corinthians 4:8 हम चारों ओर से क्‍लेश तो भोगते हैं, पर संकट में नहीं पड़ते; निरूपाय तो हैं, पर निराश नहीं होते।
2 Corinthians 4:9 सताए तो जाते हैं; पर त्यागे नहीं जाते; गिराए तो जाते हैं, पर नाश नहीं होते।
2 Corinthians 4:10 हम यीशु की मृत्यु को अपनी देह में हर समय लिये फिरते हैं; कि यीशु का जीवन भी हमारी देह में प्रगट हो।
2 Corinthians 4:11 क्योंकि हम जीते जी सर्वदा यीशु के कारण मृत्यु के हाथ में सौंपे जाते हैं कि यीशु का जीवन भी हमारे मरणहार शरीर में प्रगट हो।
2 Corinthians 4:12 सो मृत्यु तो हम पर प्रभाव डालती है और जीवन तुम पर।
2 Corinthians 4:13 और इसलिये कि हम में वही विश्वास की आत्मा है, (जिस के विषय मे लिखा है, कि मैं ने विश्वास किया, इसलिये मैं बोला) सो हम भी विश्वास करते हैं, इसी लिये बोलते हैं।
2 Corinthians 4:14 क्योंकि हम जानते हैं, जिसने प्रभु यीशु को जिलाया, वही हमें भी यीशु में भागी जानकर जिलाएगा, और तुम्हारे साथ अपने साम्हने उपस्थित करेगा।
2 Corinthians 4:15 क्योंकि सब वस्तुएं तुम्हारे लिये हैं, ताकि अनुग्रह बहुतों के द्वारा अधिक हो कर परमेश्वर की महिमा के लिये धन्यवाद भी बढ़ाए।
2 Corinthians 4:16 इसलिये हम हियाव नहीं छोड़ते; यद्यपि हमारा बाहरी मनुष्यत्‍व नाश भी होता जाता है, तौभी हमारा भीतरी मनुष्यत्‍व दिन प्रतिदिन नया होता जाता है।
2 Corinthians 4:17 क्योंकि हमारा पल भर का हल्का सा क्‍लेश हमारे लिये बहुत ही महत्‍वपूर्ण और अनन्त महिमा उत्पन्न करता जाता है।
2 Corinthians 4:18 और हम तो देखी हुई वस्‍तुओं को नहीं परन्तु अनदेखी वस्‍तुओं को देखते रहते हैं, क्योंकि देखी हुई वस्तुएं थोड़े ही दिन की हैं, परन्तु अनदेखी वस्तुएं सदा बनी रहती हैं।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 57-59
  • रोमियों 4



बुधवार, 31 जुलाई 2019

नया



      किशोर मसीही विश्वासियों का एक समूह, एक वृद्धाश्रम में लोगों से मिलने के लिए गया। उनमें से एक युवती का ध्यान कमरे के अन्त में एक अकेले पड़े हुए व्यक्ति की ओर गया। उसके पास सोने के लिए एक खाट के अतिरिक्त शायद कुछ और रह नहीं गया था – और उस खाट से वह अपने शरीर की अक्षमता के कारण हिल-डुल नहीं सकता था।

      उस युवती ने तुरंत ही हमारे प्रति परमेश्वर के प्रेम की कहानी उसे बताना आरंभ किया और परमेश्वर के वचन बाइबल से कुछ खण्डों को उसे पढ़कर सुनाया। जैसे-जैसे वह उस वृद्ध को परमेश्वर के प्रेम के बारे में सुनाती और पढ़ कर सुनाती गई, उस युवती ने अनुभव किया कि उस वृद्ध में और अधिक जानने की जिज्ञासा बढ़ने लगी। उसकी इस रुचि का प्रत्युत्तर देते हुए, उस युवती ने वृद्ध को प्रभु यीशु मसीह के बलिदान के चमत्कार के विषय समझाया। युवती ने पाया कि बिना घर-परिवार और बिना केसी आशा के जीवन जी रहे उस वृद्ध के लिए यह समझना कठिन था कि कोई ऐसा भी है जो उसके पापों के लिए क्रूस पर अपना जीवन बलिदान करने के लिए तैयार है, चाहे वे कभी मिले न भी हों।

      युवती ने उसे प्रभु यीशु के विषय और भी बताया – और सभी विश्वास करने वालों के लिए स्वर्ग के वायदे (एक नए शरीर सहित) के विषय भी बताया। वृद्ध ने युवती से पूछा, “क्या ऊपर वहाँ तुम मेरे साथ्नाचोगी?” युवती को आभास हुआ कि वह अपने इस क्षीण हो चुके शरीर और उसकी अशक्त कर देने वाली सीमाओं से मुक्त हुए जीवन के बारे में सोच रहा था। जब वृद्ध ने कहा कि वह प्रभु यीशु मसीह को अपना मुक्तिदाता स्वीकार करना चाहता है, तो युवती ने क्षमा और विश्वास की प्रार्थना करने में उसकी सहायता की। जब युवती ने पूछा कि क्या वह उसके साथ एक फोटो खिंचवाने की अनुमति देगा, तो उसने उत्तर दिया कि फोटो खिंचवाएगा, यदि वह बैठने में उसकी सहायता करेगी; क्योंकि अब वह एक नया आदमी है।

      परमेश्वर की स्तुति हो प्रभु यीशु मसीह के जीवन बदलने, आशा प्रदान करने वाले, सबके लिए सेंट-मेंत में उपलब्ध सुसमाचार के लिए। जितने प्रभु में विश्वास लाते हैं उन्हें नया जीवन प्राप्त होता है (कुलुस्सियों 1:5, 23)।  - डेव ब्रैनन


प्रभु यीशु नया जीवन प्रदान करता है।

यदि तुम विश्वास की नेव पर दृढ़ बने रहो, और उस सुसमाचार की आशा को जिसे तुम ने सुना है न छोड़ो, जिस का प्रचार आकाश के नीचे की सारी सृष्‍टि में किया गया; और जिस का मैं पौलुस सेवक बना। - कुलुस्सियों 1:23

बाइबल पाठ: कुलुस्सियों 1:3-14
Colossians 1:3 हम तुम्हारे लिये नित प्रार्थना कर के अपने प्रभु यीशु मसीह के पिता अर्थात परमेश्वर का धन्यवाद करते हैं।
Colossians 1:4 क्योंकि हम ने सुना है, कि मसीह यीशु पर तुम्हारा विश्वास है, और सब पवित्र लोगों से प्रेम रखते हो।
Colossians 1:5 उस आशा की हुई वस्तु के कारण जो तुम्हारे लिये स्वर्ग में रखी हुई है, जिस का वर्णन तुम उस सुसमाचार के सत्य वचन में सुन चुके हो।
Colossians 1:6 जो तुम्हारे पास पहुंचा है और जैसा जगत में भी फल लाता, और बढ़ता जाता है; अर्थात जिस दिन से तुम ने उसको सुना, और सच्चाई से परमेश्वर का अनुग्रह पहिचाना है, तुम में भी ऐसा ही करता है।
Colossians 1:7 उसी की शिक्षा तुम ने हमारे प्रिय सहकर्मी इपफ्रास से पाई, जो हमारे लिये मसीह का विश्वास योग्य सेवक है।
Colossians 1:8 उसी ने तुम्हारे प्रेम को जो आत्मा में है हम पर प्रगट किया।
Colossians 1:9 इसी लिये जिस दिन से यह सुना है, हम भी तुम्हारे लिये यह प्रार्थना करने और बिनती करने से नहीं चूकते कि तुम सारे आत्मिक ज्ञान और समझ सहित परमेश्वर की इच्छा की पहिचान में परिपूर्ण हो जाओ।
Colossians 1:10 ताकि तुम्हारा चाल-चलन प्रभु के योग्य हो, और वह सब प्रकार से प्रसन्न हो, और तुम में हर प्रकार के भले कामों का फल लगे, और परमेश्वर की पहिचान में बढ़ते जाओ।
Colossians 1:11 और उस की महिमा की शक्ति के अनुसार सब प्रकार की सामर्थ से बलवन्‍त होते जाओ, यहां तक कि आनन्द के साथ हर प्रकार से धीरज और सहनशीलता दिखा सको।
Colossians 1:12 और पिता का धन्यवाद करते रहो, जिसने हमें इस योग्य बनाया कि ज्योति में पवित्र लोगों के साथ मीरास में समभागी हों।
Colossians 1:13 उसी ने हमें अन्धकार के वश से छुड़ाकर अपने प्रिय पुत्र के राज्य में प्रवेश कराया।
Colossians 1:14 जिस में हमें छुटकारा अर्थात पापों की क्षमा प्राप्त होती है।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 54-56
  • रोमियों 3



मंगलवार, 30 जुलाई 2019

पीढ़ीयाँ



      मेरे माता-पिता का विवाह 1933 में हुआ जो आर्थिक महा-मंदी का समय था। मैं और मेरी पत्नि तब जन्मे थे जब द्वितीय विश्व-युद्ध के पश्चात बच्चों के जन्म-दर में नाटकीय उछाल आया था। हमारी चार बेटियों ने, सत्तर और अस्सी के दशकों के भिन्न-भिन्न वातावरण में जन्म लिया। क्योंकि हम सब इतने भिन्न समयों और परिस्थितियों में जन्मे और बड़े हुए, इसलिए इसमें अचंभे की कोई बात नहीं है कि अनेकों बातों के बारे में हम भिन्न राय रखते हैं।

      जीवन के अनुभवों और और मूल्यों में पीढ़ियों के दृष्टिकोणों में बहुत अन्तर होते हैं। यही बात प्रभु यीशु मसीह के अनुयायियों में भी देखी जाती है। किन्तु हम चाहे जैसे भी वस्त्र पहनना या संगीत सुनना पसन्द करते हों, हमारा आत्मिक संबंध उन भिन्नताओं से अधिक सुदृढ़ है।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में भजन 145 परमेश्वर की स्तुति और प्रशंसा का एक महान भजन है जो हमारे विश्वास के बंधनों को बताता है, “तेरे कामों की प्रशंसा और तेरे पराक्रम के कामों का वर्णन, पीढ़ी पीढ़ी होता चला जाएगा” (पद 4)। आयु और अनुभवों की बहुत भिन्नता के बावजूद, हम प्रभु को आदर देने के द्वारा साथ हो जाते हैं, और “वे तेरे राज्य की महिमा की चर्चा करेंगे, और तेरे पराक्रम के विषय में बातें करेंगे” (पद 11)।

      हो सकता है कि इन भिन्नताओं और व्यक्तिगत पसंदों के कारण हम विभाजित हों, परन्तु प्रभु यीशु मसीह में लाए गए साझा विश्वास के कारण, परस्पर विश्वास, प्रोत्साहन, और आराधना में हम एक साथ हो जाते हैं। हम चाहे किसी भी पीढ़ी के क्यों न हों, हम एक-दूसरे से सीख सकते हैं और साथ मिलकर परमेश्वर को आदर और महिमा दे सकते हैं, “कि वे आदमियों पर तेरे पराक्रम के काम और तेरे राज्य के प्रताप की महिमा प्रगट करें” (पद 12)। - डेविड मैक्कैस्लैंड


परमेश्वर का राज्य सभी पीढ़ियों में सजीव और सक्रीय बना रहता है।

हे परमेश्वर, तेरा सिंहासन सदा सर्वदा बना रहेगा; तेरा राजदण्ड न्याय का है। - भजन 45:6

बाइबल पाठ: भजन 145:1-13
Psalms 145:1 हे मेरे परमेश्वर, हे राजा, मैं तुझे सराहूंगा, और तेरे नाम को सदा सर्वदा धन्य कहता रहूंगा।
Psalms 145:2 प्रति दिन मैं तुझ को धन्य कहा करूंगा, और तेरे नाम की स्तुति सदा सर्वदा करता रहूंगा।
Psalms 145:3 यहोवा महान और अति स्तुति के योग्य है, और उसकी बड़ाई अगम है।
Psalms 145:4 तेरे कामों की प्रशंसा और तेरे पराक्रम के कामों का वर्णन, पीढ़ी पीढ़ी होता चला जाएगा।
Psalms 145:5 मैं तेरे ऐश्वर्य की महिमा के प्रताप पर और तेरे भांति भांति के आश्चर्यकर्मों पर ध्यान करूंगा।
Psalms 145:6 लोग तेरे भयानक कामों की शक्ति की चर्चा करेंगे, और मैं तेरे बड़े बड़े कामों का वर्णन करूंगा।
Psalms 145:7 लोग तेरी बड़ी भलाई का स्मरण कर के उसकी चर्चा करेंगे, और तेरे धर्म का जयजयकार करेंगे।
Psalms 145:8 यहोवा अनुग्रहकारी और दयालु, विलम्ब से क्रोध करने वाला और अति करूणामय है।
Psalms 145:9 यहोवा सभों के लिये भला है, और उसकी दया उसकी सारी सृष्टि पर है।
Psalms 145:10 हे यहोवा, तेरी सारी सृष्टि तेरा धन्यवाद करेगी, और तेरे भक्त लोग तुझे धन्य कहा करेंगे!
Psalms 145:11 वे तेरे राज्य की महिमा की चर्चा करेंगे, और तेरे पराक्रम के विषय में बातें करेंगे;
Psalms 145:12 कि वे आदमियों पर तेरे पराक्रम के काम और तेरे राज्य के प्रताप की महिमा प्रगट करें।
Psalms 145:13 तेरा राज्य युग युग का और तेरी प्रभुता सब पीढ़ियों तक बनी रहेगी।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 51-53
  • रोमियों 2



सोमवार, 29 जुलाई 2019

विशेषाधिकार



      यद्यपि वह उसका प्रतिरूप ही था, फिर भी दक्षिणी इस्राएल के नेगेव मरुभूमि में स्थित वह मिलाप वाले तम्बू का नमूना विस्मयकारी था। उसे परमेश्वर के वचन बाइबल के निर्गमन 25-27 अध्याय में दिए गए वर्णन के अनुसार बनाया गया था, बस उसमें वास्तव में सोना और बबूल की लकड़ी का प्रयोग नहीं हुआ था। जब हमारे पर्यटक समूह को उस नमूने के “पवित्र-स्थान” से “महापवित्र-स्थान” को ले जाया गया कि वहाँ स्थित “वाचा के सन्दूक” को देख सकें, तो कुछ लोग जाने से हिचकिचाए, क्योंकि यह वह परमपवित्र स्थान था जहाँ केवल महायाजक को वर्ष में एक बार विशेष तैयारी के साथ ही प्रवेश करने की अनुमति दी गई थी। हम सामान्य लोग उस स्थान में ऐसे ही सहजता से प्रवेश कैसे कर सकते थे?

      मैं अब कल्पना कर सकता हूँ कि इस्राएलियों को मिलाप वाले तम्बू में प्रवेश करना कितना भयावह प्रतीत होता होगा। जब भी वे आते, उन्हें उपयुक्त बलिदान साथ लेकर आने होते थे, और इस एहसास के साथ आना होता था कि वे परम-प्रधान परमेश्वर की उपस्थिति में आ रहे हैं। मैं उनके अचरज को भी समझ सकता हूँ जब परमेश्वर मूसा के द्वारा उन्हें अपना सन्देश देता होगा।

      आज, मैं और आप, परमेश्वर के सम्मुख सीधे से आ सकते हैं, इस विश्वास के साथ कि प्रभु यीशु के बलिदान ने हमारे और परमेश्वर के बीच की दीवार को गिरा दिया है (इब्रानियों 12:22-23)। हम मसीही विश्वासी कभी भी, जब भी इच्छा या आवश्यकता हो, परमेश्वर से सीधे बात कर सकते हैं और उसकी बात को सुन सकते हैं, उसके वचन बाइबल को पढ़ने के द्वारा। हमारे पास परमेश्वर तक वह सीधी पहुँच है जिसकी इस्राएली केवल कल्पना ही कर सकते थे।

      हम अपने इस विशेषाधिकार को कभी हलके में न लें, और परमेश्वर पिता के पास उसके प्रिय सन्तान होने के कारण हमें प्रदान किए गए इस अद्भुत विशेषाधिकार का महत्व समझें, उसका उचित आदर बनाए रखें। - लेस्ली कोह


प्रार्थना के द्वारा हमें परमेश्वर पिता के सम्मुख तुरंत उपस्थित होने का विशेषाधिकार है।

सो जब हम विश्वास से धर्मी ठहरे, तो अपने प्रभु यीशु मसीह के द्वारा परमेश्वर के साथ मेल रखें। - रोमियों 5:1

बाइबल पाठ: इब्रानियों 12:18-24
Hebrews 12:18 तुम तो उस पहाड़ के पास जो छूआ जा सकता था और आग से प्रज्‍वलित था, और काली घटा, और अन्‍धेरा, और आन्‍धी के पास।
Hebrews 12:19 और तुरही की ध्‍वनि, और बोलने वाले के ऐसे शब्द के पास नहीं आए, जिस के सुनने वालों ने बिनती की, कि अब हम से और बातें न की जाएं।
Hebrews 12:20 क्योंकि वे उस आज्ञा को न सह सके, कि यदि कोई पशु भी पहाड़ को छूए, तो पत्थरवाह किया जाए।
Hebrews 12:21 और वह दर्शन ऐसा डरावना था, कि मूसा ने कहा; मैं बहुत डरता और कांपता हूं।
Hebrews 12:22 पर तुम सिय्योन के पहाड़ के पास, और जीवते परमेश्वर के नगर स्‍वर्गीय यरूशलेम के पास।
Hebrews 12:23 और लाखों स्‍वर्गदूतों और उन पहिलौठों की साधारण सभा और कलीसिया जिन के नाम स्वर्ग में लिखे हुए हैं: और सब के न्यायी परमेश्वर के पास, और सिद्ध किए हुए धर्मियों की आत्माओं।
Hebrews 12:24 और नई वाचा के मध्यस्थ यीशु, और छिड़काव के उस लोहू के पास आए हो, जो हाबिल के लोहू से उत्तम बातें कहता है।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 49-50
  • रोमियों 1



रविवार, 28 जुलाई 2019

क्षमा



      मेरा मित्र नौर्म कुक जब काम से वापस घर लौटता है तो कभी-कभी अपने परिवार को चकित कर देता है। वह घर के मुख्य द्वार से प्रवेश करके, ऊँची आवाज़ में सभी उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए ऊँची आवाज़ में कहता है, “तुम सब क्षमा किए गए हो!” यह इसलिए नहीं क्योंकि परिवार के सदस्यों ने उसके विरुद्ध कुछ गलत किया होता है और उन्हें उससे क्षमा की आवश्यकता होती है। वह तो बस उन्हें स्मरण दिला रहा होता है कि निःसंदेह, दिन भर में उनसे कोई न कोई पाप हुआ होगा, परन्तु परमेश्वर ने अपने अनुग्रह में होकर उन सब को क्षमा किया है।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रेरित यूहन्ना अनुग्रह के विषय यह लिखता है: “पर यदि जैसा वह ज्योति में है, वैसे ही हम भी ज्योति में चलें, तो एक दूसरे से सहभागिता रखते हैं; और उसके पुत्र यीशु का लोहू हमें सब पापों से शुद्ध करता है। यदि हम कहें, कि हम में कुछ भी पाप नहीं, तो अपने आप को धोखा देते हैं: और हम में सत्य नहीं। यदि हम अपने पापों को मान लें, तो वह हमारे पापों को क्षमा करने, और हमें सब अधर्म से शुद्ध करने में विश्वासयोग्य और धर्मी है” (1 यूहन्ना 1:7-9)।

      “ज्योति में चलना” प्रभु यीशु का अनुसरण करने को आलंकारिक रीति से कहना है। यूहन्ना बल देता है कि पवित्र-आत्मा की सहायता से प्रभु यीशु का अनुसरण करना इस बात का चिन्ह है कि विश्वास की संगति में हम भी प्रेरितों के साथ सम्मिलित हो गए हैं; हम वास्तविक मसीही हैं। किन्तु वह आगे कहता है, हम धोखा न खाएं: कभी-कभी हम गलत चुनाव करेंगे। फिर भी परमेश्वर का अनुग्रह भरपूरी से हमें प्रदान किया गया है; हमें जैसी भी क्षमा की आवश्यकता है वह हमारे लिए उपलब्ध है।

      हम सिद्ध नहीं है; बस प्रभु यीशु द्वारा क्षमा किए गए हैं! यही आज के लिए सुसमाचार है – प्रभु यीशु से पापों की क्षमा सभी के लिए उपलब्ध है। - डेविड रोपर


परमेश्वर की बुद्धिमत्ता से भटक जाने से बचे रहने के लिए,
 प्रतिदिन अपने मनों को जांचते रहें।

हे परमेश्वर, मेरे अन्दर शुद्ध मन उत्पन्न कर, और मेरे भीतर स्थिर आत्मा नये सिरे से उत्पन्न कर। - भजन 51:10

बाइबल पाठ: 1 यूहन्ना 1:1-10
1 John 1:1 उस जीवन के वचन के विषय में जो आदि से था, जिसे हम ने सुना, और जिसे अपनी आंखों से देखा, वरन जिसे हम ने ध्यान से देखा; और हाथों से छूआ।
1 John 1:2 (यह जीवन प्रगट हुआ, और हम ने उसे देखा, और उस की गवाही देते हैं, और तुम्हें उस अनन्त जीवन का समाचार देते हैं, जो पिता के साथ था, और हम पर प्रगट हुआ)।
1 John 1:3 जो कुछ हम ने देखा और सुना है उसका समाचार तुम्हें भी देते हैं, इसलिये कि तुम भी हमारे साथ सहभागी हो; और हमारी यह सहभागिता पिता के साथ, और उसके पुत्र यीशु मसीह के साथ है।
1 John 1:4 और ये बातें हम इसलिये लिखते हैं, कि हमारा आनन्द पूरा हो जाए।
1 John 1:5 जो समाचार हम ने उस से सुना, और तुम्हें सुनाते हैं, वह यह है; कि परमेश्वर ज्योति है: और उस में कुछ भी अन्धकार नहीं।
1 John 1:6 यदि हम कहें, कि उसके साथ हमारी सहभागिता है, और फिर अन्धकार में चलें, तो हम झूठे हैं: और सत्य पर नहीं चलते।
1 John 1:7 पर यदि जैसा वह ज्योति में है, वैसे ही हम भी ज्योति में चलें, तो एक दूसरे से सहभागिता रखते हैं; और उसके पुत्र यीशु का लोहू हमें सब पापों से शुद्ध करता है।
1 John 1:8 यदि हम कहें, कि हम में कुछ भी पाप नहीं, तो अपने आप को धोखा देते हैं: और हम में सत्य नहीं।
1 John 1:9 यदि हम अपने पापों को मान लें, तो वह हमारे पापों को क्षमा करने, और हमें सब अधर्म से शुद्ध करने में विश्वासयोग्य और धर्मी है।
1 John 1:10 यदि कहें कि हम ने पाप नहीं किया, तो उसे झूठा ठहराते हैं, और उसका वचन हम में नहीं है।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 46-48
  • प्रेरितों 28



शनिवार, 27 जुलाई 2019

साथी



      नर्सिंग होम में वह वृद्ध महिला न तो किसी से बात करती थी और न ही किसी से कुछ मांगती थी। उससे मिलने वाले भी कम ही आते थे। लगता था कि बस वह अपनी पुरानी चरमराती झूलने वाली कुर्सी पर बैठकर हिलते हुए अपने जीवन के दिन बिता रही है। उस महिला से कोई भी प्रश्न पूछे बिना या उससे किसी वार्तालाप को आरंभ करने का प्रयास किए बिना, एक युवा नर्स अपने अवकाश के समय में उस महिला के कमरे में जाकर एक और झूलने वाली कुर्सी को उसके पास खींचकर चुपचाप उसके साथ बैठी झूलती रहती थी। कई महीनों तक ऐसा होने के पश्चात एक दिन उस वृद्ध महिला ने नर्स से कहा, “मेरे साथ बैठकर झूलने के लिए धन्यवाद।” वह उस नर्स द्वारा उसे संगति देने के लिए आभारी थी।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में, अपने स्वर्गारोहण से पहले, प्रभु यीशु ने अपने शिष्यों से वायदा किया कि वे उन्हें अकेला नहीं  छोड़ेंगे, उनके साथ सदा बने रहने वाला एक साथी उनकी सहायता के लिए भेजेंगे (यूहन्ना 14:17), जो उनमें बसा रहेगा। प्रभु का यह वायदा आज भी मसीही विश्वासियों के लिए उतना ही सत्य है। प्रभु यीशु ने कहा कि त्रिएक परमेश्वर हम में अपना “घर” बनाएगा (पद 23)।

      प्रभु हमारे जीवन भर, हमारा निकट और विश्वासयोग्य साथी है। वह हमारे सभी संघर्षों में सदा हमारा मार्गदर्शन करता है, हमारे पापों को क्षमा करता है, हमारी प्रत्येक प्रार्थना को सुनता है, और जिन बोझों को हम नहीं उठा पाते हैं उन्हें हमारे लिए उठाता है।

      हम अपने इस भरोसेमंद साथी की मधुर संगति का आनन्द लेते रह सकते हैं। - एनी सेटास


मसीही विश्वासी का हृदय पवित्र आत्मा का घर है।

क्या तुम नहीं जानते, कि तुम्हारी देह पवित्रात्मा का मन्दिर है; जो तुम में बसा हुआ है और तुम्हें परमेश्वर की ओर से मिला है, और तुम अपने नहीं हो? – 1 कुरिन्थियों 6:19

बाइबल पाठ: यूहन्ना 14:15-26
John 14:15 यदि तुम मुझ से प्रेम रखते हो, तो मेरी आज्ञाओं को मानोगे।
John 14:16 और मैं पिता से बिनती करूंगा, और वह तुम्हें एक और सहायक देगा, कि वह सर्वदा तुम्हारे साथ रहे।
John 14:17 अर्थात सत्य का आत्मा, जिसे संसार ग्रहण नहीं कर सकता, क्योंकि वह न उसे देखता है और न उसे जानता है: तुम उसे जानते हो, क्योंकि वह तुम्हारे साथ रहता है, और वह तुम में होगा।
John 14:18 मैं तुम्हें अनाथ न छोडूंगा, मैं तुम्हारे पास आता हूं।
John 14:19 और थोड़ी देर रह गई है कि फिर संसार मुझे न देखेगा, परन्तु तुम मुझे देखोगे, इसलिये कि मैं जीवित हूं, तुम भी जीवित रहोगे।
John 14:20 उस दिन तुम जानोगे, कि मैं अपने पिता में हूं, और तुम मुझ में, और मैं तुम में।
John 14:21 जिस के पास मेरी आज्ञा है, और वह उन्हें मानता है, वही मुझ से प्रेम रखता है, और जो मुझ से प्रेम रखता है, उस से मेरा पिता प्रेम रखेगा, और मैं उस से प्रेम रखूंगा, और अपने आप को उस पर प्रगट करूंगा।
John 14:22 उस यहूदा ने जो इस्करियोती न था, उस से कहा, हे प्रभु, क्या हुआ की तू अपने आप को हम पर प्रगट किया चाहता है, और संसार पर नहीं।
John 14:23 यीशु ने उसको उत्तर दिया, यदि कोई मुझ से प्रेम रखे, तो वह मेरे वचन को मानेगा, और मेरा पिता उस से प्रेम रखेगा, और हम उसके पास आएंगे, और उसके साथ वास करेंगे।
John 14:24 जो मुझ से प्रेम नहीं रखता, वह मेरे वचन नहीं मानता, और जो वचन तुम सुनते हो, वह मेरा नहीं वरन पिता का है, जिसने मुझे भेजा।
John 14:25 ये बातें मैं ने तुम्हारे साथ रहते हुए तुम से कहीं।
John 14:26 परन्तु सहायक अर्थात पवित्र आत्मा जिसे पिता मेरे नाम से भेजेगा, वह तुम्हें सब बातें सिखाएगा, और जो कुछ मैं ने तुम से कहा है, वह सब तुम्हें स्मरण कराएगा।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 43-45
  • प्रेरितों 27:27-44



शुक्रवार, 26 जुलाई 2019

सुरक्षा



      मैं ध्यान से पानी की ओर देखती रहती थी, किसी भी खतरे के चिन्ह के लिए सतर्क। तैरने वालों के निकट उनकी जीवन-रक्षक बनकर रहने के मेरे छः घंटे के समय में, स्विमिंग-पूल के किनारे से मैं ध्यान रखती थी कि जो लोग तैर रहे हैं वे सुरक्षित रहें। देखने के स्थल से मेरे हटने या मेरा ध्यान भंग होने के परिणाम, उनके लिए जो पूल में होते थे, गंभीर हो सकते थे। यदि, किसी चोट अथवा कौशल की कमी के कारण, कोई तैरने वाला डूबने के खतरे में होता था तो उसे पानी में से निकालकर सुरक्षित पूल के किनारे लाना मेरी ज़िम्मेदारी होती थी।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में हम देखते हैं कि पलिश्तियों के विरुद्ध युद्ध में परमेश्वर की सहायता और सुरक्षा का अनुभव करने के पश्चात (2 शमूएल 21:15-22), दाऊद ने अपने बचाए जाने को गहरे पाने में से खींच कर निकाले जाने के अनुभव के समान बताया (2 शमूएल 22:17)। उस युद्ध में दाऊद और उसके साथियों का जीवन बहुत गंभीर खतरे में था। दाऊद जब खतरे में दूब जाने की कगार पर था, तब परमेश्वर ने उसे खींच कर सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

      तैरने के सार्वजनिक स्थानों पर जीवन-रक्षक तैराकों को तैरने वालों की सुरक्षा बनाए रखने के लिए पारिश्रमिक दिया जाता है। परन्तु परमेश्वर ने दाऊद की रक्षा इसलिए की क्योंकि वह दाऊद से प्रसन्न था (पद 20)। मेरा हृदय पुल्लकित हो उठता है जब मुझे यह ध्यान आता है कि परमेश्वर मेरा ध्यान और सुरक्षा इसलिए नहीं रखता है क्योंकि वह ऐसा करने के लिए उसे कोई मेहनताना दे रहा है; वरन इसलिए क्योंकि वह मुझे चाहता है और मेरे लिए ऐसा करना चाहता है।

      जब हम जीवन की परेशानियों से अपने आप को अभिभूतित अनुभव करें, तो हम इस बात में आश्वस्त और शान्त हो सकते हैं कि हमारा रक्षक परमेश्वर हमारे संघर्षों को देखता है और क्योंकि वह हमें चाहता है इसलिए वह हमें अपनी सुरक्षा प्रदान करता है। - कर्स्टन होम्बर्ग


परमेश्वर अपने बच्चों को सुरक्षित रखने से प्रसन्न होता है।

जब तू जल में हो कर जाए, मैं तेरे संग संग रहूंगा और जब तू नदियों में हो कर चले, तब वे तुझे न डुबा सकेंगी; जब तू आग में चले तब तुझे आंच न लगेगी, और उसकी लौ तुझे न जला सकेगी। - यशायाह 43:2

बाइबल पाठ: 2 शमूएल 22:17-20
2 Samuel 22:17 उसने ऊपर से हाथ बढ़ाकर मुझे थाम लिया, और मुझे गहरे जल में से खींचकर बाहर निकाला।
2 Samuel 22:18 उसने मुझे मेरे बलवन्त शत्रु से, और मेरे बैरियों से, जो मुझ से अधिक सामथीं थे, मुझे छुड़ा लिया।
2 Samuel 22:19 उन्होंने मेरी विपत्ति के दिन मेरा साम्हना तो किया; परन्तु यहोवा मेरा आश्रय था।
2 Samuel 22:20 और उसने मुझे निकाल कर चौड़े स्थान में पहुंचाया; उसने मुझ को छुड़ाया, क्योंकि वह मुझ से प्रसन्न था।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 40-42
  • प्रेरितों 27:1-26