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सोमवार, 29 जून 2020

प्रेम में चलना


     मैंने और मेरे बच्चों ने एक नई दैनिक बात आरम्भ की है, प्रत्येक रात्रि को सोने जाने के समय, हम रंगीन पेंसिलें लेते हैं, एक मोमबत्ती जलाते हैं, और परमेश्वर से प्रार्थना करते हैं कि हमें अपनी ज्योति से मार्गदर्शन प्रदान करे। फिर हम अपनी कॉपियाँ निकाल कर उसमें दो प्रश्नों के उत्तर को या तो लिखते हैं या उनके चित्र बनाते हैं। वे प्रश्न हैं, आज मैंने प्रेम कब और कैसे दिखाया? और, आज मैंने प्रेम दिखाने के अवसर का कब और कैसे उपयोग नहीं किया?

     मसीही जीवन का एक महत्वपूर्ण व्यवहार है अपने पड़ौसियों से प्रेम दिखाना, और यह आरम्भ से ही है (2 यूहन्ना 1:5)। यूहन्ना अपनी दूसरी पत्री में मंडली को यही बात लिख रहा था, कि वे परमेश्वर के आज्ञाकारी होकर, एक दूसरे से प्रेम करें (2 यूहन्ना 1:5-6)। उसकी सभी पत्रियों में प्रेम यूहन्ना का प्रीय विषय रहा है। वह कहता है कि वास्तविक प्रेम को व्यवहार में प्रगट करना यह व्यक्त करने का एक तरीका है कि हम परमेश्वर की उपस्थिति में जीवन व्यतीत कर रहे हैं, और सत्य के हैं। जब मैं और मेरे बच्चे इन प्रश्नों पर विचार करते हैं, तो हम पाते हैं कि हमारे जीवनों में प्रेम को प्रगट करना सामान्य, साधारण बातों द्वारा होता है, जैसे कि, अपना छाता किसी के साथ साझा करना, किसी उदास जन को प्रोत्साहित करना, किसी के पसंद का भोजन बना कर परोसना, आदि। इसी प्रकार से, प्रेम व्यक्त करने के अवसरों का उपयोग न करना भी ऐसे ही व्यावाहारिक होता है, जैसे कि, कानाफूसी करना, किसी वस्तु को साझा करने से इनकार करना, किसी अन्य की आवश्यकताओं की चिंता किए बिना, अपनी ही इच्छाओं को पूरा करना, आदि।

     प्रत्येक रात्रि को इन बातों पर ध्यान देने के द्वारा, हम दिन के समय में इनके प्रति और उसके प्रति जो परमेश्वर का पवित्र आत्मा हमें दिखा और सिखा रहा है, अधिक सचेत और संवेदनशील रहने पाते हैं। अपने जीवनों में, पवित्र आत्मा की सहायता से हम प्रेम में चलाना सीख रहे हैं (2 यूहन्ना 1:6)। - एमी पीटरसन

 

मैं आज प्रेम कैसे दिखा सकता हूँ?


क्योंकि जो समाचार तुम ने आरम्भ से सुना, वह यह है, कि हम एक दूसरे से प्रेम रखें। - 1 यूहन्ना 3:11

बाइबल पाठ: 2 यूहन्ना 1:1-6

2 यूहन्ना 1:1 मुझ प्राचीन की ओर से उस चुनी हुई श्रीमती और उसके लड़के बालों के नाम जिन से मैं उस सच्चाई के कारण सत्य प्रेम रखता हूं, जा हम में स्थिर रहती है, और सर्वदा हमारे साथ अटल रहेगी।

2 यूहन्ना 1:2 और केवल मैं ही नहीं, वरन वह सब भी प्रेम रखते हैं, जो सच्चाई को जानते हैं।

2 यूहन्ना 1:3 परमेश्वर पिता, और पिता के पुत्र यीशु मसीह की ओर से अनुग्रह, और दया, और शान्‍ति, सत्य, और प्रेम सहित हमारे साथ रहेंगे।

2 यूहन्ना 1:4 मैं बहुत आनन्‍दित हुआ, कि मैं ने तेरे कितने लड़के-बालों को उस आज्ञा के अनुसार, जो हमें पिता की ओर से मिली थी सत्य पर चलते हुए पाया।

2 यूहन्ना 1:5 अब हे श्रीमती, मैं तुझे कोई नई आज्ञा नहीं, पर वही जो आरम्भ से हमारे पास है, लिखता हूं; और तुझ से बिनती करता हूं, कि हम एक दूसरे से प्रेम रखें।

2 यूहन्ना 1:6 और प्रेम यह है कि हम उस की आज्ञाओं के अनुसार चलें: यह वही आज्ञा है, जो तुम ने आरम्भ से सुनी है और तुम्हें इस पर चलना भी चाहिए।     

 

एक साल में बाइबल: 

  • अय्यूब 14-16
  • प्रेरितों 9:22-43


रविवार, 28 जून 2020

खोजी


     जब मैं कॉलेज में थी, तो एक प्रातः उठने पर मैंने पाया कि मेरी रूम-मेट, कैरल, बहुत घबराई हुई थी। उसकी अँगूठी खो गई थी, और हमने उस अँगूठी की खोज सभी स्थानों पर की किन्तु वह नहीं मिली। अगली प्रातः हम कूड़ेदान में उसकी अँगूठी खोज रहे थे। मैंने एक कूड़े के थैले को फाड़कर खोलते हुए कहा, “तुम इस अँगूठी को खोज लेने के लिए इतनी समर्पित क्यों हो?” उसने कहा, “मैं दो सौ डॉलर की अँगूठी को खोना नहीं चाहती हूँ!”

     कैरल के दृढ़ता को देखकर मुझे परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रभु यीशु द्वारा बताया गया परमेश्वर के राज्य से संबंधित दृष्टांत स्मरण हो आया। प्रभु यीशु ने परमेश्वर के राज्य की उपमा देते हुए कहा, “स्वर्ग का राज्य खेत में छिपे हुए धन के समान है, जिसे किसी मनुष्य ने पाकर छिपा दिया, और मारे आनन्द के जा कर और अपना सब कुछ बेचकर उस खेत को मोल लिया” (मत्ती 13:44)। कुछ बातें ऐसी होते है जिन्हें खोजने के लिए बहुत प्रयास करना लाभदायक होता है।

     बाइबल में सभी स्थानों पर परमेश्वर यह प्रतिज्ञा करता है कि जो उसके खोजी होंगे, वे उसे पा लेंगे। उसने व्यवस्थाविवरण में इस्राएलियों को समझाया कि जब वे अपने पापों से मुड़कर उसे पूरे मन से खोजेंगे, तो वे उसे पा लेंगे (4:28-29)। 2 इतिहास की पुस्तक में, राजा असा को भी ऐसी ही एक प्रतिज्ञा से प्रोत्साहन मिला (15:2)। और यिर्मयाह में परमेश्वर ने यही प्रतिज्ञा निर्वासित इस्राएलियों को भी दी, कि वह उन्हें बन्धुआई से लौटा ले आएगा (29:13-14)।

     यदि हम परमेश्वर को उसके वचन, उसकी आराधना, और अपने दैनिक जीवन में सच्चे मन से खोजते हैं, तो हम अवश्य ही उसे पाएंगे भी। समय के साथ ही हम उसे और गहराई से जानने लगेंगे; और यह उस मधुर पल से भी अधिक मनोहर होगा जब कैरल ने उस कूड़े के थैले में से अपनी अँगूठी खोज कर निकाल ली। - जूली स्कौब

 

परमेश्वर को पाने के लिए हमें उसका खोजी होना पड़ेगा।


मांगो, तो तुम्हें दिया जाएगा; ढूंढ़ो, तो तुम पाओगे; खटखटाओ, तो तुम्हारे लिये खोला जाएगा। - मत्ती 7:7 

बाइबल पाठ: मत्ती 13:44-46

मत्ती 13:44 स्वर्ग का राज्य खेत में छिपे हुए धन के समान है, जिसे किसी मनुष्य ने पाकर छिपा दिया, और मारे आनन्द के जा कर और अपना सब कुछ बेचकर उस खेत को मोल लिया।

मत्ती 13:45 फिर स्वर्ग का राज्य एक व्यापारी के समान है जो अच्‍छे मोतियों की खोज में था।

मत्ती 13:46 जब उसे एक बहुमूल्य मोती मिला तो उसने जा कर अपना सब कुछ बेच डाला और उसे मोल ले लिया।    

 

एक साल में बाइबल: 

  • अय्यूब 11-13
  • प्रेरितों 9:1-21


शनिवार, 27 जून 2020

मुक्त


     एक लड़का, जौनाथन, मस्तिष्क के एक ऐसे रोग के साथ पैदा हुआ था, जिसके कारण वह बोल नहीं सकता था, अपने आप को व्यक्त नहीं कर सकता था। परन्तु उसकी माँ ने हार नहीं मानी, और वह प्रयास करती रही कि किसी प्रकार वह उसे अपने आप को व्यक्त करना सिखा सके। वह दस वर्ष का था जब उसकी माँ की समझ में आया कि वह अपनी आँखों और अक्षरों की एक पटिया की सहायता से अपनी बात व्यक्त कर सकता है। एक बार जब उसे यह समझ मिल गई तो वह मुक्त हो गया, अपने आप को व्यक्त करने लग गया, उसकी माँ कहती है, “वह मुक्त हो गया, अब हम उस से कुछ भी पूछ सकते हैं।” जौनाथन अब पढ़ता है, लिखता है, कविता भी लिखता है, सब अपनी आँखों के संकेत के द्वारा। जब जौनाथन से पूछा गया कि अपने परिवार और मित्र जनों के साथ ‘बात’ कर पाना कैसा लगता है, तो उसने कहा, “उन्हें यह बता पाना कि मैं उन्हें प्रेम करता हूँ, अद्भुत है।”

     जौनाथन की कहानी बहुत दिल को छू लेने वाली है, और मुझे इस पर विचार करने के लिए बाध्य करती है कि परमेश्वर किस प्रकार से हमें पाप के बंधनों से मुक्त करता है। जैसा कि परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रेरित पौलुस ने कुलुस्से के मसीही विश्वासियों को अपनी पत्री में लिखा, एक समय था जब हम परमेश्वर की उपस्थिति से निष्कासित थे (कुलुस्सियों 1:21); हम अपने पापमय व्यवहार के कारण उसके विरोधी थे, परन्तु क्रूस पर मसीह की मृत्यु और उसके मृतकों में से पुनरुत्थान के कारण अब हम परमेश्वर के सामने पवित्र करके प्रस्तुत किए जाते हैं (पद 22)। अब हम प्रभु के योग्य जीवन व्यतीत कर सकते हैं, उसके ज्ञान और निकटता में बढ़ सकते हैं, उसके लिए फल ला सकते हैं (आयतें 10-11)।

     हम अपने मुक्त किए गए कंठ को परमेश्वर की स्तुति करने और उसके सुसमाचार को लोगों के साथ बाँटने के लिए प्रयोग कर सकते हैं, जिससे और लोग भी पाप से बंधे न रहें, वे भी मुक्त हो जाएँ। - एमी बाउचर पाई

 

प्रभु हमें हमारे पाप की कैद से मुक्त करता है।


इसलिये जब कि लड़के मांस और लोहू के भागी हैं, तो वह आप भी उन के समान उन का सहभागी हो गया; ताकि मृत्यु के द्वारा उसे जिसे मृत्यु पर शक्ति मिली थी, अर्थात शैतान को निकम्मा कर दे। और जितने मृत्यु के भय के मारे जीवन भर दासत्‍व में फंसे थे, उन्हें छुड़ा ले। - इब्रानियों 2:14-15

बाइबल पाठ: कुलुस्सियों 1:13-23

कुलुस्सियों 1:13 उसी ने हमें अन्धकार के वश से छुड़ाकर अपने प्रिय पुत्र के राज्य में प्रवेश कराया।

कुलुस्सियों 1:14 जिस में हमें छुटकारा अर्थात पापों की क्षमा प्राप्त होती है।

कुलुस्सियों 1:15 वह तो अदृश्य परमेश्वर का प्रतिरूप और सारी सृष्‍टि में पहिलौठा है।

कुलुस्सियों 1:16 क्योंकि उसी में सारी वस्‍तुओं की सृष्‍टि हुई, स्वर्ग की हो अथवा पृथ्वी की, देखी या अनदेखी, क्या सिंहासन, क्या प्रभुतांए, क्या प्रधानताएं, क्या अधिकार, सारी वस्तुएं उसी के द्वारा और उसी के लिये सृजी गई हैं।

कुलुस्सियों 1:17 और वही सब वस्‍तुओं में प्रथम है, और सब वस्तुएं उसी में स्थिर रहती हैं।

कुलुस्सियों 1:18 और वही देह, अर्थात कलीसिया का सिर है; वही आदि है और मरे हुओं में से जी उठने वालों में पहिलौठा कि सब बातों में वही प्रधान ठहरे।

कुलुस्सियों 1:19 क्योंकि पिता की प्रसन्नता इसी में है कि उस में सारी परिपूर्णता वास करे।

कुलुस्सियों 1:20 और उसके क्रूस पर बहे हुए लोहू के द्वारा मेल मिलाप कर के, सब वस्‍तुओं का उसी के द्वारा से अपने साथ मेल कर ले चाहे वे पृथ्वी पर की हों, चाहे स्वर्ग में की।

कुलुस्सियों 1:21 और उसने अब उसकी शारीरिक देह में मृत्यु के द्वारा तुम्हारा भी मेल कर लिया जो पहिले निकाले हुए थे और बुरे कामों के कारण मन से बैरी थे।

कुलुस्सियों 1:22 ताकि तुम्हें अपने सम्मुख पवित्र और निष्‍कलंक, और निर्दोष बनाकर उपस्थित करे।

कुलुस्सियों 1:23 यदि तुम विश्वास की नेव पर दृढ़ बने रहो, और उस सुसमाचार की आशा को जिसे तुम ने सुना है न छोड़ो, जिस का प्रचार आकाश के नीचे की सारी सृष्‍टि में किया गया; और जिस का मैं पौलुस सेवक बना।    

 

एक साल में बाइबल: 

  • अय्यूब 8-10
  • प्रेरितों 8:26-40 


शुक्रवार, 26 जून 2020

स्वतंत्र


     बचपन में जब मैं गाँव में रहता था, मुझे मुर्गियाँ पकड़ना बहुत रोमांचक लगता था। मैं जब भी कोई मुर्गी को पकड़ लेता, तो उसे कुछ देर तक नीचे धरती पर बैठाकर दबाए रखता, और फिर बहुत धीरे से उस पर से अपने हाथ उठाता। मेरे हाथ उठा लेने पर भी मुर्गी वहीं दबी बैठी रहती, उसे लगता था कि वह अभी भी मेरी पकड़ में है।

     हम जब प्रभु यीशु मसीह में विश्वास लाते हैं, वह अपने अनुग्रह में हमें पाप से और शैतान के पकड़ से छुड़ा लेता है। परन्तु क्योंकि हमारे पापी स्वभाव और आदतों में परिवर्तन आने में समय लगता है, इसलिए शैतान हमें ऐसा अनुभव करवा सकता है मानो हम अभी भी उसी की पकड़ में ही हैं। परन्तु परमेश्वर के आत्मा ने हमें स्वतंत्र कर दिया है; वह हमें दास नहीं बनाता है। परमेश्वर के वचन बाइबल में, रोम के मसीही विश्वासियों को लिखी अपनी पत्री में पौलुस कहता है, “सो अब जो मसीह यीशु में हैं, उन पर दण्ड की आज्ञा नहीं: क्योंकि वे शरीर के अनुसार नहीं वरन आत्मा के अनुसार चलते हैं। क्योंकि जीवन की आत्मा की व्यवस्था ने मसीह यीशु में मुझे पाप की, और मृत्यु की व्यवस्था से स्वतंत्र कर दिया” (रोमियों 8:1-2)।

     हमारे द्वारा बाइबल पढ़ने, प्रार्थना करने, और पवित्र आत्मा की सामर्थ्य से, परमेश्वर हम में कार्य करता है, हमें स्वच्छ करता है, और हमें अपने लिए उपयोगी बनाता है, जिससे हम उसके लिए जी सकें, उसके कार्य कर सकें। बाइबल हमें प्रोत्साहित करती है कि हम अपने जीवन में मसीह यीशु के साथ चलते हुए अपने आप को बंधा हुआ नहीं वरन स्वतंत्र अनुभव करें; फिर से पाप में और शैतान के चँगुल में न फँसें।

     प्रभु यीशु ने कहा, “सो यदि पुत्र तुम्हें स्‍वतंत्र करेगा, तो सचमुच तुम स्‍वतंत्र हो जाओगे” (यूहन्ना 8:36)। मसीह यीशु में लाए गए विश्वास से मिली पापों की क्षमा और स्वतंत्रता हमें उस से और अधिक प्रेम करने तथा उसकी सेवकाई में लगे रहने के लिए प्रोत्साहित करती रहे। - लॉरेंस दरमानी

 

मेरी जंजीरें टूट गईं, मेरा मन स्वतंत्र हो गया; 

मैं उठा, आगे बढ़ा, और आपके पीछे हो लिया। - चार्ल्स वेस्ली


मसीह ने स्‍वतंत्रता के लिये हमें स्‍वतंत्र किया है; सो इसी में स्थिर रहो, और दासत्‍व के जूए में फिर से न जुतो। - गलातियों 5:1

बाइबल पाठ: रोमियों 8:1-2, 15-17

रोमियों 8:1 सो अब जो मसीह यीशु में हैं, उन पर दण्ड की आज्ञा नहीं: क्योंकि वे शरीर के अनुसार नहीं वरन आत्मा के अनुसार चलते हैं।

रोमियों 8:2 क्योंकि जीवन की आत्मा की व्यवस्था ने मसीह यीशु में मुझे पाप की, और मृत्यु की व्यवस्था से स्वतंत्र कर दिया।

रोमियों 8:15 क्योंकि तुम को दासत्व की आत्मा नहीं मिली, कि फिर भयभीत हो परन्तु लेपालकपन की आत्मा मिली है, जिस से हम हे अब्बा, हे पिता कह कर पुकारते हैं।

रोमियों 8:16 आत्मा आप ही हमारी आत्मा के साथ गवाही देता है, कि हम परमेश्वर की सन्तान हैं।

रोमियों 8:17 और यदि सन्तान हैं, तो वारिस भी, वरन परमेश्वर के वारिस और मसीह के संगी वारिस हैं, जब कि हम उसके साथ दुख उठाएं कि उसके साथ महिमा भी पाएं।    

 

एक साल में बाइबल: 

  • अय्यूब 5-7
  • प्रेरितों 8:1-25


गुरुवार, 25 जून 2020

धन्यवाद


     मैं कई वर्षों से ब्रिटिश लेखक जी. के. चेस्टर्टन के लेखों का आनन्द लेता आया हूँ। उनका विनोद और अन्तदृष्टि बहुधा मुझे मुस्कुराने और फिर उनकी बात पर गंभीरता से विचार करने के लिए बाध्य करती है। उदाहरण के लिए, उन्होंने लिखा, “आप भोजन से पहले परमेश्वर से धन्यवाद की प्रार्थना करते हैं। परन्तु मैं धन्यवाद की प्रार्थना नाटक और संगीत-नाटिका से पहले, संगीत समारोह और मूक-नाटक से पहले, और पुस्तक को खोलने से पहले, और धन्यवाद की प्रार्थना रेखा-चित्र बनाने, चित्रकारी करने, तैरने, तलवारबाज़ी करने, मुक्केबाजी करने, चलने, खेलने, नृत्य करने, और धन्यवाद की प्रार्थना कलम को दवात में डुबोने से पहले भी करता हूँ।”

     प्रत्येक भोजन से पूर्व परमेश्वर से धन्यवाद की प्रार्थना करना अच्छा है, परन्तु इसे यहीं नहीं रुक जाना चाहिए। परमेश्वर के वचन बाइबल में लिखा है कि पौलुस ने प्रत्येक गतिविधि, प्रत्येक प्रयास को परमेश्वर के प्रति धन्यवादी होने, और उसके द्वारा परमेश्वर की महिमा करने के अवसर के समान देखा। पौलुस लिखता है, “और वचन से या काम से जो कुछ भी करो सब प्रभु यीशु के नाम से करो, और उसके द्वारा परमेश्वर पिता का धन्यवाद करो” (कुलुस्सियों 3:17)। मनोरंजन, व्यवसाय, और शिक्षा, ये सभी माध्यम हैं जिनके द्वारा हम परमेश्वर को आदर दे सकते हैं, और उसके प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त कर सकते हैं।

     पौलुस ने कुलुस्से के विश्वासियों प्रोत्साहित किया, “और मसीह की शान्‍ति जिस के लिये तुम एक देह हो कर बुलाए भी गए हो, तुम्हारे हृदय में राज्य करे, और तुम धन्यवादी बने रहो” (पद 15)।

     जब और जहां भी हम प्रभु परमेश्वर को आदर देना चाहें, उसके धन्यवादी होना चाहें, वही धन्यवाद की प्रार्थना करने का सर्वोत्तम स्थान और अवसर है। - डेविड सी. मैक्कैसलैंड

 

हम जो कुछ भी करें, उसके द्वारा परमेश्वर को आदर और धन्यवाद करें।


सो तुम चाहे खाओ, चाहे पीओ, चाहे जो कुछ करो, सब कुछ परमेश्वर की महीमा के लिये करो। -  1 कुरिन्थियों 10:31

बाइबल पाठ: कुलुस्सियों 3:12-17

कुलुस्सियों 3:12 इसलिये परमेश्वर के चुने हुओं के समान जो पवित्र और प्रिय हैं, बड़ी करूणा, और भलाई, और दीनता, और नम्रता, और सहनशीलता धारण करो।

कुलुस्सियों 3:13 और यदि किसी को किसी पर दोष देने को कोई कारण हो, तो एक दूसरे की सह लो, और एक दूसरे के अपराध क्षमा करो: जैसे प्रभु ने तुम्हारे अपराध क्षमा किए, वैसे ही तुम भी करो।

कुलुस्सियों 3:14 और इन सब के ऊपर प्रेम को जो सिद्धता का कटिबन्‍ध है बान्‍ध लो।

कुलुस्सियों 3:15 और मसीह की शान्‍ति जिस के लिये तुम एक देह हो कर बुलाए भी गए हो, तुम्हारे हृदय में राज्य करे, और तुम धन्यवादी बने रहो।

कुलुस्सियों 3:16 मसीह के वचन को अपने हृदय में अधिकाई से बसने दो; और सिद्ध ज्ञान सहित एक दूसरे को सिखाओ, और चिताओ, और अपने अपने मन में अनुग्रह के साथ परमेश्वर के लिये भजन और स्‍तुतिगान और आत्मिक गीत गाओ।

कुलुस्सियों 3:17 और वचन से या काम से जो कुछ भी करो सब प्रभु यीशु के नाम से करो, और उसके द्वारा परमेश्वर पिता का धन्यवाद करो।    

 

एक साल में बाइबल: 

  • अय्यूब 3-4
  • प्रेरितों 7:44-60


बुधवार, 24 जून 2020

सान्तवना


     मैंने एक माँ के बारे में पढ़ा जो स्कूल से लौटी अपनी बेटी को कमर से नीचे कीचड़ में लथपथ देखकर चकित रह गई। उसकी बेटी ने स्पष्टीकरण दिया, स्कूल से लौटते समय उसकी एक सहेली फिसल कर कीचड़ में गिर गई, और उसका पैर चोटिल हो गया, वह खड़ी नहीं हो पा रही थी। उनकी एक अन्य सहेली दौड़कर किसी को सहायता करने के लिए लेने गई, और वह वहीं अपनी सहेली के साथ खड़ी थी। उसे अपनी सहेली को अपनी दुखती हुई टांग पकडे हुए कीचड़ में बैठे देखना अच्छा नहीं लगा, इसलिए वह भी उसके साथ वहीं कीचड़ में बैठ गई, जब तक कि सहायता के लिए उनकी शिक्षिका नहीं आ गई।

     परमेश्वर के वचन बाइबल में जब अय्यूब पर विपदाएँ आईं, उसके बच्चे और धन-संपत्ति जाते रहे, और उसके शरीर पर पीड़ादायक फोड़े निकल आए, तो उसका दुःख असहनीय था। बाइबल बताती है कि उसके तीन मित्र उसे सांत्वना देने के लिए आए। जब वे अय्यूब के पास पहुंचे और उन्होंने उसके हाल देखे, “जब उन्होंने दूर से आंख उठा कर अय्यूब को देखा और उसे न चीन्ह सके, तब चिल्लाकर रो उठे; और अपना अपना बागा फाड़ा, और आकाश की ओर धूलि उड़ाकर अपने अपने सिर पर डाली। तब वे सात दिन और सात रात उसके संग भूमि पर बैठे रहे, परन्तु उसका दु:ख बहुत ही बड़ा जान कर किसी ने उस से एक भी बात न कही” (अय्यूब 2:12-13)।

     अय्यूब के मित्रों ने आरंभ में तो सराहनीय समझदारी दिखाई। वे समझ गए कि अय्यूब को बस उसके साथ बैठकर शोक करने वाला कोई चाहिए, और उन्होंने यही किया। परन्तु आगे के अध्यायों में हम देखते हैं कि जब उन्होंने उसके साथ बोलना और परामर्श देना आरम्भ किया, तो उनकी बातें और परामर्श व्यर्थ तथा दुखदायी थे (अय्यूब 16:1-4)।

     अपने किसी दुखी मित्र को सान्तवना देने के लिए हम जो सबसे अच्छा कार्य कर सकते हैं, वह है उनके साथ उनकी परिस्थिति में आकर बैठ जाएँ। - लीसा सामरा

 

दुःख के समय में एक मित्र की उपस्थिति बहुत शान्तिदायक होती है।


प्रभु यहोवा ने मुझे सीखने वालों की जीभ दी है कि मैं थके हुए को अपने वचन के द्वारा संभालना जानूं। भोर को वह नित मुझे जगाता और मेरा कान खोलता है कि मैं शिष्य के समान सुनूं। - यशायाह 50:4

बाइबल पाठ: अय्यूब 2:7-13

अय्युब 2:7 तब शैतान यहोवा के साम्हने से निकला, और अय्यूब को पांव के तलवे से ले सिर की चोटी तक बड़े बड़े फोड़ों से पीड़ित किया।

अय्युब 2:8 तब अय्यूब खुजलाने के लिये एक ठीकरा ले कर राख पर बैठ गया।

अय्युब 2:9 तब उसकी स्त्री उस से कहने लगी, क्या तू अब भी अपनी खराई पर बना है? परमेश्वर की निन्दा कर, और चाहे मर जाए तो मर जा।

अय्युब 2:10 उसने उस से कहा, तू एक मूढ़ स्त्री की सी बातें करती है, क्या हम जो परमेश्वर के हाथ से सुख लेते हैं, दु:ख न लें? इन सब बातों में भी अय्यूब ने अपने मुंह से कोई पाप नहीं किया।

अय्युब 2:11 जब तेमानी एलीपज, और शूही बिलदद, और नामाती सोपर, अय्यूब के इन तीन मित्रों ने इस सब विपत्ति का समाचार पाया जो उस पर पड़ी थीं, तब वे आपस में यह ठान कर कि हम अय्यूब के पास जा कर उसके संग विलाप करेंगे, और उसको शान्ति देंगे, अपने अपने यहां से उसके पास चले।

अय्युब 2:12 जब उन्होंने दूर से आंख उठा कर अय्यूब को देखा और उसे न चीन्ह सके, तब चिल्लाकर रो उठे; और अपना अपना बागा फाड़ा, और आकाश की ओर धूलि उड़ाकर अपने अपने सिर पर डाली।

अय्युब 2:13 तब वे सात दिन और सात रात उसके संग भूमि पर बैठे रहे, परन्तु उसका दु:ख बहुत ही बड़ा जान कर किसी ने उस से एक भी बात न कही।    

 

एक साल में बाइबल: 

  • अय्यूब 1-2
  •  प्रेरितों 7:22-43


मंगलवार, 23 जून 2020

प्रेम


     मैं जैसे प्रत्येक शनिवार की संध्या को करता आया था, पिछली संध्या भी देर रात तक बाहर रहा था। मैं बीस वर्ष का था, और परमेश्वर से दूर जितना अधिक तेज़ी से दौड़ सकता था, मैं दौड़ा जा रहा था। परन्तु उस इतवार की प्रातः, अचानक ही, विचित्र रीति से, मैं अपने आप को उस चर्च में जाने के लिए विवश अनुभव कर रहा था, जिसमें मेरे पिता पादरी थे। मैंने अपनी बदरंग जींस और घिसी हुई पुरानी टी-शर्ट, खुले फीतों वाले टखनों से भी ऊँचे जूते पहने और शहर की दूसरी ओर स्थित उस चर्च में पहुँच गया।

     मुझे वह सन्देश तो याद नहीं है जो उस दिन मेरे पिता ने प्रचार किया, परन्तु जो मैं कभी नहीं भूल सकता हूँ वह है मुझे वहाँ देखने से उनका आनन्द। यद्यपि में उनका लेपालक पुत्र था फिर भी मेरे कन्धों पर हाथ रखकर, जितने लोग भी उनसे मिलते थे, उन सब से वह मेरा परिचय करवाते थे, गर्व और आनन्द के साथ से उन्हें कहते थे, “यह मेरा बेटा है!” उनका वह प्रेम मेरे लिए परमेश्वर के प्रेम का स्वरूप बन गया, और इतने दशकों के पश्चात आज भी मेरे मन में ताज़ा है।

     परमेश्वर के वचन बाइबल में सभी स्थानों पर परमेश्वर को प्रेम करने वाले एक पिता के समान दिखाया गया है। यशायाह 44 में, भविष्यद्वक्ता परमेश्वर के परिवार को दी जाने वाली चेतावनियों को बीच में ही रोक कर उनसे परमेश्वर के पारिवारिक प्रेम के बारे में कहता है, “तेरा कर्त्ता यहोवा, जो तुझे गर्भ ही से बनाता आया और तेरी सहायता करेगा, यों कहता है, हे मेरे दास याकूब, हे मेरे चुने हुए यशूरून, मत डर! क्योंकि मैं प्यासी भूमि पर जल और सूखी भूमि पर धाराएं बहाऊंगा; मैं तेरे वंश पर अपनी आत्मा और तेरी सन्तान पर अपनी आशीष उण्डेलूंगा” (पद 2-3)। यशायाह ने यह भी लिखा कि उन लोगों द्वारा इस बात का क्या प्रत्युत्तर मिलेगा, “कोई कहेगा, मैं यहोवा का हूं, कोई अपना नाम याकूब रखेगा, कोई अपने हाथ पर लिखेगा, मैं यहोवा का हूं, और अपना कुलनाम इस्राएली बताएगा” (पद 5)।

     पथभ्रष्ट इस्राएल फिर भी परमेश्वर का अपना था, ठीक वैसे ही जैसे मैं अपने दत्तक पिता के लिए उनका अपना था। मेरा कुछ भी करना कभी मेरे प्रति उनके प्रेम को कम नहीं कर सकता था। उन्होंने मुझे हमारे स्वर्गीय पिता परमेश्वर के हमारे प्रति प्रेम की एक झलक उस दिन मुझे प्रदान की। - टिम गुस्ताफसन

 

हमारे प्रति परमेश्वर का प्रेम हमें उस पहचान और अपनेपन का एहसास देता है 

जिसकी हम सभी लोग लालसा रखते हैं।


हे इस्राएल तेरा रचने वाला और हे याकूब तेरा सृजनहार यहोवा अब यों कहता है, मत डर, क्योंकि मैं ने तुझे छुड़ा लिया है; मैं ने तुझे नाम ले कर बुलाया है, तू मेरा ही है। - यशायाह 43:1

बाइबल पाठ: यशायाह 44:1-5

यशायाह 44:1 परन्तु अब हे मेरे दास याकूब, हे मेरे चुने हुए इस्राएल, सुन ले!

यशायाह 44:2 तेरा कर्त्ता यहोवा, जो तुझे गर्भ ही से बनाता आया और तेरी सहायता करेगा, यों कहता है, हे मेरे दास याकूब, हे मेरे चुने हुए यशूरून, मत डर!

यशायाह 44:3 क्योंकि मैं प्यासी भूमि पर जल और सूखी भूमि पर धाराएं बहाऊंगा; मैं तेरे वंश पर अपनी आत्मा और तेरी सन्तान पर अपनी आशीष उण्डेलूंगा।

यशायाह 44:4 वे उन मजनुओं के समान बढ़ेंगे जो धाराओं के पास घास के बीच में होते हैं।

यशायाह 44:5 कोई कहेगा, मैं यहोवा का हूं, कोई अपना नाम याकूब रखेगा, कोई अपने हाथ पर लिखेगा, मैं यहोवा का हूं, और अपना कुलनाम इस्राएली बताएगा।    

 

एक साल में बाइबल: 

  • एस्तेर 9-10
  • प्रेरितों 7:1-21