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शुक्रवार, 9 जुलाई 2021

पुनःस्थापित

 

          जुलाई 18, 1983 को अमेरिका की वायु-सेना का एक कप्तान न्यू-मेक्सिको में स्थिर एक वायु-सेना के अड्डे से, बिना किसी भी सुराग के, गायब हो गया। पैंतीस वर्ष के बाद अधिकारियों को वह कैलिफोर्निया में मिला। न्यू यॉर्क टाइम्स अखबार में उसके बारे में छपा कि वह अपने काम से निराश होकर यूँ ही सब कुछ छोड़कर भाग गया था। वह पैंतीस वर्ष तक भागता रहा! उसका आधा जीवन यही ध्यान रखने में निकल गया कि कहीं कोई उसे देखकर पहचान तो नहीं रहा है! मैं समझ सकता हूँ कि चिंता और भय इस व्यक्ति के साथ सदा बने रहते होंगे।

          लेकिन मुझे यह भी मानना पड़ेगा कि मैं भी भागते रहने के अनुभव को जानता हूँ। नहीं, ऐसा नहीं है कि मैं अपने जीवन में कभी भी सब कुछ छोड़कर कहीं भाग निकला हूँ – शारीरिक रीति से। लेकिन मैं जानता हूँ कि ऐसे अवसर भी होते हैं जब परमेश्वर चाहता है कि मैं कुछ करूं, या किसी बात का अंगीकार करूँ अथवा सामना करूं; किन्तु मैं वैसा नहीं करना चाहता हूँ। तो इस रीति से मैं भी परमेश्वर से भाग रहा होता हूँ।

          परमेश्वर के वचन बाइबल में योना नबी परमेश्वर द्वारा उसे नीनवे नगर में जाकर प्रचार करने के सौंपे गए कार्य से भागने के लिए प्रसिद्ध है (देखिए योना 1:1-3)। लेकिन वह परमेश्वर से बचकर भाग नहीं सका। आपने संभवतः सब पढ़ा या सुना होगा कि आगे क्या हुआ (पद 4, 17): बड़ी आँधी, एक विशाल मछली, मछली द्वारा उसे निगल लिया जाना, फिर मछली के पेट में एक सामना करना और जवाबदेही, और योना के द्वारा परमेश्वर को सहायता करने के लिए पुकारना (2:2 )।

          योना कोई सिद्ध नबी नहीं था। लेकिन उसकी अद्भुत कहानी से मुझे दिलासा मिलती है, क्योंकि योना की ढिठाई के बावजूद, परमेश्वर ने उसे छोड़ा नहीं। प्रभु ने उसकी सहायता की पुकार का उत्तर दिया, और अपने अनुग्रह में अपने भगोड़े सेवक को पुनःस्थापित कर दिया – जैसा वह हमें भी करता है। - एडम होल्ज़

 

हे पिता मुझे भी क्षमा करें और अपने अनुग्रह के द्वारा पुनःस्थापित करें।


और संकट के दिन मुझे पुकार; मैं तुझे छुड़ाऊंगा, और तू मेरी महिमा करने पाएगा। - भजन 50:15

बाइबल पाठ: योना 2:1-10

योना 2:1 तब योना ने उसके पेट में से अपने परमेश्वर यहोवा से प्रार्थना कर के कहा,

योना 2:2 मैं ने संकट में पड़े हुए यहोवा की दोहाई दी, और उसने मेरी सुन ली है; अधोलोक के उदर में से मैं चिल्ला उठा, और तू ने मेरी सुन ली।

योना 2:3 तू ने मुझे गहिरे सागर में समुद्र की थाह तक डाल दिया; और मैं धाराओं के बीच में पड़ा था, तेरी भड़काई हुई सब तरंग और लहरें मेरे ऊपर से बह गईं।

योना 2:4 तब मैं ने कहा, मैं तेरे सामने से निकाल दिया गया हूं; तौभी तेरे पवित्र मन्दिर की ओर फिर ताकूंगा।

योना 2:5 मैं जल से यहां तक घिरा हुआ था कि मेरे प्राण निकले जाते थे; गहरा सागर मेरे चारों ओर था, और मेरे सिर में सिवार लिपटा हुआ था।

योना 2:6 मैं पहाड़ों की जड़ तक पहुंच गया था; मैं सदा के लिये भूमि में बन्द हो गया था; तौभी हे मेरे परमेश्वर यहोवा, तू ने मेरे प्राणों को गड़हे में से उठाया है।

योना 2:7 जब मैं मूर्छा खाने लगा, तब मैं ने यहोवा को स्मरण किया; और मेरी प्रार्थना तेरे पास वरन तेरे पवित्र मन्दिर में पहुंच गई।

योना 2:8 जो लोग धोखे की व्यर्थ वस्तुओं पर मन लगाते हैं, वे अपने करुणा निधान को छोड़ देते हैं।

योना 2:9 परन्तु मैं ऊंचे शब्द से धन्यवाद कर के तुझे बलिदान चढ़ाऊंगा; जो मन्नत मैं ने मानी, उसको पूरी करूंगा। उद्धार यहोवा ही से होता है।

योना 2:10 और यहोवा ने मगरमच्छ को आज्ञा दी, और उसने योना को स्थल पर उगल दिया।

 

एक साल में बाइबल: 

  • अय्यूब 38-40
  • प्रेरितों 16:1-21


गुरुवार, 8 जुलाई 2021

प्रावधान


          बारबरा की परवरिश, 1960 के दशक में, ब्रिटिश सरकार की देखरेख में हुई, लेकिन जब वह 16 वर्ष की हुई तो वह और उसका नवजात शिशु बे-घर हो गए। उस आयु पर आकर अब उसकी देखभाल और परवरिश राज्य का दायित्व नहीं थे। बारबरा ने इंग्लैंड की रानी को सहायता के लिए पत्र लिखा, और उसे उत्तर भी मिला! रानी ने सहानुभूति-पूर्वक प्रावधान किया कि बारबरा को रहने के लिए मकान उपलब्ध करवाया जाए।

          इंग्लैंड की रानी के पास उपयुक्त संसाधन थे जिनसे वह बारबरा की सहायता कर सकी; और उसकी सहानुभूति पूर्वक की गई सहायता को परमेश्वर द्वारा दी जाने वाली सहायता का एक लघु चित्रण भी देखा जा सकता है। स्वर्ग और सृष्टि का राजा, हमारा प्रभु परमेश्वर हमारी सभी आवश्यकताओं को जानता है, और उन्हें उपलब्ध करवाने के लिए वह हमारे जीवनों में अपनी योजनाओं को कार्यान्वित करता है। यह करते समय उसकी यह लालसा भी रहती है कि हम उसके पास एक स्थाई संबंध में आ जाएँ – उसके साथ अपनी आवश्यकताओं और अन्य चिंताओं तथा बातों को बाँटें – उसके साथ हमारे प्रेम-पूर्ण संबंध के अन्तर्गत।

          परमेश्वर के वचन बाइबल में हम देखते हैं कि इस्राएली उनके छुटकारे की आवश्यकता को परमेश्वर के पास लेकर आए। वे मिस्र के दासत्व के नीचे कराह रहे थे, और उन्होंने सहायता के लिए गुहार लगाई। परमेश्वर ने उनकी सुनी, और उनसे की गई अपनी प्रतिज्ञा को स्मरण किया: “और परमेश्वर ने इस्राएलियों पर दृष्टि कर के उन पर चित्त लगाया” (निर्गमन 2:25)। उसने अपने लोगों को स्वतंत्र करवाकर निकल लाने के लिए मूसा को भेजा, और कहा कि वह उनको छुड़ाकर “... एक अच्छे और बड़े देश में जिस में दूध और मधु की धारा बहती है ... पहुंचाऊं” (निर्गमन 3:8)।

          हमारा राजा प्रसन्न होता है जब हम उसके पास आते हैं। वह अपनी बुद्धिमानी में हमें वह उपलब्ध करवाता है जो हमारे लिए उपयुक्त होता है, न कि वह जो हम माँगते हैं। हम अपने प्रभु परमेश्वर के संसाधनों और प्रावधान में आश्वस्त होकर भरोसा बनाए रखें। - रूथ ओरिली-स्मिथ

 

पिता परमेश्वर मैं आपके संसाधनों और प्रावधानों में सदा सन्तुष्ट रहूं।


इसलिये पहिले तुम उसे राज्य और धर्म की खोज करो तो ये सब वस्तुएं भी तुम्हें मिल जाएंगी। - मत्ती 6:33

बाइबल पाठ: निर्गमन 3:1-9

निर्गमन 3:1 मूसा अपने ससुर यित्रो नाम मिद्यान के याजक की भेड़-बकरियों को चराता था; और वह उन्हें जंगल की परली ओर होरेब नाम परमेश्वर के पर्वत के पास ले गया।

निर्गमन 3:2 और परमेश्वर के दूत ने एक कटीली झाड़ी के बीच आग की लौ में उसको दर्शन दिया; और उसने दृष्टि उठा कर देखा कि झाड़ी जल रही है, पर भस्म नहीं होती।

निर्गमन 3:3 तब मूसा ने सोचा, कि मैं उधर फिरके इस बड़े अचम्भे को देखूंगा, कि वह झाड़ी क्यों नहीं जल जाती।

निर्गमन 3:4 जब यहोवा ने देखा कि मूसा देखने को मुड़ा चला आता है, तब परमेश्वर ने झाड़ी के बीच से उसको पुकारा, कि हे मूसा, हे मूसा। मूसा ने कहा, क्या आज्ञा।

निर्गमन 3:5 उसने कहा इधर पास मत आ, और अपने पांवों से जूतियों को उतार दे, क्योंकि जिस स्थान पर तू खड़ा है वह पवित्र भूमि है।

निर्गमन 3:6 फिर उसने कहा, मैं तेरे पिता का परमेश्वर, और इब्राहीम का परमेश्वर, इसहाक का परमेश्वर, और याकूब का परमेश्वर हूं। तब मूसा ने जो परमेश्वर की ओर निहारने से डरता था अपना मुंह ढांप लिया।

निर्गमन 3:7 फिर यहोवा ने कहा, मैं ने अपनी प्रजा के लोग जो मिस्र में हैं उनके दु:ख को निश्चय देखा है, और उनकी जो चिल्लाहट परिश्रम कराने वालों के कारण होती है उसको भी मैं ने सुना है, और उनकी पीड़ा पर मैं ने चित्त लगाया है ;

निर्गमन 3:8 इसलिये अब मैं उतर आया हूं कि उन्हें मिस्रियों के वश से छुड़ाऊं, और उस देश से निकाल कर एक अच्छे और बड़े देश में जिस में दूध और मधु की धारा बहती है, अर्थात कनानी, हित्ती, एमोरी, परिज्जी, हिव्वी, और यबूसी लोगों के स्थान में पहुंचाऊं।

निर्गमन 3:9 सो अब सुन, इस्राएलियों की चिल्लाहट मुझे सुनाई पड़ी है, और मिस्रियों का उन पर अन्धेर करना भी मुझे दिखाई पड़ा है,

 

एक साल में बाइबल: 

  • अय्यूब 36-37
  • प्रेरितों 15:22-41


बुधवार, 7 जुलाई 2021

बड़ा

 

          दक्षिणी अफ्रीका के एक वन संरक्षक ने एक अद्भुत दृश्य का वर्णन किया: दो बड़े बिज्जू छः शेरों के एक दल का सामना कर रहे थे। यद्यपि वे शेर उन दोनों से संख्या और आकार में बहुत बड़े थे लेकिन फिर भी उन दोनों ने हार नहीं मानी, जबकि उन पर आक्रमण करने वाले शेरों को लगा था कि वे सरलता से उनके शिकार बन जाएँगे। लेकिन उनकी इस लड़ाई के वीडियो के अन्त में उन बिज्जुओं को इठलाते हुए जाते देखा जा सकता है।

          परमेश्वर के वचन बाइबल में दाऊद और गोलियत की घटना इस से भी अधिक अचंभित करने वाली है। युवा और अप्रशिक्षित दाऊद ने विशालकाय पलिश्ती शूरवीर सैनिक गोलियत का सामना किया और उसे पराजित भी कर दिया। गोलियत आकार और बल में इस युवक दाऊद से कहीं अधिक बलवान था और उसके पास बड़े घातक हथियार, कवच और भाला थे (1 शमूएल 17:5-6)। जबकि दाऊद जो एक चरवाहा था, उसके पास केवल एक गोफन था, जिसके साथ वह युद्धभूमि में अपने भाइयों के लिए रोटी और पनीर लेकर आया था (पद 17-18)।

          गोलियत इस्राएल के सैनिकों को उससे लड़ने की चुनौती देता था, किन्तु कोई उससे लड़ने के लिए तैयार नहीं होता था। राजा शाऊल और सभी इस्राएली उससे भयभीत थे (पद 11)। इसलिए उन सभी को लगे झटके की कलपना करें, जब दाऊद ने गोलियत की चुनौती को स्वीकार कर के उससे युद्ध करने का निर्णय लिया। उसे यह करने का साहस कहाँ से आया, जबकि इस्राएली सेना के प्रशिक्षित सैनिकों में यह साहस नहीं था?

          इस्राएल के सैनिकों को जहाँ पर विशालकाय गोलियत दिखाए पड़ रहा था, वहाँ पर दाऊद को उससे भी कहीं बड़ा परमेश्वर अपने साथ खड़ा दिखाई दे रहा था; “... आज के दिन यहोवा तुझ को मेरे हाथ में कर देगा, और मैं तुझ को मारूंगा, और तेरा सिर तेरे धड़ से अलग करूंगा” (पद 46)। जबकि अन्य सभी को लगता था कि कहानी का अन्त गोलियत के हाथों में है; दाऊद को विश्वास था कि परमेश्वर जो उससे कहीं अधिक बड़ा है, वही हर बात को अपने अधिकार में रखता है। और अपने इसी विश्वास के सहारे, दाऊद ने अपने गोफन से एक ही पत्थर के प्रहार से गोलियत को धाराशाई कर दिया, और उसकी ही तलवार से उसका सिर काट दिया।

          अनेकों बार हमें भी अपनी परिस्थितियाँ और परेशानियाँ गोलियत के समान विशाल और अपरिहार्य प्रतीत होती हैं। किन्तु हमारा प्रभु परमेश्वर उन सभी से बड़ा है और वही हर बात पर अधिकार रखता है, उसे नियंत्रित करता है। वही हमारे जीवनों की कहानी को निर्देशित करता है। - विन्न कोलियर

 

प्रभु मुझे अपनी दृष्टि परिस्थितियों से ऊपर कर के आप की ओर देखते रहना सिखाएं।


क्योंकि मैं अपने धनुष पर भरोसा न रखूंगा, और न अपनी तलवार के बल से बचूंगा। परन्तु तू ही ने हम को द्रोहियों से बचाया है, और हमारे बैरियों को निराश और लज्जित किया है। - भजन 44:6-7

बाइबल पाठ: 1 शमूएल 17:41-50

1 शमूएल 17:41 और पलिश्ती चलते चलते दाऊद के निकट पहुंचने लगा, और जो जन उसकी बड़ी ढाल लिये था वह उसके आगे आगे चला।

1 शमूएल 17:42 जब पलिश्ती ने दृष्टि कर के दाऊद को देखा, तब उसे तुच्छ जाना; क्योंकि वह लड़का ही था, और उसके मुख पर लाली झलकती थी, और वह सुन्दर था।

1 शमूएल 17:43 तब पलिश्ती ने दाऊद से कहा, क्या मैं कुत्ता हूं, कि तू लाठी ले कर मेरे पास आता है? तब पलिश्ती अपने देवताओं के नाम ले कर दाऊद को कोसने लगा।

1 शमूएल 17:44 फिर पलिश्ती ने दाऊद से कहा, मेरे पास आ, मैं तेरा मांस आकाश के पक्षियों और वन-पशुओं को दे दूंगा।

1 शमूएल 17:45 दाऊद ने पलिश्ती से कहा, तू तो तलवार और भाला और सांग लिये हुए मेरे पास आता है; परन्तु मैं सेनाओं के यहोवा के नाम से तेरे पास आता हूं, जो इस्राएली सेना का परमेश्वर है, और उसी को तू ने ललकारा है।

1 शमूएल 17:46 आज के दिन यहोवा तुझ को मेरे हाथ में कर देगा, और मैं तुझ को मारूंगा, और तेरा सिर तेरे धड़ से अलग करूंगा; और मैं आज के दिन पलिश्ती सेना की लोथें आकाश के पक्षियों और पृथ्वी के जीव जन्तुओं को दे दूंगा; तब समस्त पृथ्वी के लोग जान लेंगे कि इस्राएल में एक परमेश्वर है।

1 शमूएल 17:47 और यह समस्त मण्डली जान लेगी की यहोवा तलवार या भाले के द्वारा जयवन्त नहीं करता, इसलिये कि संग्राम तो यहोवा का है, और वही तुम्हें हमारे हाथ में कर देगा।

1 शमूएल 17:48 जब पलिश्ती उठ कर दाऊद का सामना करने के लिये निकट आया, तब दाऊद सेना की ओर पलिश्ती का सामना करने के लिये फुर्ती से दौड़ा।

1 शमूएल 17:49 फिर दाऊद ने अपनी थैली में हाथ डालकर उस में से एक पत्थर निकाला, और उसे गोफन में रखकर पलिश्ती के माथे पर ऐसा मारा कि पत्थर उसके माथे के भीतर घुस गया, और वह भूमि पर मुंह के बल गिर पड़ा।

1 शमूएल 17:50 यों दाऊद ने पलिश्ती पर गोफन और एक ही पत्थर के द्वारा प्रबल हो कर उसे मार डाला; परन्तु दाऊद के हाथ में तलवार न थी।

 

एक साल में बाइबल: 

  • अय्यूब 34-35
  • प्रेरितों 15:1-21


मंगलवार, 6 जुलाई 2021

आवश्यकता

 

          जब मेरी सबसे बड़ी बहन की जाँच की रिपोर्ट से उन्हें कैंसर होने का पता चला, तो मैंने अपने मित्रों से कहा कि मुझे अभी से आरंभ करते हुए, उसके साथ अधिक से अधिक समय बिताने की आवश्यकता है। कुछ ने कहा कि मैं अपनी भावनाओं में आवश्यकता से अधिक प्रतिक्रिया दे रही हूँ। किन्तु जाँच रिपोर्ट आने के दस महीनों के अन्दर ही उसका देहांत हो गया। और यद्यपि मैंने उसके साथ कई घंटे बिताए थे, फिर भी जब आप किसी से प्रेम करता हैं तो हमारे मनों को पर्याप्त प्रेम दिखाने के लिए कभी भी समय पर्याप्त नहीं होता है।

          परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रेरित पतरस ने आरंभिक चर्च के लोगों से कहा कि वे “एक दूसरे से अधिक प्रेम” (1 पतरस 4:8) करें। वे लोग बहुत सताव से होकर निकल रहे थे, और उन्हें अपने मसीही विश्वासियों के समुदाय में से अपने मसीही भाइयों और बहनों के प्रेम की बहुत आवश्यकता थी। क्योंकि परमेश्वर ने उनके मनों में अपना प्रेम उडेला था, इसलिए वे भी औरों के प्रति प्रेम दिखा सकते थे।

          उनके इस प्रेम का प्रकटीकरण प्रार्थनाओं, उदार आतिथ्य, और कोमल तथा सत्य वार्तालाप के द्वारा किया जा सकता था, जिस सब के लिए परमेश्वर सामर्थ्य प्रदान करता था (पद 9-11)। अपने अनुग्रह के द्वारा परमेश्वर ने उन्हें यह वरदान दिया कि वे कृपालु होकर एक दूसरे की सेवा करें, जिससे “जिस से सब बातों में यीशु मसीह के द्वारा, परमेश्वर की महिमा प्रगट हो” (पद 11)। यह परमेश्वर की सामर्थी योजना है कि वह हम में होकर अपनी इच्छा को पूरा करता है।

          हम सभी को एक दूसरे की आवश्यकता है; और परमेश्वर को अपने द्वारा पापों के क्षमा और उद्धार के सुसमाचार को संसार के लोगों तक पहुंचाने के लिए हमारी आवश्यकता है। परमेश्वर ने जो हमें समय और संसाधन दिए हैं, उन सभी का उपयोग, एक-दूसरे की सहायता तथा परमेश्वर के कार्यों में आवश्यकता के अनुसार करें। - ऐनी सेटास

 

परमेश्वर की सेवकाई के लिए कुछ भी छोटा नहीं है। - फ्रांसिस डी सेल्स


भाईचारे की प्रीति बनी रहे। पहुनाई करना न भूलना, क्योंकि इस के द्वारा कितनों ने अनजाने स्‍वर्गदूतों की पहुनाई की है। - इब्रानियों 13:1-2

बाइबल पाठ: 1 पतरस 4:7-11

1 पतरस 4:7 सब बातों का अन्त तुरन्त होने वाला है; इसलिये संयमी हो कर प्रार्थना के लिये सचेत रहो।

1 पतरस 4:8 और सब में श्रेष्ठ बात यह है कि एक दूसरे से अधिक प्रेम रखो; क्योंकि प्रेम अनेक पापों को ढांप देता है।

1 पतरस 4:9 बिना कुड़कुड़ाए एक दूसरे की पहुनाई करो।

1 पतरस 4:10 जिस को जो वरदान मिला है, वह उसे परमेश्वर के नाना प्रकार के अनुग्रह के भले भण्‍डारियों के समान एक दूसरे की सेवा में लगाए।

1 पतरस 4:11 यदि कोई बोले, तो ऐसा बोले, मानों परमेश्वर का वचन है; यदि कोई सेवा करे; तो उस शक्ति से करे जो परमेश्वर देता है; जिस से सब बातों में यीशु मसीह के द्वारा, परमेश्वर की महिमा प्रगट हो: महिमा और साम्राज्य युगानुयुग उसी की है। आमीन।

 

एक साल में बाइबल: 

  • अय्यूब 32-33
  • प्रेरितों 14


सोमवार, 5 जुलाई 2021

प्रचार और व्यवहार

 

          पास्टर और लेखक यूजीन पीटरसन को एक अवसर हुआ कि वह स्विट्ज़रलैंड के एक चिकित्सक और बहुत आदर प्राप्त मसीही परामर्शदाता, पॉल टूर्नियर के एक व्याख्यान सन्देश को सुनें। पीटरसन पहले उनके लेखों को पढ़ चुके थे और चिकित्सा के प्रति उनके दृष्टिकोण की सराहना करते थे। उस व्याख्यान सन्देश ने पीटरसन को बहुत प्रभावित किया; उन्हें सुनते समय पीटरसन को ऐसा लगा जैसे कि टूर्नियर जो बोल रहे थे, उसे जीते भी थे; और जैसा जीते थे, उसका ही प्रचार भी करता थे। अपने इस अनुभव का वर्णन करने के लिए पीटरसन ने जो शब्द प्रयोग किया उसका अनुवाद होता है “अनुरूप” – उन्होंने कहा की यही शब्द उनके अनुभव को सबसे अच्छे से बताता है।

          अनुरूप, अर्थात जो प्रचार करें उसके अनुरूप व्यवहार भी करें, या अपने प्रचार का पालन करना। परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रेरित यूहन्ना ने इस बात पर बल दिया कि “जो कोई यह कहता है, कि मैं ज्योति में हूं; और अपने भाई से बैर रखता है, वह अब तक अन्धकार ही में है” (1 यूहन्ना 2:9)। कहने का अभिप्राय यह कि हमारे व्यवहार और प्रचार में समानता नहीं है। यूहन्ना आगे लिखता है कि इस प्रकार के लोग नहीं जानते हैं कि वे कहाँ जा रहे हाँ (पद 11)। और अनुरूप न होने की स्थिति को बताने के लिए जो शब्द पीटरसन ने प्रयोग किया वह था – अंधापन!

          परमेश्वर के साथ निकटता से चलते रहने, उसके वचन को सदा अपने मार्ग का मार्गदर्शक बनाए रखने से हम अन्धकार में, अंधेपन में भटकने से बचे रहेंगे। इसका परिणाम वह दिव्य-दृष्टि होगी जो हमारे जीवनों को स्पष्टता देगी और हमें परमेश्वर पर केन्द्रित बनाए रखेगी – हमारा प्रचार और व्यवहार अनुरूप होंगे। जब और लोग यह देखेंगे, तो उन्हें आभास होगा कि हम किसी ऐसे का अनुसरण कर रहे हैं जो अच्छे से जानता है कि हमें कहाँ जाना है, क्या करना है। हमारा व्यवहार ही हमारा प्रचार हो; और हमारा प्रचार ही हमारा व्यवहार बने। - जॉन ब्लेज़

 

हे प्रभु मेरे प्रचार और व्यवहार को अनुरूप बनाएँ।


तेरा वचन मेरे पांव के लिये दीपक, और मेरे मार्ग के लिये उजियाला है। - भजन संहिता 119:105

बाइबल पाठ: 1 यूहन्ना 2:7-11

1 यूहन्ना 2:7 हे प्रियो, मैं तुम्हें कोई नई आज्ञा नहीं लिखता, पर वही पुरानी आज्ञा जो आरम्भ से तुम्हें मिली है; यह पुरानी आज्ञा वह वचन है, जिसे तुम ने सुना है।

1 यूहन्ना 2:8 फिर मैं तुम्हें नई आज्ञा लिखता हूं; और यह तो उस में और तुम में सच्ची ठहरती है; क्योंकि अन्धकार मिटता जाता है और सत्य की ज्योति अभी चमकने लगी है।

1 यूहन्ना 2:9 जो कोई यह कहता है, कि मैं ज्योति में हूं; और अपने भाई से बैर रखता है, वह अब तक अन्धकार ही में है।

1 यूहन्ना 2:10 जो कोई अपने भाई से प्रेम रखता है, वह ज्योति में रहता है, और ठोकर नहीं खा सकता।

1 यूहन्ना 2:11 पर जो कोई अपने भाई से बैर रखता है, वह अन्धकार में है, और अन्धकार में चलता है; और नहीं जानता, कि कहां जाता है, क्योंकि अन्धकार ने उस की आंखें अन्‍धी कर दी हैं।

 

एक साल में बाइबल: 

  • अय्यूब 30-31
  • प्रेरितों 13:26-52


रविवार, 4 जुलाई 2021

हर बात

 

          मैंने मनमौजी ढंग से चित्रित किए गए और बच्चों के लिए तैयार किए गए परमेश्वर के वचन बाइबल की उस प्रति को खोला और अपने पोते के लिए उसे पढ़ना आरंभ किया। हम तुरंत ही उसके लेख में लिखे गए परमेश्वर के प्रेम और प्रावधानों के वर्णन को पढ़कर रोमांचित हो उठे। मैंने उस बाइबल को पलटकर उसकी जिल्द के सामने के भाग को देखा, और एक बार फिर उसके शीर्षक को पढ़ा – शीर्षक था “द जीसस स्टोरी बुक बाइबल: एवरी स्टोरी व्हिस्पर्स हिज़ नेम (यीशु की कहानी वाली बाइबल: प्रत्येक कहानी उसका नाम बताती है)” – बाइबल की हर बात हमारे उद्धारकर्ता प्रभु परमेश्वर के बारे में बताती है।

          सच कहें तो कभी-कभी बाइबल की कुछ बातें, विशेषकर पुराने नियम की, समझना कठिन होता है। ऐसा क्यों है कि जो परमेश्वर को जानते और मानते भी नहीं है वे कई बार परमेश्वर के लोगों पर जयवंत और हावी रहते हैं? परमेश्वर इतनी क्रूरता को कैसे होने देता है जबकि हम जानते हैं कि उसका चरित्र परिशुद्ध है और उसके उद्देश्य हमारी भलाई के लिए हैं?

          अपने पुनरुत्थान के पश्चात प्रभु यीशु अपने दो शिष्यों से मिला, जो इम्माऊस के मार्ग जा रहे थे, और अपने आशा किए हुए मसीहा की मृत्यु हो जाने की निराशा के साथ संघर्ष कर रहे थे, और उन्होंने प्रभु को नहीं पहचाना (लूका 24:19-24)। उन्हें आशा थी कि “...यही इस्राएल को छुटकारा देगा...” (लूका 24:21)। लूका फिर दर्ज करता है कि प्रभु यीशु ने उन्हें किस प्रकार आश्वस्त किया और,तब उसने मूसा से और सब भविष्यद्वक्ताओं से आरम्भ कर के सारे पवित्र शास्त्रों में से, अपने विषय में की बातों का अर्थ, उन्हें समझा दिया” (लूका 24:27)।

          बाइबल की हर बात प्रभु के बारे में बताती है, समझने में कठिन बातें भी। बाइबल हमारे संसार का पापों के कारण टूटा हुआ होने और संसार को एक उद्धारकर्ता की आवश्यकता के बारे में बताती है। बाइबल में दर्ज हर कार्य, हर घटना, हर हस्तक्षेप हमें उद्धारकर्ता प्रभु परमेश्वर के गुणों, चरित्र, कार्यों के बारे में बताता है। कैसे परमेश्वर ने अपने लोगों के छुटकारे के लिए योजना बनाई, कार्यान्वित की, और आज लोगों को उनके पापों से छुड़ा रहा है। बाइबल की हर बात उद्धारकर्ता की ओर संकेत करती है। - एलिसा मॉर्गन

 

हे प्रभु मैं आपकी पुस्तक में से आपके बारे में प्रतिदिन सीखता रहूं।


हर एक पवित्र शास्त्र परमेश्वर की प्रेरणा से रचा गया है और उपदेश, और समझाने, और सुधारने, और धर्म की शिक्षा के लिये लाभदायक है। - 2 तीमुथियुस 3:16

बाइबल पाठ: लूका 24:17-27

लूका 24:17 उसने उन से पूछा; ये क्या बातें हैं, जो तुम चलते चलते आपस में करते हो? वे उदास से खड़े रह गए।

लूका 24:18 यह सुनकर, उनमें से क्‍लियुपास नाम एक व्यक्ति ने कहा; क्या तू यरूशलेम में अकेला परदेशी है; जो नहीं जानता, कि इन दिनों में उस में क्या क्या हुआ है?

लूका 24:19 उसने उन से पूछा; कौन सी बातें? उन्होंने उस से कहा; यीशु नासरी के विषय में जो परमेश्वर और सब लोगों के निकट काम और वचन में सामर्थी भविष्यद्वक्ता था।

लूका 24:20 और महायाजकों और हमारे सरदारों ने उसे पकड़वा दिया, कि उस पर मृत्यु की आज्ञा दी जाए; और उसे क्रूस पर चढ़वाया।

लूका 24:21 परन्तु हमें आशा थी, कि यही इस्राएल को छुटकारा देगा, और इन सब बातों के सिवाय इस घटना को हुए तीसरा दिन है।

लूका 24:22 और हम में से कई स्त्रियों ने भी हमें आश्चर्य में डाल दिया है, जो भोर को कब्र पर गई थीं।

लूका 24:23 और जब उस की लोथ न पाई, तो यह कहती हुई आईं, कि हम ने स्‍वर्गदूतों का दर्शन पाया, जिन्होंने कहा कि वह जीवित है।

लूका 24:24 तब हमारे साथियों में से कई एक कब्र पर गए, और जैसा स्त्रियों ने कहा था, वैसा ही पाया; परन्तु उसको न देखा।

 

एक साल में बाइबल: 

  • अय्यूब 28-29
  • प्रेरितों 13:1-25