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बुधवार, 11 नवंबर 2020

आशा

 

         1940 के दशक में डॉक्टर विलियम वॉलेस चीन के व्हूज़्हाओ इलाके में मिशनरी सर्जन का काम कर रहे थे, जब जापान ने चीन पर हमला किया। वॉलेस ने, जो उस समय स्टाउट मेमोरियल अस्पताल के प्रभारी थे, अस्पताल के लोगों से कहा कि अस्पताल का सारा सामान नदी में चलने वाली बड़ी-बड़ी नावों में स्थानांतरित कर दें, और वे नदी में ऊपर-नीचे आवागमन करते हुए एक तैरते हुए अस्पताल के समान कार्य करते रहे, जिससे पैदल सेना के हमलों से सुरक्षित रहें।

         खतरे के समयों में डॉक्टर वॉलेस के लिए परमेश्वर के वचन बाइबल में से प्रिय पद था फिलिप्पियों 1:21, जो उन्हें स्मरण दिलाता रहता था कि यदि वे जीवित हैं तो उन्हें अपने उद्धारकर्ता के लिए कार्य करते रहना है; यदि उनकी मृत्यु हो जाती है तो उनके पास अपने उद्धारकर्ता के साथ अनन्तकाल बिताने की दृढ़ आशा है। यह पद उनके लिए विशेषतः सार्थक उनकी मृत्यु के समय हुआ, जो उन्हें झूठे अभियोगों के आधार पर कैद करने के कारण 1951 में हुई।

         पौलुस के लेख उस गहरी भक्ति को प्रतिबिंबित करते हैं जिसके आशा हम मसीही विश्वासी होने के नाते रख सकते हैं; जिससे हमें प्रभु के नाम के कारण हम पर आने वाले खतरों और परीक्षाओं का सामना करने की सामर्थ्य मिलती है। यह भक्ति हमें पवित्र आत्मा से तथा हमारे घनिष्ठ लोगों की प्रार्थनाओं के द्वारा आती है (पद 19) और हमारे लिए एक प्रतिज्ञा भी है। हम जब कठिन परिस्थितियों में भी सेवकाई करते रहने के लिए अपने आप को समर्पित रखते हैं, तो यह भी इसी आशा के साथ होता है कि जब यहाँ, इस पृथ्वी पर हमारा कार्य और जीवन समाप्त होगा, तब भी हमारे सामने प्रभु यीशु के साथ अनंतकाल का आनन्द रखा हुआ है।

         हमारे सबसे कठिन समयों में, वर्तमान में मसीह के साथ चलने के लिए प्रतिबद्ध हृदयों के साथ, हम अपने प्रभु परमेश्वर के साथ अनन्त की आशा पर दृष्टि गड़ाए हुए, हमें औरों को भी परमेश्वर के प्रेम और इस धन्य आशा का सुसमाचार बाँटना है। - रैंडी किल्गोर

 

परमेश्वर को अर्पित किए जाने वाले बलिदान, उसके प्रेम को प्रदर्शित करने के अवसर हैं।


क्योंकि हम में से न तो कोई अपने लिये जीता है, और न कोई अपने लिये मरता है। क्योंकि यदि हम जीवित हैं, तो प्रभु के लिये जीवित हैं; और यदि मरते हैं, तो प्रभु के लिये मरते हैं; सो हम जीएं या मरें, हम प्रभु ही के हैं। - रोमियों 14:7-8

बाइबल पाठ: फिलिप्पियों 1:19-26

फिलिप्पियों 1:19 क्योंकि मैं जानता हूं, कि तुम्हारी बिनती के द्वारा, और यीशु मसीह की आत्मा के दान के द्वारा इस का प्रतिफल मेरा उद्धार होगा।

फिलिप्पियों 1:20 मैं तो यही हादिर्क लालसा और आशा रखता हूं, कि मैं किसी बात में लज्जित न होऊं, पर जैसे मेरे प्रबल साहस के कारण मसीह की बड़ाई मेरी देह के द्वारा सदा होती रही है, वैसा ही अब भी हो; चाहे मैं जीवित रहूं या मर जाऊं।

फिलिप्पियों 1:21 क्योंकि मेरे लिये जीवित रहना मसीह है, और मर जाना लाभ है।

फिलिप्पियों 1:22 पर यदि शरीर में जीवित रहना ही मेरे काम के लिये लाभदायक है तो मैं नहीं जानता, कि किस को चुनूं।

फिलिप्पियों 1:23 क्योंकि मैं दोनों के बीच अधर में लटका हूं; जी तो चाहता है कि कूच कर के मसीह के पास जा रहूं, क्योंकि यह बहुत ही अच्छा है।

फिलिप्पियों 1:24 परन्तु शरीर में रहना तुम्हारे कारण और भी आवश्यक है।

फिलिप्पियों 1:25 और इसलिये कि मुझे इस का भरोसा है सो मैं जानता हूं कि मैं जीवित रहूंगा, वरन तुम सब के साथ रहूंगा जिस से तुम विश्वास में दृढ़ होते जाओ और उस में आनन्दित रहो।

फिलिप्पियों 1:26 और जो घमण्ड तुम मेरे विषय में करते हो, वह मेरे फिर तुम्हारे पास आने से मसीह यीशु में अधिक बढ़ जाए।

 

एक साल में बाइबल: 

  • यिर्मयाह 50
  • इब्रानियों 8

मंगलवार, 10 नवंबर 2020

साथ

 

         चिंतित पिता अपने किशोर पुत्र को लेकर तांत्रिक के सामने बैठा हुआ था। तांत्रिक ने पूछा, "तुम्हारा पुत्र कितनी लम्बी यात्रा करने जा रहा है?" पिता ने उत्तर दिया, "वह बड़े शहर को जा रहा है, और लम्बे समय तक वहाँ रहेगा।" तांत्रिक ने पिता को एक तावीज़ पकड़ाते हुए कहा, "वह जहाँ भी जाएगा, यह उसकी रक्षा करेगा।"

         वह लड़का मैं था। किन्तु न तो वह तांत्रिक और न ही उसकी दी हुई तावीज़ मेरे लिए कुछ कर सकी। उस शहर में रहते हुए, मैंने प्रभु यीशु मसीह को जाना, उसमें विश्वास किया, उस तावीज़ को फेंक दिया और प्रभु यीशु को दृढ़ता से थाम लिया। मेरे जीवन में प्रभु यीशु की उपस्थिति इस बात का निश्चय थी कि मेरे साथ परमेश्वर है।

         तीस वर्ष के बाद, मेरे पिता, जो अब स्वयं भी मसीही विश्वासी बन गए थे, ने मुझ से कहा, जब हम हमारे भाई को अस्पताल ले कर जा रहे थे, "हम पहले प्रार्थना कर लें। परमेश्वर का आत्मा तुम्हारे साथ बना रहे।" हम सीख चुके थे कि परमेश्वर का हमारे साथ होना ही हमारी सबसे बड़ी सुरक्षा है, हमारी सामर्थ्य है।

         परमेश्वर के वचन बाइबल में हम देखते हैं कि मूसा ने भी ऐसा ही पाठ सीखा। उसके सामने परमेश्वर की ओर से दिया गया एक चुनौतीपूर्ण कार्य था – परमेश्वर के लोगों को मिस्र के दासत्व से निकालकर वाचा किए हुए देश में बसाने लेकर जाना (निर्गमन 3:10)। परन्तु परमेश्वर ने उसे आश्वस्त किया "मैं आप ही तेरे साथ चलूँगा" (पद 12)।

         हमारी जीवन यात्रा भी बिना चुनौतियों की नहीं है। परन्तु परमेश्वर की उपस्थिति हम मसीही विश्वासियों के साथ सदा बनी रहती है। प्रभु यीशु मसीह ने अपने अनुयायियों को आश्वस्त किया है कि जगत के अन्त तक वे उनके साथ रहेंगे (मत्ती 28:20)। - लॉरेंस दर्मानी

 

जब प्रभु यीशु आपके साथ है तो आपको भयभीत होने की कोई आवश्यकता नहीं है।


इसलिये तुम जा कर सब जातियों के लोगों को चेला बनाओ और उन्हें पिता और पुत्र और पवित्र आत्मा के नाम से बपतिस्मा दो। और उन्हें सब बातें जो मैं ने तुम्हें आज्ञा दी है, मानना सिखाओ: और देखो, मैं जगत के अन्त तक सदैव तुम्हारे संग हूं। - मत्ती 28:19-20

बाइबल पाठ: निर्गमन 3:7-12

निर्गमन 3:7 फिर यहोवा ने कहा, मैं ने अपनी प्रजा के लोग जो मिस्र में हैं उनके दु:ख को निश्चय देखा है, और उनकी जो चिल्लाहट परिश्रम कराने वालों के कारण होती है उसको भी मैं ने सुना है, और उनकी पीड़ा पर मैं ने चित्त लगाया है;

निर्गमन 3:8 इसलिये अब मैं उतर आया हूं कि उन्हें मिस्रियों के वश से छुड़ाऊं, और उस देश से निकाल कर एक अच्छे और बड़े देश में जिस में दूध और मधु की धारा बहती है, अर्थात कनानी, हित्ती, एमोरी, परिज्जी, हिव्वी, और यबूसी लोगों के स्थान में पहुंचाऊं।

निर्गमन 3:9 सो अब सुन, इस्राएलियों की चिल्लाहट मुझे सुनाई पड़ी है, और मिस्रियों का उन पर अन्धेर करना भी मुझे दिखाई पड़ा है,

निर्गमन 3:10 इसलिये आ, मैं तुझे फिरौन के पास भेजता हूं कि तू मेरी इस्राएली प्रजा को मिस्र से निकाल ले आए।

निर्गमन 3:11 तब मूसा ने परमेश्वर से कहा, मैं कौन हूं जो फिरौन के पास जाऊं, और इस्राएलियों को मिस्र से निकाल ले आऊं?

निर्गमन 3:12 उसने कहा, निश्चय मैं तेरे संग रहूंगा; और इस बात का कि तेरा भेजने वाला मैं हूं, तेरे लिये यह चिन्ह होगा कि जब तू उन लोगों को मिस्र से निकाल चुके तब तुम इसी पहाड़ पर परमेश्वर की उपासना करोगे।

 

एक साल में बाइबल: 

  • यिर्मयाह 48-49
  • इब्रानियों 7

सोमवार, 9 नवंबर 2020

अवसर

 

         यद्यपि 92 वर्षीय मोरी बुगार्ट बिस्तर पर पड़े रहने के लिए मजबूर थे, किन्तु वे मिशिगन के बेघर लोगों के लिए टोपियाँ बनाते रहते थे। कहा जाता है कि पंद्रह वर्षों में उन्होंने 8,000 टोपियाँ बनाई थीं। अपनी सेहत और मजबूरियों पर ध्यान केन्द्रित करने के स्थान पर मोरी बुगार्ट ने अपने से बाहर होकर देखा तथा औरों की आवश्यकताओं को अपनी आवश्यकता से बढ़कर महत्व दिया। वे कहते थे कि उनका कार्य उन्हें एक उद्देश्य देता है और उन्हें अच्छा अनुभव करवाता है, और जब तक कि उनका प्रभु के पास जाने का समय नहीं आ जाएगा वे यह करते रहेंगे – और वे फरवरी 2018 तक, जब तक कि प्रभु ने उन्हें अपने पास नहीं बुला लिया, इसे करते रहे। चाहे उनके द्वारा बनाई गई टोपियों को प्राप्त करने वालों में से अधिकांश न तो उनकी कहानी को जानते हैं और न ही उन्हें यह पता है कि प्रत्येक टोपी के लिए उन्हें कितना प्रयास और बलिदान करना पड़ा, किन्तु मोरी का यह सतत प्रेमपूर्ण कार्य आज सारे संसार में लोगों को प्रोत्साहित कर रहा है।

         हम भी अपने संघर्षों से आगे देखकर औरों को अपने से पहले रख सकते हैं, और हमारे प्रेमी और कृपालु उद्धारकर्ता प्रभु यीशु का अनुसरण कर सकते हैं, जैसा कि परमेश्वर के वचन बाइबल में फिलिप्पियों 2:1-5 लिखा है। हमारे राजाओं के राजा – मानव देह में अवतरित प्रभु परमेश्वर ने – पूर्णतः विनम्र होकर दास का स्वरूप धारण कर लिया (पद 6-7)। उन्होंने क्रूस पर हमारा स्थान ले लिया (पद 8), और सर्वोच्च बलिदान – अपने जीवन का बलिदान देने के द्वारा परमेश्वर के साथ हमारे मेल-मिलाप का मार्ग बना कर दे दिया। उन्होंने परमेश्वर पिता की महिमा के लिए (पद 9-11) अपना सर्वस्व बलिदान कर दिया।

         मसीह यीशु के विश्वासी होने के कारण यह हमारा कर्तव्य है कि हम औरों के प्रति प्रभु के समान प्रेम दिखाएँ और कृपालु होकर औरों के हितों का ध्यान रखें। चाहे हमें यह न भी लगे कि हमारे पास देने के लिए कुछ विशेष है, फिर भी हम विनम्रता और सेवक का स्वरूप धारण कर सकते हैं। जो अवसर प्रभु हमें देता है, हम उनका उपयोग औरों के जीवन में कुछ उत्तम प्रभाव वाला करने के लिए ला सकते हैं। - सोहचील डिक्सन

 

औरों के लिए यथासंभव करने के द्वारा हम 

मसीह के प्रेम का उदाहरण प्रदर्शित कर सकते हैं।


इसलिये ध्यान से देखो, कि कैसी चाल चलते हो; निर्बुद्धियों के समान नहीं पर बुद्धिमानों के समान चलो। और अवसर को बहुमूल्य समझो, क्योंकि दिन बुरे हैं। इस कारण निर्बुद्धि न हो, पर ध्यान से समझो, कि प्रभु की इच्छा क्या है? – इफिसियों 5:15-17

बाइबल पाठ: फिलिप्पियों 2:1-11

फिलिप्पियों 2:1 सो यदि मसीह में कुछ शान्ति और प्रेम से ढाढ़स और आत्मा की सहभागिता, और कुछ करुणा और दया है।

फिलिप्पियों 2:2 तो मेरा यह आनन्द पूरा करो कि एक मन रहो और एक ही प्रेम, एक ही चित्त, और एक ही मनसा रखो।

फिलिप्पियों 2:3 विरोध या झूठी बड़ाई के लिये कुछ न करो पर दीनता से एक दूसरे को अपने से अच्छा समझो।

फिलिप्पियों 2:4 हर एक अपनी ही हित की नहीं, वरन दूसरों के हित की भी चिन्ता करे।

फिलिप्पियों 2:5 जैसा मसीह यीशु का स्वभाव था वैसा ही तुम्हारा भी स्वभाव हो।

फिलिप्पियों 2:6 जिसने परमेश्वर के स्वरूप में हो कर भी परमेश्वर के तुल्य होने को अपने वश में रखने की वस्तु न समझा।

फिलिप्पियों 2:7 वरन अपने आप को ऐसा शून्य कर दिया, और दास का स्वरूप धारण किया, और मनुष्य की समानता में हो गया।

फिलिप्पियों 2:8 और मनुष्य के रूप में प्रगट हो कर अपने आप को दीन किया, और यहां तक आज्ञाकारी रहा, कि मृत्यु, हां, क्रूस की मृत्यु भी सह ली।

फिलिप्पियों 2:9 इस कारण परमेश्वर ने उसको अति महान भी किया, और उसको वह नाम दिया जो सब नामों में श्रेष्ठ है।

फिलिप्पियों 2:10 कि जो स्वर्ग में और पृथ्वी पर और जो पृथ्वी के नीचे है; वे सब यीशु के नाम पर घुटना टेकें।

फिलिप्पियों 2:11 और परमेश्वर पिता की महिमा के लिये हर एक जीभ अंगीकार कर ले कि यीशु मसीह ही प्रभु है।

 

एक साल में बाइबल: 

  • यिर्मयाह 46-47
  • इब्रानियों 6

रविवार, 8 नवंबर 2020

पिता और पुत्र

 

         मेरे पिता अच्छे पिता थे, और मैं भी अधिकांशतः, आज्ञाकारी पुत्र था। परन्तु मैंने अपने पिता को उस एक बात से वंचित रखा, जो मैं उन्हें दे सकता था – मेरी संगति। वे एक शांत पुरुष थे; मैं भी उन्हीं के समान शांत रहता था। कई बार हमने घंटों तक एक दूसरे के साथ-साथ काम किया, परन्तु हमारे मध्य कोई वार्तालाप नहीं हुआ। उन्होंने मुझ से कभी नहीं पूछा; और मैंने कभी उन्हें अपनी गहरी इच्छाओं, महत्वाकांक्षाओं, आशाओं, और भय के बारे में कभी नहीं बताया।

         समय के साथ मुझे अपने संकोच और अल्पभाषी होने का एहसास हुआ। यह एहसास तब होना आरंभ हुआ जब मेरी पहली संतान, मेरा बेटा पैदा हुआ, और फिर जब मेरे बच्चे बड़े होकर एक-एक करके बाहर बसने के लिए जाने लगे तब और अधिक बढ़ गया। अब मुझे लगता है कि मुझे अपने पिता के लिए और भी अधिक होना पुत्र के समान चाहिए था। मैं उन अनेकों बातों के बारे में सोचता हूँ जो मैं उनसे कह सकता था, वे मुझ से कह सकते थे, परन्तु ऐसा कभी हुआ नहीं। उनके अंतिम संस्कार के समय मैं उनकी शव-पेटी के निकट खड़ा, अपनी भावनाओं के साथ संघर्ष कर रहा था, और मेरी पत्नी ने धीमे से कहा, "अब बहुत देर हो चुकी है न?" और मैंने भी धीमी आवाज़ में उत्तर दिया "हाँ!"

         मेरे लिए शान्ति की बात यही है कि हम स्वर्ग में फिर मिलेंगे और सब बातों को ठीक करने पाएँगे, क्योंकि वहाँ न कोई आँसू होगा और न कोई पीड़ा होगी (प्रकाशितवाक्य 21:4)।

         मसीह यीशु के विश्वासी अनुयायियों के लिए, मृत्यु स्नेह का अन्त नहीं है, वरन एक अनन्त अस्तित्व का आरंभ है जहाँ समय का कोई हस्तक्षेप नहीं है। प्रभु परमेश्वर के साथ रहने वालों के लिए परस्पर कोई गलतफहमियाँ नहीं रहेंगी, सभी संबंध बहाल हो जाएँगे, और परस्पर प्रेम सदा बना और पनपता रहेगा। वहाँ पुत्रों का मन अपने पिताओं की ओर, तथा पिताओं का मन पुत्रों की ओर फिरेगा, और सभी हंसी-खुशी रहेंगे। - डेविड एच. रोपर

 

परमेश्वर की सामर्थ्य और प्रेम में होकर, समय रहते एक दूसरे के निकट आ जाएँ।


और वह माता पिता के मन को उनके पुत्रों की ओर, और पुत्रों के मन को उनके माता-पिता की ओर फेरेगा; ऐसा न हो कि मैं आकर पृथ्वी को सत्यानाश करूं। - मलाकी 4:6

बाइबल पाठ: इफिसियों 4:31-32

इफिसियों 4:31 सब प्रकार की कड़वाहट और प्रकोप और क्रोध, और कलह, और निन्दा सब बैरभाव समेत तुम से दूर की जाए।

इफिसियों 4:32 और एक दूसरे पर कृपालु, और करुणामय हो, और जैसे परमेश्वर ने मसीह में तुम्हारे अपराध क्षमा किए, वैसे ही तुम भी एक दूसरे के अपराध क्षमा करो।

 

एक साल में बाइबल: 

  • यिर्मयाह 43-45
  • इब्रानियों 5

शनिवार, 7 नवंबर 2020

क्षमा

 

         सन 2005 में, कोलिन्स ने एक झूठी रिपोर्ट बनाई, जिसके कारण मैकगी को चार वर्ष के लिए जेल जाना पड़ा। मैकगी ने प्रण लिया कि जब वह बाहर आएगा तो कोलिन्स को ढूँढ़ निकालेगा और उसे हानि पहुँचाएगा। अन्ततः मैकगी को उसके विरुद्ध लगे इल्जामों से बरी कर दिया गया, परन्तु यह होने तक वह अपना सब कुछ गँवा चुका था। इसी दौरान कोलिन्स द्वारा बनाई गई कई अन्य झूठी रिपोर्टें भी सामने आईं, उसे नौकरी से बरखास्त कर दिया गया, और उसे भी जेल जाना पड़ा। किन्तु दोनों ही व्यक्तियों ने अपने जेल में काटे समय में प्रभु यीशु मसीह को जाना और उसे अपना उद्धारकर्ता स्वीकार कर लिया।

         सन 2015 में उन दोनों को पता चला कि वे एक ही कंपनी में कार्य कर रहे थे जो मसीही विश्वास पर आधारित होकर कार्य करती था। कोलिन्स स्मरण करता है, "मैंने मैकगी से कहा, 'सच कहूँ तो मेरे पास कोई स्पष्टीकरण नहीं है, मैं अपने किए के लिए बस इतना ही कह सकता हूँ कि मैं क्षमा प्रार्थी हूँ'।" मैकगी ने कहा, "मैं बस यही सुनना चाह रहा था" और अनुग्रहकारी हो कर उसे क्षमा कर दिया। वे दोनों एक दूसरे के साथ अपने संबंध बहाल कर सके क्योंकि दोनों ने परमेश्वर के अतुल्य प्रेम और क्षमा को अनुभव किया था, जो हमें एक-दूसरे को क्षमा करने की सामर्थ्य प्रदान करता है (कुलुस्सियों 3:13)।

         अब वे दोनों घनिष्ठ मित्र हैं। वे कहते हैं, "अब हमारे पास संसार को यह बताने की संयुक्त ज़िम्मेदारी है कि यदि आप को किसी से क्षमा माँगने की आवश्यकता है तो अपने अहम तथा कड़वाहट को एक ओर रखकर जाकर क्षमा माँग लें। और यदि आपके मन में किसी के विरुद्ध कुछ है, तो उस कड़वाहट को निकल दें, क्योंकि यह इस अपेक्षा के साथ स्वयं ज़हर पीने के समान है कि इससे हानि दूसरे को पहुंचेगी।"

         परमेश्वर, अपने वचन बाइबल में, मसीही विश्वासियों को शान्ति और एक-मनता के साथ रहने के लिए कहता है। यदि हमारे पास किसी पर दोष लगाने का कोई कारण हो तो हमें उस कारण को परमेश्वर के पास लेकर आना चाहिए, और वह हमारी सहायता करेगा कि हम क्षमा और मेल-मिलाप कर लें। - एलिसन कीडा

 

मसीह हमें क्षमा करने के लिए पाप से स्वतंत्र करता है।


इसलिये यदि तुम मनुष्य के अपराध क्षमा करोगे, तो तुम्हारा स्वर्गीय पिता भी तुम्हें क्षमा करेगा। और यदि तुम मनुष्यों के अपराध क्षमा न करोगे, तो तुम्हारा पिता भी तुम्हारे अपराध क्षमा न करेगा। - मत्ती 6:14-15

बाइबल पाठ: कुलुस्सियों 3:12-17

कुलुस्सियों 3:12 इसलिये परमेश्वर के चुने हुओं समान जो पवित्र और प्रिय हैं, बड़ी करुणा, और भलाई, और दीनता, और नम्रता, और सहनशीलता धारण करो।

कुलुस्सियों 3:13 और यदि किसी को किसी पर दोष देने को कोई कारण हो, तो एक दूसरे की सह लो, और एक दूसरे के अपराध क्षमा करो: जैसे प्रभु ने तुम्हारे अपराध क्षमा किए, वैसे ही तुम भी करो।

कुलुस्सियों 3:14 और इन सब के ऊपर प्रेम को जो सिद्धता का कटिबन्‍ध है बान्ध लो।

कुलुस्सियों 3:15 और मसीह की शान्ति जिस के लिये तुम एक देह हो कर बुलाए भी गए हो, तुम्हारे हृदय में राज्य करे, और तुम धन्यवादी बने रहो।

कुलुस्सियों 3:16 मसीह के वचन को अपने हृदय में अधिकाई से बसने दो; और सिद्ध ज्ञान सहित एक दूसरे को सिखाओ, और चिताओ, और अपने अपने मन में अनुग्रह के साथ परमेश्वर के लिये भजन और स्तुतिगान और आत्मिक गीत गाओ।

कुलुस्सियों 3:17 और वचन से या काम से जो कुछ भी करो सब प्रभु यीशु के नाम से करो, और उसके द्वारा परमेश्वर पिता का धन्यवाद करो।

 

एक साल में बाइबल: 

  • यिर्मयाह 40-42
  • इब्रानियों 4

शुक्रवार, 6 नवंबर 2020

पिता

 

         मुझे यह बिलकुल आशा नहीं थी कि एक दन्त-चिकित्सक के क्लिनिक में पिता के हृदय के बारे में मैं एक गंभीर शिक्षा प्राप्त करूँगा – परन्तु मुझे वह शिक्षा वहाँ पर मिली। मैं वहाँ अपने दस वर्षीय पुत्र के साथ गया था जिसका एक दूध का दांत गिर नहीं रहा था, और उसके नीचे से पक्का दांत बाहर आने का प्रयास कर रहा था। इसलिए उस दूध के दांत को निकलवाना ही था; और कोई रास्ता था ही नहीं।

         मेरा बेटा रोते हुए मुझ से विनती करता रहा, “पापा क्या कोई और तरीका नहीं हो सकता है? क्या हम कुछ दिन और रुक कर नहीं देख सकते हैं? पापा, प्लीज़, मैं इस दांत को निकलवाना नहीं चाहता हूँ!” उसका रोना और कलपना देखकर मेरा हृदय बहुत द्रवित हुआ, मुझे बहुत दुःख हुआ, परन्तु मैंने उससे कहा, “बेटा, इस दांत को तो निकलवाना ही पड़ेगा। क्षमा करो, परन्तु और कोई मार्ग नहीं है।” और जब दन्त चिकित्सक उसका वह फंसा हुआ दांत निकाल रहा था, और वह परेशान होकर छटपटा रहा था, तब मैं उसके साथ उसका हाथ पकड़े हुए खड़ा था, मेरी भी आँखों में आँसू थे। मैं उसके दुःख को कम तो नहीं कर सकता था, किन्तु मैं उसके साथ खड़ा होकर उसे सांत्वना, ढाढ़स, और साहस अवश्य प्रदान कर सकता था, जो मैं कर रहा था।

         उस समय मुझे परमेश्वर के वचन बाइबल में गतसमनी के बाग़ में प्रभु यीशु की परमेश्वर पिता से प्रार्थना स्मरण हो आई, जब वह भी परमेश्वर पिता से विनती कर रहा था कि क्या इस कार्य के लिए और कोई मार्ग नहीं हो सकता था। मुझे भी एहसास हुआ कि अपने प्रिय पुत्र को उस पीड़ा में देखने के कारण, परमेश्वर पिता का हृदय भी कैसे टूटा होगा। परन्तु उसके लोगों को बचाने के लिए परमेश्वर पिता के पास और कोई मार्ग नहीं था।

         हमारे जीवनों में हमें भी कुछ ऐसी पीड़ादायक परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है, जिनसे बचने का हमारे पास कोई अन्य विकल्प नहीं होता है, जैसा कि मेरे पुत्र को सामना करना पड़ा। परन्तु प्रभु यीशु के द्वारा हमारे लिए किए गए कार्य के द्वारा हमारे सबसे अंधकारपूर्ण समय में भी पिता परमेश्वर की उपस्थिति हमारे साथ सदा बनी रहती है, हमें साहस और सांत्वना प्रदान करती है। - एडम होल्ज़

 

परमेश्वर अपने बच्चों को न कभी छोड़ता है, और न कभी त्यागता है।


यीशु ने उन के पास आकर कहा, कि स्वर्ग और पृथ्वी का सारा अधिकार मुझे दिया गया है। इसलिये तुम जा कर सब जातियों के लोगों को चेला बनाओ और उन्हें पिता और पुत्र और पवित्र आत्मा के नाम से बपतिस्मा दो। और उन्हें सब बातें जो मैं ने तुम्हें आज्ञा दी है, मानना सिखाओ: और देखो, मैं जगत के अन्त तक सदैव तुम्हारे संग हूं। - मत्ती 28:18-20

बाइबल पाठ: मत्ती 26:36-39

मत्ती 26:36 तब यीशु ने अपने चेलों के साथ गतसमनी नाम एक स्थान में आया और अपने चेलों से कहने लगा कि यहीं बैठे रहना, जब तक कि मैं वहां जा कर प्रार्थना करूं।

मत्ती 26:37 और वह पतरस और जब्‍दी के दोनों पुत्रों को साथ ले गया, और उदास और व्याकुल होने लगा।

मत्ती 26:38 तब उसने उन से कहा; मेरा जी बहुत उदास है, यहां तक कि मेरे प्राण निकला चाहते: तुम यहीं ठहरो, और मेरे साथ जागते रहो।

मत्ती 26:39 फिर वह थोड़ा और आगे बढ़कर मुंह के बल गिरा, और यह प्रार्थना करने लगा, कि हे मेरे पिता, यदि हो सके, तो यह कटोरा मुझ से टल जाए; तौभी जैसा मैं चाहता हूं वैसा नहीं, परन्तु जैसा तू चाहता है वैसा ही हो।

 

एक साल में बाइबल: 

  • यिर्मयाह 37-39
  • इब्रानियों 3

गुरुवार, 5 नवंबर 2020

बुद्धि

 

         एक पुरुष ने एक महिला पर मुकद्दमा दायर किया, इस दावे के साथ कि उस महिला ने उसके कुत्ते को चुरा लिया था। न्यायालय में महिला ने कहा कि उसने उस कुत्ते को खरीदा था, और उसने वह पता भी बताया जहाँ से खरीदा था। जज ने उस कुत्ते को मंगवाया और अपने न्यायालय में छोड़ दिया, और वह कुत्ता तुरंत दुम हिलाता हुआ मुकद्दमा दायर करने वाले उस पुरुष के पास चला गया, उसके असली मालिक की सही पहचान तुरंत पता चल गई।

         परमेश्वर के वचन बाइबल में भी एक ऐसे ही मुकद्दमे का उल्लेख है, जब इस्राएल के एक राजा, राजा सुलैमान को इसी प्रकार के एक मामले को सुलझाना था। दो स्त्रियाँ एक ही शिशु की माताएँ होने का दावा कर रही थीं। दोनों की दलीलें सुनने के पश्चात सुलैमान ने एक तलवार मंगाई और कहा कि बच्चे को बीच में से विभाजित कर के दोनों को आधा-आधा दे दिया जाए। तुरंत ही बच्चे की असली माँ ने विनती की, कि बच्चे को दूसरी स्त्री को दे दिया जाए, चाहे वह बच्चा उसे न भी मिले किन्तु उसे जीवित रहने दें (1 राजाओं 3:26); असली माँ की पहचान हो गई और सुलैमान ने बच्चे को उसकी असली माँ को दे दिया।

         हमें सही-गलत, उचित-अनुचित, नैतिक-अनैतिक की पहचान के लिए बुद्धि की आवश्यकता होती है। यदि हम वास्तविकता में बुद्धि के महत्व को समझते हैं तो हम भी परमेश्वर से समझ-बूझ वाला हृदय माँग सकते हैं, जैसा सुलैमान ने माँगा था (पद 9)। परमेश्वर हमारी विनती का उत्तर हमारी आवश्यकताओं और इच्छाओं के संतुलन का, औरों की आवश्यकताओं के साथ ताल-मेल बैठने के द्वारा दे सकता है। वह हमें अल्पकालीन लाभ की तुलना में दीर्घकालीन (कभी-कभी अनन्तकालीन) लाभ को समझने और स्वीकार करने में हमारी सहायता करने के द्वारा भी उत्तर दे सकता है, जिससे कि हम अपने जीवन के द्वारा उसे आदर और महिमा दे सकें।

         हमारा प्रभु परमेश्वर न केवल सिद्ध बुद्धिमत्ता वाला न्यायी है, वरन वह हमारा व्यक्तिगत सलाहकार भी है जो हमें हमारी आवश्यकता के समय में ईश्वरीय समझ और बुद्धि भी देने का आश्वासन देता है (याकूब 1:5)। - जेनिफर बेनसन शुल्टज़

 

सही बुद्धिमत्ता का एकमात्र स्त्रोत स्वयं परमेश्वर है।


पर यदि तुम में से किसी को बुद्धि की घटी हो, तो परमेश्वर से मांगे, जो बिना उलाहना दिए सब को उदारता से देता है; और उसको दी जाएगी। - याकूब 1:5

बाइबल पाठ: 1 राजाओं 3:16-28

1 राजा 3:16 उस समय दो वेश्याएं राजा के पास आकर उसके सम्मुख खड़ी हुईं।

1 राजा 3:17 उन में से एक स्त्री कहने लगी, हे मेरे प्रभु! मैं और यह स्त्री दोनों एक ही घर में रहती हैं; और इसके संग घर में रहते हुए मेरे एक बच्चा हुआ।

1 राजा 3:18 फिर मेरे जच्चा के तीन दिन के बाद ऐसा हुआ कि यह स्त्री भी जच्चा हो गई; हम तो संग ही संग थीं, हम दोनों को छोड़कर घर में और कोई भी न था।

1 राजा 3:19 और रात में इस स्त्री का बालक इसके नीचे दबकर मर गया।

1 राजा 3:20 तब इस ने आधी रात को उठ कर, जब तेरी दासी सो ही रही थी, तब मेरा लड़का मेरे पास से ले कर अपनी छाती में रखा, और अपना मरा हुआ बालक मेरी छाती में लिटा दिया।

1 राजा 3:21 भोर को जब मैं अपना बालक दूध पिलाने को उठी, तब उसे मरा हुआ पाया; परन्तु भोर को मैं ने ध्यान से यह देखा, कि वह मेरा पुत्र नहीं है।

1 राजा 3:22 तब दूसरी स्त्री ने कहा, नहीं जीवित पुत्र मेरा है, और मरा पुत्र तेरा है। परन्तु वह कहती रही, नहीं मरा हुआ तेरा पुत्र है और जीवित मेरा पुत्र है, यों वे राजा के सामने बातें करती रही।

1 राजा 3:23 राजा ने कहा, एक तो कहती है जो जीवित है, वही मेरा पुत्र है, और मरा हुआ तेरा पुत्र है; और दूसरी कहती है, नहीं, जो मरा है वही तेरा पुत्र है, और जो जीवित है, वह मेरा पुत्र है।

1 राजा 3:24 फिर राजा ने कहा, मेरे पास तलवार ले आओ; सो एक तलवार राजा के सामने लाई गई।

1 राजा 3:25 तब राजा बोला, जीवते बालक को दो टुकड़े कर के आधा इस को और आधा उसको दो।

1 राजा 3:26 तब जीवित बालक की माता का मन अपने बेटे के स्नेह से भर आया, और उसने राजा से कहा, हे मेरे प्रभु! जीवित बालक उसी को दे; परन्तु उसको किसी भांति न मार। दूसरी स्त्री ने कहा, वह न तो मेरा हो और न तेरा, वह दो टुकड़े किया जाए।

1 राजा 3:27 तब राजा ने कहा, पहिली को जीवित बालक दो; किसी भांति उसको न मारो; क्योंकि उसकी माता वही है।

1 राजा 3:28 जो न्याय राजा ने चुकाया था, उसका समाचार समस्त इस्राएल को मिला, और उन्होंने राजा का भय माना, क्योंकि उन्होंने यह देखा, कि उसके मन में न्याय करने के लिये परमेश्वर की बुद्धि है।

 

एक साल में बाइबल: 

  • यिर्मयाह 34-36
  • इब्रानियों 2