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मंगलवार, 5 जनवरी 2021

परिवर्तन


          तानी और मोदूपे की परवरिश नाइजीरिया में हुई और वे 1970 के दशक में अध्ययन के लिए इंग्लैंड गए। यद्यपि उन्होंने व्यक्तिगत रीति से अपने जीवन में परमेश्वर के अनुग्रह से आए परिवर्तन को अनुभव किया था, फिर भी उन्होंने कभी कल्पना भी नहीं की थी कि एक दिन उन्हें इंग्लैंड की सबसे वंचित और पृथक किए गए समुदायों – लिवरपूल के एनफील्ड में ऐसा परिवर्तन लाने के लिए उपयोग किया जाएगा। डॉक्टर तानी और मुदूपे विश्वासयोग्यता के साथ परमेश्वर के खोजी रहे, और अपने समुदाय में सेवा करते रहे, और उनमें होकर परमेश्वर ने अनेकों की आशा को पुनःस्थापित किया। अब वे एक जीवंत चर्च का संचालन करते हैं, और अनेकों सामाजिक परियोजनाएं संचालित करते हैं, जिससे अनगिनत जीवनों में परिवर्तन आए हैं।

          परमेश्वर के वचन बाइबल में मनश्शे ने अपने समाज को पहले बुराई की ओर और फिर भलाई की ओर परिवर्तित किया। वह बारह वर्ष की आयु में यहूदा का राजा बना था। उसने कई वर्ष तक बहुत सी बुराइयां कीं, और अपनी प्रजा को परमेश्वर से पथभ्रष्ट कर दिया (2 इतिहास 33:1-9)। उन लोगों ने परमेश्वर की चेतावनियों की ओर कोई ध्यान नहीं दिया, इसलिए परमेश्वर ने मनश्शे को बँधुआ बनाकर बेबीलोन ले जाए जाने दिया (पद 10-11)।

          वहाँ पर अपने कष्ट में मनश्शे परमेश्वर की ओर मुड़ा, और दीन होकर उसे पुकारा; परमेश्वर ने उसकी पुकार को सुना और उसे वापस लौटा कर उसे उसके राज्य पर पुनःस्थापित कर दिया (पद 12-13)। अब परिवर्तित हो चुके राजा ने नगर की दीवारों को बनवाया और पराए देवी-देवताओं को बाहर निकाल फेंका ( 14-15)। लिखा है,तब उसने यहोवा की वेदी की मरम्मत की, और उस पर मेलबलि और धन्यवाद बलि चढ़ाने लगा, और यहूदियों को इस्राएल के परमेश्वर यहोवा की उपासना करने की आज्ञा दी” (पद 16)। जब लोगों ने मनश्शे के जीवन में यह अद्भुत परिवर्तन देखा, तो वे भी प्रभावित होकर परिवर्तित हो गए (पद 17)।

          जब हम सच्चे मन से परमेश्वर के खोजी होते हैं, और उसकी आज्ञाकारिता में चलते हैं, तो वह हमें परिवर्तित करता है, और हमारे द्वारा हमारे समाज में परिवर्तन लाता है। - रूथ ओरिली-स्मिथ

 

परमेश्वर द्वारा आप में लाया गया परिवर्तन, औरों को भी परिवर्तित करता है।


यहोवा की व्यवस्था खरी है, वह प्राण को बहाल कर देती है; यहोवा के नियम विश्वासयोग्य हैं, साधारण लोगों को बुद्धिमान बना देते हैं; यहोवा के उपदेश सिद्ध हैं, हृदय को आनन्दित कर देते हैं; यहोवा की आज्ञा निर्मल है, वह आंखों में ज्योति ले आती है; - भजन 19:7-8

बाइबल पाठ: 2 इतिहास 33:9-17

2 इतिहास 33:9 और मनश्शे ने यहूदा और यरूशलेम के निवासियों को यहां तक भटका दिया कि उन्होंने उन जातियों से भी बढ़ कर बुराई की, जिन्हें यहोवा ने इस्राएलियों के सामने से विनाश किया था।

2 इतिहास 33:10 और यहोवा ने मनश्शे और उसकी प्रजा से बातें कीं, परन्तु उन्होंने कुछ ध्यान नहीं दिया।

2 इतिहास 33:11 तब यहोवा ने उन पर अश्शूर के सेनापतियों से चढ़ाई कराई, और ये मनश्शे को नकेल डाल कर, और पीतल की बेड़ियों में जकड़ कर, उसे बेबीलोन को ले गए।

2 इतिहास 33:12 तब संकट में पड़ कर वह अपने परमेश्वर यहोवा को मानने लगा, और अपने पूर्वजों के परमेश्वर के सामने बहुत दीन हुआ, और उस से प्रार्थना की।

2 इतिहास 33:13 तब उसने प्रसन्न हो कर उसकी विनती सुनी, और उसको यरूशलेम में पहुंचा कर उसका राज्य लौटा दिया। तब मनश्शे को निश्चय हो गया कि यहोवा ही परमेश्वर है।

2 इतिहास 33:14 इसके बाद उसने दाऊदपुर से बाहर गीहोन के पश्चिम की ओर नाले में मच्छली फाटक तक एक शहरपनाह बनवाई, फिर ओपेल को घेर कर बहुत ऊंचा कर दिया; और यहूदा के सब गढ़ वाले नगरों में सेनापति ठहरा दिए।

2 इतिहास 33:15 फिर उसने पराये देवताओं को और यहोवा के भवन में की मूर्ति को, और जितनी वेदियां उसने यहोवा के भवन के पर्वत पर, और यरूशलेम में बनवाई थीं, उन सब को दूर कर के नगर से बाहर फिंकवा दिया।

2 इतिहास 33:16 तब उसने यहोवा की वेदी की मरम्मत की, और उस पर मेलबलि और धन्यवाद बलि चढ़ाने लगा, और यहूदियों को इस्राएल के परमेश्वर यहोवा की उपासना करने की आज्ञा दी।

2 इतिहास 33:17 तौभी प्रजा के लोग ऊंचे स्थानों पर बलिदान करते रहे, परन्तु केवल अपने परमेश्वर यहोवा के लिये।

 

एक साल में बाइबल: 
  • उत्पत्ति 13-15
  • मत्ती 5:1-26

सोमवार, 4 जनवरी 2021

ज्योति

 

          चाँद के बादलों में छिप जाने से जंगल में स्थित हमारे गाँव पर अंधियारा छा गया। आकाश में बिजली कड़कने लगी, और गरजन की आवाज़ गूँजने लगी। मैं तब बच्चा ही था और जगा हुआ इन सब के कारण भयभीत हो रहा था, मुझे लग रहा था कि बाहर तरह-तरह के भयानक जानवर मुझ पर हमला करने को तैयार खड़े हैं। परन्तु प्रातः होने तक वे सभी आवाज़ें जाती रहीं, सूरज निकल आया, अंधियारा मिट गया, और गर्जन की बजाए चिड़ियों के चहचहाने की आवाज़ सुनाए देने लगीं। रात की भयावह बातों की तुलना में प्रातः का आनन्द बहुत मनभावन था।

          परमेश्वर के वचन बाइबल में इब्रानियों का लेखक इस्राएलियों के एक अनुभव के बारे में लिखता है; उनके मिस्र से निकलकर आने के बाद जब मूसा परमेश्वर से दस आज्ञाएँ लेने सीनै पर्वत पर गया हुआ था, तब वह पर्वत बहुत अंधियारा और आँधी-तूफ़ान से भरा हुआ था, और वे लोग भयभीत होकर छुप गए (निर्गमन 20:18-19)। उनके लिए परमेश्वर की उपस्थिति, उसके द्वारा सप्रेम अपनी व्यवस्था देने के समय में भी अंधियारी और भयावह थी। ऐसा इसलिए था क्योंकि पापी मनुष्य होने के कारण, वे परमेश्वर के मानकों पर खरे नहीं उतर सकते थे। उनके पाप के कारण वे अन्धकार और भय में थे (इब्रानियों 12:18-21)।

          परन्तु परमेश्वर ज्योति है और उसमें कुछ भी अन्धकार नहीं है (1यूहन्ना 1:5)। इब्रानियों 12 में सीनै पर्वत परमेश्वर की पवित्रता और अनाज्ञाकारिता के हमारे पुराने जीवन का प्रतीक है। जबकि सिय्योन पर्वत की सुन्दरता परमेश्वर के अनुग्रह और “नई वाचा के मध्यस्थ” (पद 22-24) प्रभु यीशु मसीह में मसीही विश्वासी के नए जीवन का प्रतीक है।

          जो कोई भी प्रभु यीशु मसीह के पीछे चलेगा वह “कभी अन्धकार में न चलेगा, परन्तु जीवन की ज्योति पाएगा” (यूहन्ना 8:12)। प्रभु यीशु मसीह में होकर हम अपने पुराने जीवन के अन्धकार को तज सकते हैं और प्रभु की ज्योति तथा उसके राज्य की सुन्दरता में चलने के आनन्द का उत्सव मना सकते हैं। - लॉरेंस दरमानी

 

क्या आपने प्रभु की ज्योति में चलने का निर्णय ले लिया है?


उस में जीवन था; और वह जीवन मनुष्यों की ज्योति थी। - यूहन्ना 1:4

बाइबल पाठ: इब्रानियों 12:18-24

इब्रानियों 12:18 तुम तो उस पहाड़ के पास जो छूआ जा सकता था और आग से प्रज्वलित था, और काली घटा, और अन्‍धेरा, और आन्धी के पास।

इब्रानियों 12:19 और तुरही की ध्वनि, और बोलने वाले के ऐसे शब्द के पास नहीं आए, जिस के सुनने वालों ने बिनती की, कि अब हम से और बातें न की जाएं।

इब्रानियों 12:20 क्योंकि वे उस आज्ञा को न सह सके, कि यदि कोई पशु भी पहाड़ को छूए, तो पत्थरवाह किया जाए।

इब्रानियों 12:21 और वह दर्शन ऐसा डरावना था, कि मूसा ने कहा; मैं बहुत डरता और कांपता हूं।

इब्रानियों 12:22 पर तुम सिय्योन के पहाड़ के पास, और जीवते परमेश्वर के नगर स्वर्गीय यरूशलेम के पास।

इब्रानियों 12:23 और लाखों स्‍वर्गदूतों और उन पहिलौठों की साधारण सभा और कलीसिया जिन के नाम स्वर्ग में लिखे हुए हैं: और सब के न्यायी परमेश्वर के पास, और सिद्ध किए हुए धर्मियों की आत्माओं।

इब्रानियों 12:24 और नई वाचा के मध्यस्थ यीशु, और छिड़काव के उस लहू के पास आए हो, जो हाबिल के लहू से उत्तम बातें कहता है।

 

एक साल में बाइबल: 

  • उत्पत्ति 10-12
  • मत्ती 4

रविवार, 3 जनवरी 2021

जानता

 

          वह जानता था कि उसे वो काम नहीं करना चाहिए था। मैं स्पष्ट देख पा रही थी कि वह जानता था कि उसने गलत किया है: यह उसके चेहरे पर साफ़ लिखा हुआ था। मैं जब उसे लेकर उसकी गलती के बारे में उससे बात करने बैठी, तो मेरे तीन वर्षीय भतीजे ने अपनी आँखें जोर से बन्द कर लीं। वह मेरे सामने बैठा था, परन्तु उसके मन में अबोध विचार यही था कि यदि वो मुझे नहीं देख पा रहा है तो मैं भी उसे नहीं देख पा रही होऊंगी। और जब हम एक दूसरे को देख ही नहीं पा रहे हैं तो फिर बात कैसे कर सकेंगे, और इससे उसके किए के परिणामों से बचा जा सकता है।

          मुझे बहुत खुशी है कि मैं उसे उस पल में देख पा रही थी। यद्यपि मैं उसके किए कार्य को अनदेखा तो नहीं कर सकती थी, और मुझे उससे इसके बारे में बात करना आवश्यक था, लेकिन मैं नहीं चाहती थी कि हम दोनों के बीच कुछ भी आए। मैं चाहती थी कि वह मेरे चेहरे की ओर देखे, और जाने कि मैं उससे कितना प्यार करती थी और उसे क्षमा करना चाहती थी। उस पल में मुझे एक झलक मिली उस समय की जब परमेश्वर अदन की वाटिका में आदम और हव्वा के पास उन्हें ढूँढ़ता हुआ आया था, क्योंकि उन्होंने उसके भरोसे को तोड़ा था। परमेश्वर के वचन बाइबल में लिखा है कि अपनी गलती का एहसास होने के बाद उन्होंने परमेश्वर से छिपने के प्रयास किए (उत्पत्ति 3:10), जबकि परमेश्वर उन्हें उससे भी अधिक स्पष्ट देख सकता था जितना मैं अपने भतीजे को देखने पा रही थी।

          हमें जब भी एहसास होता है कि हमने कुछ गलत किया है, तो हम उसका सामना करने और उसके परिणामों से बचाना चाहते हैं। हम या तो सत्य से भागते हैं, या उसे छिपाते हैं, या सत्य के प्रति अपनी आँखें मूँद लेते हैं। परमेश्वर हमें अपनी धार्मिकता के मापदंड के अनुसार अवश्य ही नापेगा, और हम उसकी दृष्टि से छुप नहीं सकते हैं; परन्तु फिर भी वह हमें अपने पास बुलाता है क्योंकि वह हमसे प्रेम करता है और हमें प्रभु यीशु में होकर क्षमा प्रदान करना चाहता है। परमेश्वर हमारे बारे में सब कुछ जानता है; हमें उसके सामने सब कुछ मान लेना चाहिए। - कर्स्टन होल्मबर्ग

 

परमेश्वर प्रेम के साथ देखता है।


यदि हम अपने पापों को मान लें, तो वह हमारे पापों को क्षमा करने, और हमें सब अधर्म से शुद्ध करने में विश्वासयोग्य और धर्मी है। - 1 यूहन्ना 1:9

बाइबल पाठ: उत्पत्ति 3:1-10

उत्पत्ति 3:1 यहोवा परमेश्वर ने जितने बनैले पशु बनाए थे, उन सब में सर्प धूर्त था, और उसने स्त्री से कहा, क्या सच है, कि परमेश्वर ने कहा, कि तुम इस वाटिका के किसी वृक्ष का फल न खाना?

उत्पत्ति 3:2 स्त्री ने सर्प से कहा, इस वाटिका के वृक्षों के फल हम खा सकते हैं।

उत्पत्ति 3:3 पर जो वृक्ष वाटिका के बीच में है, उसके फल के विषय में परमेश्वर ने कहा है कि न तो तुम उसको खाना और न उसको छूना, नहीं तो मर जाओगे।

उत्पत्ति 3:4 तब सर्प ने स्त्री से कहा, तुम निश्चय न मरोगे,

उत्पत्ति 3:5 वरन परमेश्वर आप जानता है, कि जिस दिन तुम उसका फल खाओगे उसी दिन तुम्हारी आंखें खुल जाएँगी, और तुम भले बुरे का ज्ञान पाकर परमेश्वर के तुल्य हो जाओगे।

उत्पत्ति 3:6 सो जब स्त्री ने देखा कि उस वृक्ष का फल खाने में अच्छा, और देखने में मनभाऊ, और बुद्धि देने के लिये चाहने योग्य भी है, तब उसने उस में से तोड़कर खाया; और अपने पति को भी दिया, और उसने भी खाया।

उत्पत्ति 3:7 तब उन दोनों की आँखें खुल गई, और उन को मालूम हुआ कि वे नंगे है; सो उन्होंने अंजीर के पत्ते जोड़ जोड़ कर लंगोट बना लिये।

उत्पत्ति 3:8 तब यहोवा परमेश्वर जो दिन के ठंडे समय वाटिका में फिरता था उसका शब्द उन को सुनाई दिया। तब आदम और उसकी पत्नी वाटिका के वृक्षों के बीच यहोवा परमेश्वर से छिप गए।

उत्पत्ति 3:9 तब यहोवा परमेश्वर ने पुकार कर आदम से पूछा, तू कहां है?

उत्पत्ति 3:10 उसने कहा, मैं तेरा शब्द बारी में सुन कर डर गया क्योंकि मैं नंगा था; इसलिये छिप गया।

 

एक साल में बाइबल: 

  • उत्पत्ति 7-9
  • मत्ती 3

शनिवार, 2 जनवरी 2021

निर्देश

 

          मेरे पिता में दिशा की इतनी अद्भुत समझ थी कि इसके लिए मुझे उन से ईर्ष्या होती थी। उन्हें बस पता होता था कि उत्तर, दक्षिण, पूर्व, और पश्चिम किस ओर हैं। यह ऐसा था मानो उन्होंने इस दिशा ज्ञान के साथ ही जन्म लिया हो। और वो सदा ही सही भी होते थे; सिवाय उस रात के, जब वो सही नहीं थे। उस रात मेरे पिता मार्ग भूल गए, खो गए।

          वो और मेरी माँ एक अपरिचित नगर में किसी कार्यक्रम में सम्मिलित होने गए थे, और उनके वापस लौटने के समय तक अँधेरा हो चुका था। वे निश्चित थे कि उन्हें मुख्य सड़क तक पहुँचने का मार्ग पता है, परन्तु उन्हें पता नहीं था, और वे कुछ देर इधर-उधर मुड़ते रहे, और गलत मार्ग के कारण असमंजस में पड़ते चले गए, और फिर निराश होकर खिसियाने लगे। तब मेरी माँ ने उनसे कहा, “मैं समझ रही हूँ कि यह कठिन है, परन्तु कोई बात नहीं; आप अपने फोन पर सही मार्ग के निर्देश देख सकते हैं।” जहाँ तक मुझे पता है, जीवन में पहली बार, मेरे छिहत्तर वर्षीय पिता ने किसी से दिशा निर्देश लिए, वो भी अपने फोन से!

          परमेश्वर के वचन बाइबल में भजनकार के पास जीवन का बहुत अनुभव था। परन्तु भजन ऐसे पलों को भी प्रकट करता है जब दाऊद आत्मिक तथा भावनात्मक रीति से खोया हुआ सा प्रतीत होता है। भजन 143 ऐसे ही एक समय को बताता है। उस महान राजा का मन व्याकुल था (पद 4); वह समस्या में पड़ा हुआ था (पद 11)। इसलिए उसने रुक कर प्रार्थना की, “जिस मार्ग से मुझे चलना है, वह मुझको बता दे” (पद 8)। उसने किसी मनुष्य का सहारा नहीं लिया, वरन परमेश्वर को पुकार कर कहा, “क्योंकि मैं तुझी पर भरोसा रखता हूँ” (पद 8)।

          यदि वह “[परमेश्वर के] मन के अनुसार व्यक्ति” (1शमूएल 13:14) खोया हुआ अनुभव कर सकता है, और परमेश्वर से दिशा-निर्देश तथा मार्गदर्शन माँग सकता है, तो स्वाभाविक है कि हमें भी परमेश्वर से निर्देश लेने की आवश्यकता होगी। यदि आज आपको मार्ग नहीं मिल रहा है, तो निःसंकोच होकर परमेश्वर से निर्देश मांगें। - जॉन ब्लेज़

 

परमेश्वर से निर्देश मांगना ठीक ही नहीं है – सर्वोत्तम है।


और जब कभी तुम दाहिनी या बाईं ओर मुड़ने लगो, तब तुम्हारे पीछे से यह वचन तुम्हारे कानों में पड़ेगा, मार्ग यही है, इसी पर चलो। - यशायाह 30:21

बाइबल पाठ: भजन 143:4-11

भजन 143:4 मेरी आत्मा भीतर से व्याकुल हो रही है मेरा मन विकल है।

भजन 143:5 मुझे प्राचीन काल के दिन स्मरण आते हैं, मैं तेरे सब अद्भुत कामों पर ध्यान करता हूं, और तेरे काम को सोचता हूं।

भजन 143:6 मैं तेरी ओर अपने हाथ फैलाए हुए हूं; सूखी भूमि के समान मैं तेरा प्यासा हूं।

भजन 143:7 हे यहोवा, फुर्ती कर के मेरी सुन ले; क्योंकि मेरे प्राण निकलने ही पर हैं मुझ से अपना मुंह न छिपा, ऐसा न हो कि मैं कब्र में पड़े हुओं के समान हो जाऊं।

भजन 143:8 अपनी करुणा की बात मुझे शीघ्र सुना, क्योंकि मैं ने तुझी पर भरोसा रखा है। जिस मार्ग से मुझे चलना है, वह मुझ को बता दे, क्योंकि मैं अपना मन तेरी ही ओर लगाता हूं।

भजन 143:9 हे यहोवा, मुझे शत्रुओं से बचा ले; मैं तेरी ही आड़ में आ छिपा हूं।

भजन 143:10 मुझ को यह सिखा, कि मैं तेरी इच्छा क्योंकर पूरी करूं, क्योंकि मेरा परमेश्वर तू ही है! तेरा भला आत्मा मुझ को धर्म के मार्ग में ले चले!

भजन 143:11 हे यहोवा, मुझे अपने नाम के निमित्त जिला! तू जो धर्मी है, मुझ को संकट से छुड़ा ले!

 

एक साल में बाइबल: 

  • उत्पत्ति 4-6
  • मत्ती 2

शुक्रवार, 1 जनवरी 2021

प्राथमिकताएँ

 

अनुरोध

सभी पाठकों को नव-वर्ष की शुभ कामनाएं।

 

          वर्ष 2020 अप्रत्याशित और अनपेक्षित रीति से भयानक रहा, और इसने सारे विश्व को हिला डाला। वर्ष 2021 का आरंभ वैक्सीन के साथ तो हुआ है, किन्तु साथ ही कोरोना के संक्रमण के नए स्वरूपों की भी संभावना प्रत्यक्ष है, और लोगों को परेशान कर रही है।

          परमेश्वर के वचन बाइबल के अनुसार, यह नया वर्ष 2021 और भी अधिक भयानक और घातक होगा, और जैसे-जैसे प्रभु के दोबारा आगमन का समय निकट आता जाएगा, यह स्थिति बद से बदतर ही होती जाएगी, सुधरेगी नहीं।

          इसलिए आप सभी से विनम्र निवेदन है कि यदि अभी तक आपने प्रभु यीशु मसीह को अपना व्यक्तिगत उद्धारकर्ता स्वीकार नहीं किया है; उससे अपने पापों की क्षमा माँगकर, अपना जीवन उसे समर्पित नहीं किया है; उसके वचन बाइबल की आज्ञाकारिता में चलने का निर्णय नहीं लिया है, तो कृपया समय रहते यह अभी कर लें; क्योंकि कल क्या होगा, और फिर समय मिलेगा या नहीं, कोई नहीं जानता है। अपने अनन्त जीवन के साथ जोखिम न उठाएं, उसे अभी समय रहते सुरक्षित कर लें।

          यदि आप अपने धर्म-कर्म, और रीति-रिवाजों तथा परम्पराओं के निर्वाह करने के कारण अपने आप को सुरक्षित अनुभव कर रहे हैं, तो आप बहुत घोर और घातक भ्रम में हैं। धर्म-कर्म की धार्मिकता से निकलकर, प्रभु यीशु पर विश्वास लाने के द्वारा परमेश्वर के अनुग्रह से मुफ्त में मिलने वाली धार्मिकता को अभी समय रहते स्वीकार कर लीजिए – केवल वही आपके इस तथा परलोक एवं अनन्त जीवन की एकमात्र गारंटी है – इसे हलके में मत लीजिए; परमेश्वर के इस उपहार को स्वीकार करके अपने जीवन में लागू कर लीजिए।

 

धन्यवाद; आप सभी को स्नेहपूर्ण नमस्कार🙏

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जनवरी 1

प्राथमिकताएँ

          मैं सदा ही चेलो (विशाल वायलिन के समान दिखने वाला वाद्य-यंत्र) बजाना सीखना चाहती थी; परन्तु मुझे कभी समय ही नहीं मिला कि मैं उसे सीखने के लिए कहीं दाखिला ले सकूँ। या, संभवतः यह कहना अधिक सही होगा, कि मैंने कभी उसे सीखने के लिए पर्याप्त समय ही नहीं निकाला; यह कार्य मेरी इच्छाओं में तो रहा किन्तु मेरी प्राथमिकताओं में नहीं था। फिर मैं सोचने लगी कि संभवतः स्वर्ग में मुझे सीखने के लिए समय मिल जाएगा; और यहाँ पृथ्वी पर मैं उन कार्यों पर ध्यान लगा लेती हूँ जिनमें होकर परमेश्वर अभी के लिए मुझ से सेवा लेना चाहता है।

          जीवन अल्पकालीन है, और हम सभी को यह दबाव अनुभव होता है कि पृथ्वी के अपने समय का सही उपयोग कर लें, इससे पहले कि अवसर हाथ से निकल जाए। किन्तु इस बात का अभिप्राय क्या है?

          परमेश्वर के वचन बाइबल में राजा सुलैमान ने जीवन के अर्थ पर चिंतन किया और दो सुझाव दिए। पहला, हम जहाँ तक संभव हो, सबसे सार्थक जीवन बिताएँ; इसमें परमेश्वर द्वारा हमें प्रदान की गई सभी भली बातों का आनन्द लेना, जैसे कि खाना-पीना (सभोपदेशक 9:7), वस्त्र और सुगन्धित द्रव्य प्रयोग करना (पद 8), वैवाहिक संबंध निभाना (पद 9), तथा परमेश्वर द्वारा प्रदान किए गए अन्य सभी उपहारों का सदुपयोग करना सम्मिलित हैं – इनमें चेलो बजाना सीखना भी सम्मिलित है!

          उसका दूसरा सुझाव था कि हम पूरी शक्ति तथा सूझ-बूझ के साथ अपने कार्य को करें (पद 10)। जीवन अवसरों से भरा है, और सदा ही करने के लिए कुछ-न-कुछ रहता ही है। हमें परमेश्वर द्वारा प्रदान किए जाने वाले अवसरों का सदुपयोग करना चाहिए, उनका ठीक से लाभ उठाने के लिए उससे बुद्धि मांगनी चाहिए, और उससे कार्य तथा मनोरंजन के बीच सही तालमेल बैठाने तथा अपनी प्राथमिकताओं को सही रीति से निर्धारित करके उनका निर्वाह करने की समझ-बूझ भी माँगनी चाहिए, जिससे कि हम उसके द्वारा हमें दिए गए वरदानों और योग्यताओं का, उसके लिए सही और सकारात्मक उपयोग कर सकें।

          जीवन परमेश्वर द्वारा दिया गया अद्भुत उपहार है। जब हम उसके इस उपहार, तथा इसके साथ जुड़ी हुई आशीषों और अन्य उपहारों का सही उपयोग करते हैं, तो हम परमेश्वर का आदर करते हैं। जीवन की प्राथमिकताओं का सही निर्धारण ही जीवन की आशीषों का सही आनन्द लेने की कुंजी है।

 

हम परमेश्वर की आशीषों का स्वयं भी आनन्द ले सकते हैं; तथा औरों के लिए भी आशीष बन सकते हैं।


जिसने मुझे भेजा है; हमें उसके काम दिन ही दिन में करना अवश्य है: वह रात आने वाली है जिस में कोई काम नहीं कर सकता। - यूहन्ना 9:4

बाइबल पाठ: सभोपदेशक 9:4-12

सभोपदेशक 9:4 उसको परन्तु जो सब जीवतों में है, उसे आशा है, क्योंकि जीवता कुत्ता मरे हुए सिंह से बढ़कर है।

सभोपदेशक 9:5 क्योंकि जीवते तो इतना जानते हैं कि वे मरेंगे, परन्तु मरे हुए कुछ भी नहीं जानते, और न उन को कुछ और बदला मिल सकता है, क्योंकि उनका स्मरण मिट गया है।

सभोपदेशक 9:6 उनका प्रेम और उनका बैर और उनकी डाह नाश हो चुकी, और अब जो कुछ सूर्य के नीचे किया जाता है उस में सदा के लिये उनका और कोई भाग न होगा।

सभोपदेशक 9:7 अपने मार्ग पर चला जा, अपनी रोटी आनन्द से खाया कर, और मन में सुख मान कर अपना दाखमधु पिया कर; क्योंकि परमेश्वर तेरे कामों से प्रसन्न हो चुका है।

सभोपदेशक 9:8 तेरे वस्त्र सदा उजले रहें, और तेरे सिर पर तेल की घटी न हो।

सभोपदेशक 9:9 अपने व्यर्थ जीवन के सारे दिन जो उसने सूर्य के नीचे तेरे लिये ठहराए हैं अपनी प्यारी पत्नी के संग में बिताना, क्योंकि तेरे जीवन और तेरे परिश्रम में जो तू सूर्य के नीचे करता है तेरा यही भाग है।

सभोपदेशक 9:10 जो काम तुझे मिले उसे अपनी शक्ति भर करना, क्योंकि अधोलोक में जहां तू जाने वाला है, न काम न युक्ति न ज्ञान और न बुद्धि है।

सभोपदेशक 9:11 फिर मैं ने धरती पर देखा कि न तो दौड़ में वेग से दौड़ने वाले और न युद्ध में शूरवीर जीतते; न बुद्धिमान लोग रोटी पाते न समझ वाले धन, और न प्रवीणों पर अनुग्रह होता है, वे सब समय और संयोग के वश में है।

सभोपदेशक 9:12 क्योंकि मनुष्य अपना समय नहीं जानता। जैसे मछलियां दुखदाई जाल में और चिड़ियां फन्दे में फँसती हैं, वैसे ही मनुष्य दुखदाई समय में जो उन पर अचानक आ पड़ता है, फँस जाते हैं।

 

एक साल में बाइबल: 

  • उत्पत्ति 1-3
  • मत्ती 1

गुरुवार, 31 दिसंबर 2020

सन्देश

 

          मैं एक कॉन्फ्रेंस में सम्मिलित था, और बैठा हुआ सुन रहा था, कि वहाँ काम करने वाली एक महिला मेरे पास आकर बोली, “मेरे पास आपके लिए एक सन्देश है” और मुझे एक कागज़ पकड़ाया, और मुझे तुरंत समझ नहीं आया कि मुझे प्रसन्न होना चाहिए या घबराना चाहिए। परन्तु जब मैंने कागज़ पर लिखे सन्देश को पढ़ा, “आपको भतीजा मिला है” तो मुझे कोई शक नहीं था कि मुझे आनन्दित होना चाहिए।

          सन्देश भला या बुरा, कोई भी समाचार ला सकते हैं, या हमारे सामने कोई चुनौती रख सकते हैं। परमेश्वर के वचन बाइबल में, पुराने नियम में, परमेश्वर ने अपने भविष्यद्वक्ताओं को अपने लोगों को आशा और न्याय, दोनों ही के सन्देश देने के लिए प्रयोग किया। जब हम उन संदेशों को ध्यान से देखते हैं, तो हमें दिखता है कि उसके न्याय के संदेशों में भी लोगों को पश्चाताप करने, बहाल होने, और पुनःस्थापित किए जाने के आह्वान थे।

          पुराने नियम की अंतिम पुस्तक, मलाकी के 3 अध्याय में दोनों ही प्रकार के सन्देश मिलते हैं। यहाँ पर परमेश्वर ने उस अग्रदूत को भेजने का सन्देश दिया है जो जगत के उद्धारकर्ता के आगमन के लिए मार्ग तैयार करेगा; उसके लिए जो “वाचा का वह दूत” (मलाकी 3:2) है जिसे परमेश्वर की प्रतिज्ञाओं को पूरा करने के लिए आना था; वह प्रभु यीशु था (मत्ती 3:11), जो आकर “सुनार की आग और धोबी के साबुन” के समान लोगों को स्वच्छ करेगा ( 2) – उन्हें जो उसके वचन पर विश्वास रखते हैं। परमेश्वर ने अपने लोगों के लिए स्वच्छ किए जाने का यह सन्देश इसलिए दिया क्योंकि वह उन से प्रेम करता है और उनकी भलाई चाहता है।

          परमेश्वर का सन्देश प्रेम, आशा, और स्वतंत्रता का सन्देश है। उसने अपने पुत्र को हमारे लिए संदेशवाहक बना कर भेजा जिससे वह हमें हमारी ही भाषा और समझ के अनुसार हमारे सुधार और हमारे लिए अनन्त आशा के सन्देश को दे सके। हम उसके इस सन्देश पर हमेशा भरोसा कर सकते हैं। - एमी बाउचर पाई

 

नए वर्ष में परमेश्वर से सुसमाचार को औरों तक पहुंचाने की सामर्थ्य मांगें।


वह पुत्र जनेगी और तू उसका नाम यीशु रखना; क्योंकि वह अपने लोगों का उन के पापों से उद्धार करेगा। - मत्ती 1:21

बाइबल पाठ: मलाकी 3:1-5

मलाकी 3:1 देखो, मैं अपने दूत को भेजता हूं, और वह मार्ग को मेरे आगे सुधारेगा, और प्रभु, जिसे तुम ढूंढ़ते हो, वह अचानक अपने मन्दिर में आ जाएगा; हां वाचा का वह दूत, जिसे तुम चाहते हो, सुनो, वह आता है, सेनाओं के यहोवा का यही वचन है।

मलाकी 3:2 परन्तु उसके आने के दिन की कौन सह सकेगा? और जब वह दिखाई दे, तब कौन खड़ा रह सकेगा? क्योंकि वह सुनार की आग और धोबी के साबुन के समान है।

मलाकी 3:3 वह रूपे का ताने वाला और शुद्ध करने वाला बनेगा, और लेवियों को शुद्ध करेगा और उन को सोने रूपे के समान निर्मल करेगा, तब वे यहोवा की भेंट धर्म से चढ़ाएंगे।

मलाकी 3:4 तब यहूदा और यरूशलेम की भेंट यहोवा को ऐसी भाएगी, जैसी पहिले दिनों में और प्राचीनकाल में भाती थी।

मलाकी 3:5 तब मैं न्याय करने को तुम्हारे निकट आऊंगा; और टोन्हों, और व्यभिचारियों, और झूठी किरिया खाने वालों के विरुद्ध, और जो मजदूर की मजदूरी को दबाते, और विधवा और अनाथों पर अन्धेर करते, और परदेशी का न्याय बिगाड़ते, और मेरा भय नहीं मानते, उन सभों के विरुद्ध मैं तुरन्त साक्षी दूंगा, सेनाओं के यहोवा का यही वचन है।

 

एक साल में बाइबल: 

  • मलाकी 1-4
  • प्रकाशितवाक्य 22

बुधवार, 30 दिसंबर 2020

कहानियाँ


          मुझे गाड़ियों के कबाड़ख़ानों में जाने से कौतूहल होता है। मुझे गाड़ियों पर कार्य करना अच्छा लगता है, इसलिए मैं अपने घर के निकट स्थित गाड़ियों के एक कबाड़खाने में अकसर जाया करता हूँ। वह एकांत स्थान है, जहाँ टूटे और त्यागे हुए गाड़ियों ढांचों में होकर, वे ढाँचे जो कभी किसी की मूल्यवान संपत्ति हुआ करते थे, हवा फुसफुसाती है। कुछ दुर्घटनाग्रस्त होकर टूट गए, कुछ खराब होने से बेकार हो गए, और कुछ की उपयोगिता समाप्त हो गई। मैं जब वहाँ खड़ी गाड़ियों के बीच से होकर चलता हूँ, तो कभी-कभी कोई गाड़ी, मेरा ध्यान आकर्षित करती है, और मैं विचार करने लगता हूँ कि अपने “जीवनकाल” में उसने क्या-क्या रोमांचक अनुभव देखे होंगे। बीते समय के लिए झरोखे के समान, प्रत्येक गाड़ी के पास सुनाने के लिए कोई कहानी है। लेकिन हर कहानी में सबसे नए को प्राप्त करने की मानवीय उत्कंठा, तथा समय के साथ पुराने को त्याग देने की भावना अवश्य ही जुड़ी होती है।

          मुझे पुराने हिस्सों को नए उपयोग में लाना अच्छा लगता है। जब भी मैं किसी तिरस्कृत गाड़ी के किसी भाग को लेकर किसी ठीक की हुई गाड़ी में लगाकर उसे एक नया जीवन देने पाता हूँ, तो यह समय और नाश पर एक छोटी सी विजय के समान लगता है।

          इससे मुझे परमेश्वर के वचन बाइबल के अन्त की ओर लिखे प्रभु यीशु के शब्द भी स्मरण हो आते हैं,और जो सिंहासन पर बैठा था, उसने कहा, कि देख, मैं सब कुछ नया कर देता हूं: फिर उसने कहा, कि लिख ले, क्योंकि ये वचन विश्वास के योग्य और सत्य हैं” (प्रकाशितवाक्य 21:5)। ये शब्द परमेश्वर द्वारा सृष्टि के नए किए जाने के लिए हैं, जिन में हम मसीही विश्वासी भी सम्मिलित हैं; यद्यपि जितनों ने प्रभु यीशु को ग्रहण किया है, वे एक नई सृष्टि हैं (2 कुरिन्थियों 5:17)।

          एक दिन हम मसीही विश्वासी प्रभु परमेश्वर के साथ अनन्तकाल तक साथ बने रहने की प्रतिज्ञा में प्रवेश करेंगे (यूहन्ना 14:3)। फिर आयु और बीमारियाँ हम पर कोई प्रभाव नहीं डालेंगी, और हम निरन्तर अनन्तकाल के जीवन के रोमांच में बने रहेंगे। उस समय हमारे पास सुनाने के लिए क्या कहानियाँ होंगी – हमारे उद्धारकर्ता के छुड़ाने वाले प्रेम और अटल विश्वासयोग्यता की कहानियाँ। - जेम्स बैंक्स

 

एक वर्ष का अन्त और दूसरे का आरंभ आपको परमेश्वर के किस नवीनीकरण का ध्यान कराता है?


सो यदि कोई मसीह में है तो वह नई सृष्टि है: पुरानी बातें बीत गई हैं; देखो, वे सब नई हो गईं। - 2 कुरिन्थियों 5:17

बाइबल पाठ: प्रकाशितवाक्य 21:1-7

प्रकाशितवाक्य 21:1 फिर मैं ने नये आकाश और नई पृथ्वी को देखा, क्योंकि पहिला आकाश और पहिली पृथ्वी जाती रही थी, और समुद्र भी न रहा।

प्रकाशितवाक्य 21:2 फिर मैं ने पवित्र नगर नये यरूशलेम को स्वर्ग पर से परमेश्वर के पास से उतरते देखा, और वह उस दुल्हिन के समान थी, जो अपने पति के लिये सिंगार किए हो।

प्रकाशितवाक्य 21:3 फिर मैं ने सिंहासन में से किसी को ऊंचे शब्द से यह कहते सुना, कि देख, परमेश्वर का डेरा मनुष्यों के बीच में है; वह उन के साथ डेरा करेगा, और वे उसके लोग होंगे, और परमेश्वर आप उन के साथ रहेगा; और उन का परमेश्वर होगा।

प्रकाशितवाक्य 21:4 और वह उन की आंखों से सब आंसू पोंछ डालेगा; और इस के बाद मृत्यु न रहेगी, और न शोक, न विलाप, न पीड़ा रहेगी; पहिली बातें जाती रहीं।

प्रकाशितवाक्य 21:5 और जो सिंहासन पर बैठा था, उसने कहा, कि देख, मैं सब कुछ नया कर देता हूं: फिर उसने कहा, कि लिख ले, क्योंकि ये वचन विश्वास के योग्य और सत्य हैं।

प्रकाशितवाक्य 21:6 फिर उसने मुझ से कहा, ये बातें पूरी हो गई हैं, मैं अलफा और ओमेगा, आदि और अन्त हूं: मैं प्यासे को जीवन के जल के सोते में से सेंतमेंत पिलाऊंगा।

प्रकाशितवाक्य 21:7 जो जय पाए, वही इन वस्तुओं का वारिस होगा; और मैं उसका परमेश्वर होऊंगा, और वह मेरा पुत्र होगा।

 

एक साल में बाइबल: 
  • ज़कर्याह 13-14
  • प्रकाशितवाक्य 21