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बुधवार, 21 अगस्त 2019

शान्त



      लेखक डैनियल लेविटिन ने अपनी पुस्तक “The Organized Mind: Thinking Straight in the Age of Information Overload” में लिखा है कि “पिछले पाँच वर्षों में हमने इतनी जानकारी एकत्रित कर ली है जितनी मानव इतिहास में पहले कभी नहीं की गई। एक प्रकार से हम इस उत्तेजना के आसक्त हो गए हैं।” समाचारों और ज्ञान के निरन्तर होते रहने वाले ये आक्रमण हमारे मस्तिष्क पर काबू कर लेते हैं। हमारे वातावरण में मीडिया के द्वारा किए जा रहे लगातार प्रहार के कारण हमारे लिए शान्त होकर बैठना, विचार करना, और प्रार्थना करना कठिन होता जा रहा है।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में भजनकार लिखता है, “चुप हो जाओ, और जान लो, कि मैं ही परमेश्वर हूं। मैं जातियों में महान हूं, मैं पृथ्वी भर में महान हूं!” (भजन 46:10), जो हमें परमेश्वर की ओर ध्यान लगाने की अनिवार्यता के बारे में सचेत करता है। बहुत से लोगों के लिए प्रतिदिन परमेश्वर के साथ शान्त होकर समय बिताना, जब वे बाइबल पढ़ते, प्रार्थना करते और परमेश्वर की भलाई तथा महानता पर विचार करते हैं, दिनचर्या का एक अनिवार्य भाग है ।

      जब भजन 46 के भजनकार के समान हम भी यह अनुभव करते हैं कि “परमेश्वर हमारा शरणस्थान और बल है, संकट में अति सहज से मिलने वाला सहायक” (पद 1), तो इससे हमारे भय भाग जाते हैं (पद 2), तथा हमारा ध्यान सँसार की बेचैनी से हटकर परमेश्वर की शान्ति पर आ जाता है और हमारे अन्दर एक शान्त भरोसा जागृत करता है कि परमेश्वर नियंत्रण में है (पद 10)।

      हमारे चारों ओर का सँसार चाहे जितना भी अस्त-व्यस्त क्यों न हो जाए, हम अपने स्वर्गीय परमेश्वर पिता की उपस्थिति में  शान्त होकर उसके प्रेम और सामर्थ्य में रह सकते हैं। - डेविड मैक्कैस्लैंड


हमें प्रतिदिन शान्त होकर परमेश्वर की सुनना ज़रूरी है।

प्रभु यहोवा, इस्राएल का पवित्र यों कहता है, लौट आने और शान्त रहने में तुम्हारा उद्धार है; शान्त रहते और भरोसा रखने में तुम्हारी वीरता है। परन्तु तुम ने ऐसा नहीं किया – यशायाह 30:15

बाइबल पाठ: भजन 46
Psalms 46:1 परमेश्वर हमारा शरणस्थान और बल है, संकट में अति सहज से मिलने वाला सहायक।
Psalms 46:2 इस कारण हम को कोई भय नहीं चाहे पृथ्वी उलट जाए, और पहाड़ समुद्र के बीच में डाल दिए जाएं;
Psalms 46:3 चाहे समुद्र गरजे और फेन उठाए, और पहाड़ उसकी बाढ़ से कांप उठें।।
Psalms 46:4 एक नदी है जिसकी नहरों से परमेश्वर के नगर में अर्थात परमप्रधान के पवित्र निवास भवन में आनन्द होता है।
Psalms 46:5 परमेश्वर उस नगर के बीच में है, वह कभी टलने का नहीं; पौ फटते ही परमेश्वर उसकी सहायता करता है।
Psalms 46:6 जाति जाति के लोग झल्ला उठे, राज्य राज्य के लोग डगमगाने लगे; वह बोल उठा, और पृथ्वी पिघल गई।
Psalms 46:7 सेनाओं का यहोवा हमारे संग है; याकूब का परमेश्वर हमारा ऊंचा गढ़ है।
Psalms 46:8 आओ, यहोवा के महाकर्म देखो, कि उसने पृथ्वी पर कैसा कैसा उजाड़ किया है।
Psalms 46:9 वह पृथ्वी की छोर तक लड़ाइयों को मिटाता है; वह धनुष को तोड़ता, और भाले को दो टुकड़े कर डालता है, और रथों को आग में झोंक देता है!
Psalms 46:10 चुप हो जाओ, और जान लो, कि मैं ही परमेश्वर हूं। मैं जातियों में महान हूं, मैं पृथ्वी भर में महान हूं!
Psalms 46:11 सेनाओं का यहोवा हमारे संग है; याकूब का परमेश्वर हमारा ऊंचा गढ़ है।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 107-109
  • 1 कुरिन्थियों 4



मंगलवार, 20 अगस्त 2019

उपस्थित



      एक वृद्ध सेवानिवृत सैनिक के अंतिम संस्कार के समय, पादरी विचार करने लगा कि वह मृत अब कहाँ होगा। फिर, लोगों को यह बताने की बजाए कि वे परमेश्वर को कैसे जान सकते हैं, वह उन काल्पनिक बातों के बारे में बोलने लगा जो बाइबल में पाई भी नहीं जाती हैं। और मैं सोचने लगा कि आशा कहाँ है?

      अन्त में उसने हम सबसे एक अंतिम स्तुति-गीत गाने के लिए कहा। हम सब “प्रभु महान” गाने के लिए खड़े हुए, और लोग दिल की गहराई से परमेश्वर की स्तुति करने लगे। कुछ ही पल में कमरे का वातावरण बदल गया। अचानक ही उस स्तुति-गीत के तीसरे पद में आने पर मैं भावुक हो उठा और मेरी आवाज़ रुंध गई। उस तीसरे पद में लिखा है:
जब सोचता हूँ कि पिता ने अपना पुत्र, मरने भेजा है वर्णन से अपार,
कि क्रूस पर उसने मेरे पाप सब लेकर, रक्त बहाया कि मेरा हो उद्धार।
     
      उस महान गीत को गाने के समय तक मैं सोच रहा था कि उस अंतिम संस्कार में क्या परमेश्वर उपस्थित होगा? वास्तव में, वह हमें छोड़ कर कभी जाता ही नहीं है। परमेश्वर के वचन बाइबल में एस्तेर की पुस्तक को पढ़ने पर हमें इस तथ्य की एक पुष्टि मिलती है। यहूदी लोग अपने देश से निर्वासित थे, और उनके निर्वासन के स्थान पर शक्तिशाली लोग उन्हें मार डालना चाहते थे। किन्तु उनके उस अति-कठिन समय में भी, एक अधर्मी राजा ने  बंधुआई में रहने वाले यहूदियों को यह अधिकार दिया कि वे अपने मारने वालों के विरुद्ध बचाव में हाथ उठा सकें (एस्तेर 8:11-13)। इसके उपरान्त यहूदियों ने सफलता पूर्वक अपना बचाव किया और फिर एक उत्सव मनाया (9:17-19)।

      इसमें अचरज की कोई बात नहीं होनी चाहिए कि एक अंतिम संस्कार के समय परमेश्वर की उपस्थिति एक स्तुति-गीत के द्वारा पहचानी गई। आख़िरकार वह एक योजनाबद्ध नरसंहार के समय उपस्थित था और उसने उसे एक उत्सव में परिवर्तित कर दिया; वह प्रभु के क्रूस पर चढ़ाए जाने के समय में उपस्थित था और उसे सँसार के उद्धार का मार्ग बना दिया! – टिम गुस्ताफ्सन


चकित करने वाला हमारा परमेश्वर अपनी उपस्थिति
 वहाँ दिखाता है जहाँ हम आशा भी नहीं करते हैं।

तू हियाव बान्ध और दृढ़ हो, उन से न डर और न भयभीत हो; क्योंकि तेरे संग चलने वाला तेरा परमेश्वर यहोवा है; वह तुझ को धोखा न देगा और न छोड़ेगा। - व्यवस्थाविवरण 31:6

बाइबल पाठ: एस्तेर 8:11-17
Esther 8:11 इन चिट्ठियों में सब नगरों के यहूदियों को राजा की ओर से अनुमति दी गई, कि वे इकट्ठे हों और अपना अपना प्राण बचाने के लिये तैयार हो कर, जिस जाति वा प्रान्त से लोग अन्याय कर के उन को वा उनकी स्त्रियों और बाल-बच्चों को दु:ख देना चाहें, उन को विध्वंसघात और नाश करें, और उनकी धन सम्मत्ति लूट लें।
Esther 8:12 और यह राजा क्षयर्ष के सब प्रान्तों में एक ही दिन में किया जाए, अर्थात अदार नाम बारहवें महीने के तेरहवें दिन को।
Esther 8:13 इस आज्ञा के लेख की नकलें, समस्त प्रान्तों में सब देशें के लोगों के पास खुली हुई भेजी गईं; ताकि यहूदी उस दिन अपने शत्रुओं से पलटा लेने को तैयार रहें।
Esther 8:14 सो हरकारे वेग चलने वाले सरकारी घोड़ों पर सवार हो कर, राजा की आज्ञा से फुर्ती कर के जल्दी चले गए, और यह आज्ञा शूशन राजगढ़ में दी गई थी।
Esther 8:15 तब मोर्दकै नीले और श्वेत रंग के राजकीय वस्त्र पहिने और सिर पर सोने का बड़ा मुकुट धरे हुए और सूक्ष्मसन और बैंजनी रंग का बागा पहिने हुए, राजा के सम्मुख से निकला, और शूशन नगर के लोग आनन्द के मारे ललकार उठे।
Esther 8:16 और यहूदियों को आनन्द और हर्ष हुआ और उनकी बड़ी प्रतिष्ठा हुई।
Esther 8:17 और जिस जिस प्रान्त, और जिस जिस नगर में, जहां कहीं राजा की आज्ञा और नियम पहुंचे, वहां वहां यहूदियों को आनन्द और हर्ष हुआ, और उन्होंने जेवनार कर के उस दिन को खुशी का दिन माना। और उस देश के लोगों में से बहुत लोग यहूदी बन गए, क्योंकि उनके मन में यहूदियों का डर समा गया था।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 105-106
  • 1 कुरिन्थियों 3



सोमवार, 19 अगस्त 2019

आनन्द



      केली की गर्भावस्था में कुछ समस्याएँ आ गई थीं, और उसके डॉक्टर उसके लिए चिन्तित थे। लंबे प्रसव के समय, उन्होंने ऑपरेशन द्वारा बच्चे को जन्म देने का निर्णय लिया। किन्तु इस कठिन समय और पीड़ा के बावजूद, केली शीघ्र ही अपनी पीड़ा को भूल गई जब उसने अपने नवजात पुत्र को अपने हाथों में पकड़ा; आनन्द ने पीड़ा को हटा दिया था।

      परमेश्वर का वचन बाइबल इस सत्य की पुष्टि करती है: “जब स्त्री जनने लगती है तो उसको शोक होता है, क्योंकि उस की दु:ख की घड़ी आ पहुंची, परन्तु जब वह बालक जन्म चुकी तो इस आनन्द से कि जगत में एक मनुष्य उत्पन्न हुआ, उस संकट को फिर स्मरण नहीं करती” (यूहन्ना 16:21)। प्रभु यीशु ने इस चित्रण को अपने शिष्यों को दिया, इस बात पर बल देने के लिए कि चाहे शीघ्र ही उसके चले जाने से वे शोकित होंगे, परन्तु उनका यह दुःख आनन्द में बदल जाएगा जब वे उसे दोबारा देखेंगे (पद 20-22)।

      प्रभु यीशु अपनी मृत्यु और पुनरुत्थान, और जो उसके बाद होना था, उसके विषय बात कर रहे थे। अपने मृतकों में से पुनरुत्थान के पश्चात, शिष्य आनन्दित हुए कि, प्रभु ने चालीस दिन उन्हें सिखाते, उनके साथ रहते और चलते फिरते हुए बिताए, और फिर उनका स्वर्गारोहण हुआ (प्रेरितों 1:3)। परन्तु अपने स्वर्गारोहण के बाद भी प्रभु ने उन्हें अकेला और शोकित नहीं छोड़ा; उन्होंने अपना पवित्र आत्मा उन्हें दिया जिससे वे आनन्द से भर गए (यूहन्ना 16:7-15; प्रेरितों 13:52)।

      यद्यपि हमने प्रभु को कभी आमने-सामने नहीं देखा है, किन्तु मसीही विश्वासी होने के नाते हमें यह आश्वासन है कि एक दिन हम प्रभु को देखेंगे, उसके साथ होंगे। उस दिन इस पृथ्वी पर जो दुःख और तकलीफ हम सहते हैं वह सब भुला दी जाएगी। परन्तु उस दिन तक, प्रभु ने हमें बिना आनन्द के नहीं छोड़ा है; उसने हमें अपना आत्मा दिया है (रोमियों 15:13; 1 पतरस 1:8-9)। - एलीसन कीडा


एक दिन हमारा सभी दुःख आनन्द में बदल जाएगा!

और वह उन की आंखों से सब आंसू पोंछ डालेगा; और इस के बाद मृत्यु न रहेगी, और न शोक, न विलाप, न पीड़ा रहेगी; पहिली बातें जाती रहीं। - प्रकाशितवाक्य 21:4

बाइबल पाठ: यूहन्ना 16:16-22
John 16:16 थोड़ी देर तुम मुझे न देखोगे, और फिर थोड़ी देर में मुझे देखोगे।
John 16:17 तब उसके कितने चेलों ने आपस में कहा, यह क्या है, जो वह हम से कहता है, कि थोड़ी देर में तुम मुझे न देखोगे, और फिर थोड़ी देर में मुझे देखोगे? और यह इसलिये कि मैं कि मैं पिता के पास जाता हूं?
John 16:18 तब उन्होंने कहा, यह थोड़ी देर जो वह कहता है, क्या बात है? हम नहीं जानते, कि क्या कहता है।
John 16:19 यीशु ने यह जानकर, कि वे मुझ से पूछना चाहते हैं, उन से कहा, क्या तुम आपस में मेरी इस बाते के विषय में पूछ पाछ करते हो, कि थोड़ी देर में तुम मुझे न देखोगे, और फिर थोड़ी देर में मुझे देखोगे।
John 16:20 मैं तुम से सच सच कहता हूं; कि तुम रोओगे और विलाप करोगे, परन्तु संसार आनन्द करेगा: तुम्हें शोक होगा, परन्तु तुम्हारा शोक आनन्द बन जाएगा।
John 16:21 जब स्त्री जनने लगती है तो उसको शोक होता है, क्योंकि उस की दु:ख की घड़ी आ पहुंची, परन्तु जब वह बालक जन्म चुकी तो इस आनन्द से कि जगत में एक मनुष्य उत्पन्न हुआ, उस संकट को फिर स्मरण नहीं करती।
John 16:22 और तुम्हें भी अब तो शोक है, परन्तु मैं तुम से फिर मिलूंगा और तुम्हारे मन में आनन्द होगा; और तुम्हारा आनन्द कोई तुम से छीन न लेगा।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 103-104
  • 1 कुरिन्थियों 2



रविवार, 18 अगस्त 2019

आनन्दित



      हम में से प्रत्येक जन अपने आप में अनूठा है, परमेश्वर द्वारा बनाई गई एकमात्र मूल-प्रति है। ऐसा कोई भी पुरुष अथवा स्त्री नहीं है जिसने अपने आप को बनाया है। कोई भी, कभी भी अपने आप से गुणवान, ज्ञानवान, और बुद्धिमान नहीं बना है। परमेश्वर ने ही हम सभी को वैसा बनाया है जैसा वह चाहता था और जैसे हम हैं। उसने अपने अवर्णनीय प्रेम में होकर हमारी कल्पना की और फिर हमारी रचना की।

      परमेश्वर ने ही आपके देह, आत्मा, प्राण को बनाया है; और अभी हम में उसका काम पूरा नहीं हुआ है। अब परमेश्वर का हमारे लिए उद्देश्य है हमारी परिपक्वता – हम में आरंभ हुए उसके काम का पूर्ण होना : “और मुझे इस बात का भरोसा है, कि जिसने तुम में अच्छा काम आरम्भ किया है, वही उसे यीशु मसीह के दिन तक पूरा करेगा” (फिलिप्पियों 1:6)। परमेश्वर आपको और अधिक निर्भीक, सामर्थी, शुद्ध, अधिक शांतिप्रिय, अधिक प्रेम करने वाला, कम स्वार्थी व्यक्ति बनाने में लगा हुआ है – संभवतः आप भी अपने लिए यही चाहते रहे होंगे।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में भजनकार ने लिखा, “क्योंकि यहोवा भला है, उसकी करूणा सदा के लिये, और उसकी सच्चाई पीढ़ी से पीढ़ी तक बनी रहती है” (भजन 100:5)। परमेश्वर सदा ही आपसे प्रेम करता रहा है, और वह जीवनपर्यंत आपके प्रति विश्वासयोग्य बना रहेगा। उसने आप से एक ऐसा प्रेम रखा है जो सदाकाल का है, और वह कभी आपसे हताश होकर आपको छोड़ेगा नहीं। यह आनन्दित होने और परमेश्वर के सम्मुख स्तुति के गीतों के साथ आने के लिए अच्छा कारण है। परमेश्वर की जयजयकार करें, उसमें आनन्दित हों। - डेविड रोपर


जब विश्वास का पोषण होता है तो आत्मिक उन्नति होती है।

तेरे जीवन भर कोई तेरे साम्हने ठहर न सकेगा; जैसे मैं मूसा के संग रहा वैसे ही तेरे संग भी रहूंगा; और न तो मैं तुझे धोखा दूंगा, और न तुझ को छोडूंगा। - यहोशू 1:5

बाइबल पाठ: भजन 100
Psalms 100:1 हे सारी पृथ्वी के लोगों यहोवा का जयजयकार करो!
Psalms 100:2 आनन्द से यहोवा की आराधना करो! जयजयकार के साथ उसके सम्मुख आओ!
Psalms 100:3 निश्चय जानो, कि यहोवा ही परमेश्वर है। उसी ने हम को बनाया, और हम उसी के हैं; हम उसकी प्रजा, और उसकी चराई की भेड़ें हैं।
Psalms 100:4 उसके फाटकों से धन्यवाद, और उसके आंगनों में स्तुति करते हुए प्रवेश करो, उसका धन्यवाद करो, और उसके नाम को धन्य कहो!
Psalms 100:5 क्योंकि यहोवा भला है, उसकी करूणा सदा के लिये, और उसकी सच्चाई पीढ़ी से पीढ़ी तक बनी रहती है।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 100-102
  • 1 कुरिन्थियों 1



शनिवार, 17 अगस्त 2019

घर



      आज के हमारे सँसार भर में शरणार्थियों की – उनकी जिन्हें संघर्ष और सताव के कारण अपने घर और देश छोड़ने पड़े हैं, संख्या इतनी अधिक हो चुकी है जितनी पहले कभी नहीं थी। संयुक्त राष्ट्र ने देशों के नेताओं से आग्रह किया है कि वे साथ मिलकर कार्य करें और शरणार्थियों को स्वीकार करें जिससे प्रत्येक बच्चे को शिक्षा तथा प्रत्येक व्यसक को जीविका कमाने के लिए काम मिल सके, और प्रत्येक परिवार के पास रहने के लिए एक घर हो।

      संकट के समय में शरणार्थियों के लिए घर बनाने के सपने से मुझे परमेश्वर के वचन बाइबल में यहूदा राष्ट्र को परमेश्वर द्वारा दी गई प्रतिज्ञा स्मरण हो आई, जब क्रूर अश्शूरी सेनाओं ने उनके घरों को उजाड़ने की धमकी दी थी। ऐसे समय में परमेश्वर ने मीका नबी को नियुक्त किया कि वह यहूदा के लोगों को सचेत करे कि वे अपने प्रिय शहर यरूशलेम और उसमें स्थित उनके मंदिर को खो देंगे। परन्तु परमेश्वर ने यह वायदा भी किया कि इस हानि से परे, भविष्य में, एक बहुत सुन्दर भविष्य उनके लिए रखा हुआ है।

      मीका ने कहा कि एक ऐसा दिन आएगा जब परमेश्वर समस्त सँसार के सभी लोगों को अपने पास बुलाएगा। हिंसा का अन्त हो जाएगा। युद्ध के हथियार खेती के उपकरण बन जाएँगे, और प्रत्येक वह व्यक्ति जो परमेश्वर के आह्वान को स्वीकार करेगा उसे परमेश्वर के राज्य में शांतिमय घर और फलवन्त जीवन प्राप्त होगा (4:3-4)।

      आज सँसार के अनेकों लोगों के लिए, और हो सकता है कि आप के लिए भी एक सुरक्षित घर वास्तविकता नहीं, परन्तु एक सपना है। परन्तु हम परमेश्वर की प्राचीन प्रतिज्ञा पर भरोसा रख सकते हैं कि सँसार के सभी राष्ट्रों के लोगों को एक घर मिलेगा; और हम उस शांतिपूर्ण घर की प्रतिज्ञा को वास्तविक होने के लिए प्रार्थना, कार्य और प्रतीक्षा करते रह सकते हैं। - एमी पीटरसन


परमेश्वर अपने बच्चों को अपने राज्य में एक शांतिपूर्ण घर देने का वायदा करता है।

वह जाति जाति का न्याय करेगा, और देश देश के लोगों के झगड़ों को मिटाएगा; और वे अपनी तलवारें पीट कर हल के फाल और अपने भालों को हंसिया बनाएंगे; तब एक जाति दूसरी जाति के विरुद्ध फिर तलवार न चलाएगी, न लोग भविष्य में युद्ध की विद्या सीखेंगे। - यशायाह 2:4

बाइबल पाठ: मीका 4:1-5
Micah 4:1 अन्त के दिनों में ऐसा होगा कि यहोवा के भवन का पर्वत सब पहाड़ों पर दृढ़ किया जाएगा, और सब पहाडिय़ों से अधिक ऊंचा किया जाएगा; और हर जाति के लोग धारा की नाईं उसकी ओर चलेंगे।
Micah 4:2 और बहुत जातियों के लोग जाएंगे, और आपस में कहेंगे, आओ, हम यहोवा के पर्वत पर चढ़कर, याकूब के परमेश्वर के भवन में जाएं; तब वह हम को अपने मार्ग सिखाएगा, और हम उसके पथों पर चलेंगे। क्योंकि यहोवा की व्यवस्था सिय्योन से, और उसका वचन यरूशलेम से निकलेगा।
Micah 4:3 वह बहुत देशों के लोगों का न्याय करेगा, और दूर दूर तक की सामर्थी जातियों के झगड़ों को मिटाएगा; सो वे अपनी तलवारें पीटकर हल के फाल, और अपने भालोंसे हंसिया बनाएंगे; तब एक जाति दूसरी जाति के विरुद्ध तलवार फिर न चलाएगी;
Micah 4:4 और लोग आगे को युद्ध विद्या न सीखेंगे। परन्तु वे अपनी अपनी दाखलता और अंजीर के वृक्ष तले बैठा करेंगे, और कोई उन को न डराएगा; सेनाओं के यहोवा ने यही वचन दिया है।।
Micah 4:5 सब राज्यों के लोग तो अपने अपने देवता का नाम ले कर चलते हैं, परन्तु हम लोग अपने परमेश्वर यहोवा का नाम ले कर सदा सर्वदा चलते रहेंगे।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 97-99
  • रोमियों 16



शुक्रवार, 16 अगस्त 2019

विश्वास



      मेरी एक सहेली ने बताया कि उसके पति को काम में तरक्की के साथ एक दूसरे देश में जाने का प्रस्ताव दिया गया। परन्तु वह सहेली अपना घर छोड़कर जाने को लेकर आशंकित थी, इसलिए उसके पति ने, न चाहते हुए भी, उस प्रस्ताव को मना कर दिया। उसने समझाया कि एक बड़े परिवर्तन को लेकर उसके भय ने, उसे एक नए अभियान के रोमाँच से वंचित कर दिया, और वह कभी-कभी सोचा करती थी कि नहीं जाने के द्वारा वह क्या कुछ अनुभव करने से रह गई।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में हम देखते हैं कि जब इस्राएलियों को एक उपजाऊ देश में, जहाँ “दूध और मधु की धाराएँ” (निर्गमन 33:3) बहती थीं जाने के लिए कहा गया तो उनके भय और आशंकाओं ने उन्हें स्तंभित कर दिया। जब इस्राएलियों ने उस देश के बड़े-बड़े नगरों में रहने वाले शक्तिशाली लोगों के बारे में सुना (गिनती 13:28) तो वे भयभीत हो गए। लगभग सभी इस्राएलियों ने उस देश में प्रवेश करने के आह्वान को मानने से इन्कार कर दिया।

      परन्तु यहोशू और कालेब ने उन्हें परमेश्वर पर भरोसा रखते हुए आगे बढ़ने के लिए कहा, “तुम यहोवा के विरुद्ध बलवा न करो; और न तो उस देश के लोगों से डरो, क्योंकि वे हमारी रोटी ठहरेंगे; छाया उनके ऊपर से हट गई है, और यहोवा हमारे संग है; उन से न डरो” (गिनती 14:9)। यद्यपि वहाँ के निवासी विशालकाय लगते थे, परन्तु इस्राएली अपने साथ बनी हुई परमेश्वर की उपस्थिति पर विश्वास रख कर आगे बढ़ सकते थे।

      मेरी सहेली को दूसरे देश में जाने के लिए वैसी आज्ञा तो नहीं मिली थी, जैसी कि इस्राएलियों को दी गई थी, परन्तु फिर भी उसे पछतावा था कि उसने अपने भय के कारण उसके जीवन में आए एक अवसर गँवा दिया।

      आज आपका हाल कैसा है – क्या आप भी किसी अनिश्चितता या भयावह परिस्थिति का सामना कर रहे हैं? यदि ऐसा है तो हम मसीही विश्वासी इस बात पर सदा विश्वास रखे रह सकते हैं कि हमारा परमेश्वर पिता सदा हमारे साथ बना रहता है और हमारा मार्गदर्शन करता है। उसके कभी न बदलने और अचूक प्रेम पर भरोसा रख कर हम विश्वास के साथ उसके निर्देशानुसार आगे बढ़ सकते हैं। - एमी बाउचर पाई


भय शक्तिहीन बना सकता है, 
परन्तु विश्वास हमें परमेश्वर का अनुसरण करने के लिए प्रेरित करता है।

तुम्हारा स्‍वभाव लोभरिहत हो, और जो तुम्हारे पास है, उसी पर संतोष किया करो; क्योंकि उसने आप ही कहा है, कि मैं तुझे कभी न छोडूंगा, और न कभी तुझे त्यागूंगा। सलिये हम बेधड़क हो कर कहते हैं, कि प्रभु, मेरा सहायक है; मैं न डरूंगा; मनुष्य मेरा क्या कर सकता है। - इब्रानियों 13:5-6

बाइबल पाठ: गिनती 13:25-14:9
Numbers 13:25 चालीस दिन के बाद वे उस देश का भेद ले कर लौट आए।
Numbers 13:26 और पारान जंगल के कादेश नाम स्थान में मूसा और हारून और इस्त्राएलियों की सारी मण्डली के पास पहुंचे; और उन को और सारी मण्डली को संदेशा दिया, और उस देश के फल उन को दिखाए।
Numbers 13:27 उन्होंने मूसा से यह कहकर वर्णन किया, कि जिस देश में तू ने हम को भेजा था उस में हम गए; उस में सचमुच दूध और मधु की धाराएं बहती हैं, और उसकी उपज में से यही है।
Numbers 13:28 परन्तु उस देश के निवासी बलवान हैं, और उसके नगर गढ़ वाले हैं और बहुत बड़े हैं; और फिर हम ने वहां अनाकवंशियों को भी देखा।
Numbers 13:29 दक्षिण देश में तो अमालेकी बसे हुए हैं; और पहाड़ी देश में हित्ती, यबूसी, और एमोरी रहते हैं; और समुद्र के किनारे किनारे और यरदन नदी के तट पर कनानी बसे हुए हैं।
Numbers 13:30 पर कालेब ने मूसा के साम्हने प्रजा के लोगों को चुप कराने की मनसा से कहा, हम अभी चढ़ के उस देश को अपना कर लें; क्योंकि नि:सन्देह हम में ऐसा करने की शक्ति है।
Numbers 13:31 पर जो पुरूष उसके संग गए थे उन्होंने कहा, उन लोगों पर चढ़ने की शक्ति हम में नहीं है; क्योंकि वे हम से बलवान हैं।
Numbers 13:32 और उन्होंने इस्त्राएलियों के साम्हने उस देश की जिसका भेद उन्होंने लिया था यह कहकर निन्दा भी की, कि वह देश जिसका भेद लेने को हम गये थे ऐसा है, जो अपने निवासियों निगल जाता है; और जितने पुरूष हम ने उस में देखे वे सब के सब बड़े डील डौल के हैं।
Numbers 13:33 फिर हम ने वहां नपीलों को, अर्थात नपीली जाति वाले अनाकवंशियों को देखा; और हम अपनी दृष्टि में तो उनके साम्हने टिड्डे के सामान दिखाई पड़ते थे, और ऐसे ही उनकी दृष्टि में मालूम पड़ते थे।
Numbers 14:1 तब सारी मण्डली चिल्ला उठी; और रात भर वे लोग रोते ही रहे।
Numbers 14:2 और सब इस्त्राएली मूसा और हारून पर बुड़बुड़ाने लगे; और सारी मण्डली उसने कहने लगी, कि भला होता कि हम मिस्र ही में मर जाते! वा इस जंगल ही में मर जाते!
Numbers 14:3 और यहोवा हम को उस देश में ले जा कर क्यों तलवार से मरवाना चाहता है? हमारी स्त्रियां और बाल-बच्चे तो लूट में चलें जाएंगे; क्या हमारे लिये अच्छा नहीं कि हम मिस्र देश को लौट जाएं?
Numbers 14:4 फिर वे आपस में कहने लगे, आओ, हम किसी को अपना प्रधान बना लें, और मिस्र को लौट चलें।
Numbers 14:5 तब मूसा और हारून इस्त्राएलियों की सारी मण्डली के साम्हने मुंह के बल गिरे।
Numbers 14:6 और नून का पुत्र यहोशू और यपुन्ने का पुत्र कालिब, जो देश के भेद लेने वालों में से थे, अपने अपने वस्त्र फाड़कर,
Numbers 14:7 इस्त्राएलियों की सारी मण्डली से कहने लगे, कि जिस देश का भेद लेने को हम इधर उधर घूम कर आए हैं, वह अत्यन्त उत्तम देश है।
Numbers 14:8 यदि यहोवा हम से प्रसन्न हो, तो हम को उस देश में, जिस में दूध और मधु की धाराएं बहती हैं, पहुंचाकर उसे हमे दे देगा।
Numbers 14:9 केवल इतना करो कि तुम यहोवा के विरुद्ध बलवा न करो; और न तो उस देश के लोगों से डरो, क्योंकि वे हमारी रोटी ठहरेंगे; छाया उनके ऊपर से हट गई है, और यहोवा हमारे संग है; उन से न डरो।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 94-96
  • रोमियों 15:14-33



गुरुवार, 15 अगस्त 2019

शरण स्थान



      जब हम शरण स्थान के विषय विचार करते हैं, तो पक्षियों के पंखों का ध्यान करना स्वाभाविक नहीं होता है। यद्यपि पक्षियों के पंख बचाव के लिए बहुत कमज़ोर दिखाई दे सकते हैं, परन्तु जैसे वे दिखते हैं, उससे कहीं अधिक उनमें और भी है। पक्षियों के पंख परमेश्वर की कारीगरी का अद्भुत उदाहरण हैं। पंख के दो प्रकार होते हैं, एक कोमल सपाट और दूसरा रोएँदार। सपाट प्रकार के पंख में बहुत छोटे-छोटे हुक समान कांटे होते हैं जो आपस में फंस कर ज़िप के समान एक साथ बन्द हो जाते हैं; और रोएँदार पंख पक्षी को गरम रखते हैं। दोनों प्रकार के पंख मिलकर पक्षी की हवा और वर्षा से रक्षा करते हैं। परन्तु पक्षियों के बच्चों के केवल रोएँदार पंख ही होते हैं, इसलिए माता-पक्षी को उन्हें अपने पंखों तले ले कर उनकी हवा और वर्षा से रक्षा करनी पड़ती है।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में इसी प्रकार से परमेश्वर द्वारा हमें अपनी आड़ में लेकर हमारी रक्षा करने का चित्रण किया गया है (भजन 91:4)। इससे जो चित्र उभरता है वह आराम और सुरक्षा का है, जैसे कि माता पक्षी अपने बच्चों को अपने पंखों तले लेकर उन्हें बचा कर रखती है। जैसे बच्चे अपने माता-पिता की बाहों की छत्र-छाया में जीवन की कठिनाइयों की आँधियों से सुरक्षित बचे रहते हैं, उसी प्रकार परमेश्वर की उपस्थिति भी हम मसीही विश्वासियों के लिए जीवन की विभिन्न परिस्थितियों में एक सुरक्षित शरण-स्थान है।

      हम चाहे परेशानियों और दुखों से होकर निकलें, फिर भी हम उनका सामना बिना किसी भय के कर सकते हैं क्योंकि परमेश्वर हमारा शरण स्थान है। - लिंडा वॉशिंगटन


जब भय के कारण आशा धूमिल पड़ने लगे, 
तो हमारे शरण स्थान पिता परमेश्वर की आड़ में आ जाएँ।

तू जो अपने दाहिने हाथ के द्वारा अपने शरणगतों को उनके विरोधियों से बचाता है, अपनी अद्भुत करूणा दिखा। अपने आंखो की पुतली के समान सुरक्षित रख; अपने पंखों के तले मुझे छिपा रख, उन दुष्टों से जो मुझ पर अत्याचार करते हैं, मेरे प्राण के शत्रुओं से जो मुझे घेरे हुए हैं। - भजन 17:7-9

बाइबल पाठ: भजन 91
Psalms 91:1 जो परमप्रधान के छाए हुए स्थान में बैठा रहे, वह सर्वशक्तिमान की छाया में ठिकाना पाएगा।
Psalms 91:2 मैं यहोवा के विषय कहूंगा, कि वह मेरा शरणस्थान और गढ़ है; वह मेरा परमेश्वर है, मैं उस पर भरोसा रखूंगा।
Psalms 91:3 वह तो तुझे बहेलिये के जाल से, और महामारी से बचाएगा;
Psalms 91:4 वह तुझे अपने पंखों की आड़ में ले लेगा, और तू उसके पैरों के नीचे शरण पाएगा; उसकी सच्चाई तेरे लिये ढाल और झिलम ठहरेगी।
Psalms 91:5 तू न रात के भय से डरेगा, और न उस तीर से जो दिन को उड़ता है,
Psalms 91:6 न उस मरी से जो अन्धेरे में फैलती है, और न उस महारोग से जो दिन दुपहरी में उजाड़ता है।
Psalms 91:7 तेरे निकट हज़ार, और तेरी दाहिनी ओर दस हज़ार गिरेंगे; परन्तु वह तेरे पास न आएगा।
Psalms 91:8 परन्तु तू अपनी आंखों की दृष्टि करेगा और दुष्टों के अन्त को देखेगा।
Psalms 91:9 हे यहोवा, तू मेरा शरण स्थान ठहरा है। तू ने जो परमप्रधान को अपना धाम मान लिया है,
Psalms 91:10 इसलिये कोई विपत्ति तुझ पर न पड़ेगी, न कोई दु:ख तेरे डेरे के निकट आएगा।
Psalms 91:11 क्योंकि वह अपने दूतों को तेरे निमित्त आज्ञा देगा, कि जहां कहीं तू जाए वे तेरी रक्षा करें।
Psalms 91:12 वे तुझ को हाथों हाथ उठा लेंगे, ऐसा न हो कि तेरे पांवों में पत्थर से ठेस लगे।
Psalms 91:13 तू सिंह और नाग को कुचलेगा, तू जवान सिंह और अजगर को लताड़ेगा।
Psalms 91:14 उसने जो मुझ से स्नेह किया है, इसलिये मैं उसको छुड़ाऊंगा; मैं उसको ऊंचे स्थान पर रखूंगा, क्योंकि उसने मेरे नाम को जान लिया है।
Psalms 91:15 जब वह मुझ को पुकारे, तब मैं उसकी सुनूंगा; संकट में मैं उसके संग रहूंगा, मैं उसको बचा कर उसकी महिमा बढ़ाऊंगा।
Psalms 91:16 मैं उसको दीर्घायु से तृप्त करूंगा, और अपने किए हुए उद्धार का दर्शन दिखाऊंगा।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 91-93
  • रोमियों 15:1-13