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मंगलवार, 29 अक्टूबर 2019

भरोसेमंद



      प्रभु यीशु मसीह को अपने जीवन समर्पित करने से पहले, मैं और मेरे पति गंभीरता से तलाक लेने पर विचार कर रहे थे। परन्तु परमेश्वर से प्रेम करने और उसके आज्ञाकारी बने रहने के प्रति समर्पित होने के पश्चात, हम दोनों ने एक बार फिर एक दूसरे के प्रति समर्पण किया। हमने बुद्धिमता के परामर्श को ढूँढा और पवित्र आत्मा को निमंत्रण दिया कि वह हमें व्यक्तिगत रीति से तथा जोड़े के रूप में परिवर्तित करे। हमारा स्वर्गीय पिता हमारी सहायता करता रहता है कि हम परस्पर संवाद के कौशल को और विक्सित करते चले जाएँ। वह हमें सिखा रहा है कि हम कैसे उससे प्रेम करते रहें और उसपर भरोसा बनाए रखें – तथा एक दूसरे के साथ भी ऐसा ही करें – चाहे कुछ भी हो जाए।

      परन्तु, यद्यपि हम अपने विवाह की पच्चीसवीं वर्षगाँठ मनाने के निकट पहुँच रहे हैं, कभी-कभी मैं  जो कुछ परमेश्वर ने हमारी परीक्षाओं और संघर्षों में होकर हमारे लिए किया है, उसे भूलने लगती हूँ। कभी-कभी मुझे अज्ञात के गहरे भय के साथ संघर्ष करना पड़ता है – उस सदैव भरोसेमंद परमेश्वर पर भरोसा बनाए रखने के स्थान पर मैं अनावश्यक चिंताओं का अनुभव करती हूँ।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में व्यवस्थाविवरण 1 में मूसा ने परमेश्वर के भरोसेमंद होने की पुष्टि की। उसने इस्राएलियों को प्रोत्साहित किया कि वे विश्वास में आगे बढ़ते जाएँ जिससे कि वे अपनी विरासत का आनन्द उठा सकें (पद 21)। परन्तु परमेश्वर के उन लोगों ने परमेश्वर पर अपने भविष्य के लिए भरोसा रखने से पहले उस सब का विवरण माँगा जो उसने उनके भविष्य के लिए रखा था और उस सबका भी कि आगे उन्हें क्या मिलेगा (पद 22, 23)।

      प्रभु यीशु मसीह के अनुयायी भी कभी-कभी भय या चिन्ता के सामने हताश हो जाते हैं। जिन कठिनाईयों का हमें संभवतः सामना करना पड़ सकता है वे हमें भरोसा बनाए रखने से रोक सकती हैं और परमेश्वर तथा औरों के साथ हमारे संबंधों में बाधाएं डाल सकती हैं। परन्तु पवित्र आत्मा हमारी सहायता करता है और बीते समय में हमारे प्रति बनी रही परमेश्वर की विश्वासयोग्यता का स्मरण करवाकर वह हमें बलवंत कर सकता है कि हम परमेश्वर के कल, आज, और कल भी भरोसेमंद होने पर भरोसा बनाए रखें। - जोशील डिक्सन

बीते समय की परमेश्वर की विश्वासयोग्यता, उसके अनन्तकाल तक भरोसेमंद रहने का प्रमाण है।

परमेश्वर सच्चा है; जिसने तुम को अपने पुत्र हमारे प्रभु यीशु मसीह की संगति में बुलाया है। - 1 कुरिन्थियों 1:9

बाइबल पाठ: व्यवस्थाविवरण 1:21-33
Deuteronomy 1:21 देखो, उस देश को तुम्हारा परमेश्वर यहोवा तुम्हारे साम्हने किए देता है, इसलिऐ अपने पितरों के परमेश्वर यहोवा के वचन के अनुसार उस पर चढ़ो, और उसे अपने अधिकार में ले लो; न तो तुम डरो और न तुम्हारा मन कच्चा हो।
Deuteronomy 1:22 और तुम सब मेरे पास आकर कहने लगे, हम अपने आगे पुरूषों को भेज देंगे, जो उस देश का पता लगाकर हम को यह सन्देश दें, कि कौन सा मार्ग हो कर चलना होगा और किस किस नगर में प्रवेश करना पड़ेगा?
Deuteronomy 1:23 इस बात से प्रसन्न हो कर मैं ने तुम में से बारह पुरूष, अर्थात गोत्र पीछे एक पुरूष चुन लिया;
Deuteronomy 1:24 और वे पहाड़ पर चढ़ गए, और एशकोल नाम नाले को पहुँचकर उस देश का भेद लिया।
Deuteronomy 1:25 और उस देश के फलों में से कुछ हाथ में ले कर हमारे पास आए, और हम को यह सन्देश दिया, कि जो देश हमारा परमेश्वर यहोवा हमें देता है वह अच्छा है।
Deuteronomy 1:26 तौभी तुम ने वहाँ जाने से ना किया, किन्तु अपने परमेश्वर यहोवा की आज्ञा के विरुद्ध हो कर
Deuteronomy 1:27 अपने अपने डेरे में यह कहकर कुड़कुड़ाने लगे, कि यहोवा हम से बैर रखता है, इस कारण हम को मिस्र देश से निकाल ले आया है, कि हम को एमोरियों के वश में कर के सत्यनाश कर डाले।
Deuteronomy 1:28 हम किधर जाएँ? हमारे भाइयों ने यह कहके हमारे मन को कच्चा कर दिया है, कि वहाँ के लोग हम से बड़े और लम्बे हैं; और वहाँ के नगर बड़े बड़े हैं, और उनकी शहरपनाह आकाश से बातें करती हैं; और हम ने वहाँ अनाकवंशियों को भी देखा है।
Deuteronomy 1:29 मैं ने तुम से कहा, उनके कारण त्रास मत खाओ और न डरो।
Deuteronomy 1:30 तुम्हारा परमेश्वर यहोवा जो तुम्हारे आगे आगे चलता है वह आप तुम्हारी ओर से लड़ेगा, जैसे कि उसने मिस्र में तुम्हारे देखते तुम्हारे लिये किया;
Deuteronomy 1:31 फिर तुम ने जंगल में भी देखा, कि जिस रीति कोई पुरूष अपने लड़के को उठाए चलता है, उसी रीति हमारा परमेश्वर यहोवा हम को इस स्थान पर पहुँचने तक, उस सारे मार्ग में जिस से हम आए हैं, उठाये रहा।
Deuteronomy 1:32 इस बात पर भी तुम ने अपने उस परमेश्वर यहोवा पर विश्वास नहीं किया,
Deuteronomy 1:33 जो तुम्हारे आगे आगे इसलिये चलता रहा, कि डेरे डालने का स्थान तुम्हारे लिये ढूंढ़े, और रात को आग में और दिन को बादल में प्रगट हो कर चला, ताकि तुम को वह मार्ग दिखाए जिस से तुम चलो।

एक साल में बाइबल: 
  • यिर्मयाह 18-19
  • 2 तिमुथियुस 3



सोमवार, 28 अक्टूबर 2019

जड़ पकड़े



      हमारे मित्र नए घर में गए; वहाँ अपना बगीचा बनाते समय उन्होंने पड़ौसी के मकान के बाड़े के निकट एक सुगन्धित फूल वाला पौधा लगाया, जिस में फूल आने में पाँच वर्ष का समय लगना था। वे उस पौधे की देखभाल करते रहे और फिर दो दशकों से अधिक तक उसके सुगन्धित फूलों का आनन्द लिया; वे बड़े ध्यान से उस पौधे की छँटाई और देखभाल करते रहते थे। किन्तु अचानक ही वह पौधा मुर्झा कर मर गया; उनके पड़ौसी ने खरपतवार मारने वाले कुछ रसायन अपने बगीचे में डाले थे, जो बह कर इस पौधे की जड़ों तक भी आ गए और पौधा मर गया – ऐसा मेरे मित्रों को लगा। किन्तु उन्हें बहुत अचंभा हुआ जब अगले वर्ष, उस पौधे की जड़ों में से कुछ अंकुर फूट कर धरती के बाहर दिखाई देने लगे।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में हम देखते हैं कि यिर्मयाह भविष्यद्वक्ता ने लोगों के परमेश्वर पर भरोसा रखने या उसके मार्गों की उपेक्षा करने को वृक्षों के फलते-फूलते होने या मुरझा कर मर जाने से चित्रित किया। वे लोग जो परमेश्वर की इच्छा का पालन करते हैं वे उन वृक्षों के समान बताए गए हैं जो अपनी जड़ें जल के निकट की भूमि में गहरी करते हैं (यिर्मयाह 17:8); परन्तु वे लोग जो मनमानी करते हैं, उन्हें मरुभूमि की झाड़ियों के समान कहा गया है (पद 5, 6)। भविष्यद्वक्ता लालसा करता है कि परमेश्वर के लोग उस सच्चे और जीवते परमेश्वर पर भरोसा करते रहें जिससे कि वे नदी के किनारे लगे वृक्षों के समान हों (पद 8)।

      हम जानते हैं कि प्रभु यीशु मसीह ने परमेश्वर पिता को किसान के समान बताया है (यूहन्ना 15:1); और हम उसमें पूर्ण भरोसा बनाए रख सकते हैं (यिर्मयाह 17:7)। जब हम परमेश्वर और उसके वचन में जड़ पकड़े रहेंगे, तो हम परमेश्वर पिता के लिए उत्तम और बने रहने फल भी ला सकेंगे। - एमी बाउचर पाई

जब हम परमेश्वर का अनुसरण करते हैं तो वह हमें बढ़ाता है।

तुम ने मुझे नहीं चुना परन्तु मैं ने तुम्हें चुना है और तुम्हें ठहराया ताकि तुम जा कर फल लाओ; और तुम्हारा फल बना रहे, कि तुम मेरे नाम से जो कुछ पिता से मांगो, वह तुम्हें दे। - यूहन्ना 15:16

बाइबल पाठ: यिर्मयाह 17: 5-8
Jeremiah 17:5 यहोवा यों कहता है, श्रापित है वह पुरुष जो मनुष्य पर भरोसा रखता है, और उसका सहारा लेता है, जिसका मन यहोवा से भटक जाता है।
Jeremiah 17:6 वह निर्जल देश के अधमूए पेड़ के समान होगा और कभी भलाई न देखेगा। वह निर्जल और निर्जन तथा लोनछाई भूमि पर बसेगा।
Jeremiah 17:7 धन्य है वह पुरुष जो यहोवा पर भरोसा रखता है, जिसने परमेश्वर को अपना आधार माना हो।
Jeremiah 17:8 वह उस वृक्ष के समान होगा जो नदी के तीर पर लगा हो और उसकी जड़ जल के पास फैली हो; जब घाम होगा तब उसको न लगेगा, उसके पत्ते हरे रहेंगे, और सूखे वर्ष में भी उनके विषय में कुछ चिन्ता न होगी, क्योंकि वह तब भी फलता रहेगा।

एक साल में बाइबल: 
  • यिर्मयाह 15-17
  • 2 तिमुथियुस 2


रविवार, 27 अक्टूबर 2019

प्रावधान



      मेरी खिड़की के बाहर गिलहरियां शरद ऋतु के आगमन की तैयारी में लगी हैं; वे बाँझफलों (Accorns) को  सुरक्षित किन्तु सरलता से पहुँचे जा सकने वाले स्थानों में ले जाकर दबा रही हैं जिससे जब बर्फ पड़े तो उन्हें भोजन उपलब्ध रहे। यह करते हुए जो शोर वो मचाती हैं वह मुझे मनोरंजक लगता है। इसकी तुलना में, हिरणों का पूरा झुण्ड हमारे घर के पीछे के आँगन से बिना कोई शोर किए निकल सकता है, परन्तु एक गिलहरी इतना शोर कर सकती है मानो कोई आक्रमण हो रहा हो।

      ये दोनों जीव एक अन्य प्रकार से भी भिन्न हैं। हिरन सर्दी के समय के लिए भोजन एकत्रित नहीं करते हैं। जब बर्फ पड़ती है तब जो भी उन्हें चलते हुए मिलता है, वह चाहे हमारे बगीचे के पौधे ही क्यों न हों, वे सब खाते चले जाते हैं। परन्तु यदि गिलहरियां उन हिरणों के समान व्यवहार करें तो उन्हें उपयुक्त भोजन नहीं मिलेगा और वे भूखी मर जाएँगी।

      गिलहरियाँ और हिरन परमेश्वर द्वारा हमारे लिए किए जाने वाले प्रावधानों के प्रतीक हैं। परमेश्वर ने हमें क्षमता और योग्यता दी है कि हम कार्य करें और अपने भविष्य के लिए कुछ बचत करके रखें; परन्तु यदि हमारे पास संसाधानों की घटी हो तो भी वह हमारी आवश्यकताएँ पूरी कर देता है। जैसा कि परमेश्वर के वचन बाइबल में नीतिवचन से हम सीखते हैं, परमेश्वर हमारे जीवनों में बहुतायत के समय देता है जिससे हम घटी के समयों के लिए तैयारीयां कर के रख सकें (नीतिवचन 12:11)। इसी प्रकार से भजन 23 हमें सिखाता है कि परमेश्वर हमें घोर अन्धकार के स्थानों से निकाल कर हरियाली चारागाहों में लिए चलता है।

      एक अन्य विधि है जिसके द्वारा परमेश्वर हमें उपलब्ध करवाता है – जिनके पास बहुतायत से है उन्हें उनके साथ बाँटने के द्वारा, जिनके पास घटी है (व्यवस्थाविवरण 24:19)। इसलिए जब बात प्रावधान की हो, तो बाइबल का सन्देश यह है कि, जब कार्य कर सकते हो तो करो; जो बचत कर सकते हो वह भी करो; और जो औरों के साथ बाँट सकते हो वह भी बांटो; तथा परमेश्वर पर भरोसा बनाए रखो कि वह हमारी आवश्यकताओं की पूर्ति करेगा। - जूली एकरमैन लिंक

हमारी आवश्यकताएं, कभी भी परमेश्वर के संसाधानों से अधिक नहीं हो सकती हैं।

जो अपनी भूमि को जोतता, वह पेट भर खाता है; परन्तु जो निकम्मों की संगति करता, वह निर्बुद्धि ठहरता है। - नीतिवचन 12:11

बाइबल पाठ: व्यवस्थाविवरण 24:19-22
Deuteronomy 24:19 जब तू अपने पक्के खेत को काटे, और एक पूला खेत में भूल से छूट जाए, तो उसे लेने को फिर न लौट जाना; वह परदेशी, अनाथ, और विधवा के लिये पड़ा रहे; इसलिये कि परमेश्वर यहोवा तेरे सब कामों में तुझ को आशीष दे।
Deuteronomy 24:20 जब तू अपने जलपाई के वृक्ष को झाड़े, तब डालियों को दूसरी बार न झाड़ना; वह परदेशी, अनाथ, और विधवा के लिये रह जाए।
Deuteronomy 24:21 जब तू अपनी दाख की बारी के फल तोड़े, तो उसका दाना दाना न तोड़ लेना; वह परदेशी, अनाथ और विधवा के लिये रह जाए।
Deuteronomy 24:22 और इस को स्मरण रखना कि तू मिस्र देश में दास था; इस कारण मैं तुझे यह आज्ञा देता हूं।

एक साल में बाइबल: 
  • यिर्मयाह 12-14
  • 2 तिमुथियुस 1



शनिवार, 26 अक्टूबर 2019

उपहार



      मेरा जन्म-दिन, मेरी माँ के जन्म-दिन के अगले ही दिन होता है। अपनी किशोरावस्था में, उनके जन्म-दिन पर मैं अपने खर्च की सीमा के अन्दर अपनी माँ को प्रसन्न करने वाला उपहार देने का प्रयास करती थी। वह सदा ही मेरे उपहारों को सराहना के साथ ग्रहण करती थीं, और अगले दिन, मेरे जन्म-दिन पर वे मुझे उपहार देती थीं। सदा ही उनके द्वारा दिया गया उपहार, मेरे दिए उपहार से बेहतर होता था। उनका उद्देश्य मेरे उपहार को नीचा दिखाना नहीं होता था; वरन वे अपने संसाधनों के आधार पर, जो कि मेरे संसाधनों से कहीं बढ़कर थे, उदारता से देती थीं, इसलिए उनका उपहार सदा ही बेहतर होता था।

      अपनी माँ को उपहार देने की मेरी इच्छा, मुझे परमेश्वर के वचन बाइबल में दाऊद द्वारा परमेश्वर के लिए भवन बनाने की इच्छा को स्मरण करवाती है। दाऊद ने जब अपने रहने के महल को तुलनात्मक रीति से परमेश्वर की वाचा के सन्दूक को रखने के लिए बने तम्बू से देखा, तो दाऊद के अन्दर परमेश्वर का मंदिर बनवाने की लालसा जागृत हुई। दाऊद की इच्छा की पूर्ति की स्वीकृति देने के स्थान पर, परमेश्वर ने दाऊद को इससे कहीं बढ़कर तथा बेहतर उपहार दिया। परमेश्वर ने दाऊद से प्रतिज्ञा की, कि न केवल उसका एक पुत्र (सुलेमान) मंदिर को बनवाएगा (1 इतिहास 17:11), वरन परमेश्वर दाऊद के वंश को सदा के लिए स्थापित करेगा। परमेश्वर की इस प्रतिज्ञा का आरंभ सुलेमान से हुआ और पूर्ति प्रभु यीशु में हुई, जिसके स्वर्गीय राज्य का कभी अन्त नहीं होगा (पद 12)। दाऊद ने परमेश्वर को अपने सीमित संसाधनों के अनुसार देना चाहा, परन्तु परमेश्वर ने उसे अपने असीम संसाधनों के अनुसार दे दिया।

      दाउद के समान हम भी सदा परमेश्वर के कृतज्ञ होकर उसे सप्रेम अपने धन्यवाद के उपहार अर्पित करें। और हम देखेंगे कि परमेश्वर कैसे हमें अपनी बहुतायत में से प्रभु यीशु मसीह में होकर देता जाता है। - कर्सटिन होल्म्बर्ग

प्रभु यीशु के रूप में हमें मिला परमेश्वर का उपहार सभी उपहारों से बहुत बढ़कर है।

परमेश्वर को उसके उस दान के लिये जो वर्णन से बाहर है, धन्यवाद हो। - 2 कुरिन्थियों 9:15

बाइबल पाठ: 1 इतिहास 17:1-15
1 Chronicles 17:1 जब दाऊद अपने भवन में रहने लगा, तब दाऊद ने नातान नबी से कहा, देख, मैं तो देवदारु के बने हुए घर में रहता हूँ, परन्तु यहोवा की वाचा का सन्दूक तम्बू में रहता है।
1 Chronicles 17:2 नातान ने दाऊद से कहा, जो कुछ तेरे मन में हो उसे कर, क्योंकि परमेश्वर तेरे संग है।
1 Chronicles 17:3 उसी दिन रात को परमेश्वर का यह वचन नातान के पास पहुंचा, जा कर मेरे दास दाऊद से कह,
1 Chronicles 17:4 यहोवा यों कहता है, कि मेरे निवास के लिये तू घर बनवाने न पाएगा।
1 Chronicles 17:5 क्योंकि जिस दिन से मैं इस्राएलियों को मिस्र से ले आया, आज के दिन तक मैं कभी घर में नहीं रहा; परन्तु एक तम्बू से दूसरे तम्बू को ओर एक निवास से दूसरे निवास को आया जाया करता हूँ।
1 Chronicles 17:6 जहां जहां मैं ने सब इस्राएलियों के बीच आना जाना किया, क्या मैं ने इस्राएल के न्यायियों में से जिन को मैं ने अपनी प्रजा की चरवाही करने को ठहराया था, किसी से ऐसी बात कभी कही, कि तुम लोगों ने मेरे लिये देवदारु का घर क्यों नहीं बनवाया?
1 Chronicles 17:7 सो अब तू मेरे दास दाऊद से ऐसा कह, कि सेनाओं का यहोवा यों कहता है, कि मैं ने तो तुझ को भेड़शाला से और भेड़-बकरियों के पीछे पीछे फिरने से इस मनसा से बुला लिया, कि तू मेरी प्रजा इस्राएल का प्रधान हो जाए;
1 Chronicles 17:8 और जहां कहीं तू आया और गया, वहां मैं तेरे संग रहा, और तेरे सब शत्रुओं को तेरे साम्हने से नष्ट किया है। अब मैं तेरे नाम को पृथ्वी के बड़े बड़े लोगों के नामों के समान बड़ा कर दूंगा।
1 Chronicles 17:9 और मैं अपनी प्रजा इस्राएल के लिये एक स्थान ठहराऊंगा, और उसको स्थिर करूंगा कि वह अपने ही स्थान में बसी रहे और कभी चलायमान न हो; और कुटिल लोग उन को नाश न करने पाएंगे, जैसे कि पहिले दिनों में करते थे;
1 Chronicles 17:10 उस समय भी जब मैं अपनी प्रजा इस्राएल के ऊपर न्यायी ठहराता था; सो मैं तेरे सब शत्रुओं को दबा दूंगा। फिर मैं तुझे यह भी बताता हूँ, कि यहोवा तेरा घर बनाये रखेगा।
1 Chronicles 17:11 जब तेरी आयु पूरी हो जायेगी और तुझे अपने पितरों के संग जाना पड़ेगा, तब मैं तेरे बाद तेरे वंश को जो तेरे पुत्रों में से होगा, खड़ा कर के उसके राज्य को स्थिर करूंगा।
1 Chronicles 17:12 मेरे लिये एक घर वही बनाएगा, और मैं उसकी राजगद्दी को सदैव स्थिर रखूंगा।
1 Chronicles 17:13 मैं उसका पिता ठहरूंगा और वह मेरा पुत्र ठहरेगा; और जैसे मैं ने अपनी करुणा उस पर से जो तुझ से पहिले था हटाई, वैसे मैं उस पर से न हटाऊंगा,
1 Chronicles 17:14 वरन मैं उसको अपने घर और अपने राज्य में सदैव स्थिर रखूंगा और उसकी राजगद्दी सदैव अटल रहेगी।
1 Chronicles 17:15 इन सब बातों और इस दर्शन के अनुसार नातान ने दाऊद को समझा दिया।

एक साल में बाइबल: 
  • यिर्मयाह 9-11
  • 1 तिमुथियुस 6



शुक्रवार, 25 अक्टूबर 2019

जीवन जल



      1960 के दशक में ‘किंग्स्टन ट्राएओ’ नामक एक गीत मण्डली ने “डेज़र्ट पीट” नामक एक गाना जारी किया जो कि एक कहानी सुनाता है। उस कहानी में रेगिस्तान में यात्रा करने वाले और प्यास से बेहाल एक काओ-ब्वौए के बारे में बताया गया है जिसे एक हैंडपंप मिलता है। उस हैंडपंप के पास ही एक जग में पानी रखा है और साथ ही एक पर्चा रखा है जिस पर डेज़र्ट पीट ने लिख कर रखा है कि उस जग के पानी को पीने की बजाए, उसे पहले हैंडपंप को चलाने के लिए उसमें डालें और फिर हैंडपंप को चलाएँ, तो बहुतायत से ठंडा पेय जल प्राप्त हो जाएगा, और फिर उस जग को भर कर वहीं उस पर्चे के साथ रख दें।

      प्यास से बेहाल उस काओ-ब्वौए के सामने बड़ा प्रलोभन था कि वह उस जग में उपलब्ध जल को पी ले, न कि उसे हैंडपंप में डालकर उपलब्ध जल से भी वंचित हो जाने का जोखिम उठाए। परन्तु वह अपने उस लोभ को दबाकर पर्चे पर लिखे निर्देशानुसार जल को हैंडपंप में डालता है और पंप को चलाना आरंभ करता है। उसकी इस आज्ञाकारिता के परिणामस्वरूप उसे ठंडा पीने योग्य तथा संतुष्टि प्रदान करने वाला स्वच्छ जल बहुतायत से प्राप्त होता है। यदि वह डेज़र्ट पीट की बात पर विश्वास नहीं करता तो उसे बस वह एक जग भर बासी और गर्म पानी ही मिलता।

      यह मुझे परमेश्वर के वचन बाइबल में दी गई इस्राएल की बियाबान की यात्रा को स्मरण करवाता है। जब वे प्यास से बेहाल होने लगे (निर्गमन 17:1-7), तो मूसा ने परमेश्वर से सहायता माँगी। परमेश्वर ने मूसा से कहा कि वह होरेब की चट्टान पर अपनी लाठी से प्रहार करे। मूसा ने परमेश्वर की बात पर विश्वास किया और आज्ञाकारिता में चट्टान पर मारा, और उस पत्थर से बहुतायत से जल निकल पड़ा।

      परन्तु दुःख की बात है कि इस्राएल ने सदा ही मूसा की आज्ञाकारिता के इस उदाहरण का अनुसरण नहीं किया। अन्ततः “...सुने हुए वचन से उन्हें कुछ लाभ न हुआ; क्योंकि सुनने वालों के मन में विश्वास के साथ नहीं बैठा” (इब्रानियों 4:2)।

      कभी-कभी हमें जीवन मरुभूमि के समान लगने लगता है। परन्तु परमेश्वर हमारी आत्मिक प्यास सबसे अनेपक्षित परिस्थितियों द्वारा भी बुझा सकता है। जब हम विश्वास द्वारा परमेश्वर के वचन की प्रतिज्ञाओं पर भरोसा करते हैं, तो हम जीवन जल की नदियों तथा दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए परमेश्वर के अनुग्रह का अनुभव कर सकते हैं। - डेनिस फिशर

परमेश्वर के लिए हमारी प्यास को केवल प्रभु यीशु, जो जीवन जल का स्त्रोत है, बुझा सकता है।

फिर पर्व के अंतिम दिन, जो मुख्य दिन है, यीशु खड़ा हुआ और पुकार कर कहा, यदि कोई प्यासा हो तो मेरे पास आकर पीए। जो मुझ पर विश्वास करेगा, जैसा पवित्र शास्त्र में आया है उसके हृदय में से जीवन के जल की नदियां बह निकलेंगी। - यूहन्ना 7:37-38

बाइबल पाठ: निर्गमन 17:1-7
Exodus 17:1 फिर इस्राएलियों की सारी मण्डली सीन नाम जंगल से निकल चली, और यहोवा के आज्ञानुसार कूच कर के रपीदीम में अपने डेरे खड़े किए; और वहां उन लोगों को पीने का पानी न मिला।
Exodus 17:2 इसलिये वे मूसा से वादविवाद कर के कहने लगे, कि हमें पीने का पानी दे। मूसा ने उन से कहा, तुम मुझ से क्यों वादविवाद करते हो? और यहोवा की परीक्षा क्यों करते हो?
Exodus 17:3 फिर वहां लोगों को पानी की प्यास लगी तब वे यह कहकर मूसा पर बुड़बुड़ाने लगे, कि तू हमें लड़के बालों और पशुओं समेत प्यासों मार डालने के लिये मिस्र से क्यों ले आया है?
Exodus 17:4 तब मूसा ने यहोवा की दोहाई दी, और कहा, इन लोगों से मैं क्या करूं? ये सब मुझे पत्थरवाह करने को तैयार हैं।
Exodus 17:5 यहोवा ने मूसा से कहा, इस्राएल के वृद्ध लोगों में से कुछ को अपने साथ ले ले; और जिस लाठी से तू ने नील नदी पर मारा था, उसे अपने हाथ में ले कर लोगों के आगे बढ़ चल।
Exodus 17:6 देख मैं तेरे आगे चलकर होरेब पहाड़ की एक चट्टान पर खड़ा रहूंगा; और तू उस चट्टान पर मारना, तब उस में से पानी निकलेगा जिससे ये लोग पीएं। तब मूसा ने इस्राएल के वृद्ध लोगों के देखते वैसा ही किया।
Exodus 17:7 और मूसा ने उस स्थान का नाम मस्सा और मरीबा रखा, क्योंकि इस्राएलियों ने वहां वादविवाद किया था, और यहोवा की परीक्षा यह कहकर की, कि क्या यहोवा हमारे बीच है वा नहीं?

एक साल में बाइबल: 
  • यिर्मयाह 6-8
  • 1 तिमुथियुस 5



गुरुवार, 24 अक्टूबर 2019

सेवा



      मेरी एक सहेली अपनी सास की देखभाल किया करती थी, जो उनके साथ ही घर में रहा करती थी, और चलने फिरने से लाचार थीं। एक दिन मेरी सहेली ने अपनी सास से पूछा कि उनकी कोई इच्छा है; तो सास ने उत्तर दिया कि वे चाहती थीं कि उनके पैर धोए जाएँ। मेरी सहेली ने स्वीकार किया उसे यह करना बहुत बुरा लगता था; जितनी बार भी उसकी सास उसे यह करने के लिए कहती, वह मन में कुड़कुड़ाते हुए यह करती और परमेश्वर से प्रार्थना करती कि उसकी भावनाएँ उसकी सास पर प्रकट न होने पाएँ।

      परन्तु एक दिन उसकी यह कुड़कुड़ाने वाली प्रतिक्रिया, पल भर में ही बदल गई। उस दिन जब वह चिलमची और तौलिया लेकर अपनी सास के पाँव पर झुकी, तो उसने मुँह ऊपर उठाकर अपनी सास की ओर देखा, और उस पल में उसे ऐसा लगा मानो वह प्रभु यीशु के चरण धो रही थी; प्रभु यीशु मानो उसकी सास के वेश में वहाँ उपस्थित थे। उसके बाद से उस सहेली का दृष्टिकोण ही बदल गया, और यह सेवा करना उसके लिए आदर की बात हो गई।

      जब मैंने द्रवित कर देने वाली इस घटना के बारे में सुना तो मुझे प्रभु यीशु द्वारा बताई गई जगत के अन्त के दिन की बात स्मरण हो आई; राजा अपने राज्य में अपने पुत्र और पुत्रियों का स्वागत करता है, उनसे यह कहते हुए कि जब उन्होंने बीमारों की देखभाल की, भूखों को भोजन करवाया, और ऐसे अन्य सेवा के कार्य किए, तो वास्तव में वे सभी कार्य प्रभु के प्रति किए गए (मत्ती 25:40)। जब हम भी आज इस प्रकार से ज़रूरतमंदों की सेवा करते हैं, तो प्रभु की भी सेवा करते हैं।

      आज मेरी वह सहेली जब किसी नए जन से मिलती है, जिसे उसकी सेवा की आवश्यकता होते है, तो उसके मन में यही बात होती है, हो सकता है कि यह भी वेश धरे हुए प्रभु यीशु हैं। हम भी उसके समान दृष्टिकोण रखें और सेवा करने से पीछे न हटें। - एमी बाउचर पाई

जब हम औरों की सेवा करते हैं तो प्रभु यीशु के सेवा करते हैं।

पवित्र लोगों को जो कुछ अवश्य हो, उस में उन की सहायता करो; पहुनाई करने मे लगे रहो। - रोमियों 12:13

बाइबल पाठ: मत्ती 25:31-40
Matthew 25:31 जब मनुष्य का पुत्र अपनी महिमा में आएगा, और सब स्वर्ग दूत उसके साथ आएंगे तो वह अपनी महिमा के सिहांसन पर विराजमान होगा।
Matthew 25:32 और सब जातियां उसके साम्हने इकट्ठी की जाएंगी; और जैसा चरवाहा भेड़ों को बकिरयों से अलग कर देता है, वैसा ही वह उन्हें एक दूसरे से अलग करेगा।
Matthew 25:33 और वह भेड़ों को अपनी दाहिनी ओर और बकिरयों को बाईं और खड़ी करेगा।
Matthew 25:34 तब राजा अपनी दाहिनी ओर वालों से कहेगा, हे मेरे पिता के धन्य लोगों, आओ, उस राज्य के अधिकारी हो जाओ, जो जगत के आदि से तुम्हारे लिये तैयार किया हुआ है।
Matthew 25:35 क्योंकि मैं भूखा था, और तुम ने मुझे खाने को दिया; मैं प्यासा था, और तुम ने मुझे पानी पिलाया, मैं परदेशी था, तुम ने मुझे अपने घर में ठहराया।
Matthew 25:36 मैं नंगा था, तुम ने मुझे कपड़े पहिनाए; मैं बीमार था, तुम ने मेरी सुधि ली, मैं बन्‍दीगृह में था, तुम मुझ से मिलने आए।
Matthew 25:37 तब धर्मी उसको उत्तर देंगे कि हे प्रभु, हम ने कब तुझे भूखा देखा और खिलाया? या प्यासा देखा, और पिलाया?
Matthew 25:38 हम ने कब तुझे परदेशी देखा और अपने घर में ठहराया या नंगा देखा, और कपड़े पहिनाए?
Matthew 25:39 हम ने कब तुझे बीमार या बन्‍दीगृह में देखा और तुझ से मिलने आए?
Matthew 25:40 तब राजा उन्हें उत्तर देगा; मैं तुम से सच कहता हूं, कि तुम ने जो मेरे इन छोटे से छोटे भाइयों में से किसी एक के साथ किया, वह मेरे ही साथ किया।

एक साल में बाइबल: 
  • यिर्मयाह 3-5
  • 1 तिमुथियुस 4



बुधवार, 23 अक्टूबर 2019

परिवर्तित



      मुझ में और मेरे भाई में एक वर्ष से भी कम की आयु का अन्तर है। बड़े होते समय हम दोनों में बहुत स्पर्धा रहा करती थी (अर्थात, हम लड़ते रहते थे!)। मेरे पिता इस बात को समझते थे, क्योंकि उनके भी और भाई थे; परन्तु मेरी माँ के लिए यह समझना कुछ कठिन था।

      हमारी कहानी परमेश्वर के वचन बाइबल में उत्पत्ति की पुस्तक की कहानियों से मेल खाती थी; इस पुस्तक को एक उपनाम, भाईयों के झगड़ों का संक्षिप्त इतिहास भी दिया जा सकता है। कैन और हाबिल (उत्पत्ति 4); इसहाक और इश्माएल (उत्पत्ति 21:8-10); यूसुफ और अन्य सभी भाई; बिन्यामीन को छोड़कर (उत्पत्ति 37)। परन्तु भाई के प्रति भाई के बैर के लिए याकूब और एसाव की कहानी को कोई मात नहीं दे सकता है।

      एसाव के जुड़वां भाई याकूब ने दो बार उससे छल किया, इसलिए वह याकूब को मार डालना चाहता था (27:41)। दशकों पश्चात, एसाव और याकूब में मेल हो गया (अध्याय 33), परन्तु उनका झगड़ा उनके वंशजों में, जो दो बड़ी जातियाँ – एदोम और इस्राएल हो गए थे, ज़ारी रहा। जब इस्राएल के लोग मिस्र से निकलने के बाद वाचा किए हुए देश में जाने की तैयारी कर रहे थे तो एदोम ने उनका सामना एक सेना और धमकियों के साथ किया (गिनती 20:14-21)। इसके भी बहुत बाद, जब यरूशलेम के लोग आक्रमणकारियों से बचकर भाग रहे थे, तो एदोमियों ने उन शरणार्थियों का संहार किया (ओबद्याह 1:10-14)।

      परन्तु हमारे लिए यह प्रसन्नता की बात है कि बाइबल में न केवल हमारी बुराई और टूटेपन की दुखद कहानी है, वरन परमेश्वर द्वारा प्रदान किए गए छुटकारे के बारे में भी लिखा है। प्रभु यीशु में हो कर सब कुछ बदल गया है; प्रभु ने अपने शिष्यों से कहा, “मैं तुम्हें एक नई आज्ञा देता हूं, कि एक दूसरे से प्रेम रखो: जैसा मैं ने तुम से प्रेम रखा है, वैसा ही तुम भी एक दुसरे से प्रेम रखो” (यूहन्ना 13:34); और फिर अपने आप को हमारे लिए क्रूस पर बलिदान करने के द्वारा इस कथन को निभा कर दिखाया।

      जैसे-जैसे मैं और मेरा भाई आयु में बढ़ते गए, हम एक-दूसरे के निकट होते चले गए। यह परमेश्वर का कार्य है। जब हम उसके द्वारा दी गई क्षमा को ग्रहण करते हैं, तो उसका अनुग्रह हमारी स्पर्धा और लड़ाईयों को भाईचारे के प्रेम में परिवर्तित कर देता है। - टिम गुस्ताफसन

भाई-बहनों में लड़ाईयाँ स्वाभाविक हैं; परमेश्वर का परिवर्तन करने वाला प्रेम अलौकिक है।

सो यदि कोई मसीह में है तो वह नई सृष्‍टि है: पुरानी बातें बीत गई हैं; देखो, वे सब नई हो गईं। - 2 कुरिन्थियों 5:17

बाइबल पाठ: उत्पत्ति 33:1-11
Genesis 33:1 और याकूब ने आंखें उठा कर यह देखा, कि ऐसाव चार सौ पुरूष संग लिये हुए चला जाता है। तब उसने लड़के बालों को अलग अलग बांट कर लिआ, और राहेल, और दोनों लौंडियों को सौंप दिया।
Genesis 33:2 और उसने सब के आगे लड़कों समेत लौंडियों को उसके पीछे लड़कों समेत लिआ: को, और सब के पीछे राहेल और यूसुफ को रखा,
Genesis 33:3 और आप उन सब के आगे बढ़ा, और सात बार भूमि पर गिर के दण्डवत की, और अपने भाई के पास पहुंचा।
Genesis 33:4 तब ऐसाव उस से भेंट करने को दौड़ा, और उसको हृदय से लगा कर, गले से लिपट कर चूमा: फिर वे दोनों रो पड़े।
Genesis 33:5 तब उसने आंखे उठा कर स्त्रियों और लड़के बालों को देखा; और पूछा, ये जो तेरे साथ हैं सो कौन हैं? उसने कहा, ये तेरे दास के लड़के हैं, जिन्हें परमेश्वर ने अनुग्रह कर के मुझ को दिया है।
Genesis 33:6 तब लड़कों समेत लौंडियों ने निकट आकर दण्डवत की।
Genesis 33:7 फिर लड़कों समेत लिआ: निकट आई, और उन्होंने भी दण्डवत की: पीछे यूसुफ और राहेल ने भी निकट आकर दण्डवत की।
Genesis 33:8 तब उसने पूछा, तेरा यह बड़ा दल जो मुझ को मिला, उसका क्या प्रयोजन है? उसने कहा, यह कि मेरे प्रभु की अनुग्रह की दृष्टि मुझ पर हो।
Genesis 33:9 ऐसाव ने कहा, हे मेरे भाई, मेरे पास तो बहुत है; जो कुछ तेरा है सो तेरा ही रहे।
Genesis 33:10 याकूब ने कहा, नहीं नहीं, यदि तेरा अनुग्रह मुझ पर हो, तो मेरी भेंट ग्रहण कर: क्योंकि मैं ने तेरा दर्शन पाकर, मानो परमेश्वर का दर्शन पाया है, और तू मुझ से प्रसन्न हुआ है।
Genesis 33:11 सो यह भेंट, जो तुझे भेजी गई है, ग्रहण कर: क्योंकि परमेश्वर ने मुझ पर अनुग्रह किया है, और मेरे पास बहुत है। जब उसने उस को दबाया, तब उस ने भेंट को ग्रहण किया।

एक साल में बाइबल: 
  • यिर्मयाह 1-2
  • 1 तिमुथियुस 3